taaja khabar..जबलपुर के न्यू लाइफ हॉस्पिटल में भीषण आग, 4 लोगों की मौत, कई झुलसे..कानपुर के प्राइवेट स्कूल में बच्चों को रटवाया कलमा, घर में पढ़ने लगे तो खुली पोल, पैरेंट्स ने किया विरोध..4 अगस्‍त तक ED की कस्‍टडी में रहेंगे संजय राउत, PMLA कोर्ट से नहीं मिली राहत..आमिर खान के बदले सुर, कहा- मुझे देश से प्यार है, लाल सिंह चड्ढा का बॉयकॉट न करें प्लीज..संहार हथियारों के वित्त पोषण को रोकने के प्रावधान वाले विधेयक को संसद की मंजूरी..राज्यसभा में गतिरोध कायम, हंगामे के बीच दो विधेयक पारित..आईपीएस अधिकारी संजय अरोड़ा ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त के तौर पर कार्यभार संभाला..सिसोदिया व जैन को बर्खास्त करने की मांग को लेकर केजरीवाल के घर के बाहर धरने पर बैठे भाजपा नेता..

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नयी दिल्ली,राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मिले अधिकारों को लेकर आए उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बुधवार को कहा कि इस फैसले के बाद केंद्र सरकार द्वारा ईडी का राजनीतिक इस्तेमाल बढ़ सकता है। गहलोत ने ट्वीट किया, ‘‘पीएमएलए एवं ईडी के अधिकारों पर माननीय उच्चतम न्यायालय का फैसला निराशाजनक एवं चिंताजनक है। देश में पिछले कुछ वर्षों से जो तानाशाही का माहौल बना हुआ है, इस फैसले के बाद केन्द्र सरकार द्वारा ईडी का राजनीतिक इस्तेमाल और अधिक करने की आशंका बढ़ जाएगी।’’ इससे पहले, गहलोत ने आज सोनिया गांधी से ईडी की पूछताछ को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा और कहा कि जांच एजेंसियों के माध्यम से आतंक पैदा कर दिया गया जिससे पूरा देश दुखी है। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को मिले अधिकारों का समर्थन करते हुए बुधवार को कहा कि धारा-19 के तहत गिरफ्तारी का अधिकार, मनमानी नहीं है। न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति सी. टी. रवि कुमार की पीठ ने पीएमएलए के कुछ प्रावधानों की वैधता को बरकरार रखते हुए कहा कि धारा-5 के तहत धनशोधन में संलिप्त लोगों की संपति कुर्क करना संवैधानिक रूप से वैध है।
जयपुर: राजस्‍थान की अशोक गहलोत सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने राजस्‍थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) के 27 अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए हैं। साथ ही 11 एसडीओ और एक एसडीएम का भी तबादला किया गया है। रविवार देर रात इसको लेकर राज्य के कार्मिक विभाग ने आदेश जारी किए। इस आदेश के तहत आकाश तोमर को परिवहन राज्य मंत्री बृजेंद्र ओला का विशिष्ट सहायक, विवेक कुमार को राजस्‍थान राज्‍य समाज कल्‍याण बोर्ड का सचिव और रजनी सिंह को अतिरिक्‍त आयुक्‍त (भू प्रबंध) पद पर तैनात किया गया है। गहलोत सरकार के आदेश में भरतपुर जिले में दो बड़े बदलाव सामने आए हैं। यहां सुरेश कुमार यादव को अतिरिक्त जिला कलेक्टर भरतपुर और त्रिलोक चंद मीणा को उपखंड अधिकारी बयाना लगाया गया है। इसके अलावा खेमाराम यादव को अल्पसंख्यक आयोग में सचिव, रविंद्र कुमार को जोधपुर विकास प्राधिकरण में उपायुक्त, कैलाश चंद गुर्जर को उपखंड अधिकारी बेंगू, रतन लाल योगी को सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग, एकता काबरा को उपखंड अधिकारी सांगानेर जयपुर, सुरेंद्र प्रसाद को उपखंड अधिकारी सीकरी, सरिता मल्होत्रा को कार्यकारी निदेशक राज्य भ्रष्टाचार नियंत्रण प्रकोष्ठ में लगाया गया है। एक महीने पहले ही पांच आरएएस के हुए थे ट्रांसफर उल्लेखनीय है कि प्रदेश में बीते कुछ समय से प्रशासनिक फेरबदल देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश के कई विभागों में इन दिनों ट्रांसफर की खबर मिल रही है। वहीं आरएएस ट्रांसफर की बात करें, तो इससे पहले राजस्थान सरकार ने जून के पहले सप्ताह में पांच आरएएस के देर रात तबादले किए थे, जिनमें ऋषिबाला श्रीमाली, हेमेंद्र नागर, राजीव द्विवेदी, अकील अहमद खान व प्रवीण कुमार मीणा शामिल थे। IAS के भी हुए तबादले , टीना डाबी को बनाया जैसलमेर कलेक्टर बता दें कि इसी महीने 5 जुलाई को प्रदेश में 33 आइएएस, 16 आइपीएस और 36 आइएफएस अफसर भी तबादले हुए थे। इस लिस्ट में चर्चित आईएएस टीना डाबी और उनके पति प्रदीप गवांडे भी शामिल थे। इस आदेश के बाद टीना डाबी को जैसलमेर का जिला कलेक्टर बनाया गया।
जयपुर: भरतपुर के ब्रज क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन के विरोध में खुद को आग लगाने वाले बाबा विजयदास का दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में निधन हो गया। बाबा विजयदास के निधन के बाद राजस्थान की सियासत भी गर्मा गई है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार को संत विजयदास की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, सांसद दीया कुमारी और कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ट्वीट करके प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। दरअसल आरोप यह भी है कि पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के कार्यकाल में भी ब्रज क्षेत्र में अवैध खनन शुरू हुआ था। उस दौरान राजे ने प्रशासन को सख्त निर्देश देकर अवैध खनन को बंद करवाया था। इस दौरान कांग्रेस ने भी राजे सरकार को खूब घेरा था। मीडिया रिपोटर्स के अनुसार कांग्रेस जब सत्ता में आई, तो उनके शासनकाल में भी फिर से खनन शुरू हो गया। अब संत विजयदास के आत्मदाह और निधन के बाद फिर से यह मुद्दा विवादों में आ गया है। अवैध खनन को सूचीबद्ध करके रोका जाना चाहिए था पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए संतों को आन्दोलन करना पड़ा। यहां तक कि एक संत तो आत्मदाह के लिए मजबूर होना पड़ा। अगर राज्य सरकार कहां-कहां अवैध खनन हो रहा है, उसे सूचीबद्ध कर बंद करवाती तो यह स्थिति नहीं होती। राज्य सरकार नक्शों के आधार पर अवैध खनन को चिन्हित कर इसे सख्ती के साथ रोकें। अवैध खनन के खिलाफ संत ने प्राणों की आहूति दे दी भाजपा सांसद दीया कुमारी ने ट्वीट किया कि भरतपुर जिले के पसोपा गांव में आन्दोलनरत संत विजयदास जी के दिल्ली में इलाज के दौरान ब्रह्मलीन होने के दुखद सामाचार मिले। ईश्वर उन्हे अपने श्रीचरणों में स्थान दे। दीया ने आगे लिखा कि ब्रज 84 कोस क्षेत्र को अवैध खनन से बचाने के लिए बाबा विजयदास ने अपने प्राणों की आहुती दे दी मगर संवेदन शून्य सरकार ने उन्हें अग्निस्नान के लिए विवश कर दिया। कहीं धार्मिक हिंसा तो कहीं भूमाफिया की मनमानी, कांग्रेस के जंगल राज में मासूम जनता आखिर कब तक अपने प्राणों की बलि देती रहेगी। संत का आत्मदाह करना सरकार के माथे पर कलंक : राजेन्द्र राठौड़ उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि हठधर्मी कांग्रेस सरकार के खिलाफ भरतपुर में प्रदर्शन करते हुए आत्मदाह को मजबूर हुए बाबा विजयदास का निधन होना अत्यंत दुखद है। संत का आत्मदाह करना गहलोत सरकार के माथे पर ऐसा कलंक है जो सरकार के अंत का कारण बनेगा। राठौड़ ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सोनिया गांधी के समर्थन में दिल्ली दरबार में जी-हुजूरी करने में व्यस्त मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती संत से मिलने तक की फुर्सत नहीं मिली। ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दे। खनन माफियाओं और मजहबी माफियाओं पर सरकार की कृपा बनी हुई- कर्नल राठौड़ जयपुर ग्रामीण सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गहलोत सरकार को संत विजयदास की मृत्यु का जिम्मेदार ठहराया है। राठौड़ ने ट्वीट किया कि प्रदेश में खनन माफिया हो या मजहबी माफिया, कांग्रेस सरकार की इन पर जो कृपा दिखती है, उसी से प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है। कहीं न कहीं गहलोत सरकार और माफियाओं के बीच साठगांठ बाबा विजयदास की मृत्यु की जिम्मेदार है। जब तक दोषी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाए, तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे। 500 दिन से अधिक समय से विरोध , सरकार ने परवाह क्यों नहीं की : सतीश पूनिया बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी साधु की मौत के लिए राजस्थान सरकार जिम्मेदार ठहराया है। पूनिया ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि " वे 500 दिन से अधिक समय से विरोध कर रहे थे लेकिन सरकार ने परवाह नहीं की। सरकार खनन माफिया के अधीन है। जानिए क्या है मामला मीडिया रिपोटर्स के अनुसार राजस्थान के भरतपुर में ब्रज क्षेत्र की पहाड़ियों में हो रहे खनन को लेकर लगातार विरोध जताया जा रहा है। इसे लेकर यहां साधु संत पिछले 550 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। संत इस मुद्दे पर सरकार की ओर से सुनवाई नहीं किए जाने की नाराजगी जता रहे थे। मामले में बढ़ती नाराजगी के बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रहे बाबा हरि बोल दास ने आत्मदाह की चेतावनी तक सरकार को दी दे थी। 20 जुलाई को आंदोलन को तेज करने का अल्टीमेटम दिया गया। इसके बाद साधु संतों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह आगे आए। मंत्री विश्वेंद्र सिंह और साधुओं के बीच वार्ता का दौर शुरू हुआ, लेकिन इसी बीच मांग मंगवाने के लिए पहले यहां बाबा नारायण दास मोबाइल टॉवर पर चढ़ गए। वहीं इसके बाद बाबा विजयदास से आत्मदाह का प्रयास करते हुए खुद को आग लगा ली।
जयपुर:अवैध खनन को लेकर राजस्थान के भरतपुर में आंदोलन कर रहे साधु संतों में एक बाबा विजयदास की ओर से आत्मदाह के प्रयास के बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई है। बाबा विजयदास उन्हीं संतों की टोली में शामिल थे, जो जिले के पसोपा गांव में पहाड़ों पर हो रहे अवैध खनन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। गुरुवार को उन्होंने आंदोलन के दौरान खुद को आग लगा ली थी। इसके बाद शुक्रवार देर रात को दिल्ली के सफदरजंग में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मिली जानकारी के अनुसार उनके पार्थिव शरीर को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। आज शनिवार को जिले के बरसाना क्षेत्र में उनका अंतिम संस्कार होगा। जिले के डीग क्षेत्र में आदिबद्री धाम और कनकाचल में हो रहे अवैध खनन के विरोध में साधु-संत आंदोलन कर रहे थे। 20 जुलाई को बड़ी संख्या में साधु-संत विरोध करने के लिए जुटे। इसी दौरान आंदोलन स्थल पर संत विजयदास (65 साल) ने आत्मदाह कर लिया। पुलिस और अन्य लोगों ने उन्हें फौरन कंबल में लपेट दिया, लेकिन तब तक वह 80 फीसदी जल चुके थे। उन्हें आरबीएम अस्पताल में भर्ती करवाया गया लेकिन उनकी हालत गंभीर होने पर उन्हें पहले जयपुर के एसएमएस अस्पताल, फिर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती करवाया गया। कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह से चल रही थी वार्ता संतों की ओर से अवैध खनन को लेकर किए जा रहे आंदोलन में कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह से वार्ता चल रही थी, लेकिन इसी बीच संत विजयदास ने खुद को आग लगा ली। संतों के आंदोलन के चलते भरतपुर की दो तहसील नगर और पहाड़ी में इंटरनेट सेवा भी बंद की गई थी। वहीं इसी आंदोलन के दौरान बाबा नारायण दास भी मोबाइल टॉवर पर चढ़ गए थे, जिन्हें समझाइश के बाद लगभग 48 घंटे बाद नीचे उतारा जा सका था।
भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा में कांग्रेस नेता के बेटे और किराना व्यापारी संजय सोमानी की हत्या का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। हत्याकांड में कार में खून से सना शव और दो चाकू मिलने से इलाके में हड़कंप है। वहीं इस हत्याकांड के विरोध में मंगरोप कस्बे के बाजार पूरी तरह से बंद रहे। एक ही रात में भीलवाड़ा शहर में चाकूबाजी की हुई दो घटनाओं में एक व्यापारी की हत्या और दो भाइयों के घायल होने से नागरिकों में खासा आक्रोश व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि चाकू से गला रेत कर मारे गए किराने के होलसेल व्यापारी संजय सोमानी के पिता भेरू लाल सोमानी दो बार मंगरोप नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रह चुके हैं । साथ ही मां चंद्रकला सोमानी मंगरोप ग्राम पंचायत की सरपंच रह चुकी है। ऐसे हुई थी किराना व्यापारी की हत्या बताया जा रहा है कि मंगलवार रात को व्यापारी संजय सोमानी अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहा था , तभी उसके हत्या हुई। घटना का खुलासा तब हुआ कि राहगीरों ने कार में खून से सना देख पुलिस को सूचना दी पुलिस ने कार से दो चाकू भी बरामद किए हैं। कार में खून से सना शव मिलने की सूचना पर भीलवाड़ा के एसपी आदर्श सिद्धू पुलिस उप अधीक्षक रामचंद्र ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का जायजा लिया। मृतक व्यापारी के शव का आज पोस्टमार्टम करवाया गया। हत्या के विरोध में मंगरोप कस्बे के बाजार व्यापारियों ने बंद रखकर आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। भीलवाड़ा एसपी आदर्श सिद्धू ने कहना है कि बताया कि किराना व्यापारी की हत्या के बाद से उसकी दुकान पर पहले काम करने वाला कर्मचारी राहुल रेगर भी गायब है। यह जानकारी भी मिल रही है कि व्यापारी दुकान से नकदी लेकर निकला था। हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश हो सकती है। वहीं लूटपाट के ऐंगल से जांच जारी है।
जयपुर, केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू बुधवार को जयपुर पहुंचीं और राज्य के भाजपा सांसदों तथा विधायकों से समर्थन मांगा। राष्ट्रपति पद के लिए 18 जुलाई को मतदान होना है। मतगणना 21 जुलाई को होगी। वर्तमान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को समाप्त हो रहा है। मुर्मू नई दिल्ली से विशेष विमान से यहां पहुंचीं। हवाई अड्डे पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल और अन्य भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। यहां एक होटल में उनका, भाजपा सांसदों और विधायकों से मिलने का कार्यक्रम रखा गया था। नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, " देश में सर्वोच्च पद के चुनाव के लिए एक आदिवासी महिला को उम्मीदवार बनाना बहुत महत्वपूर्ण है।" आदिवासी समुदाय के विभिन्न समूहों ने भी मुर्मू के स्वागत में लोक प्रस्तुतियां दीं। बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता उनके स्वागत के लिए हवाई अड्डे के बाहर एकत्रित थे। उल्लेखनीय है कि 200 सदस्यीय राजस्थान विधानसभा में भाजपा के 71 विधायक हैं। राज्य से पार्टी के 24 लोकसभा सदस्य और चार राज्यसभा सदस्य हैं।
जयपुर:उदयपुर में हुए कन्हैयालाल साहू हत्याकांड (Kanahiya lal udaipur ) से जुड़ी चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। एनआईए (NIA) सूत्रों के मुताबिक आतंकियों के निशाने पर केवल कन्हैया लाल साहू ही नहीं बल्कि वे सभी लोग थे। जिन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि आतंकियों ने नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले सभी लोगों के सिर कलम करने की तैयारी कर ली थी। तालिबानी तरीके से गला काटने के दौरान वीडियो बनाने और दहशत फैलाने के लिए उसे वायरल करना भी प्लान का हिस्सा था। आतंकियों की इस गैंग ने राजस्थान के उन सभी लोगों की लिस्ट बनाई थी, जिन्होंने सोशल मीडिया पर नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट की थी। अलग अलग लोगों की हत्या के लिए अलग अलग आतंकियों को जिम्मेदारी दी गई थी ,लेकिन कन्हैयालाल की हत्या के 4 घंटे बाद ही हत्यारे मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद की गिरफ्तारी हो गई। पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां एक्टिव हो गई। इस वजह से आतंकी अन्य वारदातों को अंजाम नहीं दे सके। राजस्थान के 40 लोगों को दी गई आतंक की ऑनलाइन ट्रेनिंग भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के विवादित बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई पोस्ट वायरल हुई। पाकिस्तान के दावत ए इस्लामी संगठन ने नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने वालों को टारगेट किया। उन्हें सबक सिखाने और दहशत फैलाने के लिए आतंकी घटनाओं को अंजाम देना तय किया। हत्या की वारदातों को अंजाम देने के लिए राजस्थान के 6 जिलों में रहने वाले 40 लोगों को तैयार किया गया। पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया ग्रुप भी वीडियो हुए थे वायरल दावत ए इस्लामी संगठन की ओर से आतंकी घटनाओं के लिए तैयार होने वाले लोगों को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई। उन्हें बताया गया कि किस तरह से तालिबानी तरीके से हत्या की वारदात को अंजाम देना है। वारदात के दौरान वीडियो शूट करना है और उसके बाद वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करना है। दावत ए इस्लामी संगठन से जुड़े आतंकी एक दूसरे से संपर्क में थे। कन्हैया लाल की हत्या का वीडियो भी सोशल मीडिया के जरिए दावते इस्लामी संगठन से जुड़े सभी लोगों के पास पहुंच गया था। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया ग्रुप में भी वह वीडियो वायरल हुआ था। मोहम्मद रियाज और गौस के मोबाइल में कई पाकिस्तानी नंबर मिले कन्हैया लाल का सिर धड़ से अलग करने वाले मोहम्मद रियाज अत्तारी और गौस मोहम्मद के मोबाइल खंगालने पर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। एनआईए सूत्रों के मुताबिक अत्तारी और गौस के मोबाइल में कई पाकिस्तानी मोबाइल नंबर सेव थे। पिछले 1 साल से वे पाकिस्तानी मोबाइल नंबर पर लगातार बातचीत करते थे। मोहम्मद रियाज तारीख और गौस मोहम्मद पिछले 1 साल से दावत ए इस्लामी संगठन से जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने राजस्थान के जिलों के युवकों को दावत ए इस्लामी संगठन से जोड़ा। एनआईए की टीम कन्हैया लाल साहू हत्याकांड से जुड़े सात आतंकियों को गिरफ्तार कर चुकी है। आतंकियों के पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए एनआईए की धरपकड़ अभी भी जारी है।
नई दिल्ली/उदयपुर: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पिछले महीने दर्जी कन्हैया लाल (Kanhaiya Lal Murder) की हत्या के सिलसिले में राजस्थान के उदयपुर जिले में नौ जगहों पर मंगलवार को तलाशी ली। एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा, मामले में आरोपियों और संदिग्धों के परिसरों में तलाशी के दौरान डिजिटल उपकरण (मोबाइल फोन, लैपटॉप और सिम कार्ड) और अपराध से संबंधित अन्य सामग्री जब्त की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है। कन्हैया लाल (48) की पिछले महीने हत्या कर दी गई थी। रियाज अख्तरी और गौस मोहम्मद ने एक वीडियो ऑनलाइन पोस्ट कर कहा था कि उन्होंने इस्लाम के कथित अपमान का बदला इस हत्या से लिया है। एनआईए ने 29 जून को इस मामले में जांच संभाली थी। इन दोनों के खिलाफ सबूत के तौर पर खुद का बनाया वीडियो है। इनके अलावा सुरक्षा एजेंसियों ने दो और लोगों- मोहसिन और आसिफ की पहचान की, जिन पर कथित तौर पर लोगों के बीच आतंक फैलाने की साजिश का हिस्सा होने का आरोप है। दो और व्यक्तियों - मोहम्मद मोहसिन और वसीम को बाद में आपराधिक साजिश का हिस्सा होने और दर्जी की दुकान की रेकी करने में दो मुख्य आरोपियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। सातवां आरोपी फरहाद मोहम्मद शेख इस मामले में गिरफ्तार होने वाला अंतिम व्यक्ति था। जयपुर की एक अदालत ने मंगलवार को रियाज अख्तरी, गौस मोहम्मद और फरहाद मोहम्मद शेख की पुलिस हिरासत शनिवार तक के लिए बढ़ा दी और बाकी चार आरोपियों को एक अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सभी आरोपियों को मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच एनआईए अदालत में पेश किया गया।
जयपुर: देश में विपक्षी दलों के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा (opposition's candidate Yashwant Sinha) ने सोमवार को कहा कि पिछले पांच साल में देश ने एक 'खामोश राष्ट्रपति' को देखा। सिन्हा ने कहा कि वह नहीं जानते हैं कि इन चुनावों के बाद उनका क्या हश्र होगा, लेकिन अगर वह राष्ट्रपति चुने गए तो ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) जैसी सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग रुक जाएगा। राष्ट्रपति पद के लिये विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार सिन्हा ने सोमवार को यहां संवाददाताओं से यह बात कही, इस अवसर पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद थे। यह पूछे जाने पर कि मौजूदा राष्ट्रपति के कार्यकाल को कैसे देखते हैं, सिन्हा ने कहा, '... पिछले पांच साल की बात अगर हम करें तो हम कहेंगे कि यह राष्ट्रपति भवन का एक खामोशी का दौर था। हम लोगों ने एक खामोश राष्ट्रपति देखा।' ...दुरुपयोग को पूरी तरह से रोका जायेगा उन्होंने कहा, 'पिछला पांच साल एक खामोशी का दौर रहा और जो राष्ट्रपति का संवैधानिक दायित्व है उसका उतना उपयुक्त पालन नहीं हुआ जितना होना चाहिए था।’ सिन्हा ने कहा कि 'बहुत सारे मुद्दो पर प्रधानमंत्री को बोलना चाहिए और कुछ मुद्दों पर राष्ट्रपति को भी बोलना चाहिए...राष्ट्रपति कम से कम प्रधानमंत्री को बुलाकर इन विषयों पर चर्चा तो कर सकते थे।' उन्होंने कहा, 'मैं आपसे दो वादा करके जाना चाहता हूं एक तो यह कि अगर मैं राष्ट्रपति चुना गया तो शपथ लेने के दूसरे दिन से ये जो सरकारी एजेंसियों का दुरूपयोग हो रहा है, सरकार के द्वारा वह रूक जायेगा.. इस दुरूपयोग को पूरी तरह से रोका जायेगा।' प्रतिनिधि पर दबाव बनाये कि गलत का साथ मत दो उन्होंने कहा कि इसके साथ ही वह प्रधानमंत्री से कहेंगे कि वह उन मुद्दों पर बोलें जिन पर बोलने की अपील मुख्यमंत्री गहलोत व अन्य नेता उनसे कर रहे हैं। राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव 18 जुलाई को होना है। सिन्हा ने इसे वोटिंग प्रक्रिया में भाग लेने वाले सभी जनप्रतिनिधियों के लिए बड़ा मौका बताते हुए कहा, 'असाधारण परिस्थिति में इस बार राष्ट्रपति का चुनाव हो रहा है। इसमें आम जनता तो वोट नहीं देती है, लेकिन उसके चुने हुये प्रतिनिधि ही वोट देते हैं लेकिन आम जनता का यह कर्त्तव्य बनता है कि वो अपने चुने हुए प्रतिनिधि पर दबाव बनाये कि गलत का साथ मत दो, जो सही है उसका साथ दो।' ...क्योंकि कभी भी वो आक्रमण कर सकते है उन्होंने कहा, 'हम केवल एक राजनीतिक दल से नहीं लड़ रहे। हम सरकार की उन एजेंसियों से भी लड़ रहे हैं जो लोगों को परेशान करने के लिये इस्तेमाल की जा रही हैं। तो लड़ाई ईडी से है.. लड़ाई इनकम टैक्स से है, लड़ाई सीबीआई है और मैं जानता नहीं हूं कि इस चुनाव के बाद मेरा क्या हश्र होगा।' देश में चुनी हुई सरकारों को गिराने को लेकर परोक्ष रूप से भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘मैं बहुत लंबे अर्से से प्रशासन और राजनीति में रहा हूं ऐसा माहौल मैंने कभी देश में नहीं देखा है इनका एकमात्र उद्देश्य है कि केवल हम राज करेंगे ओर हम किसी दूसरे को सत्ता में बर्दाश्त नहीं करेंगे।’ साल 2020 में राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर आये राजनीतिक संकट की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘गहलोत ने यहां उनका मुकाबला किया और उनको परास्त किया लेकिन सतत सावधानी की आवश्यकता है क्योंकि कभी भी वो आक्रमण कर सकते है।’
अजमेर: नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) को लेकर भड़काऊ और विवादित वीडियो बनाकर उसे वायरल (Viral video Nupur sharma ) करने के मामले में गिरफ्तार हिस्ट्रीशीटर सलमान चिश्ती (Salman Chishti Remand ) को रिमांड पूरी होने के बाद रविवार को कोर्ट में पेश किया गया। तीसरे दिन न्यायालय में पेश किए जाने के बाद यहां से उसे एक दिन के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है। दरगाह थाना अधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि आरोपी सलमान चिश्ती की चार दिन की रिमांड पूरी हो चुकी थी, लिहाजा आज उसे कोर्ट में पेश किया जाना था। रविवार होने के चलते सलमान चिश्ती को अवकाशकालीन न्यायालय में पेश किया था। यहां कोर्ट ने आरोपी सलमान को कल तक ज्यूडिशयल कस्टडी में रखने का आदेश दिया है। दरगाह थाना अधिकारी दलबीर सिंह ने बताया कि पुलिस ज्यूडिशयल कस्टडी पूरी होने के बाद फिर से आरोपी सलमान चिश्ती को कोर्ट में पेश करेगी। इसके बाद कोर्ट की ओर से जो आदेश दिया जाएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपी हिस्ट्रीशीटर सलमान की ओर से विवादित वीडियो वायरल मामले मे विभिन्न मुद्दों पर अनुसंधान कर रही है। पुलिस आरोपी सलमान का 4 दिन का रिमांड ले चुकी है, जिसमें आरोपी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुई है। 4 दिन के रिमांड के दौरान चिश्ती के मोबाइल की भी हुई जांच उल्लेखनीय है कि चिश्ती को पहले सेंट्रल जेल में भेजा गया था , लेकिन सेट्रल जेल की ओर से मना किए जाने के बाद उसे अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट किया गया। बताया जा रहा है कि 4 दिन के रिमांड के दौरान उसके मोबाइल की भी जांच की गई है । साथ ही इससे कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ की गई है। वहीं इसके मोबाइल में कई ऐसी जानकारियां मिली है ,जिन्हें अभी बताना उचित नहीं है। इसके मोबाइल में काफी कुछ मिला है, जो उसकी कई मामले में संदिग्धता बढ़ा रहा है। इस संबंध में पुलिस समय आने पर खुलास करेगी। फिलहाल 10 जुलाई को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद चिश्ती को हाई सिक्योरिटी जेल में 1 दिन के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है । मामले में अनुसंधान जारी है।
जयपुर, पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान के झालावाड़, धौलपुर और कोटा जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई। वहीं, राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार सुबह साढ़े आठ बजे तक झालावाड़ के खानपुर में सर्वाधिक 72 मिलीमीटर और बीकानेर शहर में 64 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं, बसेड़ी, बीकानेर और छबड़ा में छह-छह सेंटीमीटर, जबकि सीकर तहसील, बयाना कस्बा और बीकानेर तहसील में पांच-पांच सेंटीमीटर बारिश हुई। राज्य में कई अन्य स्थानों पर एक सेंटीमीटर से चार सेंटीमीटर के बीच पानी बरसा। विभाग के अनुसार, रविवार शाम साढ़े पांच बजे तक चूरू में 71 मिलीमीटर, भीलवाड़ा में 29 मिलीमीटर, धौलपुर में 23.5 मिलीमीटर, वनस्थली में 17 मिलीमीटर, कोटा-बीकानेर में 13-13 मिलीमीटर, बूंदी में 10 मिलीमीटर, सीकर में आठ मिलीमीटर, अजमेर में 6.7 मिलीमीटर, चित्तौड़गढ़ में छह मिलीमीटर, करौली में दो मिलीमीटर, डबोक (उदयपुर) में 1.4 मिलीमीटर और जयपुर में 1.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। विभाग के मुताबिक, राज्य के अधिकांश स्थानों पर रविवार को अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से लेकर 34 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। वहीं, शनिवार रात का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से लेकर 30.2 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि उड़ीसा के ऊपर रविवार को भी कम दबाव का एक क्षेत्र बना हुआ है और मानसून टर्फ लाइन बीकानेर, सीकर तथा कम दबाव क्षेत्र से होकर गुजर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य के अधिकांश हिस्सों में रविवार को भी मानसून सक्रिय रहेगा। शर्मा के मुताबिक, जयपुर, अजमेर, उदयपुर और बीकानेर संभाग में कहीं-कहीं भारी बारिश व एक-दो स्थानों पर अति भारी बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि आगामी तीन-चार दिनों तक पूर्वी राजस्थान के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश, जबकि एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने के आसार हैं। शर्मा के अनुसार, बीकानेर और जोधपुर संभाग के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश तथा उत्तर पश्चिमी राजस्थान में एक-दो स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि 11 से 15 जुलाई के दौरान कुछ भागों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।
जयपुर: राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल (kanhaiya lal murder case Udaipur ) की तालिबानी तरीके से हत्या के मामले में NIA की जांच लगातार जारी है। इसी क्रम में एनआईए ने रविवार को इस मामले के सातवें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान उदयपुर निवासी 31 साल के फरहाद मोहम्मद शेख (Mohammed Farhad sheikh) के रूप में हुई है। एनआईए ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्ति मामले के मुख्य आरोपियों में से एक रियाज अटारी (Riyaz ) का करीबी सहयोगी था। इसने टेलर कन्हैयालाल की हत्या की साजिश में बड़ी भूमिका निभाई थी। बीजेपी प्रवक्ता नूपूर शर्मा के समर्थन में कन्हैयालाल ने किया था पोस्ट बता दें कि 46 साल के टेलर कन्हैयालाल का पिछले महीने उदयपुर में दो युवक रियाज और गौस ने धारदार हथियार से गला रेत कर हत्या कर दी थी। इतना ही नहीं, आरोपियों ने वीडियो बनाकर खुद इस संबंध में लोगों को जानकारी दी थी। साथ ही वीडियो वायरल कर दोनों आरोपी फरार होने की फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने चार घंटे में ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया। मामला में यह जानकारी मिली थी कि युवकों ने कन्हैयालाल की हत्या इसलिए की थी, क्योंकि उसने बीजेपी प्रवक्ता नूपूर शर्मा के समर्थन में फेसबुक पोस्ट किया था। आतंकी संगठनों के सुराग मिलने के बाद हो रही है गिरफ्तारियां रियाज और गौस की गिरफ्तारी के बाद इस घटना में आतंकी संगठनों के हाथ होने के सुराग मिले थे। राज्य सरकार के बाद केंद्रीय एजेंसी NIA भी इस वारदात की इसी एंगल से जांच कर रही है। रियाज और गौस की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में जहां राजस्थान एटीएस और एसआईटी ने कई संदिग्धों से पूछताछ की। वहीं अब मामला NIA के हाथ में आने के बाद इसमें एक के बाद एक गिरफ्तारी हो रही है।
जयपुर: पीसीसी चीफ और पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का एक ट्वीट सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल इस ट्वीट के जरिए उन्होंने अपने गृह जिले सीकर की तरफ सबका ध्यान खींचा था। साथ ही इस ट्वीट के जरिए जनता की तकलीफ सीकर प्रशासन को समझाने की कोशिश की थी। ट्वीट के साथ डोटासरा ने एक वीडियो भी शेयर किया था। साथ ही अपने ट्वीट में लिखा था कि सीकर जिला प्रशासन से अपेक्षित है कि नवलगढ़ रोड के बाशिंदों की इस तकलीफ को समझे और 13 करोड़ रुपए पानी निकासी प्रोजेक्ट को तुरंत प्रभाव से शुरू करें। पूनिया ने ट्विटर पर मारवाड़ी अंदाज में कसा तंज अब उनके इस ट्वीट पर बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने मारवाड़ी अंदाज में सरकार और कांग्रेस पार्टी पर तंज कसा है। पूनिया ने डोटासरा के ट्वीट को रीट्वीट करते हुए राजस्थानी भाषा में लिखा कि "कुण न क रिया हो…भूल ग्या कांई थां को ही तो राज है महाराज…और पब्लिक न बताओ क ओ तुरंत प्रभाव कियां होवै है,सीकर की चिंत्या कर रिया हो,थांका जादूगर जी तो सगलै राजस्थान न ही डबोनै की सोच मैल्ली है…"। निकाले जा रहे हैं मायने दरअसल डोटासरा के इस ट्वीट के बाद जहां विपक्ष ने उन पर निशाना साध दिया है। वहीं डोटासरा के इस ट्ववीट के सियासी गलियारों में भी नई चर्चा छेड़ दी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सत्तारूढ़ पार्टी के संगठन के चीफ को अपनी बात एडमिनिस्ट्रेशन को समझाने के लिए ट्वीट क्यों करना पड़ा। क्या सीकर जिला प्रशासन ही गोविंद सिंह डोटासरा की सुनवाई नहीं कर रहा है ?। हालांकि ट्वीट के बाद अभी तक डोटासरा ने इसके पीछे के कारणों को स्पष्ट नहीं किया है।
जयपुर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के 11 नए खेल स्टेडियम के लिए 16 करोड़ 50 लाख रूपए के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है। प्रस्ताव के अनुसार गिर्वा (उदयपुर), केरू (जोधपुर), हिण्डौन (करौली), धोद (सीकर), परबतसर (नागौर), परसरामपुरा (झुंझुनूं), बानसूर (अलवर), रूपवास (भरतपुर), उच्चैन (भरतपुर), तारानगर (चूरू) तथा बगरू (जयपुर) में नए खेल स्टेडियम का निर्माण होगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार प्रत्येक स्टेडियम के निर्माण पर 1.50 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। स्टेडियम का निर्माण राजस्थान राज्य सड़क निर्माण एवं विकास निगम (आरएसआरडीसी) एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा। इसमें कहा गया कि इस निर्णय के तहत नए बनने वाले सभी खेल स्टेडियमों में 200 मीटर का सिंडर एथेलेटिक ट्रैक, बास्केटबॉल कोर्ट, वॉलीबॉल, खो-खो व कबड्डी के मैदान आदि खेल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। बयान के अनुसार ढांचागत सुविधाओं के रूप में स्टेडियम कार्यालय की इमारत, शौचालय, ट्यूबवेल, आन्तरिक सड़कें व चाहरदीवारी आदि का निर्माण भी होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने वर्ष 2022-23 के बजट में प्रदेश के विभिन्न जिलों में नए खेल स्टेडियमों का निर्माण करने की घोषणा की थी।
झुंझुनू :झुंझनू में संघ (RSS) की तीन दिवसीय बैठक (Three Day Meetingh) संपन्न हो गई है. अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर (Sunil Ambekar) ने पत्रकारों से बात की और बताया कि दो साल के बाद हुए संघ शिक्षा वर्गों में 40 वर्ष से कम आयु के 18981 व 40 वर्ष से अधिक आयु के 2925 शिक्षार्थियों ने वर्ग में सहभागिता की. इस वर्ष पूरे देश के प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के 101 वर्गों में कुल 21906 संख्या रही. उन्होने कहा कि संघ कार्य फिर से गतिमान हो रहा है. कोरोना (Corona) के कारण प्रभावित हुआ शाखा कार्य फिर से शुरु हो गया है. वर्तमान में शाखाओं की संख्या 56824 है. 'स्वावलंबी भारत अभियान' में 22 संगठनों ने 4000 से अधिक युवाओं को स्वरोजगार का प्रशिक्षण दिया है. उन्होने कहा कि 2025 में संघ कार्य को प्रारम्भ हुए सौ वर्ष पूर्ण हो रहे हैं. संघ के शताब्दी वर्ष की व्यापक विस्तार योजना बनी है. आरएसएस के अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक की यह मीटिंग झुंझुनू के खेमी शक्ति मंदिर परिसर में हुई. आपको बता दें कि कोरोना काल के बाद यह प्रत्यक्ष प्रांत प्रचारक बैठक हुई जिसमें संगठनात्मक कार्यों के साथ आगामी योजनाओं पर विस्तार और उसकी गतिविधियों पर बात चीत हुई. झुंझुनू में आयोजित इस तीन दिवसीय बैठक में आर एस एस के सरसंघचालक मोहन भागवत, सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्णगोपाल, डॉ. मनमोहन वैद्य, आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, आर.सी. मुकुंद, अरुण कुमार, रामदत्त, के अलावा 45 प्रांत प्रचारकों की तीन दिवसीय बैठक हुई. सुनील आंबेकर ने शाखाओं के बारे में जानकारी आर एस एस की इस तीन दिवसीय बैठक के बाद आयोजित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने मीडिया को इस बात की जानकारी दी कि दो वर्ष बाद हुए संघ शिक्षा वर्गों में 40 वर्ष से कम आयु के 18 हजार 981 व 40 वर्ष से अधिक आयु के 2 हजार 925 शिक्षार्थियों ने वर्ग में सहभागिता की. इस वर्ष पूरे देश के प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के 101 वर्गों में कुल 21 हजार 906 संख्या रही. आंबेकर ने आगे बताया, 'आरएसएस का काम एक बार फिर तेजी से संपन्न हो रहा है. कोरोना संक्रमण की वजह से प्रभावित हुए शाखा का काम एक बार फिर से स्टार्ट हो गया है. मौजूदा समय शाखाओं की संख्या 56 हजार 824 है.' पूरे देश में एक लाख जगहों पर शाखाओं का लक्ष्य आरएसएस (RSS) के सुनील आंबेकर (Sunil Ambekar) ने मीडिया को बताया कि आने वाले 2025 में आरएसएस (RSS) को स्थापित हुए एक सौ साल पूरे हो रहे हैं. संघ के शताब्दी वर्ष को लेकर एक व्यापक विस्तार योजना बनाई गई है. साल 2024 तक देश भर में एक लाख स्थानों पर शाखाओं को ले जाएंगे. आरएसएस इस बात की कोशिश कर रहा है कि समाज के सभी वर्गों को संघ के किए गए काम से लाभ मिले और समाज जागरण के साथ देश में सामाजिक सकारात्मक का वातावरण बने. इस बैठक में पिछले वर्ष की समीक्षा और आने वाले 2 वर्षों के कार्य योजनाओं का लक्ष्य लिया गया.
