पंजाब-हरियाणा

हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के चीफ राम रहीम के साम्राज्य को एक गुमनाम चिट्‌ठी ने तबाह किया था। यह चिट्‌ठी डेरे में साध्वियों के यौन शोषणा से जुड़ी हुई थी। यह चिट्ठी 13 मई 2002 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को संबोधित कर लिखी गई थी। जिस समय यह गुमनाम चिट्ठी सामने आई थी, उस वक्त डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम इंसां की पंजाब और हरियाणा समेत कई राज्यों में तगड़ी पैठ थी। यह वो समय था जब वोट बैंक के लिए उस समय के बड़े-बड़े राजनेता डेरा सच्चा सौदा में सिर झुकाने पहुंचते थे। इस चिट्‌ठी के सामने आने के बाद पहले डेरे के मैनेजर रणजीत सिंह का मर्डर हुआ। फिर पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या हुई। इसके बाद इसी मामले में राम रहीम को जेल जाना पड़ा। मंगलवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा मैनेजर रणजीत हत्याकांड में राम रहीम को बरी कर दिया। हालांकि पत्रकार छत्रपति और साध्वियों के यौन शोषण केस में वह अभी रोहतक की सुनारिया जेल में ही रहेगा। हालांकि इस फैसले के बाद गुमनाम चिट्‌ठी फिर सुर्खियों में आ गई है। दोनों ही कत्ल गुमनाम चिट्‌ठी के बाद हुए रणजीत सिंह: जिस वक्त यह गुमनाम चिट्‌ठी बाहर आई, उस समय रणजीत सिंह डेरे में मैनेजर था। रणजीत की बहन डेरे में साध्वी थी। CBI ने जांच में दावा किया था कि डेरे को शक था कि रणजीत ने ही अपनी बहन से यह चिट्‌ठी लिखवाई। जिसके बाद रणजीत की 10 जुलाई 2002 को हत्या कर दी गई। रामचंद्र छत्रपति : सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति के हाथ यह चिट्‌ठी लगी तो उन्होंने इसे अपने अखबार में छाप दिया। इसके बाद वह लगातार इसे छापते रहे। फिर 24 अक्टूबर 2002 को पत्रकार छत्रपति को गोलियां मार दी गई। 21 नवंबर को उनकी दिल्ली के प्राइवेट अस्पताल में मौत हो गई। वो चिट्ठी, जिसने डेरा प्रमुख के काले कारनामे उजागर किए. सेवा में, माननीय प्रधानमंत्री जी श्री अटल बिहारी वाजपेयी, भारत सरकार विषय : डेरे के महाराज द्वारा सैकड़ों लड़कियों से बलात्कार की जांच करें श्रीमान जी, निवेदन यह है कि मैं पंजाब की रहने वाली हूं और 5 साल से डेरा सच्चा सौदा सिरसा, हरियाणा (धन-धन सतगुरु तेरा ही आसरा) में साधु लड़की के रूप में कार्य कर रही हूं। मेरे साथ यहां सैकड़ों लड़कियां भी डेरे में 16 से 18 घंटे सेवा करती हैं। हमारा यहां शारीरिक शोषण किया जा रहा है। साथ में डेरे के महाराज गुरमीत सिंह द्वारा यौन शोषण (रेप) किया जा रहा है। मैं बीए पास लड़की हूं। मेरे परिवार के सदस्य महाराज के अंध श्रद्धालु हैं, उनकी प्रेरणा से मैं डेरे में साधु बनी थी। साधु बनने के 2 साल बाद एक दिन महाराज गुरमीत की परम शिष्या साधु गुरुजोत ने रात के 10 बजे मुझे बताया कि आपको पिताजी ने गुफा (महाराज के रहने का स्थान) में बुलाया है। मैं क्योंकि पहली बार वहां जा रही थी, मैं बहुत खुश थी। यह जानकर कि आज खुद परमात्मा ने मुझे बुलाया है। गुफा में ऊपर जाकर जब मैंने देखा महाराज बेड पर बैठे हैं। हाथ में रिमोट है, सामने टीवी पर ब्लू फिल्म चल रही है। बेड पर सिराहने की ओर रिवॉल्वर रखा हुआ है। मैं यह सब देखकर हैरान रह गई। मुझे चक्कर आने लगे। मेरे पांव के नीचे की जमीन खिसक गई। यह क्या हो रहा है। महाराज ऐसे होंगे? ऐसा मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। महाराज ने टीवी बंद किया व मुझे साथ बैठाकर पानी पिलाया और कहा कि मैंने तुम्हें अपनी खास प्यारी समझकर बुलाया है। मेरा यह पहला दिन था। महाराज ने मेरे को बांहों में लेते हुए कहा कि हम तुझे दिल से चाहते हैं। तुम्हारे साथ प्यार करना चाहते हैं, क्योंकि तुमने हमारे साथ साधु बनते वक्त तन-मन-धन सब सतगुरु के अर्पण करने को कहा था। तो अब ये तन-मन हमारा है। मेरे विरोध करने पर उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं हम ही खुदा हैं। जब मैंने पूछा कि क्या यह खुदा का काम है तो उन्होंने कहा- श्रीकृष्ण भगवान थे, उनके यहां 360 गोपियां थीं जिनसे वह हर रोज प्रेम लीला करते थे, फिर भी लोग उन्हें परमात्मा मानते हैं, यह कोई नई बात नहीं है। हम चाहें तो इस रिवॉल्वर से तुम्हारे प्राणपखेरू उड़ाकर दाह संस्कार कर सकते हैं। तुम्हारे घरवाले इस प्रकार से हमारे ऊपर विश्वास करते हैं व हमारे गुलाम हैं। वह हमारे से बाहर जा नहीं सकते। यह तुमको अच्छे से पता है। हमारी सरकार में बहुत चलती है। हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्री, पंजाब के केंद्रीय मंत्री हमारे चरण छूते हैं। राजनीतिज्ञ हमसे समर्थन लेते हैं, पैसा लेते हैं और हमारे खिलाफ कभी नहीं जाएंगे। हम तुम्हारे परिवार के नौकरी लगे सदस्यों को बर्खास्त करवा देंगे। सभी सदस्यों को अपने सेवादारों (गुंडों) से मरवा देंगे। सबूत भी नहीं छोड़ेंगे। यह तुम्हें अच्छी तरह पता है कि हमने गुंडों से पहले भी डेरे के प्रबंधक फकीर चंद को खत्म करवा दिया था जिनका अता-पता तक नहीं है। न ही कोई सबूत बकाया है, जो कि पैसे के बल पर हम राजनीतिक व पुलिस और न्याय को खरीद लेंगे। इस तरह मेरे साथ मुंह काला किया और पिछले तीन महीने में 20-30 दिन बाद किया जा रहा है। आज मुझको पता चला कि मेरे से पहले जो लड़कियां रहती थीं, उन सबके साथ मुंह काला किया गया है। डेरे में मौजूद 35-40 साधु लड़की 35-40 वर्ष की उम्र से अधिक हैं जो शादी की उम्र से निकल चुकी हैं। जिन्होंने परिस्थितियों से समझौता कर लिया है, इनमें ज़्यादातर लड़कियां बीए, एमए, बीएड, एमफिल पास हैं मगर घरवालों के अंधविश्वासी होने के कारण नरक का जीवन जी रही हैं। हमें सफेद कपड़े पहनना, सिर पर चुन्नी रखना, किसी आदमी की तरफ आंख न उठाकर देखना, आदमी से 5-10 फुट की दूरी पर रहना महाराज का आदेश है। दिखने में देवी हैं, मगर हमारी हालत वेश्याओं जैसी है। मैंने एक बार अपने परिवार वालों को बताया कि डेरे में सब कुछ ठीक नहीं है तो मेरे घर वाले गुस्से में होते हुए कहने लगे कि अगर भगवान के पास रहते हुए ठीक नहीं है तो ठीक कहां है। तेरे मन में बुरे विचार आने लग गए हैं। सतगुरु का सिमरन किया कर। मैं मजबूर हूं। यहां सतगुरु का आदेश मानना पड़ता है। यहां कोई भी दो लड़कियां आपस में बात नहीं कर सकतीं। घरवालों को टेलीफोन मिलाकर बात नहीं कर सकतीं। घरवालों का हमारे नाम फोन आए तो हमें बात करने का महाराज के आदेशानुसार हुक्म नहीं है। यदि कोई लड़की डेरे की इस सच्चाई के बारे में बात करती है तो महाराज का हुक्म है कि उसका मुंह बंद कर दो। पिछले दिनों बठिंडा की लड़की साधु ने जब महाराज की काली करतूतों का सभी लड़कियों के सामने पर्दाफाश किया तो कई साधु लड़कियों ने मिलकर उसे पीटा। जो आज भी घर पर इस मार के कारण बिस्तर पर पड़ी है। जिसका पिता ने सेवादारों से नाम कटवाकर चुपचाप घर बैठा दिया है। जो चाहते हुए भी बदनामी और महाराज के डर से किसी को कुछ नहीं बता रही। कुरुक्षेत्र जिले की एक साधु लड़की जो घर आ गई है, उसने अपने घर वालों को सब कुछ सच बता दिया है। उसका भाई बड़ा सेवादार था, जो कि सेवा छोड़कर डेरे से नाता तोड़ चुका है। संगरूर जिले की एक लड़की जिसने घर आकर पड़ोसियों को डेरे की काली करतूतों के बारे में बताया तो डेरे के सेवादार/गुंडे बंदूकों से लैस लड़की के घर आ गए। घर के अंदर से कुंडी लगाकर जान से मारने की धमकी दी व भविष्य में किसी से कुछ भी नहीं बताने को कहा। इसी प्रकार कई लड़कियां, जैसे कि जिला मानसा (पंजाब), फिरोजपुर, पटियाला, लुधियाना की हैं, जो घर जाकर भी चुप हैं क्योंकि उन्हें जान का खतरा है। इसी प्रकार जिला सिरसा, हिसार, फतेहबाद, हनुमानगढ़, मेरठ की कई लड़कियां जो कि डेरे की गुंडागर्दी के आगे कुछ नहीं बोल रहीं। इन सब लड़कियों के साथ-साथ मुझे भी मेरे परिवार के साथ जान से मार दिया जाएगा अगर मैं इसमें अपना नाम-पता लिखूंगी, क्योंकि मैं चुप नहीं रह सकती और न ही मरना चाहती हूं। जनता के सामने सच्चाई लाना चाहती हूं। अगर आप प्रेस के माध्यम से किसी भी एजेंसी से जांच करवाएं तो डेरे में मौजूद 40-45 लड़कियां, जो कि भय और डर में हैं, पूरा विश्वास दिलाने के बाद सच्चाई बताने को तैयार हैं। हमारा डॉक्टरी मुआयना किया जाए ताकि हमारे अभिभावकों व आपको पता चल जाएगा कि हम कुंवारी देवी साधु हैं या नहीं। हमारी मेडिकल रिपोर्ट ये साफ बता देगी कि हमारी ज़िंदगी डेरा सच्चा सौदा के महाराज गुरमीत राम रहीम सिंह जी संत के द्वारा तबाह की गई है। प्रार्थी एक निर्दोष जलालत का जीवन जीने को मजबूर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा चीफ राम रहीम समेत 5 लोगों को डेरा मैनेजर रणजीत सिंह हत्याकांड में बरी कर दिया है। राम रहीम समेत 5 आरोपियों को CBI कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी थी।राम रहीम इस वक्त रोहतक की सुनारिया जेल में बंद है। उसे 3 मामलों में सजा हुई थी। इनमें रणजीत हत्याकांड के अलावा पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या और साध्वियों के यौन शोषण का केस भी शामिल है। पत्रकार की हत्या में उसे उम्रकैद और यौन शोषण के 2 केसों में 10-10 साल की कैद हुई थी। इस केस में बरी होने के बावजूद राम रहीम को अभी जेल में ही रहना होगा
पंजाब के पटियाला में दीवारों पर खालिस्तानी नारे लिखने का मामला सामने आया है। इसकी जिम्मेदारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नून ने ली है। जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर मौजूद रही। दरअसल, 23 मई को पटियाला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पहली चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे। उससे पहले पटियाला में खालिस्तानी नारे दीवारों पर लिखे गए। ऐसे में पुलिस भी एक्शन मोड में आ गई है। स्थिति पर बेहद करीब से नजर रखी जा रही है। नारे लिखे जाने की घटना इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में फिर से खालिस्तान के समर्थन में नारे लिखे गए थे। करोलबाग और झंडेवालान मेट्रो स्टेशन के नीचे खालिस्तान के समर्थक नारे लिखे हुए थे। जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने इन नारों को मिटाया था। दिल्ली में इससे पहले भी दीवारों पर इस तरह के नारे लिखे जाने की घटना सामने आई थी। इस पूरे मामले की जिम्मेदारी अमेरिका में बैठे खालिस्तानी आतंकी गुरुपवंत सिंह पन्नू ने ली, जिसके बाद मेट्रो पुलिस ने केस दर्ज किया है। कौन है गुरुपवंत सिंह पन्नू? गुरुपवंत सिंह पन्नू इन दिनों सुर्खियों में है। दरअसल, अमेरिका में उसकी कथित तौर पर हत्या की कोशिश की गई थी। हत्या की साजिश का आरोप भारत पर लगाया गया। हालांकि, भारत ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। इसी गुरुपवंत सिंह पन्नू ने दिल्ली के बाद अब पटियाला में दीवारों पर खालिस्तानी नारे लिखवाए जाने की जिम्मेदारी ली है।
रोहतक: हरियाणा की राजनीति में मंगलवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। यहां तीन निर्दलीय विधायकों ने आज कांग्रेस को अपना समर्थन दे दिया। ये सभी विधायक पहले बीजेपी के साथ थे। वहीं आज इन तीनों विधायकों ने बीजेपी की प्रदेश सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया। इसके साथ ही राज्य में बीजेपी की नायब सरकार अल्पमत में आ गई है। भाजपा की सरकार से अपना समर्थन वापस लेने वालों में दादरी से विधायक सोमबीर सांगवान, नीलोखेड़ी से विधायक धर्मपाल गोंदर और पुंडरी से निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन के नाम शामिल हैं। भाजपा की सरकार से थी नाराजगी बता दें कि नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और प्रदेश अध्यक्ष उदय भान ने निर्दलीय विधायकों द्वारा कांग्रेस को समर्थन देने पर प्रेस वार्ता की। वहीं बादशाहपुर से विधायक राकेश दौलताबाद भी अपना समर्थन कांग्रेस को दे सकते हैं। हालांकि अभी तक वह प्रेस वार्ता में पहुंचे नहीं हैं। माना जा रहा है कि ये सभी ऐसे विधायक हैं जो मंत्रिमंडल में जगह ना मिलने की वजह से काफी दिनों से भाजपा से नाराज चल रहे थे। वहीं आखिरकार इन सभी निर्दलीय विधायकों ने आज मंगलवार को कांग्रेस पार्टी को अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया। निर्दलीय विधायकों ने क्या कहा? कांग्रेस को समर्थन देने वाले निर्दलीय विधायकों का कहना है कि बीजेपी सरकार की नीति जन विरोधी रही है। इसके कारण उन्होंने कांग्रेस को बाहरी समर्थन देने का फैसला किया। वह अब कांग्रेस का पूर्ण रूप से समर्थन देने का काम करेंगे। वहीं कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष उदय भान ने कहा कि बीजेपी सरकार जेजेपी और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार चला रही थी, लेकिन आज बीजेपी की प्रदेश सरकार अल्पमत में है। प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए। उन्हें अब सरकार में रहने का कोई अधिकार नहीं है। पूर्व सीएम और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि तीन निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन दिया है। यह जन समर्थन में फैसला लिया गया है। कांग्रेस लगातार प्रदेश में मजबूत हो रही है। अल्पमत में बीजेपी की सरकार बता दें कि हरियाणा विधानसभा 90 विधायकों वाली विधानसभा है। फिलहाल विधानसभा में 88 विधायक हैं। इसमें से बीजेपी के 40, कांग्रेस के 30 और जेजेपी के 10 विधायक हैं। इनके अलावा हरियाणा लोकहित पार्टी (हलोपा) के एक और इनेलो के एक विधायक भी हैं। वहीं 6 निर्दलीय विधायक भी विधानसभा में हैं। इस समय बीजेपी और जेजेपी का गठबंधन टूट चुका है। वहीं निर्दलीय विधायकों के सहारे सरकार चला रही बीजेपी की प्रदेश सरकार की मुश्किल बढ़ गई है। बीजेपी से नाराज चल रहे तीन निर्दलीय विधायकों के कांग्रेस को समर्थन देने से बीजेपी की प्रदेश सरकार अल्पमत में आ गई है। अब बीजेपी के पास 40 अपने विधायक और 3 अन्य विधायकों का साथ है।
चंडीगढ़: लोकसभा चुनाव 2024 के बीच शिरोमणि अकाली दल (शिअद) को चंडीगढ़ से बड़ा झटका लगा है। सूरत, इंदौर और पुरी की तर्ज की चंडीगढ़ में भी नामांकन दाखिल करने के बाद उम्मीदवार ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। चंडीगढ़ लोकसभा सीट से शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के उम्मीदवार हरदीप सिंह बुट्रेला ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। साथ ही उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है। शिअद ने बनाया था उम्मीदवार दरअसल शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने 22 अप्रैल को चंडीगढ़ संसदीय क्षेत्र से हरदीप सिंह बुट्रेला को उम्मीदवार बनाया था। इसके बाद हरदीप सिंह ने इस सीट पर अपना नामांकन भी किया था। इसके बाद सोमवार को उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। क्यों किया चुनाव लड़ने से इनकार? मीडिया से बात करते हुए हरदीप सिंह बुट्रेला ने कहा कि पार्टी ने वादा किया था कि वे पूरा अभियान संभालेंगे। पार्टी हर पहलू का ख्याल रखेगी लेकिन पार्टी का कोई भी वरिष्ठ नेता यहां नहीं आया।
लोकसभा चुनाव 2024 के बीच जम्मू कश्मीर में भारतीय वायुसेना पर आतंकी हमले का मुद्दा चुनावी रंग पकड़ रहा है। पहले पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस हमले को चुनावी स्टंट करार दिया। इसके बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने पलटवार करते हुए कहा कि यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है। ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने सेना को मजबूत करने की बजाय 10 साल तक दलाली की। उन्होंने सर्जिकल स्ट्र्राइक और अक्साई चीन का भी जिक्र किया। जम्मू कश्मीर के पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर आतंकियों ने हमला दिया था। इस हमले में एक जवान शहीद हो गया था, जबकि चार घायल हुए थे। इस आतंकी हमले को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इसे स्टंट बताया और कहा कि यह हमले नहीं हो रहे। चन्नी ने कहा कि जब भी चुनाव आते हैं तो ऐसा करवा कर स्टंट खेले जाते हैं और बीजेपी को चुनाव में जीत दिलाने का साधन तैयार किया जाता है। यह पहले से ही तैयार किए गए स्टंट बनाए जाते है और बीजेपी को जिताने के लिए किया जाता है और लोगों को मरवाने और उनकी लाशों पर खेलना बीजेपी का काम है। पिछली बार भी ऐसा हुआ था। अनुराग ठाकुर ने किया पलटवार जालंधर में अनुराग ठाकुर ने चन्नी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा "यह एक घटिया बयान है। यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है। सेना को मजबूत करने के बजाय उन्होंने 10 साल तक दलाली की, पुलवामा के बाद हमने सर्जिकल स्ट्राइक की। इन लोगों ने संसद हमले के आरोपी की फांसी रोकने के लिए दोपहर 2:30 बजे सुनवाई की है। उन्होंने टुकड़े-टुकड़े गैंग को पार्टी में शामिल कर लिया है। लोग यह नहीं भूलेंगे कि 1000 किमी जमीन छीन ली गई। अक्साई चीन का क्षेत्र, कुछ हिस्सा श्रीलंका ने ले लिया है। आज कांग्रेस कहती है कि परमाणु ऊर्जा से चलने वाले हथियारों को नष्ट कर देना चाहिए। सीएम चन्नी केवल कुछ दिनों के लिए सीएम थे और वह भ्रष्टाचार में शामिल थे। अब कांग्रेस के पास देने के लिए ऐसे बयान हैं।"
देशभर में सात चरणों में चुनाव कराए जा रहे हैं। पहले चरण का चुनाव हो चुका है। पंजाब की सभी सीटों पर सातवें चरण में 1 जून को वोटिंग होगी। इसके मद्देनजर जनता को अपने पाले में करने के लिए नेताओं की ओर से अरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा ने सोमवार को कहा कि लोकसभा चुनाव में पंजाब की सभी 13 सीटें केवल उनकी ही पार्टी जीत सकती है। "दो साल में ही लोग 'आप' से ऊब चुके हैं" बाजवा ने एक बयान में कहा, ‘‘केवल कांग्रेस ही पंजाब में सभी 13 सीटें जीतने की क्षमता रखती है।’’ उन्होंने सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि वह 2022 में सत्ता संभालने के बाद से बुरी तरह ‘विफल’ रही है। विधानसभा में विपक्ष के नेता बाजवा ने आरोप लगाया, ‘‘आप ने 2022 में विधानसभा चुनाव से पहले और बाद में किसानों से किए गए अपने वादे पूरे नहीं किए।’’ कांग्रेस नेता ने कहा कि पंजाब के लोग दो साल में ही आप से ऊब चुके हैं और अब उन्होंने इसे सबक सिखाने का फैसला कर लिया है। "शिअद ने मुख्य मतदाताओं का भी भरोसा खो दिया" शिरोमणि अकाली दल (शिअद) पर निशाना साधते हुए बाजवा ने कहा कि पार्टी ने किसानों और सिख पंथ (समुदाय) समेत अपने मुख्य मतदाताओं का भी भरोसा खो दिया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा को पंजाब में, खासकर किसानों से भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि वह सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानूनी गारंटी देने के अपने वादे को पूरा करने में विफल रही है। बता दें कि लोकसभा चुनाव के नतीजे 4 जून 2024 को घोषित किए जाएंगे। यह भारत में सबसे लंबे वक्त तक चलने वाला आम चुनाव होगा, जो 44 दिनों तक चलेगा। मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना दूसरा कार्यकाल पूरा करेंगे और लगातार तीसरी बार चुनाव लड़ेंगे।
चुनावी सीजन में अभिनेत्री और सांसद हेमा मालिनी को लेकर की गई अभद्र टिप्पणी पर कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला बुरी तरह से घिरे हुए हैं। भाजपा लगातार सुरजेवाला पर हमलावर है। इस बीच अब हरियाणा महिला आयोग ने रणदीप सिंह सुरजेवाला को नोटिस भेजा है। रणदीप सिंह सुरजेवाला को 9 अप्रैल को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। क्या बोले थे सुरजेवाला? कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने मथुरा से बीजेपी सांसद हेमा मालिनी को लेकर विवादित बयान दिया है। हरियाणा के कैथल में आयोजित एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए सुरजेवाला ने कहा कि हम लोगों को विधायक और सांसद आप लोग इसलिए बनाते हैं ताकि जनता की आवाज संसद में उठा सकें। 'कोई हेमा मालिनी तो है नहीं..... । हेमा मालिनी ने दिया जवाब सुरजेवाला द्वारा दिए गए बयान पर हेमा मालिनी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महिलाओं का सम्मान करना सीखना चाहिए। हेमा ने कहा कि विपक्ष केवल 'लोकप्रिय लोगों' को निशाना बनाता है। उन्होंने कहा, "वे केवल लोकप्रिय लोगों को निशाना बनाते हैं क्योंकि अलोकप्रिय लोगों को निशाना बनाने से उन्हें कोई फायदा नहीं होगा... उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से महिलाओं का सम्मान करना सीखना चाहिए।" हेमा ने मथुरा से लोकसभा चुनाव में दोबारा नामांकन करने पर भी खुशी जाहिर की है। पहले भी दे चुके विवादित बयान कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाल ने बीते साल भी विवादित बयान दिया था। उन्होंने हरियाणा के कैथल में आयोजित एक रैली में भारतीय जनता पार्टी के समर्थकों को राक्षस प्रवृत्ति का बताया था। उन्होंने कहा था- "भारतीय जनता पार्टी का जो समर्थन करता है या जो भी उन्हें वोट देता है वह राक्षस प्रवृत्ति का है। मैं उन्हें महाभारत की धरती से उन्हें श्राप देता हूं।"
आगामी लोकसभा चुनाव से पहले कई बड़ी हस्तियों का राजनीतिक पार्टी ज्वॉइन करने का सिलसिला जारी है। इस बीच, बॉक्सर विजेंदर सिंह आज बुधवार को बीजेपी में शामिल हो गए। विजेंदर सिंह आज दोपहर 3:00 बजे दिल्ली भाजपा मुख्यालय में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। रमेश बिधूड़ी से हार गए थे विजेंदर सिंह के बीजेपी में शामिल होने से कांग्रेस को एक और झटका लगा है। चर्चा थी कि विजेंदर सिंह कांग्रेस के टिकट पर मथुरा से चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बॉक्सर की तरफ से इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। विजेंदर सिंह साल 2019 का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर दक्षिण दिल्ली से लड़ चुके हैं। वो बीजेपी के रमेश बिधूड़ी से 6 लाख वोटों से हार गए थे। दिसंबर 2023 में उन्होंने सोशल मीडिया पर राजनीति को राम-राम करने का ऐलान किया। इसके बाद कयास लगाए गए कि विजेंद्र राजनीति से दूरी बना चुके हैं। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। अब उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के मन बना लिया। विजेंदर सिंह लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में शामिल हुए हैं। ऐसे में देखना होगा कि उन्हें पार्टी कहां से चुनाव मैदान में उतारती है।
नई दिल्ली कोविड-19 महामारी और लद्दाख में हालिया भारत-चीन सैन्य गतिरोध के बीच, खुफिया एजेंसियों ने सरकार को देश में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को लेकर अलर्ट किया है। इन गतिविधियों का समर्थन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस(एसएफजे) कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि चेतावनी में बताया गया है कि भारत-विरोधी गतिविधि अब्दुल्ला नामक आईएसआई हैंडलर, एसएफजे के संस्थापक अवतार सिंह पन्नू के साथ मिलकर चला रहा है। पन्नू के बारे में बताया जा रहा है कि वह ब्रिटेन में रह रहा है। अब्दुल्ला का नाम खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट(केएलएफ ) से सहानुभूति रखने वाले तीन संदिग्धों से पूछताछ के दौरान भी सामने आया था, जो उत्तरी राज्यों में लक्ष्य बनाकर लोगों को मारने की योजना बना रहे थे। केएलएफ समर्थकों को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में एक सप्ताह चले अभियान के बाद दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने पकड़ा। आईएसआई और एसएफजे भारत में लंबे समय से खालिस्तान समर्थन गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। गृह मंत्रालय ने एसएफजे को प्रतिबंधित किया था सिखों के लिए एक अलग देश की मांग करने और जनमत संग्रह 2020 की वकालत करने के लिए एक ऑनलाइन अभियान की वजह से से गृह मंत्रालय ने एसएफजे को प्रतिबंधित कर दिया था। खुफिया एजेंसियों ने एक अन्य व्यक्ति गोपाल सिंह चावला के बारे में जानकारी साझा की, जिसकी भारत में खालिस्तान समर्थक गतिविधि में भूमिका है। बताया गया है कि वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हाफिज सईद का करीबी सहयोगी है। यह चेतावनी इस माह की शुरुआत में साझा की गई थी, ताकि स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी को हाई अलर्ट पर रखा जा सके। सूत्रों के अनुसार, ऐसी खुफिया जानकारी साझा की गई थी कि आईएसआई और एसएफजे ने राष्ट्रीय राजधानी में आतंकवादी गतिविधि चलाने का काम केएलएफ समूह को दिया है। KLF का अब्दुल्ला और अवतार सिंह पन्नू से करीबी संबंध सूचना के अनुसार, केएलएफ समूह का पाकिस्तानी आईएसआई हैंडलर अब्दुल्ला और एसएफजे के अवतार सिंह पन्नू के साथ करीबी संबंध है। केएलएफ समूह को संगठन में युवाओं को भर्ती करने और पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं के इशारे पर काम करने का कार्य दिया गया था। एक अन्य सूत्र ने कहा कि फंडिंग के लिए आईएसआई हैंडलर्स ने केएलएफ को स्थानीय व्यापारियों से पैसे उगाहने और स्थानीय हथियारों को इकट्ठा करने के निर्देश दिए थे, ताकि आतंकी मंसूबा चलता रहे। सूत्रों ने कहा कि अब्दुल्ला ने उन्हें पाकिस्तान के आतंकी कैंप में प्रशिक्षण के लिए नए युवाओं को भर्ती करने और एके-47 जैसे राइफल देने का वादा करने के लिए कहा। दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद केएलएफ संदिग्धों ने भी इसकी पुष्टि की दिल्ली पुलिस ने जिन केएलएफ संदिग्धों को शनिवार को गिरफ्तार किया है, उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें उनके हैंडलर्स ने कहा था कि वे अपने जैसे लोगों के संपर्क में रहे ताकि उन्हें गिरफ्तार आतंकवादियों की कोर्ट में सुनवाई के समय उपस्थित रहने को कहा जा सके। समूह को सोशल मीडिया साइटों पर भी पोस्टरों के साथ आपत्तिजनक वीडियो अपलोड करने के लिए कहा गया था, जिसमें खालिस्तान अभियान और नेताओं के समर्थन में गीत हो। इस सूचना से यह स्पष्ट रूप से पता चला कि आईएसआई भारत को अस्थिर करने के लिए दो मोर्चों पर अपनी बांहें फैला रहा है। वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैला रहा है और पंजाब में खालिस्तान समूहों को समर्थन दे रहा है।
चंडीगढ़, 19 जून 2020, पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आई.एस.आई. (ISI) द्वारा प्रायोजित किए जा रहे एक टेरर मॉडयूल का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने दो खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया तो इस मॉडयूल का खुलासा हुआ. पुलिस ने दोनों आतंकियों के पास से विदेशी हथियार भी बरामद किए है. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां दोनों आतंकियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं. पुलिस ने इन दोनों आतंकियों की निशानदेही पर जर्मन मेड MP5 सब मशीनगन, 9 एमएम की पिस्टल और दो मोबाइल फोन्स के अलावा कई अन्य संवेदनशील सामान बरामद किया है. पंजाब पुलिस का कहना है कि ये आतंकी बड़े टेरर अटैक और टारगेट किलिंग की साजिश रच रहे थे. दोनों खालिस्तान समर्थक आतंकी पंजाब में खौफनाक साजिश को अंजाम तक पहुंचाने की प्लानिंग कर रहे थे. इन दोनों को सरहद पार से मदद मिल रही थी. पाकिस्तान में बैठे इनके आका खुफिया एजेंसी आई.एस.आई. की मदद और अपने हैंडलरों के माध्यम से इन तक हथियार पहुंचा रहे थे. इनके मोबाइल में कई तरह की खालिस्तान समर्थक सोशल मीडिया पोस्ट भी मिली हैं. पंजाब पुलिस के मुताबिक गुरमीत सिंह और बिक्रम सिंह नामक इन दोनों आतंकियों को अमृतसर से गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में पता चला कि इनमें से एक आतंकी गुरमीत सिंह 3 साल पहले पाकिस्तान जाकर अपने हैंडलरों से मिलकर आया था. तभी से वे इस खालिस्तान समर्थक नये मॉड्यूल को खड़ा करने की कोशिश में थे. फिलहाल, पुलिस इस मामले में और छानबीन कर रही है.
