taaja khabar...सावधान! चीन से आ रहे हैं खतरनाक सीड पार्सल, केंद्र ने राज्यों और इंडस्ट्री को किया सतर्क....लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक हवाई हमले की ताकत जुटा रहा चीन, सैटलाइट तस्‍वीर से खुलासा..स्वतंत्रता दिवस से पहले गड़बड़ी की बड़ी साजिश, दिल्ली में भी विदेश से आए 'जहरीले' कॉल....सुशांत सिंहः बीजेपी ने कहा, राउत और आदित्य का CBI करे नार्को, राहुल और प्रियंका गांधी तोड़ें चुप्पी..विदेश मंत्री जयशंकर बोले- भारत और चीन पर दुनिया का बहुत कुछ निर्भर करता है...चीन को बड़ा झटका देने की तैयारी, गडकरी ने बताया क्या है प्लान...कोरोना पर खुशखबरी, देश में 70% के पास पहुंचा कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट...सुशांत के पिता पर टिप्पणी कर फंसे शिवसेना नेता संजय राउत, परिवार करेगा मानहानि का केस...राहुल-प्रियंका से मिले सचिन पायलट, घर वापसी कराने की कोशिशें तेज ...पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कोरोना पॉजिटिव हुए, अस्पताल में भर्ती ...कोरोना पॉजिटिव पाए गए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, AIIMS में भर्ती ...दिल्ली हिंसा: आरोपी गुलफिशा ने किए चौंकाने वाले खुलासे, 'सरकार की छवि खराब करना था मकसद' ...

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नई दिल्ली कोरोना के खिलाफ जारी (Coronavirus In Delhi) जंग में दुनिया भर में ज्यादा से ज्यादा जांच करने का तरीका अपनाया गया और यह काफी सफल रहा। दिल्ली में भी यही तरीका अपनाया जा रहा है और बहुत हद तक इस महामारी के खिलाफ जारी जंग में सफलता मिली है। देश की राजधानी दिल्‍ली में कोरोना मामलों (Delhi Coronavirus) में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। दिल्ली में पिछले 24 घंटों में केवल 674 मामले सामने आए हैं और यहां एक्टिव मरीजों की संख्या 10,000 के नीचे पहुंच गई। इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना रिकवरी रेट 89.98% हो गया है। यहां अब केवल 7.11% एक्टिव मरीज ही बचे हैं जबकि 2.89% मरीज़ों की मौत हो चुकी है। सीएम केजरीवाल से जताई खुशी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने भी इस बात को लेकर खुशी जाहिर की है। उन्होंने लिखा है कि अब दिल्ली में 10 हजार से भी कम केस बचे हैं। एक्टिव केस के मामले में दिल्ली 14वें पोजीशन पर पहुंच गई है। केजरीवाल से ट्वीट करते हुए लिखा है कि आज 12 लोगों की मौत हुई है। मुझे दिल्ली वालों पर गर्व है। आज हर तरफ दिल्ली मॉडल की चर्चा हो रही है। दिल्‍ली में अब तक कोरोना के 1,39,156 हुए दर्ज हो चुके हैं। देश की राजधानी में पिछले 24 घण्टे में 12 मरीजों की मौत हुई और कुल मौत का आंकड़ा 4033 पहुंच गया है। पिछले 24 घण्टे में 972 लोग ठीक हुए और अब तक कुल 1,25,226 लोग ठीक हो चुके हैं। दिल्ली सरकार की बेस्ट नीति दिल्ली सरकार ने अग्रेसिव टेस्टिंग करने का तरीका अपनाया। जहां बाकी स्टेट कम टेस्ट कर रहे थे, वहीं संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के बाद दिल्ली में कोविड जांच बढ़ाने का फैसला किया गया। जहां एक समय पांच से सात हजार जांच हो रही थी, वहां अब एक दिन में 20 हजार से ज्यादा जांच की जा रही है। जून में दिल्ली में न केवल मौत बल्कि संक्रमण के मामले भी तेजी से बढ़ रहे थे। लेकिन जुलाई में दोनों ही स्थिति में काफी सुधार देखा गया। होम आइसोलेशन की नीति भी सफल टेस्टिंग के अलावा, दिल्ली सरकार के होम आइसोलेशन की रणनीति काफी सफल रही है, जिसे अब कई दूसरे राज्यों ने भी अपनाना शुरू कर दिया है। होम आइसोलेशन का फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक समय दिल्ली सरकार के इस फैसले से केंद्र तक सहमत नहीं थी, लेकिन दिल्ली सरकार इस पर अडिग रही और इससे होने वाले फायदे के बारे में अवगत कराती रही, जिसकी वजह से बाद में केंद्र ने भी इस रणनीति को सही माना। जून में एक समय मरीज को बेड नहीं मिलने की खबरों के बाद दिल्ली सरकार ने कोविड मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड रिजर्व करने का फैसला किया और अब दिल्ली में कोविड मरीजों के लिए 15 हजार से ज्यादा बेड रिजर्व कर दिए। अभी दिल्ली में सिर्फ 2800 बेड पर ही मरीज हैं, बाकी सभी बेड खाली है। पॉजिटिव रेट: दिल्ली में पॉजिटिव रेट में लगातार गिरावट हो रही है, अब दिल्ली में पॉजिटिव रेट सिर्फ 6 पर्सेंट रह गया है, जो पहले 11 पर्सेंट था। एक्टिव केस: लगातार मरीज के ठीक होने और संक्रमण रेट कम होने की वजह से एक्टिव मरीजों की संख्या में कमी आई है, अब दिल्ली में एक्टिव मरीज 10356 हैं, जो पहले 11904 थी। कुछ दिन पहले दिल्ली एक्टिव केस के मामले में पूरे देश में दूसरे जगह पर थी। अब यह 14 वें स्थान पर है। रिकवरी रेट: पिछले हफ्ते यह 87.95 पर्सेंट था, जो अब 89.57 पर्सेंट हो गया है। जबकि राष्ट्रीय औसत सिर्फ 65.43 पर्सेंट है। 79 पर्सेंट बेड बेड खाली: दिल्ली में अभी कुल 79 पर्सेंट बेड खाली हैं। यानी केवल 21 पर्सेंट बेड पर ही मरीज हैं और इनकी संख्या सिर्फ 2886 है। मौत में कमी: पिछले हफ्ते दिल्ली में कुल 199 मरीजों की मौत हुई थी, जो इस हफ्ते कम होकर 177 हो गई है।
नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain ) पर दिल्ली दंगों (Delhi Riots) को लेकर पुलिस ने विस्फोटक दावे किए हैं। पुलिस के मुताबिक हुसैन ने कहा कि वह हिंदुओं को सबक सिखाना चाहता (Wanted to Teach Hindus a Lesson ) था। बकौल दिल्ली पुलिस उसने कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के दौरान कुछ बड़ा करना चाहता था। फरवरी महीने में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध के बीच हुए इस दंगे में कई लोगों की जान गई थी। दिल्ली पुलिस ने पूछताछ के आधार पर ताहिर का कबूलनामा जारी किया है। जानिए इसमें क्या-क्या बताया गया है.. हिंदुओं को सिखाना चाहता था सबक' दिल्ली पुलिस की स्पेशल जांच टीम (SIT) की ओर से जारी ताहिर के कबूलनामे में लिखा गया है कि वह हिंदुओं को सबक सिखाना चाहता था। दिल्ली पुलिस के दावे के मुताबिक उसने कहा कि वह अपने राजनीतिक ताकत और पैसे का इस्तेमाल कर काफिरों को सबक सिखाना चाहता था। उसने कहा कि वह उत्तर-पूर्व दिल्ली में हुई हिंसा का मास्टरमाइंड था। 'मुझे तैयारियां तेज करने को कहा गया' हुसैन ने पुलिस को बताया कि ट्रंप की यात्रा के दौरान CAA के खिलाफ लोगों को सड़कों पर उतरने की अपील की थी। जिसके बारे में मुझे खालिद सैफी ने बताया था और मुझे भी अपनी तैयारियों को तेज करने को कहा था। साथ ही तेजाब का इंतजाम करने को भी कहा, जिसे काफिरों और पुलिसवालों पर फेका जाएगा। कबाड़ियों से दोगुनी कीमत पर खरीदी खाली बोतलें आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ने बताया कि सैफी के कहने के बाद उसने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी। हुसैन ने कहा कि उसने कबाड़ियों से दोगुनी कीमत पर खाली बोतलें खरीदनी शुरू कर दी। 'छत पर तेजाब भी रखवाया' छत पर तेजाब करवाने के लिए भी हुसैन ने चाल चली। उसने पुलिस को बताया, 'मैंने काबड़ियों से ही अपनी छत और छज्जा साफ करवाने के नाम पर तेजाब की व्यवस्था करने को कहा और उन्हीं से काफी मात्रा में बोतलों में और प्लास्टिक के केन में तेजाब खरीदकर घर के एक कमरे में जमा कर लिया था। दिल्ली पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे दिल्ली पुलिस की जांच (Delhi Riots Investigation ) में खुलासा हुआ कि हुसैन ने भारी मात्रा में एसिड, पेट्रोल, डीजल और पत्थर अपने छत पर जमा किया था। उसने दंगे में इस्तेमाल करने के लिए पुलिस स्टेशन से अपनी पिस्टल भी ली थी। हुसैन ने पुलिस को बताया, 'अपनी योजना के तहत 24 फरवरी को हमने कई लोगों को बुलाया और उन्हें बताया कि कैसे पत्थर, पेट्रोल बम और एसिड बोतल फेंकना है। मैंने अपने परिवार को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया। 24 फरवरी 2020 को दोपहर करीब 1.30 बजे हमने पत्थर फेंकना शुरू कर दिया।'
गाजियाबाद, 02 अगस्त 2020, गाजियाबाद के लोनी कोतवाली क्षेत्र में 17-18 जून की रात दिल्ली के रहने वाले एक ऑटो चालक की चाकू गोदकर हत्या कर दिए जाने की वारदात हुई थी. घटना के डेढ़ महीने बाद तक हाथ-पांव मारती रही गाजियाबाद पुलिस ने अब इस हत्याकांड का पर्दाफाश कर दिया है. गाजियाबाद पुलिस के मुताबिक दो युवकों ने किराए के 200 रुपये न होने पर ऑटो चालक की हत्या कर दी थी. दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया है. गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कलानिधि नैथानी ने इस घटना का खुलासा करते हुए कहा कि 17/ 18 जून की देर शाम दिल्ली के रहने वाले मोहिद्दीन नाम के एक ऑटो चालक की लोनी इलाके में चाकू गोदकर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड का खुलासा करने और हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए एसपी देहात नीरज कुमार जादौन के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था. एसएसपी के मुताबिक विशेष टीम ने मोहिद्दीन की हत्या के मामले में आरोपी मोनू और आफताब नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया है. पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे दिल्ली से लोनी के लिए मोहिद्दीन के ऑटो में बैठे थे. इनके पास किराए के पैसे नहीं थे. इन्हें मोहिद्दीन को 200 रुपये किराया देना था. वे ऑटो से उतरकर भागने लगे. जिसका मोहिद्दीन ने विरोध किया. उन्होंने बताया कि आरोपियों ने पूछताछ में यह खुलासा किया कि इसी बात को लेकर दोनों ने मोहिद्दीन को चाकू गोदकर मौत के घाट उतार दिया और मौके से फरार हो गए. एसएसपी ने इस मामले का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को 15000 रुपये का इनाम देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि हत्यारोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे, जिससे इस मामले का खुलासा पुलिस के लिए चुनौतीपूर्ण हो गया था. इलाके के कई अपराधियों और मुखबिर से मिली जानकारी को आधार बनाकर पुलिस आरोपियों तक पहुंची. गौरतलब है कि ऑटो चालक की हत्या करने के बाद उसका शव ऑटो के पास ही फेंक दिया गया था.
नई दिल्ली, 31 जुलाई 2020,देश इन दिनों कोरोना वायरस की समस्या से लड़ रहा है. वहीं राजधानी दिल्ली में मॉनसून की बारिश से होने वाले जलभराव से भी समस्या पैदा हो जाती है. अब मिंटो ब्रिज जलभराव में हुई मौत के बाद दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार आमने-सामने आ चुके हैं. राघव चड्ढा और आतिशी मार्लेना के बयान के बाद तनातनी और बढ़ गई है. दरअसल, फंड क्राइसिस से दिल्ली नगर निगम के खिलाफ आरोप लगाते हुए दोनों नेताओं ने कहा था, 'आम आदमी पार्टी शासित दिल्ली सरकार ने तो दिल्ली नगर निगम को पूरा फंड दिया है. मगर निगम के पार्षद इस फंड को खा गए और निगम के कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिल रहा है.' इस मामले पर नॉर्थ दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश ने कहा कि दिल्ली सरकार पहले यह बताए कि सरकार ने जो सैनिटाइजेशन के लिए मशीनें जापान से मंगवाई थीं, वो कहां गईं. वर्ष 2018-19 में स्वास्थ्य, स्वच्छता और शिक्षा इन तीन विभागों में ही केवल वेतन पर 2421 करोड़ रुपये खर्च आया और केवल 1606 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार ने हमें दिया था. उन्होंने कहा कि इन्हीं तीन विभागों के लिए वर्ष 2019-20 में दिल्ली सरकार ने हमें 1561 करोड़ रुपये दिया है और हमारा खर्च 1790 करोड़ रुपये हुआ है. इस वित्तीय वर्ष 2020-21 के पहली और दूसरी तिमाही का लगभग 1180 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार ने अभी तक निगम को नहीं दिया है. मानहानि का केस वहीं नेता सदन योगेश वर्मा ने कहा कि राघव चड्ढा, आतिशी मार्लेना ने माफी नहीं मांगी तो इन दोनों नेताओं के खिलाफ कोर्ट में एक करोड़ रुपये की मानहानि का केस किया जाएगा. वहीं उत्तरी निगम के 9000 शिक्षकों को 4 महीने से सैलरी नहीं मिली है. शिक्षक न्याय मंच के कुलदीप खत्री ने कहा कि 9000 उत्तरी निगम शिक्षक व्हाट्सऐप के जरिए ऑनलाइन पढ़ाई करवाने के काम को बंद कर देंगे.
नई दिल्ली, 31 जुलाई 2020,दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली दंगों के मामले में गिरफ्तार कांग्रेस की पूर्व पार्षद इशरत जहां की याचिका को खारिज कर दिया है. दिल्ली हिंसा मामले में यूएपीए कानून के तहत इशरत जहां को गिरफ्तार किया गया था. पटियाला हाउस कोर्ट ने पुलिस को इस मामले में जांच करने के लिए 60 दिन का अतिरिक्त समय और दे दिया था. इसी को आरोपी इशरत जहां ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए 20 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. बीते 26 फरवरी को दिल्ली पुलिस ने हिंसा के आरोप में इशरत जहां को गिरफ्तार किया था. दिल्ली पुलिस ने निचली अदालत से जांच के लिए अतिरिक्त समय मांगते हुए अदालत को बताया था कि खालिद सैफी इस्लामी उपदेशक और भगोड़े जाकिर नायक समेत कुछ और लोगों से विदेश में मुलाकात की थी. इस मुलाकात का मकसद आतंकी गतिविधियों के उनके एजेंडे को फैलाने के लिए पैसा इकट्ठा करने का था. इशरत को किसी गुप्त माध्यम से और खालिद सैफी को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के अलावा विदेशों से भी अवैध धन मिला था. हाई कोर्ट में इशरत जहां की अर्जी पर दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को दिए अपने हलफनामा में कहा कि अभी इस मामले में जांच जारी है. और निचली अदालत ने इन्ही दलीलों को सुनने के बाद पुलिस को 60 दिन का अतिरिक्त समय जांच के लिए दे दिया था.
नई दिल्ली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने नई दिल्ली के लोधी एस्टेट इलाके में स्थित सरकारी बंगला गुरुवार को खाली कर दिया। प्रियंका से जुड़े सूत्रों ने बताया कि वह अभी कुछ दिन गुरुग्राम में रहेंगी और फिर मध्य दिल्ली इलाके के एक आवास में शिफ्ट हो जाएंगी। सूत्रों का कहना है कि प्रियंका ने मध्य दिल्ली में अपने रहने के लिए जो आवास तय किया है, उसकी रंगाई-पुताई और मरम्मत का काम चल रहा है। दरअसल. केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रियंका से नई दिल्ली स्थित सरकारी बंगला एक अगस्त तक खाली करने को कहा है। उसकी ओर से जारी आदेश में कहा गया कि एसपीजी सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद उन्हें मौजूदा आवास ‘35 लोधी एस्टेट’ खाली करना पड़ेगा क्योंकि जेड प्लस की श्रेणी वाली सुरक्षा में आवास सुविधा नहीं मिलती। सरकार ने पिछले साल नवंबर में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली थी तथा उन्हें जेड-प्लस श्रेणी सुरक्षा दी थी। राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को मिला बंगला बलूनी को नई दिल्ली इलाके में वहीं '35 लोधी स्टेट' बंगला आवंटित हुआ है जिसमें प्रियंका पिछले कई सालों से रह रही थीं। बीजेपी सांसद अनिल बलूनी ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके परिवार को खुद को आवंटित हुए नए घर पर भोजन के लिए आमंत्रित भी किया है। सूत्रों के मुताबिक, प्रियंका और उनके परिवार की ओर से उनका निमंत्रण स्वीकार करने के बाद बलूनी उन्हें उत्तराखंड के खास पकवान जैसे 'मडुवा की रोटी' 'झंगोरे की खीर' और 'पहाड़ी रायता' परोसेंगे। उधर, प्रियंका गांधी ने बीजेपी MP अनिल बलूनी को नए घर की बधाई दी है। सूत्रों के अनुसार, बलूनी ने स्वास्थ्य के आधार पर अपने आवास में बदलाव के लिए अनुरोध किया था। कुछ समय पहले उनका कैंसर का इलाज किया गया था। हालांकि वे ठीक हो गए हैं, लेकिन उन्हें कई सावधानियों का पालन करने की सलाह दी गई है। उनके वर्तमान आवास को उनके लिए पूरी तरह से उपयुक्त नहीं माना गया है।
नोएडा उत्तर प्रदेश के नोएडा में आम्रपाली के बायर्स के लिए अच्छे दिनों की शुरुआत होने लगी है। गुरुवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट में आम्रपाली की गोल्फ होम्स किंग्सवुड साइट पर कोर्ट रिसीवर आर. वेंकट रमानी और एनबीसीसी के अधिकारियों ने बायर्स और कॉन्ट्रैक्टर की मौजूदगी में हवन और पूजा की। इसके साथी ही अधूरे निर्माण को पूरा कराने के लिए यहां काम शुरू हो गया। नैशनल बिल्डिंग कंस्ट्रेक्शन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनबीसीसी) ने यहां की अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए टेंडर जारी किए थे। सेंचुरियन पार्क की ओ-2 वैली, लेजर वैली में विला और ड्रीम वैली के विला में काम शुरू हो चुका है। लेजर वैली की आदर्श आवास योजना, वैरोना हाइट्स, सेंचुरियन पार्क स्थित टेरेस होम और ट्रॉपिकल गार्डन में अधूरा कार्य पूरा कराने के लिए कॉन्ट्रेक्टरों से 5 अगस्त तक आवेदन मांगे गए हैं। छह महीने से तीन साल के बीच देंगे कब्जा ड्रीम वैली और ड्रीम वैली फेज-2 को पूरा कराने के लिए कॉन्ट्रैक्टर जल्द चुन लिया जाएगा। इनमें अगस्त-सितंबर से काम शुरू होने की उम्मीद है। गुरुवार को गोल्फ होम्स किंग्सवुड साइट पर हवन कर विधिवत तरीके से काम शुरू किया गया। हवन में मौजूद रहे एनबीसीसी के डायरेक्टर आरके अग्रवाल ने कहा है कि गुण्वत्ता के साथ परियोजना को पूरा कराया जाएगा। सभी परियोजनाओं में 6 माह से लेकर तीन साल के अंदर कब्जा देने का लक्ष्य है। उधर हवन में मौजूद रहीं बायर एवं बायर्स के संगठन नेफोमा की महासचिव रश्मि पांडेय ने कहा है कि अब सभी घर खरीदारों एक बार फिर से उम्मीद की किरण दिखाई दे रही है। अब लग रहा है कि हम सभी को अपने सपनों का आशियाना मिल सकता है। इस सपनों के आशियाने को पाने के लिए सभी आम्रपाली के घर ख़रीदार पिछले 10 सालों से जद्दोजहद कर रहे थे। घर के किराए और ईएमआई की दोहरी मार में सभी फंसे हुए हैं। खरीदारों ने जताई खुशी हवन में बायर्स ने प्रार्थना की है कि अब इस परियोजना में कोई विघ्न न पड़े। नेफोमा के अध्यक्ष अन्नू खान ने कहा है कि ये सभी घर खरीदारों के लिए एक बहुत बड़ी राहत की खबर है। इससे आज खरीदारों के सपनो को पंख मिल गए हैं। बायर आदित्य अवस्थी ने कहा कि वर्षों से सभी घर खरीदार इस पल का इंतजार कर रहे थे। ये पहल सुप्रीम कोर्ट की वजह से आया है। इसके लिए वे कोर्ट के आभारी हैं। इस दौरान बायर टीके पाठक, योगेश कुमार त्यागी, भास्कर भसीन, अरुण कुमार, दिलीप और एसएम श्रीवास्तव आदि भी मौजूद रहे। बता दें कि आम्रपाली की अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए एनबीसीसी ने तीन ग्रुपों में बांटा है। इसके आधार पर पजेशन की संभावित तारीख तय कर दी गई है। जनवरी 2021 से घर पर कब्जा मिलना शुरू होगा। अगस्त 2023 तक नोएडा-ग्रेटर नोएडा में आम्रपाली के सभी 42 हजार घर खरीदारों को कब्जा देने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही एनबीसीसी ने अब बायर्स से पजेशन के आधार पर पेमेंट करने को भी कहा है। इसके लिए डिमांड लेटर पिछले माह जारी किए जा चुके हैं। 31 अगस्त तक पहली किश्त देनी होगी। ग्रेनो वेस्ट की सभी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए एनबीसीसी ने 6054.29 करोड़ रुपये का इस्टीमेट तैयार किया है।
चंडीगढ़, 24 जुलाई 2020,गृह मंत्रालय द्वारा डेजिग्नेटिड खालिस्तानी आतंकवादी घोषित होने और पंजाब के अमृतसर और कपूरथला में दो आपराधिक मामले दर्ज होने के बाद सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का आतंकवादी गुरपटवंत सिंह पन्नू बौखला गया है. गुरपटवंत की दर्जनों खालिस्तानी समर्थक वेबसाइटस और सोशल मीडिया अकाउंट्स सस्पेंड किए जाने के बाद अब वह सीधे रिकॉर्डेड फोन कॉल्स के जरिए खलिस्तान के नाम पर आतंकवाद फैला रहा है. भारत सरकार, पंजाब सरकार के अलावा पत्रकारों और पुलिस अधिकारियों को लगातार धमकियां दे रहा गुरपटवंत जब पंजाब और हरियाणा में रेफरेंडम 2020 के लिए समर्थन हासिल नहीं कर पाया तो उसने रिकॉर्डिंग कॉल्स का सहारा लेना शुरू कर दिया. पाकिस्तान से भी आ रही कॉल्स कभी न्यूयॉर्क, कभी बेल्जियम तो कभी पाकिस्तान से फोन कॉल करवाई जा रही है. पंजाब और हरियाणा के लाखों लोगों को प्रतिदिन तीन से चार बार फोन कॉल्स आ रही है. इन रिकॉर्डेड फोन कॉल्स में गुरपटवंत पंजाब को भारत से आजाद करवाने की बात करता है. यही नहीं, जब यह आतंकवादी लोगों से समर्थन नहीं जुटा पाया तो उसने लोगों को पैसों का लालच देना भी शुरू कर दिया. पहले कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों को 5,000 रुपये देने का लालच दिया गया और अब सैनिकों को वेतन के अलावा 5,000 रुपये अतिरिक्त देने का लालच दिया जा रहा है. पंजाब के नेताओं के निशाने पर गुरपटवंत सिंह पन्नू हाल ही डेजिग्नेटिड आतंकवादी घोषित होने के बाद अब खालिस्तानी आतंकवादी गुरपटवंत पंजाब के राजनेताओं के निशाने पर भी है. भारतीय जनता पार्टी के नेता विनीत जोशी ने सीधे तौर पर कहा कि गुरपटवंत सिंह पन्नू न तो खुद एक सिख है न उसके पास सिख होने की कोई पहचान है. वह खालिस्तान के नाम पर सिखों की पहचान को दागदार कर रहा है. उन्होंने कहा कि कहने को उसके संगठन का नाम सिखस फॉर जस्टिस है लेकिन असल में वह सिखों के साथ अन्याय कर रहा है. उसे न तो पंजाब से कुछ लेना देना है और न सिखों से. वह सिर्फ खालिस्तान खाली के नाम पर आईएसआई और विदेशों में बैठे कुछ लोगों से पैसा ऐंठ रहा है. जोशी के मुताबिक यह आतंकवादी अब तक रेफरेंडम 2020 के नाम पर बड़े-बड़े होटलों में ठहर कर अपने साथियों के साथ मौज करता आया है. उधर आम आदमी पार्टी के सहअध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब के लोग खलिस्तान और आतंकवाद दोनों को नकार चुके हैं . गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा चलाए जा रहे रेफरेंडम 2020 की कोई रेलीवेंस नहीं है. वह सिर्फ और सिर्फ खालीस्तान के नाम पर लूटपाट कर रहा है. अमन अरोड़ा ने कहा कि गुरपतवंत सिंह पन्नू आईएसआई का एजेंट है और वह विदेश में बैठे लोगों से राजनीतिक शरण के नाम पर पैसा इकट्ठा करता है. सीमित हो गई खालिस्तान की मांग दूसकी ओर, पंजाब के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और भारत के खुफिया तंत्र से जुड़े सूत्रों के मुताबिक खालीस्तान का मुद्दा अब ठंडा पड़ चुका है और कुछ मुट्ठी भर लोग इसे सोशल मीडिया पर जिंदा रखने की कोशिश कर रहे हैं. भारत सरकार खालिस्तान समर्थकों पर लगातार नजर रखे हुए हैं और बार-बार उसे मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है. पहले सिख्स फॉर जस्टिस पर प्रतिबंध लगा दिया गया और बाद में गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित कर दिया गया. अब तक खालिस्तान समर्थित दर्जनों वेबसाइटस को ब्लॉक किया जा चूका है. हाल ही पन्नू ने रूस से भी एक वेबसाइट चलाने की कोशिश की लेकिन उसे भी ब्लॉक कर दिया गया. यही नहीं उसके दर्जनों सोशल मीडिया खतों को भी ब्लॉक कर दिया गया लेकिन वह फर्जी नाम से ट्विटर अकाउंट बना कर लगातार भड़काऊ सन्देश लोगों तक पहुंचा रहा है. इस बीच पंजाब और हरियाणा के बाद अब दिल्ली के लोगों को भी अवांछित फोन कॉल की जा रही है. लोगों ने भारत सरकार और ट्राई से आग्रह किया है कि विदेश से की जा रही ऐसी कॉल्स को ब्लॉक कराया जाए.
नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना किस हद तक फैला है इसकी रिपोर्ट आ गई है। सीरो सर्वे से पता चला है कि दिल्ली की 23.48 फीसदी आबादी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुकी है। इसका एक मतलब यह भी है कि दिल्ली के हर चौथे शख्स में एंटीबॉडीज डिवेलप हो चुकी है। बता दें कि दिल्ली में कोरोना के मामलों में अब गिरावट आ रही है। एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया भी कह चुके हैं कि दिल्ली में कोरोना संभवत अपने पीक पर पहुंच चुका है। ऐसे में अब दिल्ली के के हर्ड इम्युनिटी हासिल करने यानी कोरोना प्रूफ होने की उम्मीद बढ़ गई है। सीरो सर्वे का यह ताजा डेटा केंद्र सरकार की हेल्थ मिनिस्ट्री ने जारी किया है। सीरो सर्वे 27 जून से 10 जुलाई के बीच हुआ था। इसे नैशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC) और दिल्ली सरकार ने मिलकर किया था। सर्वे में यह भी आया है कि ज्यादातर लोग बिना लक्षण वाले हैं। हेल्थ मिनिस्ट्री ने जताई राहत डेटा जारी करते हुए हेल्थ मिनिस्ट्री ने राहत जताई। कहा कि महामारी के 6 महीने बीत जाने के बाद भी दिल्ली में 23.48 फीसदी लोग ही इसकी चपेट में हैं। सरकार ने कहा कि ऐसा कोरोना लॉकडाउन लगाने, कंटेनमेंट जोन बनाने की वजह से हुआ है। लोगों के सहयोग की भी तारीफ की गई है। कैसे हुआ था सीरो सर्वे सीरो सर्वे में दिल्ली के सभी 11 जिलों को कवर किया गया। सर्वे में शामिल टीमों ने सहमति लेने के बाद कुछ चुनिंदा लोगों के खून के नमूने लिए। इसके बाद इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकर रिसर्च के मानकों के मुताबिक ऐंटिबॉडी टेस्ट किया गया। इस सर्वे में लैब स्टैंडर्ड के मुताबिक 21 हजार 387 सैंपल जमा किए गए। इस टेस्ट की मदद से यह जाना गया कि आखिर कितने लोगों के अंदर कोरोना वायरस से लड़ने के लिए ऐंटिबॉडी तैयार हो चुकी है। इस सर्वे में एंटीबॉडीज का रैपिड टेस्ट करके पता लगाया गया कि शख्स में कोरोना एंटीबॉडी बनी है या नहीं। इससे पता लगता है कि क्या शख्स कभी कोरोना के संपर्क में आया था या नहीं। सीरो सर्वे के रिजल्ट में कई अहम तथ्य सर्वे में इस बात का भी पता चला कि ज्यादातर संक्रमित व्यक्ति एसिम्पटोमेटिक थे। सर्वे के अनुसार, राजधानी की घनी आबादी के बाद भी महज 23.48 फीसदी लोग ही इस जानलेवा वायरस से प्रभावित हुए। -सर्वे में यह भी कहा गया है कि अभी भी राज्य की बड़ी आबादी असुरक्षित है। इसलिए ऐहतियाती कदम लगातार जारी रखने की जरूरत है। फिजकल डिस्टेंसिंग, फेस मास्क समेत साफ-सफाई का ख्याल रखना जरूरी है। क्या है हर्ड इम्यूनिटी हर्ड इम्युनिटी मेडिकल साइंस का एक बहुत पुरानी प्रक्रिया है। इसके तहत देश की आबादी का एक तय हिस्से को वायरस से संक्रमित कर दिया जाता है। ताकि वो इस वायरस से इम्यून हो जाएं। यानी उनके शरीर में वायरस को लेकर एंटीबॉडीज बन जाएं। इससे भविष्य में कभी भी वो वायरस परेशान नहीं करेगा। अगर राजधानी की 60-70 फीसदी आबादी कोरोना से पीड़ित हो जाए और लोगों में इसका एंटीबॉडी बन जाए। जब वायरस एक शरीर से दूसरे शरीर में ट्रांसफर होगा तो उसकी क्षमता धीरे-धीरे कम होते जाती है और धीरे-धीरे यह खत्म हो जाता है। ऐसे में कमजोर वायरस को फिर से फैलने के लिए किसी मजबूत वायरस की जरूरत पड़ती है। हालांकि हर्ड इन्यूनिटी पर अभी भी विशेषज्ञों में मतभेद हैं और कई विशेषज्ञ तो इसे खतरा भी बताते हैं।
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में आज कोरोना वायरस को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बीते 24 घंटे में 954 मामले सामने आए हैं। 27 मई के बाद पहली बार 24 घंटे में एक हजार से कम मामले सामने आए हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में जून और जुलाई को हर दिन तीन हजार से ज्यादा मरीज सामने आ रहे थे। रिकवरी रेट अब 84.78 फीसदी दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार राजधानी में रिकवरी रेट अब 84.78 फीसदी हो गई है और डेथ रेट 2.96 फीसदी है। देश की राजधानी में कोरोना वायरस धीमे-धीमे काबू में आ रहा है। टेस्टिंग, कॉन्‍टैक्‍ट ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट में सुधार से दिल्‍ली में कोविड-19 का इन्‍फेक्‍शन रेट 6 प्रतिशत से कम हो गया है। रविवार को दिल्‍ली से 1,211 नए मरीज सामने आए थे जुलाई में इन्‍फेक्‍शन की दर लगातार कम होती जा रही है और अब यह 10 प्रतिशत से भी नीचे पहुंच गई है। राहत की बात यह है कि पिछले 30 दिनों में इन्‍फेक्‍शन की दर 18 प्रतिशत तक घट गई है। दिल्‍ली का रिकवरी रेट भी बढ रहा है। अब वह करीब 84% हो गया है जबकि डेथ रेट अब 2.95 पर्सेंट है। रविवार को दिल्‍ली से 1,211 नए मरीज सामने आए जिसके बाद टोटल केसेज 1,22,793 हो गए। दिल्ली में कोरोना की स्थिति दिल्ली में कोरोना कंटेनमेंट जोन की संख्या बढ़कर 696 हो गई है। बीते 24 घंटे के दौरान दिल्ली में कोरोना से 35 लोगों की मौत भी हुई है। कोरोनावायरस के कारण मृतकों की कुल संख्या अब 36 सौ से अधिक हो चुकी है। दिल्ली सरकार की तरफ से सोमवार को जारी कोरोना बुलेटिन में कहा गया है, बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना से 35 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है। दिल्ली में अभी तक कोरोना से कुल 3663 व्यक्तियों की मृत्यु हो चुकी है। आयुर्वेद से हार रहा है कोरोना दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि कोरोना को किस तरह योग और प्राणायाम से हरा सकते हैं। अनुलोम-विलोम, फेफड़ों में गहराई तक सांस लेने और खुल कर हंसने से हुआ काफी लाभ। प्राणायाम से स्ट्रेस लेवल भी कम होता है। आधा चम्मच हल्दी और 150 ग्राम गर्म दूध मिलाकर पिएं।
नई दिल्ली, 20 जुलाई 2020, भारत में कोरोना वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड शुरू हुआ है या नहीं, इस सवाल पर शुरुआत से ही बहस जारी है. बीते दिन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने कम्युनिटी स्प्रेड की बात की थी, लेकिन अब एसोसिएशन अपनी बात से पलट गया है. IMA के द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि जो बयान जारी है, वह IMA हेडक्वार्टर का बयान नहीं है. जारी किए गए बयान में कहा गया है कि कम्युनिटी स्प्रेड को लेकर एजेंसी अपनी जांच के बाद ही किसी निर्णय पर पहुंचेगी, क्राउड सोर्स के डाटा से आधिकारिक डेटा का हिसाब नहीं लगाया जा सकता है. बता दें कि रविवार को आईएमए हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरपर्सन डॉ वी के मोंगा ने कहा था कि देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है, जो बेहद खतरनाक स्थिति है. लेकिन अब IMA का कहना है कि जो भी बयान दिया गया है उसे निजी बयान ही माना जाए. वी के मोंगा ने अपने बयान में कहा था कि अगर रोज तीस हजार से अधिक केस आ रहे हैं और गांवों में केस मिल रहे हैं, तो मतलब भयावह स्थिति है. अब अपने ताजा बयान में IMA ने दावा किया है कि देश के कुछ शहरी इलाकों में कुछ क्लस्टर बने हैं, लेकिन ग्रामीण इलाके में किसी तरह का कोई क्लस्टर नहीं दिखा है. क्योंकि ग्रामीण इलाकों में लोग खुले इलाके में रहते हैं, ऐसे में वायरस फैलने का खतरा कम होता है. दरअसल, कम्युनिटी स्प्रेड को लेकर कई बार सरकार और राज्य सरकारों में मतभेद देखने को मिले हैं. दिल्ली सरकार कई बार दिल्ली में कम्युनिटी स्प्रेड की बात कह चुकी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने नकार दिया था. अब रविवार को आए IMA के बयान के बाद एक बार फिर इस पर चर्चा शुरू हुई है.
भारत में कोरोना की दूसरी सबसे बुरी मार झेलनी वाली दिल्‍ली ने जीत हासिल करनी शुरू कर दी है। गुरुवार लगातार छठा दिन रहा, जब देश की राजधानी में नए केसेज की संख्‍या 2,000 से कम रही। दिल्‍ली सरकार के मुताबिक, गुरुवार को 1,652 नए केस आए और 58 लोगों की मौत हुई। यहां कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्‍या ऐक्टिव केसेज का 5 गुना हो गई है। मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, 15 जुलाई तक दिल्‍ली में सवा दो लाख केस होने की आशंका थी मगर 1.15 लाख केस ही हुए। केंद्र सरकार ने लगातार मॉनिटरिंग के जरिए दिल्‍ली के हालात पर नजर बनाए रखी। इस बीच कुछ कदम ऐसे उठाए गए जिनकी वजह से दिल्‍ली कोरोना पर काबू पाने में कामयाब रही। जून के मुकाबले आधा हो गया पॉजिटिविटी रेट सबसे ज्‍यादा केसेज वाले राज्‍यों/केंद्रशासित प्रदेशों में दिल्‍ली ही ऐसा है जहां पॉजिटिव केसेज सामने आने की दर घटी है। 2 से 15 जुलाई के बीच दिल्‍ली का पॉजिटिविटी रेट 15% रहा है। इससे पहले 19 जून से 2 जुलाई के बीच यह 16.40% था। उससे पहले, कोरोना के सबसे बुरे दौर में 5 जून से 18 जून के बीच दिल्‍ली का पॉजिटिविटी रेट 30% के करीब पहुंच गया था। दिल्‍ली में फ्लैट होने के करीब कोरोना कर्व दिल्‍ली में आरटी वैल्‍यू यानी एक केस से कितने लोग इन्‍फेक्‍ट हो सकते हैं, वो गिर गया है। अगर यह 1 से कम हो तो माना जाता है कि कोरोना काबू में है। भारत में दिल्‍ली की आरटी वैल्‍यू अंडमान एंड निकोबार (0.88) के बाद सबसे कम (0.89) है। यानी दिल्‍ली में कोरोना का कर्व फ्लैट हो रहा है। दिल्‍ली का रिकवरी रेट 82% से ज्‍यादा गुरुवार को दिल्‍ली से 1,652 नए मामले सामने आए। टोटल केसेज की संख्‍या 1.18 लाख से ज्‍यादा हो चुकी है। राजधानी में ऐक्टिव केसेज की संख्‍या 17,407 हो चुकी है और अबतक 97,693 मरीज ठीक हुए हैं। यानी दिल्‍ली में कोविड-19 का रिकवरी रेट 82.3 पहुंच चुका है। चार गुना तक बढ़ गई टेस्टिंग दिल्‍ली में जून के पहले हफ्ते बहुत ज्‍यादा केसेज आ रहे थे। उस वक्‍त रोज करीब 5 से 6 हजार टेस्‍ट होते थे। फिर गृह मंत्रालय ने टेस्टिंग पहले दो गुनी और तीन गुनी करने का प्‍लान बनाया। रैपिड ऐंटीजेन किट का इस्‍तेमाल भी शुरू किया गया। अब दिल्‍ली में रोज 21 हजार-23 हजार टेस्‍ट रोज हो रहे हैं। दिल्‍ली में अब 15 हजार से ज्‍यादा बेड्स उपलब्‍ध दिल्‍ली कोरोना की सेकेंड वेव से भी निपटने को तैयार है। जून के पहले हफ्ते में जहां सिर्फ 700 कोरोना बेड्स थे, वहीं आज यह आंकड़ा 15 हजार के पार पहुंच गया है। अच्‍छी बात ये है कि इनमें से 10 हजार से ज्‍यादा बेड खाली हैं। दिल्‍ली सरकार ने एक ऐप भी लॉन्‍च की है जिससे लोग अस्‍पतालों में बेड की उपलब्‍धता चेक कर सकते हैं। पल्‍स ऑक्‍सीमीटर्स से मौतें रुकीं : केजरीवाल दिल्‍ली कोरोना की सेकेंड वेव से भी निपटने को तैयार है। जून के पहले हफ्ते में जहां सिर्फ 700 कोरोना बेड्स थे, वहीं आज यह आंकड़ा 15 हजार के पार पहुंच गया है। अच्‍छी बात ये है कि इनमें से 10 हजार से ज्‍यादा बेड खाली हैं। दिल्‍ली सरकार ने एक ऐप भी लॉन्‍च की है जिससे लोग अस्‍पतालों में बेड की उपलब्‍धता चेक कर सकते हैं। पल्‍स ऑक्‍सीमीटर्स से मौतें रुकीं : केजरीवाल NBT सीएम केजरीवाल ने रविवार को कहा था कि दिल्‍ली में कोविड-19 मरीजों की मौतें कम करने में पल्‍स ऑक्‍सीमीटर्स से मदद मिली है। उन्‍होंने इसे 'सुरक्षा कवच' करार दिया था। उन्‍होंने कहा था कि 'अगर मरीज देखता है कि उसकी ऑक्‍सीजन कम हो रही है तो वो हमें बताता है। हम या तो उनके घर पर ऑक्‍सीजन भेज देते हैं या फिर अस्‍पताल में भर्ती कर लेते हैं। प्‍लाज्‍मा बैंक बनाए, एम्‍बुलेंस टाइम कम हुआ दिल्‍ली में कोविड-19 मरीजों के लिए प्‍लाज्‍मा थिरेपी शुरू की गई। कुल 84 मरीजों का इस तरीके से इलाज हुआ जिसमें से 80 ठीक हो गए। दिल्‍ली में दो प्‍लाज्‍मा बैंक तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा एम्‍बुलेंस का रेस्‍पांस टाइम भी दो घंटे से घटकर 30 मिनट तक आ गया है। दिल्‍ली के होम आइसोलेशन मॉडल ने भी हल्‍के लक्षणों वाले और एसिम्‍प्‍टोमेटिक पेशंट्स के इलाज में मदद की है।
नई दिल्ली, 15 जुलाई 2020,देश में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस के मामलों के बीच इस महामारी से लड़ाई जारी है. इस बीच अब IIT दिल्ली ने एक नई टेस्टिंग किट को लॉन्च किया है. इस टेस्टिंग किट को बुधवार को ही लॉन्च किया गया है, जो सस्ते दामों में जल्द ही मार्केट में उपलब्ध होगी. मेक इन इंडिया प्रोग्राम के तहत बनी इस किट की कीमत सिर्फ 399 रुपये है, हालांकि बाजार पहुंचते हुए इसकी कीमत 650 रुपये तक हो जाएगी. IIT दिल्ली की ओर से दावा किया गया है कि इस किट से 3 घंटे के अंदर कोरोना वायरस टेस्ट का रिजल्ट सामने आ जाएगा. ऐसे में अगर ये सफल होती है तो टेस्टिंग के मामले में एक बड़ी सफलता मिल सकती है. आईआईटी दिल्ली की ओर से जो कोरोना जांच किट लॉन्च की गई है, उसके दाम इस प्रकार हैं... टेस्ट किट: 399 RNA किट: 150 बाजार में किट की कीमत: 650 इसके अलावा अभी एक किट को तैयार किया जा रहा है. दावा किया गया है कि इस किट का दाम इसलिए कम है, क्योंकि इस टेस्ट के बाद दूसरी जांच की जरूरत नहीं होगी. जैसे अभी एंटीजन टेस्ट में नेगेटिव आने के बाद एक और RTPCR टेस्ट करना पड़ता है. आईआईटी दिल्ली की ओर से अब किट को बनाने की तकनीक को न्यूटेक मेडिकल डिवाइस के साथ साझा किया जा रहा है, जिसके बाद हर महीने बीस लाख टेस्ट किए जा सकेंगे. आपको बता दें कि देश में जब से कोरोना वायरस का संकट आया है, उसके बाद से कई मामलों में मेक इन इंडिया को बढ़ावा दिया गया है. पहले सभी टेस्टिंग किट और टेस्टिंग के टूल को बाहर से मंगाया जा रहा था. लेकिन जैसे-जैसे मांग बढ़ने लगी, तो इन्हें भारत में बनाया जाना शुरू हुआ. अब भारत में कई प्रकार से कोरोना वायरस का टेस्ट किया जा रहा है, जिसमें RTPCR, एंटीजन, पूल टेस्टिंग की तकनीक शामिल हैं. भारत अब पीपीई किट, मास्क, टेस्टिंग किट, वेंटिलेटर सभी देश में ही बना रहा है.
नई दिल्ली, 14 जुलाई 2020,दिल्ली में रतन लाल मर्डर केस की चार्जशीट में सफूरा जरगर का नाम कई बार आया है. आरोपपत्र में पहला आरोप है कि वह 23 फरवरी को चांद बाग से राजघाट तक अवैध मार्च के मुख्य आयोजकों में से एक थी, जिसे रोक दिया गया. बाद में 24 फरवरी को दंगों की योजना बनाते हुए गुप्त बैठकें भी आयोजित की गईं. स्पेशल सेल की ओर से मामले की जांच के दौरान यह पाया गया है कि दिसंबर में हुए नॉर्थ ईस्ट के दंगों के साथ एक संबंध है जो बाद में दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में फैल गया. इसमें चांद बाग में दंगा भी शामिल था. जेसीसी नामक संगठन ने अपने उद्देश्य को पाने के लिए सभी विरोध स्थलों का इंतजाम किया था और हर स्थल की निगरानी जेसीसी के सदस्यों द्वारा की जा रही थी. जांच के दौरान यह पाया गया है कि जेसीसी प्रतिनिधि के तौर पर सफूरा जरगर चांद बाग मजार स्थल गई थी और उसने प्रदर्शनकारियों को भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. यही वजह है कि सफूरा को स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया था जोकि अब जमानत पर है. वर्तमान मामले में सफूरा की भूमिका की जांच की जा रही है और पूरक चार्जशीट के माध्यम से उसी के बारे में रिपोर्ट दायर की जाएगी. दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक डीएस बिंद्रा ने सीएए प्रदर्शनकारियों को खाना खिलाने के लिए लंगरों की स्थापना की थी. चार्जशीट में कहा गया है कि यह काम एक सक्रिय किरदार ही नहीं बल्कि लोगों के साथ भागीदारी करने और भड़काने वाला भी था. चार्जशीट में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि डीएस बिंद्रा दंगों के उन भड़काने वालों में से एक थे, जिन्होंने रतन लाल की हत्या की थी. आरोप पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि षड्यंत्रकारी "पूरी तरह से जानते थे कि हिंसा भड़क सकती है और तब भी प्रदर्शनकारियों को हथियार उठाने लिए उकसा रहे थे''.
नई दिल्ली, 14 जुलाई 2020, दिल्ली हिंसा को लेकर दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में हलफनामा दायर किया है. इस हलफनामे में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता कपिल मिश्रा, केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, सांसद प्रवेश वर्मा और अभय वर्मा के खिलाफ अभी तक कोई केस नहीं बनता. दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट में दायर किए गए हलफनामे में कहा है कि हिंसा में उनकी भूमिका को लेकर अब तक कोई सबूत नहीं मिले हैं. पुलिस ने कहा कि कोई फ्रेश एफआईआर दर्ज करने की जरूरत नहीं है. अगर आगे कोई सबूत मिला तो जांच की जाएगी. दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट को यह भी बताया है कि राहुल गांधी, सोनिया गांधी, मनीष सिसोदिया, वारिस पठान, प्रियंका गांधी और अमानतुल्ला खान की ओर से दिए गए बयानों की जांच की गई है. इनके बयानों का दंगों से कोई संबंध मिला तो कार्रवाई होगी. इनके खिलाफ भी अब तक कोई सबूत नहीं मिला है. वारिस पठान, सलमान खुर्शीद, असदुद्दीन ओवैसी के नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रोटेस्ट कर रहे लोगों को भड़काने के मामले में भी जांच चल रही है. दिल्ली पुलिस ने अपने हलफनामे में कहा है कि यदि कोई सबूत मिला तो कार्रवाई होगी. पुलिस ने बिना किसी भय के बहुत जल्दी ,बहुत प्रभावी कार्रवाई करने का दावा करते हुए हलफनामें में कहा है कि इससे कुछ दिन में ही हिंसा रुक गई और एक सीमित इलाके तक ही हिंसा हुई. बिना पक्षपात किए कार्रवाई की गई. दिल्ली पुलिस ने हलफनामे में विस्तार से बताया है कि यह हिंसा एक गहरी और सुनियोजित साजिश के तहत कराई गई.
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले भले ही एक लाख से ऊपर पहुंच चुके हों, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी के लिए इस मोर्चे पर एक बहुत ही अच्छी खबर है। कोरोना वायरस से सबसे बुरी तरह प्रभावित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में दिल्ली इकलौता ऐसा क्षेत्र है जहां पिछले एक हफ्ते से ऐक्टिव केसों की संख्या घटरही है। एक हफ्ते में दिल्ली में 18 प्रतिशत घटे ऐक्टिव केस 3 जुलाई को दिल्ली में ऐक्टिव केस 26,304 थे जो 10 जुलाई की सुबह 18 प्रतिशत घटकर 21,567 पर आ गए। खास बात यह है कि इसी अवधि के दौरान राष्ट्रीय स्तर ऐक्टिव केसों की संख्या में 21.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। एक हफ्ते पहले के मुकाबले देश में ऐक्टिव केसों की संख्या में करीब 50 हजार की बढ़ोतरी हुई है। हरियाणा, तमिलनाडु में ऐक्टिव केस की रफ्तार हुई कम दिल्ली के अलावा हरियाणा और तमिलनाडु में भी स्थिति में सुधार हुआ है। यहां ऐक्टिव केस घटे तो नहीं हैं, लेकिन उनके बढ़ने की दर राष्ट्रीय स्तर से धीमी है। दूसरी तरफ, महाराष्ट्र में ऐक्टिव केसों के बढ़ने की दर राष्ट्रीय औसत के ही करीब है। कर्नाटक में 89%, 5 अन्य राज्यों में 50% से ज्यादा उछाल पिछले एक हफ्ते के आंकड़ों को देखें तो 6 राज्य ऐसे हैं जहां ऐक्टिव केसों में इस दौरान 50 प्रतिशत से ज्यादा इजाफा हुआ है। पिछले एक हफ्ते में कर्नाटक में ऐक्टिव केस 89 प्रतिशत बढ़े हैं जो बड़े राज्यों में सबसे ज्यादा इजाफा है। असम और ओडिशा में भी एक हफ्ते में कोरोना के ऐक्टिव मामलों में 80 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। बात बिहार की करें तो यहां ऐक्टिव केस 69 प्रतिशत बढ़े हैं। यूपी और राजस्थान में भी एक हफ्ते में इनमें 50 प्रतिशत से थोड़े ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। कमजोर हेल्थ इन्फ्रा वाले राज्यों में बढ़ते केस चिंता की बात जिन 6 राज्यों में तेजी से ऐक्टिव केस बढ़ रहे हैं, उनमें कर्नाटक ही ऐसा राज्य है जहां हेल्थकेयर इन्फास्ट्रक्चर की स्थिति थोड़ी बेहतर है। वहां शहरीकरण भी बाकी 5 राज्यों के मुकाबले ज्यादा है। इसका सीधा सा मतलब है कि बाकी 5 राज्यों में हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर की खराब स्थिति चिंता बढ़ाने वाली बात है। अगर इन राज्यों में ऐक्टिव केस इसी तरह बढ़ते रहे तो इनके लिए इस स्थिति से निपटना बहुत मुश्किल होगा। बड़े शहरों से अब छोटे शहरों और गांवों में शिफ्ट हो रही महामारी ऐक्टिव केसों के बढ़ने का अब राज्यों में जो पैटर्न दिख रहा है, वह चिंता बढ़ाने वाला है। आंकड़े बता रहे हैं कि अब कोरोना वायरस महामारी बड़े शहरी केंद्रों (दिल्ली, मुंबई, चेन्नै, अहमदाबाद) से छोटे शहरों और कुछ हद तक गांवों की तरफ शिफ्ट हो रही है, जहां पर्याप्त हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं है। देश में कुल 2,83,407 ऐक्टिव केस, 24 घंटे में 27 हजार+ नए केस बात अगर पूरे देश में ऐक्टिव केसों की करें तो शनिवार सुबह तक यह आंकड़ा 2 लाख 83 हजार 407 है। यानी इतने मरीज अभी भी स्वस्थ नहीं हुए हैं। देश में कोरोना वायरस से संक्रमण का आंकड़ा 8 लाख को पार कर चुका है। पिछले 24 घंटे में 27,114 नए मामले सामने आए हैं। देश में अब तक कोरोना संक्रमण के 8,20,916 मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से 5,15,386 ठीक हो चुके हैं जबकि 22,123 मरीजों की मौत हो चुकी है। ऐक्टिव केस में महाराष्ट्र टॉप पर ऐक्टिव मामलों की लिस्ट में 95,943 के साथ महाराष्ट्र टॉप पर है। इसके बाद तमिलनाडु, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और यूपी का नंबर है। ऐक्टिव केस का मतलब उन मरीजों से है, जिनका अभी इलाज चल रहा है, जो अभी ठीक नहीं हुए हैं। कुल संक्रमितों की संख्या में ठीक हो चुके और नहीं बचाए जा सके संक्रमितों की संख्या को घटाने पर जो संख्या आती है, उसे ऐक्टिव केस कहा जाता है।
नई दिल्ली कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली सरकार ने तय किया है कि उनकी किसी स्टेट यूनिवर्सिटी में फिलहाल कोई एग्जाम नहीं (delhi state university exam cancel) होगा। इसमें फाइनल ईयर के एग्जाम भी शामिल हैं। लोगों को डिग्री यूनिवर्सिटी द्वारा तय मूल्यांकन मापदंडों के हिसाब से दी जाएगी। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज यह ऐलान किया। किन-किन यूनिवर्सिटी में नहीं होंगे एग्जाम दिल्ली सरकार की आईपी यूनिवर्सिटी, आंबेडकर यूनिवर्सिटी, डीटीयू व अन्य संस्थानों में नहीं होंगे एग्जाम। लेकिन दिल्ली यूनिवर्सिटी (डीयू) से जुड़े दिल्ली सरकार के कॉलेजों के बारे में केंद्र को फैसला करना होगा। दिल्ली सरकार का मानना है कि ऐसे मे जिस सेमेस्टर को पढ़ाया नहीं गया, उसकी परीक्षा कराना मुश्किल है। सरकार का मानना है कि इस समय में बड़े फैसले लिए जाने है। इससे पहले एचआरडी मिनिस्ट्री ने सोमवार को ऐलान किया था कि यूनिवर्सिटीज में फाइनल इयर के एग्जाम सितंबर के आखिर में कराए जाएंगे। ये एग्जाम जुलाई में होने थे लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से उन्हें सितंबर के आखिर तक के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, यूजीसी की नई गाइडलाइंस के मुताबिक सितंबर में फाइनल इयर एग्जाम में हिस्सा न लेने वाले स्टूडेंट्स को एक दूसरा मौका मिलेगा और यूनिवर्सिटीज उनके लिए स्पेशल एग्जाम कराएंगी।
नई दिल्ली केंद्र सरकार की सक्रियता से दिल्ली-एनसीआर में कोविड-19 महामारी के प्रसार की गति स्थिर हुई है। यह कहना है केंद्रीय गृह मंत्रालय की प्रवक्ता पुण्य सलीला श्रीवास्तव का। उन्होंने कोरोना पर प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि स्थिति में सुधार के लिए लगातार उच्चस्तरीय बैठकें हो रही हैं जिनमें निए निर्णयों के आधार पर कई प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। श्राीवास्तव ने कहा, 'दिल्ली और एनसीआर में कोविड-19 की स्थिति में सुधार के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय संबंधित राज्यों के साथ लगातार बैठक कर रहा है। इन बैठकों में राष्ट्रीय स्तर के कई विशेषज्ञ शामिल होते हैं और कई प्रभावी निर्णय लिए गए हैं।' उन्होंने बताया कि दिल्ली में जांच की क्षमता बढ़ा दी गई है। 8 जुलाई तक 6 लाख, 79 हजार, 831 टेस्ट किए गए हैं। यानी, 10 लाख की आबादी पर 35,780 टेस्ट हुए हैं। अब प्रतिदिन लगभग 20 हजार से अधिक जांच की जा रही है। 9 जुलाई को दिल्ली में लगभग 23,452 ऐक्टिव केस हैं और रिकवरी रेट 72 प्रतिशत से ऊपर है। अब केस डबल होने में 29.7 दिन लग रहे हैं। श्रीवास्तव ने कहा, '1 जून को दिल्ली में 4,456 हॉस्पिटल बेड उपलब्ध थे और आज 15,096 बेड उपलब्ध हैं। 8 जुलाई को इनमें से लगभग 10,237 बेड खाली थे यानी लगभग 68 प्रतिशत। डीआरडीओ की तरफ से स्थापित सरदार वल्लभ भाई कोविड हॉस्पिटल ने देश में पहली बार लगभग 12 दिनों में ही दिल्लीवासियों को बेहतरीन सुविधाएं मुहैया करा दी हैं।' उन्होंने दिल्ली में 10 हजार बेड वाले कोविड केयर सेंटर के निर्माण की सराहना की। श्रीवास्तव ने कहा, 'राधास्वामी सत्संग, भारती-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और दिल्ली सरकार ने मिलकर 10 हजार बेड वाले कोविड सेंटर बनाने का अनूठा प्रयास किया है।' उन्होंने कहा कि 1 जुलाई, 2020 से अनलॉक 2 की नई गाइडलाइंस लागू हो चुकी हैं। इनके तहत कंटेनमेंट जोन के बाहर और अधिक गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है, लेकिन 31 जुलाई तक कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन का सख्ती से पालन होगा। अब लगभग सभी आर्थिक गतिविधियों की अनुमति दी गई है तो सभी नैशनल गाइडलाइंस का पालन करना और जरूरी हो गया है।
नई दिल्ली दिल्ली दंगों में आरोपी निलंबित आप पार्षद ताहिर हुसैन पिंजरा तोड़ ग्रुप के साथ लगातार संपर्क में थे। दिल्ली पुलिस ने ये बात अपनी चार्जशीट में बताई। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली में भड़के दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अब तक 18 लोगों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में जामिया के छात्र, पिंजरा तोड़ ग्रुप से जुड़ी छात्राएं, कांग्रेस नेता, आप पार्षद समेत अन्य लोग शामिल हैं। लिखें पिंजडा तोड़ ग्रुप के साथ कनेक्शन दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में खुलासा हुआ है कि ताहिर हुसैन कथित रूप से पिंजरा तोड़ के सदस्यों और जेएनयू के छात्रों नताशा नरवाल और देवांगना कलिता के संपर्क में थे, जिन्होंने फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों को भड़काने में पूरा जोर लगाया था। दिल्ली पुलिस ने कहा, 'ताहिर हुसैन ने दो महिलाओं और कई अन्य लोगों के साथ कथित तौर पर 53 व्यक्तियों की मौत के लिए जिम्मेदार हैं, अनगिनत निर्दोष व्यक्तियों को चोटें पहुंचाई और करोड़ों रुपये की संपत्तियों को नष्ट किया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन लोगों ने पूरे राष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाया। पुलिस की चार्जशीट में इनके नाम पूर्वी दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित एक मामले में पिछले महीने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट राकेश कुमार रामपुरी के समक्ष चार्जशीट दायर की गई थी और यह इस पर 20 जुलाई को सुनवाई की जाएगी। पुलिस की चार्जशीट में पता चला कि हुसैन कथित रूप से नरवाल और कलिता के संपर्क में था। वाजिद खान (कथित तौर पर शाहीन बाग़ के आयोजन में शामिल, हाजी बल्लो कथित रूप से खजूरी खास इलाके में सीएए के विरोधी प्रदर्शनों में शामिल, हाजी (कथित तौर पर चांद बाग़ क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन के आयोजन में शामिल) और हसीबुल हसन (कथित रूप से शामिल) जफराबाद क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन)। फरवरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान उत्तर पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक हिंसा के सिलसिले में दस अन्य लोगों के साथ मुख्य आरोपी के रूप में ताहिर हुसैन का नाम चार्जशीट में रखा गया। क्या है पिंजरा तोड़ ग्रुप? पिंजरा तोड़ ग्रुप (Pinjra Tod Group) कॉलेज की छात्राओं का एक संगठन है, जिसमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के नामी कॉलेजों की लड़कियां भी हैं। ये संगठन कॉलेज हॉस्टल के नियमों के खिलाफ काम करता है। दिल्ली में सीएए को लेकर हुई हिंसा में कई बार इस संगठन का नाम सामने आया है। इस ग्रुप में कॉलेज की मौजूदा छात्राएं तो होती ही हैं, साथ ही उस कॉलेज से पढ़कर निकल चुकी छात्राएं भी होती हैं। इस ग्रुप की छात्राओं की मांग होती है कि हॉस्टल और पीजी में महिला छात्रों पर कम से कम प्रतिबंध हों। इस ग्रुप की महिलाओं का तर्क होता है कि महिलाओं की सुरक्षा के नाम पर उनके अधिकार नहीं छीनने चाहिए। महिलाओं को पूरी आजादी से जीने का हक होना चाहिए। कैसे बना पिंजरा तोड़ ग्रुप? जब 2015 में गर्मी की छुट्टियों के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी खुली तो जामिया मिलिया इस्लामिया की छात्राओं ने एक नोटिस जारी किया, जिसके तहत लड़कियों को 8 बजे से बाद बाहर रहने की इजाजत नहीं थी। दिल्ली महिला आयोग ने इसका विरोध किया और पूछा कि यूनिवर्सिटी ने ऐसा फैसला क्यों लिया। उसी दौरान महिला छात्रों के एक समूह ने महिला आयोग की प्रतिक्रिया को देखते हुए अन्य यूनिवर्सिटी के नियम-कायदों पर भी सवाल उठाने शुरू किए। यहीं से पिंजरा तोड़ ग्रुप की शुरुआत हुई, जो छात्राओं पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों, उनके पीजी और हॉस्टल का किराया अधिक होने आदि के खिलाफ आवाज उठाना शुरू किया।
नई दिल्ली 125 दिन का वक्त और देखते-देखते दिल्ली में कोरोना के मामले 1 लाख के पार हो गए। राजधानी दिल्ली में 2 मार्च को पहला कोरोना केस आया था। अब सोमवार को मामले 1,00,823 हो गए। केसों के मामले में दिल्ली अब देश में तीसरे नंबर पर है। उससे आगे सिर्फ महाराष्ट्र और तमिलनाडु हैं। मुंबई शहर दिल्ली के बाद दूसरे नंबर पर सबसे प्रभावित शहर है। वहां कुल केस 85,724 हैं। यह नंबर दिल्ली से 15,099 कम है। रिकवरी रेट दे रहा राहत राजधानी दिल्ली में कोरोना केस भले एक लाख पार हो चुके हैं लेकिन यहां रिकवरी रेट राहत दे रहा है जो 71 प्रतिशत है। वहीं पॉजिटिविटी रेट अभी 10 प्रतिशत है। 1 लाख में से 72 हजार लोग ठीक हो चुके हैं। यह जून में 36 प्रतिशत तक पहुंच गया था तो जब 10 प्रतिशत तक आ चुका है। कुल सैंपल पर कितने केस पॉजिटिव मिले उसे पॉजिटिविटी रेट कहते हैं। पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोविड की वजह से 48 मरीजों की जान चली गई, मरने वालों की कुल संख्या 3115 है। दिल्ली में कोविड से होने वाली मौत का औसत लगभग 3 पर्सेंट है। 19 दिन बाद मामले 2 हजार के नीचे 19 दिन बाद दिल्ली में कोविड का संक्रमण 2 हजार के आंकड़े से नीचे आया है। सोमवार को दिल्ली में कोविड के 1379 नए मरीजों में वायरस की पुष्टि की गई है। इससे पहले तक 17 जून से लगातार रोज 2 हजार से ऊपर केस आ रहे थे। सोमवार को दिल्ली में कुल 13,879 सैंपल की जांच की गई। कभी हाँ कभी ना में फंसी देसी कोरोना वैक्सीन, कब होगी लांच 15 अगस्त या 2021? देखें ख़बरों का पंचनामा अनुराग वर्मा के साथ रविवार को दिल्ली में कुल 2244 मरीज की पुष्टि हुई थी और उस दिन संक्रमण रेट 9.69 पर्सेंट था। सोमवार को मरीजों की संख्या 1379 हुई और संक्रमण रेट 9.93 पर्सेंट पाया गया। इससे यह कहा जा सकता है कि दिल्ली में सैंपल की जांच ज्यादा हो या कम संक्रमण रेट लगभग 10 पर्सेंट से अभी नीचे पाया जा रहा है। सोमवार को दिल्ली में कुल 13,879 सैंपल की जांच की गई।
है नई दिल्ली कोरोना वायरस (Corona Virus) संक्रमण की संख्या देश में लगातार बढ़ रही है लेकिन दिल्ली के लिहाज से एक अच्छी खबर है। राजधानी में सोमवार को पहले के मुकाबले काफी कम केस रिपोर्ट हुए हैं जबकि जांच का दायरा बढ़ गया है। सोमवार को दिल्ली में 1379 नए केस मिले जबकि एक दिन पहले 2505 केस रिपोर्ट हुए थे। इससे पहले भी दो हजार से ज्यादा केस रोज सामने आ रहे थे। केंद्र सरकार की तरफ से भी कहा गया है कि दिल्ली में पिछले तीन सप्ताह में संक्रमण दर (Corona Infection Rate) 30 प्रतिशत से गिरकर 10 प्रतिशत पर आ गई है। लिखें 15 हजार मरीज घर में आइसोलेट राजधानी में कोरना संक्रमण के कुल मामलों की संख्या 1 लाख से ज्यादा हो गई है। अबतक 100823 मामले सामने आए हैं। सोमवार को 48 मरीजों की मौत हो गई। अब तक दिल्ली में कुल 3115 मरीजों की कोरोना से जान जा चुकी है। वहीं 72088 लोग संक्रमण मुक्त भी हो चुके हैं। इस समय 25620 ऐक्टिव केस हैं जिनमें से लगभग 15 हजार लोग अपने घरों में ही आइसोलेट हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस बात की जानकारी दी। जांच बढ़ी लेकिन संक्रमण दर हो रही कम केंद्र ने सोमवार को कहा कि दिल्ली में कोविड-19 संबंधी जांच की औसत संख्या लगभग एक महीने में 5,481 बढ़कर 18,766 हो गई है और जांच की संख्या में वृद्धि के बावजूद राष्ट्रीय राजधानी में पिछले तीन सप्ताह में संक्रमण दर लगभग 30 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत हो गई है। सरकार ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी संक्रमण दर यानी कुल नमूनों की जांच में रिपोर्ट पॉजिटिव आने की दर में कमी आई है और यह अब 6.73 प्रतिशत है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्र, राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों ने देश में कोविड-19 महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए संयुक्त और समन्वित प्रयास किए हैं। बयान में कहा गया कि मिलेजुले प्रयासों के तहत केंद्र सरकार ने जांच संख्या बढ़ाने, संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों का तुरंत पता लगाने और समय पर मामलों के चिकित्सकीय प्रबंधन पर जोर दिया है। मंत्रालय ने कहा कि केंद्र ने जांच क्षमता बढ़ाने के लिए राज्यों की मदद की है। कई राज्यों ने बढ़ाई है जांच की क्षमता बयान में कहा गया कि देश के स्तर पर संक्रमण दर 6.73 प्रतिशत है। पांच जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार पुदुचेरी (5.55), चंडीगढ़ (4.36), असम (2.84), त्रिपुरा (2.72), कर्नाटक (2.64), राजस्थान (2.51), गोवा (2.5) और पंजाब (1.92) उन राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में शामिल हैं जहां प्रति लाख नमूनों में संक्रमण दर राष्ट्रीय औसत से कम और जांच क्षमता राष्ट्रीय औसत से अधिक है। मंत्रालय ने कहा कि दिल्ली में जांच क्षमता बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार प्रयासों को मजबूत कर रही है। केंद्र ने कहा कि रैपिड एंटीजन पॉइंट ऑफ केयर (पीओसी) के साथ आरटी-पीसीआर के माध्यम से जांच क्षमता को बढ़ाया जा रहा है जिसका परिणाम लगभग 30 मिनट में आ जाता है। इसने कहा, ‘जांच क्षमता को बढ़ाने के लिए भारत सरकार के ठोस और केंद्रित प्रयासों के परिणामस्वरूप हर रोज की जाने वाली नमूनों की औसत जांच संख्या जो (एक से पांच जून तक) केवल 5,481 थी, वह बढ़कर प्रतिदिन (एक से पांच जुलाई तक) औसतन 18,766 हो गई है।’ बयान में कहा गया, ‘दिल्ली में जांच क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि के साथ ही संक्रमण दर में भी काफी कमी आई है और यह पिछले तीन सप्ताह में लगभग 30 प्रतिशत से घटकर 10 प्रतिशत हो गई है।’
नई दिल्ली, 05 जुलाई 2020,राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं और यहां पर भी केस एक लाख के बेहद करीब पहुंच गया है. पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना के 2,244 मामले दर्ज किए गए जिससे यहां पर संक्रमण के कुल 99,444 केस हो चुके हैं. दिल्ली से आगे महाराष्ट्र और तमिलनाडु दो ऐसे राज्य हैं जहां कोरोना संक्रमण के केस एक लाख के पार जा चुके हैं. स्वास्थ्य विभाग की ओर से रविवार को जारी नए अपडेट के मुताबिक, महाराष्ट्र में यह आंकड़े 2 लाख को भी पार कर गया है. वहां पर 2,00,064 कोरोना केस सामने आ चुके हैं जबकि तमिलनाडु में यह संख्या 1,07,001 है. दिल्ली में पिछले 24 घंटे में 63 और लोगों की मौत हो गई जिससे कोरोना की वजह से अब तक 3,067 लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि यहां पर पिछले 24 घंटे में ठीक या डिस्चार्ज होने वालों की संख्या 3,083 रही. इस तरह से अब तक 71,339 लोग ठीक या डिस्चार्ज हो चुके हैं. लेकिन अभी भी दिल्ली में 25,038 एक्टिव केस हैं जबकि 15,564 मरीज होम आइसोलेशन में हैं. इससे पहले दिल्ली में शनिवार को पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 2,505 नए मरीजों की पुष्टि हुई थी. जिससे दिल्ली में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 97 हजार को पार कर गई थी. रविवार को यह आंकड़ा 99 हजार को भी पार कर गया. दुनिया का सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर तैयार इस बीच दिल्ली में दुनिया का सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर बनकर तैयार हो गया है. आज रविवार से यहां पर कोरोना संक्रमित मरीजों को आइसोलेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इस कोविड केयर सेंटर में 10,000 बेड की क्षमता है लेकिन फिलहाल इसे 2,000 बेड की सुविधा के साथ शुरू कर दिया गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल, रविवार सुबह छतरपुर स्थित राधा स्वामी सत्संग व्यास केंद्र पहुंचे और सभी तैयारियों का जायजा लिया. यह कोविड केयर सेंटर करीब 17,00 फीट लंबा है और 700 फीट चौड़ा. लगभग 20 फुटबॉल का मैदान इस सेंटर में समा जाएगा. इसमें 200 अहाते हैं, सभी में 50-50 बेड भी लगे हैं. अथॉरिटी के मुताबिक यह सेंटर विश्व में सबसे बड़ा कोविड केयर सेंटर है. सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर में 10 फीसदी बेड्स में ऑक्सीजन की सुविधा भी उपलब्ध है. यहां भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज होने तक की पूरी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक है. मरीजों की जांच के लिए यहां हमेशा नर्स मौजूद रहेंगी.