झुंझुनू : राजस्थान के प्रांत प्रचारकों की तीन दिवसीय मीटिंग में आरएसएस ने उदयपुर और अमरावती हत्याकांड की पृष्ठभूमिक में 'बढ़ती इस्लामी कट्टरता' पर मंथन किया। बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले समेत तमाम शीर्ष नेताओं ने शिरकत की। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शनिवार को कहा कि हिंदू समाज ने उदयपुर जैसी घटनाओं पर शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से प्रतिक्रिया दी। उसने अपील की कि मुस्लिम समुदाय को भी उदयपुर जैसी घटनाओं का दमदार तरीके से विरोध करना चाहिए। राजस्थान के झुंझुनू में प्रांत प्रचारकों की तीन दिवसीय बैठक पूरी होने के बाद संघ प्रवक्ता सुनील आंबोडकर ने कहा, 'यह सभी के लिए जरूरी है कि इसका एकसाथ मिलकर विरोध किया जाए।' उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का इस्तेमाल करते वक्त जनभावनाओं का खयाल रखा जाना चाहिए। संघ प्रवक्ता ने उदयपुर के बर्बर हत्याकांड को लेकर कहा, 'हमारे देश में लोकतंत्र है। हमारे पास संवैधानिक लोकतांत्रिक अधिकार हैं। अगर किसी को कुछ पसंद नहीं आता है तो उसके विरोध का एक लोकतांत्रिक तरीका होता है। लेकिन इस तरह की घटनाएं न तो समाज के हित में हैं और न ही देश के हित में।' मुस्लिम समाज से उदयपुर जैसी बर्बरता के खिलाफ खड़े होने की अपील करते हुए आंबेडकर ने कहा, 'किसी भी सभ्य समाज में ऐसी घटनाओं की निंदा ही होगी। हिंदू समाज शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से प्रतिक्रिया दे रहा है। मुस्लिम समाज से भी उम्मीद की जाती है कि वह इन घटनाओं का विरोध करे। कुछ बुद्धिजीवियों ने इसका विरोध किया है लेकिन मुस्लिम समाज को भी आगे आना चाहिए और इसका पूरी ताकत से विरोध करना चाहिए।' पिछले महीने राजस्थान के उदयपुर में एक दर्जी की बर्बर हत्या की गई थी। दर्जी ने सोशल मीडिया पर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा का समर्थन किया था। हत्यारों ने वारदात और उसके बाद उसकी जिम्मेदारी लेते हुए वीडियो वायरल किया था। हत्यारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को धमकी दिया था। पिछले महीने ही महाराष्ट्र के अमरावती में एक केमिस्ट की भी नूपुर शर्मा का समर्थन करने की वजह से हत्या हुई थी।
अजमेर: उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड (kanahiya lal udaipur case) के बाद अजमेर दरगाह शरीफ (Ajmer dargah sharif) के खादिमों की ओर से की जा रही बयानबाजी और भड़काऊ टिप्पणी का अब भीतर से ही विरोध उठने लगा है। खादिमों की ओर से की जा रही बयानबाजी पर अजमेर दरगाह के गद्दी नशीन और चिश्ती फाउंडेशन के अध्यक्ष हाजी सैयद सलमान चिश्ती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सलमान चिश्ती ने कहा कि इस तरह के नारे और हिंसा का आह्वान गैर-इस्लामिक, इस्लाम विरोधी, मानवता विरोधी और समाज विरोधी हैं। उन्होंने कहा कि अथॉरिटी को ऐसे व्यक्तियों पर ध्यान देना चाहिए, हिदायत देनी चाहिए। साथ ही उन्हें अनुकरणीय दंड दिया जाना चाहिए। चिश्ती ने कहा कि ऐसी सोच कट्टरपंथी विचारधारा का मुद्दा है , जिसे फैलने नहीं देना चाहिए। दरगाह शरीफ परिवार ऐसे सोच की निंदा करता है सलमान चिश्ती ने कहा कि जो लोग दरगाह अजमेर शरीफ से जुड़े नहीं हैं और कुछ लोग जिन्होंने गलत नारेबाजी की, हम उनकी निंदा करते हैं। उनका पूरी तरह से बहिष्कार करते हैं। चिश्ती ने कहा कि दुनिया को पता होना चाहिए कि अजमेर दरगाह ऐसी सोच का बहिष्कार करती है। ऐसा कहने वालों का ग़रीब नवाज़ के समुदाय से कोई लेना-देना नहीं है। चिश्तियों के भड़काऊ बयान से जुम्मे को भी सन्नाटा उल्लेखनीय है कि नूपुर शर्मा को लेकर दरगाह के 3 खादिम अब तक भड़काऊ बयान दे चुके हैं। इनमें अजमेर दरगाह थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर खादिम सलमान चिश्ती के अलावा दरगाह कमिटी के सचिव सरवर चिश्ती और गौहर चिश्ती शामिल है। नूपूर शर्मा की गर्दन लाने वाले को अपना घर देने का भड़काऊ बयान देने वाले सलमान चिश्ती को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वहीं गौहर चिश्ती के कन्हैयालाल हत्याकांड के मुख्य आरोपी रियाज और गौस से कनेक्शन सामने आने के बाद गौहर चिश्ती की तलाश जारी है। इधर चिश्तियों की ओर से भड़काऊ बयानबाजी की जाने के बाद अजमेर दरगाह शरीफ बाजार के कारोबार पर भी इसका असर पड़ने की बात सामने आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार अजमेर दरगाह शरीफ के खादिमों की ओर से की गई भड़काऊ बयानबाजी का असर यहां रेस्टोरेंट - ट्रांसपोर्ट बिजनेस पर पड़ा है। कारोबार 10 प्रतिशत तक घटा है। शुक्रवार जुम्मे का दिन होने के बावजूद भी यहां सन्नाटा रहा। होटल की एडवांस बुकिंग तक लोगों की ओर से कैंसिल की गई। दरगाह क्षेत्र में ‘जन्नत ग्रुप ऑफ होटल्स’ के मालिक रियाज खान भी घृणास्पद बयानों को इसकी वजह बताते हैं।
राजस्थान पब्लिक सर्विस कमीशन (RPSC) ने वरिष्ठ शारीरिक शिक्षा अध्यापक के कुल 461 पदों पर भर्ती (RPSC PTI Recruitment 2022) के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। भर्ती के अनुसार पीटीआई (PTI) के कुल 461 पदों को भरा जाएगा। जो भी उम्मीदवार यह नौकरी प्राप्त करना चाहते हैं वे ऑफिशियल वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाकर आवेदन कर पाएंगे और आवेदन की प्रक्रिया 15 जुलाई से शुरू होगी। वैकेंसी डिटेल्स कुल पद- 461 सामान्य क्षेत्र- 318 पद टीएसपी क्षेत्र- 318 आयु सीमा इस पद पर आवदेन करने के लिए उम्मीदवारों की उम्र 18 वर्ष से 40 वर्ष होनी चाहिए। राजस्थान राज्य के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के पुरुष - 5 वर्ष की छूट दी जाएगी । इस भर्ती के अनुसार सामान्य वर्ग की महिला एवं राजस्थान राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिला उम्मीदवार को 5 वर्षों की छूट दी जाएगी। राजस्थान राज्य की अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग की महिला को 10 वर्ष की छूट मिलेगी। शैक्षिक योग्यता ग्रेजुएशन व फिजिकल एजुकेशन में बैचलर डिग्री (B.P.Ed.) होना आवश्यक है। अधिक जानकारी के लिए एक बार नोटिफिकेशन पढ़ लें।
जयपुर,भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के बारे में भड़काऊ वीडियो बनाने व धमकाने के आरोपी खादिम की अजमेर में गिरफ्तारी के घटनाक्रम की जांच पुलिस की सतर्कता शाखा करेगी। इस मामले में दरगाह वृताधिकारी संदीप सारस्वत (राजस्थान पुलिस सेवा) को हटा दिया गया है। उन्हें पदस्थापन की प्रतीक्षा (एपीओ) में रखा गया है। कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्रा ने बताया कि इस मामले में आरोपी, अजमेर दरगाह के खादिम मौलवी सलमान चिश्ती को मंगलवार देर रात अजमेर में गिरफ्तार किया गया था। चिश्ती की गिरफ्तारी प्रक्रिया का एक वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो हुआ है। इसमें एक पुलिस अधिकारी कथित रूप से चिश्ती को ‘नशे में होने की बात कहने’ की सलाह देता सुनाई दे रहा है। इसको लेकर दरगाह वृताधिकारी संदीप सारस्वत (आरपीएस) को पुलिस मुख्यालय द्वारा एपीओ कर प्रकरण की जांच विजिलेंस शाखा को सौंपी गई है। प्रसारित वीडियो के बारे में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर विकास सांगवान ने बताया कि आरोपी नशा करने का आदी है। उन्होंने कहा कि आरोपी पहले भी गिरफ्तारी के समय खुद को नुकसान पंहुचाने का प्रयास कर चुका है, इसे ध्यान में रखते हुए उसको समझा-बुझाकर पकड़ा जा रहा था ताकि मौके पर स्थिति बिगड़ ना जाए। उन्होंने कहा कि आरोपी को अदालत में पेश कर हिरासत में लिया गया व पूछताछ की जा रही है। मिश्रा ने बताया कि अपराधियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रकरण में आरोपी के विरुद्ध पुख्ता साक्ष्य जुटाकर अभियोजन की सशक्त कार्रवाई की जाएगी। इस खादिम ने अपने कथित वीडियो में नुपुर शर्मा का सिर कलम करने वाले को अपना घर इनाम में देने की बात कही थी। पुलिस के अनुसार खादिम ने कथित वीडियो 28 जून को उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड से पहले रिकॉर्ड किया था। हालांकि यह बाद में व्यापक रूप से प्रसारित हुआ था।
जयपुर,राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) को लेकर कोई राजनीति नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की रुचि इस परियोजना को समयबद्ध ढंग से पूरी करने में है। गहलोत ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम ईआरसीपी पर कोई राजनीति नहीं करना चाहते। हम चाहेंगे कि ये योजना समय पर पूरी हो।’ गहलोत ने कहा, ‘‘ हम मांग करते हैं कि केंद्र सरकार को इस योजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित करनी चाहिए।’’ उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार व मुख्यमंत्री लगातार ईआरसीपी को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे हैं। परियोजना 37000 करोड़ रुपये से अधिक की है इससे राज्य के 13 जिलों में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
उदयपुर: कन्हैयालाल हत्याकांड (Kanahiyalal murder case) के लिए जितनी दोषी पुलिस है, उतनी ही दोषी राज्य सरकार (Ashok gehlot government) भी है ,दोनों ही इस दोष से मुक्त नहीं हो सकते। सोमवार को उदयपुर पहुंचे केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने इसी तरह मीडिया के सामने अपनी बात रखी। शेखावत मृतक कन्हैयालाल के परिजनों से मिलने और शोक व्यक्त करने के लिए उनके निवास स्थान पर पहुंचे थे। शेखावत ने यहां पर शोक व्यक्त करने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि इतने बड़े हत्याकांड के पीछे कौन-कौन है। इसकी पूरी जांच होनी चाहिए। शेखावत बोले- पुलिस ने एक्शन क्यों नहीं लिया उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हत्यारों के संबंधों की जांच एनआईए कर रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर पुलिस ने ठोस कदम क्यों नही उठाए। कन्हैयालाल की ओर से बार-बार पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस ने कोई एक्शन क्यों नही लिया। इस पर भी जांच होनी चाहिए। शेखावत ने कहा कि पुलिस कन्हैयालाल की रिपोर्ट को टालती रही और एक्शन लेने की बजाय सीसीटीवी लगाने की नसीहत देती रही। यह भी कहा कि वे एक फोन कॉल दूर है, लेकिन इन सभी के बीच कन्हैयालाल की निर्मम हत्या होना यह दर्शाता है कि किस तरह से यह लोग पूरी प्लानिंग के साथ आए थे। रियाज के भाजपा कार्यकर्ता होने के सवाल पर शेखावत ने दी नसीहत केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से बातचीत के दौरान मीडियाकर्मियों नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के वायरल फोटो को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कांग्रेस को ही नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि किसी का फोटो अगर किसी राजनेता के साथ वायरल होता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसके पार्टी से सीधे संबंध है। मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना याद दिलाया छबड़ा दंगा शेखावत ने भी यह ही कहा कि किसी भी कार्यक्रम में कोई भी व्यक्ति नेता के साथ फोटा ले सकता है। वहीं शेखावत ने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कांग्रेस पहले अपने गिरेबान में झांके और देखे कि किस तरह से पूरे प्रदेश में कुछ समय पहले हुए दंगो में उनकी क्या भूमिका है। उन्होंने मुख्यमंत्री का नाम लिए बिना बारां जिले के छबड़ा में हुए दंगे की याद दिला दी। शेखावत ने कहा कि कोई इफ्तारपार्टी में जाता है, यह भी पूरे प्रदेश के सामने है। दरअसल सीएम गहलोत के आवास पर अप्रेल महीने में एक इफ्तार पार्टी रखी थी, जिसमें छबड़ा दंगा का मुख्य आरोपी के शामिल होने के आरोप लगे थे
जयपुर : राजस्थान सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 32 आईपीएस अधिकारियों (Rajasthan IPS Transfer) का ट्रांसफर कर दिया है। कुल 10 जिलों में पुलिस कप्तान बदल दिए गए हैं। उदयपुर में कन्हैयालाल हत्याकांड (Kanhaiya Lal Murder Case) को लेकर सख्त कार्रवाई की गई है। उदयपुर के एसपी मनोज कुमार और आईजी हिंगलाजदान पर गाज गिरी है। उनकी जगह अब अजमेर एसपी विकास शर्मा को उदयपुर का एसपी बनाया गया है। वहीं प्रफुल्ल कुमार को उदयपुर की IG की जिम्मेदारी दी गई है। अजमेर के एसपी चूनाराम जाट होंगे। पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने गुरुवार देर रात पुलिस प्रशासन में कई बड़े फेरबदल किए। 32 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। इनमें उदयपुर के एसपी और आईजी भी शामिल हैं। उदयपुर में कन्हैया लाल की गला रेतकर हत्या के बाद काफी हंगामा देखने को मिला था, लगातार प्रदेश सरकार पूरे मामले को लेकर बैकफुट पर नजर आई। मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी लगातार गहलोत सरकार को घेर रही। इसी बीच सरकार ने जिले के पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल कर दिया। उदयपुर के एसपी-आईजी पर गिरी गाज उदयपुर के एसपी मनोज कुमार और आईजी हिंगलाजदान पर गाज गिरी है। उनकी जगह अब अजमेर एसपी विकास शर्मा को उदयपुर का एसपी बनाया गया है। वहीं प्रफुल्ल कुमार को उदयपुर की IG की जिम्मेदारी दी गई है। अजमेर के एसपी चूनाराम जाट होंगे। सूबे के 10 जिलों में पुलिस कप्तान बदला गया है। कानून व्यवस्था को लेकर सरकार ने ये कार्रवाई की है।
उदयपुर में कन्हैयालाल टेलर की हत्या से जुड़े मामले में नया खुलासा हुआ है। हत्या के आरोपी मोहम्मद रियाज ने 2013 में एक बाइक खरीदी थी। तब उसके खास नंबरों के लिए अलग से 5000 चुकाये थे। यह मुंबई आतंकी हमले की तारीख वाला 2611 नम्बर था। उदयपुर में मालदास स्ट्रीट में कन्हैयालाल की बेरहमी से हत्या के बाद आरोपी फरार हो गए थे। वीडियो बनाकर पुलिस को चुनौती देने वाले गौस मोहम्मद और रियाज 170 किमी दूर राजसमंद में हाईवे पर भागते पकड़े गए। दोनों इसी मोटरसाइकिल पर सवार थे। कन्हैयालाल की हत्या के बाद दोनों हत्यारोपी इसी बाइक से फरार हुए थे जिन्हें कुछ समय बाद ही पकड़ लिया गया था। फिलहाल कोर्ट ने दोनों को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में भेज दिया है। उदयपुर के धानमंडी थाना इलाके में हत्यारों ने कन्हैयालाल की हत्या उसकी दुकान में घुसकर की थी।
उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की बर्बर हत्या ने देश को झकझोर कर रख दिया है। राजस्थान के विपक्षी दल बीजेपी ने सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी और अशोक गहलोत सरकार पर कट्टरपंथी मुसलमानों के तुष्टीकरण का आरोप लगाया है। जयपुर से बीजेपी सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वोट बैंक और तुष्टीकरण की राजनीति ने समाज में खाइयां बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार एक समुदाय के कट्टरपंथियों के प्रति नरमी बरत रही है। राठौर ने कहा, 'राजस्थान में आतंकी संगठन पनप रहे हैं और राजस्थान सरकार ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से इनको बढ़ावा देने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। एक के बाद एक राजस्थान सरकार के जो फैसले हुए हैं, वो साफ तरह से तुष्टीकरण दिखाते हैं। एक सम्प्रदाय की तरफ नरमी और दूसरे सम्प्रदाय के प्रति सख्ती।' बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि कन्हैया लाल ने शिकायत की और उसे ही गिरफ्तार भी कर लिया। उन्होंने कहा, 'आप इसी से समझ सकते हैं कि उदयपुर की इस घटनाक्रम के तहत सबसे पहली गिरफ्तारी कन्हैया की हुई। कन्हैया लगातार लोकल पुलिस से सुरक्षा मांगता रहा लेकिन सुरक्षा देने के बजाय उसके ऊपर समझौता करने का दबाव बनाया गया। आप ताज्जुब करेंगे कि सुरक्षा कन्हैया को नहीं देकर जो हत्यारे थे, उनके भाइयों को दी गई। छह दिन तक जब अपनी दुकान बंद रखी, उसके बाद जब उसने खोली तो उसकी हत्या कर दी गई।' बीजेपी प्रवक्ता ने कन्हैया लाल की हत्या को मर्डर बताने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह आतंकी घटना है। राठौर बोले, 'आप इस बात से भी चौंकेंगे कि यह घटना हुई और राजस्थान के मुख्यमंत्री जिनके पास गृह मंत्रालय भी है, वो इस घटना को मर्डर कहते हैं। जब कोई वीडियो बनाता है, इस कांड से पहले और फिर निर्मम हत्या करते वक्त वीडियो बनाता है। दोनों वीडियो को वायरल करता है। वीडियो में अपील भी करता है कि जितने भी भाई-बंधु देख रहे हैं वो भी गर्दनें अलग कर दें लोगों की। ये जमीन के झगड़े में नहीं होता, यह पैसे के विवाद में नहीं होता- क्या राजस्थान के गृह मंत्री और मुख्यमंत्री इतनी बुनियादी बात नहीं जानते हैं?' राठौर ने आगे कहा, 'यह हत्याकांड नहीं, यह सरेआम हमला हुआ है। यह देश और एक समाज को आतंकित करने के लिए कार्रवाई की गई है। यह अकेली घटना नहीं है। ऐसे ना जाने कितने लोग भड़काए हुए हैं। बूंदी में एक मौलाना ने लोगों की गर्दन अलग करने की अपील की। पुलिस वीडियो में खड़ी दिखती है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। जोधपुर में दीपक की दिनदहाड़े हत्या की गई। परिवार वाले हत्यारों का नाम बताते रहे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।' उन्होंने कहा कि यह वोट बैंक की राजनीति, यह तुष्टीकरण की राजनीति समाज को बांट रही है।
नयी दिल्ली, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने राजस्थान के उदयपुर में दो व्यक्तियों द्वारा एक दर्जी की कथित तौर पर गला काटने की घटना पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर करारा हमला किया और दावा किया कि उसके शासन में मरूधर प्रदेश ‘‘तालिबानी’’ राज्य बनने की राह पर है। ज्ञात हो कि उदयपुर के धानमंडी थानाक्षेत्र में सोमवार को दो व्यक्तियों ने कन्हैयालाल नामक एक दर्जी की कथित रूप से गला काटकर हत्या कर दी और सोशल मीडिया पर एक वीडियो डालकर कहा कि उन्होंने ‘इस्लाम के अपमान’ का बदला लेने के लिए ऐसा किया। घटना के बाद रात 8 बजे उदयपुर के सात थाना क्षेत्रों में अगले आदेश तक कर्फ्यू लगा दिया गया है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जनता से शांति बनाये रखने की अपील की है। कथित रूप से दिन दहाड़े हत्या को अंजाम देने वाले दोनों शख्स ने ऑनलाइन वीडियो डालकर इस गुनाह की जिम्मेदारी ली और पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया है। इस घटना के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार को आड़े हाथों लेते हुए भाजपा प्रवक्ता और सांसद राज्यवर्धन राठौड़ ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘कांग्रेस राज में तालिबानी स्टेट बनने की राह पर राजस्थान। कांग्रेस के मुस्लिम तुष्टिकरण ने जेहादियों का दुस्साहस इतना बढ़ा दिया है कि वे खुलेआम हिंदुओं की हत्याएं कर रहे हैं और प्रधानमंत्री को धमकी दे रहे हैं। यह अराजकता गहलोत सरकार द्वारा मजहब विशेष के उपद्रवियों को ढील देने का परिणाम है।’’ उन्होंने इस ‘‘नृशंस घटना’’ के लिए गहलोत सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि इस सरकार ने करौली दंगा के मुख्य दंगाई को खुला छोड़ा और टोंक में मौलाना ने हिंदुओं की गर्दन उतारने की धमकी दी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा, ‘‘यह हत्यारा भी वीडियो बनाकर नरसंहार की धमकी देता रहा, पर सरकार चुप्पी साधे रही।’’ केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आरोप लगाया कि एक सीधे-सादे नागरिक की बर्बरता से हत्या और आरोपियों द्वारा वीडियो बनाकर अपराध स्वीकारना बताता है कि तुष्टिकरण सीमाएं लांघ जाए तो वातावरण खूनी वैमनस्य का शिकार हो जाता है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ शिकायत को अनदेखा किया, जिसका वीभत्स परिणाम सामने है। उन्होंने कहा, ‘‘यह वारदात सभ्य समाज को भयग्रस्त करने की साजिश का हिस्सा है। गहलोत जी सपाटबयानी कर पल्ला नहीं झाड़ सकते। उनकी जिम्मेदारी है प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित महसूस कराना और उन कारणों पर रोक लगाना जिनसे इस तर्ज के अपराध और अपराधी पनप रहे हैं। अपनी एकांगी नीतियों की वजह से राज्य सरकार वैसे भी कटघरे में खड़ी है।’’ घटना की निंदा करते हुए केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा के सदस्य भूपेंद्र यादव ने कहा, ‘‘एक निर्दोष व्यक्ति की नृशंस हत्या दर्शाती है कि अशोक गहलोत के शासन में जंगल राज है। यह तभी होता है जब सरकार तुष्टिकरण को शासन का एक मॉडल बना लेती है। यह स्थिति निंदनीय है।’’ एक वीडियो क्लिप में एक कथित हमलावर को कहते सुना जा सकता है कि उसने एक आदमी का सर कलम कर दिया है। उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए भी धमकी देते हुए कहा कि ‘‘यह छुरा उन तक भी पहुंचेगा’’। उसने परोक्ष रूप से नुपुर शर्मा का भी जिक्र किया जिन्हें पैगंबर मोहम्मद पर एक टिप्पणी के मामले में भाजपा से निलंबित किया गया था। दर्जी कन्हैया लाल को सोशल मीडिया पर कुछ टिप्पणियां डालने के मामले में स्थानीय पुलिस ने हाल ही में गिरफ्तार किया था।
उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की नृशंस हत्या को लेकर पूरे देश में गुस्सा है। उदयपुर हत्याकांड को लेकर राजस्थान सरकार में मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने आपा खो दिया है। मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि जो भी आरोपी है उसे ठोककर मारेंगे। एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत में प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा, 'पूरे देश में आज जो माहौल बिगड़ा है, कहीं पर भी जो सांप्रदायिकता का माहौल है। उस माहौल को ठीक करना हमारी जिम्मेदारी है। जो माहौल बिगड़ा है वह बीजेपी की करतूत है। राजस्थान में किसी भी कीमत पर माहौल नहीं बिगड़ने देंगे। जिन अपराधियों ने अपराध किया है उन्हें ठोककर मारेंगे। किसी कीमत पर छोड़ेंगे नहीं। ये मानकर चलना जब फांसी का फंदा गले में पड़ेगा तब इन्हें दर्द का पता चलेगा। जब पुलिस इन्हें पीटेगी तब पता चलेगा पुलिस का डंडा किसे कहते हैं। बीजेपी ने पूरे देश में बार-बार माहौल बिगाड़ा है। राजस्थान में इस तरह की घटना चाहे किसी भी धर्म का व्यक्ति करे उसे हम छोड़ेंगे नहीं। कन्हैयालाल की हत्या कर इन दोनों व्यक्तियों ने जो हीरो बनने की कोशिश की है। हम इनकी हीरोपंथी निकाल देंगे।' राजस्थान पुलिस और प्रशासन पर सवाल उठने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि पूरे देश में केंद्र सरकार पर सवाल उठ रहे हैं। वही आग राजस्थान में भी लगे हैं। लेकिन यहां अपराधी बचेंगे नहीं। अपराधियों के लिए मैंने साफ तौर से कहा है कि राजस्थान में इन्हें हम ठोककर मारेंगे, फांसी का फंदा गले में डालेंगे। इससे पहले मंत्री प्रताप सिंह ने ट्वीट कर कहा, 'एक निहत्थे व्यक्ति पर धोखे से चाकू मारकर हत्या करना महपाप है, धर्म कायरर्ता और धोखा नही सिखाता हत्या करने वालों को जब पुलिस ठोक के मारेगी तब दर्द का पता चलेगा। अपराधी कोई भी हो उसको फांसी पर लटकाना और क़ानून की ताक़त का एहसास कराना ज़रूरी है॥' कन्हैयालाल की पत्नी ने भी आरोपियों को फांसी देने की मांग की कन्हैयालाल का शव निकलने के दौरान उनकी पत्नी ओर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल दिखा। कन्हैयालाल साहू की पत्नी ने कहा, 'आरोपियों को फांसी दो, आज उसने हमें मारा है, कल दूसरों को मारेगा।' कन्हैयालाल की भांजी ने कहा कि हमारे घर से मामा जी को आज मारा गया है, कल किसी और के घर से मारा जाएगा। इसलिए आरोपी को हर हाल में फांसी की सजा होनी चाहिए। एक अन्य परिजन ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि अगर आरोपी को तत्काल सख्त सजा नहीं मिली तो लोगों की हिम्मत बढ़ जाएगी। आरोपी को ऐसी सजा दी जाए जिसके बाद किसी की हिम्मत ना हो कि वह ऐसी वारदात को अंजाम दे। राजस्थान के खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की है। उदयपुर की वारदात कोई मामूली घटना नहीं : गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को कहा कि उदयपुर की घटना कोई मामूली वारदात नहीं है और जब तक अंतर्राष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर पर उनके (आरोपियों के) कुछ संबंध नहीं हों ऐसा नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि इस वारदात की जांच उसी को ध्यान में रखते हुए की जा रही है कि जिन्होंने हत्या की है, उनकी क्या साजिश थी, क्या षड्यंत्र था, किससे उनके संपर्क हैं, क्या वे कियी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय एजेंसी के संपर्क में हैं, इन तमाम बातों का खुलासा होगा। उल्लेखनीय है कि उदयपुर के धानमंडी थाना क्षेत्र में मंगलवार को दिन दहाड़े दो मुस्लिम लोगों ने धारदार हथियार से कन्हैया लाल नाम के एक दर्जी की हत्या कर दी थी। जयपुर में बुधवार को कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक से पूर्व गहलोत ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘हम इस घटना को गंभीरता से ले रहे हैं। घटना मामूली नहीं है और जब तक कि इसका अंतर्राष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर पर जो कुछ ऐसे रेडिकल एलिमेंट (कट्टरपंथी तत्व) हैं, उससे संबंध नहीं हो, ऐसे नहीं हो सकती। उसी रूप में इसकी जांच-पड़ताल शुरू की गई है।’ गहलोत ने कहा कि घटना बहुत बड़ी व जघन्य है। उन्होंने कहा, 'मैंने कल भी कहा कि इसकी जितनी निंदा करें उतनी कम है और हमने इसीलिए एसआईटी गठित की है, एसआईटी ने अपना काम शुरू कर दिया है।' मंगलवार को दर्जी की हत्या की घटना के बाद शहर में उत्पन्न हुए तनाव को देखते हुए जिले के सात थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया था। राज्यभर में 24 घंटे के लिये मोबाइल इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया था और आगामी एक माह के लिये प्रदेश में निषेधाज्ञा लगा दी गई थी।
उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर में दर्जी कन्हैयालाल की नृशंस हत्या मामले की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कई बार धारदार हथियार से हमला करने की बात पुष्ट हुई है। सूत्रों के मुताबिक कन्हैयालाल के शरीर पर 26 घाव के निशाने मिले हैं। शव का पोस्टमार्टम करने वाली टीम के एक डॉक्टर ने बताया कि खंजर से कन्हैयालाल के शरीर पर 26 जगह वार किए गए थे। उन्होंने बताया कि 8-10 घाव कन्हैयालाल की गर्दन के पास मिले हैं। बाकी घार शरीर के अन्य हिस्सों में मिले हैं। पोस्टमार्टम करने वाली टीम का मानना है कि शरीर से ज्यादा खून बह जाने के चलते कन्हैयालाल की मौत हुई। सूत्रों का कहना है कि तीन डॉक्टरों की टीम ने कन्हैयालाल की बॉडी का पोस्टमार्टम किया है। करीब एक घंटे तक हुए पोस्टमार्टम में साफ हो गया है कि धारदार नुकीले हथियार से कन्हैयालाल पर हमला किया गया। बीजेपी नेता राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने उदयपुर हत्याकांड को आंतकवादी हमला करार दे दिया है। इतना ही राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ऐसी घटनाओं के पीछे गहलोत सरकार के मिले होने तक की बात कह दी। राठौड़ ने कहा कि गहलोत सरकार पिछले तीन सालों में राजस्थान की सरकार ने जिस तरह की कार्रवाई की है। पूरी सरकार इस आंतकी हमले के लिए जिम्मेदार है। राठौड़ ने आगे कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। बार बार राजस्थान में ऐसी घटनाएं हो रही है। आतंकी संगठन राजस्थान में पनप रहे है और राजस्थान की सरकार ने डायरेक्टली और इनडायरेक्टली ने इनको प्रोत्साहित करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। एक के बाद एक राजस्थान सरकार की ओर से जो फैसले हुए हैं, तो साफ तुष्टिकरण दिखाते हैं। एस संप्रदाय के प्रति नरमी और दूसरे के तरफ सख्ती। आप इसी से समझ सकते हैं कि उदयपुर की इस घटनाक्रम में पहले गिरफ्तारी कन्हैयालाल की हुई। कन्हैयालाल पुलिस से सुरक्षा मांगता रहा, लेकिन उस पर प्रेशर बनाया गया कि वो समझौता कर ले। अंतिम यात्रा में दोषियों को फांसी देने की मांग दर्जी कन्हैयालाल के अंतिम संस्कार के मौके पर भारी संख्या में लोग जुटे। पुलिस और प्रशासन के लोगों ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हुए देखे गए। पुलिस भारी भीड़ को देखते हुए किसी भी आपातकाल स्थिति से निपटने को तैयार है। घर से कन्हैयालाल का शव अंतिम संस्कार के लिए निकलते वक्त उनकी पत्नी यशोदा चित्कार मारकर रोने लगीं। कन्हैयालाल की पत्नी यशोदा ने बताया कि 10-15 दिनों से धमकी दिया जा रहा था। मार देंगे-काट देंगे की धमकी लगातार मिल रही थी। धमकी देने वाले घर और दुकान दोनों जगह आते थे। उन्होंने बातया कि धमकी देने वाले ज्यादातर दुकान पर ही आते थे। फोन पर भी धमकी देते थे। एक बार दुकान पर क औरत और जेंट्स मुस्लिम लिवास में भी धमकी देने आए थे। यशोदा ने बताया कि कन्हैयालाल ज्यादा बातें घर में जिक्र नहीं करते थे। एक बार घर पर एक जेंट्स आया और धमकी देकर गया कि मार देंगे-काट देंगे। कन्हैयालाल की पत्नी ने कहा कि अशोक गहलोत जी और पीएम नरेंद्र मोदी जी हमारे पति को मारने वाले को मारो। तभी ये लोग सुधरेंगे। पुलिस वाले से कंप्लेन के बाद उन्होंने दुकान खोली थी। दुकान पर दो लोग राजीव और ईश्वर जी काम करते थे। परिवार में कन्हैयालाल अकेले कमाने वाले थे। परिवार में ननद, सास और बच्चे हैं। दोनों बच्चे अभी पढ़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी शादी को 21-22 साल हो गए हैं। कन्हैयालाल पिछले 10 साल से दुकान चला रहे थे। कन्हैयालाल का शव निकलने के दौरान उनकी पत्नी ओर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल दिखा। कन्हैयालाल साहू की पत्नी ने कहा, 'आरोपियों को फांसी दो, आज उसने हमें मारा है, कल दूसरों को मारेगा।' कन्हैयालाल की भांजी ने कहा कि हमारे घर से मामा जी को आज मारा गया है, कल किसी और के घर से मारा जाएगा। इसलिए आरोपी को हर हाल में फांसी की सजा होनी चाहिए। एक अन्य परिजन ने न्यूज एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि अगर आरोपी को तत्काल सख्त सजा नहीं मिली तो लोगों की हिम्मत बढ़ जाएगी। आरोपी को ऐसी सजा दी जाए जिसके बाद किसी की हिम्मत ना हो कि वह ऐसी वारदात को अंजाम दे। राजस्थान के खाद्य मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने भी आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग की है। कन्हैयालाल की हत्या पर मुख्यमंत्री गहलोत ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक राजस्थान के उदयपुर में नूपुर शर्मा के समर्थन में पोस्ट करने की वजह से दर्जी कन्हैयालाल की निर्मम हत्या कर दी गई। इस मामले को लेकर लोग आक्रोशित हैं। इन सब के बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। तीन दिवसीय दौरे पर जोधपुर आए मुख्यमंत्री ने अपना दौरा रद्द कर दिया और आज सुबह जयपुर के लिए रवाना हो गए। मामले में अंतर्राष्ट्रीय साजिश का एंगल सामने आने पर गहलोत ने कहा, ‘क्या कोई प्लान और साजिश थी? यह किसके साथ जुड़ा हुआ है? अंतर्राष्ट्रीय साजिश क्या थी? ये सारी बातें सामने आएंगी। इनके पीछे कुछ असामाजिक तत्व हैं। इस एंगल से भी मामले की जांच चल रही है।’ राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में सीएस, डीजीपी, गृह एवं पुलिस विभाग के सभी अधिकारी मौजूद रहेंगे। कन्हैयालाल की हत्या के बाद उदयपुर में भारी पुलिस बल तैनात है। राजस्थान में एहतियात के तौर पर उन सात पुलिस थानों में कर्फ्यू लगा दिया गया है, जहां 24 घंटे के लिए मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। राज्य में एक महीने के लिए धारा 144 भी लगा दी गई है।
जयपुर: राजस्थान में शिक्षक विभाग में ट्रांसफर को लेकर होने वाली उलझनें जल्द खत्म हो सकती है। शिक्षा विभाग की ओर से कर्मचारियों के लिए तबादलों की नई नीति का ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। अब सीएम स्तर पर मंजूरी का इंतजार है। शिक्षा विभाग के 4 लाख कर्मचारियों को अब इस फैसले से राहत मिलेगी। साथ ही उन्हें ट्रांसफर के लिए बार बार नेताओं की सिफारिशों के लिए चक्कर नहीं काटने होंगे। इस संबंध में शिक्षा मंत्री बीड़ी कल्ला का कहना है कि ड्राफ्ट तैयार हो चुका है। इसे सीएस के माध्यम से सीएम और सरकार के पास भेजी है। इस पर विचार हुआ और मंजूरी मिली तो इसी आधार पर तबादले करेंगे। ऑनलाइन सिस्टम से होंगे ट्रांसफर मिली जानकारी के अनुसार नई नीति के ड्राफ्ट में तबादले ऑनलाइन सिस्टम से जरिए होने की बात सामने आ रही है। विभागीय पोर्टल और कम्प्यूटर आधारित सॉफ्टवेयर से अब ट्रांसफर किए जाएंगे। तबादलों के लिए टाइम फ्रेम तय कर दिया गया है। हर साल 6 से 10 अप्रैल तक तबादलों के लिए आवेदन लिए जाएंगे। 10 मई को तबादला सूचियां जारी होंगी। ट्रांसफर के लिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों को 4 जोन में बांटा गया है। जिलों की भी 4 कैटेगरी होगी। जिला, संभाग व राज्य स्तर पर तबादला कमेटियों का गठन होगा। आवेदन के बाद इन तबादला कमेटियों के स्वीकृति ली जाएगी। इसके बाद ही तबादला आदेश जारी हो सकेंगे। एक बार में हर कैडर के अधिकतम 17 प्रतिशत तक ही तबादले होंगे। इसमें अनिवार्य तबादले 5 परसेंट स्वैच्छिक परसेंट और अंतर्जिला 7 परसेंट होंगे। यह नीति प्रारंभिक शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा के सभी कैडर पर लागू होगी। ऐसे मिलेगी ट्रांसफर में वरीयता परफॉर्मेंस-स्कूल में ठहराव के अंक मिलेंगे, इसी आधार पर ट्रांसफर में वरीयता मिली जानकारी के अनुसार जहां नई नीति में ट्रांसफर के लिए समय का निर्धारण किया गया है। वहीं इसके साथ अन्य पहलूओं पर भी विचार कर ड्राफ्ट तैयार किया गया है। बताया जा रहा है कि स्कूलों के 4 जोन में बांटने के साथ परफॉर्मेंस-स्कूल में ठहराव के अंक मिलेंगे। इसी आधार पर ट्रांसफर में वरीयता
