taaja khabar...जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव का माहौल तैयार करने की कोशिश, 24-25 जून तक सर्वदलीय बैठक कर सकते हैं पीएम मोदी...अगले साल तक भारतीय वायुसेना में शामिल हो जाएंगे 36 राफेल विमान, बोले एयरफोर्स चीफ RKS भदौरिया...गृह मंत्रालय का राज्यों को सख्त निर्देश, कहा- सावधानी से हटाएं लॉकडाउन की पाबंदियां, अनलॉक को लेकर दी हिदायत...वैक्सीन के ताजा आंकड़ों पर बोला केंद्र- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पास अभी मौजूद है 2.87 करोड़ से अधिक डोज...खत्म होने लगा है महामारी की दूसरी लहर का प्रकोप: 74 दिनों बाद देश में सबसे कम सक्रिय मामले, 24 घंटों में मिले 60,753 नए संक्रमित...केंद्र ने कहा- अगर कोरोना की तीसरी लहर आती है तो भारत सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार..विदेश मंत्री जयशंकर ने गुतेरस को दी शुभकामनाएं, दोबारा चुने गए हैं UN में महासचिव...तेजी से सुधरे कोरोना के हालात, यूपी-पंजाब समेत 27 राज्यों में आ रहे हजार से भी कम नए मामले...संसदीय समिति की ट्विटर को दो-टूक, भारत में आपकी नीति नहीं कानून का शासन ही सर्वोच्च...हर्षवर्धन ने कहा- कोरोना के खिलाफ लोगों की जिंदगी बचाने के लिए मास्क सबसे सरल और मजबूत हथियार...नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, कृषि कानूनों को रद करने के अलावा किसी भी प्रावधान पर बात करने को तैयार है सरकार..बदलते हालात: उपराज्यपाल ने कहा- जम्मू-कश्मीर में 90 फीसद लोगों तक पहुंचा केंद्रीय योजनाओं का लाभ...बुजुर्ग से बदसलूकी मामले में एसपी नेता उम्‍मेद पहलवान दिल्‍ली से अरेस्‍ट, फेसबुक लाइव किया था...ईरान में राष्ट्रपति पद के चुनाव में कट्टरपंथी न्यायपालिका प्रमुख इब्राहिम रायसी की जीत...

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हनुमानगढ़, 19 जून। जिला कलक्टर श्री नथमल डिडेल ने शनिवार को संगरिया की ग्राम पंचायत हरिपुरा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में जनसहभागिता से बने छह कमरों और चार अन्य बन रहे कमरों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होने मनरेगा से बने स्कूल के बॉस्केटबॉल ग्राउंड को भी देखा। मनरेगा से बने ग्राउंड की उन्होने प्रशंसा की। इसी दौरान उन्होने शमसान भूमि परिसर में बने रैन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर के कार्य करने के बारे में विस्तृत जानकारी ली। साथ ही कहा कि कल्याण भूमि में बने ट्रेक को जल्द पूरा करवाया जाए। संगरिया विकास अधिकारी श्री रामप्रताप गोदारा ने जिला कलक्टर को बताया कि जनसहभागिता योजना से छह कक्षा कक्षों का निर्माण स्कूल में करवाया जा चुका है। 