taaja khabar...देश में कोरोना से मौत के गलत आंकड़े जारी करने के दावों को सरकार ने किया खारिज, बताया बेबुनियाद...केरल की जेलों में बंद अधिकांश कैदियों को लगी कोरोना वैक्‍सीन, राज्‍य सरकार ने हाईकोर्ट को दी जानकारी..देश में 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 41 हजार से ज्यादा मामले दर्ज, 507 की गई जान..एनएसओ ग्रुप के खिलाफ जांच का अध्ययन कर रहा इजरायली रक्षा मंत्रालय..मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह के खिलाफ रंगदारी का मामला, 6 पुलिसकर्मी समेत 8 लोगों के खिलाफ FIR..लखनऊ से इंदौर तक...मीडिया के दफ्तरों पर छापेमारी! कई पत्रकारों के घर पहुंची IT की टीम..

Punjab-Hariyana

जालंधर पंजाब कांग्रेस में सियासी तूफान के बीच कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू का खेमा अब भी बंटा हुआ है। सिद्धू के माफी मांगने की मांग पर अड़े अमरिंदर सिंह से नवजोत सिंह सिद्धू खेमे ने किसी भी तरह की माफी मांगने से इनकार किया है। इसके विपरीत अब सिद्धू का खेमा चाहता है कि पंजाब सीएम कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष से माफी मांगे। यह स्पष्ट होता जा रहा है कि पार्टी आलाकमान दोनों के बीच शांति चाहता है, लेकिन दोनों एक साथ काम नहीं कर सकते और दोनों पक्ष तालमेल के अपने विकल्पों को बंद कर रहे हैं। अमरिंदर के मीडिया सलाहकार ने मंगलवार की रात को यह स्पष्ट कर दिया कि वह सिद्धू से तब तक नहीं मिलेंगे जब तक कि वह सीएम पर हमला करने वाले अपने ट्वीट के लिए माफी नहीं मांगते। वहीं परगट सिंह ने पलटवार करते हुए कहा कि अमरिंदर को माफी मांगनी चाहिए क उन्होंने राज्य की जनता से किए गए अपने वादे पूरे नहीं किए। अमरिंदर की प्रतिष्ठा पर सवाल कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, सिद्धू और अमरिंदर के बीच चल रही इस लड़ाई में कई विधायक सिद्धू के खेमे में शामिल हो रहे हैं। वे अपना रुख सख्त कर रहे हैं और दोनों ही खेमों में यह लग रहा है कि वे द्वंद्व के अंतिम दौर के लिए तैयार हैं। एक कांग्रेसी नेता ने कहा कि अमरिंदर की छवि और प्रतिष्ठा खराब हो गई है, क्योंकि उनकी मर्जी के खिलाफ और विरोध के बावजूद सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान दी गई है। दोनों में से एक चुनने की तैयारी कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि अब अमरिंदर की कुर्सी को भी खतरा है, क्योंकि कई विधायक अपना समर्थन व्यक्त करने के लिए सिद्धू के पास जा रहे हैं। विधायकों को दोनों में से किसी एक को चुनना पड़ सकता है और उनके सख्त रुख से पता चलता है कि वह सिद्धू को चुनने की तैयारी कर रहे हैं। सिद्धू पर पलटवार का मौका सीएम ने पहले ही पार्टी आलाकमान के लिए काम कठिन बना दिया था क्योंकि उनके खेमे ने 'सांप्रदायिक और जाति संतुलन' कार्ड खेला था और पीसीसी में अब चार कार्यकारी अध्यक्ष भी हैं। पार्टी की राज्य इकाई के सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस सांसदों का उनके साथ हाथ मिलाना और विशेष रूप से उनके कट्टर प्रताप सिंह बाजवा के साथ हाथ मिलाना भी इस बात का संकेत था कि अब सिद्धू के जीवन को कठिन बनाने और सीएम की कुर्सी को उनके लिए सपना बनाने पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है। अमरिंदर के पाले में विधायकों के लौटने का दावा इस बीच, कुछ विधायक दो नावों में सवार होकर दोनों तरफ से दिखाई देने की कोशिश कर रहे हैं। एक कांग्रेस विधायक, जो अभी भी अमरिंदर के प्रति वफादार है, उन्होंने खुलासा किया कि मंगलवार तक सिद्धू को बधाई देने वाले कुछ विधायक सीएम के पास वापस आए हैं। क्षमा याचना अब पीछे हो गई है और अब अगला दौर यह हो सकता है कि कौन पहले हमला करता है और कैसे।
चंडीगढ़। पंजाब में कोरोना संक्रमण को लगाए गए संडे कर्फ्यू व रात्रि कर्फ्यू को खत्म कर दिया गया है। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कोविड रिव्यू करते हुए यह फैसला लिया। इसी के साथ राज्य में सभी बार, रेस्टोरेंट, सिनेमा हाल, स्वीमिंग पूल, माल, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स, चिड़ियाघर आदि खोलने की इजाजत दे दी गई। इस बात का ध्यान जरूर रखा जाएगा कि स्टाफ मेंबर को वैक्सीन की कम से कम एक डोज जरूर लगी हुई हो। राज्य में अब समारोहों के दौरान इनडोर में 100 लोगों के एकत्र होने की इजाजत होगी। घर के बाहर 200 लोगों को इकट्ठा होने की अनुमति दे दी गई है। वहीं, सीएम ने डीजीपी को निर्देश दिए कि रैलियों और विरोध प्रदर्शनों में कोविड नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी नेताओं के चालान करें। हालांकि सीएम ने कहा कि वह उम्मीद जताते हैं कि ऐसा करने वाले नेताओं में समझ पैदा होगी। राज्य में स्कूल अभी बंद ही रहेंगे। कॉलेज, कोचिंग सेंटर और उच्च शिक्षा के अन्य सभी संस्थानों को संबंधित जिला उपायुक्त द्वारा खोलने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए उन्हें प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा कि कम से कम 2 सप्ताह पहले उन्होंने वैक्सीन ली है। मुख्यमंत्री ने कोविड की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि 20 जुलाई को फिर से स्थिति की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा करते हुए निर्देश दिया कि हर समय मास्क का उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए। पंजाब में कोविशिल्ड नहीं, कोवैक्सिन का सिर्फ एक दिन का स्टाक सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य में कोविशिल्ड नहीं है, जबकि कोवैक्सिन का सिर्फ एक दिन का स्टाक बचा है। सीएम ने केंद्र सरकार से इसकी आपूर्ति बढ़ाने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम से कम एक खुराक लेने वालों को दूसरी खुराक समय पर लगे इसके लिए राज्य का वैक्सीन कोटा बढ़ाए जाने की जरूरत है। सीएम ने कहा कि पंजाब में पहले ही लगभग 83 लाख पात्र व्यक्तियों (लगभग 27 प्रतिशत आबादी) का टीकाकरण कर लिया गया है। कहा कि राज्य में वैक्सीन का पूरी तरह से उपयोग किया जा रहा है। पहली खुराक 70 लाख लोगों को दी गई है, जबकि 13 लाख लोगों को दूसरी खुराक मिली है।
चंडीगढ़ हर‍ियाणा की मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) सरकार ने प्रदेश में बंद स्‍कूलों को खोलने को लेकर बड़ा फैसला क‍िया है। इसके तहत शिक्षा विभाग ने हर‍ियाणा में 16 जुलाई से नौवीं से 12वीं तक की कक्षा शुरू करने की घोषणा की है। जबक‍ि 23 जुलाई से छठी से आठवीं कक्षा के लिए स्कूल खुलेंगे। इसके अलावा स्‍कूलों में ऑनलाइन पढ़ाई भी जारी रहेगी। सरकार की ओर से कहा गया है क‍ि स्‍कूल खुलने पर क्‍लास लगाने के लिए अभिभावकों की अनुमति जरूरी होगी। वहीं बच्‍चों के स्कूल आने की बाध्यता नहीं होगी। इससे पहले हर‍ियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शुक्रवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy) को लेकर एक समीक्षा बैठक की। इसमें स्कूल्स रीओपनिंग की चर्चा की। हरियाणा के सीएम ने कहा कि कोविड-19 का ग्राफ नीचे आ चुका है। इसलिए कोरोना गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करते हुए अब स्‍कूल-कॉलेज खोले जाने चाहिए। कम हुए कोरोना संक्रमण के मामलों के मद्देनजर जल्द से जल्द स्कूल्स खोलने को लेकर एक प्लान बनाया जाना चाहिए।
नई दिल्‍ली, केंद्र की मोदी सरकार के विस्‍तार के बाद अब हरियाणा की मनोहरलाल के नेतृत्‍व वाली भाजपा-जजपा मंत्रिमंडल में भी बदलाव की तैयारी है। इसकी सुगबुगाहट तो काफी दिनों से चल रही है, लेकिन अब फेरबदल जल्‍द होेने की संभावना है। मनोहरलाल कैबिनेट से कुछ दिग्‍गज मंत्रियों की छुट्टी तय मानी जा रही है तो कई नए चेहरों को एंट्री मिलने की उम्‍मीद है। उपमुख्‍यमंत्री दुष्‍यंत चौटाला की पार्टी जजपा के कोटे से भी एक मंत्री बनेगा। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों को उनके कामकाज की कसौटी पर कसकर राज्यों के लिए भी नजीर पेश की है। इससे केंद्र की तरह अब हरियाणा मंत्रिमंडल में भी बड़े बदलाव की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह अपने मंत्रिमंडल से भी कई मंत्रियों की कामकाज के आधार पर छुट्टी और पदोन्नति कर सकते हैं। इसके लिए अब मनोहर लाल को पार्टी संगठन में सहमति बनाने में भी कोई कठिनाई नहीं आएगी। कोरोना महामारी के दौरान मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा रिपोर्ट पर बदले जा सकते हैं कई चेहरे मुख्यमंत्री मनोहर लाल राज्य में भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। फिलहाल राज्य मंत्रिपरिषद में दो मंत्रियों के पद रिक्त हैं। इनमें से एक भाजपा को तो दूसरा सरकार में सहयोगी जननायक जनता पार्टी के विधायक को दिया जाना है। मनोहर लाल मंत्रिमंडल में इस समय मुख्यमंत्री से अलग सात कैबिनेट और चार राज्य मंत्री सहित कुल 12 मंत्री हैं। राज्य में अधिकतम 14 मंत्री बनाए जा सकते हैं। सीएम के व्यवस्था परिवर्तन अभियान में सहयोगी नहीं बन पाए मंत्रियों की छुट्टी करने का बना आधार कोरोना की दूसरी लहर का प्रकोप कम होते ही जजपा ने चंडीगढ़ से लेकर दिल्ली तक अपने हिस्से के एक मंत्रिपद के लिए भाजपा पर दबाव बनाया हुआ है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल मंत्रिमंडल विस्तार को पिछले कई माह से टालते आ रहे हैं। कहा यह भी जा रहा है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल मोदी की तरह अपने मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल करना चाहते हैं। वह कोरोना महामारी के दौरान मंत्रियों के कामकाज की प्रगति रिपोर्ट के आधार पर कुछ मंत्रियों को बदलना चाहते हैं। हरियाणा में जो मंत्री मुख्यमंत्री मनोहर लाल के राज्य में व्यवस्था परिवर्तन के अभियान में सहयोगी नहीं बन पाए,उनकी छुट्टी की जा सकती है। मनोहर लाल ने अपने पहले कार्यकाल में भी कामकाज के आधार पर दो मंत्रियों की छुट्टी की थी। तब उन्होंने अहीरवाल के अटेली से विधायक विक्रम ठेकेदार और भिवानी से विधायक घनश्याम सर्राफ को हटाकर विपुल गोयल, डाक्टर बनवारी लाल और मनीष ग्रोवर को मंत्री बनाया था। अब तक उपचुनाव रहे मंत्रिमंडल विस्तार टालने का कारण राज्य में ऐलनाबाद सीट पर होने वाले उपचुनाव को भी मंत्रिमंडल विस्तार टालने का कारण माना जा रहा है। इससे पहले बरोदा हल्के में उपचुनाव हो चुका है। कांग्रेस विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा के निधन के कारण हुए बरोदा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत हुई थी। भाजपा के लिए बरोदा के बाद ऐलनाबाद उपचुनाव भी चुनौती भरा है। यह सीट इनेलो के विधायक अभय सिंह चौटाला के त्यागपत्र देने के कारण रिक्त हुई है। भाजपा रणनीतिकार मानते हैं कि यदि ऐलनाबाद उपचुनाव के दौरान राज्य मंत्रिपरिषद में एक-दो मंत्री पद रिक्त रहते हैं तो इसका राजनीतिक लाभ उठाया जा सकता है। मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों को कई बार विराम दे चुके हैं सीएम मुख्यमंत्री मनोहर लाल कोरोना महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप कम होते ही मई माह के आखिरी सप्ताह से लेकर चार जुलाई तक चौथी बार दिल्ली आ चुके हैं। इन दौरों में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, संगठन महामंत्री बीएल संतोष सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मुलाकात की है। जजपा नेता और उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी दिल्ली में अमित शाह से मिलकर अपने हिस्से का मंत्री बनाए जाने का आग्रह कर चुके हैं। हालांकि मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंत्रिमंडल में विस्तार की तमाम संभावनाओं को एक नहीं कई बार खारिज किया है। मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रिमंडल की संभावनाओं को खारिज किए जाने के बाद भी मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चाएं चंडीगढ़ से दिल्ली तक प्रबल रहती हैं। इनको बनाया जा सकता है मंत्री और ये हो सकते हैं बाहर, कुछ के पंख भी कतरे जाएंगे यहां तक कहा जाता है कि सीएम सिर्फ दो मंत्रियों के रिक्त पद के साथ मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव करना चाहते हैं। इसमें तीन से चार मंत्रियों की जगह नए चेहरों को मंत्री बनाने से लेकर कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल भी शामिल है। इस फेरबदल के क्रम में यह बात भी सामने आई कि विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता को मंत्रिपरिषद में शामिल करके अध्यक्ष की कुर्सी पर किसी अन्य अनुभवी विधायक को बैठाया जा सकता है। मनोहर सरकार में तीसरे क्रम के मंत्री अनिल विज से गृह विभाग वापस लिया जाएगा। किसान संगठनों के आंदोलन में भी जिन मंत्रियों ने जमीन पर उतरकर काम नहीं किया। उनके लिए भी आने वाले दिन मुश्किल भरे हो सकते हैं। कामकाज को लेकर जिन मंत्रियों पर सवाल खड़े होते रहे हैं उनमें कृषि मंत्री जेपी दलाल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री ओमप्रकाश यादव, बिजली मंत्री रणजीत सिंह, महिला विकास राज्यमंत्री कमलेश ढांडा और खेल राज्यमंत्री संदीप सिंह हैं।
चंडीगढ़/नई दिल्ली पंजाब कांग्रेस के चल रही गुटबाजी और आपसी कलह का समाधान अभी तक सामने नहीं आया है। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके विरोधियों के बीच खींचातानी चल रही है। कैप्टन के एक प्रमुख विरोधी नवजोत सिद्धू हाल में ही कांग्रेस हाइकमान से मिलकर गए हैं। कहा जा रहा है कि कांग्रेस हाइकमान सिद्धू को उनकी मांग के अनुसार प्रदेश संगठन की कमान सौंपने के विकल्प पर विचार कर सकती है। हालांकि यह फैसला ले पाना पार्टी के लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि सिद्धू को मनाने के चक्कर में पार्टी के सामने न सिर्फ कैप्टन की नाराजगी बढ़ने का खतरा है, बल्कि पंजाब के तमाम नेता इसके विरोध में मुखर हो उठेंगे। संतुलन बनाने की चुनौती कांग्रेस लीडरिशप दोनों ही पक्षों के बीच संतुलन बनाना चाह रही है। जहां सिद्धू अपने लिए प्रदेशाध्यक्ष पद चाहते हैं, वहीं पार्टी की ओर से उन्हें डिप्टी सीएम बनाने के साथ-साथ चुनाव कैंपेन कमिटी के अध्यक्ष पद देने का विकल्प भी रखा गया है। कहा जाता है कि सिद्धू ने इस ऑफर को ठुकरा दिया था। उधर कैप्टन भी सिद्धू को ये अहम जिम्मेदारियां देने के पक्ष में नहीं थे। कहा जा रहा है कि अगर सिद्धू को बड़ी जिम्मेदारी दी गई तो कैप्टन अपने बागी तेवर दिखा सकते हैं। सिद्धू ने की थी प्रियंका और राहुल से मुलाकात कैप्टन ने अपने तेवर तो उसी समय दिखा दिए थे, जब सिद्धू की प्रियंका व राहुल से मुलाकात के अगले दिन उन्होंने हिंदू नेताओं को अपने घर लंच पर बुलाया था। कहने को लंच पर हुई यह मुलाकात राज्य के शहरी इलाकों में रह रही हिंदू आबादी को कांग्रेस की ओर आकर्षित करने को लेकर थी। लेकिन सूत्रों के मुताबिक, इसमें प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर कौन हिंदू चेहरा हो सकता है, इसे लेकर भी मंथन हुआ। जिसमें दो नाम प्रमुखता से सामने आए, पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद मनीष तिवारी व कैप्टन सरकार में मंत्री विजय इंदर सिंगला का। कहा जाता है कि इस मीटिंग में कैप्टन ने सिद्धू को बड़ी जिम्मेदारी दी जाने की सूरत में अपने विधायकों व समर्थक नेताओं की राय भी जानने की कोशिश भी की। सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के विरोध की वजह सिद्धू को प्रदेश की कमान न देने के पीछे कैप्टन की दलील है कि यह पद किसी हिंदू को देना चाहिए, ताकि प्रदेश के हिंदुओं को प्रतिनिधित्व भी हो सके। कैप्टन का मानना है कि सीएम व प्रदेश चीफ दोनों ही अगर जाट होते हैं तो दूसरे समुदायों को मौका नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ भी हिंदू हैं। वहां हिंदू समुदाय खुद को उपेक्षित महसूस कर रहा है। ऐसे में कांग्रेस को डर है कि कहीं यह तबका छिटककर बीजेपी या आप की तरफ न चला जाए। कैप्टन ने की थी बाजवा को हटाने की मांग दरअसल, उस समय कैप्टन तत्कालीन प्रदेश चीफ प्रताप सिंह बाजवा को हटाने की मांग कर रहे थे। बाजवा राहुल गांधी के करीबी माने जाते थे और बाजवा को प्रदेश की कमान सौंपने के पीछे राहुल का हाथ ही माना जा रहा था। आखिरकार कांग्रेस हाइकमान को कैप्टन की जिद के आगे बाजवा को हटाना पड़ा। प्रदेश की कमान कैप्टन के हाथों दी गई और कैप्टन ने अपने दम पर पिछले चुनावों में पार्टी को सत्ता तक पहुंचाया। सत्ता बचाए रखने की चुनौती कांग्रेस की एक बड़ी चुनौती पंजाब में अपनी सत्ता बचाए रखना है। वहां किसान आंदोलन के चलते कांग्रेस के लिए अभी भी गुंजाइश बनी हुई है। पार्टी को लगता है कि पिछले एक डेढ़ महीने से चल रही प्रदेश में खींचतान और सिद्धू की बयानबाजी को लेकर वहां लोगों के बीच पार्टी की छवि को नुकसान हुआ है। प्रदेश के एक नेता का कहना था कि अगर सिद्धू को मुंहमांगा मिलता है तो सिर्फ सीएम और उनके समर्थक ही नहीं, संगठन के बड़े नेता व कैप्टन के दूसरे विरोधी भी सिद्धू के खिलाफ गोलबंद हो सकते हैं। उत्तराखंड में नए सीएम बनने के बाद मुखर होते विरोध का उदाहरण देते हुए इन नेताओं का कहना है कि जब बीजेपी में दिल्ली (नरेंद्र मोदी वऔरअमित शाह) के फैसले पर विरोध का सुर बुलंद हो सकता है तो पंजाब कांग्रेस में क्यों नहीं?
चंडीगढ़। उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में मिली सफलता से हरियाणा भाजपा खासी उत्साहित है। तीन कृषि कानूनों के विरोध में सात माह से चल रहे किसान संगठनों के आंदोलन के बावजूद पंचायत चुनाव में मिली सफलता को भाजपा भविष्य के लिए अच्छे संकेत में रूप में देख रही है। हरियाणा में भी सितंबर-अक्टूबर में पंचायत व निकाय चुनाव प्रस्तावित हैं। भाजपा को लग रहा कि उत्तर प्रदेश की सफलता का असर हरियाणा में भी दिखाई देगा। उत्तर प्रदेश में 75 जिला परिषद के लिए हुए चुनाव में भाजपा ने 67 सीटों पर जीत हासिल की है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़, गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज तथा पूर्व उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने अलग-अलग बयान तथा ट्वीट में भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्वीट के जरिये कहा कि उत्तर प्रदेश के पंचायत चुनाव में मिली सफलता मेहनती बूथ कार्यकर्ताओं तथा मजबूत संगठन की जीत है। गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने ट्वीट में कहा कि भाजपा की इस जीत से पंचायती राज व्यवस्था को अधिक मजबूती मिलेगी। प्रदेश में पढ़ी लिखी पंचायतों की व्यवस्था देने वाले हरियाणा भाजपा के अध्यक्ष एवं पूर्व पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि प्रदेश में जब भी चुनाव होंगे तो यहां भी पार्टी को पूरी सफलता मिलेगी। पूर्व उद्योग मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी को मिली सफलता ने साबित कर दिया है कि तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा आंदोलन राजनीति से प्रेरित होने के अलावा कुछ नहीं है। हरियाणा में सितंबर या अक्टूबर में पंचायत और शहरी निकाय चुनाव होने प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल पहले ही कह चुके कि हाई कोर्ट में 22 अगस्त को सुनवाई के बाद जो भी फैसला आएगा, उसके आधार पर तय किया जाएगा कि पंचायत चुनाव कब होने हैं। 22 जिला परिषदों के चुनाव को लेकर खासी आपाधापी रहने की संभावना है। प्रदेश सरकार ने जिला परिषदों को यहां काफी पावरफुल कर रखा है। हरियाणा में 44 शहरी निकायों के चुनाव भी प्रस्तावित हैं। राज्य चुनाव आयोग के नए आयुक्त धनपत सिंह हालांकि हर जिले में पंचायत चुनाव की धीरे-धीरे तैयारियां करने में जुटे हैं, लेकिन कानूनी अड़चनें खत्म होने तथा सरकार का इशारा मिलने के बाद चुनाव का ऐलान किया जा सकता है। लोगों ने शहरी निकायों और गांवों में अपने-अपने स्तर पर पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू कर रखी है।
चंडीगढ़।हरियाणा सरकार ने कई नई छूट के साथ राज्य में लाकडाउन 12 जुलाई तक बढ़ा दिया है। प्रदेश सरकार जनता की सुविधाओं को देखते हुए हर सप्ताह लाकडाउन में ढील दे रही है। लोग इस ढील का दुरुपयोग करते हुए कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करने को लेकर गंभीर नहीं हैं। प्रदेश में बेशक पाजिटिवटी रेट काफी नीचे आ गया है, लेकिन कोरोना की तीसरी लहर की संभावना के चलते अभी खतरा टला होने का दावा नहीं किया जा सकता। हरियाणा के गृह व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने लोगों से कहा है कि वह लाकडाउन में कोरोना से बचाव के नियमों का सख्ती के साथ अनुपालन करें। इसमें उनके स्वयं के साथ-साथ दूसरे लोगों का भी फायदा है। मुख्य सचिव विजयवर्धन की ओर से जारी नए आदेश के तहत महामारी अलर्ट-सुरक्षित हरियाणा के तहत 12 जुलाई को सुबह पांच बजे तक लाकडाउन लगा रहेगा। इस दौरान सरकार ने चार्टर्ड अकाउंटेंट इंस्टीट्यूट्स को सीए की परीक्षाएं कराने की अनुमति प्रदान कर दी है। यह परीक्षाएं पांच जुलाई से 20 जुलाई के बीच होंगी। राज्य सरकार ने निर्देश दिए हैं कि परीक्षाओं के लिए केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों व गाइडलाइन का अनुपालन जरूरी है। इसके अलावा सरकार ने आर्मी द्वारा हिसार में भर्ती के लिए होने वाले कामन एंट्रेंस टेस्ट (सीईई) की भी अनुमति प्रदान कर दी है। बाकी सभी छूट पहले की तरह रहेंगी। अब तक ये हैं छूट, जो रहेंगी बरकरार 1. विश्वविद्यालयों के कैंपस खोलने की अनुमति, लेकिन इनमें फिलहाल रिसर्च स्कालर ही आ सकेंगे। 2. विश्वविद्यालयों में लैब में प्रैक्टिकल के लिए भी छात्र-छात्राओं को अनुमति 3. विश्वविद्यालयों में शिक्षक सिर्फ उन विद्यार्थियों की क्लास ले सकेंगे, जिनके पढ़ाई में कुछ डाउट्स (संशय) हैं। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों को लिए 31 जुलाई तक बंद रहेंगे। 4. खेल स्टेडियम पहले ही खोल दिए थे, लेकिन अब इनमें आउटडोर गेम्स भी हो गए हैं। 5. दुकानें खुलने का समय सुबह नौ बजे और बंद करने का समय रात आठ बजे पहले की तरह है। 6. माल सुबह 10 बजे से रात को आठ बजे तक खुल रहे हैं। 7. रेस्टोरेंट, बार (होटल व माल समेत) का समय सुबह 10 बजे खुलकर रात 10 बजे तक है। बैठने की क्षमता 50 फीसद ही रखी गई है। 8. खाने की होम डिलीवरी रात 10 बजे तक की जा सकेगी। 9. धार्मिक स्थल एक बार में 50 लोगों की मौजूदगी रह सकती है। 10. सभी कारपोरेट आफिस पूरी हाजिरी के साथ खुल रहे हैं। 11. ओपन स्पेस में 50 लोगों के जमा होने की अनुमति। 12. बरात लाने व ले जाने पर अभी प्रतिबंध ही रहेगा। लोग नहीं माने तो हमें सख्ती करनी पड़ेगी हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका अभी खत्म नहीं हुई है। देखने में आ रहा है कि लोग धीरे-धीरे लापरवाह होते जा रहे हैं। यह उनकी खुद के स्वास्थ्य के लिए उचित नहीं है। लोगों को दो गज की दूरी और मास्क की गाइड लाइन का सख्ती से अनुपालन करना होगा। उन्हें सेनेटाइजर से अपने हाथ साफ करने होंगे। तीसरी लहर से बचने के लिए सरकार व जनता के संयुक्त प्रयासों की जरूरत है। यदि लोग नहीं माने तो हमें मजबूरी में सख्ती करनी पड़ेगी।
चंडीगढ़ पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ही महीनों का वक्त बचा है लेकिन सत्ताधारी दल कांग्रेस की अंदरूनी कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रही। उल्टे सिद्धू के बाद पंजाब में प्रताप सिंह बाजवा के रूप में एक और गुट तैयार हो रहा है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने वैसे तो इससे इनकार किया है लेकिन इशारों-इशारों में कांग्रेस हाई कमान को संदेश दे दिया है। दरअसल पंजाब में ट्विटर वॉर के बाद अब पंजाब में पोस्टर वॉर भी शुरू हो गया है। हाल ही में पंजाब के कुछ हिस्सों में अमरिंदर सिंह के होर्डिंग्स के बाद गुरुवार को अमृतसर में नवजोत सिंह सिद्धू और फरीदकोट में राज्यसभा सांसद प्रताप सिंह बाजवा के पोस्टर देखे गए। इससे वहां अमरिंदर के खिलाफ दो गुटों की चर्चा तेज होने लगी। फरीदकोट में पास-पास लगे तीनों की होर्डिंग्स फरीदकोट में एक चौराहे में तीनों की होर्डिंग्स पास-पास लगाई गई हैं। अमृतसर में सिद्धू के समर्थन वाले पोस्टरों में लिखा, 'सारा पंजाब सिद्धू नाल 2022'। वहीं बाजवा के पोस्टर फरीदकोट जिले के जैतो और कोटकपुरा में लगाए गए हैं। 'मैंने हस्तक्षेप किया तब पार्टी में आए सिद्धू' जब इस बारे में प्रताप सिंह बाजवा से पूछा गया तो उन्होंने कहा,'जब नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस में आए थे तो पंजाब लीडरशिप ने समस्याएं पैदा की थीं, वे नहीं चाहते थे कि सिद्धू आएं। मैंने हस्तक्षेप किया और सिफारिश कि वह (सिद्धू) पार्टी के लिए खजाना साबित होंगे। तब जाकर उन्हें पार्टी में लिया गया। वह मेरे भाई की तरह हैं।' 'टॉप पोजिशन में पहुंचने में समय लगता है' बाजवा ने आगे कहा, 'हाई कमान, कार्यकर्ता और मैं चाहता हूं कि उन्हें महत्वपूर्ण पद मिले लेकिन टॉप पोजिशन पर पहुंचने के लिए समय लगता है। तीन सदस्यीय कमिटी के सामने इसे स्पष्ट किया गया। उन्हें रोल दिया जाना चाहिए लेकिन पार्टी के वफादार जो यहां 40 से 45 साल से हैं उनका भी ध्यान रखना चाहिए।' 'कोई रातोंरात कर्नल से जनरल नहीं बन जाता' बाजवा ने आगे कहा, 'कोई भी कर्नल रातोंरात जनरल नहीं बन जाता। सबसे योग्य कर्नल को भी कुछ समय तक इंतजार करना पड़ता है। हमने इसे पार्टी हाई कमान पर छोड़ दिया है, हमें उनका फैसला स्वीकार्य होगा। मैंने यह भी साफ कर दिया है कि मैं किसी पोस्ट का उम्मीदवार नही हूं।' सिद्धू को ऑफर हुआ था डेप्युटी सीएम का पद दरअसल पंजाब विवाद के निपटारे के लिए कांग्रेस की तीन सदस्यीय कमिटी ने नवजोत सिंह सिद्धू को प्रदेश में डेप्युटी सीएम बनाने का फार्म्युला दिया जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया है। इस बीच पार्टी ने उन्हें संगठन में राष्ट्रीय स्तर पर पद दिए जाने का भी प्रस्ताव दिया है लेकिन उसे भी सिद्धू ने नकार दिया है। सिद्धू का कहना है कि वह पंजाब की राजनीति में ही दिलचस्पी रखते हैं। अब सिद्धू क्या करवट लेंगे, इसे लेकर अब भी संशय है। पार्टी हाईकमान से मीटिंग के बाद से वह सामने नहीं आए हैं और न ही कोई ट्वीट किया है।
चंडीगढ़,हरियाणा में तीन कृषि कानूनों के विरोध को लेकर पिछले छह माह से आंदोलनकारियों की अगुवाई कर रहे भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढूनी, राकेश टिकैत और योगेंद्र यादव अब शक्ति प्रदर्शन पर उतर आए हैं। आंदोलन के दौरान कई मौके ऐसे आए, जब चढूनी और टिकैत के बीच अप्रत्यक्ष रूप से जुबानी टकराव हो चुका है। चढूनी जहां किसान लीडरशिप अपने हाथ में रखने के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार दिखाई दे रहे हैं, वहीं टिकैत भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा में अपनी पैठ जमाने की कोशिश में हैं। राजनीतिक विश्‍लेषकों का मानना है कि दरअसल ये तीनों किसान नेता अपना खोया सियासी भविष्‍य हरियाणा में तलाश रहे हैं। जाट नेता यशपाल मलिक भी जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान कर चुके ऐसे प्रयास हरियाणा में किसान संगठनों के विरोध प्रदर्शन से पहले भी कई बड़े आंदोलन हुए हैं। जाट आरक्षण आंदोलन इसका बड़ा उदाहरण है। उस समय उत्तर प्रदेश के जाट नेता यशपाल मलिक ने पूरे समय हरियाणा में डेरा डाले रखा। अब भी यशपाल मलिक हरियाणा के लोगों के संपर्क में हैं। गुरनाम चढूनी को नागवार गुजर रही राकेश टिकैत की अपने क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां राजनीतिक विश्‍लेषकों का कहना है कि ठीक उसी तर्ज पर राकेश टिकैत की निगाह भी हरियाणा के लोगों पर है। टिकैत यहां अपना राजनीतिक व संगठनात्मक भविष्य मजबूत करने की काेशिश में हैं, जो गुरनाम सिंह चढूनी को नागवार गुजर रहा है। हरियाणा में चल रहा किसान जत्थेबंदियों का यह आंदोलन कहीं न कहीं जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई राजनीतिक गतिविधियों से मेल खा रहा है। इसमें कुछ लोग सामने हैं तो कुछ परदे के पीछे खेल खेल रहे हैं। चढूनी की पत्‍नी आम आदमी पार्टी के टिकट पर हरियाणा में लड़ चुकी हैं चुनाव गुरनाम सिंह चढ़ूनी आम आदमी पार्टी के टिकट पर हरियाणा से अपनी पत्‍नी को चुनाव लड़वा चुके हैं। चढूनी की गतिविधियां करीब एक साल पहले तक कुरुक्षेत्र और कैथल जिले तक सीमित थी, लेकिन तीन कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे आंदोलन ने उनकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को हवा दी है। आंदोलन चला रहे संयुक्त किसान मोर्चा के 40 संगठन भले ही दिखने में एक होने का दावा करते रहें, लेकिन पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मध्यप्रदेश और दिल्ली की राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े इन किसान नेताओं के अपने निजी राजनीतिक मसले भी हैं। चढूनी चाहते हैं कि उन्हें हरियाणा में किसानों का सर्वमान्य नेता स्वीकार कर लिया जाए, लेकिन यहां भाकियू नेता रतन सिंह मान भी सक्रिय हैं। चढूनी की मत्‍वाकांक्षा को भांप चुके हैं टिकैत चढूनी की इस महत्वाकांक्षा को कहीं न कहीं राकेश टिकैत भी भांपते हैं। ऐसा कई बार हो चुका, जब टिकैत चढूनी के थोड़े बहुत असर वाले इलाकों में अपनी गाड़ी का पहिया घूमा चुके हैं। चढूनी को टिकैत की ये गतिविधियां नागवार गुजर रही हैं। इसी का नतीजा है कि कई ऐसे मौके आए, जब किसान संगठनों के आंदोलन को लेकर चढूनी और टिकैत के अलग-अलग बयान सुनने को मिले। इन सबके बीच स्वराज इंडिया के संयोजक योगेंद्र यादव की निगाह दक्षिण हरियाणा की राजनीति पर है। टिकैत और चढूनी के बीच रस्साकसी का फायदा उठाने की का‍ेशिश में यादव कभी आम आदमी पार्टी की राजनीति के केंद्र बिंदु रह चुके योगेंद्र यादव स्वयं चुनाव लड़ चुके हैं। वह टिकैत व चढूनी के बीच चल रही रस्साकसी का राजनीतिक फायदा उठाते हुए दक्षिण हरियाणा की बंजर जमीन पर राजनीतिक फल पैदा करने की काेशिश में हैं। यही वजह है कि हरियाणा में किसान संगठनों के नाम पर राजनीति कर रहे किसान जत्थेबंदियों के यह नेता अपने-अपने शक्ति प्रदर्शन का कोई मौका हाथ से नहीं जाने दे रहे हैं। किसी को रिहा करने का काम सरकार नहीं अदालत का : विज '' आंदोलनकारी नेता कहते हैं कि किसानों पर जो केस दर्ज हुए हैं, उनको खारिज किया जाए और जो किसान गिरफ्तार हैं, उनको छोड़ा जाए। यह काम सरकार का नहीं, बल्कि अदालत का है। वे लोग वहां जाकर अपनी अर्जी लगाएं। किसानो की भारी संख्‍या में इकट्ठे होने से कई बार रोका गया। कोरोना का भी उन्हें डर नहीं है। इस पूरे माहौल में राजनीति हावी है। ये लोग मानते ही नहीं। इनको टीका लगवाने के लिए भी कहा गया और टेस्ट करवाने के लिए भी, लेकिन उन्होंने इस मामले में सरकार को कोई भी सहयोग नहीं दिया। किसानों के दिल्ली की तरफ कूच से निसंदेह फिर कोरोना का असर बढ़ सकता है। यह सभी के लिए खतरा है। इस बात को समझने की जरूरत है। - अनिल विज, गृह स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री, हरियाणा।
