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राजस्थान,राजस्थान में लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में शुक्रवार को 13 सीटों पर वोटिंग हुई। शाम 6 बजे मतदान खत्म हो गया और जो लोग कतार में थे, उन्हें वोट डालने का मौका दिया गया। भारत निर्वाचन आयोग के अनुसार राजस्थान में शाम 6 बजे तक 60.45% वोटिंग हो चुकी है। ये वोटिंग पहले चरण से ज्यादा हो गई है। बाड़मेर सीट पर अब तक सबसे ज्यादा 70.98 फीसदी वोट पड़े। बांसवाड़ा सीट पर 70.20 फीसदी मतदान हुआ। पहले चरण में 12 सीटों पर 57.87 फीसदी वोटिंग हुई थी। दूसरे चरण वाली 13 सीटों पर 2014 में 64.36 प्रतिशत और 2019 में 67.75 प्रतिशत मतदान हुआ था। वहीं राजस्थान की एक विधानसभा सीट बागीदौरा पर हुए उप-चुनाव में शाम 6 बजे तक 76.66 फीसदी वोटिंग हुई। विधायक-आईजी के बीच नाेंक-झोंक, जोधपुर में पुलिस को पीटा आज जोधपुर, बाड़मेर, पाली, जालोर, राजसमंद, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, उदयपुर, बांसवाड़ा, टोंक-सवाई माधोपुर, कोटा, झालावाड़-बारां सीट पर वोटिंग हुई। बाडृमेर में निर्दलीय उम्मीदवार रविंद्र सिंह भाटी और कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदाराम बेनीवाल के समर्थक भिड़ गए। इस दौरान बायतु विधायक हरीश चौधरी और आईजी विकास कुमार के बीच नोक-झोंक हो गई। टोंक-सवाईमाधोपुर सीट से भाजपा प्रत्याशी सुखबीर सिंह जौनापुरिया ने फर्जी मतदान को लेकर हंगामा किया। वहीं जोधपुर के पीपाड़ में पोलिंग बूथ का वीडियो बना रहे कॉन्स्टेबल को लोगों ने पीटा। पाली में दो घंटे तक ईवीएम बंद हो गई, जिससे मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, भीलवाड़ा के पुर कस्बे में वोट डालने पहुंचे एक बुजुर्ग की मौत हो गई। प्रतापगढ़ में नाव में बैठकर मतदाता वोट डालने पहुंचे। दूसरे चरण में गजेंद्र सिंह शेखावत, ओम बिरला, कैलाश चौधरी, सीपी जोशी सहित कई दिग्गजों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद हो गया। बाड़मेर, बांसवाड़ा की सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला।
नई दिल्ली, महिला कांस्टेबल खुशबू चौहान का वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में वो देश के प्रति अपनी भावनाएं बेहद जोशीले अंदाज में व्यक्त कर रही हैं, जानें- कौन हैं खुशूब चौहान, हिट हो गया जिनका ये भाषण. सीआरपीएफ (सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स) की 233 बटालियन में कांस्टेबल खुशबू ने अपने जोशीले उद्गार व्यक्त किए हैं. उन्होंने अपने वीडियो में अर्बन नक्सलवाद पर आवाज उठाई है. जानकारी के मुताबिक वो 27 सितम्बर को दिल्ली में Indo-Tibetan Border Police (ITBP) द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के तत्वावधान में एक डिबेट कम्पिटीशन में हिस्सा ले रही थीं. डिबेट का विषय था कि मानव अधिकारों का अनुपालन करते हुए देश में आतंकवाद एवं उग्रवाद से प्रभावी तरीके से निबटा जा सकता है. ये डिबेट बीपीआरएंडडी नई दिल्ली के सभागार में आयोजि‍त की गई थी. प्रतियोगिता में उन्होंने जो कहा उसकी चार मिनट की वीडियो सोशल मीडिया में हर तरफ छाई है. अपनी वीडियो में वो जेएनयू के छात्रों के बारे में अपनी राय रख रही हैं. ये हैं उनकी स्पीच के कुछ अंश देश मेरा जल रहा है आग लगी है सीने में हुक्मरां सब व्यस्त हैं खून गरीब का पीने में राममंदिर बाबरी का पक्ष नहीं मैं लाई हूं घायल भारत चीख रहा है, चीख सुनाने आई हूं वो कहती हैं कि दर्द हद से जब गुजरने लगता है, जब मेरे सामने पुलवामा, ताज छत्तीसगढ़ के सैनिकों के अधजले शरीर और रेत के टीले से बड़े ढेर सामने आते हैं. आजकल तिरंगा फहराने से ज्यादा लपेटने में काम आता है, कलेजा तब फट गया जब एक मां ने कहा कि साहब आप तो आधा इंच भी कम नहीं लेते, मैं आधा बच्चा कैसे ले लूं. आज मानवाधिकारों के कारण हमारे देश के जवान इतने डरे हैं कि वो ड्यूटी में खड़े होकर भी फैसला लेने से डरते है.

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