2 समसा से बन रहे हैं और अन्य दो कमरे क्रय विक्रय सहकारी समिति के अंशदान के जरिए जनसहभागिता योजना में कमरे बन रहे हैं। इस प्रकार स्कूल में कुल 10 नए कक्षा कक्षों का निर्माण पूरा हो जाएगा। जिला कलक्टर ने हरिपुरा विजिट के दौरान पंचायत समिति कार्यालय का भी विजिट किया और वहां लगाए गए पेड़ पौधों को लेकर प्रंशसा करते हुए कहा कि आ रहे मानसून में और पेड़ लगाएं। इस अवसर पर जिला कलक्टर के साथ उपखंड अधिकारी संगरिया श्री रमेश देव, केन्द्रीय सहकारी बैंक के महाप्रबंधक श्री दीपक कुक्कड़, विकास अधिकारी श्री रामप्रताप, सहकारी बैंक के सीनियर मैनेजर श्री दिनेश अरोड़ा समेत अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।
रासायनिक खाद की बजाय बायो खाद को बढ़ावा दें- जिला कलक्टर
क्षेत्र के ज्यादा से ज्यादा काश्तकारों को सहकारिता से जोड़ें- जिला कलक्टर
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा ने किया पल्लू सीएचसी एवं थिराना पीएचसी का वर्चुअल लोकार्पण
श्रीगंगानगर सोलर एसोसिएशन का चुनाव

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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2019,जब से अमित शाह ने गृह मंत्री का कार्यभार संभाला है, तभी से गृह मंत्रालय हमेशा से ही चर्चा का विषय बना हुआ है. गृह मंत्रालय कब क्या कर रहा है, इसपर हर किसी की नज़र है. राष्ट्रपति भवन के पास नॉर्थ ब्लॉक में मौजूद गृह मंत्रालय के दफ्तर में अब चप्पे-चप्पे नज़र रखी जा रही है, दफ्तर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इस मामले में ताजा अपडेट ये है कि पिछले हफ्ते से CCTV कैमरे लगने की शुरुआत जो हुई है अभी तक मंत्रालय की अहम लोकेशन पर पूरी हो चुकी है. नॉर्थ ब्लॉक-साउथ ब्लॉक में मौजूद दफ्तरों पर सुरक्षा काफी कड़ी रहती है, इसी के तहत यहां पर इन सभी काम को किया जा रहा है. गृह मंत्रालय की पूरी सुरक्षा CISF के हाथ में है, जो कि इन CCTV कैमरों की मदद से हर किसी पर नजर रखेंगे. CISF ने इनके अलावा बॉडी कैमरा, एक्स-रे मशीन और मेटल डोर डिटेक्टर भी सुरक्षा में तैनात किए हुए हैं. इनमें काफी सीसीटीवी कैमरे पहले फ्लोर पर लगेंगे, जहां पर गृह मंत्री, गृह राज्य मंत्री, गृह सचिव, सीबीआई डायरेक्टर, IB चीफ, ज्वाइंट सेक्रेटरी रहते हैं. गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, इसे A रूटीन अपग्रेडशन कहा जाता है. ना सिर्फ गृह मंत्रालय बल्कि CCTV के कैमरे अब वित्त मंत्रालय में भी लगाए जा रहे हैं. CCTV से क्या होगा? साफ है कि इन कैमरों के लग जाने के बाद गृह मंत्रालय के हर कोने पर नज़र रहेगी और ये भी पता चलता रहेगा कि कौन किससे मिल रहा है. खास बात ये है कि मंत्रालय में मौजूद मीडिया रूम में भी कैमरे लगाए गए हैं, यानी कौन पत्रकार कब किससे मिल रहा है इसपर भी मंत्रालय की नज़र रहेगी. गृह मंत्रालय में हो रहे इस बदलाव पर मंत्रालय के अफसरों ने भी खुशी जताई है और इस बात का जिक्र किया है कि अब कौन-कब आ रहा है, इसपर आसानी से नज़र रखी जा सकेगी.