अमृतसर । कई भाषाओं की जननी संस्कृत (Sanskrit) पंजाब में अपने वजूद की लड़ाई लड़ रही है। सरकार ने इसके उत्थान व प्रचार-प्रसार से अपने हाथ पूरी तरह खींच लिए हैं। पंजाब में किसी वक्त 90 गैर सरकारी संस्कृत कालेज या संस्थान थे, जिनकी संख्या अब महज सात तक सिमट गई है। इनकी भी आर्थिक दशा दयनीय है। अमृतसर के श्री लक्ष्मी नारायण संस्कृत कालेज में पिछले दो वर्षो से कोई दाखिला नहीं हुआ है, इतना ही नहीं एडिड (सरकारी सहायता प्राप्त) स्कूलों में भी संस्कृत अध्यापकों के पद खत्म कर दिए गए हैं। इस वक्त एडिड स्कूलों में सिर्फ अमृतसर में ही एक संस्कृत अध्यापक है। अमृतसर स्थित हिंदू सभा स्कूल में कार्यरत संस्कृत अध्यापक हेमराज शर्मा डेढ़ साल बाद सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इन स्कूलों में संस्कृत भाषा की पढ़ाई का विकल्प भी खत्म कर दिया गया है। संस्कृत का कोई भी अध्यापक भर्ती नहीं किया जा रहा। पंजाब में साल 1980 से पहले ज्यादातर स्कूलों में संस्कृत पढ़ाई जाती थी। 1980 के बाद आतंकवाद के दौर में इस भाषा को काफी नुकसान पहुंचा। साल 2009 के बाद से संस्कृत कालेजों के लिए पंजाब सरकार व स्कूल शिक्षा विभाग (डीपीआइ) से कोई ग्रांट नहीं दी गई। कभी अमृतसर जिले में ही संस्कृत पढ़ाने वाले 20 संस्थान थे, जो अब सिर्फ दो ही रह गए हैं। इन कालेजों में शास्त्री, प्रभाकर और आचार्य की पढ़ाई होती थी। अभी गुरु नानक देव विश्वविद्यालय में संस्कृत विभाग तो है, लेकिन यहां विद्यार्थी नाममात्र ही हैं। जीएनडीयू में एमए संस्कृत व पीएचडी की व्यवस्था है, लेकिन विद्यार्थी नहीं हैं। स्वयंसेवी संस्थाएं उठा रहीं खर्च पंजाब में अमृतसर में दो, दीनानगर में एक, होशियारपुर में एक, खन्ना में एक, सरहिंद (फतेहगढ़ साहिब) में एक और करतारपुर में एक कालेज है, जिसका खर्च स्वयंसेवी संगठन उठा रहे हैं। इन कालेजों में दो से तीन विद्यार्थी ही हैं। अखिल भारतीय संस्कृत विकास परिषद की कोशिशों से शास्त्री को ग्रेजुएशन और आचार्य को एमए के बराबर मान्यता मिल गई है, लेकिन विद्यार्थियों का इस ओर कोई रुझान नहीं है, क्योंकि रोजगार के अवसर नहीं हैं। सुनियोजित तरीके से कम किए गए संस्कृत के विद्यार्थी: पुष्पराज शास्त्री श्री लक्ष्मी नारायण संस्कृत कालेज के प्रिंसिपल पुष्पराज शास्त्री कहते हैं, 'सरकारों ने सुनियोजित तरीके से संस्कृत के विद्यार्थी कम किए। सरकार अगर स्कूलों में संस्कृत के अध्यापकों की भर्ती शुरू कर दे, तो संस्कृत दोबारा अपना खोया सम्मान पा सकती है। संस्कृत कालेजों को प्रति वर्ष 26 हजार रुपये की मामूली ग्रांट दी जाती थी। वह भी बंद है। शास्त्री अध्यापकों के पदों को बहाल किया जाना चाहिए। संस्कृत भाषा के अंकों को कुल अंकों में जोड़ा जाए, न कि इन्हें आप्शनल अंकों के रूप में लिया जाए। आज बीएएमएस की मेडिकल पढ़ाई करने के लिए संस्कृत जरूरी होती है, लेकिन विद्यार्थियों को संस्कृत का पूरा ज्ञान न होने के कारण उनको आयुर्वेद में डिग्री हासिल करने में मुश्किल आती है। हम 16 संस्कारों की शिक्षा प्रदान कर रहे: डा. प्रेम अध्यक्ष अखिल भारतीय संस्कृत विकास परिषद व हिंदू महासभा के राज्य प्रभारी डा. शिव कुमार प्रेम के अनुसार परिषद का गठन साल 1841 में लाहौर में हुआ था। इसका कार्यालय अमृतसर में है। संस्कृत को जीवंत रखने के लिए परिषद हर स्तर पर कोशिश करती रही है, लेकिन सरकारें ही गंभीर नहीं हैं। संस्कृत में शास्त्री को ग्रेजुएशन व आचार्य को एमए के बराबर करवाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। हम भाषा को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ 16 संस्कारों की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं।
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने वैक्सीनेशन को लेकर पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार वैक्सीन की कृत्रिम कमी पैदा कर लोगों के जान के साथ खिलवाड़ कर रही है। वहीं, उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू पर आरोप लगाया कि वह 400 रुपये के सरकारी रेट पर टीके खरीद कर प्राइवेट अस्पतालों को 1060 रुपये में बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने करोड़ रुपये का घोटाला किया है क्योंकि प्राइवेट अस्पताल 1500 से 2000 रुपये लेकर टीके लगा रहे हैं। सुखबीर बादल ने मांग की कि स्वास्थ्य मंत्री पर पर्चा दर्ज किया जाना चाहिए। वहीं, उन्होंने राहुल गांधी से सवाल पूछा कि वह सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाने की मांग कर रहे हैं, जबकि पंजाब में 1500 रुपये में टीके लगाए जा रहे हैं। क्या वह इसका समर्थन करते हैं। सुखबीर ने कहा कि अकेले मोहाली में एक दिन में करीब दो करोड़ रुपये का लाभ कमाने के लिए निजी संस्थानों को 35000 वैक्सीन की डोज बेची गई। उन्होंने कहा कि राज्य में अकाली दल की सरकार बनने पर इस सारे मामले की न्यायिक जांच करवाई जाएगी। सुखबीर ने कहा कि मुख्य सचिव विनी महाजन ट्वीट कर लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करके सरकार ने वैक्सीन वितरण का निगमीकरण करके लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को त्याग दिया है। झूठ बोलने की भी हद होती है: सिद्धू स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू का कहना है कि झूठ बोलने की भी हद होती है। सुखबीर बादल सिरे से झूठ बोल रहे हैं। राज्यों के पास वैक्सीन की कमी है, यह जग जाहिर है। स्वास्थ्य विभाग वैक्सीन की न तो खरीद कर रहा है और न ही वितरण। इसके लिए नोडल एजेंसी बनाई गई है। हमारा काम वैक्सीन लगाना है। प्राइवेट अस्पताल खुद वैक्सीन खरीद कर लगा रहे हैं।
चंडीगढ़। शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने वैक्सीनेशन को लेकर पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार वैक्सीन की कृत्रिम कमी पैदा कर लोगों के जान के साथ खिलवाड़ कर रही है। वहीं, उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू पर आरोप लगाया कि वह 400 रुपये के सरकारी रेट पर टीके खरीद कर प्राइवेट अस्पतालों को 1060 रुपये में बेच रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री ने करोड़ रुपये का घोटाला किया है क्योंकि प्राइवेट अस्पताल 1500 से 2000 रुपये लेकर टीके लगा रहे हैं। सुखबीर बादल ने मांग की कि स्वास्थ्य मंत्री पर पर्चा दर्ज किया जाना चाहिए। वहीं, उन्होंने राहुल गांधी से सवाल पूछा कि वह सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाने की मांग कर रहे हैं, जबकि पंजाब में 1500 रुपये में टीके लगाए जा रहे हैं। क्या वह इसका समर्थन करते हैं। सुखबीर ने कहा कि अकेले मोहाली में एक दिन में करीब दो करोड़ रुपये का लाभ कमाने के लिए निजी संस्थानों को 35000 वैक्सीन की डोज बेची गई। उन्होंने कहा कि राज्य में अकाली दल की सरकार बनने पर इस सारे मामले की न्यायिक जांच करवाई जाएगी। सुखबीर ने कहा कि मुख्य सचिव विनी महाजन ट्वीट कर लोगों को प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन लगाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा करके सरकार ने वैक्सीन वितरण का निगमीकरण करके लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी को त्याग दिया है। झूठ बोलने की भी हद होती है: सिद्धू स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू का कहना है कि झूठ बोलने की भी हद होती है। सुखबीर बादल सिरे से झूठ बोल रहे हैं। राज्यों के पास वैक्सीन की कमी है, यह जग जाहिर है। स्वास्थ्य विभाग वैक्सीन की न तो खरीद कर रहा है और न ही वितरण। इसके लिए नोडल एजेंसी बनाई गई है। हमारा काम वैक्सीन लगाना है। प्राइवेट अस्पताल खुद वैक्सीन खरीद कर लगा रहे हैं।
चंडीगढ़ । कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को 45 दिन का समय दिया है। इस समय के दौरान उन्होंने गुरु को लेकर जो वादे किए थे उसे पूरा करें। श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने वालों व संगत पर गोली चलाने वालों को पकड़ें। इन 45 दिनों में अगर ऐसा नहीं होता है तो प्रताप सिंह बाजवा भी आजाद होंगे और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी। यह 45 दिन की अवधि जुलाई के पहले सप्ताह में खत्म होगी। बाजवा ने कहा कि हम केवल यह चाहते हैं कि गुटका साहिब हाथ में लेकर गुरु से जो वादे किए गए थे वह पूरे किए जाएं। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रधान रहे प्रताप सिंह बाजवा से जब पूछा गया कि क्या 2022 के चुनाव पर कांग्रेस की धड़ेबंदी का असर नहीं पड़ेगा और इस विवाद का अंत क्या होगा, इस पर उन्होंने कहा कि यह कोई धड़ेबंदी नहीं है। हम केवल यही तो चाह रहे हैं कि जो वादे 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किए थे, उसे मुख्यमंत्री पूरा कर दें। हम किसी की मुखालफत नहीं कर रहे हैं, बल्कि वही बात उठा रहे हैं जिसे पूरा करने का वादा खुद कैप्टन ने किया था। बाजवा ने कहा, मुख्यमंत्री अगर जुलाई के पहले सप्ताह तक ऐसा नहीं करते हैं तो फिर वह भी आजाद होंगे और मैं भी। हालांकि बाजवा ने यह स्पष्ट नहीं किया कि कैप्टन और वह आजाद कैसे होंगे। एक अन्य सवाल के जवाब में बाजवा ने कहा कि जो लोग चाहते हैं कि गुरु के साथ जो वादे किए गए हैं उन्हें पूरा किया जाए, हम उसके संपर्क में है। क्या बाजवा सिद्धू के संपर्क में हैं? इसके जवाब में बाजवा ने कहा, हां हम संपर्क में है। अगर सरकारी एजेंसियां किसी के खिलाफ भी कोई जुर्म करेगी तो हम एकजुट होंगे। अहम बात यह है कि बाजवा ने यह कहकर उन चर्चाओं को निर्मूल साबित कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि हाईकमान की घुड़की के बाद विरोधी गुट शांत पड़ गया है। बीते कल ही कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल से बात कर राज्य की राजनीतिक स्थिति से अवगत करवाया था। इसके बाद जाखड़ ने बयान जारी कर आम आदमी पार्टी में संभावनाएं ढूंढने वाले पार्टी नेताओं से सचेत रहने की अपील की थी। जाखड़ ने भले ही इस बयान में किसी का नाम नहीं लिया था, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा था कि वह प्रताप सिंह बाजवा पर ही हमला कर रहे हैं। हालांकि बाजवा ने जाखड़ के इस बयान पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन यह जरूर बता दिया कि कैप्टन के खिलाफ खड़ा होने वाला ग्रुप शांत नहीं हुआ है। हालांकि 45 दिन के बाद क्या होगा इसे लेकर बाजवा अपने पत्ते नहीं खोल रहे हैं।
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने कोविड से पीड़ित अपने राज्य के गरीब लोगों की मदद के लिए सरकारी खजाने का द्वार खोल दिया है। प्रदेश सरकार ने विशेष कार्य योजना के तहत निर्णय लिया है कि पैसे की कमी के चलते किसी गरीब का ईलाज नहीं रुकेगा। गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले ऐसे लोग, जो घर में रहकर उपचार करा रहे हैं यानी होम आइसोलेट हैं, उन्हें सरकार एकमुश्त पांच हजार रुपये की चिकित्सा सहायता राशि प्रदान करेगी। यह राशि सीधे गरीब मरीजों के बैंक खाते में भेजी जाएगी। हरियाणा के गृह, शहरी निकाय और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने रविवार को प्रदेश सरकार के इस अहम फैसले की जानकारी दी। इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने निजी अस्पतालों में हरियाणा के लोगों के इलाज को प्राथमिकता देने वाले तथा बीपीएल कार्ड धारक कोरोना मरीजों के इलाज के लिए कई अहम घोषणाएं की थी। हरियाणा सरकार पहले ही निर्णय ले चुकी है कि किसी भी अस्पताल में सात दिन तक इलाज कराने पर बनने वाले बिल में बीपीएल कार्डधारक व्यक्ति को 35 हजार रुपये की छूट प्रदान की जाएगी। इसके अलावा हरियाणा के लोगों को अपने यहां इलाज के लिए भर्ती करने पर कोविड रजिस्टर्ड अस्पतालों को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन एक हजार रुपये दिए जाएंगे, जो अधिकतम सात दिन के लिए होंगे। यानी सात हजार रुपये की सहयोग राशि ऐसे अस्पतालों को मिलेगी। हरियाणा सरकार के अस्पतालों में करीब 40 फीसद मरीज ऐसे हैं, जो दिल्ली के हैं, लेकिन सरकार उन्हें भी इलाज के लिए मना नहीं कर रही है। इसके बावजूद सरकार चाहती है कि अपने राज्य के मरीजों को इलाज में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री राज्य के ग्रामीण इलाकों में रह रहे करीब 40 लाख परिवारों तक इलाज पहुंचाने के लिए आठ हजार टीमों का गठन पहले ही कर चुके हैं। 500 परिवारों पर एक टीम काम करेगी, जो गांव देहात में कोरोना महामारी से पीड़ित लोगों को राहत प्रदान करेगी। हरियाणा में 6700 गांव हैं। शहरी परिवारों की संख्या 20 लाख के आसपास है। साथ ही हर गांव में कोविड आइसोलेशन सेंटर बनाने की भी योजना है। गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज हाल ही में एक ऐसी किट भी लांच कर चुके हैं, जिसमें अंग्रेजी व देसी दवाइयों के साथ जरूरी उपकरण हैं, जो होम आइसोलेट मरीजों को मिलेगी। राज्य में करीब 98 हजार होम आइसोलेट मरीज हैं। किट की कीमत पांच हजार रुपये है।
लुधियाना पंजाब के लुधियाना में कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वाले लोगों को जेल की हवा खाने पड़ सकती है। जी हां, सरकार ने कोरोना कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के लिए चार अस्थायी जेल तैयार की है। ये अस्थायी जेल बहादुर नगर के न्यू एसडी स्कूल, पाखोवाल रोड पर इनडोर स्टेडियम, मोती नगर में गुरु नानक स्टेडियम और वाल्मीकि भवन में स्थापित किए गए हैं। लुधियाना के डिप्टी कमिश्नर वरिंदर कुमार शर्मा ने एक ट्वीट कर यह जानकारी दी है। कोरोना संक्रमण का हॉटस्पॉट बना लुधियाना पंजाब में पहली बार कोरोना संक्रमण ने सबसे बड़ी छलांग लगाई है। शनिवार को एक दिन में संक्रमण के 9100 नए मामले सामने आए तो वहीं 171 लोगों की मौत भी हो गई। लुधियाना और मोहाली कोरोना संक्रमण को लेकर हाट स्पाट बने हुए हैं। वहीं बठिंडा में भी कोरोना ने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा नहीं होने देंगे लॉकडाउन का उल्लंघन पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह ने दोहराया है कि पंजाब में कोविड-19 से उत्पन्न विकट परिस्थितियों के चलते सप्ताहांत लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं होने दिया जाएगा। किसान नेताओं का आरोप है कि सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने में नाकामी को छिपाने के लिये लॉकडाउन लागू किया है और वह केन्द्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को कमजोर करना चाहती है। सिंह ने कहा कि ये पाबंदियां लोगों की जान बचाने के लिये लागू की गई हैं।
चंडीगढ़,किसी को अपने अमल का हिसाब क्या देते, सवाल सारे गलत थे जवाब क्या देते।' हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रख्‍यात शायर मुनीर नियाजी की इन पंक्तियों के साथ विपक्ष को बजट प्रस्तावों पर चर्चा के बाद अपना जवाब दिया। विधानसभा की मंगलवार को दो सीटिंग बजट प्रस्तावों पर हुई चर्चा के बाद मुख्यमंत्री ने देर रात नौ बजे तक सदन में विपक्ष द्वारा उठाए हर सवाल का बखूबी जवाब दिया। किस्से-कहानियों, चुटकुलों और शायरी के बीच सदन का माहौल बेहद खुशनुमा नजर आया। कभी मनोहर लाल ने किस्से सुनाए तो कभी पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने हरियाणवी अंदाज में कहावतें रखीं। इस दोरान राज्‍य में गरीबी को लेकर नए मापदंड भी रखे। रात नौ बजे तक चला सदन, सीएम ने दो घंटे तक दिया बजट प्रस्तावों पर जवाब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार देर शाम सात बजे बजट प्रस्तावों पर हुई चर्चा के बाद करीब दो घंटे तक अपनी बात रखी। उन्‍हाेंने हिंदी के महान कवि दुष्यंत की कविता की पंक्तियों से अपना जवाब खत्म किया। बाेले- 'हो गई पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए, सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, मेरी कोशिश है ये सूरत बदलनी चाहिए।' मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने सदन में कहा, हम एक लाख 80 हजार रुपये वार्षिक आय वाले हर व्यक्ति को गरीब की श्रेणी में रखेंगे। भले ही उसके पास कार या चार मंजिला पक्का मकान हो। जातिवादी व्यवस्था से ऊपर उठकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की सोच करनी होगी। हर जिला मुख्यालय पर 200 बेड के अस्पताल बनाएंगे, 10 जिले ऐसे जहां 100 बेड के अस्पताल उन्होंने कहा कि हम हर जिला मुख्यालय पर 200 बेड के अस्पताल बनाएंगे, 10 जिले ऐसे हैं, जहां 100 बेड के अस्पताल हैं। नूंह में सबसे कम हैं। हम इन अस्पतालों को अपग्रेड करने को लेकर गंभीर हैं। डाक्टरों की कमी पूरी करने के लिए डाक्टरों की भर्ती लगातार होती रहेगी। उन्होंने विवादों का समाधान योजना शुरू करने का एलान किया, जिससे विभागों की पालिसी में बदलाव होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम बजट में ज्यादा काम करेंगे, ऐसे अफसरों को हम शाबाशी देंगे। साल के आखिर में दुरुपयोग होने वाले बजट को रोकेंगे। अंत्योदय योजनाओं में हम एक लाख गरीब परिवारों को लाभान्वित करेंगे। केंद्र व राज्य की योजनाओं का लाभ सबसे पहले गरीबों को मिलेगा। 32 सालों से शहरी व पंचायत निकायों को मजबूत करने की दिशा में पिछली सरकारों ने कोई काम नहीं किया, लेकिन हम इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। पांच एस स्वावलंबन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वाभिमान पर रहेगा सरकार का फोकस उन्होंने कहा कि हमारा पांच एस पर फोकस रहेगा। यह पांच एस स्वावलंबन, शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वाभिमान हैं। र¨नग स्कूलों को अपग्रेड करने पर हमारा जोर है। दो लाख बच्चे ऐसे मिले, जिन्होंने प्राइवेट और सरकारी स्कूलों में दाखिले ले रखे थे। आधार कार्ड से इन्हें ¨लक करने के बाद यह गड़बड़ पकड़ी गई। मनोहर लाल ने कहा कि यह बजट किसानों को समर्पित है। कृषि क्षेत्र का पूरा ध्यान रखा गया है। माइक्रो इरीगेशन को बढ़ाने पर हमारा जोर है। 2006 के बाद के कर्मचारियों की पेंशन पर इसका असर पड़ सकता है। कोई व्यक्ति बीमार न हो, ऐसी व्यवस्थाएं करेंगे। 1100 वेलनेस सेंटर बनाने की योजना है। बची हुई बिजली सब्सिडी की राशि को विकास के कामों पर करेंगे खर्च मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि बिजली क्षेत्र में सब्सिडी कम होना अच्छी बात है। हमने बिजली की चोरी रोकी और हानियां कम की हैं। इसके बावजूद हमने न बिजली की कमी होने दी और न ही पानी की कमी रहने दी। सब्सिडी कम करने का मतलब है कि सरकार की बचत हो रही है। यह राशि किसी दूसरी जगह विकास के काम आएगी। हमने साढ़े पांच सौ करोड़ रुपये बिजली सब्सिडी के क्षेत्र में ज्यादा रखे हैं। एक लाख का कर्जदार व्यक्ति 12.91 लाख की संपति का मालिक मुख्यमंत्री मनो‍हरलाल ने राज्य पर बढ़ते कर्ज को लेकर विपक्ष को आंकड़ों के साथ जवाब दिया। उन्होंने माना कि हरियाणा पर दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। हर व्यक्ति पर यदि एक लाख रुपये का कर्ज है तो संपत्ति वैल्यू के हिसाब से वह 12 लाख 91 हजार रुपये का मालिक भी है। ऐसा नहीं है कि यह पैसा किसी के घर चला जाएगा या कोई व्यक्ति एक लाख रुपये का कर्ज दे देगा। यह सिर्फ आकलन है। हरियाणा विधानसभा में बजट सत्र का दृश्‍य। हुड्डा बोले- सारे काम आपने ही कर दिए, मनोहर ने कहा चित-पट आपकी नहीं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल के भाषण में कई बार हस्तक्षेप करते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि मनोहर लाल ऐसा दावा कर रहे हैं कि जैसे सारे काम उन्होंने ही कर दिए। उनसे पहले ही किसी सरकार ने आज तक कोई काम नहीं किया। हुड्डा ने चुटकी ली कि मनोहर लाल यह भी कह सकते हैं कि हरियाणा उन्होंने ही बनाया। प्रदेश पर चढ़ रहे कर्ज को लेकर हुड्डा ने कहा कि हमारे कार्यकाल में कर्ज काफी कम था, लेकिन भाजपा ने कर्ज लेकर घी पीने का काम किया है। हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के कर्ज, आय और कामों की तुलना दूसरे राज्यों से करना गलत है। सरकार को अपना ठीक हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार वही वादे जनता से करे, जो पूरे कर सके। इसके जवाब में मनोहर लाल ने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा कि चित भी आपकी और पट भी आपकी। हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के कर्ज, आय और कामों की तुलना दूसरे राज्यों से करना गलत है। सरकार को अपना ठीक हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार वही वादे जनता से करे, जो पूरे कर सके। इसके जवाब में मनोहर लाल ने कहा कि ऐसा नहीं चलेगा कि चित भी आपकी और पट भी आपकी।
अजनाला [अमृतसर]। भारत-पाकिस्तान सीमा पर लगी कंटीली तार के पार जाकर सुरक्षा एजेंसियों ने सात किलो हेरोइन बरामद की है। यह कंसाइनमेंट पाकिस्तानी तस्करों ने BOP ध्यान सिंह पोस्ट के पास इनवर्टर वाली बैटरी में डालकर जमीन में दबा रखी थी। इसे भारतीय तस्करों ने मौका मिलते ही ठिकाने लगाना था, लेकिन स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और बार्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) को संयुक्त आपरेशन में यह बड़ी सफलता मिली है। मामले में 15 लाख की ड्रग मनी सहित दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपितों के कब्जे से चार मोबाइल भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने पकड़े गए आरोपितों की पहचान तरनतारन के कोट बुड्ढा निवासी विशाल शर्मा और बोवाल निवासी प्रभजीत सिंह के रूप में बताई है। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापामारी कर रही है। STF के डीएसपी वविंदर महाजन ने बताया कि बार्डर आब्जर्विंग पोस्ट डीएस पुरा के पास हेरोइन की खेप छिपाकर रखी गई थी। लगभग चार घंटे बाद जमीन में दबी एक खाली बैटरी बरामद की गई। जब बैटरी को खोला तो उसमें छह किलो, 780 ग्राम हेरोइन छिपाकर रखी गई थी। STF ने कंटीली तार के साथ लगते चार गांवों से दर्जनभर संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। दरअसल, रविवार को BSF ने फायरिंग कर चार तस्करों को गिरफ्तार किया था। आरोपित कंटीली तार पर स्थित BOP फतेहपुर के पास दो पाकिस्तानी तस्करों से मुलाकात करने पहुंचे थे। लगातार सर्च अभियान के बावजूद BSF को उस जगह से कोई खेप बरामद नहीं कर पाई, लेकिन बुधवार की शाम फतेहपुर पोस्ट से चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित ध्यान सिंह BOP के नजदीक STF ने छह किलो 780 ग्राम हेरोइन बरामद कर ली। सीमा के साथ लगते चीचा गांव के पास पुलिस ने बुधवार शाम हेरोइन तस्करी के आरोप में एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से दो किलो हेरोइन, 35 हजार ड्रग मनी और बाइक बरामद की गई है। एसएसपी ध्रुव दहिया ने बताया कि मामले की जांच करवाई जा रही है। आरोपित रोशन सिंह से सीआइए स्टाफ में पूछताछ की जा रही है। गिरोह की महिला सदस्य संदीप कौर उर्फ बिल्लो की गिरफ्तारी के लिए छापे मारे जा रहे हैं। डीएसपी अभिमन्यु राणा ने बताया कि चीचा गांव का रेशम सिंह कुछ दिन पहले पाकिस्तान से भारत पहुंची हेरोइन की खेप को ठिकाने लगाने के लिए निकला था। नाके पर तलाशी के दौरान उसके थैले से दो किलो हेरोइन, 35 हजार रुपये ड्रग मनी और दो मोबाइल बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह अपने साथी सुखदेव सिंह उर्फ सुक्खा के साथ मिलकर पाकिस्तान द्वारा भेजी गई हेरोइन की कंसाइनमेंट को ठिकाने लगा चुका है। सुक्खा फरवरी 2020 में मारा गया था। डीएसपी ने बताया कि आरोपित ने स्वीकार किया है कि उसके गिरोह में लादोवाल गांव निवासी संदीप कौर उर्फ बिल्लो भी शामिल है। इसके बाद पुलिस ने बिल्लो के घर पर छापामारी कर दस ग्राम हेरोइन और दो मोबाइल बरामद किए हैं।
चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में बढ़ रहे कोरोना (COVID19) के मामलों को लेकर कुछ और प्रतिबंधों का एलान किया है। राज्य में 31 मार्च तक शैक्षणिक संस्थानों को बंद करने तथा सिनेमा हाल व मॉल की क्षमता पर प्रतिबंध लगाने के आदेश दिए गए हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज सभी जिलों के डीसी, एसएसपी व वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इस दौरान सीएम ने कोविड प्रोटोकाल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। कैप्टन ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम सभी मास्क पहनने का सख्ती से पालन करें और जीवन को बचाने के लिए अन्य सुरक्षा सावधानियों को अपनाएं। कैप्टन ने इस बात के भी संकेत दिए कि सर्वाधिक कोरोना संक्रमित क्षेत्रों में कुछ और प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। पंजाब में सिनेमा हाल में क्षमता से 50 फीसद लोगों को ही एंट्री मिलेगी। माल में 100 अधिक व्यक्ति नहीं रह सकते। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि कोरोना की ट्रांसमिशन चेन को तोड़ने के लिए कम से कम दो हफ्ते तक सोशल एक्टिविटी से दूरी बनाए रखें। 11 सबसे प्रभावित जिलों में अंतिम संस्कार व शादियों को छोड़कर सभी सामाजिक समारोहों और संबंधित कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध का आदेश दिया गया है। अंतिम संस्कार व शादियों में 20 व्यक्तियों की उपस्थिति की ही परमिशन दी जाएगी।
मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (Punjab School Education Board PSEB) ने 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं एक माह के लिए स्थगित कर दी हैं। ऐसा राज्य में बढ़ते कोरोना के मामलों के कारण किया गया है। 12वीं की परीक्षाएं पहले 22 मार्च से शुरू होनी थी। अब यह परीक्षाएं 20 अप्रैल से होंगी, जबकि 10वीं की परीक्षा 9 अप्रैल से शुरू होनी थी। यह परीक्षा अब 4 मई से शुरू होगी। बता दें, इससे पहले पंजाब शिक्षा विभाग ने स्कूलों को बंद करने का फैसला किया था। हालांकि तब यह कहा गया था कि राज्य में परीक्षाएं जारी रहेंगी। परीक्षाएं आफलाइन ही करने की बात कही गई थी। पंजाब में बोर्ड परीक्षाएं अब एक माह देरी से शुरू होंगी। बारहवीं की 22 मार्च से शुरू होने वाली परीक्षाएं अब 20 अप्रैल से 24 मई तक होगी। वहीं दसवीं की परीक्षाएं 4 मई से 24 मई तक चलेगी। परीक्षाओं के समय में कोई तबदीली नहीं की गई। दसवीं की परीक्षाएं सुबह 10 से दोपहर सवा एक बजे तक होगी, जबकि बारहवीं की परीक्षा दोपहर दो बजे शुरू होकर 5.15 तक चलेगी। परीक्षाओं से संबंधित ज्यादा जानकारी बोर्ड की बेवसाइट पर ली जा सकती है। बारहवीं की ऐसे होगी परीक्षाएं 20 अप्रैल को आट्र्स की फिलास्पी, बुक कीपिंग अकाउंटेंसी, कॉमर्स ग्रुप अकाउंटेंसी 22 अप्रैल हिस्ट्री, सांइस, केमिस्ट्री, बिजनेस इकनोमिक्स, केमिस्ट्री 23 अप्रैल संस्कृत, बिजनेस आर्गेनाइजेशन एंड मैनजमेंट 26 अप्रैल जनरल अंग्रेजी 27 अप्रैल होम सांइस 28 अप्रैल जनरल पंजाबी, पंजाबी हिस्ट्री एंड कल्चरल 29 अप्रैल शारिरिक शिक्षा 30 अप्रैल पब्लिक एडमिनीस्ट्रेशन, बिजनेस स्टडीज 1 मई एनएसक्यूएफ विषय 3 मई रिलीजन, बायोलॉजी 4 मई इलेक्टिव विषय 5 मई वातावरण शिक्षा 6 मई कंप्यूटर एप्लीकेशन 7 मई डांस एडं एग्रीकल्चरल 10 मई राजनीतिक शास्त्र, फिजिक्स 11 मई स्वागत जिंदगी 12 मई कंप्यूटर साइंस 13 मई नेशनल केंडेट कॉप्स 15 मई गणित 17 मई भूगोल 18 मई म्यूजिक, फंडामेटल ऑफ ई बिजनेस 19 मई म्यूजिक 21 मई इकनोमिक्स 24 समाजशास्त्र दसवीं की इन दिनों होगी परीक्षा 4 मई पंजाबी ए 5 मई संगीत वादन 6 मई संगीत तबला 7 मई अंग्रेजी 10 मई विज्ञान 11 मई इलेक्टिव विषय 12 मई संगीत गायन गृह विज्ञान 13 मई एनएसक्यूएस 15 मई हिंदी 17 मई सामाजिक विज्ञान 18 मई कंप्यूटर साइंस 19 मई शारिरिक शिक्षा 20 मई पंजाबी बी 21 मई स्वागत जिंदगी 24 मई गणित लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामले बता दें कि पंजाब में कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। इससे मौतों की संख्‍या भी बढ़ रही है। इसके साथ ही कोरोना के नए स्‍ट्रेन का मामला मिलने के बाद पंजाब सरकार की टेंशन बढ़ गई है। इससे पहले पंजाब सरकार ने शुक्रवार को राज्‍य में 12वीं तक के स्‍कूल बंद करने की घोषणा कर दी थी। राज्‍य में 22 मार्च से बोर्ड की परीक्षाएं शुुरू होनी थी, लेकिन इससे पहले ही सोमवार शाम पंजाब सरकार ने परीक्षाओं को स्‍थगति करने का फैसला किया। राज्‍य में 1600 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों की रविवार को पुष्टि हुई थी और 20 काेरोना वायरस के मरीजों की मौत हो गई थी। कोरोना के कारण पिछले साल भी स्‍कूल कई महीने तक बंद रहे थे और इस साल स्‍कूली शिक्षा फिर पटरी पर लौटने लगी थी। इसकी कारण स्‍कूलों में परीक्षाएं भी आयोजित करने के कार्यक्रम जारी हुई। लेकिन, राज्‍य में कोरोना वायरस (CoronaVirus) के संक्रमण में तेजी आने से स्‍कूली शिक्षा के फिर प्रभावित होने की आशंका है।
अमृतसर पंजाब के अमृतसर में कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले करीब साढ़े पांच महीनों से रेल की पटरियों पर बैठे किसानों ने अपना धरना समाप्त कर दिया है। किसानों ने गेहूं की फसल की कटाई के सीजन के मद्देनजर अपने आंदोलन को स्थगित करने का फैसला किया है। यहां बैठे किसान 169 दिनों के बाद धरने से उठे हैं। डेप्युटी कमिश्नर गुरप्रीत खेड़ा ने कहा, 'अमृतसर के जंडियाला गुरु रेलवे स्टेशन पर धरना खत्म हो गया है। पैसेंजर ट्रेन अब यहां चलने लगी हैं।' प्राप्त जानकारी के अनुसार ट्रेनों के रद्द होने से किसानों और व्यापारियों को नुकसान हो रहा था। किसानों के प्रदर्शन के मद्देनजर रेल विभाग की तरफ से कुछ ही गाड़ियां चलाई जा रही थीं। जंडियाला स्टेशन से किसानों का धरना स्थगित होने के बाद से अब दिल्ली से अमृतसर के बीच सीधी यातायात सेवा शुरू हो गई है। रूट खुलने से यात्रियों के साथ ही कुलियों को भी राहत मिली है। कुलियों के अनुसार बीते लंबे समय से उनका कामकाज ठप पड़ा था। किसानों ने अमृतसर में रेलवे ट्रैक भले ही खाली कर दिया हो लेकिन अभी भी वे दिल्ली की सीमाओं पर जमे हुए हैं। पिछले साल नवंबर के अंतिम सप्ताह से सिंघू, टिकरी, गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन अभी जारी है।