जयपुर: साल 2019 में वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद देश के बाकी शहरों में इसे लेकर इंतजार चल रहा था, जो अब जल्द ही खत्म हो सकता है। मिली जानकारी के अनुसार जयपुर- दिल्ली समेत राजस्थान के 10 रूट पर जल्द वंदे भारत ट्रेने चलाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। रेल मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि आने वाले दिनों में राजस्थान के 10 अलग अलग रूट पर वंदे भारत ट्रेनों के संचालन की योजना है। इनमें जयपुर - दिल्ली , जयपुर -जोधपुर और जयपुर - कोटा रूट प्रमुख है, जबकि सात और रूट जल्द ही निर्घारित होंगे। इन रूट्स पर यात्रा केवल 2 से 2.30 में पूरी हो सकेगी। वंदे भारत ट्रेन के संबंध में अभी तक की जानकारी आपको बता दें कि देश में अभी दो वंदे भारत ट्रेन चल रही है। इन ट्रेनों की रफ्तार अधिकतम 180 किलोमीटर जबकि न्यूनतम 130 किलोमीटर प्रतिघंटा है। इन ट्रेनों के लिए ट्रेक इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर करने की कवायदे शुरू हो गई है। वहीं चैन्नई स्थित इंटीग्रल कोट फैक्ट्री में दो नई वंदे भारत ट्रेन सेट का निर्माण तेजी से किया जा रहा है, जो अगस्त तक सामने आ सकती है। उल्लेखनीय है कि साल 2023 अगस्त तक देश में 75 वंदे भारत ट्रेनों के उत्पादन का लक्ष्य हैं। जयपुर- दिल्ली रूट पर होगा सबसे ज्यादा फायदा जानकारों का कहना है कि वंदे भारत ट्रेन राजस्थान रूट पर सबसे पहले राजधानी को कनेक्ट करने वाली हो सकती है। जयपुर - दिल्ली रूट पर इस ट्रेन के चलने से प्रदेशवासियों को एक बड़ा फायदा होगा। व्यवसायिक गतिविधियों के लिए दिल्ली जाने वाले लोग महज 2 घंटे में अपनी यात्रा पूरी कर लेंगे।
जयपुर : राजस्थान में राज्यसभा (Rajya Sabha Election News) की 4 सीटों के लिए हो रहे चुनाव में 5 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए हैं। तीन प्रत्याशी कांग्रेस से हैं और एक कैंडिडेट बीजेपी से हैं। वहीं अब 5वें उम्मीदवार सुभाष चंद्रा (Subhash Chandra) ने बीजेपी समर्थित निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया। बीजेपी प्रत्याशी घनश्याम तिवाड़ी के पक्ष में 41 वोट होने के बाद पार्टी के पास 30 वोट बच रहे हैं। सुभाष चंद्रा को जिताने के लिए बीजेपी को 11 वोटों का इंतजाम करना पड़ेगा। क्या है मौजूदा सियासी समीकरण प्रदेश में 13 निर्दलीय विधायक हैं। साथ ही RLP के 3, बीटीपी के 2 और माकपा के 2 विधायक हैं। बीजेपी इन विधायकों में सेंध लगाने की कोशिश में है। राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के 108 सदस्य हैं। लोकदल के एकमात्र विधायक पहले से सरकार में हैं, ऐसे में उनके वोट की चिंता कांग्रेस को नहीं है। राज्यसभा की तीन सीटें पक्की करने के लिए कांग्रेस को बीटीपी, माकपा और निर्दलीय विधायकों पर भी फोकस करना होगा। राज्यसभा चुनाव के लिए 10 जून को वोटिंग होनी है। निर्दलीय विधायकों से पूछकर भरा नामांकन, कई नेता हैं संपर्क में - सुभाष चंद्रा बीजेपी समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने के बाद सुभाष चंद्रा ने राजस्थान विधानसभा के बाहर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायकों से पूछ कर ही उन्होंने नामांकन दाखिल किया है। इसके अतिरिक्त और भी कई विधायक उनके संपर्क में है। वे अपनी जीत के प्रति आश्वस्त नजर आए। सुभाष चंद्रा बोले कि वे राजस्थान के फतेहपुर के रहने वाले हैं। यहां की माटी से उनका पुराना जुड़ाव है। राजस्थान के रास्ते राज्यसभा जाकर प्रदेश के विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं। कांग्रेसी नेताओं ने लगाया हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप सुभाष चंद्रा के नामांकन दाखिल करने के बाद कांग्रेस में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेसी नेताओं ने बीजेपी को आड़े हाथों लिया है। कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि बीजेपी हॉर्स ट्रेडिंग की कोशिश कर रही है लेकिन यहां पर उन्हें मुंह की खानी पड़ेगी। बीजेपी ने पिछले राज्यसभा चुनाव में भी अतिरिक्त प्रत्याशी के रूप में ओंकार सिंह लखावत का नामांकन दाखिल करवाया था। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इस बार भी बीजेपी को हार का सामना करना पड़ेगा।
जोधपुर में एक बार फिर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। बकरामंडी से आए करीब 300 उपद्रवियों ने पत्थरबाजी कर दी। समय रहते पुलिस ने मामला शांत करवाया। दोनों पक्षों से मामला दर्ज करवाया जा रहा है। मामला गंगाणा रोड पर राजीव गांधी नगर स्थित बकरा मंडी का है। यहां पाक विस्थापित हिंदू की बस्ती है तो दूसरी ओर मुस्लिमबहुल कॉलोनी है। दोपहर में एक कार साइड करने को लेकर विवाद हुआ। पाक विस्थापित हिंदू बस्ती निवासी भूरा राम की यहां किराने की दुकान है। वह अपनी वैन लेकर आ रहा था। उसके सामने बकरा मंडी से आए एक युवक ने अपनी बोलेरो पिकअप लगा दी। इस बात पर दोनों में बहस हो गई। बहस के दौरान बोलेरो से निकल कर युवक ने भूरा को थप्पड़ मार दिया। बात बढ़ी तो वह बकरामंडी से अपने साथ भीड़ ले आया। जिसने परिवार पर पथराव कर दिया और वैन के शीशे तोड़ दिए। विस्थापित परिवार को निशाना बनाते लोगों ने वैन चालक भूराराम व एक महिला मूमल के साथ मारपीट की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। मामला शांत किया। डीसीपी वेस्ट वंदीता राणा ने बताया कि छोटे से एक्सीडेंट को लेकर विवाद हो गया था। इस पर दो पक्ष आमने-सामने हो गए थे। समझाइश के बाद मामला शांत है। घर में घुसकर महिलाओं से मारपीट का आरोप विस्थापितों का आरोप है कि बकरा मंडी से आई भीड़ ने उनके घर में घुसकर महिलाओं के साथ मारपीट की है. इस घटनाक्रम में मूमल नाम की महिला गंभीर रूप से घायल हुई है. जिसे अस्पताल पहुंचाया गया। घटना को लेकर पुलिस ने सीसीटीवी डीवीआर को अपने कब्जे में ले लिया है. जिससे आरोपियों की पहचान की जा सके। भूराराम के घर व दुकान पर पथराव किया गया।
जयपुर कांग्रेस विधायकों और नेताओं ने एक बार फिर अफसरों की मनमानी का मुद्दा उठाकर नई बहस छेड़ दी है। सरकार के नजदीक माने जाने वाले विधायक और नेता तक ब्यूरोक्रेसी के रवैये से नाराज हैं। कई विधायक और नेता मुख्यमंत्री से लेकर प्रदेश प्रभारी अजय माकन से भी अफसरशाही के हावी होने की शिकायत कर चुके हैं। उधर खाद्य मंत्री खाचरियावास ने नेताओं का मान सम्मान करने और जनप्रतिनिधियों की अनेदखी करने वाले अफसरों पर कार्रवाई की पैरवी की है। अब राज्यसभा चुनाव से पहले यह मुद्दा एक बार फिर उठ रहा है। प्रियंका गांधी के साथ यूपी में कांग्रेस के सह प्रभारी सचिव धीरज गुर्जर ने भी अफसरशाही को घेरा है। सीएम के सलाहकार ने सवाल उठाए, धीरज समर्थन में सीएम अशोक गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा ने दो दिन पहले ही गृह विभाग और राजस्व विभाग के अफसरों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव दिया है। सीएम के सलाहकार का दो विभागों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव पेश करना भी ब्यूरोक्रेसी पर निशाना है। विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने के अगले ही दिन ही धीरज गुर्जर संयम लोढ़ा के समर्थन में उतर आए। धीरज गुर्जर ने अफसरशाही के रवैये को लेकर सरकार और पार्टी को चेताया। गुर्जर का ट्वीट- अफसर सरकार की कब्र खोद रहे होते हैं बीज निगम अध्यक्ष धीरज गुर्जर ने ट्वीट कर ब्यूरोक्रेसी पर निशाना साधा। धीरज गुर्जर ने लिखा- अधिकारी कभी किसी सरकार के नहीं होते। वो सत्ता के और खुद के होते हैं, और जब अपनी कुर्सी को बचा, रखने के लिए विपक्षी दलों से हाथ मिला लेते हैं तब वो सरकार की कब्र खोद रहे होते हैं। समय पर इनकी पहचान ना करने से किसी भी सरकार को गम्भीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। बिधूड़ी बोले- कार्यकर्ताओं की अफसर सुन नहीं रहे बेगूं से कांग्रेस विधायक राजेंद्र बिधूड़ी ने अफसरशाही के खिलाफ लंबे समय से मोर्चा खोल रखा है। बिधूड़ी सार्वजनिक रूप से अफसरों पर आरोप लगा रहे हैं। बिधूड़ी ने कहा— कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं हो रही है। कांग्रेस कार्यकर्ता की थानेदार नहीं सुनता। एमएलए तक की थानेदार, कलेक्टर नहीं सुनते। आज जब कार्यकर्ता की सुनवाई नहीं हो रही तो वह चुनाव में बूथ पर क्यों बैठेगा? जब चुनाव हों तो बूथ पर फिर थानेदार और कलेक्टर को ही बैठा देना। मेरे क्षेत्र में कई थानेदार तस्करों से मिले हुए हैं, रात को पैसे लेकर अफीम तस्करों की गाड़ियां पास करवाते हैं। मंत्री बोले-जनप्रतिनिधियों का सम्मान करना अफसरों की ड‌्यूटी अफसरशाही के रवैये से विधायकों की नाराजगी के सवाल पर खाद्य मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने भास्कर से कहा- हर अफसर-कर्मचारी की यह ड्यूटी है कि वह जनप्रतिनिधियों की सुनवाई करे और उनका सम्मान करे। अगर कोई अफसर जनप्रतिनिधियों की नहीं सुनता है। अच्छी जगह पोस्टिंग पर है तो उसकी जगह चेंज होनी चाहिए।
जयपुर : राजस्थान के मेवाड़ क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले बेंगू से कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी (Rajasthan congress rajendra bidhuri) एक बार फिर विवादों में है। इस बार वे मुख्यमंत्री गहलोत (ashok gehlot) पर सवाल उठाने के कारण सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने रीट (REET) में हुई धांधली को लेकर मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। इसे लेकर विधुड़ी का एक वीडियो वायरल हो रहा है। बिधूड़ी इस वीडियो में कह रहे है कि रीट प्रकरण की जांच सीबीआई (CBI) से क्यों नहीं करवाई जा रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने मंत्री के जेल जाने से डर रहे हैं। विधूड़ी का यह बयान सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। हम नहीं जीतेंगे तो आप कैसे मुख्यमंत्री बनोगे कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी ने कहा कि चित्तौड़गढ़ से कांग्रेस का जो नेता 50 हजार से चुनाव हार गया। उसे राज्यमंत्री बना दिया। जबकि हम चुनाव जीतने वालों को नीचे गिरा दिया गया। वे आगे बोले कि पार्टी में कार्यकर्ताओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अगर कार्यकर्ता मजबूत नहीं होंगे तो हम चुनाव कैसे जीतेंगे। और हम चुनाव नहीं जीतेंगे तो आप मुख्यमंत्री नहीं बन पाओगे। पुलिस इंस्पेक्टर को विधूड़ी ने गंदी गालियां उल्लेखनीय है कि मार्च 2022 में कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी ने भैंसरोडगढ़ थाने के एसएचओ संजय गुर्जर को गंदी गंदी गालियां दी। गुर्जर ने इसे अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ऑडियो के मुताबिक बिधूड़ी ने आधे घंटे में 100 से ज्यादा गालियां बकी। इसके बाद इंस्पेक्टर ने विधूड़ी के खिलाफ इस्तगासे के जरिये मुकदमा दर्ज कराया।
नागौर:राजस्थान के नागौर जिले में कारोबारी और हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले में अब राजनीति मोड़ भी आने लगा है। दरअसल शनिवार को नागौर जिले की नावां सिटी में हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया (Jaipal Poonia) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद अब देर रात पुलिस थाने पहुंच कर जयपाल पूनिया की पत्नी सरिता पूनिया ने आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। बड़ी बात यह है कि इस दर्ज केस में राजस्थान सरकार के उप मुख्य सचेतक और नावां के कांग्रेस विधायक महेंद्र चौधरी (Congress MLA Mahendra Choudhary) को भी नामजद किया गया है। वहीं उनके भाई और साले को भी हत्या का आरोपी बनाया गया है। ऐसे घटित हुई थी घटना उल्लेखनीय है कि जयपाल के खिलाफ भी कई मामले दर्ज हैं। फिलहाल मृतक जयपाल की पत्नी की ओर से केस दर्ज करवाए जाने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी गई है। पुलिस अधिकारी के अनुसार घटना नमक नगरी नावां की है। यहां बालिका स्कूल चौराहे के पास तहसील रोड के पास शनिवार दोपहर फायरिंग की घटना ने इलाके को दहला दिया था। यहां सफेद रंग की एक बोलेरो गाड़ी में सवार होकर आए 5-6 बदमाशों पहुंचे थे, जिन्होंनेनमक कारोबारी जयपाल पूनिया पर फायरिंग कर दिनदहाड़े उसकी हत्या कर दी थी। घटना में जयपाल के पेट और सीने में गोली लगी।इसके बाद गंभीर रूप से घायल जयपाल को तुरंत अस्पताल लेकर जाया गया। यहां अस्पताल प्रशासन ने उसकी हालत गंभीर होने के चलते जयपुर रेफर कर दिया था। इस दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस अधिकारियों का इस मामले में कहना है कि घटना के बाद पुलिस बोलेरो गाड़ी की तलाश में जुटी है। यह कार बिना नंबर की थी। घटना के बाद पुलिस ने नावां से निकलने वाले सभी रास्तों के साथ जिलेभर में नाकाबंदी करवाई है। पुलिस इलाके के सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है। अभी आरोपियों की तलाश जारी है।
जयपुरउदयपुर में चल रहे कांग्रेस के चिंतन शिविर (नव संकल्प शिविर ) में बुलाई गई एक बैठक में सभी नेताओं ने राहुल गांधी को फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने को लेकर मांग उठाई। सूत्रों के अनुसार- नेताओं की मांग के बाद सोनिया गांधी ने सभी राज्यों के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों, प्रभारियों, प्रतिपक्ष के नेताओं की शनिवार को बैठक बुलाई। उम्मीद जताई जा रही है कि कल कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल की ताजपोशी कर दी जाएगी। बैठक में सभी नेताओं ने आवाज उठाई कि राहुल को अध्यक्ष बनने के बाद देश भर की यात्रा पर निकलना चाहिए। ये जन जागरण यात्रा सभी राज्यों में निकाली जाए। राहुल गांधी इस यात्रा के जरिए 2024 के लोकसभा चुनाव को लेकर सभी राज्यों में कांग्रेस के लिए माहौल बनाएं। यात्रा को व्यवस्थित और असरदार बनाने के लिए एक रोडमैप तैयार करने की भी बात कही गई। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अगस्त में चुनाव होने हैं। तय माना जा रहा है कि राहुल गांधी ही राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष होंगे। इसके बाद अक्टूबर से वे जन जागरण यात्रा शुरू कर सकते हैं। उत्तर भारत सहित अन्य क्षेत्रों में नुकसान की भरपाई करने का प्रयास नव संकल्प शिविर शुरू होने से पहले अटकलें लगाई जा रही थी कि शिविर में राहुल गांधी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने पर चर्चा जरूर होगी। कांग्रेस आलाकमान इन अटकलों को खारिज कर रहा था, लेकिन अब शिविर के दूसरे ही दिन तय हो गया है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर पार्टी राहुल गांधी को ही देख रही है। इतना ही नहीं उनकी देशयात्रा को लेकर भी मांग उठाई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि बैठक में यह बात इसलिए उठाई गई, क्योंकि उत्तर भारत में कांग्रेस का प्रभाव पिछले कई चुनावों से कम होता जा रहा है। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं में वापस ऊर्जा भरने के लिए राहुल गांधी की यात्रा जरूरी है। पिछले चुनावों में कांग्रेस को उत्तर प्रदेश, पंजाब, दिल्ली ही नहीं पश्चिम बंगाल, गोवा सहित उत्तर भारत और अन्य क्षेत्रों में भी काफी नुकसान हुआ है। सोनिया गांधी ने सबकी सुनी, अभी तक अपनी नहीं कही सभी नेताओं ने यात्रा को लेकर अपनी-अपनी बात कही। सोनिया गांधी ने इस संबंध में फिलहाल अपनी राय नहीं रखी है। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि एक ऐसी यात्रा प्लान की जाए, जिसमें राज्यों के साथ अधिकतर प्रमुख जिलों को भी छुआ जा सके। राहुल गांधी को राज्य के नेताओं से ही नहीं जिले के नेताओं से भी चर्चा करने और माहौल समझने व समझाने का मौका मिले। पार्टी नेताओं ने अनौपचारिक बातचीत में माना कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी देशभर में लगातार दौरे कर रहे हैं और वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए अभी से ही माहौल बनाने में जुटे हुए हैं। ऐसा कांग्रेस आलाकमान को भी करना चाहिए। पीके के प्रेजेंटेशन में जरूरी बताया था राहुल की यात्रा को कांग्रेस सूत्रों के अनुसार पिछले दिनों सोनिया-राहुल गांधी को चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) की ओर से दिए गए प्रेजेंटेशन में भी राहुल गांधी की जन जागरण यात्रा का जिक्र प्रमुखता से किया गया था। इस कारण कांग्रेस इस यात्रा को लेकर गंभीरता बरत सकती है। नेता कह रहे हैं कि शिविर के बाद कांग्रेस में परिवर्तन देखने को मिलेगा।
उदयपुर: झीलों की नगरी उदयपुर राजस्थान की सियासत का केंद्र बन चुका है। यहां कांग्रेस के नवसंकल्प चिंतन शिविर (Congress nav sankalp chintan Shivir) से पहले उदयपुर बीजेपी राज्यसभा सांसद डॉ. किरोडी लाल मीणा ( bjp leader kirori lal meena) भी पहुंच गए, लेकिन बड़ी बात यह है कि बुधवार देर रात उदयपुर पहुंचे सांसद किरोड़ी मीणा को गुरुवार को जबरन पुलिस (Rajasthan police ) ने फिर से जयपुर रवाना कर दिया गया। मीणा के उदयपुर में होने की जानकारी पुलिस को मिली, तो मचा हड़कंप बताया जा रहा है कि मीणा पार्टी के कार्यकर्ताओं के यहां जाने का कार्यक्रम था। किरोडी इसके बाद प्रेस कांफ्रेस कर अपनी बात मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचाना चाहते थे, लेकिन मीणा को इससे पहले ही जयपुर जाना पड़ा। मीणा के होटल में ठहरने की सूचना के बाद प्रशासनिक अमला वहां पर पहुंच गया। इसके बाद मीणा को वहां से जाने के लिए कह दिया। इस पर मीणा भड़क गए और मीणा ने होटल पहुंचे पुलिस के अधिकारियों को जमकर खरी खोटी सुनाई। मीणा ने पूछा- मैं क्यों यहां से चले जाऊं... मीणा ने कहा कि मैं क्यों यहां से चला जाऊं, किस कानून के तहत आप मुझे यहां से भेजना चाहते हो। मैं अपने कार्यकर्ता के पिता की तबीयत पूछने के लिए आया हूं। इस पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि हमें ऊपर से आदेश हैं, आप यहां नहीं ठहर सकते। मीणा ने जबरन गाडी में बिठाकर रवाना किया जयपुर के लिए उल्लेखनीय है कि डॉ. किरोडी लाल मीणा जब होटल से रवाना नहीं हुए, तो पुलिस ने उन्हे जबरन वहां सेगाडी में बिठाया। इससे पहले मीणा ने कहा कि राज्य सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। एक जनप्रतिनिधि को इस तरह से कैसे होटल से निकाला जा सकता है। पुलिस का भारी जाब्ता हो गया तैनात मीणा ने यह भी कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ से भी बातचीत नहीं करने दी। यह सरकार की हठधर्मिता है। इससे पहले पुलिस के अधिकारियों और किरोडी के बीच बहस हुई । इस दौरान अधिकारी आदेश की पालना करवाने के लिए अडिग रहे। करीब एक से डेढ घंटे तक चली बहस के बाद किरोडी अपनी गाड़ी से जयपुर के लिए रवाना हो गए। इससे पहले होटल के बाहर पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा लग गया। इसके अलावा होटल के चारों और पुलिस का भारी जाब्ता तैनात रहा ताकि कोई अंदर ना आ सकें। पुलिस ने किरोड़ी समर्थकों से फोन लेने की कोशिश की बताया जा रहा है कि होटल में पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने किरोडी से बहस के दौरान विडियो बना रहे कार्यकर्ताओं के मोबाइल लेने की भी कोशिश की। इस पर डॉ. किरोडी मीणा भड़क गए और तेज आवाज में अधिकारियों को मोबाइल नहीं लेने की हिदायत दी। डॉ. मीणा के भड़कने के बाद पुलिस ने कार्यकर्ताओं से मोबाइल बंद करने की गुजारिश की। आखिरकार कार्यकर्ता के घर गए बिना ही डॉ. मीणा को जयपुर लौटना पड़ा।
जयपुर: यूपी चुनाव की तर्ज पर अब बीजेपी देशभर में अपनी चुनावी रणनीति को साकार करने में लगी है। एक बार फिर इसकी बानगी सामने आई है। हनुमानगढ़ शहर में पार्टी के जिला कार्यालय के उद्घाटन समारोह के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राजस्थान में भी डबल इंजन की सरकार का नारा बुलंद कर दिया। नड्डा ने राज्य में सत्ता परिवर्तन का आह्वान करते हुए बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें राज्य में डबल इंजन वाली सरकार चाहिए। नड्डा ने राज्य की मौजूदा कांग्रेस सरकार को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि इसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। नड्डा ने कहा कि "मैं कार्यालय के उद्घाटन के लिए आया हूं, लेकिन मैं आपसे निवेदन करने भी आया हूं कि मुझे राजस्थान में डबल इंजन की सरकार चाहिए।" उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी जनविरोधी सरकार बैठी है जिसका जनता से कोई लेना देना नहीं, जो जनता के मर्म, जनता के विषयों को नहीं समझती है। नड्डा ने कहा कि जब भी चुनाव हो तो प्रजातांत्रिक तरीके से ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना है। महिला अत्याचार पर रखी अपनी बात राज्य की महिलाओं, दलितों और जनजातियों पर अत्याचार की घटनाओं का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि राजस्थान संतोष, विकास और शांति के लिए जाना जाता था, लेकिन मौजूदा अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान की आबरू और मान सम्मान को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा दुष्कर्म के मामले राजस्थान में हो रहे हैं, लेकिन गहलोत जी को कोई पीड़ा नहीं होती, उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है। सीएम गहलोत पर साधा निशाना नड्डा के अनुसार हाल ही में जोधपुर में जिस दिन उपद्रव की घटना हो रही थी। उस दिन मुख्यमंत्री गहलोत जयपुर में अपना जन्मदिन मना रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि "वे मिशन से काम करें और यहां अशोक गहलोत सरकार कमीशन में लगी रहे। वे लोगों की सेवा के लिए काम करें और यहां गहलोत सरकार मेवा खाने में लगी रहे। वे लोगों की तस्वीर बदलने के लिए काम करें और यहां पर घोटाले हों। ऐसी सरकार को चलने का कोई अधिकार नहीं है।" कार्यालय संस्कार और ऊर्जा का केंद्र होता है नड्डा ने हनुमानगढ़ सहित 10 जगहों पर पार्टी के कार्यालयों का वर्चुअल (आभासी) माध्यम से उद्धाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने चार जगहों पर पार्टी कार्यालयों का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि कार्यालय संस्कार और ऊर्जा का केंद्र होता है।
हनुमानगढ़/जयपुर: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा (JP Nadda) ने बुधवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) की तुलना रोमन सम्राट नीरो (Roman Emperor Nero) से कर डाली। जोधपुर में साम्प्रदायिक हिंसा को लेकर नड्‌डा ने गहलोत पर तीखा हमला करते हुए कहा, जोधपुर में जब हिंसक झड़पें हो रही थी और तब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपना जन्मदिन मना रहे थे। नड्‌डा हनुमानगढ़ शहर में पार्टी के जिला कार्यालय के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रदेश में अगले साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं और इस संबोधन में उन्होंने राज्य में सत्ता परिवर्तन का आह्वान भी किया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि उन्हें राज्य में डबल इंजन वाली सरकार चाहिए। नड्डा ने राज्य की मौजूदा कांग्रेस सरकार को जनविरोधी करार देते हुए कहा कि इसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। गहलोत सरकार ने राजस्थान की आबरू और मान सम्मान को गहरी चोट पहुंचाई उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसी जनविरोधी सरकार बैठी है जिसका जनता से कोई लेना देना नहीं, जो जनता के मर्म, जनता के विषयों को नहीं समझती है। नड्डा ने कहा कि जब भी चुनाव हो तो प्रजातांत्रिक तरीके से ऐसी सरकार को उखाड़ फेंकना है। राज्य की महिलाओं, दलितों और जनजातियों पर अत्याचार की घटनाओं का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि राजस्थान संस्कार, संतोष, विकास और शांति के लिए जाना जाता था, लेकिन मौजूदा अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान की आबरू और मान सम्मान को गहरी चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे ज्यादा दुष्कर्म के मामले राजस्थान में हो रहे हैं और गहलोत जी को कोई पीड़ा नहीं होती, उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है। ऐसी सरकार को चलने का कोई अधिकार नहीं नड्डा के अनुसार हाल ही में जोधपुर में जिस दिन उपद्रव की घटना हो रही थी उस दिन मुख्यमंत्री गहलोत जयपुर में अपना जन्मदिन मना रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र करते हुए कहा, ‘वे मिशन से काम करें और यहां अशोक गहलोत सरकार कमीशन में लगी रहे। वे लोगों की सेवा के लिए काम करें और यहां गहलोत सरकार मेवा खाने में लगी रहे। वे लोगों की तस्वीर बदलने के लिए काम करें और यहां पर घोटाले हों। ऐसी सरकार को चलने का कोई अधिकार नहीं है।’ नड्डा ने हनुमानगढ़ सहित 10 जगहों पर पार्टी के कार्यालयों का वर्चुअल (आभासी) माध्यम से उद्धाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने चार जगहों पर पार्टी कार्यालयों का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि कार्यालय संस्कार और ऊर्जा का केंद्र होता है।
जयपुर:राजस्थान में जहां कई मुद्दों पर राजनीति गर्माई हुई है। वहीं इसी बीच धौलपुर के बाड़ी विधायक गिर्राज सिंह मलिंगा की ओर से पुलिस के सामने सरेंडर कर दिए जाने के मुद्दा भी सियासी चर्चा बन गया है। उल्लेखनीय है कि विधायक मंलिगा पर आरोप है कि उन्होंने अपने गृहक्षेत्र बाड़ी में डिस्कॉम के AEN हर्षदापति से मारपीट की। घटना 28 मार्च को घटी, जिसमें बताया गया कि विधायक गिर्राजसिंह मलिंगा ने अपने साथियों के साथ मिलकर AEN हर्षदापति के साथ जमकर मारपीट की। इस घटना में AEN हर्षदापति को जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती करवाया गया। यहां जांच में पता चला कि AEN हर्षदापति के साथ हुई मारपीट में उनकी 22 हड्डियां फ्रैक्चर हो गई। वहीं घटना के बाद लगातार विधायक मलिंगा इस बात को कह रहे है कि उन्होंने AEN के साथ कोई मारपीट नहीं की । विधायक मलिंगा इस घटना को राजनीतिक षड़यंत्र करार दे रहे है। विधायक मलिंगा ने जयपुर में किया सरेंडर लेकिन बुधवार को विधायक मलिंगा ने यह कहते हुए सरेंडर कर दिया कि उन्होंने सीएम गहलोत की बात मानते हुए सरेंडर किया है। दरअसल विधायक मलिंगा को जयपुर पुलिस कमिश्नरेट की पुलिस ने सीएमओ से गिरफ्तार किया है। सीएमओ से गिरफ्तारी का यह संभवत पहला मामला है, लिहाजा यह बात जमकर सुर्खियां बटोरी रही है। CM के नजदीकी माने जाने वाले मंत्री के साथ पहुंचे थे विधायक मलिंगा दरअसल बुधवार को सीएम अशोक गहलोत पुलिस की सीएमओ में बैठकर समीक्षा बैठक ले रहे थे। बताया जा रहा है कि इसे पहले डीजीपी एमएलए लाठर और एडीजी क्राइम रवि प्रकाश महरेड़ा ने सीएम को जानकारी दी कि मलिंगा के खिलाफ जानलेवा हमले को ठोस सबूत मिले है। इसके बाद ही विधायक को सीएमओ बुला लिया गया। सुबह 11 बजे विधायक मलिंगा CM के नजदीकी माने जाने वाले राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा के साथ पहुंचे। समीक्षा बैठक के दौरान दो घंटे तक सीएमओ में बैठे रहे विधायक मलिंगा यहां इसके बाद बैठक में सीएम ने डीजीपी से पूरे मामले की चर्चा की। साथ ही विधायक को गिरफ्तार करने के लिए कह दिया। बड़ी बात यह है कि समीक्षा बैठक के दौरान विधायक मलिंगा को दो घंटे सीएमओ में बैठाए रखा गया। इसके बाद सीएमओ में पुलिस कमिश्ननर आनन्द श्रीवास्तव को सीएमओ बुलाया गया। कमिश्नर मलिंगा को कमिश्नरेट ले गए। यहां से पुलिस मलिंगा को गिरफ्तार कर धौलपुर ले गई। चिंतन शिविर से पहले राजनीतिक माहौल नहीं बनना देना चाहते सीएम राजनीति के जानकारों की मानें, तो चूंकि सत्तारूढ़ कांग्रेस की ओर से उदयपुर में चिंतन शिविर आयोजित किया जा रहा है। यहां पार्टी को नए सिरे से खड़ा करने को लेकर चर्चा हो रही है। ऐसे में सीएम चाह रहे हैं कि पार्टी आलाकमान के सामने कोई भी राजनीतिक मुद्दा खड़ा ना हो, क्योंकि बीजेपी और कई कर्मचारी संगठन इस घटना के बाद सरकार का विरोध कर रहे थे, लिहाजा सीएम ने बिना देर किए इस मामले में निर्णय ले लिया। शुरू से ही मामले पर बनाए हुए थे नजर उल्लेखनीय है कि सीएम अशोक गहलोत धौलपुर बाड़ी AEN से मारपीट की घटना पर पैनी नजर बनाए हुए थे। घटना के बाद जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल में AEN हर्षा दिपति के भर्ती होने के बाद दौरान वो खुद उनसे मिलने पहुंचे थे। वहीं घटना पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने सीएम ने इस दौरान धौलपुर एसपी , बाड़ी डीएसपी और SHO को भी सस्पेंड कर दिया था।
राजस्थान लोक सेवा आयोग ने संस्कृत डिपार्टमेंट में फर्स्ट ग्रेड की वैकेंसी निकली है। जिसके तहत संस्कृत शिक्षा विभाग में स्कूल लेक्चरर के 102 पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसके लिए 40 साल तक की उम्र के उम्मीदवार RPSC की ऑफिशियल वेबसाइट rpsc.rajasthan.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया 16 मई से शुरू होगी। जो 14 जून तक चलेगी। भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवार सिर्फ SSO आईडी के माध्यम से ही आवेदन कर सकते हैं। आयु सीमा राजस्थान में संस्कृत विभाग में निकली लेक्चरर के पदों पर भर्ती प्रक्रिया में 21 से 40 साल तक की उम्र के उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। उम्मीदवारों की उम्र की गणना 1 जुलाई 2022 को आधार मानकर की जाएगी। सिलेक्शन उमीदवारों का सिलेक्शन प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। आवश्यकता होने पर आयोग द्वारा उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में स्केलिंग / नॉर्मलाईजेशन (सामान्यीकरण) पद्धति को अपनाया जा सकेगा। परीक्षा शुल्क सामान्य (अनारक्षित) वर्ग एवं राजस्थान के क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग /अति पिछड़ा वर्ग के आवेदक के लिए 350 रुपए राजस्थान के नॉन क्रीमीलेयर श्रेणी के अन्य पिछड़ा वर्ग/अति पिछड़ा वर्ग एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए के लिए 250 रुपए निःशक्तजन, राजस्थान की अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग तथा जिनकी पारिवारिक आय 2.50 लाख से कम है, के आवेदक के लिए 150 रुपए टी.एस.पी क्षेत्र के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति एवं बारां जिले की समस्त तहसीलों के सहरिया आदिम जाति के आवेदक के लिए 150 रुपए अधिक जानकारी के लिए यहां करें क्लिक ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन ऑनलाइन आवेदन करने के लिए कैंडिडेट को आयोग के ऑनलाइन पोर्टल https://rpsc.rajasthan.gov.in पर उपलब्ध अप्लाई ऑनलाइन लिंक को क्लिक या एस.एस.ओ. पोर्टल https://sso.rajasthan.gov.in से लॉगिन करना होगा। सिटीजन ऐप ( G2C) में उपलब्ध रिक्रूटमेंट पोर्टल का चयन कर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) करना होगा। पहली बार वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) करने के लिए अभ्यर्थी के नाम, पिता के नाम, जन्म तिथि, लिंग, सेकेंडरी / समकक्ष परीक्षा एवं आधार कार्ड / पैन कार्ड / वोटर कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस आई. डी. में से किसी एक आई.डी. प्रूफ की डीटेल भरनी होगी। साथ ही डॉक्यूमेंट अपलोड करने अनिवार्य होंगे। कैंडीडेट को परीक्षा के लिए ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद वेब साइट पर ऑनलाइन पेमेंट करना होगा। एप्लिकेशन आईडी जनरेट करनी होगी।
राजस्थान में करौली और जोधपुर में हुए दंगों की आग अभी ठंडी नहीं हुई है कि भरतपुर में सोमवार देर रात दो समुदाय भिड़ गए। दोनों पक्षों की ओर से पत्थरबाजी के बाद करीब आधे घंटे तक कांच की बोतलें फेंकी गईं। झगड़े की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। इस घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ है जिसे आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना रात करीब 11 बजे शहर के मथुरा गेट इलाके की है। यहां बुद्ध की हाट में दो समुदायों में आपसी कहासुनी के बाद विवाद हो गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विवाद का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। 31 लोग गिरफ्तार पुलिस के अनुसार दोनों पक्षों के करीब 31 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक श्याम सिंह ने बताया कि पूरी सड़क पर कांच और पत्थर बिखरे हुए थे। जिन्हें पुलिस ने साफ करवा दिया। इस इलाके में कई बार दोनों समुदाय के बीच झगड़ा हो चुका है। पूरे इलाके में लोगों को पूछताछ की जा रही है। फिलहाल इलाके में शांति बनी हुई है। 5 थानों की पुलिस तैनात मौके पर पांच थानों का जाब्ता लगाया गया है। रात को पुलिस के बड़े अधिकारी सहित जिला कलक्टर और डीसी भी मौके पर पहुंचे। मंगलवार सुबह भी प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था देखीं। झगड़े वाले इलाके में 100 से अधिक सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है। 10 सालों से चली आ रही है रंजिश पुलिस के अनुसार 2013 में दोनों पक्षों को लेकर विवाद हुआ था। इसमें एक पक्ष के 5 लोगों को आरोपी बनाया गया था। सोमवार को जेल से बाहर निकले एक पक्ष के लोगों जब बुद्धा हाट पहुंचे तो अचानक पथराव शुरू हो गया। इसके बाद करीब आधे घंटे तक पत्थरबाजी और कांच की बोतलों से एक-दूसरे पर हमला होता रहा।
