taaja khabar.......पनामागेट मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दोषी करार दिए जाने के बाद नवाज शरीफ ने PM पद छोड़ा....गुजरात कांग्रेस मुश्किल में, 24 घंटे में 6 विधायकों ने साथ छोड़ा.....नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा में साबित किया बहुमत......चीन के ग्लोबल टाइम्स ने पूछा, 'चीन में क्यों नहीं भारत के बाजार जितना उत्साह'.....नक्सली कह रहे 'नक्सल शहीद सप्ताह' मनाओ, ग्रामीण जला रहे बैनर.....डोकलाम विवाद के बीच बीजिंग में जिनपिंग से मिले अजीत डोभाल....

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हनुमानगढ़। टाऊन के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मेंअध्यापिकाओं और छात्राओं के मध्य टेनिस बाल किक्रेट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि वार्ड पार्षद सुनीता प्रदीप ऐरी थी। मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता का उदघाटन खिलाडिय़ों के साथ परिचय कर व टॉस के साथ किया । टॉस अध्यापिकाओं की टीम ने जीत कर पहले फिलडिंग करने का निर्णय लिया । बालिकाओं की टीम की ओपनर मधुलिका व गगनदीप नेबैटिंग करते हुए बिना विकट खोये पॉच ओवरों में 35 रन बनाये। जिसमे मधुलिका ने 10 रन व गगनदीप ने 15 रन का योग दान दिया । 36 रन के लक्ष्य को लेकर उतरी अध्यापिकाओंकी टीम में ओपनिग श्रीमती चेतना आर्य व श्रीमती नीलम ने की। श्रीमती चेतना आर्य ने तीन चौकों की सहायता से 22 रन बना कर रन आउट हुई। चेतना आर्य का स्थान लेने आई श्रीमती मीत ने स्कोर आगे बढाते हुए विजेयी चौका लगाते हुए टीम को विजय दिलाई। इस स्कोर में श्रीमती नीलम ने 12 रन का सहयोग दिया । प्रतियोगिता में मैन ऑफ दा मैच श्रीमती चेतना आर्य रही । अध्यापिकाओं की टीम की कप्तान प्राचार्य श्रीमती अलका भाखर ने विजेता टीम को बधाईदी और कहा कि बालिकाओं ने भी अच्छा प्रदर्शन किया । उन्होने कहा ग्रीष्म अवकाश से पूर्व गुरू शिष्य की परम्परा को बढाते हुए इस प्रतियोगिता का आयोजन किया गया । मुख्य अतिथि पार्षद सुनीता ऐरी ने भी विजेता टीम को बधाई दी व बालिकाओं को भी प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बालिकाओं ने प्रतियोगिता को खेल की भावना से खेला व गुरू शिष्य के रिश्ते को बनाये रखा । इस प्रतियोगिता के अम्पायरिंग राष्ट्रीय टेनिस किक्रे ट खिलाड़ी रेखा गोदारा,शैलजा,स्वाति और सिमरन ने की।
डॉक्टर रामप्रताप के प्रयासों से ३४ अस्थाई कर्मचारियों को किया स्थाई
ओवरब्रिज बनाये जाने बाबत ज्ञापन सौंपा
नर्सेज दिवस पर होगा शपथ समारोह , दी जाएगी जागरूकता
सुख-समृद्वि के लिये हुआ श्रीबालाजी बगीची में हवन

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नई दिल्ली भारत में बीता मंगलवार बाजार के लिए काफी उत्साह से भरा था। लेकिन तब से ही चीन की सोशल मीडिया पर इसे लेकर गंभीर चर्चाएं हो रही हैं। भारत के बाजार के इस उछाल की कसक बुधवार को चीनी मीडिया में देखने को मिली। मंगलवार को निफ्टी-50 के 10 हजार के आंकड़े को छूने के बाद चीन के ग्लोबल टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट में इसका जिक्र किया गया है। ग्लोबल टाइम्स में छपी एक रिपोर्ट की मानें तो, वहां के लोग इसे लेकर आश्चर्य व्यक्त कर रहे हैं कि चीन का बाजार उतना अच्छा प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहा है, जितना अच्छा प्रदर्शन पड़ोसी देश की इक्विटी मार्केट ने किया। रिपोर्ट में कहा गया है कि सामान्य तौर पर स्टॉक मार्केट किसी भी देश की अर्थव्यवस्था का आइना होता है। ऐसे में भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था को चीन चुनौती के तौर पर ले रहा है। मंगलवार को निफ्टी50 पहली बार 10 हजार के जादुई आंकड़े से आगे निकल गया, जबकि सेंसेक्स ने भी जबरदस्त बढ़त के साथ 32,374.30 अंकों की रेकॉर्ड ऊंचाई दर्ज की। निफ्टी 50 में नैशनल स्टॉक एक्सचेंज में सबसे ज्यादा ट्रेड करने वाली 50 कंपनियों को रखा जाता है। निफ्टी ने एक साल में 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की है। इसके साथ दुनिया की सबसे बेतहरीन परफॉर्मेंस करने वाली मार्केट में शुमार हो गई है। बाजार के अलग-अलग प्रदर्शनों से दोनों देशों के आर्थिक विकास के विभिन्न स्तरों को दिखाया जाता है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार इस साल नीति सुधारों को लेकर काफी अक्रामक रही है। नोटबंदी और जीएसटी लागू करने से वे काफी प्रोत्साहित हैं। इसके अलावा एफडीआई के मामले में भी उन्होंने सख्ती को कम किया है। इसके अलावा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने भारत के बाजार में यह उत्साह पैदा किया है।
ऐतिहासिक बढ़त पर बाजार, निफ्टी ने छुआ 10 हजार का जादुई आंकड़ा
चीन से ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगा भारत: IMF
अब छोटे नोटों पर जोर, क्या बंद होगा 2000 का नोट?
