TAAJA KHABAR....राज्यसभा से भी पारित हुआ नागरिकता संशोधन विधेयक, बिल के पक्ष में पड़े 125 वोट, विपक्ष में 105...जगन की YSRCP ने नागरिकता संशोधन बिल का किया समर्थन, कांग्रेस पर लगाया तुष्टिकरण राजनीति का आरोप..नागरिकता बिल पर असम में तेज हुआ प्रदर्शन, कई ट्रेनें रद्द, आर्मी बुलाई गई...आसमान से सरहदों की निगरानी यूं करेगा RISAT-2BR1....नागरिकता संशोधन विधेयक: कांग्रेस की शिवसेना को हिदायत, वोटिंग करते हुए संविधान का ख्याल रखें...नागरिकता संशोधन विधेयकः गृह मंत्री अमित शाह ने बताया, क्यों नहीं दी मुस्लिमों को बिल में जगह...CAB: राज्य सभा में शिवसेना पर अमित शाह का तंज- 'सत्ता के लिए कैसे-कैसे रंग बदलते हैं लोग'...नागरिकता संशोधन विधेयक: महात्मा गांधी का जिक्र कर अमित शाह ने बताया क्यों जरूरी है यह बिल...

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हनुमानगढ, 10 दिसम्बर। राजकीय नेहरू मेमोरियल महाविद्यालय हनुमानगढ़ में मंगलवार को मुख्यमंत्री युवा कौशल योजनान्तर्गत राजस्थान कौषल एवं आजीविका विकास निगम के तत्वाधान में महाविद्यालय में डेमो और काउन्सलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आरएसएलडीसी जिला समन्वयक श्री विवेक शर्मा ने बताया कि डेमो कक्षाएं और काउन्सलिंग कार्यक्रम प्राचार्य, डॉ. नरेन्द्र सिंह भांभू की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। प्राचार्य डॉ. नरेन्द्र सिंह भांभू ने विद्यार्थियों को सम्बोधित कर बताया कि योजना मुख्यमंत्री द्वारा हाल ही में एक अभिनव कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रारम्भ की गई है। इस योजना का उद्देष्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाकर स्वरोजगार हेतु प्रेरित करना है, जिससे देश में रोजगार के अवसर ज्यादा से ज्यादा सृजित हो एवं विद्यार्थियों की विकास में भागीदारी सुनिष्चित हो सके। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय एंव अर्न्तराष्ट्रीय स्तर पर कौशल दक्षता के माध्यम से इन कोर्सों में भाग लेकर युवा पीढि़ अधिकाधिक संख्या में लाभान्वित हो सके। फलस्वरूप देश और समाज में नये आयाम स्थापित किए जा सकें।नोडल अधिकारी डॉ. श्यामवीर सिंह ने बताया कि महाविद्यालय में इस कोर्सेज में भाग लेने वाले छात्र व्याख्यान के दौरान आने वाली समस्याओं को उचित मंच पर उठाकर सम्बन्धित प्रभारी या मुझसे अपनी समस्याओं को साझा कर सकते हैं, जिससे विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। एबीएसटी सह-आचार्य डॉ. एन.के.शर्मा ने बताया कि योजना के अन्तर्गत लाभ उठाने के लिए विद्यार्थियों को नियमित रूप से राज्य सरकार द्वारा संचालित कोर्सेज इंग्लिष स्पोकिंग तथा डाटा एन्ट्री कोर्सेज में भाग लेना चाहिए और अपने संयमित व्यवहार एवं आचरण को अपनाते हुए कोर्सेज की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।सह-आचार्य ईएएफएम डॉ. विनोद कुमार जांगिड़ नेे छात्रों को उद्बोधित करते हुए कहा कि युवा पीढी को ज्यादा से ज्यादा कौषल विकास कार्यक्रमों में भाग लेकर स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने चाहिए, जिससे आने वाले समय में बेरोजगारी की हालात से लड़ा जा सके। इस अवसर पर लगभग 130 विद्यार्थी उपस्थित रहे।
स्वतंत्रता सेनानी सुरजाराम आर्य का हुआ राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार
मूल दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करने पर ही अब मिलेगा ई-मित्र सेवा का लाभ
संगरिया में अभिनव साईकिल रैली आज
एनएमपीजी कॉलेज में मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना का किया उद्घाटन

