taaja khabar....चीन को उसी की भाषा में जवाब देगा भारत, LAC पर पूरी तैयारी....कोराना वायरस की वैक्सीन पहले किसे मिलेगी? भारत लगा रहा पूरा जोर...लू का रेड अलर्टः आज से 'नौतपा', आसमान से बरसेगी आग...महान हॉकी खिलाड़ी बलबीर सिंह सीनियर का निधन...चीन यदि दुनिया की 'फैक्ट्री' है तो भारत बन सकता है दुनिया का 'ऑफिस': उदय कोटक ...मोदी सरकार 2.0 का एक साल: मोदी के विकल्प की तलाश एक साल बाद भी नहीं कर सका विपक्ष ...

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हनुमानगढ़ से अब तक कुल 2977 कोरोना सैंपल भेजे जा चुके हैं बीकानेर हनुमानगढ़, 25 मई। कोरोना संक्रमण को लेकर सोमवार को जिला अस्पताल से कुल 154 सैंपल बीकानेर भेजे गए। पीएमओ डॉ एमपी शर्मा और मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ शंकर सोनी ने बताया कि बीकानेर भेजे गए सभी 154 सैंपल में से जिला अस्पताल में 22, भादरा में 114 और संगरिया में 18 सैंपल लिए गए हैं। जिसमें मुंबई, गुजरात, इपीसेंटर और खांसी जुकाम के लक्ष्ण वाले लोग शामिल हैं। मेडिकल ज्यूरिस्ट डॉ शंकर सोनी ने बताया कि कोरोना संक्रमण को लेकर सोमवार तक जिला अस्पताल से कुल 2977 सैंपल बीकानेर भेजे जा चुके हैं। जिनमें से 2780 नेगेटिव, 14 पॉजिटिव (12 के अलावा पॉजिटिव महिला का 3 दिन बाद भेजा गया सैंपल और जोगीवाला के मरीज का दूसरा सैंपल भी पॉजिटिव आया था) और 181 सैंपल की रिपोर्ट पैंडिग है। जिनमें रविवार के 27 सैंपल और सोमवार के 154 सैंपल शामिल हैं। जिले के सभी 14 कोरोना पोजिटिव मरीज रिकवर हो चुके हैं।
लॉकडाउन में हनुमानगढ़ में फंसे बिहार के 1225 मजदूरों और प्रवासियों को स्पेशनल ट्रेन में निशुल्क रवानगी दी
हनुमानगढ़-पूर्णिया श्रमिक स्पेशल ट्रेन में हनुमानगढ़ ब्लॉक के श्रमिक सीधे रेलवे स्टेशन ना पहुंचे, सतीपुरा स्थित सरकारी स्कूल में पहले होगी स्क्रिनिंग- एसडीएम
हनुमानगढ़-पूर्णिया श्रमिक स्पेशल ट्रेन में कुल 1623 मजदूरों और प्रवासियों को मुफ्त में भेजा जाएगा बिहार
23 मई(शनिवार) को कुल 13 सैंपल हनुमानगढ़ से बीकानेर भेजे

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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2019,जब से अमित शाह ने गृह मंत्री का कार्यभार संभाला है, तभी से गृह मंत्रालय हमेशा से ही चर्चा का विषय बना हुआ है. गृह मंत्रालय कब क्या कर रहा है, इसपर हर किसी की नज़र है. राष्ट्रपति भवन के पास नॉर्थ ब्लॉक में मौजूद गृह मंत्रालय के दफ्तर में अब चप्पे-चप्पे नज़र रखी जा रही है, दफ्तर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इस मामले में ताजा अपडेट ये है कि पिछले हफ्ते से CCTV कैमरे लगने की शुरुआत जो हुई है अभी तक मंत्रालय की अहम लोकेशन पर पूरी हो चुकी है. नॉर्थ ब्लॉक-साउथ ब्लॉक में मौजूद दफ्तरों पर सुरक्षा काफी कड़ी रहती है, इसी के तहत