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छत्तीसगढ़ में नक्सल हमला: 22 जवानों की शहादत पर देश में गुस्सा, अमित शाह और बघेल ने अपनाए आक्रामक तेवर

बीजापुर/सुकमा,छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के टेकलगुड़ा में शनिवार को हुई नक्सली मुठभेड़ को लेकर रविवार को छत्तीसगढ़ से दिल्ली तक हड़कंप मचा रहा। इस घटना में 22 जवानों की शहादत पर देश भर में गुस्सा है। वहीं, दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह असम का दौरा रद कर दिल्ली पहुंच गए। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से फोन पर चर्चा करके हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। अमित शाह ने कहा- नक्सलियों को नेस्तनाबूत करने के लिए नया आपरेशन चलाया जाएगा उन्होंने कहा कि नक्सलियों को नेस्तनाबूत करने के लिए नया आपरेशन चलाया जाएगा। कई राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव खत्म होने के बाद अधिक संख्या में केंद्रीय बलों को छत्तीसगढ़ भेजा जा सकता है। दूसरी ओर वायुसेना के हेलीकाप्टर की मदद से रविवार को शहीद जवानों के पार्थिव शरीर मुठभेड़ स्थल से निकाले गए। मुठभेड़ के दौरान हिड़मा वाकीटाकी से नक्सलियों को निर्देश दे रहा था इस बीच यह बात सामने आई है कि मुठभेड़ के दौरान हिड़मा मौजूद था और वाकीटाकी से नक्सलियों को निर्देश दे रहा था। नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद, 31 जवान घायल बीजापुर के तर्रेम थाना क्षेत्र के टेकलगुड़ा के जंगल में शनिवार को नक्सलियों से हुई मुठभेड़ में शहीद जवानों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है। 21 जवानों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि एक की तलाश जारी है। मुठभेड़ स्थल से दूसरे दिन रविवार को शहीदों के पार्थिव शरीर निकाले गए। गंभीर घायल जवानों को वायुसेना के हेलीकाप्टरों से रायपुर भेजा इस मुठभेड़ में 31 जवान घायल हुए, जिनमें से 13 गंभीर रूप से घायलों को उपचार के लिए हेलीकाप्टरों से रायपुर भेजा गया है। जवानों को नक्सलियों ने एंबुश में फंसा लिया ज्ञात हो कि शुक्रवार रात को बीजापुर और सुकमा जिले के विभिन्न कैंपों से सीआरपीएफ, कोबरा, डीआरजी व एसटीएफ के 2056 जवानों को बीजापुर और सुकमा के सरहदी जंगलों में नक्सलियों की तलाश में उतारा गया था। शनिवार को जब जवान लौट रहे थे, तभी एक टुकड़ी को नक्सलियों ने टेकलगुड़ा गांव के पास एंबुश में फंसा लिया। नक्सलियों ने यू आकार में एक किमी के दायरे में तीन जगह एंबुश लगा रखा था। कुछ नक्सली पहाड़ी तो कुछ गांव से फायरिंग कर रहे थे। इससे पहले कि जवानों को संभलने का मौका मिलता इससे पहले ही पीछे से भी फायरिंग होने लगी थी। जूते, वर्दी, हथियार लूट ले गए नक्सली नक्सलियों ने शहीद जवानों की वर्दी, जूते और अन्य जरूरत का सामान निकाल लिया। आइजी बस्तर सुंदरराज पी ने बताया कि नक्सली जवानों से सात एके 47 रायफल, दो इंसास रायफल व एक एलएमजी लूटकर ले गए हैं। आइजी ने कहा कि मौके से एक महिला नक्सली का शव इंसास रायफल समेत मिला है। उसकी पहचान पामेड़ एलजीएस कमांडर माड़वी वनोजा के रूप में हुई है। इस मुठभेड़ में कम से कम 12 नक्सली मारे गए हैं और 16 से ज्यादा घायल हुए हैं। दुर्दांत नक्सली माड़वी हिड़मा करता है इलाके का नेतृत्व दुर्गम जंगलों से घिरा यह इलाका नक्सलियों के बटालियन नंबर वन का इलाका है। इसका नेतृत्व दुर्दांत नक्सली माड़वी हिड़मा करता है। हिड़मा के इस इलाके में होने की सूचना पर जवानों को सर्च आपरेशन पर भेजा गया था। फोर्स करीब 11.30 बजे टेकलगुड़ा गांव से सौ मीटर दूर पहुंची। तभी अचानक फायरिंग शुरू हो गई। घायल जवान गांव की ओर भागे पर वहां पहले से नक्सली तैयार थे। मौके पर करीब छह घंटे में तीन मुठभेड़ हुई है। दूसरी मुठभेड़ 3.30 बजे गांव में हुई और सबसे ज्यादा नुकसान यहीं हुआ है। घायल जवानों पर गांव में छिपे नक्सलियों ने नजदीक से गोलियां बरसाईं। अचानक हुए हमले के लिए जवान तैयार नहीं थे फिर भी उन्होंने अद्भुत बहादुरी का परिचय दिया। वहीं एक ओर पहाड़ी है जिसमें नक्सलियों ने मोर्चा लगा रखा था। जवान नीचे खुले मैदान व खेत के बीच थे। घायल होने के बावजूद पेड़ों की ओट लेकर लड़ते रहे जवान मौके से जो तस्वीरें आई हैं उनसे पता चलता है कि घायल होने के बावजूद जवान पेड़ों की ओट लेकर लड़ते रहे। हालांकि आधुनिक हथियारों से लैस नक्सलियों ने बीजीएल, यूबीजीएल, कैंची बम आदि हथियारों से ताबड़तोड़ गोले दागे। शाम होने के बाद जवानों ने फायरिंग रोकी और कैंप की ओर चले गए, जबकि नक्सली रातभर गांव और उसके आसपास मंडराते रहे। पहाड़ी पर पांच जवान शहीद हुए थे। जवानों के जाने के बाद नक्सलियों ने उन शवों को नीचे उतारकर उस पेड़ के पास रख दिया जहां पहले से ही एक जवान का शव पड़ा था।

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