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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2019,जब से अमित शाह ने गृह मंत्री का कार्यभार संभाला है, तभी से गृह मंत्रालय हमेशा से ही चर्चा का विषय बना हुआ है. गृह मंत्रालय कब क्या कर रहा है, इसपर हर किसी की नज़र है. राष्ट्रपति भवन के पास नॉर्थ ब्लॉक में मौजूद गृह मंत्रालय के दफ्तर में अब चप्पे-चप्पे नज़र रखी जा रही है, दफ्तर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इस मामले में ताजा अपडेट ये है कि पिछले हफ्ते से CCTV कैमरे लगने की शुरुआत जो हुई है अभी तक मंत्रालय की अहम लोकेशन पर पूरी हो चुकी है. नॉर्थ ब्लॉक-साउथ ब्लॉक में मौजूद दफ्तरों पर सुरक्षा काफी कड़ी रहती है, इसी के तहत यहां पर इन सभी काम को किया जा रहा है. गृह मंत्रालय की पूरी सुरक्षा CISF के हाथ में है, जो कि इन CCTV कैमरों की मदद से हर किसी पर नजर रखेंगे. CISF ने इनके अलावा बॉडी कैमरा, एक्स-रे मशीन और मेटल डोर डिटेक्टर भी सुरक्षा में तैनात किए हुए हैं. इनमें काफी सीसीटीवी कैमरे पहले फ्लोर पर लगेंगे, जहां पर गृह मंत्री, गृह राज्य मंत्री, गृह सचिव, सीबीआई डायरेक्टर, IB चीफ, ज्वाइंट सेक्रेटरी रहते हैं. गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, इसे A रूटीन अपग्रेडशन कहा जाता है. ना सिर्फ गृह मंत्रालय बल्कि CCTV के कैमरे अब वित्त मंत्रालय में भी लगाए जा रहे हैं. CCTV से क्या होगा? साफ है कि इन कैमरों के लग जाने के बाद गृह मंत्रालय के हर कोने पर नज़र रहेगी और ये भी पता चलता रहेगा कि कौन किससे मिल रहा है. खास बात ये है कि मंत्रालय में मौजूद मीडिया रूम में भी कैमरे लगाए गए हैं, यानी कौन पत्रकार कब किससे मिल रहा है इसपर भी मंत्रालय की नज़र रहेगी. गृह मंत्रालय में हो रहे इस बदलाव पर मंत्रालय के अफसरों ने भी खुशी जताई है और इस बात का जिक्र किया है कि अब कौन-कब आ रहा है, इसपर आसानी से नज़र रखी जा सकेगी.
66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का ऐलान, अंधाधुन बेस्ट हिंदी फिल्म, आयुष्मान और विकी कौशल बेस्ट ऐक्टर
विवादित वीडियो मामला: मुश्किल में एजाज खान, कोर्ट ने 1 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा
आर्टिकल 15 रिलीज, लोग बोले- आयुष्मान खुराना की एक और ब्लॉकबस्टर फिल्म
जल्द इंड‍िया लौट रहे हैं ऋषि कपूर, इस फिल्म में जूही चावला संग करेंगे काम

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जोधपुर, 07 दिसंबर 2019,राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दो दिन के दौरे पर राजस्थान पहुंचे हैं, जहां उन्हें जोधपुर हाईकोर्ट के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करना है. शुक्रवार को जोधपुर में राष्ट्रपति से कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की. कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी) सुरक्षा देने की मांग की. कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात के दौरान ज्ञापन भी सौंपा. कांग्रेस नेताओं सरकार पर राजनीतिक विद्वेष की भावना से कार्य करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि जिस तरह से कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की एसपीजी सुरक्षा हटाई है, उससे यह साबित हो गया है कि वर्तमान सरकार अपने वजूद को जिंदा रखने के लिए गांधी परिवार के सदस्यों की जान जोखिम में डाल रही है. राष्ट्रपति कोविंद को सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि सुरक्षा में चूक के कारण देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की जान गई. कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रपति से सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पहले की तरह एसपीजी सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की. इससे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राष्ट्रपति का स्वागत किया. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने गांधी परिवार की एसपीजी सुरक्षा हटा दी है. सरकार ने इसके लिए एसपीजी संशोधन विधेयक संसद में पेश किया था, जिसमें अब केवल प्रधानमंत्री को ही एसपीजी सुरक्षा प्रदान करने का प्रावधान है. नए प्रावधानों के अनुसार अब सिर्फ प्रधानमंत्री और प्रधानमंत्री आवास में उनके साथ रहने वाले परिजनों को ही एसपीजी सुरक्षा मिल सकेगी. पूर्व प्रधानमंत्रियों को भी पांच साल के लिए एसपीजी सुरक्षा दिए जाने का प्रावधान है.