जान अमृतसर कोरोना महामारी के बीच कई चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। अब चौंकाने वाली खबर पंजाब के अमृतसर से आई है। यहां पर मेडिकल कॉलेज के गुरु नानक देव अस्पताल में जितने भी कोरोना मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया उनमें से किसी की भी जान नहीं बचाई जा सकी। शनिवार सुबह तक यहां 21 मरीजों की मौत हो चुकी थी। मरीजों की इस तरह हो रही मौतों पर अस्पताल प्रशासन के ऊपर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों के परिजन उन्हें देरी से अस्पताल लाए जिसके कारण उनकी जान नहीं बच पाई। अमृतसर का जीएमसी कोविड-19 के गंभीर मरीजों का रेफरल सेंटर हैं। यहां पर पंजाब के आठ जिलों से गंभीर मरीजों को रेफर करके भेजा जाता है। आंकड़े देखें तो जिन भी मरीजों को यहां वेंटिलेटर पर जान बचाने के लिए रखा गया उनमें से एक भी मरीज की जान नहीं बच सकी। एक भी मरीज की नहीं बचाई जा सकी जान अस्पताल की प्रिंसिपल डॉ. सुजाता शर्मा ने इस मामले में पुष्टि करते हुए इंडियन एक्सप्रेस को बताया, 'यह बात सही है कि यहां पर जिन भी मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया उनमें से किसी की भी जान नहीं बचाई जा सकी। सभी कोरोना मरीजों को वेंटिलेटर पर मौत हो गई है। जिन मरीजों को यहां लाया गया और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, उनकी हालत पहले से ही गंभीर थी।' रविवार को सबसे ज्यादा आए मरीज अमृतसर में रविवार को राज्य के सबसे ज्यादा कोरोना मरीज सामने आए। यहां 613 मरीज पॉजिटिव मिले हैं जबकि सबसे ज्यादा मौतें भी यहीं हुई हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रमन ने बताया कि जीएमसी में शनिवार को कुल 967 मरीजों को लाया गया। इनमें से 21 मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी। अभी 60 मरीजों को ऑक्सिजन सपॉर्ट पर रखा गया है। ऐसे मरीजों को वेंटिलेटर की पड़ती है जरूरत वेंटिलेटर वह मेडिकल उपकरण होता है जो गंभीर फेफेड़ों की बीमारी के मरीजों को हवा और ऑक्सिजन फेफड़ों तक पहुंचाता है। इससे सांस न ले पाने वाले मरीजों को सांस मिलती है। कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित मरीजों के लक्षणों में से एक यह भी है कि कई मरीजों के फेफड़े इतनी बुरी तरह प्रभावित होते हैं और वे सांस नहीं ले पाते हैं। आठ जिलों के मरीज यहां हो रहे भर्ती डॉ. रमन ने बताया कि पंजाब के आठ जिलों से गंभीर मरीजों को जीएमसी में रेफर किया जा रहा है। यहां तक कि प्राइवेट अस्पतालों से भी बहुत ही बुरी स्थिति वाले मरीजों को यहां भेज दिया जाता है। कई मरीज ऐसे होते हैं जो पहले से ही वेंटिलेटर पर होते हैं। कुछ मरीज तो ऐसे थे जिन्होंने यहां आने के कुछ ही घंटों में दम तोड़ दिया। यहां मौतों का आंकड़ा ज्यादा इसलिए है क्योंकि मरीजों को लास्ट स्टेज में यहां लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया के आंकडे़देखें तो वेंटिलेटर पर रखे गए मरीजों का मृत्युदर 98 से 100 फीसदी है। हैरानी वाली बात यह है कि जीएमसी में दो गंभीर मरीजों की जान डॉक्टरों ने बचाई जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत थी लेकिन उन्हें वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया। डॉक्टरों ने बताया कि जीएमसी में वर्कलोड ज्यादा है। यहां के अलावा पठानकोट में तीन वेंटिलेटर हैं लेकिन वे कोविड-19 के मरीजों के लिए प्रयोग नहीं किए जा रहे हैं। पठानकोट के अलावा तीन वेंटिलेटर चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज में है लेकिन वहां पर प्रशिक्षित स्टाफ न होने के कारण वे प्रयोग में नहीं आ रहे हैं। यहां के मरीज भी जीएमसी ही भेजे जा रहे हैं। गुरदासपुर में भी छह वेंटिलेटर हैं लेकिन उनका भी प्रयोग नहीं हो रहा है।
चंडीगढ़, 13 जून 2020,पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने बठिंडा-मोगा-जालंधर-अमृतसर-जम्मू को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे 105-बी में करोड़ों रुपये के जमीन घोटाले का आरोप लगाया है. पार्टी ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस विधायक और अन्य अफसरों की मिलीभगत का आरोप लगाया है. मामले की हाई कोर्ट के जज से जांच कराए जाने की मांग भी की गई है. पंजाब विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जमीन घोटाले को राजस्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और मोगा से कांग्रेस विधायक हरजोत कमल समेत सत्ताधारी पक्ष के अन्य नेताओं, अफसरों और हाईप्रोफाइल लैंड माफिया ने अंजाम दिया है. इस घोटाले से न केवल किसानों और छोटे जमीन मालिकों को बल्कि सरकारी खजाने को भी चपत लगी है. चीमा ने आरोप लगाया है कि घोटाले में राजस्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और विधायक हरजोत कमल समेत सत्ताधारी पक्ष के कई नेता सीधे तौर पर शामिल हैं. यहां तक कि करीब 350 करोड़ रुपये की अधिग्रहण राशि का लेनदेन हरजोत कमल के गांव अजितवाल स्थित निजी बैंक द्वारा ही हुआ है. चीमा ने दस्तावेज पेश करते बताया कि 10 जनवरी, 2020 को जमीन की पहचान के लिए पहले नोटिफिकेशन हुआ. जबकि नोटिफिकेशन जारी करने से पहले ही सत्ताधारी कांग्रेस के नेता और संबंधित अधिकारी इस प्रोजेक्ट के बारे में पूरी तरह से अवगत थे. दूसरा नोटिफिकेशन 21 मई, 2020 और अंतिम नोटिफिकेशन 22 मई, 2020 को जारी हुए. इस दौरान नवंबर, 2019 से लेकर मई, 2020 तक एनएच 105-बी के अधीन आने वाली जमीन की 55 से अधिक सेल डीड हुई. चीमा ने कहा कि किसानों को अंधेरे में रखकर उनसे धोखाधड़ी की गई है. किसानों से चंद लाखों में खरीदी गई जमीन को अब लैंड माफिया और कांग्रेस नेता वापस सरकार को ही हाइवे के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान करोड़ों रुपये में बेचेंगे. इस पूरे मामले में कांग्रेस विधायक हरजोत कमल ने भी सफाई दी है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता बिना तथ्यों के ही आरोप लगाते रहते हैं और इसी वजह से जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती है. वह हरपाल चीमा पर मानहानि का दावा करेंगे और कानूनी कार्यवाही भी करेंगे. हालांकि हरजोत कमल ने माना कि कहीं न कहीं लैंड माफिया के द्वारा हाइवे के नोटिफिकेशन से पहले ही किसानों से सस्ती जमीन खरीद कर मोटा मुनाफा कमाने की धोखाधड़ी की गई है. ये भी हो सकता है कि उनके किसी नजदीकी ने भी वहां जमीन खरीदी हो लेकिन उसकी जिम्मेदारी वो नहीं ले सकते हैं. उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो.
नई दिल्ली, 08 जून 2020,दिल्ली में कोरोना का कहर जारी है. जिस रफ्तार से राजधानी में संक्रमण बढ़ रहा है, उस हिसाब से अगले 15 दिनों में 56 हजार मामले हो जाएंगे. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली में कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड हो चुका है? फिलहाल दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या 27 हजार के पार पहुंच चुकी है. मंगलवार को दिल्ली में कम्युनिटी स्प्रेड को लेकर स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SDMA) की अहम बैठक होनी है, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत खराब होने के चलते इस बैठक पर सस्पेंस बना हुआ था. ये बैठक दिल्ली के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इसमें ये तय होना है कि क्या दिल्ली में कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड हो चुका है और अब आगे इससे कैसे निपटना है. वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि SDMA की बैठक मंगलवार को होगी, लेकिन इस बैठक को लेकर उन्होंने ज्यादा बातचीत नहीं की. बता दें कि आपदा के समय किसी भी राज्य में निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी अथॉरिटी SDMA होती है. दिल्ली में LG इसके अध्यक्ष और CM उपाध्यक्ष होते हैं. इसके सदस्य रेवेन्यू मिनिस्टर, मुख्य सचिव और पुलिस कमिश्नर होते हैं. गौरतलब है कि सीएम केजरीवाल को रविवार से हल्का बुखार और गले में खराश की शिकायत है. अब उनका कोरोना टेस्ट करवाया जाएगा. रविवार दोपहर से सारी मीटिंग कैंसिल कर दी गई और सीएम केजरीवाल ने किसी से मुलाकात नहीं की. उन्होंने अपने आपको आइसोलेट कर लिया है. इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बुखार है और उन्हें खराश की दिक्कत है. रविवार से ही वह अपने आवास पर आइसोलेट हैं. मंगलवार को उनका कोरोना टेस्ट होगा. वह डायबिटीज से भी पीड़ित हैं. 24 घंटे में 1320 नए मामले आए दिल्ली में कुल मरीजों का आंकड़ा 27 हजार 654 है. पिछले 24 घंटे में 1320 नए मामले सामने आए हैं. अब तक 761 लोगों की मौत हो चुकी है. दिल्ली में मौजूदा समय में 219 कंटेनमेंट जोन हैं. ये आंकड़े डराने वाले हैं. देश की राजधानी में एक जून के बाद हर रोज 1200 से ज्यादा कोरोना केस आ रहे हैं.
चंडीगढ़, 11 जून 2020, ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मौके पर सिख धर्म की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त के प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह के जरिए खलिस्तान को लेकर दिए गए एक विवादित बयान के बाद पंजाब के आरएसएस और हिंदू नेताओं में फिर से खौफ पसर गया है. डर इसलिए है क्योंकि उनके बयान से खालिस्तानी आतंकवादियों के हौसले फिर से बुलंद हो रहे हैं. प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस का आतंकी गुरपटवंत सिंह पन्नू ज्ञानी हरप्रीत सिंह के बयान को लेकर लोगों को फोन कर डरा रहा है. पाकिस्तान की आईएसआई से मिल रही मदद से यह आतंकवादी दूसरे खालिस्तानी संगठनों के साथ मिलकर पंजाब में शांति भंग करने की फिराक में है. पंजाब के आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी के नेता इसलिए भी डरे हुए हैं क्योंकि खालिस्तानी आतंकवादी इससे पहले दर्जनभर धार्मिक नेताओं, जिनमें ज्यादातर हिंदू और आरएसएस के नेता शामिल हैं, को अपना निशाना बना चुके हैं. इन नेताओं की हत्याओं की जांच करने वाली एनआईए ने खुलासा किया था कि यह सभी हत्याएं पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी आईएसआई ने खालिस्तानी आतंकवादियों की मदद से करवाई थी. दरअसल, वह पंजाब में बीजेपी और आरएसएस के प्रसार और हिन्दू-सिख एकता के खिलाफ माहौल बनाना चाहती है ताकि पंजाब में हिंदू-सिखों के बीच मतभेद पैदा हो और वह सिखों को बरगला कर आतंक के जिन्न को फिर से पैदा कर सकें. सीधे तौर पर भयभीत नहीं हालांकि पंजाब के आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी के नेता आईएसआई और खालिस्तानी आतंकवादियों से सीधे तौर पर भयभीत नहीं है. लेकिन उनका मानना है कि अकाल तख्त प्रमुख के खालिस्तान संबंधी बयान से कट्टरवाद और आतंकवाद को हवा मिल रही है. इस मसले पर जब पंजाब के खालिस्तानी समर्थक नेताओं की बात की गई तो सामने आया कि उनको आरएसएस से ज्यादा राष्ट्रीय सिख संगत से दिक्कत है. दरअसल कट्टरवादी सिख मानते हैं कि राष्ट्रीय सिख संगत सिखों को बांटने का काम कर रही है. इन कट्टरवादी नेताओं का मानना है कि उन्हें आरएसएस से नहीं बल्कि उसकी सिख शाखाओं से आपत्ति है. आरएसएस की सिख शाखा राष्ट्रीय सिख संगत के अस्तित्व में आने के बाद ही कट्टरवादी खालिस्तानी संगठनों के निशाने पर रही है. अकाल तख्त प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इससे पहले कहा था कि आरएसएस भारत को एक हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है और जो देश के हित में नहीं है क्योंकि भारत में कई दूसरे धर्मों के लोग भी रहते हैं. अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध हरप्रीत सिंह इससे पहले जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध भी कर चुके हैं. साल 2004 में अकाल तख्त ने राष्ट्रीय सिख संगत के खिलाफ फतवा जारी करते हुए सिखों को आरएसएस और राष्ट्रीय सिख संगत से दूर रहने की हिदायत दी थी और कहा था कि राष्ट्रीय सिख संगत सिख धर्म के खिलाफ है. राष्ट्रीय सिख संगत के खिलाफ अकाल तख्त का फतवा जारी होने के बाद बब्बर खालसा से सम्बद्ध खालिस्तानी आतंकवादियों ने साल 2009 में राष्ट्रीय सिख संगत के तत्कालीन अध्यक्ष रुलदा सिंह की पटियाला में गोली मारकर हत्या कर दी थी. कट्टरवादी सिख संगठनों का मानना है कि आरएसएस सिख धर्म को हिंदू धर्म से जोड़ने की बात करती है जबकि सिख धर्म एक अलग धर्म है. अकाल तख्त ने साल 2017 में राष्ट्रीय सिख संगत के जरिए गुरु गोविंद सिंह के 350वें जन्मोत्सव के मौके पर आयोजित किए गए एक कार्यक्रम का विरोध करते हुए आयोजन को सिखों के धार्मिक मामलों में दखलअंदाजी बताया था. वहीं साल 2019 में अकाल तख्त में राष्ट्रीय सिख संगत पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. अकाली दल और बीजेपी के बीच बढ़ती दूरियां दरअसल, पिछले कुछ अरसे से भारतीय जनता पार्टी और पंजाब में उसकी सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के रिश्तों में कई बातों को लेकर खटास पैदा हो रही है. उसका एक बड़ा कारण अकाल तख्त प्रमुखों के जरिए आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी को लेकर दिए गए विरोधी बयान भी है. हालांकि अकाली दल अकाल तख्त और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को स्वतंत्र संस्थाएं बताता है लेकिन इन पर हमेशा बादल परिवार का दबदबा रहता आया है. बीजेपी और अकाली दल के बीच पैदा हो रही दीवार का दूसरा बड़ा कारण शिरोमणि अकाली दल का गिरता राजनीतिक ग्राफ है. पंजाब में दो बार अकाली दल के साथ सरकार बनाती आई भारतीय जनता पार्टी अब पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. यही कारण है कि साल 2022 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बीजेपी गुपचुप पंजाब में अपनी पैठ बढ़ा रही है. पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राज्य के गांवों में अपनी शाखाएं बढ़ा रहा है. इससे खालिस्तानी संगठनों की परेशानी बढ़ गई है. अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी भविष्य में अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे या फिर गठबंधन में यह फिलहाल तय नहीं है. लेकिन पंजाब में आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी का विस्तार आईएसआई, अकाल तख्त और खालिस्तानी संगठनों को रास नहीं आ रहा. जबकि सच्चाई यह है कि पंजाब के लोग आतंकवाद फैलाने वाले खालिस्तान के मुद्दे को नकार चुके हैं.
चंडीगढ़, 04 जून 2020,पंजाब के मोगा में एक यूथ कांग्रेस के नेता वरुण जोशी के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, फिरौती और नर्स के साथ रेप के आरोप में केस दर्ज किया गया है. कांग्रेस नेता केस दर्ज होने के बाद भाग गया. पुलिस ने युवा नेता के खिलाफ धारा 376 और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. आरोप है कि युवा नेता ने पीड़िता से 4 लाख रुपये जबरन वसूली भी की. उसने पीड़िता को धमकी दी कि वह पीड़िता की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा. पीड़िता ने डर की वजह से 4 लाख रुपये आरोपी को सौंप दिया. आरोपी की पत्नी उसी गांव की सरपंच है, जहां पीड़िता रहती है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. घटना के विस्तृत ब्यौरे की प्रतीक्षा है.
नई दिल्ली, 02 जून 2020,केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को दिल्ली-अमृतसर एक्सप्रेस-वे के हिस्से के रूप में सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खादूर साहिब से अमृतसर शहर के लिए एक नए ग्रीनफील्ड संपर्क मार्ग को विकसित करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि अमृतसर से गुरुदासपुर तक की सड़क भी पूरी तरह विकसित होगी और इसे पूरी तरह सिग्नल मुक्त बनाया जाएगा. इसकी वजह से सड़क मार्ग के यात्रियों के पास नाकोदर से गुरुदासपुर से आगे यात्रा करने का विकल्प होगा. इसके साथ ही वे अमृतसर और करतारपुर के रास्ते भी जा सकते हैं. गडकरी ने कहा कि कहा कि यह ग्रीनफील्ड मार्ग न केवल अमृतसर शहर के लिए बल्कि सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खादूर साहिब और हाल ही में विकसित डेरा बाबा नानक/करतारपुर साहब अंतरराष्ट्रीय गलियारा के लिए भी सबसे छोटा और वैकल्पिक एक्सप्रेस संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएगा. इस एक्सप्रेस-वे के साथ अमृतसर से दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की यात्रा की दूरी वर्तमान 8 घंटों से घटकर लगभग चार घंटे की हो जाएगी. उन्होंने कहा कि यह पंजाब के लोगों की एक प्रतीक्षित मांग को पूरी करेगा. एक्सप्रेस-वे के पहले चरण में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल होगा. गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भारतमाला परियोजना के तहत दिल्ली अमृतसर-कटरा-एक्सप्रेस-वे का विकास आरंभ किया है. एक्सप्रेस-वे को जनवरी 2019 में अंतिम रूप दिया गया और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ हो गई थी. हाल ही में एक्सप्रेस-वे का मुद्दा केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी द्वारा नितिन गडकरी के समक्ष उठाया गया था. ये मुद्दा सांसद (राज्यसभा) श्वेत मलिक, सांसद (लोकसभा) गुरजीत सिंह औजला, पंजाब सरकार, सिख संगठनों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों द्वारा भी उठाया गया था. गौरतलब है कि शुरुआत में जम्मू-कश्मीर की सरकार ने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे का प्रस्ताव रखा था
गुरुग्राम एक ओर पूरे देश में कोरोना वायरस की चुनौती से लड़ने में हर कोई व्यस्त है, वहीं कुछ अपराधी इसे मौके की तरह देख रहे हैं। आज यानी शुक्रवार को गुरुग्राम में दिन-दहाड़े एक क्रेटा कार में सवार युवक को गोलियों से भून दिया (Murder in gurugram)। घटना फिरोजगांधी कॉलोनी में हुई है। युवक का नाम विकास उर्फ विक्री उर्फ अंडा बताया जा रहा है, जो ज्योति पार्क का निवासी है। इतना गुस्सा कि मारीं 25 गोलियां लिखें विकास को गोली मारने वालों में कितना गुस्सा भरा पड़ा था, इसका अंदाजा इसी बात से चलता है कि उन्होंने विकास को लगातार गोलियां मारीं। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने उन्हें एक के बाद एक करीब 25 गोलियां मारी हैं। यानी एक तो वह ये सुनिश्चित करना चाहते थे कि किसी भी हालत में युवक जिंदा ना बचे और दूसरा उनका गुस्सा इतना अधिक था कि वह लगातार गोलियां मारते ही चले गए। 5-6 बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो और बाइक पर सवार होकर आए 5-6 बदमाशों ने करीब 25 गोलियां चलाई और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। मृतक बीते कुछ समय से गुड़गांव के ही एक गैंगस्टर की पैरवी में मदद करता था। लेकिन उस पर कोई केस अब तक पुलिस रेकॉर्ड में नहीं पाया गया है। न्यू कॉलोनी थाना पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई कर रही है। यूं घटी पूरी वारदात वारदात शुक्रवार दोपहर करीब पौने 3 बजे सामने आई। ज्योति पार्क एरिया में रहने वाला करीब 35 साल का विकास उर्फ विक्की उर्फ अंडा अपनी सफेद रंग की क्रेटा कार नंबर एचआर 26 डीएच 0143 में सवार होकर फिरोज गांधी कॉलोनी से जा रहा था। इसी दौरान सामने से बाइक पर सवार होकर तीन युवक आए। उनके हाथ में हथियार थे। आरोपियों को देख युवक को शक हुआ और उसने कार घुमानी चाही। लेकिन तभी दूसरी ओर से स्कॉर्पियो कार तेज स्पीड से आई और उसमें से 3-4 युवक उतरे। दोनों ओर से बदमाशों ने कार पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। करीब 20 गोलियां कार पर चलाई जिससे दोनों ओर के शीशे भी टूट गए। सामने वाले शीशे पर भी 3-4 गोलियां लगी। जिसके बाद आरोपी कार के ठीक पास आए और 4-5 गोली फिर मारी। वारदात के तरीके से साफ जाहिर है कि बदमाश हत्या करने के इरादे से ही आए थे। सूचना मिलते ही न्यू कॉलोनी थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचे। आस-पास के लोगों से पूछताछ की गई लेकिन पुलिस को कोई औपचारिक तौर पर जानकारी देने सामने नहीं आ रहा। युवक के शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। न्यू कॉलोनी थाना पुलिस परिवार से बातचीत कर कार्रवाई कर रही है। लेकिन परिवार की ओर से अभी किसी पर शक नहीं जताया गया है। एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह ने बताया कि दूसरे गैंग पर रंजिश के चलते वारदात करने के एंगल से भी जांच की जा रही है। फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ मामले का खुलासा किया जाएगा।
नई दिल्ली, 29 मई 2020,कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर हरियाणा सरकार ने दिल्ली से सटे बॉर्डर को एक बार फिर सील कर दिया है. गुरुवार रात को ये फैसला लिया गया, लेकिन शुक्रवार की सुबह इसका असर बॉर्डर इलाकों में दिखा. दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर सील: लोग परेशान, साइकल तक नहीं निकलने दींहरियाणा के मंत्री अनिल विज ने दिल्ली से सटे हरियाणा के बॉर्डर फिर सील ((delhi haryana border seal) करवा दिए हैं। गुड़गांव और फरीदाबाद काम पर जानेवाले लोगों की दिक्कतें इससे बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह गुड़गांव बॉर्डर पर लोगों को रोक लिया गया, जिससे जाम लग गया।दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और यहां लंबा जाम लग गया. इसके अलावा यहां बदरपुर बॉर्डर के पास बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिनके पास कार्ड है लेकिन उनका कहना है कि उन्हें आगे नहीं जाने दिया जा रहा है.
डबवाली।पर्यावरण बचाने के लिए हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख तथा ईसाई एकजुट हो गए हैं। चारों ने एक साथ फोर पिलर पार्क की आधारशिला रखते हुए ईद की संध्या को खुशनुमा बना दिया। यह पार्क डबवाली के सिरसा हाईवे पर नंदीशाला के मुख्य द्वार पर बनेगा। पार्क का निर्माण संस्था 'अपनेÓ करवा रही है। करीब 2250 स्कवेयर फुट एरिया में बनने वाले इस पार्क पर करीब 70 हजार रुपये से अधिक का खर्च आएगा। बच्चों, युवाओं तथा बुजुर्गों को तमाम सुविधाएं मिलेंगी। प्रॉजेक्ट इंचार्ज सुमित मिढ़ा ने बताया कि पार्क में चार फुट चौड़ाई वाला सेंटर पेसिज बनेगा। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए दो झूले लगेंगे, एक्सरसाइज के लिए दो स्विंग स्थापित किए जाएंगे। पार्क को सुंदरता देने के लिए कॉर्नर में एक वाटर बॉडी (फव्वारा ) लगाने का प्लान है। पार्क के चारों ओर ग्रिल लगाई जाएगी, ताकि कोई बेसहारा पशु भीतर आकर पार्क की व्यवस्था को खराब न कर सकें। ईद के दिन धार्मिक एकता की नींव इंद्र शर्मा, महमूद आलम, रणजीत सिंह तथा पास्टर एॅगस्टीन मसीह ने संयुक्त रुप से रखी। साथ ही पार्क विकसित होने पर फोर पिलर ने देखरेख का बीड़ा उठाने की शपथ ग्रहण की। इस मौके पर नंदीशाला प्रबंधन कमेटी के प्रधान विनोद बांसल, युवक मंडल के प्रधान राजेश जैन काला, पंकज मोंगा, सुमित मिढ़ा, संस्था अपने के सदस्य नवदीप चलाना, रजनीश मेहता, भगवान दास मेहता, भूपिंद्र गुप्ता, आशु सिंगला, हरीश सेठी, नवीन, भारत वधवा, अंग्रेज सिंह सग्गू, सुभाष गुप्ता, जितेंद्र ऋषि मौजूद थे।
लुधियाना पंजाब के लुधियाना स्थित एक धागा फैक्ट्री में रविवार को आग लग गई। आरके रोड स्थित धागा फैक्ट्री में रविवार दोपहर को आग लगी थी। हादसे में फैक्ट्री में रखा पूरा तैयार और कच्चा माल जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि लॉकडाउन के चलते फैक्ट्री बंद थी और हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि हादसे के वक्त फैक्ट्री मालिक अंदर ही मौजूद था, लेकिन आग लगती देख आसपास के लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाल लिया गया। आग की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। फायर अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में आग 12:25 के आसपास लगी थी। आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को करनी पड़ी मशक्कत फायर स्टेशन के अधिकारी एसएन शर्मा ने कहा कि आग बुझाने में फायर ब्रिगेड कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में घुसने के लिए सिंगल एंट्री पॉइंट था और रॉ मटीरियल जहां-तहां बिखरा पड़ा था। उन्होंने कहा कि आग पर देर शाम तक काबू पाया जा सकेगा।
चंडीगढ़, 18 मई 2020, कोरोना संकट की वजह से लगे लॉकडाउन के चौथे चरण में कई पाबंदियों पर ढील दी जा रही है. राजधानी दिल्ली और बंगाल समेत कई राज्यों में रियायतों को लेकर ऐलान भी कर दिया गया है. अब इस लिस्ट में हरियाणा भी शामिल हो गया. हरियाणा ने कल मंगलवार से राज्य इंटर स्टेट बस सेवा शुरू करने का ऐलान किया है. लॉकडाउन 4 के पहले दिन हरियाणा ने ऐलान किया है कि राज्य में मंगलवार (19 मई) से इंटर स्टेट बस सेवाएं शुरू हो जाएंगी. हरियाणा ने भी लॉकडाउन 4 शुरू होते ही राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार कुछ रियायतों का ऐलान कर दिया. मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में आगामी रियायतों के बारे में सोमवार को बताया कि अब नई हिदायतों के अनुसार केवल कंटेनमेंट जोन में ही प्रतिबंध जारी रहेंगे और बाकी क्षेत्रों को ऑरेंज जोन मानकर सामान्य गतिविधियां चलाई जाएंगी. मुख्यमंत्री खट्टर ने बताया कि हरियाणा के अंदर और अन्य प्रदेशों के लिए बस सेवा मंगलवार से शुरू कर दी जाएगी. बिल संबंधी त्रुटियों को फोन पर ठीक कराएंः सीएम उन्होंने बताया कि फाइव स्टार मोटर वाले एक हजार ट्यूबवेल कनेक्शन अभी तक लगाए जा चुके हैं जबकि शेष 4 हजार कनेक्शन अगले 30 जून तक लगा दिए जाएंगे. मुख्यमंत्री खट्टर ने यह भी बताया कि बिजली बिल संबंधी त्रुटियों को हेल्पलाइन नंबर 1912 पर ठीक करवाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि जिन 6 हजार कैदियों को पेरोल दी गई थी, उनकी पेरोल अवधि अगले 6 सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई है.
नई दिल्ली, 17 मई 2020,लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर लोगों को अपनी नौकरी की चिंता सता रही है, ऐसे में हरियाणा सरकार युवाओं को नौकरी देने के लिए एक जॉब पोर्टल की शुरुआत करने जा रही है. हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को कहा कि हरियाणा सरकार जल्द ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक जॉब पोर्टल शुरू करेगी. उन्होंने कहा कि एमएनसी और अन्य कंपनियों को पोर्टल के माध्यम से लाभ मिलेगा क्योंकि वे अपने उद्योगों के लिए योग्य और प्रशिक्षित कर्मचारियों की भर्ती कर सकेंगे. उन्होंने श्रम और रोजगार, उद्योग और वाणिज्य, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की. जिसमें ये निर्णय लिया गया था. हालांकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि जॉब पोर्टल की शुरुआत कब से की जाएगी. यदि इसकी शुरुआत लॉकडाउन के बाद होती है तो यकीनन युवाओं को इससे लाभ होगा. चौटाला ने कहा कि हरियाणा सरकार गांवों में लगभग 500 एकड़ की खाली भूमि पर उद्योग संचालन की अनुमति देने पर विचार कर रही है ताकि युवाओं को अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकें. वहीं 30 लाख लोग इंडस्ट्री में काम करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि यूनिट ने धीरे-धीरे अपने काम को शुरू कर दिया है. चौटाला ने कहा कि सरकार नौकरी पोर्टल के माध्यम से कंपनियों को श्रम और नौकरी के आवेदकों का विवरण प्रदान करेगी और कंपनियां भी इस पोर्टल पर नौकरी के लिए अपनी आवश्यकताओं को रख सकती हैं ताकि युवा इन नौकरियों के लिए आवेदन कर सकें. उन्होंने कहा कि राज्य में सेना और पुलिस में भर्ती के लिए बड़ी संख्या में युवा आवेदन करते हैं और जब तक उन्हें ये नौकरियां नहीं मिल जातीं, तब तक वे निजी क्षेत्र में भी काम कर सकते हैं.
चंडीगढ़, 16 मई 2020,कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पंजाब में लॉकडाउन जारी रहेगा. राज्य की कांग्रेस सरकार ने इसे 31 मई तक लागू करने का फैसला लिया है और जनता से लॉकडाउन में मदद करने की अपील की है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि 18 मई को लॉकडाउन-4 के दौरान वो काफी राहत देने का ऐलान करने जा रहे हैं, लेकिन ये जनता की मदद के बिना पूरा नहीं हो पाएगा. हालांकि, सरकार ने पंजाब से कर्फ्यू हटाने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे नहीं पता कि 18 मई को केंद्र क्या घोषणा करने जा रहा है, लेकिन मैं अधिक से अधिक शहरों को खोल दूंगा. लेकिन जहां पर कोरोना के ज्यादा मामले हैं वहां पाबंदियां जारी रहेंगी.सीएम ने कहा कि वह रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के पक्ष में नहीं थे, बल्कि राज्यों को कंटेनमेंट और नॉन कंटेनमेंट जोन में बांटे जाने के पक्ष में थे. देश में दो हफ्ते के लिए बढ़ाया जा सकता है लॉकडाउन वहीं, केंद्र सरकार भी देश में लॉकडाउन को दो हफ्ते के लिए और बढ़ा सकती है. ये 31 मई तक लागू रहेगा. लॉकडाउन में क्या रियायतें मिलेंगी इसकी जानकारी सरकार रविवार को जारी कर सकती है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि लॉकडाउन 4 को लेकर सारी कवायद पूरी कर ली गई है. आज दोपहर पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह, गृह सचिव और पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लॉकडाऊन-4 के दिशा-निर्देंशों पर 2 घंटे से ज्यादा देर तक बैठक की. बैठक में मुख्यमंत्रियों की तरफ से आए सुझावों पर भी चर्चा हुई. बैठक में लॉकडाउन-4 का मसौदा फाइनल हुआ. कल देर रात तक अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों से मिले सुझावों पर विचार के बाद दिशा निर्देशों का खाका तैयार किया था, जिसपर पीएम के साथ आज की बैठक में चर्चा हुई. पीएम और गृह मंत्री की बैठक में प्रवासी मजदूरों की समस्याओं और उसके समाधान पर भी हुई चर्चा.
हमेशा विवादों में रहने वाले पंजाब की गीदड़बहा विधानसभा से विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग एक बार फिर सुर्खियों में हैं. रविवार को बठिंडा से श्रमिकों के लिए चलाई गई विशेष ट्रेन के रवाना होने से ठीक पहले राजा वडिंग अपने साथियों के साथ रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और ट्रेन में बैठे यात्रियों को यह कहकर पर्चे बांटते रहे कि उनकी यात्रा का सारा खर्च कांग्रेस पार्टी, सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उठाया है. अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा, "जहां पर भी कांग्रेस की सरकारें हैं वहां से अपने राज्यों में लौटने वाले श्रमिकों की यात्रा का खर्च स्थानीय सरकार उठाएगी. जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार नहीं है, वहां पर संगठन के प्रतिनिधि मिलकर उनकी यात्रा का खर्च उठाएंगे और उनको अपने घर भेजेंगे." राजा वडिंग ने ट्रेन रवाना होने से पहले बाकायदा मजदूरों को दी गई सुविधा की जानकारी दी और बताया कि बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हो रही इस श्रमिक ट्रेन में 1388 श्रमिक अपने घरों को लौट रहे हैं. राजा बडिंग ने कहा, "इस ट्रेन पर 7.2 लाख रुपए का खर्च आया है जिसे पंजाब सरकार ने वहन किया है. ट्रेन में बैठे हर मजदूर को खाना, स्नैक्स और पानी की बोतल दी गई है और प्रति मजदूर लगभग 600 रुपये का खर्च आया है. दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय के लोगों को घर भेजने के लिए मंगवाई गई ट्रेनों के खर्च को लेकर केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के बीच ठन गई है. पंजाब सरकार के एक सीनियर आईएएस अफसर ने कहा है कि रेलवे ने वादे के मुताबिक 85 फीसदी किराया माफ नहीं किया, इसलिए पंजाब सरकार सारा खर्च वहन कर रही है.
चंडीगढ़, पंजाब पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े मोस्ट वांटेड गैंगस्टर बलजिंदर उर्फ बिल्ला मंडियाला को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं. पंजाब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर बलजिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही उसके 6 साथियों को भी पुलिस गिरफ्तार किया है. पंजाब पुलिस ने इनके पास से आधुनिक हथियार भी जब्त किए हैं. इसके अलावा फर्जी दस्तावेज, ड्रग, नकदी, वाहन भी जब्त किए गए हैं. पुलिस के मुताबिक बलजिंदर सिंह के कथित तौर पर पाकिस्तान आधारित खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के प्रमुख हरमीत सिंह हैप्पी और जर्मनी स्थित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के साथ लिंक थे. पुलिस ने बताया कि बलजिंदर हत्या, हथियार और ड्रग की तस्करी समेत कई मामलों में वांछित अपराधी था. पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि संगठित अपराध नियंत्रण इकाई, काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर इकाई और कपूरथला पुलिस की एक टीम ने गुरुवार को एक संयुक्त अभियान में गैंगस्टर और उसके साथियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही हथियार भी बरामद किए गए हैं. होगा कोरोना टेस्ट गैंगस्टर बलजिंदर के अलावा सुखजिंदर सिंह, मोहित शर्मा, लवप्रीत सिंह, मंगल सिंह, मनिंदरजीत सिंह और लवप्रीत सिंह उर्फ लवली को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. वहीं सभी गिरफ्तार अपराधियों को अलग-अलग रखा गया है क्योंकि इनका कोरोना टेस्ट भी किया जाएगा.
