taaja khabar....टीकाकरण को गति देने के लिए केंद्र देगा विदेशी कोविड वैक्सीन को झटपट अनुमति, प्रकिया होगी तेज...दार्जिलिंग में बोले शाह- दीदी ने भाजपा-गोरखा एकता तोड़ने का प्रयास किया, देना है मुंहतोड़ जवाब...और मजबूत हुई भारतीय वायुसेना, 6 टन के लाइट बुलेट प्रूफ वाहनों को एयरबेस में किया गया शामिल...इस साल मानसून में सामान्य से बेहतर होगी बारिश, स्काइमेट वेदर का पूर्वानुमान....सुशील चंद्रा ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला...प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बैसाखी त्योहार पर कड़ी मेहनत करने वालों किसानों की तारीफ की...Sputnik V को मंजूरी के बाद अब जल्द मिलेगी डोज, भारत में एक साल में बनेगी 85 करोड़ खुराक....'टीका उत्सव' के तीसरे दिन दी गईं 40 लाख से ज्यादा डोज, अब तक 10.85 करोड़ लोगों को लगी वैक्सीन....शरीर में नई जगह छिपकर बैठ रहा कोरोना, अब RT-PCR टेस्ट से भी नहीं हो रहा डिटेक्ट...

Hanumangarh


हनुमानगढ़, 12 अप्रैल। कार्यवाहक जिला कलक्टर श्री अशोक असीजा ने जिले भर के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों को 13 अप्रैल 2021 से 30 अप्रैल 2021 तक दर्शनार्थियों के लिए बंद रखने के आदेश जारी किए हैं। आदेश में लिखा गया है कि धार्मिक स्थलों को खुला रखने या बंद करने के संबंध में सोमवार को रखी गई बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय़ के अनुसार जिला हनुमानगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थलों गोगामेड़ी के गोगाजी मंदिर, पल्लू की मां ब्राह्मणी माता मंदिर, रावतसर के खेत्रपाल मंदिर, अमरपुरा थेहड़ी के मां भद्रकाली मंदिर, गुरूद्वारा सिंह सभा हनुमानगढ़ व नवां की दरगार नादिरशाह समेत जिले के अन्य प्रमुख मंदिर, मस्जिद, ईदगाह, गुरूद्वारा और चर्च में दर्शनार्थियों के लिए पूजा अर्चना, इबादत व जियारत इत्यादि पर रोक लगा दी गई है।इनके अलावा जिले के अन्य सभी प्रमुख धार्मिक स्थल भी 13 अप्रैल से 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे। ताकि नवरात्र व रमजान पर्व के दौरान अत्यधिक भीड़ एकत्र होने के कारण कोविड 19 के संक्रमण का फैलाव ना हो सके। बैठक में संगरिया विधायक श्री गुरदीप शाहपीणी, कार्यवाहक जिला कलक्टर श्री अशोक असीजा के अलावा एडीश्नल एसपी श्री जस्साराम बोस, एसडीएम श्री कपिल यादव, एसीईओ श्री अवि गर्ग, पीआरओ श्री सुरेश बिश्नोई, जिला क्षय रोग अधिकारी और कंट्रोल रूम से जुड़े हुए डॉ रविशंकर शर्मा,समेत विभिन्न धर्मों के धर्मगुरू उपस्थित थे।
जिले में कुल 23 वार्ड पंचों के रिक्त पदों पर उपचुनाव की तैयारी शुरू, अधिकारियों का उत्तरदायित्व किया निर्धारित
अब महाविद्यालयों एवं निजी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को भी मिलेगा 10 रुपये में दुर्घटना बीमा कवर
सरकारी और निजी अस्पताल मिलकर आपसी सहयोग से करें कोरोना महामारी से मुकाबला- मुख्य सचिव
महात्मा गांधी की प्रतिमा का मुख्यमंत्री 6 अप्रैल को करेंगे वर्चुअल लोकार्पण

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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2019,जब से अमित शाह ने गृह मंत्री का कार्यभार संभाला है, तभी से गृह मंत्रालय हमेशा से ही चर्चा का विषय बना हुआ है. गृह मंत्रालय कब क्या कर रहा है, इसपर हर किसी की नज़र है. राष्ट्रपति भवन के पास नॉर्थ ब्लॉक में मौजूद गृह मंत्रालय के दफ्तर में अब चप्पे-चप्पे नज़र रखी जा रही है, दफ्तर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इस मामले में ताजा अपडेट ये है कि पिछले हफ्ते से CCTV कैमरे लगने की शुरुआत जो हुई है अभी तक मंत्रालय की अहम लोकेशन पर पूरी हो चुकी है. नॉर्थ ब्लॉक-साउथ ब्लॉक में मौजूद दफ्तरों पर