सोनीपत,कृषि कानून विरोधी आंदोलन को कुंडली बॉर्डर पर 105 दिन बीत चुके हैं। कड़ाके की ठंड के बाद अब यहां बैठे आंदोलनकारियों को गर्मी सताने लगी है। इसे देखते हुए आंदोलनकारियों ने धरनास्थल पर पक्के निर्माण शुरू कर दिए हैं। प्लास्टिक व कपड़ों की तिरपाल से बने तंबू में बढ़ती गर्मी और धूप से होने वाली परेशानी को देखते हुए रहने के लिए ईंटों से निर्माण कार्य शुरू किया गया है। इसके लिए पंजाब से ट्रैक्टर-ट्रालियों में ईंटें भरकर लाईं गईं हैं। कुंडली बॉर्डर पर जीटी रोड का जाम करके धरना दे रहे आंदोलनकारियों ने गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय शुरू कर दिए हैं। एसी ट्राली व एसी तंबुओं के अलावा अब रोड पर ही पक्का निर्माण भी शुरू किया गया है। कुंडली में जीटी रोड पर पानीपत-दिल्ली लेन पर मुख्य मंच से थोड़ा आगे ईंट व सीमेंट से कमरों का निर्माण शुरू किया गया है। अभी कमरों की नींव बनाने का काम शुरू हुआ है। इन कमरों के ऊपर सरकंडे व पराली से छत बनाई जाएगी, ताकि अंदर ठंडक रहे। ईंट से कमरों का निर्माण करने वालों ने बताया कि यहां पर आंदोलनकारियों के लिए रैन बसेरे की तर्ज पर कमरे बनाए जा रहे हैं। चारों ओर से ईंट और सीमेंट की मोटी दीवार और ऊपर पराली की छत होने से गर्मी से बचाव होगा। इसके अलावा इन कमरों में लगाने के लिए कूलरों की भी व्यवस्था की जा रही है। पंजाब के किसान जत्थेबंदी के नेता मनजीत राय ने कहा कि जो किसान मोर्चा के सेवादार हैं, उन्होंने एलान कर दिया है कि आप पक्के मकान बनाओ, एसी-कूलर हम भिजवा देंगे। उनकी जत्थेबंदी मकान का निर्माण करवा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी में हिम्मत है तो इसे रोक कर दिखाए। 'यहीं कब्जा करेंगे, प्लाट भी काटेंगे' मुख्य मंच से आंदोलनकारियों को संबोधित करते हुए मनजीत ने कहा कि इस कानून से जितना हमारा नुकसान होगा, उसकी भरपाई यहीं से करके जाएंगे। हमारा जितना नुकसान होगा, उतना हम यहां कब्जा करके बैठ जाएंगे और प्लाट भी काटेंगे। पुलिस ने काम रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने साफ तौर पर एलान कर दिया कि उनके निर्माण कार्य को रुकवाने का प्रयास न किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस वाले पूछते हैं कि पक्के निर्माण, ट्यूबवेल लगवाने की मंजूरी किस से ली है। इसका जवाब है कि ये तीनों कृषि कानून बनाने के लिए किससे मंजूरी ली गई है। यदि इसका जवाब सरकार देगी तो हम भी जवाब दे देंगे। जैसे सरकार ने इस कानून की मंजूरी नहीं ली, वैसे ही हम भी यहां रहने के लिए मंजूरी नहीं लेंगे और जैसे हमारा दिल करेगा, वैसे ही रहेंगे।
सोनीपत ,कृषि कानून विरोधी आंदोलन की आगामी रणनीति बनाने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक 11 मार्च को होगी। पहले यह बैठक मंगलवार को प्रस्तावित थी। मोर्चा के नेता सुरजीत सिंह फूल ने इंटरनेट मीडिया के माध्यम से यह जानकारी सांझा की। उन्हाेंने बताया कि हरियाणा सरकार के खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव के बाद मोर्चा आंदोलन की आगामी रणनीति तय करेगा। मोर्चा के नेता सुरजीत फूल ने ऑनलाइन आकर दी जानकारी कृषि कानूनों के विरोध में कुंडली बार्डर पर साढ़े तीन माह से आंदोलनकारी जीटी रोड को जाम करके बैठे हैं। 22 जनवरी को मोर्चा के नेताओं और सरकार के बीच बातचीत हुई थी। सरकार कानूनों को लंबित रखने और इसमें संशोधन का प्रस्ताव दे चुकी है, लेकिन मोर्चा के नेता इसे पूरी तरह से रद कराने पर अड़े हैं। इसके कारण बातचीत को लेकर गतिरोध बना हुआ है। इंटरनेट मीडिया के माध्यम से मोर्चा के नेता सुरजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश की भाजपा-जजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रसताव लाया गया है, जिस पर 10 मार्च को वोटिंग होगी। सरकार पर बैठक के लिए बनाएंगे दबाव हरियाणा की भाजपा सरकार ने आंदोलन स्थल पर दंगे कराने की कोशिश करने के अलावा कई तरह के हथकंडे अपनाकर आंदोलन को दबाने की कोशिश की है। इसलिए सरकार के खिलाफ वोटिंग के लिए विधायकों पर दबाव बनाया जा रहा है। यदि इसमें हमें सफलता मिलती है तो यह मोर्चा की बड़ी जीत होगी और इससे केंद्र सरकार पर दबाव बनेगा और फिर इसी के अनुरूप आंदाेलन की आगामी रूपरेखा तैयार की जाएगी। आंदोलन को तेज करने पर निर्णय इसलिए मोर्चा की बैठक 11 मार्च को रखी गई है। उन्होंने कहा कि बैठक में आंदोलन को तेज करने के लिए मानव शृंखला, कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे को स्थायी तौर पर जाम करने व संसद भवन कूच करने का भी निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे सरकार के लिए समस्या खड़ी करेंगे, तभी सरकार उनके साथ बैठक करेगी। मोर्चा की बैठक में इन्हीं सब बातों पर विचार कर कोई एक्शन प्रोग्राम तय किया जाएगा।
जगराओं,खेतों में महिलाओं को ट्रैक्टर चलाते देख लोग पहले हैरान होते थे, लेकिन लुधियाना जिले की एक महिला ने न सिर्फ आधुनिक खेती की, बल्कि उसने ड्रैगन फ्रूट की पैदावार कर अनोखी मिसाल भी कायम की है। इतना ही नहीं, जैविक खेती के साथ वह अपने उत्पादों की सेल्फ मार्केटिंग भी करती हैं। गांव गदोवाल की हरप्रीत काैर अपनी छह एकड़ की जमीन में कृषि विभिन्नता व सूबे के गिरते भूजल स्तर को ध्यान में रख खेती करती हैं और एक एकड़ जमीन में ड्रैगन फ्रूट की खेती करती हैं। वह जैविक तरीके से खेती करती हैं। जब फलों व सब्जियों की खेती शुरू की तो उन्होंने ठान लिया था कि हम खुद के अलावा दूसरों को भी जहर मुक्त चीजें खाने के लिए देंगे। फार्म पर हर प्रकार के फलों सेब, एप्पल बेर, नींबू, आड़ू, अनार, किन्नू, अमरूद, पपीता की खेती करते हैं। इसके अलावा सब्जियों में गाजर, शलगम, मूली, कद्दू, करेला, रामतोरी, चप्पनकद्दू, पेठा, भिंडी व शिमला मिर्च, टमाटर, खीरा, ककड़ी, मटर की खेती करते हैं। हरप्रीत कौर ने बताया कि फलों व सब्जियों की खेती में खेत तैयार करने से लेकर बिजाई, तोड़ाई व मार्केटिंग तक का खुद दंपती काम करता है। उन्होंने बताया कि आजकल विवाह-शादियों में विदेशी फलों के प्रचलन के बाद सोचा कि आखिर क्यों न हम विदेशी फलों यानि ड्रैगन फ्रूट की खेती करें। क्योंकि हम दोनों ग्रेजुएट है इसलिए हम दोनों ने दो वर्ष पहले इंटरनेट के जरिये विदेशी फलों की खेती के बारे में जानकारी एकत्रित करनी शुरू कर दी। इसके लिए ड्रैगन फ्रूट के बारे में जब इंटरनेट के जरिये जानकारी एकत्रित कर ली। ड्रैगन फ्रूट की कलमें कोलकाता से खरीद कर लाए। इसके लिए एक एकड़ में 500 सीमेंट के पिलर खेत में ही तैयार किए। प्रत्येक पौधा पिलर से जोड़ दिया गया है जोकि ऊपर जाकर गोलाकार आकार में आएगा और फल लगेंगे। एक पौधे से 20 किलो के करीब फल उतरता है। इसलिए अब रात-दिन ड्रैगन फ्रूट का पूरा ध्यान रख रही हैं। विदेशी फ्रूट की खेती करने वाली अकेली महिला किसान अभी तक वह अकेली महिला किसान हैं जिसने अपने खेतों में विदेशी यानि ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की है। हरप्रीत ने बताया कि तीन बच्चों दो बेटे व एक बेटी कनाडा में हैं और सभी कनाडा गए थे लेकिन लौट आए। दूसरों के खेतों में फसल तोड़ने से अच्छा अपने खेत में अपने तरीके से खेती कर जिंदगी जी जाए।
नई दिल्ली, जी -23 की कांग्रेस गाथा जारी रहेगी क्योंकि समूह हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में एक दूसरे कार्यक्रम की योजना बना रहा है। जबकि नेता पार्टी के फैसलों पर दूर होते नजर आ रहे हैं और पार्टी आलाकमान स्थिति का आकलन कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी आलाकमान हालात से सावधानी से निपट रहा है ताकि पार्टी कैडर को कोई गलत संदेश न जाए। शीर्ष नेतृत्व उन वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने के मूड में नहीं है, जो जम्मू में गांधी ग्लोबल फैमिली के कार्यक्रम में एकत्र हुए थे और उनकी टिप्पणी के लिए उनसे स्पष्टीकरण नहीं मांगा गया। यह समझना आसान है कि शीर्ष नेतृत्व किसी भी तरह की सार्वजनिक शर्मिंदगी से बच रहा है। कुरुक्षेत्र जिले में एक रैली की योजना चल रही है। हालांकि यह अभी तक तय नहीं किया गया है कि यह किस बैनर के तहत होगा। जी -23 के नेता जम्मू में मोर्चा खोलने के बाद तनाव की स्थिति को सामान्य करने के मूड में नहीं हैं, जिसमें आनंद शर्मा, कपिल सिब्बल, मनीष तिवारी, राज बब्बर, भूपिंदर सिंह हुड्डा जैसे नेताओं ने कहा कि पार्टी कमजोर हो रही है जो कि विपक्ष को भी कमजोर कर रही है। सिब्बल ने आजाद की वकालत करते हुए कहा था, 'हम नहीं जानते कि पार्टी गुलाम आज़ाद के अनुभव का उपयोग क्यों नहीं कर रही है।' जवाब में, पार्टी के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने मंच से कहा, 'यह बेहतर होता अगर वे पांच चुनावों में कांग्रेस की मदद करते। ये सम्मानित नेता हैं और हम उनका सम्मान करते हैं।' नेता ने कहा, जिसने इस्तेमाल शब्द का इस्तेमाल किया है, वह पार्टी की विरासत को नहीं जानता है। जिस आदमी के बारे में इस शब्द का इस्तेमाल किया गया है, वह सात बार कांग्रेस का सांसद रहा है। उन्होंने कहा कि सोनिया जी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाया। इंदिराजी ने केंद्र सरकार में कैबिनेट में जगह दी। वह पार्टी में महासचिव रह चुके हैं और उन्होंने पूरे देश में 20 से अधिक राज्यों में पर्यवेक्षण किया है। समूह के एक वरिष्ठ नेता, जिन्होंने सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा और जम्मू में गांधी ग्लोबल फैमिली फंक्शन में उपस्थित थे, ने एएनआई को बताया कि कार्यक्रम के बाद एआईसीसी से किसी ने उनसे संपर्क नहीं किया और हमें कांग्रेस के लिए काम करने की सलाह दी जा रही है। चुनाव हैं लेकिन हमें पार्टी द्वारा स्टार प्रचारक नहीं बनाया गया है। अगर हम चुनाव प्रचार के लिए जाते हैं, तो यह एक उम्मीदवार के खर्च में शामिल होगा और हमसे संपर्क नहीं किया गया है और किसी भी कार्य को सौंपा नहीं गया है, लेकिन हम पार्टी को मजबूत करने के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे और हम अन्य राज्यों में भी जाएंगे।
फरीदाबाद । हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला मंगलवार को फरीदाबाद में जिला परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर जमकर निशाना साधा। भूपेंद्र हुड्डा पर तंज कसते हुए डिप्टी सीएम ने कहा कि वह हमारी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव क्या लाएंगे, हुड्डा अपनी ही पार्टी कांग्रेस में विश्वास खो चुके हैं। अब तो हुड्डा सोनिया गांधी के खिलाफ ही अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। किसान आंदोलन पर दुष्यंत चौटाला ने कहा, सभी 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधि एक मंच पर आकर सरकार से वार्ता करें और कृषि सुधार कानून के खिलाफ चल रहे आंदोलन‌ का हल निकालें। पांच मार्च से शुरू हो रहा है हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र दरअसल, हरियाणा विधानसभा का बजट सत्र पांच मार्च से शुरू हो रहा है। मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने पहले ही एलान किया है कि वह भाजपा-जजपा गठबंधन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी। पिछले दिनों कांग्रेस विधायक दल की बैठक में यह फैसला किया गया था कि केंद्र के तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ राज्य सरकार को घेरेगी। भूपेंद्र सिंह हु़ड्डा का कहना था कि पार्टी विधानसभा के अंदर और बाहर किसानों के मुद्दे पर हरियाणा सरकार पर दबाव बनाएगी। पार्टी किसानों के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार का सड़क से लेकर विधानसभा तक विरोध करेगी। विधानसभा में भूपेंद्र हुड्डा नेता प्रतिपक्ष हैं। अविश्वास प्रस्ताव से सरकार को कोई खतरा नहीं बता दें कि हरियाणा विधानसभा चुनाव 2019 में भाजपा को 40, जननायक जनता पार्टी (Jannayak Janata Party) यानी जजपा को दस और कांग्रेस को 31 सीटें मिली थी। जबकि अन्य के खाते में 9 सीटें गई थी। प्रदेश में भाजपा-जजपा गठबंधन की सरकार है। जजपा नेता दुष्यंत चौटाला को डिप्टी सीएम बनाया गया था। विधानसभा में संख्या बल के हिसाब से भाजपा-जजपा सरकार को बहुमत हासिल है। इसलिए अविश्वास प्रस्ताव से सरकार को कोई खतरा नही है।
चंडीगढ़ 2017 में कांग्रेस पार्टी को पंजाब चुनाव में जीत दिलाने वाले चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने एक बार फर कैप्टन अमरिंदर सिंह का हाथ थाम लिया है। प्रशांत किशोर एक बार फिर कैप्टन के चुनावी अभियान के लिए काम करने वाले हैं और इसके लिए उन्हें मुख्यमंत्री का प्रधान सलाहकार नियुक्त किया गया है। प्रशांत किशोर अब अगले कुछ वक्त तक पंजाब सरकार के साथ काम करेंगे और इसके बाद पंजाब के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के चुनावी अभियान का जिम्मा संभालेंगे। कैप्टन अमरिंदर सिंह के प्रधान सलाहकार बने प्रशांत फिलहाल पश्चिम बंगाल के चुनाव के लिए ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस का चुनावी अभियान संभाल रहे हैं। नीतीश कुमार से लेकर जगन मोहन रेड्डी तक का दिया साथ पूर्व में वह 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सीएम नीतीश कुमार के साथ जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। हालांकि कुछ साल के बाद प्रशांत ने जेडीयू से इस्तीफा देकर बिहार में आरजेडी का हाथ थाम लिया था। प्रशांत इन पार्टियों के अलावा महाराष्ट्र में शिवसेना और आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस का भी प्रचार कर चुके हैं। 2017 में 'ब्रांड कैप्टन' बनाने पर किया काम पंजाब में 2017 में हुए चुनाव के दौरान कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ प्रशांत किशोर ने एक बड़ा प्रचार अभियान चलाया था। 10 साल तक सत्ता से बाहर रही कांग्रेस पार्टी ने उस वक्त प्रशांत किशोर की पार्टी से हाथ मिलाया था और प्रशांत ने कैप्टन के लिए जमकर प्रचार भी किया था। इस चुनाव में प्रशांत ने कॉफी विद कैप्टन और अन्य कई कैंपेन के जरिए कांग्रेस को एक मजबूत पार्टी के रूप में प्रशस्त करने की कोशिश की थी। इसके असर से ही कैप्टन चुनाव में जीत हासिल करने में सफल हुए और फिर पंजाब के सीएम भी बने।
चंडीगढ़ केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान यूनियनों ने शनिवार को राष्ट्रव्यापी 'चक्का जाम' किया। इस दौरान पंजाब के लुधियाना शहर से हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां पर हो रहे किसानों के चक्का जाम के दौरान एक ट्रैक्टर में लगे झंडे में भिंडरावाले जैसे शख्स की तस्वीर दिखी है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या सच में चक्का जाम में भी खालिस्तानी तत्व घुसपैठ करने में कामयाब रहे? दरअसल शनिवार को एएनआई न्यूज एजेंसी की ओर से लुधियाना में किसानों के चक्का जाम का एक वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में एक ट्रैक्टर पर झंडा लगा है, जिसमें जरनैल सिंह भिंडरावाले जैसे शख्स की तस्वीर नजर आ रही है। पंजाब और हरियाणा में किसानों ने जाम की सड़कें पंजाब और हरियाणा में किसान निकायों से जुड़े प्रदर्शनकारी किसानों ने शनिवार को अलग-अलग स्थानों पर स्टेट और नेशनल हाइवे पर चक्का जाम किया। इसके कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। भारती किसान यूनियन (एकता उग्रहां) के महासचिव सुखदेव सिंह कोकरिकलां ने कहा कि वे पंजाब के संगरूर, बरनाला और बठिंडा समेत 15 जिलों के 33 स्थानों पर सड़कें जाम कर रहे हैं। किसानों ने दी थी चेतावनी किसान यूनियनों ने सोमवार को घोषणा की थी कि प्रदर्शन स्थलों के आसपास के इलाकों में इंटरनेट पर पाबंदी लगाने, अधिकारियों की ओर से कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने और अन्य मुद्दों को लेकर वह छह फरवरी दोपहर 12 बजे से तीन बजे तक देशव्यापी चक्का जाम के दौरान विरोधस्वरूप स्टेट और नेशनल हाइवे जाम करेंगे।
फाजिल्‍का, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्‍यक्ष सुखबीर सिंह बादल की गाड़ी पर जलालाबाद में कुछ लोगों ने हमला किया है। अकाली-कांग्रेसी वर्करों में जबरदस्त झड़प और फायरिंग हुई। घटना के बाद तनाव है। हमले में शिअद की एक गाड़ी और कांग्रेस नेताओं के काफिले की दो गाडिय़ों को नुकसान हुआ है। कई लोगों के घायल होने की सूचना भी है। झड़प नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन के दौरान हुई। इस घटना के कारण नामांकन का कार्य रूक गया था और अब इसे दोबारा शुरू कर दिया गया है। सुखबीर बादल पूरी तरह सुरक्षित हैं और कोर्ट परिसर के अंदर ही मौजूद हैं। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बेहद कड़ी कर दी है। सुखबीर बादल ने कहा कि हमला कांग्रेसियों ने किया। शिअद के तीन कार्यकर्ता गोली लगने से घायल हुए हैं1 वह इस तरह के हमले से नहीं डरते हैं। उधर तरनतारन के भिखीविंड में भी स्‍थानीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन के दौरान शिअद व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच टकराव हो गया। सुखबीर बोले- हमले से नहीं डरता, जब तक नामांकन पत्र नहीं भरे जाते यहीं रहूंगा झड़प के बाद सुखबीर बादल ने वहां मौजूद वर्करों को संबोधित किया। उन्‍होंने कहा कि उन पर कांग्रेसियों द्वारा हमला किया गया। इस दौरान वहां तैनात पुलिस ने भी बीच-बचाव को लेकर कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे हमलों से नहीं डरते हैं।वह पार्टी के उम्‍मीदवारों के साथ नामांकन पत्र भरने के लिए जा रहे रहे थे कि दरवाजा बंद कर दिया गया और उसके बाद झड़प शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा कि इस झड़प में उनके तीन समर्थकों को गोली लगी है। उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। उन्होंने कहा कि कोर्ट परिसर में उनके वर्कर पहुंच चुके हैं और वह नामांकन पत्र भरे जाने तक यहीं रहेंगे, कहीं नहीं जाएंगे। उधर मौके पर मौजूद एसएसपी हरजीत सिंह ने कहा कि कोर्ट कांप्लेक्स में फाजिल्का के एसपी सहित तीन गजटेड अफसर तैनात किए गए थे। यहां कुछ कहासुनी को लेकर झड़प की वारदात हुई है। इसकी पुलिस जांच कर रही है। वह अभी यहां आए हैं और सभी तरह की जानकारी लेने के बाद बनती कार्रवाई की जाएगी। प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दाखिल करने मौके एसडीएम कार्यालय में पहुंचे थे बादल विवाद उस समय हुआ जब नगर परिषद चुनाव के लिए जलालाबाद हलके में शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार नामांकन पत्र भरने जा रहे थे। नामांकन में मौजूद रहने के लिए पहुंचे पार्टी प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि अकाली वर्करों व कांग्रेसी वर्करों के बीच भिड़ेत हो गई और इसी दौरान कुछ लोगों ने सुखबीर बादल की गाड़ी पर हमला कर दिया। फिलहाल पुलिस माहौल को शांतकरने के लिए जुटी हुई है। किसी को भी न तो कोर्ट परिसर के भीतर जाने दिया जा रहा है और न ही बाहर आने की दिया जा रहा है। इस झड़प के दौरान कुछ लोगों ने सुखबीर सिंह बादल की गाड़ी की तोड़ फोड़ की। वहीं फायरिंग होने की भी सूचना है। लेकिन, अभी पुलिस प्रशासन इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दे रहा। शिअद के नेता व वर्कर कांग्रेसियों पर हमला करने के आरोप लगा रहे हैं। इस समय स्थिति तनावपूर्ण है।
चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) ने करनाल जिले के कैमला गांव में 'किसान महापंचायत' के कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की कड़े शब्दों में निंदा की है। सीएम खट्टर ने इस पूरे घटनाक्रम में कांग्रेस, कम्युनिस्ट पार्टी का हाथ होने का आरोप लगाया है। खट्टर ने कहा कि किसान आंदोलन की आड़ लेकर कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी अपनी खोई जमीन हासिल करने की कोशिश में लगी हैं। इसके साथ ही उन्होंने बीकेयू नेता गुरनाम सिंह चरूनी पर भी निशाना साधा। हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर रविवार शाम करनाल जिले के कैमला गांव में प्रदर्शनकारी किसानों की ओर से 'किसान महापंचायत' के कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ किए जाने के बाद चंडीगढ़ में मीडिया को संबोधित किया।। सीएम खट्टर ने कहा कि प्रशासन ने शनिवार को (विरोध करने वाले किसानों) लोगों से बात की थी। इस पर वे सांकेतिक विरोध करने के लिए सहमत हो गए थे। प्रशासन ने उन पर भरोसा करते हुए पूरी तैयारी की थी। आज इस कार्यक्रम में 5000 से अधिक लोग उपस्थित थे। लेकिन कुछ युवा अपना वादा निभाने में असफल रहे। कांग्रेस पर बोला हमला हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कहा कि जो कोई भी बोलना चाहता है, उसमें बाधा डालना सही नहीं है। मुझे नहीं लगता कि लोग डॉ बीआर अंबेडकर की ओर से दिए गए प्रावधानों के उल्लंघन को बर्दाश्त करेंगे। कांग्रेस ने 1975 में लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास किया था। उस समय लोगों ने उनके घृणित कार्य की पहचान की और उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। किसानों को तीन कृषि कानूनों के 'फायदे' बताने वाले थे खट्टर दरअसल हरियाणा में करनाल जिले के कैमला गांव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर लोगों को केंद्र के तीन कृषि कानूनों के 'फायदे' बताने वाले थे। इससे पहले पुलिस ने कैमला गांव की ओर किसानों के मार्च को रोकने लिए उन पर पानी की बौछारें कीं और आंसू गैस के गोले छोड़े। बहरहाल, प्रदर्शनकारी कार्यक्रम स्थल तक पहुंच गए और 'किसान महापंचायत' कार्यक्रम को बाधित किया। उन्होंने मंच को क्षतिग्रस्त कर दिया, कुर्सियां, मेज और गमले तोड़ दिए। किसानों ने अस्थायी हेलीपेड का नियंत्रण भी अपने हाथ में ले लिया जहां मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उतरना था। गुरनाम सिंह चरूनी के कहने पर किसानों ने किया हुड़दंगी व्यवहार बीजेपी नेता रमण मल्लिक ने बताया कि बीकेयू नेता गुरनाम सिंह चरूनी के कहने पर किसानों के हुड़दंगी व्यवहार के कारण कार्यक्रम को रद्द कर दिया गया है। पुलिस ने गांव में मुख्यमंत्री की यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। इस गांव में खट्टर लोगों को केंद्र के तीन कृषि कानूनों के 'फायदे' बताएंगे। भारतीय किसान यूनियन (चरूनी) के तत्वावधान में किसानों ने पहले घोषणा की थी कि वे 'किसान महापंचायत' का विरोध करेंगे। वे तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। किसान काले झंडे लिए हुए थे और बीजेपी नीत सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कैमला गांव की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे थे। किसानों ने मंच पर किया कब्जा पुलिस ने गांव के प्रवेश स्थानों पर बैरीकेड लगा दिए ताकि वे कार्यक्रम स्थल तक नहीं पहुंच पाएं। स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब किसान इस बात पर अड़ गए कि वे मुख्यमंत्री को कार्यक्रम नहीं करने देंगे। पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारी किसानों को शांत करने की कोशिश करते दिखाई दिए लेकिन वे मंच पर कब्जा करने के लिए आगे बढ़ गए। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि हम सरकार को यह कार्यक्रम नहीं करने देंगे।
नई दिल्ली, 30 दिसंबर 2020,केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए तीन कृषि कानून निरस्त करने की मांग को लेकर अन्नदाता सड़कों पर आंदोलन कर रहा है, वहीं सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और विपक्षी कांग्रेस के बीच भी इस मुद्दे को लेकर तलवारें खिंचती दिख रही हैं. विपक्षी दलों पर किसान आंदोलन को गुमराह करने और हाईजैक करने के आरोप लगाती रही बीजेपी के एक नेता ने अब कांग्रेस सांसद के खिलाफ शिकायत देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. दिल्ली बीजेपी के नेता नवीन कुमार ने नई दिल्ली के डिप्टी पुलिस कमिश्नर (डीसीपी) को शिकायत देकर पंजाब के लुधियाना से कांग्रेस के सांसद रवनीत सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है. डीसीपी को दी गई शिकायत में नवीन ने रवनीत सिंह के एक बयान का जिक्र किया है जिसमें उन्होंने कथित रूप से किसानों को संबोधित करते हुए यह कहा था कि अब ये सोच रहे हैं कि यहां बैठे-बैठे हम थक जाएंगे. नवीन कुमार की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक रवनीत ने आगे कहा था कि नहीं हम लाशों के भी ढ़ेर लगाएंगे, अपना खून भी. इसके लिए कहीं भी किसी हद तक भी जा सकते हैं. एक तारीख के बाद हम नई प्लानिंग के साथ आएंगे. नवीन कुमार ने साक्ष्य के तौर पर नई दिल्ली के डीसीपी को लुधियाना के कांग्रेस सांसद के बयान की सीडी भी दी है. दिल्ली बीजेपी के नेता ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के लोकसभा सांसद अपने इस बयान से किसान आंदोलन को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने डीसीपी से कांग्रेस सांसद रवनीत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 ए, 503, 505 और 511 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है. दिल्ली पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि फिलहाल रवनीत के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है.
चंडीगढ़ ऐसा लगता है कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह की किसानों से मोबाइल टावर जैसी दूरसंचार क्षेत्र की ढांचागत सुविधाओं को नुकसान नहीं पहुंचाने की अपील का कोई असर नहीं पड़ा है। उनके आग्रह के बावजूद एक रात में ही 150 से अधिक दूरसंचार टावरों को नुकसान पहुंचाया गया। दूरसंचार टावरों को नुकसान पहुंचाने के पीछे यह कहानी कही जा रही है कि नए कृषि कानूनों से मुकेश अंबानी और गौतम अडाणी जैसे उद्योगपतियों को लाभ होगा। इस आधार पर पंजाब में विभिन्न स्थानों पर रिलायंस जियो के टावरों को नुकसान पहुंचाया गया है, जिससे दूरसंचार संपर्क व्यवस्था पर असर पड़ा। हालांकि, यह अलग बात है कि अंबानी और अडाणी से जुड़ी कंपनियां किसानों से अनाज नहीं खरीदती हैं। मामले से जुड़े दो सूत्रों ने कहा कि शनिवार से अब तक 151 दूरसंचार टावरों को नुकसान पहुंचा है। इससे अब तक कुल 1,338 दूरसंचार टावरों को नुकसान पहुंचाया जा चुका है। ज्यादातर जियो के टावरों को पहुंचाया गया नुकसान एक सूत्र ने बताया कि पंजाब के विभिन्न स्थानों से दूरसंचार टावरों को नुकसान पहुंचाए जाने की सूचना है। जिन दूरसंचार टावरों को नुकसान पहुंचाया गया है, उनमें से ज्यादातर जियो और दूरसंचार उद्योग के साझा बुनियादी ढांचा सुविधाओं से जुड़े हैं। सूत्रों ने कहा कि हमलों का असर दूरसंचार सेवाओं पर पड़ा है और परिचालकों को पुलिस की तरफ से कार्रवाई नहीं होने के कारण सेवाओं को बहाल करने में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सीएम अमरिंदर सिंह ने की थी अपील पंजाब के मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को प्रदर्शनकारी किसानों से इस प्रकार के कार्यों से आम लोगों को असुविधा नहीं पहुंचाने की अपील की। उन्होंने किसानों से कहा कि जिस संयम के साथ वे आंदोलन करते आए हैं, उसे बरकरार रखें। मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने बयान में कहा था, 'मुख्यमंत्री ने कोविड महामारी के बीच दूरसंचार संपर्क व्यवस्था को महत्वपूर्ण बताया और किसानों से आंदोलन के दौरान उसी तरह का अनुशासन और जिम्मेदारी दिखाने को कहा जिसे वह दिल्ली सीमा पर और पूर्व के विरोध-प्रदर्शन में दिखाते आए हैं।' किसान आंदोलन को एक महीना बता दें कि किसानों के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन को एक महीना पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री की यह अपील टावर ऐंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स असोसिएशन (टीएआईपीए) के आग्रह पर आई है। दूरसंचार बुनियादी ढांचा प्रदाताओं के इस पंजीकृत संघ ने राज्य सरकार से किसानों को अपनी न्याय की लड़ाई में किसी भी गैरकानूनी गतिविधि का सहारा नहीं लेने को लेकर अनुरोध करने का आग्रह किया था।
नई दिल्ली, 24 दिसंबर 2020,हरियाणा के जींद जिले के उचाना में किसानों ने उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आने से पहले बनाए गए हेलीपैड को फावड़े से खोद डाला. इतना ही नहीं किसानों ने दुष्यंत चौटाला गो बैक के नारे भी लगाए. दरअसल दुष्यंत चौटाला के हेलिकॉप्टर को आज इस हेलीपेड पर लैंड करना था. किसानों के विरोध को देखते हुए दुष्यंत चौटाला का दौरा रद्द कर दिया गया. किसानों का कहना है कि जब तक दुष्यंत चौटाला किसानों का समर्थन नहीं करते तब तक उन्हें इस क्षेत्र में घुसने नहीं देंगे. किसानों का कहना था कि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला इस्तीफा देकर किसानों के बीच में आएं. उन्होंने कहा कि यहां जो भी नेता आएगा उसका इसी तरह विरोध किया जायगा. हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर को दिखाए थे काले झंडे किसानों ने एक दिन पहले ही केंद्र सरकार के नए कृषि कानून का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के काफिले को रोक कर काले झंडे दिखाए थे और लाठियां भी चलाई थीं. इस मामले में हरियाणा पुलिस ने 13 किसानों के खिलाफ हत्या और दंगे के प्रयास का मामला दर्ज किया है. किसानों के खिलाफ अंबाला में ही मामला दर्ज किया गया है. जहां मंगलवार को प्रदर्शनकारी किसानों के एक समूह ने मुख्यमंत्री खट्टर को उस वक्त काले झंडे दिखाए थे, जब उनका काफिला अंबाला शहर से गुजर रहा था. खट्टर आगामी निकाय चुनावों के लिए पार्टी के उम्मीदवारों के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने के लिए शहर में आए थे. ठीक उसी वक्त अग्रसेन चौक पर किसानों ने मुख्यमंत्री के काफिले को देखकर काले झंडे लहराए थे. उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की थी. पुलिस ने बुधवार को कहा कि कुछ किसानों ने काफिले की ओर बढ़ने की कोशिश की और कुछ समय के लिए रास्ता अवरुद्ध कर दिया था. पुलिस के मुताबिक उनमें से कुछ प्रदर्शनकारियों ने कुछ वाहनों पर लाठियां भी बरसाईं.
