taaja khabar...देश में कोरोना से मौत के गलत आंकड़े जारी करने के दावों को सरकार ने किया खारिज, बताया बेबुनियाद...केरल की जेलों में बंद अधिकांश कैदियों को लगी कोरोना वैक्‍सीन, राज्‍य सरकार ने हाईकोर्ट को दी जानकारी..देश में 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 41 हजार से ज्यादा मामले दर्ज, 507 की गई जान..एनएसओ ग्रुप के खिलाफ जांच का अध्ययन कर रहा इजरायली रक्षा मंत्रालय..मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ रंगदारी का मामला, 6 पुलिसकर्मी समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR..लखनऊ से इंदौर तक...मीडिया के दफ्तरों पर छापेमारी! कई पत्रकारों के घर पहुंची IT की टीम..

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नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में सोमवार से सभी बाजारों की सभी दुकानें खोल दी जाएंगी। इसके साथ ही रेस्टोरेंट भी पचास फीसद क्षमता के साथ खोले जाएंगे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मार्केट-माल दुकानें खोलने का आड-इवेन सिस्टम खत्म कर दिया गया है। अब सोमवार से सारी दुकानें खोली जा सकेंगी। टाइमिंग सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक की होगी। रेस्टोरेंट खोलने की इजाजत होगी, लेकिन सीटिंग कैपेसिटी के 50 फीसद ग्राहकों के साथ। एक जोन में एक दिन में एक ही वीकली मार्केट खोलने की अनुमति दी गई है। हालांकि सामान्य समय में जितने लोग होते हैं उसके 50 फीसद वेंडर्स के साथ ही वीकली मार्केट खोली जा सकेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पब्लिक प्लेस पर शादियों की अनुमति नहीं दी गई है। घर पर या कोर्ट में 20 लोगों की उपस्थिति में ही शादी की जा सकेगी। अंतिम संस्कार में भी 20 से ज्यादा लोग नहीं शामिल हो सकेंगे। धार्मिक स्थल खुल सकते हैं लेकिन किसी भी श्रद्धालु को वहां आने की इजाजत नहीं होगी। मेट्रो और और बसें 50 प्रतिशत सीटिंग कैपेसिटी के साथ चलती रहेंगी। डीडीएमए इस बाबत विस्तृत दिशा-निर्देश जल्द ही जारी करेगा। स्कूल और शिक्षण संस्थाएं बंद रहेंगीः केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए अभी स्कूल और शिक्षण संस्थाएं बंद रखने का फैसला लिया गया है। बता दें कि पिछले कई महीने से दिल्ली में शिक्षण संस्थाएं कोरोना की वजह से बंद हैं। छात्रों को इसके लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।
दिल्ली राष्‍ट्रीय राजधानी में कोरोना से बेकाबू हुईं स्थितियां अब संभलती दिख रही हैं। पिछले कुछ हफ्तों से कोरोना के नए मामलों में लगातार गिरावट देखने को मिली है। बीते 24 घंटे में यहां कोरोना के 946 नए मामले सामने आए। वहीं, इस दौरान 78 मरीजों की मौत हुई। 47 दिनों में पहली बार है जब राजधानी में मौत का आंकड़ा 100 के नीचे रहा है। इसके पहले 13 अप्रैल को मौत का आंकड़ा 100 से कम रहा था। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को एक बुलेटिन जारी कर यह जानकारी दी। बुलेटिन के मुताबिक, दिल्ली में कोरोना के कारण मृत्यु दर 1.69 फीसदी है। जबकि पॉजिटिविटी रेट में लगातार गिरावट देखी जा रही है। यह घटकर 1.25 फीसदी रह गई है। बुलेटिन के अनुसार, राजधानी में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 12,100 हो गई है। पिछले 24 घंटे के दौरान दिल्ली में कोविड-19 के 1,803 मरीज संक्रमण मुक्त भी हुए हैं। शनिवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 956 नए मामले सामने आए थे। यह दो महीने में नए मामलों की सबसे कम संख्या थी। जबकि 122 मरीजों की मौत हुई थी।
नई दिल्‍ली राजधानी में कोविड-19 के मामलों में भले ही लगातार गिरावट हो रही हो, मगर लॉकडाउन जारी रहेगा। मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस साल चौथी बार लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा कर दी है। दिल्‍ली में पिछले महीने लॉकडाउन का ऐलान किया गया था जिसे बार-बार आगे बढ़ाया गया। दिल्‍ली में कोविड-19 के पॉजिटिविटी रेट में तब से लेकर अबतक करीब 24% की गिरावट हुई है मगर सरकार किसी तरह की ढील नहीं देना चाहती। जो पाबंदियां पिछले तीन हफ्ते से लागू हैं, वे अगले हफ्ते भी जारी रहेंगी। पिछले सप्‍ताह सीएम केजरीवाल ने मेट्रो सेवाओं पर रोक लगाने की जानकारी दी थी। राजधानी में शादी समारोहों पर भी पूरी तरह रोक है। मेट्रो बंद है, पब्लिक प्‍लेसेज में शादी पर भी रोक पिछले हफ्ते जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, लॉकडाउन के दौरान मेट्रो का संचालन नहीं हो रहा है। इसके अलावा सार्वजनिक स्‍थानों पर शादी समारोह के आयोजन पर भी रोक है। नियमों के अंतर्गत शादी का कार्यक्रम किसी भी होटल, सामुदायिक केंद्र, बैंक्विट हॉल या अन्य सार्वजनिक स्थल पर नहीं किया जा सकता। शादियों की अनुमति होगी लेकिन यह वह केवल कोर्ट अथवा घर पर आयोजित की जा सकती है। शादियों में 20 से अधिक लोगों को शामिल होने की अनुमति नहीं होगी। इन शादियों में टेंट, डीजे, म्यूजिक सिस्टम, कैटरिंग आदि की बुकिंग भी नहीं होगी। दिल्‍ली में 7 हजार से कम नए केस शनिवार को जारी बुलेटिन के अनुसार, दिल्‍ली में पिछले 24 घंटों में 6,500 नए मामले सामने आए, जो 7 अप्रैल के बाद सबसे कम हैं। दिल्‍ली में लगभग दो सप्ताह से रोजाना पॉजिटिव मामले और पॉजिटिविटी दर में तेज गिरावट देखी जा रही है। 20 अप्रैल को, दिल्ली के रोजाना पॉजिटिव मामले 28,395 थे, जबकि 22 अप्रैल को सबसे अधिक पॉजिटिविटी दर 36 प्रतिशत थी। शुक्रवार को, शहर में एक दिन में 8,506 मामले दर्ज किए थे, जो कि 10 अप्रैल के बाद पहली बार दिल्ली का रोजाना मामला 10 हजार से नीचे गिरा था। गुरुवार को 10,489 नए मामले दर्ज किए थे। इससे पहले बुधवार को मामलों की संख्या 13,287, मंगलवार को 12,481, सोमवार को 12,651 और रविवार को 13,336 थी।
नई दिल्‍ली दिल्‍ली में कोरोना वायरस की रफ्तार धीमी पड़ने लगी है। इन्‍फेक्‍शन रेट के साथ-साथ ऐक्टिव केस भी कम होने लगे हैं। मंगलवार को राजधानी में 12,481 नए मामले सामने आए जो कि पिछले एक महीने में सबसे कम हैं। इस दौरान 347 लोगों को जान गंवानी पड़ी। मंगलवार को 13,583 लोग कोरोना वायरस से ठीक हुए। संक्रमण दर घटकर 17.76 फीसदी पर पहुंच गई। बीते चार दिनों में राजधानी में 7,226 एक्टिव केस कम हुए हैं। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार टीका पाने के लिए वैश्विक टेंडर जारी करेगी। क्योंकि आने वाले दिनों में वैक्सीन की कमी का सामना करना पड़ सकता है। मंगलवार को जारी वैक्सीन बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली में सोमवार को 1.39 लाख से ज्यादा लोगों को टीका लगाया गया, अभियान शुरू होने के बाद एक दिन में यह सबसे बड़ा आंकड़ा है। दिल्‍ली HC ने कहा, तय करो अधिकतम कीमत दिल्‍ली हाई कोर्ट ने कोविड-19 के इलाज में काम आने वाले उपकरणों (ऑक्सिजन कंसन्‍ट्रेटर्स, रेगुलेटर्स) की अधिकतम कीमत तय करने को कहा है। ताकि इनकी जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाई जा सके। मामले पर आगे की सुनवाई बुधवार को होगी। अदालत ने केंद्र सरकार से इस संबंध में जवाब मांगा है। दिल्ली सीएम ने मांगा वैक्‍सीन का फॉर्म्यूला दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि हमारे पास कुछ दिनों की ही वैक्सीन बची है। उन्होंने केंद्र सरकार से टीका बनाने का फॉर्म्यूला सार्वजनिक करने की अपील की। पीएम मोदी को लिखे लेटर में कहा, देश में अभी केवल दो कंपनियां कोरोना वैक्सीन बना रहीं। अगर टीका बनाने का फॉर्म्यूला दूसरी कंपनियों को मिल जाएगा तो तेजी से उत्पादन हो सकेगा। लोगों को तीसरी लहर आने से पहले और जल्द ही वैक्सीन लगा दी जाएगी। अस्थायी तौर पर बंद किया जाएगा टर्मिनल-2 लगातार कम होती यात्रियों की संख्या को देखते हुए टर्मिनल-2 को अस्थायी रूप से बंद करने की योजना बनाई जा रही है। टी-2 को 17 मई की आधी रात 11:59 बजे बंद कर दिया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 18 मई शुरू होते ही टी-2 से ऑपरेट होने वाली तमाम फ्लाइट्स टी-3 से ही टेक ऑफ और लैंड होना शुरू हो जाएंगी। वैसे कुछ दिनों तक टी-2 से टी-3 के बीच शटल सर्विस चालू रहेगी। ताकि कोई यात्री गलती से टी-2 पर पहुंच भी जाए, तो उसे टी-3 तक पहुंचा दिया जाए। वैसे दोनों टर्मिनलों के बीच पैदल जाने का रास्ता है।
नई दिल्ली, दिल्ली में लगातार ऑक्सीजन की कमी के बीच एक राहत भरी खबर आई है। राजधानी दिल्ली को पहली बार 730 टन ऑक्सीजन बुधवार को केंद्र की तरफ से मिली है। इसको लेकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी का आभार जताया है। केजरीवाल ने पीएम को लिखी चिट्ठी में कहा है कि दिल्ली की खपत 700 टन प्रतिदिन है। हम लगातार केंद्र सरकार से प्रार्थना कर रहे थे कि इतनी ऑक्सिजन हमें दी जाए। कल पहली बार दिल्ली को 730 टन ऑक्सीजन मिली है मैं दिल्ली के लोगों की तरफ से दिल से आपका आभार व्यक्त करता हूं। आपसे निवेदन है कि कम से कम इतनी ऑक्सीजन दिल्ली को रोज जरूर दिलवाई जाए और इसमें कोई कटौती ना की जाए। पूरी दिल्ली इसके लिए आपकी आभारी रहेगी।' बढ़ सकते हैं बेड इधर, दिल्ली में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ने के बाद सीएम ने अस्पताल वालों से कहा है कि अब वह अपने यहां बेड की संख्या बढ़ सकते हैं, क्योंकि अभी तक यह हाल था कि अस्पतालों में बेड तो ज्यादा थे मगर ऑक्सीजन की सप्लाई कम थी। इसके कारण दिल्ली के कई अस्पतालों में अपने यहां बेड की संख्या कम कर दी थी। जिससे मरीजों को परेशानी ज्यादा हो रही थी। सीएम ने कहा कि अगर हमें 700 टन प्रतिदिन आक्सीजन मिलती रही तो हम 9000 बेड और बढ़ा देंगे। वैक्सीन के मुद्दे पर केजरीवाल ने कहा कि जब से 18 से 44 साल वालाें का वैक्सीनेशन खोला है। युवा आगे आ रहे हैं। वैक्सीन लगवा रहे हैं। अभी तक 35 लाख 74 हजार डोज दी गई है। 28 लाख ने पहली और 7 लाख को दूसरी डोज मिली है। पिछले तीन दिन में 18 से ऊपर वालों को एक लाख 30 हजार को वैक्सीन लगी है। वैक्सीन की कमी सामने आ रही है। अगर हमें पर्याप्त वैक्सीन मिल जाती है तो हम तीन मे पूरी दिल्ली को लगा देंगे। ऑक्सीजन की कमी से जूझ रही दिल्ली बता दें कि दिल्ली के कई अस्पताल ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में उन्हें अब केंद्र के द्वारा पहुंचाई गई ऑक्सीजन से काफी राहत मिलेगी। इससे पहले भी बुधवार को सीएम ने जब राजेंद्र नगर स्थिति राधा स्वामी सत्संग ब्यास में बने टीकाकरण केंद्र का जायजा लिया था तब उन्होंने केंद्र सरकार से लेकर सुप्रीम कोर्ट एवं हाई कोर्ट का आभार जताया था। उन्होंने कहा था कि इस संकट के दौर में सभी से सहयोग मिल रहा है। दिल्लीवाले मिल कर हराएंगे कोरोना को सीएम ने दिल्ली के युवाओं से ज्यादा से ज्यादा वैक्सीनेशन करवाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली में वैक्सीनेशन अभियान सफलतापूर्वक शुरू हो चुका है, लेकिन अभी और अधिक वैक्सीन की आपूर्ति की जरूरत है। यदि वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाती है, तो हम तीन महीने में पूरी दिल्ली को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। हाई कोर्ट में चल रही ऑक्सीजन किल्लत पर सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में पिछले कुछ दिनों से लगातार ऑक्सीजन की किल्लत पर सुनवाई चल रही है जिसमें केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार तक को ऐसे आपात स्थिति में मिल कर काम करने के लिए कहा गया है। हालांकि कई बार दोनों ही सरकारों को कोर्ट की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। अब उम्मीद की जा सकती है कि केंद्र के द्वारा ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ाने से जल्द ही राजधानी की स्थिति सुधरेगी।
नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में कोविड महामारी की स्थिति और अस्पतालों में ऑक्सिजन की भारी कमी को लेकर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टिप्पणयों के टेलीविजन पर प्रसारण से विवाद पैदा हो गया। केंद्र सरकार के अधिकारियों ने उन पर राजनीति करने का आरोप लगाया। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने एक बयान जारी करते हुए अपनी बात रखी। LIVE ना करने का केंद्र का कोई निर्देश नहीं: CM ऑफिस सीएम कार्यालय की ओर से कहा गया है कि आज, मुख्यमंत्री का भाषण ‘लाइव’ साझा किया गया क्योंकि केंद्र सरकार से ऐसा कोई निर्देश, लिखित या मौखिक कभी नहीं आया है कि बातचीत को लाइव साझा नहीं किया जा सकता है। बयान में कहा गया है, ‘इस तरह की बातचीत के कई मौके आए हैं जहां लोक महत्व के मामलों को साझा किया गया, जिनमें कोई गोपनीय जानकारी नहीं थी। हालांकि, अगर कोई असुविधा हुई है तो हमें इस बात का बहुत अफसोस है।’ केंद्र के अफसर बोले- पूरा भाषण राजनीति करने के लिए केंद्र के अधिकारियों ने आरोप लगाया कि निजी बातचीत को प्रसारित करने के फैसले के साथ वह ‘निचले स्तर पर’ उतर गए हैं। एक सूत्र ने कहा, 'उनका पूरा भाषण किसी भी समाधान को लेकर नहीं बल्कि राजनीति करने और ज़िम्मेदारी से बचने के लिए था। सभी मुख्यमंत्रियों ने इस बारे में बात की कि वे स्थिति में सुधार के लिए क्या कर रहे हैं, लेकिन इस संबंध में उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं था।’ उन्होंने कहा कि केजरीवाल के बयान को सार्वजनिक किए जाने की बात केंद्र सरकार को पसंद नहीं आयी है। केंद्र के सूत्रों ने कहा- टीकों पर गलत बोले केजरीवाल केंद्र सरकार के सूत्रों ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने टीकों की कीमतों पर गलतबयानी की है जबकि उन्हें मालूम है कि केंद्र टीकों की एक भी खुराक अपने पास नहीं रखता और राज्यों को ही देता है। मोदी ने शुक्रवार को 10 ऐसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की जहां कोविड के सबसे ज्यादा मामले आ रहे हैं। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हुई। बैठक में भाग लेने वालों में दिल्ली के अलावा महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, केरल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश आदि राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हैं। मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए देश के प्रमुख ऑक्सीजन निर्माताओं के साथ भी बैठक की। केंद्र सरकार के सूत्रों ने कहा कि उसने राष्ट्रीय राजधानी में स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचा को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने इस क्रम में 500 आईसीयू बेड के साथ डीआरडीओ अस्पताल का भी जिक्र किया जिसका वित्तपोषण पीएम केयर्स फंड से किया गया है
नई दिल्ली दिल्ली में पब्लिक और सिविल डिफेंस के लोगों के बीच हाथापाई के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक हौज खास में ग्रीन लाइट पर चालान के लिए कार के सामने कूदने पर हुई कहासुनी के बाद सिविल डिफेंस (डीसीडी) वालों ने एक कार चालक को बेल्ट से पीटा। कहासुनी का कारण यह था कि डीसीडी कर्मी के सामने आने के कारण अचानक कार चालक ने ब्रेक लगाया था, जिसके बाद पीछे से आ रही गाड़ी उसकी कार से टकरा गई थी। लोगों ने सिविल डिफेंस कर्मी को पीटा इस एक्सीडेंट के कारण कार चालक ने सिविल डिफेंस वाले को मारा। जिसके बाद कहासुनी शुरू हो गई। वहां कई सिविल डिफेंस वाले इकट्ठे हो गए और उन्होंने बेल्ट निकालकर कार चालक को पीटना शुरू कर दिया। बदले में वहां पर लोगों की भीड़ जुट गई और जब उनको पूरा मामला पता चला, तो उन्होंने भी सिविल डिफेंस वालों की गलती मानी और कुछ लोगों ने मिलकर सिविल डिफेंस वालों को भी पीट दिया। गाड़ी के सामने कूद गया सिविल डिफेंस कर्मी डीसीपी साउथ अतुल ठाकुर ने बताया कि दोनों पक्षों की तरफ से शिकायत मिली थी, जिसके बाद एफआईआर दर्ज हुई है। दोनों ही एफआईआर में गैर इरादतन हत्या की कोशिश की धाराएं हैं। पुलिस के मुताबिक, आईआईटी गेट वाली रेड लाइट पर सिविल डिफेंस वाले बिना मास्क वालों का चालान काट रहे थे। रेड लाइट ग्रीन हो गई और गाड़ियां जाने लगीं। इसी बीच सिविल डिफेंस वाले किसी गाड़ी के सामने कूदे और उसके रुकने के कारण पीछे वाली कार में ड्राइवर गीतेश डागर को ब्रेक मारनी पड़ी। उन्होंने ब्रेक मारी और पीछे से आ रही गाड़ी ने उनको टक्कर मार दी। वह गाड़ी से उतरे और सिविल डिफेंस वालों के इस तरह सामने आने को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। दोनों के ऊपर मामले दर्ज पुलिस को मिली शिकायत के मुताबिक, आरोपी सिविल डिफेंस वालों ने गीतेश को बेल्ट उतारकर पीटा। बदले में वहां जमा हुए दूसरे लोगों ने सिविल डिफेंस वालों की पिटाई कर दी, जिसमें कथित तौर पर एक डिफेंसकर्मी के सिर में चोट आई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नतीजतन ड्राइवर ने अचानक ब्रेक लगाया जिससे जितेश डागर की कार उसके वाहन से टकरा गई। वाहन के अचानक रुकने के कारण डागर की कार को पीछे की भी एक कार ने टक्कर मार दी।
नई दिल्ली दिल्ली में अपराधियों को हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। चेन स्नेचिंग की घटनाओं के बाद अब बदमाश दिनदहाड़े पुलिस के साथ भिड़ जा रहे हैं। राजधानी में 24 घंटे के भीतर दूसरा एनकाउंटर हुआ। जीटीबी अस्पताल कैंपस में गुरुवार को दिनदहाड़े पुलिस और बदमाशों के बीच गोलियां चलीं। बदमाश अपने कैदी साथी को भगाने के लिए पहुंचे थे। पुलिस की तरफ से जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश की मौत हो गई जबकि एक अन्य बदमाश घायल हो गया। हालांकि, बदमाश अपने कैदी साथी को भगाकर ले जाने में कामयाब हो गए। स्कॉर्पियों में सवार होकर पहुंचे थे बदमाश इससे पहले बदमाशों ने पुलिस पार्टी पर कई राउंड फायरिंग की। दिल्ली पुलिस के ईस्टर्न रेंज के जॉइंट सीपी ने कहा कि कैदी कुलदीप फज्जा को मेडिकल के लिए जीटीबी अस्पताल में लाया गया था। अस्पताल कैंपस में पांच लोगों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर फज्जा को पुलिस की कस्टडी से छुड़ाने की कोशिश की। बदमाश स्कॉर्पियों में सवार होकर पहुंचे थे। पुलिस पार्टी के साथ हुए इस गोलीबारी के दौरान जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश की मौत हो गई जबकि एक अन्य घायल हो गया। हालांकि कैदी फज्जा अपने बदमाश साथियों के साथ भागने में सफल हो गया। जितेंद्र योगी गैंग का सदस्य है फज्जा जानकारी के अनुसार कैदी फज्जा बदमाश जितेंद्र गोगी गैंग का सदस्य है। उस पर हत्या जैसे और कई संगीन 70 से अधिक केस हैं। एसएसआई ब्रह्मपाल के नेतृत्व में पुलिस टीम फज्जा को लेकर जीटीवी अस्पताल लेकर आई थी। क्राइम ब्रांच और जिले के आला अफसर घटना की तफ्तीश में जुट गए हैं। गोलीबारी में घायल अंकेश मुंडका का रहने वाला है, जिस पर दो मर्डर और एक हत्या के प्रयास का केस दर्ज है‌‌। यह जानलेवा हमले के मामले में वॉन्टेड था। मृतक बदमाश रवि बेगमपुर का रहने वाला है, जिस पर हत्या के कई केस हैं। पहले से घात लगाकर बैठे थे कैदी के साथी जानकारी के अनुसार कैदी फज्जा को मंडोली जेल से जीटीबी अस्पताल में मेडिकल के लिया लाया गया था। जबकि उसके पांच साथी पहले से ही अस्पताल के बाहर घात लगाकर बैठे हुए थे। उन्हें इस बात की पक्की जानकारी थी कि फज्जा को आज अस्पताल लाया जाएगा। जैसे ही पुलिस कैदी को लेकर अस्पताल पहुंची। उन लोगों ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग शुरू कर दी। तड़के एनकाउंटर में पकड़े गए थे दो इनामी बदमाश इससे पहले दिल्ली पुलिस ने गुरुवार तड़के करीब 5 बजे हुए एक एनकाउंटर में दो इनामी बदमाशों को गिरफ्तार किया । एनकाउंटर के दौरान पुलिस को सूचना मिली थी कि बदमाश भैरो मार्ग से गुरजरने वाले हैं। पुलिस टीम पहले ही वहां ट्रैप लगाकर मौजूद थी। बदमाशों की नीली कार आते देख पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। इस पर बदमाशों में कार की स्पीड बढ़ा दी। उनकी कार बैरिकेड से टकरा गई। इसके बाद बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान दो पुलिसकर्मियों को गोली लगी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
नई दिल्ली विधानसभा में बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान द्वारा एक राजनीतिक पार्टी पर पिछले साल उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों में भूमिका का आरोप लगाये जाने के बाद सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी भाजपा के विधायकों के बीच तीखी बहस हुई। विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने मार्शलों को भाजपा विधायक अनिल वाजपेयी को सदन से बाहर करने का निर्देश दिया। पूरे दिन के लिए सदन से बाहर रहने का आदेश भाजपा विधायक अपना विरोध जताने के लिए सदन के बीचों बीच आ गये थे। विधानसभा अध्यक्ष ने इसके बाद भाजपा विधायक को पूरे दिन के लिए सदन से बाहर रहने का आदेश दिया। गोयल ने हंगामे के बीच सदन को स्थगित कर दिया। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक खान ने पिछले साल फरवरी के अंत में हुए सांप्रदायिक दंगों पर रिपोर्ट पेश करते हुए यह आरोप लगाया। खान विधानसभा के अल्पसंख्यक कल्याण समिति के अध्यक्ष हैं। भाजपा के विरोध के बाद खान को बोलने से रोका गोयल ने राजनीतिक पार्टी का नाम रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया और सदन की कार्यवाही फिर से बहाल की। उन्होंने भाजपा सदस्यों के जबरदस्त विरोध के बीच समिति की रिपोर्ट पर खान को आगे बोलने से भी रोक दिया। पिछले साल नागरिकता कानून के समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष के बाद 24 फरवरी को उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगा भड़क गया था जिसमें 53 लोगों की मौत हुई थी और स्कूल, धार्मिक स्थलों और संपत्ति को व्यापक क्षति पहुंची थी।
नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने 35 पिस्तौल और 60 कारतूस के साथ स्पेशल सेल ने एक शख्स को गिरफ्तार किया है। ये हथियार चोरी की कार में छिपाए गए थे। आरोपी मध्यप्रदेश से दिल्ली के पीतमपुरा कार लेकर पहुंचा था। यहां पुलिस ने उसे धर दबोचा। उसकी कार के दरवाजों और डिग्गी में रखी स्टेपनी में पिस्तौल और कारतूस भरे थे। जिस कार में यह अवैध हथियार ला रहा था। वह कार भी दिल्ली के पांडव नगर इलाके से चोरी की गई थी। डीसीपी संजीव यादव ने बताया कि गिरफ्तार शख्स का नाम आशीष कुमार पांडे है। 24 साल का आशीष इलाहाबाद जिले का रहने वाला है। वह पिछले करीब दो सालों से दिल्ली और एनसीआर के बदमाशों को अवैध हथियारों की सप्लाई कर रहा था। इसे गुरुवार देर रात जैन मंदिर मार्ग, पीतमपुरा से पकड़ा गया। जुर्म के पीछे की बताई ये वजह पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मध्यपदेश के खरगौन, धार, बड़वानी, बुराहनपुर से इस तरह से अवैध हथियार दिल्ली और एनसीआर में लाकर बेचे जा रहे हैं। उसने बताया कि यह अवैध हथियार वह मध्यप्रदेश के बड़वानी में रहने वाले प्रह्लाद उर्फ जग्गू से लेकर दिल्ली आया था। पुलिस ने बताया कि आरोपी अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए अवैध हथियारों के इस धंधे में लग गया।
दिल्ली, 09 जनवरी 2021,एक तरफ औरंगजेब का नाम बदलने की राजनीति ने महाराष्ट्र में हंगामा मचाया हुआ है तो दूसरी तरफ दिल्ली में भी एक ऐसी घटना हुई है कि एक बार फिर औरंगजेब का जिक्र चल पड़ा है. शनिवार की सुबह कुछ लोगों ने औरंगजेब लेन पर लिखे साइनबोर्ड को विरूपित कर दिया. घटना 9 जनवरी सुबह की है, जब PS तुगलक रोड पर खड़ी पुलिस को करीब 5 बजकर 40 मिनट पर एक जानकारी मिली, कि औरंगजेब लेन पर कुछ लोगों की एक भीड़ जमा हो रखी है. खबर मिलते ही मोटरसाइकिलों पर तैनात पुलिस स्टाफ 5 मिनट में ही मौके पर पहुंच गया. जहां पुलिस ने देखा कि अनुराग भार्गव नाम के एक शख्स के नेतृत्व में 11 लोग एनडीएमसी के साइनबोर्ड को विरूपित कर रहे हैं. जिसपर औरंगजेब का नाम लिखा हुआ था. पुलिस ने मौके पर ही इन सभी लोगों को हिरासत में ले लिया. अनुराग भार्गव हरियाणा के करनाल का रहने वाला है और पेशे से वकील है. ये लोग औरंगजेब का साइनबोर्ड हटाकर उस पर गुरु तेग बहादुर लेन लिखा एक पोस्टर चिपका रहे थे. पुलिस अनुराग भार्गव और उसके साथियों को तुगलक रोड स्थित पुलिस के ठिकाने पर ले गई है. जहां इन सभी आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है. आपको बता दें कि मुगल सम्राट औरंगजेब पर हिन्दूवादी संगठनों द्वारा की जाने वाली राजनीति नई नहीं है. अभी हाल ही में शिवसेना ने भी महाराष्ट्र में औरंगाबाद का नाम बदलकर संभाजीनगर करने की घोषणा की गई है, जिसका विरोध महाराष्ट्र सरकार के गठबंधन के अंदर ही शुरू हो चुका है. राजधानी दिल्ली के केंद्र में स्थित औरंगजेब लेन को भी पहली बार विरूपित नहीं किया गया है बल्कि इससे पहले कई बार अलग-अलग लोगों द्वारा ये कोशिश की गई है.
नई दिल्ली , 15 दिसंबर 2020,भारतीय राजनीति में कहावत है कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता उत्तर प्रदेश होकर गुजरता है, लेकिन आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने तो दिल्ली से यूपी का सियासी रास्ता तय करने का ऐलान किया है. केजरीवाल ने 2022 में उत्तर प्रदेश के होने वाले विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के भी उतरने की घोषणा की है. हालांकि, दिल्ली चुनाव के बाद ही यूपी में अपना राजनीतिक आधार बनाने की कवायद आम आदमी पार्टी ने शुरू कर दी थी, जिसकी कमान पार्टी नेता संजय सिंह के हाथों में है. केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि यूपी ने अब तक गंदी राजनीति देखी है, ऐसे में अब उसे नया मौका मिलना चाहिए. देश के सबसे बड़े राज्य में अच्छी सुविधाएं क्यों नहीं हो सकती हैं? केजरीवाल ने सवाल उठाया कि यूपी में मोहल्ला क्लीनिक, मुफ्त बिजली, मुफ्त पानी क्यों नहीं मिल सकता है. केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में यूपी के काफी लोग रहते हैं और उन्होंने उनसे अपील की है कि यूपी में भी दिल्ली जैसी सुविधाएं मिलनी चाहिए. केजरीवाल बोले कि यूपी की जनता पुरानी राजनीति से त्रस्त हो गई है और आम आदमी पार्टी के साथ खड़ी होगी. अन्ना आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी अपने गठन से अब तक यानी सात साल के दौरान दिल्ली में तीन बार सरकार बनाने में सफल रही है. इस दौरान केजरीवाल ने दिल्ली से बाहर भी अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने के लिहाज से गोवा, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, यूपी, पंजाब समेत कई राज्यों में लोकसभा और विधानसभा दोनों ही चुनाव में आम आदमी पार्टी को चुनावी मैदान में उतारा. यह अलग बात है कि पंजाब और दिल्ली छोड़कर सब जगह उसे बुरी तरह हार ही मिली. यही नहीं पंजाब और दिल्ली को छोड़ दें तो आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों की जमानत तक नहीं बची है. लोकसभा और MCD चुनाव में हार दिल्ली की जनता ने राज्य की सत्ता भले ही केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को लगातार तीसरी बार सौंपी हो, लेकिन दिल्ली के नगर निगम और लोकसभा के चुनाव में लोगों ने उन पर अपना भरोसा नहीं जताया है. 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने सभी सातों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन एक भी नहीं जीत सका. इस बार के लोकसभा चुनाव में AAP के प्रत्याशी कांग्रेस से भी पीछे रह गए थे. अरविंद केजरीवाल 2015 में 70 में 67 सीटें जीतकर दिल्ली के सीएम बने थे, लेकिन दो साल के बाद 2017 में दिल्ली के नगर निगम चुनाव हुए थे, जिनमें आम आदमी पार्टी को करारी हार मिली थी. दिल्ली की 272 पार्षद सीटों में से आम आदमी पार्टी महज 48 सीटें ही जीत सकी थी जबकि बीजेपी 181 वार्डों में जीतकर एमएसडी की सत्ता को बचाने में कामयाब रही थी. पंजाब में गिरता ग्राफ दिल्ली के बाद आम आदमी पार्टी का राजनीतिक ग्राफ पंजाब में ऊपर उठता दिखा था. 2014 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी चार सीटें जीती थी और 2017 के विधानसभा चुनाव में वो एक विकल्प मानी जा रही थी. यह अलग बात है कि उसे अपेक्षित कामयाबी नहीं मिल पाई और पार्टी 100 से अधिक सीटें जीतने का दावा कर रही थी, लेकिन 20 पर ही सिमट गई. हालांकि, पंजाब में मुख्य विपक्ष पार्टी बनी, लेकिन इसके बाद से उसका ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है. लोक इंसाफ पार्टी के साथ उसका समझौता टूटा. नेता प्रतिपक्ष एचएस फूलका ने पार्टी और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने भी पार्टी छोड़ दी. इसके अलावा अब तक नाजर सिंह मानशाहिया, अमरजीत सिंह संदोआ, मास्टर बलदेव सिंह जैसे विधायक भी आप से निकल चुके हैं और 2019 के लोकसभा चुनाव में महज एक सीट ही आम आदमी पार्टी जीत सकी. गोवा में AAP का खुला खाता गोवा के 2017 विधानसभा चुनावों के लिए आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने पूर्व नौकरशाह एल्‍विस गोम्‍स को मुख्‍यमंत्री पद का उम्‍मीदवार बनाया था. राज्य में कांग्रेस और बीजेपी से ज्यादा आम आदमी पार्टी ने अपने प्रत्याशी उतारे थे. सूबे की कुल 40 सीटों में से 39 पर AAP चुनाव लड़ी थी, लेकिन उसे एक भी सीट पर जीत नसीब नहीं हुई. इतना ही एल्‍विस गोम्‍स को दक्षिणी गोवा की कुनकोलिम सीट पर कांग्रेस के क्लाफासियो डायस के हाथों मात खानी पड़ी थी. हालांकि, गोवा के जिला परिषद के पंचायत चुनाव में आम आदमी पार्टी का खाता जरूर खुल गया है. बेनालिम की जिला परिषद सदस्य की सीट पर AAP के हैंजल फर्नांडीज ने जीत दर्ज की है, जिसे केजरीवाल ने बधाई भी दी है. हरियाणा में AAP का स्कोर दिल्ली से सटे हरियाणा में आम आदमी पार्टी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश लगातार करती रही है. सीएम अरविंद केजरीवाल का गृह राज्य भी हरियाणा है. इसके बावजूद केजरीवाल का जादू हरियाणा में नहीं चल सका है. प्रदेश की कुल 90 में से 46 विधानसभा सीटों पर आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी सीट पर उसे जीत नहीं मिल सकी. पूरे राज्य में उसे आधे फीसदी से कम वोट मिले थे. इससे पहले हुए लोकसभा चुनाव में भी आम आदमी पार्टी अपनी जमानत नहीं बचा सकी थी. गुजरात में नहीं बची जमानत गुजरात में 2017 के विधानसभा चुनाव में उतरने के लिए आम आदमी पार्टी ने जोर-शोर के साथ तैयारी की थी लेकिन जब चुनाव का वक्त आया तो सिर्फ 20 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे. पार्टी को यहां से एक भी सीट नहीं मिली बल्कि कई प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई. हालांकि, उससे पहले अरविंद केजरीवाल ने गुजरात में हार्दिक पटेल के साथ मंच साझा किया था. यूपी में AAP के दो चेयरमैन यूपी में सियासी जमीन मजबूत करने के लिए 2014 में अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी लोकसभा सीट से चुनावी ताल ठोक दी थी. केजरीवाल के पुराने साथी कुमार विश्वास भी राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से चुनाव लड़े थे, लेकिन कोई भी जीत नहीं सका. इसके बाद 2017 में हुए यूपी निकाय चुनाव में आम आदमी पार्टी अपना खाता खोलने में कामयाब रही थी. बांदा की तिंदवारा और बिजनौर की सहसपुर नगर पंचायत चेयरमैन पद का चुनाव जीतने में आम आदमी पार्टी कामयाब रही थी. इसके अलावा नगर पंचायत के 18 सभासद, नगर पालिका परिषद में 13 सदस्य और नगर निगम के चुनाव में झांसी में 2 और मुरादाबाद में एक पार्षद ने जीत हासिल की थी. राजस्थान में फेल रहे केजरीवाल राजस्थान को लेकर अरविंद केजरीवाल कुछ ज्यादा ही गंभीर थे. उन्होंने पहले कुमार विश्वास को प्रभारी बनाया था, लेकिन बाद में उन्हें बदल दिया था. 2018 के चुनाव में कुल 200 विधानसभा सीटों में से आम आदमी पार्टी ने 141 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे, लेकिन एक भी जीतना तो दूर की बात जमानत भी नहीं बचा सका था. आम आदमी पार्टी के खाते में आधे फीसदी से भी कम वोट मिले थे. एमपी-छत्तीसगढ़ में नोटा से कम मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी पूरे जोर-शोर से लड़ी थी. एमपी की 208 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने अपना प्रत्याशी उतारा था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी और न ही कोई प्रत्याशी अपनी जमानत बचा सका. ऐसे ही छत्तीसगढ़ में 85 सीटों पर आम आदमी पार्टी ने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन एक भी सीट पर जीत नहीं मिल सकी. इतना ही नहीं मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आम आदमी पार्टी को नोटा से भी कम वोट मिले थे. इन दोनों राज्यों में एक फीसदी वोट भी पार्टी को नहीं मिल सका जबकि नोटा को दो फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे.