चंडीगढ़, 09 मई 2020, पंजाब पुलिस और एनआईए ने एक बड़े ड्रग तस्कर रंजीत सिंह उर्फ चीता को गिरफ्तार किया है. इस तस्कर को गिरफ्तार करने में तीन एजेंसियों ने मिलकर काम किया है. इस कार्रवाई में पंजाब की अमृतसर पुलिस, एनआईए और हरियाणा पुलिस शामिल हैं. तीनों एजेंसियों ने हरियाणा के सिरसा से ये गिरफ्तारी की है. पंजाब पुलिस ने ये कार्रवाई 532 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती के मामले में की है. 8 महीने से सिरसा में छिपा हुआ था पुलिस के मुताबिक, रंजीत सिंह उर्फ चीता के अलावा उसके भाई गगन सिंह को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस ने तस्करों को शरण देने वाले सिरसा के गुरमीत सिंह को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक ये तस्कर पिछले 8 महीने से हरियाणा के सिरसा के बेगू रोड स्थित एक घर में छिपे हुए थे. पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि जम्मू कश्मीर और पंजाब से हिजबुल के आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमृतसर के रंजीत सिंह को गिरफ्तार किया है, वो भारत के सबसे बड़े ड्रग तस्करों में से एक है. चीता की गिरफ्तारी 532 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी के मामले में हुई है. पाकिस्तान से लाता था ड्रग पंजाब पुलिस के मुताबिक रंजीत सिंह उर्फ चीता 2018 से 2019 के बीच पाकिस्तान से पहाड़ी नमक आयात करने के बहाने ड्रग मंगवाता था. भारत की एजेंसियों ने अमृतसर में उसके ड्रग की खेप को पकड़ा था. पिता और परिवार से भी पूछताछ सिरसा के एसपी अरूण नेहरा ने कहा कि मोस्ट वांटेड स्मग्लर रंजीत सिंह और उसके भाई को शरण देने वाले गुरमीत सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने रंजीत के पिता और परिवार को भी हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है.
चंडीगढ़, 10 मई 2020,पंजाब में शराब की होम डिलिवरी और शराब के दाम बढ़ाने को लेकर बुलाई गई एक बैठक में मंत्री और अधिकारी आमने-सामने आ गए. सूबे के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कैबिनेट बैठक से पहले शनिवार सुबह 11 मंत्रियों और सीनियर आईएएस अधिकारियों को नई आबकारी नीति और शराब की बिक्री के मुद्दे पर आपस में मिलने और आम राय बनाने को कहा था. इसके बाद शनिवार दोपहर 2 बजे कैबिनेट की बैठक होनी थी. हालांकि इस बैठक में मंत्री और अधिकारी शराब के दाम बढ़ाने और शराब व्यापारियों को राहत देने के मुद्दे पर आपस में भिड़ गए. इस घटना के बाद शनिवार दोपहर 2 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक को स्थगित कर दिया गया. अब कैबिनेट की बैठक सोमवार को बुलाई गई है. सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक में कैबिनेट मंत्री मनप्रीत सिंह बादल व चरणजीत चन्नी की मुख्य सचिव करण अवतार के साथ शराब पॉलिसी को लेकर जमकर कहासुनी हुई. इसके बाद वित्तमंत्री मनप्रीत बादल मीटिंग को बीच में ही छोड़कर चले गए. इस बैठक में कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की एक सीनियर आबकारी अधिकारी से भी कहासुनी हुई, जिसके बाद रंधावा भी मीटिंग छोड़कर चले गए. इस तरह मीटिंग में कोई फैसला नहीं हो सका और शनिवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक को सोमवार तक स्थगित करना पड़ा. कैसे आमने-सामने आए मंत्री और अधिकारी? सूत्रों के मुताबिक बैठक में सीनियर आईएएस अधिकारी ये चाह रहे थे कि साल 2020-21 के लिए आबकारी नीति इस तरह से बनाई जाए, ताकि सरकार के राजस्व में किसी तरह की कमी न आए और सरकार अपने तय राजस्व के टारगेट को पूरा करे. हालांकि मंत्रियों की दलील थी कि शराब के ठेकेदारों की हालत खस्ता है. पंजाब में ज्यादातर शराब का इस्तेमाल होटलों और शादियों में होता है, लेकिन होटल भी बंद हैं और किसी तरह के आयोजन और फंक्शन भी नहीं हो रहे हैं, इसी वजह से शराब के ठेकेदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. मंत्रियों का कहना था कि राज्य सरकार ने शराब की दुकानें खोलने की परमिशन भी कुछ समय के लिए दी है. इसी वजह से ठेकेदारों को लाइसेंस फीस में थोड़ी राहत दी जाए. इस मीटिंग में ही कुछ मंत्रियों ने शराब की होम डिलिवरी पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि शराब की होम डिलिवरी सीधे तौर पर शराब तस्करी को बढ़ाने वाला कदम है. इस बैठक में कैबिनेट मंत्रियों और सीनियर आईएएस अधिकारियों के विचार अलग-अलग होने की वजह से कोई नतीजा नहीं निकल सका. उल्टे इस बैठक में मंत्रियों और सीनियर आईएएस अधिकारियों के बीच कहासुनी हो गई और बैठक के बीच में कैबिनेट मंत्रियों के चले जाने से लंच भी किसी ने नहीं किया.
कपूरथला पंजाब के कपूरथला जिले में पुलिस ने कर्फ्यू के दौरान वाहन से जा रहे 24 वर्षीय अंतराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी और उसके दोस्त को गोली मार दी। कबड्डी खिलाड़ी अरविंदरजीत सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल है। पुलिस को आशंका थी कि ये दोनों लोग उस पर हमला कर सकते हैं इसलिए उसने गोली चला दी। पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक घटना बृहस्पतिवार रात लखन के पड्डा गांव की है। उन्होंने बताया कि सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) परमजीत सिंह ने अरविंदरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि प्रदीप सिंह गंभीर रूप से घायल है। उन्होंने बताया कि एएसआई कार से अपने दोस्त मंगू को गांव छोड़ने जा रहा था तभी रात करीब 10 बजे कर्फ्यू लगे इलाके में उसे अपनी ओर एक वाहन आता दिखाई दिया। पुलिस के मुताबिक एएसआई और उसके दोस्त ने अरविंदरजीत की कार का पीछा किया और कार को रुकने का इशारा किया जिस पर कार रुक गई। अरविंदरजीत और उसका दोस्त कार के नजदीक गए तो परमजीत ने खुद पर हमला होने की आशंका में सरकारी पिस्तौल से 4 से 5 गोलियां चला दीं, जिससे अरविंदरजीत की मौत हो गई जबकि उसका दोस्त घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक कबड्डी खिलाड़ी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके दोस्त को जालंधर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जो अब खतरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि एएसआई और अरविंदरजीत की कोई दुश्मनी नहीं थी और यह घटना भ्रम की वजह से हुई। पुलिस ने एएसआई और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।
गाजियाबाद हरियाणा सरकार ने आईएएस अधिकारी रानी नागर (IAS Rani Nagar) का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। हालांकि रानी नागर का कहना है कि अगर मेरा इस्तीफा मंजूर नहीं होता है तो मेरा और शोषण होता रहेगा। इस बीच रानी नागर ने ट्वीट कर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इस्तीफा देने के बाद चंडीगढ़ से लौट कर गाजियाबाद आईं रानी नागर ने ट्वीट कर व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि चंडीगढ़ में रहने के दौरान उनके साथ गलत व्यवहार हुआ। रानी नागर ने लिखा कि चंडीगढ़ में गेस्ट हाउस में कई बार उनके खाने में स्टेपलर पिन मिले। उन्होंने लिखा, 'लॉकडाउन और कर्फ्यू में गेस्ट हाउस को जनता के लिए बंद कर दिया गया लेकिन मुझे और मेरी बहन रीमा नागर को गेस्ट हाउस में ही रखा गया। इस दौरान हमें खाना भी नहीं मिला। हमने बड़ी मुश्किल से तरल पदार्थ गुजारा किया।' 'मेरा इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ तो और शोषण होगा' रानी ने नोएडा और गाजियाबाद के लोगों से अपील की है कि वे उनके इस्तीफे के लिए आग्रह और आंदोलन ना करें। रानी नागर ने कई सारे ट्वीट्स करके अपना पक्ष रखा है। उन्होंने यह भी कहा है, 'इस्तीफा स्वीकार ना होने से मेरा और अधिक शोषण होगा। आगे सरकारी नौकरी कर पाना मेरे लिए संभव नहीं होगा। ज्यादा समय तक मेरा इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ और मेरा एनपीएस फंड मुझे ना मिला तो मेरे भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।' रानी नागर पहले भी रही हैं विवादों में रानी नागर इससे पहले 2018 में भी विवादों में आ चुकी हैं। उन्होंने एक आईएएस अधिकारी पर गलत व्यवहार का आरोप लगाया था। इसके बाद कैब ड्राइवर पर भी अभद्रता का आरोप लगाया था। इसके अलावा हरियाणा के सिरसा में तैनाती के दौरान उन्होंने एक ऑटो ड्राइवर से अपनी जान का खतरा बताया था।
चंडीगढ़, 07 मई 2020, पंजाब सरकार में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार के उस दावे को पूरी तरह से गलत बताया है, जिसमें केंद्र सरकार ने राज्य को खाद्य सामग्री भेजने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर खाद्य मंत्री रामविलास पासवान को गलत जानकारी दे रही हैं. हम लोग केंद्रीय कोटा से लोगों को गेंहूं भी नहीं बांट पा रहे हैं, क्योंकि हमारे स्टॉक में दाल नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में बांटने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कोई खाद्य सामाग्री नहीं भेजी गई है. सीएम ने कहा कि हमारी तरफ से लोगों को खाद्य सामग्री बांटने में देरी नहीं हुई है. केंद्र सरकार ने हमें जितना दाल देने का वादा किया था, उसका 50 प्रतिशत भी हमारे पास नहीं पहुंचा है. इसलिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए हम लोगों तक गेहूं भी नहीं बांट पा रहे हैं. सीएम ने, केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान के उस ट्वीट का जवाब देते हुए यह बात कही जिसमें राज्य सरकार से लोगों को खाद्य सामग्री बांटने में तेजी लाने को कहा गया था. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मदद की गुहार लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खत भी लिखा है, जिसमें उन्होंने एक बार फिर से राज्य के लिए विशेष पैकेज देने की मांग की है. साथ ही यह भी बताया है कि लॉकडाउन की वजह से लगातार राज्य के रेवेन्यू में कमी आ रही है जबकि कोविड-19 के रिलीफ और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा है कि देश को लॉकडाउन से बाहर निकालने को लेकर उनके पास क्या एग्जिट प्लान है और देश की आर्थिक स्थिति को फिर से खड़ा करने की उनके पास क्या तैयारी है? इसके साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 15वें फाइनेंस कमिशन को इस साल की अपनी रिपोर्ट को रिव्यू करने की मांग की है क्योंकि अब हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मांग की है कि 15वें फाइनेंस कमीशन को फंड्स 1 अप्रैल 2021 से अगले 5 साल के लिए हस्तांतरण करने चाहिए ना कि 2020 की गणना के आधार पर. क्योंकि अब कोविड-19 की वजह से हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से लगातार पंजाब के रेवेन्यू में 88% तक की कमी आई है और इसकी वजह से प्रदेश की आर्थिक हालत पूरी तरह बदल गई है और कई सेक्टर्स में लोगों के रोजगार जाने तक की नौबत आ गई है. ऐसे में केंद्र सरकार को अपने अलग-अलग विभागों के माध्यम से इस हालात से राज्यों और देश के लोगों को बाहर निकालने के लिए कई तरह के कदम उठाने होंगे. इससे पहले भी पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र से विशेष पैकेज और जीएसटी बकाया जारी करने की मांग की थी. हालांकि इसके कुछ दिनों बाद ही केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने दावा किया था कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए पंजाब को राशि और खाद्यान्न देकर मदद की है. इतना ही नहीं उन्होने अपने ट्विटर हैंडल पर केंद्र सरकार द्वारा पंजाब सरकार को भेजे गए धन का विवरण साझा करते हुए लिखा था, “केंद्र सरकार ने कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए पंजाब को राशि और खाद्यान्न देकर मदद की. मैं कैप्टन अमरिंदर सिंह को पूरा विवरण भेज रही हूं. लोग जानना चाहते हैं कि केंद्र से मिली वस्तुएं कहां गईं? उन्हें कोई राहत क्यों नहीं दी जा रही? बेहतर होगा कि इसका मुद्दा बनाने से पहले आप पहले लोगों में राहत सामग्री बांट दें.” उन्होंने लिखा, “कोविड-19 के फैलने यानी 20 मार्च के बाद जीएसटी क्षतिपूर्ति और बकाया के आधार पर 2,366 करोड़ रुपये सहित राज्य को 3,445 करोड़ रुपये का पैकेज, आरडीजी के रूप में 638 करोड़ रुपये, आपदा प्रबंधन के लिए 247 करोड़ रुपये, मनरेगा के लिए 72 करोड़ रुपये और एनएचएम के तहत 72 करोड़ रुपये दिए गए.” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकार को गेहूं और दालें भी भेजी हैं. हरसिमरत ने एक और ट्वीट में कहा, “इतना ही नहीं मुख्यमंत्री साहब! केंद्र ने राज्य की लगभग आधी आबादी यानी 1.4 करोड़ लोगों के लिए 15 किलो गेहूं और तीन किलो दाल भेजी थी. यह अनाज अभी तक पंजाब के गोदामों में पड़ा हुआ है. किसी भी परिवार के पास अब तक यह अनाज नहीं पहुंचा है. आपको नहीं लगता कि इन राहत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सबसे पहले आपको जरुरतमंदों तक इन सामग्रियों पहुंचाना चाहिए?”
चंडीगढ़, 08 मई 2020,पंजाब में भारतीय वायुसेना का एक फाइटर प्लैन क्रैश हो गया है. नवांशहर जिले के चुहाड़पुर में शुक्रवार दोपहर मिग-29 क्रैश हो गया. हालांकि, पायलट ने प्लेन क्रैश होने से पहले अपनी जान बचा ली है. पायलट एमके पांडेट की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. मिग-29 के क्रैश होने की खबर पाकर आस-पास के गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. इसके बाद जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं. वायुसेना को पूरे हादसे के बारे में जानकारी दे दी गई है. बताया जा रहा है कि वायुसेना के अधिकारी घटनास्थल पर आ रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि करीब दोपहर 11 बजे आसमान से आग का गोला गिरता दिखाई दिया. लोग खेत की ओर भागे और देखा कि वहां एक विमान गिरा हुआ और उसमें विस्फोट हो रहा है. विस्फोट के कारण खेत में आग भी लग गई. आनन-फानन में प्रशासन को खबर दी गई. इसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं.
चंडीगढ़, 05 मई 2020, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह की मुश्किल बढ़ सकती है. दिग्विजय सिंह के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने चंडीगढ़ के सेक्टर 3 थाने में शिकायत दी है. अपनी शिकायत में मजीठिया ने दिग्विजय पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. मजीठिया ने दिग्विजय पर महाराष्ट्र के नांदेड़ से लौटे श्रद्धालुओं की तबलीगी जमात से तुलना कर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है. उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर 3 थाने में शिकायत के साथ दिग्विजय सिंह के ट्वीट का प्रिंट आउट भी लगाया है. मजीठिया ने अपनी शिकायत में कहा है कि दिग्विजय का ट्वीट सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत करने वाला है. वहीं, अब दिग्विजय सिंह ने सफाई दी है. ट्वीट कर दिग्विजय सिंह ने कहा है कि केवल एक सवाल उठाने के कारण आलोचना की गई. कोरोना वायरस कोई धर्म नहीं जानता है. वायरस के प्रसार को किसी भी धार्मिक समूह से जोड़ने के सभी प्रयासों की निंदा की जानी चाहिए और मैंने हमेशा ऐसा किया है. उन्होंने कहा कि वुहान की चर्च में प्रार्थना के लिए ईसाइयों का एकत्रित होना हो, दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी मरकज में मुसलमानों का जुटना या नांदेड़ में सिखों का. किसी एक धर्म को दोष नहीं दिया जा सकता. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इसे सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण और गलत टाइमिंग ही कहा जाकता है. गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने नांदेड़ से लौटे सिख श्रद्धालुओं की तुलना दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज की तबलीगी जमात से की थी. महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा हुजूर साहिब में लॉकडाउन के कारण फंसे सिख श्रद्धालुओं का जत्था पंजाब लौटा था. पंजाब लौटे श्रद्धालुओं में से अब तक 790 से अधिक लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि पंजाब में कोरोना के कुल मरीजों की तादाद लगभग 1300 पहुंच चुकी है. बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से लगभग 2000 जमातियों को निकाला गया था. इनमें से अधिकतर जमातियों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई थी. जमात से निकले लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में भी गए थे. कई राज्यों में तो कोरोना का पहला केस ही जमात से जुड़े व्यक्ति का ही सामने आया. अब नांदेड़ से लौटे श्रद्धालुओं के कारण पंजाब में कोरोना से जुड़े मामले दोगुने हो गए हैं. बता दें कि पंजाब में कांग्रेस की ही सरकार है.
चंडीगढ़, 05 मई 2020, महाराष्ट्र से लौटे सिख श्रद्धालु पंजाब के लिये सबसे बड़ी मुसीबत बन गये हैं. पंजाब में कोरोना वायरस मरीजों की संख्या बढ़कर 1232 पहुंच गई है. हैरान करने वाली बात ये है कि इन कुल कोरोना संक्रमितों में से 795 केस उन सिख श्रद्धालुओं से जुड़े हैं, जो हाल ही में नांदेड़ से वापस लाये गये थे. लॉकडाउन के तीसरे चरण के बीच कोरोना की स्पीड पूरे देश में बढ़ रही है और इस बीच सोमवार को पंजाब में कोरोना के 132 नये केस पाये गये. इनके साथ ही कोरोना संक्रमितों की राज्य में कुल संख्या 1200 के पार चली गयी. कुल कोरोना संक्रमितों में 795 मरीज वो सिख श्रद्धालु हैं, जिन्हें हाल ही में महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित श्री हुजूर साहिब गुरुद्वारे से वापस लाया गया था. दरअसल, लॉकडाउन के चलते पंजाब के हजारों श्रद्धालु नांदेड़ स्थित श्री हुजूर साहिब गुरुद्वारे में फंस गये थे. लॉकडाउन के दूसरे फेज के दौरान इन श्रद्धालुओं को वापस लाने की मांग उठी तो पंजाब सरकार ने बसें भेजने का फैसला किया. इन बसों के जरिये सिख श्रद्धालु वापस लाये गये. हैरानी की बात ये है कि श्रद्धालुओं को कोरोना का टेस्ट किये बिना ही घर भेज दिया गया. अब यही लोग कोरोना पॉजिटिव निकल रहे हैं. हालांकि, इस पूरे मसले पर आरोप-प्रत्यारोप भी हो रहे हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुले तौर पर महाराष्ट्र सरकार को इसके लिये जिम्मेदार बताया है. हाल ही में आजतक के ई-एजेंडा कार्यक्रम में जब अमरिंदर सिंह से सिख श्रद्धालुओं पर सवाल किया गया तो उन्होंने इसका ठीकरा उद्धव ठाकरे सरकार पर फोड़ा.
नई दिल्ली, 03 मई 2020,पंजाब में बड़ी संख्या में सिख तीर्थ यात्रियों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि सिख तीर्थ यात्रियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने से पंजाब में खतरा पैदा हो गया है. क्या इसकी तबलीगी मरकज से कोई तुलना की जा सकती है. दिग्विजय सिंह ने इंडिया टुडे की एक खबर को ट्विटर पर साझा किया और सवाल किया कि क्या सिख तार्थ यात्रियों की तुलना तबलीगी मरकज मामले से की जा सकती है? उन्होंने लिखा, 'सिख तीर्थ यात्रियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने से पंजाब में खतरा पैदा हो गया है. क्या इसकी तबलीगी मरकज से कोई तुलना की जा सकती है? बता दें कि शनिवार रात तक के आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट के नांदेड़ से लौटे सिख श्रद्धालुओं की वजह से पंजाब में कोरोना के आंकड़े में तेजी से इजाफा हुआ है. पंजाब में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 780 हो गई है. इनमें से कोरोना के 400 मामले पिछले 72 घंटे में बढ़े हैं, जिसमें से नांदेड़ से आए 391 तीर्थ यात्री हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी माना कि राज्य में कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बड़ा हिस्सा सिख तीर्थ यात्रियों का शामिल है. ई-एजेंडा आजतक में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा था कि पंजाब में कोरना तीन रास्तों से आया. पहला एनआरआई, दूसरा नांदेड़, तीसरा राजस्थान और दूसरे राज्यों से आए लोग. उन्होंने बताया कि शुरुआत में कोरोना संक्रमण को पंजाब ने काबू कर लिया था. लेकिन बाद में नांदेड़ और बाकी जगह से आए लोगों से संक्रमण फ़ैल गया. सुर्खियों में रहा तबलीगी जमात असल में, मार्च में दिल्ली स्थित तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देशभर के लोग जुटे थे. उनमें कुछ विदेशी भी थे. उसी दौरान लॉकडाउन का ऐलान हो गया और काफी लोग निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के कार्यालय में ही फंसे रह गए. इनमें कई कोरोना संक्रमित हो गई. देश के दूसरे हिस्सों से आए तबलीगी जमात के लोग भी संक्रमित पाए गए. कुछ की मौत भी हो गई. इसे मामले को लेकर काफी बवाल और लंबे समय तक सुर्खियों में रहा.
गुरुग्राम, 04 मई 2020,सोमवार से लागू होने जा रहे लॉकडाउन के तीसरे चरण में गुरुग्राम में गली मोहल्लों की दुकानें और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में बनी मार्केट खुलेंगी. सैलून और ब्यूटी पार्लर आदि भी खोले जा सकते हैं लेकिन शॉपिंग मॉल, गैलेरिया मार्केट, सदर बाजार जैसी बड़ी मार्केट अभी बंद रखी जाएंगी. जिन दुकानों को खोलने का आदेश दिया गया है उनके लिए भी सुबह 7:00 से लेकर शाम 7:00 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है. सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन अनिवार्य इस संबंध में जानकारी देते हुए गुरुग्राम के उपायुक्त अमित खत्री ने बताया कि लॉकडाउन में जिन दुकानों को खोलने की अनुमति है उन्हें कोविड-19 के प्रोटोकॉल अर्थात सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन, कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी उपाय अपनाना, फेस मास्क का प्रयोग, दुकान को सैनिटाइज करवाना अनिवार्य होगा. ऑरेंज जोन में है गुरुग्राम गुरुग्राम जिले में कौन सी औद्योगिक गतिविधियां चलाई जा सकती हैं, इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए उपायुक्त अमित खत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा अपनाए गए मानदंड अनुसार गुरुग्राम जिला ऑरेंज जोन में स्थित है इसलिए आईएमटी मानेसर, इंडस्ट्रियल एरिया में पहले सप्ताह अर्थात 4 से 10 मई तक आईटी और आईटीईएस में ई-कॉमर्स कंपनियों का संचालन 50% स्टाफ के साथ किया जा सकता है. दूसरे सप्ताह में अर्थात 11 से 17 मई की अवधि में आईटी और आईटीईएस कंपनियां तथा ई- कॉमर्स कंपनियां 75% स्टाफ तथा सामान्य इकाइयां 100% स्टाफ के साथ काम कर सकती हैं. पास के लिए करना होगा अप्लाई उपायुक्त ने बताया कि काम शुरू करने के लिये सभी प्रकार की औद्योगिक इकाइयों अथवा उद्यमियों अथवा प्रतिष्ठानों को सरल हरियाणा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से आवेदन करना होगा ताकि उनके कर्मचारियों के लिए आवश्यक पास जारी किए जा सकें. उन्होंने बताया कि प्रारंभ में कर्मचारियों के लिए साप्ताहिक आधार पर पास जारी किए जाएंगे, अर्थात 4 से 10 मई तक और 11 से 17 मई तक की निर्धारित अवधि के लिए पास जारी होंगे. रिस्क प्रोफाइल बदलने से खत्म हो जाएगी रियायत जिले का रिस्क प्रोफाइल बदलने अर्थात ऑरेंज से रेड या ग्रीन होने पर उसी श्रेणी के हिसाब से गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस लागू होंगी और पहले जारी की गई छूट या रियायतें अपने आप वापस हो जाएंगी. उपायुक्त ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई करने वालों को ट्रायंगुलर अर्थात तिकोना चिन्ह वाला पास जारी किया जाएगा. कंटेनमेंट जोन के अलावा अन्य जोन में काम करने वाले कर्मियों को रेक्टेंगुलर अर्थात आयताकार पास जारी किए जाएंगे. इसके अलावा, यदि श्रमिक अथवा कामगार फैक्ट्री परिसर में रहते हैं तो उन्हें कोई पास जारी करने की जरूरत नहीं है.
चंडीगढ़, 02 मई 2020, पंजाब में पिछले 72 घंटे में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं. महाराष्ट के नांदेड़ से लौटे सिख श्रद्धालुओं की वजह से कोरोना के आंकड़े में तेजी से इजाफा हुआ है. पंजाब में अब कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 780 हो गई है. इनमें से कोरोना के 400 मामले पिछले 72 घंटे में बढ़े हैं, जिसमें से नांदेड़ से आए 391 तीर्थयात्री हैं. जिलावार कोरोना संक्रमित 391 तीर्थयात्रियों की सूची- अमृतसर- 195 लुधियाना- 38 होशियारपुर- 36 पटियाला- 24 मोहाली- 19 फिरोजपुर- 19 तरन तारन 15 कपूरथला 11 संगरूर 7 फतेहगढ़ साहिब 6 फाजिल्का 4 गुरदासपुर 3 फरीदकोट 3 बठिंडा 2 जालंधर 2 रूपनगर 2 बरनाला 2 मुक्तसर 1 मोगा 1 एसबीएस नगर 1 बता दें कि महाराष्ट्र के नांदेड़ से पंजाब लाए गए श्रद्धालुओं में अब तक 391 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. नांदेड़ साहिब से लाए गए श्रद्धालुओं के कारण पंजाब में कोरोना वायरस का विस्फोट हुआ है. नांदेड़ से 3500 से ज्यादा श्रद्धालु पंजाब लौटे हैं. वहीं, नांदेड़ की बस जब अमृतसर पहुंची तो सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन भी साफ-साफ दिखा. श्रद्धालुओं को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना ई-एजेंडा आजतक के मंच पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नांदेड़ से आए श्रद्धालुओं को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा. सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने नांदेड़ में फंसे श्रद्धालुओं के कोरोना टेस्ट को लेकर हमसे झूठ बोला. उन्होंने हमसे कहा था कि हम लोगों का कोरोना टेस्ट करवा चुके हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का टेस्ट नहीं हुआ था. यदि हमें पता होता तो हम जरूर टेस्ट करवाते. नांदेड से आए श्रद्धालुओं का टेस्ट जारी: सीएम कैप्टन अमरिंदर ने आगे कहा कि महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से मेरी बात हुई थी. इसके बाद ही मैंने 80 बस नांदेड़ हुजुर साहिब भेजी थी. हमें लगा था कि 1500 लोग होंगे लेकिन जब बस पहुंची तो पता लगा कि वहां 3 हजार से ज्यादा लोग हैं और कई श्रद्धालु तो वापस पंजाब के लिए निकल चुके हैं. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि नांदेड से आए श्रद्धालुओं का टेस्ट हो रहा है. हर दिन हम 1500 टेस्ट कर रहे हैं. इतने सारे लोगों का टेस्ट करने में वक्त लग रहा है और इसमें खर्चा भी ज्यादा है. फिलहाल हमने श्रद्धालुओं को निगरानी में रखा है.
नई दिल्ली, 02 मई 2020,कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई पर आजतक के कार्यक्रम 'ई-एजेंडा आजतक सीएम स्पेशल' में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैंने 50 साल में इतनी बड़ी समस्या नहीं देखी है. यह कोई पाकिस्तान और चीन के युद्ध की तरह नहीं है कि हमें पता हो कि दुश्मन कहां है. कोरोना से लड़ाई में यह पता नहीं लगता है कि दुश्मन कहां से आया और कहां चला गया. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आगे कहा कि कोरोना से लड़ाई लंबी चलने वाली है. हमें साथ मिलकर लड़ना होगा. हर व्यक्ति का साथ इसमें जरुरी है. तभी हम कोरोना को हरा पाएंगे. लॉकडाउन से हमने इसके संक्रमण चक्र पर कुछ समय के लिए तो रोक लगाई है लेकिन आगे भी लड़ना होगा. अमेरिका और यूरोपीय देश फेल... कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि भारत ने बाकी देशों की तुलना में संक्रमण को रोक रखा है. अमेरिका और यूरोपीय देश तो इसमें फेल हो गए हैं. अमेरिका इतना बड़ा देश और अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था होने के बावजूद कुछ नहीं कर पाया है. वहां 70 हजार लोग कोरोना की वजह से दम तोड़ चुके हैं. ये तो अच्छी बात है कि भारत ने पहले कदम उठाकर लॉकडाउन किया. केरल के बाद पंजाब ने किया लॉकडाउन... लॉकडाउन को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि भारत में जैसे ही कोरोना ने दस्तक दी वैसे ही हमने कर्फ्यू लगा दिया. हमसे पहले केरल ने कर्फ्यू लगाया था. हमने काफी हद तक कोरोना को रोक रखा है. पुलिस को भी सख्त हिदायत दी है कि वो कर्फ्यू तोड़ने वालों पर कार्रवाई करे. तीन जगहों से पंजाब में आया कोरोना कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि पंजाब में कोरना तीन रास्तों से आया. पहला एनआरआई, दूसरा नांदेड़, तीसरा राजस्थान और दूसरे राज्यों से आए लोग. उन्होंने बताया कि शुरुआत में कोरोना संक्रमण को पंजाब ने काबू कर लिया था. लेकिन बाद में नांदेड़ और बाकी जगह से आए लोगों से संक्रमण फ़ैल गया.
नई दिल्ली, 02 मई 2020, ई-एजेंडा आजतक के मंच पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने लॉकडाउन और कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई लंबी और महंगी है. केंद्र और सभी राज्यों को साथ आ कर लड़ना होगा. हमारे पास फंड की कमी है. यदि ऐसा ही चलता रहा तो हम कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं दे पाएंगे. कोरोना टेस्ट को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि हम लगातार टेस्ट कर रहे हैं. पंजाब की आबादी तीन करोड़ से ज्यादा है. इतने सारे लोगों का टेस्ट करने का खर्चा बहुत आएगा. अभी एक मरीज का टेस्ट करने में हमें दो हजार रुपये लगते हैं. यदि सबका टेस्ट होगा तो उसके लिए फंड चाहिए. फिलहाल हम प्राइवेट हॉस्पिटल और कुछ बिल्डिंग को टेक ओवर कर रहे हैं. इनमें मरीजों का इलाज किया जा सकता है. हमने प्रधानमंत्री से पैकेज की मांग की है. GST के पैसे केंद्र के पास बाकी... कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि हमें अभी केंद्र सरकार से ही पैसे लेने हैं. हमारे GST के और एक्साइज के पैसे केंद्र सरकार के पास बाकी हैं. करीब 6200 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी नहीं आई है. ऊपर से केंद्र सरकार ने शराब बंदी कर रखी है. हमें सबसे ज्यादा शराब पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी से ही कमाई होती है. हमने शराब की दुकानें खोलने के लिए केंद्र से कहा था. यदि एक्साइज और GST का पैसा हमें मिल जाए तो थोड़ी राहत होगी. वरना मैं तनख्वाह नहीं दे पाऊंगा. सामान्य बिक्री होगी शराब की... शराब बिक्री को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि इसकी सामान्य बिक्री ही होगी. लॉकडाउन में जैसे लोगों को सब्जियां और किराना दुकानें मिलती हैं उसी तरह शराब की दुकानें भी सामान्य तौर पर खोली जाएंगी. हालांकि, शराब बिकने के समय का फैसला मैंने जिला कमिश्मर पर छोड़ दिया है.
