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नई दिल्ली, 06 जुलाई 2019, हर ग्रह की अपनी विशेषता होती है. उसके अच्छे और बुरे लक्षण होते हैं, जो व्यक्ति के ऊपर दिखते हैं. इन लक्षणों को समझकर हम उस व्यक्ति के ग्रहों को जान सकते हैं. इसके लिए व्यक्ति के स्वभाव और आदतों पर ध्यान देना होगा. शनि के लक्षण बहुत साफ होते हैं, जिसको पहचानना सरल होता है. कैसे जानें कि हमारा शनि अशुभ है?- - व्यक्ति कठोर वाणी और स्वभाव का होता है. - व्यक्ति के बाल रूखे होते हैं. - व्यक्ति लापरवाह और कामचोर स्वभाव का होता है, काम टालता रहता है. - आम तौर पर जीवन में किसी बड़ी घटना के बाद जीवन में बदलाव आ जाता है. - जीवन में निम्न कर्म तथा गलत कार्य में संलग्न रहता है. - कदम कदम पर संघर्ष का सामना करना पड़ता है - एक स्थिति में जीवन में अकेलापन सा महसूस होता है कैसे जाने कि हमारा शनि हमारे लिए शुभ है?- - व्यक्ति लम्बा और दुबला पतला होता है. - व्यक्ति के बाल घने होते हैं. - व्यक्ति अनुशासित और कर्मठ होता है. खूब परिश्रम से आगे बढ़ जाता है. - आम तौर पर जीवन के मध्य भाग में अध्यात्मिक भी हो जाता है. - कानून,परिवहन या अध्यात्म से सम्बन्ध रखता है. - विलम्ब से ही सही पर खूब धन प्राप्त करता है. कैसे जानें कि वर्तमान में शनि शुभ परिणाम नहीं दे रहा है?- - घरों में सीलन आने लगे - बिना कारण चोट लगने लगे - हड्डियों में दर्द होने लगे - बाल जरूरत से ज्यादा झड़ने लगें अगर शनि अशुभ हो तो क्या उपाय करने चाहिए?- - आचरण और आहार व्यवहार शुद्ध रखना चाहिए - स्वक्छ्ता और धर्म का ठीक तरीके से पालन करना चाहिए . - भगवान शिव की या भगवान कृष्ण की पूजा करनी चाहिए. - देर तक सोने से और देर रात तक जागने से बचना चाहिए. - हल्के नीले रंग के वस्त्रों का प्रयोग करें. - संध्याकाळ में शनि के मन्त्रों का जप अवश्य करें
नई दिल्ली, 01 मई 2019, अमावस्या तिथि विशेष प्रभाव की तिथि मानी जाती है. इस दिन स्नान, दान और पूजा उपासना का विशेष महत्व होता है. अगर यह अमावस्या शनिवार को पड़ जाती है तो यह और भी फलदायी हो जाती है. शनि अमावस्या पर विशेष प्रयोगों से शनि की कृपा आसानी से मिल सकती है. ख़ास तौर से रोजगार और नौकरी की समस्याएं आसानी से दूर हो सकती हैं. इस बार शनि अमावस्या 04 मई को है. अगर आपके साथ बार-बार दुर्घटना घट रही हो- - अगर आपके साथ बार-बार दुर्घटना घट रही हो और आपको चोट पैरों में या हड्डियों में लग रही हो तो ऐसी दशा में आप शनि अमावस्या के दिन शाम के समय एक लोहे का छल्ला बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण करें. - इसी दिन सरसों के तेल में देखकर अपनी छाया का दान करें. अगर आपकी नौकरी या रोजगार में समस्या आ रही हो- - आपके तमाम प्रयासों के बावजूद आपकी नौकरी की समस्याएं समाप्त नहीं हो पा रही हों. - आपको नयी नौकरी ही नहीं मिल पा रही हो. - शनि अमावस्या पर पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल के नौ दीपक जलाएं. - इसके बाद वृक्ष की नौ परिक्रमा करें और नौकरी की समस्याओं की समाप्ति की प्रार्थना करें अगर आपके साथ बार-बार वाद विवाद हो रहा हो या मुक़दमे आपको परेशान कर रहे हों- - बिना किसी कारण के झगड़ा होने लगे, बार बार विवाद की नौबत आ जाए. - अनावश्यक आप मुक़दमे में फंस जाएं और मुक़दमे आपको परेशान करें. - शनि अमावस्या पर अपने वजन के 10वें हिस्से के बराबर काले तिल या