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 80 हजार के पार पहुंच चुकी है लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज कहा कि दिल्ली में अभी कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हुआ है। शाह ने कहा कि उन्होंने इस बारे में देश के तीन वरिष्ठ डॉक्टरों से बात की है और सभी का मानना है कि दिल्ली में कोरोना का कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के इस बयान से डर पैदा हुआ था कि दिल्ली में जुलाई के अंत तक कोरोना संक्रमितों की संख्या 5.5 लाख के पार पहुंच जाएगी। शाह ने कहा कि इस बयान के बाद प्रधानमंत्री ने उन्हें दिल्ली सरकार की मदद करने को कहा था। दिल्ली में कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। अब यही मॉडल एनसीआर में भी लागू किया जाएगा। शाह ने कहा कि इस बारे में वह उत्तर प्रदेश और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों से बात करने वाले हैं। सबकी सहमति से लिए जा रहे फैसले गृह मंत्री ने कहा कि कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए दिल्ली में उठाए जा रहे कदमों के बारे में दिल्ली सरकार के साथ कोई खींचतान नहीं है और सारे फैसले दिल्ली सरकार की सहमति से लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कोरोना के इलाज को लेकर कई शिकायतें आ रही थी। खासकर कोरोना के कारण जान गंवाने वाले लोगों का अंतिम संस्कार नहीं हो पा रहा था। करीब 350 शव ऐसे ही पड़े थे। अब इसके लिए व्यवस्था बना दी गई है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना के इलाज में बदइंतजामी की कई शिकायतें आ रही थीं। हमने एम्स में एक हेल्पलाइन बनाई है। इसके जरिये एम्स के डॉक्टर दिल्ली के अस्पतालों के डॉक्टरों को सुझाव देते हैं। साथ ही डॉक्टरों की तीन टीमों का भी गठन किया गया जिसमें केंद्र, आईसीएमआर और दिल्ली के डॉक्टर शामिल थे। इनके सुझावों के आधार पर दिल्ली में अस्पतालों की कमियों को दूर किया गया है।
नई दिल्ली दिल्ली के बजट होटलों एवं गेस्ट हाउसों में अब चीनी यात्री नहीं ठहर पाएंगे। कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (Confederation of All India Traders) के चीनी सामान बहिष्कार के आह्वान पर आज दिल्ली के बजट होटलों के संगठन दिल्ली होटल एंड गेस्ट हाउस ओनर्स एसोसिएशन ने यह फैसला किया है। संगठन का कहना है कि चीन की नापाक हरकतों को देखते हुए यह निर्णय लेने पर मजबूर होना पड़ा है। दिल्ली में लगभग 3000 बजट होटल और गेस्ट हाउस हैं, जिनमें लगभग 75 हजार कमरे हैं। दिल्ली के होटल व्यवसायी गुस्से में हैं दिल्ली होटल एवं गेस्ट हाउस ओनर्स एसोसिएशन के महामंत्री महेंद्र गुप्ता ने यह जानकारी दी। उनका कहना है कि चीन जिस प्रकार से भारत के साथ व्यवहार कर रहा है, और उसने जिस तरीके से भारतीय सैनिकों की नृशंस हत्या की है, उससे दिल्ली के सभी होटल कारोबारियों में गुस्सा है। ऐसे समय में, जब कैट ने देश भर में चीनी वस्तुओं के बहिष्कार का अभियान चलाया है, उसमें दिल्ली के होटल और गेस्ट हाउस व्यवसायी भी बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेंगे। उन्होंने कहा कि अब दिल्ली के बजट होटलों और गेस्ट हाउसों में चीनी व्यक्ति को नहीं ठहराया जाएगा। कैट ने किया स्वागत कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे यह स्पष्ट है कि कैट द्वारा शुरू किया गया चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के आह्वान से देश के विभिन्न वर्गों के लोग जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी सिलसिले में कैट अब ट्रांसपोर्ट, किसान, हॉकर्स, लघु उद्योग, उपभोक्ता स्वयं उद्यमी, महिला उद्यमी के राष्ट्रीय संगठनों से संपर्क कर उन्हें भी इस अभियान से जोड़ेगा। 1 लाख करोड़ रुपये का आयात होगा कम उन्होंने कहा कि इस बार चीन को सबक सिखाने में भारत के लोग दृढ़ संकल्प से जुड़ेंगे और दिसंबर 2021 तक चीन से आयात होने वाले सामान में 1 लाख करोड़ रुपये की कमी करेंगे। इस रकम को भारतीय अर्थव्यवस्था में लगाया जाएगा, जो देश की तरक्की का माध्यम बनेगा।
नई दिल्ली, 24 जून 2020, नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ दिल्ली में भड़की हिंसा पर अब नया खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक उपद्रवियों के बीच जानबूझकर ये अफवाह फैलाई गई थी कि कपिल मिश्रा के लोगों ने एंटी सीएए प्रोटेस्ट के पंडाल में आग लगा दी है, जिसके बाद भीड़ हिंसक हो गई थी. दिल्ली पुलिस की चार्जशीट में दिल्ली हिंसा को लेकर नया खुलासा हुआ है. दिल्ली हिंसा में मारे गए हेड कॉन्स्टेबल रतन लाल की चार्जशीट में दिल्ली पुलिस ने खुलासा किया है कि चांदबाग इलाके में उपद्रवियों के बीच ये अफवाह जानबूझकर फैलाई गई थी कि बीजेपी नेता कपिल मिश्रा के लोगों ने एंटी सीएए प्रोटेस्ट के पंडाल में आग लगा दी है, जिसके बाद भीड़ हिंसक हुई थी. दिल्ली पुलिस के मुताबिक ये अफवाह जानबूझकर उपद्रवियों ने फैलाई थी ताकि भीड़ को सड़कों पर निकाला जा सके. दरअसल, चांदबाग इलाके में दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल की हत्या उपद्रवियों ने कर दी थी. डीसीपी अमित शर्मा पर जानलेवा हमला हुआ था. इस मामले में दिल्ली पुलिस ने काफी लोगों के बयान लिए थे, जिनका चार्जशीट में जिक्र है. गवाहों ने बताया कि चांदबाग में उस दौरान कुछ लोगों ने शोर मचाया कि कपिल मिश्रा के लोगों ने पंडाल में आग लगा दी है लेकिन हमने ऐसा कुछ होते देखा नहीं था. योगेंद्र यादव ने दिया था भाषण बता दें कि हेड कॉन्स्टेबल की हत्या की चार्जशीट में योगेंद्र यादव के नाम का भी जिक्र किया गया है. जिसमें बताया गया कि चांदबाग के एंटी सीएए प्रोटेस्ट में हिंसा के पहले योगेंद्र यादव ने भाषण दिया था. हालांकि चार्जशीट में योगेंद्र यादव न तो आरोपी हैं और न ही कॉलम 11 (संदिग्ध आरोपी या अन्य) में उनका नाम है.
नई दिल्ली, 23 जून 2020, कांग्रेस पार्टी ने लॉकडाउन में डीजल-पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को लेकर विरोध जताया है. इस मुद्दे पर मंगलवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक हुई. मीटिंग में कहा गया कि लॉकडाउन के पिछले तीन महीनों के दौरान पेट्रोल और डीजल की कीमतों और उत्पाद शुल्क में बार-बार की जाने वाली अन्यायपूर्ण बढ़ोतरी पर कांग्रेस कार्यसमिति अपनी चिंता व्यक्त करती है. कांग्रेस कार्य समिति ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लोगों पर ये जबरन वसूली की चोट तब बढ़ाई गई है जब वे कोविड-19 महामारी के कारण पहले ही अभूतपूर्व आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. कांग्रेस पार्टी ने कार्य समिति की बैठक के बाद बयान जारी किया था. कांग्रेस कार्यसमिति का यह बयान ट्विटर पर भी जारी किया गया. बयान को कांग्रेस कार्यसमिति की तरफ से जारी किया गया लेकिन एक टाइपो होने की वजह से कार्यसमिति की जगह 'कायरसिमित' हो गया, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने कांग्रेस पर तंज कसा. हालांकि कांग्रेस ने बाद में टाइपो में सुधार करते हुए नए सिरे से ट्वीट भी किया. यूपी में बीजेपी के नेता शलभमणि त्रिपाठी ने कांग्रेस के ट्वीट का स्क्रीनशॉट शेयर किया और लिखा कि, 'इस साफ़गोई की कद्र होनी चाहिए, वैसे ना भी बताते तो भी देश पहले से जानता था कांग्रेस की ये हक़ीक़त.' वहीं दिल्ली में बीजेपी नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने लिखा, 'मैं कांग्रेस की इस बात से सहमत हूं. एक अन्य यूजर आदित्य त्रिवेदी ने लिखा, 'जब से भाजपा अध्यक्ष ने ईश्वर से कांग्रेस को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की है, तब से रोज मां सरस्वती उनको रोज सच्चाई दिखा रही हैं. नरेंद्र बने सुरेंद्र, कांग्रेस कार्यसमिति बनी कायरसिमित, अब तो जाग जाओ.'
नई दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर दक्षिणी दिल्ली के राधा स्वामी सत्संग केंद्र में स्थापित 10,000 बेड वाले कोविड केयर केंद्र का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया है। इसके साथ ही केजरीवाल ने इस कोविड केंद्र के संचालन के लिए आईटीबीपी से डॉक्टर और नर्स उपलब्ध कराने की मांग भी की है। केजरीवाल के इस पत्र के जवाब में गृहमंत्री अमित शाह ने मंगलवार शाम को ट्वीट कर जवाब दिया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि प्रिय केजरीवाल जी, यह हमारी बैठक में 3 दिन पहले ही तय हो चुका है और MHA ने दिल्ली के राधा स्वामी सत्संग ब्यास में 10,000 बेड के कोविड केयर सेंटर के संचालन का काम ITBP को सौंप दिया है। काम पूरे जोरों पर है और इस सेंटर का बड़ा हिस्सा 26 जून तक चालू हो जाएगा। शाह ने कहा कि सशस्त्र बल के जवानों को दिल्ली में रेलवे कोचों में रखे गए कोरोना रोगियों की देखभाल के लिए भी लगाया गया है। आवश्यकता के अनुसार, पहले ही कोविड केयर सेंटर में 8,000 अतिरिक्त बिस्तर लगाए जा चुके हैं। केजरीवाल ने किया शाह को किया धन्यवाद अमित शाह के ट्वीट के बाद केजरीवाल ने अमित शाह को ट्वीट के जरिए ही धन्यवाद दिया। उन्होंने लिखा देश की सेना, डाक्टर्स, सामाजिक संस्थाएं, केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार -सभी दिल्ली के लिए एकजुट होकर काम कर रहे है। मुझे पूरा यक़ीन है हम सब मिल कर कोरोना को हराएंगे। इन कठिन परिस्थितियों में दिल्ली सरकार और दिल्ली के लोगों की मदद करने के लिए शुक्रिया। तैयार हो रहा है एक हजार बेड का अस्पताल शाह ने कहा कि दिल्ली के लोगों को यह भी सूचित करना चाहता हूं कि कोविड के रोगियों के लिए 250 आईसीयू बेड के साथ एक हजार बेड का पूर्ण विकसित अस्पताल विकसित किया जा रहा है। डीआरडीओ और टाटा ट्रस्ट इसका निर्माण कर रहे हैं। सशस्त्र बल के जवान इसे तैयार करने में लगे हैं। यह अगले 10 दिनों में तैयार हो जाएगा।
नई दिल्ली/श्रीनगर, 22 जून 2020,लद्दाख सीमा पर तनाव को कम करने के लिए भारतीय सेना और चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के बीच आज बातचीत होगी. चीनी सेना की आग्रह पर कोर कमांडर स्तर की बैठक होगी. बैठक मोल्डो इलाके (चीन की तरफ) और चुशुल (भारत की तरफ) बुलाई गई है. यह बैठक उसी जगह होने वाली है, जहां 6 जून को दोनों देशों के बीच बैठक हुई थी. कोर कमांडर स्तर की इस बातचीत में भारत की ओर से लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और चीन की ओर साउथ झिंजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट के चीफ मेजर जनरल लियू लिन हिस्सा लेंगे. इस बैठक का मकसद पहले की स्थिति को फिर से बनाना, गलवान जैसी खूनी झड़प की घटनाएं न हो और 6 जून को दोनों देशों के बीच हुए समझौते पर बातचीत है. इस बीच गलवान घाटी में तनाव जारी है. 15 जून के बाद से दोनों तरफ से कोई झड़प की भी खबर नहीं है, लेकिन दोनों ओर माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है. दोनों ओर से तनाव को खत्म करने के लिए सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है. आज भी दोनों देशों के सैन्य अधिकारी के बीच बातचीत होगी. लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेना के बीच 15 जून को हिंसक झड़प हुई थी. इसमें 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे, जबकि चीन के कई सैनिक हताहत हुए थे. हालांकि चीन ने मारे गए अपने सैनिकों की संख्या के बारे में कोई सार्वजनिक जानकारी साझा नहीं की है. हिंसक झड़प के बाद से ही भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ गया है. हालांकि, घटना के बाद भी दोनों देशों के बीच बातचीत भी हुई थी. इस बातचीत के बाद चीन ने भारतीय सेना के 10 जवानों को रिहा किया था, जिन्हें झड़प के दौरान चीन ने बंदी बना लिया था. झड़प के तीन बाद दो मेजर समेत 10 जवानों को रिहा किया गया है. वहीं, गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि न तो कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है और न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है. लद्दाख में हमारे 20 जांबाज शहीद हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता की तरफ आंख उठाकर देखा था, उन्हें वो सबक सिखाकर गए.
नई दिल्ली, 19 जून 2020,दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की तबीयत फिर बिगड़ गई है. सत्येंद्र जैन को सांस लेने में काफी दिक्कत आ रही है. आपको बता दें कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री दो दिन पहले ही कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे. शुक्रवार को उन्हें सांस लेने में दिक्कत आई, जिसके बाद अब उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है. दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल में सत्येंद्र जैन का इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि सत्येंद्र जैन के फेफड़ों में संक्रमण बढ़ गया है, इसी वजह से उन्हें सांस लेने में दिक्कत आ रही है. गौरतलब है कि सत्येंद्र जैन को कुछ दिन पहले बुखार और सांस लेने में दिक्कत होने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. जिसके बाद उनका कोरोना वायरस टेस्ट भी करवाया गया था. उनका शुरुआती टेस्ट नेगेटिव आया था, जिसके बाद उनकी हालत सुधरने भी लगी थी. लेकिन दो दिन पहले सत्येंद्र जैन का एक और कोरोना वायरस टेस्ट किया गया, जिसमें वो पॉजिटिव पाए गए थे. अब शुक्रवार को एक बार फिर उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई है. आपको बता दें कि कोरोना संक्रमित पाए जाने से पहले सत्येंद्र जैन लगातार बैठकों में हिस्सा ले रहे थे. दिल्ली के मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जो बैठक ली थी, उसमें अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया के साथ सत्येंद्र जैन ने भी हिस्सा लिया था.
नई दिल्ली, 18 जून 2020,दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामले को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना टेस्टिंग की कीमत 2400 रुपये निर्धारित कर दी है. गृह मंत्री अमित शाह ने आम लोगों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है. गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्वीट कर बताया कि आम आदमी को राहत प्रदान करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के निर्देशों के अनुसार, गृह मंत्रालय द्वारा प्राप्त परीक्षण दरों पर उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट को आवश्यक कार्रवाई के लिए दिल्ली सरकार को भेज दिया गया है. निर्णय में कोरोना जांच की कीमत 2,400 रुपये तय की गई है. दिल्ली में टेस्टिंग दोगुनी साथ ही दिल्ली में कोरोना वायरस की जांच दोगुना किया जा रहा है. दिल्ली में कोविड जांच को दोगुना कर 4000 से करीब 8000 प्रतिदिन कर दिया गया है केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार को साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 15 और 16 जून कुल 16,618 कोरोना सैंपल लिए गए. जबकि इससे पहले 14 जून तक 4,000 से 4,500 तक सैंपलों की जांच हो रही थी. आज गुरुवार को 6,510 सैंपल की रिपोर्ट आनी है गृह मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि दिल्ली के कई इलाकों में स्वास्थ्य सर्वेक्षण भी शुरू किया गया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, 242 कंटेनमेंट जोन में 2,30,466 की कुल आबादी में से 1,77,692 लोगों की जांच 15 और 16 जून को की गई थी, शेष बचे लोगों की जांच 20 जून तक पूरी कर ली जाएगी. जल्द आएगी रिपोर्ट इस बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) द्वारा अनुमोदित नए प्रोटोकॉल के अनुसार आज गुरुवार से जांच शुरू कर दी जाएगी. जांच के लिए नई रैपिड ऐंटिजेन प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा जिसे परिणाम जल्दी आएगा. जांच के लिए दिल्ली में 169 केंद्र बनाए गए हैं. इन जांच किट की आपूर्ति दिल्ली को प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी और राजधानी दिल्ली में इसके लिए नमूने एकत्र करने तथा उनकी जांच के लिए 169 केंद्र बनाए गए हैं. महाराष्ट्र में 2200 में टेस्ट इससे पहले पिछले हफ्ते महाराष्ट्र सरकार ने भी निजी लैब द्वारा कोरोना टेस्ट की रेट फिक्स कर दी थी. रेट फिक्स होने के बाद महाराष्ट्र में अब 2200 रुपये में निजी लैब में कोरोना टेस्ट कराया जा सकेगा. हालांकि लैब वाला सैंपल लेने अगर आपके घर आता है तो आपको 2800 रुपये चुकाने पड़ेंगे. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने इस संबंध में ऐलान करते हुए बताया कि कोरोना टेस्टिंग की रेट तय करने के लिए सरकार ने एक कमेटी गठित की थी. जिसकी सिफारिश पर निजी लैब के लिए कोरोना टेस्ट की दर 2200 रुपये और घर से सैंपल लेने पर 2800 रुपये रखा गया. इस तरह से अब महाराष्ट्र में निजी लैब से कोरोना टेस्ट कराने पर क्रमश: 2200 और 2800 रुपये ही देने पड़ेंगे.
नई दिल्ली, 17 जून 2020,दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का दूसरी बार कोरोना टेस्ट हुआ था. दूसरी बार हुए टेस्ट में सत्येंद्र जैन कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. कोरोना पॉजिटिव होने के चलते वह अभी राजीव गांधी अस्पताल में ही भर्ती रहेंगे. सत्येंद्र जैन को सांस लेने में दिक्कत और बुखार के चलते मंगलवार को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. सत्येंद्र जैन का एक कोरोना टेस्ट पहले भी हो चुका है और ये निगेटिव आया था. सत्येंद्र जैन का बुखार अब कम है, लेकिन उन्हें सांस लेने में थोड़ी परेशानी हो रही है. मंगलवार को हुई जांच में सत्येंद्र जैन की कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आई थी, लेकिन बुधवार को उनकी दूसरी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. सत्येंद्र जैन ने खुद बीते दिन ट्वीट कर अपनी तबीयत बिगड़ने की जानकारी भी दी थी. उन्होंने ट्वीट किया था कि तेज बुखार और सांस लेने में हो रही दिक्कत के बाद मुझे अस्पताल में भर्ती किया गया है. मैं आपको ताजा जानकारी देता रहूंगा. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन लगातार बैठकों में हिस्सा ले रहे थे. बीते दिनों भी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और अन्य अधिकारियों के साथ लगातार कई बैठकें कीं, तब सत्येंद्र जैन बतौर स्वास्थ्य मंत्री उस बैठक में मौजूद थे. इसके अलावा सत्येंद्र जैन दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाओं पर भी लगातार ध्यान दे रहे थे. कोरोना पॉजिटिव हुईं आम आदमी पार्टी की अन्य नेता- आम आदमी पार्टी (आप) की नेता और कालकाजी विधानसभा सीट से विधायक आतिशी कोरोना वायरस की चपेट में आ गई हैं. उनकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. आतिशी ने बताया कि सर्दी और खांसी के लक्षण नजर आने के बाद उन्होंने मंगलवार को कोरोना टेस्ट कराया था, जिसकी रिपोर्ट आज आई है. फिलहाल आतिशी को कोरोना के हल्के लक्षण हैं और उन्होंने खुद को अपने घर में क्वारनटीन कर लिया है. आतिशी कोरोना के मामलों को लेकर हेल्थ डिपार्टमेंट के साथ काम कर रही थीं. 11 जून को हेल्थ डिपार्टमेंट का एक अधिकारी कोरोना पॉजिटिव पाया गया था, जिसके बाद आतिशी ने खुद को होम आइसोलेट कर लिया था. इससे पहले आम आदमी पार्टी के करोल बाग से विधायक विशेष रवि और पटेल नगर से विधायक राज कुमार आनंद भी कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं.