66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का ऐलान, अंधाधुन बेस्ट हिंदी फिल्म, आयुष्मान और विकी कौशल बेस्ट ऐक्टर
विवादित वीडियो मामला: मुश्किल में एजाज खान, कोर्ट ने 1 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा
आर्टिकल 15 रिलीज, लोग बोले- आयुष्मान खुराना की एक और ब्लॉकबस्टर फिल्म
जल्द इंड‍िया लौट रहे हैं ऋषि कपूर, इस फिल्म में जूही चावला संग करेंगे काम

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जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस की गतिविधियां आज तेज रहीं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे अपनी-अपनी रणनीति बनाते रहे। सीएम गहलोत ने नया दांव खेलते हुए पायलट खेमे के साथ खींचतान में खुद को पर्दे के पीछे रखकर कई तरह की चालें चलीं। वहीं दूसरी तरफ मंत्रियों की लगाम कसने के लिहाज से मंत्रिमंडल सचिवालय और प्रशासनिक सुधार विभाग से मंत्रिपरिषद के सदस्यों का रिपोर्ट कार्ड मांगा है। रिपोर्ट कार्ड मांगकर गहलोत ने मंत्रियों में संभावित फेरबदल का संदेश दिया कि उन्हें सीएम खेमे में ही रहना है। बुधवार को मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड मुख्यमंत्री के पास पहुंच गया। पायलट के साथ चल रही सियासी खींचतान के बीच सीएम ने चिकित्सकों की सलाह के नाम पर खुद को लंबे समय तक क्वारंटीन कर लिया है। जिस तरह से आलाकमान और पायलट खेमा पिछले कुछ दिनों से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दबाव बना रहे थे, उसको देखते हुए गहलोत ने साफ संकेत दे दिया कि वे किसी दबाव में नहीं आएंगे। आलाकमान के कहने पर भी वे दिल्ली जाने को तैयार नहीं हैं। लंबे क्वारंटीन का मतलब है कि गहलोत पायलट और आलाकमान को ज्यादा तूल नहीं देते हुए बेफिक्री दिखा रहे हैं। उन्होंने साफ संकेत दिया कि वे ना तो मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे और ना ही विवाद निपटाने के लिए व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने सीएम से बात कर बीच का रास्ता निकालने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि पोस्ट कोविड की बीमारियों से बचने के लिए चिकित्सकों की सलाह पर वे फिलहाल वन टू वन मुलाकात नहीं कर सकते। गहलोत को बताया कलयुग का भगवान इसी बीच पायलट के विश्वस्त विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने गहलोत को कलयुग का भगवान बताते हुए कहा कि जिस तरह अपनी मन्नत पूरी करने को लेकर लोग मंदिर में जाते हैं। वैसे ही हम बार-बार गहलोत से मंत्रिमंडल विस्तार की मांग कर रहे हैं। वे मौजूदा समय में भगवान हो रहे हैं। दो दिन पहले सीएम की तारीफ करने वाले विधायक इंद्रराज गुर्जर ने फिर पाला बदला और एक बयान में कहा कि पायलट कांग्रेस की ब्राण्ड बन गए हैं। हर दिन चल रही नई चाल आलाकमान और पायलट खेमे के दबाव से निपटने के लिए सीएम हर दिन नई चाल चल रहे हैं। एक दिन पहले उन्होंने पायलट खेमा छोड़कर आए 7वीं बार विधायक बने भंवरलाल शर्मा को मैदान में उतारकर कहलवाया कि पायलट को गहलोत को नेता मानना पड़ेगा। बसपा से कांग्रेस में शामिल होने वाले विधायकों से पायलट खेेमे को गद्दार कहलवा दिया। हालांकि पायलट खेमे के दो विधायकों ने इसका जवाब दिया और कहा कि जो लोग पार्टी बदलते हैं वे हम पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने ढाई साल में तीन पार्टी बदली है। सूत्रों के अनुसार बुधवार को सीएम की कई विधायकों से वर्चुअल बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने एकजुट रहने की सलाह दी।
सचिन पायलट खेमा मैदान में, विधायक ने कहा- वोट हमारे और मलाई दूसरे खा रहे हैं
इंटेलिजेंस सूचना, अशोक गहलोत कैंप के कुछ विधायक सचिन पायलट के संपर्क में