दिल्ली, 09 दिसंबर 2020,पंजाब में आतंकवादियों से लोहा लेने वाले शौर्य चक्र विजेता कामरेड बलविंदर सिंह संधु की हत्या ने पूरे देश को दहला के रख दिया था. बीती 16 अक्टूबर को तरनतारन में हुए इस कत्ल की वारदात ने लोगों को खौफजदा कर दिया था. इसकी दो वजहें थीं. जिस तरह से कातिलों ने घर में घुस कर सुबह-सवेरे वहां रहने वाले बलविंदर का कत्ल किया, वैसा कम ही देखने को मिलता है. और दूसरा ये कि मृतक की इन दिनों किसी से कोई खास दुश्मनी नहीं थी. मगर बलविंदर सिंह संधु की एक खास पहचान ये थी कि आतंकवाद के जमाने में उन्होंने खालिस्तानी आतंकियों से जमकर लोहा लिया था और बदले में सरकार ने उन्हें शौर्य चक्र देकर सम्मानित भी किया था. ऐसे में कत्ल के दिन से ही सवाल ये था कि कहीं इस कत्ल के पीछे आतंकवादियों का हाथ तो नहीं. अब आइए, पंजाब के तरनतारन के बाद सीधे देश की राजधानी दिल्ली की बात करते हैं. दिल्ली का शकरपुर इलाका. सोमवार का दिन और तारीख 7 दिसंबर. सुबह के 6 बजे थे. तभी वहां कुछ आतंकियों के साथ दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की मुठभेड़ हो गई. दोनों ओर से जबरदस्त फायरिंग हुई. इसके बाद पुलिस ने वहां से एक साथ पांच बदमाशों को धरदबोचा है. इन पांच में से तीन तो आईएसआई से जुड़े हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी हैं, जबकि दो पंजाब के गैंगस्टर बताए जाते हैं. यहां तक तो सबकुछ ठीक है, लेकिन जैसे ही दिल्ली पुलिस ने इन तीन आतंकियों के साथ पंजाब के दो गैंगस्टरों की पहचान उजागर की, तो मामले की सुई सीधे तरनतारन में हुए शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह के कत्ल की तरफ घूम गई. जी हां, वही बलविंदर सिंह, जिसे 16 अक्टूबर को उनके घर में घुस कर बदमाशों ने गोलियों ने भून डाला था. असल में तीन आतंकियों के साथ दिल्ली पुलिस ने वहां से जिन दो गैंगस्टरों को धरदबोचा है, उनमें एक का नाम गुरजीत सिंह बाह है जबकि दूसरे का नाम सुखजीत सिंह भूरा. यही वो दो शूटर हैं, कत्ल के बाद जिनकी तलाश में तरनतारन की पुलिस सूबे का चप्पा-चप्पा छान रही थी. यानी बलविंदर सिंह के कत्ल के दो मुख्य आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में थे. लेकिन इस एनकाउंटर और गिरफ्तारी की सबसे खास बात ये थी कि पंजाब के ये गैंगस्टर दिल्ली में कोई अकेले अपनी फरारी काटते हुए गिरफ्तार नहीं हुए, बल्कि वो तो आईएसआई की पनाह में पलने वाले आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों के साथ दिल्ली में किसी साजिश को अंजाम देने पहुंचे थे, लेकिन इससे पहले कि वो अपने इरादे पर अमल कर पाते पुलिस ने उन्हें धरदबोचा. अब सवाल ये है कि आखिर पंजाब के गैंगस्टरों के साथ हिज्बुल मुजाहिदीन का क्या कनेक्शन है? क्या शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह के कत्ल में आतंकवादियों का हाथ है? आखिर क्यों और किसके इशारे पर बलविंदर सिंह का कत्ल किया गया? आखिर क्या है हिज्बुल के साथ पंजाबी गैंगस्टरों के कनेक्शन के मायने? कहीं ये आईएसआई और खालिस्तान समर्थकों का गठजोड़ तो नहीं? तो जब दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार आतंकियों और गैंगस्टरों से इन सवालों को लेकर पूछताछ की, तो जो खुलासा हुआ. वो वाकई चौंकाने वाला था. शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह के कत्ल के पीछे दरअसल कुछ आतंकियों का ही हाथ था, जिन्होंने आईएसआई और हिज्बुल मुजाहिदीन के साथ मिलकर पंजाबी गैंगस्टरों की मदद से उनका कत्ल करवाया था. लेकिन पंजाब में आतंकवाद इतने साल बाद आखिर ये कत्ल क्यों हुआ? और इस कत्ल का असली मास्टरमाइंड कौन है? आखिर कौन है वो शख्स, जिसने गिरफ्तार गुरजीत सिंह बाह और सुखजीत सिंह भूरा को इस कत्ल की सुपारी दी थी, तो जब वो चेहरा और उसका पूरा नेटवर्क सामने आया, तो खुद पुलिस भी कुछ देर के लिए हैरान रह गई. ये असल में आईएसआई की वो नापाक कोशिश थी, जिसके जरिए वो खालिस्तानी आतंकियों के साथ गठजोड़ कर हिंदुस्तान की फिजा फिर से खराब करना चाहते थे
गुरुग्राम, 08 दिसंबर 2020, राजस्थान के टपूकड़ा इलाके में गुरुग्राम पुलिस के साथ मुठभेड़ में दो बदमाश गोली लगने से घायल हो गए. दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ये बदमाश हरियाणा के गुरुग्राम से एक कार लूट कर भाग रहे थे. उनका पीछा करते हुए पुलिस राजस्थान में जा घुसी और बदमाशों का एनकाउंटर कर दिया. दरअसल, गुरुग्राम के मानेसर में चार बदमाशों ने गन प्वाइंट पर मेवात में तैनात एक डॉक्टर की इटियोज गाड़ी लूट ली और वहां से भाग निकले. पीड़ित ने फौरन इस बात की जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने नाकेबंदी कर दी. इधर क्राइम ब्रांच की टीम बदमाशों का पीछा करने लगी. बदमाश पुलिस को चकमा देकर भागने की फिराक में थे. लिहाजा, बदमाश चोरी की कार लेकर राजस्थान की सीमा में दाखिल हो गए. वे राजस्थान के टपूकड़ा में दाखिल हो गए. गुरुग्राम पुलिस उनके ठीक पीछे जा पहुंची. पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी. दोनों तरफ से हुई फायरिंग में 2 बदमाशों को गोली लग गई. एक बदमाश के सिर में और एक के पैर में गोली लगी. इस तरह से गुरुग्राम के सेक्टर 31 की क्राइम ब्रांच ने राजस्थान के रहने वाले चार बदमाशों को एनकाउंटर में पकड़ लिया. इनमें से 2 शातिर लुटेरों को गंभीर हालात में रोहतक के पीजीआई मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है. बदमाशों की पहचान गोविंद, रोहित, मामन और रोहित के रूप में हुई है. गुरुग्राम पुलिस काफी वक्त से इनकी तलाश कर रही थी.
चंडीगढ़ कोरोना की वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए वालंटियर बनने वाले हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं। उन्हें शनिवार को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। विज ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि वह कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं और अंबाला कैंट के एक सिविल अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके संपर्क में आए थे, वे अपना कोरोना टेस्ट करा लें। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विज के संक्रमित होने पर दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'गृहमंत्री जी, आपके कोरोना संक्रमित होने का समाचार मिला। मुझे विश्वास है कि आप अपनी दृढ़शक्ति से इस बीमारी को जल्द मात देंगे। ईश्वर से आपके जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।' विज को लगा था वैक्सीन का टीका बता दें कि बीते 20 नवंबर को विज को कोरोना की वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए पहला टीका लगाया गया था। विज ने खुद ही कोरोना वैक्सीन के परीक्षण के लिए वालंटियर बनने की इच्छा जताई थी। 20 नवंबर को हरियाणा में कोवाक्सिन का तीसरे चरण का ट्रायल शुरू किया गया था। इस दौरान अनिल विज को पहला टीका लगाया गया था। विज के साथ 200 वालंटियर्स को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दी गई थी। बताया गया कि 28 दिन बाद वैक्सीन का दूसरा डोज दिया जाएगा। बता दें कि भारत बायोटेक कंपनी आईसीएमआर के साथ मिलकर कोरोना की वैक्सीन कोवाक्सिन का निर्माण कर रही है। पीजीआई रोहतक देश के उन तीन सेंटर्स में से है जहां तीसरे चरण के ट्रायल का टीका लगाया गया। कंपनी का दावा है कि उनकी वैक्सीन 90 प्रतिशत कारगर होगी।
नई दिल्ली, 03 दिसंबर 2020,कृषि कानूनों के खिलाफ देश में किसानों का आंदोलन बढ़ता जा रहा है. इसी के साथ अवॉर्ड वापसी का सिलसिला भी शुरू हो गया है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और अकाली दल के वरिष्ठ नेता प्रकाश सिंह बादल ने कृषि कानूनों के विरोध में अपना पद्म विभूषण सम्मान वापस कर दिया है. उनके अलावा अकाली दल के नेता रहे सुखदेव सिंह ढींढसा अभी अपना पद्म भूषण सम्मान लौटाने की बात कही है. प्रकाश सिंह बादल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को करीब तीन पन्ने की चिट्ठी लिखते हुए कृषि कानूनों का विरोध किया, किसानों पर एक्शन की निंदा की और इसी के साथ अपना सम्मान वापस दिया. अपना पद्म विभूषण लौटाते हुए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने लिखा, ‘मैं इतना गरीब हूं कि किसानों के लिए कुर्बान करने के लिए मेरे पास कुछ और नहीं है, मैं जो भी हूं किसानों की वजह से हूं. ऐसे में अगर किसानों को अपमान हो रहा है, तो किसी तरह का सम्मान रखने का कोई फायदा नहीं है’ प्रकाश सिंह बादल ने लिखा कि किसानों के साथ जिस तरह का धोखा किया गया है, उससे उन्हें काफी दुख पहुंचा है. किसानों के आंदोलन को जिस तरह से गलत नजरिये से पेश किया जा रहा है, वो दर्दनाक है. हरसिमरत कौर बादल भी दे चुकी हैं इस्तीफा आपको बता दें कि इससे पहले भी बादल परिवार की ओर से कृषि कानूनों का बड़ा विरोध किया गया था. हरसिमरत कौर बादल ने केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था और केंद्र के नए कानूनों को किसानों के साथ बड़ा धोखा बताया था. सिर्फ इतना ही नहीं सुखबीर बादल ने अकाली दल के NDA से अलग होने का ऐलान करते हुए पंजाब के चुनावों में अकेला लड़ने की बात कही थी. गौरतलब है कि अकाली दल पंजाब में लगातार कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है. हालांकि, कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अकाली दल पर हमलावर हैं और अकाली दल को घेरते आए हैं. अमरिंदर ने आरोप लगाया था कि जब अकाली दल केंद्र सरकार में शामिल थी, तब ये कानून तैयार हुए थे ऐसे में तब विरोध क्यों नहीं किया गया था. सरकार और किसानों में नहीं बन रही बात केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कानूनों का विरोध सबसे अधिक पंजाब में ही हो रहा है. पिछले दो महीनों से पंजाब के किसान सड़कों पर हैं, लेकिन अब एक हफ्ते से दिल्ली कूच कर चुके हैं. दिल्ली-एनसीआर के इलाकों को किसानों ने पूरी तरह से घेरा हुआ है और यहीं डेरा जमा लिया है. किसानों को मनाने के लिए सरकार की ओर से लगातार बातचीत की जा रही है. अबतक चार दौर की चर्चा हो चुकी है, लेकिन किसान मानने को तैयार नहीं हैं. किसानों का कहना है कि सरकार को तीनों कानून वापस लेने होंगे, साथ ही MSP पर गारंटी देनी होगी. सरकार की ओर से लगातार किसानों को भरोसा दिया जा रहा है कि MSP बनी रहेगी, खुद पीएम नरेंद्र मोदी भी कई बार इस बात को दोहरा चुके हैं. लेकिन किसान लिखित में गारंटी लेने पर अड़ गए हैं. पिछले एक हफ्ते से दिल्ली की सीमाओं पर किसान मौजूद हैं और उनका कहना है कि वो चार महीने तक का राशन साथ लाए हैं.
नई दिल्ली किसान आंदोलन को लेकर पंजाब और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच भी जुबानी जंग चल रही है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर लगातार पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पर किसानों को भड़काने का आरोप लगा रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उन्होंने 3 बार कैप्टन को फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। पंजाब के सीएम ने इन आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्हें कोई फोन ही नहीं आया। दूसरी तरफ, खट्टर के निजी सचिव 'सबूतों' के साथ कह रहे हैं कि हरियाणा के सीएम ने कैप्टन को डायल किया लेकिन लगता है कि पंजाब सीएम के पर्सनल स्टाफ फोन कॉल्स के बारे में उन्हें ब्रीफ ही नहीं कर रहे। खट्टर कौन होते हैं किसानों को रोकने वाले: कैप्टन पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शनिवार को अलग-अलग न्यूज चैनलों के साथ बातचीत में हरियाणा सीएम मनोहर लाल खट्टर पर जमकर बरसे। एक चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि जब किसानों को हम नहीं रोक रहे और दिल्ली भी उन्हें रोक रही तब तुम कौन होते हो उन्हें रोकने वाले। कैप्टन ने कहा, 'पंजाब अपने किसानों को नहीं रोक रहा क्योंकि विरोध करना उनका हक है। तुम क्यों उन्हें रोक रहे हो? वॉटर कैनन का इस्तेमाल क्यों कर रहे हो और उन पर आंसू गैस क्यों छोड़ रहे हो? जब हम उन्हें नहीं रोक रहे, दिल्ली उन्हें नहीं रोक रही तब तुम कौन होते हो उन्हें रोकने वाले? जिस तरह का बर्ताव हुआ है, अब अगर वह मुझे 10 बार भी फोन करें तो मैं नहीं उठाऊंगा।' खट्टर जब तक माफी नहीं मांगते, फोन नहीं करूंगा: कैप्टन पंजाब के किसानों के साथ हरियाणा में गलत बर्ताव का आरोप लगाते हुए कैप्टन ने ट्वीट किया कि अब अगर खट्टर फोन भी करते हैं तो वह नहीं उठाएंगे, जब तक कि वह किसानों के अपमान पर माफी नहीं मांगते। पंजाब के सीएम ने उन आरोपों को खारिज किया है कि खट्टर ने उन्हें 3 बार फोन किया था लेकिन उन्होंने फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया। खट्टर के निजी सचिव ने 'सबूतों' के साथ खोली कैप्टन की 'पोल' दूसरी तरफ, मनोहर लाल खट्टर के निजी सचिव अभिमन्यु सिंह ने कैप्टन को ट्विटर पर जवाब देते हुए इस बात के सबूत पेश किए कि उन्हें फोन किए गए थे। सिंह ने कथित कॉल रेकॉर्ड डेटा का सबूत पेश करते हुए दावा किया है कि 23 नवंबर को शाम 6:23 बजे पंजाब सीएम को पहला फोन गया था। जिस पर कहा गया कि उनसे सिसवा फार्म के नंबर पर संपर्क किया जाए। एक मिनट बाद दोबारा फोन मिलाया गया तो जवाब मिला कि सीएम अभी नहीं हैं। 24 नवंबर को उनके कॉल बैक का इंतजार किया गया लेकिन फोन नहीं आया। जिसके बाद उस दिन दोपहर से लेकर रात तक 11 बार फोन मिलाया गया लेकिन कैप्टन ने बात नहीं की।
चंडीगढ़, 28 नवंबर 2020,केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसान सड़क पर उतरे हैं. किसानों के आंदोलन को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर आमने-सामने हैं. दोनों के बीच जुबानी जंग चल रही है. अमरिंदर सिंह ने शनिवार को एक बार फिर मनोहर लाल खट्टर पर निशाना साधा है. अमरिंदर सिंह ने कहा कि मेरे किसानों पर जो निर्दयता दिखाई गई, उस पर मनोहर लाल खट्टर माफी मांगें. जब तक वो माफी नहीं मांगते हैं, तब तक मैं उनसे बात नहीं करूंगा. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मनोहर लाल खट्टर पर झूठ बोलने के भी आरोप लगाए. पंजाब के सीएम ने कहा कि मनोहर लाल खट्टर ने झूठ बोला कि उन्होंने पहले मुझे फोन करने की कोशिश की और मैंने जवाब नहीं दिया. लेकिन अब, जो भी उन्होंने मेरे किसानों के साथ किया है, उसके बाद 10 बार भी वो मुझे फोन करेंगे तब भी मैं नहीं बात करूंगा. सीएम खट्टर से बेहद नाराज दिख रहे कैप्टन अमरिंदर ने कहा कि उन्होंने (मनोहर लाल खट्टर) पंजाब के किसानों के साथ गलत किया है. वो इस चीज को स्वीकार करें. मैं उन्हें माफ नहीं करूंगा. सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि जिस तरह से मेरे किसानों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया, लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई किसान घायल हुए, ऐसे हालात में मनोहर लाल खट्टर से बात करने को कोई मतलब नहीं. किसानों को दिल्ली नहीं जाने देने पर सीएम अमरिंदर ने मनोहर लाल खट्टर पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार किसानों से बात करने के लिए तैयार है, दिल्ली सरकार को भी कोई दिक्कत नहीं थी, तो ऐसे में मनोहर लाल खट्टर बीच में आने वाले कौन होते हैं. सीएम अमरिंदर का मनोहर लाल खट्टर पर हमला यहीं नहीं रुका. उन्होंने कहा कि मनोहर लाल ने मेरे ऊपर बेबुनियाद आरोप लगाए. उन्होंने मुझपर आरोप लगााए थे कि मैं किसानों को प्रदर्शन के लिए भड़का रहा हूं. सीएम अमरिंदर ने कहा कि मैं राष्ट्रवादी हूं. सीमा से लगे एक राज्य का मैं मुख्यमंत्री हूं.
चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर (Manoharlal Khattar) ने कृषि विधेयकों के खिलाफ जारी किसानों के प्रदर्शन (Farmers Protest) में खालिस्तानी (Khalistan) एंगल की बात को दोहराया है। खट्टर ने शनिवार को खुफिया इनपुट के हवाले से प्रदर्शन में खालिस्तानियों के शामिल होने की बात की। CM खट्टर ने कहा, 'हमारे पास इनपुट है कि कुछ अवांछित तत्व इस भीड़ के अंदर आए हुए हैं। हमारे पास इसकी रिपोर्ट्स है। अभी इसका खुलासा करना ठीक नहीं है। उन्होंने सीधे नारे लगाए हैं। जो ऑडियो और वीडियो सामने आए हैं, उनमें इंदिरा गांधी को लेकर साफ नारे लगा रहे हैं और कह रहे हैं कि जब इंदिरा के साथ ये कर दिया तो मोदी क्या चीज है।' दरअसल पंजाब में किसानों के आंदोलन के बीच से एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में एक सिख किसान ने न्यूज चैनल के रिपोर्टर के सवाल का जवाब देते हुए कहा, 'हमने तो इंदिरा ठोक दी फिर ये मोदी की छाती में...।' इसके साथ ही बरनाला में कुछ प्रदर्शनकारी किसान जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीर के साथ भी नजर आए। गौरतलब है कि किसानों के इस मुद्दे को लेकर पंजाब और हरियाणा की सरकारें आमने-सामने आ गई हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के बीच जमकर आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिला। कैप्टन ने बीजेपी की सरकार पर किसानों के खिलाफ हथियार उठाने और उन्हें भड़काने का आरोप लगाया। खट्टर ने इसका जवाब देते हुए कहा कि कैप्टन कोरोना काल में किसानों को भड़का रहे हैं और उनका जीवन खतरे में डाल रहे। इसपर कैप्टन ने फिर ट्वीट करते हुए कहा कि बीजेपी की सरकार ही कोरोना काल में कृषि विधेयक को लागू कराने आई थी। मनोहर लाल खट्टर के जवाब के बाद कैप्टन अमरिंदर ने फिर उनपर कटाक्ष किया। कैप्टन ने कहा- खट्टर जी, मैं आपके जवाब को सुनकर अचंभित हूं। आप मुझे नहीं, बल्कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के मुद्दे पर विश्वास में लीजिए। आपको उनके दिल्ली चलो मार्च से पहले मुझसे बात करनी चाहिए थी। अगर आपको लगता है कि किसानों को मैं भड़का रहा हूं तो हरियाणा के किसान भी इस प्रदर्शन में क्यों शामिल हो रहे हैं।
एक ढाबे में चल रहे देह व्‍यापार से जुड़े केस में पुलिस ने रेड मारी तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. ढाबे के मालिक को पुलिस ने गनमैन दे रखा था. यह मामला पंजाब के गुरदासपुर जिले का है. डीएसपी दीनानगर ने पुलिस पार्टी के साथ ढाबे पर रेड मारी. पिछले लंबे समय से ढाबे में जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा था. पुलिस ने छापेमारी कर एक प्रेमी जोड़े समेत होटल के मालिक को गिरफ्तार किया है और लड़की सप्लाई करने वाली एक महिला अभी फरार है. दीनानगर के थाना प्रभारी कुलविंदर सिंह ने बताया कि यहां के डीएसपी को सूचना मिली थी कि दीनानगर के बस अड्डा के नजदीक छिंदा ढाबा में देह व्‍यापार का धंधा चलता है. सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी की तो मौके से एक लड़के और एक लड़की को आपत्‍त‍िजनक हालत में अरेस्‍ट किया गया. मौके पर होटल मालिक को भी गिरफ्तार किया गया है. होटल में लड़कियां सप्लाई करने वाली एक महिला अभी फ़रार है. फिलहाल पुलिस ने चार लोगों पर केस दर्ज करते हुए आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है और फरार महिला की तलाश शुरू कर दी है. सूत्रों के हवाले से पता चला कि ढाबे का मालिक शिवसेना का पंजाब उपाध्‍यक्ष है और पुलिस ने उसको सुरक्षा भी दे रखी थी लेकिन इस बारे में पुलिस कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हुई और जांच की बात कहती दिखाई दी. वहीं शिवसेना के दूसरे नेताओं ने टालमटोल करते हुए दबी आवाज में कैमरे के सामने माना कि ढाबा मालिक के पास शिव सेना में पंजाब उपाध्‍यक्ष का ओहदा था और पुलिस ने उसको गनमैन भी दे रखा था लेकिन कुछ दिन पहले ही इसे ओहदे से हटा दिया गया था.
चंडीगढ़, 28 नवंबर 2020, दिल्ली में सिंधु बॉर्डर पर बैठे आंदोलित किसानों की आगे की रणनीति क्या होगी, ये अब तक साफ नहीं, लेकिन ज्यादातर का कहना है वो यहां से तभी हटेंगे, जब उनकी मांगें मानी जाएंगी. किसानों का कहना था कि वो पंजाब से तकरीबन 6 महीने का राशन लेकर निकले हैं. किसानों ने कहा कि हम बुराड़ी नहीं जा रहे हैं, जो किसान बुराड़ी गए हैं सरकार उन्हें उलझा रही है. इस बीच, हरियाणा के कुरुक्षेत्र में दिल्ली कूच करने वाले किसानों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. ट्यूकर बॉर्डर पर बैरिकेड तोड़ने पर पंजाब के किसानों के खिलाफ कुरुक्षेत्र पेहवा के साथ-साथ शाहाबाद में भी डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज किया गया है. पुलिस से उलझने, बैरिकेड तोड़ने और हत्या के प्रयास में 11 किसान नेता नामजद किए गए हैं. वहीं पेहवा में 6 किसान नेता नामजद किए गए हैं. नेशनल हाइवे पर त्योडा के पास बैरिकेडिंग तोड़ने, अधिकारियों पर गाड़ी चढ़ाने और रास्ता रोकने के आरोप में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी और प्रदेश प्रवक्ता राकेश बैंस समेत पांच नेता नामजद किए गए हैं. पंजाब के बलबीर सिंह राजू समेत हजारों किसानों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है. भारतीय दंड संहिता की धारा 114, 147, 148, 149,186, 158, 332, 375, 307, 283 120 बी और डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट की धारा 51बी और पीडीपी एक्ट की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है. किसानों का दिल्ली कूच करना जारी इस बीच, पंजाब से हरियाणा होते हुए किसानों का दिल्ली कूच करना अब भी जारी है. पंजाब की किसान यूनियन उग्राहा के हज़ारों ट्रैक्टर अभी भी रोहतक होते हुए बहादुरगढ़ की तरफ लगातार बढ़ रहे हैं.
चंडीगढ़, 25 नवंबर 2020,दिल्ली-एनसीआर में कोरोना की गंभीर स्थिति को देखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को राज्य में नए प्रतिबंधों का ऐलान किया. सभी शहरों और कस्बों में फिर से नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है. साथ ही 1 दिसंबर से मास्क न पहनने या सामाजिक दूरी का पालन न करने पर जुर्माना दोगुना कर दिया जाएगा. पंजाब के सभी होटल, रेस्त्रां और मैरिज पैलेसों रात 9.30 बजे बंद हो जाएंगे. रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक से नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा. पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि कोरोना प्रोटोकॉल का पालन न करने पर अब 500 रुपये की जगह 1000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा. नाइट कर्फ्यू की 15 दिसंबर को समीक्षा की जाएगी. पंजाब में दिल्ली के मरीज की आमद को देखते हुए राज्य के निजी अस्पतालों में बेड उपलब्धता की समीक्षा और अनुकूलन करने का भी निर्णय लिया गया है. मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव विनी महाजन को संबंधित विभागों के साथ काम करने के लिए कहा है ताकिकोरोना के लिए अधिक निजी अस्पतालों की मदद ली जा सके. ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की उपलब्धता को और मजबूत करने के लिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एल II और एल III को मजबूत करने का आदेश दिया है. साथ ही उन जिलों की निरंतर निगरानी का आदेश दिया गया, जहां एल III सुविधाएं नहीं हैं. मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभागों को विशेषज्ञों, सुपर-विशेषज्ञों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की आपातकालीन नियुक्तियां करने का भी निर्देश दिया है. 249 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 407 चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती होगी. विभागों से यह भी कहा गया है कि भविष्य में आवश्यक होने पर 4 वें और 5 वें वर्ष के एमबीबीएस छात्रों की भी मदद ली जाए.
चंडीगढ़, 21 नवंबर 2020,जम्मू-कश्मीर में पिछले दिनों नगरोटा एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों के बाद पंजाब पुलिस सतर्क हो गई है. राज्य से सटे सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इस बीच भारत-पाक सीमा के साथ लगते बामियाल सेक्टर में भी पुलिस द्वारा लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है. पुलिस बामियाल सेक्टर पर लगातार चौकस है और सर्च अभियान चला रही है. जिले के सभी सार्वजनिक स्थानों पर भी सर्च ऑपरेशन किए जा रहे हैं. पुलिस ने बस स्टैंड पर बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों से भी पूछताछ की है. 26/11 की बरसी पर आतंकियों के नापाक इरादों को नाकाम करने के लिए देश में हर जगह सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. इस बीच भारत ने आज शनिवार को जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में आतंकी हमले की साजिश को नाकाम किए जाने के बाद पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया. नई दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी को तलब कर विदेश मंत्रालय ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पड़ोसी मुल्क अपनी जमीन पर आतंक को पनाह देना बंद करे. विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारतीय सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर के नगरोटा में 19 नवंबर 2020 को एक बड़े आतंकी हमले के मंसूबे को नाकाम कर दिया. शुरुआती रिपोर्ट्स में पता चला है कि नगरोटा एनकाउंटर में मारे गए आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े हुए थे. भारत सरकार ने जैश के लगातार आतंकी हमलों को लेकर चिंता जाहिर की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि अतीत में भी जैश भारत के खिलाफ आतंकी हमलों को अंजाम देता रहा है. पिछले साल फरवरी में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में भी जैश का हाथ था. एनकाउंटर में मारे गए आतंकियों के पास से बरामद हथियार और बारूद इसकी तस्दीक करते हैं कि आतंकी जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को भंग करना चाहते थे. खासकर आतंकी केंद्र शासित प्रदेश में होने वाली जिला विकास परिषद (डीडीसी) चुनाव को बाधित करना चाहते थे.
चंडीगढ़, 21 नवंबर 2020,लंबे समय से किसान आंदोलन से त्रस्त पंजाब को आज शनिवार को उस समय बड़ी राहत मिली जब राज्य के कई किसान संगठनों के साथ हुई बैठक में संगठनों ने रेलवे ट्रैक खाली करने पर हामी भरते हुए कहा कि अगले 15 दिनों के लिए रेलवे ट्रैकों को तमाम पैसेंजर और कार्गो ट्रेनों के लिए खाली कर दिया जाएगा. किसान संगठनों का यह फैसला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है. हालांकि किसान संगठनों की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर 15 दिनों में केंद्र सरकार के साथ बातचीत आगे नहीं बढ़ती और कोई सकारात्मक रिस्पॉन्स केंद्र सरकार की ओर से नहीं आता तो 15 दिन बाद किसान संगठन एक बार फिर से अपने आंदोलन को शुरू करेंगे और उनकी ओर से रेलवे ट्रैकों को जाम कर दिया जाएगा. सोमवार से पंजाब के तमाम रेलवे ट्रैकों को किसान संगठन पैसेंजर और कार्गो ट्रेनों के लिए खाली करने पर राजी हो गए हैं. इस बीच किसान संगठनों की ओर से फैसले के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्वीट कर कहा, 'किसान संगठनों के साथ उपयोगी बैठक हुई. यह साझा करते हुए खुशी हो रही है कि 23 नवंबर की रात से किसान संगठनों ने अगले 15 दिनों के लिए रेल ट्रैकों को खाली करने का निर्णय लिया है. मैं इस कदम का स्वागत करता हूं क्योंकि यह हमारी अर्थव्यवस्था के लिए सामान्य स्थिति को बहाल करेगा. मैं केंद्रीय सरकार से पंजाब के लिए रेल सेवाओं को फिर से शुरू करने का अनुरोध करता हूं.' कृषि कानूनों के खिलाफ 50 दिन से भी ज्यादा समय से पंजाब में किसान आंदोलनरत हैं. किसान आंदोलन के कारण राज्य में रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित है क्योंकि आंदोलनकारी किसान रेल परिसर, प्लेटफॉर्म और रेलवे ट्रैक समेत कई जगहों पर डटे हुए हैं. जिसकी वजह से ट्रेनों का संचालन नहीं हो पा रहा था. पंजाब में किसानों के विरोध-प्रदर्शन के कारण रेलवे को करोड़ों का नुकसान हो रहा है. पिछले महीने 1 अक्टूबर से 15 नवंबर के बीच रेलवे को मालगाड़ियां रद्द होने के चलते करोड़ों का नुकसान हुआ है. भारतीय रेलवे को रोजाना 36 करोड़ रुपये मालभाड़े के नुकसान होने का अनुमान है. सूत्रों के अनुसार पंजाब के पांच बिजली घरों को 520 रैक कोयले की आपूर्ति नहीं की जा सकी जिसके चलते भारतीय रेल को 550 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. किसानों के प्रदर्शन के बीच पंजाब में तमाम रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों और मालगाड़ियों का संचालन बाधित है. ऐसे में राज्य के कई तमाम थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले की सप्लाई पर भी असर पड़ रहा है जिससे बिजली सप्लाई बाधित होने का डर है.
स्‍वदेशी कोरोना वायरस वैक्‍सीन Covaxin का इंसानों पर आखिरी दौर का ट्रायल शुरू हो गया है। देशभर में 26 हजार लोगों पर वैक्‍सीन का डबल ब्‍लाइंड, रैंडमाइज्‍ड ट्रायल होगा। हरियाणा में गृह मंत्री अनिल विज ने पहली डोज लेकर फेज 3 ट्रायल की शुरुआत की। विज ने खुद को पहला वालंटियर बनाने की पेशकश की थी। उन्‍हें अंबाला के एक अस्‍पताल में Covaxin का पहला इंजेक्‍शन दिया गया। 14 दिन बाद उन्‍हें वैक्‍सीन की दूसरी डोज दी जाएगी। इस वैक्‍सीन का कोडनेम BBV152 है। ट्रायल में सफल होने पर इस वैक्‍सीन के अगले साल की पहली तिमाही के बाद उपलब्‍ध होने की संभावना जताई जा रही है। Covaxin को हैदराबाद की भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नैशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ वॉयरलॉजी (NIV) के साथ मिलकर तैयार किया है। इसका फेज 1 ट्रायल 15 जुलाई से शुरू हुआ था। कैसे तैयार की गई? किस तरह करती है असर? Covaxin एक 'इनऐक्टिवेटेड' वैक्‍सीन है। यह उन कोरोना वायरस के पार्टिकल्‍स से बनी है जिन्‍हें मार दिया गया था ताकि वे इन्फेक्‍ट न कर पाएं। इसकी डोज से शरीर में वायरस के खिलाफ ऐंटीबॉडीज बनती हैं। ये ऐंटीबॉडीज शरीर को कोरोना इन्‍फेक्‍शन से बचाती हैं। Covaxin की कीमत क्‍या होगी? भारत बायोटेक के एमडी डॉ कृष्‍णा एल्‍ला ने कहा था कि वैक्‍सीन की कीमत एक पानी की बोतल के दाम से भी कम होगी। यानी इसका मतलब है कि वैक्‍सीन की एक डोज 20 रुपये से ज्‍यादा की नहीं होनी चाहिए।
शिमला, 14 नवंबर 2020,हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को अस्पताल से छुट्टी मिल गई. उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था. हरियाणा के सीएम खट्टर फिलहाल हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं. वो शुक्रवार शाम हिमाचल प्रदेश पहुंचे थे. शनिवार को उनके प्रदेश वापस लौटने का प्रोग्राम था. लेकिन उन्होंने सांस संबंधी दिक्कत होने की शिकायत की. जिसके बाद उन्हें इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. यहां इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई है. अस्पताल से बाहर आकर सीएम खट्टर ने बताया कि वो अब ठीक हैं. इससे पहले उन्होंने शुक्रवार को दिवाली के मौके पर राज्यपाल से भी मुलाकात की थी. सीएम खट्टर इससे पहले अगस्त महीने में कोरोना संक्रमित हो चुके हैं. हालांकि दो सप्ताह तक क्वारनटीन रहने के बाद उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को कोरोना संक्रमण के चलते गुरुग्राम के मेदांता में भर्ता करवाया गया था. उनकी उम्र को देखते हुए उनको 25 अगस्त की सुबह 2.30 बजे मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वो डायबिटीज के भी मरीज हैं. 24 अगस्त को खट्टर कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे.
