taaja khabar.....पिछले 6 साल में 2,838 पाकिस्तानी, 914 अफगानिस्तानी, 172 बांग्लादेशियों को दी गई भारतीय नागरिकता: निर्मला सीतारमण....अपनी ही शादी में नहीं पहुंच पाया जवान, सेना ने कहा- जिंदगी कर लेगी इंतजार...J&K: देविंदर सिंह का फोन ट्रैक कर रही थी पुलिस, हर गतिविधि पर थी नजर...'डॉक्टर बम' को नहीं भा रही थी अयोध्या फैसले और CAA पर शांति, बनाया था ये खतरनाक प्लान!...यूनिवर्सिटी ने CAA पर शुरू किया सर्टिफिकेट कोर्स, जानिए क्या है फीस ...पंजाब के बाद दूसरे कांग्रेस शासित राज्यों की भी CAA को 'ना' की तैयारी, सिब्बल बोले- ...तो मुश्किल होगा...

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- 79.24 फीसदी ने पी दो बूंद जिंदगी की, डब्ल्यूएचओ व जिला स्तरीय अधिकारियों ने किया अभियान का निरीक्षण हनुमानगढ़। पल्स पोलियो महाभियान के तहत आज 19 जनवरी रविवार को प्रातः 9 बजे जिले के 1105 बूथों में 79.24 फीसदी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई गई। जिला स्तरीय कार्यक्रम आज मक्कासर पीएचसी में आयोजित किया गया, जहां अतिरिक्त जिला कलक्टर (एडीएम) अशोक असीजा एवं सीएमएचओ डॉ. अरूण कुमार ने बच्चों को पोलियो की डॉप्स पिलाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। उनके साथ-साथ आरसीएचओ डॉ. विक्रमसिंह, हनुमानगढ़ बीसीएमओ डॉ. ज्योति धींगड़ा, कार्यक्रम की मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तर से आए अधिकारियों ने भी उपस्थित बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। महाभियान को सफल बनाने में आमजन, शिक्षकों, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों व समाज के प्रबुद्व नागरिकों का अभूतपूर्व सहयोग रहा, जिन्होंने अपने आस-पड़ोस, गांव, मौहल्ले के छोटे बच्चों को पोलियो बूथ पर लाकर उन्हें पोलियो ड्रॉप्स पिलाने में सहयोग प्रदान किया। दवा पीने से वंचित रह गए बच्चों को 20 व 21 जनवरी को घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी। सीएमएचओ डॉ. अरूण कुमार ने बताया कि पल्स पोलियो महाभियान के बारे में बताया कि आज प्रातः 9 से सायं 5 बजे तक जिले भर में 1105 बूथों पर पल्स पोलियो की दवा पिलाई गई। अभियान के तहत जिले के 2 लाख 65 हजार 331 बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत आज प्रथम दिन 2 लाख 10 हजार 249 बच्चों को दवा पिलाई गई, जो लक्ष्य का 79.24 प्रतिशत रहा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ओर से जितेन्द्र सिंह शेखावत ने अभियान का निरीक्षण किया। सीएमएचओ डॉ. अरूण कुमार ने बताया कि इस महाअभियान के दूसरे व तीसरे दिन 20 व 21 जनवरी को घर-घर जाकर बच्चों को दवा पिलाई जायेगी। कार्यक्रम में हाईरिस्क ऐरिया पर घुमन्तु जातियां विशेष तौर पर गाड़िया लौहारों, मनिहारो, पत्थरों का कार्य करने वालों व गृह निर्माण व ईट भट्टों पर कार्य करने वाले श्रमिकों के बच्चों के लिए विशेष अभियान चलाकर पोलियो की दवा पिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि समस्त ब्लॉकों में