यहां पर इन सभी काम को किया जा रहा है. गृह मंत्रालय की पूरी सुरक्षा CISF के हाथ में है, जो कि इन CCTV कैमरों की मदद से हर किसी पर नजर रखेंगे. CISF ने इनके अलावा बॉडी कैमरा, एक्स-रे मशीन और मेटल डोर डिटेक्टर भी सुरक्षा में तैनात किए हुए हैं. इनमें काफी सीसीटीवी कैमरे पहले फ्लोर पर लगेंगे, जहां पर गृह मंत्री, गृह राज्य मंत्री, गृह सचिव, सीबीआई डायरेक्टर, IB चीफ, ज्वाइंट सेक्रेटरी रहते हैं. गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, इसे A रूटीन अपग्रेडशन कहा जाता है. ना सिर्फ गृह मंत्रालय बल्कि CCTV के कैमरे अब वित्त मंत्रालय में भी लगाए जा रहे हैं. CCTV से क्या होगा? साफ है कि इन कैमरों के लग जाने के बाद गृह मंत्रालय के हर कोने पर नज़र रहेगी और ये भी पता चलता रहेगा कि कौन किससे मिल रहा है. खास बात ये है कि मंत्रालय में मौजूद मीडिया रूम में भी कैमरे लगाए गए हैं, यानी कौन पत्रकार कब किससे मिल रहा है इसपर भी मंत्रालय की नज़र रहेगी. गृह मंत्रालय में हो रहे इस बदलाव पर मंत्रालय के अफसरों ने भी खुशी जताई है और इस बात का जिक्र किया है कि अब कौन-कब आ रहा है, इसपर आसानी से नज़र रखी जा सकेगी.
66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का ऐलान, अंधाधुन बेस्ट हिंदी फिल्म, आयुष्मान और विकी कौशल बेस्ट ऐक्टर
विवादित वीडियो मामला: मुश्किल में एजाज खान, कोर्ट ने 1 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा
आर्टिकल 15 रिलीज, लोग बोले- आयुष्मान खुराना की एक और ब्लॉकबस्टर फिल्म
जल्द इंड‍िया लौट रहे हैं ऋषि कपूर, इस फिल्म में जूही चावला संग करेंगे काम

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चूरू, 20 मई 2020, देश में चल रही कोरोना महामारी में भारी नुकसान झेल रहे जिले के किसानों में अब असंख्य टिड्डियों के दलों ने चिंता और बढ़ा दी है. सरदारशहर और चूरू तहसील के कई गांवों में टिड्‌डी दल के हमले के बाद किसान सहम गए हैं. चूरू के गांव रोलासर, तोलासर, भाटवाला, दल्लूसर, सावर, खेजड़ा, पिचकराई, धनी पोटलिया, कुसंदेशर, बिजरासर, आदि में टिड्डियों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेरते हुए फसलों को चौपट कर दिया है. हालांकि, टिड्डियों के हमले के समय किसानों ने अपने खेतों में नरमा, कपास और मूंगफली की फसलों की सुरक्षा करने के उपाय भी किए लेकिन फिर भी किसानों की फसलों के लिए काल बनकर आई टिड्डियों ने जमकर किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया है. इसी को देखते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश महामंत्री छगनलाल चौधरी ने तहसील के एक दर्जन से ज्यादा गांवों का दौरा कर खेतों में जाकर किसानों से मिलकर उनकी समस्याएं को सुनीं. इस दौरान किसानों नेता छगनलाल चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से आया हुए