जल्द ही देश में हो सकता है 21 सरकारी बैंकों का मर्जरः बचेंगे सिर्फ 12 सरकारी बैंक

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ज्ञा संकल्प पोर्टल एंव मुख्यमंत्री विद्यादान का शुभारंभ हनुमानगढ 26 जुलाई। राज्य सरकार द्वारा ज्ञान संकल्प पोर्टल तथा मुख्यमंत्री विद्यादान कोष की बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में कलक्टर श्री प्रकाश राजपुरोहित ने हस्ताक्षर कर अभियान की शुरूआत की तथा उन्होने विद्यादान कोष पेटिका में धन राशि डालकर अभियान की शुरूआत की। इस अवसर पर कलक्टर ने कहा कि विद्यादान से बढकर दुनिया में और कोई दान नहीं है। विद्यादान के लिये जितना सहयोग किया जाये उतना कम है। उन्होने आम नागरिकों, भामाशाहों, स्वयंसेवी संगठनों से आहवान किया है कि विद्यादान कोष में अधिक से अधिक सहयोग करें। कलक्टर श्री प्रकाश राजपुरोहित ने बताया कि ज्ञान संकल्प पोर्टल तथा मुख्यमंत्री विद्यादान कोष के संबंध में जागरूकता हेतु विभिन्न गतिविधियों के साथ-साथ प्रचार प्रसार किया जावे। जिले में तीन दिवसीय हस्ताक्षर अभियान की आज शुरूआत हो चुकी है। इस हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से अधिकाधिक राशि एकत्रित करने के प्रयास किये जायेंगे तथा 5 अगस्त को जयपुर में आयोजित फेस्टिवल ऑफ एज्युकेश्न के दोरान विद्यादान कोष में जमा की जायेगी। उन्होने बताया कि तीन दिवसीय हस्ताक्षर अभियान जिला एंव उपखण्ड स्तर पर एक साथ संचालित किया जायेगा। जिला स्तर पर जिला कलेक्ट्रेट में तथा उपखण्ड स्तर पर उपखण्ड मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर में शुरू किया गया है। इस हस्ताक्षर अभियान में सभी जनप्रतिनिधयों, अधिकारियों, भामाशाह, शिक्षक, जनसमुदाय के हस्ताक्षर हेतु सफेद रंग का एक फ्लेक्स बैनर कार्यक्रम स्थल पर लगवाया गया है, जिस पर सभी हस्ताक्षर करगे। शुभारम्भ हेतु जिले के सांसद, विधायक, जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्यों, नगरनिकायों के अध्यक्ष, अन्य जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण, भामाशाह तथा जनसमुदाय को आमंत्रित किया जाये। कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम स्थल पर दानपेटी रखी गई, जिसमें सभी अधिकारीगण एंव अन्य उपस्थित व्यक्तियों को अधिक से अधिक योगदान हेतु प्रेरित किया जाये। प्रत्येक दान राशि हेतु रसीद दी जावे, व प्रत्येक प्राप्ति का पंजिका में रिकार्ड संधारित किया जाये, जिसमें दानदाता का नाम व अन्य विवरण का उल्लेख हों । तीन दिवसीय कार्यक्रम की समाप्ति पर रजिस्टर राशि के साथ राजस्थान माध्यमकि शिक्षा परिषद जयपुर को भिजवाया जाना है। कार्यक्रम के दौरान जिला परियोजना समन्वयक द्वारा ज्ञान संकल्प पोर्टल तथा मुख्यमंत्री विद्यादान कोष के बारे में जानकारी दी। उन्होने बताया कि प्रथम दिवस बुधवार को कलेक्ट्रेट एंव उपखण्ड अधिकारी कार्यालय में शुभारंभ किया गया तथा दान पेटिका में सहयोग राशि एकत्रित की जा रही है। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी मोहन लाल, जिला प्रमुख कृष्ण चोटिया, भाजपा जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई ने भी दान पेटिका में सहयोग किया।
धूमधाम से मनाया गया तीज महोत्सव
टाइम्स पब्लिक स्कूल में करगिल विजय दिवस पर किया सभा का आयोजन
राजस्थान संपर्क पोर्टल पर 60 दिन से अधिक पेडेंसी मामलों में दी जाएगी चार्जशीट -कलक्टर
नजूल संपत्तियों की नियमित रूप से निलामी करवाओ- कलक्टर