नई दिल्ली दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन को कोरोना के लक्षण के बाद कल रात अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका अभी कोरोना टेस्ट का रिजल्ट नहीं आया है लेकिन उनकी बीमारी ने दिल्ली सरकार को टेंशन दे दी है। राज्य में कोरोना महामारी से निपटने में रात-दिन लगे जैन के बीमार होने के कारण आज होने वाली कई अहम बैठकों को रद्द कर दिया गया है। शाह की बैठक समेत कई बैठकों में हुए थे शामिल जैन ने खुद ट्वीट कर राजीव गांधी अस्पता में भर्ती होने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ के बाद उन्हें अस्पताल में एडमिट कराया गया है। ऐहतियातन जैन का कोरोना टेस्ट भी कराया गया है। सबसे बड़ा सवाल ये है कि अगर जैन का कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आया तो फिर मुश्किल ज्यादा बढ़ जाएगी। जैन ने पिछले कुछ दिनों में गृह मंत्री अमित शाह समेत कई अधिकारियों और राजनेताओं के साथ बैठक की थी। ऐसे में इन सभी लोगों को क्वारंटीन में जाना होगा। हालांकि ये सब जैन के टेस्ट के नतीजे पर निर्भर है। दिल्ली में कोरोना से जंग, जैन के कंधे पर जिम्मेदारी दिल्ली में कोरोना से जंग की जिम्मेदारी जैन के कंधों पर थी। ऐसे में अरविंद केजरीवाल सरकार को इस मोर्चे पर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जैन देर रात तक मीटिंग में व्यस्त रहते थे। दिल्ली के अस्पतालों में कोरोना के इलाज की व्यवस्था देखने से लेकर टेस्ट के मामले तक जैन देख रहे थे। आने वाले दिनों में कोरोना के मामले बढ़ने की बात खुद सीएम केजरीवाल कह चुके हैं। ऐसे जैन दिल्ली में इस महामारी से निपटने के इंतजामों में लगे हुए थे। यानी उनकी बीमारी से राज्य सरकार के लिए मुश्किलें बढ़ सकती है। दिल्ली में कोरोना की तेज रफ्तार राजधानी दिल्ली में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। राज्य में अबतक कोरोना के 42, 829 मामले सामने आ चुके हैं। 16,427 लोग इस बीमारी से ठीक हो चुके हैं जबकि 1,400 लोगों को इस जानलेवा बीमारी ने लील लिया है। सीएम केजरीवाल ने कुछ दिन पहले कहा था कि राज्य में 31 जुलाई तक 5.32 लाख तक मामले सामने आ सकते हैं। शाह ऐक्टिव, बनाया ऐक्शन प्लान इस बीच दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्र सरकार हरकत में आ गई है। खुद गृह मंत्री अमित शाह ने कमान संभालते हुए दिल्ली के लिए बड़ा ऐक्शन प्लान तैयार किया है। दिल्ली सरकार भी केंद्र के साथ मिलकर इस महामारी से निपटने के लिए कदम से कदम मिलाने को तैयार है। केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था वह इस बीमारी से निपटने के लिए मिलकर काम करेंगे।
नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने कोविड बेड की संख्या में बढ़ोतरी को लेकर कई बड़े फैसले किए हैं। दिल्ली सरकार ने अगले एक हफ्ते में 15 से 20 हजार कोविड बेड तैयार करने की योजना बनाई है, जिसमें बैंक्विट हॉल, छोटे-बड़े होटलो और स्टेडियम में भी बेड तैयार किए जाएंगे। वहीं केंद्र ने भी दिल्ली सरकार को 500 रेल कोच देने का फैसला किया है, जिसमें करीब 8 हजार बेड का बंदोबस्त होगा। प्राइवेट सेक्टर में 70 फीसदी से ज्यादा कोविड बेड भर चुके हैं। दिल्ली सरकार ने रविवार को 10 से 49 बेड की क्षमता वाले नर्सिंग होम को कोविड नर्सिंग होम घोषित किया था और नर्सिंग होम में भी कोरोना मरीजों के इलाज का आदेश दिया था लेकिन रविवार की शाम को सरकार ने यह आदेश वापस ले लिया। दिल्ली सरकार ने नॉर्थ एमसीडी के अस्पताल बाड़ा हिंदू राव अस्पताल को कोविड अस्पताल घोषित कर दिया है। हेल्थ डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी की ओर से जारी आदेश जारी किया गया है और अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को निर्देश दिए गए हैं कि कोरोना मरीजों के इलाज की सभी व्यवस्था की जाए। अगले एक हफ्ते में 15 से 20000 अतिरिक्त बेड दिल्ली सरकार ने अगले एक हफ्ते में 20 हज़ार अतिरिक्त बेड की व्यवस्था करने की योजना फाइनल कर दी है। दिल्ली के 40 छोटे बड़े होटल में करीब 4 हज़ार कोविड बेड बनाए जाएंगे, इन्हें दिल्ली के निजी अस्पतालों के साथ अटैच किया जाएगा। इसके अलावा करीब 80 बैंक्वैट हॉल में 11 हज़ार कोविड बेड बनाए जाएंगे। दिल्ली सरकार के एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि दिल्ली के कुछ होटल में ये व्यवस्था शुरू हो गई है और निजी अस्पतालों के साथ अटैच कर वहां मरीजों का इलाज शुरू हो गया है। सभी जिलों के डीएम को अगले कुछ दिनों में इसे पूरा करने का निर्देश दिया गया है। केजरीवाल सरकार ने इन होटल और बैंक्वैट हॉल में इलाज के लिए दाखिल होने वाले मरीजों के लिए रेट भी तय किए है। प्राइवेट अस्पतालों में ज्यादा चार्ज वसूले जाने की शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। इसके अलावा दिल्ली में स्टेडियम में बेड तैयार करने के प्लान पर काम किया जा रहा है। प्रगति मैदान में 2500 बेड तैयार करने का प्लान है। इसके अलावा 2000 बेड तालकटोरा स्टेडियम में हो सकते हैं। प्राइवेट सेक्टर में भर चुके हैं 70 फीसदी से ज्यादा कोविड बेड प्राइवेट अस्पतालों और बड़े नर्सिंग होम्स में दाखिल होने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दिल्ली सरकार प्राइवेट सेक्टर में ज्यादा बेड बढ़ाने की योजना तैयार कर रही है। सरकार का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर में 70 फीसदी से ज्यादा कोविड बेड भर गए हैं और इसी को देखते हुए प्राइवेट अस्पतालों में ज्यादा से ज्यादा अतिरिक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है। दिल्ली में बड़ी संख्या में कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में इलाज करवा रहे हैं और होम आइसोलेशन में इलाज करवा रहे मरीजों की संख्या 20000 तक हो गई है। इसके अलावा दिल्ली के अस्पतालों में अभी करीब 4000 बेड खाली हैं लेकिन इनमें से ज्यादातर बेड सरकारी अस्पतालों में है। प्राइवेट अस्पतालों में काफी बेड भर चुके हैं। दिल्ली कोरोना ऐप पर अस्पतालों में बेड का रियल टाइम डेटा जारी किया जा रहा है। दिल्ली सरकार के अनुमान के मुताबिक 30 जून तक दिल्ली में 15 हजार से ज्यादा बेड की जरूरत पड़ सकती है। 15 जुलाई तक 33000 से ज्यादा बेड की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। इसी को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाने की अलग- अलग योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
नई दिल्ली, 14 जून 2020, दिल्ली में कोरोना से बिगड़ते हालात ने केंद्र और केजरीवाल सरकार की परेशानी बढ़ा दी है. राजधानी में कोरोना से निपटने के लिए सोमवार को गृहमंत्री अमित शाह ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है. ये बैठक सुबह 11 से शुरू होगी. इसमें दिल्ली के बीजेपी, आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और BSP के अध्यक्ष शामिल होंगे. दिल्ली में कोरोना से निपटने को लेकर गृहमंत्री ने रविवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ बैठक की. इसके बाद अमित शाह ने शाम 5 बजे नगर निगम के मेयर और अधिकारियों के साथ बैठक में कोरोना को लेकर चर्चा की. इस बैठक में उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन भी मौजूद रहे. वहीं, दिल्ली सरकार ने गृह मंत्री के साथ हुई बैठक को सकारात्मक बताया. सूत्रों ने बताया कि केंद्र के साथ सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. हालांकि दिल्ली में दोबारा लॉकडाउन पर कोई चर्चा नहीं हुई. दिल्ली और केंद्र सरकार मिलकर काम करते रहेंगे. अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, दिल्ली और केंद्र सरकार के बीच आज की बातचीत बहुत प्रोडक्टिव रही. कई अहम फैसले लिए गए. हम मिलकर कोरोना से लड़ेंगे. दिल्ली में कोरोना से संक्रमित मरीजों के लिए बेड की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने फौरन 500 रेलवे कोच दिल्ली को देने का निर्णय लिया. इन रेलवे कोच से न सिर्फ दिल्ली में 8000 बेड बढ़ेंगे बल्कि यह कोच कोरोना संक्रमण से लड़ने के लिए सभी सुविधाओं से लैस होंगे. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ गृह मंत्री अमित शाह की हुई मीटिंग में कई फैसले लिए गए. अमित शाह ने कहा कि कोरोना महामारी से भारत पूरी मजबूती से लड़ रहा है और इस संक्रमण से अपनी जान गंवाने वाले लोगों के लिए सरकार दुखी भी है और उनके परिजनों के प्रति संवेदनशील भी है. बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री के साथ मीटिंग में दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने केंद्र के सामने कई मांगें रखीं. दिल्ली सरकार चाहती है कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना के लिए क्षमता बढ़ाई जाए. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी अस्पतालों में कोविड मरीजों का इलाज होना चाहिए.
नई दिल्ली मार्च में पहला केस आने के बाद से करीब साढ़े तीन महीने में दिल्ली में कोरोना के केस 38 हजार के पार पहुंच गए हैं। कोरोना के खिलाफ मुश्किल जंग में दिल्ली को केंद्र का साथ मिला है। रविवार को गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल से मीटिंग की। आज की बैठक में दिल्ली में कोरोना के खिलाफ युद्ध स्तर की तैयारी का फैसला किया गया। केंद्र ने राज्य सरकार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। कोरोना के केस जैसे-जैसे बढ़ रहे हैं वैसे-वैसे अरविंद केजरीवाल सरकार पर महामारी से ठीक ने नहीं निपट पाने के आरोप लग रहे हैं। महाराष्ट्र (1 लाख से ऊपर केस) के बाद राजधानी दिल्ली की ही हालत सबसे ज्यादा खराब है। मीटिंग में दिल्ली सरकार को केंद्र की तरफ से कई भरोसे मिले हैं। मीटिंग के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा भी कि अब दिल्ली कोरोना की जंग केंद्र के साथ मिलकर लड़ेगी। इससे पहले तक कोरोना काल में केंद्र सरकार और राज्य सरकार कई मुद्दों पर आमने सामने आई। दिल्ली सरकार चाहती थी कि दिल्ली में सिर्फ दिल्लीवालों का इलाज हो, लेकिन उपराज्यपाल अनिल बैजल ने उनका फैसला पलट दिया। इससे पहले दिल्ली सरकार ने कहा था कि केंद्र सरकार की तरफ से उन्हें कोई फंड नहीं मिला है जबकि टैस्ट सबसे ज्यादा दिल्ली देती है। तब डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा केंद्र से 5 हजार करोड़ की मदद मांगी थी। इससे पहले दिल्ली सरकार ने केंद्र के हॉस्पिटल राम मनोहर लोहिया पर कोरोना की गलत और देरी से रिपोर्ट देने तक के आरोप लगाए थे। केंद्र की तरफ से दिल्ली को मिले क्या भरोसे दिल्ली में कोरोना टेस्टिंग के रेट तय किए जाएंगे 2 दिन में दोगुनी टेस्टिंग, 6 दिन बाद तीन गुना टेस्टिंग प्राइवेट हॉस्पिटल में 60 प्रतिशत बेड सरकार लेगी 500 रेलवे कोच दिल्ली को दिए जाएंगे, इसमें कोरोना के इलाज की सुविधा होगी कंटेनमेंट जोन के हर पोलिंग बूथ पर कोरोना टेस्टिंग होगी
बॉलिवुड अभिनेता रवि चोपड़ा का शुक्रवार रात निधन हो गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें कैसर था। परिवार उनके इलाज का खर्चा नहीं उठा पा रहा था, वह मुश्किल हालात में जी रहे थे। रवि को 1972 में आई फिल्म 'मोम की गुड़िया' में अपने रोल के लिए उन्हें याद किया जाता है। वह रतन नाम से भी जाने जाते थे। खाने के लिए थे गुरुद्वारे के भरोसे बॉलिवुड से इस साल एक के बाद एक बुरी खबरें आ रही हैं। इरफान खान, ऋषि कपूर और वाजिद खान जैसे सितारों को खोने के बाद ऐक्टर रवि चोपड़ा के निधन की खबर आई है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब थी। खाने के लिए उन्हें गुरुद्वारे या मंदिर के प्रसाद के भरोसे रहना पड़ रहा था। ऐक्टर्स से मांगी थी इलाज में मदद वह लंबे वक्त से पंचकूला में किराए के घर पर रह रहे थे। उनके पास इलाज के भी पैसे नहीं थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक वह अक्षय कुमार, सोनू सूद और धर्मेंद्र से मदद की गुहार लगा चुके थे। उन्होंने लड़खड़ाती जुबान से ऐक्टर्स से हेल्प मांगी थी और कहा था, अगर मेरा शरीर साथ देता तो मैं नौकरी कर लेता लेकिन मैं रोटी के लिए भी लंगर पर निर्भर हू। घरवालों की वजह से नहीं कीं फिल्में रवि चोपड़ा का असली नाम अब्दुल जफ्फार खान था। उन्होंने 'मोम की गुड़िया' में तनुजा के साथ काम किया था। इस फिल्म के बाद उन्हें कई फिल्में ऑफर हुईं लेकिन उनकी घरवालों को यह काम पसंद नहीं थी। इसके चलते उन्होंने ऐक्टिंग छोड़ दी थी।
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे हैं। लोगों को इलाज के लिए इधर-उधर से भटकना पड़ रहा है। कोरोना मरीजों की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी से दिल्ली सरकार हैरना और परेशान हो गई है। केजरीवाल सरकार को विपक्षी दलों ने घेरना शुरू कर दिया हहै। पूर्व किक्रेटर व पूर्वी दिल्ली से बीजेपी के सांसद गौतम गंभीर ने एक चैनल में दिए इंटरव्यू में कहा है कि दिल्ली में एमपी और एमएलए को अस्पताल में बेड मिल जाएगा। मगर आम लोगों को इलाज के लिए इधर से उधर भटकना पड़ेगा, उन्होंने कहा है कि दिल्ली सरकारी की ओर से कोरोना के मरीजों के लिए अस्पतालों में 30 हजार बेड की जानकारी दी गई थी, लेकिन हकीकत में 30 हजार बेड कहां है ये किसी को नहीं पता है। गौतम ने कहा कि मेरी नजर में दो हॉस्पिटल हैं। जिन्हें दिल्ली सरकार ही कोविड-19 में कन्वर्ट कर सकती है। फिर देरी क्यों हो रही है। अगर ये हो जाता है तो गरीब आराम से इलाज करवा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जहां एक ओर कोरोना बढ़ रहा है, वहीं इसकी टेस्टिंग लगातार कम हो रही है। एक ओर बढ़ रहा है तो टेस्टिंग कम हो रही है... राजनीति भी हो रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है आपने चुनाव लड़ा था एजुकेशन और हॉस्पिटल सुविधा पर, 3 महीने नहीं हुए पूरी व्यवस्था कोलैप्स कर गई मेरे संसदीय क्षेत्र में दो हॉस्पिटल हैं, जिन्हें दिल्ली सरकार ही कोविड-19 में कन्वर्ट कर सकती है आप बात कर रहे थे हेल्थ इन्फ्रास्टक्चर की, सुविधा की... और आपने मोहल्ला क्लिनिक बनाया, जिसकी कोई बात नहीं करता है एक वर्ष में कम से कम एक हॉस्पिटल तो आप बना ही सकते हैं इंट्रो लिखो और इसे लगाकर छाप दो फिर बढ़ाते रहना ट्रांसपरेंसी रखना नहीं चाहते हैं कोई कुछ पूछेगा तो आप बोलेंगे नहीं.. मुझसे पूछिए मैंने क्या किया है 3 महीने में मैं बताऊंगा दिल्ली से कहीं बड़ा प्रदेश है पंजाब और केरल, वहां पर सरकारें मोर्चा संभाले हुए हैं आप दिल्ली के सीएम हैं दो से ढाई करोड़ जनता की जिम्मेदारी आपकी है कम से कम सच बोलिए सच्ची नियत से आगे आइए हम मिलकर काम करेंगे एमपी एमएलए को बेड मिल जाएगा, आम आदमी को भटना पड़ेगा चुनावों में सबकुछ फ्री बांट दिया तो अब कहां से फंड आएगा आपने दिल्ली की जनता को मरने के लिए छोड़ दिया जो दुर्भाग्यपूर्ण है
नई दिल्ली दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल पर कोरोना उपचार के दौरान लापरवाही के कई आरोप लगे हैं। इस पर दिल्ली सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अब तक इस अस्पताल से 2100 से ज्यादा कोरोना मरीज स्वस्थ्य होकर अपने घर जा चुके हैं। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कहा, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) एक स्वतंत्र संस्था है। एनएचआरसी की टीम ने गुरुवार को एनएलजेपी अस्पताल का दौरा भी किया था। टीम अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए की गई व्यवस्थाओं को लेकर संतुष्ट दिखी थी। हम सुप्रीम कोर्ट को इस रिपोर्ट के बारे में अवगत कराएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने कहा, यह एक असाधारण स्थिति है और दिल्ली सरकार पहले दिन से ही बेहतर बुनियादी ढांचा स्थापित करने और सभी कोविड-19 रोगियों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की पूरी कोशिश कर रही है। हमारे अस्पतालों के सारे फ्रंटलाइन वकर्स, यानी डॉक्टर्स और नर्सिग स्टाफ, लोगों की सेवा के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। मरीजों की सेवा के प्रति समर्पित अस्पताल में तैनात कई डॉक्टर पिछले 2 महीने से अपने घर भी नहीं गए हैं। एलएनजेपी अस्पताल दिल्ली में कोविड-19 का सबसे बड़ा अस्पताल है। मरीजों के इलाज के लिए वर्तमान में इस अस्पताल में 2 हजार बेड्स कोविड समर्पित किया गया है। केंद्र सरकार के अस्पतालों और दिल्ली के दूसरे अस्पतालों में इलाज कराने आ रहे कोविड मरीजों को भी जरूरत पड़ने पर एलएनजेपी अस्पताल में रेफर किया जाता है। दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियों के विषय में कहा, हम सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणियों को अत्यंत सम्मान के साथ और पूरी ईमानदारी के साथ स्वीकार करते हैं। दिल्ली सरकार सभी के लिए स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने और कोविड-19 रोगियों को हर संभव इलाज सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है। इसके बावजूद भी अगर अस्पताल में कोई भी कमी हमारे सामने आती है, तो हम उन पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना वायरस से स्थिति बदहाल हो चुकी है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार पर सख्त टिप्पणी करते हुए जवाब तलब किया है। सुप्रीम कोर्ट के स्वत: संज्ञान लेने के बाद अब भारतीय जनता पार्टी भी हमलावर हो चुकी है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने दिल्ली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली के अस्पतालों का बुरा हाल है, मरीजों के साथ जानवरों जैसा बर्ताव हो रहा है। बीजेपी का हमला संबित पात्रा ने कहा, ' ये वक्त राजनीति करने का नहीं बल्कि हर किसी को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए दिल्ली के हालात सुधारने का है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों के हालात इतने बुरे हैं कि वहां लाशों के ढेर पर लोगों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के सवाल को लेते हुए कहा, 'मीडिया रिपोर्ट्स ने दिल्ली के सरकारी अस्पतालों की पोल खोलकर रख दी है। कोरोना से जान गंवाने वाले लोगों की लाशें गटर पर मिल रही हैं। मनोज तिवारी ने साधा निशाना दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष मनोज तिवारी ने भी सरकार पर हमला बोला है। मनोज तिवारी ने ट्वीट करते हुए लिखा है, 'अस्पतालों की दुर्दशा देख अब दिल्ली सरकार को याद आई है कि कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन का इंतजाम होना चाहिए। ग़ैरज़िम्मेदार अरविंद केजरीवाल सरकार अब ख़रीदने के लिए आर्डर जारी कर रही है। COVID19 से लड़ने की जगह सोती रही AAP सरकार , जनता की ज़िंदगी ख़तरे में डाल दी है। टेस्टिंग को लेकर पात्रा का सवाल पात्रा ने टेस्टिंग को लेकर भी सरकार को घेरा। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार से सवाल किया था कि अन्य प्रदेशों की अपेक्षा दिल्ली में टेस्टिंग क्यों कम की जा रही है। इसी बात पर पात्रा ने कहा कि दिल्ली में पांच हजार से भी कम टेस्टिंग हर रोज की जा रही हैं जबकि बाकी प्रदेशों में हर दिन 10 से 15 हजार टेस्टिंग हो रही हैं। पात्रा ने कहा कि इस वक्त दिल्ली के हालात नाजुक हैं और सरकार को राजनीति छोड़कर व्यवस्थाओ पर ध्यान देना चाहिए। सख्त हुआ सुप्रीम कोर्ट दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आज दिल्ली सरकार से सख्त टिप्पणी की हैं। कोर्ट ने कोरोना मामले पर स्वत संज्ञान लेते हुए दिल्ली सरकार को जवाब तलब किया है। कोरोना मरीजों की मौत के बाद उनके शव के रखरखाव के तरीके पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार पर सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि दिल्ली में और उनके अस्पतालों में बहुत बुरा हाल है। होम मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस का अनुपालन नहीं हो रहा है। अस्पताल डेड बॉडी का सही तरह से रखरखाव और निपटारा नहीं कर रही है। दिल्ली की स्थिति भयावह डरावनी- SC सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार जिस तरह से मरीजनों का अस्पतालों में इलाज कर रही है और जिस तरह से डेड बॉडी के साथ व्यवहार हो रहा है उस पर फटकार लगाते हुए कहा है कि दिल्ली में जो स्थिति है वह भयानक व डरावनी है। अदालत ने दिल्ली सरकार के वकील से कहा कि अस्पतालों में हर जगह बॉडी फैली हुई है और लोगों का वहां इलाज चल रहा है। अदालत ने कहा कि दिल्ली में 2000 बेड खाली हैं लेकिन मरीजों को देखने वाला कोई नहीं है। अदालत ने उन विडियो का जिक्र किया जिसमें मरीज रो रहे हैं और कोई उन्हें देखने वाला नहीं है। अदालत ने कहा कि ये बहुत ही दुखदाई स्थिति है। अदालत ने कहा कि ये सवाल है कि दिल्ली सरकार कोरोना टेस्ट को कम कर रही है। अदालत ने कहा कि क्या सरकार बनावटी फिगर चाहती है। कैसे टेस्ट को कम किया गया? राज्य की ड्यूटी है कि वह टेस्टिंग को बढ़ाए।
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं और सुप्रीम कोर्ट ने भी राजधानी के हालात पर चिंता जताई है। इसके मद्देनजर दिल्ली के उप राज्यपाल अनिल बैजल ने शहर में कोरोना से निपटने के लिए आज एक उच्च स्तरीय समिति गठित की। इसमें भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक बलराम भार्गव को भी शामिल किया गया है। यह समिति कोरोना से कारगर तरीके से निपटने के लिए सुझाव देगी। ें बैजल दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अध्यक्ष हैं। सूत्रों के मुताबिक छह सदस्यीय समिति में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के दो सदस्य और एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया भी शामिल हैं। केजरीवाल की शाह से मुलाकात दो दिन पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी और दोनों नेताओं ने दिल्ली में कोविड-19 की स्थिति पर व्यावक चर्चा की थी। दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 34,867 पहुंच चुकी है। गुरुवार को राजधानी में रेकॉर्ड 1877 नए मामले सामने आए। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन का कहना है कि यह जंग जैसे हालात हैं और दिल्ली सरकार कोरोना मरीजों के इलाज के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। सूत्र ने कहा कि उच्च स्तरीय समिति डीडीएमए को कोविड-19 से निपटने के लिए सुझाव देगी। इनमें विभिन्न एजेंसियों द्वारा उठाए जा रहे कदमों के बीच तालमेल के सुझाव भी शामिल हैं। इससे कोरोना संकट से निपटने के लिए एक व्यावहारिक रणनीति बनाने में मदद मिलेगी। केजरीवाल ने हाल ही दावा किया था कि अगर अन्य राज्यों के लोग इलाज के लिए दिल्ली आए तो दिल्ली को 31 जुलाई तक 1.5 लाख बेड्स की जरूरत होगी। स्टेडियमों को कोविड-19 फैसलिटी में बदलने का सुझाव उपराज्यपाल द्वारा गठित एक अन्य पैनल ने दिल्ली में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रगति मैदान, तालकटोरा इंडोर स्टेडियम, इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम और जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में अस्थाई कोविड-19 फैसलिटी बनाने का सुझाव दिया है। समिति ने साथ ही त्यागराज स्टेडियम और ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम को भी इसके लिए इस्तेमाल करने की सिफारिश की है। दिल्ली में हर रोज हजार की तादाद में कोरोना पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं। इतना ही नहीं दिल्ली मे स्वास्थ्य सेवाओं के भी हालात ठीक नहीं है। इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को जमकर लताड़ लगाई है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि चेन्नई और मुंबई की तुलना में दिल्ली में जांच क्यों कम की जा रही है। दिल्ली सरकार को फटकार कोरोना मरीजों की मौत के बाद उनके शव के रखरखाव के तरीके पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार पर सख्त टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि दिल्ली में और उनके अस्पतालों में बहुत बुरा हाल है। होम मिनिस्ट्री की गाइडलाइंस का अनुपालन नहीं हो रहा है। अस्पताल डेड बॉडी का सही तरह से रखरखाव और निपटारा नहीं कर रही है।
नई दिल्ली देश में कोरोना वायरस के मामले अब तेजी से बढ़ रहे हैं और हाल फिलहाल इसमें कमी आने की संभावना नहीं है। भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या 3 लाख के करीब पहुंच चुकी है और आने वाले दिनों में इसके और विकराल होने की आशंका है। विशेषज्ञों के मुताबिक जुलाई के मध्य में या अगस्त की शुरुआत में देश में देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या चरम पर पहुंच सकती है। अभी से देश में कई राज्य सरकारों की स्वास्थ्य व्यवस्था का दम फूलने लगा है। जब देश में कोरोना के मामले पीक पर होंगे तो क्या स्थिति होगी। दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के वाइस चैयरमैन डॉ. एसपी बायोत्रा के मुताबिक कोरोना की कर्व हाल-फिलहाल फ्लैट होती नहीं दिख रही है। उन्होंने कहा, ‘जुलाई के मध्य में या अगस्त में देश में कोरोना के मामले पीक पर पहुंच सकते हैं। मुझे नहीं लगता है कि अगले साल की पहली तिमाही से पहले वैक्सीन आएगी।’ रोज करीब 10 हजार मामले देश में अब रोजाना कोरोना के करीब 10 हजार नए मामले आ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक आज सुबह 8 बजे तक देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 10956 नए मामले सामने आए। देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 297535 पहुंच चुकी है। अच्छी बात यह है कि इनमें से 147195 लोग इस महामारी से उबर चुके हैं। कोरोना से देश में 8498 लोगों की मौत हो चुकी है। भारत कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित देशों की सूची में अब अमेरिका, ब्राजील और रूस के बाद चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। विकराल हो सकती है स्थिति अगर देश में कोरोना के मामले इसी रफ्तार से बढ़े तो भयावह स्थिति हो सकती है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि 31 जुलाई तक शहर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 5.5 लाख तक पहुंच सकती है। सोचिए अगर दिल्ली में ही इतने मरीज होंगे तो देश का क्या स्थिति होगी। अभी दिल्ली देश में कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों की सूची में तीसरे स्थान पर है। दिल्ली में कोरोना संक्रमितों की संख्या 34687 है जिनमें से 1085 की मौत हो चुकी है। राजधानी में 12731 लोग कोरोना से उबर चुके हैं। चरमराने लगी है स्वास्थ्य व्यवस्था इतने ही मामलों में दिल्ली सरकार के हाथपैर फूलने लगे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आज कहा कि दिल्ली में कोरोना मरीजों की हालत जानवरों से भी बदतर है। लेकिन इसके पीछे की डरावनी जमीनी हकीकत दिल्लीवाले पिछले कई दिनों से देख रहे हैं। हॉस्पिटलों में बेड नहीं है, मरीज जहां-तहां पड़े हैं। कोई कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट्स पर सवाल उठा रहा है, कोई हॉस्पिटल पर राजनीति करने का आरोप लगा रहा है तो कहीं मौत के आंकड़े पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। इस बीच आम दिल्लीवाला परेशान है कि आखिर वो कहां जाए। सवाल यह है कि जब कोरोना के मामले पीक पर होंगे तो मरीजों की क्या स्थिति होगी।
नई दिल्ली, 11 जून 2020,देश की राजधानी में अस्पतालों में उपलब्ध बेड्स और दिल्ली सरकार के कोरोना ऐप में दिखाई गई बेड्स की संख्या में बड़ा गैप दिखाने के बाद इंडिया टुडे ने और गहराई से जाकर जांच की तो पाया कि प्राइवेट अस्पताल जो कोविड इलाज के लिए निर्धारित किए गए हैं, वहां महामारी से निपटने के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर ही मौजूद नहीं हैं. इंडिया टुडे की स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (SIT) ने जिन प्राइवेट अस्पतालों की जांच की वहां न आइसोलेशन वार्ड दिखे, न बेड, न उपकरण, यहां तक कि कोरोना वायरस के मरीजों के इलाज के लिए स्टाफ भी तैयार नजर नहीं आया. न बेड, न वार्ड दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव में धर्मशाला नारायणा अस्पताल की मैनेजर ममता से SIT के एक अंडरकवर रिपोर्टर ने कोविड मरीज के तीमारदार के तौर पर बात की. ममता- ‘हमारे पास बेड्स नहीं है. सर.’ रिपोर्टर- ‘लेकिन ये (ऐप) 30 दिखा रहा है, मैडम.’ ममता- ‘सर, ऐप में 30 दिख रहे हैं, लेकिन हमारे पास बेड्स तैयार नहीं हैं. हमने सरकार को सूचित किया है कि हमारे पास बेड्स नहीं हैं. हमारे पास वार्ड्स नहीं हैं. हमारे पास सिर्फ 10 बेड्स और 11 मरीज हैं.’ ममता ने कबूल किया- ‘पहली बात बेड्स ही नहीं हैं. उन्होंने फिर भी गिनती दिखा दी. अनुपात (कोरोना वायरस मरीजों के बेड्स का) तभी उपलब्ध कराया जा सकता है अगर वो फिजीकली उपलब्ध हों.’ इलाज को तैयार नहीं स्टाफ पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार में जीवन अनमोल अस्पताल की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. नीरा सोढ़ी ने कबूल किया कि उनका स्टाफ कोविड मरीजों को अस्पताल में लेने के लिए तैयार नहीं है. रिपोर्टर: ‘क्या आप एडमिशन ले रही हैं?’ डॉ. सोढ़ी- ‘फिलहाल नहीं, मेरे पास स्टाफ नहीं है.’ डॉ. सोढ़ी ने साफ किया कि ‘एडमिशन तभी हो सकते हैं जब आपके पास स्टाफ हो, हमारे पास अभी तक स्टाफ नहीं है.’ डॉ. सोढ़ी ने कहा, ‘सरकार ने हमसे ऐसा करने के लिए कहा. हम सहमत हो गए. हमने जगह उपलब्ध कराई. लेकिन मेरा स्टाफ मना कर रहा है. अगर उनसे कहा जाए तो वो जॉब छोड़ देंगे. मैं क्या कर सकती हूं.’ क्रिटिकल केयर इक्विपमेंट मौजूद नहीं दिल्ली के यमुना विहार में पंचशील अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. रियाज ने माना कि उनके यहां वेंटिलेटर्स नहीं हैं, जिनकी गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ सकती है. डॉ रियाज- ‘सर, हम कोविड मरीज नहीं भर्ती कर रहे. उन्हें वेंटिलेटर्स की जरूरत होगी लेकिन हमारे पास वेटिलेटर्स की सुविधा नहीं है.’ ऐप पर बेतरतीब लिस्टिंग दिल्ली के सबसे पुराने प्राइवेट अस्पताल ‘सेंट स्टीफंस’ में रजिस्ट्रेशन की ड्यूटी संभाल रहे शख्स ने कबूल किया कि अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है. रिपोर्टर- ‘दिल्ली सरकार का ऐप दिखा रहा है कि यह (सेंट स्टीफंस) भरा हुआ नहीं है.’ अस्पताल स्टाफ- ‘अगर पैसा आता है तो हम क्यों मना करेंगे? लेकिन आप एक हफ्ते में बेड तैयार नहीं कर सकते. इतने बेड उनके (थोड़े) टाइम फ्रेम में नहीं बन सकते. चीजों को अलग करना होगा. सब कुछ अलग करना होगा. उन्होंने सिर्फ़ क्षमता का जिक्र किया है जो हम बना सकते हैं.’ पिछले हफ्ते इंडिया टुडे ने प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों के रियलिटी चेक में दिखाया था कि मरीजों को बेड के लिए मना किया जा रहा है जबकि दिल्ली सरकार का कोरोना ऐप कुछ और दिखा रहा था. सोशल मीडिया पर भी कई यूजर्स ने आरोप लगाए कि उन्हें अस्पताल पहुंचने पर एडमिशन नहीं दिया गया. रिपोर्ट दिखाए जाने के बाद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि कुछ अस्पताल ‘गड़बड़ कर रहे’ हैं और अगर एक भी मरीज को भर्ती किए बिना लौटाया गया तो उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री ने शनिवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा था, ‘हम ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे. वो मरीजों को मना नहीं कर सकते. जो माफिया इसमें शामिल है उसे ब्रेक करने में कुछ वक्त लगेगा. इन थोड़े अस्पतालों के राजनीतिक कनेक्शन हैं लेकिन वो किसी भ्रम में न रहें कि उनके राजनीतिक आका उन्हें बचा लेंगे.’