टिड्डियों के दल ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है. जिसकी सूचना हमने स्थानीय प्रशासन को दी है जिसके बाद पटवारी और ग्रामसेवक गांव में पहुंचकर किसानों की फसलों का जायजा ले रहे हैं. हम सरकार से मांग करते हैं कि किसानों की फसलों का हुए नुकसान की भरपाई सरकार करे ताकि लॉकडाउन के दौरान किसानों को राहत मिल सके. चौधरी को अपना दर्द बताते हुए किसानों की आंखों में आंसू छलक आए. टिड्डी दल द्वारा हुए फसलों पर हमले से किसानों को हुए नुकसान के बाद स्थानीय विधायक भंवरलाल शर्मा और चूरू सांसद राहुल कसवा भी चिंतित हैं. सांसद राहुल कस्वा ने केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के साथ ही जिला कलेक्टर संदेश नायक को टिड्डी द्वारा किए गए हमले से अवगत करवाया है और नुकसान की भरपाई करने की बात कही. वहीं, स्थानीय विधायक भंवरलाल शर्मा ने पत्र लिखकर किसानों को हुए नुकसान से सीएम गहलोत को अवगत करवाया है. विधायक शर्मा ने अधिकारियों से आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है और साथ ही टिड्डी नियंत्रण छिड़काव की दवाओं को निशुल्क उपलब्ध करवाने की भी मांग की है. किसानों की फसलों पर हुए टिड्डी दल के हमले के बाद जिला कलेक्टर संदेश नायक भी अलर्ट मोड पर हैं. संदेश नायक द्वारा लगातार टिड्डीयों को नष्ट करवाने की कार्रवाई की जा रही है. साथ ही साथ जिला कलेक्टर ने खेतों में फसलों का जायजा लेने के लिए पटवारी व गिरदावर को आदेश दिए हैं. जिसके बाद पटवारी और गिरदावर खेतों में जाकर फसलों का जायजा ले रहे हैं. टिड्डी दल के हमले के बाद अब किसानों को सारी उम्मीदें गहलोत सरकार से हैं. सभी किसान गहलोत सरकार की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं. किसानों को उम्मीद है कि गहलोत सरकार उनको उचित मुआवजा देकर किसानों को कुछ हद तक राहत देगी क्योंकि पहले ही कोरोना काल ने किसानों की कमर तोड़कर रख दी है अब टिड्डी दल के हमले के बाद दोहरी मार किसान झेल रहा है. जांच अधिकारी ओम प्रकाश स्वामी ने बताया कि बणियासर, भटवाड़ा, मौलासर दिल्लूसर में टिड्डी दल पहुंचा. उसमें काफी किसानों को नुकसान हुआ है. प्रशासन द्वारा कल रात से ही सर्वे का कार्य जारी है और हमारे साथ सरपंच भी हैं. साथ ही और मौका निरीक्षण किया जाएगा.
राजस्थान में 61 नए मामले,अब कुल मरीजों की संख्या 5906
गहलोत सरकार यूपी भेज रही बस, लेकिन राजस्थान में पैदल चलने को मजबूर मजदूर
लॉकडाउन 4.0: राजस्थान सरकार ने मॉल्स में दफ्तरों को खोलने की दी इजाजत
सहेली को मोहरा बनाकर 9वीं की छात्रा को फंसाया, वीडियो वायरल की धमकी देकर गैंगरेप