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जयपुर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने विस्तारकों से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की तर्ज पर संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए संकेत दिए कि इस कार्य में जुटे विस्तारकों को सुविधा भी उपलब्ध करार्इ जाएगी। शाह ने अपने राजस्थान प्रवास के अंतिम दिन आज पार्टी मुख्यालय में विस्तारकों के साथ चर्चा की और उन्हें सरकार के बजाय संगठन को मजबूत बनाने की नसीहत दी। लगभग एक घंटे तक चली चर्चा के दौरान उन्होंने पन्द्रह मिनट का समय सवाल जवाब के लिए भी रखा और इस दौरान उन्होंने विस्तारकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का जवाब भी दिया। उन्होंने विस्तारकों से संगठन के लिये बोझ बनने की बजाय सहयोगी की भूमिका निभाने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि विस्तारक संगठन की नींव है और वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के पेटर्न पर कार्य करते हुए जिला, मंडल तथा बूथ स्तर तक अपनी पकड बनाएं। बैठक के दौरान विस्तारकों को क्षेत्र में कार्य करने के दौरान सुविधा उपलब्ध कराने का मुद्दा भी उठाया गया। इस पर विस्तारकों को आश्वस्त किया गया कि संगठन इस संबंध में विचार कर रहा है और शीघ्र ही इसकी जानकारी उन तक पहुंच जाएगी। चर्चा के दौरान विस्तारकों द्वारा सरकार से जुडी समस्याओं का समाधान नहीं होने का मुद्दा उठाने पर शाह ने कहा कि सरकार से जुडे काम नहीं होने पर वह अपनी बात मंडल और जिला स्तर के अध्यक्षों के समक्ष रखें। बैठक के बाद विस्तारकों ने पत्रकारों को बताया कि संगठन को मजबूत बनाने के लिए पार्टी अध्यक्ष शाह ने आगामी अक्टूबर माह में आयोजित होने वाले प्रदेश व्यापी सम्मेलन में केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने में सक्रिय रूप से जुटने का आह्वान किया। कुछ विस्तारकों ने बताया कि बैठक में विस्तारकों को काम करने में होने वाली कठिनाई के मद्देनजर उन्हें बाईक उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया।
राजस्थान: उदयपुर में हुए सड़क हादसे में 9 लोगों की मौत, पीएम मोदी ने जताया शोक
आनंदपाल के एनकाउंटर की सीबीआई जांच के लिए राजस्थान सरकार तैयार, राजपूतों से समझौता
बांसवाड़ा में बाढ़ के पानी में बहे एसडीएम का शव मिला
सांवराद के हालात पर राजनाथ ने की CM से बात, कर्फ्यू जारी, अब भी जमा हैं हजाराें लाेग

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नई दिल्ली: भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान में जबर्दस्त उठापटक हुई है. प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की छुट्टी हो गई है. भ्रष्टाचार और काले धन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नवाज शरीफ को दोषी पाया और पद पर रहने के लिए अयोग्य करार दिया. नवाज शरीफ के भ्रष्टाचार की कहानी ठीक वैसी है जैसी बिहार में लालू परिवार की है. दोनों जगह बेटा है, बेटी है, दामाद है और भ्रष्टाचार है. पांचों जजों ने सर्वसम्मति से नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद के लिए अयोग्य करार दिया है. अब नवाज शरीफ जीवन में कभी पीएम नहीं बन पाएंगे. पाकिस्तान में राजनीतिक कोहराम मच गया है. नवाज और लालू का भ्रष्टाचार एक कैसे ? जैसे आरोप लालू यादव पर लगे हैं वैसे ही मिलते जुलते आरोप नवाज शरीफ पर लगे हैं. लालू