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भारत की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर, चीनी सेना की सीक्रेट यूनिट '61398' एक्टिव

नई दिल्ली, 17 अगस्त 2020,चीन ने अचानक अपनी सेना की उस सीक्रेट यूनिट को जगा दिया है जो पूरी दुनिया में बदनाम है. ये वो सीक्रेट यूनिट है जो सामने से या हथियारों से नहीं लड़ती. बल्कि गुपचुप तरीके से कहीं से भी बैठ कर कहीं भी निशाना लगा देती है. चीन अब भारत को डिजिटल वार के जरिए नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है. खबरों के मुताबिक चीनी सेना की सीक्रेट यूनिट 61398 एक्टिव हो चुकी है. ये यूनिट चोरी-छिपे साइबर अटैक के लिए पूरी दुनिया में बदनाम है. चीन की सीक्रेट यूनिट 61398 से दुनिया के कई दिग्गज डरते हैं. भारत के खिलाफ उसने इस यूनिट को मैदान में उतारा है. चीन की इस यूनिट में कई शातिर हैकर्स और साइबर एक्सपर्ट काम करते हैं. ड्रैगन ने अपनी इस यूनिट को अब भारत के खिलाफ एक्टिव कर दिया है. साइबर जासूसी के लिए पुरी दुनिया में मशहूर ये यूनिट अब भारत के खिलाफ बड़ी साजिश को अंजाम दे रही है. सुरक्षा एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक पिछले कुछ महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें देश की अतिसंवेदनशील जानकारी को साइबर जासूसी के जरिए चीन जुटाने में लगा है. मौजूदा वक्त में डाटा चोरी किसी हथियार से कम नहीं है. ऐसे में चीन इस तरह के कामों पर खास ध्यान दे रहा है. इस काम को करने के लिए चीनी सेना की सीक्रेट यूनिट 61398 का गठन किया गया. भारत के खिलाफ ये यूनिट काफी सक्रिय देखी जा रही है. जिसको लेकर देश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हैं. 2014 में अमेरिका की जासूसी के मामले में चीन के 5 मिलिट्री अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. सभी पांचों चीनी अधिकारी यूनिट 61398 से जुड़े हुए थे. अमेरिका की एजेंसियों का मानना है कि यूनिट 61398 की तरह चीन के कई हैकर्स के जरिए दुनिया भर की जासूसी की जा रही है. हैकिंग के लिए चीन ने ऐसी कई यूनिट बना रखी हैं पिछले कुछ सालों में आइस बग, हिडेन लिंक, एपीटी-12 से जुड़ी मैलवेयर टूल्स की मदद से साइबर जासूसी की घटनाएं सामने आई हैं. चीन के एक छोटे से जिले की एक 12 मंजिला बिल्डिंग से यह यूनिट काम करती है और दुनिया के अलग-अलग इलाकों में हैकिंग को अंजाम देती है. इस सीक्रेट यूनिट का पता एक अमेरिकी कंप्यूटर सिक्योरिटी फर्म ने लगाया था. उसने चीनी हैकर्स के बारे में एक रिसर्च की थी और उस बिल्डिंग का जिक्र रिसर्च में किया था. रिसर्च के अनुसार अमेरिका में हुए बहुत सारे साइबर हमलों को स्टडी किया गया. हर बार साइबर अटैक करने वाले का आईपी एड्रेस उसी बिल्डिंग के आस-पास का निकलता था. रिसर्च के मुताबिक साल 2006 से 2013 के बीच अमेरिका में 140 बार साइबर हमले किए गए. हमले ज्यादा भी हो सकते हैं. लेकिन 140 मामले ऐसे थे जो पकड़ में आए. ऐसे में भारत को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को चीन की इस सीक्रेट यूनिट से सावधान रहने की जरूरत है. भारत को खासकर अलर्ट रहने की जरूरत है. क्योंकि मौजूदा दौर में चीन के साथ भारत का सीमा विवाद चल रहा है. चीन हर उस कोशिश को अंजाम देने में लगा है, जिससे भारत को नुकसान हो.

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