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लखनऊ कामरान नाम के एक शख्स ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया हेल्प डेस्क को फोन किया और सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) को उड़ाने की धमकी दे डाली। मामला अपराध का था तो मुंबई में रहने वाले इस शख्स को महाराष्ट्र एटीएस (Maharashtra ATS) ने उठा लिया। 25 वर्षीय आरोपी कामरान अब उत्तर प्रदेश पुलिस की एसटीएफ (UP STF) के कब्जे में और पूछताछ चल रही है। इसी पूछताछ में कामरान ने बताया कि उसे योगी आदित्यनाथ को धमकी देने के बदले एक करोड़ रुपये देने का वादा किया गया था। हालांकि, कामरान ने यह नहीं बताया है कि उसे पैसों का ऑफर देने वाला शख्स कौन है। इससे पहले यूपी पुलिस के 112 मुख्यालय में गुरुवार देर रात लगभग साढ़े बारह एक वॉट्सऐप मैसेज आया था। यह मैसेज यहां के सोशल मीडिया डेस्क के नंबर 7570000100 पर आया था। मेसेज में लिखा था, 'सीएम योगी को मैं बम से मारने वाला हूं। (एक खास समुदाय का नाम लिखा) की जान का दुश्मन है वो।' यह मेसेज आने के बाद उच्चाधिकारियों को इसी सूचना दी गई। इसके बाद गोमती नगर थाने में धारा 505 (1) बी, 506 और 507 के तहत केस दर्ज किया गया था। गिरफ्तारी के बाद फिर मिली धमकी कामरान को रविवार के दिन मुंबई से गिरफ्तार किया गया और स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उसे ट्रांजिट रिमांड में भेजते हुए यूपी एसटीएफ के हवाले कर दिया गया। कामरान की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस को धमकी भरी कॉल आई है। महाराष्ट्र एटीएस ने बताया कि धमकी भरी यह कॉल लखनऊ पुलिस की स्पेशल मीडिया डेस्क को आई है। इस कॉल पर कहा गया, 'जिसे गिरफ्तार किया है, उसे छोड़ दो वरना अंजाम भुगतना पड़ेगा।' दूसरी धमकी मिलते ही महाराष्ट्र एटीएस को सूचना दी गई। एटीएस की नासिक यूनिट ने 20 साल के एक युवक इस धमकी भरे कॉल के लिए नासिक के भद्रकाली इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस कामरान से उसके संबंध के बारे में जांच कर रही है। यूपी पुलिस के अलावा इस मामले में मुंबई और महाराष्ट्र की पुलिस भी पूरी तरह से जुटी हुई है और धमकी देने की पूरी सच्चाई तलाशने की कोशिश की जा रही है। कौन है आरोपी कामरान खान? मुंबई एटीएस द्वारा गिरफ्तार सीएम योगी को जान से मारने की धमकी देने वाले शख्स की पहचान कामरान के रूप में की गई है। वह मुंबई का ही रहने वाला है। झावेरी बाजार में सिक्यॉरिटी गॉर्ड की नौकरी करने वाले कामरान का साल 2017 में स्पाइन टीबी का ऑपरेशन हुआ था, जिसके बाद उसने नौकरी छोड़ दी थी और फिलहाल, कोई काम नहीं कर रहा है। कामरान के परिवार में मां, बहन और एक भाई हैं।
जमात के मौलाना साद पर कसा शिकंजा, बेटे मोहम्मद सईद का पासपोर्ट सीज
देश में तेजी से बढ़ रहा है रिकवरी रेट, 41 फीसदी से ज्यादा मरीजों ने दी कोरोना को मात
नोएडा के बाद अब गाजियाबाद ने भी दिल्ली बॉर्डर किया सील, सिर्फ पास वालों को एंट्री
प्रवासी मजदूरों को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ का क्या है प्लान?