भाजपा प्रवक्ता बोले, गहलोत सरकार ने प्रदेश की मर्यादा आलाकमान की चौखट पर रखी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाड़मेर में अल्ट्रा मॉडर्न सुविधाओं वाले वेदांता केयर्स फील्ड हॉस्पिटल का किया लोकार्पण

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लखनऊ बीजेपी ने अगले साल उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव से पहले पूरे संगठन का गठन कर एक साथ कई 'मोर्चों' को साध लिया है। पार्टी ने करीब साल भर बाद मोर्चों का गठन तो किया ही, साथ ही जिनका समायोजन मोर्चों में नहीं हो सका, उन्हें प्रदेश पदाधिकारी बनाकर संतुलन भी बिठाया है। रिटायर्ड आईएएस एके शर्मा को संगठन में जिम्मेदारी देकर अटकलों-विवादों को विराम दे दिया। वहीं मोर्चों के गठन के लिए चल रही उठापटक को केंद्रीय नेतृत्व के साथ बैठकर सुलझा लिया। क्षेत्रीय-जातीय समीकरण साधे बीजेपी ने प्रदेश कार्यकारिणी की सूची अगस्त, 2020 में जारी की थी। करीब साल भर होने को है तो अब पार्टी मोर्चों की सूची जारी कर पाई है। कहा जा रहा है कि कुछ नाम तय नहीं हो पा रहे थे, जिसकी वजह से यूपी संगठन को केंद्रीय नेतृत्व के साथ दिल्ली में बैठना पड़ा। मोर्चों के गठन में क्षेत्रीय-जातीय बैलेंस रखने की कोशिश की गई है। शाक्यों की बहुतायत आबादी वाले और सपा का गढ़ माने जाने वाली बेल्ट के औरैया जिले से आने वाली गीता शाक्य को महिला मोर्चे का अध्यक्ष बनाया गया तो गोरखपुर के क्षत्रिय बिरादरी के पूर्व प्रदेश मंत्री रह चुके कामेश्वर सिंह को किसान मोर्चे का अध्यक्ष बना दिया गया। मेरठ के बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे का अध्यक्ष बनाया गया तो गाजियाबाद के नरेंद्र कश्यप को पिछड़ा वर्ग मोर्चे का, अनुसूचित जाति मोर्चे का अध्यक्ष मोहनलालगंज के सांसद कौशल किशोर को बनाए रखा गया है। गोरखपुर के डॉक्टर संजय गोंड को अनुसूचित जनजाति अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। फर्रुखाबाद के प्रांशु दत्त द्विवेदी को युवा मोर्चे का अध्यक्ष बनाकर पिछड़ों, दलितों, अल्पसंख्यकों और क्षत्रियों के साथ ब्राह्मणों को भी साधने की कोशिश की गई है। प्रदेश अध्यक्ष की चली, दावेदारों का हुआ समायोजन मोर्चों की पूरी सूची पर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव की ही छाप दिखाई पड़ रही है। ज्यादातर पदाधिकारी उनके करीबी हैं, जिन्हें सूची में जगह नहीं मिल सकी, उनका समायोजन भी किया गया। अध्यक्ष के करीबी माने जाने वाले प्रांशु दत्त द्विवेदी युवा मोर्चे में मंडल से पदाधिकारी रहे और मौजूदा समय में प्रदेश कार्यकारिणी में मंत्री हैं। वहीं पिछड़ा वर्ग मोर्चे के अध्यक्ष बनाए गए नरेंद्र कश्यप 2017 में बीएसपी से बीजेपी में आए थे और बिहार में ओबीसी मोर्चे के प्रभारी का काम देख रहे थे। इस बार उन्हें भी जगह मिली। अर्चना मिश्रा भी महिला मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष पद की दावेदार थीं, उन्हें प्रदेश में मंत्री बनाकर जगह दी गई। वह महिला मोर्चे की महामंत्री रह चुकी हैं। पश्चिम के क्षेत्रीय मंत्री अमित वाल्मीकि को भी मंत्री बनाकर एडजस्ट किया गया है। वह अनुसूचित जाति मोर्चे के दावेदार थे। वहीं किसान मोर्चे के अध्यक्ष बने कामेश्वर सिंह प्रदेश अध्यक्ष के साथ लंबे समय से काम कर चुके हैं। उन्हें सीएम योगी का भी करीबी माना जाता है। बासित अली भी अध्यक्ष के करीबी हैं और उन्हें अल्पसंख्यक मोर्चे का पश्चिम का क्षेत्रीय संयोजक स्वतंत्र देव ने ही बनवाया था।
शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक का उद्धव ठाकरे को खत- 'पार्टी को कमजोर कर रही NCP, पीएम मोदी से मिल जाने में ही फायदा'
कोविड कार्य कर रहे शिक्षकों को कोरोना योद्धा माने स्वास्थ विभाग, एनएचआरसी ने दिए निर्देश
कोविड वैक्सीन जागरूकता के लिए 'जान है तो जहान है' अभियान, धर्मगुरुओं ने भी भरी हुंकार