भी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई गई। सभी ब्लॉक चिकित्सा अधिकारियों, चिकित्सा अधिकारी व प्रभारियों ने लगातार अपने-अपने क्षेत्र में भ्रमण किया तथा तथा सभी बच्चों को बूथ पर लाकर दवा पिलाने में सहयोग दिया। चिकित्सा विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग में कार्यरत आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, साथिन, जनमंगल जोड़ों, स्वयंसेवी संगठनो का भी सहयोग रहा। अभियान में शिक्षा विभाग का अहम योगदान रहा, जिसके तहत रविवार को उन सभी स्कूलों का,े जिनमे बूथ बनाये गयें है, उन्हे खुला रखा। साथ ही एनसीसी, एनएसएस व स्काउट के बच्चे भी छोटे बच्चों को बूथ पर लाकर दवा पिलाने में सहयोग किया।
जिले में 2 लाख 10 हजार 249 बच्चों ने पी पोलियो ड्रॉप्स, कल घर-घर जाकर पिलाई जाएगी दवा
गोलूवाला सीएचसी में एसडीएम-डॉक्टर विवाद का हुआ सम्मानजनक पटाक्षेप
गुमशदा की सूचना देने पर पांच हजार की प्रोत्साहन राशि
जिला अस्पताल में 12 लाख की लागत से होगा सीआरएम मशीन की खरीद, अस्थि संबंधी ऑपरेशन होंगे आसान

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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2019,जब से अमित शाह ने गृह मंत्री का कार्यभार संभाला है, तभी से गृह मंत्रालय हमेशा से ही चर्चा का विषय बना हुआ है. गृह मंत्रालय कब क्या कर रहा है, इसपर हर किसी की नज़र है. राष्ट्रपति भवन के पास नॉर्थ ब्लॉक में मौजूद गृह मंत्रालय के दफ्तर में अब चप्पे-चप्पे नज़र रखी जा रही है, दफ्तर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इस मामले में ताजा अपडेट ये है कि पिछले हफ्ते से CCTV कैमरे लगने की शुरुआत जो हुई है अभी तक मंत्रालय की अहम लोकेशन पर पूरी हो चुकी है. नॉर्थ ब्लॉक-साउथ ब्लॉक में मौजूद दफ्तरों पर सुरक्षा काफी कड़ी रहती है, इसी के तहत यहां पर इन सभी काम को किया जा रहा है. गृह मंत्रालय की पूरी सुरक्षा CISF के हाथ में है, जो कि इन CCTV कैमरों की मदद से हर किसी पर नजर रखेंगे. CISF ने इनके अलावा बॉडी कैमरा, एक्स-रे मशीन और मेटल डोर डिटेक्टर भी सुरक्षा में तैनात किए हुए हैं. इनमें काफी सीसीटीवी कैमरे पहले फ्लोर पर लगेंगे, जहां पर गृह मंत्री, गृह राज्य मंत्री, गृह सचिव, सीबीआई डायरेक्टर, IB चीफ, ज्वाइंट सेक्रेटरी रहते हैं. गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, इसे A रूटीन अपग्रेडशन कहा जाता है. ना सिर्फ गृह मंत्रालय बल्कि CCTV के कैमरे अब वित्त मंत्रालय में भी लगाए जा रहे हैं. CCTV से क्या होगा? साफ है कि इन कैमरों के लग जाने के बाद गृह मंत्रालय के हर कोने पर नज़र रहेगी और ये भी पता चलता रहेगा कि कौन किससे मिल रहा है. खास बात ये है कि मंत्रालय में मौजूद मीडिया रूम में भी कैमरे लगाए गए हैं, यानी कौन पत्रकार कब किससे मिल रहा है इसपर भी मंत्रालय की नज़र रहेगी. गृह मंत्रालय में हो रहे इस बदलाव पर मंत्रालय के अफसरों ने भी खुशी जताई है और इस बात का जिक्र किया है कि अब कौन-कब आ रहा है, इसपर आसानी से नज़र रखी जा सकेगी.