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नई दिल्ली भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव थमता नहीं दिख रहा है। डोकलाम के बाद पहली बार दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। लद्दाख सीमा के कई पॉइंट पर भारत और चीनी सेनाएं अपने रुख से टस से मस नहीं हो रही हैं। भारत लद्दाख सीमा के करीब विकास कार्य न रोकने पर अड़ा हुआ है। साथ ही नई दिल्ली अग्रिम सीमा पर कामों को गति देने के लिए मजदूरों से लेकर मैटिरियल तक पहुंचाने में लगा है। भारत इस बार चीन की धौंस का जवाब देने के लिए पूरी तैयारी कर चुका है। बातचीत का कोई नतीजा नहीं भारत और चीन के बीच बातचीत के जरिए तनाव को कम करने के प्रयास में अभी कोई नतीजा नहीं निकला है। दोनों देशों की सेनाएं पैगोंग शो झील, गल्वान घाटी और देमचौक में अपनी-अपनी स्थिति पर कायम है। बता दें कि पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) से लगे इलाके पैगोंग शो और गल्वान घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच पिछले कई दिनों से तनाव जारी है। इस दौरान दोनों ओर से झड़प की खबरें आई, जिनमें दोनों पक्षों के सैनिक घायल भी हुए। डोकलाम के बाद पहली बार इतना तनाव लगातार जारी तनाव के चलते दोनों ओर के क्षेत्र कमांडर बातचीत के जरिए तनाव कम करने के प्रयास कर रहे थे लेकिन अभी गतिरोध खत्म होने का कोई संकेत नहीं मिला है। वहीं भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों के भारतीय गश्ती दल को हिरासत में लेने की खबरों का खंडन किया लेकिन सेना ने इलाके की मौजूदा स्थिति के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। एक-दूसरे का नाम तक नहीं ले रहे रविवार को चीन के विदेश मंत्री वांग येई ने अपने लंबे प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बार भी भारत का जिक्र नहीं किया। वहीं, नई दिल्ली की तरफ से चीन का जिक्र नहीं किया जा रहा है। शुक्रवार से चीनी नैशनल पीपल्स कांग्रेस की शुरुआत हो रही और इसकी समाप्ति तक कोई तार्किक बातचीत होने की उम्मीद बहुत कम है। भारत है पूरी तरह तैयार भारती सुरक्षाबलों के सूत्रों ने बताया कि देश को चीन की तरफ से अभी हरकतों के लिए तैयार रहना चाहिए। पिछले चार सालों में भारत ने सीमा पर विकास कार्यों को बढ़ाया है। इससे LAC पर भारतीय सेना की पहुंच पहले की तुलना में तेज हुई है और भारत चीनी के आक्रामक पेट्रोलिंग का उसी की भाषा में जवाब दे रहा है। भारतीय जवान को हिरासत में नहीं लिया- सेना सेना ने बयान में कहा, ‘सीमा पर भारतीय सेना के किसी जवान को हिरासत में नहीं लिया गया है। हम स्पष्ट रूप से इसका खंडन करते हैं। जब कोई मीडिया समूह इस तरह के अपुष्ट खबर देता है तो इससे केवल राष्ट्रीय हितों को ही नुकसान होता है।’ इलाके में स्थिति से वाकिफ लोगों ने बताया कि दोनों पक्ष गतिरोध को दूर करने की कोशिशों में जुटे हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक नतीजा सामने नहीं आया है क्योंकि दोनों सेनाएं विवादित इलाके पैगोंग त्सो, गल्वान घाटी और देमचौक में अपनी-अपनी स्थिति पर कायम है। चीन ने गल्वान घाटी में दो हफ्तों में लगाए 100 कैंप चीन इलाके में लगातार अपन कदम बढ़ा रहा है। इसका पता इस बात से चलता है कि चीनी सैनिकों ने गल्वान घाटी में पिछले दो हफ्ते में करीब 100 तंबू लगाए है और बंकर निर्माण के लिए भारी उपकरण जमा किए हैं। भारत ने पिछले हफ्ते दोनों सेनाओं के स्थानीय कमांडरों के बीच हुई बैठक में चीन द्वारा तंबू लगाने और भारी उपकरण लाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। सूत्रों ने बताया कि पूर्वी लद्दाख के विभिन्न इलाकों में कई बार चीनी सैनिकों द्वारा सीमा पार करने की खबर है और दोनों सेनाओं के बीच कम से कम दो मौकों पर हाथापाई हुई। भारत का आक्रामक रुख, संवेदनशील इलाकों में