नई दिल्ली, 11 जून 2020,देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना का विस्फोट जारी है. पिछले 24 घंटे में दिल्ली में कोरोना के 1877 नए मामले सामने आए हैं. ये अब तक का सबसे बड़ा उछाल है. इस दौरान 65 लोगों की मौत भी हुई है. इसके साथ ही दिल्ली में कोरोना से मौत का रिकॉर्ड भी टूट गया. दिल्ली में कोरोना से एक दिन में ये सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं. दिल्ली में मौत का आंकड़ा 1000 के पार हो गया है. राजधानी में कोरोना से अब तक 1085 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं, संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 34687 हो गई है. दिल्ली में कोरोना के 20871 एक्टिव केस हैं. इससे पहले बुधवार को दिल्ली में कोरोना के कुल 1366 नए मामले सामने आए थे और 7 लोगों की मौत हुई थी. वहीं, देश में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. देश में कोरोना के मरीजों का आंकड़ा 2 लाख 86 हजार को पार कर गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल मरीजों की संख्या 2 लाख 86 हजार 579 है, जिसमें 8 हजार 102 लोगों की मौत हो चुकी है. दिल्ली और मुंबई में कोरोना संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है. उधर, दिल्ली में मौतों को लेकर भी सियासत तेज हो गई है. साउथ एमसीडी के चेयरमैन भूपेंद्र गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली में मौतें इतनी ज्यादा हो रही हैं कि हमारे श्मशानघाट फुल हो गए हैं. इसलिए हमने दो और श्मशानघाट तैयार किए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली में 2000 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं.
नई दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को कोविड-19 बीमारी नहीं हुई है। उनका कोरोना टेस्ट निगेटिव आया है। उन्होंने मंगलवार सुबह अपना कोरोना टेस्ट के लिए अपना सैंपल दिया था। अब सैंपल की जांच रिपोर्ट आ चुकी है। एक अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। केजरीवाल कोविड-19 महामारी के कुछ लक्षण आने के बाद रविवार से ही आइसोलेशन में थे। सिसोदिया ने दी थी जानकारी उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत ठीक नहीं है। उन्हें बुखार है और गले में खरास है, इसीलिए मुख्यमंत्री ने खुद को आइसोलेट कर लिया। वह कोई बैठक भी नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं को पहले ही सभी सरकारी कार्यक्रमों एवं बैठकों से अलग कर चुके हैं। सोमवार को उन्होंने किसी अधिकारी से मुलाकात नहीं की। मुख्यमंत्री ने स्वयं को अपने आवास के अंदर आइसोलेशन में रखा था। सीएम की गैर-मौजूदगी में हुई अहम बैठक मंगलवार को मुख्यमंत्री की गैर-मौजूदगी में ही स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट की एक अहम बैठक हुई। उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि केंद्र के अधिकारियों ने यह जानकारी दी है कि दिल्ली में सामुदायिक संक्रमण नहीं हुआ है। वहीं ऐसा आकलन है कि 31 जुलाई तक संक्रमण के मामले बढ़कर 5.5 लाख तक पहुंच सकते हैं। बुखार के बाद सारे कार्यक्रम रद्द दिल्ली सरकार के अधिकारियों के मुताबिक इससे पहले रविवार सुबह मुख्यमंत्री ने एक कैबिनेट मीटिंग की थी। इस बैठक में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन सहित कई मंत्रियों ने हिस्सा लिया था। बैठक में मुख्य सचिव विजय देव भी मौजूद थे। हालांकि बुखार आने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए। दिल्ली में तेजी से बढ़ रहे मामले बहरहाल, दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव लोगों की कुल संख्या 29,943 हो गई। इनमें से 11,357 कोरोना रोगी अभी तक स्वस्थ हो चुके हैं। 17,712 एक्टिव कोरोना रोगी अभी भी दिल्ली में अपना उपचार करा रहे हैं। वहीं अभी तक कोरोना से दिल्ली से दिल्ली में 874 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
नई दिल्ली, 09 जून 2020,देश की राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ते कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच एक बयान ने हलचल तेज़ कर दी है. मंगलवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने ऐलान किया कि दिल्ली में अब कम्युनिटी स्प्रेड जैसी स्थिति है, इस बात को एम्स के डायरेक्टर ने मान लिया है. लेकिन केंद्र सरकार इसका ऐलान करेगी. अब इस बयान के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं, क्या दिल्ली में कोरोना की स्थिति बेकाबू हो गई है. और ये कम्युनिटी स्प्रेड क्या है, क्योंकि अगर स्थिति बिगड़ी तो एक बार फिर लॉकडाउन जैसी स्थिति सामने आ सकती है. क्या होता है कम्युनिटी स्प्रेड? - किसी भी बीमारी या महामारी का कम्युनिटी स्प्रेड यानी कम्युनिटी ट्रांसमिशन तब होता है, जब किसी संक्रमित व्यक्ति के सोर्स का कोई आधार ना हो. - यानी आप किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में नहीं आए हैं जिसे कोरोना वायरस था, लेकिन इसके बावजूद आप भी इससे पीड़ित हो गए हैं. - जब किसी इलाके में अधिक संख्या में मामले आ जाएं और लगातार ये संख्या फैलती जाए तो उसे कम्युनिटी ट्रांसमिशन कह सकते हैं. - उदाहरण के तौर पर अभी आधिकारिक तौर पर अमेरिका में कोरोना वायरस का कम्युनिटी स्प्रेड है, क्योंकि वहां बीस लाख से अधिक मामले आ चुके हैं जिसमें से अधिकतर में कोई लक्षण ही नहीं है. - ऐसे मामले में किसी व्यक्ति को पता भी नहीं चलता है कि वो कोरोना वायरस से पीड़ित हो गया है, लेकिन टेस्टिंग सच उजागर करती है. - विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, ये कोरोना वायरस की तीसरी स्टेज है. यानी पहली स्टेज जब कोई संक्रमित व्यक्ति आपके क्षेत्र में आता है. दूसरी स्टेज उस संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए लोग कोरोना वायरस से पीड़ित हो जाएं. और तीसरी स्टेज तब जब किसी भी सोर्स के बिना कोई भी व्यक्ति संक्रमित हो जाए. मंगलवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने माना है कि दिल्ली में ऐसे कई मामले हैं, जिनका कोई सोर्स नहीं है यानी वो कोरोना पीड़ित कैसे हुए ये पता ही नहीं चल रहा है. ऐसे में दिल्ली में कम्युनिटी स्प्रेड का डर बताया जा रहा है. क्या फिर लौटेगी लॉकडाउन की सख्ती? दिल्ली सरकार का कहना है कि कम्युनिटी स्प्रेड पर फैसला केंद्र सरकार ही कर सकती है. लेकिन अगर केंद्र ऐसा ऐलान करती है तो क्या होगा. एक्सपर्ट्स का कहना है फिर एक बार फिर सख्ती से लॉकडाउन लगाना होगा, क्योंकि आप इसे अधिक फैलाना नहीं चाहेंगे. ऐसी स्थिति में तेजी से दोगुनी या उससे भी अधिक संख्या में टेस्टिंग को बढ़ाना होगा, ताकि कोरोना संक्रमित व्यक्ति की पहचान की जा सके और तुरंत इलाज किया जाए. दिल्ली के स्वास्थ्य सिस्टम को लेकर जैसे सवाल खड़े हो रहे हैं, ऐसे में इस तरह की स्थिति दिल्ली के लिए भयावह हो सकती है.
नई दिल्ली, 09 जून 2020, दिल्ली में एक तरफ कोरोना की स्थिति हाथ से निकलती नजर आ रही है तो दूसरी तरफ दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच तकरार पैदा हो गई है. दिल्ली में बढ़ते कोरोना मरीजों के मद्देनजर अरविंद केजरीवाल सरकार ने अस्पतालों को दिल्लवासियों के लिये रिजर्व रखने का फैसला लिया था, लेकिन उपराज्यपाल ने इस फैसले को पलट दिया है. इस पूरे घटनाक्रम के बीच कोरोना के कम्युनिटी स्प्रेड की गुगली फेंक दी गई है. दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि दिल्ली में स्प्रेड बहुत बढ़ रहा है, ऐसे में अगर बाहर के लोग भी यहां आने लगेंगे तो व्यवस्था करना मुश्किल हो जायेगा. उन्होंने इस स्प्रेड को कम्युनिटी स्प्रेड बताने के लिये एम्स डायरेक्टर के बयान का हवाला दिया. एलजी के साथ मीटिंग में भी उठा मुद्दा इन तमाम मसलों पर मंगलवार को उपराज्यपाल के साथ दिल्ली सरकार की बैठक भी हुई है. अरविंद केजरीवाल के आइसोलेशन में होने चलते डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बैठक में शिरकत की. मनीष सिसोदिया ने बैठक में कहा कि अगले कुछ दिन में अगर केस ज्यादा आने लगे और बाहर से भी लोग आने लगे तो बेड कहां से आयेंगे. सिसोदिया ने बताया कि हमने मीटिंग में एलजी साहब से आदेश पर पुनर्विचार करने के लिये कहा है. वहीं, कम्युनिटी स्प्रेड का मुद्दा भी बैठक में उठा. मनीष सिसोदिया ने बताया कि भारत सरकार के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में अभी कम्युनिटी स्प्रेड नहीं है, इसलिये उस पर चर्चा की जरूरत नहीं है. हालांकि, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री इसे टेक्निकलिटी का नाम देकर अब भी स्प्रेड पर फोकस कर रहे हैं. मनीष सिसोदिया के साथ मौजूद सत्येंद्र जैन ने कहा, 'हम कह सकते हैं कि स्प्रेड है और कोरोना केस बढ़ रहे हैं, लेकिन इसे कम्युनिटी स्प्रेड कहना है या नहीं इस पर केंद्र सरकार को फैसला लेना है.' सत्येंद्र जैन ने एम्स डायरेक्टर के बयान भी हवाला दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि अगर लोग सब जगह से आने लगेंगे तो हमें इंतजाम करने में दिक्कत आएगी. यानी दिल्ली सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि हमने खतरे को देखते हुये दिल्लीवालों के लिये अस्पताल रिजर्व रखे थे ताकि लेकिन एलजी ने ये फैसला बदल दिया है. साथ ही टेक्निकलिटी का जिक्र करते हुये दिल्ली सरकार ने व्यापक स्प्रेड की बात भी बोल दी है. यानी दिल्ली सरकार का कहना ये है कि जब कोरोना इतने पैमाने पर बढ़ रहा है और दिल्ली में ज्यादा खतरा है, फिर अस्पतालों को रिजर्व न रखने का फैसला सही नहीं है और जब मरीज ज्यादा संख्या में आ जायेंगे तो इंतजाम कैसे होगा. मनीष सिसोदिया ने साफ कहा है कि एलजी के फैसले से दिल्लीवालों के सामने संकट खड़ा हो गया है. जिस रफ्तार से संक्रमण बढ़ रहा है, उससे लगता है कि 30 जून तक 15 हजार बेड की जरूरत होगी और 31 जुलाई तक 80 हजार बेड की जरूरत होगी. 31 जुलाई तक 5 लाख से अधिक केस हो सकते हैं. अभी दिल्ली सरकार के मुताबिक, साढ़े आठ से नौ हजार बेड उपलब्ध हैं और अगले 15 दिन में 15 से 17 हजार बेड की व्यवस्था होने का टारगेट सरकार का है. लेकिन जितनी तेजी से कोरोना के बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, वैसे में बेड को लेकर बवाल हो सकता है.
नई दिल्ली, 09 जून 2020, कोरोना काल में दिल्ली की 'बेड' व्यवस्था ने सियासी पारा चढ़ा दिया है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में सिर्फ दिल्लीवालों के इलाज का फरमान जारी किया तो 24 घंटे के अंदर ही उपराज्यपाल ने आदेश पलट दिया. अब हालात ये हैं कि दिल्ली में बढ़ते कोरोना के बीच लड़ाई सरकार बनाम उपराज्यपाल की हो गई है. उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन की हैसियत से सीएम के फैसले पर वीटो लगाया है. नए आदेश के मुताबिक दिल्ली के अस्पतालों में सभी लोगों का इलाज होगा यानी बाहर से आने वाले भी जगह खाली होने पर दिल्ली के सरकारी अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे. इधर उपराज्यपाल ने फैसला बदला उधर दिल्ली सरकार खफा हुई. सीएम केजरीवाल ने तुरंत ट्वीट कर इसे दिल्ली वालों के लिए नई मुसीबत बता दिया. केजरीवाल ने लिखा, ''एलजी साहब के आदेश ने दिल्ली के लोगों के लिए बहुत बड़ी समस्या और चुनौती पैदा कर दी है. देशभर से आने वाले लोगों के लिए करोना महामारी के दौरान इलाज का इंतज़ाम करना बड़ी चुनौती है. शायद भगवान की मर्ज़ी है कि हम पूरे देश के लोगों की सेवा करें. हम सबके इलाज का इंतज़ाम करने की कोशिश करेंगे.' अब कैसे होगा इंतजाम? एलजी के फैसला पलटने के बाद अब केजरीवाल इंतजाम की बात कर रहे हैं. हालांकि, 7 जून को उन्होंने जब यह आदेश जारी किया था तब उनकी दलील ये थी जून के अंत तक 15 हजार कोरोना के मरीजों के लिए बेड की जरूरत होगी. दिल्ली के अस्पतालों में 60 से 70 फीसदी लोग दिल्ली के बाहर के थे. ऐसे में बाहरी लोगों को अगर इलाज कराने की इजाजत दी गयी तो तीन दिन के अंदर बेड भर जाएंगे. इन तमाम मसलों पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र ने आजतक को बताया कि पिछले कई दिनों से रोजाना 1000 से ज्यादा मामले आ रहे हैं, तो दिल्ली के लोगों को इलाज कराने के लिए जगह की आवश्यकता है और दूसरा अगर देखें तो आसपास के राज्य कह रहे हैं कि उनके यहां कोरोना है ही नहीं. जब वह कह ही नहीं रहे हैं कि करोना है तो कोई मुद्दा ही नहीं है. इसके अलावा सत्येंद्र जैन ने बेड को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भी 14 से 15 दिन के अंदर मामले डबल हो रहे हैं, तो इस हिसाब से अगले 14 से 15 दिन में दिल्ली में करीब 56,000 मामले हो जाएंगे. अभी हमारे पास साढ़े आठ से नौ हजार बेड हैं लेकिन हमारा लक्ष्य है कि अगले 15 दिन में 15 से 17 हजार बेड की व्यवस्था हो जाए. सरकार अब भले ही बेड के दावे कर रही है लेकिन बड़ा सवाल ये है कि एक तरफ जहां दिल्ली में कोरोना बहुत तेजी से बढ़ रहा है, खुद सीएम केजरीवाल का कोरोना टेस्ट रहा है, ऐसे में दिल्ली सरकार बेड की व्यवस्था को किस हद तक नियंत्रित कर पायेगी.
है नई दिल्ली कोरोना वायरस की चपेट में बुरी तरह आ चुकी दिल्ली (corona in delhi) की भविष्य की तस्वीर और भयानक होनेवाली है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (manish sisodia on corona in delhi) के मुताबिक, दिल्ली में 31 जुलाई तक साढ़े पांच लाख केस हो सकते हैं। फिलहाल दिल्ली में 12.6 दिन में कोरोना केस डबल हो रहे हैं। सिसोदिया ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार मानती है फिलहाल दिल्ली में कम्यूनिटी स्प्रेड (community transmission in delhi) नहीं हो रहा है। जबकि दिल्ली सरकार को लगता है कि ऐसा शुरू हो चुका है। सिसोदिया ने यह बात एसडीएमए (स्टेट डिजॉस्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) की बैठक के बाद कही। इसमें उपराज्यपाल अनिल बैजल भी शामिल थे। 12-13 दिन है डबलिंग रेट दिल्ली सरकार की तरफ से मनीष सिसोदिया ने बताया कि फिलहाल 12 से 13 दिन के अंदर कोरोना केस दोगुने हो रहे हैं। इसे देखते हुए तैयारी तेज करनी होगी। बेड पड़ेंगे कम, उपराज्यपाल ने फैसले पर पुनर्विचार से किया इनकार मनीष सिसोदिया ने कहा कि 15 जून तक दिल्ली में कोरोना के कुल केस 44 हजार तक पहुंच सकते हैं। आंकड़ा 30 जून तक बढ़कर एक लाख तक पहुंच सकता है। वहीं 15 जुलाई तक कोरोना केस सवा लेख होंगे और 31 जुलाई तक मरीजों की संख्या साढ़े 5 लाख तक पहुंच सकती है। उस वक्त इलाज के लिए 80 हजार बेड की जरूरत होगी। मनीष सिसोदिया ने बताया कि दिल्ली सरकार ने जो दिल्ली में सिर्फ दिल्ली के लोगों के इलाज का फैसला लिया था उसका पलटा जाना ठीक नहीं है, इससे दिल्लीवालों के लिए संकट पैदा हो गया है। सिसोदिया ने कहा कि मीटिंग में उपराज्यपाल अनिल बैजल से इसपर फिर से विचार करने को कहा गया लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया। केंद्र सरकार ने कहा कम्यूनिटी स्प्रेड नहीं है: सिसोदिया दिल्ली में जिस स्पीड से केस बढ़ रहे हैं उससे कम्यूनिटी स्प्रेड का खतरा लग रहा है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने साफ तौर पर कहा भी कि दिल्ली में कम्यूनिटी स्प्रेड शुरू हो चुका है। लेकिन फिलहाल केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने आज की बैठक में इसे मानने से इनकार कर दिया। मीटिंग के बाद भी जैन ने कहा कि दिल्ली सरकार साफ कह रही है कि कम्यूनिटी स्प्रेड है लेकिन इसे घोषित करने का अधिकार केंद्र सरकार के ही पास है।
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के केस 30 हजार तक पहुंच चुके हैं। इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने तो साफ तौर पर कह दिया है कि यह कम्यूनिटी स्प्रेड (corona community transmission in delhi) है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इसे माना तब ही जाएगा जब केंद्र सरकार इसे घोषित करेगी। त्येंद्र जैन का यह बयान उपराज्यपाल की बैठक से ठीक पहले आया है। इस बैठक में सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया भी शामिल हैं। इस बैठक में दिल्ली में कोरोना की स्थिति पर चर्चा होनी है, मनीष सिसोदिया ने कहा था कि आंकड़ों की स्टडी के बाद तय किया जाएगा कि कम्यूनिटी स्प्रेड है या नहीं। दूसरी तरफ मीडिया से बात करते वक्त सत्येंद्र जैन ने इसकी तरफ साफ इशारा कर दिया। जैन ने कहा, 'एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कम्यूनिटी स्प्रेड है। बहुत से लोग ऐसे हैं जिनका सोर्स नहीं पता। अब केंद्र सरकार मानेगी तब ही होगा। दिल्ली में ऐसे कई केस हैं, लगभग आधे केस ऐसे हैं जिनका सोर्स नहीं पता।' उपराज्यपाल के फैसले पर भी बोले सत्येंद्र जैन ने कहा कि कल रात से बहुत सारे फोन हमें आ रहे हैं और वह लोग पूछ रहे हैं कि दिल्ली वालों का इलाज कहां पर होगा। पूरे देश में दुनिया भर से जो फ्लाइट आई थी दिल्ली और मुंबई दो जगह आई थी और यह बीमारी हिंदुस्तान में नहीं थी हिंदुस्तान में बाहर से आई थी। जब फ्लाइट आईं तो उसके बाद आज मुंबई में 50000 मामले हैं और दिल्ली में लगभग 30000 मामले हैं। 10 दिन में 50 हजार हो जाएंगे केस सत्येंद्र जैन बोले कि दिल्ली में इलाज की जिम्मेदारी हमारी है। हम लोग मुंबई से 10 दिन पीछे हैं और उसी अनुपात में दिल्ली में संख्या बढ़ रही है। ऐसी आशंका है कि दिल्ली में हम अगले 10 दिन में 50000 पर पहुंच जाएंगे। इसलिए हमें एक्स्ट्रा बेड चाहिए।
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच डरानेवाली बात यह है कि टेस्ट होने पर ज्यादातर लोग कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं यानी दिल्ली में यह बुरी तरह फैल चुका है। सोमवार की बात करें तो कुल टेस्ट में से 27 प्रतिशत लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इसी के साथ दिल्ली में कोरोना के मामले 30 हजार के करीब पहुंच चुके हैं। आज एलजी अनिल बैजल ने इसपर बैठक बुलाई है। अरविंद केजरीवाल की जगह मनीष सिसोदिया वहां मौजूद हैं। आंकड़े बताते हैं कि पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 3700 लोगों का कारोना टेस्ट हुआ, इसमें से 1007 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए। यानी कुल टेस्टिंग के 27 प्रतिशत लोग संक्रमित थे। पिछले हफ्ते की बात करें तो पॉजिटिविटी रेट 26 प्रतिशत था। पॉजिटिविटी रेट से यहां मतलब प्रति 100 केसों पर कितने केस संक्रमित मिले उससे है। कम्यूनिटी स्प्रेड का खतरा दिल्ली में कोरोना पॉजिटिव लोगों की कुल संख्या 29,943 हो गई। इनमें से 11,357 कोरोना मरीज अभी तक स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं 17,712 केस एक्टिव हैं। दिल्ली में अब कोरोना वायरस का कम्युनिटी संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ने लगा है। मंगलवार को इसपर एक बैठक होनी है। इस बैठक को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा था, 'दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। कोरोना की स्थिति पर चर्चा करने के लिए एसडीएमए (स्टेट डिजॉस्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) की बैठक होनी है। बैठक में सबसे महत्वपूर्ण चर्चा इस पर मुद्दे पर होनी है कि अभी दिल्ली में कोरोना का स्टेटस क्या है। क्या कोरोना सामुदायिक फैलाव के स्तर पर पहुंच गया है। इस बात पर चर्चा होगी कि अगर दिल्ली में कोरोना सामुदायिक फैलाव के स्तर पर पहुंच गया है, तो उससे लड़ने की रणनीति फिर क्या होगी। इसके लिए कल सभी डेटा के साथ कुछ विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। उन विशेषज्ञों के साथ चर्चा होनी है।' दिल्ली में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं और होने जा रही एसडीएमए की बैठक में अगर यह पाया जाता है कि कम्यूनिटी स्प्रेड हो रहा है, तो दिल्ली सरकार की पूरी रणनीति बदल जाएगी। 183 हुए हॉटस्पॉट्स दिल्ली में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से यहां कोरोना हॉटस्पॉट्स की संख्या भी बढ़ती जा रही है। दिल्ली में हॉटस्पॉट्स की संख्या बढ़कर 183 हो चुकी है। रविवार तक दिल्ली में हॉटस्पॉट्स की संख्या 169 थी।
नई दिल्ली दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) ने दिल्ली के अस्पतालों (Delhi Hospital) में केवल राजधानी के लोगों के इलाज को लेकर दिए केजरीवाल सरकार के फैसले को पलट दिया है। नए आदेशों के मुताबिक अब कोई भी व्यक्ति दिल्ली के अस्पतालों में इलाज करा सकता है। दिल्ली में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच दिल्ली कैबिनेट ने रविवार को फैसला लिया था कि दिल्ली सरकार के सरकारी और निजी अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के निवासियों का ही इलाज होगा, जबकि केंद्र सरकार के अस्पतालों में सभी का इलाज होगा। हालांकि बैजल के फैसले के बाद अब दिल्ली में सभी का इलाज हो सकेगा। रविवार दोपहर दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया, जिसके बाद दिल्ली से बाहर के लोगों को राजधानी में इलाज करवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता। फैसले के मुताबिक, दिल्ली में मौजूद दिल्ली सरकार के सरकारी हॉस्पिटल और प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज (arvind kejriwal on corona Treatment) होना था। वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल सभी के लिए खुले रहते। हालांकि अब यह फैसला उपराज्यपाल ने पलट दिया है। अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत आनेवाले हॉस्पिटल और दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा। हालांकि केंद्र सरकार के हॉस्पिटल जैसे एम्स, सफरदरजंग और राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) में सभी लोगों का इलाज हो सकेगा, जैसा अबतक होता भी आया है। हालांकि, कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल जो स्पेशल सर्जरी करते हैं जो कहीं और नहीं होती उनको करवाने देशभर से कोई भी दिल्ली आ सकता है, उसे रोक नहीं होगी। केजरी सरकार के इस फैसले को पलटने के साथ ही दिल्ली के LG ने राज्य सरकार के विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कोविड-19 टेस्टिंग से संबंधित 18 मई को जारी ICMR की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करें।
नई दिल्ली, 08 जून 2020,दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत खराब हो गई है. उन्हें खांसी और बुखार की शिकायत है, जिसके बाद कल उनको कोरोना वायरस टेस्ट करवाया जाएगा. सीएम की तबीयत को लेकर जैसे ही जानकारी आई उसके बाद से ही उनके स्वास्थ्य को लेकर कई नेताओं ने चिंता व्यक्त की है. दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता से लेकर पूर्व साथी कुमार विश्वास ने जल्द ठीक होने की कामना की है. दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार गुप्ता ने ट्वीट कर जानकारी दी कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के अस्वस्थ होने की जानकारी मिलने पर अभी फोन कर उनकी कुशलक्षेम पूछी, ईश्वर से प्रार्थना वह शीघ्र स्वस्थ हों. आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा ने भी ट्वीट कर लिखा कि अरविंद केजरीवाल, आप एक प्रेरक हैं और हीरो हैं. दिल्ली वालों की सेहत के लिए आपने अपने आप को रिस्क में डाला है. हम कामना करते हैं कि आप जल्द स्वस्थ हों. इनके अलावा कुमार विश्वास, तेजिंदर बग्गा समेत दिल्ली के कई नेताओं और देश के अन्य नेताओं ने सोशल मीडिया पर अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य के लिए चिंता व्यक्त की और जल्द ठीक होने की कामना की. बता दें कि सोमवार को ही ये खबर सामने आई की दिल्ली के मुख्यमंत्री को बीते दिन से ही कुछ दिक्कत आ रही है. जिसके बाद उन्होंने खुद को सेल्फ आइसोलेशन में रख लिया है, साथ ही उनकी सभी बैठकें रद्द कर दी गई हैं. अब तय हुआ है कि मंगलवार को अरविंद केजरीवाल का कोरोना वायरस टेस्ट करवाया जाएगा.
