taaja khabar...पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा था- 'अभिनंदन को जाने दें, वरना भारत कर देगा हमला' ...'PAK अभिनंदन को नहीं छोड़ता तो फॉरवर्ड बेस तबाह कर देते', वायुसेना की ये थी तैयारी...अभिनंदन की रिहाई पर जेपी नड्डा का राहुल गांधी पर तंज, 'भरोसेमंद' पाकिस्तान की ही सुन लें कांग्रेस के 'शहजादे' ....गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निकटतम साथी केशुभाई पटेल का निधन ...मुंगेर गोलीकांड के विरोध में फूंकी गाड़ियां, SP लिपि सिंह और DM हटाए गए ...एयर पॉल्यूशन रोकने के लिए सख्त कानून, पांच साल तक कैद और एक करोड़ जुर्माना ...निकिता मर्डर: हरियाणा का मोस्ट वॉन्टेड है आरोपी तौसीफ का मामा, इंस्पेक्टर को कर चुका किडनैप ....निकिता मर्डर केस: पीड़ित परिवार ने लगाया आरोप- 'राहुल राजपूत' बनकर मिलता था आरोपी तौसीफ ...फ्रांस के चर्च में आतंकी हमला: 3 लोगों की निर्मम हत्‍या, महिला का गला काटा ...'लक्ष्‍मी बम' पर भड़के मुकेश खन्‍ना, पूछा- क्‍या 'अल्‍लाह बम' या 'बदमाश जीसस' नाम रख सकते हैं? ...

86 साल बाद एक पुल से जुड़ेंगे मधुबनी और सुपौल के 'दिल', खूबसूरती ऐसी बिहार बन गया हो अमेरिका-इंग्लैंड!

पटना आगामी विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections 2020) से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) लगातार बिहारवासियों का खास सौगात (PM Modi Gift to Bihar) दे रहे हैं। शुक्रवार को 516 करोड़ रुपये की लागत से बने कोसी रेल महासेतु (Kosi Rail Mega Bridge) का उद्घाटन किया। इसी के साथ कोसी और मिथिलांचल के लोगों का 86 साल पुराना सपना साकार हो गया। कोसी नदी पर इस रेल पुल के बनने से सबसे ज्यादा फायदा दरभंगा, मधुबनी, सुपौल और सहरसा जिले में रहने वाले लोगों को मिलेगा। करीब 17 साल बाद बनकर तैयार हुआ पुल बिहार में 1934 में आए भूकंप के दौरान कोसी नदी पर बना रेल पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। अब 86 साल बाद ये पुल तैयार हो गया है, जिसके ऊपर से ट्रेनों की आवाजाही शुरू होगी। कोसी मेगा ब्रिज लाइन परियोजना की आधारशिला 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखी थी। करीब 17 साल बाद अब यह पुल बनकर तैयार हुआ, जिसका उद्घाटन पीएम मोदी ने किया है। 1.9 किलोमीटर लंबे रेल ब्रिज से क्या होगा फायदा ये ऐतिहासिक महासेतु 1.9 किलोमीटर लंबा है और इसके निर्माण में 516 करोड़ रुपये की लागत आई है। ये पुल भारत-नेपाल बॉर्डर एरिया के लिए भी बेहद अहम है। इस रेल मार्ग के जरिए मिथिला की डायरेक्ट कनेक्टिविटी उत्तर-पूर्व के राज्यों से हो जाएगी। इससे मिथिला के विकास को गति मिलेगी। यह परियोजना COVID-19 महामारी के दौरान पूरी हुई, जिसमें प्रवासी श्रमिकों ने भी हिस्सा लिया है। रेल ब्रिज से कोसी-मिथिलांचल के 'दिल' आपस में जुड़े इस रेल ब्रिज के शुरू होने के साथ ही कोसी क्षेत्र से मिथिलांचल जुड़ गया। इसी के साथ सरायगढ़ से आसनपुर कुपहा के बीच ट्रेन भी चलेगी। इस रेल पुल के शुरू होते ही निर्मली से सरायगढ़ की 298 किलोमीटर की दूरी घटकर महज 22 किलोमीटर रह जाएगी। फिलहाल निर्मली से सरायगढ़ तक के सफर के लिए लोगों को दरभंगा- समस्तीपुर- खगड़िया- मानसी-सहरसा होते हुए 298 किमी की दूरी तय करनी पड़ रही थी। ट्रेनों के परिचालन की टेस्टिंग हो चुकी है पूरी कोसी ब्रिज पर जून महीने में ही ट्रेनों के परिचालन की टेस्टिंग की जा चुकी है। इलके अलावा नवंबर के पहले हफ्ते से दरभंगा एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई और बंगलोर के लिए हवाई सेवा भी शुरू हो रही है। पीएम मोदी ने कोसी रेल मेगा ब्रिज और किउल यार्ड में पुराने मैकेनिकल सिग्नललिंग को बदल कर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग और किउल नदी पर बने नए पुल को राष्ट्र को समर्पित किया। बिहार को 5 नई ट्रेनों का भी तोहफा पीएम मोदी ने शुक्रवार को हाजीपुर-वैशाली नई लाइन पर पैसेंजर ट्रेन, इस्लामपुर-नटेसर नई लाइन पर पैसेंजर ट्रेन, कटिहार-न्यूजलपाईगुड़ी रेलखंड पर ट्रेन, सीतामढ़ी से इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन का परिचालन और सुपौल-सरायगढ़-आसनपुर कुपहा-राघोपुर रेलखंड में डीएमयू का शुभारंभ भी किया। पीएम मोदी ने कोसी रेल महासेतु समेत 12 अन्‍य परियोजनाओं का किया उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने समस्तीपुर-दरभंगा-जयनगर, समस्तीपुर से खगड़िया, शिवनारायणपुर से भागलपुर, कटिहार-न्यूजलपाईगुड़ी और सीतामढ़ी से मुजफ्फपुर के बीच नए विद्युतीकरण किए गए रेल खंड का उद्घाटन किया। इसके साथ ही पीएम ने बिहार में बने चार नई रेललाईन और बाढ़-बख्तियारपुर के बीच बने तीसरी लाइन को भी राष्ट्र को समर्पित किया। बरौनी में बने नए लोको शेड और सहरसा-सरायगढ़- राघोपुर मार्ग पर हुए गेज परिवर्तन को भी राष्ट्र को समर्पित किया।

Top News