राजस्थानः BJP ने की विशेष सत्र बुलाने की मांग, गृह मंत्रालय छोड़ें CM गहलोत
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नई दिल्ली, नागरिकता संशोधन बिल 2019 सोमवार को देर रात तक चर्चा के बाद लोकसभा से पास हो गया. हालांकि, इस बिल को लेकर विपक्ष का बार-बार यही आरोप रहा कि धार्मिक आधार पर भेदभाव किया जा रहा है. इस बीच चर्चा के दौरान AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बिल का विरोध करते हुए इसकी कॉपी फाड़ दी. वहीं, शाम में बिल के पक्ष में दोबारा अपनी बात रखते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस बिल से मुस्लिमों के साथ जरा भी भेदभाव नहीं है. शाह ने कहा कि यहां का मुसलमान सम्मान के साथ जी पाएगा, जी रहा है और आगे भी जीता रहेगा. बिल से किसी को डरने की जरूरत नहीं: शाह बता दें कि अमित शाह ने संसद में बिल के पक्ष में बालते हुए कहा, 'नागरिकता संशोधन विधेयक किसी भी प्रकार से संविधान के किसी भी अनुच्छेद का उल्लंघन नहीं करता है. यह बिल किसी के साथ भेदभाव नहीं करता है. यह सिर्फ पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के पीड़ित अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने के लिए लाया जा रहा है.' अमित शाह ने कहा कि इस बिल से किसी को डरने की जरूरत नहीं है और उत्तर-पूर्व भारत के लोग किसी के बहकावे में न आएं, अगर बिल से कोई भेदभाव साबित होता है तो वो इसको वापस ले लेंगे. शाह बोले- अल्पसंख्यक कहां जाते? वहीं, नागरिकता संशोधन बिल के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के अल्पसंख्यकों को सुरक्षा देने को लेकर शाह ने कहा, '1991 में बांग्लादेश में हिंदुओं की आबादी 21% थी अब 7% से कम है. 1947 में पाकिस्तान में 23% अल्पसंख्यक थे और 2011 में सिर्फ 3.4% रह गए. अफगानिस्तान में 1992 तक करीब 2 लाख हिंदू और सिख थे और 2018 तक वो सिर्फ 500 रह गए.' शाह ने कहा कि तालिबानों ने जब कहर ढाया तो बौद्ध, सिख, हिंदू, ईसाई, जैन और पारसी कहां जाते, ऐसे में उन्हें भारत में शरण देने का प्रस्ताव है. मुस्लिमों के साथ भेदभाव नहीं: शाह शाह ने कहा, इन तीनों देशों के अल्पसंख्यकों को जो धर्म के आधार पर प्रताड़ित हुए, उन्हें नागरिकता देने का बिल है. उन्होंने कहा, 'इससे मुस्लिमों के साथ जरा भी भेदभाव नहीं है. यहां का मुसलमान सम्मान के साथ जी पाएगा, जी रहा है और आगे भी जीता रहेगा. उसको कोई तकलीफ नहीं होने वाली. ये बिल केवल और केवल इन देशों से आने वाले धार्मिक आधार पर प्रताड़ित अल्पसंख्यकों के लिए है .' शाह ने कहा कि इस बिल में मुस्लिम का समावेश इसलिए नहीं है, क्योंकि मुसलमान वहां पर अल्पसंख्यक नहीं है. बिल शरणार्थियों-अल्पसंख्यकों के लिए इस दौरान गृहमंत्री ने कहा कि शरणार्थी और घुसपैठिए के बीच में मौलिक अंतर है, जो धार्मिक प्रताड़ना के आधार पर अपने घर की स्त्रियों की इज्जत बचाने के लिए, स्वधर्म में जीने के लिए, अपने धर्म को बचाने के लिए यहां आते हैं वो शरणार्थी हैं और वो जो बिना इजाजत घुसकर आता है वो घुसपैठिया है, दोनों के बीच में बहुत बड़ा अंतर है और ये बिल शरणार्थियों के लिए है, ये बिल अल्पसंख्यकों के लिए है.