चंडीगढ़/नई दिल्ली पंजाब में केंद्र के नए कृषि कानूनों के विरोध की आंच नई दिल्‍ली तक पहुंचने लगी है। बुधवार सुबह पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह के क्रमिक धरने के आह्वान पर दिल्‍ली पहुंचे कांग्रेस विधायक नवजोत सिंह सिद्धू को पुलिस ने बॉर्डर पर रोक लिया। काफी गरमागरमी के बाद सिद्धू को दिल्‍ली में प्रवेश मिला। कृषि कानूनों के विरोध के चलते पंजाब में कोयला लाने वाली ट्रेनों पर रोक है जिससे राज्‍य में बिजली कटौती करनी पड़ रही है। इन्‍हीं मुद्दों पर अमरिंदर सिंह ने जंतर-मंतर पर क्रमिक धरने की अपील की है। खुद अमरिंदर भी बुधवार को धरना देंगे। नवजोत सिंह सिद्धू जब पंजाब से दिल्‍ली बॉर्डर पर पहुंचे तो उन्‍हें दिल्‍ली पुलिस ने रोक लिया। उनके साथ और कांग्रेस नेता थे। सिद्धू ने पुलिस से कहा कि वे लोग दस लाख लोगों के प्रतिनिधि हैं। यह प्रजातंत्र है, वे लोग (केंद्र सरकार) नहीं जानते हमें जितना दबाया जाएगा हम उतने जोर से पलटवार करेंगे।' इस बीच पंजाब के पटियाला में किसान राजपुरा थर्मल पावर प्‍लांट के पास रेल की पटरियों पर जमे हैं और केंद्र के नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे पहले अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा लागू तीन कृषि कानूनों को निष्प्रभावी करने के लिए पंजाब विधानसभा में पारित विधेयकों को मंजूरी दिलाने की मांग को लेकर बुधवार को राष्ट्रपति से मुलाकात का समय मांगा था। राज्य सरकार ने मंगलवार को बताया कि राष्ट्रपति भवन ने मुलाकात का समय देने से इनकार कर दिया है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन, केंद्र द्वारा मालगाड़ियों का परिचालन स्थगित किए जाने की वजह से राज्य में उत्पन्न हालात को रेखांकित करेगा। पंजाब के विपक्षी दलों ने अमरिंदर सिंह के दिल्ली में धरने का नेतृत्व करने के कदम को ‘ड्रामा’ करार दिया है। इसलिए रोकी गईं ट्रेन रेलवे ने पंजाब में ट्रेनों का परिचालन यह कहकर रोक दिया है कि कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसान अब भी कुछ पटरियों पर जमे हैं। हालांकि, राज्य सरकार का कहना है कि पटरियों पर से अवरोधक हटा लिए गए हैं और मालगाड़ियों को परिचालन की अनुमति दी जा रही है। चार-चार विधायक देंगे धरना पंजाब सरकार ने कहा कि कोयले की कमी की वजह से राज्य के ताप विद्युत संयंत्र बंद हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में चूंकि धारा 144 लागू है और लोगों के जमा पर होने पर रोक है, इसलिए विधायक चार-चार के समूह में पंजाब भवन से महात्मा गांधी की समाधि राजघाट जाकर क्रमिक धरना देंगे। सिंह ने कहा कि पहला समूह सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर राजघाट पहुंचेगा। उन्होंने राज्य के कांग्रेस विधायकों के अलावा पंजाब के अन्य पार्टियों के विधायकों से भी धरना में शामिल होने का आह्वान किया।
फरीदाबाद बल्लभगढ़ के निकिता हत्याकांड में एसआईटी का गठन कर दिया गया है। एसआईटी की टीम ने परिवार को आश्वासन दिलाया कि जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस पीआरओ एसीपी आदर्शदीप सिंह ने बताया कि पांच सदस्यीय एसआईटी का गठन एसीपी क्राइम अनील कुमार के नेतृत्व में किया गया है। उधर पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि तौसीफ शुरुआत में निकिता से राहुल राजपूत बनकर मिलता था। असलियत सामने आने पर निकिता ने उससे दूरी बना ली थी। राहुल राजपूत बनकर मिलता था तौसीफ पीड़ित परिवार ने बताया कि शुरुआत में निकिता से राहुल राजपूत बनकर मिलता था। इस दौरान उसने 2018 में दोस्ती करने की कोशिश भी की थी, मगर तभी उसका असली नाम उजागर हो गया था। इसके बाद से निकिता से उससे और भी दूरी बना ली थी। किडनैप करके साथ ले जाना चाहता था आरोपी निकिता हत्याकांड का मुख्य आरोपी तौसीफ उसका अपहरण कर अपने साथ ले जाना चाहता था। उसने जब मना किया और भागने लगी तो उसने उसे गोली मार दी। यह खुलासा आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में किया है। उसने यह भी बताया कि अगर वह रास्ते में उनके हाथ नहीं आता तो पुलिस उसे कभी ढूंढ़ नहीं पाती। पुलिस दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर रही है। तौसीफ का मामा है कुख्यात बदमाश पुलिस ने बताया कि तौसीफ का मामा कुख्यात बदमाश है जो इस वक्त जेल में सजा काट रहा है। तौसीफ ने अपने मामा के गैंग के गुर्गे से ही देसी तमंचा इस वारदात को अंजाम देने के लिए लिया था। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल तमंचा, कार व दोनों आरोपितों के मोबाइल बरामद कर लिए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तौसीफ पॉलिटिकल व क्रिमिनल बैकग्राउंड से आता है। उसका मामा इस्लामुद्दीन हरियाणा और दिल्ली का कुख्यात बदमाश रहा है। उसने कई हत्याएं, लूट व किडनैपिंग की वारदातों को अंजाम दिया था। गुड़गांव में उसके मामा ने एक इंस्पेक्टर सुरेंद्र को किडनैप किया था। इस मामले में बाद में इंस्पेक्टर को छुड़वा लिया गया था। इस्लामुद्दीन कई मामलों में इस वक्त सजा काट रहा है।
फरीदाबाद फरीदाबाद में निकिता हत्याकांड का मुख्य आरोपी तौसीफ राजनीतिक और आपराधिक बैकग्राउंड से आता है। उसका मामा इस्लामुद्दीन हरियाणा और दिल्ली का मोस्ट वॉंटेड बदमाश है, जिसने एक बार इंस्पेक्टर को ही किडनैप कर लिया था। तौसीफ ने अपने मामा के गैंग के गुर्गे से ही देसी तमंचा इस वारदात को अंजाम देने के लिए लिया था। पुलिस ने बताया कि तौसीफ का मामा कुख्यात बदमाश है, जो इस वक्त जेल में सजा काट रहा है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल तमंचा, कार और दोनों आरोपियों के मोबाइल बरामद कर लिए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि तौसीफ पॉलिटिकल और क्रिमिनल बैकग्राउंड से आता है। उसका मामा इस्लामुद्दीन हरियाणा और दिल्ली का कुख्यात बदमाश रहा है। उसने कई हत्याएं, लूट और किडनैपिंग की वारदातों को अंजाम दिया था। गुड़गांव में उसके मामा ने एक इंस्पेक्टर सुरेन्द्र को किडनैप किया था। इस मामले में बाद में इंस्पेक्टर को छुड़वा लिया गया था। इस्लामुद्दीन कई मामलों में इस वक्त सजा काट रहा है। पूछताछ में तौसीफ ने बताया कि वह निकिता का अपहरण कर अपने साथ ले जाना चाहता था। उसने जब मना किया और भागने लगी तो उसने उसे गोली मार दी। यह खुलासा आरोपी ने पुलिस की पूछताछ में किया है। आरोपी ने यह भी बताया कि अगर वो रास्ते में हाथ नहीं आता तो पुलिस उसे कभी ढूंढ़ नहीं पाती। पुलिस दो दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ कर रही है। पिता के दोस्त से ली गाड़ी चला रहा था पुलिस ने बताया कि आरोपी से जो कार बरामद हुई है, वो उसके पिता के दोस्त की है। कार उसने दिल्ली से खरीदी थी मगर पेपर ट्रांसफर नहीं कराए थे। ऐसे में पुलिस कार मालिक से भी पूछताछ कर सकती है। फॅरेंसिक के लिए भेजे जाएंगे फोन और हथियार बरामद हथियार और दोनों के मोबाइल फोन फॅरेंसिक जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसके साथ ही आरोपी से जुड़े डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक सबूत भी पुलिस जुटाने में लगी हुई है। गृहमंत्री ने 2018 से केस की जांच के दिए आदेश हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने छात्रा की हत्या के मामले की जांच कर रही एसआईटी को आदेश दिए हैं कि वह 2018 से इस केस की जांच करे। अनिल विज ने कहा कि प्रदेश में बेटियों को ऐसे सिसक-सिसक के मरने नहीं दिया जाएगा। गृहमंत्री ने ये भी स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में दोषियों के साथ-साथ बेटी के परिवार को दबाने वालों को भी बख्शने के मूड में नहीं है। इसलिए अब इस हत्याकांड की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी है और ये आदेश दे दिए हैं कि मामले में न सिर्फ इस हत्याकांड, बल्कि 2018 से इस मामले की जांच की जाए जब बेटी के परिवार ने अपहरण की शिकायत देकर वापस ले ली थी। विज ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच लव जिहाद के एंगल से भी करने की बात कही है। उन्होंने इस बात का अंदेशा भी जताया कि 2018 में भी कांग्रेसियों ने दबाव बनाकर ही परिवार से शिकायत वापस लेने का एफिडेविट दिलवाया होगा।
फरीदाबाद, 28 अक्टूबर 2020, फरीदाबाद के निकिता मर्डर केस में क्राइम ब्रांच की जांच जारी है. पुलिस को अभी तक आरोपी तौसीफ का मोबाइल फोन नहीं मिला है. पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद तौसीफ ने अपना फोन तोड़कर कहीं फेक दिया है. अब एसआईटी की टीम तौसीफ को लेकर उस जगह पर गई है, जहां उसने फोन को फेंकने का दावा किया है. इसके अलावा पुलिस का कहना है कि निकिता के मोबाइल को भी परिवार से लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा. सूत्रों की माने तो तौसीफ का कहना है कि वो निकिता को बहुत प्यार करता था और उससे शादी करना चाहता था. तौसीफ ने बताया कि निकिता ने शादी के लिए इनकार कर दिया था इसलिए उसकी हत्या कर दी. पुलिस के मुताबिक, तौसीफ ने पूछताछ में बताया कि वो निकिता को जबर्दस्ती अपने साथ ले जाना चाहता था और उसके मना करने पर गोली मार दी. हरियाणा पुलिस इस केस के लिए स्पेशल PP नियुक्त किया है और 30 दिन के अंदर पुलिस इस मामले की चार्जशीट दायर करेगी. इस पूरे मामले पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि घटना में कांग्रेस के नेताओं का दबाव है. मैं प्रदेश की लड़कियों को सिसक-सिसक के मरने नहीं दूंगा. एसआईटी का गठन हुआ , जो 2018 से मामले की जांच करेगी. लव जिहाद, अपहरण जैसे सभी मामले पुर्नजीवित हो सकते हैं. किसी भी हालत में किसी को बख्शेंगे नहीं.
चंडीगढ़ पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने होशियारपुर (Hoshiyarpur Rape) में मासूम बच्ची से हैवानियत के मामले को लेकर बीजेपी के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। अमरिंदर ने कहा कि होशियारपुर जाने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा है कि हाथरस की घटना के उलट पंजाब पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई की है। सीएम अमरिंदर ने केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'हमें होशियारपुर में रेप पीड़ित के घर जाने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि वहां पर पुलिस की जांच जारी है। पुलिस ऐक्शन में है। आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। लेकिन हाथरस में तो पुलिस की जांच नहीं हुई थी।' बता दें कि सीतारमण ने राहुल और प्रियंका गांधी के हाथरस ना जाने को लेकर निशाना साधा था। 'हाथरस और होशियारपुर की कोई तुलना नहीं' अमरिंदर सिंह ने कहा कि बीजेपी के नेता जो कुछ दावा कर रहे हैं, उसके उलट होशियारपुर घटना और हाथरस मामले के बीच कोई तुलना नहीं है। उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि हाथरस मामले में, उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस न सिर्फ सख्त कार्रवाई करने में नाकाम रही, बल्कि अगड़ी जाति के आरोपियों को बचाने की कोशिश करते हुए भी नजर आई। उन्होंने कहा कि जबकि इसके ठीक उलट पंजाब पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को फौरन गिरफ्तार कर लिया तथा अब एक हफ्ते में चालान दाखिल करने की तैयारी कर रही है। 'हाथरस पर बोलने को मजबूर हो गई थी कांग्रेस' मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी हाथरस मामले में बोलने के लिए और प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो गई थी क्योंकि राज्य सरकार वहां दलित लड़की को न्याय दिला पाने में नाकाम रही थी। सिंह ने कहा कि सीतारमण ने राहुल और प्रियंका के खिलाफ जो चुनिंदा तरीके से राजनीति और टिप्पणी की है, वह बीजेपी के लिए पूरी तरह से अनुकूल है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के किसी भी नेता ने हाथरस घटना के विरोध में एक शब्द भी नहीं बोला, जब पूरे देश में रोष छाया हुआ था। उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी होशियारपुर घटना पर राजनीति से प्रेरित होकर प्रतिक्रिया व्यक्त कर रही है। 'होशियारपुर की घटना पर भाई-बहन की आत्मा नहीं डोली' केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस मसले को लेकर प्रियंका गांधी और राहुल गांधी को निशाने पर लिया। सीतारमण ने कहा, 'बिहार के दलित प्रवासी मजदूर की एक 6 वर्षीय बेटी के साथ रेप किया गया। उसकी हत्या कर दी गई। होशियारपुर में उसके शव को आधा जला दिया गया। लेकिन इन सबके बावजूद भाई-बहन (राहुल गांधी-प्रियंका गांधी) की आत्मा जरा भी नहीं डोली। ये वही भाई-बहन हैं जो हर उस स्थान पर पहुंचते हैं, जहां से इन्हें राजनीतिक लाभ होता है।'
लखनऊ पंजाब के रोपड़ जिला जेल में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश लाया जाना था। इसके लिए यूपी पुलिस की पचास सदस्यीय टीम पंजाब गई थी लेकिन उन्हें खाली हाथ ही लौटना पड़ा। पंजाब के मेडिकल बोर्ड ने मुख्तार का स्वास्थ्य खराब बताया है और उन्हें तीन महीने का कंप्लीट बेड रेस्ट करने को कहा गया है। बसपा विधायक मुख्तार की मेडिकल रिपोर्ट यूपी सरकार को भेजी गई है। इसमें लिखा है कि मुख्तार अंसारी डायबिटीज, स्लिप डिस्क और डिप्रेशन समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित हैं। उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है इसलिए उन्हें तीन महीने के बेड रेस्ट की सलाह दी जाती है। इस मेडिकल रिपोर्ट के बाद मुख्तार का लाया जाना टल गया है। अब यूपी पुलिस उच्चाधिकारियों और विधि विभाग के संपर्क में है ताकि इस मामले में सलाह लेकर आगे कुछ कार्रवाई की जा सके। इधर सोशल मीडिया में कहा जा रहा है कि मुख्तार अंसारी को यूपी पुलिस की गाड़ी पलटने का डर था इसलिए बेड रेस्ट ले लिया। पंजाब गई थी यूपी पुलिस की टीम गाजीपुर के मोहम्मदाबाद थाने में बाहुबली मुख्तार अंसारी के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। इन मामलों में मुख्तार को प्रयागराज की एमपी-एमलएलए कोर्ट में 21 अक्टूबर को पेश किया जाना था। यूपी पुलिस की एक टीम प्रॉडक्शन वारंट लेकर रोपड़ गई थी लेकिन वहां से टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। यह है पूरा मामला मुख्तार अंसारी के ऊपर फर्जी दस्तावेज के आधार पर शस्त्र लाइसेंस जारी करवाने का केस है। उनके बेटे और पत्नी पर भी कई मुकदमें दर्ज किए जा चुके हैं। मुख्तार की पत्नी और बेटा फरार हैं। इधर योगी सरकार मुख्तार और उनके गैंग के गुर्गों पर ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। कई गुर्गे गिरफ्तार किए जा चुके हैं। मुख्तार और उनके गुर्गों के अवैध आशियाने भी यूपी सरकार गिरा चुकी है। पंजाब जेल में बंद है मुख्तार मुख्तार अंसारी लगभग 22 महीने से जेल में हैं। उन्हें पहले यूपी की जेल में रखा गया था लेकिन यहां से जनवरी 2019 से पंजाब की जेल में शिफ्ट किया गया। मुख्तार पर, उनके करीबी सहयोगी प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की जेल के अंदर हत्या करवाने का आरोप लगा था। यह हत्या 9 जुलाई, 2018 को बागपत जेल के अंदर हुई थी।
चंडीगढ़ पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में केंद्र सरकार के कृषि बिलों के खिलाफ विधेयक पेश किए। अमरिंदर ने विधेयकों को पेश करते हुए भावुक भाषण भी दिया। उन्होंने विपक्षी अकाली दल को निशाने पर भी लिया। अमरिंदर ने कहा कि उनकी सरकार अगर गिरती है तो गिर जाए। उन्हें इसका डर नहीं है लेकिन वह किसानों के साथ हैं। अमरिंदर सिंह ने कहा कि केंद्र का कृषि बिल किसानों और भूमिहीन श्रमिकों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने इस दौरान तीन विधेयक, किसानों को उत्पादन सुविधा अधिनियम में संशोधन, आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन, किसानों के समझौते और कृषि सेवा अधिनियम में संशोधन बिल विधानसभा में पेश किए। मुख्यमंत्री बोले, पहले भी दिया था इस्तीफा विधेयक पेश करने के दौरान अमरिंदर सिंह ने कहा, 'मुझे अपनी सरकार के गिरने का डर नहीं है। मैं इस्तीफा भी देने के लिए तैयार हूं। पहले भी पंजाब के लिए इस्तीफा दिया था। हम किसानों के साथ पूरी तरह से खड़े हैं। बिल पेश करते हुए अमरिंदर सिंह ने कहा कि कृषी संसोधन बिल और प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी बिल दोनों ही किसान, मजदूर और वर्कर्स के लिए घातक हैं। राज्य के वित्त मंत्री ने पेश किया एक बिल राज्य के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने भी विशेष विधानसभा सत्र के दौरान सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया। इसके बाद, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कृषि अध्यादेशों और बिजली अधिनियम में संशोधन के खिलाफ एक प्रस्ताव रखा। आपको बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि बिलों को लेकर पंजाब में किसान लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भी राज्य में किसानों का समर्थन करने पहुंचे थे और ट्रैक्टर यात्रा की थी।
नई दिल्ली, 06 अक्टूबर 2020, देश में कोरोना वायरस संकट लगातार बढ़ता जा रहा है. मंगलवार को हरियाणा के उपमुख्यमंत्री और जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला भी कोरोना वायरस से पीड़ित हो गए. राज्य में इससे पहले भी कई मंत्री और नेता कोरोना की चपेट में आ चुके हैं और अब इनमें दुष्यंत का नाम भी जुड़ गया है. दुष्यंत चौटाला ने खुद ट्वीट कर इस बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं हैं, लेकिन जो भी उनके संपर्क में आए हैं वो खुद का टेस्ट करा लें. हरियाणा में इससे पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, विधानसभा स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता समेत कई मंत्री और करीब आधा दर्जन विधायक कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं. पिछले महीने जब राज्य में विधानसभा सत्र हुआ था, उस वक्त बड़ी संख्या में विधायक कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. आपको बता दें कि देश में कोरोना संकट लगातार बढ़ता जा रहा है और हर रोज औसतन 80 हजार नए केस, एक हजार के करीब मौतें दर्ज हो रही हैं. भारत में अबतक कुल कोरोना केस की संख्या 66 लाख के पार चली गई है, जबकि मरने वालों का आंकड़ा एक लाख से अधिक है. अगर सिर्फ हरियाणा की बात करें तो राज्य में अबतक करीब 1.34 लाख केस सामने आ चुके हैं. हालांकि, अब सिर्फ 12 हजार के करीब केस एक्टिव हैं और 1.21 लाख लोग ठीक हो चुके हैं. राज्य में कोरोना संकट के चलते अबतक 1500 के करीब लोगों की जान जा चुकी है.
संगरूर/पटियाला, 05 अक्टूबर 2020,कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी इन दिनों किसानों के हक में आवाज बुलंद करने के लिए 'खेती बचाओ' आंदोलन के तहत तीन दिन के पंजाब दौरे पर हैं. कांग्रेस की ओर से इस मुहिम के तहत ट्रैक्टर तो बेशुमार सड़कों पर दौड़ रहे हैं लेकिन इस दौरान हो रही रैलियों में बहुत कम लोग राहुल और अन्य कांग्रेस नेताओं को सुनने के लिए पहुंच रहे हैं. सोमवार को संगरूर के समाना में आयोजित रैली में दर्जनों की संख्या में ट्रैक्टर देखे गए लेकिन बहुत कम लोग राहुल का भाषण सुनने के लिए पंडाल में गए. पंडाल में लगाई गई दर्जनों कुर्सियां खाली ही रहीं. राहुल जब भाषण दे रहे थे तो पंडाल के बाहर कई लोग ट्रैक्टर दौड़ाते दिखे. सूत्रों के मुताबिक पिछले दो दिनों से हर ट्रैक्टर चालक को कम से कम 500 रुपए का डीजल मुहैया कराया जा रहा है. ऐसा ही कुछ नजारा कांग्रेस के 'खेती बचाओ' आंदोलन के पहले दिन रविवार को भी देखने को मिला. मोगा की रैली में राहुल ने जैसे ही भाषण देना शुरू किया कि लोग दर्जनों की संख्या में पंडाल छोड़ कर अपने घरों का रुख करते दिखे. यहां जब तक मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के भाषण हुए, लोग किसी तरह उन्हें सुनने के लिए बैठे रहे. शायद ये पंजाबी में उनके भाषण देने की वजह से हुआ. लेकिन राहुल गांधी के बोलना शुरू करते ही कई लोगों ने पंडाल से निकलना शुरू कर दिया. सिद्धू को सुनने में थी दिलचस्पी आजतक/इंडिया टुडे ने पंडाल छोड़कर जा रहे लोगों से बात की तो ज्यादातर का मानना था कि राहुल गांधी को पंजाब के मसलों का ज्ञान नहीं है और वो तो सिर्फ नवजोत सिंह सिद्धू को सुनने के लिए आए थे. कुछ लोगों ने ये भी कहा कि उनको सुबह 10 बजे पहुंचने के लिए कहा गया था जबकि राहुल और अन्य नेता 1 बजे रैली ग्राउंड पहुंचे. पंजाबी भाषी क्षेत्र में हिंदी में भाषण दरअसल राहुल गांधी पिछले दो दिनों से पंजाब के किसानों के एक ऐसे वर्ग को संबोधित कर रहे हैं जिनमें से ज्यादातर लोग सिर्फ पंजाबी भाषा ही समझ सकते हैं. कुछ किसानों ने बताया कि राहुल गांधी ने हिंदी में जो भी कहा उनके पल्ले नहीं पड़ा. "नए कृषि कानून आम लोगों के भी हित में नहीं" हाल ही अस्तित्व में आए तीन केंद्रीय कृषि कानूनों के विरोध में आयोजित की जा रही कांग्रेस की तीन दिवसीय 'खेती बचाओ' यात्रा के दौरान राहुल न केवल इन कानूनों को किसान और खेत मजदूर विरोधी बताते आए हैं बल्कि उनके मुताबिक यह कानून देश के आम नागरिकों और आम ग्राहकों के लिए भी कष्ट पहुंचाने वाले होंगे. राहुल गांधी जोर दे रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले 6 सालों से देशवासियों से झूठ बोल रहे हैं, चाहे वह जीएसटी का मामला हो या फिर नोटबंदी का. राहुल गांधी ने कहा, "देश के आम लोगों ने जो पैसा बैंकों में जमा किया, उसका इस्तेमाल चंद लोगों के कर्ज माफ करने में कर दिया गया." समाना में राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानून भारत की आत्मा पर हमला है, केंद्र की भाजपा सरकार एमएसपी और मंडी सिस्टम को तबाह करने में लगी हुई है और ऐसा सिर्फ कुछ बड़े औद्योगिक घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन कानूनों के अस्तित्व में आने से भारतवर्ष एक बार फिर गुलामी की ओर बढ़ सकता है.
गुरुग्राम, 04 अक्टूबर 2020, दिल्ली से सटे गुरुग्राम में 32 साल की एक महिला के साथ चार युवकों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया है. आरोपियों ने वारदात के बाद महिला को पीटा भी. इस घटना में पीड़िता को सर में गंभीर चोट आई है. पीड़िता को इलाज के लिए पहले स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन महिला की हालत बिगड़ने के बाद उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रेफर किया गया है. गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक ये वारदात शहर के पॉश इलाके डीएलएफ फेज-2 में हुई है. गुरुग्राम पुलिस ने इस मामले में तत्काल करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. ये चारो आरोपी फूड डिलीवरी कंपनी में डिलीवरी ब्वॉय का काम करते हैं. पुलिस ने जिन चार आरोपी युवकों को गिरफ्तार किया है उनके नाम पंकज, पवन, रंजन और गोबिंद हैं. पुलिस का कहना है कि चारो आरोपी युवकों से सख्ती से पूछताछ की जारी है और घटना के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की जा रही है. पुलिस इस मामले के अन्य बिंदुओं की जांच कर रही है. पुलिस ये जानना चाह रही है कि क्या आरोपी पीड़िता को पहले से जानते थे. वहीं गुरुग्राम पुलिस महिला के ठीक होने का इंतजार कर रही है ताकि पीड़िता का विस्तृत बयान लिया जा सके.
मंडी डबवाली। रविवार सुबह जारी हुए स्वास्थ्य विभाग सिरसा के बुलटिन अनुसार सिरसा जिला में कोरोना से 48 मौत हो गई हैं। जबकि 1122 कोरोना पीडि़तों का उपचार चल रहा है। ऐसे में डबवाली की सामाजिक संस्था अपने ने एक साथ दो अभियान मैं सुरक्षित, मेरा शहर सुरक्षित तथा हमारा शहर, हमारे जिम्मे छेड़ा हैं। मैं सुरक्षित, मेरा शहर सुरक्षित अभियान को हजारों लोगों ने समर्थन दिया है। डबवाली के साथ-साथ सिरसा जिला के शहरी तथा ग्रामीण अभियान से जुड़कर मास्क पहले सेल्फी कर भेज रहे हैं। सोशल मीडिया पर अभियान की चर्चा हो रही है तो वहीं मास्क के साथ सेल्फी भेजने वाले लोग दूसरों को भी मास्क पहनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। एक कदम आगे बढ़ते हुए बच्चे, किशोर भी मास्क पहनकर सेल्फी भेज रहे हैं, अगर उनके माता-पिता फेस मास्क का प्रयोग नहीं करते तो उन्हें मजबूर करने लगे हैं। ---------- जिनके मास्क पहना था, उनके लिए बजाई तालियां रविवार सुबह संस्था अपने ने हमारा शहर, हमारे जिम्मे अभियान के तहत चौटाला हाईवे पर बठिंडा चौक से प्रेमनगर मोड तक डोर-टू-डोर अभियान चलाकर लोगों को मास्क पहनने के लिए जागरुक किया। जिन लोगों ने मास्क नहीं पहना हुआ था, उनके आगे हाथ जोड़े। अधिकतर दुकानदार ऐसे थे, जिनकी जेब या फिर काऊंटर की दराज में मास्क था। उन लोगों ने झट से मास्क निकालकर पहन लिया। एक-दो हेयर ड्रेसर को छोड़कर शेष पर बिना मास्क लोगों की कटिंग-शेव की जा रही थी। इस बीच सब्जी, फल, नमकीन विक्रेता या फिर रिक्शा पुलर ऐसे मिले, जिन्होंने मास्क पहने हुए थे। इन लोगों के लिए जोरदार तालियां बजाई। लोगों ने बताया कि सुरक्षा में ही बचाव है। जागरुकता से ही कोरोना से जीत सकते हैं। ---------- ये रहे मौजूद हमारा शहर, हमारे जिम्मे अभियान के दौरान संस्था सदस्य सुभाष गुप्ता, इंद्र शर्मा, मुकेश बांसल, नवदीप चलाना, रजनीश मेहता, डॉ. विवेक करीर, आशु सिंगला, खुशी मोहम्मद कुरैशी, रोहताश वर्मा, पवन वर्मा, सुरेंद्र सचदेवा, अंग्रेज सिंह सग्गू, प्रेम कनवाडिय़ा, नवीन गर्ग बंटी, अक्षित सेठी मौजूद थे। --------- उपायुक्त रमेश चंद्र बिढ़ाण के दिशा-निर्देश में दोनों अभियान चलाए जा रहे हैं। सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं। यह अभियान निरंतर जारी रहेंगे। ताकि सिरसा जिला में तेजी से बढ़ रहे कोरोना को जागरुकता से रोका जा सकें। क्योंकि जागरुकता में ही बचाव है। इसलिए लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। रविवार को करीब 100 से ज्यादा दुकानों, फड़ी-रेहड़ी चालकों को जागरुक किया गया। देखा गया कि आम व्यक्ति के चेहरे पर मास्क है, लेकिन शिक्षित व्यक्ति या दुकानदार सबसे ज्यादा लापरवाह हैं। जो मास्क होते हुए भी उसे नहीं पहनते। -इंद्र शर्मा, प्रतिनिधि, संस्था अपने, डबवाली
चेन्नई, 08 सितंबर 2020,एक तरफ देश भर में कोरोना केस की मृत्यु दर (Case Fatality Rate-CFR) घट रही है, वहीं पंजाब में यह बढ़ रही है. पंजाब में कोरोना मरीजों की संख्या के साथ मृत्यु दर के आंकड़े डराने वाले हैं. महाराष्ट्र में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं और गुजरात में केस मृत्यु दर सबसे ज्यादा रही है, लेकिन अब वहां स्थिति संभल रही है, लेकिन पंजाब के आंकड़े किसी को भी चिंता में डाल सकते हैं. पूरे देश में इस समय मृत्यु दर के सबसे चिंताजनक आंकड़े पंजाब से आ रहे हैं. वास्तविक संख्या के लिहाज से देखें तो पंजाब में अब तक करीब 1,800 मौतें दर्ज हुई हैं. मौतों की संख्या के मामले में पंजाब कोरोना से सबसे प्रभावित राज्यों की सूची में 9वें स्थान पर है. इसके उलट, महाराष्ट्र में अब तक कोरोना से 26,000 मौतें हो चुकी हैं. इस तरह मौतों के मामले में पंजाब काफी पीछे दिखता है. लेकिन मौतों को लेकर पंजाब से जो आंकड़े आ रहे हैं, वे डराने वाले हैं. दस दिन पहले केस मृत्यु दर के मामले में दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पंजाब गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरा सबसे खराब मृत्यु दर वाला राज्य बन गया. इस समय ये तीनों राज्य करीब 3% की मृत्यु दर दर्ज कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है. केस मृत्यु दर या केस फेटलिटी रेट (CFR) किसी बीमारी में एक निश्चित अवधि में कुल संक्रमित लोगों की संख्या और इससे होने वाली मौतों का अनुपात है. हालांकि, महाराष्ट्र और गुजरात में केस मृत्यु दर नीचे आ रही है. साथ ही यह पूरे देश में नीचे आ रही है, लेकिन पंजाब में बढ़ रही है. पंजाब में हो रही हैं ज्यादा मौतें देश में हर दिन नई मौतें दर्ज करने वाले सबसे ज्यादा जिले महाराष्ट्र में हैं. शुक्रवार को नई मौतें दर्ज करने वाले 10 जिलों में से आठ महाराष्ट्र के थे. इन्हीं जिलों में हर दिन सबसे ज्यादा केस दर्ज हो रहे हैं. पंजाब के ज्यादातर जिलों में केस बहुत ज्यादा संख्या में नहीं दर्ज हो रहे हैं, लेकिन दर्ज की गई मौतें आनुपातिक रूप से ज्यादा हैं. शुक्रवार को पंजाब के 22 में से 16 जिलों में कोरोना से मौतें दर्ज की गईं. सबसे ज्यादा मृत्यु दर वाले 10 जिलों में से पांच पंजाब में हैं. इनमें कम से कम 25 मौतें हुई हैं और यहां मृत्यु दर सबसे ज्यादा है. शुक्रवार को दर्ज नए केस के अनुपात में सबसे ज्यादा नई मौतों वाले पांच जिलों में से तीन पंजाब के थे. पंजाब उन चंद राज्यों में से एक है जहां केस की तुलना में मौतों की संख्या दोगुनी होने में कम समय लग रहा है. यह इस बात का संकेत है कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हैं और वे तभी सामने आ रहे हैं जब मरीज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. इसलिए मौतें ज्यादा हो रही हैं. पंजाब सरकार के स्पष्टीकरण ने इस तथ्य को सही साबित किया है कि मरने वालों की संख्या इसलिए ज्यादा है क्योंकि लोगों में संक्रमण गंभीर अवस्था में पहुंच रहा है, तभी वे अस्पताल जा रहे हैं. इसका परिणाम मौतों के रूप में सामने आ रहा है. मृत्यु दर कम करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने के मकसद के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पंजाब और चंडीगढ़ में केंद्रीय टीमें भी भेजी थीं ताकि वायरस की रोकथाम, निगरानी, टेस्ट और कुशल क्लिनिकल मैनेजमेंट में सहयोग किया जा सके.