नई दिल्‍ली रविवार सुबह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास के बाहर प्रदर्शन पर अड़े AAP विधायकों को दिल्‍ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। AAP विधायक राघव चड्ढा, ऋतुराज, कुलदीप कुमार और संजीव झा को पुलिस ने कस्‍टडी में लिया है। इससे पहले, दिल्‍ली पुलिस ने AAP को शाह के आवास के बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। पुलिस ने एलजी आवास के पास से विधायक आतिशी को भी हिरासत में लिया है। विधायक सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि AAP विधायक ऋतुराज को दिल्‍ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। भारद्वाज के अनुसार, ऋतुराज आज सुबह उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास के लिए रवाना हो रहे थे, जब पुलिस ने उन्‍हें गिरफ्तार किया। भारद्वाज ने आरोप लगाया कि 'अमित शाह अब किसी को आवाज भी उठाने नहीं दे रहे।' सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट की हैं कई तस्‍वीरें AAP विधायक सौरभ भारद्वाज ने कुछ तस्‍वीरें शेयर करते हुए किराड़ी MLA ऋतुराज की गिरफ्तारी का दावा किया। तस्‍वीरों में विधायक अपने ऑफिस से निकलकर पुलिस की गाड़ी में बैठते दिख रहे हैं। इससे पहले, दिल्‍ली पुलिस ने राघव चड्ढा की चिट्ठी के जवाब में कहा था कि 'गृह मंत्री के आवास के बाहर किसी जमावड़े की इजाजत नहीं है।' AAP ने बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप AAP ने बीजेपी के कब्‍जे वाले नई दिल्‍ली नगर निगम में ढाई हजार करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी चाहती है कि इस कथित घोटाले की जांच सीबीआई करे। अपनी इसी मांग को लेकर पार्टी के विधायक और पार्षद शाह और उपराज्यपाल अनिल बैजल के आवास पर आज धरना देने वाले थे। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने इस मामले में सचिव स्तर की जांच के आदेश दिए हैं। खुद मोर्चा संभाले हैं दिल्‍ली सरकार के मंत्री NDMC में कथित घोटाले को लेकर दिल्‍ली सरकार के मंत्री फ्रंटफुट पर हैं। AAP के मुताबिक भाजपा ने एमसीडी को भगवान भरोसे छोड़ा हुआ है। मेयर धरना देने में व्यस्त हैं और नार्थ, साउथ और ईस्ट एमसीडी में पिछले 15 दिनों से एक भी कमिश्नर मौजूद नहीं है। पार्टी प्रवक्ता आतिशी ने कहा, "नार्थ एमसीडी कहती है कि हमारे पास डॉक्टर्स, नर्सेज, सफाई कर्मचारी की सैलरी देने का पैसा नहीं है। पिछले साल तक नार्थ एमसीडी के बजट में उन्हें साउथ एमसीडी से ढाई हजार करोड़ रुपए लेने थे, लेकिन इस साल के बजट में वो जीरो हो गया। वो ढाई हजार करोड़ किस की जेब में गया है।"
नई दिल्ली, 08 दिसंबर 2020,एक तरफ भारत बंद है, दूसरी तरफ दिल्ली में आम आदमी पार्टी और केंद्र सरकार के बीच नया घमासान छिड़ गया है. आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने सीएम अरविंद केजरीवाल को घर में नजरबंद कर दिया है. आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने ट्विटर पर एक बयान जारी कर ये सनसनीखेज आरोप लगाया है. विधायक सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि इस वक्त केजरीवाल से ना कोई मिल सकता है ना वो बाहर आ सकते हैं. सौरभ भारद्वाज का आरोप है कि आम आदमी पार्टी के कुछ विधायक जब उनसे मिलने गए तो उन्हें पुलिस ने पीटा. दिल्ली पुलिस ने इन आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है. इस बीच दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने भी ट्वीट करके कहा कि भाजपा, किसानों और सीएम केजरीवाल से चिंतित है. सिंधु सीमा पर किसानों से मिलने के लिए जाने के बाद वे हैरान हैं. जब से वह लौटे हैं, उन्हें उनके घर पर नजरबंद कर दिया गया है, उनके घर पर रोक लगा दी गई है. लोगों के प्रवेश या निकास की अनुमति नहीं है. दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि बीजेपी डर गई है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, भारत बंद के पक्ष में सड़कों पर उतरेंगे और किसानों के लिए बोलेंगे. वे कैप्टन अमरिंदर से कुछ नहीं कहते क्योंकि दोनों मिलकर किसानों को देशद्रोही कहते हैं. मनीष सिसोदिया के आरोपों के बीच कुछ आप पार्षदों को सीएम आवास जाने की इजाजत मिल गई है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि आम आदमी पार्टी का आरोप बेबुनियाद है. सीएम अरविंद केजरीवाल को नजरबंद नहीं किया गया है. वह फ्री हैं. कल शाम वह सीएम आवास से निकले थे और रात करीब 10 बजे वापस आ गए थे. उन्हें नजरबंद नहीं किया गया है. बस उनके घर के बाहर पुलिस की तैनाती की गई है.
नई दिल्ली, 08 दिसंबर 2020, बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस आरोप पर पलटवार किया है जिसमें उन्होंने दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार पर उन्हें नजरबंद करने का आरोप लगाया था. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने केजरीवाल पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारत बंद दिल्ली में पूरी तरह बेअसर है. आदेश गुप्ता ने आगे कहा कि केजरीवाल की अपील को दिल्ली के लोगों ने ठुकरा दिया है. इसलिए केजरीवाल मुंह छुपाकर घर के अंदर बैठे हैं. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल को "हाउस अरेस्ट" नहीं किया गया बल्कि वो हाउस में "रेस्ट" कर रहे हैं. आदेश गुप्ता यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि पिछले 7 महीने से केजरीवाल अपने घर में ही आराम कर रहे हैं वह बाहर निकलते कब हैं? उनके हाउस अरेस्ट के दावे की तो खुद दिल्ली पुलिस ने ही हवा निकाल दी है. दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा के मद्देनजर उनके घर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं. अरविंद केजरीवाल को आड़े हाथ लेते हुए आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार 65 हजार करोड़ के बजट का गलत इस्तेमाल कर रही है. विज्ञापनों में हजारों करोड़ खर्च किए हैं, जबकि कोरोना के वक्त में निगमों को पैसा दिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि तीनों निगमों को 13 हजार करोड़ रुपये दिए जाने थे लेकिन दिल्ली सरकार पैसा नहीं दे रही है और जब तक निगम के यह पैसे दिल्ली सरकार नहीं देती तब तक अरविंद केजरीवाल के घर के बाहर हमारा प्रदर्शन यूं ही जारी रहेगा. आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में सभी दुकानें खुली हैं और राजधानी में भारत बंद का कोई असर नहीं है. दिल्ली के आम लोगों ने मुख्यमंत्री की भारत बंद में में शामिल होने की अपील को सिरे से खारिज कर दिया है और ऐसी सूरत में जब वह लोगों से आंख मिलाने लायक नहीं हैं और घर से बाहर नहीं निकल रहे हैं तो बचाव के लिए उन्होंने बीजेपी और दिल्ली पुलिस पर हाउस अरेस्ट करने का बेबुनियाद आरोप जड़ दिया है. बीजेपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले छह सालों के दौरान निगम का लगातार पैसा काटा है जबकि जल बोर्ड को ज्यादा पैसे दिए जा रहे हैं और ऐसा सिर्फ इसलिए किया जा रहा है क्योंकि निगम बीजेपी के अधीन है. ऐसे में जब मुख्यमंत्री पूरी दिल्ली के लोगों को अपना भाई-बेटा बताते हैं तो फिर दिल्ली की साफ सफाई की निगम की जिम्मेदारी के लिए उन्हें पैसा क्यों नहीं देते उनका पैसा क्यों रोका जाता है, उस मुद्दे पर राजनीति क्यों की जा रही है? कोरोना के इस वक्त में दिल्ली का साफ सुथरा रखना जरूरी है लेकिन निगम को पैसा ना देकर मुख्यमंत्री अपनी जिम्मेदारी से दूर भाग रहे हैं. सीसीटीवी फुटेज में हुआ खुलासा AAP का आरोप है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को बंधक बनाया गया है. वहीं एक सीसीटीवी फुटेज मिला है जिसमें दिख रहा है कि 7 दिसंबर की शाम को पश्चिम विहार के रेडिसन ब्लू होटल में करीब 9 बजकर 23 मिनट पर मुख्यमंत्री एक समारोह में पहुंचे हैं. वे अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ होटल में घुसते दिखाई दे रहे हैं. AAP का आरोप- मनीष सिसोदिया को भी सीएम से नहीं मिलने दिया जा रहा वहीं आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सोमवार रात को जब आम आदमी पार्टी के विधायक सीएम केजरीवाल से मिलने पहुंचे थे तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें पीटा. मंगलवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को भी उनसे मिलने नहीं दिया गया है. डीसीपी ने आरोप का किया खंडन डीसीपी एंटो अल्फोंस ने आम आदमी पार्टी के आरोप पर जवाब देते हुए कहा कि सीएम केजरीवाल के हाउस अरेस्ट किए जाने की बात सही नहीं है. कोई भी शख्स अगर मुख्यमंत्री से मिलना चाहता है तो वो यहां आकर मिल सकता है. यहां आकर किसी को मिलने से नहीं रोका गया है. सुरक्षा कारणों से उनके आवास के बाहर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है.
नई दिल्ली, 05 दिसंबर 2020,दिल्ली के आर के पुरम सेक्टर-6 स्थिति गुरुद्वारे में 4 दिसम्बर की सुबह तकरीबन 8:30 पर गुरुद्वारे के दो ग्रंथियों के बीच विवाद में एक की जान चली गई. मृतक ग्रंथी की पत्नी घायल है. बताया जा रहा है कि रविंदर सिंह और दर्शन सिंह के बीच उस वक्त झगड़ा हो गया जब दोनों कीर्तन/प्रार्थना कर रहे थे. डीसीपी के मुताबिक रविंदर सिंह और दर्शन सिंह के बीच प्रार्थना के दौरान मामूली बात को लेकर झगड़ा हुआ जिसके बाद दर्शन ने तबले से रविंदर के सिर पर वार किया. रविंदर के सिर से खून बहने लगा. रविंदर की पत्नी मनिंदर कौर पति को बचाने आई तो दर्शन सिंह ने मनिंदर की आंख के पास जोरदार वार किया. इस विवाद में रविंदर घायल हो गए थे जिसके बाद शुक्रवार को इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई. घटना की जानकारी पाकर पुलिस टीम मौका-ए-वारदात पर पहुंची. पुलिस ने आईपीसी की धारा 302 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. आरोपी और पीड़ित परिवार गुरुद्वारा के स्टाफ क्वार्टर में ही रहते थे. पुलिस आरोपी दर्शन की गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान चला रही है.
नई दिल्ली, 05 दिसंबर 2020, दिल्ली में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने रिश्वत के मामले में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के एक पार्षद को गिरफ्तार किया है. सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो ने रिश्वत मामले में बीजेपी नेता और वसंत कुंज, नई दिल्ली से पार्षद मनोज महलावत को गिरफ्तार किया है. इंडिया टुडे को पता चला है कि मनोज महलावत ने निर्माण कार्य के संबंध में एक व्यक्ति से 10 लाख रुपये रिश्वत की मांग की थी. जांच एजेंसी की ओर से पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया था. आरोप है कि वसंत कुंज में एक बिल्डर अवैध निर्माण करवा रहा था. पार्षद ने उससे पैसे मांगे थे. बिल्डर ने कहा कि हम पार्षद को ही पैसा देंगे. बाद में बिल्डर ने सीबीआई में शिकायत कर दी और इस वजह से उसे रंगे हाथ पकड़ लिया गया. सूत्रों का कहना है कि मनोज महलावत को सीबीआई ने रंगे हाथ पकड़ा और गिरफ्तार कर लिया. रिश्वत मामले में हिरासत के लिए मनोज महलावत को अब अदालत में पेश किया जाएगा. मनोज महलावत 2017 में नई दिल्ली के वसंत कुंज से भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पार्षद चुने गए थे. बताया जा रहा है कि केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने वसंत कुंज स्थित उनके घर की तलाशी भी ली, जहां से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में, पिछले कुछ महीनों में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने कानून प्रवर्तन एजेंसी के अधिकारियों सहित कई सरकारी अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया है.
किसान आंदोलन पर बुजुर्ग महिला के बारे में विवादित ट्वीट करने के बाद लोगों के निशाने पर आईं कंगना रनौत को अभी भी लोग सोशल मीडिया पर सुनाने से नहीं चूक रहे हैं। आम लोगों के बाद बॉलिवुड और पंजाबी सिलेब्रिटीज के बाद अब दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष और आम आदमी पार्टी की नेता स्वाति मालीवाल ने भी कंगना को आड़े हाथों लिया है। स्वाति ने ट्वीट कर कंगना रनौत की बेहद तीखी आलोचना की है। कंगना रनौत ने किसान आंदोलन में शामिल हुईं एक बुजुर्ग महिला को शाहीन बाद में शामिल हुईं बिलकिस बानो बताकर काफी आपत्तिजनक बातें लिखी थीं। हालांकि बुरी तरह लानत-मलानत के बाद कंगना ने अपना फर्जी ट्वीट सोशल मीडिया से डिलीट कर दिया था। स्वाति मालीवाल ने उसी ट्वीट को आधार बनाते हुए कंगना के बारे में लिखा, 'चंद फ़िल्में करके दिन भर ट्विटर पर गंदगी फैलाके खुद को बब्बर शेरनी और झाँसी की रानी समझने वाली कंगना रनौत, इस देश की असली शेरनी इस देश की मेहनतकश महिलाएं हैं जो किसानी कर देश का पेट भरती हैं, सीमाओं पर देश की रक्षा करती हैं। वाई सिक्यॉरिटी लेके हवाबाज़ी करने से कुछ नहीं होता।' बता दें कि कंगना रनौत के आपत्तिजनक ट्वीट के बाद कई पॉलिटिकल पार्टियों सहित पंजाबी सिलेब्स ने तीखी आपत्ति जताई थी। एक दिन पहले कंगना और दिलजीत दोसांझ के बीच इस बात पर सोशल मीडिया पर तीखी बहस भी हो गई थी। कंगना के ट्वीट पर सिंगर मीका सिंह ने भी बेहद नाराजगी जाहिर की थी। पंजाब की पॉलिटिकल पार्टी शिरोमणि अकाली दल ने कंगना से माफी मांगने के लिए लीगल नोटिस भी भेजा है। इसके अलावा बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने भी कंगना के ट्वीट की आलोचना करते हुए उनसे माफी मांगने को कहा है।
नई दिल्ली, 30 नवंबर 2020,दिल्ली की सीमा पर चल रहे किसानों के प्रदर्शन को समर्थन देने पर बीजेपी नेता अमित मालवीय ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर करारा हमला किया है. अमित ने कहा है कि दिल्ली सरकार नए कृषि कानूनों को अपने यहां लागू कर चुकी है लेकिन अब जब इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है तो अरविंद केजरीवाल सरकार दिल्ली को अस्त-व्यस्त करने का मौका ढूंढ रही है. बीजेपी के सूचना तकनीक विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने एक ट्वीट जारी कर दिल्ली सरकार के उस दस्तावेज को पेश किया है, जिसमें दिल्ली सरकार ने दिल्ली में नये कृषि कानूनों को मंजूरी दी है. अमित मालवीय ने कहा है कि दिल्ली सरकार 23 नवंबर को ही नए कृषि कानूनों को मंजूरी दे चुकी है और अब इस कानून को लागू भी कर रही है. अपने ट्वीट में प्रदर्शनकारी किसानों के लिए अमित मालवीय ने 'खालिस्तानी' और 'माओवादी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए आगे लिखा है "...लेकिन अब जब खालिस्तानी और माओवादी इस कानून का विरोध करने लगे हैं तो अरविंद केजरीवाल को दिल्ली को तबाह करने का मौका मिल गया है, ये कभी भी किसानों से जुड़ा मामला नहीं था, ये सिर्फ राजनीति थी." बता दें कि अरविंद केजरीवाल और दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार किसानों के प्रदर्शन का समर्थन कर रही है. रविवार को अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि केंद्र सरकार को किसानों के साथ बिना शर्त बात करनी चाहिए. इसके अलावा आम आदमी पार्टी के नेता कार्यकर्ता कई जगह किसानों के लिए खाने-पीने और रहने की व्यवस्था कर रहे हैं. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने भी कहा था कि केंद्र सरकार को बगैर कोई शर्त के प्रदर्शनकारी किसानों से बात करनी चाहिए.
नई दिल्ली, 26 नवंबर 2020,देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना के नए मामले तेजी से सामने आ रहे हैं और इसकी चपेट में कई वीवीआईपी आ चुके हैं. अब दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय कोरोना पॉजिटिव मिले हैं. गोपाल राय ने खुद ट्वीट करके यह जानकारी दी. इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने गुरुवार को ट्वीट करके कहा, 'शुरुआती लक्षणों के बाद कोरोना टेस्ट कराया था, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. पिछले कुछ दिनों में जो लोग भी मेरे संर्पक में आए हैं, कृपया वो अपना ध्यान रखें और टेस्ट करवा लें.' आपको बता दें कि दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 5 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं और 99 लोगों की मौत हुई है. दिल्ली में 5 दिन बाद 100 से कम लोगों की मौत दर्ज हुई है. इससे पहले 19 नवंबर को 98 लोगों ने कोरोना के कारण दम तोड़ा था. वहीं, 20 से 24 नवंबर तक हर रोज 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई. दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 5246 नए केस सामने आए हैं. इसी के साथ राजधानी में कोरोना के 5,45,787 मामले हो गए हैं. अब तक 8720 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं, 24 घंटे में 5361 मरीज ठीक हुए हैं. अब तक कुल 4,98,780 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं. राजधानी में कोरोना के 38,287 एक्टिव केस हैं. बीते 24 घंटे में 61,778 टेस्ट हुए हैं. दिल्ली में कोरोना का रिकवरी रेट 91.38 फीसदी है. वहीं, डेथ रेट 1.6 फीसदी है. राजधानी में 23,102 मरीज होम आइसोलेशन में हैं.
नई दिल्ली, 26 नवंबर 2020,देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना संक्रमण की रफ्तार को कम करने के लिए नाइट कर्फ्यू लगाया जा सकता है. दिल्ली हाई कोर्ट में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने कहा कि हम कोरोना संकट को कम करने के लिए नाइट कर्फ्यू जैसे विकल्प पर विचार कर रहे हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है. दरअसल, दिल्ली हाई कोर्ट ने बाकी राज्यों की तरह नाइट कर्फ्यू लगाने पर केजरीवाल सरकार से सवाल जवाब किया. इस पर दिल्ली सरकार ने कहा कि हम अभी किसी भी तरह के कर्फ्यू लगाने के फैसले पर नहीं पहुंचे हैं, हालांकि नाइट कर्फ्यू पर विचार किया जा रहा है, लेकिन कोरोना के हालात को देखने के बाद आखिरी फैसला लिया जाएगा. दिल्ली में कोरोना के हालात में सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि आईसीयू बेड को लेकर हमारे पिछले आदेश पर आपका अनुपालन अपर्याप्त है. इस पर दिल्ली सरकार ने कहा कि 6-8 दिनों में दिल्ली के अंदर आईसीयू बेड की संख्या बढ़ जाएगी. सरकार ने कहा कि हम RWA के साथ भी बात कर रहे हैं आपको बता दें कि दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 5 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं और 99 लोगों की मौत हुई है. दिल्ली में 5 दिन बाद 100 से कम लोगों की मौत दर्ज हुई है. इससे पहले 19 नवंबर को 98 लोगों ने कोरोना के कारण दम तोड़ा था. वहीं, 20 से 24 नवंबर तक हर रोज 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई. दिल्ली में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 5246 नए केस सामने आए हैं. इसी के साथ राजधानी में कोरोना के 5,45,787 मामले हो गए हैं. अब तक 8720 लोगों की जान जा चुकी है. वहीं, 24 घंटे में 5361 मरीज ठीक हुए हैं. अब तक कुल 4,98,780 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं.
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण फिलहाल स्कूल खुलने (Delhi School Opening News) की कोई संभावना नहीं है। राज्य के डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia News) ने कहा है कि आने वाले समय में स्कूल जल्द खुलने की कोई उम्मीद नहीं है। बता दें कि इस साल मार्च से ही राजधानी के सभी स्कूल बंद हैं। दिल्ली में पिछले कुछ समय से कोविड-19 की तीसरी लहर चल रही है। सिसोदिया ने कहा, अभी नहीं खुलेंगे स्कूल सिसोदिया ने एक निजी टीवी चैनल से साथ बातचीत में कहा कि दिल्ली में इस वक्त कोरोना की तीसरी लहर चल रही है और यह सबसे खतरनाक है। इस दौरान संक्रमित लोगों की संख्या ज्यादा है। बता दें कि पिछले 20 दिनों से ज्यादा वक्त में दिल्ली में कोरोना के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और सैकड़ों लोगों की मौत हुई है। सिसोदिया ने कहा कि मौजूदा वक्त में कोई भी माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने का खतरा मोल नहीं लेगा। कोरोना के कारण हिमाचल ने फिर बंद किए स्कूल बता दें कि कोविड-19 के मामलों में बढ़ोत्तरी को देखते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने 10 नंवबर को 15 दिन के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने का निर्णय लिया है। संसदीय मामलों के मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा था कि 11 नवंबर से 25 नवंबर तक शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। भारद्वाज ने कहा कि कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज और कोचिंग संस्थानों को छात्रों, शिक्षकों और गैर शिक्षण कार्यों से जुड़े कर्मचारियों को 11 नवंबर से 25 नवंबर तक विशेष अवकाश दिया गया है। मार्च में लागू हुए लॉकडाउन के बाद हाल ही में शैक्षणिक संस्थानों को खोला गया था।
नई दिल्ली, 23 नवंबर 2020, दिल्ली के नंद नगरी इलाके के सुन्दर नगरी में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता व आरटीआई कार्यकर्ता जुल्फिकार कुरैशी की अज्ञात बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी. जुल्फिकार को सुबह नमाज पढ़ने के लिए जा रहे थे. तब बदमाशों ने मस्जिद के बाहर जुल्फिकार को गोली मारी. इसके साथ ही बदमाशों ने जुल्फिकार कुरैशी के बेटे के उपर चाकू से हमला किया. दिल्ली पुलिस ने बीजेपी नेता जुल्फिकार कुरैशी के बेटे को स्वामी दयानंद अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है. इसके साथ ही मामले की तफ्तीश शुरू कर दी गई है. लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर परिवार के लोगों से पूछताछ की जा रही है. अभी तक पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.
नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने करोड़ों रुपए की जबरन वसूली के आरोप में अपने ही अपने ही विभाग के सब इंस्पेक्टर राजबीर सिंह को गिरफ्तार किया है। इसकी गिरफ्तारी डीसीपी साउथ की टीम ने की है। दिल्ली पुलिस के आरोपी असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर पर एक बिल्डर से 2 करोड़ रुपए देने की मांग की थी। पैसा न देने पर बिल्डर को पुलिस केस में फंसाने की धमकी दी थी। दिल्ली के हौज खास थाने की पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। उन्हें फिलहाल जेल भेज दिया गया है। इससे पहले इस मामले में चार और लोगों की गिरफ्तारी की गई थी। साउथ दिल्ली में तैनात एक सहायक सब इंस्पेक्टर के साथ उसके सहयोगी को नामी बिल्डर से रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद उसे कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया। दरअसल इसी साल जून महीने में दक्षिण दिल्ली के हौज खास पुलिस स्टेशन पर शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके मुताबिक, बिल्डर के पिता के पास एक फोन आया था, जिसमें फोन करने वाले ने अपना नाम गैंगस्टर काला बताते हुए 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसमें यह भी धमकी दी गई थी कि अगर पुलिस में शिकायत दी और उसक मांग नहीं मानी तो जान से मार दिया जाएगा। मिल चुका है गैलेंट्री अवार्ड राजबीर सिंह दिल्ली पुलिस में बेहतरीन काम के लिए गैलेंट्री अवार्ड से सम्मानित असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर है। वहीं दिल्ली पुलिस ने एएसआई समेत इस गैंग से जुड़े 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। राजबीर सिंह फिलहाल साउथ वेस्ट की पीसीआर यूनिट में तैनात था, इससे पहले वो स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच में भी तैनात रह चुका है। जांच में सामने आया एएसआई का नाम जांच में पाया गया कि रणबीर सिंह बिल्डर को घूस मांगने की धमकी देने वाले प्रमोद उर्फ काले के संपर्क में था। एएसआइ पर आरोप है कि उसने अपने एक सहयोगी की मदद से प्रमोद उर्फ काले की मदद की थी। जांच के दौरान मामले का खुलासा होने पर एएसआइ रणबीर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। 'एएसआई राजबीर सिंह ही गैंग का मास्टरमाइंड' 14 जुलाई को राजबीर सिंह से शिकायतकर्ता को बुलाकर इस मामले में बातचीत भी थी, जांच में ये भी साफ हुआ कि गैंगस्टर प्रमोद को शिकायतकर्ता का मोबाइल नम्बर राजबीर ने ही दिया था और ये भी कहा था कि अगर बिल्डर 2 करोड़ रुपये न दे तो बिल्डर के बेटे की कार पर फायरिंग कर दी जाए, पुलिस के मुताबिक एएसआई राजबीर सिंह ही इस गैंग का मास्टरमाइंड है।
नई दिल्ली कोरोन महामारी (Corona Pandemic in Delhi) पर दिल्ली सरकार पर हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अब अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal News) सरकार ने ऐक्शन में आ गई है और सार्वजनिक जगहों पर मास्क नहीं पहनने वालों पर 2000 रुपये का जुर्माना लगाने की घोषणा की है। अभी तक मास्क नहीं पहनने पर 500 रुपये जुर्माने का प्रावधान था। लेकिन अब राज्य सरकार ने इसे चार गुणा बढ़ाने का फैसला किया है। कोर्ट की फटकार के बाद केजरी का ऐक्शन सीएम अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में कोरोना की स्थिति पर सर्वदलीय बैठक के बाद इसका ऐलान किया है। केजरीवाल ने कहा कि सार्वजनिक जगहों पर मास्क नहीं पहने पाए जाने पर 2000 का जुर्माना लगाया जाएगा। एलजी से मिलकर लिया फैसला- केजरीवाल अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, 'दिल्ली में कोरोना की स्थिति पर माननीय लेफ्टिनेंट गर्वनर से मुलाकात की और उन्हें स्थिति से अवगत कराया। हम इस बात पर सहमत थे कि ऐसा तंत्र बनाया जाए जिससे लोग मास्क न उतारें। इसी के तहत हमने मास्क नहीं पहनने पर जुर्माने को 500 से बढ़ाकर 2000 रुपये करने का फैसला किया है।' दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई थी फटकार दिल्ली हाई कोर्ट ने कोविड-19 महामारी के खराब प्रबंधन को लेकर आठ दिन बाद ही केजरीवाल सरकार को दूसरी बार फटकार लगाई। गुरुवार को कोर्ट ने दोहराया कि दिल्ली सरकार कोरोन मैनेजमेंट के लिए जरूरी कदम उठाने में हीला-हवाली कर रही है। हाई कोर्ट ने कहा, 'आपने आज केंद्र के साथ बातचीत शुरू की है जबकि आपको यह पहले करना चाहिए था। हम यह नहीं कह रहे कि आप कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, पर जो कर रहे हैं, वह काफी नहीं है।' दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर बता दें कि दिल्ली में कोरोना की तीसरी लहर के बाद स्थिति भयावह हो गई है। बुधवार को राजधानी में 100 से ज्यादा लोगों की मौत कोरोना के कारण हुई थी। दिल्ली में बढ़ते कोरोना के कारण केंद्र सरकार भी ऐक्शन में आ गई है। खुद गृह मंत्री अमित शाह ने कोरोना पर बैठक कर दूसरे राज्यों से पैरामेडिकल स्टाफ को दिल्ली बुलाने का फैसला किया था।
नई दिल्ली, 17 नवंबर 2020, दिल्ली में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है. इस वजह से दिल्ली सरकार ने शादियों में मिली छूट को वापस ले ली गई है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को कहा कि हमने शादी समारोह में 200 लोगों तक शामिल होने की इजाजत को वापस ले लिया है. अब सिर्फ 50 लोग ही शादी समारोह में शामिल हो सकते हैं. इसके अलावा दिल्ली में छोटे-छोटे हिस्सों में लॉकडाउन भी लग सकता है. इस बारे में केंद्र सरकार को दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने प्रस्ताव भेजा है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना की स्थिति सामान्य होने पर पहले 50 से यह संख्या 200 तक बढ़ाई गई थी, जिसे अब फिर से वापस ले लिया गया है. इसके साथ ही दिल्ली सरकार, कोरोना संक्रमण को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी, जिसमें नियमों के उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन ना होने की स्थिति में दिल्ली के भीड़भाड़ वाले बाजारों को अस्थाई रूप से बंद करने की अनुमति मांगेगी. सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकारी और निजी अस्पतालों में बेड की संख्या पर्याप्त है, लेकिन आईसीयू वाले बेड की कमी, जिसके लिए केंद्र सरकार ने मदद की है. उन्होंने कहा कि सभी सरकारें मिलकर काम कर रही हैं, लेकिन सबसे बड़ी जरूरत है कि लोग ध्यान रखें. कई लोग बिना मास्क घूम रहे हैं. मेरी अपील है कि कृपया मास्क पहने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें. गौरतलब है कि दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 99 लोगों की मौत हुई है, जो महाराष्ट्र से ज्यादा है. दिल्ली में कोरोना का कहर किस तरह बरपा है, इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इस महीने हर घंटे चार लोगों की मौत हो रही है. नवंबर में ही कोरोना से दिल्ली में अब तक 1100 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. वहीं, भारत में कोरोना से अब तक कुल 88 लाख 74 हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं. देश में अब तक 1.3 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. आज की तारीख में कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, केरल हैं. इन्हीं राज्यों में कोरोना के सबसे ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं.