जयपुर,BJP राजस्थान में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बूथ मैनेजमेंट की तैयारियों में अभी से जुट गई है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा 10 और 11 मई को राजस्थान के नहरी क्षेत्र के दौरे पर आएंगे। बीजेपी अध्यक्ष 10 मई को श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में बीकानेर संभाग के बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। 'बूथ जीता तो चुनाव जीता' थीम पर नड्डा कार्यकर्ताओं को टिप्स देंगे। राजस्थान में बीजेपी अपने 52 हजार बूथों को अब पूरी तरह सक्रिय करने जा रही है। जहां करीब 11 लाख कार्यकर्ताओं की बड़ी फौज चुनाव में पार्टी को वोट दिलाने के लिए अपना रोल निभाएगी। आगामी दिनों में अलग-अलग सम्भागवार बूथ सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे। जेपी नड्डा 11 मई को हनुमानढ़ में जिला कार्यालय भवन समेत प्रदेश के कुल 10 जिला BJP कार्यालयों का भी वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा 4 बीजेपी कार्यालयों का भूमि पूजन भी किया जाएगा। सुबह 11 बजे उद्घाटन कार्यक्रम होगा। जबकि सुबह 9 से ही हवन-पूजन शुरू हो जाएगा। उद्घाटन के बाद सभी कार्यकर्ताओं के लिए भोजन प्रसादी भी रखी गई है। इन 10 जिला कार्यालय भवनों का होगा उद्घाटन जेपी नड्डा हनुमानगढ़ जिला कार्यालय का मौके पर उद्घाटन करेंगे। जबकि श्रीगंगानगर, बीकानेर, धौलपुर, अजमेर, नागौर, चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, उदयपुर, अलवर जिलों में कार्यालय भवनों का वर्चुअल उद्घाटन करेंगे। उद्घाटन के साथ ही यह सभी कार्यालय शुरु कर दिए जाएंगे। इन कार्यालयों में पार्टी से जुड़ी बैंठकें, जिला कार्यकारिणी, बूथ और पन्ना प्रमुखों की बैठकें समेत तमाम मोर्चा,प्रकोष्ठों के कार्यक्रम शुरु हो जाएंगे। उद्घाटन के मौके पर सभी जिलों के कार्यालयों पर हवन-पूजन होगा। जिलाध्यक्ष, सांसद, विधायक, जिलों के बीजेपी पदाधिकारी, कार्यकर्ता परिवारों के साथ मौजूद रहेंगे। इन 4 कार्यालयों का होगा भूमि पूजन जेपी नड्डा दौसा, चूरू, प्रतापगढ़ और बारां के जिला बीजेपी कार्यालय भवनों का भूमि पूजन भी करेंगे। प्रभारी अरुण सिंह और प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया का हनुमानगढ़-गंगानगर दौरा पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के दौरे की तैयारियों को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री और प्रदेश प्रभारी अरूण सिंह, बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां आज सूरतगढ़, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में पदाधिकारियों के साथ आज बैठक कर रहे हैं। साथ ही कार्यक्रम स्थलों का दौरे कर तैयारियों का जायजा लेंगे। 10 और 11 मई को कार्यक्रम में प्रदेश संगठन महामंत्री चन्द्रशेखर मिश्रा, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता राजेन्द्र राठौड़, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल, कैलाश चौधरी, सांसद डॉ किरोड़ीलाल मीणा, विधायक मदन दिलावर समेत अन्य सांसद, विधायक, स्थानीय जिलाध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे। जिला कार्यालयों की क्यों पड़ी जरूरत ? BJP के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री और कर्नाटक में RSS के प्रचारक की छवि रखने वाले बी.एल.संतोष ने साफ निर्देश दिए हैं कि पार्टी संगठन चलाने के लिए सभी जिलों में कार्यालय, कोष और कार्यक्रम होना जरूरी है। इसलिए पार्टी तेजी से चुनाव से पहले सभी जिला बीजेपी कार्यालय तैयार करवा रही है। इन कार्यालयों को फंडिंग और प्रोग्राम भी दिए जाएंगे। इंजीनियर बीएल संतोष चुनावों के दौरान स्किलफुली वॉर रूम चलाने के लिए जाने जाते हैं। लो प्रोफाइल रहकर परदे के पीछे की चुनावी स्ट्रेटेजी वह तैयार करते हैं।
जयपुरराजस्थान सरकार में जलदाय मंत्री महेश जोशी के बेटे रोहित जोशी पर रेप पीड़िता ने गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती बोली- मंत्री का बेटा जबरन पोर्न मूवी दिखाता था। मूवी जैसा ही करने को बोलता था। नशे में मारपीट करता था और होश आने पर कसमें खाता था। इधर, मंत्री जोशी ने कहा- पुलिस निष्पक्षता, गहराई और सत्य के साथ में इसकी मामले की जांच करे। ये प्रकरण हो चाहे कोई और प्रकरण हो। मैं हमेशा न्याय और सच्चाई के साथ रहूंगा। मंत्री पुत्र के खिलाफ युवती ने दिल्ली सदर बाजार थाने में रेप का मामला दर्ज कराया था। दिल्ली पुलिस ने जीरो नंबर FIR काटकर सवाईमाधोपुर SP को भेजी है। 7 मई को पीड़िता अपनी मां के साथ दिल्ली के सदर बाजार थाने पहुंची। मंत्री के बेटे रोहित के खिलाफ थाने में रेप की शिकायत दी। दिल्ली पुलिस ने शिकायत पर वूमन काउंसलर को बुलाकर पीड़िता की काउंसलिंग की। काउंसलिंग के बाद पीड़िता को दिल्ली के हिंदूराव हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां उसका मेडिकल करवाया गया। जीरो नंबर FIR, काउंसलिंग रिपोर्ट, तीन डॉक्युमेंट और मेडिकल कीट को दिल्ली पुलिस ने सवाई माधोपुर भेज दिया है। हालांकि, सवाई माधोपुर पुलिस के पास अभी तक यह नहीं पहुंची है।
नोएडाः उत्तर प्रदेश के नोएडा में टीवी न्यूज ऐंकर अमन चोपड़ा को गिरफ्तार कने पहुंची राजस्थान पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। चोपड़ा अपने घर पर नहीं मिले। इसके बाद राजस्थान पुलिस ने स्थानीय पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने उन्हें काफी देर इंतजार करवाया, जिससे आरोपी को भागने का मौका मिल गया। नोएडा पुलिस ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। रविवार को इसे लेकर नोएडा में जमकर ड्रामेबाजी हुई। राजस्थान के डूंगरपुर के एसपी सुधीर जोशी ने कहा कि यह दूसरी बार है जब नोएडा पुलिस ने उनके काम में बाधा डाली। उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस ने हमारी टीम को उनके साथ पुलिस स्टेशन आने के लिए कहा। हमारी टीम नोएडा पुलिस स्टेशन गई और उन्हें अमन चोपड़ा के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट दिखाया। इसके बाद जब टीम चोपड़ा के घर अरिहंत अपार्टमेंट पहुंची तो वह वहां नहीं मिले। जोशी ने आरोप लगाया कि एक हफ्ते पहले भी नोएडा पुलिस ने उनके साथ ऐसा ही किया था। जोशी के आरोप पर जवाब देते हुए एसीपी-2 सेंट्रल नोएडा योगेंद्र सिंह ने कहा कि राजस्थान पुलिस की एक टीम चोपड़ा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट लेकर दोपहर करीब 3 बजे बिसरख पुलिस थाने आई थी। उन्होंने कानूनी प्रक्रिया पूरी की और हमारे दो कर्मी उनके साथ गए। चोपड़ा के घर पर ताला लगा था, जिसके बाद उन्होंने वारंट को घर के बाहर चिपका दिया। सिंह ने कहा कि राजस्थान पुलिस के लोग खुद थाने आए थे। हमें किसी के आने की कोई जानकारी नहीं थी। राजस्थान पुलिस ने बताया कि चोपड़ा के खिलाफ 23 अप्रैल को आईपीसी और आईटी अधिनियम के तहत बिछिवाड़ा पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। चोपड़ा ने अपने एक शो में कथित तौर पर दावा किया था कि जहांगीरपुरी केस का बदला लेने के लिए अलवर में एक सदियों पुराने मंदिर को विध्वंस किया गया था। राज्य पुलिस के बीच विवाद का यह पहला मामला नहीं है। हाल ही में पंजाब-हरियाणा और दिल्ली पुलिस के बीच भी इसी तरह की नाटकीय स्थिति बनी थी। एक मामले में बीजेपी नेता तेजिंदर पाल सिंह बग्गा को गिरफ्तार करने पंजाब पुलिस दिल्ली आई थी। बग्गा को गिरफ्तार कर ले जा रही पंजाब पुलिस को हरियाणा पुलिस ने रोक लिया। बाद में दिल्ली पुलिस उन्हें वापस दिल्ली लेकर चली आई। इस दौरान पंजाब पुलिस की दिल्ली और हरियाणा पुलिस के साथ खींचतान काफी चर्चा में रही।
सीएम का भाजपा पर गंभीर आरोप: जोधपुर हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी और आरएसएस पर बड़े आरोप लगाए हैं। गहलोत ने हिंसा के लिए बीजेपी-आरएसएस को जिम्मेदार ठहराया है। गहलोत ने क्या कहा?: मुख्यमंत्री ने कहा- यह बीजेपी और आरएसएस का एजेंडा है, चुनाव के 18 महीने बाकी हैं, इन्होंने अभी से राजस्थान को टारगेट बनाया है। इनके हाईकमान का लोगों को इशारा है। हम इन्हें रोक रहे हैं। इसी वजह से करौली, राजगढ़, जोधपुर में लोगों की मौतें नहीं हुई। बीजेपी नेताओं को ऊपर से इंस्ट्रक्शन है कि कुछ भी करके सरकार को बदनाम करो। मुख्यमंत्री को बदनाम करो। इनके पास मैसेज आते हैं। इसके हिसाब से ये काम कर रहे हैं। जोधपुर में परंपरा रही है कि ईद के मौके पर सभी पार्टियों के नेता एक साथ बैठते हैं। जोधपुर में ईद की नमाज में बीजेपी नेता जाते तो ये हालात नहीं बनते। बीजेपी नेता हर बार ईदगाह जाते हैं, इस बार क्यों नहीं गए। नेता ईदगाह जाते तो लोगों को समझा सकते थे। इनका यह सोचा समझा षडयंत्र है। ये दंगे करवाते हैं, अफवाहें फैलाते हैं, हिंसा फैलाते हैं, यह देश और प्रदेश में इनका एजेंडा है। राजगढ़ में बोर्ड है बीजेपी का, 35 पार्षद में से 34 हैं बीजेपी के, प्रस्ताव पास किया सड़क चौड़ी करने का, सड़क चौड़ी की गई और बदनाम कांग्रेस को कर रहे हैं। दंगाइयों को चेतावनी: गहलोत ने हिंसा फैलाने वालों को चेतावनी भी दी है। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास यही है कि भाईचारा, प्यार मोहब्बत बनी रहे। जब प्रवीण तोगड़िया ने कोई जमाने में आतंक मचाया, तब मैंने ही अरेस्ट करवाया था। हम ऐसे सांप्रदायिक तत्वों को पांबद करेंगे और कार्रवाई करेंगे। हिंसा किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हम धर्म-जाति के नाम पर राजनीति करने वाले तत्वों को पाबंद कर कार्रवाई करेंगे। गहलोत ने कहा- ऐसे मामलों में बिना जाति, धर्म देखे कार्रवाई होती है। तभी दंगे रुकते हैं। ऐसे वक्त में जो दोषी हैं, उस पर कार्रवाई होनी चाहिए। हमने सभी एसीपी को निर्देश दे रखे हैं कि सांप्रदायिक उन्माद फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। कोई राजनीतिक दबाव नहीं है, दंगे भड़काने वालों पर कार्रवाई के आदेश दे रखे हैं। एक नई सियासत: गहलोत ने कहा- अभी मैंने सुना कि अब वो जयपुर में राष्ट्रीय कार्यकारिणी कर रहे हैं। अंदाज कर सकते हो कि कितने घबराए हुए हैं। राजस्थान के नाम से ही, इनकी नींद हराम हो रही है दिल्ली में, इसलिए पूरा टारगेट यहां पर मुख्यमंत्री को, सरकार को बदनाम करने का है। इनको हम कामयाब नहीं होने देंगे। केंद्र ने मांगा जवाब: जोधपुर हिंसा पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रिपोर्ट तलब की है। गृह मंत्रालय के मुताबिक पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। अब आगे क्या: जोधपुर में फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं। जोधपुर के दस थाना क्षेत्रों में आज रात 12 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। दंगाई सुबह 5 बजे से फैला रहे थे दहशत:स्कूटी से नीचे गिराया, पैर पर सरिये से मारते रहे जोधपुर शहर में सोमवार रात से दहशत का डेरा था। 15 घंटे तक उपद्रवियों ने जमकर उपद्रव मचाया। दावा किया जा रहा था कि मामला शांत होने के बाद मंगलवार सुबह 9 बजे के बाद माहौल बिगड़ा। लेकिन, इस घटनाक्रम की हकीकत यह है कि सोमवार रात को शुरू हुआ विवाद थमा ही नहीं था। मंगलवार सुबह से ही बीच रास्ते में मिलने वाले लोगों को डराया-धमकाया गया।
जोधपुर में सोमवार से चल रहा विवाद अब धीरे-धीरे थमने लगा है। हालांकि प्रशासन ने जोधपुर शहर के 10 थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू 2 दिन बढ़ाकर 6 मई को रात 12 बजे तक कर दिया है। इंटरनेट बंदी भी आगामी आदेश तक लागू रहेगी। वहीं, बुधवार आधी रात तक खुली कमिश्नरेट कोर्ट ने 60 लोगों को जमानत दे दी। इस बीच भीतरी शहर में स्थानीय लोगों ने एक पहल करते हुए दोनों समुदाय की बैठक बुलाई। इस बैठक में दोनों समुदाय के लोगों के बीच शांति बनाए रखने को लेकर सहमति बनी। इधर, प्रशासन ने निर्दोष लोगों को छोड़ने का आश्वासन के बाद बीजेपी ने गुरुवार से शुरू होने वाले धरने व अनशन कार्यक्रम को कैंसिल कर दिया है। दरअसल, सोमवार रात को जालोरी गेट चौराहे पर स्वतंत्रता सेनानी बालमुकुंद बिस्सा की प्रतिमा पर झंडा लगाने और प्रतिमा को ढकने को लेकर विवाद बढ़ गया था। मंगलवार को यह विवाद हिंसा में तब्दील हो गया। इसके बाद से शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। बुधवार सुबह सर्किट हाउस में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में विधायक सूर्यकांता व्यास ने मांग रखी कि पहले निर्दोष लोगों को छोड़ा जाए और आरोपियों की गिरफ्तारी हो। उन्होंने बैठक का बहिष्कार करते हुए धरने व अनशन की चेतावनी दी थी। अनशन कैंसिल किया गया एडीजी लॉ एंड ऑर्डर हवासिंह घुमरिया ने बताया कि भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक के बाद उन्होंने कल का आमरण अनशन का प्रोग्राम कैंसिल कर दिया। भाजपा राज्यसभा सांसद राजेन्द्र गहलोत, सूरसागर से विधायक सूर्यकांता व्यास ने बताया कि हमारी मांग थी कि निर्दोष को नहीं पकड़ा जाए। यह मांग मान ली गई है। पुलिस ने 140 लोगों को गिरफ्तार किया था। ऐसे में देर रात 12 बजे के करीब 60 से ज्यादा लोगों को जमानत दी गई। लेकिन, अधिकारियों ने बताया कि एहतियात के तौर पर शहर में कर्फ्यू और इंटरनेट को लेकर पाबंदियों को बढ़ा दिया गया है। 13 बिल्डिंग और 5 दुकानों में तोड़फोड़ कलेक्टर ने बताया कि इस उपद्रव में 29 टू व्हीलर, 21 कार को नुकसान पहुंचा है। वहीं 13 बिल्डिंग और 5 दुकानों में तोड़फोड़ की गई है। इनकी रिपोर्ट सरकार को भेज दी गई है। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर हवासिंह घुमरिया ने बताया कि अब तक 140 को अरेस्ट किया गया है और 18 केस दर्ज हुए है। कई सीसीटीवी फुटेज देखे है। इनमें जो निर्दोष है उन्हें छोड़ दिया गया है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग जो 151 में है उनको ज्युडिशियल कस्टडी में भेजा गया है। इस दौरान हम सीसीटीवी फुटेज देखकर आंकलन भी कर रहे हैं। दोनों समुदाय की बैठक, एक-दूसरे को खिलाई मिठाई शहर के सबसे संवेदनशील एरिया इशाकिया स्कूल और कबूतरो का चौक के मोहल्ले वासियों ने बुधवार देर रात बैठक बुलाई। इस बैठक में दोनों समुदाय के लोग मौजूद थे। इसमें निर्णय लिया गया कि भविष्य में इस तरह की घटना नहीं होने देंगे। साथ ही दोनों पक्षों ने तय किया कि इसके बावजूद ऐसी अप्रिय घटना हो जाती है तो उसका निपटारा समझाइश के साथ अपने-अपने स्तर पर करेंगे। संकल्प लिया गया कि शहर में मोहब्बत और भाईचारा बनाकर चलेंगे। इस मौके पर पूर्व पार्षद खुर्शीद अहमद, पार्षद असलम, पार्षद हसन, शाकिर बंगाली, उमेश कलीम, जावेद शेक सलीम शेक, नमन व्यास, ओम गज्जा, रमेश जाजू, जगमोहन मत्तड़ आदि मौजूद थे। इन क्षेत्रों में रहेगा कर्फ्यू, इन्हें मिलेगी छूट पुलिस उपायुक्त राजकुमार चौधरी ने बताया कि उदयमंदिर के आंशिक क्षेत्र राईका बाग रोडवेज बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को छोड़ उदय मंदिर थाना क्षेत्र, सदर कोतवाली, सदर बाजार, नागौरी गेट एवं खाण्डा फलसा का संपूर्ण क्षेत्र और प्रताप नगर, प्रताप नगर सदर, देव नगर, सूरसागर एवं सरदारपुरा के संपूर्ण क्षेत्र में 6 मई रात 12 बजे तक कर्फ्यू रहेगा। आदेश के तहत कर्फ्यू के दौरान विभिन्न विद्यालयों की परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं में शरीक होने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं परीक्षा कार्य में लगे स्टॅाफ को आने-जाने की छूट होगी। मेडिकल इमरजेंसी, मेडिकल सर्विस से जुड़े कर्मचारी, बैंक कर्मी, न्यायिक सेवाओं से संबंधित पदाधिकारी, कर्मचारी व पत्रकार, मीडियाकर्मियों द्वारा परिचय पत्र, दस्तावेज दिखाने पर अनुमति होगी। न्यूज पेपर हॉकर्स को वितरण की अनुमति होगी। अन्य विशेष परिस्थितियों में अति आवश्यक होने पर कर्फ्यू में निकलने के लिए संबंधित सहायक पुलिस आयुक्त व संबंधित थानाधिकारी से परमिशन लेनी होगी। इधर, लोगों का आरोप, रास्ते में उठा ले गए, विरोध के बाद जमानत उपद्रव के बाद शांतिभंग के पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया। बीजेपी पदाधिकारियों की ओर से आरोप लगाए गए कि निर्दोष लोगों को भी उठाकर पुलिस ले गई। बुधवार शाम करीब 300 लोगों को कोर्ट में पेश किया गया। इस दौरान प्राइवेट जॉब करने वाले मगराज ने बताया कि वह बोम्बे मोटर चौराहे से आखलिया कबूतरों को दाना देकर लौट रहे थे। पुलिस ने रोका और अरेस्ट कर लिया। इनमें शामिल मुकेश का कहना था कि शादी से लौट रहे भाई और चाचा को पुलिस उठाकर ले गई। रामदेव मंदिर के पुजारी ने कहा कि बोम्बे मोटर स्थित मंदिर बंद कर रहा था कि अरेस्ट कर लिया गया। मामला सामने आने के बाद बुधवार देर रात 60 से ज्यादा निर्दोष लोगों को जमानत दी गई। मूर्तियों पर झंडे लगाने का कानून लाएगी राज्य सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के स्मारकों और मूर्तियों पर झंडे लगाने और इनकी व्यवस्थाओं को लेकर राज्य सरकार कानून लाएगी। यह जानकारी गृह राज्यमंत्री राजेंद्र सिंह यादव ने दी। उन्होंने कहा कि जोधपुर में जालोरी गेट सर्किल की व्यवस्थाओं को लेकर भी स्थानीय प्रशासन कार्रवाई करेगा। उन्होंने बताया कि इस तरह के स्मारक पर ऐसा कोई काम न हो जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हो और इसकी पालना भी करवाई जाएगी।
राजस्थान में जोधपुर के बाद अब भीलवाड़ा सुलग रहा है। यहां सांगानेर में बुधवार रात को दो युवकों के साथ एक दर्जन से ज्यादा नकाबपोशों ने मारपीट करके उनकी बाइक जला दी। इसके बाद लोगों ने हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर घायलों को हॉस्पिटल ले जाने का विरोध किया। हालांकि, पुलिस-प्रशासन की समझाइश के बाद घायलों को डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया। घायलों को इलाज के लिए ले जाने के बाद भी शहर में तनाव कम नहीं हुआ। हालात को देखते हुए सांगानेर इलाके में 33 थानों के 150 से ज्यादा जवानों को तैनात किया गया है। वहीं, गुरुवार सुबह पूरे जिले में इंटरनेट बंद कर दिया गया। इधर, जोधपुर में ईद पर जमकर बवाल हुआ था, जिसके बाद अभी भी शहर में कर्फ्यू लगा हुआ है। साथ ही इंटरनेट भी बंद रखा गया है। बुधवार की देर रात हुआ हमला भीलवाड़ा के SP आदर्श सिद्धू ने बताया कि घटना बुधवार रात करीब दस बजे की है। यहां ​​​​​​सांगानेर के करबला रोड पर बैठे हुए दो युवक आजाद और सद्दाम पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। इसके बाद हालात बिगड़े। अब तक दोनों युवकों पर हमले की वजह का पता नहीं चल पाया है। दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत खतरे से बाहर है। लोगों से शांति रखने की अपील कलेक्टर आशीष मोदी ने बताया कि दोनों युवकों के साथ मारपीट और बाइक जलाने के मामले में पुलिस टीम हमलावर की तलाश में जुटी है। घटनास्थल के आसपास और शहर से बाहर जाने वाले रास्तों पर CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। लोगों से सूचना जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है। अतिसंवेदनशील क्षेत्र है सांगानेर भीलवाड़ा का उपनगर सांगानेर अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में माना जाता है। राजस्थान में करौली, अलवर, जोधपुर और अब भीलवाड़ा में माहौल खराब करने की कोशिश के तौर पर इस घटना को देखा जा रहा है।
राजस्थान के जोधपुर में ईद के मौके पर जमकर बवाल के बाद तनाव बना हुआ है। प्रशासन ने जोधपुर के 10 इलाकों में बुधवार तक के लिए कर्फ्यू लगा दिया है। इधर, लोगों ने सूरसागर इलाके में विधायक के घर के बाहर आगजनी की। उधर, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस घटना पर रिपोर्ट मांगी है। जोधपुर के कई इलाकों में तलवारबाजी, पत्थरबाजी और आगजनी की घटनाएं भी हुई हैं। आज पत्थरबाजी में एक और पुलिसकर्मी घायल हो गया, जबकि कल रात को 4 पुलिसकर्मी जख्मी हुए थे। इस मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हिंसा के विरोध में लोगों ने हनुमान चालीसा का भी पाठ करना शुरू कर दिया है। वहीं, शहर के इन इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है: उदयमंदिर नागोरी गेट सदर कोतवाली सदर बाजार सुरसागर सरदारपुरा खांडाफलसा प्रतापनगर देवनगर प्रतापनगर सदर इससे पहले, सोमवार रात को झंडे और लाउडस्पीकर लगाने को लेकर दो समुदायों के बीच पत्थरबाजी हुई थी। मंगलवार सुबह एक समुदाय के लोग जालोरी गेट इलाके में जुटकर फिर से उपद्रव करने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया। CM गहलोत ने हाई लेवल मीटिंग बुलाई जोधपुर में मंगलवार सुबह उपद्रवियों ने 20 से ज्यादा गाड़ियों के कांच तोड़ दिए और कई ATM में भी तोड़फोड़ की। देर रात से ही जालोरी गेट और ईदगाह इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है। वहीं, इंटरनेट बंद कर दिया गया है। CM अशोक गहलोत ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। वहीं, CM गहलोत ने मामले पर DGP समेत अन्य अधिकारियों संग हाई लेवल मीटिंग ली। जोधपुर में सोमवार रात भी हुई थी पत्थरबाजी सोमवार रात जोधपुर के जालोरी गेट चौराहे पर देर रात जमकर पत्थरबाजी हुई। मौके पर पहुंची पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठीचार्ज किया तो एक समुदाय की ओर से पुलिस पर भी पथराव हुआ, जिसमें 4 पुलिसकर्मी घायल हुए।
जयपुर, राजस्थान के जोधपुर में सोमवार देर रात भगवा झण्डा हटाकर इस्लामिक झण्डा लगाने को लेकर दो समुदायों के बीच हुआ विवाद मंगलवार को एक बार फिर भड़क उठा। मंगलवार सुबह नमाज पढ़कर वापस लौट रहे युवकों ने पत्थरबाजी और आगजनी की। वाहनों में तोड़फोड़ कर दो दर्जन बाइकों को आग के हवाले कर दिया। तीन एटीएम में तोड़फोड़ की गई। भाजपा विधायक सूर्यकान्ता व्यास के घर के बाहर खड़ी बाइक को आग लगा दी गई। चाकू से हमला कर एक युवती को घायल कर दिया। उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पुलिस ने पहले लाठीचार्ज किया और फिर आंसूगैस के गोले छोड़े। जोधपुर जिले में इंटनेट बन्द कर दिया गया है। केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने शहर में घूमकर लोगों से मिले। उन्होंने समर्थकों के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। उपद्रवियों की पत्थरबाजी में सोमवार रात और मंगलवार सुबह तक चार पुलिसकर्मी, आधा दर्जन स्थानीय नागरिक और मीडियाकर्मी घायल हुए हैं। गृहराज्य मंत्री राजेन्द्र यादव व अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हवा सिंह को जयपुर से जोधपुर भेजा गया है। शहर में तनाव बरकरार है ऐसे उत्पन्न हुआ तनाव मुख्यमंत्री के गृह नगर में सोमवार रात करीब 12 बजे जालौरी गेट चौराहे पर बने बालमुकुंद बिस्सा सर्किल से भगवा झण्डा उतारकर इस्लामिक झण्डा लगा दिया गया। ईद से एक दिन पहले लाउडस्पीकर भी लगाए गए। इस्लामिक झण्डा लगाए जाने का दो युवकों ने विरोध किया तो भीड़ ने उनके साथ मारपीट की। सूचना मिलते ही दोनों समुदायों के लोग एकत्रित हो गए।एक समुदाय विशेष के लोगों ने दूसरे समुदाय के लोगों पर अचानक पथराव करना शुरू कर दिया। घरों की छतों से हरे रंग किए हुए पत्थर फेंके गए। इससे पुलिस उप अधीक्षक भुवनभुषण, उदयपुर मंदिर थाना अधिकारी अमित सिहाग सहित चार पुलिसकर्मी, कुछ मीडियाकर्मी व स्थानीय लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। समझा कर मौके पर शांति स्थापित करवाई गई। रात करीब डेढ़ बजे उपद्रवी फिर जालौरी गेट व ईदगाह क्षेत्र एकत्रित हुए और पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस पर पुलिस ने पहले लाठीचार्ज और फिर आंसूगैस छोड़ी। तनाव के बीच मंगलवार को शहर में ईद की नमाज सम्पन्न हुई। नमाज पढ़कर लौट रहे करीब दो सौ लोगों की भीड़ ने जालौरी गेट पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, वाहनों में आग लगा दी, पुलिसकर्मियों व अन्य लोगों के साथ मारपीट की गई। इस पर पुलिस ने दूसरे दिन भी लाठीचार्ज करने के साथ ही आंसूगैस के गोले छोड़े । पीड़ितों ने बताया सोमवार रात उपद्रवियों द्वारा की गई मारपीट के शिकार हिंमाशु व रणजीत ने बताया कि शहर में परशुराम जयंती के उपलक्ष्य में भगवा झण्डे लगाए गए थे। कार्यक्रम आयोजित होना था। लेकिन परशुराम जयंती के दिन ईद होने के कारण दो दिन पहले ही कार्यक्रम आयोजित कर लिया गया था। प्रशासन की सलाह पर अधिकांश स्थानों से भगवा झण्डे भी हटा लिए गए थे। बालमुकुंद बिस्सा सर्किल पर एक झण्डा हटाने से रह गया था। एक समुदाय विशेष के लोगों ने इस झण्डे को नीचे फेंक कर इस्लामिक झण्डा लगाया, जिसका हमने विरोध किया था उन्होंने हमारे साथ मारपीट की। पथराव शुरू कर दिया। इन लोगों ने पुलिस के बेरिकेड्स गिरा दिए। गहलोत ने शांति की अपील की गहलोत ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। गहलोत ने कहा, जोधपुर पर दो गुटों में झड़प से तनाव पैदा होना दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रशासन को हर कीमत पर शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। जोधपुर, मारवाड़ की प्रेम एवं भाईचारे की परंपरा का सम्मान करते हुए मैं सभी पक्षों से मार्मिक अपील करता हूं कि शांति बनाए रखें एवं कानून-व्यवस्था बनाने में सहयोग करें। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि सीएम के गृहक्षेत्र में इस तरह की घटना होना शर्मनाक और निंदनीय है।
दुकानें लूटी...गाड़ियों के शीशे तोड़े, जोधपुर में फिर बवाल के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्ज जोधपुर : राजस्थान के जोधपुर में देर रात को बवाल (Rajasthan Violence News) के बाद सुबह में फिर हंगामा हुआ है। उपद्रवियों ने एटीएम में तोड़फोड़ की है। कई दुकानों में लूटपाट की गई। वहीं 15 से 20 गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। पुलिस पर भी अटैक किया गया, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। सुबह में बवाल के बाद पुलिस (Rajasthan Police) ने हालात संभाला, तुरंत ही लाठीचार्ज करके उपद्रवियों को खदेड़ा। यही नहीं स्थिति कंट्रोल में करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। इस बीच जयपुर से एडीजी क्राइम सहित आलाधिकारी जोधपुर रवाना हो गए हैं। बताया जा रहा कि विवाद की शुरुआत देर रात झंडा हटाने के बाद हुई थी। बात जालोरी गेट चौराहे (Jalori Gate) पर बालमुकंद बिस्सा सर्किल के पास की है, जहां भगवा ध्वज को उतार फेंकने और उसकी जगह समुदाय विशेष का झंडा फहराने से हंगामा बढ़ा। जिसमें दो पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई, जिसके बाद जमकर पत्थरबाजी हुई। ईद पर इस तरह की घटना के बाद पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। सीएम गहलोत ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
रीट में पेपर लीक के बाद हुए विवाद के बीच राजस्थान सरकार नकल रोकने का बिल लाई है। बिल में पेपर लीक और नकल गिरोह में शामिल लोगों को अपराध साबित होने पर 5 से 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया है। नकल में शामिल लोगों पर सजा के साथ कम से कम 10 लाख से 10 करोड़ तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। नकल रोकने का बिल गुरुवार को विधानसभा में पेश किया गया। राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) विधेयक 2022 को उच्च शिक्षा राज्य मंत्री राजेंद्र यादव ने इस बिल को विधानसभा में रखा। इसके बाद 15 दिन में यह बिल पास हो जाएगा। बिल पास होने के बाद से नकल पर सख्त कानून तय हो जाएंगे। इस बिल में पेपर लीक और नकल गिरोह की संपत्ति जब्त कर नीलाम करने का प्रावधान किया गया है। स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी से लेकर सरकारी नौकरियों के लिए होने वाली भर्ती परीक्षाओं में नकल, पेपर लीक गिरोह के खिलाफ इस बिल में कड़े प्रावधान किए हैं। प्रॉपर्टी जब्त कर कुर्क किया जाएगा नकल और पेपर लीक गिरोह में शामिल हर व्यक्ति को दोषी होने पर 5 से 10 साल तक की सजा का प्रावधान किया है। नकल गिरोह में शामिल हर व्यक्ति पर कम से कम 10 लाख का जुर्माना होगा। यह जुर्माना 10 करोड़ तक का हो सकेगा। पेपर लीक और नकल से कमाई गई संपति के आधार पर जुर्माना बढ़ भी सकता है। प्रॉपर्टी जब्त कर उसे कुर्क किया जाएगा। नकल की तो 1 लाख तक जुर्माना किसी भी परीक्षा में अगर कोई अभ्यर्थी नकल करता है या पेपर लीक गिरोह से पेपर खरीदने का दोषी पाया जाता है तो उसे 3 साल की सजा और 1 लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया है। परीक्षार्थी अगर नकल गिरोह का सदस्य है तो उसकी सजा और जुर्माना भी गिरोह के बाकी लोगों की तरह ही होगी। नकल करते पकड़े जाने पर दो साल तक किसी तरह की परीक्षाओं में शामिल नहीं हो सकेंगे। स्कूल-कॉलेज से लेकर हर तरह की परीक्षाओं में नकल करने पर दो साल तक परीक्षा देने पर रोक का प्रावधान होगा। अभी भी नकल में शामिल परीक्षार्थियों का रिजल्ट रोकने और परीक्षा से बाहर करने के प्रावधान हैं, लेकिन अब प्रावधान और कड़े किए जा रहे हैं। एडिशनल एसपी स्तर का अफसर जांच करेगा हर तरह की परीक्षाओं में पेपर लीक और नकल को संज्ञेय और गैर जमानती अपराध की कैटेगरी में माना जाएगा। ऐसे मामलों में जमानत नहीं होगी। परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक की जांच एडिशनल एसपी स्तर का अफसर ही कर सकेगा; इससे नीचे रैंक का पुलिस अफसर इन मामलों की जांच नहीं कर सकेंगे। रीट पेपर लीक के बाद बिल लाने का फैसला रीट परीक्षा गे पेपर लीक में आरोपियों के पकड़े जाने और भारी राजनीतिक विवाद के बाद गहलोत सरकार ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारौली को बर्खास्त कर दिया था। पेपरलीक मामले में बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी हो रही हैं। 2 फरवरी को सीएम अशोक गहलोत ने नकल रोकने के लिए कानून बनाने की घोषणा की थी। कड़े प्रावधान का मैसेज देने के लिए सरकार ने रीट पेपर लीक के आरोपी रामकृपाल मीणा का सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाए गए स्कूल को ढहा दिया था। रीट पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच की मांग पर बीजेपी विधायक विधानसभा सत्र में लगातार हंगामा कर रहे हैं। एसओजी में एंटी चीटिंग सेल बनेगी नकल रोकने के लिए जांच एजेंसी एसओजी में एंटी चीटिंग सेल बनाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने कल ही बजट में इसकी घोषणा की है। रीट नकल मामले की जांच एसओजी ही कर रही है। यूपी, हरियाणा की तर्ज पर कानून नकल के यूपी में योगी सरकार और हरियाणा की खट्टर सरकार ने कड़े प्रावधान वाला बिल पास कर चुके हैं। हाल ही यूपी में टेट पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ नए कानून के हिसाब से कार्रवाई करके उनकी प्रोपर्टी जब्त की है। अब राजस्थान में भी उसी तरह के प्रावधान लागू होंगे।
जयपुर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गांधी जयंती पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में एक तीर से दो शिकार किए हैं। विपक्ष को जवाब देने के साथ साथ उन्होंने पायलट खेमे को भी जवाब दे दिया। गहलोत ने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार पूरे 5 साल चलेगी और रिपीट भी होगी। उन्होंने यह भी कह दिया कि शांति धारीवाल को फिर से नगरीय विकास मंत्री बनाऊंगा। इस बयान से उन्होंने पायलट खेमे को आईना भी दिखा दिया कि अगली बार भी मुख्यमंत्री वे ही बनेंगे। उन्होंने साफ किया कि उनकी मुख्यमंत्री की कुर्सी को कहीं कोई खतरा नहीं है। विपक्ष के साथ पायलट खेमे को भी जवाब विपक्ष लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कमरे में बंद रहते हैं, बाहर ही नहीं निकलते। इसी का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पलटवार किया। पायलट खेमे की ओर इशारा करते हुए यह भी कह दिया कि जिनके दर्द हो रहा है उनकी वे जाने। केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अमित शाह, धर्मेंद्र प्रधान और अन्य लोगों की कृपा से हम 34 दिन होटलों में रहे, तो बंद कैसे रहे। आप लोगों की बड़ी कृपा रही। हमारे विधायकों की कृपा से वो टाइम भी निकल गया। गहलोत बोले- कोई दुखी हो तो हों, मैं कही जाने वाला नहीं हूं 'प्रशासन शहरों के संग' अभियान के शुभारंभ के दौरान अपने विरोधियों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मुझे 15-20 साल कुछ नहीं होने वाला है, यदि कोई दुखी हो तो हों, मैं कही जाने वाला नहीं हूं। ये सरकार पांच साल चलेगी और दोबारा भी हमारी ही सरकार बनेगी। स्वायत्त शासन मंत्री के शानदार काम को देखते हुए शांति धारीवाल को चौथी बार यूडीएच मंत्री बनाऊंगा। गहलोत ने कहा कि जनता खुद कहती हैं कि राजस्थान में कहीं भी एंटीइनकम्बेंसी नहीं है, हां हमारे पार्टी के कुछ साथी जरूर लाइन पार कर देते है। प्रदेश की जनता कांग्रेस की ही सरकार बनाएगी। 'हमारे कुछ साथी इधर-उधर की बात करते हैं' सीएम गहलोत ने कहा कि अभी तक सरकार के खिलाफ कोई एंटी इंकम्बेंसी पैदा नहीं हुई है। कुछ हमारे पार्टी के साथी जरूर इधर उधर की बात कई बार कर देते हैं। हमने काम में कोई कमी नहीं रखी। पता नहीं आगे क्या होगा, लेकिन इस बार जनता का मूड वापसी का है। दो बार में एक बार हम 56 पर आए, दूसरी बार 21 पर। हमने दोनों बार काम में कोई कसर नहीं रखी थी। अब लगता है रिपीट होंगे। उप चुनाव के दौरान कोरोना में ही मैनेें तो प्रतिपक्ष के नेता गुलाबचंद कटारिया को सलाह दी थी कि वे बाहर नहीं जाएं लेकिन वे राजसमंद गए क्यों कि किरण माहेश्वरी सीट उन्हें हरवानी थी। माहेश्वरी को स्वर्गवास के बाद भी निपटाना था। गहलोत ने कहा कि वे तो सबको कह रहे थे कि अभी बचाव करें और बाहर नहीं निकलें। बीजेपी-RSS ने 60 साल बाद गांधी को अपनाया सीएम गहलोत ने कहा कि विपक्ष के साथियों को हम साथ लेकर चलते हैं। बीजेपी-आरएसएस ने 60 साल बाद गांधी को अपनाया है। गांधी की हत्या करने वाला भी इन्हीं की विचारधारा का था। मोहन भागवत, पीएम मोदी और अमित शाह से कहना चाहूंगा कि वे अब देश से माफी मांगे या न मांगें, लेकिन आपके दिल में वही भाव आने चाहिए, जिसकी आप शपथ लेते हो।
