Hanumangarh


अधिकारियों को दिये सजग होकर कार्य करने के निर्देश हनुमानगढ, 18 जून। मंगलवार को जिला कलैक्ट्रैट सभागार में जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन की अध्यक्षता में मौसमी बीमारियों के संबंध में बैठक हुई। बैठक में पूर्व में हुई बैठक में दिये गये निर्देशों के संबंध में अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट ली गई। जिला कलक्टर ने कहा कि मीडिया में विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं की जो भी खबरें सामाचार पत्रों तथा न्यूज चैनल में प्रकाशित होती है उन पर संबंधित अधिकारी त्वरित रूप से कार्रवाई करें। बैठक में जिला कलक्टर ने सभी विभागों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। बरसात के मौसम को देखते हुये जिला कलक्टर ने पीएमओ व नरगपरिषद आयुक्त को निर्देश दिये कि बीमारियों के रोकथाम के लिये समुचित व्यवस्था की जावे व आगे आने वाले मानसून को देखते हुये शहर में पानी निकासी की समुचित व्यवस्था करे तथा सभी नालों की सफाई करवाये जिससे कि बरसात के समय में पानी गलियों में न भरकर उसकी निकासी तुरन्त प्रभाव से हो सके। उन्होने शहरी क्षेत्र में आवारा पशु बहुतायात में पाए जाने की शिकायत पर जिला कलक्टर ने नगर परिषद कमीशनर को निर्देश दिए कि पशु चाहे आवारा हों या पालतू, अगर वो सड़क पर विचरण कर रहे हैं तो उन्हें गौशालाओं में बंद करो।और साथ ही घरेलु पालतु पशु अगर कोई व्यक्ति लापरवाही से खुले में छोड़ता है तो नियमानुसार नरगपरिषद उस विरूद्ध कार्यवाही करे। बैठक में जिला कलक्टर ने संपर्क पोर्टल पर आई शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि संपर्क पोर्टल पर आई शिकायतों का जल्द निस्तारण करें। कई जगह ईमित्र संचालकों के द्वारा तय दर से अधिक पैसा वसूले जाने के मामले में ईमित्र संचालक को ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने कहा कि संबंधित उपखण्ड मुख्यालय के उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार ऐसे सभी ईमित्रों की आकस्मिक जांच करे और दोषी पाये जाने पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। इसके अलावा जिले में जिप्सम के अवैध खनन पर रोक लगाने, नवजीवन सोसाइटी, आदर्श सोसाइटी इत्यादि जैसी जालसाज कॉपरेटिव सोसाइटियों के धोखाधड़ी से बचने के लिए आमजन को इनके बारे में अवेयर करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही खनन विभाग के प्रतिनिधि को निर्देश दिये कि वे जिला उद्योग केन्द्र के अधिकारियों के साथ सामजस्य स्थापित कर पीओपी उद्योग लगाने वाले व्यक्तियों को लाभान्वित किया जाये, ताकि वे अपना रोजगार स्वयं कमा सके और सक्षम बन सके। जिला कलक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारी को निर्देशित करते हुये कहा कि शहरी क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र उद्योगिक क्षेत्र में लगाये गये खम्बों की तारों को कस्वां जाये जिससे कि गर्मी के मौसम के लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े व आने वाले मानसून के मौसम में भी ढीली तारों से किसी आमजन को कोई हानि न पहुचे तथा वार्ड नम्बर 03 नई खुंजा चमकौर सिंह पार्क के अन्दर लगे हुये ट्राॅन्सफार्मर से पार्क में खेलने वाले बच्चों को करंट से बचाने व बड़ी दुर्घटना से बचने के लिये विभाग के स्तर पर इस समस्या के हल करने के निर्देश दिये। सिंचाई विभाग के अधिकारियों को बैठक में जिला कलक्टर ने निर्देशित करते हुये कहा कि नहरों में हो रही पानी चोरी के मामलों को टीम गठित करते हुये धरपकड़ करे जिससे कि किसानों तक नहरों का पूरा पानी पहुच सके। कलैक्ट्रैट की समस्याओं के बारे में अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई तथा नगरपरिषद आयुक्त