taaja khabar....पीएम मोदी ने जस्टिन ट्रूडो से किया कोरोना वैक्‍सीन देने का वादा, कनाडा में बंद हुई आलोचना...बच्‍ची के लिए पीएम मोदी ने माफ कर दिया 6 करोड़ का टैक्‍स...रक्षा मंत्री का बड़ा बयान- खत्म हुआ भारत-चीन सीमा विवाद तनाव, लद्दाख में पैंगोंग झील से पीछे हटेंगे चीनी सैनिक...सेना वापसी समझौते में भारत ने कुछ नहीं खोया, पैंगोंग झील में पीछे हट रहा चीन...मुंबई एयरपोर्ट पर 20 मिनट तक बैठे रहे गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी, उद्धव सरकार ने नहीं दिया प्लेन...हमारे जवानों का अपमान कर रही है सरकार, राजनाथ के बयान पर राहुल गांधी का पलटवार...कश्मीरियों के आत्मनिर्णय में नहीं पाकिस्तान की रुचि, अमेरिकी विशेषज्ञ की राय....ट्विटर की आनाकानी पर सख्त कार्रवाई की तैयारी, सरकार ने किया साफ, करना ही होगा कानून का पालन...

Hanumangarh


हनुमानगढ़, 10 फरवरी। मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत और श्री राहुल गांधी के 12 फरवरी को पीलीबंगा में किसान सभा को लेकर जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में जिला कलक्टर ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था, मजिस्ट्रेट नियुक्ति, वाहन व्यवस्था, सभा स्थल पर बिजली, पानी की व्यवस्था, एंबुलेंस, चिकित्सा व्यवस्था, फायर ब्रिगेड व्यवस्था, सेफ हाउस, वीआईपी पास और पत्रकारों को पास, सभा स्थल पर टेंट व माइक व्यवस्था इत्यादि को लेकर विस्तार से चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं चाक चौबंद करने के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक, वाहन व्यवस्था को लेकर जिला पूल के द्वारा सारे वाहन उपलब्ध करवाने, मजिस्ट्रेट नियुक्ति न्याय शाखा के प्रभारी अधिकारी, सभा स्थल पर बिजली की व्यवस्था को लेकर एसई बिजली, पानी को लेकर एसई पीएचईडी, नगरपालिका पीलीबंगा, एंबुलेंस को लेकर चिकित्सा विभाग, फायर ब्रिगेड की व्यवस्था नगरपालिका पीलीबंगा,सेफ हाउन पीडब्ल्यूडी, जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए पास एडीएम, समस्त वीआईपी व अन्य आंगतुकों के पास एसडीएम पीलीबंगा, व मीडिया के पास सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी हनुमानगढ़ जारी किए जाएंगे। बैठक में जिला कलक्टर श्री जाकिर हुसैन के अलावा एसपी श्रीमती प्रीति जैन, एडीएम श्री अशोक असीजा, सीईओ जिला परिषद श्री रामनिवास जाट, एडीश्नल एसपी श्री जस्साराम बोस समेत सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
संभागीय आयुक्त श्री भंवरलाल मेहरा भारतमाला प्रोजेक्ट की समीक्षा की
संभागीय आयुक्तए कलक्टर.एसपी ने राहुल गांधी और मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सभा स्थल पर तैयारियों का लिया जायजा
एसीएमएचओ डॉ. पवन कुमार ने किया चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण
अपने समाज की भलाई के लिए सौ प्रतिशत वैक्सीनेशन कराएं: डॉ. नवनीत शर्मा