नई दिल्‍ली कोरोना वायरस से जूझ रही दिल्‍ली के लिए एक और चिंताजनक खबर है। मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल की तबीयत खराब हो गई है। उन्‍हें रविवार से हल्‍का बुखार और गले में खराश है। कोरोना वायरस के रिस्‍क को देखते हुए कल उनका टेस्‍ट कराया जाएगा। सोमवार की उनकी सारी मीटिंग्‍स कैंसिल कर दी गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केजरीवाल ने कल दिल्ली में कोरोना की स्थिति की जानकारी देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। जिसके बाद उनकी तबीयत थोड़ी गड़बड़ हुई। ऐहतियातन उन्‍होंने खुद को होम आइसोलेशन में रखा है। AAP सरकार ने दिल्‍ली में एसिम्‍प्‍टोमेटिक और प्री-सिम्‍प्‍टोमेटिक केसेज के कोरोना टेस्‍ट पर रोक लगा रखी है। सिर्फ लक्षण वाले संदिग्‍धों का टेस्‍ट होता है। कॉन्‍टैक्‍ट्स को क्‍वारंटीन करने की कोशिश शुरू सौरभ भारद्वाज ने एक चैनल से बातचीत में केजरीवाल की तबीयत खराब होने की पुष्टि की। उन्‍होंने बताया कि पिछले कुछ दिन में सीएम के संपर्क में आने वालों लोगों ने सावधानी बरतनी शुरू कर दी है। भारद्वाज ने कहा कि 'सीएम सेल्‍फ क्‍वारंटीन में हैं। कल सुबह टेस्‍ट के बाद पक्‍का पता जाएगा।' भारद्वाज ने कहा कि कैबिनेट की मीटिंग्‍स तो दूर-दूर बैठकर होती थीं। सरकारी अधिकारियों को सावधानी बरतनी चाहिए। दिल्‍ली में कोरोना मामलों का विस्‍फोट देश की राजधानी में कोरोना वायरस मामलों की संख्‍या तेजी से बढ़ रही है। सोमवार सुबह तक दिल्‍ली में करीब 29 हजार मामले हो चुके थे। इनमें से 10,999 कोरोना मरीज अभी तक स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं 17,125 ऐक्टिव मरीज अभी भी इलाज करा रहे हैं। दिल्ली सरकार के मुताबिक, 12,213 कोरोना पेशंट्स को उनके घरों में ही आइसोलेशन में रहने को कहा गया है। यहां मरने वालों की संख्‍या 812 पहुंच चुकी है। दिल्ली में कोरोना हॉटस्पॉट्स की संख्या भी बढ़कर 169 हो चुकी है। 'दो हफ्ते में डबल हो जाएंगे केस' दिल्‍ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि अगले दो हफ्ते में राजधानी में कोरोना के केस डबल होकर 56 हजार तक पहुंच जाएंगे। इन सबके बीच, दिल्ली सरकार ने सोमवार से शॉपिंग मॉल, धार्मिक स्थल और रेस्तरां खोलने का ऐलान किया है। लेकिन होटल और बैंक्विट हॉल अभी बंद रहेंगे। यह छूट अनलॉक-1 के तहत दी गई है। अस्‍पतालों में अब सिर्फ दिल्‍ली के मरीजों का इलाज रविवार को सीएम ने वीडियो कॉन्‍फ्रेंसिंग के जरिए ऐलान किया था कि दिल्‍ली के प्राइवेट अस्‍पतालों में अब सिर्फ यहीं के निवासियों का इलाज होगा। केजरीवाल ने बताया था कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत आनेवाले हॉस्पिटल और दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा। वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल जैसे एम्स, सफरदरजंग और राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) में सभी लोगों का इलाज हो सकेगा, जैसा अबतक होता भी आया है। हालांकि, कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल जो स्पेशल सर्जरी करते हैं जो कहीं और नहीं होती उनको करवाने देशभर से कोई भी दिल्ली आ सकता है, उसे रोक नहीं होगी। जून में दिल्‍ली को 1 हजार बेड की जरूरत रविवार को मुख्यमंत्री ने कहा था, 'हमें सुझाव मिले हैं कि अगर दिल्ली के सारे अस्पतालों को सबके लिए खोल दिए, तो अस्पतालों में उपलब्ध 9000 कोविड-19 बेड मात्र 3 दिन के अंदर भर जाएंगे।' दिल्ली सरकार द्वारा बनाई गई एक विशेष कमेटी ने जून के अंत तक दिल्ली को 15 हजार बेड की जरूरत पड़ने की संभावना जताई है।
नई दिल्‍ली देश की राजधानी में सोमवार दोपहर फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए। दिल्‍ली पिछले दो महीने से लगातार हल्‍के झटकों का शिकार हो रही है। इससे लोगों में पैनिक फैल रहा है। सोमवार दोपहर 2.1 तीव्रता का भूकंप आया जिसका केंद्र हरियाणा के गुरुग्राम में बताया जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के झटकों की शुरुआत 12 अप्रैल (3.5 तीव्रता) से हुई। तब से अबतक अलग-अलग दिन 14 बार झटके लग चुके हैं। एक्‍सपर्ट्स कहते हैं कि इन्‍हें हल्‍के में नहीं लिया जाना चाहिए। ये किसी बड़े भूकंप का संकेत हो सकते हैं। गुरुग्राम में था भूकंप का केंद्र शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र दिल्‍ली से सटे गुरुग्राम के पश्चिम में जमीन से 18 किलोमीटर गहराई में था। दोपहर 1 बजे दिल्‍ली-एनसीआर में झटके महसूस किए गए। इससे पहले आए झटकों का केंद्र कभी दिल्‍ली, कभी फरीदाबाद, रोहतक रहा है। दिल्‍ली में कब-कब लगे झटके? तारीख तीव्रता केंद्र 12 अप्रैल 3.5 दिल्‍ली 13 अप्रैल 2.7 दिल्‍ली 16 अप्रैल 2 दिल्‍ली 3 मई 3 दिल्‍ली 6 मई 2.3 फरीदाबाद 10 मई 3.4 दिल्‍ली 15 मई 2.2 दिल्‍ली 28 मई 2.5 फरीदाबाद 29 मई 4.5 और 2.9 रोहतक 1 जून 1.8 और 3 रोहतक 3 जून 3.2 फरीदाबाद 8 जून 2.1 गुरुग्राम वैज्ञानिक दे रहे बड़े भूकंप की चेतावनी इंडियन इं‍स्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी (IIT) के अलग-अलग एक्‍सपर्ट्स दिल्‍ली-एनसीआर में बड़ा भूकंप आने की चेतावनी दे चुके हैं। जानकार मानते हैं कि हल्‍के झटकों को चेतावनी की तरह देखा जाना चाहिए। IIT धनबाद के डिपार्टमेंट्स ऑफ अप्‍लाइड जियोफिजिक्‍स और सीस्‍मोलॉजी के मुताबिक, दिल्‍ली और एनसीआर में हाई इन्‍टेंसिटी का भूकंप आ सकता है। IIT कानपुर के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि दिल्ली-हरिद्वार रिज में खिंचाव के कारण आए दिन धरती हिल रही है। इस वजह से झटकों का दौर जारी रहेगा। नैशनल सेंटर ऑफ सीस्‍मोलॉजी (NCS) के पूर्व हेड एके शुक्ला कहते हैं कि छोटे भूंकप को चेतावनी के रूप में जरूर देखा जा सकता है। जोन 4 में आती है दिल्‍ली, भूकंप का खतरा हमेशा भूकंप के लिहाज से, भारत को चार अलग-अलग जोन में डिवाइड किया गया है। हाई इन्‍टेंसिटी जोन V से लो इन्‍टेंसिटी जोन II तक। दिल्ली-एनसीआर जोन IV में आता है, जिसे 'गंभीर' माना जाता है। राजधानी दिल्ली देश में सबसे अधिक भूकंप अनुभव करने वाले शहरों में से एक है। हिमालय पर्वत श्रृंखला से लगभग 280 से 350 किमी की दूरी पर स्थित दिल्ली हिमालय के सक्रिय मुख्य सीमा थ्रस्ट (MBT) से दूर नहीं है, जो कश्मीर से अरुणाचल प्रदेश तक जाती है।
नई दिल्ली, 07 जून 2020,कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. देश में हर रोज कोरोना वायरस के नए मरीज सामने आ रहे हैं. अब कश्मीरी मूल की महिला आतंकी भी कोरोना वायरस से पॉजिटिव पाई गई है. जिसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. इस्लामिक स्टेट खुरासान मोड्यूल की कश्मीरी मूल की महिला आतंकी कोरोना वायरस से संक्रमित मिली है. महिला आतंकी फिलहाल राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की कस्टडी में है. महिला को तिहाड़ जेल से एनआईए ने 29 मई को कस्टडी में लिया था. तिहाड़ जेल प्रशासन का कहना है कि एनआईए को कस्टडी देने से पहले कोर्ट के आदेश के मुताबिक 28 तारीख को हमने महिला का टेस्ट करवाया था. उस वक्त महिला की रिपोर्ट निगेटिव आई थी. दरअसल, दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने कश्मीरी मूल की महिला और उसके पति को दिल्ली में आतंकी हमलों की साजिश और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) प्रोटेस्ट के नाम पर लोगों को भड़काने के आरोप में पकड़ा था. सूत्रों का कहना है कि एनआईए की कस्टडी में अभी पांच लोग हैं. जिनसे अलग-अलग मामलों में पूछताछ की जा रही है. जो महिला कोरोना पॉजिटिव पाई गई है, वह सीएए प्रोटेस्ट के नाम पर दंगा भड़काने की आरोपी है. सूत्रों ने यह भी जानकारी दी है कि एनआईए के कंट्रोल रूम में दो एनआईए के कर्मचारियों को भी कोरोना संक्रमण हुआ है. जिसके चलते एनआईए के कंट्रोल रूम को सैनिटाइज भी किया जा रहा है. साथ ही एक दर्जन के आसपास लोगों को क्वारनटीन भी किया जाएगा. अस्पताल में भर्ती जानकारी के मुताबिक महिला को एनआईए 10 दिन की कस्टडी में लेकर गई थी, जो कि अब खत्म हो गई है. इसके लेकर तिहाड़ प्रशासन को भी सूचना दी गई. तिहाड़ प्रशासन ने महिला को अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए कहा है. सूत्रों का कहना है कि महिला को एलएनजेपी अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है.
नई दिल्ली, 07 जून 2020, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कोरोना संक्रमण के फैलाव पर चिंता जताई है. डॉक्टर गुलेरिया का दावा है कि कोरोना वायरस का पीक पर आना अभी बाकी है. अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समय पर कोरोना वायरस के मामले बढ़ सकते हैं. कम्युनिटी ट्रांसफर पर एम्स के डायरेक्टर ने कहा कि दिल्ली-मुंबई में कुछ इलाके हॉटस्पॉट हैं. उन्हीं इलाकों में हम कह सकते हैं कि लोकल ट्रांसमिशन हो रहा है. पूरे देश में ऐसी स्थिति नजर नहीं आ रही है. देश के 10 से 12 ऐसे शहर हैं, जहां पर लोकल ट्रांसमिशन के चांसेज हैं और 70 से 80 फीसदी केस वहीं से आ रहे हैं. कोरोना वायरस से चलते देशव्यापी लॉकडाउन अब धीरे-धीरे अनलॉक की ओर बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन से कहीं न कहीं फायदा हुआ है लेकिन केस एकदम से कम भी नहीं हुए हैं. ऐसे में गरीबों की मदद के लिए लॉकडाउन को खोलना भी कहीं न कहीं जायज है. डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि लॉकडाउन खुल रहा है तो हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बढ़ जाती है. ऐसे में लोगों के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाना जरूरी होगा. माइल्ड पेशेंट्स घर पर हो रहे ठीक कोरोना मरीजों के लिए बेड और वेंटिलेटर्स की कमी पर उन्होंने कहा कि बेड और वेंटिलेटर्स का ख्याल रखते हुए हमें प्लानिंग चेंज करनी होगी. जिन लोगों में संक्रमण के लक्षण हैं, उन्हें घर पर रहना चाहिए, उन्हें एडमिट नहीं करना चाहिए. डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि हमने देखा है कि माइल्ड पेशेंट्स खुद ही ठीक हो जाते हैं. उन्हें ज्यादा ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं होती है डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि हमारे पास वीआईपी पेशेंट्स ही नहीं हैं. हम सबका ट्रीटमेंट कर रहे हैं. अगर किसी में कोई लक्षण नहीं है तो हम उसका कैसे टेस्ट कर सकते हैं. दिल्ली में मरीजों की हो देखभाल डॉक्टर गुलेरिया ने दिल्ली में केवल दिल्ली के मरीजों के इलाज पर कहा कि जो लोग बीमार हैं, वे सब लोग भारत के ही नागरिक हैं. जो एनसीआर में लोग हैं, अगर उन्हें बाहर के राज्यों में सुविधा नहीं मिल पा रही है, दिल्ली में मिल रही है तो हमें उनकी देखभाल करनी चाहिए. स्वास्थ्यकर्मियों के कोरोना पॉजिटिव होने पर उन्होंने कहा कि ज्यादातर स्वास्थ्यकर्मी जो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, वे नॉन कोविड-19 एरिया से आते हैं. इससे साबित हो रहा है कि जो लोग बाहर से आ रहे हैं, वे इन्फेक्शन लेकर अस्पताल में आ रहे हैं. इसलिए बहुत जरूरी है कि जो लोग यात्रा कर रहे हैं वे अपनी जिम्मेदारी समझें. भारत में मृत्युदर बहुत कम है डॉक्टर गुलेरिया ने कहा कि हम दूसरे देशों से मुकाबला नहीं कर सकते हैं क्योंकि यूरोप के कई देशों को मिलाकर हमारी संख्या है. केस बढ़ेंगे तो लोगों की जान बचाना हमारे लिए ज्यादा जरूरी है.
नई दिल्ली, 07 जून 2020, दिल्ली बीजेपी का नया-नया जिम्मा संभालने वाले प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता को पुलिस ने हिरासत में लिया है. आदेश गुप्ता लॉकडाउन के बीच राजघाट पर दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं की बिगड़ी स्थिति के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शन में दिल्ली बीजेपी के सभी विधायक भी मौजूद थे. पुलिस ने आदेश गुप्ता को हिरासत में ले लिया है और उन्हें राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन लेकर गई है. दिल्ली बीजेपी का आरोप है कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चरमरा गई है. लोगों को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहा है और वे इधर-उधर परेशान हो रहे हैं. दिल्ली बीजेपी इसी के खिलाफ रविवार को राजघाट पर प्रदर्शन कर रही थी. इस बीच पुलिस ने आदेश गुप्ता को हिरासत में ले लिया. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पुलिस ने पार्टी के दूसरे नेताओं को भी हिरासत में लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक बीजेपी नेता केजरीवाल सरकार के उस फैसले के खिलाफ भी प्रदर्शन कर रहे थे जिसमें केजरीवाल सरकार ने दिल्ली सरकार के तहत आने वाले अस्पताल और प्राइवेट हॉस्पिटल में सिर्फ दिल्ली के मरीजों का इलाज कराने का फैसला किया है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने रविवार को ये फैसला लिया है. इसी के साथ सोमवार से दिल्ली के बॉर्डर एक बार फिर से खोल दिए जाएंगें. इस बीच दिल्ली में कोरोना पॉजिटव मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है. दिल्ली के कई लोगों ने अस्पताल में बेड न मिलने और इलाज न मिल पाने की शिकायत की है. दिल्ली में अबतक कोरोना वायरस से 761 लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि कुल 27654 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं.
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली कोरोना वायरस से बुरी तरह पस्त दिख रही है। इस बीच स्थिति और बिगड़ सकती है क्योंकि अब दिल्ली सरकार और मेडिकल स्टाफ आपने सामने आ गया है। दिल्ली सरकार की सख्ती के खिलाफ अब दिल्ली मेडिकल असोसिएशन ने आवाज उठाई है और उनके अलग-अलग कदमों का विरोध किया है। DMA का कहना है कि जिस तरह अरविंद केजरीवाल डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ को धमका रहे हैं वह बर्दाशत नहीं किया जाएगा। सर गंगा राम हॉस्पिटल पर दर्ज FIR का भी विरोध किया गया है। दिल्ली मेडिकल असोसिएशन ने अपना विरोध जताते हुए कहा, 'हम दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल द्वारा डॉक्टर्स को दी जा रही चेतावनी और हॉस्पिटलों को दी जा रही धमकी का विरोध करते हैं। सर गंगा राम हॉस्पिटल के खिलाफ दर्ज FIR का भी विरोध किया जाता है। यह पूरे मेडिकल स्टाफ को हतोत्साहित करने जैसा है।' गंगा राम अस्पताल पर क्यों हुई FIR दिल्ली सरकार ने सर गंगा राम अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट के खिलाफ महामारी एक्ट के तहत जारी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने का मुकदमा दर्ज कराया है। सेंट्रल जिले के राजेंद्र नगर थाने में आईपीसी की धारा 188 (सरकारी कर्मचारी के निर्देशों की अवमानना करने) में यह एफआईआर शुक्रवार शाम को दर्ज की गई। अस्पताल पर आरोप है कि उसने कोविड-19 के सैंपल लेते समय आरटी पीसीआर ऐप का इस्तेमाल नहीं किया, जबकि सरकार की तरफ से यह जरूरी बताया गया था।
नई दिल्ली कोरोना वायरस काल में दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब दिल्ली से बाहरवाले लोगों को दिल्ली में इलाज करवाने में दिक्कतों का सामना करना होगा। फैसले के मुताबिक, दिल्ली में मौजूद दिल्ली सरकार के सरकारी हॉस्पिटल और प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज (arvind kejriwal on corona Treatment) होगा। वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल सभी के लिए खुले होंगे। केंद्र के हॉस्पिटलों में इलाज पर रोक नहीं दिल्ली सरकार ने कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया है। अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार के अंतर्गत आनेवाले हॉस्पिटल और दिल्ली के प्राइवेट हॉस्पिटलों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा। वहीं केंद्र सरकार के हॉस्पिटल जैसे एम्स, सफरदरजंग और राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) में सभी लोगों का इलाज हो सकेगा, जैसा अबतक होता भी आया है। हालांकि, कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल जो स्पेशल सर्जरी करते हैं जो कहीं और नहीं होती उनको करवाने देशभर से कोई भी दिल्ली आ सकता है, उसे रोक नहीं होगी। 60 से 70 प्रतिशत बाहर के लोग दिल्ली के हॉस्पिटलों में भर्ती रहे। लेकिन इस वक्त दिल्ली में समस्या है, कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे। ऐसी स्थिति में पूरे देश के लिए हॉस्पिटल खोल दिए तो दिल्ली के लोग कहां जाएंगे। केजरीवाल ने बताया कि पांच डॉक्टर्स की कमिटी बनाई गई थी जिन्होंने माना कि फिलहाल बाहर के मरीजों को रोकना होगा। केजरीवाल के मुताबिक, कमिटी ने कहा है कि दिल्ली को जून के अंत तक 15 हजार कोविड बेड चाहिए होंगे। फिलहाल दिल्ली के पास 9 हजार बेड हैं और अगर हॉस्पिटल सबके लिए खोल दिए तो ये 9 हजार तीन दिन में भर जाएंगे। केजरीवाल ने कहा कि 7.5 लाख लोगों ने उन्हें सुझाव दिए, जिसमें से 90 प्रतिशत ने कहा कि फिलहाल कोरोना-कोरोना तक दिल्ली से हॉस्पिटल दिल्लीवालों के लिए होने चाहिए। दिल्ली में कल से क्या खुलेगा अरविंद केजरीवाल ने बताया कि 8 जून दिल्ली सील बॉर्डर को खोल रही है। इससे गाजियाबाद, नोएडा, गुड़गांव और फरीदाबाद के लोग आसानी से दिल्ली आ सकेंगे। इसके साथ दिल्ली में रेस्तरां, मॉल और धार्मिक स्थान खोले जाएंगे। फिलहाल होटल और बैंकट हॉल नहीं खुलेंगे।
नई दिल्ली,राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल की मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डॉ. मीनाक्षी भारद्वाज ने स्पष्ट किया है कि उनके अस्पताल में जिन मरीजों की जांच हो रही है, उनकी रिपोर्ट पूरी तरह से ठीक है. आजतक से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों का सैंपल दोबारा से चेक कराया गया है वो पहले वाला सैंपल नहीं था. वो बाद में लिया गया है. दिल्ली सरकार ने जो भी जांच कराई है वो हमारी जांच के 6-11 दिनों के बाद कराई गई है. इस दौरान कुछ मरीज ठीक हो गए थे. इसलिए उनकी जांच निगेटिव आई है. इसलिए हमारे जांच को गलत नहीं कहा जा सकता है. हमलोग जांच के लिए सभी मापदंडों को पूरी तरह से फॉलो कर रहे हैं. हमारी तरफ से कोई गलती नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि दिल्ली सरकार ऐसा आरोप क्यों लगा रही है? इस तरह के आरोप से हमारी परेशानी बढ़ रही है, क्योंकि हमलोगों पर पहले ही काफी दबाव है. आरएमएल में दिन रात भीड़ रहती है. ऐसे में हमारे लिए मैनेजमेंट देखना साथ ही इस तरह के आरोप को झेलना परेशान करने वाले हैं. मेडिकल सुप्रिटेंडेंट ने कहा कि हमलोग जांच की गुणवत्ता परखने के लिए खुद की लाइब्रेरी में भी जांच करते हैं, इसके अलावा ICMR (भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद), AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) और लेडी हार्डिंग की लेबोरेटरी से भी संपर्क करते हैं. इसलिए गलती की गुंजाइश नहीं रह जाती है. राघव चड्डा ने लगाए थे गंभीर आरोप इससे पहले आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने आरोप लगाया है कि राम मनोहर लोहिया अस्पताल कोरोना संक्रमित लोगों के संबंध में गलत जानकारी दे रहा है. साथ ही 48 घंटे के भीतर कोरोना टेस्ट रिपोर्ट प्रस्तुत करने के सरकार के निर्देशों का उल्लंघन कर रहा है. राघव चड्ढा ने दावा किया है कि दिल्ली सरकार ने आरएमएल अस्पताल से प्राप्त 30 नमूनों का फिर से परीक्षण किया, जिन्हें कोरोना पॉजिटिव घोषित किया गया था, उनमें 12 को निगेटिव पाया गया और 2 के लिए परिणाम अनिर्णायक मिले हैं. राघव चड्ढा ने मांग उठाते हुए कहा है कि आरएमएल अस्पताल गलत परिणाम दे रहा है. दिल्ली सरकार को अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. आम आदमी पार्टी का आरोप है कि आरएमएल अस्पताल 48 घंटे के भीतर कोरोना टेस्ट के परिणाम जमा करने के सरकार के निर्देश का उल्लंघन कर रहा है. अस्पताल ने कई टेस्ट के परिणाम 3, 4, 7, 10 और यहां तक कि 31 दिनों की देरी से दिए हैं.
नई दिल्ली, 06 जून 2020,दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. राजधानी में 25 हजार से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं. कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ही दिल्ली की स्वास्थ्य व्यवस्था भी दबाव में आ गई है. हालांकि, केजरीवाल सरकार तो मरीजों के लिए बड़े-बड़े दावे कर रही है. सरकार का कहना है कि मरीजों के लिए अस्पतालों में पर्याप्त बेड हैं. लोगों की सुविधा के लिए सरकार ने ऐप को भी लॉन्च किया है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और कहती है. अस्पतालों के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के कारण मरीजों की मौत हो रही है, जो केजरीवाल सरकार के दावों की पोल खोल रही है. अस्पताल में बेड नहीं मिलने से एक और मरीज की मौत होने का मामला सामने आया है. मृतक के परिजन अभिषेक जैन ने इंडिया टुडे टीवी के कार्यक्रम न्यूजट्रैक में अपने दर्द को बयां किया. उन्होंने कहा कि पिछले 2-3 दिनों से मेरे मरीज को बुखार था. बुधवार रात को जितने भी इमरजेंसी नंबर हैं हमने उसपर संपर्क किया. हमने कई अस्पतालों से भी संपर्क किया, लेकिन सबसे पहले उन्होंने ये पूछा कि आपका मरीज कोरोना पॉजिटिव होना चाहिए. अभिषेक जैन ने कहा कि गुरुवार सुबह उन्हें (मरीज) सांस लेने में दिक्कत होने लगी. उसके बाद हम उनको शालीमार बाग के फोर्टिस हॉस्पिटल ले गए. वहां पर उन्हें ऑक्सीजन दिया गया. इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने कहा कि आप अपने मरीज को वापस ले जाइए. हमारे पास कोई बेड नहीं है. हमने उनसे कहा कि आप कोरोना का टेस्ट तो कर लीजिए. अस्पताल प्रशासन ने कहा कि हम मदद नहीं कर सकते. सीएम और आईसीएमआर से किया संपर्क' मृतक के परिजन ने बताया कि उन्होंने सीएम केजरीवाल और आईसीएमआर से भी संपर्क किया, लेकिन कोई भी मदद को तैयार नहीं हुआ. 2 से 3 घंटे के बाद अस्पताल हम पर मरीज को वापस लेने जाने का दबाव बनाने लगा. हमने एंबुलेंस के लिए मदद मांगी तो अस्पताल ने कहा कि मरीज बिना एंबुलेंस के भी जाने लायक है. जब हमने दबाव डाला तो उन्होंने कहा कि हमारे एंबुलेंस काम नहीं कर रहे हैं. अस्पताल ने कहा कि हमारे कोविड टेस्टिंग सेंटर दो दिन से बंद हैं. मृतक के परिजन ने कहा कि इसके बाद मुझे मॉडल टाउन में एक अस्पताल मिला. लेकिन अस्पताल प्रशासन का कहना था कि उनके पास पीपीई किट नहीं है. मैंने मदद मांगी, लेकिन मुझे कोई मदद नहीं मिली. इस बीच उन्होंने स्ट्रैचर से मरीज को ट्रांसफर किया, लेकिन इस दौरान उनकी मौत हो चुकी थी. केजरीवाल सरकार से नाराज अभिषेक जैन ने कहा कि हमने उनसे इस तरह की उम्मीद नहीं थी. हम दिल्ली सरकार का ऐप देख रहे थे तो सबमें बेड दिखा रहा था. भावुक अंदाज में अभिषेक ने कहा कि क्या इसी के लिए हम हैं. अभिषेक जैन ने कहा कि जब हम अंतिम संस्कार के लिए गए तो हमें कहा गया कि दो दिन का समय लगेगा. कोई भी हमारी मदद नहीं कर रहा. सिर्फ मजाक बनाया जा रहा है.
नई दिल्ली, 06 जून 2020,दिल्ली हिंसा मामले में क्राइम ब्रांच साजिश की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है. पुलिस इस सिलसिले में कई चार्जशीट अदालत में दायर कर चुकी है. पुलिस ने पूर्वी दिल्ली के शिव विहार में स्थित राजधानी पब्लिक स्कूल के आस-पास हुई हिंसा मामले में भी चार्जशीट दायर कर दी है. इस मामले में राजधानी पब्लिक स्कूल के मालिक फैजल फारूक पर हिंसा की साजिश रचने का आरोप है. जांच के दौरान क्राइम ब्रांच ने फैजल फारूक के सौ से ज्यादा करोड़ की प्रॉपर्टी का पता लगाया है. पुलिस का कहना है कि दिल्ली दंगों से पहले ही आरोपियों ने फंडिंग की पूरी व्यवस्था कर ली थी. फंडिंग का जिम्मा उन लोगों के ऊपर था जिनके पास बेहिसाब दौलत थी. पुलिस के मुताबिक हिंसा के वक्त दंगाइयों ने राजधानी स्कूल की छत को अपने बेस के तौर पर इस्तेमाल किया था. फैजल फारूक के दिल्ली में 3 स्कूल स्कूल की छत से पुलिस ने लोहे की बड़ी गुलेल भी जब्त की थी. क्राइम ब्रांच ने शिव विहार में हुए दंगों के आरोप में फैजल फारूक को गिरफ्तार किया था. क्राइम ब्रांच के मुताबिक फैजल फारूक के दिल्ली में 3 स्कूल हैं. 1. क्राउन पब्लिक स्कूल, सीलमपुर 2. राजधानी स्कूल, शिव विहार 3. विक्टोरिया पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल,वजीराबाद रोड फैजल ने 6 साल में करोड़ों की संपत्ति खरीदी इतना ही नहीं, फैजल फारूक ने साल 2014 में करीब 6 करोड़ की एक प्रॉपर्टी यमुना विहार में खरीदी थी. ये प्रॉपर्टी यमुना विहार के C-1/9 में स्थित है. क्राइम ब्रांच ने फैजल फारूक की जिन दूसरी संपत्तियों का पता लगाया है उनमें कई मकान और प्लाट हैं. पुलिस के मुताबिक साल 2017 में फैजल फारूक ने यमुना विहार के C- 3/59A में करीब 7.5 करोड़ की रुपये की प्रॉपर्टी खरीदी थी. साल 2018 और साल 2019 में फैजल ने यमुना विहार में 2 दुकानें 10 करोड़ रुपये में खरीदीं. 2020 में इस शख्स ने यमुना विहार में ही B- 1/1 में करीब 10 करोड़ की जायदाद खरीदी थी. हिंसा शुरू होने से पहले देवबंद गया था फैसल दिल्ली पुलिस का कहना है हिंसा शुरू होने से ठीक एक दिन पहले फैजल फारूक ने देवबंद का दौरा किया था. पुलिस का आरोप है कि ये दौरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अपराधियों को लाने की कोशिश के मकसद से किया गया था. आरोप है कि फैजल फारूक ने हिंसा में शामिल लोगों को आश्रय प्रदान किया, जिन्होंने एक राजधानी स्कूल के भीतर डेरा डाला था और छत से गोलियां चलाई थीं. उन्होंने राजधानी स्कूल की छत से विशेष रूप से स्थापित लोहे की एक गुलेल का उपयोग करते हुए पेट्रोल बम, एसिड, ईंट, और पत्थर फेंके थे. दिल्ली हिंसा की जांच के दौरान क्राइम ब्रांच को ये भी पता चला था की फैजल फारूक हिंसा के दौरान पीएफआई, हजरत निजामुद्दीन मरकज से जुड़े लोगों के संपर्क में था. यही वजह है कि अब पुलिस इसकी बेशुमार दौलत का पीएफआई और मरकज कनेक्शन खंगाल रही है.
नई दिल्ली, 04 जून 2020, दिल्ली हिंसा की जांच कर रही पुलिस को तबलीगी जमात के मरकज कनेक्शन का भी पता चला है. दिल्ली पुलिस की ओर से कड़कड़डूमा कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में दावा किया गया है कि हिंसा का एक आरोपी, मरकज के चीफ मौलाना साद के बेहद करीबी अब्दुल अलीम के संपर्क में था. अब्दुल अलीम बंगलेवाली मस्जिद का चीफ है. दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि मरकज के मौलाना साद का करीबी अब्दुल अलीम, राजधानी स्कूल के मालिक फैसल फारूकी के संपर्क में था. शिव विहार इलाके में स्थित राजधानी पब्लिक स्कूल का इस्तेमाल उपद्रवी ने हिंसा फैलाने में किया था. पुलिस ने अपनी चार्जशीट में फैसल फारूकी को भी आरोपी बनाया है. दिल्ली पुलिस का दावा है कि फैसल फारूकी ने दिल्ली हिंसा को कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. तबलीगी जमात के मरकज में महत्वपूर्ण पद पर बैठे अब्दुल अलीम से फैसल फारूकी संपर्क में था. पुलिस को शक है कि कहीं अब्दुल अलीम ने भी हिंसा को फैलाने में कोई भूमिका तो नहीं निभाई थी. हिंसा के दिन भी मौलाना साद के करीबी और फैजल के बीच बात हुई थी. जांच में खुलासा हुआ है की हिंसा से पहले फैजल फारुख करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी यमुना विहार और आसपास के इलाके में खरीद चुका था. पुलिस को शक है कि मरकज का पैसा फैजल के माध्यम से जायदाद में लगाया गया. फैजल के माध्यम से उपद्रवियों में पैसे बांटने की जांच भी जारी है. अब्दुल अलीम निज़ामुद्दीन मरकज़ के शीर्ष मालिकों में से एक हैं. वह निजामुद्दीन मरकज के फाइनेंसियल मुद्दों और मौलाना साद के बेहद करीबी लोगों की देखभाल करता है. दिल्ली क्राइम ब्रांच अब्दुल अलीम और मरकज की दिल्ली हिंसा में संलिप्तता की जांच कर रही है. दिल्ली पुलिस की ओर से कल राजधानी स्कूल के पास हुई हिंसा मामले में चार्जशीट दाखिल की गई थी. इसके मुताबिक, राजधानी स्कूल की छत से उपद्रवी गुलेल से पत्थरबाजी और आगजनी कर रहे थे. इस पूरी हिंसा की साजिश राजधानी स्कूल के मालिक फैसल फारूकी ने रची थी.
नई दिल्ली, 04 जून 2020, राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बाद राज्य सरकार ने बॉर्डर सील करने का फैसला किया था. जिसके बाद दिल्ली में सिर्फ जरूरी क्षेत्रों के लोगों को पास के बाद एंट्री मिलने की इजाजत है. लेकिन इसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई, जिसपर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा है कि जो लोग इलाज करवाने के लिए दिल्ली आना चाहते हैं, उन्हें सरकार ना रोके और इस बारे में नोटिफिकेशन भी जारी करे. गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने HC को बताया कि जिन लोगों को इलाज कराने के लिए दिल्ली आना है उनको ई-पास दिए जा रहे हैं. जिन्हें इलाज कराना है और जरूरी काम से आना है, उन्हें दिल्ली आने की मनाही नहीं है. सुनवाई में दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि दिल्ली सरकार इसको लेकर नोटिफिकेशन अपनी वेबसाइट पर अपलोड करे. इसकी जानकारी लोगों को दी जाए. हाई कोर्ट में हुई सुनवाई में यह तय हुआ है कि दिल्ली द्वारा जारी किए गए पास के अलावा अगर नोएडा-गाजियाबाद समेत NCR के शहरों का प्रशासन कोई पास देता है, तो वो भी मान्य होंगे. गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने बीते दिनों एक हफ्ते के लिए बॉर्डर सील किए थे, जिसपर विवाद हुआ था. अब सरकार ने हाई कोर्ट को बताया गया है कि ये फैसला सिर्फ एक हफ्ते के लिए है, जिसकी समीक्षा होगी. ये याचिका सिर्फ पब्लिसिटी के लिए दायर की गई है. इस दौरान अदालत ने कहा कि जिन लोगों को दिल्ली आने से रोका जा रहा है, वो कोर्ट में याचिका लगाने के लिए स्वतंत्र हैं लेकिन इस याचिका का निपटारा किया जा रहा है. दरअसल, इस याचिका में कहा गया था कि दिल्ली की सीमा सील करने से सरकार ने संविधान का उल्लंघन किया है. दिल्ली सरकार के इस फैसले से उत्तर प्रदेश और हरियाणा जैसे राज्यों के नागरिकों को भी दिल्ली में केंद्रीय अस्पताल पहुंचने के बुनियादी अधिकार से वंचित होना पड़ रहा है. याचिकाकर्ता ने कहा कि देश में दोहरी नागरिकता का नियम नहीं है. हर कोई इस देश का नागरिक है और सभी को किसी भी स्थान पर रहने और किसी भी स्थान पर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाने का अधिकार है. याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में काम करने वाले नागरिकों और एनसीआर में रहने और किसी अन्य राज्य में रहने वाले नागरिकों को इलाज के अधिकार से वंचित करना असंवैधानिक है.