शैलेन्द्र गोदारा को निर्देश दिये गये कि कलैक्ट्रैट परिसर के पार्क में समरसिबल व हाई मास्ट लाईट लगाये जाये व पीडब्लयुडी विभाग के अधिकारी से कहा गया कि कलैक्ट्रैट परिसर में रंग रोगन, पार्क का जीवर्णोद्धार, पार्किग व्यवस्था में सुधार, टाॅयलेट की मरम्मत, वाहन चालकों के बैठने के लिये कमरा निर्माण, कलैक्ट्रैट परिसर के अन्दर व बाहर दोनो तरफ टूटी सड़कों के पेच वर्क करवाने, पानी पाईप मरम्मत के निर्देश दिये। बैठक में मुख्य रूप से कलैक्ट्रैट परिसर में बंद पड़ी कैन्टीन को पुनः शुरू करवाने के लिये डेयरी विभाग व महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल से सुचारू करने के निर्देश दिये। जिला खेल अधिकारी कार्यालय के प्रतिनिधि से गया कि स्टेडियम में ज्यादा से ज्यादा खेल कुद प्रतियोगिताओं को करवाया जाए जिससे लोगों को नशे से दूर रखा जा सके। बैठक में जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन के अलावा सीईओ जिला परिषद श्री परशुराम धानका, पीएमओ डॉ एम पी शर्मा, सीएमएचओ डॉ अरूण चमड़िया, नगर परिषद कमीश्नर श्री शैलेन्द्र गोदारा, महिला अधिकारिता की सहायक निदेशक श्रीमती शकुंतला चैधरी, सामाजिक न्याय अधिकारिता के सहायक निदेशक श्री विक्रम सिंह, डीआर कॉपरेटिव श्री अमीलाल सहारण, एसई पीडब्ल्यूडी श्री गुरनाम सिंह, एसई बिजली श्री अरूण शर्मा, एसई पीएचईडी श्री रमेश गर्ग, सामान्य शाखा के श्री प्रलेश यादव, समेत विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
जिला कलेक्टर ने ली सभी विभागों की समीक्षा बैठक
यदि यह चिकित्सा संस्थान आपका अपना प्राइवेट अस्पताल होता, तो क्या आप उसकी कमियां दूर नहीं करते‘- धानका
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सिक्ख पिता-पुत्र की निर्मम पिटाई के विरोध में जिला कलेक्टर को सौंपाज्ञापन

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नई दिल्ली, 16 जून 2019, लंबे समय से न्यूयॉर्क में इलाज करवा रहे एक्टर ऋषि कपूर भारत वापसी करते ही अपने नए प्रोजेक्ट्स में बिजी होने वाले हैं. इस फिल्म में ऋषि कपूर के साथ एक्ट्रेस जूही चावला नजर आएंगी. फिल्म का नाम अभी फाइनल नहीं किया गया है. खबर है कि इस फिल्म के मेकर्स इस फैमिली कॉमेडी फिल्म की शूटिंग इस साल के अंत से पहले शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं. खबर है कि ऋषि कपूर अपने जन्मदिन से पहले भारत वापस आ जाएंगे और उसके बाद ही फिल्म की शूटिंग शुरू होगी. यह फिल्म सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के तले प्रोड्यूस हो रही है. फिल्म का डायरेक्टर हितेश भाटिया कर रहे हैं. फिल्म में लंबे वक्त बाद ऋषि कपूर और जूही चावला की जोड़ी बड़े पर्दे पर साथ नजर आएगी. ये हितेश की बतौर डायरेक्टर पहली फिल्म है. सूत्रों के मुताबिक, 'हितेश भाटिया और सुप्रतीक सेन की लिखी इस फिल्म का प्रोडक्शन पिछले साल सितम्बर में शुरू हो गया था. लेकिन उसी समय ऋषि की तबियत बिगड़ने लगी और आर के स्टूडियो को बेचने का भी ऐलान हुआ. इसके बाद ऋषि का न्यूयॉर्क जाना हुआ. अब अगस्त के अंत में ऋषि के वापस लौटने के बाद फिल्म के मेकर्स शूटिंग शुरू करने के लिए तैयार है.' बता दें कि ये फिल्म दिल्ली की लोकेशन पर शूट होगी. ऋषि कपूर और जूही चावला ने आखिरी बार साल 2000 में आई फिल्म कारोबार में काम किया था. ऋषि पिछले साल बॉलीवुड से ब्रेक लेकर अपने इलाज के लिए न्यूयॉर्क चले गए थे. उन्होंने अपनी बीमारी का खुलासा किए बिना फैंस को उनके लिए दुआ करने का आग्रह किया था. कुछ समय ऋषि के भाई रणधीर कपूर ने मीडिया को बताया कि ऋषि अब ठीक हैं और कैंसर मुक्त हो गए है. इसके साथ ही रणबीर कपूर ने भी पिता ऋषि कपूर की भारत वापसी और बॉलीवुड में दोबारा काम करने की इच्छा के बारे में बताया था.