मध्य प्रदेश में 21 जून से वैक्सीनेशन का महाअभियान, शिवराज बोले- लोगों की जिंदगी बचाने का अभियान है टीकाकरण

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नई दिल्ली,कोरोना काल में एक बार फिर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के लिए दो अहम घोषणाएं की हैं। ये घोषणाएं कोरोना के खिलाफ चल रहे युद्ध के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं। प्रधानमंत्री ने पहली घोषणा की कि 21 जून से 18 वर्ष से ऊपर की आयु के देश के सभी नागरिकों को वैक्सीन मुफ्त लगेगी। केंद्र सरकार, प्रत्येक राज्य को इसके लिए मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी। वैक्सीन निर्माताओं से कुल वैक्सीन उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार खुद खरीदेगी और फिर इसे राज्य सरकारों को मुफ्त देगी। दूसरी महत्पूर्ण घोषणा 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' को अब दीपावली तक आगे बढ़ाने की हुई है। मतलब नवंबर-2021 तक केंद्र सरकार 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को, हर महीने तय मात्रा में मुफ्त अनाज उपलब्ध कराएगी। विस्तार से पढ़ें प्रधानमंत्री के संबोधन की प्रमुख बातें देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, कोरेाना की दूसरी लहर की लड़ाई जारी है। अन्य देशों की तरह भारत इस पीड़ा से गुजरा है। कई लोगों ने अपने परिजनों को खोया है। बीते सौ वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी है, त्रासदी है। इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी, न अनुभव की थी। इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा है। नरेंद्र मोदी ने कहा कि सेकेंड वेव के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी। भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई। इस जरूरत को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया। सरकार के सभी तंत्र लगे। उन्होंने कहा, आज पूरे विश्व में वैक्सीन के लिए जो मांग है, उसकी तुलना में उत्पादन करने वाले देश और वैक्सीन बनाने वाली कंपनियां बहुत कम हैं। कल्पना करिए कि अभी हमारे पास भारत में बनी वैक्सीन नहीं होती तो आज भारत जैसे विशाल देश में क्या होता? पीएम मोदी ने कहा, हर आशंका को दरकिनार करके भारत ने 1 साल के भीतर ही एक नहीं बल्कि दो मेड इन इंडिया वैक्सीन्स लॉन्च कर दी। पीएम मोदी ने कहा कि हमारे देश ने, वैज्ञानिकों ने ये दिखा दिया कि भारत बड़े-बड़े देशों से पीछे नही है। आज जब मैं आपसे बात कर रहा हूं तो देश में 23 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। उन्होंने कहा पिछले काफी समय से देश लगातार जो प्रयास और परिश्रम कर रहा है, उससे आने वाले दिनों में वैक्सीन की सप्लाई और भी ज्यादा बढ़ने वाली है। आज देश में 7 कंपनियाँ, विभिन्न प्रकार की वैक्सीन्स का प्रॉडक्शन कर रही हैं। तीन और वैक्सीन्स का ट्रायल भी एडवांस स्टेज में चल रहा है। राज्य सरकारों को लॉकडाउन की छूट क्यों नहीं मिल रही? One Size Does Not Fit All जैसी बातें भी कही गईं। पीएम मोदी ने कहा, देश में कम होते कोरोना के मामलों के बीच, केंद्र सरकार के सामने अलग-अलग सुझाव भी आने लगे, भिन्न-भिन्न मांगे होने लगीं। पूछा जाने लगा, सब कुछ भारत सरकार ही क्यों तय कर रही है? राज्य सरकारों को छूट क्यों नहीं दी जा रही? दूसरी तरफ किसी ने कहा कि उम्र की सीमा आखिर केंद्र सरकार ही क्यों तय करे? कुछ आवाजें तो ऐसी भी उठीं कि बुजुर्गों का वैक्सीनेशन पहले क्यों हो रहा है? भांति-भांति के दबाव भी बनाए गए, देश के मीडिया के एक वर्ग ने इसे कैंपेन के रूप में भी चलाया। इस बीच, कई राज्य सरकारों ने फिर कहा कि वैक्सीन का काम डी-सेंट्रलाइज किया