नई दिल्ली, 15 नवंबर 2020, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. देश में जहां कोरोना के नए केस में गिरावट देखी जा रही है, वहीं दिल्ली में कोरोना के हर दिन सामने आ रहे नए मामलों की संख्या बढ़ती ही जा रही है. दिवाली की शाम को दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक एक दिन में कोरोना से संक्रमण के 7340 नए मामले सामने आए थे. हर दिन बढ़ते मामलों को देखते हुए दिल्ली सरकार के साथ ही केंद्र भी सक्रिय हो गया है. कोरोना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने आपात बैठक बुलाई है. यह बैठक 15 नवंबर की शाम 5 होनी है. इस बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल होंगे. बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह खुद करेंगे. जानकारी के मुताबिक इस बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री के साथ ही देश के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन भी शामिल होंगे. बैठक में दिल्ली के कई अन्य अधिकारी भी शामिल होंगे. गृह मंत्री शाह की अध्यक्षता में होने जा रही यह बैठक गृह मंत्रालय में ही होगी. गौरतलब है कि दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से नए मामलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए बढ़ रहे कोरोना ने दिल्ली सरकार को चिंता में डाल दिया है. बता दें कि दिवाली की शाम जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमण के एक दिन में 7340 नए मामले सामने आए थे. तब पिछले 24 घंटे में 96 संक्रमितों की मौत हुई थी. हालांकि, उसी अवधि के दौरान 7117 संक्रमित ठीक भी हुए थे. दिल्ली में कोरोना के एक्टिव मामलों की तादाद 44456 पहुंच चुकी है. यह राजधानी में एक्टिव केस के लिहाज से अब तक की सबसे बड़ी संख्या है.
नई दिल्ली, 06 नवंबर 2020, दिल्ली हिंसा मामले में उमर खालिद और अन्य के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए दिल्ली सरकार और गृह मंत्रालय ने स्वीकृति दे दी. उमर खालिद को दिल्ली पुलिस ने हिंसा के मामले में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया था. कानून के अनुसार, यूएपीए के तहत किसी व्यक्ति पर मुकदमा चलाने से गृह मंत्रालय से मंजूरी लेना आवश्यक है. दिल्ली पुलिस को करीब एक हफ्ता पहले परमिशन मिली थी. बहुत जल्द दिल्ली हिंसा के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम के खिलाफ यूएपीए के तहत दिल्ली पुलिस चार्जशीट कोर्ट मे दाखिल करने जा रही है. इसके अलावा क्राइम ब्रांच भी उमर खालिद के खिलाफ चार्जशीट जल्द दाखिल करेगी. 14 सितंबर को हुई थी गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की तरफ से उमर खालिद को 14 सितंबर को दिल्ली हिंसा से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था. कड़कड़डूमा कोर्ट ने उमर खालिद की न्यायिक हिरासत 20 नवंबर तक के लिए बढ़ा दी है. दिल्ली पुलिस की तरफ से उनकी न्यायिक हिरासत 30 दिन और बढ़ाने की अर्जी लगाई गई थी. उमर खालिद के वकील ने दिल्ली पुलिस की अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस की जांच में इसने सभी तरह से सहयोग किया है. ऐसे में यह आरोप लगाकर कि उमर खालिद जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. उसकी न्यायिक हिरासत को बढ़ाने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा लगाई गई अर्जी गलत है. दिल्ली पुलिस ने कड़कड़डूमा कोर्ट को बताया था कि फिलहाल इस मामले में जांच जारी है और ऐसे में जांच की इस स्टेज पर उमर खालिद को जमानत नहीं दी जानी चाहिए. इसके बाद कोर्ट ने उमर खालिद की न्यायिक हिरासत को 20 नवंबर तक बढ़ा दिया था. अभी उमर खालिद न्यायिक हिरासत में ही है.
नई दिल्ली,5 नवंबर 2020,दिल्ली के नत्थूपुरा एरिया में रहने वाले शख्स की मोती नगर एरिया में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई है. दरअसल परिवार में कल शाम से ही करवा चौथ के त्योहार की तैयारियां चल रही थीं. शाम के वक्त पत्नी मेहंदी लगवाने के लिए गई उसी वक्त जितेंद्र भी अपने ऑफिस के लिए निकल गया था. जितेंद्र आजादपुर की एक ट्रांसपोर्ट कंपनी में काम करता था. आजादपुर से वह अपने ऑफिस के कागजात और कैश लेकर मोती नगर एरिया की तरफ जा रहा था. उसी दौरान श्रीनगर और मोती बाग के बीच के एरिया में चाकू से हमला कर उनके साथ लूट की घटना को अंजाम दिया गया. पुलिस घायल जितेंद्र को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंची लेकिन तब तक जितेंद्र की मौत हो चुकी थी. जितेंद्र की मौत के बाद अब परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है. जितेंद्र की पत्नी पति की लंबी आयु के लिए व्रत की तैयारी कर रही थी लेकिन उसी दौरान उनके पति की जान चली गई. उनके लिए इससे बड़ी दुख की बात क्या हो सकती है. घर में जितेंद्र के दो छोटे-छोटे बच्चे हैं और घर में कमाने वाला जितेंद्र ही अकेला एक सहारा था. फिलहाल दिल्ली पुलिस हत्या को अंजाम देने वाले लोगों की तलाश में जुटी है. इस वारदात के बाद आसपास का पूरा एरिया सदमे में है. अब देखने वाली बात होगी कि दिल्ली पुलिस कितनी जल्दी इन हत्यारों को पकड़ पाती है.
नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2020, दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने करोड़ों की ठगी के मामले में एक शख्स को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी का नाम प्रवीण कुमार है. पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पंजाब के रहने वाले एक शख्स से गाड़ी की एजेंसी दिलाने और फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया का टेंडर दिलाने के नाम पर साढ़े 4 करोड़ रुपये ठग लिए थे. डेढ़ करोड़ रुपये आरोपी ने चेक से लिए थे जबकि तीन करोड़ रुपये की रकम उसने कैश ली थी. पुलिस के मुताबिक पकड़ में आए प्रवीण कुमार सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया है. पीड़ित सुनील विक्रम पंजाब के रहने वाले हैं. आरोपी प्रवीण ने उनको भरोसा दिलाया था कि वह फूड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से उन्हें टेंडर दिलवा देगा. साथ ही बड़ी गाड़ी की एजेंसी भी उनको दिलवा देगा. आरोपी ने पीड़ित के सामने खुद को बड़ा आदमी दर्शाया था. वह नेताओं के साथ अपने अच्छे संबंध बताता था. उसने पीड़ित को बताया था कि वह खुद नॉर्थ एवेन्यू के एमपी फ्लैट्स में रहता है. इस बाबत सबसे पहले एक एफआईआर नॉर्थ एवेन्यू थाने में दर्ज की गई. जिसकी जांच पुलिस कर रही थी, लेकिन बाद में इस जांच ईओडब्ल्यू के हवाले कर दी गई पुलिस का कहना है कि शुरू में आरोपी प्रवीण कुमार सिंह पूछताछ में शामिल होने आया था, लेकिन बाद में वह गायब हो गया. इस बीच वो कोर्ट पहुंचा और बेल लेने की कोशिश की. उसने कोर्ट में यह भी कहा था कि जो पैसा उसने पीड़ित से लिया है, वह जमा करा देगा. लेकिन ना तो उसने पैसा जमा कराया और ना ही वह किसी के सामने पेश हुआ. इस दौरान पुलिस लगातार उसे तलाश कर रही थी. और आखिरकार पुलिस ने प्रवीण को गिरफ्तार कर लिया. उसके खिलाफ पहले से दो धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं. एक केस में उसने सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी की थी. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है. और पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने करोड़ों की रकम कहां ठिकाने लगाई है. साथ ही साथ इसके अलावा उसने और कितने लोगों से ठगी की है.
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2020,दिल्ली कैंट इलाके में कार चला रहे युवक ने ट्रैफिक पुलिस के सिपाही को कुचलने की कोशिश की. सिपाही ने खुद को बचाते हुए जंप मारी और कार के बोनट पर चढ़ गया. बावजूद इसके आरोपी कार को तेज रफ्तार में ले गया. कार ड्राइवर करीब चार सौ मीटर तक पुलिसकर्मी को बोनट पर घुमाता रहा. फिर जिग जैग करते हुए सिपाही को कार से गिराकर भागने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने लोगों की मदद से दबोच लिया. गौरतलब है कि दिल्ली में कार की फैंसी नंबर प्लेट को देखकर ट्रैफिक पुलिस सिपाही ने कार चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन रुकने की बजाए कार सवार ने सिपाही को कुचलने की कोशिश की. क्या है पूरा मामला महिपाल सिंह दिल्ली कैंट ट्रैफिक सर्किल में तैनात हैं. सोमवार को उनकी ड्यूटी धौलाकुआं में थी. शाम 5 बजे तिलक नगर जाने वाले रास्ते पर फैंसी नंबर प्लेट की आई 20 कार को आता देखकर सिपाही ने उसे रोकने की कोशिश की. कार को उत्तम नगर निवासी 22 साल का शुभम चला रहा था. शुभम के साथ कार में उसका दोस्त उत्तम नगर निवासी राहुल मौजूद था. शुभम ने बताया कि सिपाही के बोनट पर गिरने के बाद वह डर गया था और इसी लिए कार को भगाने लगा था. शुभम ने कार को करीब 400 मीटर तक भगाया और उसके बाद बोनट पर लटके महिपाल सिंह को गिराकर भागने लगा. फिर वह पकड़ा गया.
नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2020,दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में किशोरी से दोस्ती के चलते युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. मारपीट की यह घटना बुधवार शाम की है. पुलिस ने हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया है. दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आए ये सभी किशोरी के नजदीकी रिश्तेदार बताए जा रहे हैं. जानकारी के अनुसार 18 साल का राहुल आदर्श नगर इलाके में रहता था. वह डीयू के एसओएल से बीए सेकंड ईयर की पढ़ाई करने के साथ ही ट्यूशन पढ़ाता था. पिता संजय पेशे से ड्राइवर हैं. राहुल की मां रेनू ने बताया कि घटना के दिन राहुल को फोन करके ट्यूशन की बात करने घर से बुलाया गया था. सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि पिंक कलर की शर्ट में राहुल एक लड़की के साथ जा रहा है. वो लड़की कोई और नहीं बल्कि उसकी दोस्त थी. आरोपियों ने लड़की से राहुल को बुलवाया और घर से थोड़ी ही दूरी पर उसको पीटना शुरू कर दिया. घर से आधा किलोमीटर की दूरी पर राहुल के साथ मारपीट की गई. राहुल को इतना ज्यादा पीटा गया कि बुधवार देर रात ही उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई. राहुल की मां ने बताया कि उनका बेटा ट्यूशन पढ़ाता था. बहुत सारे स्टूडेंट्स से बात होती थी. ऐसे कोई किसी को मार सकता है. राहुल की दादी का रो-रो कर बुरा हाल है. राहुल के पिता संजय ने कहा कि पुलिस ने 5 लोगों को पकड़ा है. अनजान फोन नंबर से आई कॉल को ट्रेस किया गया. इसके बाद जहांगीरपुरी इलाके से मुन्नवर हुसैन और मोहम्मद राज अफरोज और उसके तीन नाबालिग साथियों को पकड़ लिया. पकड़े गए लोगों में 3 नाबालिग हैं. दहशत के माहौल देखते हुए इलाके में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है. परिजनों का कहना है कि पुलिस ने 5 लोगों को पकड़ा है जबकि मारने वाले करीब 15 लोग थे. उन सभी को गिरफ्तार किया जाए. राहुल के पिता का कहना है कि कुछ लोगों ने बताया कि लड़की भी आई थी. उसी के फोन से राहुल को बुलाया गया था. इस मामले में लड़की से भी पूछताछ होनी चाहिए. राहुल के चाचा धर्मपाल ने बताया कि बुधवार को एक शख्स ने आकर उनके भतीजे की पिटाई के बारे में बताया. मौके पर पहुंचकर किसी तरह से धर्मपाल ने हमलावरों के चंगुल से राहुल को बचाया और फिर स्थानीय डॉक्टर के पास इलाज कराने के लिए लेकर गए. बताया जाता है कि देर रात फिर राहुल की तबीयत खराब हो गई तो उसे बाबू जगजीवन राम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.
नई दिल्ली हाथरस गैंगरेप और मर्डर मामले (Hathras gangrape and murder case) को लेकर पूरे देश के लोग गुस्से में है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर तमाम संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन (protest against hathras case at Jantar-Mantar) शुरू किया है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यूपी हो या राजस्थान या कोई भी जगह, देश में रेप की घटनाएं नहीं होनी चाहिए। सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई नेता डी. राजा भी उसमें शिरकत करने पहुंचे। येचुरी ने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से इस्तीफे की मांग की है। 'कुछ लोगों को लगता है कि दोषियों को बचाया जा रहा' जंतरमंतर में पहुंचे दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने हाथरस मामले में कहा है कि कुछ लोग दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों को सजा मिले। साथ ही उन्होंने कहा है कि पीड़ित परिवार को देश के लोगों के सहारे की जरूरत है। केजरीवाल ने कहा, 'पूरा देश चाहता है कि गुनहगारों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। कुछ लोगों को लगता है कि दोषियों को बचाने की कोशिशें हो रही हैं। इस वक्त,पीड़ित परिवार को हर मुमकिन मदद की जरूरत है।' दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, 'इस मुद्दे पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए। इस तरह की घटना यूपी, एमपी, राजस्थान, मुंबई या दिल्ली में क्यों होनी चाहिए? देश में कहीं भी रेप की घटना नहीं होनी चाहिए।' जनपथ मेट्रो स्टेशन के एंट्री-एग्जिट गेट बंद, राजीव चौक, पटेल चौक पर एग्जिट बंद दिल्ली में प्रोटेस्ट को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने बयान जारी जारी किया है , जिसमें कहा है जनपथ के लिए प्रवेश और निकास द्वार बंद है। इस स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा। राजीव चौक और पटेल चौक के लिए निकास द्वार बंद हैं। कई दलों के नेता पहुंचे जंतर-मंतर जंतर-मंतर प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज, जिग्नेश मेवाणी और बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर भी पहुंचे। इसके अलावा भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद वहां पहुंचे हुए हैं। बता दें ये प्रर्दशन पहले इंडिया गेट पर होने वाला था। दिल्ली पुलिस द्वारा इंडिया गेट के आस-पास धारा 144 लगाने के बाद प्रर्दशन स्थल में बदलाव किया गया है। येचुरी ने मांगा योगी का इस्तीफा सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी और सीपीआई लीडर डी. राजा ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस दौरान येचुरी ने कहा, 'यूपी सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। हमारी मांग है कि इंसाफ होना चाहिए। योगी के इस्तीफे और इंसाफ तक चलता रहेगा संघर्ष: चंद्रशेखर भीम आर्मी के चीफ चंद्रशेखर आजाद ने जंतर-मंतर से ऐलान किया कि वह हाथरस जाकर रहेंगे। उन्होंने कहा, 'मैं हाथरस जरूर जाऊंगा। यूपी के मुख्यमंत्री जब तक इस्तीफा नहीं देते और जब तक इंसाफ नहीं होता, तब तक हमारा संघर्ष चलता रहेगा। मैं सुप्रीम कोर्ट से इस मामले का संज्ञान लेने की गुजारिश करता हूं।' 'रेप महामारी' के खिलाफ लड़ाई का वक्त: स्वरा भास्कर हाथरस कांड के विरोध में जंतर-मंतर पहुंचीं बॉलिवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने यूपी सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कि यही समय है जब देश को 'रेप महामारी' के खिलाफ लड़ाई शुरू कर देनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'अलग-अलग समूह के लोग यहां हैं। यह दिखाता है कि हाथरस, बलरामपुर, आजमगढ़...में जो कुछ हुआ उससे लोगों में कितना आक्रोश है। यह रेप महामारी है जो देश में फैल गई है खासकर यूपी से हमें इस तरह की खबरें आ रही हैं।' प्रियंका ने बाल्मीकि मंदिर में की प्रार्थना इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी हाथरस के सामूहिक बलात्कार मामले की पीड़िता के लिए आज दिल्ली के वाल्मीकि मंदिर में आयोजित प्रार्थना सभा में शामिल हुईं और कहा कि इस लड़की को न्याय दिलाने के लिए सभी आवाज उठाएं। प्रार्थना सभा में प्रियंका के अलावा पार्टी नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कई नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए। हम पीड़ित परिवार और बाल्मीकि समाज के साथ: प्रियंका प्रियंका ने कहा, ‘मुझे पता चला कि वाल्मीकि समाज ने प्रार्थना सभा का आयोजन किया है तो मैंने यहां आने का निर्णय किया। मैं इसलिए यहां आई कि आपके समाज और उस परिवार को कभी यह महसूस नहीं होना चाहिए कि वो अकेले हैं। आज उस परिवार के खिलाफ जो हो रहा है उसके विरूद्ध हम लड़ेंगे। मैं आपसे आग्रह करती हूं कि अपनी आवाज उठाइए।’
नई दिल्ली उत्तर प्रदेश में हाथरस घटना पर योगी आदित्यनाथ सरकार पर चौतरफा हमले हो रहे हैं और सियासी पारा चरम पर है। अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने हाथरस की घटना को पीड़ादायी बताते हुए कहा सत्ता में बैठे लोगों को ये भूलना नहीं चाहिए कि वो देश के मालिक नहीं जनता के सेवक हैं। केजरीवाल ने कहा, 'समाज के अंदर विकृति फैलती जा रही है। जिन लोगों ने हमारी हाथरस की बेटी के साथ ये अमानवीय कृत्य किया, उसके साथ बलात्कार हुआ था या फिर रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई। पर अंत में उसकी जान चली गई। एक तरफ तो उन दरिंदों ने उस लड़की के साथ ये कृत्य किया और उसकी जान ले ली। दूसरी तरफ सत्तापक्ष का व्यवहार भी दुखदायी रहा। केजरीवाल ने योगी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा, 'सत्तापक्ष ने उस बच्ची के साथ, उस परिवार के साथ जो व्यहार किया वह सही नहीं था। हिंदू धर्म में कहते हैं कि रात में अग्नि नहीं दी जाती है लेकिन उसको रात को ही जला दिया गया। धर्म के और हमारी रीति के खिलाफ उसके परिवार को दर्शन नहीं करने दिया, उसके परिवार से बच्ची को छीन लिया।' दिल्ली के सीएम ने कहा कि जिस तरह से सत्तापक्ष ने उनके परिवारवालों और बच्ची के साथ व्यवहार किया वह बेहद गलता है। उन्होंने कहा, 'हम जनतंत्र में रहते हैं और सत्ता में बैठे लोगों को ये भूलना नहीं चाहिए कि वो इस देश के मालिक नहीं बल्कि जनता के सेवक हैं।
नई दिल्ली, 01 अक्टूबर 2020,दिल्ली हिंसा के मामले में गिरफ्तार जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) के पूर्व छात्र उमर खालिद की दिक्कतें बढ़ती ही जा रही हैं. गुरुवार को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक और केस में उमर खालिद को गिरफ्तार कर लिया है. जानकारी के मुताबिक क्राइम ब्रांच ने एफआईआर नंबर 101/20 के मामले में उमर खालिद को गिरफ्तार कर 3 दिन की रिमांड पर लिया है. बताया जा रहा है कि क्राइम ब्रांच ने ताहिर हुसैन वाले केस में उमर खालिद को गिरफ्तार किया है. इसके पहले दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने दिल्ली हिंसा केस में उमर खालिद को गिरफ्तार किया था. उसे 13 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और 24 सितंबर तक 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था. पुलिस हिरासत की मियाद पूरी होने के बाद कोर्ट ने उमर खालिद को 22 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. बता दें कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उमर खालिद की गिरफ्तारी गैर कानूनी गतिविधि (निषेध) कानून (यूएपीए) के तहत की थी. खालिद पर दंगा भड़काने, साजिश रचने, लोगों को उकसाने, भड़काऊ भाषण देने के गंभीर आरोप लगे हैं. एफआईआर में दर्ज आरोपों के मुताबिक ट्रंप के दौरे के वक्त उमर खालिद ने लोगों को प्रदर्शन के लिए उकसाया था. दिल्ली दंगे के सिलसिले में दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 2 सितंबर को कुछ घंटे तक उमर से पूछताछ की थी. इससे पहले पुलिस ने दंगे से जुड़े एक अन्य मामले में उमर के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था. पुलिस ने उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया था. क्या है UAPA कानून? UAPA कानून देश की संप्रभुता और एकता को खतरे में डालने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए 1967 में बनाया गया था. तब से लेकर अब तक इसमें चार बार संशोधन किए जा चुके हैं. 2004, 2008, 2012 और 2019 में इस कानून में बदलाव किए गए. इसके तहत ऐसे किसी भी व्यक्ति या संगठन, जो देश के खिलाफ या फिर भारत की अखंडता और संप्रभुता को भंग करने का प्रयास करे उस पर कार्रवाई की जाती है. इसके तहत आरोपी को कम से कम 7 साल की सजा हो सकती है. अभी तक इस कानून के तहत कई लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. यूएपीए का इस्तेमाल आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर, लश्कर-ए-तैय्यबा के मुखिया हाफिज सईद, आतंकी जकी-उर-रहमान लखवी और आतंकी दाउद इब्राहिम के खिलाफ किया जा चुका है. केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में इस कानून में बदलाव के लिए संशोधन विधेयक पेश किया था जो संसद के दोनों सदनों से पास हो गया. इस कानून में हुए संशोधन के बाद एनआईए को कई अधिकार मिल गए. इस कानून में अगस्त 2019 में हुए संशोधन के बाद अब इसके तहत संगठनों के साथ-साथ व्यक्तियों को भी आतंकवादी घोषित किया जा सकता है. साथ ही उस व्यक्ति की संपत्ति भी जब्त की जा सकती है. इस कानून के तहत एनआईए के पास कार्रवाई करने के असीमित अधिकार हैं. यह कानून एनआईए को अधिकार देता है कि वो आतंकी गतिविधियों में शक के आधार पर लोगों को उठा सकती है और उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. इसके अलावा संगठनों को आतंकी संगठन घोषित कर उन पर कार्रवाई कर सकती है.
नई दिल्ली, 27 सितंबर 2020, दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली जल बोर्ड के निजीकरण की बात कही है. अब इसे लेकर दिल्ली में सियासत तेज हो गई है. मुख्य विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर हमलावर है ही, कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है. दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल कुमार ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल भी मोदी सरकार की तरह निजीकरण की राह पर चल पड़े हैं. उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड के निजीकरण के बाद हजारों कर्मचारी बेरोजगार की श्रेणी में आ जाएंगे. दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में लाखों लोग बेरोजगारी के कारण जीविका की समस्या से जूझ रहे हैं. अगर केजरीवाल सरकार इस संकट के दौर में दिल्ली जल बोर्ड का निजीकरण करती है तो हजारों लोगों के रोजगार पर सीधा असर पड़ेगा. अनिल कुमार ने केजरीवाल सरकार को हर मोर्चे पर फेल बताते हुए कहा कि दिल्लीवालों को पीने लायक पानी मुहैया कराने में सरकार असफल साबित हुई है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने 2015 के चुनावी घोषणा पत्र में दिल्ली के हर घर को पानी देने का वादा किया, लेकिन संगम विहार और देवली जैसी कई कॉलोनियों में लोग आज भी पानी के लिए टैंकर और ट्यूब वेल पर निर्भर हैं. दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि इन कॉलोनियों में हर रोज लगभग 20 लाख रुपये का पानी बेचा जाता है. टैंकर माफिया खत्म करने के दावे किए गए, लेकिन इसके बावजूद दिल्ली में पानी के टैंकरों की संख्या 2012 के 817 के मुकाबले 2019 में 1062 पहुंच गई. वहीं, दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नाम एक खुला पत्र लिखा है. भाजपा प्रवक्ता ने इस पत्र में कहा है कि 6 साल से दिल्ली जल बोर्ड में लूट का खेल चल रहा है. भाजपा प्रवक्ता ने कहा है कि दिल्ली आज समझ रही है कि मई 2017 में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कपिल मिश्रा को रातोरात जल मंत्रालय से क्यों हटाया था. उन्होंने जल बोर्ड की कार्यप्रणाली की केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की भी मांग की है.
नई दिल्ली देश में बढ़ते नशीले पदार्थ के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए राजधानी दिल्ली में भी एनसीबी (Narcotics Control Bureau) ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। जिसके तहत दक्षिणी दिल्ली से एक ड्रग डीलर को गिरफतार किया गया है। इस डीलर का नाम गौरव चोपड़ा उर्फ 'राहुल बाबा' है। आरोपी के पास से करीब एक किलो चरस बरमद हुई है। जानकारी के अनुसार, आरोपी दिल्ली के गौतम नगर का निवासी है। उसकी उम्र 36 साल है। वह मूलरूप से पंजाब के जालंधर का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि राहुल बाबा नारकोटिक्स सब्सटांस का गैर-कानूनी काम करता है। इससे पहले उसे हौज खास पुलिस ने गिरफ्तार किया था। ऐसे शिकंजे में आया आरोपी दिल्ली के साउथ डिस्ट्रिक्ट नारकोटिक्स टीम को 25 सितम्बर की रात को एक ड्रग पेडलर के बारे में सीक्रेट जानकारी मिली। बताया गया कि ये पेडलर दिल्ली के मालवीय नगर इलाके के मदन मोहन मालवीय अस्पताल के पास मौजूद है। इसके बाद सीनियर अफसरों को इसकी खबर दी गई, उन्होंने एक रणनीति के तहत इसे पकड़ने की योजना बनाई। ड्रग पेडलर को पकड़ने के लिए नारकोटिक्स टीम ने मालवीय नगर के मदन मोहन मालवीय अस्पताल के पास जाल बिछाया। यहां एक शख्स को संदेहजनक हालत में घूमता देखा गया। नारकोटिक्स की टीम ने उस शख्स को शक के आधार पर पकड़ लिया। बाद में उसकी पहचान गौरव चोपड़ा के नाम से हुई, जिसे राहुल बाबा के नाम से भी जाना जाता है। उसके पास से नारकोटिक्स की टीम ने करीब एक किलो चरस बरामद की।
नई दिल्ली, 24 सितंबर 2020,दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मैक्स अस्पताल शिफ्ट किया गया है. मनीष सिसोदिया को कोरोना वायरस के बाद डेंगू हुआ है. कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद उन्हें एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. वहीं अब एलएनजेपी से उन्हें मैक्स, साकेत शिफ्ट किया जा रहा है. दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया 14 सितंबर को कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाए गए थे. इसके बाद से उन्होंने खुद को घर पर आइसोलेट कर लिया था. हालांकि एक दिन पहले ही मनीष सिसोदिया को बुखार और सांस लेने में दिक्कत के बाद लोकनायक जयप्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि अब मनीष सिसोदिया को डेंगू भी हो गया है. डेंगू होने के साथ ही उनके प्लेटलेट्स लगातार गिरते जा रहे हैं. सेहत लगातार खराब होने के कारण मनीष सिसोदिया को अब मैक्स अस्पताल में शिफ्ट किया गया है. जहां डॉक्टर्स की टीम निगरानी में रखकर मनीष सिसोदिया का इलाज करेंगे. सत्र में नहीं लिया था हिस्सा बता दें कि 14 सितंबर को दिल्ली विधानसभा का कोरोना संकट के बीच एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था. इस सत्र में तबीयत खराब होने की वजह से मनीष सिसोदिया ने हिस्सा नहीं लिया था. वहीं इसके बाद से मनीष सिसोदिया की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई है. वहीं पिछले दिनों दिल्ली के तीन विधायक गिरीश सोनी, प्रमिला टोकस और विशेष रवि के अलावा दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जा चुके
नई दिल्ली, 16 सितंबर 2020,दिल्ली सरकार के स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को नोटिस दिया है, कोर्ट ने सरकार को एक हफ्ते में अपना जवाब दायर करने को कहा है. ये याचिका दिल्ली के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं कक्षा के छात्र के द्वारा ही लगाई गई है जिसमें दिल्ली सरकार के स्कूल ऑफ एक्सीलेंस को भेदभावपूर्ण और तर्कसंगत न होने की बात कही गई है. इस छात्र ने 10वीं की परीक्षा एक सरकारी स्कूल से ही पूरी की. लेकिन 11वीं में बेहतर शिक्षा के लिए जब उसने प्रवेश के लिए स्कूल ऑफ एक्सीलेंस(एसओई) कैटेगरी के स्कूल में एडमिशन के लिए एप्लीकेशन लगाई तो उससे रिजेक्ट कर दिया गया. दिल्ली सरकार ने आज भी सुनवाई के दौरान अपना पक्ष रखते हुए कोर्ट को कहा कि 'राइट टू एजुकेशन एक्ट' के तहत उनके पास स्कूल ऑफ एक्सीलेंस जैसे प्रयोग करने का अधिकार है और यह छात्रों की बेहतरी के लिए किया गया है, लेकिन याचिकाकर्ता के वकील अशोक अग्रवाल ने कोर्ट को कहा कि राइट टु एजुकेशन एक्ट आठवीं कक्षा तक के 14 साल के बच्चों पर लागू होता है यह छात्र दसवीं की पढ़ाई पूरी करके 11वीं कक्षा में प्रवेश लेना चाहता है. ऐसे में विज्ञान विषय से पढ़ाई करने के लिए इस छात्र को एडमिशन सिर्फ इस आधार पर मना कर दिया गया कि उसके हिंदी में दो नंबर कम थे जबकि बाकी और दिल्ली सरकार के 900 सरकारी स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई के लिए हिंदी के नंबर 51 फ़ीसदी होना अनिवार्य नहीं है, ऐसे में जब सभी स्कूलों में 11 वीं की विज्ञान की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम के द्वारा की जा रही है तो फिर एडमिशन के लिए सरकारी स्कूल में दिल्ली सरकार दो क्राइटेरिया कैसे तय कर सकती है. एसओई कैटेगरी में आने वाले स्कूल दिल्ली सरकार के अधीन चलने वाले वह सरकारी स्कूल है जिसमें अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करवाई जाती है. फिलहाल इन स्कूलों की संख्या दिल्ली में सिर्फ पांच है. दिल्ली सरकार के बाकी और सरकारी स्कूलों की तुलना में स्कूल ऑफ एक्सीलेंस कैटेगरी के स्कूलों में पढ़ाई के उच्च मापदंड रखे गए हैं. छात्र ने अपनी याचिका में बताया है कि यहां प्रवेश के लिए जो नियम बनाए गए हैं वह बाकी और सरकारी स्कूलों से बिल्कुल अलग हैं जो छात्रों के साथ भेदभाव पूर्ण है. सरकारी धन से चलने वाले सभी स्कूलों में सभी छात्रों को बराबरी के आधार पर प्रवेश मिलना चाहिए.