काशी में बदलाव देख रणबीर कपूर हैरान
तो पैसा वसूल है अजय देवगन, तब्बू की दे दे प्यार दे, लोग बोले- नहीं रोक पाएंगे हंसी
टीवी ऐक्टर पर ज्योतिषी महिला को शादी का झांसा देकर रेप का आरोप, FIR
कैसे जूस बेचने वाला शख्स बना सुरों का राजा, जानिए गुलशन कुमार की कहानी

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सीकर लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए राजस्थान के दौरे पर पहुंचे पीएम मोदी ने यहां एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया। राजस्थान के सीकर में एक चुनावी सभा को संबोधित करने पहुंचे पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, 'मैं यहां के लोगों का अभिनंदन करता हूं। अब मैंने जब यहां के लोगों का अभिनंदन किया है तो कांग्रेस से लोग इसकी शिकायत चुनाव आयोग के पास लेकर जाएंगे और कहेंगे कि मोदी ने चुनावी भाषण में अभिनंदन का नाम लिया और इसके बाद उनका एक चेला सुप्रीम कोर्ट चला जाएगा।' पीएम ने कहा कि इस चेले की याचिका पर कोर्ट एक हफ्ते में निर्णय के लिए कहेगी और फिर चुनाव आयोग कहेगा कि मोदी ने तो जनता के अभिवादन के लिए अभिनंदन शब्द का इस्तेमाल किया था और फिर केस खत्म हो जाएगा। पीएम ने सर्जिकल स्ट्राइक पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि अब जब देश की जनता सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हमारे साथ आ गई तो कांग्रेस कह रही है कि हमने 6 स्ट्राइक की और सर्जिकल स्ट्राइक पर अब 'मी टू-मी टू' कहा जा रहा है। पीएम ने कहा कि सीकर की महान धरती पर हम राष्ट्र को जोड़ने की बात करते हैं और कांग्रेस देश की रक्षा करने वालों का हर मौके पर अपमान करती है। पीएम ने कहा, कांग्रेस के एक नेता सेना प्रमुख को गली का गुंडा कहते हैं और कांग्रेस के अन्य नेता वायुसेना के अध्यक्ष को झूठा कहते हैं। इसके अलावा हमारे जवान आतंकियों को घर में घुसकर मारते हैं तो कांग्रेस पूछती है कि आतंकियों की लाशें कहां है। क्या इन आतंकियों को दफ्न करने के लिए कांग्रेस की ओर से चादर भेजी जानी है?' बालाकोट में सेना की स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान पूरी दुनिया में जाकर रो रहा है कि मोदी ने मारा- लेकिन कांग्रेस का यह भी मानने का इरादा नहीं है। एयर स्ट्राइक के हर सबूत के लिए कांग्रेस आंखों पर पट्टी बांधकर बैठ गई है और कांग्रेस का हाल ऐसा है कि इन दिनों उन्हें दिल्ली में पीएम की कुर्सी के अलावा कुछ नहीं दिखता। कांग्रेस को वीर सपूतों का पराक्रम नहीं दिखता। कांग्रेस के इस बर्ताव पर देश पहले चार चरणों में जो मतदान हुआ, उसमें देश की जनता ने कांग्रेस और महामिलावटी लोगों को सबक सिखा दिया है। 29 अप्रैल को जब राजस्थान में वोट पड़े तो कांग्रेस को लोगों ने कांग्रेस को पानी पी-पीकर सजा दी। सर्जिकल स्ट्राइक के बहाने कांग्रेस पर वार नरेंद्र मोदी ने कहा,'कल कांग्रेस के नामदारों ने अपना रिमोट कंट्रोल ऑन किया और उसके कुछ देर बाद कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने एक बयान दिया कि हमारे समय भी कई बार सर्जिकल स्ट्राइक की गई। यह बयान सामने आते ही कांग्रेस के तमाम नेता उछलने लगे। अब कांग्रेस यह साबित करने में लगी है कि हमने भी सर्जिकल स्ट्राइक की थी। यही नहीं कांग्रेस ने 6 तारीखों का भी जिक्र किया, जिनपर स्ट्राइक हुई थी।' यह कैसी स्ट्राइक है जिसके बारे में ना सेना, ना पब्लिक और ना पाकिस्तान को पता चला। पहले हमारे द्वारा की गई स्ट्राइक का उन्होंने मजाक उड़ाया और जब जनता हमारे साथ आ गई तो उन्होंने विरोध किया और जब फिर बात ना बनी तो कहां कि हमने भी स्ट्राइक की। कांग्रेस अब स्ट्राइक पर मी टू-मी टू कर रही है। 