काली उरद की दाल का दान करें. - इस दिन मीठी चीज़ों का सेवन बिल्कुल न करें. अगर धन या संपत्ति की समस्या हो या दरिद्रता का सामना करना पड़ रहा हो- - अगर आपके तमाम प्रयासों के बावजूद आपका धन खर्च बढ़ता ही जा रहा हो, धन नहीं रुक रहा हो. - धन की समस्या बढ़ रही हो और आपको एक-एक पैसे का मोहताज होना पड़ रहा हो. - शनि अमावस्या पर काले वस्त्र में रखकर सिक्कों का दान करें. - इस दिन "ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः" का तीन माला जाप करें. अगर स्वास्थ्य की कोई समस्या हो- - अगर आपका स्वास्थ्य नियमित रूप से ख़राब रहता हो, कुछ न कुछ स्वास्थ्य की समस्या चलती रहती हो. - अगर आप लंबे समय से बीमार हों और उसका कोई समाधान न निकल पा रहा हो. - शनि अमावस्या पर एक काले कपड़े में काला तिल, सरसों का तेल और कुछ सिक्के रखकर अपने सिर पर से नौ बार घुमा लें. - इसको किसी निर्धन व्यक्ति को दान कर दें. अगर शनि की साढ़े-साती या ढैया चल रही हो- - जिसके वजह से आपके सारे बने बने काम बिगड़ रहे हों. कोई भी सफलता नहीं मिल रही हो तो शनि अमावस्या की शाम को शनि मंत्र "ॐ शं शनैश्चराय नमः" की 11 माला का जाप करें. - किसी निर्धन व्यक्ति को भोजन कराएं. ध्यान रखें कि इसमें कोई मीठी वस्तु न हो.
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में आने वाले सनौली में भारतीय पुरातत्व विभाग (आर्कियॉलजिकल सर्वे ऑफ इंडिया ) को बड़ी कामयाबी मिली है. यहां जमीन के नीचे 4000 साल पुराने पवित्र कक्ष, शाही ताबूत, दाल-चावल से भरे मटके, तलवारें, औजार, मुकुट और इंसानों के साथ दफनाई गई जानवरों की हड्डियां मिली हैं. एएसआई इंस्टिट्यूट ऑफ़ आर्कियॉलजी के डायरेक्टर डॉ एस. के मंजुल का कहना है कि एएसआई को सनौली में कई प्राचीनतम सभ्यताओं के अवशेष मिले थे. इसके बाद जनवरी 2018 में सनौली में खुदाई शुरू की गई. उस वक्त यहां खुदाई में दो रथ, शाही ताबूत, मुकुट, तलवारें, ढाल मिले थे. जिससे यह साबित हुआ था कि 2 हजार साल पहले योद्धाओं की लंबी फौज यहां रहा करती होगी. डॉ. एस. के मंजुल का कहना है कि इस बार हमें खुदाई में मिले अवशेष हड़प्पन सभ्यता से अलग मिले हैं. इसे देखकर ऐसा लगता है कि हाल ही में मिले अवशेष हड़प्पन सभ्यता के सबसे विकसित समय के हैं. इससे यह समझने में आसानी होगी कि यमुना और गंगा के किनारे कैसी संस्कृति होगी. डॉ. एस. के मंजुल ने आगे बताया कि इस बार की खुदाई में हमें तांबे से बनी तलवारें, मुकुट, ढाल, रथ के अलावा चावल और उड़द दाल से भरे मटके मिले हैं. इसके अलावा जो कब्रें मिली हैं उनके पास जंगली सूअर और नेवले के शव भी मिले हैं. इससे यह समझ में आता है कि जानवरों की बलि दिवंगत आत्माओं को दी गई होगी. एएसआई को खुदाई में जमीन के अंदर कुछ पवित्र कक्ष भी मिले हैं. इनके बारे में डॉ. एस. के मंजुल का कहना है कि उस वक्त मौत के बाद पवित्र कक्षों में शवों को रखकर अनुष्ठान किया जाता होगा. फिलहाल एएसआई खुदाई में मिले अवशेषों का डीएनए, धातु शोधन और बोटानिकल एनालिसिस कर रही है. डॉ. एस. के मंजुल का मानना है कि एएसआई को अब तक मिली साइट्स में सनौली ऐसी जगह मिली है जहां सबसे ज्यादा कब्रें हैं. मालूम हो कि सनौली में मिली कब्रों को महाभारत काल से भी जोड़कर देखा जाता रहा है. क्योंकि महाभारत काल में पांडवों के मांगे 5 गांवों में बागपत भी शामिल था.

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