सुरक्षा काफी कड़ी रहती है, इसी के तहत यहां पर इन सभी काम को किया जा रहा है. गृह मंत्रालय की पूरी सुरक्षा CISF के हाथ में है, जो कि इन CCTV कैमरों की मदद से हर किसी पर नजर रखेंगे. CISF ने इनके अलावा बॉडी कैमरा, एक्स-रे मशीन और मेटल डोर डिटेक्टर भी सुरक्षा में तैनात किए हुए हैं. इनमें काफी सीसीटीवी कैमरे पहले फ्लोर पर लगेंगे, जहां पर गृह मंत्री, गृह राज्य मंत्री, गृह सचिव, सीबीआई डायरेक्टर, IB चीफ, ज्वाइंट सेक्रेटरी रहते हैं. गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, इसे A रूटीन अपग्रेडशन कहा जाता है. ना सिर्फ गृह मंत्रालय बल्कि CCTV के कैमरे अब वित्त मंत्रालय में भी लगाए जा रहे हैं. CCTV से क्या होगा? साफ है कि इन कैमरों के लग जाने के बाद गृह मंत्रालय के हर कोने पर नज़र रहेगी और ये भी पता चलता रहेगा कि कौन किससे मिल रहा है. खास बात ये है कि मंत्रालय में मौजूद मीडिया रूम में भी कैमरे लगाए गए हैं, यानी कौन पत्रकार कब किससे मिल रहा है इसपर भी मंत्रालय की नज़र रहेगी. गृह मंत्रालय में हो रहे इस बदलाव पर मंत्रालय के अफसरों ने भी खुशी जताई है और इस बात का जिक्र किया है कि अब कौन-कब आ रहा है, इसपर आसानी से नज़र रखी जा सकेगी.
66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का ऐलान, अंधाधुन बेस्ट हिंदी फिल्म, आयुष्मान और विकी कौशल बेस्ट ऐक्टर
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जल्द इंड‍िया लौट रहे हैं ऋषि कपूर, इस फिल्म में जूही चावला संग करेंगे काम

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जयपुर, देश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने चौतरफा चिंता की लकीरें खींच दी हैं। मामलों में बढ़ोतरी नहीं हो इसके लिए राजस्‍थान सरकार भी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक राजस्‍थान की सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों और बाहर यात्रा करके आने वालों के लिए RT-PCR टेस्‍ट अनिवार्य कर दिया है। यही नहीं पहली से 9वीं तक की कक्षाओं निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी कोविड़ संक्रमण की आंकलन के आधार पर रात्रिकालीन कर्फ्यू के समय के संबंध में निर्णय ले सकेंगे लेकिन रात आठ बजे से पहले और सुबह 6 बजे के बाद कर्फ्यू के लिए राज्य सरकार की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को कोविड़ जांच रिपोर्ट दिखानी होगी। डिलीवरी सेवाओं को छोड़कर रेस्तरां और रेस्‍टोरेंटों को नाइट कर्फ्यू का पालन करने को कहा गया है। सरकार ने सीमाओं पर सख्‍त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि शादियों में 100 से अधिक लोगों को अनुमति नहीं दी जाएगी। सिनेमा घर, थिएटर और मल्टीप्लेक्स बंद रहेंगे। सूत्रों की मानें तो सरकार नाइट कर्फ्यू अब रात 10 बजे की जगह रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक करने की तैयारी कर रही है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर कोविड टेस्ट रिपोर्ट देखने का प्रबंध किया गया है। राजस्थान में बीते 24 घंटे में कोरोना के 1729 नए संक्रमित मिले हैं जबकि दो लोगों की मौत हो गई है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उच्चाधिकारियों के साथ कोरोना की दूसरी लहर के चलते पैदा हुए हालात की समीक्षा की। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पांच सूत्रीय रणनीति यानी टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, उचित कोविड व्यवहार और टीकाकरण को जरूरी बताया। अधिक केस और मृत्युदर वाले राज्यों- महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ के लिए तत्काल केंद्रीय टीमें रवाना करने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं महामारी से होने वाली मौतों को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया गया है।