दिल्ली-एनसीआर में आज सुबह से हुई तेज बारिश के कारण हर तरफ सड़क पर पानी भर गया। मौसम विभाग (IMD) ने पहले ही चेतावनी दी थी कि निचले इलाकों में पानी भर सकता है। IMD के अनुसार, अरब सागर से दक्षिण-पश्चिमी हवाएं और बंगाल की खाड़ी से दक्षिण-पूर्वी हवाएं एनसीआर में बारिश करा रही हैं। गुड़गांव में बारिश का कहर गुड़गांव में भारी बारिश के कारण सड़क पर चलने लगी नाव। लोग अपने घरों में फंस गए और उन्हें निकालने के लिए नाव लाना पड़ा। गुड़गांव में सड़क पर नाव गुड़गांव में इतनी बारिश हुई है कि कई रिहायशी इलाकों में बारिश का पानी भर गया। लोग नावों पर सवार होकर बाहर निकले। पानी निकालने के लिए हैवी मशीनों को लगाया गया गुड़गांव के कई अंडरपास में इतना पानी भर गया कि वहां से पानी निकालने के लिए भारी मशीनों को लगाना पड़ा। भारी बारिश के कारण कई सड़कों पर यातायात को पूरी तरह रोक देना पड़ा।
चंडीगढ़ पंजाब में शराब कांड को लेकर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ आवाज उठाने वाले कांग्रेस के दो राज्यसभा सांसदों के खिलाफ प्रदेश इकाई कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मंगलवार को कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी सांसदों-प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दुलो के खिलाफ घोर अनुशासनहीनता के आरोप में कार्रवाई की मांग करेंगे। हाल ही में दोनों सांसदों ने राज्य सरकार के खिलाफ जाते हुए राज्यपाल को एक ज्ञापन दिया था। सोमवार को प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दुलो ने जहरीला शराब हादसे में प्रदेश की कांग्रेस सरकार को निशाना बनाते हुए राज्यपाल बीपी सिंह बदनोरे को एक ज्ञापन दिया था। साथ ही अवैध शराब के कारोबार के मामले की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय से कराने की मांग की थी। इसके बाद जाखड़ का यह बयान आया है। जाखड़ ने बताया कि ऐसे हादसे किसी भी व्यक्ति को इस बात की इजाजत नहीं देते हैं कि वह अनुशासनहीनता में शामिल हो। जाखड़ ने कहा कि यह समय पार्टी को बीमारी लगने से बचाने का है, यह समय कांग्रेस को बाजवा और दुलो जैसे छोटी सोच वाले लोगों से बचाने का है। जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं: जाखड़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने यहां बयान जारी कर बताया कि ये जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करते हैं। उन्होंने कहा कि वह राज्यसभा के दोनों सदस्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे जो अपनी अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और हितों को साधने के लिए इस हादसे का इस्तेमाल कर रहे हैं। जाखड़ ने कहा कि बाजवा और दुलो ने जो किया है उसे अब कत्तई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे लोग जो चुनाव लड़ने से भी डरते हैं वे अब पार्टी के लिए किसी काम के नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पीठ में छुरा मारने वाले ऐसे लोगों को रास्ता दिखाया जाना चाहिए। अब बहुत हो गया और वह स्पष्ट रूप से इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग करने जा रहे हैं। पंजाब में जहरीली शराब पीने से अब तक 110 की मौत पंजाब में जहरीली शराब पीने से छह और लोगों की मौत के साथ ही राज्य में इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 110 हो गई। अधिकारियों ने कहा कि तरन तारन में तीन की लोगों की मौत हुई, गुरदासपुर के बटाला में दो की और अमृतसर में एक व्यक्ति की मौत हुई। बुधवार शाम से जारी इस त्रासदी में अब तक तरनतारन जिले में सबसे अधिक 83 लोगों की मौत हुई है। वहीं, गुरदासपुर के बटाला में 14 और अमृतसर में 13 लोगों की जान गई है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सोमवार को रक्षा बंधन के अवसर पर 11 कॉलेज खोलने की घोषणा की, जिससे हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां 15 किलोमीटर के दायरे में एक कॉलेज होगा। उन्होंने पंचकूला के सरकारी स्नातकोत्तर विद्यालय में एक समारोह के दौरान इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा प्रदान करना एक महान उपहार है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 97 कॉलेज खोले गए हैं, जबकि पिछले 48 वर्षों में केवल 75 कॉलेज खोले गए थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) ने हाल ही में 2030 तक उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) को बढ़ा कर 50 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है, जो वर्तमान में 32 प्रतिशत है। खट्टर ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार गैर सरकारी संगठनों के सहयोग के माध्यम से यह लक्ष्य प्राप्त कर लेगी। खट्टर ने कहा कि देश का पहला कौशल विकास विश्वविद्यालय राज्य के पलवल जिले के दुधोला में खोला गया है और इसका नाम भगवान विश्वकर्मा के सम्मान में रखा गया है। उन्होंने कहा कि शुरू में 10 कॉलेज खोलने की घोषणा की जानी थी, लेकिन महिला और बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा के अनुरोध पर राज्य में अब 11 कॉलेज खोले जाएंगे, जिसमें कलायत निर्वाचन क्षेत्र का एक गांव राजोद भी शामिल है।
जयपुर, 30 जुलाई 2020,राजस्थान की सियासत में लगातार उठापटक जारी है. विधायकों के खरीद फरोख्त मामले की जांच कर रही स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप की टीम लगातार बागी विधायकों के बयान लेने की कोशिश कर रही है. सचिन पायलट गुट के विधायक हरियाणा के मानेसर में हैं, जहां राजस्थान की टीम को होटल में घुसने की अनुमति नहीं दी गई थी. अब होटल की ओर से जवाब दिया गया है, हमारे होटल में कोई भी कांग्रेसी विधायक नहीं हैं. हरियाणा के मानेसर के होटल बेस्ट वेस्टर्न रिजॉर्ट कंट्री क्लब ने SOG को लिखित में जवाब दिया है. इसमें कहा गया है कि हमारा होटल कोविड-19 है और यहां पर कोई विधायक नहीं ठहरा हुआ है. राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने 23 जुलाई को होटल प्रबंधन को लिखा था कि आपके होटल में राजस्थान के विधायक भंवरलाल शर्मा ठहरे हुए हैं, जिनसे उन्हें पूछताछ करनी है इसलिए उनके बारे में जानकारी दें और होटल में लगे सीसीटीवी के फुटेज उपलब्ध कराएं. इसके जवाब में 29 जुलाई को होटल प्रबंधन ने एसओजी को चिट्ठी लिखी है. जिसमें कहा गया है कि होटल कोविड-19 है, यहां कोई विधायक नहीं ठहरा हुआ है. गौरतलब है कि राजस्थान पुलिस को होटल के अंदर जाने की इजाजत नहीं दी गई थी. एडिशनल एसपी नीरज पाठक के नेतृत्व में गई पुलिस टीम को होटल से डेढ़ किलोमीटर पहले ही हरियाणा पुलिस ने रोक लिया था. राजस्थान पुलिस की टीम अभी भी मानेसर में ही डटी हुई है. इस मामले में राजस्थान के डीजीपी ने हरियाणा पुलिस के डीजीपी को चिट्ठी भी लिखी थी, हालांकि इसपर अभी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है ऑडियो टेप मामले में राजस्थान SOG ने अबतक कारोबारी संजय जैन को अपनी गिरफ्त में लिया है. संजय जैन से पूछताछ हो रही है और वॉयस सैंपल लेने की भी तैयारी है. संजय जैन के अलावा SOG ने बागी विधायकों, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का वॉयस सैंपल लेने की इजाजत मांगी थी.
नई दिल्ली, 28 जुलाई 2020,पाकिस्तान के लाहौर में एक प्रसिद्ध गुरुद्वारे को मस्जिद में बदलने के प्रयास की खबरें आ रहीं हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए निंदा की है. अमरिंदर सिंह ने एक ट्वीट में लिखा, 'लाहौर में पवित्र श्री शहीदी स्थान गुरुद्वारे को मस्जिद में बदलने के प्रयासों की कड़ी निंदा करता हूं. यह स्थान भाई तारू सिंह जी का शहीदी स्थल है. मैं विदेश मंत्री डॉक्टर एस जयशंकर से अपील करता हूं कि वह पंजाब की इस चिंता को पाकिस्तान के सामने सख्ती से रखते हुए सिखों के धार्मिक स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहें.' गुरुद्वारा शहीदी स्थान एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां भाई तारू सिंह ने 1745 में सर्वोच्च बलिदान दिया था. यह गुरुद्वारा लाहौर के नौलखा बाजार में है. इसे भाई तारू सिंह का शहादत स्थल माना जाता है. सिख समुदाय इस गुरुद्वारे के प्रति बहुत श्रद्धाभाव रखते हैं और इसे पवित्र स्थल मानते हैं. हालांकि पाकिस्तान की तरफ से दावा किया जा रहा है कि ये मस्जिद शाहीद गंज का हिस्सा है. इस गुरुद्वारे को मस्जिद में बदलने की खबरें आने के बाद भारत ने पाकिस्तान उच्चायोग के सामने विरोध दर्ज कराया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने कहा, 'भारत के लिए ये घटना गंभीर चिंता का विषय है. पाकिस्तान के अल्पसंख्यक सिख समुदाय के लिए न्याय की मांग उठ रही है.'
नई दिल्ली, 10 जुलाई 2020,सीबीएसई ने कक्षा 9वीं और 12वीं के लिए सिलेबस में 30 प्रतिशत की कटौती कर दी है. वहीं अब इसके बाद हरियाणा सरकार ने वर्तमान शैक्षणिक सत्र में कक्षा 9वीं से 12वीं के सिलेबस को करने का निर्णय लिया है. यह कदम कोविड -19 महामारी के कारण छात्रों को होने वाली भारी शैक्षणिक हानि से उबरने के उपाय के रूप में उठाया गया है. शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, "सरकार ने स्कूल शिक्षा बोर्ड को आदेश दिया है कि वह इस पर मिलकर काम करें. सरकार का मानना ​​है कि मौजूदा कोविड -19 की स्थिति को देखते हुए, छात्रों को किसी भी तरह के बोझ या मानसिक दबाव को महसूस नहीं करना चाहिए. मंत्री ने कहा कि कोरोनो वायरस लॉकडाउन के दौरान राज्य भर में स्कूल बंद रहेंगे, जिसके कारण नियमित कक्षाएं आयोजित नहीं की जा सकती. उन्होंने कहा कि पहले से ही ऑनलाइन पढ़ाए जाने वाले विषयों को भी सिलेबस में शामिल किया जाना चाहिए. बता दें, गुजरात सरकार ने बुधवार को गुजरात माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (GSHSEB) को निर्देश दिया किया है कि वह भी कक्षा 9वीं से 12वीं तक के सिलेबस में कटौती करें जैसा कि CBSE बोर्ड ने किया है.
चंडीगढ़, 07 जुलाई 2020,हरियाणा सरकार ने राज्य की प्राइवेट नौकरियों में हरियाणा मूल के लोगों के लिए 75 फीसदी सीटें आरक्षित करने के फैसले पर मुहर लगा दी है. राज्य मंत्रिमंडल ने सोमवार को इस संबंध में प्रस्तावित अध्यादेश को मंजूरी दे दी. बड़ी संख्या में बहुराष्ट्रीय कंपनियों और भारतीय कॉरपोरेट के ऑफिस गुड़गांव और एनसीआर के अन्य शहरों में हैं, राज्य सरकार के इस प्रस्तावित फैसले से बड़ा असर पड़ेगा. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अध्यादेश का मसौदा अगली बैठक में मंत्रिपरिषद के समक्ष रखा जाएगा. दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने अपने चुनावी घोषणापत्र में वादा किया था कि वह हरियाणा के युवाओं को 75 फीसदी रिजर्वेशन दिलाएगी. जेजेपी नेता और डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने ही हरियाणा के युवाओं को 75 पर्सेंट आरक्षण दिलाने का प्रस्ताव कैबिनेट मीटिंग में रखा. बीजेपी और जेजेपी की गठबंधन सरकार की कैबिनेट ने इसके अध्यादेश के मसौदे को मंजूरी दे दी है. बहरहाल, एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की मीटिंग में स्थानीय आधार पर बेरोजगारी के पहलू को दूर करने के लिए हरियाणा स्टेट एम्प्लॉयमेंट ऑफ लोकल कैंडिडेट्स 2020 के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई. बयान में कहा गया है कि अध्यादेश के मसौदे को अगली बैठक में मंत्रिपरिषद के सामने रखा जाएगा. इसके तहत 50,000 रुपये से कम वेतन वाली नौकरियों में स्थानीय उम्मीदवारों को नए रोजगार का 75 प्रतिशत रिजर्वेशन दिया जाएगा. निजी रूप से प्रबंधित कंपनियां, सोसायटी, ट्रस्ट, लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप फर्म, साझेदारी फर्म आदि में यह आरक्षण लागू होगा.
नई दिल्ली कोविड-19 महामारी और लद्दाख में हालिया भारत-चीन सैन्य गतिरोध के बीच, खुफिया एजेंसियों ने सरकार को देश में खालिस्तान समर्थक गतिविधियों को लेकर अलर्ट किया है। इन गतिविधियों का समर्थन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस(एसएफजे) कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि चेतावनी में बताया गया है कि भारत-विरोधी गतिविधि अब्दुल्ला नामक आईएसआई हैंडलर, एसएफजे के संस्थापक अवतार सिंह पन्नू के साथ मिलकर चला रहा है। पन्नू के बारे में बताया जा रहा है कि वह ब्रिटेन में रह रहा है। अब्दुल्ला का नाम खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट(केएलएफ ) से सहानुभूति रखने वाले तीन संदिग्धों से पूछताछ के दौरान भी सामने आया था, जो उत्तरी राज्यों में लक्ष्य बनाकर लोगों को मारने की योजना बना रहे थे। केएलएफ समर्थकों को दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में एक सप्ताह चले अभियान के बाद दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने पकड़ा। आईएसआई और एसएफजे भारत में लंबे समय से खालिस्तान समर्थन गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। गृह मंत्रालय ने एसएफजे को प्रतिबंधित किया था सिखों के लिए एक अलग देश की मांग करने और जनमत संग्रह 2020 की वकालत करने के लिए एक ऑनलाइन अभियान की वजह से से गृह मंत्रालय ने एसएफजे को प्रतिबंधित कर दिया था। खुफिया एजेंसियों ने एक अन्य व्यक्ति गोपाल सिंह चावला के बारे में जानकारी साझा की, जिसकी भारत में खालिस्तान समर्थक गतिविधि में भूमिका है। बताया गया है कि वह लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हाफिज सईद का करीबी सहयोगी है। यह चेतावनी इस माह की शुरुआत में साझा की गई थी, ताकि स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी को हाई अलर्ट पर रखा जा सके। सूत्रों के अनुसार, ऐसी खुफिया जानकारी साझा की गई थी कि आईएसआई और एसएफजे ने राष्ट्रीय राजधानी में आतंकवादी गतिविधि चलाने का काम केएलएफ समूह को दिया है। KLF का अब्दुल्ला और अवतार सिंह पन्नू से करीबी संबंध सूचना के अनुसार, केएलएफ समूह का पाकिस्तानी आईएसआई हैंडलर अब्दुल्ला और एसएफजे के अवतार सिंह पन्नू के साथ करीबी संबंध है। केएलएफ समूह को संगठन में युवाओं को भर्ती करने और पाकिस्तान में बैठे उनके आकाओं के इशारे पर काम करने का कार्य दिया गया था। एक अन्य सूत्र ने कहा कि फंडिंग के लिए आईएसआई हैंडलर्स ने केएलएफ को स्थानीय व्यापारियों से पैसे उगाहने और स्थानीय हथियारों को इकट्ठा करने के निर्देश दिए थे, ताकि आतंकी मंसूबा चलता रहे। सूत्रों ने कहा कि अब्दुल्ला ने उन्हें पाकिस्तान के आतंकी कैंप में प्रशिक्षण के लिए नए युवाओं को भर्ती करने और एके-47 जैसे राइफल देने का वादा करने के लिए कहा। दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद केएलएफ संदिग्धों ने भी इसकी पुष्टि की दिल्ली पुलिस ने जिन केएलएफ संदिग्धों को शनिवार को गिरफ्तार किया है, उन्होंने पुलिस को यह भी बताया कि उन्हें उनके हैंडलर्स ने कहा था कि वे अपने जैसे लोगों के संपर्क में रहे ताकि उन्हें गिरफ्तार आतंकवादियों की कोर्ट में सुनवाई के समय उपस्थित रहने को कहा जा सके। समूह को सोशल मीडिया साइटों पर भी पोस्टरों के साथ आपत्तिजनक वीडियो अपलोड करने के लिए कहा गया था, जिसमें खालिस्तान अभियान और नेताओं के समर्थन में गीत हो। इस सूचना से यह स्पष्ट रूप से पता चला कि आईएसआई भारत को अस्थिर करने के लिए दो मोर्चों पर अपनी बांहें फैला रहा है। वह जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद फैला रहा है और पंजाब में खालिस्तान समूहों को समर्थन दे रहा है।
चंडीगढ़, 19 जून 2020, पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आई.एस.आई. (ISI) द्वारा प्रायोजित किए जा रहे एक टेरर मॉडयूल का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने दो खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया तो इस मॉडयूल का खुलासा हुआ. पुलिस ने दोनों आतंकियों के पास से विदेशी हथियार भी बरामद किए है. पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां दोनों आतंकियों से लगातार पूछताछ कर रही हैं. पुलिस ने इन दोनों आतंकियों की निशानदेही पर जर्मन मेड MP5 सब मशीनगन, 9 एमएम की पिस्टल और दो मोबाइल फोन्स के अलावा कई अन्य संवेदनशील सामान बरामद किया है. पंजाब पुलिस का कहना है कि ये आतंकी बड़े टेरर अटैक और टारगेट किलिंग की साजिश रच रहे थे. दोनों खालिस्तान समर्थक आतंकी पंजाब में खौफनाक साजिश को अंजाम तक पहुंचाने की प्लानिंग कर रहे थे. इन दोनों को सरहद पार से मदद मिल रही थी. पाकिस्तान में बैठे इनके आका खुफिया एजेंसी आई.एस.आई. की मदद और अपने हैंडलरों के माध्यम से इन तक हथियार पहुंचा रहे थे. इनके मोबाइल में कई तरह की खालिस्तान समर्थक सोशल मीडिया पोस्ट भी मिली हैं. पंजाब पुलिस के मुताबिक गुरमीत सिंह और बिक्रम सिंह नामक इन दोनों आतंकियों को अमृतसर से गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में पता चला कि इनमें से एक आतंकी गुरमीत सिंह 3 साल पहले पाकिस्तान जाकर अपने हैंडलरों से मिलकर आया था. तभी से वे इस खालिस्तान समर्थक नये मॉड्यूल को खड़ा करने की कोशिश में थे. फिलहाल, पुलिस इस मामले में और छानबीन कर रही है.
जान अमृतसर कोरोना महामारी के बीच कई चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। अब चौंकाने वाली खबर पंजाब के अमृतसर से आई है। यहां पर मेडिकल कॉलेज के गुरु नानक देव अस्पताल में जितने भी कोरोना मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया उनमें से किसी की भी जान नहीं बचाई जा सकी। शनिवार सुबह तक यहां 21 मरीजों की मौत हो चुकी थी। मरीजों की इस तरह हो रही मौतों पर अस्पताल प्रशासन के ऊपर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों के परिजन उन्हें देरी से अस्पताल लाए जिसके कारण उनकी जान नहीं बच पाई। अमृतसर का जीएमसी कोविड-19 के गंभीर मरीजों का रेफरल सेंटर हैं। यहां पर पंजाब के आठ जिलों से गंभीर मरीजों को रेफर करके भेजा जाता है। आंकड़े देखें तो जिन भी मरीजों को यहां वेंटिलेटर पर जान बचाने के लिए रखा गया उनमें से एक भी मरीज की जान नहीं बच सकी। एक भी मरीज की नहीं बचाई जा सकी जान अस्पताल की प्रिंसिपल डॉ. सुजाता शर्मा ने इस मामले में पुष्टि करते हुए इंडियन एक्सप्रेस को बताया, 'यह बात सही है कि यहां पर जिन भी मरीजों को वेंटिलेटर पर रखा गया उनमें से किसी की भी जान नहीं बचाई जा सकी। सभी कोरोना मरीजों को वेंटिलेटर पर मौत हो गई है। जिन मरीजों को यहां लाया गया और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया, उनकी हालत पहले से ही गंभीर थी।' रविवार को सबसे ज्यादा आए मरीज अमृतसर में रविवार को राज्य के सबसे ज्यादा कोरोना मरीज सामने आए। यहां 613 मरीज पॉजिटिव मिले हैं जबकि सबसे ज्यादा मौतें भी यहीं हुई हैं। अस्पताल के अधीक्षक डॉ. रमन ने बताया कि जीएमसी में शनिवार को कुल 967 मरीजों को लाया गया। इनमें से 21 मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी। अभी 60 मरीजों को ऑक्सिजन सपॉर्ट पर रखा गया है। ऐसे मरीजों को वेंटिलेटर की पड़ती है जरूरत वेंटिलेटर वह मेडिकल उपकरण होता है जो गंभीर फेफेड़ों की बीमारी के मरीजों को हवा और ऑक्सिजन फेफड़ों तक पहुंचाता है। इससे सांस न ले पाने वाले मरीजों को सांस मिलती है। कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित मरीजों के लक्षणों में से एक यह भी है कि कई मरीजों के फेफड़े इतनी बुरी तरह प्रभावित होते हैं और वे सांस नहीं ले पाते हैं। आठ जिलों के मरीज यहां हो रहे भर्ती डॉ. रमन ने बताया कि पंजाब के आठ जिलों से गंभीर मरीजों को जीएमसी में रेफर किया जा रहा है। यहां तक कि प्राइवेट अस्पतालों से भी बहुत ही बुरी स्थिति वाले मरीजों को यहां भेज दिया जाता है। कई मरीज ऐसे होते हैं जो पहले से ही वेंटिलेटर पर होते हैं। कुछ मरीज तो ऐसे थे जिन्होंने यहां आने के कुछ ही घंटों में दम तोड़ दिया। यहां मौतों का आंकड़ा ज्यादा इसलिए है क्योंकि मरीजों को लास्ट स्टेज में यहां लाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया के आंकडे़देखें तो वेंटिलेटर पर रखे गए मरीजों का मृत्युदर 98 से 100 फीसदी है। हैरानी वाली बात यह है कि जीएमसी में दो गंभीर मरीजों की जान डॉक्टरों ने बचाई जिन्हें वेंटिलेटर की जरूरत थी लेकिन उन्हें वेंटिलेटर पर नहीं रखा गया। डॉक्टरों ने बताया कि जीएमसी में वर्कलोड ज्यादा है। यहां के अलावा पठानकोट में तीन वेंटिलेटर हैं लेकिन वे कोविड-19 के मरीजों के लिए प्रयोग नहीं किए जा रहे हैं। पठानकोट के अलावा तीन वेंटिलेटर चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज में है लेकिन वहां पर प्रशिक्षित स्टाफ न होने के कारण वे प्रयोग में नहीं आ रहे हैं। यहां के मरीज भी जीएमसी ही भेजे जा रहे हैं। गुरदासपुर में भी छह वेंटिलेटर हैं लेकिन उनका भी प्रयोग नहीं हो रहा है।
चंडीगढ़, 13 जून 2020,पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) ने बठिंडा-मोगा-जालंधर-अमृतसर-जम्मू को जोड़ने वाले नेशनल हाइवे 105-बी में करोड़ों रुपये के जमीन घोटाले का आरोप लगाया है. पार्टी ने प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस विधायक और अन्य अफसरों की मिलीभगत का आरोप लगाया है. मामले की हाई कोर्ट के जज से जांच कराए जाने की मांग भी की गई है. पंजाब विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जमीन घोटाले को राजस्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और मोगा से कांग्रेस विधायक हरजोत कमल समेत सत्ताधारी पक्ष के अन्य नेताओं, अफसरों और हाईप्रोफाइल लैंड माफिया ने अंजाम दिया है. इस घोटाले से न केवल किसानों और छोटे जमीन मालिकों को बल्कि सरकारी खजाने को भी चपत लगी है. चीमा ने आरोप लगाया है कि घोटाले में राजस्व मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और विधायक हरजोत कमल समेत सत्ताधारी पक्ष के कई नेता सीधे तौर पर शामिल हैं. यहां तक कि करीब 350 करोड़ रुपये की अधिग्रहण राशि का लेनदेन हरजोत कमल के गांव अजितवाल स्थित निजी बैंक द्वारा ही हुआ है. चीमा ने दस्तावेज पेश करते बताया कि 10 जनवरी, 2020 को जमीन की पहचान के लिए पहले नोटिफिकेशन हुआ. जबकि नोटिफिकेशन जारी करने से पहले ही सत्ताधारी कांग्रेस के नेता और संबंधित अधिकारी इस प्रोजेक्ट के बारे में पूरी तरह से अवगत थे. दूसरा नोटिफिकेशन 21 मई, 2020 और अंतिम नोटिफिकेशन 22 मई, 2020 को जारी हुए. इस दौरान नवंबर, 2019 से लेकर मई, 2020 तक एनएच 105-बी के अधीन आने वाली जमीन की 55 से अधिक सेल डीड हुई. चीमा ने कहा कि किसानों को अंधेरे में रखकर उनसे धोखाधड़ी की गई है. किसानों से चंद लाखों में खरीदी गई जमीन को अब लैंड माफिया और कांग्रेस नेता वापस सरकार को ही हाइवे के लिए जमीन अधिग्रहण के दौरान करोड़ों रुपये में बेचेंगे. इस पूरे मामले में कांग्रेस विधायक हरजोत कमल ने भी सफाई दी है. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता बिना तथ्यों के ही आरोप लगाते रहते हैं और इसी वजह से जनता उन्हें गंभीरता से नहीं लेती है. वह हरपाल चीमा पर मानहानि का दावा करेंगे और कानूनी कार्यवाही भी करेंगे. हालांकि हरजोत कमल ने माना कि कहीं न कहीं लैंड माफिया के द्वारा हाइवे के नोटिफिकेशन से पहले ही किसानों से सस्ती जमीन खरीद कर मोटा मुनाफा कमाने की धोखाधड़ी की गई है. ये भी हो सकता है कि उनके किसी नजदीकी ने भी वहां जमीन खरीदी हो लेकिन उसकी जिम्मेदारी वो नहीं ले सकते हैं. उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो.
नई दिल्ली, 08 जून 2020,दिल्ली में कोरोना का कहर जारी है. जिस रफ्तार से राजधानी में संक्रमण बढ़ रहा है, उस हिसाब से अगले 15 दिनों में 56 हजार मामले हो जाएंगे. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या दिल्ली में कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड हो चुका है? फिलहाल दिल्ली में कोरोना मरीजों की संख्या 27 हजार के पार पहुंच चुकी है. मंगलवार को दिल्ली में कम्युनिटी स्प्रेड को लेकर स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (SDMA) की अहम बैठक होनी है, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत खराब होने के चलते इस बैठक पर सस्पेंस बना हुआ था. ये बैठक दिल्ली के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इसमें ये तय होना है कि क्या दिल्ली में कोरोना का कम्युनिटी स्प्रेड हो चुका है और अब आगे इससे कैसे निपटना है. वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि SDMA की बैठक मंगलवार को होगी, लेकिन इस बैठक को लेकर उन्होंने ज्यादा बातचीत नहीं की. बता दें कि आपदा के समय किसी भी राज्य में निर्णय लेने वाली सबसे बड़ी अथॉरिटी SDMA होती है. दिल्ली में LG इसके अध्यक्ष और CM उपाध्यक्ष होते हैं. इसके सदस्य रेवेन्यू मिनिस्टर, मुख्य सचिव और पुलिस कमिश्नर होते हैं. गौरतलब है कि सीएम केजरीवाल को रविवार से हल्का बुखार और गले में खराश की शिकायत है. अब उनका कोरोना टेस्ट करवाया जाएगा. रविवार दोपहर से सारी मीटिंग कैंसिल कर दी गई और सीएम केजरीवाल ने किसी से मुलाकात नहीं की. उन्होंने अपने आपको आइसोलेट कर लिया है. इस मामले में आम आदमी पार्टी (आप) नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बुखार है और उन्हें खराश की दिक्कत है. रविवार से ही वह अपने आवास पर आइसोलेट हैं. मंगलवार को उनका कोरोना टेस्ट होगा. वह डायबिटीज से भी पीड़ित हैं. 24 घंटे में 1320 नए मामले आए दिल्ली में कुल मरीजों का आंकड़ा 27 हजार 654 है. पिछले 24 घंटे में 1320 नए मामले सामने आए हैं. अब तक 761 लोगों की मौत हो चुकी है. दिल्ली में मौजूदा समय में 219 कंटेनमेंट जोन हैं. ये आंकड़े डराने वाले हैं. देश की राजधानी में एक जून के बाद हर रोज 1200 से ज्यादा कोरोना केस आ रहे हैं.
चंडीगढ़, 11 जून 2020, ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के मौके पर सिख धर्म की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त के प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह के जरिए खलिस्तान को लेकर दिए गए एक विवादित बयान के बाद पंजाब के आरएसएस और हिंदू नेताओं में फिर से खौफ पसर गया है. डर इसलिए है क्योंकि उनके बयान से खालिस्तानी आतंकवादियों के हौसले फिर से बुलंद हो रहे हैं. प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस का आतंकी गुरपटवंत सिंह पन्नू ज्ञानी हरप्रीत सिंह के बयान को लेकर लोगों को फोन कर डरा रहा है. पाकिस्तान की आईएसआई से मिल रही मदद से यह आतंकवादी दूसरे खालिस्तानी संगठनों के साथ मिलकर पंजाब में शांति भंग करने की फिराक में है. पंजाब के आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी के नेता इसलिए भी डरे हुए हैं क्योंकि खालिस्तानी आतंकवादी इससे पहले दर्जनभर धार्मिक नेताओं, जिनमें ज्यादातर हिंदू और आरएसएस के नेता शामिल हैं, को अपना निशाना बना चुके हैं. इन नेताओं की हत्याओं की जांच करने वाली एनआईए ने खुलासा किया था कि यह सभी हत्याएं पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी आईएसआई ने खालिस्तानी आतंकवादियों की मदद से करवाई थी. दरअसल, वह पंजाब में बीजेपी और आरएसएस के प्रसार और हिन्दू-सिख एकता के खिलाफ माहौल बनाना चाहती है ताकि पंजाब में हिंदू-सिखों के बीच मतभेद पैदा हो और वह सिखों को बरगला कर आतंक के जिन्न को फिर से पैदा कर सकें. सीधे तौर पर भयभीत नहीं हालांकि पंजाब के आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी के नेता आईएसआई और खालिस्तानी आतंकवादियों से सीधे तौर पर भयभीत नहीं है. लेकिन उनका मानना है कि अकाल तख्त प्रमुख के खालिस्तान संबंधी बयान से कट्टरवाद और आतंकवाद को हवा मिल रही है. इस मसले पर जब पंजाब के खालिस्तानी समर्थक नेताओं की बात की गई तो सामने आया कि उनको आरएसएस से ज्यादा राष्ट्रीय सिख संगत से दिक्कत है. दरअसल कट्टरवादी सिख मानते हैं कि राष्ट्रीय सिख संगत सिखों को बांटने का काम कर रही है. इन कट्टरवादी नेताओं का मानना है कि उन्हें आरएसएस से नहीं बल्कि उसकी सिख शाखाओं से आपत्ति है. आरएसएस की सिख शाखा राष्ट्रीय सिख संगत के अस्तित्व में आने के बाद ही कट्टरवादी खालिस्तानी संगठनों के निशाने पर रही है. अकाल तख्त प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इससे पहले कहा था कि आरएसएस भारत को एक हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है और जो देश के हित में नहीं है क्योंकि भारत में कई दूसरे धर्मों के लोग भी रहते हैं. अनुच्छेद 370 हटाने का विरोध हरप्रीत सिंह इससे पहले जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने का विरोध भी कर चुके हैं. साल 2004 में अकाल तख्त ने राष्ट्रीय सिख संगत के खिलाफ फतवा जारी करते हुए सिखों को आरएसएस और राष्ट्रीय सिख संगत से दूर रहने की हिदायत दी थी और कहा था कि राष्ट्रीय सिख संगत सिख धर्म के खिलाफ है. राष्ट्रीय सिख संगत के खिलाफ अकाल तख्त का फतवा जारी होने के बाद बब्बर खालसा से सम्बद्ध खालिस्तानी आतंकवादियों ने साल 2009 में राष्ट्रीय सिख संगत के तत्कालीन अध्यक्ष रुलदा सिंह की पटियाला में गोली मारकर हत्या कर दी थी. कट्टरवादी सिख संगठनों का मानना है कि आरएसएस सिख धर्म को हिंदू धर्म से जोड़ने की बात करती है जबकि सिख धर्म एक अलग धर्म है. अकाल तख्त ने साल 2017 में राष्ट्रीय सिख संगत के जरिए गुरु गोविंद सिंह के 350वें जन्मोत्सव के मौके पर आयोजित किए गए एक कार्यक्रम का विरोध करते हुए आयोजन को सिखों के धार्मिक मामलों में दखलअंदाजी बताया था. वहीं साल 2019 में अकाल तख्त में राष्ट्रीय सिख संगत पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. अकाली दल और बीजेपी के बीच बढ़ती दूरियां दरअसल, पिछले कुछ अरसे से भारतीय जनता पार्टी और पंजाब में उसकी सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के रिश्तों में कई बातों को लेकर खटास पैदा हो रही है. उसका एक बड़ा कारण अकाल तख्त प्रमुखों के जरिए आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी को लेकर दिए गए विरोधी बयान भी है. हालांकि अकाली दल अकाल तख्त और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को स्वतंत्र संस्थाएं बताता है लेकिन इन पर हमेशा बादल परिवार का दबदबा रहता आया है. बीजेपी और अकाली दल के बीच पैदा हो रही दीवार का दूसरा बड़ा कारण शिरोमणि अकाली दल का गिरता राजनीतिक ग्राफ है. पंजाब में दो बार अकाली दल के साथ सरकार बनाती आई भारतीय जनता पार्टी अब पंजाब में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है. यही कारण है कि साल 2022 के विधानसभा चुनावों के मद्देनजर बीजेपी गुपचुप पंजाब में अपनी पैठ बढ़ा रही है. पार्टी की पकड़ मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राज्य के गांवों में अपनी शाखाएं बढ़ा रहा है. इससे खालिस्तानी संगठनों की परेशानी बढ़ गई है. अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी भविष्य में अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे या फिर गठबंधन में यह फिलहाल तय नहीं है. लेकिन पंजाब में आरएसएस और भारतीय जनता पार्टी का विस्तार आईएसआई, अकाल तख्त और खालिस्तानी संगठनों को रास नहीं आ रहा. जबकि सच्चाई यह है कि पंजाब के लोग आतंकवाद फैलाने वाले खालिस्तान के मुद्दे को नकार चुके हैं.
चंडीगढ़, 04 जून 2020,पंजाब के मोगा में एक यूथ कांग्रेस के नेता वरुण जोशी के खिलाफ ब्लैकमेलिंग, फिरौती और नर्स के साथ रेप के आरोप में केस दर्ज किया गया है. कांग्रेस नेता केस दर्ज होने के बाद भाग गया. पुलिस ने युवा नेता के खिलाफ धारा 376 और भारतीय दंड संहिता की अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. आरोप है कि युवा नेता ने पीड़िता से 4 लाख रुपये जबरन वसूली भी की. उसने पीड़िता को धमकी दी कि वह पीड़िता की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा. पीड़िता ने डर की वजह से 4 लाख रुपये आरोपी को सौंप दिया. आरोपी की पत्नी उसी गांव की सरपंच है, जहां पीड़िता रहती है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है. घटना के विस्तृत ब्यौरे की प्रतीक्षा है.
