taaja khabar........जम्मू-कश्मीर: वार्ता के साथ जारी रहेगी आतंकियों को निपटाने की रणनीति....ICJ: दलवीर भंडारी की लॉबिंग के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद किए 60 कॉल.....J-K में कमजोर होने से परेशान है पाक, भारत के अंदर करवा सकता है हमला....ISI के निशाने पर भगवा नेता, सांप्रदायिक दंगा फैलाने की साजिश का भी पर्दाफाश....पाटीदारों को आरक्षण देने के लिए विधेयक लाएगी कांग्रेस: हार्दिक पटेल.....

Hanumangarh


हनुमानगढ, 21 नवम्बर। कौमी एकता सप्ताह 19 से 25 नवम्बर तक मनाया जा रहा है। अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री प्रकाश चौधरी ने बताया कि कौमी एकता सप्ताह के तहत 22 नवम्बर के कमजोर वर्ग दिवस पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक एवं माध्यमिक, समस्त उपखण्डाधिकारी, एवं एससी, एसटी विकास निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। 23 नवम्बर को सांस्कृतिक एकता दिवस पर जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक एवं माध्यमिक, समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्य एवं जिला सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। 24 नवम्बर को महिला दिवस पर महिला एंव बाल विकास विभाग की उपनिदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक एवं माध्यमिक एवं समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्य को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। 25 नवम्बर संरक्षण दिवस पर उपवन संरक्षक, आयुक्त नगरपरिषद हनुमानगढ़ एवं समस्त नगर निकायों के अधिशाषी अधिकारी को प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जिला स्तरीय समीक्षा बैठक 28 नवम्बर को
जिम्मेदार पुरुष की यही है पहचान, परिवार नियोजन में जो दे योगदान'
सुखबीर कौर बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान की जिले की ब्रांड एंबेसडर
ऑटो पार्टस विक्रेता एवं मेकेनिक्स की हुई मीटिंग

business and job


नई दिल्ली प्रवीण कोहली हरियाणा टूरिजम कॉर्पोरेशन से रिटायर्ड हैं। अपने 37 साल के करियर में उन्हें अपने वेतन में कभी भी उतनी अच्छी बढ़त नहीं मिली, जितनी रिटायर होने के चार साल बाद पेंशन में मिली। 1 नवंबर को कोहली की पेंशन कई गुना बढ़कर 2,372 रुपये से 30,592 रुपये हो गई।यह बदलाव सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2016 एक आदेश के बाद आया, जिसमें कोर्ट ने ईपीएफओ (एंप्लॉयी प्रविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन) को एंप्लॉयी पेंशन स्कीम (EPS) के तहत 12 याचिकाकर्ताओं की पेंशन रिवाइज करने को कहा था। पेंशन स्कीम के 5 करोड़ से ज्यादा सदस्य हैं। प्राइवेट सेक्टर में सभी एंप्लॉयी अपनी बेसिक सैलरी का 12 पर्सेंट और महंगाई भत्ता ईपीएफ में जमा करता है। इसके बाद उतनी ही रकम एंप्लॉयर भी जमा करता है। एंप्लॉयर के फंड से 8.33 पर्सेंट ईपीएस के लिए जाता है। जब लोग नौकरी छोड़ने के बाद ईपीएफ निकालते हैं तो उन्हें ईपीएस नहीं दिया जाता है। इसका भुगतान सेवा निवृत्ति के बाद ही होता है। ईपीएस योगदान पर एक सीमा भी है। वर्तमान में वेतन (बेसिक + डीए) पर सीमा 15,000 रुपये प्रति माह है। इसलिए कोई भी 15 हजार रुपये का अधिकतम 8.33 पर्सेंट ही ईपीएस के लिए जमा कर सकता है, जो 1250 रुपये बैठता है। जुलाई 2001 से सितंबर 2014 के बीच, ईपीएस योगदान की सीमा 6,500 रुपये थी। ऐसे में ईपीएस के लिए अधिकतम 541.4 रुपये का ही योगदान हो सकता है। वहीं 2001 से पहले यह सीमा 5000 रुपये थी, जिसके मुताबिक योगदान 416.5 रुपये ही हो सकता था। अब सवाल उठता है कि कोहली की पेंशन अचानक 30 हजार रुपये से ज्यादा कैसे हो गई। इसके पीछे काफी संघर्ष भी है, जिसमें उन्होंने ईपीएस के लिए एक महत्वपूर्ण संशोधन का हवाला दिया। 2005 में मीडिया रिपोर्टों में, कई निजी ईपीएफ फंड ट्रस्टी और कर्मचारियों ने ईपीएफओ से संपर्क किया और ईपीएस योगदान पर सीमा को हटाने की मांग की और इसे पूरे वेतन पर लागू करने को कहा। ईपीएफओ ने मांग खारिज करते हुए कहा कि प्रतिक्रिया 1996 के संशोधन के छह महीने के भीतर आनी चाहिए थी। इसके बाद ईपीएफओ के खिलाफ कई हाई कोर्ट में केस दायर किए गए। 2016 तक एक हाई कोर्ट को छोड़कर ज्यादातर सभी हाई कोर्ट ने ईपीएफओ के खिलाफ फैसला दिया और कहा कि छह महीने की समयसीमा मनमानी थी और कर्मचारियों को अनुमति दी जानी चाहिए कि वे जब चाहें अपना पेंशन अंशदान बढ़ा सकें। इसके बाद केस सुप्रीम कोर्ट में गया। दो सुनवाई के बाद केस कर्मचारियों के पक्ष में आया। इसके बाद ईपीएफओ को सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर को लागू करने में एक साल का समय लगा। इसके बाद नवंबर 2017 से कोहली को ज्यादा पेंशन मिलने लगी। अपनी पेंशन को 2,372 रुपये से 30,592 रुपये कराने के लिए कोहली को 15.37 रुपये का भुगतान करना पड़ा। यह वह रकम थी जो कोहली अपने पूरे वेतन पर ईपीएस योगदान के लिए भुगतान करना चाहते थे, लेकिन उन्हें पेंशन की एरियर के रूप में 13.23 लाख रुपये भी मिले। ऐसे में महज 2.14 लाख रुपये भुगतान करने से कोहली को अपनी पेंशन करीब कई गुना करने का मौका मिला। ऐसे में ईपीएफओ के सभी 5 करोड़ सदस्य अब उच्च पेंशन के लिए पात्र हैं। इसमें उन सभी लोगों को शामिल किया गया है, जो 1 सितंबर, 2014 से पहले ईपीएफओ में शामिल हुए थे। इस तारीख को ही ईपीएस ने 15,000 रुपये की कैप लगाई थी।
मुनाफे का पहिया: इन टायर कंपनियों के निवेशक मालामाल
बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, निफ्टी 97, सेंसेक्स 346 अंक बढ़ा
फोन पर आए RBI के इस SMS को न करें डिलीट, पड़ सकता है भारी
निवेश का नुस्खा: जरा संभलकर लें शेयर मार्केट में तेजी का मजा

Top News

weather