नई दिल्ली कोरोना के खिलाफ जारी (Coronavirus In Delhi) जंग में दुनिया भर में ज्यादा से ज्यादा जांच करने का तरीका अपनाया गया और यह काफी सफल रहा। दिल्ली में भी यही तरीका अपनाया जा रहा है और बहुत हद तक इस महामारी के खिलाफ जारी जंग में सफलता मिली है। देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोना मामलों (Delhi Coronavirus) में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। दिल्ली में पिछले 24 घंटों में केवल 674 मामले सामने आए हैं और यहां एक्टिव मरीजों की संख्या 10,000 के नीचे पहुंच गई। इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना रिकवरी रेट 89.98% हो गया है। यहां अब केवल 7.11% एक्टिव मरीज ही बचे हैं जबकि 2.89% मरीज़ों की मौत हो चुकी है। सीएम केजरीवाल से जताई खुशी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने भी इस बात को लेकर खुशी जाहिर की है। उन्होंने लिखा है कि अब दिल्ली में 10 हजार से भी कम केस बचे हैं। एक्टिव केस के मामले में दिल्ली 14वें पोजीशन पर पहुंच गई है। केजरीवाल से ट्वीट करते हुए लिखा है कि आज 12 लोगों की मौत हुई है। मुझे दिल्ली वालों पर गर्व है। आज हर तरफ दिल्ली मॉडल की चर्चा हो रही है। दिल्‍ली में अब तक कोरोना के 1,39,156 हुए दर्ज हो चुके हैं। देश की राजधानी में पिछले 24 घण्टे में 12 मरीजों की मौत हुई और कुल मौत का आंकड़ा 4033 पहुंच गया है। पिछले 24 घण्टे में 972 लोग ठीक हुए और अब तक कुल 1,25,226 लोग ठीक हो चुके हैं। दिल्ली सरकार की बेस्ट नीति दिल्ली सरकार ने अग्रेसिव टेस्टिंग करने का तरीका अपनाया। जहां बाकी स्टेट कम टेस्ट कर रहे थे, वहीं संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद दिल्ली में कोविड जांच बढ़ाने का फैसला किया गया। जहां एक समय पांच से सात हजार जांच हो रही थी, वहां अब एक दिन में 20 हजार से ज्यादा जांच की जा रही है। जून में दिल्ली में न केवल मौत बल्कि संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे थे। लेकिन जुलाई में दोनों ही स्थिति में काफी सुधार देखा गया। होम आइसोलेशन की नीति भी सफल टेस्टिंग के अलावा, दिल्ली सरकार के होम आइसोलेशन की रणनीति काफी सफल रही है, जिसे अब कई दूसरे राज्यों ने भी अपनाना शुरू कर दिया है। होम आइसोलेशन का फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक समय दिल्ली सरकार के इस फैसले से केंद्र तक सहमत नहीं थी, लेकिन दिल्ली सरकार इस पर अडिग रही और इससे होने वाले फायदे के बारे में अवगत कराती रही, जिसकी वजह से बाद में केंद्र ने भी इस रणनीति को सही माना। जून में एक समय मरीज को बेड नहीं मिलने की खबरों के बाद दिल्ली सरकार ने कोविड मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड रिजर्व करने का फैसला किया और अब दिल्ली में कोविड मरीजों के लिए 15 हजार से ज्यादा बेड रिजर्व कर दिए। अभी दिल्ली में सिर्फ 2800 बेड पर ही मरीज हैं, बाकी सभी बेड खाली है। पॉजिटिव रेट: दिल्ली में पॉजिटिव रेट में लगातार गिरावट हो रही है, अब दिल्ली में पॉजिटिव रेट सिर्फ 6 पर्सेंट रह गया है, जो पहले 11 पर्सेंट था। एक्टिव केस: लगातार मरीज के ठीक होने और संक्रमण रेट कम होने की वजह से एक्टिव मरीजों की संख्या में कमी आई है, अब दिल्ली में एक्टिव मरीज 10356 हैं, जो पहले 11904 थी। कुछ दिन पहले दिल्ली एक्टिव केस के मामले में पूरे देश में दूसरे जगह पर थी। अब यह 14 वें स्थान पर है। रिकवरी रेट: पिछले हफ्ते यह 87.95 पर्सेंट था, जो अब 89.57 पर्सेंट हो गया है। जबकि राष्ट्रीय औसत सिर्फ 65.43 पर्सेंट है। 79 पर्सेंट बेड बेड खाली: दिल्ली में अभी कुल 79 पर्सेंट बेड खाली हैं। यानी केवल 21 पर्सेंट बेड पर ही मरीज हैं और इनकी संख्या सिर्फ 2886 है। मौत में कमी: पिछले हफ्ते दिल्ली में कुल 199 मरीजों की मौत हुई थी, जो इस हफ्ते कम होकर 177 हो गई है।
नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain ) पर दिल्ली दंगों (Delhi Riots) को लेकर पुलिस ने विस्फोटक दावे किए हैं। पुलिस के मुताबिक हुसैन ने कहा कि वह हिंदुओं को सबक सिखाना चाहता (Wanted to Teach Hindus a Lesson ) था। बकौल दिल्ली पुलिस उसने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के दौरान कुछ बड़ा करना चाहता था। फरवरी महीने में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के बीच हुए इस दंगे में कई लोगों की जान गई थी। दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के आधार पर ताहिर का कबूलनामा जारी किया है। जानिए इसमें क्या-क्या बताया गया है.. हिंदुओं को सिखाना चाहता था सबक' दिल्ली पुलिस की स्पेशल जांच टीम (SIT) की ओर से जारी ताहिर के कबूलनामे में लिखा गया है कि वह हिंदुओं को सबक सिखाना चाहता था। दिल्ली पुलिस के दावे के मुताबिक उसने कहा कि वह अपने राजनीतिक ताकत और पैसे का इस्तेमाल कर काफिरों को सबक सिखाना चाहता था। उसने कहा कि वह उत्तर-पूर्व दिल्ली में हुई हिंसा का मास्टरमाइंड था। 'मुझे तैयारियां तेज करने को कहा गया' हुसैन ने पुलिस को बताया कि ट्रंप की यात्रा के दौरान CAA के खिलाफ लोगों को सड़कों पर उतरने की अपील की थी। जिसके बारे में मुझे खालिद सैफी ने बताया था और मुझे भी अपनी तैयारियों को तेज करने को कहा था। साथ ही तेजाब का इंतजाम करने को भी कहा, जिसे काफिरों और पुलिसवालों पर फेका जाएगा। कबाड़ियों से दोगुनी कीमत पर खरीदी खाली बोतलें आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ने बताया कि सैफी के कहने के बाद उसने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी। हुसैन ने कहा कि उसने कबाड़ियों से दोगुनी कीमत पर खाली बोतलें खरीदनी शुरू कर दी। 'छत पर तेजाब भी रखवाया' छत पर तेजाब करवाने के लिए भी हुसैन ने चाल चली। उसने पुलिस को बताया, 'मैंने काबड़ियों से ही अपनी छत और छज्जा साफ करवाने के नाम पर तेजाब की व्यवस्था करने को कहा और उन्हीं से काफी मात्रा में बोतलों में और प्लास्टिक के केन में तेजाब खरीदकर घर के एक कमरे में जमा कर लिया था। दिल्ली पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे दिल्ली पुलिस की जांच (Delhi Riots Investigation ) में खुलासा हुआ कि हुसैन ने भारी मात्रा में एसिड, पेट्रोल, डीजल और पत्थर अपने छत पर जमा किया था। उसने दंगे में इस्तेमाल करने के लिए पुलिस स्टेशन से अपनी पिस्टल भी ली थी। हुसैन ने पुलिस को बताया, 'अपनी योजना के तहत 24 फरवरी को हमने कई लोगों को बुलाया और उन्हें बताया कि कैसे पत्थर, पेट्रोल बम और एसिड बोतल फेंकना है। मैंने अपने परिवार को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। 24 फरवरी 2020 को दोपहर करीब 1.30 बजे हमने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।'
गाजियाबाद, 02 अगस्त 2020, गाजियाबाद के लोनी कोतवाली क्षेत्र में 17-18 जून की रात दिल्ली के रहने वाले एक ऑटो चालक की चाकू गोदकर हत्या कर दिए जाने की वारदात हुई थी. घटना के डेढ़ महीने बाद तक हाथ-पांव मारती रही गाजियाबाद पुलिस ने अब इस हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है. गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक दो युवकों ने किराए के 200 रुपये न होने पर ऑटो चालक की हत्या कर दी थी. दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है. गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कलानिधि नैथानी ने इस घटना का खुलासा करते हुए कहा कि 17/ 18 जून की देर शाम दिल्ली के रहने वाले मोहिद्दीन नाम के एक ऑटो चालक की लोनी इलाके में चाकू गोदकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड का खुलासा करने और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए एसपी देहात नीरज कुमार जादौन के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था. एसएसपी के मुताबिक विशेष टीम ने मोहिद्दीन की हत्या के मामले में आरोपी मोनू और आफताब नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे दिल्ली से लोनी के लिए मोहिद्दीन के ऑटो में बैठे थे. इनके पास किराए के पैसे नहीं थे. इन्हें मोहिद्दीन को 200 रुपये किराया देना था. वे ऑटो से उतरकर भागने लगे. जिसका मोहिद्दीन ने विरोध किया. उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में यह खुलासा किया कि इसी बात को लेकर दोनों ने मोहिद्दीन को चाकू गोदकर मौत के घाट उतार दिया और मौके से फरार हो गए. एसएसपी ने इस मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 15000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि हत्यारोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे, जिससे इस मामले का खुलासा पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया था. इलाके के कई अपराधियों और मुखबिर से मिली जानकारी को आधार बनाकर पुलिस आरोपियों तक पहुंची. गौरतलब है कि ऑटो चालक की हत्या करने के बाद उसका शव ऑटो के पास ही फेंक दिया गया था.
नई दिल्ली, 31 जुलाई 2020,देश इन दिनों कोरोना वायरस की समस्या से लड़ रहा है. वहीं राजधानी दिल्ली में मॉनसून की बारिश से होने वाले जलभराव से भी समस्या पैदा हो जाती है. अब मिंटो ब्रिज जलभराव में हुई मौत के बाद दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार आमने-सामने आ चुके हैं. राघव चड्ढा और आतिशी मार्लेना के बयान के बाद तनातनी और बढ़ गई है. दरअसल, फंड क्राइसिस से दिल्ली नगर निगम के खिलाफ आरोप लगाते हुए दोनों नेताओं ने कहा था, 'आम आदमी पार्टी शासित दिल्ली सरकार ने तो दिल्ली नगर निगम को पूरा फंड दिया है. मगर निगम के पार्षद इस फंड को खा गए और निगम के कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिल रहा है.' इस मामले पर नॉर्थ दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश ने कहा कि दिल्ली सरकार पहले यह बताए कि सरकार ने जो सैनिटाइजेशन के लिए मशीनें जापान से मंगवाई थीं, वो कहां गईं. वर्ष 2018-19 में स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा इन तीन विभागों में ही केवल वेतन पर 2421 करोड़ रुपये खर्च आया और केवल 1606 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार ने हमें दिया था. उन्होंने कहा कि इन्हीं तीन विभागों के लिए वर्ष 2019-20 में दिल्ली सरकार ने हमें 1561 करोड़ रुपये दिया है और हमारा खर्च 1790 करोड़ रुपये हुआ है. इस वित्तीय वर्ष 2020-21 के पहली और दूसरी तिमाही का लगभग 1180 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार ने अभी तक निगम को नहीं दिया है. मानहानि का केस वहीं नेता सदन योगेश वर्मा ने कहा कि राघव चड्ढा, आतिशी मार्लेना ने माफी नहीं मांगी तो इन दोनों नेताओं के खिलाफ कोर्ट में एक करोड़ रुपये की मानहानि का केस किया जाएगा. वहीं उत्तरी निगम के 9000 शिक्षकों को 4 महीने से सैलरी नहीं मिली है. शिक्षक न्याय मंच के कुलदीप खत्री ने कहा कि 9000 उत्तरी निगम शिक्षक व्हाट्सऐप के जरिए ऑनलाइन पढ़ाई करवाने के काम को बंद कर देंगे.
नई दिल्ली, 31 जुलाई 2020,दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां की याचिका को खारिज कर दिया है. दिल्ली हिंसा मामले में यूएपीए कानून के तहत इशरत जहां को गिरफ्तार किया गया था. पटियाला हाउस कोर्ट ने पुलिस को इस मामले में जांच करने के लिए 60 दिन का अतिरिक्त समय और दे दिया था. इसी को आरोपी इशरत जहां ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए 20 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. बीते 26 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने हिंसा के आरोप में इशरत जहां को गिरफ्तार किया था. दिल्ली पुलिस ने निचली अदालत से जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगते हुए अदालत को बताया था कि खालिद सैफी इस्लामी उपदेशक और भगोड़े जाकिर नायक समेत कुछ और लोगों से विदेश में मुलाकात की थी. इस मुलाकात का मकसद आतंकी गतिविधियों के उनके एजेंडे को फैलाने के लिए पैसा इकट्ठा करने का था. इशरत को किसी गुप्त माध्यम से और खालिद सैफी को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के अलावा विदेशों से भी अवैध धन मिला था. हाई कोर्ट में इशरत जहां की अर्जी पर दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को दिए अपने हलफनामा में कहा कि अभी इस मामले में जांच जारी है. और निचली अदालत ने इन्ही दलीलों को सुनने के बाद पुलिस को 60 दिन का अतिरिक्त समय जांच के लिए दे दिया था.
नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने नई दिल्ली के लोधी एस्टेट इलाके में स्थित सरकारी बंगला गुरुवार को खाली कर दिया। प्रियंका से जुड़े सूत्रों ने बताया कि वह अभी कुछ दिन गुरुग्राम में रहेंगी और फिर मध्य दिल्ली इलाके के एक आवास में शिफ्ट हो जाएंगी। सूत्रों का कहना है कि प्रियंका ने मध्य दिल्ली में अपने रहने के लिए जो आवास तय किया है, उसकी रंगाई-पुताई और मरम्मत का काम चल रहा है। दरअसल. केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रियंका से नई दिल्ली स्थित सरकारी बंगला एक अगस्त तक खाली करने को कहा है। उसकी ओर से जारी आदेश में कहा गया कि एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद उन्हें मौजूदा आवास ‘35 लोधी एस्टेट’ खाली करना पड़ेगा क्योंकि जेड प्लस की श्रेणी वाली सुरक्षा में आवास सुविधा नहीं मिलती। सरकार ने पिछले साल नवंबर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी तथा उन्हें जेड-प्लस श्रेणी सुरक्षा दी थी। राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को मिला बंगला बलूनी को नई दिल्ली इलाके में वहीं '35 लोधी स्टेट' बंगला आवंटित हुआ है जिसमें प्रियंका पिछले कई सालों से रह रही थीं। बीजेपी सांसद अनिल बलूनी ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके परिवार को खुद को आवंटित हुए नए घर पर भोजन के लिए आमंत्रित भी किया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका और उनके परिवार की ओर से उनका निमंत्रण स्वीकार करने के बाद बलूनी उन्हें उत्तराखंड के खास पकवान जैसे 'मडुवा की रोटी' 'झंगोरे की खीर' और 'पहाड़ी रायता' परोसेंगे। उधर, प्रियंका गांधी ने बीजेपी MP अनिल बलूनी को नए घर की बधाई दी है। सूत्रों के अनुसार, बलूनी ने स्वास्थ्य के आधार पर अपने आवास में बदलाव के लिए अनुरोध किया था। कुछ समय पहले उनका कैंसर का इलाज किया गया था। हालांकि वे ठीक हो गए हैं, लेकिन उन्हें कई सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है। उनके वर्तमान आवास को उनके लिए पूरी तरह से उपयुक्त नहीं माना गया है।
नोएडा उत्तर प्रदेश के नोएडा में आम्रपाली के बायर्स के लिए अच्छे दिनों की शुरुआत होने लगी है। गुरुवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आम्रपाली की गोल्फ होम्स किंग्सवुड साइट पर कोर्ट रिसीवर आर. वेंकट रमानी और एनबीसीसी के अधिकारियों ने बायर्स और कॉन्ट्रैक्टर की मौजूदगी में हवन और पूजा की। इसके साथी ही अधूरे निर्माण को पूरा कराने के लिए यहां काम शुरू हो गया। नैशनल बिल्डिंग कंस्ट्रेक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) ने यहां की अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए टेंडर जारी किए थे। सेंचुरियन पार्क की ओ-2 वैली, लेजर वैली में विला और ड्रीम वैली के विला में काम शुरू हो चुका है। लेजर वैली की आदर्श आवास योजना, वैरोना हाइट्स, सेंचुरियन पार्क स्थित टेरेस होम और ट्रॉपिकल गार्डन में अधूरा कार्य पूरा कराने के लिए कॉन्ट्रेक्टरों से 5 अगस्त तक आवेदन मांगे गए हैं। छह महीने से तीन साल के बीच देंगे कब्जा ड्रीम वैली और ड्रीम वैली फेज-2 को पूरा कराने के लिए कॉन्ट्रैक्टर जल्द चुन लिया जाएगा। इनमें अगस्त-सितंबर से काम शुरू होने की उम्मीद है। गुरुवार को गोल्फ होम्स किंग्सवुड साइट पर हवन कर विधिवत तरीके से काम शुरू किया गया। हवन में मौजूद रहे एनबीसीसी के डायरेक्टर आरके अग्रवाल ने कहा है कि गुण्वत्ता के साथ परियोजना को पूरा कराया जाएगा। सभी परियोजनाओं में 6 माह से लेकर तीन साल के अंदर कब्जा देने का लक्ष्य है। उधर हवन में मौजूद रहीं बायर एवं बायर्स के संगठन नेफोमा की महासचिव रश्मि पांडेय ने कहा है कि अब सभी घर खरीदारों एक बार फिर से उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। अब लग रहा है कि हम सभी को अपने सपनों का आशियाना मिल सकता है। इस सपनों के आशियाने को पाने के लिए सभी आम्रपाली के घर ख़रीदार पिछले 10 सालों से जद्दोजहद कर रहे थे। घर के किराए और ईएमआई की दोहरी मार में सभी फंसे हुए हैं। खरीदारों ने जताई खुशी हवन में बायर्स ने प्रार्थना की है कि अब इस परियोजना में कोई विघ्न न पड़े। नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान ने कहा है कि ये सभी घर खरीदारों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। इससे आज खरीदारों के सपनो को पंख मिल गए हैं। बायर आदित्य अवस्थी ने कहा कि वर्षों से सभी घर खरीदार इस पल का इंतजार कर रहे थे। ये पहल सुप्रीम कोर्ट की वजह से आया है। इसके लिए वे कोर्ट के आभारी हैं। इस दौरान बायर टीके पाठक, योगेश कुमार त्यागी, भास्कर भसीन, अरुण कुमार, दिलीप और एसएम श्रीवास्तव आदि भी मौजूद रहे। बता दें कि आम्रपाली की अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए एनबीसीसी ने तीन ग्रुपों में बांटा है। इसके आधार पर पजेशन की संभावित तारीख तय कर दी गई है। जनवरी 2021 से घर पर कब्जा मिलना शुरू होगा। अगस्त 2023 तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली के सभी 42 हजार घर खरीदारों को कब्जा देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही एनबीसीसी ने अब बायर्स से पजेशन के आधार पर पेमेंट करने को भी कहा है। इसके लिए डिमांड लेटर पिछले माह जारी किए जा चुके हैं। 31 अगस्त तक पहली किश्त देनी होगी। ग्रेनो वेस्ट की सभी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए एनबीसीसी ने 6054.29 करोड़ रुपये का इस्टीमेट तैयार किया है।
चंडीगढ़, 24 जुलाई 2020,गृह मंत्रालय द्वारा डेजिग्नेटिड खालिस्तानी आतंकवादी घोषित होने और पंजाब के अमृतसर और कपूरथला में दो आपराधिक मामले दर्ज होने के बाद सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का आतंकवादी गुरपटवंत सिंह पन्नू बौखला गया है. गुरपटवंत की दर्जनों खालिस्तानी समर्थक वेबसाइटस और सोशल मीडिया अकाउंट्स सस्पेंड किए जाने के बाद अब वह सीधे रिकॉर्डेड फोन कॉल्स के जरिए खलिस्तान के नाम पर आतंकवाद फैला रहा है. भारत सरकार, पंजाब सरकार के अलावा पत्रकारों और पुलिस अधिकारियों को लगातार धमकियां दे रहा गुरपटवंत जब पंजाब और हरियाणा में रेफरेंडम 2020 के लिए समर्थन हासिल नहीं कर पाया तो उसने रिकॉर्डिंग कॉल्स का सहारा लेना शुरू कर दिया. पाकिस्तान से भी आ रही कॉल्स कभी न्यूयॉर्क, कभी बेल्जियम तो कभी पाकिस्तान से फोन कॉल करवाई जा रही है. पंजाब और हरियाणा के लाखों लोगों को प्रतिदिन तीन से चार बार फोन कॉल्स आ रही है. इन रिकॉर्डेड फोन कॉल्स में गुरपटवंत पंजाब को भारत से आजाद करवाने की बात करता है. यही नहीं, जब यह आतंकवादी लोगों से समर्थन नहीं जुटा पाया तो उसने लोगों को पैसों का लालच देना भी शुरू कर दिया. पहले कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों को 5,000 रुपये देने का लालच दिया गया और अब सैनिकों को वेतन के अलावा 5,000 रुपये अतिरिक्त देने का लालच दिया जा रहा है. पंजाब के नेताओं के निशाने पर गुरपटवंत सिंह पन्नू हाल ही डेजिग्नेटिड आतंकवादी घोषित होने के बाद अब खालिस्तानी आतंकवादी गुरपटवंत पंजाब के राजनेताओं के निशाने पर भी है. भारतीय जनता पार्टी के नेता विनीत जोशी ने सीधे तौर पर कहा कि गुरपटवंत सिंह पन्नू न तो खुद एक सिख है न उसके पास सिख होने की कोई पहचान है. वह खालिस्तान के नाम पर सिखों की पहचान को दागदार कर रहा है. उन्होंने कहा कि कहने को उसके संगठन का नाम सिखस फॉर जस्टिस है लेकिन असल में वह सिखों के साथ अन्याय कर रहा है. उसे न तो पंजाब से कुछ लेना देना है और न सिखों से. वह सिर्फ खालिस्तान खाली के नाम पर आईएसआई और विदेशों में बैठे कुछ लोगों से पैसा ऐंठ रहा है. जोशी के मुताबिक यह आतंकवादी अब तक रेफरेंडम 2020 के नाम पर बड़े-बड़े होटलों में ठहर कर अपने साथियों के साथ मौज करता आया है. उधर आम आदमी पार्टी के सहअध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के लोग खलिस्तान और आतंकवाद दोनों को नकार चुके हैं . गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा चलाए जा रहे रेफरेंडम 2020 की कोई रेलीवेंस नहीं है. वह सिर्फ और सिर्फ खालीस्तान के नाम पर लूटपाट कर रहा है. अमन अरोड़ा ने कहा कि गुरपतवंत सिंह पन्नू आईएसआई का एजेंट है और वह विदेश में बैठे लोगों से राजनीतिक शरण के नाम पर पैसा इकट्ठा करता है. सीमित हो गई खालिस्तान की मांग दूसकी ओर, पंजाब के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और भारत के खुफिया तंत्र से जुड़े सूत्रों के मुताबिक खालीस्तान का मुद्दा अब ठंडा पड़ चुका है और कुछ मुट्ठी भर लोग इसे सोशल मीडिया पर जिंदा रखने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सरकार खालिस्तान समर्थकों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और बार-बार उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. पहले सिख्स फॉर जस्टिस पर प्रतिबंध लगा दिया गया और बाद में गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित कर दिया गया. अब तक खालिस्तान समर्थित दर्जनों वेबसाइटस को ब्लॉक किया जा चूका है. हाल ही पन्नू ने रूस से भी एक वेबसाइट चलाने की कोशिश की लेकिन उसे भी ब्लॉक कर दिया गया. यही नहीं उसके दर्जनों सोशल मीडिया खतों को भी ब्लॉक कर दिया गया लेकिन वह फर्जी नाम से ट्विटर अकाउंट बना कर लगातार भड़काऊ सन्देश लोगों तक पहुंचा रहा है. इस बीच पंजाब और हरियाणा के बाद अब दिल्ली के लोगों को भी अवांछित फोन कॉल की जा रही है. लोगों ने भारत सरकार और ट्राई से आग्रह किया है कि विदेश से की जा रही ऐसी कॉल्स को ब्लॉक कराया जाए.
नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना किस हद तक फैला है इसकी रिपोर्ट आ गई है। सीरो सर्वे से पता चला है कि दिल्ली की 23.48 फीसदी आबादी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुकी है। इसका एक मतलब यह भी है कि दिल्ली के हर चौथे शख्स में एंटीबॉडीज डिवेलप हो चुकी है। बता दें कि दिल्ली में कोरोना के मामलों में अब गिरावट आ रही है। एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया भी कह चुके हैं कि दिल्ली में कोरोना संभवत अपने पीक पर पहुंच चुका है। ऐसे में अब दिल्ली के के हर्ड इम्युनिटी हासिल करने यानी कोरोना प्रूफ होने की उम्मीद बढ़ गई है। सीरो सर्वे का यह ताजा डेटा केंद्र सरकार की हेल्थ मिनिस्ट्री ने जारी किया है। सीरो सर्वे 27 जून से 10 जुलाई के बीच हुआ था। इसे नैशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC) और दिल्ली सरकार ने मिलकर किया था। सर्वे में यह भी आया है कि ज्यादातर लोग बिना लक्षण वाले हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री ने जताई राहत डेटा जारी करते हुए हेल्थ मिनिस्ट्री ने राहत जताई। कहा कि महामारी के 6 महीने बीत जाने के बाद भी दिल्ली में 23.48 फीसदी लोग ही इसकी चपेट में हैं। सरकार ने कहा कि ऐसा कोरोना लॉकडाउन लगाने, कंटेनमेंट जोन बनाने की वजह से हुआ है। लोगों के सहयोग की भी तारीफ की गई है। कैसे हुआ था सीरो सर्वे सीरो सर्वे में दिल्ली के सभी 11 जिलों को कवर किया गया। सर्वे में शामिल टीमों ने सहमति लेने के बाद कुछ चुनिंदा लोगों के खून के नमूने लिए। इसके बाद इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकर रिसर्च के मानकों के मुताबिक ऐंटिबॉडी टेस्ट किया गया। इस सर्वे में लैब स्टैंडर्ड के मुताबिक 21 हजार 387 सैंपल जमा किए गए। इस टेस्ट की मदद से यह जाना गया कि आखिर कितने लोगों के अंदर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए ऐंटिबॉडी तैयार हो चुकी है। इस सर्वे में एंटीबॉडीज का रैपिड टेस्ट करके पता लगाया गया कि शख्स में कोरोना एंटीबॉडी बनी है या नहीं। इससे पता लगता है कि क्या शख्स कभी कोरोना के संपर्क में आया था या नहीं। सीरो सर्वे के रिजल्ट में कई अहम तथ्य सर्वे में इस बात का भी पता चला कि ज्यादातर संक्रमित व्यक्ति एसिम्पटोमेटिक थे। सर्वे के अनुसार, राजधानी की घनी आबादी के बाद भी महज 23.48 फीसदी लोग ही इस जानलेवा वायरस से प्रभावित हुए। -सर्वे में यह भी कहा गया है कि अभी भी राज्य की बड़ी आबादी असुरक्षित है। इसलिए ऐहतियाती कदम लगातार जारी रखने की जरूरत है। फिजकल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क समेत साफ-सफाई का ख्याल रखना जरूरी है। क्या है हर्ड इम्यूनिटी हर्ड इम्युनिटी मेडिकल साइंस का एक बहुत पुरानी प्रक्रिया है। इसके तहत देश की आबादी का एक तय हिस्से को वायरस से संक्रमित कर दिया जाता है। ताकि वो इस वायरस से इम्यून हो जाएं। यानी उनके शरीर में वायरस को लेकर एंटीबॉडीज बन जाएं। इससे भविष्य में कभी भी वो वायरस परेशान नहीं करेगा। अगर राजधानी की 60-70 फीसदी आबादी कोरोना से पीड़ित हो जाए और लोगों में इसका एंटीबॉडी बन जाए। जब वायरस एक शरीर से दूसरे शरीर में ट्रांसफर होगा तो उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होते जाती है और धीरे-धीरे यह खत्म हो जाता है। ऐसे में कमजोर वायरस को फिर से फैलने के लिए किसी मजबूत वायरस की जरूरत पड़ती है। हालांकि हर्ड इन्यूनिटी पर अभी भी विशेषज्ञों में मतभेद हैं और कई विशेषज्ञ तो इसे खतरा भी बताते हैं।
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में आज कोरोना वायरस को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बीते 24 घंटे में 954 मामले सामने आए हैं। 27 मई के बाद पहली बार 24 घंटे में एक हजार से कम मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में जून और जुलाई को हर दिन तीन हजार से ज्यादा मरीज सामने आ रहे थे। रिकवरी रेट अब 84.78 फीसदी दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार राजधानी में रिकवरी रेट अब 84.78 फीसदी हो गई है और डेथ रेट 2.96 फीसदी है। देश की राजधानी में कोरोना वायरस धीमे-धीमे काबू में आ रहा है। टेस्टिंग, कॉन्‍टैक्‍ट ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट में सुधार से दिल्‍ली में कोविड-19 का इन्‍फेक्‍शन रेट 6 प्रतिशत से कम हो गया है। रविवार को दिल्‍ली से 1,211 नए मरीज सामने आए थे जुलाई में इन्‍फेक्‍शन की दर लगातार कम होती जा रही है और अब यह 10 प्रतिशत से भी नीचे पहुंच गई है। राहत की बात यह है कि पिछले 30 दिनों में इन्‍फेक्‍शन की दर 18 प्रतिशत तक घट गई है। दिल्‍ली का रिकवरी रेट भी बढ रहा है। अब वह करीब 84% हो गया है जबकि डेथ रेट अब 2.95 पर्सेंट है। रविवार को दिल्‍ली से 1,211 नए मरीज सामने आए जिसके बाद टोटल केसेज 1,22,793 हो गए। दिल्ली में कोरोना की स्थिति दिल्ली में कोरोना कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 696 हो गई है। बीते 24 घंटे के दौरान दिल्ली में कोरोना से 35 लोगों की मौत भी हुई है। कोरोनावायरस के कारण मृतकों की कुल संख्या अब 36 सौ से अधिक हो चुकी है। दिल्ली सरकार की तरफ से सोमवार को जारी कोरोना बुलेटिन में कहा गया है, बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना से 35 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। दिल्ली में अभी तक कोरोना से कुल 3663 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है। आयुर्वेद से हार रहा है कोरोना दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि कोरोना को किस तरह योग और प्राणायाम से हरा सकते हैं। अनुलोम-विलोम, फेफड़ों में गहराई तक सांस लेने और खुल कर हंसने से हुआ काफी लाभ। प्राणायाम से स्ट्रेस लेवल भी कम होता है। आधा चम्मच हल्दी और 150 ग्राम गर्म दूध मिलाकर पिएं।
नई दिल्ली, 20 जुलाई 2020, भारत में कोरोना वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड शुरू हुआ है या नहीं, इस सवाल पर शुरुआत से ही बहस जारी है. बीते दिन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कम्युनिटी स्प्रेड की बात की थी, लेकिन अब एसोसिएशन अपनी बात से पलट गया है. IMA के द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि जो बयान जारी है, वह IMA हेडक्वार्टर का बयान नहीं है. जारी किए गए बयान में कहा गया है कि कम्युनिटी स्प्रेड को लेकर एजेंसी अपनी जांच के बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचेगी, क्राउड सोर्स के डाटा से आधिकारिक डेटा का हिसाब नहीं लगाया जा सकता है. बता दें कि रविवार को आईएमए हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरपर्सन डॉ वी के मोंगा ने कहा था कि देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है, जो बेहद खतरनाक स्थिति है. लेकिन अब IMA का कहना है कि जो भी बयान दिया गया है उसे निजी बयान ही माना जाए. वी के मोंगा ने अपने बयान में कहा था कि अगर रोज तीस हजार से अधिक केस आ रहे हैं और गांवों में केस मिल रहे हैं, तो मतलब भयावह स्थिति है. अब अपने ताजा बयान में IMA ने दावा किया है कि देश के कुछ शहरी इलाकों में कुछ क्लस्टर बने हैं, लेकिन ग्रामीण इलाके में किसी तरह का कोई क्लस्टर नहीं दिखा है. क्योंकि ग्रामीण इलाकों में लोग खुले इलाके में रहते हैं, ऐसे में वायरस फैलने का खतरा कम होता है. दरअसल, कम्युनिटी स्प्रेड को लेकर कई बार सरकार और राज्य सरकारों में मतभेद देखने को मिले हैं. दिल्ली सरकार कई बार दिल्ली में कम्युनिटी स्प्रेड की बात कह चुकी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने नकार दिया था. अब रविवार को आए IMA के बयान के बाद एक बार फिर इस पर चर्चा शुरू हुई है.