पर भी बेनामी संपत्ति जुटाने का आरोप है. नवाज शरीफ पर भी पीएम रहते हुए बेनामी संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. जैसे भ्रष्टाचार साबित होने पर नवाज के हाथ से सत्ता फिसल गई वैसे ही भ्रष्टाचार के आरोप लगने पर लालू के दो बेटों सत्ता से बेदखल हो गए. भ्रष्टाचार के आरोप नवाज शरीफ पर भी हैं और उनकी बेटा, बेटी, दामाद पर भी हैं. लालू पत्नी, दामाद, बेटी, दामाद के साथ भ्रष्टाचार के दलदल में फंसे हैं. जैसे लालू के राजनीतिक वारिस तेजस्वी यादव हैं. वैसे ही नवाज शरीफ की राजनीतिक वारिस हैं मरियम शरीफ. जैसे लालू कहते हैं ना-तेजस्वी की दाढ़ी मूंछ भी नहीं थी. वैसे ही जिस समय भ्रष्टाचार हुआ उस समय मरियम की उम्र भी 16 साल के आसपास ही थी. लालू और शरीफ पर लगे आरोपों में बुनियादी फर्क ये है कि लालू ने बेनामी संपत्ति बिहार के गांव-देहात में जुटाई लेकिन नवाज शरीफ ने प्रॉपर्टी के लिए जगह चुनी लंदन में. नवाज शरीफ के पूरे मामले को ऐसे समझें? जेआईटी ने 10 जुलाई को सौंपी रिपोर्ट में जांच के पास नवाज शरीफ, बेटी मरियम नवाज, दामाद मोहम्मद सफदर, दोनों बेटों-हसन नवाज और हुसैन नवाज के खिलाफ राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (एनएबी) अध्यादेश, 1999 के तहत भ्रष्टाचार का केस दर्ज करने की सिफारिश की थी. 43 साल की मरियम शरीफ का अपराध तो और बड़ा इसलिए हो गया क्योंकि उन्होंने जेआईटी को गुमराह करने में कोई कसर नहीं छोड़ा. मांगने पर संपत्ति के बारे में जाली दस्तावेज सौंपे. पाकिस्तान में भी जाली दस्तावेज सौंपना कोई छोटा अपराध नहीं है. ये मामला 1990 के आसपास का है. तब नवाज शरीफ दूसरी बार पाकिस्तान के पीएम बने थे. शरीफ के बाल बच्चों ने टैक्स ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड में चार कंपनियां शुरू कीं. कंपनियों के जरिए लंदन में 6 प्रॉपर्टीज खरीदी. फिर प्रॉपर्टीज को गिरवी रखकर बैंकों से करोड़ों का लोन उठाकर ऐश मौज करने लगे. क्या है पनामा पेपर्स ? शरीफ परिवार का पाप बाहर ना निकलता अगर पनामा लीक्स न हुआ होता. पनामा की कंपनी मॉसैक फ़ॉनसेका की गोपनीय जानकारी लीक हुई जो खोजी पत्रकारों की अंतर्राष्ट्रीय संस्था इंटरनैशनल कॉनसॉर्शियम ऑफ़ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स के हाथ लगी. लीक हुई जानकारी को ही नाम दिया गया पनाम पेपर्स लीक. 1 करोड़ 10 लाख से ज़्यादा दस्तावेज लीक हुए थे. आरोप लगा कि 200 देशों के करीब 140 नेताओं औऱ सेलिब्रिटीज ने पनामा, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड और बहामास जैसे देशों में पैसे लगाया जहां टैक्स भी नहीं लगता और पैसे लगाने वालों के नाम भी सार्वजनिक नहीं किए जाते. बड़े लोगों ने 2 लाख 14 हज़ार से ज़्यादा शेल कंपनियां खोलकर अपने अपने देश के साथ टैक्स की गद्दारी की. नवाज शरीफ के परिवार भी इसी लीक्स से बदनाम हुआ था. जिस पनामा गेट के चक्कर में नवाज शरीफ नप गए हैं उसके चक्कर में भारत के कई बड़े नाम विवाद में फंसे थे लेकिन भारत में पनामा गेट करीब करीब दफन हो चुका है.
समझौता एक्सप्रेस विस्फोट मुद्दा: रास में हुई सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक
नीतीश का RJD पर वार, परिवार की सेवा के लिए नहीं मिला था बहुमत
नवाज के छोटे भाई शहबाज शरीफ हो सकते हैं पाकिस्तान के अगले पीएम
नवाज के छोटे भाई शहबाज शरीफ हो सकते हैं पाकिस्तान के अगले पीएम

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