नई दिल्ली, 02 जून 2020,केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को दिल्ली-अमृतसर एक्सप्रेस-वे के हिस्से के रूप में सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खादूर साहिब से अमृतसर शहर के लिए एक नए ग्रीनफील्ड संपर्क मार्ग को विकसित करने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि अमृतसर से गुरुदासपुर तक की सड़क भी पूरी तरह विकसित होगी और इसे पूरी तरह सिग्नल मुक्त बनाया जाएगा. इसकी वजह से सड़क मार्ग के यात्रियों के पास नाकोदर से गुरुदासपुर से आगे यात्रा करने का विकल्प होगा. इसके साथ ही वे अमृतसर और करतारपुर के रास्ते भी जा सकते हैं. गडकरी ने कहा कि कहा कि यह ग्रीनफील्ड मार्ग न केवल अमृतसर शहर के लिए बल्कि सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खादूर साहिब और हाल ही में विकसित डेरा बाबा नानक/करतारपुर साहब अंतरराष्ट्रीय गलियारा के लिए भी सबसे छोटा और वैकल्पिक एक्सप्रेस संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएगा. इस एक्सप्रेस-वे के साथ अमृतसर से दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की यात्रा की दूरी वर्तमान 8 घंटों से घटकर लगभग चार घंटे की हो जाएगी. उन्होंने कहा कि यह पंजाब के लोगों की एक प्रतीक्षित मांग को पूरी करेगा. एक्सप्रेस-वे के पहले चरण में लगभग 25,000 करोड़ रुपये का निवेश शामिल होगा. गडकरी ने कहा कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने भारतमाला परियोजना के तहत दिल्ली अमृतसर-कटरा-एक्सप्रेस-वे का विकास आरंभ किया है. एक्सप्रेस-वे को जनवरी 2019 में अंतिम रूप दिया गया और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ हो गई थी. हाल ही में एक्सप्रेस-वे का मुद्दा केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और हरदीप सिंह पुरी द्वारा नितिन गडकरी के समक्ष उठाया गया था. ये मुद्दा सांसद (राज्यसभा) श्वेत मलिक, सांसद (लोकसभा) गुरजीत सिंह औजला, पंजाब सरकार, सिख संगठनों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों द्वारा भी उठाया गया था. गौरतलब है कि शुरुआत में जम्मू-कश्मीर की सरकार ने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेस-वे का प्रस्ताव रखा था
गुरुग्राम एक ओर पूरे देश में कोरोना वायरस की चुनौती से लड़ने में हर कोई व्यस्त है, वहीं कुछ अपराधी इसे मौके की तरह देख रहे हैं। आज यानी शुक्रवार को गुरुग्राम में दिन-दहाड़े एक क्रेटा कार में सवार युवक को गोलियों से भून दिया (Murder in gurugram)। घटना फिरोजगांधी कॉलोनी में हुई है। युवक का नाम विकास उर्फ विक्री उर्फ अंडा बताया जा रहा है, जो ज्योति पार्क का निवासी है। इतना गुस्सा कि मारीं 25 गोलियां लिखें विकास को गोली मारने वालों में कितना गुस्सा भरा पड़ा था, इसका अंदाजा इसी बात से चलता है कि उन्होंने विकास को लगातार गोलियां मारीं। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने उन्हें एक के बाद एक करीब 25 गोलियां मारी हैं। यानी एक तो वह ये सुनिश्चित करना चाहते थे कि किसी भी हालत में युवक जिंदा ना बचे और दूसरा उनका गुस्सा इतना अधिक था कि वह लगातार गोलियां मारते ही चले गए। 5-6 बदमाशों ने दिया वारदात को अंजाम बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो और बाइक पर सवार होकर आए 5-6 बदमाशों ने करीब 25 गोलियां चलाई और वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो गए। मृतक बीते कुछ समय से गुड़गांव के ही एक गैंगस्टर की पैरवी में मदद करता था। लेकिन उस पर कोई केस अब तक पुलिस रेकॉर्ड में नहीं पाया गया है। न्यू कॉलोनी थाना पुलिस मामले की जांच कर कार्रवाई कर रही है। यूं घटी पूरी वारदात वारदात शुक्रवार दोपहर करीब पौने 3 बजे सामने आई। ज्योति पार्क एरिया में रहने वाला करीब 35 साल का विकास उर्फ विक्की उर्फ अंडा अपनी सफेद रंग की क्रेटा कार नंबर एचआर 26 डीएच 0143 में सवार होकर फिरोज गांधी कॉलोनी से जा रहा था। इसी दौरान सामने से बाइक पर सवार होकर तीन युवक आए। उनके हाथ में हथियार थे। आरोपियों को देख युवक को शक हुआ और उसने कार घुमानी चाही। लेकिन तभी दूसरी ओर से स्कॉर्पियो कार तेज स्पीड से आई और उसमें से 3-4 युवक उतरे। दोनों ओर से बदमाशों ने कार पर गोलियां चलानी शुरू कर दी। करीब 20 गोलियां कार पर चलाई जिससे दोनों ओर के शीशे भी टूट गए। सामने वाले शीशे पर भी 3-4 गोलियां लगी। जिसके बाद आरोपी कार के ठीक पास आए और 4-5 गोली फिर मारी। वारदात के तरीके से साफ जाहिर है कि बदमाश हत्या करने के इरादे से ही आए थे। सूचना मिलते ही न्यू कॉलोनी थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीमें मौके पर पहुंचे। आस-पास के लोगों से पूछताछ की गई लेकिन पुलिस को कोई औपचारिक तौर पर जानकारी देने सामने नहीं आ रहा। युवक के शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। न्यू कॉलोनी थाना पुलिस परिवार से बातचीत कर कार्रवाई कर रही है। लेकिन परिवार की ओर से अभी किसी पर शक नहीं जताया गया है। एसीपी क्राइम प्रीतपाल सिंह ने बताया कि दूसरे गैंग पर रंजिश के चलते वारदात करने के एंगल से भी जांच की जा रही है। फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। जल्द ही आरोपियों को पकड़ मामले का खुलासा किया जाएगा।
नई दिल्ली, 29 मई 2020,कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को लेकर हरियाणा सरकार ने दिल्ली से सटे बॉर्डर को एक बार फिर सील कर दिया है. गुरुवार रात को ये फैसला लिया गया, लेकिन शुक्रवार की सुबह इसका असर बॉर्डर इलाकों में दिखा. दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर सील: लोग परेशान, साइकल तक नहीं निकलने दींहरियाणा के मंत्री अनिल विज ने दिल्ली से सटे हरियाणा के बॉर्डर फिर सील ((delhi haryana border seal) करवा दिए हैं। गुड़गांव और फरीदाबाद काम पर जानेवाले लोगों की दिक्कतें इससे बढ़ गई है। शुक्रवार सुबह गुड़गांव बॉर्डर पर लोगों को रोक लिया गया, जिससे जाम लग गया।दिल्ली-गुरुग्राम बॉर्डर पर शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में लोग जमा हुए और यहां लंबा जाम लग गया. इसके अलावा यहां बदरपुर बॉर्डर के पास बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जिनके पास कार्ड है लेकिन उनका कहना है कि उन्हें आगे नहीं जाने दिया जा रहा है.
डबवाली।पर्यावरण बचाने के लिए हिंदू, मुस्लिम, सिक्ख तथा ईसाई एकजुट हो गए हैं। चारों ने एक साथ फोर पिलर पार्क की आधारशिला रखते हुए ईद की संध्या को खुशनुमा बना दिया। यह पार्क डबवाली के सिरसा हाईवे पर नंदीशाला के मुख्य द्वार पर बनेगा। पार्क का निर्माण संस्था 'अपनेÓ करवा रही है। करीब 2250 स्कवेयर फुट एरिया में बनने वाले इस पार्क पर करीब 70 हजार रुपये से अधिक का खर्च आएगा। बच्चों, युवाओं तथा बुजुर्गों को तमाम सुविधाएं मिलेंगी। प्रॉजेक्ट इंचार्ज सुमित मिढ़ा ने बताया कि पार्क में चार फुट चौड़ाई वाला सेंटर पेसिज बनेगा। इसके अतिरिक्त बच्चों के लिए दो झूले लगेंगे, एक्सरसाइज के लिए दो स्विंग स्थापित किए जाएंगे। पार्क को सुंदरता देने के लिए कॉर्नर में एक वाटर बॉडी (फव्वारा ) लगाने का प्लान है। पार्क के चारों ओर ग्रिल लगाई जाएगी, ताकि कोई बेसहारा पशु भीतर आकर पार्क की व्यवस्था को खराब न कर सकें। ईद के दिन धार्मिक एकता की नींव इंद्र शर्मा, महमूद आलम, रणजीत सिंह तथा पास्टर एॅगस्टीन मसीह ने संयुक्त रुप से रखी। साथ ही पार्क विकसित होने पर फोर पिलर ने देखरेख का बीड़ा उठाने की शपथ ग्रहण की। इस मौके पर नंदीशाला प्रबंधन कमेटी के प्रधान विनोद बांसल, युवक मंडल के प्रधान राजेश जैन काला, पंकज मोंगा, सुमित मिढ़ा, संस्था अपने के सदस्य नवदीप चलाना, रजनीश मेहता, भगवान दास मेहता, भूपिंद्र गुप्ता, आशु सिंगला, हरीश सेठी, नवीन, भारत वधवा, अंग्रेज सिंह सग्गू, सुभाष गुप्ता, जितेंद्र ऋषि मौजूद थे।
लुधियाना पंजाब के लुधियाना स्थित एक धागा फैक्ट्री में रविवार को आग लग गई। आरके रोड स्थित धागा फैक्ट्री में रविवार दोपहर को आग लगी थी। हादसे में फैक्ट्री में रखा पूरा तैयार और कच्चा माल जलकर राख हो गया। गनीमत रही कि लॉकडाउन के चलते फैक्ट्री बंद थी और हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि हादसे के वक्त फैक्ट्री मालिक अंदर ही मौजूद था, लेकिन आग लगती देख आसपास के लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाल लिया गया। आग की जानकारी मिलते ही फायर ब्रिगेड की आधा दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। फायर अधिकारियों ने बताया कि फैक्ट्री में आग 12:25 के आसपास लगी थी। आग बुझाने में फायर ब्रिगेड को करनी पड़ी मशक्कत फायर स्टेशन के अधिकारी एसएन शर्मा ने कहा कि आग बुझाने में फायर ब्रिगेड कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि फैक्ट्री में घुसने के लिए सिंगल एंट्री पॉइंट था और रॉ मटीरियल जहां-तहां बिखरा पड़ा था। उन्होंने कहा कि आग पर देर शाम तक काबू पाया जा सकेगा।
चंडीगढ़, 18 मई 2020, कोरोना संकट की वजह से लगे लॉकडाउन के चौथे चरण में कई पाबंदियों पर ढील दी जा रही है. राजधानी दिल्ली और बंगाल समेत कई राज्यों में रियायतों को लेकर ऐलान भी कर दिया गया है. अब इस लिस्ट में हरियाणा भी शामिल हो गया. हरियाणा ने कल मंगलवार से राज्य इंटर स्टेट बस सेवा शुरू करने का ऐलान किया है. लॉकडाउन 4 के पहले दिन हरियाणा ने ऐलान किया है कि राज्य में मंगलवार (19 मई) से इंटर स्टेट बस सेवाएं शुरू हो जाएंगी. हरियाणा ने भी लॉकडाउन 4 शुरू होते ही राज्य सरकार ने गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुसार कुछ रियायतों का ऐलान कर दिया. मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने चंडीगढ़ में आगामी रियायतों के बारे में सोमवार को बताया कि अब नई हिदायतों के अनुसार केवल कंटेनमेंट जोन में ही प्रतिबंध जारी रहेंगे और बाकी क्षेत्रों को ऑरेंज जोन मानकर सामान्य गतिविधियां चलाई जाएंगी. मुख्यमंत्री खट्टर ने बताया कि हरियाणा के अंदर और अन्य प्रदेशों के लिए बस सेवा मंगलवार से शुरू कर दी जाएगी. बिल संबंधी त्रुटियों को फोन पर ठीक कराएंः सीएम उन्होंने बताया कि फाइव स्टार मोटर वाले एक हजार ट्यूबवेल कनेक्शन अभी तक लगाए जा चुके हैं जबकि शेष 4 हजार कनेक्शन अगले 30 जून तक लगा दिए जाएंगे. मुख्यमंत्री खट्टर ने यह भी बताया कि बिजली बिल संबंधी त्रुटियों को हेल्पलाइन नंबर 1912 पर ठीक करवाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि जिन 6 हजार कैदियों को पेरोल दी गई थी, उनकी पेरोल अवधि अगले 6 सप्ताह के लिए बढ़ा दी गई है.
नई दिल्ली, 17 मई 2020,लॉकडाउन के दौरान ज्यादातर लोगों को अपनी नौकरी की चिंता सता रही है, ऐसे में हरियाणा सरकार युवाओं को नौकरी देने के लिए एक जॉब पोर्टल की शुरुआत करने जा रही है. हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने शनिवार को कहा कि हरियाणा सरकार जल्द ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक जॉब पोर्टल शुरू करेगी. उन्होंने कहा कि एमएनसी और अन्य कंपनियों को पोर्टल के माध्यम से लाभ मिलेगा क्योंकि वे अपने उद्योगों के लिए योग्य और प्रशिक्षित कर्मचारियों की भर्ती कर सकेंगे. उन्होंने श्रम और रोजगार, उद्योग और वाणिज्य, कौशल विकास और औद्योगिक प्रशिक्षण सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की. जिसमें ये निर्णय लिया गया था. हालांकि अभी तक इस बात की जानकारी नहीं दी गई है कि जॉब पोर्टल की शुरुआत कब से की जाएगी. यदि इसकी शुरुआत लॉकडाउन के बाद होती है तो यकीनन युवाओं को इससे लाभ होगा. चौटाला ने कहा कि हरियाणा सरकार गांवों में लगभग 500 एकड़ की खाली भूमि पर उद्योग संचालन की अनुमति देने पर विचार कर रही है ताकि युवाओं को अधिक रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकें. वहीं 30 लाख लोग इंडस्ट्री में काम करने के लिए तैयार हैं, क्योंकि यूनिट ने धीरे-धीरे अपने काम को शुरू कर दिया है. चौटाला ने कहा कि सरकार नौकरी पोर्टल के माध्यम से कंपनियों को श्रम और नौकरी के आवेदकों का विवरण प्रदान करेगी और कंपनियां भी इस पोर्टल पर नौकरी के लिए अपनी आवश्यकताओं को रख सकती हैं ताकि युवा इन नौकरियों के लिए आवेदन कर सकें. उन्होंने कहा कि राज्य में सेना और पुलिस में भर्ती के लिए बड़ी संख्या में युवा आवेदन करते हैं और जब तक उन्हें ये नौकरियां नहीं मिल जातीं, तब तक वे निजी क्षेत्र में भी काम कर सकते हैं.
चंडीगढ़, 16 मई 2020,कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए पंजाब में लॉकडाउन जारी रहेगा. राज्य की कांग्रेस सरकार ने इसे 31 मई तक लागू करने का फैसला लिया है और जनता से लॉकडाउन में मदद करने की अपील की है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि 18 मई को लॉकडाउन-4 के दौरान वो काफी राहत देने का ऐलान करने जा रहे हैं, लेकिन ये जनता की मदद के बिना पूरा नहीं हो पाएगा. हालांकि, सरकार ने पंजाब से कर्फ्यू हटाने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे नहीं पता कि 18 मई को केंद्र क्या घोषणा करने जा रहा है, लेकिन मैं अधिक से अधिक शहरों को खोल दूंगा. लेकिन जहां पर कोरोना के ज्यादा मामले हैं वहां पाबंदियां जारी रहेंगी.सीएम ने कहा कि वह रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन के पक्ष में नहीं थे, बल्कि राज्यों को कंटेनमेंट और नॉन कंटेनमेंट जोन में बांटे जाने के पक्ष में थे. देश में दो हफ्ते के लिए बढ़ाया जा सकता है लॉकडाउन वहीं, केंद्र सरकार भी देश में लॉकडाउन को दो हफ्ते के लिए और बढ़ा सकती है. ये 31 मई तक लागू रहेगा. लॉकडाउन में क्या रियायतें मिलेंगी इसकी जानकारी सरकार रविवार को जारी कर सकती है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि लॉकडाउन 4 को लेकर सारी कवायद पूरी कर ली गई है. आज दोपहर पीएम मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह, गृह सचिव और पीएमओ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ लॉकडाऊन-4 के दिशा-निर्देंशों पर 2 घंटे से ज्यादा देर तक बैठक की. बैठक में मुख्यमंत्रियों की तरफ से आए सुझावों पर भी चर्चा हुई. बैठक में लॉकडाउन-4 का मसौदा फाइनल हुआ. कल देर रात तक अमित शाह के नेतृत्व में गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों से मिले सुझावों पर विचार के बाद दिशा निर्देशों का खाका तैयार किया था, जिसपर पीएम के साथ आज की बैठक में चर्चा हुई. पीएम और गृह मंत्री की बैठक में प्रवासी मजदूरों की समस्याओं और उसके समाधान पर भी हुई चर्चा.
हमेशा विवादों में रहने वाले पंजाब की गीदड़बहा विधानसभा से विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग एक बार फिर सुर्खियों में हैं. रविवार को बठिंडा से श्रमिकों के लिए चलाई गई विशेष ट्रेन के रवाना होने से ठीक पहले राजा वडिंग अपने साथियों के साथ रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और ट्रेन में बैठे यात्रियों को यह कहकर पर्चे बांटते रहे कि उनकी यात्रा का सारा खर्च कांग्रेस पार्टी, सोनिया गांधी और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उठाया है. अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा, "जहां पर भी कांग्रेस की सरकारें हैं वहां से अपने राज्यों में लौटने वाले श्रमिकों की यात्रा का खर्च स्थानीय सरकार उठाएगी. जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार नहीं है, वहां पर संगठन के प्रतिनिधि मिलकर उनकी यात्रा का खर्च उठाएंगे और उनको अपने घर भेजेंगे." राजा वडिंग ने ट्रेन रवाना होने से पहले बाकायदा मजदूरों को दी गई सुविधा की जानकारी दी और बताया कि बिहार के मुजफ्फरपुर के लिए रवाना हो रही इस श्रमिक ट्रेन में 1388 श्रमिक अपने घरों को लौट रहे हैं. राजा बडिंग ने कहा, "इस ट्रेन पर 7.2 लाख रुपए का खर्च आया है जिसे पंजाब सरकार ने वहन किया है. ट्रेन में बैठे हर मजदूर को खाना, स्नैक्स और पानी की बोतल दी गई है और प्रति मजदूर लगभग 600 रुपये का खर्च आया है. दूसरी ओर, मुस्लिम समुदाय के लोगों को घर भेजने के लिए मंगवाई गई ट्रेनों के खर्च को लेकर केंद्र सरकार और पंजाब सरकार के बीच ठन गई है. पंजाब सरकार के एक सीनियर आईएएस अफसर ने कहा है कि रेलवे ने वादे के मुताबिक 85 फीसदी किराया माफ नहीं किया, इसलिए पंजाब सरकार सारा खर्च वहन कर रही है.
चंडीगढ़, पंजाब पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. पंजाब पुलिस ने पाकिस्तान से जुड़े मोस्ट वांटेड गैंगस्टर बलजिंदर उर्फ बिल्ला मंडियाला को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही भारी मात्रा में हथियार भी बरामद किए गए हैं. पंजाब पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर बलजिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया है. इसके साथ ही उसके 6 साथियों को भी पुलिस गिरफ्तार किया है. पंजाब पुलिस ने इनके पास से आधुनिक हथियार भी जब्त किए हैं. इसके अलावा फर्जी दस्तावेज, ड्रग, नकदी, वाहन भी जब्त किए गए हैं. पुलिस के मुताबिक बलजिंदर सिंह के कथित तौर पर पाकिस्तान आधारित खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के प्रमुख हरमीत सिंह हैप्पी और जर्मनी स्थित खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) के साथ लिंक थे. पुलिस ने बताया कि बलजिंदर हत्या, हथियार और ड्रग की तस्करी समेत कई मामलों में वांछित अपराधी था. पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि संगठित अपराध नियंत्रण इकाई, काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर इकाई और कपूरथला पुलिस की एक टीम ने गुरुवार को एक संयुक्त अभियान में गैंगस्टर और उसके साथियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही हथियार भी बरामद किए गए हैं. होगा कोरोना टेस्ट गैंगस्टर बलजिंदर के अलावा सुखजिंदर सिंह, मोहित शर्मा, लवप्रीत सिंह, मंगल सिंह, मनिंदरजीत सिंह और लवप्रीत सिंह उर्फ लवली को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है. वहीं सभी गिरफ्तार अपराधियों को अलग-अलग रखा गया है क्योंकि इनका कोरोना टेस्ट भी किया जाएगा.
चंडीगढ़, 09 मई 2020, पंजाब पुलिस और एनआईए ने एक बड़े ड्रग तस्कर रंजीत सिंह उर्फ चीता को गिरफ्तार किया है. इस तस्कर को गिरफ्तार करने में तीन एजेंसियों ने मिलकर काम किया है. इस कार्रवाई में पंजाब की अमृतसर पुलिस, एनआईए और हरियाणा पुलिस शामिल हैं. तीनों एजेंसियों ने हरियाणा के सिरसा से ये गिरफ्तारी की है. पंजाब पुलिस ने ये कार्रवाई 532 किलोग्राम हेरोइन की जब्ती के मामले में की है. 8 महीने से सिरसा में छिपा हुआ था पुलिस के मुताबिक, रंजीत सिंह उर्फ चीता के अलावा उसके भाई गगन सिंह को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस ने तस्करों को शरण देने वाले सिरसा के गुरमीत सिंह को भी गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक ये तस्कर पिछले 8 महीने से हरियाणा के सिरसा के बेगू रोड स्थित एक घर में छिपे हुए थे. पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने कहा कि जम्मू कश्मीर और पंजाब से हिजबुल के आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अमृतसर के रंजीत सिंह को गिरफ्तार किया है, वो भारत के सबसे बड़े ड्रग तस्करों में से एक है. चीता की गिरफ्तारी 532 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी के मामले में हुई है. पाकिस्तान से लाता था ड्रग पंजाब पुलिस के मुताबिक रंजीत सिंह उर्फ चीता 2018 से 2019 के बीच पाकिस्तान से पहाड़ी नमक आयात करने के बहाने ड्रग मंगवाता था. भारत की एजेंसियों ने अमृतसर में उसके ड्रग की खेप को पकड़ा था. पिता और परिवार से भी पूछताछ सिरसा के एसपी अरूण नेहरा ने कहा कि मोस्ट वांटेड स्मग्लर रंजीत सिंह और उसके भाई को शरण देने वाले गुरमीत सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने रंजीत के पिता और परिवार को भी हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है.
चंडीगढ़, 10 मई 2020,पंजाब में शराब की होम डिलिवरी और शराब के दाम बढ़ाने को लेकर बुलाई गई एक बैठक में मंत्री और अधिकारी आमने-सामने आ गए. सूबे के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कैबिनेट बैठक से पहले शनिवार सुबह 11 मंत्रियों और सीनियर आईएएस अधिकारियों को नई आबकारी नीति और शराब की बिक्री के मुद्दे पर आपस में मिलने और आम राय बनाने को कहा था. इसके बाद शनिवार दोपहर 2 बजे कैबिनेट की बैठक होनी थी. हालांकि इस बैठक में मंत्री और अधिकारी शराब के दाम बढ़ाने और शराब व्यापारियों को राहत देने के मुद्दे पर आपस में भिड़ गए. इस घटना के बाद शनिवार दोपहर 2 बजे होने वाली कैबिनेट बैठक को स्थगित कर दिया गया. अब कैबिनेट की बैठक सोमवार को बुलाई गई है. सूत्रों के मुताबिक मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक में कैबिनेट मंत्री मनप्रीत सिंह बादल व चरणजीत चन्नी की मुख्य सचिव करण अवतार के साथ शराब पॉलिसी को लेकर जमकर कहासुनी हुई. इसके बाद वित्तमंत्री मनप्रीत बादल मीटिंग को बीच में ही छोड़कर चले गए. इस बैठक में कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की एक सीनियर आबकारी अधिकारी से भी कहासुनी हुई, जिसके बाद रंधावा भी मीटिंग छोड़कर चले गए. इस तरह मीटिंग में कोई फैसला नहीं हो सका और शनिवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक को सोमवार तक स्थगित करना पड़ा. कैसे आमने-सामने आए मंत्री और अधिकारी? सूत्रों के मुताबिक बैठक में सीनियर आईएएस अधिकारी ये चाह रहे थे कि साल 2020-21 के लिए आबकारी नीति इस तरह से बनाई जाए, ताकि सरकार के राजस्व में किसी तरह की कमी न आए और सरकार अपने तय राजस्व के टारगेट को पूरा करे. हालांकि मंत्रियों की दलील थी कि शराब के ठेकेदारों की हालत खस्ता है. पंजाब में ज्यादातर शराब का इस्तेमाल होटलों और शादियों में होता है, लेकिन होटल भी बंद हैं और किसी तरह के आयोजन और फंक्शन भी नहीं हो रहे हैं, इसी वजह से शराब के ठेकेदारों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है. मंत्रियों का कहना था कि राज्य सरकार ने शराब की दुकानें खोलने की परमिशन भी कुछ समय के लिए दी है. इसी वजह से ठेकेदारों को लाइसेंस फीस में थोड़ी राहत दी जाए. इस मीटिंग में ही कुछ मंत्रियों ने शराब की होम डिलिवरी पर भी सवाल खड़े किए और कहा कि शराब की होम डिलिवरी सीधे तौर पर शराब तस्करी को बढ़ाने वाला कदम है. इस बैठक में कैबिनेट मंत्रियों और सीनियर आईएएस अधिकारियों के विचार अलग-अलग होने की वजह से कोई नतीजा नहीं निकल सका. उल्टे इस बैठक में मंत्रियों और सीनियर आईएएस अधिकारियों के बीच कहासुनी हो गई और बैठक के बीच में कैबिनेट मंत्रियों के चले जाने से लंच भी किसी ने नहीं किया.
कपूरथला पंजाब के कपूरथला जिले में पुलिस ने कर्फ्यू के दौरान वाहन से जा रहे 24 वर्षीय अंतराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी और उसके दोस्त को गोली मार दी। कबड्डी खिलाड़ी अरविंदरजीत सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल है। पुलिस को आशंका थी कि ये दोनों लोग उस पर हमला कर सकते हैं इसलिए उसने गोली चला दी। पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक घटना बृहस्पतिवार रात लखन के पड्डा गांव की है। उन्होंने बताया कि सहायक उपनिरीक्षक (एएसआई) परमजीत सिंह ने अरविंदरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी, जबकि प्रदीप सिंह गंभीर रूप से घायल है। उन्होंने बताया कि एएसआई कार से अपने दोस्त मंगू को गांव छोड़ने जा रहा था तभी रात करीब 10 बजे कर्फ्यू लगे इलाके में उसे अपनी ओर एक वाहन आता दिखाई दिया। पुलिस के मुताबिक एएसआई और उसके दोस्त ने अरविंदरजीत की कार का पीछा किया और कार को रुकने का इशारा किया जिस पर कार रुक गई। अरविंदरजीत और उसका दोस्त कार के नजदीक गए तो परमजीत ने खुद पर हमला होने की आशंका में सरकारी पिस्तौल से 4 से 5 गोलियां चला दीं, जिससे अरविंदरजीत की मौत हो गई जबकि उसका दोस्त घायल हो गया। पुलिस के मुताबिक कबड्डी खिलाड़ी की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसके दोस्त को जालंधर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है जो अब खतरे से बाहर है। उन्होंने बताया कि एएसआई और अरविंदरजीत की कोई दुश्मनी नहीं थी और यह घटना भ्रम की वजह से हुई। पुलिस ने एएसआई और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है।
गाजियाबाद हरियाणा सरकार ने आईएएस अधिकारी रानी नागर (IAS Rani Nagar) का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। हालांकि रानी नागर का कहना है कि अगर मेरा इस्तीफा मंजूर नहीं होता है तो मेरा और शोषण होता रहेगा। इस बीच रानी नागर ने ट्वीट कर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। इस्तीफा देने के बाद चंडीगढ़ से लौट कर गाजियाबाद आईं रानी नागर ने ट्वीट कर व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि चंडीगढ़ में रहने के दौरान उनके साथ गलत व्यवहार हुआ। रानी नागर ने लिखा कि चंडीगढ़ में गेस्ट हाउस में कई बार उनके खाने में स्टेपलर पिन मिले। उन्होंने लिखा, 'लॉकडाउन और कर्फ्यू में गेस्ट हाउस को जनता के लिए बंद कर दिया गया लेकिन मुझे और मेरी बहन रीमा नागर को गेस्ट हाउस में ही रखा गया। इस दौरान हमें खाना भी नहीं मिला। हमने बड़ी मुश्किल से तरल पदार्थ गुजारा किया।' 'मेरा इस्तीफा मंजूर नहीं हुआ तो और शोषण होगा' रानी ने नोएडा और गाजियाबाद के लोगों से अपील की है कि वे उनके इस्तीफे के लिए आग्रह और आंदोलन ना करें। रानी नागर ने कई सारे ट्वीट्स करके अपना पक्ष रखा है। उन्होंने यह भी कहा है, 'इस्तीफा स्वीकार ना होने से मेरा और अधिक शोषण होगा। आगे सरकारी नौकरी कर पाना मेरे लिए संभव नहीं होगा। ज्यादा समय तक मेरा इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ और मेरा एनपीएस फंड मुझे ना मिला तो मेरे भूखे मरने की नौबत आ जाएगी।' रानी नागर पहले भी रही हैं विवादों में रानी नागर इससे पहले 2018 में भी विवादों में आ चुकी हैं। उन्होंने एक आईएएस अधिकारी पर गलत व्यवहार का आरोप लगाया था। इसके बाद कैब ड्राइवर पर भी अभद्रता का आरोप लगाया था। इसके अलावा हरियाणा के सिरसा में तैनाती के दौरान उन्होंने एक ऑटो ड्राइवर से अपनी जान का खतरा बताया था।
चंडीगढ़, 07 मई 2020, पंजाब सरकार में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केंद्र सरकार के उस दावे को पूरी तरह से गलत बताया है, जिसमें केंद्र सरकार ने राज्य को खाद्य सामग्री भेजने की बात कही थी. उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर खाद्य मंत्री रामविलास पासवान को गलत जानकारी दे रही हैं. हम लोग केंद्रीय कोटा से लोगों को गेंहूं भी नहीं बांट पा रहे हैं, क्योंकि हमारे स्टॉक में दाल नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में बांटने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से कोई खाद्य सामाग्री नहीं भेजी गई है. सीएम ने कहा कि हमारी तरफ से लोगों को खाद्य सामग्री बांटने में देरी नहीं हुई है. केंद्र सरकार ने हमें जितना दाल देने का वादा किया था, उसका 50 प्रतिशत भी हमारे पास नहीं पहुंचा है. इसलिए केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए हम लोगों तक गेहूं भी नहीं बांट पा रहे हैं. सीएम ने, केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान के उस ट्वीट का जवाब देते हुए यह बात कही जिसमें राज्य सरकार से लोगों को खाद्य सामग्री बांटने में तेजी लाने को कहा गया था. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मदद की गुहार लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक खत भी लिखा है, जिसमें उन्होंने एक बार फिर से राज्य के लिए विशेष पैकेज देने की मांग की है. साथ ही यह भी बताया है कि लॉकडाउन की वजह से लगातार राज्य के रेवेन्यू में कमी आ रही है जबकि कोविड-19 के रिलीफ और स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार को ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी से पूछा है कि देश को लॉकडाउन से बाहर निकालने को लेकर उनके पास क्या एग्जिट प्लान है और देश की आर्थिक स्थिति को फिर से खड़ा करने की उनके पास क्या तैयारी है? इसके साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 15वें फाइनेंस कमिशन को इस साल की अपनी रिपोर्ट को रिव्यू करने की मांग की है क्योंकि अब हालात पूरी तरह से बदल चुके हैं. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मांग की है कि 15वें फाइनेंस कमीशन को फंड्स 1 अप्रैल 2021 से अगले 5 साल के लिए हस्तांतरण करने चाहिए ना कि 2020 की गणना के आधार पर. क्योंकि अब कोविड-19 की वजह से हालात पूरी तरह बदल चुके हैं. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से लगातार पंजाब के रेवेन्यू में 88% तक की कमी आई है और इसकी वजह से प्रदेश की आर्थिक हालत पूरी तरह बदल गई है और कई सेक्टर्स में लोगों के रोजगार जाने तक की नौबत आ गई है. ऐसे में केंद्र सरकार को अपने अलग-अलग विभागों के माध्यम से इस हालात से राज्यों और देश के लोगों को बाहर निकालने के लिए कई तरह के कदम उठाने होंगे. इससे पहले भी पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने केंद्र से विशेष पैकेज और जीएसटी बकाया जारी करने की मांग की थी. हालांकि इसके कुछ दिनों बाद ही केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने दावा किया था कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए पंजाब को राशि और खाद्यान्न देकर मदद की है. इतना ही नहीं उन्होने अपने ट्विटर हैंडल पर केंद्र सरकार द्वारा पंजाब सरकार को भेजे गए धन का विवरण साझा करते हुए लिखा था, “केंद्र सरकार ने कोविड-19 का मुकाबला करने के लिए पंजाब को राशि और खाद्यान्न देकर मदद की. मैं कैप्टन अमरिंदर सिंह को पूरा विवरण भेज रही हूं. लोग जानना चाहते हैं कि केंद्र से मिली वस्तुएं कहां गईं? उन्हें कोई राहत क्यों नहीं दी जा रही? बेहतर होगा कि इसका मुद्दा बनाने से पहले आप पहले लोगों में राहत सामग्री बांट दें.” उन्होंने लिखा, “कोविड-19 के फैलने यानी 20 मार्च के बाद जीएसटी क्षतिपूर्ति और बकाया के आधार पर 2,366 करोड़ रुपये सहित राज्य को 3,445 करोड़ रुपये का पैकेज, आरडीजी के रूप में 638 करोड़ रुपये, आपदा प्रबंधन के लिए 247 करोड़ रुपये, मनरेगा के लिए 72 करोड़ रुपये और एनएचएम के तहत 72 करोड़ रुपये दिए गए.” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकार को गेहूं और दालें भी भेजी हैं. हरसिमरत ने एक और ट्वीट में कहा, “इतना ही नहीं मुख्यमंत्री साहब! केंद्र ने राज्य की लगभग आधी आबादी यानी 1.4 करोड़ लोगों के लिए 15 किलो गेहूं और तीन किलो दाल भेजी थी. यह अनाज अभी तक पंजाब के गोदामों में पड़ा हुआ है. किसी भी परिवार के पास अब तक यह अनाज नहीं पहुंचा है. आपको नहीं लगता कि इन राहत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए सबसे पहले आपको जरुरतमंदों तक इन सामग्रियों पहुंचाना चाहिए?”
चंडीगढ़, 08 मई 2020,पंजाब में भारतीय वायुसेना का एक फाइटर प्लैन क्रैश हो गया है. नवांशहर जिले के चुहाड़पुर में शुक्रवार दोपहर मिग-29 क्रैश हो गया. हालांकि, पायलट ने प्लेन क्रैश होने से पहले अपनी जान बचा ली है. पायलट एमके पांडेट की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे सिविल अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है. मिग-29 के क्रैश होने की खबर पाकर आस-पास के गांव के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए. इसके बाद जिला और पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए हैं. वायुसेना को पूरे हादसे के बारे में जानकारी दे दी गई है. बताया जा रहा है कि वायुसेना के अधिकारी घटनास्थल पर आ रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि करीब दोपहर 11 बजे आसमान से आग का गोला गिरता दिखाई दिया. लोग खेत की ओर भागे और देखा कि वहां एक विमान गिरा हुआ और उसमें विस्फोट हो रहा है. विस्फोट के कारण खेत में आग भी लग गई. आनन-फानन में प्रशासन को खबर दी गई. इसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं.