नई दिल्ली, 01 मई 2020,कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देश के हर हिस्से में जंग लड़ी जा रही है. इस जंग के बीच गैर-भाजपा शासित राज्यों ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है. केंद्र सरकार का विरोध जताते हुए पंजाब में कांग्रेस पार्टी ने सभी लोगों से घरों की छत पर तिरंगा फहराने की अपील की है. 1 मई के दिन कांग्रेस ने यहां हर किसी से केंद्र का विरोध जताने के लिए ये अपील की है. पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्र की ओर से लगातार पंजाब और अन्य गैर-बीजेपी शासित प्रदेशों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ इस मसले पर सभी विधायकों की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस प्रस्ताव को रखा. कैप्टन अमरिंदर की सहमति के साथ ये प्रस्ताव पास हुआ. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि राज्य को लॉकडाउन और कर्फ्यू की वजह से 3360 करोड़ रुपये का मासिक रेवेन्यू घाटा उठाना पड़ रहा है. अंदाजा है कि जब तक लॉकडाउन और कर्फ्यू खत्म होगा तब तक पंजाब को इस वित्त वर्ष में करीब 50 हजार करोड़ के रेवेन्यू का नुकसान हो चुका होगा. पंजाब सीएम ने कहा कि इसके बावजूद भी केंद्र की ओर से अब तक राज्य के लिए मदद की कोई भी पहल नहीं की गई है. इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस ने तिरंगा फहराकर किसानों और कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ भी इस मुहिम को जोड़ा है. बता दें कि सिर्फ पंजाब ही नहीं, अन्य कई कांग्रेस शासित प्रदेशों की ओर से दावा किया गया है कि केंद्र सरकार की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिली है. राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब, महाराष्ट्र का कहना है कि बिना केंद्र सरकार की आर्थिक मदद के ये लड़ाई लड़ पाना मुश्किल है.
चंडीगढ़ कोरोना महामारी के चलते पंजाब सरकार ने लॉकडाउन और कर्फ्यू को दो सप्ताह तक आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इस बारे में घोषणा करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान रोजाना सुबह 7 बजे से 11 बजे तक लोगों को चार घंटे की छूट दी जाएगी। इस दौरान लोग अपने घरों से बाहर आ सकते हैं और दुकानें खुली रहेंगी। उन्होंने कहा कि हमने राज्य में कर्फ्यू और लॉकडाउन को दो और हफ्तों तक बढ़ाने का फैसला किया है। बता दें कि पंजाब लॉकडाउन बढ़ाने वाला पहला राज्‍य बन गया है। बीते सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी से चर्चा के दौरान कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने पीएम से लॉकडाउन बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि कुछ राज्य ऐसे भी थे, जिन्होंने पूर्ण लॉकडाउन के बजाय कुछ रियायतों के साथ लॉकडाउन लागू करने पर जोर दिया था। ऐसे में तीन मई को लॉकडाउन खत्म होने से पहले ही पंजाब के मुख्यमंत्री ने उसे दो सप्ताह के लिए आगे बढ़ाने का ऐलान कर दिया। इसके अलावा पंजाब सरकार ने दुकानों को भी खोलने की बात कही है, ताकि लोग जरूरी सामान खरीद सकें। हालांकि घर से बाहर निकलते समय लोगों को मास्क पहनने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। पंजाब में कोरोना संक्रमितों की संख्या 342 हुई पंजाब में कोरोना वायरस के 12 और नए मामले सामने आये जिससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 342 हो गयी। अधिकारी ने बताया कि जालंधर में सात, मोहाली और तरण तारण में दो-दो और होशियारपुर जिले में एक मामला सामने आया। उन्होंने बताया कि जालंधर जिले में सबसे अधिक 85 मामले, मोहाली में 65, पटियाला में 61, पठानकोट में 25, एसबीएस नगर में 20, लुधियाना में 18, अमृतसर में 14, मनसा में 13, होशियारपुर में आठ, तरण तारण में सात, कपूरथला में छह, मोगा में चार, रुपनगर, संगरुर और फरीदकोट में तीन-तीन, फतेहगढ़, साहिब और बरनाला में दो-दो, मुक्तसर, गुरदासपुर और फिरोजपुर में एक-एक मामला दर्ज किया गया है। राज्य में अब तक 17,021 नमूनों की जांच की जा चुकी है जिनमें से 13,966 नमूनों की जांच रिपोर्ट निगेटिव पायी गई है जबकि 2,713 नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आनी है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक राज्य में 219 लोग अब भी संक्रमित हैं। रियायतों के साथ जारी रहेगा लॉकडाउन? बता दें कि सोमवार को पीएम मोदी से चर्चा के दौरान कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने पीएम से लॉकडाउन बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जिन्होंने पूर्ण लॉकडाउन के बजाय कुछ रियायतों के साथ लॉकडाउन लागू करने पर जोर दिया है। पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी यह माना है कि पूरी तरह से लॉकडाउन हटाने का फैसला सही नहीं होगा।
नई दिल्ली पूरी दुनिया कोरोना संकट से उबरने की जद्दोजहद में जुटी है। वायरस के संक्रमण की रोकथाम से लेकर इससे होने वाली बीमारी कोविड-19 के प्रभावी इलाज को लेकर शोध काफी जोर-शोर से चल रहा है। भारत में भी भिन्न-भिन्न दिशाओं में प्रयास हो रहे हैं। इस क्रम में चंडीगढ़ में कैडिला की एक दवा सेप्सिवाक पर क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो गया है। यह दवा बैक्टीरिया से संक्रमण के कारण होने वाली बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होती है। अब शोध में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सेप्सिवाक कोविड-19 मरीजों के इलाज में भी कारगर साबित हो सकती है। तीन तरह के ट्रायल चंडीगढ़ स्थित पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च (PGIMER) में यह ट्रायल जारी है। ट्रायल प्रोग्राम के को-ऑर्डिनेटर डॉ. राम विश्वकर्मा ने बताया, 'PGIMER चंडीगढ़ में सेप्सिवाक को एक दवाई के रूप में इस्तेमाल किए जाने का क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है। हम उन बिना लक्षण वाले कोविड-19 मरीजों पर अलग से ट्रायल कर रहे हैं। उन्हें सेप्सिवाक को वैक्सीन के रूप में दिया जाएगा।' सफलता मिली तो तीन महीने में वैक्सीन उपलब्ध उन्होंने कहा कि अगर सेप्सिवाक ट्रायल में खरा उतरा तो लाखों लोगों की जिंदगियां बच जाएंगी। उन्होंने कहा, 'कोविड-19 किसी मरीज में एक महीने तक टिका रह सकता है। इसलिए तीसरा ट्रायल ठीक हो चुके या क्वारेंटाइन से निकले मरीजों पर किया जाएगा। उन्हें यह वैक्सीन के रूप में दिया जाएगा ताकि उनमें फिर से संक्रमण नहीं हो। यानी, सेप्सिवाक वैक्सीन के रूप में इलाज के साथ-साथ रोकथाम की भूमिका भी निभाएगी।' डॉ. विश्वकर्मा के मुताबिक अगर ट्रायल सफल रहा तो तीन महीने में कोविड-19 के इलाज के लिए यह दवा उपलब्ध करा दी जा सकती है। क्या है सेप्सिवाक ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया (DCGI) ने PGIMER के अलावा दिल्ली और भोपाल एम्स को सेप्सिवाक के क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति दी है। इन संस्थानों में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के सहयोग से मरीजों पर ट्रायल किया जाएगा। दरअसल, सेप्सिवाक का उपयोग कोविड-19 की बीमारी के मिलते-जुलते लक्षणों वाली बीमारियों में ही होता है। कैडिल फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने भी सीएसआईआर के सहयोग से सेप्सिवाक बनाया है। सेप्सिवाक का ही ट्रायल क्यों यह दवा एंटी ग्राम सेप्सिस के इलाज में काम आती है। इस बीमारी में भी मरीज को सांस लेने में तकलीफ और फेफेड़ों में दर्द की शिकायत होती है। सेप्सिवाक मूल रूप से मरीज का इम्यून सिस्टम मजबूत करती है। चूंकि अच्छे प्रतिरोधक क्षमता वालों पर कोविड-19 बीमारी का कुछ खास असर नहीं हो रहा है और वो बीमारी को मात देने में सफल हो रहे हैं, इसलिए यह जांच की जा रही है कि क्या सेप्सिवाक के जरिए कोविड-19 मरीजों का इम्यून सिस्टम भी बूस्ट किया जा सकता है।
नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2020, लॉकडाउन में हरियाणा से कामकाज के सिलसिले में दिल्ली आने वालों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं. हरियाणा पुलिस ने दिल्ली बॉर्डर सख्ती बढ़ा दी है. ऐसा इसलिए क्योंकि हरियाणा सरकार को लगता है कि दिल्ली आने जाने वालों से उसे खतरा है. दिल्ली से सटे फरीदाबाद के सारे बॉर्डर आज से सील कर दिए जाएंगे. दोपहर 12 बजे तक ही एंट्री की जा सकती है. आज दोपहर 12 बजे के बाद दिल्ली में काम करने वाले डॉक्टर, बैंक कर्मी और पुलिस वाले भी फरीदाबाद में एंट्री नहीं कर सकेंगे, सिर्फ केंद्र सरकार के जारी पास से ही सील बॉर्डर में एंट्री मिलेगी. हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने साफ किया कि वो दिल्ली या आसपास के राज्यों से हरियाणा को संक्रमित नहीं होने देंगे, जिसके चलते ये फैसला लिया गया है. इस बीच दिल्ली से जुड़ी हरियाणा की सभी सीमाओं पर पूछताछ कड़ी हो गई है. गुरुग्राम और फरीदाबाद से काम के सिलसिले में दिल्ली आने वालों के पास चेक किए जा रहे हैं. हालांकि लॉकडाउन के चलते पहले ही लोगों की आवाजाही सीमित है, लेकिन हरियाणा पुलिस अब जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों की दिल्ली आवाजाही पर भी सख्त हो गई है. दरअसल हरियाणा सरकार ने कल ही जता दिया था कि दिल्ली आने जाने वालों से उसके इलाके में संक्रमण का खतरा है, इसलिए दिल्ली में काम करने वालों के रहने का इंतजाम दिल्ली सरकार अपने पास ही करे. हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा था कि दिल्ली के कारण हमारे प्रदेश में संक्रमण बढ़ रहा है. इससे पहले दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद की सीमाएं भी सील की जा चुकी चुकी हैं. दिल्ली में कोरोना वायरस का फैलाव आसपास के इलाकों को भी डरा रहा है. अब तक दिल्ली में कोरोना के 3 हजार 108 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 877 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 54 की मौत हो चुकी है.
लग्जरी चंडीगढ़/नांदेड़ महाराष्ट्र के नांदेड़ से पंजाब लौटे 8 श्रद्धालुओं के कोरोना पॉजिटिव (Coronavirus in Punjab) मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। अब तक ग्रीन जोन में शामिल तरन तारन (Tarn Taran) जिले में भी 5 कोरोना मरीज सामने आए हैं। तरन तारन में अब तक एक भी कोरोना मरीज नहीं था। आशंका जताई जा रही है ये सभी श्रद्धालु (Nanded Pilgrims) अपने-अपने वाहनों से पंजाब लौटे हैं। कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पंजाब सरकार ने नांदेड़ से आने वाले हर शख्स का कोरोना टेस्ट कराने का फैसला किया है। इसके अलावा उन्हें 14 दिनों के लिए सरकारी क्वारंटीन में भी रहना होगा। श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए पंजाब सरकार ने 80 लग्जरी बसें भेजी हैं जो सोमवार शाम को पंजाब के लिए रवाना हो चुकी हैं। 5 तरन तारन से 3 कपूरथला से नांदेड़ से लौटने वाले 8 कोरोना मरीजों में से पांच तरन तारन के सुरसिंह गांव से हैं जबकि तीन कपूरथला के फगवाड़ा से हैं। तरनतारन में नांदेड़ से लौटे श्रद्धालुओं की सुरसिंह अस्पताल में स्क्रीनिंग भी हुई थी और उनमें कोई लक्षण सामने नहीं आए थे। प्रशासन ने सुरसिंह गांव और लाहुका को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। यहां एंट्री और एग्जिट पॉइंट सील कर दिए हैं। डेप्युटी कमिश्नर प्रदीप सबरवाल ने बताया कि प्रशासन मरीजों के इलाज के लिए व्यवस्था कर रहा है और साथ ही वे किस-किस के संपर्क में आए इसका पता लगाया जा रहा है। सोमवार को 35 श्रद्धालु पहुंचे तरन तारन तरन तारन कोविड-19 नोडल अधिकारी जगजीत सिंह वालिया ने बताया कि सभी गांवों को सील कर दिया गया हैं और स्वास्थ्य अधिकारी मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग और वायरॉलजी टेस्ट कर रहे हैं। तरन तारन एसडीएम रजनीश अरोड़ा ने बताया कि नांदेड़ से 35 और श्रद्धालु सोमवार को यहां पहुंचे जिन्हें उनके घर भेजने से पहले सरहाली कालां सरकारी अस्पताल में स्क्रीनिंग कराई जा रही है। सभी को 14 दिन के लिए घर पर ही क्वारंटीन रहने की सलाह दी गई है। ये सभी बुर्ज राय, बालारे और पंटकोटा गांव से हैं। छठे मरीज में कोरोना सोर्स की जानकारी नहीं तरन तारन में छठवां कोरोना मरीज एक महिला है जिसने दो दिन पहले एक बच्चे को जन्म दिया है। वह लगातार अस्पताल आती थी। अथॉरिटी अभी तक उसमें इंफेक्शन का सोर्स पता नहीं लगा सके हैं। श्रद्धालुओं को वापस लाएगी 80 लग्जरी बसें पंजाब सरकार द्वारा सिख श्रद्धालुओं को लाने वाली 80 लग्जरी बसें सोमवार को नांदेड़ से रवाना हो गई हैं। बस में 52 यात्रियों के बैठने की क्षमता है लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक बस में केवल 35 यात्री बिठाए गए। बस को पंजाब पुलिसकर्मी और ट्रांसपोर्ट अधिकारी एस्कॉर्ट कर रहे हैं। सभी श्रद्धालु पंजाब से 14 अलग-अलग जगहों में 4 दिन में पहुंचेंगे। ज्यादातर श्रद्धालु नांदेड़ में होला मोहल्ला त्योहार में शामिल होने आए थे। ये सभी शहर में एक महीने से फंसे थे और यात्री निवास में रह रहे थे। घर जाने के लिए बेचैन हैं श्रद्धालु गुरुद्वारा बोर्ड मेंबर गुरमीत सिंह महाजन ने बताया कि सभी अपने घर लौटने के लिए बेचैन हैं क्योंकि खेतों में फसल कटाई का समय शुरू हो चुका है। सोमवार को श्रद्धालुओं का पहला जत्था शाम करीब साढ़े चार बजे रवाना हुआ। बोर्ड सेक्रटरी रविंदर सिंह बंगई ने बताया कि चार घंटे में श्रद्धालुओं को बस में बिठाया गया। ये श्रद्धालु चार राज्यों- महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा से होते हुए 4 दिन में पंजाब पहुंचेंगे। सिखों का प्रमुख गुरुद्वारा है हजूर साहिब हजूर साहिब सचखंड गुरुद्वारा नांदेड़ का प्रमुख गुरुद्वारा है। हर साल यहां दुनियाभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। बंगई ने बताया कि करीब 4,000 श्रद्धालु नांदेड़ में लॉकडाउन के शुरू होने के साथ ही फंसे हुए हैं। इनमें से ज्यादातर पंजाब से हैं। करीब 1 हजार श्रद्धालुओं को तीन समूहों में पहले ही घर भेजा जा चुका है। वे अपने-अपने घरों को पहुंच चुके हैं। पंजाब सरकार और महाराष्ट्र सरकार कर रही मदद उन्होंने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर, नांदेड़ के गार्जियन मंत्री अशोक चव्हाण और सांसद प्रताप चिखलीकर के अलावा धर्मगुरुओं ने भी फंसे हुए श्रद्धालुओं को उनके घर सुरक्षित पहुंचाने के लिए काफी प्रयास किया। पंजाब सीएम ने श्रद्धालुओं को वापस भेजने के लिए 80 लग्जरी बसें भेजी हैं।
चंडीगढ़ हरियाणा सरकार ने दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर कोरोना वायरस रोकने के उनके प्रयासों पर पानी फेरने का आरोप लगाया है। हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज का कहना है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को वहां काम करने वाले लोगों के लिए वहीं रुकने का इंतजाम करना चाहिए, जिससे हरियाणा में कोरोना न फैले। विज ने इस मामले में केजरीवाल सरकार को पत्र लिखकर राज्य में आने वाले यात्रियों को वहीं रोकने को कहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि हरियाणा में दिल्ली के कारण कोरोना वायरस के केस बढ़ रहे हैं। इस बीच हरियाणा ने सभी अंतरराज्यीय सीमाओं, विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के बॉर्डर सील कर दिए हैं। झज्जर, गुड़गांव, फरीदाबाद और पलवल जिलों में पुलिस की बढ़ती तैनाती के अलावा, वैध दस्तावेजों के साथ प्रवेश करने वालों से भी पूछताछ की जा रही है। तबलीगी जमातियों को भी प्रवेश देने का आरोप अनिल विज ने केजरीवाल से हरियाणा और देश की राजधानी के बीच दैनिक यात्रियों को नियंत्रित करने की व्यवस्था करने को कहा। यहां तक कि उन्होंने दिल्ली सरकार पर यह भी आरोप लगाया है कि उनके कारण ही राज्य में तबलीगी जमात के लोग घुसे और राज्य में कोरोना पॉजिटिव केस की संख्या बढ़ाई। अधिकांश मरीजों का दिल्ली कनेक्शन अनिल विज ने कहा, 'हमने 120 तबलीगी की जांच की और उनका इलाज किया, जो नई दिल्ली से हरियाणा में आए थे। अब हमने पाया है कि कई कोरोना पॉजिटिव केस सीधे दिल्ली से जुड़े हैं। दिल्ली पुलिस के सिपाही और नई दिल्ली के अस्पताल के कर्मचारी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता इसके उदाहरण हैं।' मंत्री ने कहा कि इसलिए यह दोनों राज्यों के हित में होगा कि दिल्ली सरकार कर्मचारियों के लिए नई दिल्ली में ही रहने की व्यवस्था करे। 'थोक में पास बांट रहे दिल्ली सरकार' मंत्री ने कहा कि भले ही हमने सीमाओं को सील कर दिया है, फिर भी लोग हरियाणा में प्रवेश करते हैं क्योंकि उनके पास दिल्ली सरकार की तरफ से जारी किए गए पास हैं और एमएचए दिशानिर्देशों के अनुसार हम सिस्टम को बदनाम नहीं कर सकते। दिल्ली सरकार को भी पास जारी करने में संयम बरतना चाहिए। हरियाणा में कोरोना पॉजिटिव की संख्या 300 के करीब इस बीच हरियाणा में कोविड-19 संक्रमण के नौ नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 296 हो गई। रविवार को पानीपत जिले की एक महिला पुलिस उपनिरीक्षक और उसके परिवार के तीन सदस्यों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि पानीपत जिले के समालखा पुलिस थाने में महिला उप निरीक्षक के कोविड-19 से संक्रमित पाए जाने के बाद थाने से जुड़े 70 पुलिसकर्मियों पृथक कर दिया गया है। विज ने कहा कि एसआई का भाई दिल्ली पुलिस में है और वह भी कोविड-19 से संक्रमित पाया गया है। इसके अलावा उनके माता-पिता के भी कोरोना वायरस संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। पानीपत से चार, हिसार से दो और सोनीपत से एक नया मामला सामने आया है। इससे पहले दिन में फरीदाबाद से दो मामले सामने आए थे। दिल्ली कर्मचारियों की रोजाना आवाजाही से खतरा! विज ने कहा कि राज्य सरकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से दिल्ली सरकार में काम कर रहे हरियाणा के निवासियों के ठहरने के लिए इंतजाम करने की अपील की गई है। पता चला है कि सोनीपत, गुड़गांव और फरीदाबाद समेत एनसीआर के जिलों में कोरोना वायरस के कई रोगी दिल्ली में कोविड-19 की चपेट में आए हैं। दिल्ली में काम कर रहे कर्मचारियों की हरियाणा में अपने निवास पर रोजाना आवाजाही से कोविड-19 के फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
चंडीगढ़, 22 अप्रैल 2020, कोरोना वायरस महामारी का असर देश में बढ़ता जा रहा है और इस बीच चीन से आई रैपिड टेस्ट किट भी बड़ी चिंता बन गई हैं. कई राज्य सरकारों ने इसकी क्वालिटी पर सवाल उठाए हैं तो अब हरियाणा सरकार ने इसके दामों को लेकर बड़ा फैसला लिया है. हरियाणा ने चीनी कंपनी को दिए 1 लाख रैपिड किट के ऑर्डर को रद्द कर दिया है और अब इसे साउथ कोरिया की कंपनी से लेने का फैसला लिया है. हरियाणा सरकार में सूत्रों की मानें तो चीन से जो रैपिड टेस्ट किट ली जा रही थीं, उसकी कीमत 780 रुपये प्रति किट पड़ रही थी. लेकिन ये कीमत हरियाणा के ही मानेसर में मौजूद साउथ कोरियाई कंपनी की ब्रांच से लगभग दोगुनी है. साउथ कोरियाई कंपनी सिर्फ 380 रुपये प्रति किट के हिसाब से दे रही है. ऐसे में अब इसी कंपनी से किट मंगाने का फैसला हुआ है, जिसकी वजह से सरकार के कुल 4 करोड़ रुपये बचेंगे. राज्य सरकार में मंत्री अनिल विज का कहना है कि हमने चीन से रैपिड किट मंगवाने का फैसला किया था, लेकिन ये हमें काफी अधिक दाम में मिल रही थीं. इसलिए हमने चीनी ऑर्डर को रद्द कर दिया है और साउथ कोरियाई कंपनी से किट लेने का फैसला लिया है. 25 हजार किट हमें मिल भी चुकी हैं. गौरतलब है कि हरियाणा के मानेसर में साउथ कोरियाई कंपनी के द्वारा बनाई जा रही रैपिड किट को ICMR से मंजूरी मिल चुकी है. कंपनी का दावा है कि वह एक महीने में 10 मिलियन किट बना सकती है. हरियाणा सरकार ने राज्य में बड़ी संख्या में कोरोना वायरस का टेस्ट करवाने का फैसला लिया है. बीते कुछ दिनों में चीन से आई रैपिड टेस्ट किट में शिकायत मिली हैं, जिसके बाद केंद्र सरकार ने अगले दो दिनों के लिए इन किटों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. वहीं, भारत में मौजूद चीनी दूतावास की ओर से आश्वासन दिया गया है कि भारत के द्वारा उठाई जा रही शिकायतों पर वह समाधान करने के लिए तैयार हैं.
चंडीगढ़, 18 अप्रैल 2020,देश में कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 3 मई तक के लिए लॉकडाउन को बढ़ा दिया गया है. लॉकडाउन के इस विस्तार को लॉकडाउन-2 भी कहा जा रहा है. लॉकडॉउन- 2 और कोरोना वायरस संक्रमण के खत्म होने से पहले ही पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने 'जयघोष दिवस' मनाने का ऐलान कर दिया है. इसके लिए बाकायदा उनकी तरफ से एक चिट्ठी भी जारी की गई है. चिट्ठी में कहा गया है कि 20 अप्रैल को शाम 6 बजे पूरे राज्य में जयघोष दिवस मनाया जाए और इस दौरान जयकारे भी लगाए जाएं. पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील कुमार जाखड़ ने चिट्ठी लिख कर राज्य के कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पंजाब की आम जनता से अपील की है कि वो 20 अप्रैल को शाम 6 बजे पंजाब में कोरोना वायरस के संक्रमण के सीमित होने और इसे लेकर किए गए पंजाब सरकार के प्रयासों को लेकर जयघोष दिवस मनाएं और अपने घरों पर ही रहकर "हर हर महादेव" और "बोले सो निहाल सत श्री अकाल" के नारे लगाएं. इसके साथ ही सुनील जाखड़ ने पंजाब के लोगों को बताया है कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से लगातार राज्यों को मदद देने की मांग के बावजूद केंद्र सरकार से कोई भी मदद नहीं आ रही है. इसे लेकर सब लोग इतनी ऊंची आवाज में अपने घरों के अंदर से ये नारे लगाएं ताकि केंद्र सरकार तक पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की बात पहुंच सके. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जाखड़ ने इसके साथ ही पंजाब के तमाम डॉक्टरों, मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ, पुलिस विभाग, सफाई कर्मचारियों के लिए भी ये नारे लगाने की बात अपनी चिट्ठी में लिखी है. आपको याद दिला दें कि 2019 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस ने सुनील जाखड़ को गुरदासपुर से बीजेपी के उम्मीदवार सनी देओल के सामने चुनावी मैदान में उतारा था. सनी देओल ने जाखड़ को 82459 वोटों से हराया था. चुनावों में सनी देओल को 551177 और सुनील कुमार जाखड़ को 474168 वोट मिले थे.
पटियाला, 19 अप्रैल 2020,पंजाब का पटियाला जिला बड़ी तेजी से कोविड-19 का हॉटस्पॉट बनकर उभरा है. यहां शनिवार को एक दिन में 15 मामले सामने आए हैं. इनमें 9 मामले पटियाला से और 6 राजपुरा से हैं. पटियाला में जो 9 मामले सामने आए हैं, वे सभी एक किताब बेचने वाले संक्रमित व्यक्ति से फैले बताए जा रहे हैं. पटियाला में अब कुल 26 मामले सामने आ चुके हैं. इससे पहले लुधियाना में जिला मंडी अधिकारी कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी. 13 अप्रैल को एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी खन्ना अनाज मंडी में जिला मंडी अधिकारी ने दौरा किया था. उन्होंने अधिकारियों और आढ़तियों के साथ मिलकर मंडी को सैनिटाइज कराया था. अब मंडी अधिकारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उनके संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू कर दी गई है. बता दें कि पंजाब में कोरोना वायरस ने तेजी से पांव पसारा है. ऐसे में अधिकारी के संपर्क में कई अन्य लोग भी आए होंगे. प्रशासन इस बात से चिंतित है कि अधिकारी के संपर्क में कई अन्य लोग भी आए होंगे. संपर्क में आए लोगों को ढूंढने की तैयारी की जा रही है. पंजाब के कई अधिकारी भी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं. वहीं लुधियाना जिले में सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) पद पर तैनात अनिल कोहली की कोरोना वायरस से लड़ते हुए मौत हो गई. अनिल कोहली की उम्र 52 वर्ष थी और 13 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. जिसके बाद उन्हें अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हालांकि बाद में उन्हें सतगुरु प्रताप सिंह अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां शनिवार को उन्होंने अंतिम सांस ली. मृतक पुलिस अधिकारी अनिल कोहली की पत्नी भी कोरोना पॉजिटिव पाई गई थीं. उनकी हालत पहले से बेहतर है. जबकि उनके ड्राइवर और साथ काम करने वाली एक महिला सब इंस्पेक्टर का इलाज चल रहा है.
लुधियाना पंजाब के लुधियाना जिले के सीनियर पुलिस अधिकारी ने कोरोना वायरस से लड़ते हुए दम तोड़ दिया। लुधियाना (नॉर्थ) के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) 13 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। शनिवार को हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली। पंजाब में कोरोना से यह 16वीं मौत हुई है। लुधियाना जिले के जनसंपर्क ऑफिस ने जानकारी देते हुए बताया, 'लुधियाना के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (एसीपी) की कोरोना वायरस की वजह से मौत हो गई। वह यहां एसपीएस हॉस्पिटल में भर्ती थे, जहां उनका इलाज चल रहा था।' सूत्रों के अनुसार एसीपी के संपर्क में आए कुछ लोगों को भी कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। ACP के 'प्लाज्मा ट्रीटमेंट' की मिली थी अनुमति ऐसा बताया जा रहा है कि संक्रमित एसीपी के 'प्लाज्मा ट्रीटमेंट' का अनुमति मिली थी। सरकार की ओर से कोविड-19 के मरीजों का ‘प्लाज्मा ट्रीटमेंट’ करने के फैसले के बाद लुधियाना के हॉस्पिटल में एसीपी का इस विधि से इलाज किया जाना था। इसके लिए एक डोनर का इंतजाम भी हो गया था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस अधिकारी ने दम तोड़ दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार एसीपी को 8 अप्रैल को तबीतय बिगड़ने पर हॉस्पिटल लाया गया था। 13 अप्रैल को उनका कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया। डॉक्टर राजेश बग्गा ने एसीपी के निधन की पुष्टि की। हालांकि एसीपी कहां से कोरोना की चपेट मेंआए, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। क्या है यह प्लाज्मा ट्रीटमेंट, समझिए हमारा खून चार चीजों से बना होता है। रेड ब्लड सेल, वाइट ब्लड सेल, प्लेट्लेट्स और प्लाज्मा। इसमें प्लाज्मा खून का तरल हिस्सा है। इसकी मदद से ही जरूरत पड़ने पर एंटीबॉडी बनती हैं। कोरोना अटैक के बाद शरीर वायरस से लड़ना शुरू करता है। यह लड़ाई एंटीबॉडी लड़ती है जो प्लाज्मा की मदद से ही बनती हैं। अगर शरीर पर्याप्त एंटी बॉडी बना लेता है तो कोरोना हार जाएगा। मरीज के ठीक होने के बाद भी एंटीबॉडी प्लाज्मा के साथ शरीर में रहती हैं, जिन्हें डोनेट किया जा सकता है। जिस मरीज को एक बार कोरोना का संक्रमण हो जाता है, वह जब ठीक होता है तो उसके शरीर में एंटीबॉडी डिवेलप होती है। यह एंटीबॉडी उसको ठीक होने में मदद करते हैं। ऐसा व्यक्ति रक्तदान करता है। उसके खून में से प्लाज्मा निकाला जाता है और प्लाज्मा में मौजूद एंटीबॉडी जब किसी दूसरे मरीज में डाला जाता है तो बीमार मरीज में यह एंटीबॉडी पहुंच जाता है, जो उसे ठीक होने में मदद करता है। एक शख्स से निकाले गए प्लाजमा की मदद से दो लोगों का इलाज संभव बताया जाता है। कोरोना नेगेटिव आने के दो हफ्ते बाद वह प्लाज्मा डोनेट कर सकता है।
चंडीगढ़, 14 अप्रैल 2020,पटियाला में रविवार को एक पुलिस इंस्पेक्टर का हाथ काटने वाले और बाकी चार लोगों को जख्मी करने वाले आरोपी निहंग सिखों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनके खिलाफ जांच तेज कर दी है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी और डेरे का सरदार बलविंदर सिंह और उसका एक साथी अमेरिका की एक रानी नामक महिला के संपर्क में हैं जो पिछले कई साल से उसे लाखों रुपए दे चुकी है. आरोपियों के डेरे से 39 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई है. बता दें, रविवार को पुलिस पर किए गए हमले में जिस वाहन का इस्तेमाल किया गया था वह भी तीन साल पहले अमेरिकी महिला द्वारा भेजे गए पैसे से खरीदा गया था. पटियाला पुलिस प्रमुख मनदीप संधू ने कहा है कि पुलिस को गिरफ्तार किए गए 11 लोगों पर शक है कि उनके संबंध नशीले पदार्थों के तस्करों के साथ हो सकते हैं. गौरतलब है कि निहंगों के इस डेरे से भुक्की, भांग और दूसरी नशीली चीजें बरामद की गई थीं. पुलिस जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी बलविंदर सिंह का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है. इसी के साथ पुलिस डेरे से बरामद अवैध हथियारों की जांच भी कर रही है. पंजाब पुलिस प्रमुख दिनकर गुप्ता ने कहां है कि पुलिस गिरफ्तार किए गए आरोपियों की जांच हर दृष्टिकोण से कर रही है ताकि उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके. दरअसल, पटियाला के सब्जी मंडी इलाके में निहंगों से कर्फ्यू पास मांगा गया था. इसके बाद निहंग बैरिकेड तोड़कर गाड़ी भगाने की कोशिश कर रहे थे. वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने जब रोकने की कोशिश की तो कार सवार हमले पर उतर आए. इसी दौरान एक निहंग ने तलवार से हमला किया, जिससे एएसआई हरजीत सिंह की कलाई हाथ से अलग हो गई. तलवार से कलाई काटने के बाद निहंग बलबेड़ा क्षेत्र के गुरुद्वारा खिचड़ी साहब में छिप गए थे. पुलिस अधिकारी भी पीछा करते हुए गुरुद्वारा खिचड़ी साहब पहुंचे. पटियाला जोन के आईजी जतिंदर सिंह ने निहंगों को सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन वे गुरुद्वारे के अंदर से लाउड स्पीकर पर पुलिस को धमकियां देने लगे. पुलिस का कहना है कि उन्होंने अंदर से गोलीबारी भी की थी.