नई दिल्ली, 03 जून 2020, दिल्ली में दिनदहाड़े भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता की हत्या कर दी गई है. बताया जा रहा है कि पूर्वी दिल्ली के वेस्ट विनोद नगर से पूर्व निगम प्रत्याशी राहुल सिंह उर्फ भुरू सिंह को 6 गोलियां मारी गई हैं. राहुल सिंह पर हमला बुधवार सुबह उस वक्त हुआ, जब वो मॉर्निंग वॉक पर निकले थे. बदमाशों ने मयूर पब्लिक स्कूल के पास उन पर ताबड़तोड़ गोलियां दागी. 8 महीने पहले पहले भी राहुल सिंह पर जानलेवा हमला किया गया था, लेकिन वह बाल-बाल बच गए थे. बताया जा रहा है कि आपसी रंजिश में बीजेपी नेता राहुल सिंह की हत्या की गई है. मौके पर पुलिस टीम पहुंच गई है और लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. इसके साथ ही राहुल सिंह के परिजनों और करीबियों से पूछताछ की जा रही है.
नई दिल्‍ली दिल्‍ली पुलिस ने अंकित शर्मा मर्डर केस में चार्जशीट दाखिल कर दी है। बुधवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में क्राइम ब्रांच ने करीब 650 पन्‍नों की चार्जशीट में कुल 10 आरोपी बनाए हैं। पुलिस के मुताबिक, आम आदमी पार्टी (AAP) के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन ने शर्मा के मर्डर की साजिश रची। पुलिस के मुताबिक, हुसैन लगातार फोन पर अपने प्‍लान की अपडेट्स ले रहा था। फोन लोकेशन से पता चला कि शर्मा की हत्‍या के समय वह सामने वाले घर में ही था। पोस्‍टमॉर्टम रिपोर्ट के हवाले से अंकित के शव पर धारदार हथियार से 51 वार किए जाने की भी बात चार्जशीट में है। चार्जशीट में क्‍या है? दिल्‍ली पुलिस की चार्जशीट कहती है कि मामला 25 फरवरी की शाम को दर्ज हुआ। खजूरी खास इलाके में ताहिर हुसैन के घर के बाहर वारदात हुई। शर्मा की हत्‍या के बाद भीड़ ने एक नाले में लाश फेंक दी। पुलिस का दावा है कि उनके पास प्रूफ है कि कुछ लोग लाश नाले में फेंक रहे हैं। पुलिस ने कहा कि शर्मा को मारने की साजिश हुसैन ने बनाई क्‍योंकि वह इलाके में जाना-पहचाना चेहरा था। उसने उस भीड़ को उकसाया जिसने अंकित को मारा। पुलिस ने उसके फोन की लोकेशन से भी पुष्टि की है कि वह उस वक्‍त वहीं पर मौजूद था। पुलिस का कहना है कि उनके पास अपने दावों को साबित करने के लिए पर्याप्‍त इलेक्‍ट्रॉनिक, फोरेंसिक सबूत हैं। चार्जशीट में मुख्‍य आरोपी सलमान है जिसकी मोबाइल कॉल ट्रेस की गई थी। सभी 10 आरोपी इस समय जेल में हैं। 25 फरवरी की हुई थी अंकित की हत्‍या अंकित शर्मा की हत्‍या खजूरी खास में ताहिर हुसैन के घर के पास हुई थी। भीड़ ने शर्मा की बेरहमी से हत्‍या के बाद शव को नाले में फेंक दिया था। शर्मा के लापता होने के एक दिन बाद 27 फरवरी को उनका शव उत्तर-पूर्वी दिल्ली के चांदबाग में उनके घर के नजदीक एक नाले से मिला था। पोस्‍टमॉर्टम में अंकित के जिस्‍म पर तेज धार वाले हथियार के 51 निशान मिले थे।
नई दिल्ली, 02 जून 2020,दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने मंगलवार यानी 2 जून को कड़कड़डूमा कोर्ट में जाफराबाद हिंसा मामले में चार्जशीट दाखिल की है. क्राइम ब्रांच ने चार्जशीट में कई बड़े खुलासे किए हैं. चार्जशीट में क्राइम ब्रांच ने बताया कि दंगे के दौरान महिलाओं को वॉट्सएप ग्रुप से कई संदेश भेजे गए थे. दिल्ली के जाफराबाद हिंसा मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है जिसमें 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इस हिंसा में 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस की जांच में पता चला कि दंगा फैलाने के मामले में गहरी साजिश रची गई थी. महिलाओं को व्हाट्सएप ग्रुप में मिले थे भड़काऊ मैसेज मुख्य आरोपी नताशा नरवाल, देवांगना कलिता को बनाया गया था. ये पिंजरा तोड़ ग्रुप से जुड़ी हुई है. जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास हुए दंगे में उनका काफी अहम रोल था. ये दोनों इंडिया अगेंस्ट हेट ग्रुप से भी जुड़ी हुई थीं. JNU के छात्र उमर खालिद से जुड़ी हुई थीं. इनके वॉट्सएप ग्रुप चैट से जांच में पुलिस को दंगा फैलाने के सबूत मिले हैं. ये सबूत एक आरोपी के फोन से मिले थे. इसी ग्रुप के वॉट्सएप मैसेज से पुलिस के द्वारा खुलासा किया गया कि इन लोगों ने बड़े पैमाने पर मैसेज भेजा कि दंगों के दौरान घर की औरतों को क्या करना चाहिए. मैसेज में लिखा गया था- 'घर में खौलता हुआ तेल, या पानी रखें. बिल्डिंग के सीढ़ियों पर तेल, शैम्पू या सर्फ गिरा दें. लाल मिर्च का इस्तेमाल करें. दरवाजों को मजबूत करें और गेट बंद करें. तेजाब की बोतल घर में रखें. घर की छत और बालकनी में ईंट ओर पत्थर रखें. कार और बाइक से पेट्रोल निकाल कर रखें.' वॉट्सएप ग्रुप में लिखा था, 'लोहे के दरवाजों में स्विच से करंट का इस्तेमाल करें. एक बिल्डिंग से दूसरे बिल्डिंग में जाने के लिए रास्ते का इंतजाम करें. बिल्डिंग सभी मर्द एक साथ ना छोड़ें और कुछ मर्द महिलाओं की सुरक्षा के लिए घर में रुकें.'
नई दिल्ली, 02 जून 2020, दिल्ली हिंसा मामले में क्राइम ब्रांच ने कड़कड़डूमा कोर्ट में चार्जशीट दायर कर दी है. दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता और पार्षद ताहिर हुसैन को मास्टरमाइंड बताया है. चार्जशीट में पार्षद ताहिर हुसैन समेत 15 लोगो को आरोपी बनाया गया है. करीब एक हजार पन्नों की इस चार्जशीट में पार्षद ताहिर हुसैन के भाई शाह आलम को भी आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा है कि हिंसा के वक्त आरोपी ताहिर हुसैन अपनी छत पर था. ताहिर हुसैन पर हिंसा कराने का आरोप है. पुलिस के मुताबिक, हिंसा कराने के लिए ताहिर ने एक करोड़ 30 लाख रुपये खर्च किए थे. दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा कि हिंसा से पहले आरोपी ताहिर हुसैन ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरकिता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल लोगों से बातचीत की थी. ताहिर ने जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद से भी बात की थी. चार्जशीट के मुताबिक, दिल्ली हिंसा की पूरी तैयारी पहले से की गई थी. ताहिर हुसैन ने लोगों से बात की थी और उसी वक्त तय किया गया था कि जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दिल्ली आएंगे तब दिल्ली में हिंसा कराया जाएगा. हालांकि पुलिस ने इस चार्जशीट में उमर खालिद को आरोपी नहीं बनाया है. कौन है ताहिर हुसैन हाजी ताहिर हुसैन, मुस्तफाबाद विधानसभा के नेहरू विहार वार्ड से पार्षद हैं. दिल्ली हिंसा में नाम आने के बाद आम आदमी पार्टी ने ताहिर हुसैन को निकाल दिया था. उन पर इंटीलेंज ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या समेत दिल्ली में हिंसा फैलाने का आरोप है. आरोप है कि उनके घर की छत से ही हमला किया जा रहा था.
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस उपराज्यपाल अनिल बैजल के दफ्तर ((corona in lieutenant governor anil baijal office) तक पहुंच गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल के दफ्तर में 13 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। यह जानकारी मंगलवार सुबह सामने आई है। देश में अनलॉक 1.0 लागू हो चुका है लेकिन पूरे भारत के साथ-साथ दिल्ली में भी कोरोना वायरस के मामले बढ़ते जा रहे हैं। दिल्ली में कोरोना के केस 20 हजार के पार हो चुके हैं। चार दिनों के बाद संक्रमण की रफ्तार हजार से नीचे सोमवार को चार दिनों के बाद दिल्ली में कोविड का संक्रमण एक हजार से नीचे आया। पिछले 28 मई से लेकर 31 मई के बीच लगातार दिल्ली में एक हजार से अधिक संक्रमण पाया गया। लेकिन 1 जून को दिल्ली में कोविड की वजह से 990 लोगों में संक्रमण की पुष्टि की गई है। अब दिल्ली में संक्रमण की संख्या 20 हजार के पार पहुंच गई है। अभी कुल 20,834 लोग संक्रमित हैं। दिल्ली में 50 और मौत की पुष्टि की गई है और अब मरने वालों की संख्या 523 हो गई है। सोमवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार अभी दिल्ली में 11565 लोग संक्रमित हैं। इसमें से कोविड हॉस्पिटल में 2748 मरीज एडमिट हैं, इसमें से 219 लोग आईसीयू में हैं और 42 मरीज वेंटिलेटर स्पोर्ट पर हैं। इसके अलावा कोविड हेल्थ सेंटर में 164, कोविड केयर सेंटर में 672 और होम आइसोलेशन में 6238 मरीज हैं। अब तक दिल्ली में 2,17,537 सैंपल की जांच की जा चुकी है। 20 हजार के पार कोरोना कोविड संक्रमण की बात करें दिल्ली में 2 मार्च को पहला मामला आया था। 31 मार्च तक यह संख्या 120 तक पहुंच गई और दो की मौत की पुष्टि हुई थी। अप्रैल में 30 तक संक्रमण 3515 हो गया और इसकी वजह से 59 लोगों की मौत हो गई। मई में संक्रमण में तेजी आई और 1 जून को मामला 20 हजार के पार पहुंच गया और मरने वालों की संख्या पांच सौ के पार।
नई दिल्‍ली कोरोना वायरस को लेकर दिल्‍ली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे भाजपा सांसद मनोज तिवारी को हिरासत में लिया गया है। वह प्राइवेट अस्‍पतालों में ज्‍यादा फीस, दिल्‍ली सरकार की बदइंतजामी को लेकर राजघाट में प्रदर्शन करने पहुंचे थे। तिवारी के साथ भाजपा के कुछ अन्‍य सदस्‍यों को भी हिरासत में लेकर बस में बिठाया गया। सबको राजिंदर नगर थाने ले जाया जा रहा है। हिरासत में लिए जाने से पहले क्‍या बोले तिवारी दिल्‍ली बीजेपी चीफ ने हिरासत में लिए जाने से पहले मीडिया से कहा, "दिल्‍ली के लोगों के लिए बेड की व्‍यवस्‍था हो। प्राइवेट हॉस्पिटल्‍स में पांच लाख रुपये जमा किए बिना एंट्री नहीं है। हमने इस दिल्‍ली की कल्‍पना थोड़े ही की थी। दिक्‍कतें बहुत हैं।" कर्मचारियों को सैलरी देने की खातिर केंद्र सरकार से फंड मांगने पर तिवारी ने कहा कि दिल्‍ली सरकार के पास 'ऐडवर्टिजमेंट देने के लिए पैसे हैं और सैलरी देने के पैसे नहीं हैं।' बॉर्डर सील करने पर उन्‍होंने कहा कि 'दिल्‍ली की सारी व्‍यवस्‍था सिर्फ बातों पर रह गई है, जमीन पर नहीं है।' क्‍या प्रदर्शन कर तोड़ा लॉकडाउन? तिवारी ने लॉकडाउन तोड़ने की बात को सिरे से खारिज किया। मास्‍क लगाए हुए तिवारी ने कहा कि हमने प्रोटेस्‍ट सोशल डिस्‍टेंसिंग के साथ कर रहे थे मगर पुलिस का सम्‍मान करते हैं। उन्‍होंने कहा, "हम लोग नियम-कानून से ही प्रोटेस्‍ट कर रहे थे। हम सिर्फ दिल्‍ली सरकार जो दिल्‍ली के साथ अन्‍याय कर रही है, उसको अंडरलाइन कर रहे हैं। हम लोग सिर्फ पांच-छह लोग हैं, हमने कोई उल्‍लंघन नहीं किया।" केजरीवाल सरकार पर हमलावर रहे हैं तिवारी दिल्ली सरकार द्वारा केंद्र से 5 हजार करोड़ रुपये की मदद मांगने पर तिवारी ने सवाल उठाए थे। उन्होंने ट्वीट कर दिल्ली सरकार से 22 मार्च से लेकर 29 मई तक टीवी, प्रिंट और इंटरनेट पर दिए गए विज्ञापन का हिसाब मांगा था। तिवारी ने केजरीवाल सरकार से यह भी पूछा था कि अब तक दिल्ली में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अस्पतालों पर कितना खर्च किया गया, उसका भी हिसाब दें। एक हफ्ते के लिए दिल्ली के सभी बॉर्डर सील दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के सभी बॉर्डर अगले एक हफ्ते के लिए सील करने का फैसला लिया है। अब दिल्ली के बाजारों में ऑड-ईवन सिस्टम भी खत्म कर दिया गया है। यानी अब सभी बाजारों में सारी दुकानें एक साथ खोली जा सकती हैं। आगे बॉर्डर खोले जाएं या नहीं, इसके लिए केजरीवाल ने जनता से राय मांगी है। इसके लिए 8800007722 नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर वॉट्सऐप के जरिए लोग अपनी राय भेज सकते हैं या फिर 1031 नंबर पर अपने विचार रिकॉर्ड करा सकते हैं।
नई दिल्ली दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने एक सप्ताह के लिए सीमा सील करने का आदेश दिया है। सीएम ने कहा कि दिल्ली में लोग अच्छे स्वास्थ्य सेवाओं के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे गी हम सीमा खोलेंगे यहां कोरोना के लिए रखे गए बेड तुरंत भर जाएंगे। दिल्ली के सीएम के इस फैसले को सियासी नजरिए से भी देखा जा रहा है। बता दें कि बीजेपी शासित उत्तर प्रदेश और हरियाणा ने दिल्ली से लगती जिलों की सीमाओं को सील कर दिया है। दिल्ली सीएम के फैसले को उसी से जोड़कर देखा जा रहा है। वहीं, सोशल मीडिया पर केजरीवाल के फैसले पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। धवल पटेल नामक एक ट्विटर यूजर ने लिखा है कि दिल्ली एक अलग देश नहीं है और संघीय ढांचा में कोई भी शख्स एक राज्य से दूसरे राज्य कहीं भी आ-जा सकता है। साकेत गोखले नामक एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए। बता दें कि उत्तर प्रदेश में गौतमबुद्ध नगर जिले और गाजियाबाद जिले के जिलाधिकारियों ने दिल्ली से लगी सीमाओं को सील करने का आदेश दे रखा है। प्रशासन का कहना है कि 40 फीसदी से ज्यादा कोरोना के केस दिल्ली सीमा के खुले होने के कारण बढ़े हैं। वहीं, हरियाणा ने भी गुड़गांव से लगती सीमा को सील कर दिया था। शुक्रवार तक सुझाव, एक सप्ताह के लिए सीमा सील दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री ने बॉर्डर खोलने पर आम जनता से राय मांगी है। उन्‍होंने कहा कि 'अगर बॉर्डर खोल दिए तो देश भर से लोग इलाज के लिए दिल्ली आते हैं। दो कारणों से आते हैं। एक तो दिल्ली की स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं सबसे अच्‍छी हैं। दूसरा लोग इसलिए दिल्ली आते हैं कि यहां सबकुछ मुफ्त है। जैसे ही हम बॉर्डर खोलेंगे, देशभर से लोग दिल्ली में इलाज के लिए आएंगे। जो साढ़े 7 हजार बेड रखे गए हैं, ये दो दिन के अंदर भर जाएंगे। हमें क्या करना चाहिए? क्या बॉर्डर खोलने चाहिए? कुछ लोगों का कहना है कि बॉर्डर खोल देना चाहिए। कुछ लोगों का सुझाव है कि कोरोना काल तक दिल्ली में सिर्फ दिल्ली के मरीजों का इलाज हो। क्‍या किया जाना चाहिए, आपका सुझाव चाहिए।' उन्होंने दिल्ली की जनता से शुक्रवार शाम 5 बजे तक सुझाव मांगा है। यहां दे सकते हैं सुझाव -8800007722 पर वाट्सऐप पर -delhicm.suggestion@gmai.com -फोन करके 1031 पर अपनी राय रिकॉर्ड करा सकते हैं
नई दिल्‍ली दिल्‍ली ने अपनी सारी सीमाएं अगले एक सप्‍ताह के लिए सील कर दी हैं। मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को इसका ऐलान किया। इस दौरान केवल जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों और व्‍यक्तियों को जाने की परमिशन होगी। सीएम ने दिल्‍ली की जनता से दो बिंदुओं पर राय भी मांगी है। एक ये कि क्या दिल्‍ली के बॉर्डर को बंद ही रखा जाए। और दूसरा कि दिल्‍ली में दूसरे राज्‍यों के लोगों के इलाज को रोका जाए या नहीं। सीएम बोले, घबराने की बात नहीं मगर... केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि "दिल्‍ली के अंदर कोरोना के मामले काफी बढ़ रहे हैं। यह चिंता की बात तो है मगर घबराने की बात नहीं है। दिल्‍ली के अंदर पिछले पांच साल में AAP की सरकार ने अस्‍पतालों में खूब पैसा लगाया है। उन्‍होंने कहा कि दुनिया में जब स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं, तो दिल्ली का मुख्यमंत्री विश्वास दिला रहा है कि आपके लिए बेड है। आपके लिए बेड का इंतजाम कर लिया गया है। मैंने तीन'चार दिन पहले कहा था दिल्ली में 21 सौ मरीज हैं, लेकिन 6600 बेड हैं।" उन्‍होंने कहा कि जल्‍द साढ़े नौ हजार बेड का इंतजाम हो जाएगा। जनता से पूछा, क्‍या खोला जाए दिल्‍ली का बॉर्डर? दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री ने बॉर्डर खोलने पर आम जनता से राय मांगी है। उन्‍होंने कहा कि 'अगर बॉर्डर खोल दिए तो देश भर से लोग इलाज के लिए दिल्ली आते हैं। दो कारणों से आते हैं। एक तो दिल्ली की स्‍वास्‍थ्‍य सेवाएं सबसे अच्‍छी हैं। दूसरा लोग इसलिए दिल्ली आते हैं कि यहां सबकुछ मुफ्त है। जैसे ही हम बॉर्डर खोलेंगे, देशभर से लोग दिल्ली में इलाज के लिए आएंगे। जो साढ़े 7 हजार बेड रखे गए हैं, ये दो दिन के अंदर भर जाएंगे। हमें क्या करना चाहिए? क्या बॉर्डर खोलने चाहिए? कुछ लोगों का कहना है कि बॉर्डर खोल देना चाहिए। कुछ लोगों का सुझाव है कि कोरोना काल तक दिल्ली में सिर्फ दिल्ली के मरीजों का इलाज हो। क्‍या किया जाना चाहिए, आपका सुझाव चाहिए।" दिल्‍ली में अब सारी दुकानें खुलेंगी सीएम ने कहा कि दिल्‍ली में दुकानों के लिए ऑड-ईवन व्‍यवस्‍था लागू थी। मगर केंद्र ने कोई नियम नहीं बनाया है इसलिए दिल्‍ली में अब सारी दुकानें खुल सकती हैं। उन्‍होंने कहा कि सलून खुलेंगे मगर स्‍पॉ खुलने की परमिशन नहीं होगी। ऑटो, ई-रिक्‍शा और अन्‍य गाड़‍ियों ने पैसेंजर्स की संख्‍या तय थी मगर अब वह नियम भी वापस ले लिया गया है। दिल्ली में मोटरसाइकिल पर अब दो लोगों को बैठने की अनुमति दे दी गई है। कार में सिर्फ दो सवारियों की सवारी से जुड़ा नियम भी खत्‍म कर दिया गया है।
नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए केंद्र से पांच हजार करोड़ रुपये की तुरंत मदद मांगी है। अब इसपर राजनीति शुरू हो चुकी है। विपक्ष के नेताओं ने दिल्ली सरकार और सीएम अरविंद केजरीवाल को घेरना शुरू कर दिया है। कहा गया है कि सरकार ने बजट के पैसों को पहले विज्ञापनों में खर्च कर दिया और अब मदद मांग रही है। बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने दिल्ली सरकार पर यह आरोप लगाए हैं। कभी आप पार्टी का हिस्सा रहे कुमार विश्वास ने भी केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा कि केंद्र सरकार बाकी देश के लोगों के साथ-साथ दिल्ली के लोगों की भी मदद कर रही है। उन्होंने दावा किया कि लोगों के खातों में 1500, 1500 रुपये ट्रांसफर किए गए हैं। इसके साथ वृद्धा पेंशन आदि दिल्ली के लोगों को भी मिली। बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार का बजट अब 65 हजार करोड़ रुपये का है, यह पहले शीला दीक्षित के वक्त में कुल 39 हजार करोड़ का था। पहले ये पैसे विज्ञापन पर खर्च किए गए और अब मदद मांगी जा रही है। बिधूड़ी ने यह आरोप भी लगाया कि दूसरे राज्यों में भी मॉब लिंचिंग या किसी ऐसी वजह से मौत होती है तो केजरीवाल 1 करोड़ रुपये की सहायता कर देते हैं। बिधूड़ी ने कहा दिल्ली का पैसा ऐसे राजनीति करने के लिए बाहर खर्च किया जाता है। कुमार विश्वास ने कहा- दिल्ली को बनाया मौत का कुआं वहीं कभी आम आदमी पार्टी का हिस्सा रहे कवि कुमार विश्वास ने भी विज्ञापनों का जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि, 'लाखों-करोड़ की चुनावी-रेवड़ियां, टैक्सपेयर्स के हजारों करोड़ अखबारों में 4-4 पेज के विज्ञापन व चैनलों पर हर 10 मिनट में चेहरा दिखाने पर खर्च करके, पूरी दिल्ली को मौत का कुआं बनाकर अब स्वराज-शिरोमणि कह रहे हैं कि कोरोना से लड़ रहे डॉक्टरों को सैलरी देने के लिए उनके पास पैसा नहीं हैं।' आप का दामन छोड़ बीजेपी में आए कपिल मिश्रा ने लिखा कि, तो करोड़ों रुपये विज्ञापनों में क्यों फूंक रहे हो? परसों हर चैनल में 14 मिनट का केजरीवाल का विज्ञापन था। एक दिन में 25 करोड़ रुपये फूंके, हर रोज सिर्फ अखबारों में 2-3 करोड़ के विज्ञापन, टीवी पर रोजाना 4-5 करोड़ रुपये के विज्ञापन, पैसे नहीं हैं तो ये बर्बादी क्यूं?'
नई दिल्ली कोरोना वायरस संकट के बीच दिल्ली सरकार ने केंद्र से 5 हजार करोड़ रुपये की मदद मांगी है। कहा गया है कि उनके पास स्टाफ को सैलरी देने तक के पैसे नहीं हैं, इसलिए पैसा जल्द से जल्द दिया जाना चाहिए। सिसोदिया ने यह बात प्रेस कॉन्फ्रेंस और ट्वीट दोनों के जरिए कही। वह बोले कि मैंने केंद्रीय वित्त मंत्री को चिट्ठी लिखकर दिल्ली के लिए 5 हजार करोड़ रुपए की राशि की मांग की है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी मदद के लिए ट्वीट किया है। सिसोदिया के मुताबिक, कोरोना और फिर लॉकडाउन की वजह से दिल्ली सरकार का टैक्स कलेक्शन करीब 85% नीचे चल रहा है। इसलिए इस मदद की जरूरत है। यह भी कहा गया कि केंद्र की ओर से बाकी राज्यों को जारी आपदा राहत कोष से भी कोई राशि दिल्ली को नहीं मिली है। सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दिल्ली सरकार के राजस्व का रिव्यू किया है। अभी दिल्ली सरकार को सैलरी देने व जरूरी खर्चों के लिए 3500 करोड़ रुपये की जरूरत है। अभी तक कुल 1735 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है, जबकि अभी तक 7000 करोड़ रुपये का राजस्व आना था। केंद्र से तुरंत राहत के तौर पर कर्मचारियों की सैलरी व जरूरी कामकाज के लिए 5000 करोड़ की मांग की है। दिल्ली के डेप्युटी सीएम ने आगे कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री को लेटर लिखा है कि तुरंत 5000 करोड़ रुपये की सहायता दें। क्योंकि आपदा राहत कोष से दिल्ली को पैसा नहीं मिला है जबकि बाकी राज्यों को मिला है। लॉकडाउन की वजह से आई आर्थिक परेशानियों को देखते हुए दिल्ली सरकार को तुरंत 5 हजार करोड़ रुपये की जरूरत है।
नई दिल्ली दिल्ली में कोरोना वायरस से निपटने की क्या तैयारी है सीएम अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को फिर इसका अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि कोरोना केसों का बढ़ना चिंता की बात है लेकिन इससे घबराने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग ठीक हो रहे हैं वो भी घर पर ही रहकर। केजरीवाल के मुताबिक, पिछले 15 दिनों में 8500 कोरोना केस सामने आए, लेकिन हॉस्पिटल में सिर्फ 500 ही भर्ती हुए हैं बाकियों का घरपर इलाज चल रहा। केजरीवाल ने बताया कि सोमवार से लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती होने के लिए इधर-उधर भटकना नहीं होगा क्योंकि एक ऐप लाया जा रहा है। सोमवार तक आएगा ऐप, भटकना नहीं होगा अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली सरकार ने कुल कोरोना मरीजों से दोगुने बेड की व्यवस्था की हुई है, बावजूद इसके लोगों को पता नहीं होता कि आखिर कोरोना होने पर जाना कहा हैं। इसपर केजरीवाल ने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा। सोमवार को एक ऐप लाया जा रहा है जिसमें हॉस्पिटल्स का डेटा होगा, बताया जाएगा कहां कितने बेड खाली हैं। इसके लिए एक वेबसाइट भी बनाई जा रही है। फर्जी वीडियो, फोटोज पर बोले सीएम केजरीवाल ने कहा कि पिछले दिनों दिल्ली के नाम पर फर्जी वीडियोज भी शेयर किए जा रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि ऐसे लोग गंदी राजनीति करते हैं और लोगों को भ्रमित करना चाहते हैं। उन्होंने दो वीडियोज का जिक्र किया जिसमें दिल्ली हॉस्पिटल में लाशों और खराब खाने पर सवाल उठाए थे। केजरीवाल ने कहा कि दोनों ही वीडियो दिल्ली के नहीं थे। केजरीवाल ने ऐसे लोगों से संकट के वक्त में राजनीति नहीं करने को कहा। दिल्ली सीएम बोले कि इससे मेडिकल स्टाफ का मनोबल टूटता है, वे कहते हैं कि हम इतना अच्छा काम करने की कोशिश कर रहे फिर भी लोग सवाल उठाते हैं। केजरीवाल ने कहा कि जनता ऐसे वीडियो, फोटोज पर आंख मूंदकर भरोसा न करे। अगर सही में कोई लापरवाही का मामला होगा उसपर सरकार कार्रवाई करेगी।
नई दिल्ली,29 मई 2020, देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. दिल्ली के अलावा कई राज्यों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. इस बार रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.6 आंकी गई है. दिल्ली-एनसीआर समेत हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. वहीं हरियाणा के रोहतक में भूकंप का केंद्र रहा है. रात 9.08 बजे आए इस भूकंप के झटके करीब 10 से 15 सेकेंड तक महसूस किए गए हैं. इस भूकंप की तीव्रता 4.6 आंकी गई है. वहीं सतह से पांच किलोमीटर अंदर इसकी गहराई बताई जा रही है. दिल्ली में कई बार भूकंप पिछले कुछ दिनों में देश की राजधानी में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. 15 मई को दिल्ली में भूकंप का झटका महसूस किया गया. हालांकि, रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता केवल 2.2 थी. इससे पहले 10 मई को दोपहर में करीब 1.45 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 3.5 बताई जा रही थी. वहीं 12 और 13 अप्रैल को भी दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. 12 अप्रैल को आए भूकंप की तीव्रता 3.5 थी, जबकि 13 अप्रैल को आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.7 थी. दोनों भूकंप के झटकों का केंद्र दिल्ली ही था.
नई दिल्ली,दिल्ली में आम आदमी पार्टी के विधायक प्रकाश जारवाल की जमानत अर्जी को राउज एवेन्यू कोर्ट ने खारिज कर दिया. जारवाल ने कोर्ट से गुहार लगाई थी कि कोरोना वायरस के इस मुश्किल वक्त में वे अपने क्षेत्र में लोगों का हाल जानना चाहते हैं, लिहाजा उन्हें जमानत दी जाए. इससे पहले जमानत अर्जी पर कोर्ट ने सुनवाई की थी लेकिन फैसला सुरक्षित रख लिया था. कोर्ट ने जारवाल को जमानत देने से इनकार कर दिया. प्रकाश जारवाल की तरफ से पेश हुए वकीलों ने कहा था कि विधायक के जेल में बंद होने के चलते आम लोगों के कोरोना से जुड़ी परेशानियों का समाधान इलाके में जाकर वे नहीं कर पा रहे हैं. जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान विधायक के वकील ने कहा कि विधायक न तो देश छोड़कर भाग सकते हैं और न ही अपनी जिम्मेदारियों से. लिहाजा उनको जमानत दी जाए. वकीलों की तरफ से कहा गया कि जमानत के लिए प्रकाश जारवाल कोर्ट की सभी शर्तों का पालन करने के लिए तैयार हैं. बता दें, दिल्ली पुलिस ने प्रकाश जारवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस का कहना है कि प्रकाश जारवाल टैंकर माफिया को चला रहे थे. दिल्ली जल बोर्ड में हर टैंकर को चलाने के लिए टैंकर मालिकों से पैसे लिए जाते थे, उन्हीं पैसों से प्रकाश जारवाल ने कई प्रॉपर्टी और फॉर्म हाउस खरीदे. आरोप है कि विधायक ने अपने भाई के नाम पर फार्म हाउस खरीदे. प्रकाश जारवाल ने दिल्ली के जीके समेत कई इलाकों में प्रॉपर्टी और फॉर्म हाउस खरीदे. इसके अलावा पुलिस ने जानकारी जुटाई है कि राजस्थान और जयपुर में भी कई जगह बड़ी संपत्तियां प्रकाश जारवाल की ओर से खरीदी गई हैं.