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घऱ से सब्जी लेने निकली थी 12 साल की नाबालिग, बीच रास्ते अगवा कर ले गए बदमाश , बनाया हवस का शिकार
वसुंधरा राजे ने इशारों- इशारों में समझाया BJP में अपना महत्व, बोलीं- मेरी मां ने 'कमल' को कभी मुरझाने नहीं दिया
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नई दिल्ली भारत में कोरोना की दूसरी लहर तेजी से कहर बरपा रही है। अभी कोरोना वायरस के जिस वेरियंट की वजह से मामलों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है वह पहले से कहीं ज्यादा संक्रामक है। नया वेरियंट कितना खतरनाक है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई मामलों में आर-टीपीसीआर टेस्ट के बावजूद इस वायरस से संक्रमण का पता नहीं चल रहा है। आपको बता दें कि आरटी-पीसीआर टेस्ट को कोरोना संक्रमण का पता लगाने के लिए मुफीद माना जाता है। दिल्ली के कई अस्पतालों के अनुसार, उनके पास कई ऐसे मरीज आ रहे हैं जिनमें कोरोना के लक्षण तो दिख रहे हैं लेकिन टेस्ट निगेटिव आ रहा है। कई बार 2-3 बार आरटी-पीसीआर करने के बाद भी रिजल्ट निगेटिव आ रहा है। आकाश हेल्थकेयर के डायरेक्टर डॉ. आशीष चौधरी कहते हैं, 'हमारे पास पिछले कुछ दिनों में कई ऐसे मरीज आए हैं। उनको बुखार था, सांस लेने में दिक्कत थी और फेफेड़ों के सिटी स्कैन करने पर हल्के रंग या ग्रे कलर का धब्बा दिख रहा है। यह कोरोना का जाना-माना लक्षण है।' उन्होंने आगे बताया कि ऐसे कुछ मरीजों के मुंह या नाक में एक लचीला यंत्र डालकर फेफड़े तक ले जाया गया और वहां फ्लुइड एकत्र करके जांच की गई तो उनके कोरोना पीड़ित होने की पुष्टि हुई। इस प्रक्रिया को ब्रॉन्कोलवेलार लैवेज (BAL) कहते हैं। डॉ. चौधरी ने बताया कि कोरोना के लक्षण वाले वैसे सभी मरीज जो सामान्य टेस्ट में निगेटिव आए थे, इस प्रक्रिया से किए गए टेस्ट में पॉजिटिव आए हैं। इंस्टिट्यूट ऑफ लीवर ऐंड बायलरी साइंसेज में क्लीनिकल माइक्रोबायलॉजी विभीग की असोसिएट प्रफेसर डॉ. प्रतिभा काले कहती हैं, 'ऐसा संभव है कि वायरस ने नाक या गले में नहीं घर बनाया हो, जिस वजह से स्वाब सैंपल से वायरस का पता नहीं चला हो।' उन्होंने आगे कहा कि संभव है कि वायरस ने एस रिसिप्टर्स में जगह बना ली हो। ये एस रिसीपटर्स ऐसे प्रोटीन होते हैं जो फेफड़ों की कोशिकाओं में पाए जाते हैं। इसलिए जब फ्लुइड सैंपल की जांच हो रही है तो कोरोना संक्रमण को पुष्टि हो रही है। मैक्स हेल्थकेयर के पल्मोनोलॉजी डिजीवजन के चीफ डॉ. विवेक नांगिया का कहना है कि लगभग 15-20 फीसदी मरीजों को इस दिक्कत का सामना करना पड़ा है, मरीजों में कोरोना के भारी लक्षण दिखते हैं लेकिन उनका टेस्ट निगेटिव आता है। ऐसे मरीज अगर कोरोना अस्पताल की जगह सामान्य अस्पताल में भर्ती होते हैं तो बीमारी फैलान का खतरा काफी बढ़ जाता है, साथ ही इलाज में भी संक्रमण का पता नहीं चलने की वजह से देरी होती है। डॉक्टर नांगिया का कहना है कि पिछली बार के मुकाबले इसबार मरीजों के लक्षणों में भी काफी बदलाव देखने को मिला है, इसलिए वायरस के म्यूटेशन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सर गंगाराम अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. अरूप बासु का कहना है कि इस बार नाक बहना, सर्दी-जुकाम और कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण भी मरीजों में देखे जा रहे हैं, जो पहले नहीं थे। कई मरीजों को कफ, सांस की कमी वगैरह नहीं हो रही है और फेफड़ों का सिटी स्कैन भी नॉर्मल है, लेकिन 8-9 दिनों तक लगातार बुखार होता है, जिसकी वजह से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ता है।