भारत में कोरोना की दूसरी सबसे बुरी मार झेलनी वाली दिल्‍ली ने जीत हासिल करनी शुरू कर दी है। गुरुवार लगातार छठा दिन रहा, जब देश की राजधानी में नए केसेज की संख्‍या 2,000 से कम रही। दिल्‍ली सरकार के मुताबिक, गुरुवार को 1,652 नए केस आए और 58 लोगों की मौत हुई। यहां कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्‍या ऐक्टिव केसेज का 5 गुना हो गई है। मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, 15 जुलाई तक दिल्‍ली में सवा दो लाख केस होने की आशंका थी मगर 1.15 लाख केस ही हुए। केंद्र सरकार ने लगातार मॉनिटरिंग के जरिए दिल्‍ली के हालात पर नजर बनाए रखी। इस बीच कुछ कदम ऐसे उठाए गए जिनकी वजह से दिल्‍ली कोरोना पर काबू पाने में कामयाब रही। जून के मुकाबले आधा हो गया पॉजिटिविटी रेट सबसे ज्‍यादा केसेज वाले राज्‍यों/केंद्रशासित प्रदेशों में दिल्‍ली ही ऐसा है जहां पॉजिटिव केसेज सामने आने की दर घटी है। 2 से 15 जुलाई के बीच दिल्‍ली का पॉजिटिविटी रेट 15% रहा है। इससे पहले 19 जून से 2 जुलाई के बीच यह 16.40% था। उससे पहले, कोरोना के सबसे बुरे दौर में 5 जून से 18 जून के बीच दिल्‍ली का पॉजिटिविटी रेट 30% के करीब पहुंच गया था। दिल्‍ली में फ्लैट होने के करीब कोरोना कर्व दिल्‍ली में आरटी वैल्‍यू यानी एक केस से कितने लोग इन्‍फेक्‍ट हो सकते हैं, वो गिर गया है। अगर यह 1 से कम हो तो माना जाता है कि कोरोना काबू में है। भारत में दिल्‍ली की आरटी वैल्‍यू अंडमान एंड निकोबार (0.88) के बाद सबसे कम (0.89) है। यानी दिल्‍ली में कोरोना का कर्व फ्लैट हो रहा है। दिल्‍ली का रिकवरी रेट 82% से ज्‍यादा गुरुवार को दिल्‍ली से 1,652 नए मामले सामने आए। टोटल केसेज की संख्‍या 1.18 लाख से ज्‍यादा हो चुकी है। राजधानी में ऐक्टिव केसेज की संख्‍या 17,407 हो चुकी है और अबतक 97,693 मरीज ठीक हुए हैं। यानी दिल्‍ली में कोविड-19 का रिकवरी रेट 82.3 पहुंच चुका है। चार गुना तक बढ़ गई टेस्टिंग दिल्‍ली में जून के पहले हफ्ते बहुत ज्‍यादा केसेज आ रहे थे। उस वक्‍त रोज करीब 5 से 6 हजार टेस्‍ट होते थे। फिर गृह मंत्रालय ने टेस्टिंग पहले दो गुनी और तीन गुनी करने का प्‍लान बनाया। रैपिड ऐंटीजेन किट का इस्‍तेमाल भी शुरू किया गया। अब दिल्‍ली में रोज 21 हजार-23 हजार टेस्‍ट रोज हो रहे हैं। दिल्‍ली में अब 15 हजार से ज्‍यादा बेड्स उपलब्‍ध दिल्‍ली कोरोना की सेकेंड वेव से भी निपटने को तैयार है। जून के पहले हफ्ते में जहां सिर्फ 700 कोरोना बेड्स थे, वहीं आज यह आंकड़ा 15 हजार के पार पहुंच गया है। अच्‍छी बात ये है कि इनमें से 10 हजार से ज्‍यादा बेड खाली हैं। दिल्‍ली सरकार ने एक ऐप भी लॉन्‍च की है जिससे लोग अस्‍पतालों में बेड की उपलब्‍धता चेक कर सकते हैं। पल्‍स ऑक्‍सीमीटर्स से मौतें रुकीं : केजरीवाल दिल्‍ली कोरोना की सेकेंड वेव से भी निपटने को तैयार है। जून के पहले हफ्ते में जहां सिर्फ 700 कोरोना बेड्स थे, वहीं आज यह आंकड़ा 15 हजार के पार पहुंच गया है। अच्‍छी बात ये है कि इनमें से 10 हजार से ज्‍यादा बेड खाली हैं। दिल्‍ली सरकार ने एक ऐप भी लॉन्‍च की है जिससे लोग अस्‍पतालों में बेड की उपलब्‍धता चेक कर सकते हैं। पल्‍स ऑक्‍सीमीटर्स से मौतें रुकीं : केजरीवाल NBT सीएम केजरीवाल ने रविवार को कहा था कि दिल्‍ली में कोविड-19 मरीजों की मौतें कम करने में पल्‍स ऑक्‍सीमीटर्स से मदद मिली है। उन्‍होंने इसे 'सुरक्षा कवच' करार दिया था। उन्‍होंने कहा था कि 'अगर मरीज देखता है कि उसकी ऑक्‍सीजन कम हो रही है तो वो हमें बताता है। हम या तो उनके घर पर ऑक्‍सीजन भेज देते हैं या फिर अस्‍पताल में भर्ती कर लेते हैं। प्‍लाज्‍मा बैंक बनाए, एम्‍बुलेंस टाइम कम हुआ दिल्‍ली में कोविड-19 मरीजों के लिए प्‍लाज्‍मा थिरेपी शुरू की गई। कुल 84 मरीजों का इस तरीके से इलाज हुआ जिसमें से 80 ठीक हो गए। दिल्‍ली में दो प्‍लाज्‍मा बैंक तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा एम्‍बुलेंस का रेस्‍पांस टाइम भी दो घंटे से घटकर 30 मिनट तक आ गया है। दिल्‍ली के होम आइसोलेशन मॉडल ने भी हल्‍के लक्षणों वाले और एसिम्‍प्‍टोमेटिक पेशंट्स के इलाज में मदद की है।
नई दिल्ली, 15 जुलाई 2020,देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों के बीच इस महामारी से लड़ाई जारी है. इस बीच अब IIT दिल्ली ने एक नई टेस्टिंग किट को लॉन्च किया है. इस टेस्टिंग किट को बुधवार को ही लॉन्च किया गया है, जो सस्ते दामों में जल्द ही मार्केट में उपलब्ध होगी. मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत बनी इस किट की कीमत सिर्फ 399 रुपये है, हालांकि बाजार पहुंचते हुए इसकी कीमत 650 रुपये तक हो जाएगी. IIT दिल्ली की ओर से दावा किया गया है कि इस किट से 3 घंटे के अंदर कोरोना वायरस टेस्ट का रिजल्ट सामने आ जाएगा. ऐसे में अगर ये सफल होती है तो टेस्टिंग के मामले में एक बड़ी सफलता मिल सकती है. आईआईटी दिल्ली की ओर से जो कोरोना जांच किट लॉन्च की गई है, उसके दाम इस प्रकार हैं... टेस्ट किट: 399 RNA किट: 150 बाजार में किट की कीमत: 650 इसके अलावा अभी एक किट को तैयार किया जा रहा है. दावा किया गया है कि इस किट का दाम इसलिए कम है, क्योंकि इस टेस्ट के बाद दूसरी जांच की जरूरत नहीं होगी. जैसे अभी एंटीजन टेस्ट में नेगेटिव आने के बाद एक और RTPCR टेस्ट करना पड़ता है. आईआईटी दिल्ली की ओर से अब किट को बनाने की तकनीक को न्यूटेक मेडिकल डिवाइस के साथ साझा किया जा रहा है, जिसके बाद हर महीने बीस लाख टेस्ट किए जा सकेंगे. आपको बता दें कि देश में जब से कोरोना वायरस का संकट आया है, उसके बाद से कई मामलों में मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया गया है. पहले सभी टेस्टिंग किट और टेस्टिंग के टूल को बाहर से मंगाया जा रहा था. लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ने लगी, तो इन्हें भारत में बनाया जाना शुरू हुआ. अब भारत में कई प्रकार से कोरोना वायरस का टेस्ट किया जा रहा है, जिसमें RTPCR, एंटीजन, पूल टेस्टिंग की तकनीक शामिल हैं. भारत अब पीपीई किट, मास्क, टेस्टिंग किट, वेंटिलेटर सभी देश में ही बना रहा है.
नई दिल्ली, 14 जुलाई 2020,दिल्ली में रतन लाल मर्डर केस की चार्जशीट में सफूरा जरगर का नाम कई बार आया है. आरोपपत्र में पहला आरोप है कि वह 23 फरवरी को चांद बाग से राजघाट तक अवैध मार्च के मुख्य आयोजकों में से एक थी, जिसे रोक दिया गया. बाद में 24 फरवरी को दंगों की योजना बनाते हुए गुप्त बैठकें भी आयोजित की गईं. स्पेशल सेल की ओर से मामले की जांच के दौरान यह पाया गया है कि दिसंबर में हुए नॉर्थ ईस्ट के दंगों के साथ एक संबंध है जो बाद में दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में फैल गया. इसमें चांद बाग में दंगा भी शामिल था. जेसीसी नामक संगठन ने अपने उद्देश्य को पाने के लिए सभी विरोध स्थलों का इंतजाम किया था और हर स्थल की निगरानी जेसीसी के सदस्यों द्वारा की जा रही थी. जांच के दौरान यह पाया गया है कि जेसीसी प्रतिनिधि के तौर पर सफूरा जरगर चांद बाग मजार स्थल गई थी और उसने प्रदर्शनकारियों को भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. यही वजह है कि सफूरा को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था जोकि अब जमानत पर है. वर्तमान मामले में सफूरा की भूमिका की जांच की जा रही है और पूरक चार्जशीट के माध्यम से उसी के बारे में रिपोर्ट दायर की जाएगी. दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक डीएस बिंद्रा ने सीएए प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने के लिए लंगरों की स्थापना की थी. चार्जशीट में कहा गया है कि यह काम एक सक्रिय किरदार ही नहीं बल्कि लोगों के साथ भागीदारी करने और भड़काने वाला भी था. चार्जशीट में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि डीएस बिंद्रा दंगों के उन भड़काने वालों में से एक थे, जिन्होंने रतन लाल की हत्या की थी. आरोप पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि षड्यंत्रकारी "पूरी तरह से जानते थे कि हिंसा भड़क सकती है और तब भी प्रदर्शनकारियों को हथियार उठाने लिए उकसा रहे थे''.
नई दिल्ली, 14 जुलाई 2020, दिल्ली हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में हलफनामा दायर किया है. इस हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता कपिल मिश्रा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, सांसद प्रवेश वर्मा और अभय वर्मा के खिलाफ अभी तक कोई केस नहीं बनता. दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में दायर किए गए हलफनामे में कहा है कि हिंसा में उनकी भूमिका को लेकर अब तक कोई सबूत नहीं मिले हैं. पुलिस ने कहा कि कोई फ्रेश एफआईआर दर्ज करने की जरूरत नहीं है. अगर आगे कोई सबूत मिला तो जांच की जाएगी. दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को यह भी बताया है कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मनीष सिसोदिया, वारिस पठान, प्रियंका गांधी और अमानतुल्ला खान की ओर से दिए गए बयानों की जांच की गई है. इनके बयानों का दंगों से कोई संबंध मिला तो कार्रवाई होगी. इनके खिलाफ भी अब तक कोई सबूत नहीं मिला है. वारिस पठान, सलमान खुर्शीद, असदुद्दीन ओवैसी के नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे लोगों को भड़काने के मामले में भी जांच चल रही है. दिल्ली पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा है कि यदि कोई सबूत मिला तो कार्रवाई होगी. पुलिस ने बिना किसी भय के बहुत जल्दी ,बहुत प्रभावी कार्रवाई करने का दावा करते हुए हलफनामें में कहा है कि इससे कुछ दिन में ही हिंसा रुक गई और एक सीमित इलाके तक ही हिंसा हुई. बिना पक्षपात किए कार्रवाई की गई. दिल्ली पुलिस ने हलफनामे में विस्तार से बताया है कि यह हिंसा एक गहरी और सुनियोजित साजिश के तहत कराई गई.
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले भले ही एक लाख से ऊपर पहुंच चुके हों, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के लिए इस मोर्चे पर एक बहुत ही अच्छी खबर है। कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में दिल्ली इकलौता ऐसा क्षेत्र है जहां पिछले एक हफ्ते से ऐक्टिव केसों की संख्या घटरही है। एक हफ्ते में दिल्ली में 18 प्रतिशत घटे ऐक्टिव केस 3 जुलाई को दिल्ली में ऐक्टिव केस 26,304 थे जो 10 जुलाई की सुबह 18 प्रतिशत घटकर 21,567 पर आ गए। खास बात यह है कि इसी अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर ऐक्टिव केसों की संख्या में 21.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। एक हफ्ते पहले के मुकाबले देश में ऐक्टिव केसों की संख्या में करीब 50 हजार की बढ़ोतरी हुई है। हरियाणा, तमिलनाडु में ऐक्टिव केस की रफ्तार हुई कम दिल्ली के अलावा हरियाणा और तमिलनाडु में भी स्थिति में सुधार हुआ है। यहां ऐक्टिव केस घटे तो नहीं हैं, लेकिन उनके बढ़ने की दर राष्ट्रीय स्तर से धीमी है। दूसरी तरफ, महाराष्ट्र में ऐक्टिव केसों के बढ़ने की दर राष्ट्रीय औसत के ही करीब है। कर्नाटक में 89%, 5 अन्य राज्यों में 50% से ज्यादा उछाल पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों को देखें तो 6 राज्य ऐसे हैं जहां ऐक्टिव केसों में इस दौरान 50 प्रतिशत से ज्यादा इजाफा हुआ है। पिछले एक हफ्ते में कर्नाटक में ऐक्टिव केस 89 प्रतिशत बढ़े हैं जो बड़े राज्यों में सबसे ज्यादा इजाफा है। असम और ओडिशा में भी एक हफ्ते में कोरोना के ऐक्टिव मामलों में 80 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। बात बिहार की करें तो यहां ऐक्टिव केस 69 प्रतिशत बढ़े हैं। यूपी और राजस्थान में भी एक हफ्ते में इनमें 50 प्रतिशत से थोड़े ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। कमजोर हेल्थ इन्फ्रा वाले राज्यों में बढ़ते केस चिंता की बात जिन 6 राज्यों में तेजी से ऐक्टिव केस बढ़ रहे हैं, उनमें कर्नाटक ही ऐसा राज्य है जहां हेल्थकेयर इन्फास्ट्रक्चर की स्थिति थोड़ी बेहतर है। वहां शहरीकरण भी बाकी 5 राज्यों के मुकाबले ज्यादा है। इसका सीधा सा मतलब है कि बाकी 5 राज्यों में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर की खराब स्थिति चिंता बढ़ाने वाली बात है। अगर इन राज्यों में ऐक्टिव केस इसी तरह बढ़ते रहे तो इनके लिए इस स्थिति से निपटना बहुत मुश्किल होगा। बड़े शहरों से अब छोटे शहरों और गांवों में शिफ्ट हो रही महामारी ऐक्टिव केसों के बढ़ने का अब राज्यों में जो पैटर्न दिख रहा है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। आंकड़े बता रहे हैं कि अब कोरोना वायरस महामारी बड़े शहरी केंद्रों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नै, अहमदाबाद) से छोटे शहरों और कुछ हद तक गांवों की तरफ शिफ्ट हो रही है, जहां पर्याप्त हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है। देश में कुल 2,83,407 ऐक्टिव केस, 24 घंटे में 27 हजार+ नए केस बात अगर पूरे देश में ऐक्टिव केसों की करें तो शनिवार सुबह तक यह आंकड़ा 2 लाख 83 हजार 407 है। यानी इतने मरीज अभी भी स्वस्थ नहीं हुए हैं। देश में कोरोना वायरस से संक्रमण का आंकड़ा 8 लाख को पार कर चुका है। पिछले 24 घंटे में 27,114 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब तक कोरोना संक्रमण के 8,20,916 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 5,15,386 ठीक हो चुके हैं जबकि 22,123 मरीजों की मौत हो चुकी है। ऐक्टिव केस में महाराष्ट्र टॉप पर ऐक्टिव मामलों की लिस्ट में 95,943 के साथ महाराष्ट्र टॉप पर है। इसके बाद तमिलनाडु, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और यूपी का नंबर है। ऐक्टिव केस का मतलब उन मरीजों से है, जिनका अभी इलाज चल रहा है, जो अभी ठीक नहीं हुए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या में ठीक हो चुके और नहीं बचाए जा सके संक्रमितों की संख्या को घटाने पर जो संख्या आती है, उसे ऐक्टिव केस कहा जाता है।
नई दिल्ली कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली सरकार ने तय किया है कि उनकी किसी स्टेट यूनिवर्सिटी में फिलहाल कोई एग्जाम नहीं (delhi state university exam cancel) होगा। इसमें फाइनल ईयर के एग्जाम भी शामिल हैं। लोगों को डिग्री यूनिवर्सिटी द्वारा तय मूल्यांकन मापदंडों के हिसाब से दी जाएगी। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज यह ऐलान किया। किन-किन यूनिवर्सिटी में नहीं होंगे एग्जाम दिल्ली सरकार की आईपी यूनिवर्सिटी, आंबेडकर यूनिवर्सिटी, डीटीयू व अन्य संस्थानों में नहीं होंगे एग्जाम। लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) से जुड़े दिल्ली सरकार के कॉलेजों के बारे में केंद्र को फैसला करना होगा। दिल्ली सरकार का मानना है कि ऐसे मे जिस सेमेस्टर को पढ़ाया नहीं गया, उसकी परीक्षा कराना मुश्किल है। सरकार का मानना है कि इस समय में बड़े फैसले लिए जाने है। इससे पहले एचआरडी मिनिस्ट्री ने सोमवार को ऐलान किया था कि यूनिवर्सिटीज में फाइनल इयर के एग्जाम सितंबर के आखिर में कराए जाएंगे। ये एग्जाम जुलाई में होने थे लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से उन्हें सितंबर के आखिर तक के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, यूजीसी की नई गाइडलाइंस के मुताबिक सितंबर में फाइनल इयर एग्जाम में हिस्सा न लेने वाले स्टूडेंट्स को एक दूसरा मौका मिलेगा और यूनिवर्सिटीज उनके लिए स्पेशल एग्जाम कराएंगी।
नई दिल्ली केंद्र सरकार की सक्रियता से दिल्ली-एनसीआर में कोविड-19 महामारी के प्रसार की गति स्थिर हुई है। यह कहना है केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रवक्ता पुण्य सलीला श्रीवास्तव का। उन्होंने कोरोना पर प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि स्थिति में सुधार के लिए लगातार उच्चस्तरीय बैठकें हो रही हैं जिनमें निए निर्णयों के आधार पर कई प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। श्राीवास्तव ने कहा, 'दिल्ली और एनसीआर में कोविड-19 की स्थिति में सुधार के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय संबंधित राज्यों के साथ लगातार बैठक कर रहा है। इन बैठकों में राष्ट्रीय स्तर के कई विशेषज्ञ शामिल होते हैं और कई प्रभावी निर्णय लिए गए हैं।' उन्होंने बताया कि दिल्ली में जांच की क्षमता बढ़ा दी गई है। 8 जुलाई तक 6 लाख, 79 हजार, 831 टेस्ट किए गए हैं। यानी, 10 लाख की आबादी पर 35,780 टेस्ट हुए हैं। अब प्रतिदिन लगभग 20 हजार से अधिक जांच की जा रही है। 9 जुलाई को दिल्ली में लगभग 23,452 ऐक्टिव केस हैं और रिकवरी रेट 72 प्रतिशत से ऊपर है। अब केस डबल होने में 29.7 दिन लग रहे हैं। श्रीवास्तव ने कहा, '1 जून को दिल्ली में 4,456 हॉस्पिटल बेड उपलब्ध थे और आज 15,096 बेड उपलब्ध हैं। 8 जुलाई को इनमें से लगभग 10,237 बेड खाली थे यानी लगभग 68 प्रतिशत। डीआरडीओ की तरफ से स्थापित सरदार वल्लभ भाई कोविड हॉस्पिटल ने देश में पहली बार लगभग 12 दिनों में ही दिल्लीवासियों को बेहतरीन सुविधाएं मुहैया करा दी हैं।' उन्होंने दिल्ली में 10 हजार बेड वाले कोविड केयर सेंटर के निर्माण की सराहना की। श्रीवास्तव ने कहा, 'राधास्वामी सत्संग, भारती-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और दिल्ली सरकार ने मिलकर 10 हजार बेड वाले कोविड सेंटर बनाने का अनूठा प्रयास किया है।' उन्होंने कहा कि 1 जुलाई, 2020 से अनलॉक 2 की नई गाइडलाइंस लागू हो चुकी हैं। इनके तहत कंटेनमेंट जोन के बाहर और अधिक गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, लेकिन 31 जुलाई तक कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन का सख्ती से पालन होगा। अब लगभग सभी आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी गई है तो सभी नैशनल गाइडलाइंस का पालन करना और जरूरी हो गया है।
नई दिल्ली दिल्ली दंगों में आरोपी निलंबित आप पार्षद ताहिर हुसैन पिंजरा तोड़ ग्रुप के साथ लगातार संपर्क में थे। दिल्ली पुलिस ने ये बात अपनी चार्जशीट में बताई। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली में भड़के दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अब तक 18 लोगों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में जामिया के छात्र, पिंजरा तोड़ ग्रुप से जुड़ी छात्राएं, कांग्रेस नेता, आप पार्षद समेत अन्य लोग शामिल हैं। लिखें पिंजडा तोड़ ग्रुप के साथ कनेक्शन दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि ताहिर हुसैन कथित रूप से पिंजरा तोड़ के सदस्यों और जेएनयू के छात्रों नताशा नरवाल और देवांगना कलिता के संपर्क में थे, जिन्होंने फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों को भड़काने में पूरा जोर लगाया था। दिल्ली पुलिस ने कहा, 'ताहिर हुसैन ने दो महिलाओं और कई अन्य लोगों के साथ कथित तौर पर 53 व्यक्तियों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं, अनगिनत निर्दोष व्यक्तियों को चोटें पहुंचाई और करोड़ों रुपये की संपत्तियों को नष्ट किया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन लोगों ने पूरे राष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाया। पुलिस की चार्जशीट में इनके नाम पूर्वी दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित एक मामले में पिछले महीने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट राकेश कुमार रामपुरी के समक्ष चार्जशीट दायर की गई थी और यह इस पर 20 जुलाई को सुनवाई की जाएगी। पुलिस की चार्जशीट में पता चला कि हुसैन कथित रूप से नरवाल और कलिता के संपर्क में था। वाजिद खान (कथित तौर पर शाहीन बाग़ के आयोजन में शामिल, हाजी बल्लो कथित रूप से खजूरी खास इलाके में सीएए के विरोधी प्रदर्शनों में शामिल, हाजी (कथित तौर पर चांद बाग़ क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन के आयोजन में शामिल) और हसीबुल हसन (कथित रूप से शामिल) जफराबाद क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन)। फरवरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में दस अन्य लोगों के साथ मुख्य आरोपी के रूप में ताहिर हुसैन का नाम चार्जशीट में रखा गया। क्या है पिंजरा तोड़ ग्रुप? पिंजरा तोड़ ग्रुप (Pinjra Tod Group) कॉलेज की छात्राओं का एक संगठन है, जिसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के नामी कॉलेजों की लड़कियां भी हैं। ये संगठन कॉलेज हॉस्टल के नियमों के खिलाफ काम करता है। दिल्ली में सीएए को लेकर हुई हिंसा में कई बार इस संगठन का नाम सामने आया है। इस ग्रुप में कॉलेज की मौजूदा छात्राएं तो होती ही हैं, साथ ही उस कॉलेज से पढ़कर निकल चुकी छात्राएं भी होती हैं। इस ग्रुप की छात्राओं की मांग होती है कि हॉस्टल और पीजी में महिला छात्रों पर कम से कम प्रतिबंध हों। इस ग्रुप की महिलाओं का तर्क होता है कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनके अधिकार नहीं छीनने चाहिए। महिलाओं को पूरी आजादी से जीने का हक होना चाहिए। कैसे बना पिंजरा तोड़ ग्रुप? जब 2015 में गर्मी की छुट्टियों के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी खुली तो जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्राओं ने एक नोटिस जारी किया, जिसके तहत लड़कियों को 8 बजे से बाद बाहर रहने की इजाजत नहीं थी। दिल्ली महिला आयोग ने इसका विरोध किया और पूछा कि यूनिवर्सिटी ने ऐसा फैसला क्यों लिया। उसी दौरान महिला छात्रों के एक समूह ने महिला आयोग की प्रतिक्रिया को देखते हुए अन्य यूनिवर्सिटी के नियम-कायदों पर भी सवाल उठाने शुरू किए। यहीं से पिंजरा तोड़ ग्रुप की शुरुआत हुई, जो छात्राओं पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों, उनके पीजी और हॉस्टल का किराया अधिक होने आदि के खिलाफ आवाज उठाना शुरू किया।
नई दिल्ली 125 दिन का वक्त और देखते-देखते दिल्ली में कोरोना के मामले 1 लाख के पार हो गए। राजधानी दिल्ली में 2 मार्च को पहला कोरोना केस आया था। अब सोमवार को मामले 1,00,823 हो गए। केसों के मामले में दिल्ली अब देश में तीसरे नंबर पर है। उससे आगे सिर्फ महाराष्ट्र और तमिलनाडु हैं। मुंबई शहर दिल्ली के बाद दूसरे नंबर पर सबसे प्रभावित शहर है। वहां कुल केस 85,724 हैं। यह नंबर दिल्ली से 15,099 कम है। रिकवरी रेट दे रहा राहत राजधानी दिल्ली में कोरोना केस भले एक लाख पार हो चुके हैं लेकिन यहां रिकवरी रेट राहत दे रहा है जो 71 प्रतिशत है। वहीं पॉजिटिविटी रेट अभी 10 प्रतिशत है। 1 लाख में से 72 हजार लोग ठीक हो चुके हैं। यह जून में 36 प्रतिशत तक पहुंच गया था तो जब 10 प्रतिशत तक आ चुका है। कुल सैंपल पर कितने केस पॉजिटिव मिले उसे पॉजिटिविटी रेट कहते हैं। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोविड की वजह से 48 मरीजों की जान चली गई, मरने वालों की कुल संख्या 3115 है। दिल्ली में कोविड से होने वाली मौत का औसत लगभग 3 पर्सेंट है। 19 दिन बाद मामले 2 हजार के नीचे 19 दिन बाद दिल्ली में कोविड का संक्रमण 2 हजार के आंकड़े से नीचे आया है। सोमवार को दिल्ली में कोविड के 1379 नए मरीजों में वायरस की पुष्टि की गई है। इससे पहले तक 17 जून से लगातार रोज 2 हजार से ऊपर केस आ रहे थे। सोमवार को दिल्ली में कुल 13,879 सैंपल की जांच की गई। कभी हाँ कभी ना में फंसी देसी कोरोना वैक्सीन, कब होगी लांच 15 अगस्त या 2021? देखें ख़बरों का पंचनामा अनुराग वर्मा के साथ रविवार को दिल्ली में कुल 2244 मरीज की पुष्टि हुई थी और उस दिन संक्रमण रेट 9.69 पर्सेंट था। सोमवार को मरीजों की संख्या 1379 हुई और संक्रमण रेट 9.93 पर्सेंट पाया गया। इससे यह कहा जा सकता है कि दिल्ली में सैंपल की जांच ज्यादा हो या कम संक्रमण रेट लगभग 10 पर्सेंट से अभी नीचे पाया जा रहा है। सोमवार को दिल्ली में कुल 13,879 सैंपल की जांच की गई।
है नई दिल्ली कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण की संख्या देश में लगातार बढ़ रही है लेकिन दिल्ली के लिहाज से एक अच्छी खबर है। राजधानी में सोमवार को पहले के मुकाबले काफी कम केस रिपोर्ट हुए हैं जबकि जांच का दायरा बढ़ गया है। सोमवार को दिल्ली में 1379 नए केस मिले जबकि एक दिन पहले 2505 केस रिपोर्ट हुए थे। इससे पहले भी दो हजार से ज्यादा केस रोज सामने आ रहे थे। केंद्र सरकार की तरफ से भी कहा गया है कि दिल्ली में पिछले तीन सप्ताह में संक्रमण दर (Corona Infection Rate) 30 प्रतिशत से गिरकर 10 प्रतिशत पर आ गई है। लिखें 15 हजार मरीज घर में आइसोलेट राजधानी में कोरना संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1 लाख से ज्यादा हो गई है। अबतक 100823 मामले सामने आए हैं। सोमवार को 48 मरीजों की मौत हो गई। अब तक दिल्ली में कुल 3115 मरीजों की कोरोना से जान जा चुकी है। वहीं 72088 लोग संक्रमण मुक्त भी हो चुके हैं। इस समय 25620 ऐक्टिव केस हैं जिनमें से लगभग 15 हजार लोग अपने घरों में ही आइसोलेट हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बात की जानकारी दी। जांच बढ़ी लेकिन संक्रमण दर हो रही कम केंद्र ने सोमवार को कहा कि दिल्ली में कोविड-19 संबंधी जांच की औसत संख्या लगभग एक महीने में 5,481 बढ़कर 18,766 हो गई है और जांच की संख्या में वृद्धि के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में पिछले तीन सप्ताह में संक्रमण दर लगभग 30 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत हो गई है। सरकार ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी संक्रमण दर यानी कुल नमूनों की जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने की दर में कमी आई है और यह अब 6.73 प्रतिशत है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्र, राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों ने देश में कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संयुक्त और समन्वित प्रयास किए हैं। बयान में कहा गया कि मिलेजुले प्रयासों के तहत केंद्र सरकार ने जांच संख्या बढ़ाने, संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों का तुरंत पता लगाने और समय पर मामलों के चिकित्सकीय प्रबंधन पर जोर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि केंद्र ने जांच क्षमता बढ़ाने के लिए राज्यों की मदद की है। कई राज्यों ने बढ़ाई है जांच की क्षमता बयान में कहा गया कि देश के स्तर पर संक्रमण दर 6.73 प्रतिशत है। पांच जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार पुदुचेरी (5.55), चंडीगढ़ (4.36), असम (2.84), त्रिपुरा (2.72), कर्नाटक (2.64), राजस्थान (2.51), गोवा (2.5) और पंजाब (1.92) उन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में शामिल हैं जहां प्रति लाख नमूनों में संक्रमण दर राष्ट्रीय औसत से कम और जांच क्षमता राष्ट्रीय औसत से अधिक है। मंत्रालय ने कहा कि दिल्ली में जांच क्षमता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार प्रयासों को मजबूत कर रही है। केंद्र ने कहा कि रैपिड एंटीजन पॉइंट ऑफ केयर (पीओसी) के साथ आरटी-पीसीआर के माध्यम से जांच क्षमता को बढ़ाया जा रहा है जिसका परिणाम लगभग 30 मिनट में आ जाता है। इसने कहा, ‘जांच क्षमता को बढ़ाने के लिए भारत सरकार के ठोस और केंद्रित प्रयासों के परिणामस्वरूप हर रोज की जाने वाली नमूनों की औसत जांच संख्या जो (एक से पांच जून तक) केवल 5,481 थी, वह बढ़कर प्रतिदिन (एक से पांच जुलाई तक) औसतन 18,766 हो गई है।’ बयान में कहा गया, ‘दिल्ली में जांच क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ ही संक्रमण दर में भी काफी कमी आई है और यह पिछले तीन सप्ताह में लगभग 30 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत हो गई है।’
नई दिल्ली, 05 जुलाई 2020,राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं और यहां पर भी केस एक लाख के बेहद करीब पहुंच गया है. पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना के 2,244 मामले दर्ज किए गए जिससे यहां पर संक्रमण के कुल 99,444 केस हो चुके हैं. दिल्ली से आगे महाराष्ट्र और तमिलनाडु दो ऐसे राज्य हैं जहां कोरोना संक्रमण के केस एक लाख के पार जा चुके हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को जारी नए अपडेट के मुताबिक, महाराष्ट्र में यह आंकड़े 2 लाख को भी पार कर गया है. वहां पर 2,00,064 कोरोना केस सामने आ चुके हैं जबकि तमिलनाडु में यह संख्या 1,07,001 है. दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 63 और लोगों की मौत हो गई जिससे कोरोना की वजह से अब तक 3,067 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि यहां पर पिछले 24 घंटे में ठीक या डिस्चार्ज होने वालों की संख्या 3,083 रही. इस तरह से अब तक 71,339 लोग ठीक या डिस्चार्ज हो चुके हैं. लेकिन अभी भी दिल्ली में 25,038 एक्टिव केस हैं जबकि 15,564 मरीज होम आइसोलेशन में हैं. इससे पहले दिल्ली में शनिवार को पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 2,505 नए मरीजों की पुष्टि हुई थी. जिससे दिल्ली में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 97 हजार को पार कर गई थी. रविवार को यह आंकड़ा 99 हजार को भी पार कर गया. दुनिया का सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर तैयार इस बीच दिल्ली में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर बनकर तैयार हो गया है. आज रविवार से यहां पर कोरोना संक्रमित मरीजों को आइसोलेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस कोविड केयर सेंटर में 10,000 बेड की क्षमता है लेकिन फिलहाल इसे 2,000 बेड की सुविधा के साथ शुरू कर दिया गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, रविवार सुबह छतरपुर स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास केंद्र पहुंचे और सभी तैयारियों का जायजा लिया. यह कोविड केयर सेंटर करीब 17,00 फीट लंबा है और 700 फीट चौड़ा. लगभग 20 फुटबॉल का मैदान इस सेंटर में समा जाएगा. इसमें 200 अहाते हैं, सभी में 50-50 बेड भी लगे हैं. अथॉरिटी के मुताबिक यह सेंटर विश्व में सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर है. सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर में 10 फीसदी बेड्स में ऑक्सीजन की सुविधा भी उपलब्ध है. यहां भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक की पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक है. मरीजों की जांच के लिए यहां हमेशा नर्स मौजूद रहेंगी.