जाए और राज्यों पर छोड़ दिया जाए। तरह-तरह के स्वर उठे। जैसे कि वैक्सीनेशन के लिए एज ग्रुप क्यों बनाए गए? प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल 16 जनवरी से शुरू होकर अप्रैल महीने के अंत तक, भारत का वैक्सीनेशन कार्यक्रम मुख्यत: केंद्र सरकार की देखरेख में ही चला। सभी को मुफ्त वैक्सीन लगाने के मार्ग पर देश आगे बढ़ रहा था। देश के नागरिक भी, अनुशासन का पालन करते हुए, अपनी बारी आने पर वैक्सीन लगवा रहे थे। आज ये निर्णय़ लिया गया है कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन से जुड़ा जो 25 प्रतिशत काम था, उसकी जिम्मेदारी भी भारत सरकार उठाएगी। ये व्यवस्था आने वाले 2 सप्ताह में लागू की जाएगी। इन दो सप्ताह में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर नई गाइडलाइंस के अनुसार आवश्यक तैयारी कर लेंगी। उन्होंने कहा कि 21 जून, सोमवार से देश के हर राज्य में, 18 वर्ष से ऊपर की उम्र के सभी नागरिकों के लिए, भारत सरकार राज्यों को मुफ्त वैक्सीन मुहैया कराएगी। वैक्सीन निर्माताओं से कुल वैक्सीन उत्पादन का 75 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार खुद ही खरीदकर राज्य सरकारों को मुफ्त देगी। देश की किसी भी राज्य सरकार को वैक्सीन पर कुछ भी खर्च नहीं करना होगा। अब तक देश के करोड़ों लोगों को मुफ्त वैक्सीन मिली है। अब 18 वर्ष की आयु के लोग भी इसमें जुड़ जाएंगे। सभी देशवासियों के लिए भारत सरकार ही मुफ्त वैक्सीन उपलब्ध करवाएगी। एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा में पीएम मोदी ने कहा कि आज सरकार ने फैसला लिया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना को अब दीपावली तक आगे बढ़ाया जाएगा। महामारी के इस समय में, सरकार गरीब की हर जरूरत के साथ, उसका साथी बनकर खड़ी है। यानि नवंबर तक 80 करोड़ से अधिक देशवासियों को, हर महीने तय मात्रा में मुफ्त अनाज उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा, जो लोग भी वैक्सीन को लेकर आशंका पैदा कर रहे हैं, अफवाहें फैला रहे हैं, वो भोले-भाले भाई-बहनों के जीवन के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसी अफवाहों से सतर्क रहने की जरूरत है।
'मुझे जहर देकर मारने की कोशिश की गई'... ISRO के सीनियर वैज्ञानिक तपन मिश्रा का सनसनीखेज आरोप
योगी लाएंगे लव जिहाद पर कानून, सीधे विरोध-समर्थन से बच रहे हैं विपक्षी दल
प्रॉपर्टी कार्ड देकर बोले PM, तकलीफ हो तो भी बच्चों को पढ़ाइए, राजमिस्त्री बनने पर मजबूर मत करिए
शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी,

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taaja khabar...काला धनः भारत को स्विस बैंक में जमा भारतीयों के काले धन से जुड़ी पहली जानकारी मिली...SPG सिक्यॉरिटी पर केंद्र सख्त, विदेश दौरे पर भी ले जाना होगा सिक्यॉरिटी कवर, कांग्रेस बोली- निगरानी की कोशिश....खराब नहीं हुआ था इमरान का विमान, नाराज सऊदी प्रिंस ने बुला लिया था वापस ....करीबियों की उपेक्षा से नाराज हैं राहुल गांधी? ताजा घटनाक्रम और कुछ कांग्रेस नेता तो इसी तरफ इशारा कर रहे हैं....2 राज्यों के चुनाव से पहले राहुल गांधी गए कंबोडिया? पहले बैंकॉक जाने की थी खबर...2019 में चिकित्सा क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार का ऐलान, 3 वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से मिला...चीन सीमा पर तोपखाने की ताकत बढ़ा रहा भारत, अरुणाचल प्रदेश में तैनात करेगा अमेरिकी तोप....J-K: पुंछ में PAK ने की फायरिंग, सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब ...राफेल में मिसाइल लगाने वाली कंपनी बोली, ‘भारत को मिलेगी ऐसी ताकत जो कभी ना थी’ ..

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