पटियाला भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi Speech) ने लॉकडाउन को फिर से 3 मई (Lockdown 3 May) तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने कई अहम निर्देश भी दिए हैं। लॉकडाउन के दौरान कई जगहों से विवाद की भी ख़बरें आ चुकी हैं। पटियाला में स्वयंभू निहंग बलविंदर सिंह ने असिस्टेंट सब-इन्स्पेक्टर हरजीत सिंह का शनिवार सुबह हाथ काट दिया था। कहा जाता है कि बलविंदर के नाम की उसके डेरे के आसपास के 12 गांवों में दहशत है। यही नहीं, उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। रेवेन्यू रेकॉर्ड्स में दर्ज तालाब की दो एकड़ जमीन को उसने खिचड़ी साहिब गुरुद्वारा बनवाने के नाम पर कब्जा लिया था। इतना ही नहीं, एक स्थानीय कमिशन एजेंट पर भी बलविंदर ने इस बात का दबाव बनाया कि वह परिसर से सटी अपनी 1.5 एकड़ जमीन उसे सौंप दे। हालांकि, इस मामले में बाद में जब बलविंदर ने पीड़ित शख्स के परिवार को धमकाया तो उन्होंने पुलिस के पास से शिकायत वापस ले ली। 'लूट का बलविंदर पर लगा आरोप' निहंगों से जुड़े बुड्ढा दल के पंथ प्रमुख बाबा बलबीर सिंह पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि बलविंदर का निहंगों से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं ग्रामीणों के मुताबिक, 20 साल पहले वह एक सिनेमा हॉल में लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद संगरूर जिले में अहमदगढ़ से गांव आया था। उस दौरान आतंकवाद अपने चरम पर था। कृपाल सिंह नाम के एक स्थानीय व्यक्ति कहते हैं, 'प्रमुख ग्रंथि को जब उसने यह बताया कि वह सेवा करना चाहता है तो उसे गांव के गुरुद्वारे में पनाह मिल गई। 'फिर रच डाली मनगढ़ंत कहानी' वह कहते हैं, 'बलविंदर ने उस दौरान यह किवदंती भी सुनी थी कि किस तरह से गांव की महिलाओं ने सिखों के नौवें गुरु तेग बहादुर को कुछ खिचड़ी अर्पित की थी। इसके बाद उसने एक मनगढ़ंत कहानी तैयार की और एक स्थान को चिह्नित कर कहा कि यही वह जगह है, जहां यह सबकुछ किया गया। फिर वह एक गुरुद्वारा बनवाने जा रहा था। इतना ही नहीं, जिस जगह को उसने चुना था, वह बलबेड़ा में गांव का एक सूखा हुआ तालाब था।'
चंडीगढ़, 13 अप्रैल 2020,पंजाब के फरीदकोट में कर्फ्यू के दौरान पुलिसकर्मियों पर फायरिंग का मामला सामने आया है. यह पुलिसकर्मी एक नाके पर तैनात थे. फिलहाल, साफ नहीं है कि फायरिंग किसने की है. मामले की जांच शुरू हो गई है. इससे पहले पटियाला में कर्फ्यू पास मांगने पर निहंगों ने पुलिसकर्मियों पर हमला किया था. इस हमले में एक पुलिसकर्मी का हाथ कट गया था. दरअसल, फरीदकोट के कोटकापुर में एक पुलिस नाके पर दो लोगों को रोका गया. इन लोगों ने पुलिस के साथ हाथापाई शुरू कर दी. इस दौरान पुलिसकर्मियों की वर्दी फट गई. इसी बीच एक शख्स ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान कई लोग घायल हो गए. पुलिस ने एक आदमी को हिरासत में ले लिया है. पटियाला में निहंगों ने किया था हमला रविवार को ही पटियाला में पुलिसकर्मियों पर निहंगों ने हमला किया था. दरअसल, पटियाला के सब्जी मंडी इलाके में निहंगों से कर्फ्यू पास मांगा गया. इसके बाद निहंग बैरिकेड तोड़कर गाड़ी भगाने की कोशिश कर रहे थे. वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने जब रोकने की कोशिश की तो कार सवार हमले पर उतर आए. इसी दौरान एक निहंग ने तलवार से हमला किया, जिससे एएसआई हरजीत सिंह की कलाई हाथ से अलग हो गई. इसके बाद निहंग बलबेड़ा क्षेत्र के गुरुद्वारा खिचड़ी साहब में छिप गए थे. पुलिस अधिकारी भी पीछा करते हुए गुरुद्वारा खिचड़ी साहब पहुंचे. पटियाला जोन के आईजी जतिंदर सिंह ने निहंगों को सरेंडर करने की चेतावनी दी, लेकिन वे गुरुद्वारे के अंदर से लाउड स्पीकर पर पुलिस को धमकियां देने लगे. उन्होंने अंदर से गोलीबारी भी की. कमांडो ऑपरेशन के बाद गिरफ्तार किए गए आरोपी बाद में कमांडो टीम को गुरुद्वारे के अंदर भेजा गया. गुरुद्वारे में कमांडो ऑपरेशन के दौरान डेरे के प्रमुख बलविंदर सिंह को भी गोली लगी है. इस मामले में गुरुद्वारा खिचड़ीपुर साहिब में घंटो चले कमांडो ऑपरेशन के बाद एक महिला समेत 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तार लोगों में गुरुद्वारा प्रमुख बलविंदर सिंह भी शामिल है. अब तक 151 मामले, 11 की मौत पंजाब में कोरोना के अब तक 151 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें से 11 लोगों की मौत हो चुकी है. सूबे में कोरोना के मरीजों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए 30 अप्रैल तक कर्फ्यू लगाया गया है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वह घर में रहें और कर्फ्यू का उल्लंघन न करें. हालांकि, इस दौरान कई जगहों पर कर्फ्यू के उल्लंघन की शिकायत सामने आ रही है.
पटियाला एक ओर जहां देश कोरोना के कहर से लड़ रहा है, वहीं पंजाब के पटियाला में निहंग सिखों (परंपरागत हथियार रखने वाले और नीली लंबी कमीज पहनने वाले सिख) ने पुलिस पर हमला कर दिया और एक पुलिसकर्मी का हाथ पूरी तरह से काट दिया। रविवार को सुबह सब्जी मंडी के बाहर मेन गेट पर सिखों ने पुलिस पर हमला किया। हमले में दूसरे पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। जाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि हमले में एएसआई हरजीत सिंह का हाथ कट गया। इसके बाद उन्हें चंडीगढ़ पीजीआई में एडमिट कराया गया है। हमले में कई अन्य पुलिसकर्मी और मंडी बोर्ड के अधिकारी घायल हुए हैं। इस मामले में पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है। कर्फ्यू पास दिखाने को कहा, मारी टक्कर पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा, 'उनसे (कर्फ्यू) पास दिखाने को कहा गया, लेकिन उन्होंने अपनी गाड़ी से दरवाजे और वहां लगाए गए अवरोधकों पर टक्कर मार दी।' उन्होंने कहा कि इसके बाद इन लोगों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। मौके पर पहुंचे एडीजीपी सिद्धू ने कहा, 'तलवार से एक सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) का हाथ काट डाला गया। पटियाला सदर थाने के प्रभारी की कोहनी में चोट आई है जबकि एक अन्य पुलिस अधिकारी की बांह में भी इस हमले में चोट आई है।' एएसआई को राजेंद्र अस्पताल ले जाया गया जहां से उसे पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ के लिए रेफर कर दिया गया। एसएसपी ने कहा कि हमले के बाद निहंग मौके से फरार हो गए। उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यह वारदात तब हुई जब कोरोना वायरस के प्रकोप के मद्देनजर राज्य में पाबंदियां लागू हैं। एडीजीपी राकेश चंद्र और कमांडो फोर्स भी मौके पर पहुंची चुकी है। घायल निहंग हॉस्पिटल में भर्ती पंजाब के स्पेशल चीफ सेक्रटरी केबीएस सिद्धू ने बताया कि बलबेरा के गुरुद्वारे से 7 निहंगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक पुलिस फायरिंग में घायल हो गया था और उसे अस्पताल ले जाया गया है। यह पूरा ऑपरेशन आईजी पटियाला जोन जतिंदर सिंह औलख की देखरेख में चल रहा है। वहीं दूसरी ओर घायल एएसआई हरजीत सिंह की प्लास्टिक सर्जरी शुरू कर दी गई है और आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास के तहत केस दर्ज किया गया है।
चंडीगढ़ कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए पंजाब सरकार ने राज्य में 1 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। पंजाब में कोरोना के अब तक कुल 130 मामले सामने आए हैं। इनमें से 4 जहां पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, वहीं अब तक 10 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर राज्य में मास्क पहनना भी गुरुवार से ही अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा, ‘पंजाब में अब मास्क पहनना अनिवार्य है। जब भी आप किसी आपात स्थिति में या आवश्यक वस्तुओं के लिए घर से बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहनें।’ कम्युनिटी ट्रांसमिशन को रोकने के लिए जरूरी लॉकडाउन पंजाब के 17 जिले अब तक इस जानलेवा वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित 21 दिन के लॉकडाउन को 1 मई तक बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि यही एक तरीका है जिससे वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन को रोका जा सकता है। 1 मई तक चलने वाले लॉकडाउन के दौरान सरकार जरूरी चीजों की आपूर्ति ऑनलाइन डिलिवरी के माध्यम से सुनिश्चित करेगी। मोहाली के जवाहरपुर गांव में ही 32 कोरोना मरीज पंजाब में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) प्रभावित हुआ है। यहां के डेरा बस्सी कस्बे स्थित जवाहरपुर गांव से ही अकेले 32 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। मोहाली में अब तक 41 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। फसल खरीद-बिक्री के लिए बनेंगी नई मंडियां पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने जिलों के डेप्युटी कमिश्नरों को नई मंडियां तय करने के लिए अधिकृत किया है। ऐसा फसलों की बिक्री आदि के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन करने के लिए किया गया है। यह व्यवस्था 3800 मंडियों के अतिरिक्त होगी, जिन्हें इस साल खरीद-बिक्री के लिए पहले ही अधिकृत किया जा चुका है।
चंडीगढ़, 10 अप्रैल 2020,ऐसे वक्त में जब राज्य सरकारें वेतन में कटौती पर विचार कर रही हैं, हरियाणा सरकार ने फ्रंटलाइन मेडिकल हेल्थ वर्कर्स के लिए अच्छा कदम उठाया है. हरियाणा में जिन अस्पतालों में Covid-19 मरीज भर्तीं हैं, वहां आइसोलेशन वॉर्ड्स में काम करने वाले मेडिकल स्टाफ के लिए राज्य सरकार ने वेतन दोगुना करने का ऐलान किया है. इनमें डॉक्टर्स, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ और हेल्पर शामिल हैं. हरियाणा समेत अन्य राज्यों में भी इस महामारी के दौरान जिस तरह हेल्थकेयर स्टाफ कोरोना वायरस की जंग में जी-जान से जुटे हैं, उनके इस जज्बे को देख कर हर भारतीय उन्हें सैल्यूट कर रहा है. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मेडिकल बिरादरी को संबोधित किया. इसी मौके पर उन्होंने इन ‘कोरोना वॉरियर्स’ के समर्पण की भावना के सम्मान में उनका वेतन दुगना करने का ऐलान किया है. हरियाणा सरकार ने Covid-19 रिलीफ फंड भी बनाया है. इसका इस्तेमाल उन पुलिसकर्मियों के परिवारों को राहत देने के लिए किया जाएगा जो ड्यूटी के वक्त संक्रमण की चपेट में आते हैं. अगर किसी पुलिसकर्मी की मौत हो जाती है तो Covid-19 रिलीफ फंड से उसके परिवार को 30 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाएगी.
चंडीगढ़ कोरोना वायरस के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए पंजाब सरकार ने राज्य में 1 मई तक लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला किया है। पंजाब में कोरोना के अब तक कुल 130 मामले सामने आए हैं। इनमें से 4 जहां पूरी तरह ठीक हो चुके हैं, वहीं अब तक 10 लोगों की संक्रमण से मौत हो चुकी है। पंजाब सरकार ने कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर राज्य में मास्क पहनना भी गुरुवार से ही अनिवार्य कर दिया है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इसकी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा, ‘पंजाब में अब मास्क पहनना अनिवार्य है। जब भी आप किसी आपात स्थिति में या आवश्यक वस्तुओं के लिए घर से बाहर निकलें तो मास्क जरूर पहनें।’ कम्युनिटी ट्रांसमिशन को रोकने के लिए जरूरी लॉकडाउन पंजाब के 17 जिले अब तक इस जानलेवा वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित 21 दिन के लॉकडाउन को 1 मई तक बढ़ाने का फैसला किया है। सरकार का मानना है कि यही एक तरीका है जिससे वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन को रोका जा सकता है। 1 मई तक चलने वाले लॉकडाउन के दौरान सरकार जरूरी चीजों की आपूर्ति ऑनलाइन डिलिवरी के माध्यम से सुनिश्चित करेगी। मोहाली के जवाहरपुर गांव में ही 32 कोरोना मरीज पंजाब में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा साहिबजादा अजीत सिंह नगर (मोहाली) प्रभावित हुआ है। यहां के डेरा बस्सी कस्बे स्थित जवाहरपुर गांव से ही अकेले 32 कोरोना संक्रमित मरीज मिल चुके हैं। मोहाली में अब तक 41 कोरोना मरीज मिल चुके हैं। फसल खरीद-बिक्री के लिए बनेंगी नई मंडियां पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय ने जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने जिलों के डेप्युटी कमिश्नरों को नई मंडियां तय करने के लिए अधिकृत किया है। ऐसा फसलों की बिक्री आदि के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग मेनटेन करने के लिए किया गया है। यह व्यवस्था 3800 मंडियों के अतिरिक्त होगी, जिन्हें इस साल खरीद-बिक्री के लिए पहले ही अधिकृत किया जा चुका है।
गुरुग्राम, 06 अप्रैल 2020,क तरफ देश भर में लोग पीएम मोदी के आह्वान पर मोमबत्ती और दीए जलाकर एकजुटता का संदेश दे रहे थे, वहीं कुछ शातिर बदमाशों की भीड़ ने एक दंपत्ति और उनके छोटे-छोटे बच्चों पर ईंट और पत्थरों से हमला कर दिया. पूरा परिवार इस हमले से सहमा हुआ है. हालांकि पुलिस ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए 2 असमाजिक तत्वों को गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल, मरकज़ से लौटे मुस्लिमों के कोरोना पॉजिटिव होने की कई खबरें सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं. कुछ असामाजिक तत्व इसका फायदा उठा रहे हैं. ऐसा ही एक ताजा मामला देखने को मिला गुरुग्राम में. जहां बीती देर रात न्यू कॉलोनी थाना क्षेत्र के मनोहर नगर इलाके में कुछ लोगों ने पड़ोस में रहने वाले मुस्लिम परिवार पर हमला कर दिया. पीड़ित परिवार की मानें तो जब 9 बजते ही पूरा परिवार मोमबत्ती जलाने के लिए बालकनी में आया तो नीचे खड़े एक शख्स ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें जलील करना शुरू कर दिया. पीड़ित परिवार की महिला की मानें तो उस पड़ोसी से कभी उनकी कहासुनी या कोई झगड़ा नहीं हुआ. लेकिन उसके इस बर्ताव से पीड़ित मुस्लिम परिवार सहमा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, मनोहर नगर निवासी इस परिवार पर भीड़ ने हमला भी किया. हमलावर पीड़ितों को मकान खाली करने की धमकी दे रहे थे. इसके बाद भीड़ ने उनके घर पर पथराव कर दिया. अचानक हुए इस पथराव में परिवार के दो लड़कों को चोटें भी आईं. घटना की सूचना मिलते ही गुरुग्राम पुलिस फौरन मौके पर पहुंची और पीड़ितों के बयान लेकर मामला दर्ज कर लिया. पुलिस ने तेजी दिखाते हुए वारदात में शामिल दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों के खिलाफ धारा 147,148, 323, 506, 452 के तहत मामला दर्ज कर तफ़्तीश शुरू कर दी गई है. एसीपी क्राइम ने ऐसे लोगों से सुधर जाने को कहा है साथ ही सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने या फॉरवर्ड करने पर आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर चेतावनी तक जारी कर दी है. मस्जिद पर की फायरिंग, शातिर आरोपी गिरफ्तार उधर, देर रात गुरुग्राम के धनकोट गांव में अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग कर दी. उन शातिर बदमाशों ने वहां 3 से 4 गोलियां चलाईं. एक गोली धार्मिक स्थल के गेट को चीरती हुई पार निकल गई. पुलिस ने इस संबंध में 4 शातिर बदमाशों को बसई गांव से ही गिरफ्तार किया है. मस्जिद के इमाम की मानें तो देर रात तकरीबन 12 बजे के करीब कुछ असामाजिक तत्व यानी बदमाश मस्जिद के बाहर आकर फायरिंग करने लगे. गनीमत रही कि गोली किसी को लगी नहीं. हालांकि यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में जरूर कैद हो गई, जिसमें दिख रहा है कि कैसे कार सवार 2 से 3 बदमाश अचानक मस्जिद के बाहर रुके और फायरिंग करनी शुरू कर दी. लोगों का कहना है कि धनकोट मस्जिद पर की गई फायरिंग नफरत का नतीजा है, जो सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही है. पुलिस ने इस मामले में बसई गांव के रहने वाले विनोद, पवन, हरकेश को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने एक के बाद एक 4 गोलियां चलाकर इलाके में दहशत फैला दी. वहीं, धार्मिक स्थल पर फायरिंग की खबर लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच सहित कई टीमों ने फायरिंग की सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ कई अहम सबूतों को कब्ज़े में लिया है. गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक विनोद नामक बदमाश के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे, जिनमें वो बरी हो चुका था और उसके बाद विनोद ने ही मस्जिद पर गोली चलाकर शहर की शांति-व्यवस्था को भंग करने की साजिश तक रच डाली. जींद में भी मुस्लिम परिवार पर हमला हरियाणा में जींद के एक गांव में रविवार को कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अपने पड़ोस में रहने वाले एक मुस्लिम परिवार पर जानलेवा हमला करने की खबर है. हमलावर इस बात से नाराज थे कि पीड़ित परिवार ने 9 बजे अपने घर की बत्ती बंद नहीं की थी. पीड़ित परिवार में चार सगे भाइयों पर धारदार हथियारों से हमला किया गया. इस घटना से पूरा परिवार सदमे में है. यह खौफनाक वारदात जींद के ठाठरथ गांव की है. घायल भाइयों को जींद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस के मुताबिक इस घटना के संबंध में 4 लोगों के ख़िलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया है.
चंडीगढ़ कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए हरियाणा सरकार की ओर से आदेश जारी करने के एक दिन बाद मंगलवार को पूरे प्रदेश में लॉकडाउन (बंद) लागू कर दिया गया। इससे पहले हरियाणा सरकार ने गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, झज्जर, रोहतक और पंचकूला जिले में 31 मार्च तक बंद का आदेश दिया था लेकिन बाद में इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि सभी आवश्यक और आपातकालीन सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है। अधिकारियों ने कहा कि बंद के दौरान आवश्यक सामान जैसे भोजन, सब्जी, दवा इत्यादि को छोड़कर सभी वाणिज्यिक प्रतिष्ठान, दुकानें और कारखाने बंद रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि पानी की आपूर्ति, सफाई और बिजली की आपूर्ति को भी बंद से बाहर रखा गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में टैक्सी और ऑटो रिक्शा समेत सार्वजनिक परिवहन सेवाएं बंद रहेंगी। राज्य के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा, 'लॉकडाउन का कड़ाई से पालन हो हम यह सुनिश्चित करेंगे, हालांकि आवश्यक और आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।' पुलिसकर्मी और प्रशासन के अधिकारियों ने कई स्थानों पर लोगों से घरों के भीतर रहने की अपील की। '..तो होगी कानूनी कार्रवाई' मंत्री ने कहा कि बंद के दौरान राज्य की सीमाएं सील रहेंगी और अंतरराज्यीय बस सेवाएं निलंबित रहेंगी। राज्य में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लागू होने से पांच से अधिक व्यक्ति एक साथ एकत्रित नहीं हो सकेंगे। विज ने चेतावनी देते हुए कहा कि बंद के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से सहयोग की अपील की।
दिल्ली, देशभर में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी आई है. मरीजों की संख्या 428 हो गई है. कोरोना की चपेट में आकर अब तक 8 लोग जान गंवा चुके हैं. अकेले 24 घंटे में 50 से अधिक नए मरीज आए हैं और तीन मौतें हुई हैं. दिल्ली, राजस्थान, बिहार, पंजाब, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश में कोरोना वायरस की वजह से 31 मार्च तक लॉकडाउन है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के 16 जिलों को भी 25 मार्च तक लॉकडाउन किया गया है.
लुधियाना . नगर निगम की तरफ से शहर में अब सोडियम हायड्रोक्लोराइड केमिकल के साथ स्प्रे किया जाएगा। इसकी मंजूरी मेयर बलकार सिंह संधू ने शनिवार को दी है, जबकि शहर के अलग-अलग रूट बनाते हुए मशीन के सहारे पूरी रात स्प्रे किया जाएगा। इस मशीन को इंजीनियर जगजीत सिंह पासी ने बनाया है और इसके बारे में निगम सेक्रेटरी जसदेव सिंह सेखों को बताया। इसके बाद सेखों की तरफ से इस मशीन के कारण कोरोना वायरस को लेकर शहर में स्प्रे करने के लिए प्रपोजल मेयर बलकार सिंह संधू और निगम कमिश्नर केपी बराड़ के समक्ष रखा। प्रपोजल को मंजूरी मेयर और कमिश्नर ने दे दी है। जबकि इस मशीन के लिए निगम की तरफ से ही ड्राइवर, मुलाजिम, तेल और केमिकल दिया जा रहा है, जिससे शहर के कॉमन प्लेस जैसे पार्क से लेकर अन्य सारी जगह जहां पर पब्लिक का आना-जाना ज्यादा रहता है, वहां पर स्प्रे किया जाएगा। इस काम की देखरेख सेक्रेटरी जसदेव सिंह सेखों और नोडल अफसर अश्वनी सहोता के जिम्मे है। ये रहेगा रूट जहां स्प्रे किया जाएगा : शनिवार रात 10 बजे स्प्रे की शुरूआत कर दी गई। शनिवार की रात के साथ रविवार का पूरा दिन लगातार स्प्रे किया जाएगा। फुल्लांवाल चौक से हीरो बेकरी चौक होते कोचर मार्केट ईएसआई अस्पताल से भारत नगर चौक होते जगराओं पुल घंटा घर चौक से थान सिंह चौक होते सीएमसी रोड सिविल अस्पताल से फील्डगंज होते करीमपुरा बाजार रोड शिवपुरी रोड से कलगीधर रोड होते मोचपुरा बाजार ट्रंका वाला बाजार से केसरगंज रोड होते बुक्स मार्केट प्रताप बाजार से दरेसी रोड होते बाजवा नगर घाटी मोहल्ला से चरण होजरी रोड होते इस्लामिया स्कूल रोड डिवीजन नंबर-3 से गउशाला रोड होते गुरुद्वारा गउ घाट न्यू माधोपुरी से 70 फीट रोड होते सुंदर नगर चौक बस्ती चौक से सुंदर नगर होते वाल्मीकि नगर बाजवा नगर पुली से वाया बुड्ढा नाला होते शिवपुरी रोड गांधी नगर मार्केट से चांद सिनेमा रोड होते एसडीपीकालेज पिपल रोड से पावर हाउस होते माता रानी चौक और घंटाघर
चंडीगढ़, 22 मार्च 2020, पंजाब में लगातार सामने आ रहे करोना वायरस के पॉजिटिव मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में लॉकडाउन का ऐलान किया है. सीएम ने मुख्य सचिव से पूरे हालात की रिपोर्ट लेने के बाद ऐलान किया है कि पंजाब को 31 मार्च तक लॉकडाउन किया जाएगा. इस दौरान पंजाब में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी. शुरू में पंजाब सरकार ने कुछ जिलों को लॉकडाउन करने का फैसला किया था जिनमें जालंधर, पटियाला, नवानशहर, होशियारपुर और संगरूर जिले शामिल थे. लेकिन कोरोना के लगातार सामने आ रहे मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने 31 मार्च तक के लिए पूरे राज्य को लॉकडाउन करने का फैसला किया है. इस दौरान जरूरी सामानों जैसे सब्जी और दूध की दुकानों के साथ-साथ मेडिकल स्टोर खुले रहेंगे. इनके अलावा कोई दुकान नहीं खुलेगी. बता दें कि दुनिया के 186 देश कोरोना वायरस की चपेट में हैं. इस खतरनाक संक्रमण का असर भारत में तेजी से बढ़ रहा है. देश में हालात बिगड़ने न पाएं, इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू लगाने का आग्रह किया है. देश में जनता कर्फ्यू लागू है. रविवार सुबह 7 से रात 9 बजे तक जनता कर्फ्यू रहेगा. जनता कर्फ्यू में हमें खुद को अपने ही घरों में सुरक्षित रखना है और देश में संक्रमण को बढ़ने से रोकना है. राजस्थान में पहले ही हो चुका है लॉकडाउन पंजाब से पहले राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने 31 मार्च तक पूरे राज्य को बंद करने का आदेश दे दिया था. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित बैठक में पूरे सूबे को 31 मार्च तक बंद रखने का निर्णय लिया गया है. इस दौरान सभी बाजार, प्रतिष्ठानों और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे. रोडवेज समेत सार्वजनिक परिवहन के सभी वाहनों के परिचालन पर भी पाबंदी लगा दी गई है. हालांकि इस दौरान राजस्व से जुड़े कुछ महकमों में काम संचालित किया जा सकता है.
चंडीगढ़, 24 फरवरी 2020,पंजाब में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल को तीन साल होने वाले हैं. इन 3 सालों में राज्य की सरकार का खजाना खाली ही रहा है. सरकार लाख कोशिश करने के बावजूद भी कंगाली से आजादी हासिल नहीं कर पाई. हालात यह हैं कि अब सरकार के पास कर्मचारियों के वेतन भत्तों, पेंशन और यहां तक कई मेडिकल बिलों के भुगतान के लिए भी पैसा नहीं है. कर्मचारी नेताओं के मुताबिक, कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सरकार बनाने से पहले वादा किया था कि वह 6 महीनों के भीतर कर्मचारियों से जुड़े सभी मसलों का हल निकालेंगे, लेकिन 6 महीने तो दूर तीन सालों के भीतर भी सरकार ने कर्मचारियों की सुध नहीं ली. सोमवार को हजारों सरकारी कर्मचारी पेंशनर और दिहाड़ीदार सरकार के खिलाफ आयोजित अब तक की सबसे बड़ी कर्मचारी रैली में शामिल हुए हैं. रैली में शामिल प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई हैं. बताया जा रहा है कि इस हड़ताल में 50 कर्मचारी संघ शामिल हैं. महिला कर्मचारी नेता कमलजीत कौर ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के बकाया वेतन और भत्ते नहीं दे रही है. सरकार के मंत्रियों ने खुद की सैलरी कई गुना ज्यादा बढ़ा रखी है. यही नहीं सरकार मंत्रियों और अधिकारियों के लिए नए फर्नीचर और कार खरीद रही है, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगे मनवाने के लिए सड़क पर है. 1. पंजाब सरकार के कर्मचारी जिन मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं, उसमें सबसे बड़ी मांग छठे वेतन आयोग की सिफारिशें लागू न करना है. 2. सरकार ने 3 साल के दौरान अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन को नहीं बढ़ाया है. 3. कर्मचारियों को मिलने वाली महंगाई भत्ते की चार किश्तें भी लटकी पड़ी हैं. 4. 135 महीनों से बढ़े हुए महंगाई भत्ते की बकाया राशि भी जारी नहीं हुई है. 5. खाली खजाने का रोना रोकर सरकार ने पेंशनभोगी और दूसरे कर्मचारियों के मेडिकल और दूसरे बिलों के भुगतान भी रोक दिए गए हैं. 6. सबसे ज्यादा बुरी स्थिति ठेके पर रखे गए कर्मचारियों की है. इन कर्मचारियों को 10 साल से रेगुलर नहीं किया गया. 7. आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से काम तो 12 महीने लिया जाता है. सैलरी सिर्फ 10 महीनों की दी जाती है, वह भी सिर्फ 1700 रुपये. सोमवार को सरकारी कर्मचारियों ने राज्य सरकार को दो टूक कह दिया है कि अगर सरकार ने वादे के मुताबिक उनकी नहीं सुनी तो वह साल 2022 के विधानसभा चुनाव में सरकार का तख्तापलट कर सकते हैं . कर्मचारी नेता सुखचैन सिंह खेड़ा ने साफ किया है कि राज्य में 50 लाख से ज्यादा पेंशनर और सरकारी कर्मचारी बसते हैं जो अपने आप में एक बड़ा वोट बैंक है. पंजाब सरकार न केवल विपक्षी पार्टियों बल्कि कर्मचारियों के निशाने पर भी है. पिछले तीन सालों से सरकार की नाकामियों में अब कर्मचारियों की नाराजगी भी शामिल है. अगर सरकार ने समय रहते कर्मचारियों की मांगे नहीं मानी तो साल 2022 में कांग्रेस को उनकी नाराज़गी भारी पड़ सकती है.
चंडीगढ़, 17 फरवरी 2020, जुलाई 2019 से ही पंजाब में कैबिनेट मंत्री के पद से इस्तीफा देने वाले कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू राजनीतिक निर्वासन में चल रहे हैं. रविवार रात को अमृतसर में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में सार्वजनिक तौर पर देखे गए. दिलचस्प बात ये है कि इस कार्यक्रम में उन्होंने अकाली दल नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के साथ मंच साझा किया. सिद्धू के मजीठिया के साथ तल्ख रिश्ते जगजाहिर रहे हैं. कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से ही सिद्धू पंजाब विधानसभा नहीं गए हैं और ना ही वो जनसभाओं में उपस्थित हुए हैं. रविवार रात को एल्बम रिलीज के मौके पर सिद्धू को न्योता दिया गया था. सिद्धू को अकाली दल से असंतुष्ट होकर अलग बने अकाली दल टकसाली के नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा, कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला और अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बिक्रम सिंह मजीठिया के साथ बैठे देखे गया. सिद्धू कांग्रेस सांसद औजला के साथ बात करते भी देखे गए. हालांकि उन्होंने मजीठिया से दूरी बनाए रखी. सिद्धू ने ब्रह्मपुरा का भी अभिवादन किया. आठ महीने बाद सिद्धू के अचानक सार्वजनिक कार्यक्रम में प्रकट होने से राजनीतिक गलियारों में उनके बारे में कयास लगने शुरू हो गए हैं. सिद्धू ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से प्रचार में हिस्सा नहीं लिया. सूत्रों ने बताया कि सिद्धू ने जानबूझ कर ऐसा किया. ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि सिद्धू किसी अन्य राजनीतिक दल का दामन थाम सकते हैं. इनमें आप और बीजेपी के नाम भी लिए जा रहे हैं. नवजोत सिंह सिद्धू ने हालांकि आगे के कदम को लेकर चुप्पी बनाई हुई है. पंजाब में पार्टी के पुनर्गठन की कोशिश में लगी आम आदमी पार्टी की ओर से नवजोत सिंह सिद्धू को साथ जुड़ने के लिए संकेत भेजे जा रहे हैं.
चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा ने एक प्रस्‍ताव पारित करके कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में बनाया गया नागरिकता संशोधन कानून असंवैधानिक है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ यह प्रस्‍ताव पंजाब सरकार लेकर आई थी। बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने भी इस कानून का विरोध किया है। पंजाब में सत्‍तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्‍ताव रखा। कांग्रेस ने मांग की कि इस कानून को खत्‍म किया जाए। राज्‍य के मंत्री के ब्रह्म मोहिंद्रा ने विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के दौरान इस सीएए के खिलाफ प्रस्‍ताव पेश किया। मोहिंद्रा ने कहा, 'संसद द्वारा बनाए गए नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में गुस्‍सा है और इसका विरोध हुआ है। पंजाब में भी इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन हुआ है जो शांतिपूर्ण रहा।' अमरिंदर सिंह ने सीएए का क‍िया व‍िरोध विधानसभा ने पंजाब सरकार के इस प्रस्‍ताव को पारित कर दिया। बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कहा है कि भारत का धर्मनिरपेक्षता का तानाबाना हमेशा से ही मजबूत रहा है। इसे अलग-थलग करने का प्रयास किसी ने भी किया तो उसका इस देश की जनता के साथ-साथ कांग्रेस के द्वारा भी विरोध किया जाएगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'बीजेपी और इसके गठबंधन सहयोगी परिणामों के बारे में सोचे बिना इस ताने-बाने को तबाह करने में जुटे हुए हैं। एनडीए और उसके साथी भारत की विविधता की जड़ों पर हमला कर रहे हैं जहां पर उसकी नींव रखी हुई है।'
चंडीगढ़, 10 जनवरी 2020, पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को पाकिस्तान की बड़ी साजिश का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, पाकिस्तान भारत में बड़े हमले की फिराक में था, लेकिन उसकी साजिश को नाकाम कर दिया गया. पंजाब की सीमा में भेजे गए दो ड्रोन को पंजाब पुलिस ने एक ऑपरेशन के दौरान पकड़ा. ड्रोन के साथ बॉक्स भी था, जिसमें काफी सामान थे. पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के साथ दो वॉकी टॉकी, हथियार और कैश भेजे गए थे. जानकारी के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने एक ऑपरेशन के दौरान 2 ड्रोन और उनके बॉक्स समेत 6 लाख की करंसी पकड़ी है. साथ पंजाब पुलिस ने तीन पाकिस्तानी हैंडलर्स को भी गिरफ्तार किया है. पाकिस्तान से पंजाब में भेजे गए ड्रोन को हैंडल करने वाले तीनों लोग हिरासत में लिए गए. भारत-पाक सीमा पर तरनतारन सेक्टर से पंजाब पुलिस ने ड्रोन के साथ लाखों की करंसी, वाकी-टॉकी और बैटरियां बरामद की हैं. पंजाब पुलिस के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर से 370 हटने के बाद पाकिस्तान से आतंकियों ने ड्रोन से हथियार भेजने का नया रास्ता व तरीका अपनाया है. पंजाब के डीजीपी ने बताय कि हमलोगों ने भारत-पाक सीमा से तीन ड्रोन लॉन्चर्स को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि हमलोगों ने सीमा पर 2 ड्रोन को पकड़ा, जिसमें से एक ड्रोन करनाल, हरियाणा से पकड़ा गया है. डीजीपी ने कहा कि साथ ही हम इसमें अन्य लोगों के शामिल होने का भी पता लगा रहे हैं. प्री प्रोग्राम्ड ड्रोन से आतंकी हमले की साजिश सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान प्री प्रोग्राम्ड ड्रोन के जरिए सीमापार से आतंकी हमले की नई साजिश कर सकता है. इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी या जीपीएस तकनीक नहीं होती है. यह प्री प्रोग्राम मोड पर काम करता है, जो उड़ने के बाद अपने संपर्क का साथ छोड़ देता है और टारगेट को निशाना बनाता है. सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल कश्मीर में आतंकियों ने अपनी रणनीति बदली है. दो से तीन आतंकियों का ग्रुप एक साथ आजकल मूवमेंट करता है, जबकि ये पहले 6 से 7 लोगों का ग्रुप एक साथ मूवमेंट करता था. ये छोटे ग्रुप अलग-अलग इलाकों में छुपने की कोशिश कर रहे हैं और जल्द ही बड़े वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं.