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 80 हजार के पार पहुंच चुकी है लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कहा कि दिल्ली में अभी कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हुआ है। शाह ने कहा कि उन्होंने इस बारे में देश के तीन वरिष्ठ डॉक्टरों से बात की है और सभी का मानना है कि दिल्ली में कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के इस बयान से डर पैदा हुआ था कि दिल्ली में जुलाई के अंत तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 5.5 लाख के पार पहुंच जाएगी। शाह ने कहा कि इस बयान के बाद प्रधानमंत्री ने उन्हें दिल्ली सरकार की मदद करने को कहा था। दिल्ली में कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। अब यही मॉडल एनसीआर में भी लागू किया जाएगा। शाह ने कहा कि इस बारे में वह उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से बात करने वाले हैं। सबकी सहमति से लिए जा रहे फैसले गृह मंत्री ने कहा कि कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए दिल्ली में उठाए जा रहे कदमों के बारे में दिल्ली सरकार के साथ कोई खींचतान नहीं है और सारे फैसले दिल्ली सरकार की सहमति से लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना के इलाज को लेकर कई शिकायतें आ रही थी। खासकर कोरोना के कारण जान गंवाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा था। करीब 350 शव ऐसे ही पड़े थे। अब इसके लिए व्यवस्था बना दी गई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना के इलाज में बदइंतजामी की कई शिकायतें आ रही थीं। हमने एम्स में एक हेल्पलाइन बनाई है। इसके जरिये एम्स के डॉक्टर दिल्ली के अस्पतालों के डॉक्टरों को सुझाव देते हैं। साथ ही डॉक्टरों की तीन टीमों का भी गठन किया गया जिसमें केंद्र, आईसीएमआर और दिल्ली के डॉक्टर शामिल थे। इनके सुझावों के आधार पर दिल्ली में अस्पतालों की कमियों को दूर किया गया है।
नई दिल्ली दिल्ली के बजट होटलों एवं गेस्ट हाउसों में अब चीनी यात्री नहीं ठहर पाएंगे। कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of All India Traders) के चीनी सामान बहिष्कार के आह्वान पर आज दिल्ली के बजट होटलों के संगठन दिल्ली होटल एंड गेस्ट हाउस ओनर्स एसोसिएशन ने यह फैसला किया है। संगठन का कहना है कि चीन की नापाक हरकतों को देखते हुए यह निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़ा है। दिल्ली में लगभग 3000 बजट होटल और गेस्ट हाउस हैं, जिनमें लगभग 75 हजार कमरे हैं। दिल्ली के होटल व्यवसायी गुस्से में हैं दिल्ली होटल एवं गेस्ट हाउस ओनर्स एसोसिएशन के महामंत्री महेंद्र गुप्ता ने यह जानकारी दी। उनका कहना है कि चीन जिस प्रकार से भारत के साथ व्यवहार कर रहा है, और उसने जिस तरीके से भारतीय सैनिकों की नृशंस हत्या की है, उससे दिल्ली के सभी होटल कारोबारियों में गुस्सा है। ऐसे समय में, जब कैट ने देश भर में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का अभियान चलाया है, उसमें दिल्ली के होटल और गेस्ट हाउस व्यवसायी भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली के बजट होटलों और गेस्ट हाउसों में चीनी व्यक्ति को नहीं ठहराया जाएगा। कैट ने किया स्वागत कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट है कि कैट द्वारा शुरू किया गया चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के आह्वान से देश के विभिन्न वर्गों के लोग जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सिलसिले में कैट अब ट्रांसपोर्ट, किसान, हॉकर्स, लघु उद्योग, उपभोक्ता स्वयं उद्यमी, महिला उद्यमी के राष्ट्रीय संगठनों से संपर्क कर उन्हें भी इस अभियान से जोड़ेगा। 1 लाख करोड़ रुपये का आयात होगा कम उन्होंने कहा कि इस बार चीन को सबक सिखाने में भारत के लोग दृढ़ संकल्प से जुड़ेंगे और दिसंबर 2021 तक चीन से आयात होने वाले सामान में 1 लाख करोड़ रुपये की कमी करेंगे। इस रकम को भारतीय अर्थव्यवस्था में लगाया जाएगा, जो देश की तरक्की का माध्यम बनेगा।
नई दिल्ली, 24 जून 2020, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली में भड़की हिंसा पर अब नया खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक उपद्रवियों के बीच जानबूझकर ये अफवाह फैलाई गई थी कि कपिल मिश्रा के लोगों ने एंटी सीएए प्रोटेस्ट के पंडाल में आग लगा दी है, जिसके बाद भीड़ हिंसक हो गई थी. दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में दिल्ली हिंसा को लेकर नया खुलासा हुआ है. दिल्ली हिंसा में मारे गए हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की चार्जशीट में दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है कि चांदबाग इलाके में उपद्रवियों के बीच ये अफवाह जानबूझकर फैलाई गई थी कि बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के लोगों ने एंटी सीएए प्रोटेस्ट के पंडाल में आग लगा दी है, जिसके बाद भीड़ हिंसक हुई थी. दिल्ली पुलिस के मुताबिक ये अफवाह जानबूझकर उपद्रवियों ने फैलाई थी ताकि भीड़ को सड़कों पर निकाला जा सके. दरअसल, चांदबाग इलाके में दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल की हत्या उपद्रवियों ने कर दी थी. डीसीपी अमित शर्मा पर जानलेवा हमला हुआ था. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने काफी लोगों के बयान लिए थे, जिनका चार्जशीट में जिक्र है. गवाहों ने बताया कि चांदबाग में उस दौरान कुछ लोगों ने शोर मचाया कि कपिल मिश्रा के लोगों ने पंडाल में आग लगा दी है लेकिन हमने ऐसा कुछ होते देखा नहीं था. योगेंद्र यादव ने दिया था भाषण बता दें कि हेड कॉन्स्टेबल की हत्या की चार्जशीट में योगेंद्र यादव के नाम का भी जिक्र किया गया है. जिसमें बताया गया कि चांदबाग के एंटी सीएए प्रोटेस्ट में हिंसा के पहले योगेंद्र यादव ने भाषण दिया था. हालांकि चार्जशीट में योगेंद्र यादव न तो आरोपी हैं और न ही कॉलम 11 (संदिग्ध आरोपी या अन्य) में उनका नाम है.
नई दिल्ली, 23 जून 2020, कांग्रेस पार्टी ने लॉकडाउन में डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर विरोध जताया है. इस मुद्दे पर मंगलवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक हुई. मीटिंग में कहा गया कि लॉकडाउन के पिछले तीन महीनों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों और उत्पाद शुल्क में बार-बार की जाने वाली अन्यायपूर्ण बढ़ोतरी पर कांग्रेस कार्यसमिति अपनी चिंता व्यक्त करती है. कांग्रेस कार्य समिति ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लोगों पर ये जबरन वसूली की चोट तब बढ़ाई गई है जब वे कोविड-19 महामारी के कारण पहले ही अभूतपूर्व आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी ने कार्य समिति की बैठक के बाद बयान जारी किया था. कांग्रेस कार्यसमिति का यह बयान ट्विटर पर भी जारी किया गया. बयान को कांग्रेस कार्यसमिति की तरफ से जारी किया गया लेकिन एक टाइपो होने की वजह से कार्यसमिति की जगह 'कायरसिमित' हो गया, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर तंज कसा. हालांकि कांग्रेस ने बाद में टाइपो में सुधार करते हुए नए सिरे से ट्वीट भी किया. यूपी में बीजेपी के नेता शलभमणि त्रिपाठी ने कांग्रेस के ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर किया और लिखा कि, 'इस साफ़गोई की कद्र होनी चाहिए, वैसे ना भी बताते तो भी देश पहले से जानता था कांग्रेस की ये हक़ीक़त.' वहीं दिल्ली में बीजेपी नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने लिखा, 'मैं कांग्रेस की इस बात से सहमत हूं. एक अन्य यूजर आदित्य त्रिवेदी ने लिखा, 'जब से भाजपा अध्यक्ष ने ईश्वर से कांग्रेस को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की है, तब से रोज मां सरस्वती उनको रोज सच्चाई दिखा रही हैं. नरेंद्र बने सुरेंद्र, कांग्रेस कार्यसमिति बनी कायरसिमित, अब तो जाग जाओ.'
नई दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दक्षिणी दिल्ली के राधा स्वामी सत्संग केंद्र में स्थापित 10,000 बेड वाले कोविड केयर केंद्र का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया है। इसके साथ ही केजरीवाल ने इस कोविड केंद्र के संचालन के लिए आईटीबीपी से डॉक्टर और नर्स उपलब्ध कराने की मांग भी की है। केजरीवाल के इस पत्र के जवाब में गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार शाम को ट्वीट कर जवाब दिया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि प्रिय केजरीवाल जी, यह हमारी बैठक में 3 दिन पहले ही तय हो चुका है और MHA ने दिल्ली के राधा स्वामी सत्संग ब्यास में 10,000 बेड के कोविड केयर सेंटर के संचालन का काम ITBP को सौंप दिया है। काम पूरे जोरों पर है और इस सेंटर का बड़ा हिस्सा 26 जून तक चालू हो जाएगा। शाह ने कहा कि सशस्त्र बल के जवानों को दिल्ली में रेलवे कोचों में रखे गए कोरोना रोगियों की देखभाल के लिए भी लगाया गया है। आवश्यकता के अनुसार, पहले ही कोविड केयर सेंटर में 8,000 अतिरिक्त बिस्तर लगाए जा चुके हैं। केजरीवाल ने किया शाह को किया धन्यवाद अमित शाह के ट्वीट के बाद केजरीवाल ने अमित शाह को ट्वीट के जरिए ही धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा देश की सेना, डाक्टर्स, सामाजिक संस्थाएं, केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार -सभी दिल्ली के लिए एकजुट होकर काम कर रहे है। मुझे पूरा यक़ीन है हम सब मिल कर कोरोना को हराएंगे। इन कठिन परिस्थितियों में दिल्ली सरकार और दिल्ली के लोगों की मदद करने के लिए शुक्रिया। तैयार हो रहा है एक हजार बेड का अस्पताल शाह ने कहा कि दिल्ली के लोगों को यह भी सूचित करना चाहता हूं कि कोविड के रोगियों के लिए 250 आईसीयू बेड के साथ एक हजार बेड का पूर्ण विकसित अस्पताल विकसित किया जा रहा है। डीआरडीओ और टाटा ट्रस्ट इसका निर्माण कर रहे हैं। सशस्त्र बल के जवान इसे तैयार करने में लगे हैं। यह अगले 10 दिनों में तैयार हो जाएगा।
नई दिल्ली/श्रीनगर, 22 जून 2020,लद्दाख सीमा पर तनाव को कम करने के लिए भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बीच आज बातचीत होगी. चीनी सेना की आग्रह पर कोर कमांडर स्तर की बैठक होगी. बैठक मोल्डो इलाके (चीन की तरफ) और चुशुल (भारत की तरफ) बुलाई गई है. यह बैठक उसी जगह होने वाली है, जहां 6 जून को दोनों देशों के बीच बैठक हुई थी. कोर कमांडर स्तर की इस बातचीत में भारत की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन की ओर साउथ झिंजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के चीफ मेजर जनरल लियू लिन हिस्सा लेंगे. इस बैठक का मकसद पहले की स्थिति को फिर से बनाना, गलवान जैसी खूनी झड़प की घटनाएं न हो और 6 जून को दोनों देशों के बीच हुए समझौते पर बातचीत है. इस बीच गलवान घाटी में तनाव जारी है. 15 जून के बाद से दोनों तरफ से कोई झड़प की भी खबर नहीं है, लेकिन दोनों ओर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. दोनों ओर से तनाव को खत्म करने के लिए सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है. आज भी दोनों देशों के सैन्य अधिकारी के बीच बातचीत होगी. लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी. इसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे, जबकि चीन के कई सैनिक हताहत हुए थे. हालांकि चीन ने मारे गए अपने सैनिकों की संख्या के बारे में कोई सार्वजनिक जानकारी साझा नहीं की है. हिंसक झड़प के बाद से ही भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है. हालांकि, घटना के बाद भी दोनों देशों के बीच बातचीत भी हुई थी. इस बातचीत के बाद चीन ने भारतीय सेना के 10 जवानों को रिहा किया था, जिन्हें झड़प के दौरान चीन ने बंदी बना लिया था. झड़प के तीन बाद दो मेजर समेत 10 जवानों को रिहा किया गया है. वहीं, गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि न तो कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है और न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है. लद्दाख में हमारे 20 जांबाज शहीद हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता की तरफ आंख उठाकर देखा था, उन्हें वो सबक सिखाकर गए.
नई दिल्ली, 19 जून 2020,दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की तबीयत फिर बिगड़ गई है. सत्येंद्र जैन को सांस लेने में काफी दिक्कत आ रही है. आपको बता दें कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री दो दिन पहले ही कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे. शुक्रवार को उन्हें सांस लेने में दिक्कत आई, जिसके बाद अब उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है. दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल में सत्येंद्र जैन का इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि सत्येंद्र जैन के फेफड़ों में संक्रमण बढ़ गया है, इसी वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही है. गौरतलब है कि सत्येंद्र जैन को कुछ दिन पहले बुखार और सांस लेने में दिक्कत होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. जिसके बाद उनका कोरोना वायरस टेस्ट भी करवाया गया था. उनका शुरुआती टेस्ट नेगेटिव आया था, जिसके बाद उनकी हालत सुधरने भी लगी थी. लेकिन दो दिन पहले सत्येंद्र जैन का एक और कोरोना वायरस टेस्ट किया गया, जिसमें वो पॉजिटिव पाए गए थे. अब शुक्रवार को एक बार फिर उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई है. आपको बता दें कि कोरोना संक्रमित पाए जाने से पहले सत्येंद्र जैन लगातार बैठकों में हिस्सा ले रहे थे. दिल्ली के मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जो बैठक ली थी, उसमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया के साथ सत्येंद्र जैन ने भी हिस्सा लिया था.
नई दिल्ली, 18 जून 2020,दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामले को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना टेस्टिंग की कीमत 2400 रुपये निर्धारित कर दी है. गृह मंत्री अमित शाह ने आम लोगों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट कर बताया कि आम आदमी को राहत प्रदान करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के अनुसार, गृह मंत्रालय द्वारा प्राप्त परीक्षण दरों पर उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट को आवश्यक कार्रवाई के लिए दिल्ली सरकार को भेज दिया गया है. निर्णय में कोरोना जांच की कीमत 2,400 रुपये तय की गई है. दिल्ली में टेस्टिंग दोगुनी साथ ही दिल्ली में कोरोना वायरस की जांच दोगुना किया जा रहा है. दिल्ली में कोविड जांच को दोगुना कर 4000 से करीब 8000 प्रतिदिन कर दिया गया है केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार को साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 15 और 16 जून कुल 16,618 कोरोना सैंपल लिए गए. जबकि इससे पहले 14 जून तक 4,000 से 4,500 तक सैंपलों की जांच हो रही थी. आज गुरुवार को 6,510 सैंपल की रिपोर्ट आनी है गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में स्वास्थ्य सर्वेक्षण भी शुरू किया गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 242 कंटेनमेंट जोन में 2,30,466 की कुल आबादी में से 1,77,692 लोगों की जांच 15 और 16 जून को की गई थी, शेष बचे लोगों की जांच 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी. जल्द आएगी रिपोर्ट इस बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा अनुमोदित नए प्रोटोकॉल के अनुसार आज गुरुवार से जांच शुरू कर दी जाएगी. जांच के लिए नई रैपिड ऐंटिजेन प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा जिसे परिणाम जल्दी आएगा. जांच के लिए दिल्ली में 169 केंद्र बनाए गए हैं. इन जांच किट की आपूर्ति दिल्ली को प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी और राजधानी दिल्ली में इसके लिए नमूने एकत्र करने तथा उनकी जांच के लिए 169 केंद्र बनाए गए हैं. महाराष्ट्र में 2200 में टेस्ट इससे पहले पिछले हफ्ते महाराष्ट्र सरकार ने भी निजी लैब द्वारा कोरोना टेस्ट की रेट फिक्स कर दी थी. रेट फिक्स होने के बाद महाराष्ट्र में अब 2200 रुपये में निजी लैब में कोरोना टेस्ट कराया जा सकेगा. हालांकि लैब वाला सैंपल लेने अगर आपके घर आता है तो आपको 2800 रुपये चुकाने पड़ेंगे. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने इस संबंध में ऐलान करते हुए बताया कि कोरोना टेस्टिंग की रेट तय करने के लिए सरकार ने एक कमेटी गठित की थी. जिसकी सिफारिश पर निजी लैब के लिए कोरोना टेस्ट की दर 2200 रुपये और घर से सैंपल लेने पर 2800 रुपये रखा गया. इस तरह से अब महाराष्ट्र में निजी लैब से कोरोना टेस्ट कराने पर क्रमश: 2200 और 2800 रुपये ही देने पड़ेंगे.
नई दिल्ली, 17 जून 2020,दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का दूसरी बार कोरोना टेस्ट हुआ था. दूसरी बार हुए टेस्ट में सत्येंद्र जैन कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. कोरोना पॉजिटिव होने के चलते वह अभी राजीव गांधी अस्पताल में ही भर्ती रहेंगे. सत्येंद्र जैन को सांस लेने में दिक्कत और बुखार के चलते मंगलवार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. सत्येंद्र जैन का एक कोरोना टेस्ट पहले भी हो चुका है और ये निगेटिव आया था. सत्येंद्र जैन का बुखार अब कम है, लेकिन उन्हें सांस लेने में थोड़ी परेशानी हो रही है. मंगलवार को हुई जांच में सत्येंद्र जैन की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, लेकिन बुधवार को उनकी दूसरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. सत्येंद्र जैन ने खुद बीते दिन ट्वीट कर अपनी तबीयत बिगड़ने की जानकारी भी दी थी. उन्होंने ट्वीट किया था कि तेज बुखार और सांस लेने में हो रही दिक्कत के बाद मुझे अस्पताल में भर्ती किया गया है. मैं आपको ताजा जानकारी देता रहूंगा. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन लगातार बैठकों में हिस्सा ले रहे थे. बीते दिनों भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य अधिकारियों के साथ लगातार कई बैठकें कीं, तब सत्येंद्र जैन बतौर स्वास्थ्य मंत्री उस बैठक में मौजूद थे. इसके अलावा सत्येंद्र जैन दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी लगातार ध्यान दे रहे थे. कोरोना पॉजिटिव हुईं आम आदमी पार्टी की अन्य नेता- आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और कालकाजी विधानसभा सीट से विधायक आतिशी कोरोना वायरस की चपेट में आ गई हैं. उनकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. आतिशी ने बताया कि सर्दी और खांसी के लक्षण नजर आने के बाद उन्होंने मंगलवार को कोरोना टेस्ट कराया था, जिसकी रिपोर्ट आज आई है. फिलहाल आतिशी को कोरोना के हल्के लक्षण हैं और उन्होंने खुद को अपने घर में क्वारनटीन कर लिया है. आतिशी कोरोना के मामलों को लेकर हेल्थ डिपार्टमेंट के साथ काम कर रही थीं. 11 जून को हेल्थ डिपार्टमेंट का एक अधिकारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, जिसके बाद आतिशी ने खुद को होम आइसोलेट कर लिया था. इससे पहले आम आदमी पार्टी के करोल बाग से विधायक विशेष रवि और पटेल नगर से विधायक राज कुमार आनंद भी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं.
नई दिल्ली दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन को कोरोना के लक्षण के बाद कल रात अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका अभी कोरोना टेस्ट का रिजल्ट नहीं आया है लेकिन उनकी बीमारी ने दिल्ली सरकार को टेंशन दे दी है। राज्य में कोरोना महामारी से निपटने में रात-दिन लगे जैन के बीमार होने के कारण आज होने वाली कई अहम बैठकों को रद्द कर दिया गया है। शाह की बैठक समेत कई बैठकों में हुए थे शामिल जैन ने खुद ट्वीट कर राजीव गांधी अस्पता में भर्ती होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया है। ऐहतियातन जैन का कोरोना टेस्ट भी कराया गया है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर जैन का कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आया तो फिर मुश्किल ज्यादा बढ़ जाएगी। जैन ने पिछले कुछ दिनों में गृह मंत्री अमित शाह समेत कई अधिकारियों और राजनेताओं के साथ बैठक की थी। ऐसे में इन सभी लोगों को क्वारंटीन में जाना होगा। हालांकि ये सब जैन के टेस्ट के नतीजे पर निर्भर है। दिल्ली में कोरोना से जंग, जैन के कंधे पर जिम्मेदारी दिल्ली में कोरोना से जंग की जिम्मेदारी जैन के कंधों पर थी। ऐसे में अरविंद केजरीवाल सरकार को इस मोर्चे पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जैन देर रात तक मीटिंग में व्यस्त रहते थे। दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना के इलाज की व्यवस्था देखने से लेकर टेस्ट के मामले तक जैन देख रहे थे। आने वाले दिनों में कोरोना के मामले बढ़ने की बात खुद सीएम केजरीवाल कह चुके हैं। ऐसे जैन दिल्ली में इस महामारी से निपटने के इंतजामों में लगे हुए थे। यानी उनकी बीमारी से राज्य सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है। दिल्ली में कोरोना की तेज रफ्तार राजधानी दिल्ली में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य में अबतक कोरोना के 42, 829 मामले सामने आ चुके हैं। 16,427 लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं जबकि 1,400 लोगों को इस जानलेवा बीमारी ने लील लिया है। सीएम केजरीवाल ने कुछ दिन पहले कहा था कि राज्य में 31 जुलाई तक 5.32 लाख तक मामले सामने आ सकते हैं। शाह ऐक्टिव, बनाया ऐक्शन प्लान इस बीच दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। खुद गृह मंत्री अमित शाह ने कमान संभालते हुए दिल्ली के लिए बड़ा ऐक्शन प्लान तैयार किया है। दिल्ली सरकार भी केंद्र के साथ मिलकर इस महामारी से निपटने के लिए कदम से कदम मिलाने को तैयार है। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था वह इस बीमारी से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे।
नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने कोविड बेड की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर कई बड़े फैसले किए हैं। दिल्ली सरकार ने अगले एक हफ्ते में 15 से 20 हजार कोविड बेड तैयार करने की योजना बनाई है, जिसमें बैंक्विट हॉल, छोटे-बड़े होटलो और स्टेडियम में भी बेड तैयार किए जाएंगे। वहीं केंद्र ने भी दिल्ली सरकार को 500 रेल कोच देने का फैसला किया है, जिसमें करीब 8 हजार बेड का बंदोबस्त होगा। प्राइवेट सेक्टर में 70 फीसदी से ज्यादा कोविड बेड भर चुके हैं। दिल्ली सरकार ने रविवार को 10 से 49 बेड की क्षमता वाले नर्सिंग होम को कोविड नर्सिंग होम घोषित किया था और नर्सिंग होम में भी कोरोना मरीजों के इलाज का आदेश दिया था लेकिन रविवार की शाम को सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया। दिल्ली सरकार ने नॉर्थ एमसीडी के अस्पताल बाड़ा हिंदू राव अस्पताल को कोविड अस्पताल घोषित कर दिया है। हेल्थ डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी की ओर से जारी आदेश जारी किया गया है और अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना मरीजों के इलाज की सभी व्यवस्था की जाए। अगले एक हफ्ते में 15 से 20000 अतिरिक्त बेड दिल्ली सरकार ने अगले एक हफ्ते में 20 हज़ार अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करने की योजना फाइनल कर दी है। दिल्ली के 40 छोटे बड़े होटल में करीब 4 हज़ार कोविड बेड बनाए जाएंगे, इन्हें दिल्ली के निजी अस्पतालों के साथ अटैच किया जाएगा। इसके अलावा करीब 80 बैंक्वैट हॉल में 11 हज़ार कोविड बेड बनाए जाएंगे। दिल्ली सरकार के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि दिल्ली के कुछ होटल में ये व्यवस्था शुरू हो गई है और निजी अस्पतालों के साथ अटैच कर वहां मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। सभी जिलों के डीएम को अगले कुछ दिनों में इसे पूरा करने का निर्देश दिया गया है। केजरीवाल सरकार ने इन होटल और बैंक्वैट हॉल में इलाज के लिए दाखिल होने वाले मरीजों के लिए रेट भी तय किए है। प्राइवेट अस्पतालों में ज्यादा चार्ज वसूले जाने की शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसके अलावा दिल्ली में स्टेडियम में बेड तैयार करने के प्लान पर काम किया जा रहा है। प्रगति मैदान में 2500 बेड तैयार करने का प्लान है। इसके अलावा 2000 बेड तालकटोरा स्टेडियम में हो सकते हैं। प्राइवेट सेक्टर में भर चुके हैं 70 फीसदी से ज्यादा कोविड बेड प्राइवेट अस्पतालों और बड़े नर्सिंग होम्स में दाखिल होने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली सरकार प्राइवेट सेक्टर में ज्यादा बेड बढ़ाने की योजना तैयार कर रही है। सरकार का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर में 70 फीसदी से ज्यादा कोविड बेड भर गए हैं और इसी को देखते हुए प्राइवेट अस्पतालों में ज्यादा से ज्यादा अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है। दिल्ली में बड़ी संख्या में कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में इलाज करवा रहे हैं और होम आइसोलेशन में इलाज करवा रहे मरीजों की संख्या 20000 तक हो गई है। इसके अलावा दिल्ली के अस्पतालों में अभी करीब 4000 बेड खाली हैं लेकिन इनमें से ज्यादातर बेड सरकारी अस्पतालों में है। प्राइवेट अस्पतालों में काफी बेड भर चुके हैं। दिल्ली कोरोना ऐप पर अस्पतालों में बेड का रियल टाइम डेटा जारी किया जा रहा है। दिल्ली सरकार के अनुमान के मुताबिक 30 जून तक दिल्ली में 15 हजार से ज्यादा बेड की जरूरत पड़ सकती है। 15 जुलाई तक 33000 से ज्यादा बेड की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। इसी को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाने की अलग- अलग योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
नई दिल्ली, 14 जून 2020, दिल्ली में कोरोना से बिगड़ते हालात ने केंद्र और केजरीवाल सरकार की परेशानी बढ़ा दी है. राजधानी में कोरोना से निपटने के लिए सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. ये बैठक सुबह 11 से शुरू होगी. इसमें दिल्ली के बीजेपी, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और BSP के अध्यक्ष शामिल होंगे. दिल्ली में कोरोना से निपटने को लेकर गृहमंत्री ने रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक की. इसके बाद अमित शाह ने शाम 5 बजे नगर निगम के मेयर और अधिकारियों के साथ बैठक में कोरोना को लेकर चर्चा की. इस बैठक में उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मौजूद रहे. वहीं, दिल्ली सरकार ने गृह मंत्री के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताया. सूत्रों ने बताया कि केंद्र के साथ सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. हालांकि दिल्ली में दोबारा लॉकडाउन पर कोई चर्चा नहीं हुई. दिल्ली और केंद्र सरकार मिलकर काम करते रहेंगे. अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, दिल्ली और केंद्र सरकार के बीच आज की बातचीत बहुत प्रोडक्टिव रही. कई अहम फैसले लिए गए. हम मिलकर कोरोना से लड़ेंगे. दिल्ली में कोरोना से संक्रमित मरीजों के लिए बेड की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने फौरन 500 रेलवे कोच दिल्ली को देने का निर्णय लिया. इन रेलवे कोच से न सिर्फ दिल्ली में 8000 बेड बढ़ेंगे बल्कि यह कोच कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए सभी सुविधाओं से लैस होंगे. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ गृह मंत्री अमित शाह की हुई मीटिंग में कई फैसले लिए गए. अमित शाह ने कहा कि कोरोना महामारी से भारत पूरी मजबूती से लड़ रहा है और इस संक्रमण से अपनी जान गंवाने वाले लोगों के लिए सरकार दुखी भी है और उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील भी है. बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री के साथ मीटिंग में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने केंद्र के सामने कई मांगें रखीं. दिल्ली सरकार चाहती है कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना के लिए क्षमता बढ़ाई जाए. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी अस्पतालों में कोविड मरीजों का इलाज होना चाहिए.