गश्ती सूत्रों ने बताया कि भारतीय सेना भी पैगोंग शो झील, गल्वान घाटी और देमचौक में अपनी ताकत बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना देमचौक और दौलत बेग ओल्डी सहित कई संवेदनशील इलाकों में आक्रामक तरीके से गश्त भी कर रही है। कई बार भिड़ चुके हैं दोनों तरफ के सैनिक बीते 5 मई को पूर्वी लद्दाख में स्थिति तब बिगड़ गई जब करीब 250 चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई और अगले दिन तक जारी रही। बाद में दोनों ओर के लोकल कमांडरों की मीटिंग हुई और दोनों तरफ के सैनिक पीछे हटे। दोनों तरफ के सैनिकों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से प्रहार के साथ-साथ पत्थरबाजी भी की। इस हिंसक झड़प में दोनों तरफ के करीब 100 सैनिक जख्मी हो गए थे। उसके बाद 9 मई को सिक्किम में यही घटना दुहराई गई। वहां नाकू ला दर्रा में करीब 150 भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई जिसमें दोनों तरफ के कम-से-कम 10 सैनिक घायल हो गए थे। भारत ने चीन के दावे को किया खारिज मीडिया को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने भी मजबूती के साथ चीन के उस दावे को खारिज कर दिया था जिसमें कहा गया था कि भारतीय सैनिकों के सीमा पार करने से तनाव बढ़ा है। भारत की प्रतिक्रिया चीन के आरोपों के दो दिन बाद आई जिसमें उसने आरोप लगाया था कि भारतीय सेना उसके क्षेत्र में घुसपैठ कर रही है और दावा किया था कि यह सिक्किम और लद्दाख में LAC की स्थिति में एकतरफा बदलाव की कोशिश है। 2017 में बन गए थे युद्ध के हालात इससे पहले 2017 में डोकलाम में भारत और चीन के बीच 73 दिनों तक गतिरोध रहा। तब दोनों परमाणु हथियार संपन्न पड़ोसियों के बीच युद्ध की आशंका पैदा हो गई थी। भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा को लेकर विवाद है और चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिण तिब्बत का हिस्सा बताता है जबकि भारत का स्पष्ट रुख है कि यह देश का अभिन्न हिस्सा है। चीन ने जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के फैसले की आलोचना की थी और खासतौर पर लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने को लेकर आलोचना की थी। चीन लद्दाख के कई हिस्सों पर अपना हक जताता है।
LAC पर तनाव के बीच सेना प्रमुख के दौरे से चीन को संदेश, हरकतों का मिलेगा करारा जवाब
अमेरिकी स्टडी में दावा, लॉकडाउन ने भारत में कोरोना फैलाव की तेजी को 60% से ज्यादा घटाया
चीन से तनातनी के बीच लेह पहुंचे आर्मी चीफ एमएम नरवणे, अधिकारियों से की बातचीत
अम्फान से बंगाल में तबाही, PM मोदी ने किया 1000 करोड़ रुपये की मदद का ऐलान

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taaja khabar...काला धनः भारत को स्विस बैंक में जमा भारतीयों के काले धन से जुड़ी पहली जानकारी मिली...SPG सिक्यॉरिटी पर केंद्र सख्त, विदेश दौरे पर भी ले जाना होगा सिक्यॉरिटी कवर, कांग्रेस बोली- निगरानी की कोशिश....खराब नहीं हुआ था इमरान का विमान, नाराज सऊदी प्रिंस ने बुला लिया था वापस ....करीबियों की उपेक्षा से नाराज हैं राहुल गांधी? ताजा घटनाक्रम और कुछ कांग्रेस नेता तो इसी तरफ इशारा कर रहे हैं....2 राज्यों के चुनाव से पहले राहुल गांधी गए कंबोडिया? पहले बैंकॉक जाने की थी खबर...2019 में चिकित्सा क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार का ऐलान, 3 वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से मिला...चीन सीमा पर तोपखाने की ताकत बढ़ा रहा भारत, अरुणाचल प्रदेश में तैनात करेगा अमेरिकी तोप....J-K: पुंछ में PAK ने की फायरिंग, सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब ...राफेल में मिसाइल लगाने वाली कंपनी बोली, ‘भारत को मिलेगी ऐसी ताकत जो कभी ना थी’ ..

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