66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का ऐलान, अंधाधुन बेस्ट हिंदी फिल्म, आयुष्मान और विकी कौशल बेस्ट ऐक्टर
विवादित वीडियो मामला: मुश्किल में एजाज खान, कोर्ट ने 1 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा
आर्टिकल 15 रिलीज, लोग बोले- आयुष्मान खुराना की एक और ब्लॉकबस्टर फिल्म
जल्द इंड‍िया लौट रहे हैं ऋषि कपूर, इस फिल्म में जूही चावला संग करेंगे काम

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जयपुर, 18 जनवरी 2020, नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का देश में विरोध किया जा रहा है. इस बीच राजस्थान की गहलोत सरकार पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता देने के बाद अब रियायती दर पर रहने के लिए जमीन आवंटित कर रही है. गहलोत सरकार ने पाकिस्तान से आकर भारत में नागरिकता लिए 100 हिंदू परिवारों को 50 फीसदी रियायत पर जमीन के कागजात बांटे हैं. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र के नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के बीच पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों को राजस्थान में बसने के लिए रियायती दर पर भूखंड देने का ऐलान किया है. जयपुर में जयपुर विकास प्राधिकरण ने ऐसे 100 परिवारों के लिए 50 फीसदी कम कीमत पर सरकारी जमीन देने की शुरुआत की है. माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने जिस तरह से हिंदू शरणार्थियों के बीच कांग्रेस को खलनायक बताने का अभियान शुरू किया है, उसी को ध्यान में रखते हुए राजस्थान की गहलोत सरकार ने अब पाकिस्तान से आए हिंदू शरणार्थियों को अपना बनाने के लिए मुहिम शुरू की है. कांग्रेस नेता रहे दूर जयपुर विकास प्राधिकरण ने अपने स्तर पर 5 पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों को जमीन के कागजात बांटकर इस अभियान की शुरुआत की. हालांकि, कांग्रेस के नेता इससे दूर रहे. राजस्थान के नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि कांग्रेस की सरकार इनके वेलफेयर के लिए काम कर रही है. इनके नाम पर राजनीति नहीं करती है. देर आए दुरुस्त आए' बता दें कि राजस्थान में एक लाख से ज्यादा पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थी रह रहे हैं. जिनके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुरू से नागरिकता देने की पैरवी करते रहे हैं. लोकसभा में अमित शाह तक इस बात का जिक्र कर चुके हैं और दिल्ली की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसे बता चुके हैं. गहलोत सरकार की इस मुहिम को बीजेपी ने देर आए दुरुस्त आए कहा है. बीजेपी ने कहा है कि इन लोगों को रहने के लिए मुफ्त जमीन भी दी जा सकती है.
पाकिस्तान में जन्मी नीता सितंबर में बनीं 'भारतीय', अब लड़ रहीं चुनाव
अजमेर शरीफ के दीवान ने कहा, 'सेना को पीओके में कार्रवाई की छूट दें पीएम मोदी'
राजस्थान सरकार में घमासान, स्वास्थ्य मंत्री ने सचिन पायलट पर उठाए सवाल
कोटा, जोधपुर, बूंदी... अब बीकानेर के पीबीएम अस्पताल में दिसंबर में 162 बच्चों की मौत