नई दिल्ली मार्च में पहला केस आने के बाद से करीब साढ़े तीन महीने में दिल्ली में कोरोना के केस 38 हजार के पार पहुंच गए हैं। कोरोना के खिलाफ मुश्किल जंग में दिल्ली को केंद्र का साथ मिला है। रविवार को गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से मीटिंग की। आज की बैठक में दिल्ली में कोरोना के खिलाफ युद्ध स्तर की तैयारी का फैसला किया गया। केंद्र ने राज्य सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। कोरोना के केस जैसे-जैसे बढ़ रहे हैं वैसे-वैसे अरविंद केजरीवाल सरकार पर महामारी से ठीक ने नहीं निपट पाने के आरोप लग रहे हैं। महाराष्ट्र (1 लाख से ऊपर केस) के बाद राजधानी दिल्ली की ही हालत सबसे ज्यादा खराब है। मीटिंग में दिल्ली सरकार को केंद्र की तरफ से कई भरोसे मिले हैं। मीटिंग के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा भी कि अब दिल्ली कोरोना की जंग केंद्र के साथ मिलकर लड़ेगी। इससे पहले तक कोरोना काल में केंद्र सरकार और राज्य सरकार कई मुद्दों पर आमने सामने आई। दिल्ली सरकार चाहती थी कि दिल्ली में सिर्फ दिल्लीवालों का इलाज हो, लेकिन उपराज्यपाल अनिल बैजल ने उनका फैसला पलट दिया। इससे पहले दिल्ली सरकार ने कहा था कि केंद्र सरकार की तरफ से उन्हें कोई फंड नहीं मिला है जबकि टैस्ट सबसे ज्यादा दिल्ली देती है। तब डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा केंद्र से 5 हजार करोड़ की मदद मांगी थी। इससे पहले दिल्ली सरकार ने केंद्र के हॉस्पिटल राम मनोहर लोहिया पर कोरोना की गलत और देरी से रिपोर्ट देने तक के आरोप लगाए थे। केंद्र की तरफ से दिल्ली को मिले क्या भरोसे दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग के रेट तय किए जाएंगे 2 दिन में दोगुनी टेस्टिंग, 6 दिन बाद तीन गुना टेस्टिंग प्राइवेट हॉस्पिटल में 60 प्रतिशत बेड सरकार लेगी 500 रेलवे कोच दिल्ली को दिए जाएंगे, इसमें कोरोना के इलाज की सुविधा होगी कंटेनमेंट जोन के हर पोलिंग बूथ पर कोरोना टेस्टिंग होगी
बॉलिवुड अभिनेता रवि चोपड़ा का शुक्रवार रात निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें कैसर था। परिवार उनके इलाज का खर्चा नहीं उठा पा रहा था, वह मुश्किल हालात में जी रहे थे। रवि को 1972 में आई फिल्म 'मोम की गुड़िया' में अपने रोल के लिए उन्हें याद किया जाता है। वह रतन नाम से भी जाने जाते थे। खाने के लिए थे गुरुद्वारे के भरोसे बॉलिवुड से इस साल एक के बाद एक बुरी खबरें आ रही हैं। इरफान खान, ऋषि कपूर और वाजिद खान जैसे सितारों को खोने के बाद ऐक्टर रवि चोपड़ा के निधन की खबर आई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। खाने के लिए उन्हें गुरुद्वारे या मंदिर के प्रसाद के भरोसे रहना पड़ रहा था। ऐक्टर्स से मांगी थी इलाज में मदद वह लंबे वक्त से पंचकूला में किराए के घर पर रह रहे थे। उनके पास इलाज के भी पैसे नहीं थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह अक्षय कुमार, सोनू सूद और धर्मेंद्र से मदद की गुहार लगा चुके थे। उन्होंने लड़खड़ाती जुबान से ऐक्टर्स से हेल्प मांगी थी और कहा था, अगर मेरा शरीर साथ देता तो मैं नौकरी कर लेता लेकिन मैं रोटी के लिए भी लंगर पर निर्भर हू। घरवालों की वजह से नहीं कीं फिल्में रवि चोपड़ा का असली नाम अब्दुल जफ्फार खान था। उन्होंने 'मोम की गुड़िया' में तनुजा के साथ काम किया था। इस फिल्म के बाद उन्हें कई फिल्में ऑफर हुईं लेकिन उनकी घरवालों को यह काम पसंद नहीं थी। इसके चलते उन्होंने ऐक्टिंग छोड़ दी थी।
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे हैं। लोगों को इलाज के लिए इधर-उधर से भटकना पड़ रहा है। कोरोना मरीजों की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी से दिल्ली सरकार हैरना और परेशान हो गई है। केजरीवाल सरकार को विपक्षी दलों ने घेरना शुरू कर दिया हहै। पूर्व किक्रेटर व पूर्वी दिल्ली से बीजेपी के सांसद गौतम गंभीर ने एक चैनल में दिए इंटरव्यू में कहा है कि दिल्ली में एमपी और एमएलए को अस्पताल में बेड मिल जाएगा। मगर आम लोगों को इलाज के लिए इधर से उधर भटकना पड़ेगा, उन्होंने कहा है कि दिल्ली सरकारी की ओर से कोरोना के मरीजों के लिए अस्पतालों में 30 हजार बेड की जानकारी दी गई थी, लेकिन हकीकत में 30 हजार बेड कहां है ये किसी को नहीं पता है। गौतम ने कहा कि मेरी नजर में दो हॉस्पिटल हैं। जिन्हें दिल्ली सरकार ही कोविड-19 में कन्वर्ट कर सकती है। फिर देरी क्यों हो रही है। अगर ये हो जाता है तो गरीब आराम से इलाज करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जहां एक ओर कोरोना बढ़ रहा है, वहीं इसकी टेस्टिंग लगातार कम हो रही है। एक ओर बढ़ रहा है तो टेस्टिंग कम हो रही है... राजनीति भी हो रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है आपने चुनाव लड़ा था एजुकेशन और हॉस्पिटल सुविधा पर, 3 महीने नहीं हुए पूरी व्यवस्था कोलैप्स कर गई मेरे संसदीय क्षेत्र में दो हॉस्पिटल हैं, जिन्हें दिल्ली सरकार ही कोविड-19 में कन्वर्ट कर सकती है आप बात कर रहे थे हेल्थ इन्फ्रास्टक्चर की, सुविधा की... और आपने मोहल्ला क्लिनिक बनाया, जिसकी कोई बात नहीं करता है एक वर्ष में कम से कम एक हॉस्पिटल तो आप बना ही सकते हैं इंट्रो लिखो और इसे लगाकर छाप दो फिर बढ़ाते रहना ट्रांसपरेंसी रखना नहीं चाहते हैं कोई कुछ पूछेगा तो आप बोलेंगे नहीं.. मुझसे पूछिए मैंने क्या किया है 3 महीने में मैं बताऊंगा दिल्ली से कहीं बड़ा प्रदेश है पंजाब और केरल, वहां पर सरकारें मोर्चा संभाले हुए हैं आप दिल्ली के सीएम हैं दो से ढाई करोड़ जनता की जिम्मेदारी आपकी है कम से कम सच बोलिए सच्ची नियत से आगे आइए हम मिलकर काम करेंगे एमपी एमएलए को बेड मिल जाएगा, आम आदमी को भटना पड़ेगा चुनावों में सबकुछ फ्री बांट दिया तो अब कहां से फंड आएगा आपने दिल्ली की जनता को मरने के लिए छोड़ दिया जो दुर्भाग्यपूर्ण है
नई दिल्ली दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल पर कोरोना उपचार के दौरान लापरवाही के कई आरोप लगे हैं। इस पर दिल्ली सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अब तक इस अस्पताल से 2100 से ज्यादा कोरोना मरीज स्वस्थ्य होकर अपने घर जा चुके हैं। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कहा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) एक स्वतंत्र संस्था है। एनएचआरसी की टीम ने गुरुवार को एनएलजेपी अस्पताल का दौरा भी किया था। टीम अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए की गई व्यवस्थाओं को लेकर संतुष्ट दिखी थी। हम सुप्रीम कोर्ट को इस रिपोर्ट के बारे में अवगत कराएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने कहा, यह एक असाधारण स्थिति है और दिल्ली सरकार पहले दिन से ही बेहतर बुनियादी ढांचा स्थापित करने और सभी कोविड-19 रोगियों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की पूरी कोशिश कर रही है। हमारे अस्पतालों के सारे फ्रंटलाइन वकर्स, यानी डॉक्टर्स और नर्सिग स्टाफ, लोगों की सेवा के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। मरीजों की सेवा के प्रति समर्पित अस्पताल में तैनात कई डॉक्टर पिछले 2 महीने से अपने घर भी नहीं गए हैं। एलएनजेपी अस्पताल दिल्ली में कोविड-19 का सबसे बड़ा अस्पताल है। मरीजों के इलाज के लिए वर्तमान में इस अस्पताल में 2 हजार बेड्स कोविड समर्पित किया गया है। केंद्र सरकार के अस्पतालों और दिल्ली के दूसरे अस्पतालों में इलाज कराने आ रहे कोविड मरीजों को भी जरूरत पड़ने पर एलएनजेपी अस्पताल में रेफर किया जाता है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियों के विषय में कहा, हम सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों को अत्यंत सम्मान के साथ और पूरी ईमानदारी के साथ स्वीकार करते हैं। दिल्ली सरकार सभी के लिए स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने और कोविड-19 रोगियों को हर संभव इलाज सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है। इसके बावजूद भी अगर अस्पताल में कोई भी कमी हमारे सामने आती है, तो हम उन पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना वायरस से स्थिति बदहाल हो चुकी है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार पर सख्त टिप्पणी करते हुए जवाब तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी भी हमलावर हो चुकी है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली के अस्पतालों का बुरा हाल है, मरीजों के साथ जानवरों जैसा बर्ताव हो रहा है। बीजेपी का हमला संबित पात्रा ने कहा, ' ये वक्त राजनीति करने का नहीं बल्कि हर किसी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए दिल्ली के हालात सुधारने का है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों के हालात इतने बुरे हैं कि वहां लाशों के ढेर पर लोगों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सवाल को लेते हुए कहा, 'मीडिया रिपोर्ट्स ने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की पोल खोलकर रख दी है। कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों की लाशें गटर पर मिल रही हैं। मनोज तिवारी ने साधा निशाना दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी सरकार पर हमला बोला है। मनोज तिवारी ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'अस्पतालों की दुर्दशा देख अब दिल्ली सरकार को याद आई है कि कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन का इंतजाम होना चाहिए। ग़ैरज़िम्मेदार अरविंद केजरीवाल सरकार अब ख़रीदने के लिए आर्डर जारी कर रही है। COVID19 से लड़ने की जगह सोती रही AAP सरकार , जनता की ज़िंदगी ख़तरे में डाल दी है। टेस्टिंग को लेकर पात्रा का सवाल पात्रा ने टेस्टिंग को लेकर भी सरकार को घेरा। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से सवाल किया था कि अन्य प्रदेशों की अपेक्षा दिल्ली में टेस्टिंग क्यों कम की जा रही है। इसी बात पर पात्रा ने कहा कि दिल्ली में पांच हजार से भी कम टेस्टिंग हर रोज की जा रही हैं जबकि बाकी प्रदेशों में हर दिन 10 से 15 हजार टेस्टिंग हो रही हैं। पात्रा ने कहा कि इस वक्त दिल्ली के हालात नाजुक हैं और सरकार को राजनीति छोड़कर व्यवस्थाओ पर ध्यान देना चाहिए। सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली सरकार से सख्त टिप्पणी की हैं। कोर्ट ने कोरोना मामले पर स्वत संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार को जवाब तलब किया है। कोरोना मरीजों की मौत के बाद उनके शव के रखरखाव के तरीके पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार पर सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि दिल्ली में और उनके अस्पतालों में बहुत बुरा हाल है। होम मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस का अनुपालन नहीं हो रहा है। अस्पताल डेड बॉडी का सही तरह से रखरखाव और निपटारा नहीं कर रही है। दिल्ली की स्थिति भयावह डरावनी- SC सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार जिस तरह से मरीजनों का अस्पतालों में इलाज कर रही है और जिस तरह से डेड बॉडी के साथ व्यवहार हो रहा है उस पर फटकार लगाते हुए कहा है कि दिल्ली में जो स्थिति है वह भयानक व डरावनी है। अदालत ने दिल्ली सरकार के वकील से कहा कि अस्पतालों में हर जगह बॉडी फैली हुई है और लोगों का वहां इलाज चल रहा है। अदालत ने कहा कि दिल्ली में 2000 बेड खाली हैं लेकिन मरीजों को देखने वाला कोई नहीं है। अदालत ने उन विडियो का जिक्र किया जिसमें मरीज रो रहे हैं और कोई उन्हें देखने वाला नहीं है। अदालत ने कहा कि ये बहुत ही दुखदाई स्थिति है। अदालत ने कहा कि ये सवाल है कि दिल्ली सरकार कोरोना टेस्ट को कम कर रही है। अदालत ने कहा कि क्या सरकार बनावटी फिगर चाहती है। कैसे टेस्ट को कम किया गया? राज्य की ड्यूटी है कि वह टेस्टिंग को बढ़ाए।
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट ने भी राजधानी के हालात पर चिंता जताई है। इसके मद्देनजर दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने शहर में कोरोना से निपटने के लिए आज एक उच्च स्तरीय समिति गठित की। इसमें भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव को भी शामिल किया गया है। यह समिति कोरोना से कारगर तरीके से निपटने के लिए सुझाव देगी। ें बैजल दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अध्यक्ष हैं। सूत्रों के मुताबिक छह सदस्यीय समिति में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के दो सदस्य और एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया भी शामिल हैं। केजरीवाल की शाह से मुलाकात दो दिन पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और दोनों नेताओं ने दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति पर व्यावक चर्चा की थी। दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 34,867 पहुंच चुकी है। गुरुवार को राजधानी में रेकॉर्ड 1877 नए मामले सामने आए। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन का कहना है कि यह जंग जैसे हालात हैं और दिल्ली सरकार कोरोना मरीजों के इलाज के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। सूत्र ने कहा कि उच्च स्तरीय समिति डीडीएमए को कोविड-19 से निपटने के लिए सुझाव देगी। इनमें विभिन्न एजेंसियों द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बीच तालमेल के सुझाव भी शामिल हैं। इससे कोरोना संकट से निपटने के लिए एक व्यावहारिक रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। केजरीवाल ने हाल ही दावा किया था कि अगर अन्य राज्यों के लोग इलाज के लिए दिल्ली आए तो दिल्ली को 31 जुलाई तक 1.5 लाख बेड्स की जरूरत होगी। स्टेडियमों को कोविड-19 फैसलिटी में बदलने का सुझाव उपराज्यपाल द्वारा गठित एक अन्य पैनल ने दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रगति मैदान, तालकटोरा इंडोर स्टेडियम, इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम और जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में अस्थाई कोविड-19 फैसलिटी बनाने का सुझाव दिया है। समिति ने साथ ही त्यागराज स्टेडियम और ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम को भी इसके लिए इस्तेमाल करने की सिफारिश की है। दिल्ली में हर रोज हजार की तादाद में कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं। इतना ही नहीं दिल्ली मे स्वास्थ्य सेवाओं के भी हालात ठीक नहीं है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को जमकर लताड़ लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चेन्नई और मुंबई की तुलना में दिल्ली में जांच क्यों कम की जा रही है। दिल्ली सरकार को फटकार कोरोना मरीजों की मौत के बाद उनके शव के रखरखाव के तरीके पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार पर सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि दिल्ली में और उनके अस्पतालों में बहुत बुरा हाल है। होम मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस का अनुपालन नहीं हो रहा है। अस्पताल डेड बॉडी का सही तरह से रखरखाव और निपटारा नहीं कर रही है।
नई दिल्ली देश में कोरोना वायरस के मामले अब तेजी से बढ़ रहे हैं और हाल फिलहाल इसमें कमी आने की संभावना नहीं है। भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 लाख के करीब पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में इसके और विकराल होने की आशंका है। विशेषज्ञों के मुताबिक जुलाई के मध्य में या अगस्त की शुरुआत में देश में देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या चरम पर पहुंच सकती है। अभी से देश में कई राज्य सरकारों की स्वास्थ्य व्यवस्था का दम फूलने लगा है। जब देश में कोरोना के मामले पीक पर होंगे तो क्या स्थिति होगी। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के वाइस चैयरमैन डॉ. एसपी बायोत्रा के मुताबिक कोरोना की कर्व हाल-फिलहाल फ्लैट होती नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा, ‘जुलाई के मध्य में या अगस्त में देश में कोरोना के मामले पीक पर पहुंच सकते हैं। मुझे नहीं लगता है कि अगले साल की पहली तिमाही से पहले वैक्सीन आएगी।’ रोज करीब 10 हजार मामले देश में अब रोजाना कोरोना के करीब 10 हजार नए मामले आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक आज सुबह 8 बजे तक देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 10956 नए मामले सामने आए। देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 297535 पहुंच चुकी है। अच्छी बात यह है कि इनमें से 147195 लोग इस महामारी से उबर चुके हैं। कोरोना से देश में 8498 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची में अब अमेरिका, ब्राजील और रूस के बाद चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। विकराल हो सकती है स्थिति अगर देश में कोरोना के मामले इसी रफ्तार से बढ़े तो भयावह स्थिति हो सकती है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि 31 जुलाई तक शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 5.5 लाख तक पहुंच सकती है। सोचिए अगर दिल्ली में ही इतने मरीज होंगे तो देश का क्या स्थिति होगी। अभी दिल्ली देश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों की सूची में तीसरे स्थान पर है। दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 34687 है जिनमें से 1085 की मौत हो चुकी है। राजधानी में 12731 लोग कोरोना से उबर चुके हैं। चरमराने लगी है स्वास्थ्य व्यवस्था इतने ही मामलों में दिल्ली सरकार के हाथपैर फूलने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि दिल्ली में कोरोना मरीजों की हालत जानवरों से भी बदतर है। लेकिन इसके पीछे की डरावनी जमीनी हकीकत दिल्लीवाले पिछले कई दिनों से देख रहे हैं। हॉस्पिटलों में बेड नहीं है, मरीज जहां-तहां पड़े हैं। कोई कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट्स पर सवाल उठा रहा है, कोई हॉस्पिटल पर राजनीति करने का आरोप लगा रहा है तो कहीं मौत के आंकड़े पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच आम दिल्लीवाला परेशान है कि आखिर वो कहां जाए। सवाल यह है कि जब कोरोना के मामले पीक पर होंगे तो मरीजों की क्या स्थिति होगी।
नई दिल्ली, 11 जून 2020,देश की राजधानी में अस्पतालों में उपलब्ध बेड्स और दिल्ली सरकार के कोरोना ऐप में दिखाई गई बेड्स की संख्या में बड़ा गैप दिखाने के बाद इंडिया टुडे ने और गहराई से जाकर जांच की तो पाया कि प्राइवेट अस्पताल जो कोविड इलाज के लिए निर्धारित किए गए हैं, वहां महामारी से निपटने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर ही मौजूद नहीं हैं. इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (SIT) ने जिन प्राइवेट अस्पतालों की जांच की वहां न आइसोलेशन वार्ड दिखे, न बेड, न उपकरण, यहां तक कि कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए स्टाफ भी तैयार नजर नहीं आया. न बेड, न वार्ड दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव में धर्मशाला नारायणा अस्पताल की मैनेजर ममता से SIT के एक अंडरकवर रिपोर्टर ने कोविड मरीज के तीमारदार के तौर पर बात की. ममता- ‘हमारे पास बेड्स नहीं है. सर.’ रिपोर्टर- ‘लेकिन ये (ऐप) 30 दिखा रहा है, मैडम.’ ममता- ‘सर, ऐप में 30 दिख रहे हैं, लेकिन हमारे पास बेड्स तैयार नहीं हैं. हमने सरकार को सूचित किया है कि हमारे पास बेड्स नहीं हैं. हमारे पास वार्ड्स नहीं हैं. हमारे पास सिर्फ 10 बेड्स और 11 मरीज हैं.’ ममता ने कबूल किया- ‘पहली बात बेड्स ही नहीं हैं. उन्होंने फिर भी गिनती दिखा दी. अनुपात (कोरोना वायरस मरीजों के बेड्स का) तभी उपलब्ध कराया जा सकता है अगर वो फिजीकली उपलब्ध हों.’ इलाज को तैयार नहीं स्टाफ पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार में जीवन अनमोल अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नीरा सोढ़ी ने कबूल किया कि उनका स्टाफ कोविड मरीजों को अस्पताल में लेने के लिए तैयार नहीं है. रिपोर्टर: ‘क्या आप एडमिशन ले रही हैं?’ डॉ. सोढ़ी- ‘फिलहाल नहीं, मेरे पास स्टाफ नहीं है.’ डॉ. सोढ़ी ने साफ किया कि ‘एडमिशन तभी हो सकते हैं जब आपके पास स्टाफ हो, हमारे पास अभी तक स्टाफ नहीं है.’ डॉ. सोढ़ी ने कहा, ‘सरकार ने हमसे ऐसा करने के लिए कहा. हम सहमत हो गए. हमने जगह उपलब्ध कराई. लेकिन मेरा स्टाफ मना कर रहा है. अगर उनसे कहा जाए तो वो जॉब छोड़ देंगे. मैं क्या कर सकती हूं.’ क्रिटिकल केयर इक्विपमेंट मौजूद नहीं दिल्ली के यमुना विहार में पंचशील अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. रियाज ने माना कि उनके यहां वेंटिलेटर्स नहीं हैं, जिनकी गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ सकती है. डॉ रियाज- ‘सर, हम कोविड मरीज नहीं भर्ती कर रहे. उन्हें वेंटिलेटर्स की जरूरत होगी लेकिन हमारे पास वेटिलेटर्स की सुविधा नहीं है.’ ऐप पर बेतरतीब लिस्टिंग दिल्ली के सबसे पुराने प्राइवेट अस्पताल ‘सेंट स्टीफंस’ में रजिस्ट्रेशन की ड्यूटी संभाल रहे शख्स ने कबूल किया कि अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है. रिपोर्टर- ‘दिल्ली सरकार का ऐप दिखा रहा है कि यह (सेंट स्टीफंस) भरा हुआ नहीं है.’ अस्पताल स्टाफ- ‘अगर पैसा आता है तो हम क्यों मना करेंगे? लेकिन आप एक हफ्ते में बेड तैयार नहीं कर सकते. इतने बेड उनके (थोड़े) टाइम फ्रेम में नहीं बन सकते. चीजों को अलग करना होगा. सब कुछ अलग करना होगा. उन्होंने सिर्फ़ क्षमता का जिक्र किया है जो हम बना सकते हैं.’ पिछले हफ्ते इंडिया टुडे ने प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों के रियलिटी चेक में दिखाया था कि मरीजों को बेड के लिए मना किया जा रहा है जबकि दिल्ली सरकार का कोरोना ऐप कुछ और दिखा रहा था. सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने आरोप लगाए कि उन्हें अस्पताल पहुंचने पर एडमिशन नहीं दिया गया. रिपोर्ट दिखाए जाने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि कुछ अस्पताल ‘गड़बड़ कर रहे’ हैं और अगर एक भी मरीज को भर्ती किए बिना लौटाया गया तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री ने शनिवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा था, ‘हम ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे. वो मरीजों को मना नहीं कर सकते. जो माफिया इसमें शामिल है उसे ब्रेक करने में कुछ वक्त लगेगा. इन थोड़े अस्पतालों के राजनीतिक कनेक्शन हैं लेकिन वो किसी भ्रम में न रहें कि उनके राजनीतिक आका उन्हें बचा लेंगे.’
नई दिल्ली, 11 जून 2020,देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना का विस्फोट जारी है. पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना के 1877 नए मामले सामने आए हैं. ये अब तक का सबसे बड़ा उछाल है. इस दौरान 65 लोगों की मौत भी हुई है. इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना से मौत का रिकॉर्ड भी टूट गया. दिल्ली में कोरोना से एक दिन में ये सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. दिल्ली में मौत का आंकड़ा 1000 के पार हो गया है. राजधानी में कोरोना से अब तक 1085 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 34687 हो गई है. दिल्ली में कोरोना के 20871 एक्टिव केस हैं. इससे पहले बुधवार को दिल्ली में कोरोना के कुल 1366 नए मामले सामने आए थे और 7 लोगों की मौत हुई थी. वहीं, देश में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. देश में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा 2 लाख 86 हजार को पार कर गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल मरीजों की संख्या 2 लाख 86 हजार 579 है, जिसमें 8 हजार 102 लोगों की मौत हो चुकी है. दिल्ली और मुंबई में कोरोना संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है. उधर, दिल्ली में मौतों को लेकर भी सियासत तेज हो गई है. साउथ एमसीडी के चेयरमैन भूपेंद्र गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली में मौतें इतनी ज्यादा हो रही हैं कि हमारे श्मशानघाट फुल हो गए हैं. इसलिए हमने दो और श्मशानघाट तैयार किए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में 2000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं.
नई दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कोविड-19 बीमारी नहीं हुई है। उनका कोरोना टेस्ट निगेटिव आया है। उन्होंने मंगलवार सुबह अपना कोरोना टेस्ट के लिए अपना सैंपल दिया था। अब सैंपल की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। केजरीवाल कोविड-19 महामारी के कुछ लक्षण आने के बाद रविवार से ही आइसोलेशन में थे। सिसोदिया ने दी थी जानकारी उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें बुखार है और गले में खरास है, इसीलिए मुख्यमंत्री ने खुद को आइसोलेट कर लिया। वह कोई बैठक भी नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं को पहले ही सभी सरकारी कार्यक्रमों एवं बैठकों से अलग कर चुके हैं। सोमवार को उन्होंने किसी अधिकारी से मुलाकात नहीं की। मुख्यमंत्री ने स्वयं को अपने आवास के अंदर आइसोलेशन में रखा था। सीएम की गैर-मौजूदगी में हुई अहम बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री की गैर-मौजूदगी में ही स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट की एक अहम बैठक हुई। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि केंद्र के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि दिल्ली में सामुदायिक संक्रमण नहीं हुआ है। वहीं ऐसा आकलन है कि 31 जुलाई तक संक्रमण के मामले बढ़कर 5.5 लाख तक पहुंच सकते हैं। बुखार के बाद सारे कार्यक्रम रद्द दिल्ली सरकार के अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले रविवार सुबह मुख्यमंत्री ने एक कैबिनेट मीटिंग की थी। इस बैठक में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन सहित कई मंत्रियों ने हिस्सा लिया था। बैठक में मुख्य सचिव विजय देव भी मौजूद थे। हालांकि बुखार आने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे मामले बहरहाल, दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव लोगों की कुल संख्या 29,943 हो गई। इनमें से 11,357 कोरोना रोगी अभी तक स्वस्थ हो चुके हैं। 17,712 एक्टिव कोरोना रोगी अभी भी दिल्ली में अपना उपचार करा रहे हैं। वहीं अभी तक कोरोना से दिल्ली से दिल्ली में 874 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
नई दिल्ली, 09 जून 2020,देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ते कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच एक बयान ने हलचल तेज़ कर दी है. मंगलवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने ऐलान किया कि दिल्ली में अब कम्युनिटी स्प्रेड जैसी स्थिति है, इस बात को एम्स के डायरेक्टर ने मान लिया है. लेकिन केंद्र सरकार इसका ऐलान करेगी. अब इस बयान के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, क्या दिल्ली में कोरोना की स्थिति बेकाबू हो गई है. और ये कम्युनिटी स्प्रेड क्या है, क्योंकि अगर स्थिति बिगड़ी तो एक बार फिर लॉकडाउन जैसी स्थिति सामने आ सकती है. क्या होता है कम्युनिटी स्प्रेड? - किसी भी बीमारी या महामारी का कम्युनिटी स्प्रेड यानी कम्युनिटी ट्रांसमिशन तब होता है, जब किसी संक्रमित व्यक्ति के सोर्स का कोई आधार ना हो. - यानी आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में नहीं आए हैं जिसे कोरोना वायरस था, लेकिन इसके बावजूद आप भी इससे पीड़ित हो गए हैं. - जब किसी इलाके में अधिक संख्या में मामले आ जाएं और लगातार ये संख्या फैलती जाए तो उसे कम्युनिटी ट्रांसमिशन कह सकते हैं. - उदाहरण के तौर पर अभी आधिकारिक तौर पर अमेरिका में कोरोना वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड है, क्योंकि वहां बीस लाख से अधिक मामले आ चुके हैं जिसमें से अधिकतर में कोई लक्षण ही नहीं है. - ऐसे मामले में किसी व्यक्ति को पता भी नहीं चलता है कि वो कोरोना वायरस से पीड़ित हो गया है, लेकिन टेस्टिंग सच उजागर करती है. - विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ये कोरोना वायरस की तीसरी स्टेज है. यानी पहली स्टेज जब कोई संक्रमित व्यक्ति आपके क्षेत्र में आता है. दूसरी स्टेज उस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोग कोरोना वायरस से पीड़ित हो जाएं. और तीसरी स्टेज तब जब किसी भी सोर्स के बिना कोई भी व्यक्ति संक्रमित हो जाए. मंगलवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने माना है कि दिल्ली में ऐसे कई मामले हैं, जिनका कोई सोर्स नहीं है यानी वो कोरोना पीड़ित कैसे हुए ये पता ही नहीं चल रहा है. ऐसे में दिल्ली में कम्युनिटी स्प्रेड का डर बताया जा रहा है. क्या फिर लौटेगी लॉकडाउन की सख्ती? दिल्ली सरकार का कहना है कि कम्युनिटी स्प्रेड पर फैसला केंद्र सरकार ही कर सकती है. लेकिन अगर केंद्र ऐसा ऐलान करती है तो क्या होगा. एक्सपर्ट्स का कहना है फिर एक बार फिर सख्ती से लॉकडाउन लगाना होगा, क्योंकि आप इसे अधिक फैलाना नहीं चाहेंगे. ऐसी स्थिति में तेजी से दोगुनी या उससे भी अधिक संख्या में टेस्टिंग को बढ़ाना होगा, ताकि कोरोना संक्रमित व्यक्ति की पहचान की जा सके और तुरंत इलाज किया जाए. दिल्ली के स्वास्थ्य सिस्टम को लेकर जैसे सवाल खड़े हो रहे हैं, ऐसे में इस तरह की स्थिति दिल्ली के लिए भयावह हो सकती है.
नई दिल्ली, 09 जून 2020, दिल्ली में एक तरफ कोरोना की स्थिति हाथ से निकलती नजर आ रही है तो दूसरी तरफ दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच तकरार पैदा हो गई है. दिल्ली में बढ़ते कोरोना मरीजों के मद्देनजर अरविंद केजरीवाल सरकार ने अस्पतालों को दिल्लवासियों के लिये रिजर्व रखने का फैसला लिया था, लेकिन उपराज्यपाल ने इस फैसले को पलट दिया है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच कोरोना के कम्युनिटी स्प्रेड की गुगली फेंक दी गई है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि दिल्ली में स्प्रेड बहुत बढ़ रहा है, ऐसे में अगर बाहर के लोग भी यहां आने लगेंगे तो व्यवस्था करना मुश्किल हो जायेगा. उन्होंने इस स्प्रेड को कम्युनिटी स्प्रेड बताने के लिये एम्स डायरेक्टर के बयान का हवाला दिया. एलजी के साथ मीटिंग में भी उठा मुद्दा इन तमाम मसलों पर मंगलवार को उपराज्यपाल के साथ दिल्ली सरकार की बैठक भी हुई है. अरविंद केजरीवाल के आइसोलेशन में होने चलते डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बैठक में शिरकत की. मनीष सिसोदिया ने बैठक में कहा कि अगले कुछ दिन में अगर केस ज्यादा आने लगे और बाहर से भी लोग आने लगे तो बेड कहां से आयेंगे. सिसोदिया ने बताया कि हमने मीटिंग में एलजी साहब से आदेश पर पुनर्विचार करने के लिये कहा है. वहीं, कम्युनिटी स्प्रेड का मुद्दा भी बैठक में उठा. मनीष सिसोदिया ने बताया कि भारत सरकार के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में अभी कम्युनिटी स्प्रेड नहीं है, इसलिये उस पर चर्चा की जरूरत नहीं है. हालांकि, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री इसे टेक्निकलिटी का नाम देकर अब भी स्प्रेड पर फोकस कर रहे हैं. मनीष सिसोदिया के साथ मौजूद सत्येंद्र जैन ने कहा, 'हम कह सकते हैं कि स्प्रेड है और कोरोना केस बढ़ रहे हैं, लेकिन इसे कम्युनिटी स्प्रेड कहना है या नहीं इस पर केंद्र सरकार को फैसला लेना है.' सत्येंद्र जैन ने एम्स डायरेक्टर के बयान भी हवाला दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर लोग सब जगह से आने लगेंगे तो हमें इंतजाम करने में दिक्कत आएगी. यानी दिल्ली सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हमने खतरे को देखते हुये दिल्लीवालों के लिये अस्पताल रिजर्व रखे थे ताकि लेकिन एलजी ने ये फैसला बदल दिया है. साथ ही टेक्निकलिटी का जिक्र करते हुये दिल्ली सरकार ने व्यापक स्प्रेड की बात भी बोल दी है. यानी दिल्ली सरकार का कहना ये है कि जब कोरोना इतने पैमाने पर बढ़ रहा है और दिल्ली में ज्यादा खतरा है, फिर अस्पतालों को रिजर्व न रखने का फैसला सही नहीं है और जब मरीज ज्यादा संख्या में आ जायेंगे तो इंतजाम कैसे होगा. मनीष सिसोदिया ने साफ कहा है कि एलजी के फैसले से दिल्लीवालों के सामने संकट खड़ा हो गया है. जिस रफ्तार से संक्रमण बढ़ रहा है, उससे लगता है कि 30 जून तक 15 हजार बेड की जरूरत होगी और 31 जुलाई तक 80 हजार बेड की जरूरत होगी. 31 जुलाई तक 5 लाख से अधिक केस हो सकते हैं. अभी दिल्ली सरकार के मुताबिक, साढ़े आठ से नौ हजार बेड उपलब्ध हैं और अगले 15 दिन में 15 से 17 हजार बेड की व्यवस्था होने का टारगेट सरकार का है. लेकिन जितनी तेजी से कोरोना के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, वैसे में बेड को लेकर बवाल हो सकता है.
नई दिल्ली, 09 जून 2020, कोरोना काल में दिल्ली की 'बेड' व्यवस्था ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में सिर्फ दिल्लीवालों के इलाज का फरमान जारी किया तो 24 घंटे के अंदर ही उपराज्यपाल ने आदेश पलट दिया. अब हालात ये हैं कि दिल्ली में बढ़ते कोरोना के बीच लड़ाई सरकार बनाम उपराज्यपाल की हो गई है. उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन की हैसियत से सीएम के फैसले पर वीटो लगाया है. नए आदेश के मुताबिक दिल्ली के अस्पतालों में सभी लोगों का इलाज होगा यानी बाहर से आने वाले भी जगह खाली होने पर दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे. इधर उपराज्यपाल ने फैसला बदला उधर दिल्ली सरकार खफा हुई. सीएम केजरीवाल ने तुरंत ट्वीट कर इसे दिल्ली वालों के लिए नई मुसीबत बता दिया. केजरीवाल ने लिखा, ''एलजी साहब के आदेश ने दिल्ली के लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या और चुनौती पैदा कर दी है. देशभर से आने वाले लोगों के लिए करोना महामारी के दौरान इलाज का इंतज़ाम करना बड़ी चुनौती है. शायद भगवान की मर्ज़ी है कि हम पूरे देश के लोगों की सेवा करें. हम सबके इलाज का इंतज़ाम करने की कोशिश करेंगे.' अब कैसे होगा इंतजाम? एलजी के फैसला पलटने के बाद अब केजरीवाल इंतजाम की बात कर रहे हैं. हालांकि, 7 जून को उन्होंने जब यह आदेश जारी किया था तब उनकी दलील ये थी जून के अंत तक 15 हजार कोरोना के मरीजों के लिए बेड की जरूरत होगी. दिल्ली के अस्पतालों में 60 से 70 फीसदी लोग दिल्ली के बाहर के थे. ऐसे में बाहरी लोगों को अगर इलाज कराने की इजाजत दी गयी तो तीन दिन के अंदर बेड भर जाएंगे. इन तमाम मसलों पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र ने आजतक को बताया कि पिछले कई दिनों से रोजाना 1000 से ज्यादा मामले आ रहे हैं, तो दिल्ली के लोगों को इलाज कराने के लिए जगह की आवश्यकता है और दूसरा अगर देखें तो आसपास के राज्य कह रहे हैं कि उनके यहां कोरोना है ही नहीं. जब वह कह ही नहीं रहे हैं कि करोना है तो कोई मुद्दा ही नहीं है. इसके अलावा सत्येंद्र जैन ने बेड को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भी 14 से 15 दिन के अंदर मामले डबल हो रहे हैं, तो इस हिसाब से अगले 14 से 15 दिन में दिल्ली में करीब 56,000 मामले हो जाएंगे. अभी हमारे पास साढ़े आठ से नौ हजार बेड हैं लेकिन हमारा लक्ष्य है कि अगले 15 दिन में 15 से 17 हजार बेड की व्यवस्था हो जाए. सरकार अब भले ही बेड के दावे कर रही है लेकिन बड़ा सवाल ये है कि एक तरफ जहां दिल्ली में कोरोना बहुत तेजी से बढ़ रहा है, खुद सीएम केजरीवाल का कोरोना टेस्ट रहा है, ऐसे में दिल्ली सरकार बेड की व्यवस्था को किस हद तक नियंत्रित कर पायेगी.