जयपुर,राजस्थान के अलवर जिले में एक बार फिर दलित युवक की हत्या का मामला सामने आया है। प्याज के खेत में काम कर रहे युवक की समुदाय विशेष के दो लोगों ने हत्या कर दी। वारदात के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम का कहना है कि आरोपित को पकड़ने के लिए टीम गठित की गई है। आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस ने बनाई टीम जानकारी के मुताबिक अलवर जिले के छिछोली गांव निवासी संपत बैरवा रविवार को अपने खेत में काम कर रहा था। गांव का ही शाहरुख खान उसके घर पहुंचा तो स्वजन ने बताया कि वह प्याज के खेत में काम करने गया है। कुछ देर बाद शाहरुख अपने एक अन्य साथी के साथ पहुंचा और बातचीत के बहाने उसे अपने बाजरे के खेत में ले गया। वहां दोनों ने मिलकर तौलिया से संपत का गला घोंट दिया। हत्या का मुकदमा दर्ज चीख सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहीं महिलाएं दौड़कर पहुंचीं तो आरोपित फरार हो गए। संपत के पिता प्रभाती की शिकायत पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। उल्लेखनीय है कि अलवर जिले के बड़ौदा मेव में 15 सितंबर को समुदाय विशेष के लोगों ने एक युवक योगेश यादव की हत्या कर दी थी। पुलिस अभी केवल तीन आरोपितों को ही पकड़ पाई है। अन्य फरार हैं। भाजपा ने कहा, कानून व्यवस्था चौपट भाजपा ने इस हत्याकांड पर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि पूरे प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। अलवर में लगातार अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन पुलिस कुछ भी नहीं कर पा रही है। दलितों पर अत्याचार बढ़े हैं। भाजपा के प्रदेश महामंत्री मदन दिलावर ने कहा कि मेवात क्षेत्र में हिंदुओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। पुलिस मेवात के बदमाशों पर अंकुश नहीं लगा पा रही है।
नई दिल्ली,राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बड़े भाई अग्रसेन गहलोत अपने और अन्य के खिलाफ मनी लांड्रिंग मामले की जांच में पूछताछ के लिए सोमवार को यहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने पेश हुए। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि यह मामला उर्वरक निर्यात में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। पीएमएलए के तहत दर्ज किया गया अग्रसेन गहलोत का बयान सूत्रों ने बताया कि अग्रसेन का बयान मनी लांड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया गया। अग्रसेन एक वकील के साथ करीब 11.30 बजे ईडी के सामने पेश हुए। इस मामले में अग्रसेन गहलोत से पहले भी पूछताछ हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने ईडी की कार्रवाई से राहत का अनुरोध करते हुए अदालत का रुख किया था।राजस्थान हाई कोर्ट ने हाल में अग्रसेन को जांच में एजेंसी के साथ सहयोग करने के लिए कहा था। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने ईडी को उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया था। पिछले साल जुलाई में अग्रसेन के कारोबार से जुड़े परिसरों पर मारा था छापा एजेंसी ने पिछले साल जुलाई में राजस्थान में अग्रसेन के कारोबार से जुड़े परिसरों पर छापा मारा था। यह छापेमारी तब हुई, जब राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और तत्कालीन उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच राजनीतिक घमासान चल रहा था।राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस ने कहा था कि वह केंद्रीय जांच एजेंसियों द्वारा की गई ऐसी कार्रवाइयों से नहीं डरेगी। इस मामले में अग्रसेन गहलोत के बेटे अनुपम ने भी एजेंसी के सामने अपना पक्ष रखा था। उर्वरक निर्यात में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है मामला ईडी ने सीमा शुल्क विभाग के 2007-09 के एक मामले के आधार पर पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दर्ज करने के बाद पिछले साल कार्रवाई की थी। इस मामले में आरोप लगाया गया था कि किसानों के लिए सब्सिडी वाले म्यूरेट आफ पोटाश (एमओपी) की खरीद और निर्यात में अनियमितताएं हुई और 2013 में इस मामले की जांच को अंतिम रूप दिया गया। ईडी ने अग्रसेन गहलोत, उनकी कंपनी अनुपम कृषि तथा अन्य के खिलाफ कथित 'तस्करी गिरोह' की जांच और मनी लांड्रिंग के आरोपों के लिए सीमा शुल्क विभाग की प्राथमिकी और एक आरोपपत्र (13 जुलाई, 2020 को दाखिल) का संज्ञान लिया। ईडी के सूत्रों ने आरोप लगाया कि अग्रसेन गहलोत की कंपनी ने कथित तौर पर 35,000 मीट्रिक टन एमओपी की हेरफेर की। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसका मूल्य 130 करोड़ रुपये था।
जयपुर, राजस्थान कांग्रेस में पिछले दो साल से चल रहा सियासी संग्राम अब खत्म होने की उम्मीद है। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच एक सप्ताह में दो बार हुई मुलाकात के बाद राजस्थान सत्ता और संगठन में बदलाव की योजना तैयार कर ली गई। इसके तहत अक्टूबर में राज्य मंत्रिमंडल में फेरबदल के साथ ही संगठन में भी नीचे से ऊपर तक बदलाव होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत चाहते थे कि मौजूदा मंत्रियों में से किसी को नहीं हटाते हुए मंत्रिमंडल में विस्तार किया जाए, लेकिन आलाकमान ने फेरबदल करने का मानस बनाया है। इसके तहत विभिन्न आरोपों से घिरे मंत्रियों को हटाया जाएगा। प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने राहुल गांधी को जो रिपोर्ट सौंपी है, उसके छह मंत्रियों को हटाने की सिफारिश की गई है। सूत्रों के मुताबिक, इस रिपोर्ट में 21 में से मात्र पांच मंत्रियों के कामकाज पर संतोष जताया गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के कामकाज पर भी माकन ने नाखुशी जताई है। ऐसे में डोटासरा को लेकर भी शीघ्र ही निर्णय किया जा सकता है। बदलाव से पहले चल रही कसरत के बीच वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एक अक्टृबर को जयपुर में मंत्रियों और विधायकों की बैठक लेंगे। अजय माकन की रिपोर्ट पर जताई नाराजगी राहुल गांधी ने महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी अजय माकन के साथ राजस्थान के सत्ता और संगठन को लेकर शनिवार को चर्चा की। इस दौरान अजय माकन की रिपोर्ट पर नाराजगी भी जताई गई। इस दौरान मंत्रियों के आम लोगों के बीच नहीं जाने और कार्यकर्ताओं से दूरी होने, सत्ता व संगठन में तालमेल के लिए बनी समन्वय समिति के सक्रिय नहीं होने, अग्रिम संगठनों की निष्क्रियता, पिछले 18 माह से जिला और ब्लाक कांग्रेस कमेटियों की कार्यकारिणी नहीं होने पर भी चर्चा हुई। दरअसल, पिछले साल सचिन पायलट खेमे की बगावत के समय संगठन की सभी इकाइयां भंग कर दी गई थीं। जयपुर से दिल्ली तक सक्रियता बढ़ी सूत्रों के अनुसार, गहलोत मंत्रिमंडल के छह सदस्यों भंवर सिंह भाटी, प्रमोद जैन भाया, राजेंद्र यादव, भजनलाल जाटव, सुखराम विश्नोई और अशोक चांदना को हटाने की बात माकन की रिपोर्ट में कही गई है। जिन पांच मंत्रियों के कामकाज पर संतोष जताया गया, उनमें स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल, चिकित्सा मंत्री डा. रघु शर्मा, उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया व महिला व बाल विकास मंत्री ममता भूपेश शामिल है। पायलट की पहले 17 और फिर 24 सितंबर को राहुल गांधी से हुई मुलाकात व माकन की रिपोर्ट के बाद जयपुर से दिल्ली तक सक्रियता बढ़ी है। डा. शर्मा, प्रमोद जैन भाया और राजस्व मंत्री ने दिल्ली में राष्ट्रीय नेताओं से मुलाकात की है। कुछ विधायक शनिवार को जयपुर से दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं।
जयपुर,सचिन पायलट ने राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) का अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री बनने से इंकार कर दिया है। पायलट ने कांग्रेस आलाकमान से कहा, मैं साढ़े 6 साल तक पीसीसी अध्यक्ष रहा हूं, ऐसे में एक बार फिर इस पद पर काम नहीं करना चाहता हूं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से पायलट की 17 सितंबर को दिल्ली में मुलाकात हुई। इस मुलाकात के बाद पिछले दो दिन में आलाकमान की तरफ से पायलट को पीसीसी अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री बनाने का आफर दिया गया है। लेकिन उन्होंने यह दोनों पद लेने से इंकार किया है । लंबे समय तक राजस्थान के प्रभारी रह चुके एक राष्ट्रीय पदाधिकारी ने बताया कि राहुल ने पायलट से चर्चा करने के बाद पिछले 10 साल में राज्य के प्रभारी महासचिव व सचिव रहे नेताओं से फीडबैक लिया है । राज्य के नेताओं से भी राय मंगवाई है। सूत्रों के अनुसार हर तरफ से फीडबैक मिलने के बाद आलाकमान ने पायलट और उनके समर्थकों का सत्ता व संगठन में महत्व देने का पक्का मानस बना लिया है। पायलट को कांग्रेस का राष्ट्रीय महासचिव बनाया जा सकता है। शुक्रवार को भी आलाकमान का इस बारे में पायलट को संदेश मिला,लेकिन उन्होंने दो साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव तक राज्य में ही सक्रिय रहने की बात कही है । ऐसे में अब उन्हे महासचिव बनाने के साथ ही विधानसभा चुनाव से एक साल पहले राज्य की चुनाव अभियान समिति का अध्यक्ष बनाने का आश्वासन दिया गया है। गहलोत को नाराज नहीं करते हुए पायलट को खुश करने की तैयारी कांग्रेस आलाकमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को नाराज नहीं करना चाहता है । पिछले चार दशक से गहलोत की गांधी परिवार से निकटता को देखते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उन्हे नाराज नहीं करना चाहती है । वहीं उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव में गुर्जर वोट बैंक पार्टी से जोड़ने के लिहाज से पायलट को भी खुश करने की रणनीति बनाई जा रही है । ऐसे में गहलोत के सीएम रहते हुए पायलट समर्थकों को मंत्रिमंडल और राजनीतिक नियुक्तियों में अधिक महत्व दिए जाने पर विचार किया जा रहा है । सूत्रों के अनुसार आलाकमान ने गहलोत को भी इस बात के संकेत दिए हैं कि वह अपने खेमे के नेताओं के स्थान पर पायलट समर्थकों को राजनीतिक नियुक्तियों में ज्यादा महत्व दें । गहलोत भी नवरात्रा स्थापना के बाद दिल्ली जा सकते हैं। वहीं प्रदेश प्रभारी अजय माकन 28 और 29 सितंबर को राज्य के दौरे पर रहेंगे । आचार्य प्रमोद कृष्णम बोले,सीएम बदला जाए कल्कि पीठाधीश आचार्य प्रमोद कृष्णम ने पंजाब की तर्ज पर राजस्थान में मुख्यमंत्री बदलने की मांग की है। उन्होंने कहा,मैं कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भावनाओं की बात कर रहा हूं। राजस्थान के कार्यकर्ताओं में यह आम चर्चा है कि पायलट के साथ नाइंसाफी हुई है। पायलट ने आलाकमान के हर निर्देश का पालन किया । उन्होंने कहा कि अशोक गहलोत बहुत सम्मानित नेता हैं । गहलोत ने खुद कहा था कि नए लोग आगे आएं । गहलोत को अब अपने बयान का मान रखना चाहिए ।
वैसे तो देश के कई राज्यों में महिलाओं के लिए स्थितियां बुरी हैं, लेकिन राजस्थान में उनकी स्थिति बद से भी बदतर है। यह कोई सियासी बयान नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो यानी एनसीआरबी के आंकड़ों का सार है। इसमें राजस्थान को महिलाओं और बच्चियों के लिए सर्वाधिक असुरक्षित माना गया है। वर्ष 2020 में देश में दुष्कर्म के सबसे अधिक मामले राजस्थान में दर्ज किए गए हैं। राज्य में 1,279 नाबालिगों का दुष्कर्म का शिकार होना स्थिति की भयावहता को दर्शाता है। दुष्कर्म के आंकड़ों को समग्रता में देखा जाए तो यही प्रतीत होता है कि प्रदेश में बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। वर्ष 2020 की तुलना में वर्ष 2021 में दुष्कर्म के मामलों में यहां 25.07 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एनसीआरबी ने राजस्थान में महिलाओं की स्थिति को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और उनके हित में लिए गए कई निर्णय कारगर होते नहीं दिख रहे हैं। अप्रैल 2021 में गहलोत सरकार ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रदेश की नई महिला नीति के प्रारूप को मंजूरी दी थी। इसके तहत प्रदेश में आधी आबादी को सुरक्षित एवं सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया। इसमें महिलाओं के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं जैसे जन्म, सुरक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा, प्रशिक्षण, आजीविका, संपत्ति के स्वामित्व राजनीतिक और सामाजिक अधिकारिता आदि को शामिल किया है। इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए हर जिले में महिला अपराध अनुसंधान इकाइयां बनाई हैं। पुलिस को महिलाओं, बालिकाओं और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा और अपराधियों के खिलाफ तत्परता से कार्रवाई करने का आदेश दिया है। इसके बावजूद आधी आबादी के लिए राजस्थान बिल्कुल सुरक्षित नहीं दिखता। अगर राज्य में इसी तेजी से अपराध बढ़ते रहे तो उन्हें काबू करना बहुत कठिन हो जाएगा। जब तक महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक अपराधियों के हौसले बुलंद रहेंगे। कोई भी प्रदेश महिलाओं के प्रति संवेदनशील हुए बिना प्रगति नहीं कर सकता। इसलिए हर जिले में महिला अपराध अनुसंधान इकाइयों को सक्रिय होना होगा। महिलाओं, बालिकाओं और समाज के कमजोर वर्गों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से कार्रवाई करनी होगी, जिससे अपराधियों के हौसले पस्त पड़ जाएं और किसी भी वारदात को अंजाम देने पहले उनकी रूह कांप जाए। प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था, महिलाओं और बच्चियों के प्रति बढ़ रहे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार को सख्त कदम उठाने ही होंगे। बेटियों की सुरक्षा को नजरअंदाज करके कोई भी प्रदेश वास्तविक उन्नति नहीं कर सकता।
जयपुर। राजस्थान में टोंक जिले के मालपुरा कस्बे में अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में रह रहे हिंदू परिवार (बहुसंख्यक)अपने मकान और दुकान बेचकर दूर जा रहे हैं। जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है, वह मजबूरी में अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में रह रहे हैं। ऐसे परिवारों ने पिछले दो दिनों में अपने घरों के बाहर पोस्टर लगाकर खुद का जीवन खतरे में बताया है। पोस्टर में अल्पसंख्यक परिवारों से खुद को खतरा बताने वाले हिंदुओ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से हस्तक्षेप की मांग की है। कई परिवारों ने पीएम और सीएम को पत्र लिखा है। पत्र लिखने वालों का कहना है कि मजबूरी में उन्हे पलायन करना पड़ रहा है। मंगलवार को इन परिवारों के करीब 100 लोगों ने कस्बे में रैली निकालकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन दिया। ज्ञापन में अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में हिंदुओं के साथ मारपीट और महिलाओं के साथ अभद्रव्यवहार किए जाने का आरोप लगाया गया है । बुधवार को इन लोगों ने बैठक कर जयपुर पहुंचकर मुख्यमंत्री सहित अन्य नेताओं से मुलाकात करने की रणनीति बनाई । जानकारी के अनुसार पिछले दो दिनों में हिंदुओं के घरों के बाहर लगे पोस्टरों को हटाने के लिए पुलिसकर्मी कई बार पहुंचे,लेकिन लोगों के विरोध को देखते हुए उन्हे बैरंग ही लौटना पड़ा । स्थानीय नागरिक राधाकिशन ने बताया कि करीब 200 परिवार काफी समय से प्रशासन से सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर बृहस्पतिवार से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में भाजपा अशोक गहलोत सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है। विधायक मदन दिलावर यह मुद्दा सदन में उठाने का प्रयास करेंगे। उल्लेखनीय है कि आजादी के बाद से लेकर अब तक मालपुरा में 8 बार साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति पैदा हुई है। करीब 50 लोगों की जान जा चुकी है। सबसे बड़ा साम्प्रदायिक झगड़ा साल,1992 में हुआ था। उस समय दोनों समुदायों के 25 लोगों की मौत हुई थी। उसके बाद साल, 2000 में 13 लोगों की मौत हुई थी।
जयपुर। राजस्थान में नागौर जिले के श्रीबालाजी के पास मंगलवार सुबह 7:30 बजे हुई सड़क दुर्घटना में 11 लोगों की मौत होने के साथ ही 4 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में 8 महिलाएं और 4 पुरूष शामिल है। सभी मृतक मध्यप्रदेश में देवास जिले के सजनखेड़ाव दौलतपुर के रहने वाले हैं। यह सभी एक जीप से रामदेवरा मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागौर में हुई सड़क दुर्घटना में 11 लोगों की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए कहा है कि राजस्थान के नागौर में हुआ भीषण सड़क हादसा बेहद दुखद है। मैं इस दुर्घटना में मारे गए सभी लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। प्रधानमंत्री ने राजस्थान के नागौर दुर्घटना में जान गंवाने वाले प्रत्येक के परिजनों के लिए PMNRF से 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि को मंज़ूरी दी है। एवं घायलों को पचास हजार रुपये दिए जाएंगे। जानकारी के अनुसार यह सभी सोमवार रात को अपने गांव से रवाना हुए थे। मंगलवार सुबह नागौर जिले में नोखा बाइपास उनकी जीप ट्रेलर से टकरा गई। हादसा इतना भयानक था कि 8 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, शेष 3 ने इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। कई लोगों के शव जीप में फंस गए थे, जिन्हे बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला जा सका। सूचना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से शवों को जीप से बाहर निकालकर हाइवे से कुछ दूर रखवाया। बाद में उन्हे नोखा के सरकारी अस्पताल भेजा गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जीप चालक को नींद की झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ है। हादसे के बाद हाइवे पर लंबा जाम लग गया। हादसे में जीप पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। उल्लेखनीय है कि जैसलमेर जिले में स्थित रामदेवरा मंदिर में बड़ी संख्या में देशभर से लोग दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। कोरोना महामारी के कारण इस बार मंदिर में मेले का आयोजन नहीं हो रहा है। लेकिन फिर भी लोग बड़ी संख्या में रामदेवरा पहुंच रहे हैं। अशोक गहलोत ने जताया शोक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इस दर्दनायक हादसे पर शोक जताया है। गहलोत ने ट्वीट किया और कहा कि नागौर के श्रीबालाजी क्षेत्र में हुए भीषण सड़क हादसे में मध्य प्रदेश लौट रहे 11 दर्शनार्थियों की मृत्यु अत्यंत दुखद है। गहलोत ने घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना है।
जयपुर, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को राज्य के तीन पैरालंपिक पदक विजेताओं को बधाई दी और उन्हें नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। टोक्यो में पैरालंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली निशानेबाज अवनि लेखारा को तीन करोड़ रुपये का नकद इनाम दिया जाएगा, जबकि भाला फेंकने वाले देवेंद्र झाझरिया और सुंदर सिंह गुर्जर को रजत जीतने के लिए क्रमशः दो करोड़ रुपये और एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। राजस्थान के तीनों खिलाड़ियों को राज्य वन विभाग में सहायक वन संरक्षक के पद पर पहले ही नियुक्त किया जा चुका है। गहलोत ने ट्वीट में लिखा कि राज्य के खिलाड़ियों ने पदक जीतकर देश और प्रदेश का नाम रोशन किया है, हमें उन पर बहुत गर्व है। लेखरा ने सोमवार को इतिहास रच दिया। वह पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं, जिन्होंने आर-दो महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएचएक इवेंट में पोडियम के शीर्ष पर अपनी जगह बनाई। शूटिंग पैरास्पोर्ट में भारत के लिए पहली बार स्वर्ण जीतने के लिए जयपुर की अवनी लेखा को हार्दिक बधाई। महिलाओं की 10 मीटर एआर स्टैंडिंग एसएच1 फाइनल में उनके द्वारा इतिहास रचने के लिए उनका शानदार प्रदर्शन है। पूरे देश को उन पर बहुत गर्व है। यह भारतीय खेलों के लिए एक महान दिन है। दो बार की स्वर्ण विजेता भाला फेंक अनुभवी झाझरिया ने इस बार एक शानदार तीसरा पैरालंपिक पदक जीता, जबकि गुर्जर ने पुरुषों की भाला फेंक एफ46 फाइनल में कांस्य पदक जीता। मुख्यमंत्री ने दोनों को बधाई दी और इसे 'अद्भुत क्षण' बताया। हमें राजस्थान के पैरालंपिक भाला फेंकने वाले देवेंद्र झाझरिया पर बहुत गर्व है, जिन्होंने पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा, टोक्यो पैरालिंपिक में कांस्य का दावा करने के लिए रजत और सुंदर सिंह गुर्जर को पछाड़ा। यह एक अद्भुत क्षण है। देव झझरिया और सुंदर एस गुर्जर को हार्दिक बधाई। गहलोत ने पुरुषों के डिस्कस थ्रो एफ56 में रजत पदक जीतने के लिए योगेश कथुनिया की भी सराहना की। देश को बहुत गर्व है।
जयपुर। राजस्थान में कांग्रेस की गतिविधियां आज तेज रहीं। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमे अपनी-अपनी रणनीति बनाते रहे। सीएम गहलोत ने नया दांव खेलते हुए पायलट खेमे के साथ खींचतान में खुद को पर्दे के पीछे रखकर कई तरह की चालें चलीं। वहीं दूसरी तरफ मंत्रियों की लगाम कसने के लिहाज से मंत्रिमंडल सचिवालय और प्रशासनिक सुधार विभाग से मंत्रिपरिषद के सदस्यों का रिपोर्ट कार्ड मांगा है। रिपोर्ट कार्ड मांगकर गहलोत ने मंत्रियों में संभावित फेरबदल का संदेश दिया कि उन्हें सीएम खेमे में ही रहना है। बुधवार को मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड मुख्यमंत्री के पास पहुंच गया। पायलट के साथ चल रही सियासी खींचतान के बीच सीएम ने चिकित्सकों की सलाह के नाम पर खुद को लंबे समय तक क्वारंटीन कर लिया है। जिस तरह से आलाकमान और पायलट खेमा पिछले कुछ दिनों से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दबाव बना रहे थे, उसको देखते हुए गहलोत ने साफ संकेत दे दिया कि वे किसी दबाव में नहीं आएंगे। आलाकमान के कहने पर भी वे दिल्ली जाने को तैयार नहीं हैं। लंबे क्वारंटीन का मतलब है कि गहलोत पायलट और आलाकमान को ज्यादा तूल नहीं देते हुए बेफिक्री दिखा रहे हैं। उन्होंने साफ संकेत दिया कि वे ना तो मंत्रिमंडल का विस्तार करेंगे और ना ही विवाद निपटाने के लिए व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने सीएम से बात कर बीच का रास्ता निकालने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया कि पोस्ट कोविड की बीमारियों से बचने के लिए चिकित्सकों की सलाह पर वे फिलहाल वन टू वन मुलाकात नहीं कर सकते। गहलोत को बताया कलयुग का भगवान इसी बीच पायलट के विश्वस्त विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने गहलोत को कलयुग का भगवान बताते हुए कहा कि जिस तरह अपनी मन्नत पूरी करने को लेकर लोग मंदिर में जाते हैं। वैसे ही हम बार-बार गहलोत से मंत्रिमंडल विस्तार की मांग कर रहे हैं। वे मौजूदा समय में भगवान हो रहे हैं। दो दिन पहले सीएम की तारीफ करने वाले विधायक इंद्रराज गुर्जर ने फिर पाला बदला और एक बयान में कहा कि पायलट कांग्रेस की ब्राण्ड बन गए हैं। हर दिन चल रही नई चाल आलाकमान और पायलट खेमे के दबाव से निपटने के लिए सीएम हर दिन नई चाल चल रहे हैं। एक दिन पहले उन्होंने पायलट खेमा छोड़कर आए 7वीं बार विधायक बने भंवरलाल शर्मा को मैदान में उतारकर कहलवाया कि पायलट को गहलोत को नेता मानना पड़ेगा। बसपा से कांग्रेस में शामिल होने वाले विधायकों से पायलट खेेमे को गद्दार कहलवा दिया। हालांकि पायलट खेमे के दो विधायकों ने इसका जवाब दिया और कहा कि जो लोग पार्टी बदलते हैं वे हम पर सवाल उठाते हैं। उन्होंने ढाई साल में तीन पार्टी बदली है। सूत्रों के अनुसार बुधवार को सीएम की कई विधायकों से वर्चुअल बातचीत हुई, जिसमें उन्होंने एकजुट रहने की सलाह दी।
जयपुर। राजस्थान में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट खेमा खुलकर मैदान में आने की तैयारी में है। पायलट ने पिछले 11 माह में सुलह कमेटी की एक भी बैठक नहीं होने और उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान नहीं होने पर पार्टी आलाकमान के समक्ष नाराजगी जताई है। पायलट ने तीन दिन पहले प्रदेश प्रभारी अजय माकन से कहा कि पंजाब प्रकरण के समाधान के लिए तो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर विवाद के समाधान की कोशिश होने लगी है। लेकिन राजस्थान के मामले में आलाकमान ध्यान नहीं दे रहा। पायलट और उनके समर्थक विधायकों ने अब अपने सब्र का बांध टूटने की बात आलाकमान तक पहुंचाई है। इस मामले में जब पायलट से बात की गई तो उन्होंने कहा,कार्यकर्ताओं को उनका हक मिलना चाहिए। उधर पायलट के विश्वस्त विधायक वेदप्रकाश सोलंकी ने एक बार फिर अशोक गहलोत सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दलित और अल्पसंख्यक केवल चुनाव के वक्त याद आते हैं। सोलंकी ने कहा कि दलित और अल्पसंख्यकों के वोटों से कांग्रेस चुनाव जीतती है,लेकिन सरकार में इन वर्गाें की ही उपेक्षा हो रही है। एक बातचीत में सोलंकी ने कहा कि जहां अनुसूचित जाति, जनजाति और अल्पसंख्यकों के वोट नहीं मिलते वहां कांग्रेस के नेता चुनाव लड़कर देख ले कि क्या चुनाव परिणाम रहता है। वहां हार होगी। उन्होंने कहा,वोट हमारे और मलाई दूसरे खा रहे हैं ऐसा नहीं चलेगा। सोलंकी ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि 10 माह से केबिनेट में एक भी दलित केबिनेट मंत्री नहीं है,हम जैसे दलित विधायक केस के सामने दुखड़ा रोएं । सोलंकी ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए जिन लोगों ने लाठियां खाई,तत्कालीन भाजपा सरकार में आंदोलन किए वे आज परेशान है और पांच साल तक एयरकंडिशन में बैठने वाले सत्ता का मजा ले रहे हैं । कार्यकर्ता देखते रह गए और सेवानिवृत अधिकारियों को नियुक्तियां दी जा रही है । दलितों के खिलाफ फैसलों में सीएम के खास मंत्री का हाथ राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर चुनाव जीतकर गहलोत मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले सुभााष गर्ग पर निशाना साधते हुए सोलंकी ने कहा कि दलितों के खिलाफ फैसलों में उन्ही का हाथ है । गर्ग ने ही मुख्यमंत्री से गलत फैसले करवाए हैं। वे गहलोत के खास हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या गर्ग ही पूरे राजस्थान की राजनीति समझते हैं। सोलंकी ने कहा कि दलित समाज से भरोसी लाल जाटव और टीकाराम जुली को राज्यमंत्री बना रखा है। लेकिन उन्हे नाम मात्र के विभागों में केबिनेट मंत्री के सहयोगी के रूप में लगा रखा है। ये दोनों एक या दो मंत्रिमंडलीय कमेटी में हैं, जबकि गर्ग 9 को 9 कमेटियों में शामिल किया गया है। सेवानिवृत अधिकारियों को नियुक्तियां दी जा रही है। एक बातचीत में सोलंकी ने कहा कि जहां अनुसूचित जाति,जनजाति और अल्पसंख्यकों के वोट नहीं मिलते वहां कांग्रेस के नेता चुनाव लड़कर देख ले कि क्या चुनाव परिणाम रहता है । वहां हार होगी । उन्होंने कहा,वोट हमारे और मलाई दूसरे खा रहे हैं ऐसा नहीं चलेगा। सोलंकी ने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि 10 माह से केबिनेट में एक भी दलित केबिनेट मंत्री नहीं है,हम जैसे दलित विधायक केस के सामने दुखड़ा रोएं । सोलंकी ने कहा कि विपक्ष में रहते हुए जिन लोगों ने लाठियां खाई,तत्कालीन भाजपा सरकार में आंदोलन किए वे आज परेशान है और पांच साल तक एयरकंडिशन में बैठने वाले सत्ता का मजा ले रहे हैं । कार्यकर्ता देखते रह गए और सेवानिवृत अधिकारियों को नियुक्तियां दी जा रही है ।
जयपुर, राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर एक बार फिर संकट के बादल मंडरा सकते हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकोें ने पार्टी आलाकमान को अल्टीमेटम दिया है कि या तो जुलाई तक मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियां करने का वादा पूरा करो, नहीं तो वे आगे निर्णय लेने में स्वतंत्र हैं। पिछले दो दिन में एक दर्जन विधायकों ने पायलट के घर अलग-अलग बैठक कर एक बार फिर कांग्रेस आलाकमान तक अपनी बात पहुंचाने की रणनीति बनाई। पायलट खेमा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से अगले माह मुलाकात का समय मांगेगा। विधायकों के साथ ही जिला प्रमुख, प्रधान,स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों और जिला स्तर के कांग्रेसियों से भी पायलट की बात होने की जानकारी है। दोे दिन बाद स्व.राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर हर साल की तरह शुक्रवार को होने वाली प्रार्थना सभा में अपनी ताकत दिखाने की रणनीति भी पायलट कैंप ने बनाई है। उधर इंटेलिजेंस ब्यूरो से मिली जानकारी के बाद सरकार ने दिल्ली, हरियाणा, उत्तरप्रदेश और गुजरात से सटे बॉर्डर पर चौकसी बढ़ा दी है। कभी भी बॉर्डर सील हो सकता है। इंटेलिजेंस ब्यूरो ने सरकार को इनपुट दिया कि पायलट समर्थक विधायक दिल्ली अथवा पड़ौसी राज्यों में जाकर एक बार फिर बाड़ेबंदी कर सकते हैं। विधायकों के साथ स्थानीय निकाय व पंचायत प्रतिनिधियों के भी जाने की सूचना है । इंटेलिजेंस सूचना है कि इस बार गहलोत कैंप के कुछ विधायक भी पायलट के संपर्क में है । मौका मिलते ही वे ही पाला बदल सकते हैं । दोनों खेमे सक्रिय हुए,आलाकमान की नजर बुधवार सुबह से ही गहलोत और पायलट खेमे सक्रिय हो गए। गहलोत के विश्वस्त संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल, कृषि मंत्री लालचंद कटारिया,राज्यमंत्री सुभाष गर्ग, विधानसभा में सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी और उप मुख्य सचेतक महेंद्र चौधरी ने अपने कैंप के विधायकों को फोन कर उनका मन टटोला। कुछ से व्यक्तिगत मुलाकात भी की। साथ ही पायलट समर्थक विधायकों से भी बात की। उधर पायलट के विश्वस्त विधायक रमेश मीणा,मुरारी मीणा व वेदप्रकाश सोलंकी ने अपने खेमे के विधायकों को एकजुट करने की तैयारी शुरू की है। ये विधायक निर्दलीयों के साथ ही बसपा से कांग्रेस में शामिल होने वाले विधायकों से भी संपर्क साध रहे हैं। पंजाब पर ध्यान, लेकिन हमारी सुनवाई क्यों नहीं पायलट खेमे ने कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी.वेणुगोपाल,प्रदेश प्रभारी अजय माकन से बात कर कह कि जब पंजाब के विवाद को लेकर आलाकमान इतनी सक्रियता देखा सकता है तो राजस्थान के मामले में दिलचस्पी क्यों नहीं ले रहा। पंजाब के नेताओं से आलाकमान की कमेटी ने बात भी कर ली। लेकिन राजस्थान को लेकर बनाई गई समिति की एक भी अधिकारिक बैठक नहीं हुई ।
जयपुर! भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्त कर्नल राज्यवद्र्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने प्रदेश की मर्यादा को कांग्रेस आलाकमान की चौखट पर रख दिया है। राज्य की कांग्रेस सरकार सिर्फ अपने आलाकमान की सुनती है । गहलोत सरकार यह भूल गई कि प्रदेश उनकी सरकार है और आलाकमान विपक्ष में है। लगता है इस कारण राज्य सरकार प्रदेश में भी विपक्ष का काम करने लगी है। राठौड़ ने शुक्रवार को वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह आलाकमान की सेवा करने में जुटी है । राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में लोगों की जान बचाने और वैक्सीन प्रबंधन पर चर्चा नहीं होती,केवल आलाकमान को खुश करने पर बात होती है। सरकार की प्राथमिकता में वैक्सीन नहीं है । राज्य सरकार स्वयं ब्लैक फंगस का इंजेक्शन बेच रही है। अस्पताल इंजेक्शन खरीद नहीं रहे । ऐसे में मरीजों के परिजनों को ही इंजेक्शन खरीदने पड़ रहे हैं। राज्य में वैक्सीन की बर्बादी को लेकर श्वेत पत्र जारी करने की मांग करते हुए राठौड़ ने कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि वैक्सीन खराब क्यों हुई । वैक्सीन वॉयल्स को लेकर केंद्र व राज्य सरकार की संयुक्त टीम द्वारा जांच कराई जानी चाहिए । रैपिट एंटीजन टेस्ट किट की अलग-अगल दरों पर खरीद से संदेह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने ट्वीट कर कहा कि राज्य सरकार द्वारा रैपिड एंटीजन टेस्ट की लाखों किट अलग-अलग दरों पर खरीदी गई। इससे संदेह पैदा होता है। वो भी उस समय खरीदी गई जब लैब की टेस्टिंग क्षमता का भार कम हुआ है । पूनिया ने कहा कि खरीद में आपदा में अवसर जैसा नजर आ रहा है। ऑक्सीन कंसंट्रेटर भी अलग-अलग दरों खरीदे गए । राज्य सरकार की चिंरजीवी योजना पर निशाना साधते हुए पूनिया ने कहा कि इस योजना से निजी अस्पतालों में इलाज नहीं हो रहा । यह योजना केवल नाम की है। उन्होंने आरोप लगाया कि झूठी वाहवाही लूटने के लिए इस योजना को चलाया गया है।