चंडीगढ़ हरियाणा में सरकार की साझेदार जननायक जनता पार्टी में उठे बगावत के सुर के बाद पार्टी प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी है। विधायक रामकुमार गौतम के पार्टी उपाध्यक्ष पद छोड़ने के ऐलान को लेकर उन्होंने कहा कि अभी गौतम का इस्तीफा उन्हें नहीं मिला है। अगर मिलता है तो यह मामला पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष देखेंगे। गौरतलब है कि इस्तीफा देने के बाद गौतम ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के खिलाफ भी जमकर भड़ास निकाली और दावा किया कि जेजेपी के कई विधायक दुष्यंत की कार्यशैली से नाराज हैं। गौतम के इस आरोप को लेकर डेप्युटी सीएम ने कहा कि वह हमारे वरिष्ठ नेता हैं इसलिए वह उनकी बातों का बुरा नहीं मानते। चौटाला ने कहा कि अगर उन्हें कोई शिकायत है तो पार्टी प्लेटफॉर्म पर आकर बात करें। इस्तीफा नहीं मिलाः चौटाला पार्टी उपाध्यक्ष पद से गौतम के इस्तीफे पर चौटाला ने कहा, 'अभी उनका इस्तीफा मिला नहीं है। अगर मिलता है तो यह मामला जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष देखेंगे।' उन्होंने आगे कहा कि अगर अनुशासनहीनता की कोई बात है तो वह भी प्रदेश अध्यक्ष ही देखेंगे। हालांकि, रामकुमार गौतम ने पार्टी तो नहीं छोड़ी है लेकिन पार्टी से दूरी बनाने के संकेत जरूर दिए हैं। गौतम हिसार जिला के नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को हराकर विधानसभा में पहुंचे थे। सतह पर आई पुरानी नाराजगी जेजेपी के समर्थन से प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के दौरान ही चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था कि वरिष्ठता के आधार पर रामकुमार गौतम को सरकार में शामिल किया जाएगा। मनोहर मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान अंतिम समय तक अटकलें चलती रहीं कि रामकुमार गौतम को जेजेपी के कोटे से मंत्री बनाया जाएगा लेकिन दुष्यंत ने अपने अलावा दूसरा मंत्री पद अनूप धानक को दिया। जिसके बाद से रामकुमार गौतम और अन्य दो वरिष्ठ विधायक अंदरूनी तौर पर दुष्यंत से नाराज चल रहे थे। पर्दे के पीछे चल रही यह नाराजगी बुधवार को सार्वजनिक हो गई। मुझे क्यों बनाया बलि का बकराः गौतम बता दें कि हरियाणा की राजनीति में दादा के नाम से प्रसिद्ध रामकुमार गौतम ने कड़ाके की ठंड में बागी तेवर दिखाते हुए कहा कि उन्हें मंत्री न बनाए जाने का गम नहीं है, लेकिन दुख इस बात का है कि गुरुग्राम के मॉल में जो गुप्त समझौता हुआ है, उसके लिए बलि का बकरा मुझे क्यों बनाया गया। दुष्यंत पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'उमुख्यमंत्री ने 11 विभाग अपने पास रखे हैं जबकि पार्टी के मात्र एक विधायक को एक कनिष्ठ मंत्री बनाया गया है।
चंडीगढ़ चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद भगवंत मान मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आपा खो बैठे। मीडिया ने जब भगवंत मान से पार्टी की विपक्ष के तौर पर भूमिका को लेकर सवाल किया तो वह पत्रकारों से ही भिड़ गए। इतना ही नहीं, मान ने अकाली दल के नेता सुखबीर बादल को मंदबुद्धि बच्चा तक कह दिया। पार्टी ऑफिस में भगवंत मान प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान एक पत्रकार ने सवाल किया कि पंजाब सरकार के खिलाफ अकाली दल तो जगह-जगह प्रदर्शन कर रहा है लेकिन बतौर विपक्ष आम आदमी पार्टी पूरे परिदृश्य से गायब है। इस सवाल पर भगवंत मान भड़क गए। पत्रकार से भिड़ गए भगवंत मान भगवंत मान ने सवाल पूछने वाले मीडियाकर्मी से कहा कि अकाली दल कहीं भी नहीं है। विपक्ष के तौर पर विधानसभा में सबसे ज्यादा सवाल 'आप' ने ही पूछे हैं। फिर भगवंत मान ने पत्रकार से यह भी कहा कि क्या सारे सवाल तू ही पूछेगा। इन बातों को लेकर हंगामा बढ़ता चला। आनन-फानन भगवंत मान वहां से चले गए और मीडियाकर्मियों ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार कर दिया।
चंडीगढ़, 13 दिसंबर 2019,नवजोत सिंह सिद्धू की पंजाब कैबिनेट में वापसी के कयास गर्म है. चर्चा है कि जल्द ही नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर से पंजाब कैबिनेट में जोरदार वापसी करेंगे और इस बार उन्हें रैंक भी ऊंचा दिया जाएगा. सिद्धू को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है. सूत्रों की मानें तो खुद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी चाहती हैं कि सिद्धू को पंजाब का उपमुख्यमंत्री बनाया जाए और इस बाबत वह कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी बात कर चुकी हैं. माना जा रहा है कि पार्टी से नाराज चल रहे पंजाब कांग्रेस के विधायकों को संतुष्ट करने और आम आदमी पार्टी और बीजेपी की तरफ से नवजोत सिंह सिद्धू को अपने पाले में लाने को लेकर दिए जा रहे बयानों की वजह से कांग्रेस आलाकमान नवजोत सिंह सिद्धू को अब और साइडलाइन नहीं करना चाहता. इसी वजह से नवजोत सिंह सिद्धू की कैबिनेट में वापसी करवाने की तैयारी है और उन्हें डिप्टी सीएम का पद भी दिया जा सकता है. इस मामले पर पंजाब कांग्रेस के तमाम नेता और खुद प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ नपा-तुला बयान दे रहे हैं. नवजोत सिंह सिद्धू की कैबिनेट में बतौर डिप्टी सीएम जोरदार वापसी की खबरों पर सुनील जाखड़ ने इनकार भी नहीं किया, लेकिन गेंद आलाकमान के पाले में डालते हुए कहा कि जो आलाकमान तय करेगा, वह सब को मान्य होगा. वहीं दूसरी ओर पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के पॉलीटिकल एडवाइजर और विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग में ये कहकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया कि जो मंत्री ठीक से अपना काम नहीं कर रहे हैं और जिनकी परफॉर्मेंस सही नहीं है, उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए. आप विधायक ने साधा कैप्टन सरकार पर निशाना दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के विधायक कुलतार सिंह संधवा ने कैप्टन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कैप्टन कामकाज ठीक से करने में विफल रहे हैं. सिद्धू के साथ ही उनकी पार्टी के कई नेता नाराज चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू को कुर्सी के लालच में नहीं पड़ना चाहिए. उन्हें देखना चाहिए कि जिन बातों की वजह से उन्होंने मंत्री पद छोड़ा था, वह उन बातों पर कायम रहें और पंजाब के लोगों के हित की बात ही करते रहें. बीजेपी ने बताया कांग्रेस का आंतरिक मामला विपक्षी बीजेपी ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है और उन्हें ही तय करना है कि सिद्धू को क्या जिम्मेदारी देनी है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विनीत जोशी ने सिद्धू क्या बीजेपी या किसी अन्य पार्टी में जाएंगे, इस सवाल पर कहा कि इसका जवाब तो सिद्धू ही दे सकते हैं.
चंडीगढ़, 04 दिसंबर 2019,इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) नेता अभय चौटाला की आय से अधिक संपत्ति मामले में मुसीबत बढ़ने लगी है. अभय चौटाला के सिरसा स्थित तेजाखेड़ा फार्म हाउस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की है. सीआरपीएफ के साथ ईडी की टीम सुबह 10 बजे पहुंची. दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. अभय चौटाला, हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के चाचा हैं. हालांकि पार्टी में वर्चस्व के चलते दोनों के बीच अलगाव हो गया था. इसके बाद ही दुष्यंत ने अपनी पार्टी जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) बनाई थी. जबकि, इनेलो की कमान ओम प्रकाश चौटाला के हाथों में थी और अभय चौटाला उनके साथ हैं. बता दें कि अभय चौटाला पर आय से अधिक संपत्ति का मामला पिछले 13 सालों से चल रहा है. इसी साल मई के महीने में आय से अधिक संपत्ति के मामले में चौटाला परिवार की संपत्ति की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बेटे अजय व अभय की संपत्ति का विवरण मांगा था. राजस्व विभाग से डबवाली और सिरसा ब्लॉक में उनकी प्रॉपर्टी का ब्योरा तत्काल देने को कहा था. ईडी की ओर से जारी पत्र में डबवाली की सात प्रॉपर्टी और सिरसा की छह प्रॉपर्टी की डिटेल मांगा था. पत्र में निर्देश दिए गए थे कि यदि इस संपत्ति में कोई बदलाव का प्रयास हो तो उसकी सूचना तत्काल नामित अधिकारी को जिला प्रशासन को दें. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की कुछ संपत्तियां जब्त कर चुकी है. बता दें कि कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर हरियाणा के पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला और उनके दोनों बेटे अजय और अभय चौटाला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ था. 26 मार्च, 2010 को सीबीआई ने ओम प्रकाश चौटाला के के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर 6.09 करोड़ की संपत्ति कथित रूप से रखने का आरोप लगा था, जो 1993-2006 के दौरान अपनी आय से अधिक था. ऐसे ही दो मामले उनके बेटे अजय और अभय चौटाला के खिलाफ भी चल रहे हैं.
चंडीगढ़ भारतीय रेलवे की ओर से पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक रेलवे स्टेशन में रेलवायर वाई-फाई इन्स्टॉल कर दी गई है। इसके जरिए गुरुद्वारा डेरा बाबा नानक जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मुहैया कराए जाने की योजना है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा डेरा बाबा नानक के पास की सीमा से महज 4.5 किलोमीटर की दूरी पर है। यह पवित्र स्थल कॉरिडोर (गलियारे) के माध्यम से पूरे साल भारतीय तीर्थ यात्रियों के लिए खुला रहेगा। यह गुरुद्वारा सिख समुदाय के लिए काफी पवित्र है, क्योंकि गुरु नानक देव ने अपने जीवन के 18 साल और अपना अंतिम समय भी यहीं बिताया था। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जब करतारपुर गलियारे के भारतीय हिस्से का उद्घाटन करने पंजाब पहुंचे तो सिख पगड़ी में नजर आए। पूरे समय वह किसी सिख की तरह भगवा पग में ही रहे। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ उनकी एक दिलचस्प मुलाकात हुई, जिसकी तस्वीरें सामने आई हैं। यह तस्वीर अपने आपमें सब कुछ कह रही है। चुनाव प्रचार या आम दिनों में बीजेपी और कांग्रेस में भले ही वार-पलटवार का दौर चलता रहे पर यहां पीएम मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पूरी गर्मजोशी से मिले।
चंडीगढ़ हरियाणा में करीब तीन हफ्ते से लटका मंत्रिमंडल विस्तार आज हो गया। गुरुवार को कुल 10 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें से 6 कैबिनेट और 4 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। बीजेपी कोटे से 8 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, जबकि एक मंत्री जेजेपी और एक निर्दलीय कोटे से है। बीजेपी-जेजेपी गठबंधन ने बुधवार को ही अहम मंत्रालयों का बंटवारा कर लिया था। मंत्री बनने वालों की लिस्ट में पूर्व सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अनिल विज का भी नाम है। इनके अलावा कंवरपाल गुर्जर, मूलचंद शर्मा, रंजीत सिंह, जेपी दलाल, बनवारी लाल ने भी कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली। उधर ओम प्रकाश यादव, कमलेश ढांडा, अनूप धानक और पूर्व हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पद की शपथ ली। 6 कैबिनेट मंत्रियों ने ली शपथ अनिल विज (कैबिनेट मंत्री) पिछली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अनिल विज ने इस सरकार में भी मंत्री पद की शपथ ली है। विज अंबाला कैंट से बीजेपी विधायक हैं। अकसर अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले विज करीब 50 वर्षों से राजनीति में हैं। कंवरपाल गुर्जर (कैबिनेट मंत्री) कंवरपाल गुर्जर हरियाणा की जगाधरी विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने इस सीट पर कांग्रेस के अकरम खान को हराया था। पिछली सरकार में कंवरपाल को अहम जिम्मेदारी मिली थी और वह विधानसभा के अध्यक्ष थे। मूलचंद शर्मा (कैबिनेट मंत्री) ब्राह्मण समुदाय से आने वाले मूलचंद शर्मा भी खट्टर सरकार में मंत्री बने हैं। मूलचंद बल्लभगढ़ से बीजेपी विधायक हैं। रणजीत सिंह चौटाला (कैबिनेट मंत्री) ओमप्रकाश चौटाला के छोटे भाई रणजीत सिंह चौटाला इस सरकार के पहले निर्दलीय विधायक हैं, जिन्होंने मंत्री पद की शपथ ली है। गोविंद कांडा को हराकर रानिया से विधायक बने हैं। जेपी दलाल (कैबिनेट मंत्री) जेपी दलाल भिवानी के लोहारू से बीजेपी विधायक हैं। जाट नेता जेपी दलाल पहली बार विधायक बने हैं और कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली है। बनवारी लाल (कैबिनेट मंत्री) गुड़गांव के बावल से बीजेपी विधायक बनवारी लाल ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। बनवारी लाल पिछली सरकार में भी कैबिनेट मंत्री थे। इन 4 राज्यमंत्रियों ने भी ली शपथ- ओमप्रकाश यादव (राज्य मंत्री-स्वतंत्र प्रभार) नारनौल से लगातार दूसरी बार विधायक बने ओमप्रकाश यादव ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पद की शपथ ली है। कमलेश ढांडा (राज्यमंत्री-स्वतंत्र प्रभार) खट्टर मंत्रिमंडल के पहले महिला चेहरे के तौर पर कैथल के कलायत से जीतकर आईं कमलेश ढांडा ने खट्टर-2 सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पद की शपथ ली है। अनूप धानक(राज्यमंत्री-स्वतंत्र प्रभार) खट्टर सरकार में जेजेपी के पहले मंत्री के तौर पर अनूप धानक ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर शपथ ली है। अनूप उकलाना सीट से विधायक हैं। संदीप सिंह (राज्यमंत्री-स्वतंत्र प्रभार) मंत्रियों की लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम संदीप सिंह का है। 33 वर्षीय पूर्व हॉकी खिलाड़ी और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रह चुके संदीप सिंह ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर पंजाबी में शपथ ली। संदीप पिहोवा सीट से बीजेपी विधायक हैं। यहां बीजेपी को 53 सालों में पहली बार जीत मिली थी। हाल ही में संदीप के जीवन पर एक फिल्म 'सूरमा' बनी थी। बुधवार को हुआ था विभागों का बंटवारा बुधवार को हुए विभागों के बंटवारे में जेजेपी के पास आबकारी और कराधान विभाग, उद्योग विभाग, श्रम और रोजगार विभाग, नागरिक एवं उड्डयन विभाग, लोक निर्माण विभाग, विकास एवं पंचायत विभाग, पुरातत्व संग्रहालय विभाग, पुनर्वास विभाग जैसे विभाग आए हैं। जबकि गृह, वित्त, कृषि, टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग जैसे अहम विभाग बीजेपी के पास रहेंगे।
नई दिल्ली, 12 नवंबर 2019,करतारपुर गुरुद्वारे के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पीएम मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का धन्यवाद किया है. उन्होंने कहा कि उम्मीद है, पाकिस्तान में पंजा साहिब और ननकाना साहिब जैसे कई गुरुद्वारों को भी भारतीय श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा. उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'मैं सिख समुदाय के करतारपुर गुरुद्वारा जाने के सपने को साकार करने में मदद करने के लिए पीएम मोदी और पाक पीएम इमरान खान को धन्यवाद देता हूं. मुझे उम्मीद है कि भारतीय श्रद्धालुओं के लिए पाक में स्थित पंजा साहिब और ननकाना साहिब जैसे कई गुरुद्वारों का भी दरवाजा जल्द खुलेगा.' इससे पहले मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने घोषणा की कि उनकी सरकार गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में 11 विश्वविद्यालयों प्रथम सिख गुरु के नाम पर एक-एक पीठ स्थापित करेगी. इसमें से एक पीठ ईरान में भी होगा. मुख्यमंत्री ने यह घोषणा पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी में यहां आयोजित एक कार्यक्रम में की. इस कार्यक्रम में सभी 11 विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे. इनमें से 7 विश्वविद्यालय पंजाब में हैं. राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित पीठ जिन विश्वविद्यालयों में स्थापित की जाएगी, उनमें पंजाब विश्विविद्यालय (पटियाला), आईके गुजराल पीटीयू (जालंधन-कपूरथला), महाराज रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (बठिंडा), लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (फगवाड़ा), चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (घरुआं), चितकारा यूनिवर्सिटी (राजपुरा), अकाल यूनिवर्सिटी (तलवंडी साबू), आईटीएम यूनिवर्सिटी (ग्वालियर), आरडीकेएफ यूनिवर्सिटी (भोपाल), जेआईएस यूनिवर्सिटी (पश्चिम बंगाल) और यूनिवर्सिटी ऑफ रिलिजन (ईरान) शामिल हैं.
चंडीगढ़, 12 नवंबर 2019,पंजाब पुलिस की ऑपरेशन सेल ने दो खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया है. इसमें एक महिला शामिल है, जो लुधियाना में बतौर नर्स काम कर रही थी. दूसरी गिरफ्तारी गुरदासपुर से हुई. पुलिस का कहना है कि दोनों खालिस्तानी आतंकियों के निशाने पर हिंदू संगठनों के कई नेता थे. इसके अलावा इनका मकसद पंजाब में फिर से आतंकी गतिविधियों को बढ़ाना है. इसके लिए इन्हें विदेश से फंड भी मिल रहे थे. पंजाब पुलिस की ऑपरेशन सेल ने 2 खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है जो पंजाब में आतंकी गतिविधियों को फिर से बढ़ावा देने की फिराक में थे. महिला का साथी गुरदासपुर से गिरफ्तार किया गया. जो दुबई में बतौर ड्राइवर काम कर चुका है. पुलिस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दोनों कई बड़ी हत्याओं की साजिश रच रहे थे. उनकी योजना कुछ हिंदूवादी नेताओं की हत्या करने की भी थी. गिरफ्तार किए गए आतंकियों की पहचान हो गई है. सुरिंदर कौर नाम की गिरफ्तार महिला फरीदकोट की रहने वाली है जो लुधियाना के एक निजी अस्पताल में बतौर नर्स काम करती थी. पिछले महीने से थी नजर जबकि सुरिंदर कौर का पुरुष साथी की पहचान लखबीर सिंह के रूप में हुई है जो होशियारपुर का रहने वाला है और दुबई में बतौर ड्राइवर काम कर चुका है. पुलिस अफसरों का कहना है कि दोनों एक-दूसरे सोशल मीडिया के जरिए दोस्त बने थे और फेसबुक फ्रेंड थे. पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम सेल इन दोनों पर पिछले महीने से ही नजर बनाए हुई थी. 2 दिन की पुलिस हिरासत दोनों गिरफ्तार खालिस्तानी आतंकियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि इन दोनों की योजना पंजाब में आंतकी गतिविधियों को फिर से जीवित करने की थी. उन्हें इसके लिए विदेश से पैसा मिलता था. पंजाब पुलिस को गिरफ्तार आतंकियों और विदेश में बसे खालिस्तानी अलगाववादियों के बीच संपर्क की जानकारी हाथ लगी है. पकड़े गए सुरिंदर कौर और लखबीर सिंह को कोर्ट में पेश कर दिया गया जहां से उन्हें 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.
डेरा बाबा नानक/अमृतसर करतारपुर कॉरिडोर के रास्‍ते बहुत कम श्रद्धालु डेरा भारतीय सीमा के दूसरी ओर पाकिस्‍तान में स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारा के दर्शन करने जा रहे हैं। सोमवार को केवल 130 लोगों ने कॉरिडोर के जरिए दरबार साहिब गुरुद्वारा के दर्शन किए। रविवार को कॉरिडोर आमजन के लिए पहली बार खोला गया था, इस दिन भी महज 229 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर 600 श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए जाने वाले हैं। वहीं इसके विपरीत, भारतीय सीमा के भीतर से पवित्र गुरुद्वारे के 'दूरबीन से दर्शनों' के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। यह दो दिनों में बढ़कर प्रतिदिन 5,000 तक पहुंच गई है, पहले हर रोज महज 250 श्रद्धालु दूरबीन से दर्शन करते थे। अनुमान था हर रोज 5,000 श्रद्धालु जाएंगे पहले अनुमान था कि 9 नवंबर को उद्घाटन के बाद हर रोज कम से कम 5,000 श्रद्धालु 4.5 किलोमीटर लंबे करतारपुर कॉरिडोर को पार करके दरबार साहिब जाएंगे। दोनों देशों के बीच 5,000 श्रद्धालुओं की सीमा भी तय हुई थी। पहले दिन दर्शन करने वाले 562 लोगों में अतिविशिष्‍ट अतिथियों के अलावा पंजाब और केंद्र सरकार द्वारा आमंत्रित एनआरआई शामिल थे। पाकिस्‍तान जाने में हिचक रहे हैं युवा करतारपुर जाने में लोगों की हिचक के बारे में एक सूत्र का कहना है, 'पाकिस्‍तान जाने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाता है, हमें लगता है कि यह बात उन युवाओं को पाकिस्‍तान जाने से रोकती है जो भविष्‍य में अमेरिका या दूसरे देशों की यात्रा करना चाहते हैं। दूसरी बड़ी वजह है करतारपुर जाने के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता। हालांकि, शुरू में पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान ने कहा था कि करतारपुर आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी, लेकिन बाद में इसे अनिवार्य कर दिया गया। इस बारे में पाकिस्तान की ओर से सेना ने कहा कि हम सुरक्षा कारणों से पासपोर्ट में छूट नहीं दे सकते हैं। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने अपने बयान में कहा कि हम अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते। इन बातों के अलावा 20 डॉलर की सर्विस फीस, भारत-पाक संबंधों में उपजा तनाव और ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन के बारे जानकारी का अभाव भी करतारपुर जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं की संख्‍या में कमी की अहम वजहें हैं।
चंडीगढ़ हरियाणा में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने मनोहर लाल खट्टर ने दिवाली के मौके पर राजधानी चंडीगढ़ में शपथ ली। उनके अलावा जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने डेप्युटी सीएम की शपथ ली है। करनाल से विधायक मनोहर लाल खट्टर एक दौर में संघ के प्रचारक रहे हैं। 2014 में हरियाणा में बीजेपी की जीत के बाद पार्टी ने अप्रत्याशित तौर पर उन्हें सीएम के पद पर बिठाया था। मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला को राज्यपाल सत्यनारायण आर्य ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री और डेप्युटी सीएम को शुभकामनाएं दी हैं। पीएम ने ट्वीट किया, 'मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला को हरियाणा के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई। दोनों को हरियाणा के लोगों की आकांक्षाओंं को पूरा करने के लिए शुभकामनाएं।' अजय चौटाला, एक पिता के लिए इससे बेहतर क्या होगा शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक सवाल के जवाब में दुष्यंत के पिता अजय चौटाला ने कहा कि एक पिता के लिए इससे अच्छा अवसर क्या होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कुछ भी कह सकती है, लेकिन यह सरकार पूरे 5 साल स्थिरता से हरियाणा के विकास के लिए काम करेगी। इससे अच्छी कोई दिवाली नहीं हो सकती। दुष्यंत ने प्रकाश सिंह बादल के पैर छूकर ली शपथ इस मौके पर एक दिलचस्प चीज देखने को मिली। शपथ लेने के लिए जा रहे दुष्यंत चौटाला ने मंच पर मौजूद अकाली दल के मुखिया और पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह के बादल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस पर बादल ने उन्हें गले लगा लिया। इस दौरान मंच पर पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा और दुष्यंत के पिता अजय चौटाला भी मौजूद थे। चौटाला और प्रकाश सिंह बादल की रही है पुरानी दोस्ती बता दें कि प्रकाश सिंह बादल और दुष्यंत चौटाला के दादा ओमप्रकाश चौटाला की गहरी दोस्ती रही है। माना जा रहा है कि दुष्यंत की पार्टी जेजेपी को बीजेपी के खेमे में लाने में प्रकाश सिंह बादल की अहम भूमिका रही है। शपथ ग्रहण समारोह में हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी पहुंचे। चुनाव से पहले थी 'बच्चा पार्टी', किंगमेकर उभरीजेजेपी चुनाव से पहले दुष्यंत की पार्टी को विपक्षियों ने हल्के में लिया था, लेकिन चंद महीनों में ही दुष्यंत देवीलाल की विरासत के वारिस बनते नजर आ रहे हैं। खास बात यह कि कुछ वक्त पहले तक हरियाणा की जिस जननायक जनता पार्टी को लोग 'बच्चा पार्टी' कहते थे, उसे दुष्यंत ने एक साल के भीतर ही सत्ता के शीर्ष तक पहुंचा दिया। दुष्यंत में ताऊ देवीलाल की छवि देख रहे लोग गौरतलब है कि जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ने बीते साल ही इनोलो से अलग होकर नए दल का गठन किया था। जननायक जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में जोरदार प्रचार किया और 10 सीटें हासिल करने में सफल रही। दुष्यंत चौटाला को सूबे में जाट राजनीति के नए नायक के तौर पर देखा जा रहा है। यही नहीं उनके परदादा ताऊ देवीलाल से भी उनकी तुलना की जा रही है। 2014 में बीजेपी ने बनाई थी बहुमत की सरकार 2014 में बीजेपी को 47 सीटें मिली थीं और उसने अपने ही बूते सरकार का गठन किया था, लेकिन इस बार वह 40 पर ही अटक गई। सूबे में बहुमत का आंकड़ा 46 सीटों का है, ऐसे में उसे बहुमत के लिए निर्दलीय विधायकों या फिर जेजेपी के समर्थन की जरूरत थी। शुक्रवार को बीजेपी और जेजेपी ने गठबंधन का ऐलान किया था।
चंडीगढ़, 26 अक्टूबर 2019,भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक बार फिर हरियाणा में सरकार बनाने जा रही है. सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को कहा कि जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेता दुष्यंत चौटाला प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री होंगे. उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ ही दुष्यंत चौटाला भी उपमुख्यमंत्री पद के शपथ लेंगे. इनके साथ ही मंत्रिमंडल के भी कई चेहरे शामिल हो सकते हैं. पिछली सरकार के मंत्रियों में से सिर्फ अनिल विज और बनवारी लाल ही मंत्री के तौर पर सरकार की लाज बचाने में कामयाब हुए हैं. मनोहर लाल खट्टर की कैबिनेट के संभावित चेहरे... अनिल विज बीजेपी के जीतने वाले विधायकों में विज सबसे ज्यादा वरिष्ठ हैं. वरिष्ठता के क्रम में इस बार मुख्यमंत्री के बाद अनिल विज को रखना सरकार की मजबूरी होगी. बड़े-बड़े मामलों में अनिल विज प्रदेश सरकार के लिए संकटमोचक साबित हुए हैं. जब कभी किन्हीं मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करता है तब अनिल विज को ही आगे किया जाता है. इसके साथ ही वरिष्ठता में भी अनिल विज सबसे सीनियर विधायक हैं. अंबाला कैंट सीट से वो 7 बार चुनाव लड़े और 6 बार जीते हैं. ऐसे में कैबिनेट में उनकी सीट तय मानी जा रही है. पिछली कैबिनेट में भी वो स्वास्थ्य, खेल और युवा मंत्रालयों के मंत्री थे. घनश्याम सर्राफ अनिल विज के बाद घनश्याम सर्राफ का नंबर आता है. हालांकि, पिछली सरकार में घनश्याम सर्राफ को बीजेपी ने नकार दिया था. पहले मंत्री बनाने के बाद बाद में उनसे मंत्री पद छीन लिया गया था. उनके साथ एक अन्य मंत्री को भी मंत्री पद से हटाया गया था. लेकिन घनश्याम सर्राफ वो दूसरे मंत्री हैं जो अनिल विज की ही तरह जीत कर आए हैं. ऐसे में उनकी सीट भी तय मानी जा रही है. क्योंकि इन दोनों मंत्रियों के अलावा अन्य तमाम मंत्री अपने-अपने इलाकों से चुनाव हार गए हैं. संदीप सिंह हरियाणा विधानसभा चुनाव में खेल कोटे से चुनकर आए विधायकों में हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह की भी लॉटरी लग सकती है. संदीप सिंह चर्चित युवा चेहरा हैं.साथ ही बबीता फोगाट और योगेश्वर दत्त के चुनाव में हारने के बाद वो अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जो राजनीति में अपनी पहली ही लड़ाई में अपना वर्चस्व दिखाने में साबित हुए हैं. अभय सिंह यादव नांगल चौधरी से लगातार दूसरी बार विधायक बने पूर्व आईएएस अभय सिंह यादव को भी मंत्री पद हासिल हो सकता है. अभय यादव को प्रशासनिक अनुभव है और साथ ही वे दूसरी बार चुनकर आए हैं. पंजाबी कोटे से थानेसर विधायक सुभाष सुधा और सीमा त्रिखा में से एक मंत्री बनने की लाइन में हैं. सुधा मनोहर लाल के करीबी हैं और साथ ही उन्होंने दिग्गज कांग्रेस नेता और INLD के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा को हराया है. इनके अलावा हरियाणा में इस बार निर्दलीय विधायकों को भी सरकार को साधना पड़ेगा. लिहाजा एक या दो निर्दलीयों को भी मंत्री पद देना पड़ेगा. कंवरपाल गुर्जर 2014 की विधानसभा में अध्यक्ष पद पर रहे कंवरपाल गुर्जर की भी मंत्री बनने की तीव्र इच्छा है. पिछली सरकार में भी वे मंत्री पद की लालसा रखे हुए थे, लेकिन उन्हें स्पीकर पद की जिम्मेदारी दे दी गई. इस बार वो फिर जीतकर आए हैं. लिहाजा सरकार को उन्हें मंत्री बनाकर यमुनानगर का भी प्रतिनिधित्व करना होगा, क्योंकि यमुनानगर हरियाणा के उन जिलों में से हैं जहां का प्रतिनिधित्व कम होता है. वैश्य चेहरों में से एक पर मेहरबानी रहेगी. विधानसभा चुनाव के बाद सुधीर सिंगला, नरेंद्र गुप्ता, डॉ. कमल गुप्ता, ज्ञान चंद गुप्ता और दीपक मंगला के नाम की चर्चा है. नरेंद्र गुप्ता फरीदाबाद से पूर्व मंत्री विपुल गोयल का टिकट कटने के बाद जीते हैं. जबकि डॉ. कमल गुप्ता हिसार से दूसरी बार विधायक बने हैं. पंचकूला से ज्ञान चंद गुप्ता भी दूसरी बार विधायक बने हैं. दीपक मंगला सीएम की पसंद के आदमी बताए जाते हैं. ऐसे में लॉटरी किसकी लगेगी ये कहना मुश्किल है. जाट चेहरों में से एक होगा मंत्री हरियाणा में सुभाष बराला, कैप्टन अभिमन्यु और ओम प्रकाश धनखड़ जैसे बड़े जाट नेता और पिछली कैबिनेट में मंत्री रहे ये तमाम लोग चुनाव हार चुके हैं. ऐसे में महिपाल ढांडा, कमलेश ढांडा, जेपी दलाल और प्रवीण डागर जैसे जाट चेहरे चुनाव जीते हैं. इनमें से एक चेहरे को मंत्री बनाना मजबूरी होगी क्योंकि ये पार्टी के टिकट पर जीत कर आए जाट चेहरे हैं. पार्टी ने 20 जाटों को टिकट दिए थे. जिसमें से 4 जीत कर आए हैं. निर्दलीय विधायकों में से हुड्डा के गढ़ महम से जीतकर आए बलराज कुंडू का नाम सबसे ऊपर है. इसके अलावा पुंडरी से जीते रणधीर गोलन और रानियां से जीते रणजीत सिंह के नाम की भी चर्चा है. जिसमें से कम से कम 2 मंत्री बन सकते हैं. बाकी निर्दलीयों को भी सरकार चेयरमैनी का पद देकर शांत कर सकती है. पिछड़े वर्ग से सरकार में इंद्री से रामकुमार कश्यप का नाम आगे चल रहा है. इनेलो से राज्यसभा सांसद रह चुके कश्यप को मनोहर लाल खट्टर ने ही बीजेपी में शामिल किया था. अब उन्हें मंत्री पद से नवाजा जा सकता है, क्योंकि वे पिछड़े वर्ग से आते हैं. कर्ण देव कांबोज पिछली सरकार में मंत्री थे, वे भी इंद्री से थे लेकिन इस बार चुनाव हार गए थे, लिहाजा कश्यप को इंद्री का प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होंगे. एक प्रेस नोट जारी करके प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि चौधरी देवीलाल की राजनीतिक विरासत और जिस तरह से वो गरीबों के लिए लड़ाई लड़ते थे, उस विरासत को दुष्यंत चौटाला सही तरीके से आगे लेकर जाएंगे और हरियाणा में एक अच्छी सरकार बनाने में अपनी भूमिका अदा करेंगे.