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नई दिल्ली, 10 अक्टूबर 2019,जब से अमित शाह ने गृह मंत्री का कार्यभार संभाला है, तभी से गृह मंत्रालय हमेशा से ही चर्चा का विषय बना हुआ है. गृह मंत्रालय कब क्या कर रहा है, इसपर हर किसी की नज़र है. राष्ट्रपति भवन के पास नॉर्थ ब्लॉक में मौजूद गृह मंत्रालय के दफ्तर में अब चप्पे-चप्पे नज़र रखी जा रही है, दफ्तर में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं. इस मामले में ताजा अपडेट ये है कि पिछले हफ्ते से CCTV कैमरे लगने की शुरुआत जो हुई है अभी तक मंत्रालय की अहम लोकेशन पर पूरी हो चुकी है. नॉर्थ ब्लॉक-साउथ ब्लॉक में मौजूद दफ्तरों पर सुरक्षा काफी कड़ी रहती है, इसी के तहत यहां पर इन सभी काम को किया जा रहा है. गृह मंत्रालय की पूरी सुरक्षा CISF के हाथ में है, जो कि इन CCTV कैमरों की मदद से हर किसी पर नजर रखेंगे. CISF ने इनके अलावा बॉडी कैमरा, एक्स-रे मशीन और मेटल डोर डिटेक्टर भी सुरक्षा में तैनात किए हुए हैं. इनमें काफी सीसीटीवी कैमरे पहले फ्लोर पर लगेंगे, जहां पर गृह मंत्री, गृह राज्य मंत्री, गृह सचिव, सीबीआई डायरेक्टर, IB चीफ, ज्वाइंट सेक्रेटरी रहते हैं. गृह मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, इसे A रूटीन अपग्रेडशन कहा जाता है. ना सिर्फ गृह मंत्रालय बल्कि CCTV के कैमरे अब वित्त मंत्रालय में भी लगाए जा रहे हैं. CCTV से क्या होगा? साफ है कि इन कैमरों के लग जाने के बाद गृह मंत्रालय के हर कोने पर नज़र रहेगी और ये भी पता चलता रहेगा कि कौन किससे मिल रहा है. खास बात ये है कि मंत्रालय में मौजूद मीडिया रूम में भी कैमरे लगाए गए हैं, यानी कौन पत्रकार कब किससे मिल रहा है इसपर भी मंत्रालय की नज़र रहेगी. गृह मंत्रालय में हो रहे इस बदलाव पर मंत्रालय के अफसरों ने भी खुशी जताई है और इस बात का जिक्र किया है कि अब कौन-कब आ रहा है, इसपर आसानी से नज़र रखी जा सकेगी.
66वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का ऐलान, अंधाधुन बेस्ट हिंदी फिल्म, आयुष्मान और विकी कौशल बेस्ट ऐक्टर
विवादित वीडियो मामला: मुश्किल में एजाज खान, कोर्ट ने 1 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा
आर्टिकल 15 रिलीज, लोग बोले- आयुष्मान खुराना की एक और ब्लॉकबस्टर फिल्म
जल्द इंड‍िया लौट रहे हैं ऋषि कपूर, इस फिल्म में जूही चावला संग करेंगे काम

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राजसमंद प्रदेश में जहां लगातार महिला अपराध से जुड़े मामले उजागर हो रहे हैं। वहीं उसी बीच राजसमंद से 7 साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी की सारे हदें पार करने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार राजसमंद के भीम कस्बे के पेलाडोल में एक सात वर्षीय नाबालिग बच्ची से दरिंदगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासन के बीच हड़कंप मचा हुआ है। साथ ही वायरल वीडियो के आधार पर किसी ने चाईल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी है। इसके बाद टीम के सदस्यों ने पंहुचकर बच्ची की तलाश की और उसे भीम थाने पर ले जाकर आरोपी रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। बड़े पापा के घर रहती थी मासूम जानकारी के अनुसार थानेटा की रहने वाली बच्ची पेलाडोल में अपने बडे पापा के पास रह रही थी। पिछले तीन माह से उन लोगों ने इसे बन्दी बनाकर रखा था। साथ ही उससे घर का पूरा काम करवाया जाता था। जानकारी मिली है कि बच्ची की ओर से मना करने पर उसके शरीर पर सिगरेट से दागा जाता था। उसके गुप्तांगों में भी मिर्ची पाउडर डाल दिया गया था। इसके अलावा उसके गाल और कान को दांतो से काटा गया है। इसके शरीर मे कुछ फैक्चर होने की भी संभावना भी जताई जा रही है। इस घटना को सुनने के बाद अब हर कोई हैरान है। हर कोई यही सोच रहा है कि आखिरकार कोई भी व्यक्ति कैसे मासूम बच्ची के साथ इस तरह का हैवानियत भरा बर्ताव कर सकता है। किया रिश्तेदार को गिरफ्तार सूत्रों ने बताया कि बच्ची की हालत खराब होने के बाद अब चाइल्ड हेल्पलाइन ने उसे राजसमंद मुख्यालय लाकर बाल कल्याण समिती के सामने पेश किया है। उनके निर्देश पर प्राथमिक उपचार के लिये नाबालिग को जिला चिकित्सालय भिजवाया है। वहीं भीम पुलिस ने चाईल्ड लाईन की शिकायत पर देर रात आरोपी रिश्तेदार को भी गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व देवगढ़ में भी एक पिता की ओर से तीन बच्चों को लटकाकर छड़ी से बुरी तरह पीटने का वीडियो भी वायरल हुआ था।
SDM पिंकी मीना और पुष्कर मित्तल रिश्वतकांड में IPS पर शिकंजा ढीला
दौसा में Rape से मचा हड़कंप, एक ही घर की चार महिलाओं के साथ दरिंदगी
राजस्थान कांग्रेस की नई कार्यकारिणी घोषित, 7 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव और 24 सचिव के नामों का ऐलान
जयपुर-कोटा और बारां में भी हुई बर्ड फ्लू की पुष्टि , CM गहलोत ने दिए अधिकारियों को जरूरी निर्देश