'टीका उत्सव' के तीसरे दिन दी गईं 40 लाख से ज्यादा डोज, अब तक 10.85 करोड़ लोगों को लगी वैक्सीन
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सुशील चंद्रा ने देश के मुख्य चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला

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नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सीनियर वैज्ञानिक ने सनसनीखेज दावा किया है। तपन मिश्रा ने खुद को मारने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि जान का दुश्मन कौन है, इस बारे में कोई आइडिया नहीं है। अहमदाबाद स्पेस एप्लिकेशन सेंटर के पूर्व निदेशक तपन मिश्रा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि 3 साल पहले बेंगलुरु में इसरो के हेडक्वार्टर में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी जान लेने की कोशिश की गई थी। 23 मई 2017 को खाने के दौरान डोसे की चटनी में आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड मिलाया गया था। इसकी वजह से पूरे शरीर में ब्लड क्लॉटिंग के बाद हार्ट अटैक से मौत हो जाती है। वैज्ञानिक ने बताया कि खाना अच्छा नहीं लगने की वजह से उन्होंने कम ही खाया, जिससे जान तो बच गई लेकिन शरीर पर रिएक्शन देखने को मिला। उन्होंने बताया कि दो साल तक इलाज चला। पोस्ट के साथ मेडिकल रिपोर्ट और पैरों की तस्वीर भी शेयर की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद दो और बार भी उन्हें मारने की कोशिश हुई। इसी जनवरी महीने में रिटायर होने जा रहे तपन ने बताया कि उन्हें त्वचा संबंधी समस्याएं, फंगल इन्फेक्शन, दिल का दौरा, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं, हड्डियों में सेंसेशन होता रहा। उन्होंने विक्रम साराभाई से लेकर अन्य कई वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौत का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले कोई घटना हो जाए, लोगों को पता चलना चाहिए कि मेरे साथ क्या हुआ। तपन ने स्पष्ट रूप से किसी के बारे में नहीं कहा लेकिन इतना बताया कि कुछ बाहरी ताकतें नहीं चाहतीं कि इसरो के वैज्ञानिक आगे बढ़ें और कम लागत में सारे सिस्टम तैयार करें। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय जासूसी हमला करार देते हुए कहा कि कमर्शल और सैन्य महत्व के उपकरण बनाने वाले वैज्ञानिकों को रास्ते से हटाने के लिए निशाना बनाया जा रहा है।
योगी लाएंगे लव जिहाद पर कानून, सीधे विरोध-समर्थन से बच रहे हैं विपक्षी दल
प्रॉपर्टी कार्ड देकर बोले PM, तकलीफ हो तो भी बच्चों को पढ़ाइए, राजमिस्त्री बनने पर मजबूर मत करिए
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taaja khabar...काला धनः भारत को स्विस बैंक में जमा भारतीयों के काले धन से जुड़ी पहली जानकारी मिली...SPG सिक्यॉरिटी पर केंद्र सख्त, विदेश दौरे पर भी ले जाना होगा सिक्यॉरिटी कवर, कांग्रेस बोली- निगरानी की कोशिश....खराब नहीं हुआ था इमरान का विमान, नाराज सऊदी प्रिंस ने बुला लिया था वापस ....करीबियों की उपेक्षा से नाराज हैं राहुल गांधी? ताजा घटनाक्रम और कुछ कांग्रेस नेता तो इसी तरफ इशारा कर रहे हैं....2 राज्यों के चुनाव से पहले राहुल गांधी गए कंबोडिया? पहले बैंकॉक जाने की थी खबर...2019 में चिकित्सा क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार का ऐलान, 3 वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से मिला...चीन सीमा पर तोपखाने की ताकत बढ़ा रहा भारत, अरुणाचल प्रदेश में तैनात करेगा अमेरिकी तोप....J-K: पुंछ में PAK ने की फायरिंग, सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब ...राफेल में मिसाइल लगाने वाली कंपनी बोली, ‘भारत को मिलेगी ऐसी ताकत जो कभी ना थी’ ..

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