है नई दिल्ली कोरोना वायरस की चपेट में बुरी तरह आ चुकी दिल्ली (corona in delhi) की भविष्य की तस्वीर और भयानक होनेवाली है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (manish sisodia on corona in delhi) के मुताबिक, दिल्ली में 31 जुलाई तक साढ़े पांच लाख केस हो सकते हैं। फिलहाल दिल्ली में 12.6 दिन में कोरोना केस डबल हो रहे हैं। सिसोदिया ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार मानती है फिलहाल दिल्ली में कम्यूनिटी स्प्रेड (community transmission in delhi) नहीं हो रहा है। जबकि दिल्ली सरकार को लगता है कि ऐसा शुरू हो चुका है। सिसोदिया ने यह बात एसडीएमए (स्टेट डिजॉस्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) की बैठक के बाद कही। इसमें उपराज्यपाल अनिल बैजल भी शामिल थे। 12-13 दिन है डबलिंग रेट दिल्ली सरकार की तरफ से मनीष सिसोदिया ने बताया कि फिलहाल 12 से 13 दिन के अंदर कोरोना केस दोगुने हो रहे हैं। इसे देखते हुए तैयारी तेज करनी होगी। बेड पड़ेंगे कम, उपराज्यपाल ने फैसले पर पुनर्विचार से किया इनकार मनीष सिसोदिया ने कहा कि 15 जून तक दिल्ली में कोरोना के कुल केस 44 हजार तक पहुंच सकते हैं। आंकड़ा 30 जून तक बढ़कर एक लाख तक पहुंच सकता है। वहीं 15 जुलाई तक कोरोना केस सवा लेख होंगे और 31 जुलाई तक मरीजों की संख्या साढ़े 5 लाख तक पहुंच सकती है। उस वक्त इलाज के लिए 80 हजार बेड की जरूरत होगी। मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली सरकार ने जो दिल्ली में सिर्फ दिल्ली के लोगों के इलाज का फैसला लिया था उसका पलटा जाना ठीक नहीं है, इससे दिल्लीवालों के लिए संकट पैदा हो गया है। सिसोदिया ने कहा कि मीटिंग में उपराज्यपाल अनिल बैजल से इसपर फिर से विचार करने को कहा गया लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। केंद्र सरकार ने कहा कम्यूनिटी स्प्रेड नहीं है: सिसोदिया दिल्ली में जिस स्पीड से केस बढ़ रहे हैं उससे कम्यूनिटी स्प्रेड का खतरा लग रहा है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने साफ तौर पर कहा भी कि दिल्ली में कम्यूनिटी स्प्रेड शुरू हो चुका है। लेकिन फिलहाल केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने आज की बैठक में इसे मानने से इनकार कर दिया। मीटिंग के बाद भी जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार साफ कह रही है कि कम्यूनिटी स्प्रेड है लेकिन इसे घोषित करने का अधिकार केंद्र सरकार के ही पास है।
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के केस 30 हजार तक पहुंच चुके हैं। इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने तो साफ तौर पर कह दिया है कि यह कम्यूनिटी स्प्रेड (corona community transmission in delhi) है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसे माना तब ही जाएगा जब केंद्र सरकार इसे घोषित करेगी। त्येंद्र जैन का यह बयान उपराज्यपाल की बैठक से ठीक पहले आया है। इस बैठक में सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया भी शामिल हैं। इस बैठक में दिल्ली में कोरोना की स्थिति पर चर्चा होनी है, मनीष सिसोदिया ने कहा था कि आंकड़ों की स्टडी के बाद तय किया जाएगा कि कम्यूनिटी स्प्रेड है या नहीं। दूसरी तरफ मीडिया से बात करते वक्त सत्येंद्र जैन ने इसकी तरफ साफ इशारा कर दिया। जैन ने कहा, 'एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कम्यूनिटी स्प्रेड है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनका सोर्स नहीं पता। अब केंद्र सरकार मानेगी तब ही होगा। दिल्ली में ऐसे कई केस हैं, लगभग आधे केस ऐसे हैं जिनका सोर्स नहीं पता।' उपराज्यपाल के फैसले पर भी बोले सत्येंद्र जैन ने कहा कि कल रात से बहुत सारे फोन हमें आ रहे हैं और वह लोग पूछ रहे हैं कि दिल्ली वालों का इलाज कहां पर होगा। पूरे देश में दुनिया भर से जो फ्लाइट आई थी दिल्ली और मुंबई दो जगह आई थी और यह बीमारी हिंदुस्तान में नहीं थी हिंदुस्तान में बाहर से आई थी। जब फ्लाइट आईं तो उसके बाद आज मुंबई में 50000 मामले हैं और दिल्ली में लगभग 30000 मामले हैं। 10 दिन में 50 हजार हो जाएंगे केस सत्येंद्र जैन बोले कि दिल्ली में इलाज की जिम्मेदारी हमारी है। हम लोग मुंबई से 10 दिन पीछे हैं और उसी अनुपात में दिल्ली में संख्या बढ़ रही है। ऐसी आशंका है कि दिल्ली में हम अगले 10 दिन में 50000 पर पहुंच जाएंगे। इसलिए हमें एक्स्ट्रा बेड चाहिए।
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच डरानेवाली बात यह है कि टेस्ट होने पर ज्यादातर लोग कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं यानी दिल्ली में यह बुरी तरह फैल चुका है। सोमवार की बात करें तो कुल टेस्ट में से 27 प्रतिशत लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसी के साथ दिल्ली में कोरोना के मामले 30 हजार के करीब पहुंच चुके हैं। आज एलजी अनिल बैजल ने इसपर बैठक बुलाई है। अरविंद केजरीवाल की जगह मनीष सिसोदिया वहां मौजूद हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 3700 लोगों का कारोना टेस्ट हुआ, इसमें से 1007 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। यानी कुल टेस्टिंग के 27 प्रतिशत लोग संक्रमित थे। पिछले हफ्ते की बात करें तो पॉजिटिविटी रेट 26 प्रतिशत था। पॉजिटिविटी रेट से यहां मतलब प्रति 100 केसों पर कितने केस संक्रमित मिले उससे है। कम्यूनिटी स्प्रेड का खतरा दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव लोगों की कुल संख्या 29,943 हो गई। इनमें से 11,357 कोरोना मरीज अभी तक स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं 17,712 केस एक्टिव हैं। दिल्ली में अब कोरोना वायरस का कम्युनिटी संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ने लगा है। मंगलवार को इसपर एक बैठक होनी है। इस बैठक को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था, 'दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। कोरोना की स्थिति पर चर्चा करने के लिए एसडीएमए (स्टेट डिजॉस्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) की बैठक होनी है। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा इस पर मुद्दे पर होनी है कि अभी दिल्ली में कोरोना का स्टेटस क्या है। क्या कोरोना सामुदायिक फैलाव के स्तर पर पहुंच गया है। इस बात पर चर्चा होगी कि अगर दिल्ली में कोरोना सामुदायिक फैलाव के स्तर पर पहुंच गया है, तो उससे लड़ने की रणनीति फिर क्या होगी। इसके लिए कल सभी डेटा के साथ कुछ विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। उन विशेषज्ञों के साथ चर्चा होनी है।' दिल्ली में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं और होने जा रही एसडीएमए की बैठक में अगर यह पाया जाता है कि कम्यूनिटी स्प्रेड हो रहा है, तो दिल्ली सरकार की पूरी रणनीति बदल जाएगी। 183 हुए हॉटस्पॉट्स दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से यहां कोरोना हॉटस्पॉट्स की संख्या भी बढ़ती जा रही है। दिल्ली में हॉटस्पॉट्स की संख्या बढ़कर 183 हो चुकी है। रविवार तक दिल्ली में हॉटस्पॉट्स की संख्या 169 थी।
नई दिल्ली दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) ने दिल्ली के अस्पतालों (Delhi Hospital) में केवल राजधानी के लोगों के इलाज को लेकर दिए केजरीवाल सरकार के फैसले को पलट दिया है। नए आदेशों के मुताबिक अब कोई भी व्यक्ति दिल्ली के अस्पतालों में इलाज करा सकता है। दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच दिल्ली कैबिनेट ने रविवार को फैसला लिया था कि दिल्ली सरकार के सरकारी और निजी अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के निवासियों का ही इलाज होगा, जबकि केंद्र सरकार के अस्पतालों में सभी का इलाज होगा। हालांकि बैजल के फैसले के बाद अब दिल्ली में सभी का इलाज हो सकेगा। रविवार दोपहर दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया, जिसके बाद दिल्ली से बाहर के लोगों को राजधानी में इलाज करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता। फैसले के मुताबिक, दिल्ली में मौजूद दिल्ली सरकार के सरकारी हॉस्पिटल और प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज (arvind kejriwal on corona Treatment) होना था। वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल सभी के लिए खुले रहते। हालांकि अब यह फैसला उपराज्यपाल ने पलट दिया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत आनेवाले हॉस्पिटल और दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा। हालांकि केंद्र सरकार के हॉस्पिटल जैसे एम्स, सफरदरजंग और राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) में सभी लोगों का इलाज हो सकेगा, जैसा अबतक होता भी आया है। हालांकि, कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल जो स्पेशल सर्जरी करते हैं जो कहीं और नहीं होती उनको करवाने देशभर से कोई भी दिल्ली आ सकता है, उसे रोक नहीं होगी। केजरी सरकार के इस फैसले को पलटने के साथ ही दिल्ली के LG ने राज्य सरकार के विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोविड-19 टेस्टिंग से संबंधित 18 मई को जारी ICMR की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करें।
नई दिल्ली, 08 जून 2020,दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत खराब हो गई है. उन्हें खांसी और बुखार की शिकायत है, जिसके बाद कल उनको कोरोना वायरस टेस्ट करवाया जाएगा. सीएम की तबीयत को लेकर जैसे ही जानकारी आई उसके बाद से ही उनके स्वास्थ्य को लेकर कई नेताओं ने चिंता व्यक्त की है. दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता से लेकर पूर्व साथी कुमार विश्वास ने जल्द ठीक होने की कामना की है. दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने ट्वीट कर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के अस्वस्थ होने की जानकारी मिलने पर अभी फोन कर उनकी कुशलक्षेम पूछी, ईश्वर से प्रार्थना वह शीघ्र स्वस्थ हों. आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने भी ट्वीट कर लिखा कि अरविंद केजरीवाल, आप एक प्रेरक हैं और हीरो हैं. दिल्ली वालों की सेहत के लिए आपने अपने आप को रिस्क में डाला है. हम कामना करते हैं कि आप जल्द स्वस्थ हों. इनके अलावा कुमार विश्वास, तेजिंदर बग्गा समेत दिल्ली के कई नेताओं और देश के अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया पर अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य के लिए चिंता व्यक्त की और जल्द ठीक होने की कामना की. बता दें कि सोमवार को ही ये खबर सामने आई की दिल्ली के मुख्यमंत्री को बीते दिन से ही कुछ दिक्कत आ रही है. जिसके बाद उन्होंने खुद को सेल्फ आइसोलेशन में रख लिया है, साथ ही उनकी सभी बैठकें रद्द कर दी गई हैं. अब तय हुआ है कि मंगलवार को अरविंद केजरीवाल का कोरोना वायरस टेस्ट करवाया जाएगा.
नई दिल्‍ली कोरोना वायरस से जूझ रही दिल्‍ली के लिए एक और चिंताजनक खबर है। मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत खराब हो गई है। उन्‍हें रविवार से हल्‍का बुखार और गले में खराश है। कोरोना वायरस के रिस्‍क को देखते हुए कल उनका टेस्‍ट कराया जाएगा। सोमवार की उनकी सारी मीटिंग्‍स कैंसिल कर दी गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केजरीवाल ने कल दिल्ली में कोरोना की स्थिति की जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जिसके बाद उनकी तबीयत थोड़ी गड़बड़ हुई। ऐहतियातन उन्‍होंने खुद को होम आइसोलेशन में रखा है। AAP सरकार ने दिल्‍ली में एसिम्‍प्‍टोमेटिक और प्री-सिम्‍प्‍टोमेटिक केसेज के कोरोना टेस्‍ट पर रोक लगा रखी है। सिर्फ लक्षण वाले संदिग्‍धों का टेस्‍ट होता है। कॉन्‍टैक्‍ट्स को क्‍वारंटीन करने की कोशिश शुरू सौरभ भारद्वाज ने एक चैनल से बातचीत में केजरीवाल की तबीयत खराब होने की पुष्टि की। उन्‍होंने बताया कि पिछले कुछ दिन में सीएम के संपर्क में आने वालों लोगों ने सावधानी बरतनी शुरू कर दी है। भारद्वाज ने कहा कि 'सीएम सेल्‍फ क्‍वारंटीन में हैं। कल सुबह टेस्‍ट के बाद पक्‍का पता जाएगा।' भारद्वाज ने कहा कि कैबिनेट की मीटिंग्‍स तो दूर-दूर बैठकर होती थीं। सरकारी अधिकारियों को सावधानी बरतनी चाहिए। दिल्‍ली में कोरोना मामलों का विस्‍फोट देश की राजधानी में कोरोना वायरस मामलों की संख्‍या तेजी से बढ़ रही है। सोमवार सुबह तक दिल्‍ली में करीब 29 हजार मामले हो चुके थे। इनमें से 10,999 कोरोना मरीज अभी तक स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं 17,125 ऐक्टिव मरीज अभी भी इलाज करा रहे हैं। दिल्ली सरकार के मुताबिक, 12,213 कोरोना पेशंट्स को उनके घरों में ही आइसोलेशन में रहने को कहा गया है। यहां मरने वालों की संख्‍या 812 पहुंच चुकी है। दिल्ली में कोरोना हॉटस्पॉट्स की संख्या भी बढ़कर 169 हो चुकी है। 'दो हफ्ते में डबल हो जाएंगे केस' दिल्‍ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि अगले दो हफ्ते में राजधानी में कोरोना के केस डबल होकर 56 हजार तक पहुंच जाएंगे। इन सबके बीच, दिल्ली सरकार ने सोमवार से शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल और रेस्तरां खोलने का ऐलान किया है। लेकिन होटल और बैंक्विट हॉल अभी बंद रहेंगे। यह छूट अनलॉक-1 के तहत दी गई है। अस्‍पतालों में अब सिर्फ दिल्‍ली के मरीजों का इलाज रविवार को सीएम ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए ऐलान किया था कि दिल्‍ली के प्राइवेट अस्‍पतालों में अब सिर्फ यहीं के निवासियों का इलाज होगा। केजरीवाल ने बताया था कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत आनेवाले हॉस्पिटल और दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा। वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल जैसे एम्स, सफरदरजंग और राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) में सभी लोगों का इलाज हो सकेगा, जैसा अबतक होता भी आया है। हालांकि, कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल जो स्पेशल सर्जरी करते हैं जो कहीं और नहीं होती उनको करवाने देशभर से कोई भी दिल्ली आ सकता है, उसे रोक नहीं होगी। जून में दिल्‍ली को 1 हजार बेड की जरूरत रविवार को मुख्यमंत्री ने कहा था, 'हमें सुझाव मिले हैं कि अगर दिल्ली के सारे अस्पतालों को सबके लिए खोल दिए, तो अस्पतालों में उपलब्ध 9000 कोविड-19 बेड मात्र 3 दिन के अंदर भर जाएंगे।' दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई एक विशेष कमेटी ने जून के अंत तक दिल्ली को 15 हजार बेड की जरूरत पड़ने की संभावना जताई है।
नई दिल्‍ली देश की राजधानी में सोमवार दोपहर फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। दिल्‍ली पिछले दो महीने से लगातार हल्‍के झटकों का शिकार हो रही है। इससे लोगों में पैनिक फैल रहा है। सोमवार दोपहर 2.1 तीव्रता का भूकंप आया जिसका केंद्र हरियाणा के गुरुग्राम में बताया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटकों की शुरुआत 12 अप्रैल (3.5 तीव्रता) से हुई। तब से अबतक अलग-अलग दिन 14 बार झटके लग चुके हैं। एक्‍सपर्ट्स कहते हैं कि इन्‍हें हल्‍के में नहीं लिया जाना चाहिए। ये किसी बड़े भूकंप का संकेत हो सकते हैं। गुरुग्राम में था भूकंप का केंद्र शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र दिल्‍ली से सटे गुरुग्राम के पश्चिम में जमीन से 18 किलोमीटर गहराई में था। दोपहर 1 बजे दिल्‍ली-एनसीआर में झटके महसूस किए गए। इससे पहले आए झटकों का केंद्र कभी दिल्‍ली, कभी फरीदाबाद, रोहतक रहा है। दिल्‍ली में कब-कब लगे झटके? तारीख तीव्रता केंद्र 12 अप्रैल 3.5 दिल्‍ली 13 अप्रैल 2.7 दिल्‍ली 16 अप्रैल 2 दिल्‍ली 3 मई 3 दिल्‍ली 6 मई 2.3 फरीदाबाद 10 मई 3.4 दिल्‍ली 15 मई 2.2 दिल्‍ली 28 मई 2.5 फरीदाबाद 29 मई 4.5 और 2.9 रोहतक 1 जून 1.8 और 3 रोहतक 3 जून 3.2 फरीदाबाद 8 जून 2.1 गुरुग्राम वैज्ञानिक दे रहे बड़े भूकंप की चेतावनी इंडियन इं‍स्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी (IIT) के अलग-अलग एक्‍सपर्ट्स दिल्‍ली-एनसीआर में बड़ा भूकंप आने की चेतावनी दे चुके हैं। जानकार मानते हैं कि हल्‍के झटकों को चेतावनी की तरह देखा जाना चाहिए। IIT धनबाद के डिपार्टमेंट्स ऑफ अप्‍लाइड जियोफिजिक्‍स और सीस्‍मोलॉजी के मुताबिक, दिल्‍ली और एनसीआर में हाई इन्‍टेंसिटी का भूकंप आ सकता है। IIT कानपुर के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दिल्ली-हरिद्वार रिज में खिंचाव के कारण आए दिन धरती हिल रही है। इस वजह से झटकों का दौर जारी रहेगा। नैशनल सेंटर ऑफ सीस्‍मोलॉजी (NCS) के पूर्व हेड एके शुक्ला कहते हैं कि छोटे भूंकप को चेतावनी के रूप में जरूर देखा जा सकता है। जोन 4 में आती है दिल्‍ली, भूकंप का खतरा हमेशा भूकंप के लिहाज से, भारत को चार अलग-अलग जोन में डिवाइड किया गया है। हाई इन्‍टेंसिटी जोन V से लो इन्‍टेंसिटी जोन II तक। दिल्ली-एनसीआर जोन IV में आता है, जिसे 'गंभीर' माना जाता है। राजधानी दिल्ली देश में सबसे अधिक भूकंप अनुभव करने वाले शहरों में से एक है। हिमालय पर्वत श्रृंखला से लगभग 280 से 350 किमी की दूरी पर स्थित दिल्ली हिमालय के सक्रिय मुख्य सीमा थ्रस्ट (MBT) से दूर नहीं है, जो कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक जाती है।
नई दिल्ली, 07 जून 2020,कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. देश में हर रोज कोरोना वायरस के नए मरीज सामने आ रहे हैं. अब कश्मीरी मूल की महिला आतंकी भी कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाई गई है. जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. इस्लामिक स्टेट खुरासान मोड्यूल की कश्मीरी मूल की महिला आतंकी कोरोना वायरस से संक्रमित मिली है. महिला आतंकी फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी में है. महिला को तिहाड़ जेल से एनआईए ने 29 मई को कस्टडी में लिया था. तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि एनआईए को कस्टडी देने से पहले कोर्ट के आदेश के मुताबिक 28 तारीख को हमने महिला का टेस्ट करवाया था. उस वक्त महिला की रिपोर्ट निगेटिव आई थी. दरअसल, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने कश्मीरी मूल की महिला और उसके पति को दिल्ली में आतंकी हमलों की साजिश और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) प्रोटेस्ट के नाम पर लोगों को भड़काने के आरोप में पकड़ा था. सूत्रों का कहना है कि एनआईए की कस्टडी में अभी पांच लोग हैं. जिनसे अलग-अलग मामलों में पूछताछ की जा रही है. जो महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई है, वह सीएए प्रोटेस्ट के नाम पर दंगा भड़काने की आरोपी है. सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि एनआईए के कंट्रोल रूम में दो एनआईए के कर्मचारियों को भी कोरोना संक्रमण हुआ है. जिसके चलते एनआईए के कंट्रोल रूम को सैनिटाइज भी किया जा रहा है. साथ ही एक दर्जन के आसपास लोगों को क्वारनटीन भी किया जाएगा. अस्पताल में भर्ती जानकारी के मुताबिक महिला को एनआईए 10 दिन की कस्टडी में लेकर गई थी, जो कि अब खत्म हो गई है. इसके लेकर तिहाड़ प्रशासन को भी सूचना दी गई. तिहाड़ प्रशासन ने महिला को अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए कहा है. सूत्रों का कहना है कि महिला को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है.
नई दिल्ली, 07 जून 2020, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कोरोना संक्रमण के फैलाव पर चिंता जताई है. डॉक्टर गुलेरिया का दावा है कि कोरोना वायरस का पीक पर आना अभी बाकी है. अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समय पर कोरोना वायरस के मामले बढ़ सकते हैं. कम्युनिटी ट्रांसफर पर एम्स के डायरेक्टर ने कहा कि दिल्ली-मुंबई में कुछ इलाके हॉटस्पॉट हैं. उन्हीं इलाकों में हम कह सकते हैं कि लोकल ट्रांसमिशन हो रहा है. पूरे देश में ऐसी स्थिति नजर नहीं आ रही है. देश के 10 से 12 ऐसे शहर हैं, जहां पर लोकल ट्रांसमिशन के चांसेज हैं और 70 से 80 फीसदी केस वहीं से आ रहे हैं. कोरोना वायरस से चलते देशव्यापी लॉकडाउन अब धीरे-धीरे अनलॉक की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से कहीं न कहीं फायदा हुआ है लेकिन केस एकदम से कम भी नहीं हुए हैं. ऐसे में गरीबों की मदद के लिए लॉकडाउन को खोलना भी कहीं न कहीं जायज है. डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि लॉकडाउन खुल रहा है तो हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बढ़ जाती है. ऐसे में लोगों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाना जरूरी होगा. माइल्ड पेशेंट्स घर पर हो रहे ठीक कोरोना मरीजों के लिए बेड और वेंटिलेटर्स की कमी पर उन्होंने कहा कि बेड और वेंटिलेटर्स का ख्याल रखते हुए हमें प्लानिंग चेंज करनी होगी. जिन लोगों में संक्रमण के लक्षण हैं, उन्हें घर पर रहना चाहिए, उन्हें एडमिट नहीं करना चाहिए. डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि हमने देखा है कि माइल्ड पेशेंट्स खुद ही ठीक हो जाते हैं. उन्हें ज्यादा ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं होती है डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि हमारे पास वीआईपी पेशेंट्स ही नहीं हैं. हम सबका ट्रीटमेंट कर रहे हैं. अगर किसी में कोई लक्षण नहीं है तो हम उसका कैसे टेस्ट कर सकते हैं. दिल्ली में मरीजों की हो देखभाल डॉक्टर गुलेरिया ने दिल्ली में केवल दिल्ली के मरीजों के इलाज पर कहा कि जो लोग बीमार हैं, वे सब लोग भारत के ही नागरिक हैं. जो एनसीआर में लोग हैं, अगर उन्हें बाहर के राज्यों में सुविधा नहीं मिल पा रही है, दिल्ली में मिल रही है तो हमें उनकी देखभाल करनी चाहिए. स्वास्थ्यकर्मियों के कोरोना पॉजिटिव होने पर उन्होंने कहा कि ज्यादातर स्वास्थ्यकर्मी जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, वे नॉन कोविड-19 एरिया से आते हैं. इससे साबित हो रहा है कि जो लोग बाहर से आ रहे हैं, वे इन्फेक्शन लेकर अस्पताल में आ रहे हैं. इसलिए बहुत जरूरी है कि जो लोग यात्रा कर रहे हैं वे अपनी जिम्मेदारी समझें. भारत में मृत्युदर बहुत कम है डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि हम दूसरे देशों से मुकाबला नहीं कर सकते हैं क्योंकि यूरोप के कई देशों को मिलाकर हमारी संख्या है. केस बढ़ेंगे तो लोगों की जान बचाना हमारे लिए ज्यादा जरूरी है.
नई दिल्ली, 07 जून 2020, दिल्ली बीजेपी का नया-नया जिम्मा संभालने वाले प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता को पुलिस ने हिरासत में लिया है. आदेश गुप्ता लॉकडाउन के बीच राजघाट पर दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं की बिगड़ी स्थिति के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन में दिल्ली बीजेपी के सभी विधायक भी मौजूद थे. पुलिस ने आदेश गुप्ता को हिरासत में ले लिया है और उन्हें राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन लेकर गई है. दिल्ली बीजेपी का आरोप है कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चरमरा गई है. लोगों को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा है और वे इधर-उधर परेशान हो रहे हैं. दिल्ली बीजेपी इसी के खिलाफ रविवार को राजघाट पर प्रदर्शन कर रही थी. इस बीच पुलिस ने आदेश गुप्ता को हिरासत में ले लिया. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पुलिस ने पार्टी के दूसरे नेताओं को भी हिरासत में लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी नेता केजरीवाल सरकार के उस फैसले के खिलाफ भी प्रदर्शन कर रहे थे जिसमें केजरीवाल सरकार ने दिल्ली सरकार के तहत आने वाले अस्पताल और प्राइवेट हॉस्पिटल में सिर्फ दिल्ली के मरीजों का इलाज कराने का फैसला किया है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने रविवार को ये फैसला लिया है. इसी के साथ सोमवार से दिल्ली के बॉर्डर एक बार फिर से खोल दिए जाएंगें. इस बीच दिल्ली में कोरोना पॉजिटव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. दिल्ली के कई लोगों ने अस्पताल में बेड न मिलने और इलाज न मिल पाने की शिकायत की है. दिल्ली में अबतक कोरोना वायरस से 761 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि कुल 27654 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं.
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली कोरोना वायरस से बुरी तरह पस्त दिख रही है। इस बीच स्थिति और बिगड़ सकती है क्योंकि अब दिल्ली सरकार और मेडिकल स्टाफ आपने सामने आ गया है। दिल्ली सरकार की सख्ती के खिलाफ अब दिल्ली मेडिकल असोसिएशन ने आवाज उठाई है और उनके अलग-अलग कदमों का विरोध किया है। DMA का कहना है कि जिस तरह अरविंद केजरीवाल डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ को धमका रहे हैं वह बर्दाशत नहीं किया जाएगा। सर गंगा राम हॉस्पिटल पर दर्ज FIR का भी विरोध किया गया है। दिल्ली मेडिकल असोसिएशन ने अपना विरोध जताते हुए कहा, 'हम दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा डॉक्टर्स को दी जा रही चेतावनी और हॉस्पिटलों को दी जा रही धमकी का विरोध करते हैं। सर गंगा राम हॉस्पिटल के खिलाफ दर्ज FIR का भी विरोध किया जाता है। यह पूरे मेडिकल स्टाफ को हतोत्साहित करने जैसा है।' गंगा राम अस्पताल पर क्यों हुई FIR दिल्ली सरकार ने सर गंगा राम अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत जारी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने का मुकदमा दर्ज कराया है। सेंट्रल जिले के राजेंद्र नगर थाने में आईपीसी की धारा 188 (सरकारी कर्मचारी के निर्देशों की अवमानना करने) में यह एफआईआर शुक्रवार शाम को दर्ज की गई। अस्पताल पर आरोप है कि उसने कोविड-19 के सैंपल लेते समय आरटी पीसीआर ऐप का इस्तेमाल नहीं किया, जबकि सरकार की तरफ से यह जरूरी बताया गया था।
नई दिल्ली कोरोना वायरस काल में दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब दिल्ली से बाहरवाले लोगों को दिल्ली में इलाज करवाने में दिक्कतों का सामना करना होगा। फैसले के मुताबिक, दिल्ली में मौजूद दिल्ली सरकार के सरकारी हॉस्पिटल और प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज (arvind kejriwal on corona Treatment) होगा। वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल सभी के लिए खुले होंगे। केंद्र के हॉस्पिटलों में इलाज पर रोक नहीं दिल्ली सरकार ने कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया है। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत आनेवाले हॉस्पिटल और दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा। वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल जैसे एम्स, सफरदरजंग और राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) में सभी लोगों का इलाज हो सकेगा, जैसा अबतक होता भी आया है। हालांकि, कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल जो स्पेशल सर्जरी करते हैं जो कहीं और नहीं होती उनको करवाने देशभर से कोई भी दिल्ली आ सकता है, उसे रोक नहीं होगी। 60 से 70 प्रतिशत बाहर के लोग दिल्ली के हॉस्पिटलों में भर्ती रहे। लेकिन इस वक्त दिल्ली में समस्या है, कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे। ऐसी स्थिति में पूरे देश के लिए हॉस्पिटल खोल दिए तो दिल्ली के लोग कहां जाएंगे। केजरीवाल ने बताया कि पांच डॉक्टर्स की कमिटी बनाई गई थी जिन्होंने माना कि फिलहाल बाहर के मरीजों को रोकना होगा। केजरीवाल के मुताबिक, कमिटी ने कहा है कि दिल्ली को जून के अंत तक 15 हजार कोविड बेड चाहिए होंगे। फिलहाल दिल्ली के पास 9 हजार बेड हैं और अगर हॉस्पिटल सबके लिए खोल दिए तो ये 9 हजार तीन दिन में भर जाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि 7.5 लाख लोगों ने उन्हें सुझाव दिए, जिसमें से 90 प्रतिशत ने कहा कि फिलहाल कोरोना-कोरोना तक दिल्ली से हॉस्पिटल दिल्लीवालों के लिए होने चाहिए। दिल्ली में कल से क्या खुलेगा अरविंद केजरीवाल ने बताया कि 8 जून दिल्ली सील बॉर्डर को खोल रही है। इससे गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव और फरीदाबाद के लोग आसानी से दिल्ली आ सकेंगे। इसके साथ दिल्ली में रेस्तरां, मॉल और धार्मिक स्थान खोले जाएंगे। फिलहाल होटल और बैंकट हॉल नहीं खुलेंगे।
नई दिल्ली,राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल की मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ. मीनाक्षी भारद्वाज ने स्पष्ट किया है कि उनके अस्पताल में जिन मरीजों की जांच हो रही है, उनकी रिपोर्ट पूरी तरह से ठीक है. आजतक से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों का सैंपल दोबारा से चेक कराया गया है वो पहले वाला सैंपल नहीं था. वो बाद में लिया गया है. दिल्ली सरकार ने जो भी जांच कराई है वो हमारी जांच के 6-11 दिनों के बाद कराई गई है. इस दौरान कुछ मरीज ठीक हो गए थे. इसलिए उनकी जांच निगेटिव आई है. इसलिए हमारे जांच को गलत नहीं कहा जा सकता है. हमलोग जांच के लिए सभी मापदंडों को पूरी तरह से फॉलो कर रहे हैं. हमारी तरफ से कोई गलती नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि दिल्ली सरकार ऐसा आरोप क्यों लगा रही है? इस तरह के आरोप से हमारी परेशानी बढ़ रही है, क्योंकि हमलोगों पर पहले ही काफी दबाव है. आरएमएल में दिन रात भीड़ रहती है. ऐसे में हमारे लिए मैनेजमेंट देखना साथ ही इस तरह के आरोप को झेलना परेशान करने वाले हैं. मेडिकल सुप्रिटेंडेंट ने कहा कि हमलोग जांच की गुणवत्ता परखने के लिए खुद की लाइब्रेरी में भी जांच करते हैं, इसके अलावा ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद), AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) और लेडी हार्डिंग की लेबोरेटरी से भी संपर्क करते हैं. इसलिए गलती की गुंजाइश नहीं रह जाती है. राघव चड्डा ने लगाए थे गंभीर आरोप इससे पहले आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने आरोप लगाया है कि राम मनोहर लोहिया अस्पताल कोरोना संक्रमित लोगों के संबंध में गलत जानकारी दे रहा है. साथ ही 48 घंटे के भीतर कोरोना टेस्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सरकार के निर्देशों का उल्लंघन कर रहा है. राघव चड्ढा ने दावा किया है कि दिल्ली सरकार ने आरएमएल अस्पताल से प्राप्त 30 नमूनों का फिर से परीक्षण किया, जिन्हें कोरोना पॉजिटिव घोषित किया गया था, उनमें 12 को निगेटिव पाया गया और 2 के लिए परिणाम अनिर्णायक मिले हैं. राघव चड्ढा ने मांग उठाते हुए कहा है कि आरएमएल अस्पताल गलत परिणाम दे रहा है. दिल्ली सरकार को अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. आम आदमी पार्टी का आरोप है कि आरएमएल अस्पताल 48 घंटे के भीतर कोरोना टेस्ट के परिणाम जमा करने के सरकार के निर्देश का उल्लंघन कर रहा है. अस्पताल ने कई टेस्ट के परिणाम 3, 4, 7, 10 और यहां तक कि 31 दिनों की देरी से दिए हैं.
नई दिल्ली, 06 जून 2020,दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. राजधानी में 25 हजार से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं. कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था भी दबाव में आ गई है. हालांकि, केजरीवाल सरकार तो मरीजों के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही है. सरकार का कहना है कि मरीजों के लिए अस्पतालों में पर्याप्त बेड हैं. लोगों की सुविधा के लिए सरकार ने ऐप को भी लॉन्च किया है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहती है. अस्पतालों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण मरीजों की मौत हो रही है, जो केजरीवाल सरकार के दावों की पोल खोल रही है. अस्पताल में बेड नहीं मिलने से एक और मरीज की मौत होने का मामला सामने आया है. मृतक के परिजन अभिषेक जैन ने इंडिया टुडे टीवी के कार्यक्रम न्यूजट्रैक में अपने दर्द को बयां किया. उन्होंने कहा कि पिछले 2-3 दिनों से मेरे मरीज को बुखार था. बुधवार रात को जितने भी इमरजेंसी नंबर हैं हमने उसपर संपर्क किया. हमने कई अस्पतालों से भी संपर्क किया, लेकिन सबसे पहले उन्होंने ये पूछा कि आपका मरीज कोरोना पॉजिटिव होना चाहिए. अभिषेक जैन ने कहा कि गुरुवार सुबह उन्हें (मरीज) सांस लेने में दिक्कत होने लगी. उसके बाद हम उनको शालीमार बाग के फोर्टिस हॉस्पिटल ले गए. वहां पर उन्हें ऑक्सीजन दिया गया. इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने कहा कि आप अपने मरीज को वापस ले जाइए. हमारे पास कोई बेड नहीं है. हमने उनसे कहा कि आप कोरोना का टेस्ट तो कर लीजिए. अस्पताल प्रशासन ने कहा कि हम मदद नहीं कर सकते. सीएम और आईसीएमआर से किया संपर्क' मृतक के परिजन ने बताया कि उन्होंने सीएम केजरीवाल और आईसीएमआर से भी संपर्क किया, लेकिन कोई भी मदद को तैयार नहीं हुआ. 2 से 3 घंटे के बाद अस्पताल हम पर मरीज को वापस लेने जाने का दबाव बनाने लगा. हमने एंबुलेंस के लिए मदद मांगी तो अस्पताल ने कहा कि मरीज बिना एंबुलेंस के भी जाने लायक है. जब हमने दबाव डाला तो उन्होंने कहा कि हमारे एंबुलेंस काम नहीं कर रहे हैं. अस्पताल ने कहा कि हमारे कोविड टेस्टिंग सेंटर दो दिन से बंद हैं. मृतक के परिजन ने कहा कि इसके बाद मुझे मॉडल टाउन में एक अस्पताल मिला. लेकिन अस्पताल प्रशासन का कहना था कि उनके पास पीपीई किट नहीं है. मैंने मदद मांगी, लेकिन मुझे कोई मदद नहीं मिली. इस बीच उन्होंने स्ट्रैचर से मरीज को ट्रांसफर किया, लेकिन इस दौरान उनकी मौत हो चुकी थी. केजरीवाल सरकार से नाराज अभिषेक जैन ने कहा कि हमने उनसे इस तरह की उम्मीद नहीं थी. हम दिल्ली सरकार का ऐप देख रहे थे तो सबमें बेड दिखा रहा था. भावुक अंदाज में अभिषेक ने कहा कि क्या इसी के लिए हम हैं. अभिषेक जैन ने कहा कि जब हम अंतिम संस्कार के लिए गए तो हमें कहा गया कि दो दिन का समय लगेगा. कोई भी हमारी मदद नहीं कर रहा. सिर्फ मजाक बनाया जा रहा है.

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