जोधपुर,राजस्थान के सरहदी जिले बाड़मेर में कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए अल्ट्रा मॉडर्न सुविधाओं वाले वेदांता केयर्स फील्ड हॉस्पिटल के रूप में अनूठी पहल की गई है शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सौ बिस्तर वाले फील्ड हॉस्पिटल का लोकार्पण किया जिसके जरिए आगामी महीनों में किसी भी चुनौती का सामना मजबूती से किया जा सकेगा। कोरोना की तीसरी लहर की चुनोती के लिए तैयार बाड़मेर की जनता से मुख्यमंत्री ने जनता से सतर्कता और जागरूकता के साथ सुरक्षित रहने की अपील की । केयर्न ऑयल एंड गैस , वेदांता और बाड़मेर जिला प्रशासन की एक संयुक्त पहल के रूप में बाड़मेर के सीनियर सेकेंडरी सरकारी स्कूल में स्थापित इस वातानुकूलित फील्ड अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ 90 बेड और गंभीर रोगियों के लिए वेंटिलेटर सपोर्ट के साथ 10 बेड हैं । यह विश्व स्तरीय तकनीकों से लैस है और सुरक्षा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करता है । इससे बाड़मेर और उसके आसपास के जिलों, क्षेत्रो के सभी निवासियों के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी । अनिल अग्रवाल फाउंडेशन की एक पहल वेदांत केयर्स दिल्ली एनसीआर , राजस्थान , कर्नाटक , ओडिशा , छत्तीसगढ़ , झारखंड और तमिलनाडु में 1,000 क्रिटिकल केयर बेड के साथ 10 कोविड केयर अस्पताल स्थापित कर रही है । राजस्थान में बाड़मेर के अलावा राजसमंद के दरीबा में एक वेदांत केयर्स अस्पताल होगा , जो शुरू होने की प्रक्रिया में है । वेदांत लिमिटेड के प्रयासों की सराहना करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने वेदांता लिमिटेड द्वारा प्रदान किए जा रहे सक्रिय समर्थन की प्रशंशा की । उन्होंने कहा कि आज की कठिन परिस्थितियों को देखते हुए आपसी सहयोग समय की मांग है । तीसरी लहर से हमें सतर्क रहने और सावधानी रखने की आवश्यकता है।वेदांत के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा , कोरोना के खिलाफ लड़ाई में वेदांता हर वक्त राजस्थान के लोगों और राय सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है । हम मेडिकल कॉलेजों के स्टूडेटन्स का आव्हान करते हैं कि वो आगे बढ़ कर इस अभियान से जुड़ें । वेदांता समूह इस घडी में लोगों की सहायता के लिए एकजुटता के साथ खड़ा है और कोविड प्रभावित लोगों को उचित देखभाल करने के लिए तत्पर है । वेदान्ता ने राजस्थान में 500 ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर्स उपलब्ध कराए हैं । इसके अतिरिक्त , वेदांता केयर्न टीकों की खरीद के लिए लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च करेगी , जिसकी डिलीवरी इस महीने के अंत में शुरू होगी । केयन ऑयल एंड गैस ने पूर्व में बालिका छात्रावास और गर्ल कॉलेज को जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 100 - बेड वाले कोविड केयर सेंटर में बदलने का कार्य अंजाम दिया था । इसके अतिरिक्त , कोविड केयर सेंटर और जिला अस्पताल में सभी रोगियों को दिन में तीन बार पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है । अत्यधुनिक सुविधाओ से लैस है अस्पताल मुख्यमंत्री के द्वारा हुए लोकार्पण में अस्पताल में वायरस के वायु संचरण को रोकने के लिए , फील्ड अस्पताल में हेपा फिल्टर का उपयोग किया गया है । अस्पताल का यह तकनीक हवा को 99.99 प्रतिशत शुद्धता तक फ़िल्टर करते हुए वायुजनित बैक्टीरिया और वायरल जीवों के प्रसार का मुकाबला करती है । इसके अलावा , समर्पित पीपीई चेंजिंग स्टेशनों , पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र , सीसीटीवी कैमरे , डीजी सेट के माध्यम से निरंतर बिजली आपूर्ति , मेडिकल पाइपलाइनों के माध्यम से ऑक्सीजन की आपूर्ति और केंद्रीय निगरानी आईसीयू सुविधाओं के प्रावधानों के साथ समग्र सुरक्षा और स्वछता की व्यवस्था है ।
जयपुर। राजस्थान के भरतपुर से भाजपा सांसद रंजीता कोली पर बृहस्पतिवार रात 12 बजे हुए हमले के आरोपित अब तक पकड़ से बाहर हैं। आरोपितों के पकड़े नहीं जाने से भाजपा कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। सांसद के ड्राइवर दीपक कुमार ने पुलिस दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा कि हमले के समय सांसद दहशत से बेहोश हो गई थी,उन्हें किसी प्रकार की चोट नहीं आई। शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर घटना पर नाराजगी जताई है। पुलिस में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के अनुसार सांसद वैर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण करने जा रही थी। रास्ते में घरसौनी गांव के पास सफेद स्कॉर्पियो के साथ 5 बदमाश सड़क पर खड़े थे। उन्होंने सांसद की गाड़ी रूकवाने का प्रयास किया । जब सांसद की गाड़ी रूकने के बजाय घरसौनी गांव की तरफ मूड गई तोे बदमाशों ने गाड़ी पर सरिया और पत्थर मारे,जिससे पिछला शीशा टूट गया । इस घटना मे किसी को चोट नहीं आई। उस वक्त गाड़ी में सांसद के साथ उनका गनमैन लोकेश और सहायक संतोष भी थे । वे जल्दबाजी में आरोपितों की गाड़ी के नंबर नहीं देख सके थे । सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए । सांसद के निजी सचिव का कहना है कि घटना के तत्काल बाद पुलिस को सूचना दी गई । लेकिन घटना के आधा घंटे बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे । सांसद को देर रात भरतपुर के आरबीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया,अब वे सर्किट हाउस में हैं । राज्य सरकार में सूचना एवं जनसंपर्क राज्यमंत्री सुभाष गर्ग ने घटना की निंदा करते हुए भरतपुर पुलिस अधीक्षक को आरेापितों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों सांसद के स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने गई थी उस समय वहां के प्रभारी चिकित्सक ने उन्हे बताया था कि सरकार ने संक्रमितों की संख्या कम सार्वजनिक करने और जांच कम करने के निर्देश दे रखे हैं । सांसद व चिकित्सक की बातचीत का वीडिया सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था । इस पर चिकित्सा विभाग ने चिकित्सक को नोटिस जारी कर कहा था कि उनके बयान से सरकार की छवि खराब हुई है ।
कोटा, कोटा शहर के न्यू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर विजय सरदाना की ओर से बीते दिनों किए गए डीकॉय ऑपरेशन और रेमडेसिविर कालाबाजारी के खुलासे मामले में एक नया मोड़ आ गया है। इस कालाबाजारी के मामले में गिरफ्तार किए गए दो भाईयों के इस शातिराना खेल ने जहां एक महिला की जान ले ली । वहीं इसकी जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। दरअसल आपको बता दें कि पिछले सप्ताह जब डॉक्टर विजय सरदाना को दो युवकों की ओर से रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी का पता चला, तो उन्होंने खुद इसका पर्दाफाश करने का फैसला किया। इसके बाद युवकों से फोन पर बात कर उन्हें रंगे हाथों पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद जब पुलिस ने गिरफ्तार दोनों भाईयों से पूछताछ की, तो एक के बाद एक हैरान कर देने वाले खुलासे हुए। असली की जगह मरीजों को लगाए पानी वाले इंजेक्शन जांच में सामने आया कि आरोपियों में से एक भाई मनोज कुमार रेगर कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट के श्रीजी अस्पताल में नर्सिंगकर्मी के रूप में काम करता था। उसने वहां भर्ती रतनलाल और माया नाम के दो कोविड पेशेंट को ईश्यू किए गए दो रेमडेसिविर इंजेक्शन चालाकी से चुरा लिए। इसके बाद दोनों कोविड़ पीड़ित पेशेंट्स को ग्लूकोज व पानी के इंजेक्शन लगाकर असली इंजेक्शन अपने पास रख लिए। इस घटना का शिकार हुई महिला की मौत इस संबंध में खुलासा करते हुए जांच अधिकारी ASI विष्णु कुमार ने बताया कि हॉस्पिटल डायरेक्टर ने अपने बयान में इस संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया है कि इस घटना में शिकार बनी कोटा शहर के रोड नम्बर 1 पर रहने वाली महिला रोगी (माया) की 15 मई को मौत हो गई। जबकि दूसरे मरीज चितौड़गढ़ जिले के गणेशपुरा निवासी रतनलाल ICU में भर्ती हैं, उनकी तबियत खराब हैं। आरोपी ने यह सब पैसे के लालच में किया। बता दें कि माया के परिजनों ने इलाज में डेढ़ लाख रुपए खर्च किये, जबकि रतनलाल के परिजन अब तक सवा दो लाख रुपए खर्च कर चुके हैं। रजिस्टर का मिलान के बाद भी हुई स्थिति साफ ASI विष्णु कुमार का कहना है कि जांच के लिए मनोज कुमार को कोटा हार्ट अस्पताल ले गए थे। जहां पर इंजेक्शन के बैच नंबर के अनुसार रजिस्टर का मिलान किया। यहां उसकी ड्यूटी के समय का पूरा रिकॉर्ड खंगाला। सामने आया कि जिन मरीजों को यह हॉस्पिटल से रेमडेसिविर इंजेक्शन जारी हुए थे, उन्हें रजिस्टर में इंजेक्शन भी लगे दिखाए मिले है। ASI ने कहना है कि इससे पता चलता है कि मरीजों को ग्लूकोज का इंजेक्शन लगाया गया था। वहीं उन्हीं इंजेक्शन को कालाबाजारी कर मनोज और उसके भाई राकेश ने इसे 20 हजार में बेचने की डॉक्टर विजय सरदाना को कोशिश की थी। ड्रग कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन जांच में भी खुली परत इधर, पुलिस और ड्रग कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन की जांच में सामने आया है कि मनोज कुमार रैगर के पास बरामद हुए 2 इंजेक्शन मरीज रतनलाल और माया को जारी हुए थे। इन दोनों को ही उसने पानी का इंजेक्शन लगा दिया था। साथ ही उनके इंजेक्शन को चुरा लिया था। इसमें मरीज रतनलाल के 8 मई और माया के इंजेक्शन 11 मई को इंजेक्शन की जगह केवल डिस्टल वाटर लगा दिया गया। इन इंजेक्शन को चुराकर मनोज ले गया था। अन्य नर्सिंगकर्मियों की भूमिका की भी हो रही है जांच पुलिस इस मामले में अभी जांच में जुटी है । पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मनोज कुमार और राकेश कुमार ने अन्य मरीजों के साथ भी तो कहीं ऐसा नहीं किया था। उनकी कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। उनसे गहनता से पूछताछ भी की जा रही है कि क्या उन्होंने पहले भी मरीजों को इस तरह से पानी के इंजेक्शन लगाए थे। साथ ही अस्पताल में कार्यरत अन्य कार्मिकों की भी भूमिका की जांच की जा रही है, क्योंकि मरीज माया के 11 मई को लगाए गए पानी के इंजेक्शन का इंद्राज रजिस्टर में दूसरे व्यक्ति नर्सिंग कार्मिक के हस्ताक्षर से हुआ है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। राकेश को बीते कल जेल भेजा तो मनोज को आज जेल भेज दिया गया।
जयपुर देशभर में जहां कोरोना की दूसरी लहर कहर बरपा रही है। वहीं इसी बीच देश के कई राज्यों में इसकी रोकथाम के लिए लगातार पाबंदियां बढ़ती जा रही है। राजस्थान में भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार को रोकने के लिए 'महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़ा लागू किया गया है। इसके तहत प्रदेश में जहां बेवजह घूमने वालों को संस्थागत क्वारंटीन करने के आदेश दिए गए हैं। वहीं अन्य कई जरूरी पाबंदियां भी लगाई गई है। इसी क्रम में अब राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने संपूर्ण लॉकडाउन को लेकर अपना समर्थन जताते हुए देशव्यापी लॉकडाउन की मांग की है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी के देशव्यापी लॉकडाउन का समर्थन करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कहा कि अगर सही तरीके से योजना बनाई जाए तो कोविड -19 के संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि पहले से ही देश में ऑक्सीजन, दवाओं और अन्य उपकरणों की कमी है और देश को जल्द ही डॉक्टर, चिकित्सा कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। गहलोत के बयान के बाद जानकारों का कहना है कि प्रदेश में आज कल में संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा हो जाएगी। इधर सीएम ने ट्वीट करके भी यह साफ संकेत दे दिए हैं कि वो संपूर्ण लॉकडाउन लगाने की तैयारी में हैं। यह लिखा सीएम गहलोत ने ट्वीट में दरअसल सीएम गहलोत ने एक ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने लिखा है कि "मैं राहुल गांधी के दिए नेशनल लॉकडाउन के मत का पूरी तरह से समर्थन करता हूं। गहलोत ने कहा कि अब राष्ट्रीय लॉकडाउन ही एकमात्र विकल्प बचा है। उन्होंने आगे लिखा है कि हमारे डॉक्टर, मेडिकल कर्मचारी राष्ट्र के लिए लगातार एक साल से अत्यधिक काम के बोझ में जी रहे है। हमने उनमें से कई को खो दिया है। विशेषज्ञों और डॉक्टरों का मानना है कि बढ़ती संख्या के बीच अब हमे ऑक्सीजन, दवाओं और अन्य उपकरणों की कमी का सामना करना पड़ रहा हैं। जल्द ही मेडिकल स्टाफ की कमी भी होगी। गहलोत ने कहा - होने लगी ऑक्सिजन- दवाईयों की शॉर्टेज कांग्रेस नेता राहुल गांधी के देशव्यापी बंद के आह्वान का समर्थन करते हुए, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को कहा कि अगर सही तरीके से योजना बनाई जाए तो यह कोविद -19 की श्रृंखला को तोड़ने में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि पहले से ही ऑक्सिजन, दवाओं और अन्य उपकरणों की कमी है और देश को जल्द ही चिकित्सा कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ सकता है। सीएम ने कहा, सुनियोजित किया गया लॉकडाउन सीएम गहलोत में जहां अपने ट्वीट में चिकित्सकों को लेकर बात की है। वहीं गरीब तपके और मजदूरों को लेकर भी बात रखी है। उन्होंने लिखा है कि प्रवासियों को कष्टों से बचने के लिए लॉकडाउन की योजना ठीक से बनाई जा रही है। यह योजना प्रवासी कामगार मददगार हो सकते हैं। बता दें कि बुधवार को हुई कैबिनेट की मीटिंग के दौरान सीएम गहलोत ने लॉकडाउन के फैसले को लेकर 5 सदस्यीय मंत्रियों के कमेटी का गठन किया है। बताया जा रहा है कि मंत्रियों की अधिकारियों से बातचीत के बाद आने वाले सुझावों के बाद अब प्रदेश में संपूर्ण लॉकडाउन लगना तय है।
जयपुर ,राजस्थान में बुधवार को कोराना वायरस संक्रमण के 16,815 नए मामले सामने आए जबकि संक्रमण से 155 और मरीजों की मौत हो गई। राज्य में अभी 1,96,683 कोरोना संक्रमित मरीज उपचाराधीन है। राज्य में इस घातक वायरस से अब तक कुल 5,021 लोगों की जान जा चुकी है। चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के अनुसार राज्य में बीते चौबीस घंटे में 16,815 और संक्रमित मिले है। इसमें जयपुर में 3301, उदयपुर में 1452, जोधपुर में 1401, अलवर में 901, गंगानगर में 836, कोटा में 678, बीकानेर में 609, हनुमानगढ में 602, सीकर में 561, चूरू में 529 नए रोगी शामिल है। इसके अनुसार बीते चौबीस घंटे में राज्य में इस दौरान 17,022 और मरीज ठीक हुए है।
जयपुर कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के बीच राजस्थान में आज से 18 से 44 साल के लोगों का टीकाकरण शुरू हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, अभी सूबे के 11 जिलों में ही कोरोना वैक्सीन लगाने का फैसला लिया गया। हालांकि, जैसे-जैसे वैक्सीन की पर्याप्त डोज आ जाएगी तो इसे पूरे प्रदेश में चलाया जाएगा। वहीं, टीकाकरण के तीसरे फेज की शुरुआत के बीच राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फ्री कोरोना वैक्सीन उपलब्ध कराने की खास अपील की है। अशोक गहलोत ने ट्वीट के जरिए पीएम मोदी से किया निवेदन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को इस संबंध में ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'आज से 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगना शुरू हो रहा है। मैं पुन: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन करता हूं कि इस आयुवर्ग समेत सभी को फ्री कोरोना वैक्सीन उपलब्ध करवाने की घोषणा करें। जिससे जल्द से जल्द और अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लग सके।' अमेरिका का जिक्र कर पीएम मोदी से की फ्री टीके की अपील सीएम गहलोत ने एक और ट्वीट में कहा, 'अमेरिका जैसे पूंजीपति देश ने भी अमीरों सहित सभी को निशुल्क वैक्सीन उपलब्ध करवाई है। जिससे टीकाकरण अभियान की सफलता सुनिश्चित हो जाती है। मैं प्रधानमंत्री जी से निवेदन करता हूं कि भारत में भी कोरोना के निशुल्क टीकाकरण करने की घोषणा करें जिससे सभी को टीका लग सके।' मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'हमारे देश में बचपन से लेकर बड़े होने तक BCG, पोलियो (IPV और OPV), हेपिटाइटिस बी, पेंटावेलेंट, रोटावाइरस, मीजल्स, रूबेला, जापानी बुखार, DPT, टिटनेस और न्यूमोकोकल वैक्सीन समेत 12 टीके निशुल्क लगाए जाते हैं। इसी का परिणाम है कि अधिकाधिक बच्चे इन बीमारियों से सुरक्षित हो पाते हैं।' कोरोना संकट के चलते लोगों से की शादी टालने की अपील कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए गहलोत सरकार ने लॉकडाउन जैसी पाबंदियों को 17 मई तक बढ़ाने का फैसला लिया है। इसे 'महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़ा' नाम दिया गया है। नई गाइडलाइंस जारी होने के बाद मुख्यमंत्री ने लोगों से भी खास अपील की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'कोरोना की इस भयावह दूसरी वेव के दौरान जिन लोगों की शादियां हैं उनसे अपील है कि फिलहाल अपनी शादी टाल दें। अभी शादी में खुशियों से अधिक कोविड की चिन्ता लगी रहेगी। इस महामारी पर विजय पाने के लिए कोविड संक्रमण की चैन को तोड़ना जरूरी है जो शादी में आने वाली भीड़ से संभव नहीं होगा।'
जयपुर राजस्थान में 3 मई के बाद भी लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लागू रखने पर अब मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी मुहर लगा दी है। 3 मई के बाद भी कर्फ्यू जारी रहेगा और इस बार पाबंदियों को और बढ़ाया जाएगा। नियमित कोविड समीक्षा बैठक में गहलोत ने गृह विभाग के अफसरों को मौजूदा गाइडलाइन को और सख्त बनाने और इसे आगे भी लागू रखने के आदेश दिए। मुख्यमंत्री ने गृह विभाग के अफसरों से कहा कि जरूरतमंद तबके की आजीविका का ध्यान रखते हुए ऐसी गाइडलाइन तैयार करें, जिससे लोगों का गैर-जरूरी आना-जाना न हो और संक्रमण की रफ्तार पर लगाम लग सके, नहीं तो स्थिति और विकट हो सकती है। 4 मई से नई गाइडलाइन लागू होंगी गहलोत ने कहा कि चिकित्सा मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी तमाम स्थितियों को ध्यान में रखकर गाइडलाइन तैयार करें। हमारी कोशिश यह होनी चाहिए कि संक्रमण की चाल हर हाल में धीमी हो, चाहे इसके लिए और सख्त कदम उठाने पड़ें। बता दें राजस्थान में कर्फ्यू की मौजूदा गाइडलाइन 3 मई तक के लिए है और 4 मई से नई गाइडलाइन लागू होंगी। नई गाइडलाइन बनाने की तैयारी शुरू नई गाइडलाइन बनाने के लिए मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में 3 मई के बाद लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगाने के लिए गाइडलाइन पर चर्चा होगी। इसके बाद गृह विभाग ड्राफ्ट तैयार करेगा। आज-कल में ही नई गाइडलाइन को मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जारी कर दिया जाएगा। 3 मई के बाद कर्फ्यू कम लॉकडाउन का समय बढ़ाया जाएगा। इस बार पांबदियां ज्यादा सख्त होंगी। वीकेंड कर्फ्यू पर दूध, सब्जी और पेट्रोल पंप को छोड़ सब कुछ बंद रहेगा। एक जिले से दूसरे जिले में निजी वाहनों के जरिए आवाजाही पर रोक को और सख्ती से लागू किया जाएगा।
जयपुर राजस्थान में कोरोना के बढ़ते संक्रमण और अस्पतालों में ऑक्सिजन की किल्लत से हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संकट की इस घड़ी में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने ट्वीट के जरिए अपनी बात रखी है। सीएम गहलोत ने अपने कहा कि आज राजस्थान में करीब 201 मीट्रिक टन ऑक्सिजन की कमी है। राज्य में पॉजिटिव केस देश के कुल संक्रमितों का 5 फीसदी है लेकिन ऑक्सिजन आवंटन सिर्फ 1.6 फीसदी है। ऐसे में केन्द्र सरकार से अनुरोध है कि इमरजेंसी के तौर पर प्रदेश को 201 मीट्रिक टन ऑक्सिजन आज ही आवंटित की जाए। ऑक्सिजन के मुद्दे पर सीएम गहलोत ने किए बैक-टू-बैक ट्वीट अशोक गहलोत ने शुक्रवार को बैक-टू-बैक कई ट्वीट किए। उन्होंने कहा, 'राजस्थान में लगभग 1 लाख 70 हजार एक्टिव केसेज हैं। मानकों के अनुसार करीब 12 फीसदी मरीजों को ऑक्सिजन की आवश्यकता होती है। यानी राजस्थान में करीब 20,400 मरीजों को आज ऑक्सिजन की आवश्यकता है। एक्टिव केसेज की गणना के आधार पर आज प्रदेश को 466 मीट्रिक टन ऑक्सिजन की आवश्यकता है लेकिन फिलहाल सिर्फ 265 मीट्रिक टन ऑक्सिजन ही मिल पा रही है।' 'ऑक्सिजन और दवाइयों की कमी बेहद व्यथित करने वाली' अशोक गहलोत ने अगले ट्वीट लिखा, 'हमारा प्रयास है कि केन्द्र और राज्य सरकारें मिलकर कोविड महामारी का मुकाबला करें। ऑक्सिजन और दवाइयों की कमी बेहद व्यथित करने वाली है। हम केन्द्र सरकार से बार-बार निवेदन कर रहे हैं कि अन्य राज्यों और विदेशों से मदद लेकर राजस्थान और अन्य राज्यों की भी सहायता करें।' मुख्यमंत्री ने कहा, 'हो सकता है कि केन्द्र सरकार ने बेहतर प्रबंधन की दृष्टि से ऑक्सिजन और दवाइयों का कंट्रोल अपने हाथ में लिया हो। लेकिन राज्य अगर एक-दूसरे की मदद करना चाहते हैं तो भारत सरकार की देखरेख में उन्हें इसकी छूट दी जाए।' 'राजस्थान को एक हफ्ते के अन्दर 550 मीट्रिक टन ऑक्सिजन की आवश्यकता' गहलोत ने कहा, 'हम पुन: केन्द्र से निवेदन करते हैं कि राजस्थान की सहायता करें। आज राजस्थान में करीब 201 मीट्रिक टन ऑक्सिजन की कमी है। राज्य में संक्रमित केस देश के कुल संक्रमितों का 5 फीसदी है लेकिन ऑक्सिजन आवंटन सिर्फ 1.6 फीसदी है। प्रदेश को एक सप्ताह के अन्दर ही कुल 550 मीट्रिक टन ऑक्सिजन की आवश्यकता होगी। अत: केन्द्र सरकार से पुन: अनुरोध है कि इमरजेंसी के तौर पर प्रदेश को 201 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आज ही आवंटित की जाए।'
जयपुर कोरोना वायरस के बढ़ते कहर (Coronavirus Crisis Rajasthan) के बीच राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot) ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों को मुफ्त में कोरोना का टीका लगाने का ऐलान मुख्यमंत्री ने किया है। अशोक गहलोत ने ट्वीट करके इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने लिखा कि राजस्थान सरकार ने प्रदेश के 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के सभी लोगों को लगभग 3000 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च कर निःशुल्क कोविड वैक्सीन लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर दी जानकारी, केंद्र से की ये खास अपील सीएम अशोक गहलोत ने इसके साथ ही केंद्र सरकार से भी खास अपील की है। उन्होंने अपने अगले ट्वीट में कहा कि 'यह बेहतर होता कि राज्य सरकारों की मांग के अनुसार भारत सरकार 60 वर्ष और 45 वर्ष से अधिक आयुवर्ग की तरह ही 18 वर्ष से 45 वर्ष तक की आयु के युवाओं के वैक्सीनेशन का खर्च भी उठा लेती तो राज्यों का बजट डिस्टर्ब नहीं होता।' राजस्थान में कोरोना का कोहराम जारी राजस्थान में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। शनिवार को प्रदेश में कोरोना के 15355 नए संक्रमित मामले सामने आए। वहीं रिकॉर्ड 74 लोगों ने इस बीमारी से दम तोड़ दिया। इससे एक दिन पहले भी राजस्थान में कोरोना संक्रमण के 15358 नए मामले सामने आए थे। जहां एक ओर प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा, वहीं अब मृत्युदर में भी पिछले कुछ समय से बढ़ोतरी नजर आ रही है। सरकार की ओर से लगाई जा रही पाबंदियों का असर भी नहीं दिख रहा है। शनिवार तक प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 127616 पहुंच गई है। कुल संक्रमितों की संख्या 498628 हो गई। प्रदेश में कुल मौतों का आंकड़ा 3527 हो गया है। हालांकि, शनिवार को 4959 संक्रमित कोरोना को हराकर घर लौटे हैं। भारत ने सबसे तेजी से 14 करोड़ कोविड-19 रोधी टीके लगाए भारत दुनिया में अपने नागरिकों को सबसे तेजी से 14 करोड़ कोविड रोधी टीकों की खुराक लगाने वाला देश बन गया है। महज 99 दिनों में इसे अंजाम दिया गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से रविवार को यह जानकारी दी गई। मंत्रालय ने सुबह सात बजे तक की शुरुआती रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में हुए कुल टीकाकरण में से 58.83 फीसदी टीके आठ राज्यों महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, गुजरात, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और केरल में लगाए गए हैं।
जयपुर कोरोना के मामले बढ़ने के बाद राजस्थान सरकार ने 30 अप्रैल तक के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नई गाइडलाइन में राजस्थान के सभी शहरों में शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। शहरी क्षेत्रों में शाम 5 बजे से बाजार बंद करने होंगे। सरकारी दफ्तर 4 बजे तक ही खुलेंगे। सभी कोचिंग, स्कूल, कॉलेज और लाइब्रेरी सहित शैक्षणिक संस्थान बंद होंगे। गृह विभाग ने नई गाइडलाइन जारी कर कड़ी पाबंदियां लगाई है। नई गाइडलाइन 16 अप्रैल को शाम 6 बजे से लागू होगी। शादी और निजी आयोजनों में 50 से ज्यादा लोग नहीं आ सकेंगे। सभी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रमों, धार्मिक आयोजनों, रैलियों, जुलूसों पर रोक लगा दी गई है। रेस्टोरेंट में 50 फीसदी बैठक क्षमता से ज्यादा लोग नहीं बैठा सकेंगे। सिनेमा हॉल, थियेटर, जिम, मल्टीप्लेक्स बंद रहेंगे। बसों में 50 फीसदी ही यात्री बैठा सकेंगे, खड़े होकर यात्रा नहीं बसों सहित हर सार्वजनिक परिवहन के साधनों में 50 फीसदी सीटों पर ही यात्री बैठा सकेंगे। बसों में खड़े हाेकर यात्रा करने पर रोक रहेगी। निजी वाहनों में तय क्षमता से ज्यादा लोग नहीं बैठ सकेंगे। शादी समारोह और सार्वजनिक आयोजन के लिए ये पाबंदियां शादी सहित हर निजी आयोजन में 50 से ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकेंगे शादियों में बैंड वालों को 50 लोगों में नहीं गिना जाएगा शादी समारोह के लिए पहले एसडीएम को सूचना देनी होगी अंतिम संस्कार में 20 लोगों से ज्यादा को अनुमति नहीं होगी दिन में वीसी से मंथन, शाम को गाइडलाइन कोरोना के मामले लगातार बढ़ने के साथ सरकार ने लॉकडाउन तो नहीं पर लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगाने की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री ने पाबंदियों पर चर्चा के लिए दोपहर को धर्मगुरुओं, सभी दलों के विधायकों, नेताओं और सामाजिक संगठनों के साथ ओपन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लॉकडाउन लगाने से मना कर चुके हैं, लेकिन लॉकडाउन की तरह लोगों से व्यवहार करने की अपील की है। पिछले दिनों विशेषज्ञों ने जो सुझाव दिए थे उन्हीं के आधार पर गाइडलाइन में पाबंदियां लगाई हैं। तीन सीटों पर उपचुनाव का प्रचार बंद होने और गणगौर की सवारी निकलने के बाद लागू होंगी नई गाइडलाइन सरकार ने नई गाइडलाइन जारी तो आज कर दी लेकिन लागू उपचुनाव का प्रचार खत्म होने के अगले दिन यानी वोटिंग से ठीक पहले दिन शाम से लागू होंगी, तब तक कल आखिरी दिन सभाएं, रैलियां हो जाएंगी। नई गाइडलाइन में सभी तरह के सार्वजनिक आयोजनों-राजनीतिक सभाओं, रैलियों, धार्मिक, राजनीतिक जुलूसों, त्योहारों के आयोजनों पर रोक लगाई गई है। नई गाइडलाइन 16 को शाम 6 बजे से लागू हो रही हैं। 15 को तीनों सीटों पर शाम को प्रचार बंद हो जाएगा और गणगौर का त्योहार भी मना लिय जाएगा, गणगौर की सवारी भी निकल जाएगी। उसके बाद सभी तरह के सार्वजनिक आयोजनों पर पाबंदी लग जाएगी।
जयपुर CBSE की परीक्षाएं रद्द और स्थगित करने फैसले के कुछ घंटे बाद राजस्थान सरकार ने भी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। इन परीक्षाओं को कब कराया जाएगा, इस पर फैसला बाद में होगा। बोर्ड परीक्षाएं स्थगित करने के शिक्षा विभाग के प्रस्ताव को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंजूरी दे दी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने 8वीं, 9वीं और 11वीं के विद्यार्थियों को सीधे अगली कक्षाओं में प्रमोट करने का फैसला किया है। CM गहलोत ने 3 घंटे में परीक्षा टालने को मंजूरी दी शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाएं टालने का प्रस्ताव आज ही मुख्यमंत्री को भेजा था। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने 2 बजे मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था- CBSE ने भी बोर्ड परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं। 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं आगे खिसकाने में ही फायदा है। इसके तीन घंटे बाद ही मुख्यमंत्री ने बोर्ड परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला कर दिया। 6 मई से शुरू होने थे बोर्ड के एग्जाम राजस्थान में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक की परीक्षा 6 मई से शुरू होने वाली थीं। वहीं, 8वीं बोर्ड पैटर्न परीक्षा भी 5 मई से शुरू हो रही है। ये परीक्षा भी रद्द हो गईं हैं। अब स्कूल बंद करने पर फैसला शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने मुख्यमंत्री की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कहा था कि कोरोना के बढ़ते प्रकोप के चलते अब स्कूलों को भी बंद किया जाए। आगे अगर हालात सामान्य होंगे तो फिर देखा जाएगा। सरकार अब जल्द ही सभी स्कूलों को बंद करने पर फैसला कर सकती है, शहरों में 9वीं तक के स्कूल पहले से बंद हैं। विशेषज्ञों के सुझाव के बाद परीक्षाएं स्थगित मौजूदा हालात में परीक्षाएं कराने पर कोरोना के फैलने का खतरा ज्यादा है। विशेषज्ञों ने भी स्कूल बंद करने और परीक्षाएं टालने का सुझाव दिया था। विशेषज्ञों के सुझावों के बाद ही शिक्षा विभाग ने बोर्ड परीक्षाएं टालने के लिए मुख्यमंत्री को प्रस्ताव भेजा, जिसे मुख्यमंत्री ने स्वीकार कर लिया है।
जयपुर, देश में कोरोना के बढ़ते मामलों ने चौतरफा चिंता की लकीरें खींच दी हैं। मामलों में बढ़ोतरी नहीं हो इसके लिए राजस्‍थान सरकार भी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। समाचार एजेंसी एएनआइ के मुताबिक राजस्‍थान की सरकार ने राज्य में प्रवेश करने वाले लोगों और बाहर यात्रा करके आने वालों के लिए RT-PCR टेस्‍ट अनिवार्य कर दिया है। यही नहीं पहली से 9वीं तक की कक्षाओं निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी कोविड़ संक्रमण की आंकलन के आधार पर रात्रिकालीन कर्फ्यू के समय के संबंध में निर्णय ले सकेंगे लेकिन रात आठ बजे से पहले और सुबह 6 बजे के बाद कर्फ्यू के लिए राज्य सरकार की पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। राज्य के बाहर से आने वाले यात्रियों को कोविड़ जांच रिपोर्ट दिखानी होगी। डिलीवरी सेवाओं को छोड़कर रेस्तरां और रेस्‍टोरेंटों को नाइट कर्फ्यू का पालन करने को कहा गया है। सरकार ने सीमाओं पर सख्‍त निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की ओर से कहा गया है कि शादियों में 100 से अधिक लोगों को अनुमति नहीं दी जाएगी। सिनेमा घर, थिएटर और मल्टीप्लेक्स बंद रहेंगे। सूत्रों की मानें तो सरकार नाइट कर्फ्यू अब रात 10 बजे की जगह रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक करने की तैयारी कर रही है। एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर कोविड टेस्ट रिपोर्ट देखने का प्रबंध किया गया है। राजस्थान में बीते 24 घंटे में कोरोना के 1729 नए संक्रमित मिले हैं जबकि दो लोगों की मौत हो गई है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को उच्चाधिकारियों के साथ कोरोना की दूसरी लहर के चलते पैदा हुए हालात की समीक्षा की। कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पांच सूत्रीय रणनीति यानी टेस्टिंग, ट्रेसिंग, ट्रीटमेंट, उचित कोविड व्यवहार और टीकाकरण को जरूरी बताया। अधिक केस और मृत्युदर वाले राज्यों- महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ के लिए तत्काल केंद्रीय टीमें रवाना करने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं महामारी से होने वाली मौतों को रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया गया है।
नई दिल्ली, राजस्थान के अलवर में एक महिला के साथ हुए दुष्कर्म मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) एक्शन में आ गया। मामले का संज्ञान लेते हुए आयोग ने फैक्ट जांच के लिए अलवर में 3 सदस्यीय टीम को भेजा है। एनसीडब्ल्यू ने मामले में एक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी है। मामले पर राजस्थान के डीजीपी को एनसीडब्लयू ने लिखा कि दो महीने में जांच पूरी करने के लिए एमएचए के दिशा निर्देशों का पालन किया जाएगा राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एक तरफ तो महिला सशक्तिकरण और पुलिस थाने में प्रत्येक रिपोर्ट दर्ज करने का नारा देते हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश के अलवर जिले में पुलिसकर्मी द्वारा थाने में अपने पति के खिलाफ मामला दर्ज कराने आई महिला से दुष्कर्म किया के मामले ने सभी हिला दिया है। अलवर जिले में खेड़ली पुलिस थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक भरत सिंह ने तीन दिन तक इस महिला के साथ दुष्कर्म किया। रिपोर्ट की माने तो उसने यह दुष्कर्म थाना परिसर में बने स्टाफ क्वार्टर में किया। मामला सामने आने के बाद थाने में पहुंचे जयपुर रेंज के महानिरीक्षक हवा सिंह घुमरिया और पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने आरोपित भरत सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 में दुष्कर्म का मामला दर्ज करने के निर्देश देने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है था। आरोपित की मदद करने वाले थाने में तैनात हेड कांस्टेबल प्रकाश चंद को निलंबित कर दिया गया है। आरोपित तीन दिन से पीड़िता के साथ दुष्कर्म कर रहा है, लेकिन मामले का खुलासा रविवार देर रात करीब 11 बजे हुआ। रिपोर्ट की मानें तो दो सप्ताह में पुलिसकर्मियों पर महिला के साथ दुष्कर्म का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 2 मार्च को अलवर के अरावली विहार पुलिस थाने में तैनात पुलिसकर्मी रामजीत गुर्जर पर दुष्कर्म का आरोप लगा था, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। पुलिस के अनुसार 2 मार्च को 26 साल कर महिला खेड़ली पुलिस थाने में अपने पति के खिलाफ मामला दर्ज कराने आई थी। महिला का कहना था कि पति उसे तलाक देना चाहता है, लेकिन वह ऐसा नहीं चाहती। इस पर थाने में मौजूद भरत सिंह ने उसे विश्वास दिलाया कि वह पति की कॉउसिलिंग करेगा और उसे ऐसा नहीं करने के लिए तैयार करेगा । बातों ही बातों में वह महिला को सबसे पहले 2 मार्च को ही थाना परिसर में अपने स्टाफ क्वार्टर में ले गया, जहां उस महिला के साथ दुष्कर्म किया ।