चंडीगढ़ हरियाणा में डेप्युटी सीएम पद का सस्पेंस खत्म हो गया है। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ही डेप्युटी सीएम बनेंगे। इसी के साथ मनोहर लाल खट्टर रविवार दोपहर सवा दो बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। वह हरियाणा के दूसरी बार सीएम बनने जा रहे हैं। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद मनोहर लाल खट्टर ने कहा, 'रविवार को मुख्यमंत्री पद व उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ निश्चित है और मंत्रिमंडल के बाकी सदस्यों की कल जानकारी दी जाएगी।' इससे पहले हरियाणा में जेजेपी के खाते में आई डेप्युटी सीएम पद को लेकर सस्पेंस था। यह भी खबर थी कि दुष्यंत यह पद अपनी मां और चरखी दादरी की बाढड़ा सीट से विधायक नैना चौटाला को सौंप सकते हैं। हालांकि अब दुष्यंत खुद ही यह कुर्सी संभालेंगे। दुष्यंत चौटाला ने कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी पलटवार किया है। दुष्यंत ने कहा कि क्या हमने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था? उन्होंने कहा कि कांग्रेस वह पार्टी है जिसे देवीलाल ने 70 के दशक में छोड़ दिया था। दुष्यंत ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लिए बिना उन पर पलटवार किया है। राज्यपाल के सामने किया सरकार बनाने का दावा पेश दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के साथ डील फाइनल होने के बाद अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारियों में जुट गई है। चंडीगढ़ में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में बीजेपी के विधायक दल की बैठक हुई। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला आज राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। दो डेप्युटी CM की अटकलें खारिज कहा यह भी जा रहा था कि हरियाणा में दो डेप्युटी सीएम बनाए जाएंगे, लेकिन यह अटकल खारिज की जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा कि ऐसे किसी विचार पर कोई चर्चा नहीं हुई। पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि जेजेपी के साथ बीजेपी से भी एक डेप्युटी सीएम बनाने पर मंथन चल रहा है। आपको बता दें कि बीजेपी-जेजेपी की डील में तय हुआ है कि हरियाणा में सीएम बीजेपी और डेप्युटी सीएम की कुर्सी जेजेपी के पास रहेगी। सीएम खट्टर ही होंगे इससे पहले बीजेपी की विधायक दल की बैठक में खट्टर के सीएम बनाए जाने का पक्ष साफ हो गया। बीजेपी आलाकमान के मुताबिक ही शनिवार दोपहर चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउस में हुई बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, रविशंकर प्रसाद और बीजेपी के महासचिव अरुण सिंह भी बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहे। बीजेपी संसदीय बोर्ड द्वारा अधिकृत किए जाने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने निर्मला सीतारमण और अरुण सिंह को हरियाणा में सरकार गठन की प्रक्रिया की निगरानी के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। चंडीगढ़ में ही जेजेपी के विधायकों की भी मीटिंग होने जा रही है। अब बीजेपी के पक्ष में है सीटों का गणित हरियाणा में कुल 90 सीटों के लिए हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को इस बार 40 सीटें मिली हैं, जो बहुमत से 6 सीटें कम हैं। ऐसे में बीजेपी ने 10 विधायकों वाली दुष्यंत चौटाला की जेजेपी और आठ निर्दलीयों के समर्थन से सरकार बनाने का फैसला किया। बीजेपी ने गीतिका शर्मा सूइसाइड केस में आरोपी गोपाल कांडा का समर्थन नहीं लिया है।
चंडीगढ़/नई दिल्ली हरियाणा की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के प्रमुख दुष्यंत चौटाला के पिता अजय चौटाला को दो हफ्ते के लिए फरलो (जेल से छुट्टी) मिल गया है। वह आज शाम या रविवाह सुबह जेल से बाहर आ सकते हैं। वह अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। दो दिन पहले 24 अक्टूबर को आए हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों में दुष्यंत चौटाला की पार्टी के 10 विधायक जीते हैं। उसके बाद उन्होंने बीजेपी के साथ नई सरकार बनाने की डील में अपनी पार्टी के लिए उप-मुख्यमंत्री पद हासिल कर लिया। टीचर भर्ती घोटाले में दोषी अजय चौटाला हरियाणा में जूनियर बेसिक ट्रेंड (जेबीटी) टीचर भर्ती घोटाला मामले में जेल गए। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नैशनल लोकदल (आईएनएलडी) के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला को सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने 10-10 साल की सजा सुनाई थी। इस घोटाले में कुल 55 लोगों को कोर्ट ने दोषी करार दिया था। जून में सुर्खियों में आए थे अजय चौटाला इस साल जून में तिहाड़ जेल में हुई चेकिंग के दौरान अजय चौटाला के पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की और उनके पास से फोन बरामद किया। उस वक्त भी इस खबर ने खासी सुर्खियां बटोरी थीं। क्या होता है फरलो? वैसे मुजरिम जो आधी से ज्यादा जेल काट चुका हो, उसे साल में 4 हफ्ते के लिए फरलो दिया जाता है। फरलो मुजरिम को सामाजिक या पारिवारिक संबंध कायम रखने के लिए दिया जाता है। इनकी अर्जी डीजी जेल के पास भेजी जाती है और इसे गृह विभाग के पास भेजा जाता है और उस पर 12 हफ्ते में निर्णय होता है। एक बार में दो हफ्ते के लिए फरलो दिया जा सकता है और उसे दो हफ्ते के लिए एक्सटेंशन दिया जा सकता है। फरलो मुजरिम का अधिकार होता है, जबकि पैरोल अधिकार के तौर पर नहीं मांगा जा सकता। पैरोल के दौरान मुजरिम जितने दिन भी जेल से बाहर होता है, उतनी अतिरिक्त सजा उसे काटनी होती है। फरलो के दौरान मिली रिहाई सजा में ही शामिल होती है।
नई दिल्ली हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी बहुमत से दूर रह गई। हालांकि, वह सिंगल लार्जेस्ट पार्टी के तौर पर उभरी है। बीजेपी के तमाम दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को छोड़कर खट्टर सरकार के सभी मंत्री या तो चुनाव हार चुके हैं या फिर हारने की ओर हैं। दोनों स्टार पहलवान बबीता फोगाट और योगेश्वर दत्त भी चुनाव हार चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला भी अपनी तोहाना सीट नहीं बचा पाए। मुख्यमंत्री खट्टर करनाल सीट से जीत चुके हैं। बीजेपी ने खट्टर सरकार के 2 कैबिनेट मंत्रियों राव नरबीर सिंह और विपुल गोयल को इस बार टिकट नहीं दिया था। विज को छोड़ सभी मंत्री हारे कैप्टन अभिमन्यु (नारनौंद) नारनौंद विधानसभा सीट से खट्टर सरकार में वित्त मंत्री रहे कैप्टन अभिमन्यु को हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें जननायक जनता पार्टी के रामकुमार गौतम ने 12,029 मतों के अंतर से हराया। ओपी धनकड़ (बादली) हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे ओम प्रकाश धनकड़ को भी शिकस्त झेलनी पड़ी है। बादली विधानसभा सीट से कांग्रेस के कुलदीप वत्स ने धनकड़ को 11,245 वोटों से अंतर से शिकस्त दी है। राम बिलास शर्मा (महेंद्रगढ़) हरियाणा बीजेपी के कद्दावर नेता और खट्टर सरकार में शिक्षा मंत्री रहे राम बिलास शर्मा को भी हार का मुंह देखना पड़ा है। महेंद्रगढ़ में कांग्रेस के राव दान सिंह ने शर्मा को 10 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। कविता जैन (सोनीपत) खट्टर सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रही जैन भी अपनी सीट नहीं बचा पाईं। सोनीपत सीट से कांग्रेस के सुरेंद्र पंवार ने जैन को 32,878 वोटों के बड़े अंतर से मात दी। कृष्ण लाल पंवार (इसराना) खट्टर सरकार में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर रहे कृष्ण लाल पंवार भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। इसराना (सुरक्षित) से कांग्रेस के बलबीर सिंह ने पंवार को 20,015 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। मनीष ग्रोवर (रोहतक) खट्टर सरकार में मंत्री मनीष ग्रोवर को भी रोहतक में हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस के भारत भूषण बत्रा ने ग्रोवर को 2735 मतों के अंतर से हराया। करन देव कंबोज (रादौर) मंत्री करन देव कंबोज भी रादौर से हार चुके हैं। उन्हें कांग्रेस के बिशन लाल ने 2,541 वोटों के अंतर से हराया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला (तोहाना) हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बराला भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। तोहाना में उन्हें जननायक जनता पार्टी के देवेंदर सिंह बबली ने 52,302 वोटों के अंतर से हराया।
फिरोजपुर, 22 अक्टूबर 2019,पंजाब के फिरोजपुर में एक बार पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया है. भारत-पाकिस्तान सीमा पर हुसैनीवाला में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सोमवार रात को ड्रोन को आता देखा. इसके बाद बीएसएफ जवानों ने ड्रोन पर फायरिंग की. फायरिंग के कारण ड्रोन वापस पाकिस्तान चला गया. इसके बाद बीएसएफ ने सर्च ऑपरेशन चलाया. साथ ही बॉर्डर किनारे हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. बता दें इससे 16 अक्टूबर को पहले पंजाब के फिरोजपुर में एक बार फिर पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया था. अंतरराष्ट्रीय सीमा के सीमावर्ती गांव हजारा सिंह वाला और बाकड़ी के ग्रामीणों ने ड्रोन को उड़ते हुए देखा. स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्रोन भारतीय क्षेत्र में एक किलोमीटर तक घुसा था. स्थानीय लोगों के मुताबिक भारतीय क्षेत्र में एक किलोमीटर तक ड्रोन घुसा था. बीएसएफ के एचके टॉवर के पास बहुत ऊंची उड़ान भर रहा था. हालांकि ड्रोन ने कुछ गिराया था या नहीं, इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है. इसे सतलज नदी के किनारे धान के खेतों पर भी देखा गया था. हालांकि अभी साफ नहीं है कि ड्रोन को मार गिराने में बीएसएफ जवान कामयाब हुए थे या नहीं. पाकिस्तान और चीन के साथ सीमाओं पर बढ़ते खतरों से पार पाने के लिए भारतीय सेना ऐसे ड्रोन खरीदने की योजना बना रही है, जो सामान की ढुलाई करने और मिसाइल की तरह अटैक करने में सक्षम होंगे. इसके साथ ही इन ड्रोन का इस्तेमाल ऊंचाई वाले सीमा क्षेत्र में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की तरह निगरानी करने के लिए किया जाएगा. पाकिस्तान से आए ड्रोन ने भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन पहली बार नहीं किया है. 8 अक्टूबर को भी पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुस आया था. कुछ देर चक्कर लगाने के बाद ड्रोन वापस पाकिस्तान चला गया था. इससे पहले भारतीय सेना के अधिकारियों ने कहा था कि हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाले पाकिस्तानी ड्रोन को ढेर कर दिया जाएगा. लेकिन अभी तक एक भी ड्रोन नष्ट करने की जानकारी नहीं है.
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2019, हरियाणा में सोमवार को विधानसभा चुनाव के मतदान संपन्न हो गए. सोमवार शाम 6 बजे तक यहां की 90 विधानसभा सीटों पर तकरीबन 65 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. मतदान खत्म होते ही कई एजेंसियों ने अपना एग्जिट पोल जारी किया है, जिसके मुताबिक हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार वापसी करती दिख रही है. पोल ऑफ द पोल्स के मुताबिक, बीजेपी को 70 और कांग्रेस गठबंधन को 12 सीटें मिल सकती हैं. अन्य के खाते में 8 सीटें जाने का अनुमान है. अलग अलग एजेंसियों के आंकड़े देखें तो सीएनएन-न्यूज18 एग्जिट पोल में बीजेपी को 75 और कांग्रेस को 10 सीटों का अनुमान जताया गया है. टाइम्स नाऊ ने अपने एग्जिट पोल में बीजेपी को 71 और कांग्रेस को 11 सीटें दी हैं. अन्य के खाते में 8 सीटें जाने का अनुमान है. एबीपी-सी वोटर ने बीजेपी को 72 और कांग्रेस को 8 सीटें दी हैं. अन्य के खाते में 10 सीटें जाती दिख रही हैं. सीएनएन-न्यूज18 एग्जिट पोल हरियाणा भाजपा+: 75 कांग्रेस+: 10 टाइम्स नाऊ एग्जिट पोल हरियाणा भाजपा+: 71 कांग्रेस+: 11 अन्यः 08 एबीपी-सी वोटर एग्जिट पोल हरियाणा भाजपा+: 72 कांग्रेस+: 08 अन्यः 10 रिपब्लिक-जन की बात एग्जिट पोल हरियाणा भाजपा+: 52-63 कांग्रेस+: 15-19 जेजेपीः 5-9 अन्यः 7-9 टीवी-9-सिसेरो एग्जिट पोल हरियाणा भाजपा+: 69 कांग्रेस+: 11 अन्यः 10 रिपब्लिक-जन की बात एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी को 52-63 और कांग्रेस को 15-19 सीटें मिल सकती हैं. दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी को 5-9 सीटें मिलने का अनुमान है. यहां अन्य के खाते में 7-9 सीटें जा सकती हैं. दूसरी ओर टीवी9-सिसेरो एग्जिट पोल ने बीजेपी को 69 और कांग्रेस को 11 सीटें दी हैं. अन्य के खाते में 10 सीटें जाती दिख रही हैं.
करनाल हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान का सिलसिला जारी है। आम लोगों के अलावा कई मशहूर हस्तियों ने भी सोमवार सुबह मतदान में हिस्सा लिया। इस दौरान दिग्गजों के मतदान केंद्र तक पहुंचने के तरीके भी लोगों का ध्यान खींचते रहे। जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला परिवार के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर बूथ पर पहुंचे। ऐसे में सीएम मनोहर लाल खट्टर भी कहां पीछे रहने वाले थे। करनाल में सीएम साइकल चलाकर बूथ पहुंचे और वोट डाला। साइकल से पहुंचे बूथ गौरतलब है कि मनोहर लाल खट्टर करनाल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। सोमवार को मतदान शुरू होने के बाद सवा 10 बजे के आसपास खट्टर साइकल चलाकर बूथ पर वोटिंग के लिए पहुंचे। उन्होंने इसके जरिए प्रदेश के लोगों को पर्यावरण के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। मतदान के लिए जाने से पहले सीएम ने लोगों से मतदान की अपील की थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मजबूत सरकार बनाने के लिए जनता का एक-एक वोट निर्णायक है। पर्यावरण रक्षा का संदेश मतदान के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा कि वह पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को संदेश देने के लिए साइकल से बूथ पर पहुंचे थे। खट्टर ने बताया कि करनाल रेलवे स्टेशन से अपने कार्यालय तक वह ई-रिक्शा में पहुंचे। इस दौरान उनके सिक्यॉरिटी गार्ड भी ई-रिक्शा में ही सवार थे। उन्होंने कहा कि अपने कार्यालय से बूथ तक वह साइकल से इसलिए आए हैं ताकि लोगों को पर्यावरण की रक्षा का संदेश दे सकें। तीन चौथाई बहुमत का दावा सीएम ने कहा कि कोई भी महत्वपूर्ण अवसर हो, उस पर कोई न कोई संदेश अवश्य देना चाहिए। इसलिए इस माध्यम से मैं हरियाणा की जनता को संदेश देना चाहता हूं कि हमें पर्यावरण के प्रति सजग रहना चाहिए और इसे बचाना चाहिए। सीएम ने कहा कि करनाल समेत प्रदेश की कई सीटों पर कांग्रेस और अन्य पार्टियां हारी हुई बाजी खेल रही हैं। वे हार मान चुकी हैं। खट्टर इस दौरान पार्टी की जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि बीजेपी प्रदेश में तीन चौथाई बहुमत ला सकती है। ट्रैक्टर से पहुंचे दुष्यंत चौटाला गौरतलब है कि खट्टर से पहले जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ट्रैक्टर से वोट डालने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ नैना चौटाला और मेघना चौटाला भी मौजूद थीं। चौटाला उचाना कलां से जेजेपी के उम्मीदवार हैं। इनके अलावा महिला पहलवान और बीजेपी प्रत्याशी बबिता फोगाट अपनी बहन गीता फोगाट और मां-पिता के साथ वोट डालने के लिए पहुंची। वहीं ओलंपियन योगेश्वर दत्त, टिक-टॉक स्टार सोनाली फोगाट और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शैलजा ने भी मतदान किया।
फोकस चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनाव के जरिए दोबारा सत्ता पाने के लिए जुटी बीजेपी ने अपना घोषणापत्र 'संकल्प पत्र 2019' जारी कर दिया है। बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजदूगी में रविवार को यह घोषणापत्र जारी किया गया। संकल्प पत्र 'म्हारे सपनों का हरियाणा' के जरिए बीजेपी ने सभी वर्गों को लुभाने की कोशिश की है। लिखें घोषणापत्र जारी करते हुए नड्डा ने कहा, 'इसे बहुत अनैलिसिस करके तैयार किया गया है। समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए हमने यह संकल्प पत्र तैयार किया है। पिछले पांच साल में मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा की छवि को मजबूत किया है। उन्होंने हरियाणा की राजनीतिक संस्कृति को बदल दिया है। आज हरियाणा भ्रष्टाचार मुक्त, विकास युक्त है और यहां परादर्शी सरकार देने का काम किया है।' नड्डा ने कांग्रेस पर कसा तंज इससे पहले नड्डा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, 'कांग्रेस ने बीजेपी की तरह अपने घोषणा पत्र का नाम भी संकल्प पत्र रख दिया है, लेकिन ये नहीं जानते कि नाम बदलने से सरकार नहीं आती बल्कि विकास के काम करने से आती है।' नड्डा ने कहा, 'मोदीजी ने रेवाड़ी में कहा था कि वन रैक वन पेंशन की मांग को पूरा करेंगे। मैं पूरे अधिकार के साथ कह सकता हूं कि 12000 करोड़ रुपये वन रैंक वन पेंशन के लिए जारी किए गए हैं और 22 लाख मामलों को सुना गया। वन रैंक वन पेंशन का अब कोई केस पेंडिंग नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'अगले 5 साल में हमारी सरकार ने गांव, किसान, गरीब, वंचित, शोषित पर फोकस किया गया है। सबका साथ-सबका विश्वास की नीति पर हम चल रहे हैं।' इस मौके पर मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा, ''परीक्षा की घड़ी आ गई है। हम परीक्षा देने जा रहे हैं। जनता परिणाम निकालेगी। इस संकल्प पत्र की परीक्षा 5 साल होगी। ये हैं प्रमुख वादे: 1- किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य 2- युवा विकास और स्वरोजगार नामक मंत्रालय का गठन 3- 500 करोड़ रुपये खर्ज कर 25 लाख युवाओं को कौशल प्रदान करने की तैयारी 4- सभी 22 जिलों में आधुनिक अस्पताल का निर्माण 5- महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर गांव में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग की शुरुआत 6-अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले लोगों को बिना गारंटी के तीन लाख रुपये तक का कर्ज 7-किसानों को तीन लाख रुपये तक बिना ब्याज के फसल लोन 8-500 करोड़ रुपये की लागत से 25 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिलाने का वादा 9-राज्य में वृद्धावस्था पेंशन के तौर पर तीन हजार रुपये दिये जाएंगे 10-हरियाणा को तपेदिक मुक्त बनाया जाएगा 11-2000 स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र बनाए जाएंगे 12-राज्य में 1000 खेल नर्सरियां भी बनाई जाएंगी कांग्रेस ने भी सभी को साधा था इससे पहले शुक्रवार कोकांग्रेस ने अपना संकल्प पत्र घोषित किया था। इस संकल्प पत्र में कांग्रेस ने भी किसानों, महिलाओं और युवाओं पर फोकस किया। सरकारी नौकरियों में 33 फीसदी आरक्षण सहित महिलाओं के लिए कांग्रेस ने कई अहम घोषणाएं की। कांग्रेस ने वादा किया कि यदि वह सत्ता में आती है तो 10वीं के स्टूडेंट्स को हर साल 12 हजार और 12वीं के स्टूडेंट्स को हर साल 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी। बीजेपी ने जारी किया घोषणापत्र
फिरोजपुर, 10 अक्टूबर 2019, पंजाब के फिरोजपुर में एक बार फिर पाकिस्तानी ड्रोन दिखे हैं. झुंझारा हजारा सिंह वाला के सीमावर्ती गांव में ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह दो ड्रोन देखे गए. स्थानीय लोगों के अनुसार ड्रोन गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गए है. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पुलिस ड्रोन की तलाश कर रही है. बीते कुछ दिनों में कई बार पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए हैं. इससे पहले इसी हफ्ते सोमवार रात पंजाब के हुसैनीवाला सेक्टर में दो पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुसे थे. यह संदिग्ध ड्रोन बस्ती रामलाल की बॉर्डर आउट पोस्ट और हुसैनीवाला की एचके टावर पोस्ट के करीब देखे गए और एक किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे थे. पहला ड्रोन 10 बजे से लेकर 10:40 के बीच में देखा गया और दूसरा रात के 12:25 बजे पर. संदिग्ध सामान गिराने में नाकाम रहा ड्रोन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से जुड़े सूत्रों के मुताबिक यह ड्रोन कड़ी चौकसी के चलते वापिस पाकिस्तान की तरफ मुड़ गए और कुछ ही देर बाद उनकी आवाज भी बंद हो गई. हालांकि पुलिस का दावा है कि यह ड्रोन भारतीय सीमा में कोई भी संदिग्ध वस्तु गिराने में नाकाम रहे. बीएसएफ ने लगातार दूसरे दिन मंगलवार सुबह भी सीमावर्ती क्षेत्र में पाकिस्तान ड्रोन के घुसने की सूचना दी थी. हालांकि पुलिस ने कोई ड्रोन बरामद नहीं किया. और अब फिर से ड्रोन के भारतीय सीमा में घुसने की खबर है. हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि ड्रोन गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पंजाब पुलिस अब ड्रोन की तलाश में जुट गई हैं. बीते कुछ दिनों में कई बार पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में देखे गए हैं. एक अक्टूबर की रात को भी फाजिल्का के सीमावर्ती क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन उड़ते देखे गए थे. यह ड्रोन कई बार भारतीय सीमा क्षेत्र में घुसे. हुसैनीवाला सेक्टर से सटे कई गांव के लोगों ने भी ड्रोन देखे जाने की पुष्टि की थी. इससे पहले अमृतसर के मुहावा गांव में 13 अगस्त 2019 को एक संदिग्ध ड्रोन धान के खेत में गिरा हुआ मिला था. ड्रोन के जरिए भारत में हथियार भेज रहा पाक पिछले महीने 25 तारीख को तरनतारन पुलिस ने झब्बाल नामक जगह से एक नष्ट किए गए ड्रोन को बरामद किया था. जांच में खुलासा हुआ कि खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स और खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के आतंकवादियों ने हथियारों की खेप भारत भेजने के लिए कम से कम 4 ड्रोन का इस्तेमाल किया जो 7 से 8 बार भारतीय सीमा में घुसे थे. जांच में यह बात भी सामने आई कि पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान लिबरेशन फोर्स और खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकवादी अब तक ड्रोन के जरिए भारत में (12 सितंबर से 24 सितंबर) 12 दिनों में 16 असॉल्ट राइफल्स भेज चुके हैं जिनमें 4 AK-56, 5 AK-47 और 5 AK-74 राइफल शामिल हैं. इसके अलावा 9 हैंड ग्रेनेड, चार पिस्टल, 5 थुराया सेटेलाइट फोन, दो वायरलेस सेट के अलावा 10 लाख रुपये की नकली करेंसी और मैगजीन कारतूस आदि भी पाकिस्तान से भेजी जा चुकी है. आतंकवादियों की ओर से ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप भारत में भेजने की कोशिशों का खुलासा होने के बाद भारतीय सेना, बीएसएफ, पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट हो गए हैं. ड्रोन को लेकर दिशा-निर्देश पाकिस्तान से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आधुनिक उपकरणों के जरिए पाकिस्तानी ड्रोन पर नजर रखी जा रही है. वहीं पुलिस ने एयरपोर्ट्स और वायु सेना क्षेत्र के आसपास ड्रोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है. लोगों को ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. ड्रोन को लेकर जारी निर्देश के तहत पुलिस और सेना के अधिकारी लोगों को पहले ही आगाह कर चुके हैं कि अनाधिकृत ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने पर न केवल उसे गिरा दिया जाएगा बल्कि इस्तेमाल करने वाले के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
फिरोजपुर पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा में एक बार फिर ड्रोन भेजन जाने की कोशिश हुई है। पंजाब के फिरोजपुर में हुसैनवाला बॉर्डर पर सोमवार रात बीएसएफ के जवानों ने पाकिस्तान की तरफ से पांच बार ड्रोन को उड़ते हुए पाया। इसके बाद से सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। बीएसएफ अलर्ट पर है। बीएसएफ ने पंजाब पुलिस को इस बारे में जानकारी दी है। इसके बाद से स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक भारतीय सीमा पर ये पाकिस्तान ड्रोन सोमवार रात करीब 5 बार उड़ते हुए दिखे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक बार यह ड्रोन भारतीय सीमा में भी प्रवेश कर गया था। इसके बाद बीएसएफ कर्मियों ने पंजाब पुलिस को इसकी जानकारी दी। पंजाब पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां मंगलवार सुबह से ही सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। बालाकोट के बाद नया पैंतरा बता दें कि भारत ने पाकिस्‍तान के बालाकोट में हवाई हमला करके पाकिस्‍तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी ट्रेनिंग ठिकाने को नष्‍ट कर दिया था। जम्‍मू कश्‍मीर में सुरक्षा एजेंसियों की सख्‍ती के बाद पाकिस्‍तान अब अपने पालतू आतंकवादियों को हथियारों की आपूर्ति करने के लिए छोटे ड्रोन का इस्‍तेमाल कर रहा है। हथियार गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल पिछले दिनों पंजाब पुलिस ने बताया था कि सीमा पार से जीपीएस से संचालित ऐसे कई ड्रोन भारत में घुसे थे जो 10 किलोग्राम तक वजनी सामान को ले जा सकते हैं। पंजाब पुलिस के मुताबिक पाकिस्तान भारतीय सीमा में AK-47 राइफलों, हैंड ग्रेनेडों और पिस्टलों को गिराने के लिए इन ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। इसके बाद सेना और बीएसएफ के कान खड़े हो गए हैं। सिर्फ भारत ही नहीं कर रहा ऐसे खतरे का सामना 2 सप्ताह पहले सऊदी अरब के 2 प्रमुख ऑइल प्लांट्स पर ड्रोन अटैक हुआ था। यमन के हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली थी, जबकि सऊदी अरब ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। पिछले महीने ताकतवर विस्फोटकों से लैस 2 ड्रोन्स के जरिए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हत्या की कोशिश हुई थी। इसके अलावा, कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट 2014 से ही ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है।
चंडीगढ़, 07 अक्टूबर 2019,पंजाब के तरन तारन में पिछले महीने हुए बम ब्लास्ट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. आतंकियों के निशाने पर अकाली दल के प्रधान और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल थे. आतंकियों ने सुखबीर बादल के अमृतसर दौरे के दौरान बम धमाका करने की साजिश रची थी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 5 सितंबर को हुए तरन तारन ब्लास्ट केस के मुख्य आरोपी गुरजंत सिंह को पिछले हफ्ते शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया था. इस ब्लास्ट में दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि मुख्य आरोपी घायल हो गया था. हमले की साजिश क्यों? आतंकी पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर की गई पुलिस फायरिंग के पीछे सुखबीर बादल को साजिशकर्ता मानते हैं. इस वजह से हमले की साजिश बनाई गई थी. फिलहाल इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है. इस वारदात को अंजाम देने के लिए आतंकियों ने तरनतारन के पंडोरा गोला गांव में खाली प्लॉट में बम को दबाकर रखा था, लेकिन बम निकालने के दौरान धमाका हो गया. इस धमाके में दो आतंकी मौके पर ही मारे गए थे. सुखबीर सिंह बादल पर आतंकी हमले की साजिश के पीछे मुख्य वजह पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर की गई पुलिस फायरिंग को माना जा रहा है. आतंकी इस फायरिंग के लिए अकाली दल के नेता को साजिशकर्ता मानते हैं. तरनतारन ब्लास्ट केस के मामले में एनआईए ने पंजाब पुलिस के पूरे रिकॉर्ड और सबूतों को अपने कब्जे में ले लिया है, अब आगे इस मामले की जांच एनआईए करेगी. पंजाब पुलिस 6 आतंकियों को गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस ने पहले 5 लोगों को गिरफ्तार किया था और फिर पिछले हफ्ते शुक्रवार को पंजाब की स्टेट आपरेशन सेल ने जर्मनी में बैठे हुए गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा उर्फ डॉक्टर के भाई को जालंधर से गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, कश्मीर में हथियार नहीं पहुंचाए जाने की एवज में आतंकियों को दिल्ली या पंजाब में बड़े हमले का आदेश था
मुरथल , 07 अक्टूबर 2019,रेप की घटनाओं को लेकर हरियाणा का मुरथल शहर फिर से चर्चा में है. पति और बेटी के साथ सोनीपत जा रही एक महिला के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया. पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है. पुलिस शिकायत में पीड़िता ने कहा कि वह नई दिल्ली से रहती है, लेकिन अभी सोनीपत में रह रही है. शनिवार की तड़के सुबह करीब 3:30 बजे वह अपने पति और बेटी के साथ बाइक से घर लौट रही थी. मुरथल के पास उनके बाइक का तेल खत्म हो गया. इसके बाद तीनों पैदल चल रहे थे. 3 लोगों ने किया गैंगरेप पीड़िता का कहना है कि पति और बेटी तेजी से आगे चल रहे थे, जबकि वह पीछे धीमी गति से चल रही थी. तभी एक ट्रक आया और उसमें सवार तीन लोगों ने जबरदस्ती उसे अगवा कर लिया और बल्लभगढ़ की ओर ले गए. इस दौरान तीनों ने महिला के साथ गैंगरेप किया. पीड़िता ने उनके चंगुल से बचने की काफी कोशिश की, और ट्रक की विंडस्क्रीन को टक्कर भी मार दी, लेकिन आरोपी उसकी तुलना में काफी ताकतवर थे और उसे अपनी पकड़ में बनाए रखा. बाद में आरोपियों ने पीड़िता को मुरथल में फेंक दिया. महिला ने पुलिस से ट्रक रजिस्ट्रेशन नंबर भी शेयर किया. महिला ने तीनों आरोपियों के नाम भी बताए. आरोपियों के नाम हैं विजय, सोनू और सुमेर. कब गिरफ्त में आएंगे दोनों आरोपी? मुरथल की पुलिस अधिकारी मनीषा का कहना है कि हमने केस दर्ज कर लिया है. जींद के शिला खेरी क्षेत्र से आरोपी विजय को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे कोर्ट में पेश किया गया जिसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. शेष दोनों आरोपियों की तलाश जारी है. मुरथल सड़क किनारे बने अपने ढाबों के लिए जाना जाता है. यह शहर 3 साल पहले उस समय चर्चा में आया था जब 2016 में 22-23 फरवरी की रात जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान गुंडों ने कम से कम 10 महिलाओं के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया थाा. तब उस समय यह घटना बेहद चर्चित रहा था.
चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।शनिवार को उन्होंने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। तंवर टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी से नाराज चल रहे थे। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व पर विधानसभा चुनाव का टिकट बेचने के आरोप भी लगाए थे। ट्वीट कर दी जानकारी शनिवार को तंवर ने ट्वीट कर लिखा कि पार्टी कार्यकर्ताओं से लंबे समय तक विचार-विमर्श के बाद मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी लिखा कि उनके इस्तीफे की वजह कांग्रेसी और जनता अच्छी तरह से जानते हैं। बता दें कि तंवर ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर पुराने लोगों को नजरअंदाज कर नए लोगों को टिकट देने का आरोप लगाया था। तंवर ने यह भी आरोप लगाया था कि सोहना विधानसभा का टिकट पांच करोड़ में बेचा गया है। टिकट बेचने का लगाया था आरोप कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची जारी होने से पहले ही बागी तेवर दिखाने वाले तंवर और उनके समर्थकों ने बीते बुधवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया था। उन्होंने कहा था, 'पांच साल तक हमने कांग्रेस के लिए खून-पसीना बहाया। हरियाणा का नेतृत्व खत्म हो चुका है। हम पार्टी के लिए समर्पित रहे लेकिन टिकट उन्हें दिया जा रहा है जो पहले कांग्रेस की आलोचना करते थे और हाल ही में पार्टी में शामिल हो गए।' कांग्रेस नेतृत्व पर साधा था निशाना इसके अलावा तंवर ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा था कि हरियाणा में बीजेपी सरकार बनी नहीं थी बल्कि बनवाई गई थी। उन्होंने कहा, 'आज बीजेपी के 14 विधायक ऐसे हैं जिन्हें कांग्रेस से भगा दिया गया। सात सांसद ऐसे हैं जिनका बैकग्राउंड कांग्रेस का रहा है।' तंवर ने दावा किया था कि बीजेपी ने उन्हें भी 6 बार ऑफर दिया लेकिन उन्होंने इसे कभी स्वीकार नहीं किया।
चंडीगढ़, 04 अक्टूबर 2019, हरियाणा विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस की स्टार प्रचारकों की लिस्ट में दो हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं. इस लिस्ट में किसी वक्त में कांग्रेस के स्टार कैंपेनर रहे नवजोत सिंह सिद्धू का नाम गायब है. आजतक ने पहले ही बता दिया था कि हरियाणा कांग्रेस के आला नेता नहीं चाहते कि नवजोत सिंह सिद्धू को चुनाव प्रचार के लिए हरियाणा भेजा जाए क्योंकि ऐसा करने पर राष्ट्रवाद के मुद्दे पर जनता को जवाब देना मुश्किल हो सकता है. लिस्ट में दूसरी हैरान करने वाली बात ये है कि अपनी पार्टी पर 5 करोड़ रुपए में टिकट बेचने का आरोप लगाने वाले अशोक तंवर को पार्टी ने राज्य के लिए स्टार कैंपेनर्स की लिस्ट में शामिल किया है. इसके अलावा कांग्रेस की स्टार कैंपेनर्स लिस्ट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मनमोहन सिंह, अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, सचिन पायलट जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं.
गुरुग्राम, 29 सितंबर 2019,हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई. सूत्रों के हवाले से खबर है कि हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर करनाल सीट से चुनाव लड़ेंगे. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दावा किया है कि भाजपा फिर से राज्य में सरकार बनाएगी. चुनाव आयोग द्वारा राज्य की 90 सीटों पर 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव की घोषणा करने के कुछ घंटों बाद खट्टर ने ट्वीट किया था, 'लोकतंत्र के इस महापर्व के लिए हमारी पार्टी पूरी तरह तैयार है.' खट्टर ने सरकार बनाने का विश्वास व्यक्त किया और कहा कि विपक्ष विभाजित है और उनकी पार्टी कुल 90 में से 75 सीटों पर जीत हासिल करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दे देगी. एनआरसी लागू करने की बात कह चुके हैं खट्टर खट्टर ने चुनाव से पहले दोहराया कि हरियाणा राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लागू करेगा, क्योंकि यह राष्ट्रहित में है. बता दें कि भाजपा ने 2014 के विधानसभा चुनाव में 47 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए पहली बार प्रदेश में अपने बलबूते सरकार बनाई थी. पार्टी ने 2009 में मिली चार सीटों के बाद अप्रत्याशित जीत दर्ज की थी. पिछले विधानसभा चुनाव में इनेलो को 19 और कांग्रेस को 15 सीटों पर संतोष करना पड़ा था. कई नेता भाजपा में शामिल नई दिल्ली में चुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई के चचेरे भाई दुरा राम यहां खट्टर की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो गए. दुरा राम 2005 से 2009 तक फतेहाबाद से विधायक थे और पिछली भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में संसदीय सचिव रहे. इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के वरिष्ठ नेता रामपाल माजरा भी भाजपा में शामिल हो गए हैं. योगेश्वर, संदीप ने थामा भाजपा का हाथ ओलम्पिक पदक विजेता पूर्व कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत्त और भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं. आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से इन दोनों खिलाड़ियों का पार्टी के साथ शामिल होना निश्चित तौर पर राज्य में भाजपा को मजबूत करेगा. योगेश्वर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर वह भाजपा के साथ आए हैं. संदीप ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पार्टी में स्थापित किए गए अनुशासन से वो प्रभावित हैं. भाजपा में मौजूद सूत्र ने बताया कि संदीप को पार्टी स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है. इन दोनों के साथ शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के विधायक बालकौर सिंह ने भी भाजपा के साथ जुड़ने का फैसला किया. इन तीनों ने दिल्ली में हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष सुभाष बारला की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. हरियाणा में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसका फैसला 24 अक्टूबर को आएगा.
चंडीगढ़,जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद चल रही तनातनी के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान जहां अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आईएसआई और अन्य आतंकी संगठन भी सक्रिय हैं. आईएसआई और आतंकी संगठन लगातार भारत में घुसपैठ करने और हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. कश्मीर से लेकर राजस्थान और गुजरात तक सेना की कड़ी नजर को चकमा देने में विफल हो रहे पाकिस्तानी आतंकवादी अब ड्रोन का सहारा लेने लगे हैं. आतंकी संगठन अब पंजाब के रास्ते कश्मीर में हथियार और पैसा पहुंचाने की फिराक में हैं. पंजाब में ड्रोन से हथियार गिराए जाने के बमुश्किल चंद दिन बाद ही शुक्रवार को भी अटारी बॉर्डर के पास एक गांव में एक और ड्रोन मिला है. पंजाब पुलिस की ऑपरेशन सेल के साथ ही एनआईए और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं. बताया जाता है कि कश्मीर में हिंसा फैलाने के नापाक मंसूबे को अंजाम देने की कोशिश में अब पंजाब के रास्ते हथियार और धन पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने भी हाथ मिला लिए हैं. जर्मनी और कनाडा से चल रही है साजिश खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकवादी रंजीत सिंह के कनेक्शन जर्मनी और कनाडा में हैं. बताया जाता है कि वहीं से टेलीफोन के जरिए और गुप्त संदेशों से भारत में कोहराम मचाने की साजिश चल रही है. पाकिस्तान से रंजीत जर्मनी में बैठे गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा उर्फ डॉक्टर को सारी जानकारी देता था और बग्गा कनाडा के रास्ते भारत में कई फर्जी संस्थाओं के नाम से पैसे भेजता था. पाकिस्तानी स्लीपर को लेकर मौके पर पहुंची पुलिस बताया जाता है कि हथियार और नकली करंसी अर्शदीप ने ली थी. पाकिस्तान में बैठा रंजीत सिंह जर्मनी में बैठे आतंकी गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा उर्फ डॉक्टर को सारी जानकारी देता था और बग्गा कनाडा के रास्ते से फंडिंग को भारत में कई फर्जी संस्थाओं के नाम से भेजता था और उस पैसे के लालच में अर्शदीप जैसे युवाओं को फंसाया जाता था. ताजा ड्रोन के मामले में भी ऐसा ही हुआ और अर्शदीप को सारी जानकारी पाकिस्तान के बजाय कनाडा या जर्मनी से आती थी. लगातार मॉनिटर कर रही थीं एजेंसियां खुफिया एजेंसियां लगातार उन नंबरों को मॉनिटर कर रही थीं, जिनसे लगातार इंटरनेशनल फोन किए जा रहे थे. अर्शदीप पहली खेप ले जाने में सफल हो चुका था, लेकिन जब दूसरा ड्रोन आया तो वह रास्ते में खराब हो गया. अर्शदीप को पाकिस्तानी हैंडलर्स ने लोकेशन बता कर उस जगह पर जाने को कहा और ड्रोन को आग से जलाने का निर्देश दिया. एनआईए ने एकत्रित किए साक्ष्य अर्शदीप ने किया भी वैसा ही. ड्रोन को जला दिया और उसके स्टील के स्ट्रक्चर और बैटरीज को उसने निकाल लिया . बाद में पास के गांव की नहर में उसे फेंक दिया जहां से एनआईए ने सारे सबूत इकट्ठे कर लिए हैं. बता दें कि तरण तारण में ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप पहुंचाई गई थी. आतंकवादियों ने पूछताछ में बड़े हमले की साजिश का खुलासा किया था. इसके बाद पंजाब सरकार ने पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी थीं.
फरीदाबाद, 28 सितंबर 2019, फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट वायरल करना हरियाणा में फरीदाबाद के एक वकील को महंगा पड़ गया. पोस्ट ने वकील को पुलिस की गिरफ्त में पहुंचा दिया. दरअसल, फरीदाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर झूठा मैसेज वायरल करने के आरोप में एक वकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक वकील ने एक बच्चे की गोली लगी तस्वीर पोस्ट की और कैप्शन में 'तेरह साल की उम्र में गोली दई मार, फिर कहते हो अबकी बार 75 पार' लिखकर फेसबुक पर वायरल किया था. जिस पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए सुरेंद्र सिवाच नाम के वकील को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) आईटी सेल से उन्हें एक शिकायत मिली थी, जिसमें फेसबुक पर एक फोटो और कैप्शन का जिक्र किया गया था. पुलिस के मुताबिक इस शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी वकील को हाजिर होने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन आरोपी हाजिर नहीं हुआ तो उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कहा है कि हरियाणा में कभी ऐसी कोई वारदात नहीं हुई, आरोपी ने जानबूझकर एक राजनीतिक पार्टी के खिलाफ प्रचार किया है. कब है चुनाव? बता दें कि अक्टूबर में हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. हरियाणा में 90 विधानसभा सीटें हैं. इसको लेकर बीजेपी ने इस बार 'अबकी बार 75 पार' का नारा दिया है. वहीं पुलिस ने अपील की है कि बिना जांचे कोई भी ऐसी चीज सोशल मीडिया पर वायरल न की जाए, जिसकी प्रमाणिकता ना हो
नई दिल्ली हरियाणा में एक बार फिर से सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटी बीजेपी खिलाड़ियों के जरिए राजनीतिक खेल करने की तैयारी में है। परंपरागत नेताओं के साथ ही पार्टी यूथ और हरियाणवी आइकॉन माने जाने वाले खिलाड़ियों पर भरोसा जताती दिख रही है। गुरुवार को ओलिंपिक पहलवान योगेश्वर दत्त और पूर्व हॉकी कैप्टन संदीप सिंह को पार्टी में शामिल करा बीजेपी ने यही संकेत दिया है। बता दें कि इन दोनों प्लेयर्स से पहले दिग्गज महिला पहलवान बबीता फोगाट भी अपने पिता समेत पार्टी का हिस्सा बन चुकी हैं। इन तीनों ही प्लेयर्स के विधानसभा चुनाव में उतरने के भी कयास लग रहे हैं। सूबे में 21 अक्टूबर को एक ही चरण में मतदान है और 24 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। खेल ही नहीं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का तड़का भी बीजेपी ने लगाया है। जुलाई में सपना चौधरी को बीजेपी ने एंट्री दी थी। इस तरह से देखें तो 90 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी 75 प्लस के अपने मिशन को सितारों के जरिए पूरा करने की तैयारी में है। बीजेपी में शामिल होने के बाद योगेश्वर दत्त ने कहा, 'एक युवा के तौर पर मैं देश के लिए काम करना चाहता हूं। पीएम नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाया, जो असंभव था। मैं उनसे काफी प्रभावित हूं। 370 हटने से देश में खुशी का माहौल है।' कुरुक्षेत्र के रहने वाले पूर्व हॉकी कैप्टन संदीप कुमार ने भी पीएम नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर राजनीति का हिस्सा बनने की बात कही। उन्होंने कहा, 'मैं पीएम मोदी से प्रभावित होकर राजनीति में आया हूं। उनकी ईमानदारी मुझे बीजेपी में खींच लाई। पीएम मोदी और हरियाणा के सीएम युवाओं के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं।' यही नहीं उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने के कयासों को भी खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी मुझे इस योग्य समझती है तो मैं निश्चित तौर पर चुनावी समर में उतरूंगा। बबीता से सपना तक, बीजेपी में सितारों का मेला गौरतलब है कि हरियाणा में बबीता फोगाट और योगेश्वर दत्ता को हरियाणावी और यूथ आइकॉन के तौर पर देखा जाता रहा है। ऐसे में बीजेपी को उम्मीद है कि खेल सितारों को शामिल कर वह युवाओं को लुभा सकेगी। इसके साथ ही सपना चौधरी की भी हरियाणा समेत दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भी बड़े इलाके में अच्छी खासी लोकप्रियता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने सपना को भी पार्टी में एंट्री दी है।
चंडीगढ़, 25 सितंबर 2019,पंजाब पुलिस ने उस ड्रोन को बरामद कर लिया है जिससे सरहद पार से हथियार और गोला-बारूद आया था. ये ड्रोन तरन तारन से खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) के पांच आतंकवादियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर बरामद किया गया. इन आतंकियों को 22 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार आतंकी आकाशदीप ने माना कि हथियारों के बारे में वह तय करता था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन आतंकियों ने खेत में ड्रोन को जलाकर नष्ट करने की कोशिश की थी लेकिन उसमें सफल नहीं हुए. ड्रोन को झब्बाल क्षेत्र के एक गोदाम से बरामद किया गया. इसकी जानकारी आकाशदीप सिंह उर्फ आकाशदीप रंधावा और उसके साथियों से पुलिस को मिली थी. ड्रोन की फॉरेंसिक जांच ड्रोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रोन में ऐसे कौन से गैजेट लगे थे जिनसे सरहद पर रडार और अन्य निगरानी उपकरणों की नजर से वह बच सके. सूत्रों ने बताया कि शक्तिशाली ड्रोन का वजन 10 किलोग्राम है. ये एक बार में 4 किलोग्राम वजन का सामान ले जा सकता है. इसका मतलब है कि आतंकवादियों के पास से जो हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ, उसे लाने के लिए ड्रोन ने सरहद पार से कई चक्कर लगाए. हथियार और गोला-बारूद के अलावा नकली करेंसी और नशीले पदार्थ भी बरामद किए गए. हथियारों के खेप के बारे में बताता था आकाशदीप गिरफ्तार आतंकी आकाशदीप ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि वो पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी आतंकी रंजीत सिंह नीटा के संपर्क में था. आकाशदीप के मुताबिक नीटा का नंबर उसे जर्मनी में रहने वाले आतंकी गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा से मिला था. आकाशदीप ने तय किया था कि कब और किस जगह हथियारों की खेप चाहिए. इसके बाद बग्गा ने नीटा को यह जानकारी दी और फिर खेप भेजने का रूट तय किया गया. पूछताछ से मिल सुराग 4 सितंबर को तरन तारन में ब्लास्ट के बाद शहर के चोला साहब क्षेत्र से रविवार को बलवंत सिंह उर्फ निहंग, आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलवीर सिंह को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने चारों आतंकवादियों के पास से 16 मैगजीन और 472 राउंड के साथ 5 एके 47 राइफल, 4 चीन निर्मित पाइंट 30 बोर की रिवाल्वर (8 मैगजीन और 72 राउंड के साथ), 9 हथगोले, 5 सैटेलाइट फोन, 2 मोबाइल ओन, 2 वायरलेस सेट और 10 लाख की नकली करेंसी जब्त की गई. इन चारों आतंकियों को तरन तारन ब्लास्ट केस में पहले से गिरफ्तार 5 आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिले सुराग के आधार पर गिरफ्तार किया गया. पहले गिरफ्तार पांच लोगों के नाम हैं चरनदीप सिंह गब्बर, मनप्रीत सिंह, हरजीत सिंह हीरा, मलकीत सिंह मजीठा और अमरजीत सिंह. इन पांचों ने पूछताछ के दौरान पंजाब में खालिस्तानी संगठनों के मंसूबों को लेकर कई अहम खुलासे किए थे.
चंडीगढ़, 25 सितंबर 2019,पिछले दो हफ्तों के दौरान पंजाब के तरनतारन से पकड़े गए दर्जनभर खालिस्तानी आतंकवादियों से की गई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आईएसआई और खालिस्तानी आतंकी पंजाब में 26/11 जैसी बड़ी आतंकवादी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन आतंकवादियों के निशाने पर पंजाब के कई बड़े धार्मिक और राजनीतिक नेता भी थे. गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों ने पुलिस को इन नेताओं के नाम भी बताए हैं, जिनको सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किया गया है. खालिस्तानी आतंकवादियों के कब्जे से मिले हथियारों के जखीरे में कुछ हथियार ऐसे थे, जिनको जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों को दिए जाने थे, तो कुछ हथियार बाबा बलवंत सिंह नाम के खालिस्तानी समर्थक को सौंपे जाने थे. बाबा बलवंत सिंह साल 2016 में 3 टारगेट किलिंग के मामलों में जेल की सलाखों के पीछे बंद है. खालिस्तानी समर्थकों द्वारा अब तक पंजाब में आधा दर्जन से अधिक हिंदू और दूसरे धर्मों के नेताओं को निशाना बनाया जा चुका है. पंजाब पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता से जब इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने जांच जारी होने की बात करके इस सवाल को टाल दिया. साथ ही कहा कि बरामद किए गए हथियारों का इस्तेमाल कहीं न कहीं तो होना था. रविवार को तरनतारन में गिरफ्तार किए गए चार आतंकवादियों का संबंध निहंग समुदाय के डेरे से है, जिसकी जांच की जा रही है. उधर पंजाब के तरनतारन में हथियारों के जखीरे बरामद होने के बाद पंजाब के कई जिलों में हाई अलर्ट है और पुलिस अतिरिक्त चौकसी बरत रही है. राज्य के पठानकोट गुरदासपुर सहित कई जिलों में सड़कों की नाकाबंदी की गई है और आने-जाने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है. दरअसल, पठानकोट से सटी लखनपुर सीमा से हथियार पंजाब पहुंचे थे, जिससे पंजाब पुलिस की जमकर किरकिरी हुई. पुलिस अब भी आतंकवादियों को हथियार मुहैया करवाने वाले लोगों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर में हाईअलर्ट है और सीमा पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है, जिसके चलते आतंकवादी और नशा तस्कर अब ड्रोन का इस्तेमाल करके पंजाब के रास्ते हथियारों और नकली करंसी की सप्लाई की कोशिश कर सकते हैं.
चंडीगढ़, 25 सितंबर 2019,पंजाब के तरनतारन में पिछले दिनों हुए ब्लास्ट के बाद हो रही जांच में नई जानकारी मिली है. पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब और आसपास के राज्यों में 26/11 जैसे हमले करवाने की तैयारी में थी. इसके लिए आईएसआई ने ड्रोन के जरिये पंजाब में AK-47 और दूसरे हथियारों की डिलीवरी करवाई थी. पंजाब पुलिस ने आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के एक माड्यूल का खुलासा करते हुए कहा कि आईएसआई ड्रोन के जरिए पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में हथियारों की डिलीवरी करवा रही थी. आतंकियों को ISI की और से इसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए 5 एके 47 राइफल, 16 मैग्जीन और 472 कारतूस ड्रोन के जरिए भेजे गए थे. हमले के दौरान लाइव निर्देश देने के लिए ISI के हैंडलरों ने हथियारों की खेप के साथ सैटेलाइट फोन भी भेजे थे. आईएसआई ने 10 रुपये की नकली करंसी भी ड्रोन के जरिए भारत को भेजी थी. रिपोर्ट के मुताबिक आईएसआई मुंबई की तरह पंजाब में भी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हमला करना चाहती थी. ISI पंजाब में धार्मिक डेरों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर आतंकियों से फायरिंग करवाकर बड़े हमले को अंजाम देने के फिराक में थी. बात दें कि मुंबई हमले के दौरान भी आतंकी कसाब और पाकिस्तान से आए उसके साथी आतंकियों ने मुंबई के सीएसटी स्टेशन पर फायरिंग की थी. रविवार को पंजाब पुलिस ने इस मामले में तरनतारन जिले के चोहला साहिब गांव ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया था. ये लोग सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट कार का इस्तेमाल कर रहे थे.
चंडीगढ़,तरन तारन में 4 सितंबर को हुए ब्लास्ट से जुड़े केस में हालिया गिरफ्तारियों से ‘खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स’ के चार आतंकियों को पकड़ने में कामयाबी मिली है. साथ ही तरन तारन से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और सैटेलाइट फोन ज़ब्त किए गए हैं. तरन तारन के चोला साहब क्षेत्र से रविवार को बलवंत सिंह उर्फ़ निहंग, आकाशदीप सिंह उर्फ़ आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलवीर सिंह को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने चारों आतंकवादियों के पास से 16 मैगज़ीन और 472 राउंड के साथ 5 एके 47 राइफल, 4 चीन निर्मित पाइंट 30 बोर की रिवाल्वर (8 मैगजीन और 72 राउंड के साथ), 9 हथगोले, 5 सैटेलाइट फोन, 2 मोबाइल ओन, 2 वायरलेस सेट और 10 लाख की नकली करेंसी ज़ब्त की. इन चारों को ब्लास्ट केस में पहले गिरफ्तार 5 आरोपियों के सुराग पर गिरफ्तार किया गया. पहले गिरफ्तार पांच लोगों के नाम है- चरनदीप सिंह गब्बर, मनप्रीत सिंह, हरजीत सिंह हीरा, मलकीत सिंह मजीठा और अमरजीत सिंह. इन पाचों ने पूछताछ के दौरान पंजाब में खालिस्तानी संगठनों के मंसूबों को लेकर अहम जानकारी दी थी. पुलिस की जांच से खुलासा हुआ है कि इन आतंकवादियों तक हथियारों की खेप पाकिस्तान के एक ड्रोन के जरिए सप्लाई हुई. ये हैरानी की बात है कि किस तरह हथियारों और अन्य सामान के साथ ड्रोन सरहद पार कर भारतीय क्षेत्र में आने में कामयाब रहा. खालिस्तानी आतंकियों के निशाने पर त्यौहार और नेता गिरफ्तार आतंकियों ने पुलिस के सामने कबूल किया कि उनके निशाने पर हिन्दुओं के त्यौहारों के साथ राजनेता और धार्मिक नेता थे. इन आतंकियों के मुताबिक गड़बड़ी फैलाने के लिए उन्हें पाकिस्तान से हर तरह का समर्थन मिल रहा था. टॉप सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि 4 सितंबर ब्लास्ट केस में गिरफ्तार अभियुक्त चरनदीप सिंह ने शिरोमणि अकाली दल, बीजेपी और शिवसेना से जुड़े कुछ नेताओं के नाम पुलिस को बताए. ये नेता आतंकियों के निशाने पर थे. अन्य अभियुक्तों ने भी कबूल किया कि वो डेरा नेताओं को मारना चाहते थे और उन्हें ऐसा करने के लिए ‘सिख फॉर जस्टिस’ से निर्देश मिले थे. सूत्रों ने ये भी बताया कि ब्लास्ट में घायल हुए गुरजंट सिंह के एक रिश्तेदार ने पुलिस को अहम जानकारी दी. उसने आपराधिक बैकग्राउंड के ऐसे लोगों के नाम पुलिस को बताए जो अब विदेश में रह रहे हैं. पुलिस जांच से सामने आया है कि तरन तारन के गांव में ब्लास्ट से डेढ़ घंटा पहले 17 लोग हरजीत सिंह हीरा के घर पर मिले थे. इस अभियुक्त का घर ब्लास्ट वाली जगह से महज़ 40 मीटर की दूरी पर स्थित है. बता दें कि पंजाब में तीन दशक के उग्रवाद के दौरान तरन तारन अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र बना रहा था. 4 सितंबर को ब्लास्ट के बाद तरन तारन का नाम फिर सुर्खियों में है. इस ब्लास्ट में दो लोग मारे गए थे. चार खालिस्तानी आतंकियों के हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार होने के बाद सभी भारतीय सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं.
चंडीगढ़, 25 सितंबर 2019, पंजाब के तरनतारन में पिछले दिनों हुए ब्लास्ट के बाद हो रही जांच में नई जानकारी मिली है कि आईएसआई 26/11 जैसे हमले की तैयारी में थी. तरनतारन से रविवार को पकड़े गए खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KJF) के टेरर मॉड्यूल को लेकर यह बड़ा खुलासा हुआ है. खुलासे में यह बात सामने आई है कि हमले की योजना को आगे बढ़ाते हुएड्रोन के माध्यम से पंजाब में पहुंचाए गए थे एके 47 राइफल और भारी मात्रा में मैगजीन और कारतूस पहुंचाए गए थे.
चंडीगढ़ दुनिया में पूरी तरह अलग-थलग पड़े और जबरदस्त आर्थिक मुश्किल का सामना कर रहा पाकिस्तान भारत के खिलाफ के साजिश फैलाना जारी रखे हुए है। पाकिस्तान ने अब एक बार फिर अपनी नापाक हरकतों से भारतीय लोगों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास शुरू किया है। पाकिस्तान ने हाल ही में पंजाब से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बनी अपनी कई टेनरियों से हजारों लीटर जहरीला और प्रदूषित पानी सतलुज नदी में छोड़ा है। पाकिस्तान की इस हरकत से भारतीय इलाके में बने सतलुज नदी के कई तटबंध टूट गए हैं, वहीं गंदे पानी को पीने कारण सीमा के आसपास के गांवों में बीमारी का खतरा बढ़ गया है। सतलुज नदी में पाक की जहरीली साजिश पाकिस्तान द्वारा अचानक नदी में ज्यादा पानी छोड़ने से पंजाब के फिरोजपुर जिले में स्थित टेंडीवाला गांव में सतलुज नदी का तटबंध टूटने से आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई हैं। बता दें कि बाढ़ के कारण सतलुज नदी भारत में दाखिल होने से पहले पंजाब के कुछ हिस्सों से होकर पाकिस्तान जाती है और इसके बाद फिर भारत में आती है। भारत में दोबारा सतलुज का प्रवेश टेडीवाला के रास्ते ही होता है और इससे पहले पाकिस्तान ने अब यहां सतलुज नदी में टेनिरियों का जहरीला पानी बहाना शुरू कर दिया है, जिसके कारण भारतीय इलाकों में किसानों की फसलों और स्वास्थ्य को काफी नुकसान होता हुआ है। जहरीले पानी से बीमारियों का बढ़ा डर प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले ही सतलुज नदी में पानी का जलस्तर बढ़ता देख हालात की समीक्षा की थी और सीएम अमरिंदर सिंह ने रविवार को सेना के साथ मिलकर नदी के तटबंध को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए थे। भले ही सेना के प्रयास से फिलहाल टेंडीवाला गांव में नदी के टूटे हुए तटबंध को दुरुस्त कर लिया गया हो, लेकिन फिरोजपुर के तमाम गांवों में जहरीले पानी के कारण जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। एनडीआरएफ की टीम को तैयार रखने का निर्दश सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रविवार को हुई एक हाई लेवल मीटिंग में राज्य के प्रमुख सचिव (जल संसाधन) को टेंडीवाला गांव के तटबंधों को और मजबूत कराने और स्थितियों पर पूरी सतर्कता बरतने के लिए कहा है। इसके अलावा सीएम ने फिरोजपुर के डीसी चंदर गैंड को एनडीआरएफ की टीमों को तैयार रखने के लिए कहा है। गैंड ने सीएम को जानकारी देते हुए बताया कि बाढ़ की स्थितियों को देखते हुए माखू और हुसैनीवाला गांवों के 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा 630 लोगों को चिकित्सकीय सहायतता भी दी गई है। डीसी ने कहा कि भारत से सतलुज में जितना पानी पाकिस्तान की ओर जा रहा है, वापसी में उससे दो गुना ज्यादा प्रदूषित पानी भारतीय इलाकों में बह रहा है। नुकसान के आकलन के लिए बनाए योजना पंजाब के फिरोजपुर जिले में बाढ़ के कारण कुल 1689 लोग प्रभावित हुए हैं, जिन्हें मोबाइल हेल्थ टीमों की निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा 655 मरीजों को यहां बनाई गई ओपीडी में चिकित्सकों की टीम के पास भेजा गया है। सीएम ने अधिकारियों को हर परीस्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश देते हुए लोगों को संभव मदद देने का आदेश दिया है। इसके अलावा फिरोजपुर, रोपड़ और कपूरथला जिलों में बाढ़ के कारण किसानों को हुए नुकसान के आकलन के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने को कहा गया है। केंद्र से आर्थिक मदद की मांग बता दें कि पंजाब सरकार ने पूर्व में ही पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर राज्य में बाढ़ से राहत के लिए 1000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग की है। शुरुआती अनुमान के कारण इस साल बाढ़ से पंजाब को करीब 1700 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। पंजाब की बाढ़ की स्थितियों के बीच जल्द ही केंद्र सरकार अपना एक प्रतिनिधिमंडल यहां दौरे के लिए भेजने जा रही है, जो कि राज्य में बाढ़ के कारण हुए नुकसान की समीक्षा करेगा।
फिरोजपुर पाकिस्तान द्वारा सतलज नदी के जलप्रवाह को नियंत्रित करने वाला द्वार खोलने की वजह से पंजाब के सीमावर्ती फिरोजपुर जिले के गांवों में बाढ़ आ गई है। नदी पर बने तटबंध टूटने और बारिश की वजह से जिले के कई गांव पहले से ही जलमग्न हैं। इससे पहले पाकिस्तान ने भारत पर बिना किसी सूचना के सतलज नदी में तकरीबन 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने का आरोप लगाया था। 17 गांव प्रभावित फिरोजपुर के उपायुक्त चंदर गैंद ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा कासुर इलाके में हेडवर्क्स (पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले) गेट खोलने से हमारी तरफ के 17 गांव प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित कासुर चमड़े के कारखानों के लिए जाना जाता है। गैंद ने बताया कि कासुर जिले में चमड़े के कारखानों का कचरा बहा देने से नदी का पानी प्रदूषित हो गया है और यह प्रदूषित पानी कैंसर का मुख्य कारण है। बचाव अभियान जारी गैंद ने कहा कि सेना और एनडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में बचाव और पुनर्वास अभियान चला रही हैं। बचाव अभियानों के लिए यांत्रिक नौकाओं को भी लगाया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले पाकिस्तान ने भारत पर बिना किसी सूचना के सतलज नदी में करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ने का आरोप लगाया था जिससे देश के विभिन्न इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे।
दबाव फरीदाबाद डीसीपी विक्रम कपूर आत्महत्या केस में रोज चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पूछताछ में पता चला कि निलंबित इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद व उसका साथी पत्रकार सतीश पिछले तीन महीने से कपूर को ब्लैकमेल कर रहे थे। 13 जुलाई को डीसीपी के घर आकर शहीद ने उन्हें धमकाया था। उसने कहा था, अगर मेरे काम न हुए तो ऐसी खबरें छपवाऊंगा कि तू आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगा। पुलिस के मुताबिक, इंस्पेक्टर की एक महिला मित्र है जो उसके इशारे पर चलती है। इंस्पेक्टर उस महिला के जरिए डीसीपी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था। बुधवार को डीसीपी विक्रम कपूर ने खुद को गोली मार ली थी। सूइसाइड नोट में उन्होंने भूपानी थाने के एसएचओ रहे इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद व उसके साथी पत्रकार सतीश पर ब्लैकमेल के बारे में लिखा था। इसके बाद शहीद को निलंबित कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपियों की थी अलग-अलग डिमांड क्राइम ब्रांच की पूछताछ में शहीद ने बताया कि उसकी महिला मित्र और सतीश व उसकी डीसीपी से अलग-अलग डिमांड थी। शहीद का भांजा मुजेसर थाने में एक केस में नामजद था। वह उसे बाहर निकलवाना चाह रहा था। महिला का उसके ससुर से प्रॉपर्टी विवाद है, जिसमें महिला के पति ने पुलिस को शिकायत दी हुई है। इस केस में महिला के मुताबिक उसके पक्ष में जांच करवाने का दबाव था। वहीं, सतीश ने ईओडब्ल्यू में 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। धोखाधड़ी की पुष्टि बगैर इंस्पेक्टर यह केस डीसीपी से दर्ज करवाने का दबाव बना रहा था। शनिवार को क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर को डीसीपी एनआईटी ऑफिस लेकर गई। इसके बाद उसे शहर में दो-तीन और जगह लेकर जाया गया। उसका मोबाइल पुणे में है। उसे रिकवर कराने की कोशिश जारी है। दूसरा आरोपित सतीश फरार है और उसके देहरादून में होने का शक है।

Top News