CAB में नहीं है जिक्र लेकिन बंद नहीं होंगे मुस्लिमों को नागरिकता देने के रास्ते
नागरिकता संशोधन विधेयक: कांग्रेस की शिवसेना को हिदायत, वोटिंग करते हुए संविधान का ख्याल रखें
नागरिकत संशोधन विधेयकः गुलाम नबी ने कहा, मुख्य समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए सरकार लाई बिल
नागरिकता संशोधन बिल: कपिल सिब्बल का अमित शाह पर वार, आखिर कौन सा इतिहास आपने पढ़ा

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नई दिल्ली, 10 दिसंबर 2019,पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर भारत की लोकसभा में पास हुए नागरिकता संशोधन बिल का विरोध किया है. पाकिस्तान पहले ही जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने का विरोध कर रहा था, अब एक और फैसले के विरोध में उतर गया है. इमरान खान ने ट्वीट कर मोदी सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधा. इमरान ने आरोप लगाया कि ये बिल दोनों देशों के बीच हुए समझौते के खिलाफ है. पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर लिखा, ‘भारत की लोकसभा द्वारा जो नागरिकता बिल पास किया गया है, उसका हम विरोध करते हैं. ये कानून पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय समझौते और मानवाधिकार कानून का उल्लंघन करता है. ये राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हिंदू राष्ट्र का एजेंडा है जिसे अब मोदी सरकार लागू कर रही है.’ बता दें कि इससे पहले भी पाकिस्तान विदेश मंत्रालय की ओर से बयान जारी कर इस बिल का विरोध किया गया था. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि ये बिल दोनों देशों के बीच तमाम द्विपक्षीय समझौतों का पूरी तरह से उल्लंघन है और खासतौर पर अल्पसंख्यकों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए चिंताजनक है. भारत सरकार जो नागरिकता संशोधन बिल लाई है, उसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, बौद्ध, जैन, पारसी, सिख, ईसाई शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिलने में आसानी होगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से कहा गया है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के कानून में वह इस्लामिक देश हैं, इसलिए वहां मुस्लिम अल्पसंख्यक नहीं हैं. इसलिए उन्हें इस बिल में शामिल नहीं किया गया है. अनुच्छेद 370 का भी किया था विरोध ऐसा पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान की ओर से भारत के किसी फैसले पर इस प्रकार की आपत्ति हुई है. नागरिकता संशोधन बिल से पहले भारत की संसद ने अनुच्छेद 370 को हटाने का फैसला किया था, तब भी पाकिस्तान को आपत्ति हुई थी. पाकिस्तान ने अनुच्छेद 370 के मसले को अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र तक उठाया था हालांकि कूटनीतिक मोर्चे पर पाकिस्तान को हर जगह मात मिली थी.
नागरिकता कानून को लेकर अमेरिका में गृहमंत्री अमित शाह पर प्रतिबंध की मांग
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पाकिस्तान: खादिम रिजवी का विवादित बयान, 'जिन्हें सिखों से मोहब्बत है, अमृतसर चले जाएं'

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taaja khabar...काला धनः भारत को स्विस बैंक में जमा भारतीयों के काले धन से जुड़ी पहली जानकारी मिली...SPG सिक्यॉरिटी पर केंद्र सख्त, विदेश दौरे पर भी ले जाना होगा सिक्यॉरिटी कवर, कांग्रेस बोली- निगरानी की कोशिश....खराब नहीं हुआ था इमरान का विमान, नाराज सऊदी प्रिंस ने बुला लिया था वापस ....करीबियों की उपेक्षा से नाराज हैं राहुल गांधी? ताजा घटनाक्रम और कुछ कांग्रेस नेता तो इसी तरफ इशारा कर रहे हैं....2 राज्यों के चुनाव से पहले राहुल गांधी गए कंबोडिया? पहले बैंकॉक जाने की थी खबर...2019 में चिकित्सा क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार का ऐलान, 3 वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से मिला...चीन सीमा पर तोपखाने की ताकत बढ़ा रहा भारत, अरुणाचल प्रदेश में तैनात करेगा अमेरिकी तोप....J-K: पुंछ में PAK ने की फायरिंग, सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब ...राफेल में मिसाइल लगाने वाली कंपनी बोली, ‘भारत को मिलेगी ऐसी ताकत जो कभी ना थी’ ..

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