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ब्लड प्रेशर की नई बेसलाइन, अब 140/90 बीपी में भी घबराने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली 120/80 नहीं, अब बीपी 140/90 तक भी नो टेंशन। यूरोपियन सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी की गाइडलाइन के बाद अब भारत में भी हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर (Hypertension or High Blood Pressure) की यही बेस लाइन मान कर इलाज किया जा रहा है। ऐसे में अगर आपका ब्लड प्रेशर 120/80 से ज्यादा है, तो टेंशन नहीं लें, आपका बीपी कंट्रोल में है। ब्लड प्रेशर की बेस लाइन (New base line for blood pressure) में हुए बदलाव को लेकर भारतीय डॉक्टरों का कहना है आइडियल बीपी भले 120/80 ही है, लेकिन अगर किसी का 130/90 भी हो जाता है, तो घबराने की बात नहीं है। उन्हें किसी प्रकार के इलाज की जरूरत नहीं है। इस बेस लाइन से ज्यादा होने पर ही इलाज की जरूरत होती है। डॉक्टरों का कहना है कि बुजुर्गों में 140/90 तक यह सेफ है। 60 साल के बाद 150/90 के बाद ही इलाज की जरूरत है। एम्स के कार्डियोलॉजिस्ट प्रोफेसर डॉक्टर संदीप मिश्रा ने बताया कि 120/80 को मान कर चलें, तो फिर दो तिहाई दिल्ली वाले बीपी के मरीज होंगे। इस गाइडलाइन के पहले से ही हम ब्लड प्रेशर के मानक को थोड़ा ऊपर रख कर इलाज कर रहे थे। जब से यह स्टडी आई है, उसके बाद से नई बेस लाइन को मान कर इलाज कर रहे हैं। डॉक्टर संदीप ने कहा कि पुरानी बेस लाइन को स्टिक्ट होकर फॉलो करना संभव नहीं था। डॉक्टर संदीप मिश्रा ने बताया कि वेस्टर्न कंट्रीज में जिस प्रकार की गाइडलाइन दी हैं, उसके आधार पर यहां ब्लड प्रेशर मरीज को लेना भी संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि इस स्टडी में शामिल लोगों को पता नहीं चलता था कि उनका बीपी क्यों लिया जा रहा है। स्टडी में शामिल लोगों को शांत रूम में लेकर ऑटोमेटिक बीपी मशीन से कनेक्ट कर 5 मिनट तक छोड़ दिया जाता था। उसके बाद जो रीडिंग आती थी, उसे लिया गया। हमारे यहां संभव नहीं है। हम इतना स्ट्रिक्ट नहीं हो सकते। उन्होंने कहा कि आज हमलोग हर मरीज में डायस्टोलिक यानी नीचे वाला बीपी का इलाज 90 से ज्यादा होने पर ही करते हैं। अडल्ट हो या फिर बुजुर्ग, हर मरीज में नीचे वाला बीपी 90 से ज्यादा नहीं होना चाहिए। मैक्स हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर विवेका कुमार ने बताया कि हम लोग भी अब इसी गाइडलाइन के अनुसार इलाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिकली ब्लड प्रेशर लो होने पर वीकनेस होती है, चक्कर आता है। लेकिन, अगर मरीज नॉर्मल है, अडल्ट है तो बीपी ऊपर वाला यानी सिस्टोलिक 130 तक भी नॉर्मल है। हां! मरीज में पहले से कोई दूसरी बीमारी है, तो हम ऐसी स्थिति में थोड़ा अलर्ट रहते हैं। डॉक्टर ने कहा कि बुजुर्गों में वैसे भी ऊपर वाला बीपी 140 से 150 तक नॉर्मल मान कर इलाज होता है, खासकर 60 साल की उम्र के बाद 150 से ज्यादा होने पर ही इलाज की जरूरत होती है। अगर 150/90 है, तो चिंता वाली बात नहीं है। वयस्कों के लिए नॉर्मल- 120/80 पहले ट्रीटेबल- 130/90 से ऊपर होने पर अब ट्रीटेबल- 140/90 से ऊपर होने पर बुजुर्गों के लिए नॉर्मल- 130/90 पहले ट्रीटेबल- 140/90 से ऊपर होने पर अब ट्रीटेबल- 150/90 से ऊपर होने पर\B जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी सेंटर के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर अनिल ढल ने बताया कि हमारे यहां जिस प्रकार ब्लड प्रेशर लिया जाता है, वह सही तरीका नहीं है। इसे समझना सबसे ज्यादा जरूरी है। हमें भी ब्लड प्रेशर लेने का तरीका बदलना होगा। मरीज को रिलेक्स करें। उन्हें स्ट्रेस न हो। एंजायटी न हो। कुछ देर इंतजार करें, तब ब्लड प्रेशर लें। यहां तो लोग जिस प्रकार बच्चे का रिजल्ट देखने के लिए जल्दबाजी में होते हैं, उसी प्रकार बीपी भी। सच तो यह है कि ब्लड प्रेशर कम ज्यादा होता रहता है। यह निर्भर करता है कि आप कैसे और किस प्रकार नाप ले रहे हैं। जहां तक नई गाइडलाइन की बात है, तो इलाज तो अब इस गाइडलाइन के अनुसार ही हो रहा है। बहुत हद तक इससे फायदा भी है।

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