धौलपुर प्रदेश में महिला अपराध और बलात्कार की घटनाएं थमने का नाम ही नहीं ले रही है। रविवार को एक बार फिर प्रदेश के धौलपुर के निहालगंज थाना इलाके में दुष्कर्म की दर्दनाक दास्तां सामने आई है। यहां जिले की 12 बर्षीय का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि लड़की को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। इस संबंध में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है। वहीं मामले की आगे की पूछताछ की जा रही है। पिता ने दर्ज करवाई शिकायत बच्ची के पिता ने तहरीर देते हुए बताया है कि मेरी बच्ची 4 मार्च सब्जी की ठेल से सब्जी लेकर वापिस घर लौट रही थी। तभी रास्ते में दो लड़के उसका अपहरण करके उसे एकांत जगह पर ले गए। इसके बाद उसे कुछ नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया गया। पिता ने बताया कि रात्रि 9 बजे मेरे पास अज्ञात फ़ोन आया , जिन्होंने बताया कि आपकी बेटी यहां पर बेहोश पड़ी हुई है । तभी मैं और मेरी पत्नी मौके पर पहुंचे । यहां पहुंचकर हमने देखा कि बच्ची बेहोश पढ़ी हुई थी,तभी बच्ची को एम्बुलेंस की सहायता से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। साथ ही पुलिस को भी सूचित किया गया। बच्ची का करवाया मेडिकल पिता ने बताया पुलिस की ओर से बच्ची का मेडिकल कराया जा रहा है। साथ ही पुलिस ने वहीं मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी पुलिस की ओर से आरोपियों की तलाश की जा रही है, फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर है।
भरतपुर प्रदेश बीजेपी में चल रही खींचतान के बीच रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी धार्मिक यात्रा का आगाज किया। आज अपनी देव दर्शन यात्रा के लिए वे भरतपुर पहुंचीं। वसुंधरा यहां पूछरी का लौठा पर हेलीकॉप्टर से पहुंचीं। साथ ही यहां एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान राजे गुट के अनेक भाजपा विधायक, सांसद और अन्य पदाधिकारियों भी मौजूद रहे। राजे बोलीं- मैं विजय राजे सिंधिया की बेटी इस दौरान राजे ने सभा को संबोधित करते हुए भाजपा आलाकमान को इशारों ही इशारों में पार्टी में उनके परिवार का योगदान को जता दिया। राजे ने कहा कि वह आज भी वही हैं, जो पहले थीं। साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि मेरी मां विजय राजे सिंधिया ने कमल के फूल को खिलाने के लिए अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी और मैं भी उसी मां की बेटी हूं। हालांकि उनके शब्दों के कई मायने निकाले जा सकते हैं, लेकिन राजनीति के जानकारों की मानें, तो अलग- थलग की गईं वसुंधरा राजे का इशारों-इशारों में पार्टी में संदेश था कि उन्हें पार्टी में भुलाया नहीं जा सकता है। मेरी मां ने कमल को कभी मुरझाने नहीं दिया: वसुंधरा राजे ने आगे कहा कि मेरी मां के रोम -रोम में भाजपा और राष्ट्रवाद भरा हुआ था। उन्होंने कभी भी कमल को मुरझाने नहीं दिया था। राजे ने कहा कि मुझे आप सभी को यही याद दिलाना है कि मेरी ब्रज इलाके में बड़ी आस्था है। मैं जब भी कोई बड़ा काम करती हूं, तो उससे पहले भगवान के दर्शन करती हूं, इसलिए सबसे पहले में यहां ब्रज भूमि पर आयी हूं और हम सभी मिलकर भगवान के दर्शन करेंगे। पीएम मोदी ने किया राम मंदिर का सपना: राजे राजे ने अपने संबोधन में राम मंदिर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का सपना पूरा किया है। सबसे अच्छी बात यह है कि राम मंदिर निर्माण के लिए भगवान कृष्ण की भूमि से पत्थर जा रहा है। गहलोत सरकार पर वसुंधरा राजे ने साधा निशाना सभा को संबोधित करते हुए वसुंधरा राजे ने प्रदेश सरकार भी जमकर हल्ला बोला। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार में प्रदेश के विकास के लिए अनेकों योजनाएं शुरू की गईं थी। मगर आज की सरकार में वे सभी बंद पड़ी हैं इसलिए हम सभी को मिलकर अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार को जड़ से उखाड़ने का काम करना है। गिर्राज महाराज का नाम लेकर हम सभी राजस्थान के रुके हुए विकास को फिर से शुरू करने की प्रार्थना करेंगे। वसुंधरा राजे ने गोवर्धन पर्वत की लगाई परिक्रमा मिली जानकारी के अनुसार, राजे ने सभा को सम्बोधित करने के बाद विभिन्न गतिविधियां कीं। इसके बाद राजे ने मथुरा में पड़ने वाले गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा लगाईं। साथ ही मंदिरों के दर्शन किये। आपको बता दें कि राजे आज रात आदि बद्रीनाथ मंदिर में रुकेंगी, यहां वह भजन पूजन और हवन करेंगी। फिर कल सोमवार की सुबह कुछ अन्य मंदिरों के दर्शन करेंगी, जिसके बाद वह धौलपुर के लिए रवाना होंगी।
दौसा प्रदेश के दौसा जिले में मंगलवार को बड़ा हादसा हो गया । यहां जिले में लालसोट थाना क्षेत्र में मंगलवार को स्कूली बस और ट्रक में जोरदार भिड़ंत हो गई। इस हादसे में बस में सवार करीब एक दर्जन बालक घायल हो गए। इनमें से 7 बालकों को लालसोट अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया। मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा मनोहरपुर कौथुन नेशनल हाईवे 145 पर शिवसिंहपुरा मोड़ के समीप हुआ। जब सुबह सभी बच्चे बस में सवार होकर एक निजी स्कूल में जा रहे थे। जैसे स्कूल बस तलाव गांव की तरफ से नेशनल हाईवे 145 पर चढ़ी तो पीछे से आ रहे ट्रक ने टक्कर मार दी। बस चालक की बताई जा रही है गलती बताया जा रहा है कि बस चालक ने बिना देखे ही हाइवे पर बस को चढ़ा दिया। इसके चलते पीछे से आ रहे ट्रक से बस टकरा गई। हादसे के बाद पुलिस प्रशासन के साथ-साथ एंबुलेंस की गाड़ियां मौके पर पहुंची और घायल बालकों को लालसोट अस्पताल में भर्ती कराया गया है । हालांकि घायल बालकों की स्थिति पूरी तरह खतरे से बाहर बताई जा रही है, एक बालक को जयपुर भी रेफर किया गया है। पुलिस हादसे का कारण जानने में जुटी इधर पुलिस हादसे के कारणों की जांच में जुटी हुई है। लालसोट एसडीएम गोपाल जांगिड़ का कहना है कि मामले की जांच में प्रशासन की टीम जुट गई है । वहीं बस में बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण कोविड-19 का पालन नहीं होने के कारण भी स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है साथ ही प्रथम दृष्टया चालक की लापरवाही सामने आने के चलते चालक के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी स्कूली बच्चों की उम्र 15- 16 साल मिली जानकारी के अनुसार स्कूल बस हादसे में संदेश, राजकुमार, ओमप्रकाश, भीमराज, पृथ्वीराज राजपूत, सिद्धांत, मनीष नामक स्कूली बच्चे घायल हुए हैं, जिनका जिला अस्पताल में लालसोट अस्पताल में उपचार जारी है। सभी स्कूली बच्चों की उम्र 15- 16 साल की थी। वही ये सभी होदायली, सुमेल, मटलाना, सुमेल, मटलाना आदि गांव के रहने वाले थे।
राजसमंद प्रदेश में जहां लगातार महिला अपराध से जुड़े मामले उजागर हो रहे हैं। वहीं उसी बीच राजसमंद से 7 साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी की सारे हदें पार करने का मामला सामने आया है। मिली जानकारी के अनुसार राजसमंद के भीम कस्बे के पेलाडोल में एक सात वर्षीय नाबालिग बच्ची से दरिंदगी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद अब प्रशासन के बीच हड़कंप मचा हुआ है। साथ ही वायरल वीडियो के आधार पर किसी ने चाईल्ड हेल्पलाइन को सूचना दी है। इसके बाद टीम के सदस्यों ने पंहुचकर बच्ची की तलाश की और उसे भीम थाने पर ले जाकर आरोपी रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। बड़े पापा के घर रहती थी मासूम जानकारी के अनुसार थानेटा की रहने वाली बच्ची पेलाडोल में अपने बडे पापा के पास रह रही थी। पिछले तीन माह से उन लोगों ने इसे बन्दी बनाकर रखा था। साथ ही उससे घर का पूरा काम करवाया जाता था। जानकारी मिली है कि बच्ची की ओर से मना करने पर उसके शरीर पर सिगरेट से दागा जाता था। उसके गुप्तांगों में भी मिर्ची पाउडर डाल दिया गया था। इसके अलावा उसके गाल और कान को दांतो से काटा गया है। इसके शरीर मे कुछ फैक्चर होने की भी संभावना भी जताई जा रही है। इस घटना को सुनने के बाद अब हर कोई हैरान है। हर कोई यही सोच रहा है कि आखिरकार कोई भी व्यक्ति कैसे मासूम बच्ची के साथ इस तरह का हैवानियत भरा बर्ताव कर सकता है। किया रिश्तेदार को गिरफ्तार सूत्रों ने बताया कि बच्ची की हालत खराब होने के बाद अब चाइल्ड हेल्पलाइन ने उसे राजसमंद मुख्यालय लाकर बाल कल्याण समिती के सामने पेश किया है। उनके निर्देश पर प्राथमिक उपचार के लिये नाबालिग को जिला चिकित्सालय भिजवाया है। वहीं भीम पुलिस ने चाईल्ड लाईन की शिकायत पर देर रात आरोपी रिश्तेदार को भी गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व देवगढ़ में भी एक पिता की ओर से तीन बच्चों को लटकाकर छड़ी से बुरी तरह पीटने का वीडियो भी वायरल हुआ था।
दौसा साल के पहले ही महीने में एसीबी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राजस्थान के सबसे बड़े घूस कांड का पर्दाफाश किया था। इस घूस कांड में दो राजस्थान प्रशासनिक सेवा के अफसरों को गिरफ्तार भी किया गया था। 13 जनवरी को की गई इस कार्रवाई के बाद से ही दोनों आर ए एस अधिकारी जेल में बंद हैं । इस घूस कांड में एक आईपीएस मनीष अग्रवाल का नाम भी सामने आया था। लेकिन अभी तक एसीबी ने आईपीएस मनीष अग्रवाल को गिरफ्तार नहीं किया है जबकि एसडीएम पिंकी मीणा और पुष्कर मित्तल दोनों जेल में बंद हैं। आखिर कैसे बिछा घूसखोरों पर जाल दरअसल दौसा होकर दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे गुजर रहा है। इसका निर्माण वर्तमान में भी चल रहा है। एक्सप्रेस -वे निर्माण में कोई बाधा नहीं आए ,इसके लिए दौसा के पुलिस व प्रशासन के अधिकारी निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों से रिश्वत का खुला खेल खेलते थे। निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों को बार-बार दबाव देकर रिश्वत की डिमांड की जाती थी। बार-बार रिश्वत देने से परेशान निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों ने आखिरकार भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को शिकायत की। इस शिकायत के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने करीब 1 सप्ताह तक घूसखोर ऊपर नजर रखी और उनके फोन सर्विलांस के लिए। इसके बाद 13 जनवरी को वर्ष 2021 के सबसे बड़े घूस कांड का खुलासा हुआ । साथ ही इस मामले में दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल और बांदीकुई एसडीएम पिंकी मीणा को एसीबी ने गिरफ्तार कर लिया। कैसे आया आईपीएस मनीष अग्रवाल का नाम सामने आपको बता दें कि दौसा एसडीएम पुष्कर मित्तल 5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। वहीं एसडीएम पिंकी मीणा 10 लाख रुपए की रिश्वत की डिमांड करती हुए अरेस्ट हुई थी। दोनों प्रशासनिक अधिकारियों के गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में 13 जनवरी को एक दलाल नीरज मीणा को भी गिरफ्तार किया था। लेकिन यह साफतौर पर बताया कि किस तरह भ्रष्टाचार के इस मामले में आईपीएस मनीष अग्रवाल भी शामिल है। दलाल मीणा का कहना है कि निर्माण कंपनी के प्रतिनिधियों से 4 लाख रुपए प्रति माह की बंधी बांधी गई थी। साथ ही केस रफा-दफा करने की एवज में 10 लाख रूपए की राशि डिमांड की जाती थी। ऐसे में दलाल नीरज मीणा की ओर से कुल 38 लाख रुपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। 7 दिन रिमांड पर रहने के बाग अब दलाल मीणा को भी जेल भेज दिया गया है, लेकिन अभी तक तत्कालीन दौसा एसपी मनीष अग्रवाल पर एसीबी ने शिंकजा नहीं कसा है। एसीबी ने एफआईआर में जोड़ा नाम उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से इस मामले में तत्कालीन दौसा एसपी के नाम से रिश्वत मांगने वाले दलाल नीरज मीणा को गिरफ्तार किया था साथ ही एसीबी ने दर्ज की गई एफआईआर में आईपीएस मनीष अग्रवाल का नाम भी जोड़ा था। एसीबी ने शुरुआती दिन में ही IPS मनीष अग्रवाल के तो मोबाइल जब्त भी कर लिए थे, लेकिन उसके बाद ना तो आईपीएस को पूछताछ के लिए एसीबी कार्यालय बुलाया और ना ही उनको गिरफ्तार किया गया। आखिर क्यों ढीला रहा IPS मनीष पर शिकंजा एसीबी कार्रवाई के बाद एसीबी के डीजी और एडीजी ने बताया था कि उनके पास आईपीएस मनीष अग्रवाल के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही थी कि मोबाइल जब्त होने के बाद आईपीएस को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। उन्हें गिरफ्तार भी कर लिया जाएगा। साथ ही सरकार की ओर से उन्हें एपीओ या सस्पेंड किया जा सकता है। लेकिन भारतीय पुलिस सेवा के अफसर मनीष अग्रवाल पर गंभीर आरोप होने के बावजूद भी ना तो सरकार ने उन्हें एपीओ किया और ना ही एसीबी ने उन्हें गिरफ्तार किया। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि राजनीतिक दबाव के चलते एसीबी उनके खिलाफ पूरा शिकंजा नहीं कस पा रही है। राजनीतिक दबाव होने की संभावना उस समय अधिक बढ़ गई, जब राज्यसभा सांसद डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने स्प्ष्ट शब्दो मे कहा था कि एसीबी राजनीतिक दबाव में ना आए और आईपीएस मनीष अग्रवाल को गिरफ्तार करें। छोटी मछली पकड़ी लेकिन मगरमच्छ मनीष अग्रवाल को पकड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद आईपीएस मनीष अग्रवाल के गिरफ्तारी के लिए को लेकर राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा मांग उठाने में लगे हैं। सांसद किरोडी लाल मीणा ने कहा कि ऐसी भी नहीं छोटी मछलियों को पकड़कर अच्छा कार्य किया है, लेकिन इस घूस कांड के मगरमच्छ आईपीएस मनीष अग्रवाल को एसीबी शीघ्र गिरफ्तार करें । साथ ही उन्होंने यह नसीहत भी दी कि एसीबी भी बिना राजनीतिक दबाव के कार्य करें। आईपीएस मनीष अग्रवाल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सांसद किरोड़ी लाल मीणा ज्ञापन भी दे चुके हैं और दौसा में धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। आखिर कौन है IPS मनीष का राजनीतिक आका आईपीएस मनीष अग्रवाल के दलाल नीरज मीणा पर एसीबी की ओर से शिकंजा कसे जाने के बाद जानकारी में सामने आया कि नीरज थानों में मेहमान की तरह रहता था। ऐसे में निश्चित रूप से वह आईपीएस मनीष अग्रवाल के लिए दलाल का काम करता होगा। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में, पुलिस महकमे में व दौसा जिले में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर आईपीएस मनीष अग्रवाल का राजनीतिक आका कौन है। दौसा की जनता यह चर्चा कर रही है कि करीब 8 माह पूर्व आईपीएस मनीष अग्रवाल को दौसा में एसपी लगाने व अब एसीबी से बचाने में किसी बड़े राजनीतिक आका का जरूर हाथ है। ऐसे में कार्रवाई के दिन यानी 13 जनवरी को एसीबी के अफसरों की ओर से मीडिया के सामने यह बयान देना कि उनके पास आईपीएस मनीष अग्रवाल के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं । उसके बावजूद भी आईपीएस मनीष अग्रवाल के खिलाफ ठोस शिकंजा नहीं कसा जाने पर निश्चित रूप से राजनीतिक संरक्षण की संभावनाओं को पैदा करता है।
दौसा आपने देश में रेप की कई हैवानियत की खबरें सुनी होंगी लेकिन आज दौसा से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो आपकी रूह कंपा जाएगी। दरअसल दौसा में एक दरिंदे पर एक या दो नहीं , बल्कि 4 रेप के केस दर्ज हुए हैं। बड़ी बात यह है कि चारों रेप पीड़िता अलग अलग घर से नहीं बल्कि एक ही घर से ताल्लुक रखती है। आरोपी ने एक ही घर में हैवानियत का डाका डाला है और एक के बाद एक चार महिलाओं को अपने जाल में फंसा कर दुष्कर्म किया। एक महिला ने की शिकायत, तब हुआ खुलासा मिली जानकारी के अनुसार इन महिलाओं के साथ थाना में बंद में एक ढाबा चलाने वाले विष्णु गुर्जर ने रेप किया है। दरअसल आरोपी विष्णु गुर्जर एक महिला के साथ पिछले 1 साल से दुष्कर्म के धिनौने कृत्य को अंजाम दे रहा था , लेकिन जब महिला को पता चला कि आरोपी अब उसकी छोटी बहनों और बेटी पर भी नजर गलत नजर डाल रहा है तो उसने महिला थाने में केस दर्ज करा दिया। महिला द्वारा मुकदमा दर्ज कराने के बाद उसकी दो छोटी बहन ने और बेटी ने भी अपनी दबी हुई आवाज खुली और दुष्कर्म की बात को बयान कर दिया। 22 जनवरी को हुआ पहला मुकदमा दर्ज पुलिस सूत्रों ने बताया कि 22 जनवरी को महिला ने आरोपी विष्णु गुर्जर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं इसी दिन आरोपी के खिलाफ महिला की एक नाबालिग बहन ने भी रेप का केस दर्ज करा दिया था। 23 जनवरी को महिला की तीसरी बहन ने महिला थाने में एक बार फिर आरोपी विष्णु गुर्जर के खिलाफ केस दर्ज कराया। वहीं 25जनवरी यानी सोमवार को आज महिला की बेटी ने भी आरोपी विष्णु गुर्जर के खिलाफ रेप का केस दर्ज करा दिया। यह जानकारी है कि रेपिस्ट ने पहले महिलाओं के इस घर में अपनी जान पहचान बढ़ाई । उसके बाद घर की सभी महिलाओं को अपनी हवस का शिकार बनाता चला गया। अब इस रेप सीरीज के मामले में महिला थाने में चार मुकदमा दर्ज हो चुके हैं । लिहाजा जांच की जा रही है।
जयपुर, 07 जनवरी 2021,लंबे इंतजार के बाद राजस्थान कांग्रेस की नई कार्यकारिणी की घोषणा कर दी गई. सचिन पायलट के हटाए जाने के बाद से पूरे राजस्थान में कांग्रेस की कार्यकारिणी भंग थी. बुधवार को करीब 6 महीने बाद कांग्रेस आलाकमान की मंजूरी के बाद कार्यकारिणी के सदस्यों के नामों का ऐलान किया गया. नई कार्यकारिणी में 7 उपाध्यक्ष, 8 महासचिव और 24 सचिव बनाए गए हैं. नई कार्यकारिणी की घोषणा पर सीएम अशोक गहलोत ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी का आभार जताया है. साथ ही नवगठित कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं. वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भी ट्वीट करके नए पदाधिकारियों को बधाई दी है. उपाध्याक्ष के रूप में गोविंद राम मेघवाल, हरिमोहन शर्मा, डॉ. जितेंद्र सिंह, महेंद्रजीत सिंह मालवीय, नसीम अख्तर इंसाफ, राजेंद्र चौधरी और रामपाल जाट के नामों की घोषणा हुई है. वहीं, जीआर खटाना, हाकिम अली, लखन मीणा, मांगीलाल गरासिया, प्रशांत बैरवा, राकेश पारिख, रिटा चौधरी और वैद सोलंकी महासचिव बनाए गए हैं. सचिव पद की जिम्मेदारी भूराराम सीरवी, देशराज मीणा, गजेंद्र सांखला, जसवंत गुर्जर, जियाउर्रहमान, ललित तूनवाल, ललित यादव, महेंद्र खेड़ी, महेंद्र सिंह गुर्जर, मुकेश वर्मा, निंबा राम गरासिया, फूल सिंह ओला, प्रशांत शर्मा, प्रतिष्ठा यादव, पुष्पेंद्र भारद्वाज, राजेंद्र मूंड, राजेंद्र यादव, राखी गौतम, राम सिंह कंस्वा, रवि पटेल, सचिन सरवत, शोभा सोलंकी, श्रवण पटेल, विशाल जांगिड़ सौंपी गई है.
जयपुर प्रदेश में भले ही कोरोनावायरस का खतरा कम होता दिखाई दे रहा हो। लेकिन एक नए खतरे ने प्रदेश के प्रशासन और सरकार की नींद उड़ा रखी है। दरअसल बर्ड फ्लू का असर लगातार प्रदेश में छाया हुआ है । मंगलवार को झालावाड़ के बाद अब जयपुर, कोटा और बारां में भी बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है । जयपुर में जल महल से भेजे गए सैंपल में भी यह पता चला है कि मृतकों कौवों की मौत का कारण बर्ड फ्लू ही है। आपको बता दें कि 24 घंटे में अब कौवों की 246 नई मौत सामने आई है। इधर दौसा और नागौर में राष्ट्रीय पक्षी मोर के मरने की खबर भी सामने आई है। इससे पहले दौसा में पॉड हैरॉन की मरने की पुष्टि हुई थी। जोधपुर में सैंपल आए नेगेटिव मिली जानकारी के अनुसार कोटा की रामगंजमंडी में 212 मुर्गियों मृत मिली थी। इनकी जांच के लिए 110 सैंपल भोपाल भेजे गए थे । इनमें से 40 की रिपोर्ट आई है , जिनमें 25 पॉजिटिव है । राहत की बात यह है कि जोधपुर से भी जो सैंपल लिए गए थे उनमें 15 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है । इधर पॉलट्री फार्म्स में अभी तक एक भी केस की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि एहतियात के तौर पर आवाजाही पर रोक लगाई जा सकती है। साथ ही मध्यप्रदेश की सीमा से सटे कोटा -बारां में भी संक्रमण की आंशका को देखते हुए राज्य सरकार पोल्ट्री की आवाजाही पर रोक लगा सकती है। सीएम गहलोत ने दिए निर्देश इधर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने देश के विभिन्न राज्यों तथा प्रदेश के विभिन्न जिलों में एवियन इनफ्लुएंजा से हो रही पक्षियों की मौतों को निगरानी रखने के लिए कहा है। उन्होंने पक्षियों के मरने की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विशेष सर्तकता रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि घना बर्ड सेंचुरी , विभिन्न अभ्यारण्य, सांभर झील सहित अन्य वेटलैंड्स और तमाम ऐसे स्थान जहां पक्षी अधिक पाए जाते हैं वहां विशेष निगरानी रखी जाए। किसी भी पक्षी की मौत होने पर उसका सैंपल लैब में भेजा जाए और वैज्ञानिक विधि से मृत पक्षियों के निस्तारण सुनिश्चित की जाये बर्ड फ्लू जांच लैब को लेकर मंजूरी इधर सरकार ने केंद्र को बर्ड फ्लू जांच लैब के लिये चिढ्ठी लिखी है। पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव कुंजीलाल मीना का कहना है कि इस मामले में संयुक्त सचिव से भी बात हो चुकी है। इसके बाद अब मंजूरी भी मिल गई है, अब जल्द ही यहां भी लैब बनेगी। हालांकि लैब को सुचारू करने के लिए चार महीने का वक्त लगेगा। राज्य सरकार जयपुर स्थित वेटेनरी लैब का विस्तार करने की भी योजना बना रही है।
जयपुर राजस्थान कांग्रेस कमेटी की नई टीम का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान कांग्रेस के प्रभारी अजय माकन और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की ओर से इसे लेकर अपना होमवर्क पूरा कर लिया गया है । वहीं हाल ही तीन दिवसीय दौरे पर राजस्थान आए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी अजय माकन ने खुद भी इस संबंध में कार्यकर्ताओं को जानकारी दी थी। माकन ने दिल्ली लौटने से पहले जयपुर में कहा कि राजनीतिक नियुक्तियों और पीसीसी कार्यकारिणी में मैं युवा कांग्रेस को इतना अच्छा प्रतिनिधित्व दूंगा कि सब खुश हो जाएंगे। अजय माकन के इस वक्तव्य के बाद अब तय हो गया है कि अब प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर अंतिम निर्णय ले लिया गया है। आज दोपहर 12 बजे आ सकते हैं नाम सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी को लेकर मंगलवार को घोषणा होना तय है। वहीं यह भी जानकारी मिली है कि कांग्रेस इस संबंध में दोपहर 12 बजे तक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकती है, जिसमें नए नामों की घोषणा की जाएगी। वहीं कार्यकारिणी गठन के बाद राजनीतिक नियुक्तियां भी जल्द होगी। युवाओं को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी आपको बता दें कि अजय माकन की ओर से लगातार एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को कहा गया है कि युवा भागीदारी प्रदेश कांग्रेस में बढ़ाई जाएगी। लिहाजा संभावना यही है कि प्रदेश कांग्रेस में अब युवा नेतृत्व पर बल दिया जाएगा। कई युवा नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी राजस्थान कांग्रेस में मिल सकती है। मंत्रिमण्डल विस्तार भी जल्द संभव, कई मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी माना जा रहा है कि प्रदेश कार्यकारिणी को लेकर फैसला लेने आए अजय माकन से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्रिमण्डल विस्तार को लेकर भी चर्चा की है। लिहाजा यह संभावना भी है कि प्रदेश सरकार के दो साल पूरे होने के साथ ही अब मंत्रिमण्डल विस्तार भी जल्द होगा। वहीं लगभग 4 से पांच मंत्रियों की मंत्रिमण्डल से छुट्टी होने की सुगबुगाहटें भी तेज है।
अलवर अलवर जिले के शाहजहांपुर बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन से लौटते समय खींवसर विधायक नारायण सिंह बेनीवाल का एक्सीडेंट हो गया। उनकी फॉरच्यूनर कार हाईवे पर पिकअप से टकराई गई। हाईवे ताजपरी होटल के सामने हुए एक्सीडेन्ट में फॉर्चयूनर गाड़ी में सवार विधायक नारायण बेनीवाल और उनके साथी भी घायल हुए हैं। घटना के बाद मौजूद लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया है। यहां से उन्हें बहरोड़ के कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गाड़ी में मौजूद थे बेनीवाल सहित पांच लोग घायल गाड़ी में मौजूद अन्य चार पांच लोग भी भी घायल हुए है जिन्हें मामूली चोट आई है। गनीमत यह रही गाड़ी के एयरबैग खुल गए जिससे विधायक नारायण बेनिवाल और उनके अन्य साथी भी बच गए। एक्सीडेंट में फॉर्चयूनर गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। बताया जा रहा है कि यह हादसा शाहजहांपुर में किसान आंदोलन से लौटते वक्त हुआ। अस्पताल पहुंचे बड़ी संख्या में समर्थक मिली जानकारी के अनुसार इस हादसे की सूचना के बाद बड़ी संख्या में कैलाश अस्पताल के बाहर हनुमान बेनीवाल के समर्थकों का जमावड़ा लग गया है। इधर पुलिस ने एक्सीडेंट के बाद वाहनों को साइड में करवा दिया है। गौरतलब है कि हाईवे पर जाम के कारण विधायक नारायण बेनीवाल वापस लौट रहे थे । कल विधायक हनुमान बेनीवाल के आंदोलन में शामिल होने के लिए आए थे और अब रविवार को आज वापस लौट रहे थे तभी हादसा हुआ। बहरोड़ थाना अधिकारी विनोद सांखला ने बताया कि शाहजहांपुर बॉर्डर से लौटते समय खींवसर विधायक नारायण बेनीवाल की गाड़ी एक्सीडेंट हो गई थी। इसके बाद घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
नागौर किसानों के मुद्दे पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को एक और बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) ने एनडीए का साथ छोड़ दिया है। पार्टी के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) ने इसकी घोषणा की है। पिछले दिनों बेनीवाल ने किसान आंदोलन के समर्थन में 26 दिसंबर को 2 लाख किसानों को लेकर राजस्थान से दिल्ली कूच करने का ऐलान किया था। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने ऐलान करते हुए कहा कि केंद्र सरकार कृषि बिलों को वापिस न लेने पर अड़ी हुई है। ये तीनों बिल किसानों के खिलाफ हैं, इसलिए मैंने NDA छोड़ दी है। कांग्रेस के साथ जाने के सवाल पर हनुमान बेनीवाल ने कहा कि कांग्रेस के साथ किसी प्रकार का गठबंधन नहीं करूंगा। कांग्रेस से नहीं कर रहे गठबंधन : बेनीवाल एनडीए से अलग होने के ऐलान के बाद हनुमान बेनीवाल ने मीडिया से बात की। नागौर सांसद ने कहा, "मैंने किसानों के समर्थन में एनडीए का साथ छोड़ा है क्योंकि केंद्र सरकार ने जो तीन कृषि कानून बनाए हैं, वो किसान विरोधी हैं। लेकिन मेरे एनडीए छोड़ने का अर्थ यह नहीं कि हमारी पार्टी कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगी।" 303 सांसद हैं, इस वजह से कृषि कानून वापस नहीं ले रही केंद्र सरकार: हनुमान बेनीवाल इससे पहले बेनीवाल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार के पास 303 सांसद हैं, जिस वजह से वह कृषि कानूनों को वापस नहीं ले रही है। 1,200 किलोमीटर दूर राजस्थान के किसान दिल्ली की तरफ कूच कर रहे हैं। एनडीए में बने रहने के बारे में उन्होंने कहा कि हरियाणा बॉर्डर के शाहजहांपुर में बैठक के बाद एनडीए में रहने या छोड़ने पर फैसला लिया जाएगा।
अलवर राजस्थान से किसानों की आवाज को पहले से ज्यादा बुलंद करने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी ऐलान कर दिया है। इसके लिए जिले के शाहजहांपुर बॉर्डर पर हनुमान बेनीवाल का अलग से मंच बनाया जा रहा है। लेकिन इससे किसान आंदोलन की दो फाड़ होती भी नजर आ रही है। पिछले 15 दिन से आंदोलन कर महापड़ाव देकर धरने पर बैठे किसानों और अन्य संगठनो ने एक जगह पर दो मंच बनाये जाने पर आपत्ति दर्ज कराई है। लिहाजा किसान आंदोलन पर दो फाड होती नजर आ रही है। वहीं इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। आपको बता दें कि अलवर जिले के शाहजहांपुर बार्डर ओर किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। नेशनल हाइवे -48 हरियाणा बॉर्डर पर किसानों ने जाम किया हुआ है। अब हाइवे पर किसानों कब्जा जमा कर डेरा डाल लिया है। लगातार किसान संगठनों की ओर विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है। दोपहर में बॉर्डर पर सभा करने बाद करेंगे दिल्ली कूच इधर दूसरी ओर शनिवार को शाहजहांपुर बॉर्डर पर किसान आन्दोलन को लेकर आरएलपी प्रमुख हनुमान बेनिवाल ने दोपहर बाद सभा कर दिल्ली कूच का ऐलान किया है। बॉर्डर पर हनुमान बेनीवाल के सभा ओर दिल्ली कूच ऐलान के बाद से किसानों के आंदोलन स्थल से कुछ दूरी ओर अलग से मंच बना कर सभा की तैयारियां की जा रही है। हनुमान बेनीवाल की ओर से धरना देने और सभा की तैयार जोरों पर चल रही है । धरने पर बैठने के लिए लोगों के लिए कारपेट के रूप में सड़क पर फर्श बिछाई जा रही है । मौके पर करीब 500 मीटर तक सड़क को कवर किया जा रहा है। पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह अलर्ट मिली जानकारी के अनुसार अलग मंच पर लाउडस्पीकर भी लगाए जा रहे है । हनुमान बेनीवाल के कार्यक्रम को देखते हुए पुलिस और प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। नींमराणा DSP लोकेश मीणा जाब्ते सहित मौके पर पहुंचे हैं। साथ ही उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया है। आपको बता दें कि पिछले 15 दिन किसानों की ओर से बॉर्डर पर केंद्र सरकार के कृषि कानून बिल को वापिस लेने की मांग की जा रही है । इधर केंद्र सरकार किसानों से वार्ता के लिए तैयार है। लेकिन किसानों व केंद्र सरकार के बीच सहमति अभी तक नहीं बन पाई है। वहीं दूसरी ओर से बड़ी अपडेट यही है कि हनुमान बेनीवाल के अलग से मंच बनाए जाने के बाद किसानों में भी दो फाड़ होती दिख रही है।
बारां के पूर्व कलेक्टर आईएएस इंद्र सिंह राव को जयपुर की एसीबी टीम ने गुरुवार को कोटा में अदालत में पेश किया था. कोर्ट ने यहां से इंद्र सिंह राव को एक दिन की पीसी रिमांड पर भेजा था. शुक्रवार को पीसी रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद एसीबी के अधिकारी उन्हें कोटा जिला एवं सेशन जज योगेंद्र कुमार पुरोहित के बंगले पहुंचे जहां न्यायाधीश ने इंद्र सिंह को 6 जनवरी तक जेल भेजने के आदेश दिए हैं. इसके बाद एसीबी टीम ने आईएएस इंद्र सिंह राव को कोटा सेंट्रल जेल भेज दिया है. राव का कैदी नम्बर 2446 है और उन्हें बैरक नम्बर 24 में रखा गया है. एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक इंटेलिजेंस जयपुर सीपी शर्मा का कहना है कि पूछताछ के बाद पूर्व कलेक्टर आईएएस इंद्र सिंह राव को न्यायाधीश के निवास पर पेश किया गया था जहां से राव को जेल भेजने के आदेश दिए गए हैं. साथ ही बेल एप्लीकेशन को 28 दिसंबर को कोर्ट में पेश करने के निर्देश भी जज ने दिए हैं. सीपी शर्मा ने कहा कि प्रॉपर्टी के मुद्दे पर हमने जो हस्तक्षेप क‍िया था, उसमें क्लियर किया गया है कि कौन सी प्रॉपर्टी है. अब इसका पूरा अलग रिकॉर्ड बनाया जारहा है. जो भी संपत्ति है उसका मिलान किया जाएगा. उन्होंने बताया कि जिस फाइल को लेकर अप्रूवल ली गई थी, हमने उसकी डिटेल भी ली है. आईएएस राव ने पूछताछ में बहुत ज्यादा सहयोग नहीं किया. हमने नार्को और वॉइस सैंपल लेने के लिए कहा था लेकिन उन्होंने इसके लिए इनकार कर दिया है. ऐसे में हम आगे नार्को और वॉयस सैंपल के लिए आवेदन डाल सकते हैं. एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीपी शर्मा का कहना है कि जो चांदी का सिक्का कलेक्टर को गिफ्ट में मिलने की बात कही जा रही थी, वह अभी तक तलाशी में नहीं मिला है. आईएएस इंद्र सिंह राव ने एसीबी को बताया कि वह बारां में हो सकता है. ऐसे में जब भी बारां के बंगले की तलाश होगी तो उस संकेतक को भी तलाशा जाएगा. ऐसे में तब सिक्का वहां पर प्राप्त हो सकता है. बता दें कि बारां में 9 दिसम्बर को पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के एवज में 1 लाख 40 हजार रिश्वत लेते कोटा एसीबी की टीम ने बारां कलेक्टर इंद्र सिंह राव के पीए महावीर नागर को गिरफ्तार किया था. बातचीत में महावीर ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि इतने पैसे छोटा कर्मचारी ले सकता है क्या? उच्चाधिकारी के कहने पर पैसे लिए जाते थे. जो रकम ली गई है वो पूरी ही कलेक्टर को देनी थी. एसीबी की पूछताछ में पीए ने बताया था कि रिश्वत की रकम में कुछ हिस्सा बाबुओं था, बाकी कलेक्टर का हिस्सा था. इसके बाद बुधवार को जयपुर एसीबी की टीम ने इंद्र सिंह राव को पूछताछ के लिए जयपुर ऑफिस बुलाया. वहां उनको गिरफ्तार कर लिया गया था.