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नई दिल्ली स्टूडेंट्स और उनके पैरंट्स की टेंशन दूर करने के लिए 'परीक्षा पे चर्चा' के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने चुनिंदा क्रिकेटरों का जिक्र किया और बताया कि किस तरह तनाव से उबरकर विजय पाई जा सकती है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में 2001 में भारत दौरे पर आई मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम पर टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत की चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस तरह वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ने कंगारू टीम के हौसले पस्त कर दिए थे। उनसे आपको सीखना चाहिए। साथ ही उन्होंने अनिल कुंबले के टूटे जबड़े के साथ बोलिंग करने और लारा को आउट करने का भी जिक्र किया। राहुल द्रविड़ और लक्ष्मण इसलिए आए याद उन्होंने भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया कोलकाता टेस्ट की चर्चा करते हुए कहा, '2001 में खेली गई भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज आपको याद है? हमारी क्रिकेट टीम मुश्किल से गुजर रही थी। मूड बहुत अच्छा नहीं था, लेकिन ऐसे मौके पर हम राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को कैसे भूल सकते हैं... उन्होंने मैच का रुख ही मोड़ दिया था।' बता दें कि इस मैच का दोनों ही खिलाड़ियों के करियर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। कुंबले का किया जिक्र उन्होंने इसके बाद अनिल कुंबले का उदाहरण देते हुए छात्रों को प्रोत्साहित किया। पीएम ने कहा, 'अनिल कुंबले द्वारा टूटे जबड़े के साथ की गई वेस्ट इंडीज में बोलिंग को कौन भूल सकता है? वह न केवल चोट के बावजूद मैदान पर उतरे, बल्कि ब्रायन लारा जैसे बल्लेबाज का विकेट भी लिया। यह प्रेरणा और सकारात्मक सोच का ही कमाल था।' यह मैच कुंबले के क्रिकेट करियर का मील का पत्थर साबित हुआ था। टूटे जबड़े के साथ उतरे और लारा को किया आउट दरअसल, वेस्ट इंडीज के खिलाफ सेंट जॉन्स में मई 2002 में खेले गए इस मुकाबले में कुंबले मैदान पर फ्रेक्चर्ड जबड़े के साथ उतरे थे। कुंबले को यह चोट मैदान पर बल्लेबाजी करते हुए लगी थी। कुंबले ने इस टूटे हुए जबड़े के साथ 14 ओवर गेंदबाजी की और ब्रायन लारा का बेशकीमती विकेट लिया था। तब कुंबले ने कहा था, 'यह एक जोखिम भरा काम था लेकिन मैंने सोचा कि यह जोखिम लिया जा सकता है। मुझे कम से कम इस बात की तो खुशी रहेगी कि मैंने अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ दिया।' लक्ष्मण और द्रविड़ ने छुड़ाए कंगारुओं के छक्के 2001 में सीरीज के दूसरे टेस्ट, जो 11 मार्च से शुरू हुआ था, में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 445 रन बनाए, जिसके बाद भारतीय टीम पहली पारी में केवल 171 रन बना सकी। उसे फॉलोऑन करना पड़ा और तीसरे दिन तक भारत पर हार के बादल मंडरा रहे थे। सौरभ गांगुली की कप्तानी वाली भारतीय टीम और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लक्ष्मण और द्रविड़ का बल्ला ऐसा चला कि मेहमानों के छक्के छूट गए। मुंबई में पहला टेस्ट हार चुकी भारतीय टीम कोलकाता के ईडन गार्डंस में फॉलोऑन पारी खेल रही थी। तीसरे दिन तक भारत ने 4 विकेट पर 254 रन बनाए थे। भारत ने 171 रन से जीता थाक कोलकाता टेस्ट तब मैच के चौथे दिन लक्ष्मण और द्रविड़ ऐसा टिके कि दिन में भारत का एक भी विकेट नहीं गिरा और स्कोर 589 रन तक पहुंच गया। पांचवें विकेट के लिए लक्ष्मण (281) और द्रविड़ (180) ने 376 रन जोड़े। भारत ने अपनी फॉलोआन पारी 657/7 पर घोषित कर दी। लक्ष्मण ने 631 गेंदों की अपनी पारी में 44 चौके लगाए जबकि द्रविड़ ने 446 गेंदों पर 20 चौके जड़े। इस तरह ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 384 रन का टारगेट मिला। ऑस्ट्रेलियाई टीम की दूसरी पारी 68.3 ओवरों में 212 रन पर सिमट गई और भारत ने यह टेस्ट मैच 171 रनों से जीत लिया।