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नई दिल्ली, ट्विटर हैंडल पर फार्मर्स जेनोसाइड हैशटैग से जुड़े सभी यूआरएल को ब्लॉक करने में आनाकानी पर सरकार ट्विटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर सकती है। सरकार का कहना है कि ट्विटर सरकार के निर्देश का पालन आधे-अधूरे मन से कर रहा है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। ट्विटर को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आइटी एक्ट) के तहत गठित कमेटी की तरफ से निर्देश दिए गए थे जिनका पालन 48 घंटे में हो जाना चाहिए था। ट्विटर को दिए गए सख्‍त निर्देश बुधवार की देर शाम ट्विटर के शीर्ष प्रबंधन की गुजारिश पर आइटी सचिव ने उनसे वर्चुअल मुलाकात की। सूत्रों के मुताबिक ट्विटर को कहा गया कि भारत के कानून का पालन करना ही होगा और भारतीय व्यवस्थाओं के मुताबिक यहां कारोबार करना होगा। ऐसा नहीं करने पर आइटी कानून की धारा 69ए के तहत ट्विटर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी जिसमें जेल की सजा तक का प्रविधान है। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट को स्पष्ट बता दिया है कि निर्देशों के आधे-अधूरे पालन से काम नहीं चलेगा और भारत में कारोबार करने के लिए उन्हें भारत की संवैधानिक कमेटी के निर्देश का पूरी तरह से पालन करना होगा। अचरज की बात यह है कि मुलाकात से पहले ही ट्विटर की तरफ से फिर से बयान जारी कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी दिए हैं प्रविधान ट्विटर को यह सुप्रीम कोर्ट के कई मामलों के हवाले से यह भी बताया गया कि बोलने की स्वतंत्रता के अधिकार तब अधिकार नहीं रह जाता है जब उससे कानून व्यवस्था व सामाजिक व्यवस्था पर खतरा हो। भड़काने के लिए किए गए ट्वीट सरकार ने ट्विटर को गत 31 जनवरी को फार्मर्स जेनोसाइड से जुड़े 257 यूआरएल को निष्क्रिय करने का निर्देश दिया था, लेकिन अब तक सिर्फ 126 यूआरएल के खिलाफ कार्रवाई हुई। वैसे ही, सरकार ने 1,178 वैसे ट्विटर अकाउंट को भी ब्लॉक करने का निर्देश दिया था जो पाकिस्तान व खालिस्तान समर्थक हैं और वे किसान आंदोलन के नाम पर भारत में अशांति और उपद्रव भड़काने के लिए ट्वीट कर रहे थे। ट्विटर ने सिर्फ 583 अकाउंट को बंद किया है। दुष्प्रचार वाले ट्वीट को हटाने में आनाकानी मंत्रालय के मुताबिक ट्विटर ने अमेरिका के कैपिटल हिल हिंसा मामले में वहां की सरकार के निर्देश का तुरंत पालन किया, लेकिन किसानों के नरसंहार जैसे भ्रामक व दुष्प्रचार वाले ट्वीट को हटाने में आनाकानी और अभिव्यक्ति की आजादी का पाठ भारत को पढ़ा रहा है। ऐसे ट्वीट देश की अखंडता के लिए खतरनाक इस प्रकार के ट्वीट भारत की एकता एवं अखंडता के लिए खतरनाक हो सकते हैं और 'मोदी प्लान्स फार्मर्स जेनोसाइड' जैसे हैशटैग अभिव्यक्ति की आजादी नहीं हो सकती। मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक देश का संविधान अभिव्यक्ति की आजादी देता है, लेकिन देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए एक सीमा तक उसे रोकने का भी हक सरकार को देता है।
रक्षा मंत्री का बड़ा बयान- खत्म हुआ भारत-चीन सीमा विवाद तनाव, लद्दाख में पैंगोंग झील से पीछे हटेंगे चीनी सैनिक
बंगाल चुनाव से पहले अमित शाह का मास्टर स्ट्रोक- नारायणी सेना बटैलियन का ऐलान
हमारे जवानों का अपमान कर रही है सरकार, राजनाथ के बयान पर राहुल गांधी का पलटवार
सेना वापसी समझौते में भारत ने कुछ नहीं खोया, पैंगोंग झील में पीछे हट रहा चीन