'जब कागज पर स्ट्राइक करनी है तो क्या फर्क पड़ता है' 'मैंने कुछ दिन पहले पढ़ा था कि कांग्रेस के एक नेता ने दावा किया था कि यूपीए ने तीन सर्जिकल स्ट्राइक की थी। लेकिन चुनाव के चार चरण बीतते ही आंकड़ा तीन से 6 हो गया। आप देखिएगा कि 23 मई को जब नतीजे आएंगे तो कांग्रेस कहेगी कि हमने 600 बार स्ट्राइक की थी। क्योंकि जब कागज पर ही स्ट्राइक करनी है तो झूठे लोगों को क्या फर्क पड़ता है। कांग्रेस को देश की सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है।' एचडी कुमारस्वामी के एक बयान का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि कांग्रेस कर्नाटक में सरकार चला रही है और उस सरकार के सीएम ने एक बयान दिया कि सेना में वही लोग जाते हैं जिनके पास दो वक्त का खाना नहीं है और भूखे मरते हैं। आप मुझे बताइए कि राजस्थान के सपूत पेट भरने के लिए सेना में हैं। यह हमारी वीर माताओं का अपमान है कि नहीं। कांग्रेस के हर छोटे-बड़े नेता का मौन इस बयान का समर्थन करता है। कांग्रेस के लोग क्या बात करते हैं कि जो देश के लिए सीने में गोली खाने के लिए तैयार हो , क्या वह सेना में सिर्फ खाने के लिए जाता है। 'कांग्रेस ने नहीं बनवाया नैशनल वॉर मेमोरियल' पीएम ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'सेना और शहीदों के प्रति कांग्रेस का ऐसा ही व्यवहार रहा है। इन्होंने नैशनल वॉर मेमोरियल नहीं बनवाया और कहा कि इससे इंडिया गेट की शोभा कम होगी। आजादी के सात दशक बाद नैशनल वॉर मेमोरियल बनाने का सौभाग्य मुझे मिला। वहीं महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए पीएम ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में बेतहाशा महंगाई बढ़ती थी, लेकिन पांच साल में हमने महंगाई दर को नियंत्रित किया है। इसके अलावा विकास की दर भी बढ़ी है। हमने पांच लाख तक की इनकम को टैक्स स्लैब से बाहर किया है जिससे परिवारों को मदद मिल रही है। साथ-साथ मेधावी छात्रों को पढ़ाई के लिए तमाम मदद दी जा रही है।' कांग्रेस ने समाज का वोटबैंक की तरह किया इस्तेमाल: पीएम कांग्रेस सरकार ने समाज को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया है। यही कारण है कि सभी वर्गों को साथ लेकर चलना कांग्रेस की फितरत नहीं रही। लेकिन बीजेपी के लिए समाज का हर व्यक्ति महत्वपूर्ण है। विकास हर व्यक्ति, हर क्षेत्र तक पहुंचे इसके लिए हम प्रयासरत हैं।' मोदी ने कहा, '23 मई को जब फिर एक बार मोदी सरकार बनेगी तो जो पानी आज पाकिस्तान जा रहा है वह पानी हिंदुस्तान के खेतों में जाएगा।' पीएम ने कहा कि कांग्रेस का पंजा हमेशा मलाई के चक्कर में रहता है। जहां मलाई नहीं, वहां कांग्रेस कभी गई नहीं। ये भी एक वजह है कि कांग्रेस के आते ही महंगाई आसमान छूने लगती है, यानी कांग्रेस आई, महंगाई लाई।
मसूद अजहर पर बोले पीएम मोदी- अभी तो शुरुआत है, आगे-आगे देखिए क्या होता है

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नई दिल्ली, 05 मई 2019,पश्चिम बंगाल के चंद्रकोण में सीएम ममता बनर्जी के काफिले के सामने बीजेपी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की तो दीदी उन पर बरस पड़ीं. चंद्रकोण में ममता बनर्जी एक रैली में जा रही थीं. इस दौरान 'जय श्री राम' का नारा लगा रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं को देखकर ममता ने अपना काफिला रोक दिया और कार से उतर गईं. ममता बनर्जी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर गाली देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी पुरुषों को गलत व्यवहार करने के लिए भेजकर उनकी छवि खराब कर रही है. बता दें कि पश्चिम मिदनापुर सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. यहां से शुभेंदु अधिकारी टीएमसी के मंत्री जबकि उनके पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिब्येंदु अधिकारी सांसद रह चुके हैं. इस इलाके से ममता जब गुजरीं तब उनके काफिले के सामने बीजेपी कार्यकर्ता नारे लगाने लगे. इसके बाद ममता ने तुरंत अपने काफिले को रुकवाया और गाड़ी से बाहर निकल गईं. ममता को देखकर कुछ बीजेपी करता वहां से भागने लगे तभी ममता कहा कि जो लोग इस तरह से नारेबाजी कर रहे हैं, उन्हें 23 मई को चुनाव का नतीजा आने के बाद अंजाम भुगतना पड़ेगा. ममता ने चेतावनी देते हुए कहा कि चुनाव के बाद भी उन्हें यहीं रहना है. बता दें कि चक्रवाती तूफान फानी को देखते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2 दिन के लिए अपने सभी चुनावी कार्यक्रम को स्थगित कर दिया था. बीजेपी बांटने की राजनीति कर रही है ममता ने आरोप लगाया कि बंगाल में बीजेपी बांटने की राजनीति कर रही है. लोगों को दंगों के लिए उकसा रही है. ममता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बीजेपी की ऐसी राजनीति को नाकाम करते हुए सभी 42 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस जिताएं. इससे पहले टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी राज्य में 42 में से 42 सीट जीतने का दावा कर चुकी हैं. ममता केंद्र की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाना चाहती हैं. वहीं, बीजेपी भी बंगाल में अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी है. बीजेपी ने 42 में से 23 सीट जीतने का दावा किया है.
यौन उत्पीड़न केस: जांच कमेटी से SC के जजों की आपत्ति, कहा- CJI केस में पीड़िता बिना सुनवाई ठीक नहीं
आम्रपाली के बायर्स में जगी उम्मीद, 11 हजार करोड़ जुटाकर पूरे हो सकते हैं सभी अधूरे प्रॉजेक्ट्स
पाकिस्तान पर गुस्साए श्याम रंगीला ने कहा-मजाक भले उड़ाओ पर आएंगे तो मोदी जी ही
सुप्रीम कोर्ट के नाम से चौकीदार चोर है बोलने पर माफी मांगी, BJP से नहीं: राहुल गांधी

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नई दिल्ली राफेल मामले में रिव्यू पिटिशन पर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करते हुए कहा राफेल डील के लिए जो प्रक्रिया चल रही थी उसे पीएमओ द्वारा मॉनिटर करना पैरलल निगोशियेशन (सामान्तर बातचीत) या दखल नहीं कहा जा सकता है। केंद्र सरकार ने कहा कि अधूरे आंतरिम नोट्स और मीडिया रिपोर्ट के आधार पर राफेल डील के मामले को दोबारा ओपन नहीं किया जा सकता। साथ ही कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 14 दिसंबर को जो आदेश पारित किया था, उसका नतीजा सही था। सरकार ने कहा कि इस मामले में दाखिल रिव्यू पिटिशन में लगाए गए आरोप थोथे और गलत तथ्यों वाला है, जो विचारनीय नहीं है, ऐसे में उसे खारिज किया जाना चाहिए। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और वकील प्रशांत भूषण ने राफेल मामले में रिव्यू पिटिशन दाखिल किया है। सरकार ने हलफनामे में कहा है कि याचिकार्ता ने बेतुके मुद्दे उठाए हैं, ताकि विवाद पैदा हो सके। केंद्र सरकार ने फिर दोहराया कि इंडियन ऑफसेट पार्टनर चुनने में उसका कोई रोल नहीं है। 