वाराणसी से ISI एजेंट गिरफ्तार, PAK में हैंडलर्स को दे रहा था भारत से जुड़ी जानकारी
BSF के लिए बन रहा एंटी ड्रोन सिस्टम, 5 सेकंड में करेगा सिग्नल जाम
अल्पसंख्यक समुदाय की योजनाओं के खिलाफ दायर याचिका पर केंद्र को नोटिस
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नई दिल्ली जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा) बीजेपी के नए अध्यक्ष निर्वाचित कर लिए गए हैं। उनका कार्यकाल 2022 तक होगा। पार्टी के संगठन चुनाव प्रभारी राधामोहन सिंह ने उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा करते हुए कहा, 'भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की सारी संवैधानिक प्रक्रियाएं को पूरी कर ली गई हैं। जगत प्रकाश नड्डा 2019 से 2022 के लिए सर्वानुमति से अध्यक्ष चुन लिए गए हैं।' राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाने पर निवर्तमान अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के तमाम नेताओं ने नड्डा को बधाई दी। इससे पहले, बीजेपी के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने जेपी नड्डा को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव संगठन चुनाव प्रभारी राधामोहन सिंह को सौंपा था। नड्डा का निर्विरोध पार्टी अध्यक्ष चुनाजाना पहले से ही तय माना जा रहा था। अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद से ही बीजेपी के वर्किंग प्रेजिडेंट के तौर पर काम संभाल रहे जेपी नड्डा अब पूर्ण अध्यक्ष हो चुके हैं। लो-प्रोफाइल रहने वाले और बड़ेबोले बयानों से दूर रहने वाले जेपी नड्डा भले ही करिश्माई नेता न माने जाते हों, लेकिन संगठन पर उनकी पकड़ हमेशा रही। आइए जानते हैं, कैसा रहा जेपी नड्डा का सियासी सफऱ... मूल रूप से हिमाचली और बिहार में जन्मे जेपी नड्डा लंबे समय से बीजेपी की राष्ट्रीय राजनीति का हिस्सा हैं। पहली बार 1993 में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में पहुंचने वाले जेपी नड्डा का जन्म 2 दिसंबर, 1960 को पटना में हुआ था। पटना में ही स्कूलिंग से लेकर बीए तक की पढ़ाई की पढ़ाई की। यहीं वह आरएसएस के छात्र संगठन एबीवीपी से जुड़े थे। इसके बाद वह अपने गृह राज्य हिमाचल प्रदेश लौटे और एलएलबी किया। पटना से शिमला तक छात्र राजनीति का अनुभव हिमाचल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान वह छात्र राजनीति में ऐक्टिव रहे और फिर बीजेपी में एंट्री ली। वह तीन बार बीजेपी के टिकट पर हिमाचल विधानसभा पहुंचे। 1993-98, 1998 से 2003 और फिर 2007 से 2012 तक वह विधायक रहे। यही नहीं 1994 से 1998 तक वह प्रदेश की विधानसभा में बीजेपी विधायक दल के नेता भी रहे। कभी धूमल के मंत्री थे, आज शीर्ष नेता पहली बार अहम जिम्मेदारी उन्हें 2008 में मिली, जब प्रेम कुमार धूमल सरकार में वह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री बने। उस वक्त वह भले ही धूमल के मंत्री थे, लेकिन अगले कुछ सालों में उनका कद ऐसा बढ़ा कि आज वह बीजेपी के अध्यक्ष हैं और पार्टी के सीनियर नेताओं में से एक हैं। 