चंडीगढ़, 05 मई 2020, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह की मुश्किल बढ़ सकती है. दिग्विजय सिंह के खिलाफ शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने चंडीगढ़ के सेक्टर 3 थाने में शिकायत दी है. अपनी शिकायत में मजीठिया ने दिग्विजय पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करने की मांग की है. मजीठिया ने दिग्विजय पर महाराष्ट्र के नांदेड़ से लौटे श्रद्धालुओं की तबलीगी जमात से तुलना कर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया है. उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर 3 थाने में शिकायत के साथ दिग्विजय सिंह के ट्वीट का प्रिंट आउट भी लगाया है. मजीठिया ने अपनी शिकायत में कहा है कि दिग्विजय का ट्वीट सिख समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत करने वाला है. वहीं, अब दिग्विजय सिंह ने सफाई दी है. ट्वीट कर दिग्विजय सिंह ने कहा है कि केवल एक सवाल उठाने के कारण आलोचना की गई. कोरोना वायरस कोई धर्म नहीं जानता है. वायरस के प्रसार को किसी भी धार्मिक समूह से जोड़ने के सभी प्रयासों की निंदा की जानी चाहिए और मैंने हमेशा ऐसा किया है. उन्होंने कहा कि वुहान की चर्च में प्रार्थना के लिए ईसाइयों का एकत्रित होना हो, दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी मरकज में मुसलमानों का जुटना या नांदेड़ में सिखों का. किसी एक धर्म को दोष नहीं दिया जा सकता. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इसे सिर्फ दुर्भाग्यपूर्ण और गलत टाइमिंग ही कहा जाकता है. गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह ने नांदेड़ से लौटे सिख श्रद्धालुओं की तुलना दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज की तबलीगी जमात से की थी. महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित गुरुद्वारा हुजूर साहिब में लॉकडाउन के कारण फंसे सिख श्रद्धालुओं का जत्था पंजाब लौटा था. पंजाब लौटे श्रद्धालुओं में से अब तक 790 से अधिक लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जबकि पंजाब में कोरोना के कुल मरीजों की तादाद लगभग 1300 पहुंच चुकी है. बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज से लगभग 2000 जमातियों को निकाला गया था. इनमें से अधिकतर जमातियों में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई थी. जमात से निकले लोग देश के अलग-अलग हिस्सों में भी गए थे. कई राज्यों में तो कोरोना का पहला केस ही जमात से जुड़े व्यक्ति का ही सामने आया. अब नांदेड़ से लौटे श्रद्धालुओं के कारण पंजाब में कोरोना से जुड़े मामले दोगुने हो गए हैं. बता दें कि पंजाब में कांग्रेस की ही सरकार है.
चंडीगढ़, 05 मई 2020, महाराष्ट्र से लौटे सिख श्रद्धालु पंजाब के लिये सबसे बड़ी मुसीबत बन गये हैं. पंजाब में कोरोना वायरस मरीजों की संख्या बढ़कर 1232 पहुंच गई है. हैरान करने वाली बात ये है कि इन कुल कोरोना संक्रमितों में से 795 केस उन सिख श्रद्धालुओं से जुड़े हैं, जो हाल ही में नांदेड़ से वापस लाये गये थे. लॉकडाउन के तीसरे चरण के बीच कोरोना की स्पीड पूरे देश में बढ़ रही है और इस बीच सोमवार को पंजाब में कोरोना के 132 नये केस पाये गये. इनके साथ ही कोरोना संक्रमितों की राज्य में कुल संख्या 1200 के पार चली गयी. कुल कोरोना संक्रमितों में 795 मरीज वो सिख श्रद्धालु हैं, जिन्हें हाल ही में महाराष्ट्र के नांदेड़ स्थित श्री हुजूर साहिब गुरुद्वारे से वापस लाया गया था. दरअसल, लॉकडाउन के चलते पंजाब के हजारों श्रद्धालु नांदेड़ स्थित श्री हुजूर साहिब गुरुद्वारे में फंस गये थे. लॉकडाउन के दूसरे फेज के दौरान इन श्रद्धालुओं को वापस लाने की मांग उठी तो पंजाब सरकार ने बसें भेजने का फैसला किया. इन बसों के जरिये सिख श्रद्धालु वापस लाये गये. हैरानी की बात ये है कि श्रद्धालुओं को कोरोना का टेस्ट किये बिना ही घर भेज दिया गया. अब यही लोग कोरोना पॉजिटिव निकल रहे हैं. हालांकि, इस पूरे मसले पर आरोप-प्रत्यारोप भी हो रहे हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने खुले तौर पर महाराष्ट्र सरकार को इसके लिये जिम्मेदार बताया है. हाल ही में आजतक के ई-एजेंडा कार्यक्रम में जब अमरिंदर सिंह से सिख श्रद्धालुओं पर सवाल किया गया तो उन्होंने इसका ठीकरा उद्धव ठाकरे सरकार पर फोड़ा.
नई दिल्ली, 03 मई 2020,पंजाब में बड़ी संख्या में सिख तीर्थ यात्रियों के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि सिख तीर्थ यात्रियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने से पंजाब में खतरा पैदा हो गया है. क्या इसकी तबलीगी मरकज से कोई तुलना की जा सकती है. दिग्विजय सिंह ने इंडिया टुडे की एक खबर को ट्विटर पर साझा किया और सवाल किया कि क्या सिख तार्थ यात्रियों की तुलना तबलीगी मरकज मामले से की जा सकती है? उन्होंने लिखा, 'सिख तीर्थ यात्रियों के कोरोना संक्रमित पाए जाने से पंजाब में खतरा पैदा हो गया है. क्या इसकी तबलीगी मरकज से कोई तुलना की जा सकती है? बता दें कि शनिवार रात तक के आंकड़ों के मुताबिक महाराष्ट के नांदेड़ से लौटे सिख श्रद्धालुओं की वजह से पंजाब में कोरोना के आंकड़े में तेजी से इजाफा हुआ है. पंजाब में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 780 हो गई है. इनमें से कोरोना के 400 मामले पिछले 72 घंटे में बढ़े हैं, जिसमें से नांदेड़ से आए 391 तीर्थ यात्री हैं. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी माना कि राज्य में कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बड़ा हिस्सा सिख तीर्थ यात्रियों का शामिल है. ई-एजेंडा आजतक में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार को कहा था कि पंजाब में कोरना तीन रास्तों से आया. पहला एनआरआई, दूसरा नांदेड़, तीसरा राजस्थान और दूसरे राज्यों से आए लोग. उन्होंने बताया कि शुरुआत में कोरोना संक्रमण को पंजाब ने काबू कर लिया था. लेकिन बाद में नांदेड़ और बाकी जगह से आए लोगों से संक्रमण फ़ैल गया. सुर्खियों में रहा तबलीगी जमात असल में, मार्च में दिल्ली स्थित तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए देशभर के लोग जुटे थे. उनमें कुछ विदेशी भी थे. उसी दौरान लॉकडाउन का ऐलान हो गया और काफी लोग निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के कार्यालय में ही फंसे रह गए. इनमें कई कोरोना संक्रमित हो गई. देश के दूसरे हिस्सों से आए तबलीगी जमात के लोग भी संक्रमित पाए गए. कुछ की मौत भी हो गई. इसे मामले को लेकर काफी बवाल और लंबे समय तक सुर्खियों में रहा.
गुरुग्राम, 04 मई 2020,सोमवार से लागू होने जा रहे लॉकडाउन के तीसरे चरण में गुरुग्राम में गली मोहल्लों की दुकानें और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के सेक्टरों में बनी मार्केट खुलेंगी. सैलून और ब्यूटी पार्लर आदि भी खोले जा सकते हैं लेकिन शॉपिंग मॉल, गैलेरिया मार्केट, सदर बाजार जैसी बड़ी मार्केट अभी बंद रखी जाएंगी. जिन दुकानों को खोलने का आदेश दिया गया है उनके लिए भी सुबह 7:00 से लेकर शाम 7:00 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है. सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन अनिवार्य इस संबंध में जानकारी देते हुए गुरुग्राम के उपायुक्त अमित खत्री ने बताया कि लॉकडाउन में जिन दुकानों को खोलने की अनुमति है उन्हें कोविड-19 के प्रोटोकॉल अर्थात सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन, कोरोना संक्रमण से बचाव के सभी उपाय अपनाना, फेस मास्क का प्रयोग, दुकान को सैनिटाइज करवाना अनिवार्य होगा. ऑरेंज जोन में है गुरुग्राम गुरुग्राम जिले में कौन सी औद्योगिक गतिविधियां चलाई जा सकती हैं, इसकी विस्तृत जानकारी देते हुए उपायुक्त अमित खत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा अपनाए गए मानदंड अनुसार गुरुग्राम जिला ऑरेंज जोन में स्थित है इसलिए आईएमटी मानेसर, इंडस्ट्रियल एरिया में पहले सप्ताह अर्थात 4 से 10 मई तक आईटी और आईटीईएस में ई-कॉमर्स कंपनियों का संचालन 50% स्टाफ के साथ किया जा सकता है. दूसरे सप्ताह में अर्थात 11 से 17 मई की अवधि में आईटी और आईटीईएस कंपनियां तथा ई- कॉमर्स कंपनियां 75% स्टाफ तथा सामान्य इकाइयां 100% स्टाफ के साथ काम कर सकती हैं. पास के लिए करना होगा अप्लाई उपायुक्त ने बताया कि काम शुरू करने के लिये सभी प्रकार की औद्योगिक इकाइयों अथवा उद्यमियों अथवा प्रतिष्ठानों को सरल हरियाणा पोर्टल पर अनिवार्य रूप से आवेदन करना होगा ताकि उनके कर्मचारियों के लिए आवश्यक पास जारी किए जा सकें. उन्होंने बताया कि प्रारंभ में कर्मचारियों के लिए साप्ताहिक आधार पर पास जारी किए जाएंगे, अर्थात 4 से 10 मई तक और 11 से 17 मई तक की निर्धारित अवधि के लिए पास जारी होंगे. रिस्क प्रोफाइल बदलने से खत्म हो जाएगी रियायत जिले का रिस्क प्रोफाइल बदलने अर्थात ऑरेंज से रेड या ग्रीन होने पर उसी श्रेणी के हिसाब से गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस लागू होंगी और पहले जारी की गई छूट या रियायतें अपने आप वापस हो जाएंगी. उपायुक्त ने बताया कि कंटेनमेंट जोन में आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई करने वालों को ट्रायंगुलर अर्थात तिकोना चिन्ह वाला पास जारी किया जाएगा. कंटेनमेंट जोन के अलावा अन्य जोन में काम करने वाले कर्मियों को रेक्टेंगुलर अर्थात आयताकार पास जारी किए जाएंगे. इसके अलावा, यदि श्रमिक अथवा कामगार फैक्ट्री परिसर में रहते हैं तो उन्हें कोई पास जारी करने की जरूरत नहीं है.
चंडीगढ़, 02 मई 2020, पंजाब में पिछले 72 घंटे में कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं. महाराष्ट के नांदेड़ से लौटे सिख श्रद्धालुओं की वजह से कोरोना के आंकड़े में तेजी से इजाफा हुआ है. पंजाब में अब कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 780 हो गई है. इनमें से कोरोना के 400 मामले पिछले 72 घंटे में बढ़े हैं, जिसमें से नांदेड़ से आए 391 तीर्थयात्री हैं. जिलावार कोरोना संक्रमित 391 तीर्थयात्रियों की सूची- अमृतसर- 195 लुधियाना- 38 होशियारपुर- 36 पटियाला- 24 मोहाली- 19 फिरोजपुर- 19 तरन तारन 15 कपूरथला 11 संगरूर 7 फतेहगढ़ साहिब 6 फाजिल्का 4 गुरदासपुर 3 फरीदकोट 3 बठिंडा 2 जालंधर 2 रूपनगर 2 बरनाला 2 मुक्तसर 1 मोगा 1 एसबीएस नगर 1 बता दें कि महाराष्ट्र के नांदेड़ से पंजाब लाए गए श्रद्धालुओं में अब तक 391 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. नांदेड़ साहिब से लाए गए श्रद्धालुओं के कारण पंजाब में कोरोना वायरस का विस्फोट हुआ है. नांदेड़ से 3500 से ज्यादा श्रद्धालु पंजाब लौटे हैं. वहीं, नांदेड़ की बस जब अमृतसर पहुंची तो सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का उल्लंघन भी साफ-साफ दिखा. श्रद्धालुओं को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना ई-एजेंडा आजतक के मंच पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नांदेड़ से आए श्रद्धालुओं को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा. सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार ने नांदेड़ में फंसे श्रद्धालुओं के कोरोना टेस्ट को लेकर हमसे झूठ बोला. उन्होंने हमसे कहा था कि हम लोगों का कोरोना टेस्ट करवा चुके हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का टेस्ट नहीं हुआ था. यदि हमें पता होता तो हम जरूर टेस्ट करवाते. नांदेड से आए श्रद्धालुओं का टेस्ट जारी: सीएम कैप्टन अमरिंदर ने आगे कहा कि महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे से मेरी बात हुई थी. इसके बाद ही मैंने 80 बस नांदेड़ हुजुर साहिब भेजी थी. हमें लगा था कि 1500 लोग होंगे लेकिन जब बस पहुंची तो पता लगा कि वहां 3 हजार से ज्यादा लोग हैं और कई श्रद्धालु तो वापस पंजाब के लिए निकल चुके हैं. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि नांदेड से आए श्रद्धालुओं का टेस्ट हो रहा है. हर दिन हम 1500 टेस्ट कर रहे हैं. इतने सारे लोगों का टेस्ट करने में वक्त लग रहा है और इसमें खर्चा भी ज्यादा है. फिलहाल हमने श्रद्धालुओं को निगरानी में रखा है.
नई दिल्ली, 02 मई 2020,कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई पर आजतक के कार्यक्रम 'ई-एजेंडा आजतक सीएम स्पेशल' में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैंने 50 साल में इतनी बड़ी समस्या नहीं देखी है. यह कोई पाकिस्तान और चीन के युद्ध की तरह नहीं है कि हमें पता हो कि दुश्मन कहां है. कोरोना से लड़ाई में यह पता नहीं लगता है कि दुश्मन कहां से आया और कहां चला गया. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आगे कहा कि कोरोना से लड़ाई लंबी चलने वाली है. हमें साथ मिलकर लड़ना होगा. हर व्यक्ति का साथ इसमें जरुरी है. तभी हम कोरोना को हरा पाएंगे. लॉकडाउन से हमने इसके संक्रमण चक्र पर कुछ समय के लिए तो रोक लगाई है लेकिन आगे भी लड़ना होगा. अमेरिका और यूरोपीय देश फेल... कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि भारत ने बाकी देशों की तुलना में संक्रमण को रोक रखा है. अमेरिका और यूरोपीय देश तो इसमें फेल हो गए हैं. अमेरिका इतना बड़ा देश और अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था होने के बावजूद कुछ नहीं कर पाया है. वहां 70 हजार लोग कोरोना की वजह से दम तोड़ चुके हैं. ये तो अच्छी बात है कि भारत ने पहले कदम उठाकर लॉकडाउन किया. केरल के बाद पंजाब ने किया लॉकडाउन... लॉकडाउन को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि भारत में जैसे ही कोरोना ने दस्तक दी वैसे ही हमने कर्फ्यू लगा दिया. हमसे पहले केरल ने कर्फ्यू लगाया था. हमने काफी हद तक कोरोना को रोक रखा है. पुलिस को भी सख्त हिदायत दी है कि वो कर्फ्यू तोड़ने वालों पर कार्रवाई करे. तीन जगहों से पंजाब में आया कोरोना कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि पंजाब में कोरना तीन रास्तों से आया. पहला एनआरआई, दूसरा नांदेड़, तीसरा राजस्थान और दूसरे राज्यों से आए लोग. उन्होंने बताया कि शुरुआत में कोरोना संक्रमण को पंजाब ने काबू कर लिया था. लेकिन बाद में नांदेड़ और बाकी जगह से आए लोगों से संक्रमण फ़ैल गया.
नई दिल्ली, 02 मई 2020, ई-एजेंडा आजतक के मंच पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने लॉकडाउन और कोरोना के खिलाफ चल रही लड़ाई पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई लंबी और महंगी है. केंद्र और सभी राज्यों को साथ आ कर लड़ना होगा. हमारे पास फंड की कमी है. यदि ऐसा ही चलता रहा तो हम कर्मचारियों को तनख्वाह नहीं दे पाएंगे. कोरोना टेस्ट को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि हम लगातार टेस्ट कर रहे हैं. पंजाब की आबादी तीन करोड़ से ज्यादा है. इतने सारे लोगों का टेस्ट करने का खर्चा बहुत आएगा. अभी एक मरीज का टेस्ट करने में हमें दो हजार रुपये लगते हैं. यदि सबका टेस्ट होगा तो उसके लिए फंड चाहिए. फिलहाल हम प्राइवेट हॉस्पिटल और कुछ बिल्डिंग को टेक ओवर कर रहे हैं. इनमें मरीजों का इलाज किया जा सकता है. हमने प्रधानमंत्री से पैकेज की मांग की है. GST के पैसे केंद्र के पास बाकी... कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि हमें अभी केंद्र सरकार से ही पैसे लेने हैं. हमारे GST के और एक्साइज के पैसे केंद्र सरकार के पास बाकी हैं. करीब 6200 करोड़ रुपये की एक्साइज ड्यूटी नहीं आई है. ऊपर से केंद्र सरकार ने शराब बंदी कर रखी है. हमें सबसे ज्यादा शराब पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी से ही कमाई होती है. हमने शराब की दुकानें खोलने के लिए केंद्र से कहा था. यदि एक्साइज और GST का पैसा हमें मिल जाए तो थोड़ी राहत होगी. वरना मैं तनख्वाह नहीं दे पाऊंगा. सामान्य बिक्री होगी शराब की... शराब बिक्री को लेकर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि इसकी सामान्य बिक्री ही होगी. लॉकडाउन में जैसे लोगों को सब्जियां और किराना दुकानें मिलती हैं उसी तरह शराब की दुकानें भी सामान्य तौर पर खोली जाएंगी. हालांकि, शराब बिकने के समय का फैसला मैंने जिला कमिश्मर पर छोड़ दिया है.
नई दिल्ली, 01 मई 2020,कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ देश के हर हिस्से में जंग लड़ी जा रही है. इस जंग के बीच गैर-भाजपा शासित राज्यों ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार उनके साथ भेदभाव कर रही है. केंद्र सरकार का विरोध जताते हुए पंजाब में कांग्रेस पार्टी ने सभी लोगों से घरों की छत पर तिरंगा फहराने की अपील की है. 1 मई के दिन कांग्रेस ने यहां हर किसी से केंद्र का विरोध जताने के लिए ये अपील की है. पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया है कि केंद्र की ओर से लगातार पंजाब और अन्य गैर-बीजेपी शासित प्रदेशों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है. राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ इस मसले पर सभी विधायकों की बैठक हुई, जिसमें प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने इस प्रस्ताव को रखा. कैप्टन अमरिंदर की सहमति के साथ ये प्रस्ताव पास हुआ. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि राज्य को लॉकडाउन और कर्फ्यू की वजह से 3360 करोड़ रुपये का मासिक रेवेन्यू घाटा उठाना पड़ रहा है. अंदाजा है कि जब तक लॉकडाउन और कर्फ्यू खत्म होगा तब तक पंजाब को इस वित्त वर्ष में करीब 50 हजार करोड़ के रेवेन्यू का नुकसान हो चुका होगा. पंजाब सीएम ने कहा कि इसके बावजूद भी केंद्र की ओर से अब तक राज्य के लिए मदद की कोई भी पहल नहीं की गई है. इसके साथ ही पंजाब कांग्रेस ने तिरंगा फहराकर किसानों और कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे फ्रंटलाइन वर्कर्स के साथ भी इस मुहिम को जोड़ा है. बता दें कि सिर्फ पंजाब ही नहीं, अन्य कई कांग्रेस शासित प्रदेशों की ओर से दावा किया गया है कि केंद्र सरकार की ओर से उन्हें कोई मदद नहीं मिली है. राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब, महाराष्ट्र का कहना है कि बिना केंद्र सरकार की आर्थिक मदद के ये लड़ाई लड़ पाना मुश्किल है.
चंडीगढ़ कोरोना महामारी के चलते पंजाब सरकार ने लॉकडाउन और कर्फ्यू को दो सप्ताह तक आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इस बारे में घोषणा करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान रोजाना सुबह 7 बजे से 11 बजे तक लोगों को चार घंटे की छूट दी जाएगी। इस दौरान लोग अपने घरों से बाहर आ सकते हैं और दुकानें खुली रहेंगी। उन्होंने कहा कि हमने राज्य में कर्फ्यू और लॉकडाउन को दो और हफ्तों तक बढ़ाने का फैसला किया है। बता दें कि पंजाब लॉकडाउन बढ़ाने वाला पहला राज्‍य बन गया है। बीते सोमवार को पीएम नरेंद्र मोदी से चर्चा के दौरान कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने पीएम से लॉकडाउन बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि कुछ राज्य ऐसे भी थे, जिन्होंने पूर्ण लॉकडाउन के बजाय कुछ रियायतों के साथ लॉकडाउन लागू करने पर जोर दिया था। ऐसे में तीन मई को लॉकडाउन खत्म होने से पहले ही पंजाब के मुख्यमंत्री ने उसे दो सप्ताह के लिए आगे बढ़ाने का ऐलान कर दिया। इसके अलावा पंजाब सरकार ने दुकानों को भी खोलने की बात कही है, ताकि लोग जरूरी सामान खरीद सकें। हालांकि घर से बाहर निकलते समय लोगों को मास्क पहनने के साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा। पंजाब में कोरोना संक्रमितों की संख्या 342 हुई पंजाब में कोरोना वायरस के 12 और नए मामले सामने आये जिससे संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 342 हो गयी। अधिकारी ने बताया कि जालंधर में सात, मोहाली और तरण तारण में दो-दो और होशियारपुर जिले में एक मामला सामने आया। उन्होंने बताया कि जालंधर जिले में सबसे अधिक 85 मामले, मोहाली में 65, पटियाला में 61, पठानकोट में 25, एसबीएस नगर में 20, लुधियाना में 18, अमृतसर में 14, मनसा में 13, होशियारपुर में आठ, तरण तारण में सात, कपूरथला में छह, मोगा में चार, रुपनगर, संगरुर और फरीदकोट में तीन-तीन, फतेहगढ़, साहिब और बरनाला में दो-दो, मुक्तसर, गुरदासपुर और फिरोजपुर में एक-एक मामला दर्ज किया गया है। राज्य में अब तक 17,021 नमूनों की जांच की जा चुकी है जिनमें से 13,966 नमूनों की जांच रिपोर्ट निगेटिव पायी गई है जबकि 2,713 नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आनी है। स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिन के मुताबिक राज्य में 219 लोग अब भी संक्रमित हैं। रियायतों के साथ जारी रहेगा लॉकडाउन? बता दें कि सोमवार को पीएम मोदी से चर्चा के दौरान कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने पीएम से लॉकडाउन बढ़ाने की मांग की थी। हालांकि कुछ राज्य ऐसे भी हैं, जिन्होंने पूर्ण लॉकडाउन के बजाय कुछ रियायतों के साथ लॉकडाउन लागू करने पर जोर दिया है। पूर्वोत्तर राज्यों के अलावा, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी यह माना है कि पूरी तरह से लॉकडाउन हटाने का फैसला सही नहीं होगा।
नई दिल्ली पूरी दुनिया कोरोना संकट से उबरने की जद्दोजहद में जुटी है। वायरस के संक्रमण की रोकथाम से लेकर इससे होने वाली बीमारी कोविड-19 के प्रभावी इलाज को लेकर शोध काफी जोर-शोर से चल रहा है। भारत में भी भिन्न-भिन्न दिशाओं में प्रयास हो रहे हैं। इस क्रम में चंडीगढ़ में कैडिला की एक दवा सेप्सिवाक पर क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो गया है। यह दवा बैक्टीरिया से संक्रमण के कारण होने वाली बीमारी के इलाज में इस्तेमाल होती है। अब शोध में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या सेप्सिवाक कोविड-19 मरीजों के इलाज में भी कारगर साबित हो सकती है। तीन तरह के ट्रायल चंडीगढ़ स्थित पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च (PGIMER) में यह ट्रायल जारी है। ट्रायल प्रोग्राम के को-ऑर्डिनेटर डॉ. राम विश्वकर्मा ने बताया, 'PGIMER चंडीगढ़ में सेप्सिवाक को एक दवाई के रूप में इस्तेमाल किए जाने का क्लिनिकल ट्रायल शुरू हो चुका है। हम उन बिना लक्षण वाले कोविड-19 मरीजों पर अलग से ट्रायल कर रहे हैं। उन्हें सेप्सिवाक को वैक्सीन के रूप में दिया जाएगा।' सफलता मिली तो तीन महीने में वैक्सीन उपलब्ध उन्होंने कहा कि अगर सेप्सिवाक ट्रायल में खरा उतरा तो लाखों लोगों की जिंदगियां बच जाएंगी। उन्होंने कहा, 'कोविड-19 किसी मरीज में एक महीने तक टिका रह सकता है। इसलिए तीसरा ट्रायल ठीक हो चुके या क्वारेंटाइन से निकले मरीजों पर किया जाएगा। उन्हें यह वैक्सीन के रूप में दिया जाएगा ताकि उनमें फिर से संक्रमण नहीं हो। यानी, सेप्सिवाक वैक्सीन के रूप में इलाज के साथ-साथ रोकथाम की भूमिका भी निभाएगी।' डॉ. विश्वकर्मा के मुताबिक अगर ट्रायल सफल रहा तो तीन महीने में कोविड-19 के इलाज के लिए यह दवा उपलब्ध करा दी जा सकती है। क्या है सेप्सिवाक ड्रग कंट्रोलर ऑफ इंडिया (DCGI) ने PGIMER के अलावा दिल्ली और भोपाल एम्स को सेप्सिवाक के क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति दी है। इन संस्थानों में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के सहयोग से मरीजों पर ट्रायल किया जाएगा। दरअसल, सेप्सिवाक का उपयोग कोविड-19 की बीमारी के मिलते-जुलते लक्षणों वाली बीमारियों में ही होता है। कैडिल फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड ने भी सीएसआईआर के सहयोग से सेप्सिवाक बनाया है। सेप्सिवाक का ही ट्रायल क्यों यह दवा एंटी ग्राम सेप्सिस के इलाज में काम आती है। इस बीमारी में भी मरीज को सांस लेने में तकलीफ और फेफेड़ों में दर्द की शिकायत होती है। सेप्सिवाक मूल रूप से मरीज का इम्यून सिस्टम मजबूत करती है। चूंकि अच्छे प्रतिरोधक क्षमता वालों पर कोविड-19 बीमारी का कुछ खास असर नहीं हो रहा है और वो बीमारी को मात देने में सफल हो रहे हैं, इसलिए यह जांच की जा रही है कि क्या सेप्सिवाक के जरिए कोविड-19 मरीजों का इम्यून सिस्टम भी बूस्ट किया जा सकता है।
नई दिल्ली, 29 अप्रैल 2020, लॉकडाउन में हरियाणा से कामकाज के सिलसिले में दिल्ली आने वालों की मुश्किलें और भी बढ़ गई हैं. हरियाणा पुलिस ने दिल्ली बॉर्डर सख्ती बढ़ा दी है. ऐसा इसलिए क्योंकि हरियाणा सरकार को लगता है कि दिल्ली आने जाने वालों से उसे खतरा है. दिल्ली से सटे फरीदाबाद के सारे बॉर्डर आज से सील कर दिए जाएंगे. दोपहर 12 बजे तक ही एंट्री की जा सकती है. आज दोपहर 12 बजे के बाद दिल्ली में काम करने वाले डॉक्टर, बैंक कर्मी और पुलिस वाले भी फरीदाबाद में एंट्री नहीं कर सकेंगे, सिर्फ केंद्र सरकार के जारी पास से ही सील बॉर्डर में एंट्री मिलेगी. हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने साफ किया कि वो दिल्ली या आसपास के राज्यों से हरियाणा को संक्रमित नहीं होने देंगे, जिसके चलते ये फैसला लिया गया है. इस बीच दिल्ली से जुड़ी हरियाणा की सभी सीमाओं पर पूछताछ कड़ी हो गई है. गुरुग्राम और फरीदाबाद से काम के सिलसिले में दिल्ली आने वालों के पास चेक किए जा रहे हैं. हालांकि लॉकडाउन के चलते पहले ही लोगों की आवाजाही सीमित है, लेकिन हरियाणा पुलिस अब जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों की दिल्ली आवाजाही पर भी सख्त हो गई है. दरअसल हरियाणा सरकार ने कल ही जता दिया था कि दिल्ली आने जाने वालों से उसके इलाके में संक्रमण का खतरा है, इसलिए दिल्ली में काम करने वालों के रहने का इंतजाम दिल्ली सरकार अपने पास ही करे. हरियाणा के गृह और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा था कि दिल्ली के कारण हमारे प्रदेश में संक्रमण बढ़ रहा है. इससे पहले दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद की सीमाएं भी सील की जा चुकी चुकी हैं. दिल्ली में कोरोना वायरस का फैलाव आसपास के इलाकों को भी डरा रहा है. अब तक दिल्ली में कोरोना के 3 हजार 108 मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें 877 लोग ठीक हो चुके हैं, जबकि 54 की मौत हो चुकी है.
लग्जरी चंडीगढ़/नांदेड़ महाराष्ट्र के नांदेड़ से पंजाब लौटे 8 श्रद्धालुओं के कोरोना पॉजिटिव (Coronavirus in Punjab) मिलने से हड़कंप मचा हुआ है। अब तक ग्रीन जोन में शामिल तरन तारन (Tarn Taran) जिले में भी 5 कोरोना मरीज सामने आए हैं। तरन तारन में अब तक एक भी कोरोना मरीज नहीं था। आशंका जताई जा रही है ये सभी श्रद्धालु (Nanded Pilgrims) अपने-अपने वाहनों से पंजाब लौटे हैं। कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर पंजाब सरकार ने नांदेड़ से आने वाले हर शख्स का कोरोना टेस्ट कराने का फैसला किया है। इसके अलावा उन्हें 14 दिनों के लिए सरकारी क्वारंटीन में भी रहना होगा। श्रद्धालुओं को वापस लाने के लिए पंजाब सरकार ने 80 लग्जरी बसें भेजी हैं जो सोमवार शाम को पंजाब के लिए रवाना हो चुकी हैं। 5 तरन तारन से 3 कपूरथला से नांदेड़ से लौटने वाले 8 कोरोना मरीजों में से पांच तरन तारन के सुरसिंह गांव से हैं जबकि तीन कपूरथला के फगवाड़ा से हैं। तरनतारन में नांदेड़ से लौटे श्रद्धालुओं की सुरसिंह अस्पताल में स्क्रीनिंग भी हुई थी और उनमें कोई लक्षण सामने नहीं आए थे। प्रशासन ने सुरसिंह गांव और लाहुका को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया है। यहां एंट्री और एग्जिट पॉइंट सील कर दिए हैं। डेप्युटी कमिश्नर प्रदीप सबरवाल ने बताया कि प्रशासन मरीजों के इलाज के लिए व्यवस्था कर रहा है और साथ ही वे किस-किस के संपर्क में आए इसका पता लगाया जा रहा है। सोमवार को 35 श्रद्धालु पहुंचे तरन तारन तरन तारन कोविड-19 नोडल अधिकारी जगजीत सिंह वालिया ने बताया कि सभी गांवों को सील कर दिया गया हैं और स्वास्थ्य अधिकारी मरीजों के संपर्क में आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग और वायरॉलजी टेस्ट कर रहे हैं। तरन तारन एसडीएम रजनीश अरोड़ा ने बताया कि नांदेड़ से 35 और श्रद्धालु सोमवार को यहां पहुंचे जिन्हें उनके घर भेजने से पहले सरहाली कालां सरकारी अस्पताल में स्क्रीनिंग कराई जा रही है। सभी को 14 दिन के लिए घर पर ही क्वारंटीन रहने की सलाह दी गई है। ये सभी बुर्ज राय, बालारे और पंटकोटा गांव से हैं। छठे मरीज में कोरोना सोर्स की जानकारी नहीं तरन तारन में छठवां कोरोना मरीज एक महिला है जिसने दो दिन पहले एक बच्चे को जन्म दिया है। वह लगातार अस्पताल आती थी। अथॉरिटी अभी तक उसमें इंफेक्शन का सोर्स पता नहीं लगा सके हैं। श्रद्धालुओं को वापस लाएगी 80 लग्जरी बसें पंजाब सरकार द्वारा सिख श्रद्धालुओं को लाने वाली 80 लग्जरी बसें सोमवार को नांदेड़ से रवाना हो गई हैं। बस में 52 यात्रियों के बैठने की क्षमता है लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक बस में केवल 35 यात्री बिठाए गए। बस को पंजाब पुलिसकर्मी और ट्रांसपोर्ट अधिकारी एस्कॉर्ट कर रहे हैं। सभी श्रद्धालु पंजाब से 14 अलग-अलग जगहों में 4 दिन में पहुंचेंगे। ज्यादातर श्रद्धालु नांदेड़ में होला मोहल्ला त्योहार में शामिल होने आए थे। ये सभी शहर में एक महीने से फंसे थे और यात्री निवास में रह रहे थे। घर जाने के लिए बेचैन हैं श्रद्धालु गुरुद्वारा बोर्ड मेंबर गुरमीत सिंह महाजन ने बताया कि सभी अपने घर लौटने के लिए बेचैन हैं क्योंकि खेतों में फसल कटाई का समय शुरू हो चुका है। सोमवार को श्रद्धालुओं का पहला जत्था शाम करीब साढ़े चार बजे रवाना हुआ। बोर्ड सेक्रटरी रविंदर सिंह बंगई ने बताया कि चार घंटे में श्रद्धालुओं को बस में बिठाया गया। ये श्रद्धालु चार राज्यों- महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हरियाणा से होते हुए 4 दिन में पंजाब पहुंचेंगे। सिखों का प्रमुख गुरुद्वारा है हजूर साहिब हजूर साहिब सचखंड गुरुद्वारा नांदेड़ का प्रमुख गुरुद्वारा है। हर साल यहां दुनियाभर से लाखों श्रद्धालु आते हैं। बंगई ने बताया कि करीब 4,000 श्रद्धालु नांदेड़ में लॉकडाउन के शुरू होने के साथ ही फंसे हुए हैं। इनमें से ज्यादातर पंजाब से हैं। करीब 1 हजार श्रद्धालुओं को तीन समूहों में पहले ही घर भेजा जा चुका है। वे अपने-अपने घरों को पहुंच चुके हैं। पंजाब सरकार और महाराष्ट्र सरकार कर रही मदद उन्होंने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे, केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर, नांदेड़ के गार्जियन मंत्री अशोक चव्हाण और सांसद प्रताप चिखलीकर के अलावा धर्मगुरुओं ने भी फंसे हुए श्रद्धालुओं को उनके घर सुरक्षित पहुंचाने के लिए काफी प्रयास किया। पंजाब सीएम ने श्रद्धालुओं को वापस भेजने के लिए 80 लग्जरी बसें भेजी हैं।

Top News