जयपुर, 13 दिसंबर 2020,राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों के अब तक आए नतीजों के मुताबिक बड़ा उलटफेर नजर आ रहा है. रविवार दोपहर 1:30 बजे तक 50 शहरी निकायों के कुल 1775 वॉर्डों में से 791 वार्डों के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं. नतीजों के मुताबिक, निर्दलीयों ने कांग्रेस और बीजेपी को दूसरे और तीसरे स्थान पर धकेल दिया है. इनमें से 296 वॉर्डों में निर्दलीयों ने जीत दर्ज की है, जबकि 268 पर कांग्रेस और 224 पर बीजेपी ने कब्जा जमाया है. अभी पूरे नतीजे आने बाकी हैं. बता दें कि राजस्थान में आज 12 जिलों के पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव के परिणाम भी आ रहे हैं. कांग्रेस और BJP के अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट भी इन चुनाव परिणामों पर नजर जमाए हुए हैं. इन 12 जिलों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का गृह जिला जोधपुर भी है. इसके अलावा सिरोही को छोड़ दें तो बाकी सभी जिले सचिन पायलट के गढ़ माने जाते हैं. पहले ही 21 जिलों में चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए पक्ष में नहीं आए हैं. ऐसे में अगर इन 12 जिलों में कांग्रेस के लिए अच्छी खबर नहीं मिलती है तो मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है. इन चुनावों में 79.90 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. 50 निकायों के लिए 7249 उम्मीदवार मैदान में थे.
अलवर राजस्थान में किसान आंदोलन भले ही पहले दिन हल्का रहा हो। लेकिन आंदोलन की गति रविवार को देखी जा रही है। ताजा मामला यह है कि रविवार को अब किसानों ने जयपुर- दिल्ली हाइवे पर लगा जाम लगा दिया है। मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान हरियाणा शाहजहांपुर पर किसानो ने जाम लगा दिया है। किसानों की ओर से नेशनल हाइवे को रोकने के बाद अब यहां स्थिति यह है कि एनएच पर लंबा जाम लग गया है। बहरोड़ से किया रूट डायवर्ट आपको बता दें कि शाहजहांपुर मार्ग पर डटे हुए राजस्थान और हरियाणा के किसानों की ओर से राष्ट्रीय राजमार्ग को रोकने के चलते यहां यातायात बाधित हो रहा है। इधर बहरोड़ से वाहनों को डायवर्ट किया जा रहा है। हाइवे पर सुबह से ही किसानों की संख्या बढ़ रही है। अभी आलम यह है कि हाइवे पर भारी संख्या में किसान जमा हो गए हैं, लिहाजा नेशनल हाइवे पर लम्बा जाम लग गया है। मेधा पाटकर और योगेन्द्र यादव ने किया दिल्ली कूच आपको बता दें कि दिल्ली- जयपुर मार्ग को जोड़ने वाले शाहजहांपुर टोल के पास किसान संगठनों के अलावा अन्य सामाजिक संगठन भी एकत्रित हो रहे हैं। सुबह से ही लोगों के आने का सिलसिला जारी है। इधर सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर व स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेंद्र यादव के नेतृत्व में किसानों ने दिल्ली के लिए कूच कर दिया है। मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात है। लिहाजा अब जाम और सामाजिक कार्यकर्ता तथा किसानों नेताओ के दिल्ली कूच के साथ ही स्थिति तनावपूर्ण सी होती दिख रही है।
जयपुर , 11 दिसंबर 2020,पंचायत चुनाव में मिली हार के बाद राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार के सामने संकट खड़ा हो गया है. भारतीय ट्राइबल पार्टी (BTP) ने राजस्थान की कांग्रेस सरकार से समर्थन वापस ले लिया है. BTP के दो विधायक लगातार गहलोत सरकार को समर्थन दे रहे थे. इस साल की शुरुआत में जब विधानसभा में गहलोत सरकार ने अपना बहुमत साबित किया था, तब दोनों विधायकों ने अशोक गहलोत का समर्थन किया था. कांग्रेस से खफा थी BTP बीटीपी के दोनों विधायकों राजकुमार रोत और रामप्रसाद ने पार्टी अध्यक्ष और गुजरात के विधायक महेश वसावा से समर्थन वापसी लेने की बात कही थी, जिस पर अमल करते हुए उन्होंने अपना निर्णय ले लिया है. पायलट के बगावत ही नहीं बल्कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भी कांग्रेस प्रत्याशी केसी वेणुगोपाल और नीरज डांगी के पक्ष में मतदान किया था, लेकिन जिला परिषद का चुनाव कांग्रेस से नाता तोड़ने के लिए उन्हें मजबूर कर दिया. हाल ही में राज्य में हुए पंचायत समिति के चुनाव में कांग्रेस को कई सीटों पर नुकसान हुआ है. BTP के विधायकों ने आरोप लगाया था कि चुनावों में कांग्रेस ने उसका साथ नहीं दिया और धोखा दिया. पंचायत चुनाव में 1833 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की थी, जबकि कांग्रेस को 1713 सीटों पर जीत मिली है. इसके अलावा जिला प्रमुख के चुनावों में भी बीजेपी का प्रदर्शन कांग्रेस से काफी बेहतर था. बता दें कि राजस्थान के आदिवासी डूंगरपुर जनपद में जिला परिषद सदस्यों के चुनाव में बीटीपी को सबसे ज्यादा सीटें मिली थी, लेकिन कांग्रेस और बीजेपी के हाथ मिलाने के चलते बीटीपी का जिला प्रमुख नहीं बन सका. वहीं, डूंगरपुर में बीजेपी ने अपना जिला प्रमुख बना लिया. हालांकि, दो विधायकों के समर्थन वापस लेने से अशोक गहलोत सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा. क्योंकि अब कांग्रेस के पास राज्य में बहुमत है. लेकिन कुछ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है. राजस्थान में कुल 200 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से अभी गहलोत सरकार के पास 118 हैं. हालांकि, इनमें से कई निर्दलीय विधायक भी शामिल हैं. CM गहलोत ने जताई थी चिंता साथ ही बीते दिनों खुद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आशंका जताई थी कि राज्य में फिर एक बार सरकार गिराने की हलचल शुरू हो गई है. अशोक गहलोत ने ये दावा पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए किया था. अशोक गहलोत के मुताबिक, बीजेपी फिर राजस्थान और महाराष्ट्र में सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है. बता दें कि इस साल की शुरुआत में ही कांग्रेस राजस्थान में दो गुटो में बंट गई थी. सचिन पायलट खफा होकर अपने समर्थक विधायकों के साथ अलग हो गए थे, लंबे वक्त तक चले सियासी ड्रामे के बाद सचिन पायलट माने और वापस आए. लेकिन तब से अबतक सचिन पायलट को कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली है.
बाड़मेर भारत-पाक सीमा से सटे सरहदी बाड़मेर जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के अंतिम परिणाम जारी कर लिए गए है। बाड़मेर जिला परिषद में चुनाव के नतीजों के बाद महाघमासान की स्थिति देखने को मिली है। जिला परिषद के इतिहास में पहली बार हुआ है कि बीजेपी ने कांग्रेस को कांटे की टक्कर दी है। यहां 18 पर कांग्रेस और 18 पर बीजेपी आ गई है । साथ ही खास बात यह है कि एक निर्णायक सीट पर राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का प्रत्याशी चुना गया है। चुनाव नतीजों के बाद दिल की धड़कनें दोनों दलों की बढ़ गई है । साथ ही राजनीति का ज्वार सातवें आसमान पर चढ़ गया है। बेहद रोमांचक रहा है यहां मुकाबला आपको बता दें बाड़मेर में जिला परिषद का ताज अभी तक रोमांच में घिरा हुआ है। बाड़मेर जिले की 21 पंचायत समिति में 15 सीटों पर कांग्रेस तो 6 सीटों पर भाजपा ने कब्जा जमाया है। बाड़मेर जिला परिषद के 37 सीटों में बीजेपी-कांग्रेस को 18-18 सीटें मिली है ,जबकि रालोपा के एकमात्र उम्मेदाराम बेनीवाल जीते है। कांग्रेस के 18 और भाजपा के 18 सदस्यों की जीत और रालोपा के 1 सदस्य जितने के बाद किसी भी पार्टी को बहुमत नही मिला सका है। रिकाउंटिंग में भी रहा वहीं परिणाम 18-18 और एक के इस आंकड़े ने बाड़मेर में हलचल मचा दी। नतीजा बाड़मेर जिला निर्वाचन अधिकारी विश्राम मीणा ने 2 वार्डो में रिकाउंटिंग का आदेश दिया था। बाड़मेर के वार्ड 10 और 31 पर मतों की गणना वापस हुई। मतगणना के बाद परिणाम वहीं रहा। वार्ड 10 से बीजेपी की सुआ देवी और 31 मे कांग्रेस की गंगा देवी विजयी रही। अब कुल भाजपा- कांग्रेस 18-18 सीटों पर काबिज है , जबकि एक सीट पर रालोपा के उम्मेदाराम बेनीवाल ने जीत दर्ज की है। शुरुआती रुझानों में थी कांग्रेस की बढ़त आपको बता दें कि शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के बढ़त बनाने के बाद बाड़मेर में कांग्रेस थोड़ी पिछड़ गई थी। लेकिन अब दोनों की बराबरी की स्थिति बनीं हुई है। बाड़मेर में 18 बीजेपी ने तो 18 कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। एक जीत रालोपा के खाते में गई है। रालोपा प्रत्याशी जहां तराजू का पलड़ा इधर-उधर करने की भूमिका में है, तो इधर भितरघात और सेंधमारी की आशकाएं बढ़ गई है। बाड़मेर निर्वाचन अधिकारी विश्राम मीणा के मुताबिक सरहदी बाड़मेर में पंचायत समिति और जिला परिषद की मतगणना प्रक्रिया शान्तिपूर्ण सम्पन्न हुई है। बाड़मेर जिले की 21 पंचायत समितियों के 15 पंचायत समितियों में कांग्रेस का दबदबा कायम रहा है, जबकि 6 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की है। अब किलेबंदी की तैयारी आपको बता दें कि जिले में आए रोचक आंकड़े के बाद दोनों ही दलों में हलचले तेज है । यहां अब एक - एक प्रत्याशी की किलेबंदी करने की जिम्मेदारी बढ़ गई है ऐसे में अब देखना यह होगा कि क्या कांग्रेस एक बार फिर गढ़ बचा पाती है या फिर भाजपा । वहीं यह भी सवाल उठ रहा है कि आजादी के बाद पहली बार क्या भाजपा यहां अपना बोर्ड बना संभव होगा क्या ?।
जयपुर, 09 दिसंबर 2020,राजस्थान के पंचायत समिति और जिला परिषद के चुनाव में जिसकी सरकार, उसके पक्ष में परिणाम की परंपरा टूट गई है और इस बार राज्य में कांग्रेस की सरकार होते हुए भी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने शानदार प्रदर्शन किया है. कांग्रेस के सभी दिग्गज नेताओं के विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस हार गई है. 21 जिला प्रमुखों के लिए चुनाव में 14 पर बीजेपी और 5 पर कांग्रेस को जीत मिली है, जबकि एक पर भारतीय ट्राइबल पार्टी ने कब्ज़ा जमाया है. राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल की पार्टी को नागौर में भी तीसरा स्थान मिला है, जबकि बाड़मेर में कांग्रेस और BJP दोनों को बराबर 18-18 सीटें मिली है. वहीं, पंचायत चुनाव में 1833 सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस को 1713 सीटों पर जीत मिली है. 21 जिलों में हुए चुनाव में बीजेपी को पाली ,सीकर, चूरू, झुंझुनू, बूंदी, अजमेर, नागौर, टोंक, उदयपुर, भीलवाड़ा, झालावाड़, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ और जालोर सहित 13 जिलों में जीत मिली है. वहीं, कांग्रेस को हनुमानगढ़, जैसलमेर, प्रतापगढ़, बांसवाड़ा और बीकानेर समेत पांच जिलों में जीत मिली है. हनुमान बेनीवाल का गढ़ माने जाने वाले नागौर में बीजेपी को 20 सीटें मिली है, जबकि कांग्रेस को 18 सीटें मिली है. वहीं हनुमान बेनीवाल की पार्टी को केवल नौ सीटें मिली है. इससे पहले 2003 और 2013 में जब अशोक गहलोत की सरकार बनी थी तो जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव में 70 फ़ीसदी सीटों पर कांग्रेस जीती थी, जबकि वसुंधरा सरकार के दौरान 70 फ़ीसदी सीटों पर बीजेपी जीती थी. मगर इस बार सरकार होते हुए भी कांग्रेस को करारी हार मिली है. कांग्रेस के सभी दिग्गजों के इलाक़े में कांग्रेस हार गई. मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के चुनाव क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में भी कांग्रेस हार गई है. पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के टोंक, स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा के इलाके अजमेर, खेल मंत्री अशोक चांदना के इलाके बूंदी ,सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना के इलाके चित्तौड़गढ़ में कांग्रेस हार गई.
जयपुर, 09 दिसंबर 2020,राजस्थान के स्थानीय चुनाव में निराशाजनक नतीजों के बीच कांग्रेस में अंदरूनी हलचल भी फिर सतह पर आती दिखाई पड़ रही है. कांग्रेस के प्रदेश नेताओं की तरफ से खुलेआम बीजेपी पर सरकार गिराने की कोशिश के आरोप लगाए जा रहे हैं. इस बीच सूत्रों से ये जानकारी मिली है कि राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट से मुलाकात की है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खासमखास माने जाने वाले प्रदेश अध्यक्ष गोविंद ने सचिन पायलट से ये मुलाकात जयपुर में उनके आवास पर की है. बताया जा रहा है कि इस मुलाकात में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर चर्चा हुई है जो इस महीने या नए साल के जनवरी महीने में की जानी हैं. सूत्रों के मुताबिक ये जानकारी मिली है कि दोनों बड़े नेताओं के बीच ये मीटिंग गांधी परिवार की पहल पर हुई है. बताया गया है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने राजस्थान के कांग्रेस नेताओं से ये कहा है नेताओं को नई जिम्मेदारियां देने के लिए सचिन पायलट की रायशुमारी की जाए. गौरतलब है कि इसी साल सचिन पायलट ने बागी रुख अपनाते हुए गहलोत सरकार को मुश्किल में डाल दिया था. बात यहां तक पहुंच गई थी कि अशोक गहलोत ने सचिन पायलट पर बीजेपी के साथ मिलकर सरकार गिराने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे और उन्हें डिप्टी सीएम पद से भी हटा दिया गया था. इसके अलावा पायलट के दो सहयोगी मंत्रियों व संगठन के कुछ बड़े चेहरों को भी साइडलाइन कर दिया गया था. लंबे घमासान के बाद गांधी परिवार के दखल से पायलट की वापसी हुई थी. अब जबकि राज्य में स्थानीय चुनाव हो रहे हैं और कांग्रेस में कुछ नियुक्तियां होनी हैं तो एक बार फिर सियासी हलचल पैदा करने वाले सुर उठने लगे हैं. साथ ही कांग्रेस बीजेपी पर सरकार गिराने की साजिश के आरोप भी लगा रही है. ऐसे में पायलट का रुख एक बार फिर गहलोत सरकार के लिए काफी अहम हो गया है.
भारत बंद के दौरान मंगलवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय पर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान वहां भाजपा और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं में भिड़त हो गई। कुछ कार्यकर्ताओं ने पथराव भी कर दिया। इस घटना के विरोध में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर हमला बोला है। उन्होंने इस कृत्य को आश्चर्य जनक व दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री गुंडों के जरिए प्रदेश में अशांति और अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते हैं। पत्थरबाजी की घटना के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर जारी करते हुए पूनिया ने कहा कि पहले तो सरकार का बंद में समर्थन देना आश्चर्यजनक व दुर्भाग्यपूर्ण है। लेकिन इस बंद में भी सरकार के इशारे पर अराजकता की हद देखिए, कि कांग्रेस पार्टी के गुंडे भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर पथराव करते हैं। क्या मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इस तरह के अराजक तत्व और गुंडों के जरिए प्रदेश में अशांति और अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री वैसे तो बार-बार लोकतंत्र और सुशासन की दुहाई देते हैं, लेकिन ये उसी की बानगी है। आज इस तरीके से गुंडों के सहारे विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है, जो मुमकीन नहीं है। उन्होंने कहा कि आज जो हुआ वो राजस्थान के राजनैतिक सद्भावना के खिलाफ एक विद्वेष की अराजक कार्यवाही है, जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। आपको बता दें कि आज दोपहर में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने बंद के दौरान भाजपा मुख्यालय का घेराव करने का प्रयास किया। इस बीच वहां भाजपा के संगठन एबीवीपी के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। यहां दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, जिसके बीच कुछ युवकों ने भाजपा मुख्यालय की तरफ पत्थर भी फेंके।
अजमेर जिले में जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य चुनाव की मतगणना का परिणाम आ गया है। जिला परिषद के 32 सदस्यों में 18 पर भाजपा और 14 पर कांग्रेस की जीत हुई है। हालांकि, अभी अधिकृत परिणाम की घोषणा नहीं की गई है। इससे पहले राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में पहले चरण की मतगणना मंगलवार सुबह नौ बजे से शुरू हो गई। मतों की गणना के लिए जिला परिषद निर्वाचन क्षेत्रों के अनुसार व्यवस्थाएं की गई थी। जिला परिषद में 32 सदस्य के लिए 77 प्रत्याशी और पंचायत समिति सदस्य के लिए 552 प्रत्याशी मैदान में थे। मतों की गणना के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। पोस्टल बैलेट की गणना के बाद ईवीएम की काउंटिंग शुरू हुई। दूसरे चरण की मतगणना दोपहर 12.30 बजे शुरू हुई। जिला प्रमुख व प्रधान 10 को चुनेंगे जिला प्रमुख एवं उप जिला प्रमुख के निर्वाचन की बैठक जिला परिषद सभागार में होगी। जिला प्रमुख के चुनाव गुरुवार 10 दिसंबर तथा उप जिला प्रमुख के चुनाव शुक्रवार 11 दिसम्बर को होंगे। निर्वाचन के संबंध में बैठक निर्धारित दिवस को सुबह 10 बजे शुरू होगी। नाम निर्देशन पत्रों का प्रस्तुतीकरण सुबह 11 बजे तक किया जा सकेगा। नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा 11.30 बजे आरम्भ होगी। अभ्यर्थी अपने नाम की वापसी दोपहर एक बजे तक कर सकते हैं। इसके तुरन्त पश्चात् चुनाव प्रतीकों का आवंटन एवं चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों की सूची तैयार की जाएगी। आवश्यक होने पर मतदान अपराह्न 3 बजे से सायं 5 बजे तक होगा। मतदान समाप्ति के तुरन्त पश्चात् मतगणना एवं निर्वाचन परिणाम की घोषणा की जाएगी। जिला प्रमुख एवं प्रधान की निर्वाचन प्रक्रिया 10 दिसम्बर तथा उप जिला प्रमुख एवं उप प्रधान की निर्वाचन प्रक्रिया 11 दिसम्बर को होगी।
नई दिल्ली, 06 दिसंबर 2020,नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन 11वें दिन में प्रवेश कर गया है. दिल्ली-हरियाणा पर स्थित सिंधु बॉर्डर पर हजारों किसानों की भीड़ पिछले 10 दिनों से 24 घंटे से दिन रात डटी है. किसानों का प्रदर्शन गाजीपुर बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर पर भी जारी है. इसके अलावा बुराडी ग्राउंड पर भी कुछ किसान प्रदर्शन कर रहे हैं. किसानों और सरकार के बीच 5 राउंड की बात हो चुकी है, लेकिन गतिरोध जारी है. अब किसानों ने 8 दिसंबर को भारत बंद का ऐलान किया है. इसी के साथ सबकी निगाहें अब 9 दिसंबर को सरकार के साथ होने वाली किसानों पर बातचीत पर टिकी है. भारत बंद से मंत्री तिलमिलाए- किसान नेता किसान नेता बलदेव सिंह निहालगढ़ ने कहा कि ये आंदोलन सिर्फ पंजाब का न होकर पूरे देश में बढ़ चुका है. मंत्री तिलमिलाए हुए हैं कि क्यों भारत बंद का आह्वान किया? किसान नेता ने कहा कि 8 दिसंबर को सुबह से शाम तक बंद होगा. चक्का जाम 3 बजे तक होगा. एम्बुलेंस और शादियों के लिए रास्ता खुला रहेगा. शांतिपूर्ण प्रदर्शन रहेगा. चंडीगढ़ सेक्टर 17 के ग्राउंड में 7 तारीख को बड़ा प्रदर्शन करेंगे. ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइडरी किसान आंदोलन के मद्देनजर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नई एडवाइजरी जारी की है. पुलिस ने बताया कि किसानों के विरोध के कारण चील्ला बॉर्डर (दोनों कैरिजवे) यातायात के लिए बंद हैं. वहीं एनएच 24 पर दिल्ली से गाजियाबाद जाने के लिए गाजीपुर बॉर्डर बंद है जबकि गाजियाबाद से दिल्ली जाने के लिए इस नेशनल हाइवे पर गाजीपुर बॉर्डर खुला हुआ है. मतलब दिल्ली से गाजियाबाद जा सकते हैं लेकिन गाजियाबद से दिल्ली आने के लिए बॉर्डर बंद है. हर कांग्रेसी किसानों के साथ-अशोक गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 8 दिसंबर को देशभर के किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है. अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है, 'कांग्रेस पार्टी 8 दिसंबर को किसानों के पक्ष में भारत बंद का समर्थन करती है. जैसा कि हम जानते हैं कि राहुल जी अपने हस्ताक्षर अभियान, किसान और ट्रैक्टर रैली के माध्यम से किसानों की आवाज उठाते रहे हैं. वह देश के किसानों के कट्टर समर्थक रहे हैं और देश के हर कोने में किसानों के इस मुद्दे को लेकर हर कांग्रेसी कार्यकर्ता उनके साथ खड़ा है.' किसानों के सामने सुरक्षा बलों की गांधीगिरी सिंधु बॉर्डर पर आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन तैयारी कर रही है. फोर्स की पहली रणनीति ये है अगर किसानों की भीड़ दिल्ली की तरफ बढ़ती है तो सबसे आगे RAF की टीम होगी जो कि भीड़ के सामने बैठ जाएगी और कहेगी हमारे उपर से जाना हो तो जाइए. RAF के पीछे दिल्ली पुलिस होगी वो भी भीड़ के सामने बैठ जाएगी और वो RAF की तरह ही रणनीति अपनाएगी, दिल्ली पुलिस कहेगी कि अगर आपको हमारे ऊपर से गुजरना तो जाइए, इसके पीछे BSF रहेगी. अगर फिर भी भीड़ नहीं रुकती है तो BSF एक्शन लेगी. इस प्रैक्टिस के लिए आज सुरक्षा बलों ने मॉक ड्रिल की. कल किसान मंडी जाएंगे अखिलेश यादव यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी सोमवार से उत्तर प्रदेश में किसानों के समर्थन में सभाएं करेंगे. उन्होंने कहा कि कल से राज्य के हर जिले में किसान यात्रा निकालेगी, अखिलेश यादव कल खुद कन्नौज की किसान मंडी जाएंगे और किसान यात्रा में शामिल होंगे. ...तो अवॉर्ड वापस कर दूंगा-विजेंदर सिंह बॉक्सर विजेंदर सिंह ने कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का समर्थन किया है. किसानों के समर्थन में विजेंदर सिंह सिंधु बाॉर्डर पहुंचे हैं. यहां पर उन्होंने कहा कि यदि किसान की मांग सरकार नहीं मांगती है और खेती से जुड़े काले कानूनों को वापस नहीं लेती है तो वे अपना राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड वापस कर देंगे. बता दें कि राजीव गांधी खेल रत्न अवॉर्ड देश का सर्वोच्च खेल पुरस्कार है. शरद पवार ने चेताया एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी केंद्र सरकार को चेतावनी भरे अंदाज में कहा है कि अगर सरकार ने किसानों की मांगों पर विचार नहीं किया तो ये आंदोलन सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा. पवार ने कहा कि सरकार को किसानों की मांगों पर परिपक्वता दिखानी चाहिए. कांग्रेस और TRS ने भारत बंद का समर्थन किया कांग्रेस और तेलंगाना राष्ट्र समिति ने किसानों की मांगों के समर्थन में 8 दिसंबर को बुलाए गए भारत बंद का समर्थन किया है. कांग्रेस ने कहा है कि किसानों के हित में पार्टी इस बंद का पूरा समर्थन करेगी. पवार ने कहा कि अगर किसानों की मांग पर विचार नहीं हुआ तो लोग उन्हें समर्थन करेंगे. पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है किसानों की गर्जना-सिद्धू कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि किसानों की गर्जना पूरी दुनिया ने सुनी है. सिद्धू ने ट्वीट कर कहा है कि आज भारत का सही बहुसंख्यक अपनी ताकत दिखा रहा है. किसान आंदोलन अनेकता में एकता की रचना कर रही है. ये असहमति की चिंगारी है जो एक आंदोलन में पूरे देश को एक कर देती है, जिसमें सभी जाति, रंग और नस्ल के लोग एक साथ हो जाते हैं. किसानों की ये हुंकार पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है. जारी रहेगी MSP, लिखकर भी दे सकते हैं- केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने आरोप लगाया है कि विपक्ष किसानों को भड़का रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों को समझना चाहिए कैसे इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है, और उन्हें राजनीतिक फायदे के लिए काम कर रहे लोगों का शिकार नहीं होना चाहिए. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने स्पष्ट किया है कि MSP की व्यवस्था जारी रहेगी. हम इसे लिखकर भी दे सकते हैं. मुझे लगता है कि कांग्रेस की राज्य सरकारें और विपक्ष किसानों को भड़का रही हैं. उन्होंने कहा कि देश का किसान इन कानूनों के पक्ष में है, लेकिन कुछ लोग उन्हें भड़का रहे हैं. मुझे भरोसा है कि देश के किसान कुछ भी ऐसा नहीं करेंगे जिससे कि देश की शांति खतरे में पड़े. केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने कहा कि इन कानूनों ने किसानों को आजादी दी है. दिल्ली पुलिस का ट्रैफिक अपडेट दिल्ली पुलिस ने राजधानी में ट्रैफिक मैनेजमेंट की जानकारी देते हुए कहा है कि कालिंदी कुंज, सूरज कुंड, बदरपुर और आयानगर बॉर्डर दोनों ओर खुला हुआ है. हरियाणा जाने के लिए धंसा, दरौला, कापसेहड़ा, रजोकरी एनएच-8, बिजवासन, पलाम विहार और दुंढेरा बॉर्डर का इस्तेमाल किया जा सकता है. सिंधु बॉर्डर, औचंदी, लामपुर, पियाओ मनियारी, मंगेश बॉर्डर बंद है. एनएच-44 दोनों ओर से बंद कर दिया गया है. पुलिस ने कहा है कि लोग अभी सफीबाद, सबोली, एनएच-8, भोपरा, अप्सरा बॉर्डर, और पेरिफेरल एक्सप्रेस वे का इस्तेमाल करें. नोएडा लिंक रोड पर चिल्ला बॉर्डर को बंद कर दिया गया है. पुलिस के मुताबिक दिल्ली आने के लिए नोएडा लिंक रोड का इस्तेमाल न करें बजाय इसके डीएनडी का इस्तेमाल करें. सिंधु बार्डर पर निहंग सिखों ने मोर्चा संभाला सिंघु बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों की संख्या हर रोज बढ़ रही है तो यहां फोर्स की तैनाती में भी इजाफा हो रहा है. दिल्ली पुलिस की एंटी टेरर स्क्वाड, स्पेशल सेल के सीनियर अफसर भी अब ड्यूटी में तैनात किए गए हैं. ये अधिकारी बॉर्डर पर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. बॉर्डर पर आईटीबीपी, आरएएफ, सीआरपीएफ के जवान तैनात किए गए है. यहां पर नए सिरे से सीमेंटेड बैरिकेडिंग की जा रही है. सिंघु बॉर्डर पर एक तरफ RAF के जवानों को फ्रंटलाइन पर तैनात किया गया है तो दूसरी ओर किसानों की तरफ से फ्रंट लाइन पर निहंग सरदार तैनात हैं. हांथों में तलवार कृपाण लिए, घोड़े के साथ मौजूद निहंग सरदार वक्त वक्त पर तलवारबाजी दिखा रहे हैं. हरियाणा सरकार लगाएगी मेडिकल कैंप हरियाणा का स्वास्थ्य विभाग हरियाणा में जहां किसान धरना दे रहे हैं वहां पर मेडिकल हेल्थ कैंप लगा रहा है. इन स्थानों पर डॉक्टर दवाइयां एम्बुलेंस सब मौजूद रहेंगी. ताकि आपात स्थिति में किसानों को चिकित्सा सेवा दी जा सके.
सीकर, 06 दिसंबर 2020,राजस्थान के सीकर में पुलिस ने एक ऐसे गैंग को गिरफ्त में लिया है जो हनीट्रैप में व्यापारियों को फंसाकर ब्लैकमेलिंग के जरिए पैसे वसूलता था. एक कोयला व्यापारी के अपहरण के मामले में जांच के दौरान पुलिस ने इस गैंग का खुलासा किया है. दरअसल, हरियाणा से राजस्थान पुलिस को सूचना मिली थी कि एक कोयला व्यापारी का अपहरण कर उसे सीकर ज़िले में रखा गया है. इस खबर के बाद पूरे इलाके में खलबली मच गई थी. हरियाणा से हुए इस अपहरण के मामले में सीकर जिले की उद्योग नगर थाना पुलिस ने खुलासा किया कि यह मामला अपहरण का नहीं बल्कि हनी ट्रैप का था. थानाधिकारी पवन कुमार चौबे ने बताया कि 3 दिसंबर को हरियाणा पुलिस से सूचना मिली कि सीकर में किसी व्यापारी को बंधक बना रखा है और 15 लाख रुपये की मांग की जा रही है .इस सूचना पर स्थानीय पुलिस और हरियाणा पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई. पुलिस ने तिरुपति नगर में एक तीन मंजिला फ्लैट के तीसरे माले पर दिनेश कुमार पुत्र रामचंद्र निवासी पंचकूला, जो कि कोयले का व्यापारी और उसके ड्राइवर को मौके से कस्टडी में लिया. दिनेश कुमार ने बताया कि एक साल पहले उनके फोन पर एक महिला का मैसेज आया था जिसने खुद को कोयला व्यापारी की पुत्री बताते हुए उनसे बातें शुरू कीं. दिनेश ने बताया कि महिला ने उनसे दो बार कोयला भी मंगवाया जब कोयले का भुगतान करने की बारी आई तो महिला ने उन्हें मिलने के लिए एक नवंबर को सालासर बुलाया. दिनेश ने कहा कि महिला और उन्होंने रात साथ गुजारी. ऐसे में महिला द्वारा उनकी आपत्तिजनक व अश्लील तस्वीर और वीडियो बना लिए गए. इसके आधार पर महिला ने उन्हें ब्लैकमेल किया और 2 दिसंबर को सीकर बुलाया. यहां उनसे फोटो और वीडियो डिलीट करने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती मांगी. दिनेश ने बताया कि उन्होंने आरोपियों से कहा कि उनके पास इतने पैसे नहीं है जिसके बाद बात 15 लाख रुपये पर तय हुई. दिनेश अपने घर सूचना दी. घर वालों ने हरियाणा पुलिस को सूचना दी जिसके बाद हरियाणा पुलिस सीकर आई और दिनेश को कस्टडी में लिया. पुलिस ने बताया कि मामले में अब तक दो आरोपी मनीष सैनी निवासी नवलगढ़ और विक्रम जाट निवासी गुड्डा को गिरफ्तार किया गया है. मुख्य सरगना नवलगढ़ क्षेत्र का ही है जो केएमटीसी नाम से ट्रांसपोर्ट व्यवसाय चलाता है. चौबे ने बताया कि प्राथमिक जांच में आरोपी महिला का नाम अंजुला पता चल पाया है और यह मामला हनी ट्रैप का है जिसमें महिलाओं द्वारा बड़े व्यापारियों को फंसाकर ब्लैकमेल किया जाता था.

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