1991 से ही हैं पीएम मोदी के करीबी जेपी नड्डा को पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी लोगों में से एक माना जाता है। इसकी वजह शायद यह भी है कि 1991 में जिस दौर में जेपी नड्डा युवा मोर्चा की कमान संभाल रहे थे, तब पीएम मोदी पार्टी के महासचिव थे। माना जाता है कि दोनों नेताओं के बीच तभी से करीबी है। फिर जब पीएम नरेंद्र मोदी का कद राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ा तो जेपी नड्डा ने भी उनके साथ लगातार ऊंचाई हासिल की। पहली बार 2010 में राष्ट्रीय राजनीति में एंट्री हिमाचल में विधायक और मंत्री तक की जिम्मेदारी संभाल चुके जेपी नड्डा पहली बार 2010 में दिल्ली की राजनीति में आए, जब नितिन गडकरी ने उन्हें महासचिव की जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद से उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। संगठन के आदमी के तौर पर चर्चित नड्डा को पीएम नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता में आने के बाद कैबिनेट में शामिल किया। अमित शाह को गुजरात से लाकर अध्यक्ष बनाया गया। स्वास्थ्य मंत्रालय छोड़ बने कार्यकारी अध्यक्ष नरेंद्र मोदी सरकार 2019 में दोबारा वापस आई और शाह को कैबिनेट में गृह मंत्री का ओहदा दिया गया। लेकिन सवाल यह था कि आखिर पार्टी कौन संभालेगा। एक बार फिर से पीएम मोदी ने नड्डा पर भरोसा जताया और वह जुलाई, 2019 में स्वास्थ्य मंत्रालय छोड़ संगठन में कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर आ गए। यूपी में कमाल के बाद और बढ़ा नड्डा का कद जेपी नड्डा के कद में तब अप्रत्याशित इजाफा हुआ, जब उन्होंने 2019 में राजनीतिक तौर पर बेहद महत्वपूर्ण राज्य यूपी में 62 लोकसभा सीटें पार्टी को दिलाईं। वह सूबे में चुनावी रणनीति का जिम्मा संभाल रहे थे, जहां 2014 में बीजेपी को अकेले दम पर 71 सीटें मिली थीं। SP-बीएसपी गठबंधन के बाद भी दिलाई बड़ी जीत एसपी और बीएसपी में गठबंधन के चलते पिछले प्रदर्शन को दोहराना चुनौती था, लेकिन पार्टी को 62 सीटें मिलीं। यह प्रदर्शन जेपी नड्डा के कद को राष्ट्रीय राजनीति में बढ़ाने वाला साबित हुआ। यही वजह थी कि जब शाह को गृह मंत्रालय मिला तो कार्यकारी अध्यक्ष के नाते उन्हें लाया गया।
छात्रों से बोले PM मोदी- आजादी के 100 साल होने तक अगर मैं जीवित रहा तो...
कांग्रेस ने उठाए DSP देवेंद्र सिंह पर सवाल, तो बीजेपी ने खेला 'पाकिस्तान कार्ड'
आर्टिकल 370 खत्म किए जाने पर डेमोक्रैट्स सांसदों के समर्थन की भारत को उम्मीद
कटमनी नहीं मिलने की वजह से केंद्र की योजनाओं को लागू नहीं कर रही हैं ममता बनर्जी: प्रधानमंत्री मोदी

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taaja khabar...काला धनः भारत को स्विस बैंक में जमा भारतीयों के काले धन से जुड़ी पहली जानकारी मिली...SPG सिक्यॉरिटी पर केंद्र सख्त, विदेश दौरे पर भी ले जाना होगा सिक्यॉरिटी कवर, कांग्रेस बोली- निगरानी की कोशिश....खराब नहीं हुआ था इमरान का विमान, नाराज सऊदी प्रिंस ने बुला लिया था वापस ....करीबियों की उपेक्षा से नाराज हैं राहुल गांधी? ताजा घटनाक्रम और कुछ कांग्रेस नेता तो इसी तरफ इशारा कर रहे हैं....2 राज्यों के चुनाव से पहले राहुल गांधी गए कंबोडिया? पहले बैंकॉक जाने की थी खबर...2019 में चिकित्सा क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार का ऐलान, 3 वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से मिला...चीन सीमा पर तोपखाने की ताकत बढ़ा रहा भारत, अरुणाचल प्रदेश में तैनात करेगा अमेरिकी तोप....J-K: पुंछ में PAK ने की फायरिंग, सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब ...राफेल में मिसाइल लगाने वाली कंपनी बोली, ‘भारत को मिलेगी ऐसी ताकत जो कभी ना थी’ ..

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