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नई दिल्ली भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सीनियर वैज्ञानिक ने सनसनीखेज दावा किया है। तपन मिश्रा ने खुद को मारने की कोशिश के आरोप लगाए हैं। सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्हें खाने में जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि जान का दुश्मन कौन है, इस बारे में कोई आइडिया नहीं है। अहमदाबाद स्पेस एप्लिकेशन सेंटर के पूर्व निदेशक तपन मिश्रा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि 3 साल पहले बेंगलुरु में इसरो के हेडक्वार्टर में एक कार्यक्रम के दौरान उनकी जान लेने की कोशिश की गई थी। 23 मई 2017 को खाने के दौरान डोसे की चटनी में आर्सेनिक ट्राइऑक्साइड मिलाया गया था। इसकी वजह से पूरे शरीर में ब्लड क्लॉटिंग के बाद हार्ट अटैक से मौत हो जाती है। वैज्ञानिक ने बताया कि खाना अच्छा नहीं लगने की वजह से उन्होंने कम ही खाया, जिससे जान तो बच गई लेकिन शरीर पर रिएक्शन देखने को मिला। उन्होंने बताया कि दो साल तक इलाज चला। पोस्ट के साथ मेडिकल रिपोर्ट और पैरों की तस्वीर भी शेयर की। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद दो और बार भी उन्हें मारने की कोशिश हुई। इसी जनवरी महीने में रिटायर होने जा रहे तपन ने बताया कि उन्हें त्वचा संबंधी समस्याएं, फंगल इन्फेक्शन, दिल का दौरा, न्यूरोलॉजिकल समस्याएं, हड्डियों में सेंसेशन होता रहा। उन्होंने विक्रम साराभाई से लेकर अन्य कई वैज्ञानिकों की रहस्यमयी मौत का जिक्र करते हुए कहा कि इससे पहले कोई घटना हो जाए, लोगों को पता चलना चाहिए कि मेरे साथ क्या हुआ। तपन ने स्पष्ट रूप से किसी के बारे में नहीं कहा लेकिन इतना बताया कि कुछ बाहरी ताकतें नहीं चाहतीं कि इसरो के वैज्ञानिक आगे बढ़ें और कम लागत में सारे सिस्टम तैयार करें। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय जासूसी हमला करार देते हुए कहा कि कमर्शल और सैन्य महत्व के उपकरण बनाने वाले वैज्ञानिकों को रास्ते से हटाने के लिए निशाना बनाया जा रहा है।
योगी लाएंगे लव जिहाद पर कानून, सीधे विरोध-समर्थन से बच रहे हैं विपक्षी दल
प्रॉपर्टी कार्ड देकर बोले PM, तकलीफ हो तो भी बच्चों को पढ़ाइए, राजमिस्त्री बनने पर मजबूर मत करिए
शाहीन बाग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी,
पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर बोले पीएम मोदी- किसानों, श्रमिकों से वादे बहुत किए काम नहीं किया, अब काम हुआ तो फैला रहे झूठ

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taaja khabar...काला धनः भारत को स्विस बैंक में जमा भारतीयों के काले धन से जुड़ी पहली जानकारी मिली...SPG सिक्यॉरिटी पर केंद्र सख्त, विदेश दौरे पर भी ले जाना होगा सिक्यॉरिटी कवर, कांग्रेस बोली- निगरानी की कोशिश....खराब नहीं हुआ था इमरान का विमान, नाराज सऊदी प्रिंस ने बुला लिया था वापस ....करीबियों की उपेक्षा से नाराज हैं राहुल गांधी? ताजा घटनाक्रम और कुछ कांग्रेस नेता तो इसी तरफ इशारा कर रहे हैं....2 राज्यों के चुनाव से पहले राहुल गांधी गए कंबोडिया? पहले बैंकॉक जाने की थी खबर...2019 में चिकित्सा क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार का ऐलान, 3 वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से मिला...चीन सीमा पर तोपखाने की ताकत बढ़ा रहा भारत, अरुणाचल प्रदेश में तैनात करेगा अमेरिकी तोप....J-K: पुंछ में PAK ने की फायरिंग, सेना ने दिया मुंहतोड़ जवाब ...राफेल में मिसाइल लगाने वाली कंपनी बोली, ‘भारत को मिलेगी ऐसी ताकत जो कभी ना थी’ ..

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