'तरीका गलत था' डिफेंस मिनिस्ट्री के अधिकारी ने हलफनामा दायर कर कहा है कि पड़ोसी देशों की स्थिति और भारत की सुरक्षा की स्थिति को देखते हुए राफेल डील की प्रक्रिया का खुलासा करने से नैशनल सिक्यॉरिटी पर गंभीर असर होगा। साथ ही केंद्र ने कहा कि डिफेंस डील के कुछ गोपनीय दस्तावेज को गलत तरीके से हासिल कर रिव्यू में लगाया गया है, जो देश की सुरक्षा से जुड़ा है। इन दस्तावेज के आधार पर रिव्यू पिटिशन की सुनवाई नहीं हो सकती। सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा कि पिछले साल 14 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राफेल मामले की जांच की याचिका खारिज करते हुए सही निष्कर्ष दिया था कि किसी व्यक्ति का पुर्वानुमान जांच का आधार नहीं हो सकता, जिसमें आरोप थोथे और निराधार हों। अब याचिकाकर्ता ने कुछ दस्तावेज दिए हैं, जिसके बारे में कहा गया है कि मीडिया के जरिये सामने आया है, लेकिन यह पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। जो दस्तावेज दिए गए हैं वह कुछ प्रेस रिपोर्ट्स के आधार पर है और कुछ आंतरिम फाइल नोटिंग है, जो अवैध और गैर कानूनी तरीके से हासिल किया गया है। इस आधार पर पूरे मामले को दोबारा नहीं खोला जा सकता, क्योंकि रिव्यू पिटिशन का स्कोप सीमित है। 'हर पहलू देखा गया' पिछले साल के 14 दिसंबर के राफेल मामले में दिए गए फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटिशन दाखिल की गई है। आरोप लगाया है कि राफेल डील में हुई अनियमतिता की जांच होनी चाहिए। इस मामले में विनित ढांढा और आप नेता संजय सिंह की ओर से भी रिव्यू पिटिशन दाखिल की गई है। केंद्र सरकार के डिफेंस मिनिस्ट्री की ओर से दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 14 दिसंबर के आदेश में तमाम पहलुओं- फैसले की प्रक्रिया, कीमत और इंडियन ऑफसेट पार्टनर चुनने की प्रक्रिया को देखा था और कोर्ट ने निष्कर्ष के साथ अर्जी खारिज की थी। केंद्र सरकार ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट रिव्यू पिटिशन दाखिल करने का आधार नहीं हो सकता। फाइल नोटिंग और विचारों का आदान-प्रदान और मतों को संबंधित अथॉरिटी देखती है और फिर आखिरी फैसला लिया जाता है। इस पर सवाल नहीं हो सकता। अधूरी फाइल नोटिंग और मीडिया रिपोर्ट रिव्यू पिटिशन का आधार नहीं हो सकता। केंद्र सरकार ने इस दौरान लीक गोपनीय दस्तावेज को पिटिशन के साथ पेश किए जाने पर भी ऐतराज जताया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 10 अप्रैल को उसे खारिज कर दिया था। क्या है मामला - राफेल खरीद प्रक्रिया और इंडियन ऑफसेट पार्टनर के चुनाव में सरकार द्वारा भारतीय कंपनी को फेवर किए जाने के आरोपों की जांच की गुहार लगाने वाली तमाम याचिकाओं को सुप्रीम कोर्ट ने 14 दिसंबर 2018 को खारिज कर दिया था। - अदालत ने कहा था कि किसी व्यक्ति की अनुभूति जांच का आधार नहीं हो सकता। जहां तक इंडियन ऑफसेट पार्टनर चुने जाने का मामला है कोर्ट के सामने ऐसा कोई सबूत नहीं रखा गया, जिससे पता चले कि भारत सरकार ने कमर्शल फेवरिज्म किया है और किसी भी पार्टी को सरकार ने फायदा पहुंचाया है, क्योंकि इंडियन ऑफसेट पार्टनर चुनने का अधिकार भारत सरकार का नहीं है। - 2 जनवरी 2019 को राफेल डील मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू पिटिशन दाखिल की गई। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा, अरुण शौरी और एडवोकेट प्रशांत भूषण की ओर से 14 दिसंबर के फैसले के रिव्यू के लिए अर्जी दाखिल की गई। अर्जी में मीडिया में डिफेंस मिनिस्ट्री से जुड़े कुछ नोटिंग की खबरों को भी रिव्यू को आधार बनाया गया। - 10 अप्रैल 2019 को कोर्ट ने कहा कि वह लीक दस्तावेज के आधार पर रिव्यू पिटिशन सुनेगा।
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EXCLUSIVE: यूपीए राज में राहुल गांधी के पूर्व बिजनेस पार्टनर को मिला डिफेंस का ऑफसेट कॉन्ट्रेक्ट!
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बाबा रामदेव ने येचुरी से पूछा- कम्युनिस्ट शासन के कत्ल को अत्याचार कह पाएंगे?

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