नई दिल्ली टीम इंडिया के पूर्व दिग्गज ओपनर और पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद गौतम गंभीर के पिता की एसयूवी कार चोरी हो गई है। यह चोरी गुरुवार तड़के हुई। इस मामले में दिल्ली के राजेंद्र नगर थाने में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस जांच में जुटी है। चूंकि मामला बीजेपी सांसद से जुड़ा हुआ है, लिहाजा जिला पुलिस ने कई टीमें गठित कर दी हैं। डीसीपी सेंट्रल के मुताबिक सीसीटीवी के जरिए चोरों की सुराग लगाने की कोशिश की जा रही है। गौतम गंभीर अपने पिता के साथ ही रहते हैं। डीसीपी सेंट्रल संजय भाटिया ने कहा, ‘हमें उनके घर से एक फॉर्च्यूनर कार के चोरी होने की सूचना मिली है। एसएचओ इस बाबत ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित उनके घर गए थे।’ यह कार गंभीर के पिता दीपक गंभीर की है। उन्होंने पुलिस को बताया कि कार कल दोपहर से उनके घर के बाहर खड़ी थी और उन्हें सुबह इसके चोरी होने का पता चला। कार का नंबर डीएल आईसीकेए 0034 है। चार मिनट में काम तमाम पुलिस सीसीटीवी के जरिए चोरों की पहचान में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि संदिग्ध इनोवा में आए थे। वे गंभीर के घर के आगे रुके और चार मिनट में उनकी एसयूवी लेकर भाग गए। कोरोना के कारण दिल्ली में लॉकडाउन है और शाम सात बजे से लेकर सुबह सात बजे तक कर्फ्यू लगाया गया है। इसके बावजूद पुलिस इस हाई प्रोफाइल चोरी से सकते में है। गंभीर ने पिछले साल आम चुनावों में आम आदमी पार्टी की आतिशी मारलेना को शिकस्त दी थी। भाजपा ने इन चुनावों में महेश गिरी की जगह गंभीर को पूर्वी दिल्ली से उम्मीदवार बनाया था।
नई दिल्ली देश में कोरोना के मामले दिन ब दिन बढ़ते है जा रहे हैं। अब इसने राज्य सभा सचिवालय को भी अपनी चपेट में ले लिया है। एनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि एक अधिकारी के कोरोनी पॉजिटिव पाए जाने के बाद राज्य सभा सचिवालय के एक हिस्से को सैनिटेशन के लिए सील कर दिया गया है। संसद भवन परिसर में कोरोना का यह दूसरा मामला है। इससे पहले एडिटोरियल एंड ट्रांसलेशन सर्विसेज में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी में कोरोना की पुष्टि हुई थी। यह अधिकारी 12 मई तक ऑफिस आया था। उसका ऑफिस पार्लियामेंट एनेक्सी की पांचवीं मंजिल पर है। इस इमारत में संसद में तैनात अधिकांश अधिकारियों के ऑफिस हैं और हाउस पैनल की बैठकों भी यहीं होती हैं। देश में कोरोना के मामले हाल के दिनों में काफी तेजी से बढ़े हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या एक लाख 65 हजार से पार पहुंच गई है। इनमें से 71106 लोग इस बीमारी से उबर चुके हैं जबकि 4706 लोगों की मौत हो चुकी है।
नई दिल्ली दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कोरोना वायरस के बढ़ते केसों से नहीं घबराने की बात कही है। सिसोदिया ने कहा है कि दिल्ली में अच्छी बात यह है कि मरीज बढ़ रहे हैं लेकिन ठीक होनेवाले लोगों का ग्राफ भी तेजी से ऊपर जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुल मरीजों में से 50 प्रतिशत ठीक हो चुके हैं। सिसोदिया ने यह भी कहा कि आसपास किसी को कोरोना हो जाए तो खौफ में न आएं, यह छूआ-छूत की बीमारी नहीं है। दिल्ली के डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि लोग किसी को कोरोना होने पर पैनिक में न आएं। वह बोले कि आस-पड़ोस में किसी को कोरोना हो जाता है तो लोग डर जाते हैं। फोन, मेसेज करके कहते हैं कि पड़ोस में कोरोना मरीज मिला है, इसे ले जाओ। सिसोदिया ने कहा कि लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए। वह बोले कि कोरोना छूने से नहीं फैल जाता। वह तब ही फैलेगा जब संक्रमित शख्स की थूक की ड्रॉपलेट को आप गलती से टच कर देंगे और वह किसी तरह आपके मुंह, आंख या नाक के रास्ते शरीर में चली जाएगी। दिल्ली में कोरोना 17 हजार पार इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1106 नए केस सामने आए हैं। इसके बाद कुल केसों की संख्या 17386 हो गई है। इसमें से 7846 लोग ठीक हो चुके हैं वहीं अबतक 398 ने जान गंवाई है। होम क्वारंटाइन में ठीक हो रहे लोग मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोरोना होने पर सभी को हॉस्पिटल में भर्ती होने की जरूरत नहीं होती। वह बोले कि देशभर में 80 से 90 प्रतिशत लोग होम क्वारंटाइन में रहकर कोरोना से ठीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की गाइडलाइंस भी यही कहती हैं कि सभी कोरोना केसों में हॉस्पिटल भर्ती की जरूरत नहीं पड़ती।
नई दिल्ली लगातार 5 दिन लू से झुलसने के बाद दिल्ली-एनसीआर को बुधवार रात थोड़ी राहत मिली। बुधवार रात को तापमान में हल्की गिरावट आई जो रात में महसूस भी हुई। आज यानी गुरुवार को अधिकतम तापमान 44 डिग्री रहने के आसार हैं। वैसे सुबह से मौसम फिलहाल ठीक है। दिल्ली और नोएडा दोनों जगहों पर हवा चल रही है जिससे ठंडक बनी हुई है। फिलहाल तापमान 31 डिग्री पर है। दिल्ली की सुबह की तस्वीरें राजधानी दिल्ली की सुबह की तस्वीरें देखिए। सूरज नहीं दिख रहा है। मौसम सुहाना हुआ तो लोग कोरोना काल में भी वॉक करने निकल पड़े। बुधवार से पहले तक बुरा था हाल दस सालों में इतने लंबे समय तक गर्मी का प्रकोप राजधानी वालों ने तीसरी बार झेला है। पालम बुधवार को भी जलता रहा। पालम में दूसरे दिन भी तापमान 47.2 डिग्री बना रहा। यह सामान्य से 6 डिग्री अधिक है। कल बारिश के आसार, इस हफ्ते कैसा रहेगा मौसम गुरुवार से गर्मी का प्रकोप कुछ कम होने की संभावना है। इसके साथ ही शुक्रवार को लू से छुटकारा मिल सकता है। दस सालों के दौरान सबसे लंबा लू का प्रकोप 2013 में सामने आया था। उस साल लगातार 8 दिनों तक राजधानी लू की गिरफ्त में रही। तापमान 8 दिन तक 44 डिग्री से ऊपर बना रहा। इसके अलावा 2015 में भी राजधानी में लगातार 5 दिनों तक लू चली थी। 2020 में अब तक लगातार 5 दिनों तक लू का प्रकोप बना रहा है। लू का सिलसिला यहां 23 मई से ही शुरू हो गया है। बुधवार को राजधानी का अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री रहा जो सामान्य से 6 डिग्री अधिक है। इसके अलावा लोधी रोड में यह 45.1, आया नगर में 46.7, नजफगढ़ में 45.3 और स्पोर्टस कांप्लेक्स में 44.7 डिग्री रहा। रिजनल वेदर सेंटर के डिप्टी डीजी डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव के अनुसार गुरुवार को तापमान 44 डिग्री रह सकता है। शुक्रवार को राजधानी लू की चपेट से बाहर आ सकती है। तापमान 29 मई को 39 डिग्री पर रह सकता है। इसके बाद अधिकतम तापमान में अगले दो से तीन दिन काफी कमी आएगी। अनुमान है कि जून के शुरूआती दस दिनों में एक के बाद एक दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आने से तापमान 40 डिग्री से ऊपर नहीं जाएगा।
नई दिल्ली, 26 मई 2020,तबलीगी जमात के मरकज मामले में दिल्ली पुलिस ने आज 20 चार्जशीट दाखिल कर दी. 20 देशों के 83 विदेशियों के खिलाफ 14 हजार पन्नों की 20 चार्जशीट दाखिल की गई. बताया जा रहा है कि चार्जशीट में मरकज मैनेजमेंट के रोल का जिक्र भी किया गया है और साथ ही तबलीगी जमात के चीफ मौलाना साद के नाम का भी जिक्र. दिल्ली पुलिस की ओर से 20 देशों 83 विदेशी जमातियों के खिलाफ तीन अलग-अलग धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है. इन पर फॉरेनर एक्ट, अपेडिमिक डिसीस एक्ट और डिजास्टर एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं. साकेत कोर्ट 12 जून को चार्जशीट पर संज्ञान लेगा और सुनवाई करेगा. 20 देश, 20 चार्जशीट साकेत कोर्ट में अफगानिस्तान, ब्राजील, चीन, अमेरिका, यूक्रेन, ऑस्ट्रेलिया, मिस्त्र, रूस, अल्गेरिया, बेल्जियम, सऊदी अरब, जॉर्डन, फ्रांस, कजाकिस्तान, मोरक्को, ट्यूनेशिया, यूनाइटेड किंगडम, फिजी, सूडान, फिलीपिंस के नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है. अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की गई है. मौलाना साद की बढ़ेंगी मुश्किलें इस चार्जशीट से मौलाना साद की मुश्किलें बढ़ेंगी, क्योंकि जिन विदेशी जमातियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई है, उन सभी के वीजा फार्म में निजामुद्दीन स्थित जमात के मरकज का पता दिया हुआ था. मतलब वो विदेश से मरकज के कार्यक्रम में ही शामिल होने आए थे. सभी विदेशी जमातियों के खिलाफ दाखिल होगी चार्जशीट पूछताछ में जमातियों ने खुलासा भी किया है कि 20 मार्च के बाद मरकज में रूकने के लिए मौलाना साद ने ही कहा था. सभी विदेशी जमातियों को पहले 41 का नोटिस देकर जांच में शामिल करवाया गया था और पूछताछ की गई थी. बताया जा रहा है कि 943 विदेशी जमातियों से पूछताछ हुई थी और सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल होगी.
नई दिल्ली, 25 मई 2020, दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़कर 14053 हो गए हैं. पिछले 24 घंटों में 635 नए मामले सामने आए हैं, जबकि 231 मरीज ठीक हुए हैं. दिल्ली सरकार के हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में एक भी मौत नहीं हुई, लेकिन डेथ समरी के आधार पर मौत के 15 मामले रिपोर्ट हुए हैं. कोरोना से दिल्ली में अब तक 276 मौतें हुई हैं. दिल्ली में कोरोना के एक्टिव मरीजों की संख्या 7006 है. स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि पिछले 24 घंटों में कोई मौत नहीं हुई, लेकिन अस्पतालों द्वारा भेजी गई डेथ समरी के आधार पर डेथ ऑडिट कमेटी ने समीक्षा की तो मौत का आंकड़ा 261 से बढ़कर 276 हो गया. अभी दिल्ली का रिकवरी रेट 48.18 फीसदी और मृत्यु दर 1.92 फीसदी है. इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का दावा है कि दिल्ली सरकार कोरोना संक्रमण के खिलाफ पूरी तरह तैयार है. सीएम केजरीवाल के मुताबिक, दिल्ली में अभी भी करीब ढाई हजार बेड कोरोना मरीजों के लिए खाली है. उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पताल 3829 बेड हैं, जिनमें से 3164 बेड में ऑक्सीजन उपलब्ध है. वहीं, सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि प्राइवेट में 677 बेड हैं, जिनमें से 509 में कोरोना मरीज हैं, इसलिए कल सरकार ने आदेश जारी कर 117 अस्पतालों को 20 फीसदी बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए हैं. अगर प्राइवेट में इलाज कराना है तो 2000 बेड अब उपलब्ध हैं. प्राइवेट अस्पताल में 72 वेंटिलेटर हैं, जिनमें से 15 ही इस्तेमाल हो रहे हैं.
नई दिल्ली, 23 मई 2020,कोरोना वायरस की महामारी से जूझ रहे देश में दिल्ली सरकार के एक विज्ञापन ने नया बखेड़ा खड़ा कर दिया है. दिल्ली सरकार की ओर से समाचार पत्रों में प्रकाशित कराए गए एक विज्ञापन में सिक्किम को नेपाल और भूटान के साथ अलग देश के तौर पर भारत से अलग बताया गया है. अब दिल्ली सरकार के इस विज्ञापन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. बताया जाता है कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की ओर से सिविल डिफेंस के सदस्यों की भर्ती के लिए अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है. इस विज्ञापन में आवेदन के लिए पात्रता के कॉलम में लिखा गया कि भारत का नागरिक हो या नेपाल, भूटान या सिक्किम की प्रजा हो. नेपाल और भूटान के साथ सिक्किम को भी भारत से अलग दिखाया गया है. इस विज्ञापन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फोटो भी छपी है. कोरोना वायरस से दिल्ली में हुई मौतों के मुद्दे पर विपक्ष के निशाने पर रही अरविंद केजरीवाल की सरकार ने विपक्ष को हमलावर होने का एक और मौका दे दिया है. गौरतलब है कि साल 1975 में भारत का अंग बना सिक्किम, उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ के गठन से पहले देश का सबसे नया राज्य हुआ करता था. बता दें कि दिल्ली सरकार ने सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला है.
नई दिल्ली, 23 मई 2020, दिल्ली सरकार की ओर से समाचार पत्रों में प्रकाशित कराए गए एक विज्ञापन में सिक्किम को नेपाल और भूटान के साथ अलग देश के तौर पर भारत से अलग बताया गया है. इस विज्ञापन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. विवाद बढ़ने के बाद दिल्ली सरकार ने सफाई दी है. दिल्ली सरकार के सूत्रों के मुताबिक, ये गलती प्रशासनिक स्तर पर हुई है. सूत्रों के मुताबिक, सरकार इस मामले की जांच कर रही है, जो भी इस मामले में दोषी पाया जायेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी. क्या है पूरा मामला बताया जाता है कि दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की ओर से सिविल डिफेंस के सदस्यों की भर्ती के लिए अखबारों में विज्ञापन प्रकाशित कराया गया. इस विज्ञापन में आवेदन के लिए पात्रता के कॉलम में लिखा गया कि भारत का नागरिक हो या नेपाल, भूटान या सिक्किम की प्रजा हो. नेपाल और भूटान के साथ सिक्किम को भी भारत से अलग दिखाया गया है. इस विज्ञापन पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की फोटो भी छपी है. इस विवादित विज्ञापन के साथ ही कोरोना वायरस से दिल्ली में हुई मौतों के मुद्दे पर विपक्ष के निशाने पर रही अरविंद केजरीवाल की सरकार ने विपक्ष को हमलावर होने का एक और मौका दे दिया था. गौरतलब है कि साल 1975 में भारत का अंग बना सिक्किम, उत्तराखंड, झारखंड और छत्तीसगढ़ के गठन से पहले देश का सबसे नया राज्य हुआ करता था. बता दें कि दिल्ली सरकार ने सिविल डिफेंस वॉलंटियर्स की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला है.
नई दिल्ली देश में कोरोना के बढ़ते कहर के बीच सूरज की तपिश भी लगातार बढ़ रही है। दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश , यूपी, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में लू के थपेड़ों की शुरुआत भी हो चुकी है। दिल्ली में पारा 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर चुका है। शनिवार को राजस्थान के चुरू और श्रीगंगानर सबसे ज्यादा तप रहे हैं जहां पारा 47 डिग्री के करीब पहुंच चुका है। आइए एक नजर डालते हैं देश के उन शहरों पर जो झुलसा देने वाली गर्मी को झेल रहे हैं। लू के थपेड़ों की हुई शुरुआत मई का चौथा हफ्ता चल रहा है। हालांकि भारत के कई हिस्सों में इस महीने प्री-मॉनसून बारिश हुई है जिस वजह से अब तक लू चलने की शुरुआत नहीं हुई थी। अब पारा के चढ़ने के साथ ही लू का प्रकोप भी शुरू हो चुका है। राजस्थान, यूपी, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में तापमान काफी बढ़ चुका है। राजस्थान के 3 शहरों में पारा 46 डिग्री के पार पहुंच चुका है। यूपी के झांसी में भी अधिकतम तापमान 46 डिग्री को पार कर चुका है। पिछले 24 घंटे में देश के 10 सबसे गर्म शहर पिछले 24 घंटे में देश के 10 सबसे ज्यादा गर्म शहरों की बात करें तो इनमें 5 तो अकेले राजस्थान के हैं। मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के 2-2 और एक शहर यूपी का है। जगह राज्य अधिकतम तापमान (डिग्री सेल्सियस) चुरू राजस्थान 46.6 श्रीगंगानगर राजस्थान 46.6 झांसी यूपी 46.1 पिलानी राजस्थान 46.0 नौगांव एमपी 45.8 बीकानेर राजस्थान 45.6 नागपुर महाराष्ट्र 45.6 चंद्रपुर महाराष्ट्र 45.5 खजुराहो एमपी 45.5 कोटा राजस्थान 45.5 दिल्ली दिल्ली 45.4 अगले 5 दिनों तक गर्मी से राहत के आसार नहीं: मौसम विभाग अगले 5 दिनों तक उत्तर भारत खासकर राजस्थान में गर्मी से राहत की कोई उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक मध्य प्रदेश और राजस्थान मे तेज लू चल सकती है। खासकर पश्चिमी राजस्थान को अगले 24 घटों में लू की जबरदस्त मार झेलनी होगी। इसके साथ ही उत्तरी उत्तर प्रदेश में भी गर्म हवाएं चलेंगी। अगले हफ्ते कई जगहों पर पारा 48 से 49 डिग्री सेल्सियस पहुंचने का अनुमान है।
दिल्ली कोरोना वायरस की वजह से होने वाला संक्रमण तो हर गुजरते दिन के साथ बढ़ ही रहा है, इससे होने वाली मौतें भी लगातार बढ़ती जा रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक दिल्ली (Coronavirus in delhi) में मरने वालों की कुल संख्या अब 194 जा पहुंची है और 571 नए मामले सामने आए हैं। एक दिन में कोरोना वायरस के मामले मिलने का ये अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। दिल्ली में अब कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 11,659 हो गई है। लगातार तीसरा दिन है जब दिल्ली में 500 से अधिक केस सामने आए हैं। इससे पहले बुधवार को 534 मामले सामने आए थे और मौतों का आंकड़ा 176 पर था, जो आज 18 मौतें होने से बढ़कर 194 पर जा पहुंचा है। इसे पहले मंगलवार को 500 संक्रमित मरीजों की पुष्टि की गई थी। इससे पहले सोमवार तक स्थिति इतनी बुरी नहीं थी। सोमवार को दिल्ली में कोरोना से 299 मरीज मिले थे। उस दिन कोरोना के केस 10 हजार पार हुए थे। इससे पहले रविवार को 422 केस मिले थे। स्क्रीनिंग सेंटर बन रहे नए हॉटस्पॉट? कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर किसी भी तरह अपने घर पहुंचना चाहते हैं। ऐसे लोगों को स्क्रीनिंग सेंटर्स में बुलाकर उनका नाम श्रमिक स्पेशल ट्रेन के लिए दर्ज किया जा रहा है और उनका बेसिक हेल्थ चेकअप किया जा रहा है। फिट होने पर ही उन्हें ट्रेन में चढ़ने की इजाजत दी जा रही है। लेकिन ये स्क्रीनिंग सेंटर ही हॉटस्पॉट बनते दिख रहे हैं। यहां जुटे भीड़ से खतरा कितना ज्यादा है इसका अंदाजा इससे लगाएं कि दिल्ली से बिहार पहुंच रहे लोगों की जब जांच हो रही तो हर चौथा शख्स कोरोना पॉजिटिव निकल रहा। इसकी मुख्य वजह यह है कि रजिस्ट्रेशन के लिए भारी भीड़ जुटती है, जिसकी वजह से सोशल डिस्टेंसिंग मुमकिन नहीं हो पाती।
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में कोरोना वायरस अब हर नया रेकॉर्ड बनाता दिख रहा है। बुधवार तक पिछले 24 घंटे में 534 नए मामले आए। यह लगातार दूसरा दिन था जब दिल्ली में 500 केस सामने आए। इससे पहले मंगलवार को 500 संक्रमित मरीजों की पुष्टि की गई थी। यानी सिर्फ दो दिनों में दिल्ली में कोरोना से 1034 लोग संक्रमित हो चुके हैं। मई के 20 दिन में 7573 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जो मार्च और अप्रैल में सामने आए मरीजों 3515 से दोगुने से भी ज्यादा हैं। बुधवार को जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, 24 घंटे में कोरोना के 534 नए मामलों की पुष्टि हुई। इसके साथ ही दिल्ली में अब कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 11,088 तक पहुंच चुकी है। इससे पहले सोमवार तक स्थिति इतनी बुरी नहीं थी। सोमवार को दिल्ली में कोरोना से 299 मरीज मिले थे। उस दिन कोरोना के केस 10 हजार पार हुए थे। इससे पहले रविवार को 422 केस मिले थे। राहत की बात, 47 प्रतिशत लोग ठीक कोरोना वायरस के बढ़ते केस जहां डराते हैं, वहीं ठीक हो रहे मरीजों की संख्या थोड़ी राहत भी देती है। राजधानी में बुधवार को 442 मरीज इस संक्रमण से ठीक हो गए, जिन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई है। अब तक दिल्ली में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 5 हजार के पार पहुंच चुकी है। कुल 5192 लोगों ने कोविड संक्रमण को मात देने में सफलता प्राप्त कर ली है। यह कुल केसों का 47 प्रतिशत है। स्क्रीनिंग सेंटर बन रहे नए हॉटस्पॉट? कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर किसी भी तरह अपने घर पहुंचना चाहते हैं। ऐसे लोगों को स्क्रीनिंग सेंटर्स में बुलाकर उनका नाम श्रमिक स्पेशल ट्रेन के लिए दर्ज किया जा रहा है और उनका बेसिक हेल्थ चेकअप किया जा रहा है। फिट होने पर ही उन्हें ट्रेन में चढ़ने की इजाजत दी जा रही है। लेकिन ये स्क्रीनिंग सेंटर ही हॉटस्पॉट बनते दिख रहे हैं। यहां जुटे भीड़ से खतरा कितना ज्यादा है इसका अंदाजा इससे लगाएं कि दिल्ली से बिहार पहुंच रहे लोगों की जब जांच हो रही तो हर चौथा शख्स कोरोना पॉजिटिव निकल रहा। इसकी मुख्य वजह यह है कि रजिस्ट्रेशन के लिए भारी भीड़ जुटती है, जिसकी वजह से सोशल डिस्टेंसिंग मुमकिन नहीं हो पाती।
दिल्ली देश में कोरोना के मामले एक लाख को पार कर गए हैं. अब कुल मरीजों की संख्या 1 लाख 6 हजार 750 है. इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आकर अब तक 3 हजार 303 लोगों की मौत हो चुकी है. राहत की बात है कि अब तक 42 हजार से अधिक लोग ठीक हो चुके हैं. वहीं, दुनिया की बात करें तो अब तक करीब 49 लाख केस सामने आ चुके हैं, जिसमें 3.22 लाख लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. दिल्ली में कोरोना के मामले बढ़ कर 11088 हो गए हैं. पिछले 24 घंटों में 534 नए मामले सामने आए हैं. राहत की बात है कि पिछले 24 घंटों में 442 मरीज ठीक हुए हैं. अब तक ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 5192 हो गई है. वहीं, कोरोना से अब तक 176 लोगों की मौत हो चुकी है.
नई दिल्ली, 18 मई 2020,दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अनिल चौधरी को लॉकडाउन तोड़ने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है, फिलहाल वो जमानत पर हैं. दिल्ली पुलिस की ओर से एफआईआर में कहा गया है कि अनिल चौधरी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मजदूरों को झूठा आश्वासन देकर दिल्ली यूपी बॉर्डर पर बुलाया था. दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में खुलासा किया है कि 17 मई को दिल्ली के अलग अलग इलाकों से प्रवासी मजदूर गाजीपुर बॉर्डर पर इकट्ठा हो गए थे. दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पर पुलिस का आरोप जब मजदूरों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया, "हम यहां दिल्ली के अलग अलग इलाकों से पैदल चलकर बॉर्डर पर पहुंचे हैं, कांग्रेस पार्टी ने हमें यह बताकर यहां भेजा है कि यहां से उत्तर प्रदेश और बिहार के लिए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने गाड़ियों का इंतजाम किया है. साथ ही कांग्रेस पार्टी की तरफ से खाने पीने की व्यवस्था भी की गई है इसलिए अलग अलग ग्रुप में हम सभी मजदूर यहां इकट्ठा हुए". मजदूरों को झूठा आश्वासन दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में बताया कि अनिल चौधरी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मजदूरों को झूठा आश्वासन दिया क्योंकि गाजीपुर बॉर्डर पर किसी भी राज्य के लिए बस की कोई व्यवस्था नहीं थी. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन मुश्किल हुआ दिल्ली पुलिस का कहना है कि बड़ी संख्या में मजदूरों के इकट्ठा होने से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना मुश्किल हो गया और साथ ही कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा हुई. इसके साथ साथ संक्रमण का भी खतरा बढ़ गया. बता दें कि अनिल चौधरी ने कहा था कि दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल हमें परमिशन दें, हमारे पास बसों की व्यवस्था है. हम अपने खर्चे पर श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने का काम करेंगे. इसके बाद उन्होंने कहा था कि मुझे मेरे निवास स्थान पर पुलिस द्वारा हिरासत में लिया गया है, पता नहीं क्यों?
नई दिल्ली देश में चल रहे लॉकडाउन 4 को लेकर राज्य अपने स्तर पर नियमों में ढील दे रहे हैं। इस कड़ी में आज दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी को लेकर नई गाइडलाइन का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि अब तक कोविड-19 के कुल 10,054 मामले सामने आए हैं, जिनमें से 4,485 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दुकानें खोलने की घोषणा की। इसके साथ ही बसें चलाने का भी बड़ा फैसला लिया। हालांकि बसों को चलाने में एक शर्त रखी गई है। एकबार में केवल 20 यात्री ही सफर करेंगे। मेट्रो ट्रेन, कॉलेज, शॉपिंग मॉल और स्विमिंग पूल बंद उन्होंने कहा कि हमने लॉकडाउन की अवधि का उपयोग कोविड-19 से निपटने की व्यवस्था करने में किया। अब हमें धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था को खोलने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली में मेट्रो ट्रेन, कॉलेज, शॉपिंग मॉल और स्विमिंग पूल बंद रहेंगे। CM ने कहा कि दिल्ली में 31 मई तक धार्मिक सभाओं की अनुमति नहीं है। स्पा, सैलून भी बंद रहेंगे। रेस्तरां होम डिलिवरी के लिए खुल सकते हैं लेकिन रेस्तरां में डाइनिंग सेवा की अनुमति नहीं है। शर्तों के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मंजूरी केंद्र सरकार ने 17 मई की शाम को लॉकडाउन 4.0 की घोषणा की थी। इस दौरान ऐलान किया गया कि पूरे देश में मेट्रो रेल भी नहीं चलेगी। स्कूल, कॉलेज, एजुकेशनल/ट्रेनिंग/कोचिंग इंस्टीट्यूट भी बंद रहेंगे। ऑनलाइन/डिस्टेंस लर्निंग जारी रहेगी और इसे बढ़ावा दिया जाएगा। आज सीएम केजरीवाल ने ऐलान किया कि स्पोर्ट्स कैंपस खोले जाएंगे लेकिन वहां दर्शक नहीं होंगे। दिल्ली में शर्तों के साथ पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मंजूरी दी है। शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे के बीच घरों से बाहर निकलना पूरी तरह से बंद सीएम केजरीवाल ने ऐलान किया कि बार्बर शॉप्स, स्पा और सैलून अभी बंद रहेंगे। शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे के बीच घरों से बाहर निकलना पूरी तरह से बंद है। बहुत जरूरी काम होगा या कोई इमरजेंसी तभी निकल सकते हैं। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में टैक्सी की अनुमति होगी लेकिन एक कार में एक बार में केवल 2 यात्री ही चल सकते हैं। पूल सिस्टम पूरी तरह से बंद रहेगा। कार्यालय खुलेंगे केजरीवाल ने ऐलान करते हुए कहा कि निजी कार्यालय पूरी तरह से खुल सकते हैं लेकिन उन्हें कोशिश करनी चाहिए कि ज्यादातर कर्मचारी घर से ही काम करें। बाजार खुल सकते हैं लेकिन दुकानें ऑड-ईवन सिस्टम के आधार पर खुलेंगी। स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और स्टेडियम खुल सकते हैं लेकिन दर्शकों के बिना।
नई दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि दिल्ली में लॉकडाउन में धीरे-धीरे छूट दी जाएगी। हमें कोरोना के साथ जीने की आदत डालनी होगी। लॉकडाउन हमेशा नहीं रह सकता है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान दिल्ली सरकार ने कोरोना से निपटने की तैयारियां की। इकनॉमी को धीरे-धीरे खोलना होगा। सरकार ने लॉकडाउन में कई तरह की ढील देने का फैसला किया है। दिल्ली में क्या छूट दी गई हैः ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा में केवल एक यात्री को जाने करने की अनुमति होगी। -टैक्सी और कैब में दो पैसेंजर जा सकेंगे। -ग्रामीण सेवा, फटफट, ईको-फ्रेंडली में 2 सवारियां जा सकती हैं। -मैक्सी 5 और आरटीवी 11 सवारियां ले जा सकती है। -बसों में 20 सवारी यात्रा कर सकेंगे। बसों में चढ़ने वालों की स्क्रीनिंग होगी। -सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की जिम्मेदारी ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट की होगी। -कार और दोपहिया वाहनों को आने जाने की अनुमति होगी। -कार में दो और दोपहिया वाहन में केवल एक ही व्यक्ति को जाने की अनुमति होगी। -निजी और सरकारी सभी दफ्तरों को खोलने की अनुमति होगी। -लेकिन निजी दफ्तरों को अधिक से अधिक लोगों को घर से काम करने के लिए प्रोत्साहित करना होगा। -सभी मार्केट और कॉम्प्लेक्स ऑड-ईवन आधार पर खुलेंगे। -पास-पड़ोस की जरूरी सामान की दुकानें रोज खुलेंगी। -सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की जिम्मेदारी दुकानदार की होगी। -इंडस्ट्री को खुलने की अनुमति होगी लेकिन टाइमिंग के साथ, ताकि भीड़भाड़ न हो। -निर्माण गतिविधियों की भी इजाजत होगी लेकिन दिल्ली में रहने वाले मजदूरों के साथ। -शादी में 50 मेहमानों को आने की अनुमति। -अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोग हिस्सा नहीं ले सकते हैं। -दिल्ली की सीमाओं पर डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ, नर्स, सफाई कर्मचारियों और एंबुलेंस को आने की अनुमति होगी। -गुडस और कार्गो से लदे और खाली ट्रकों को आने की अनुमति होगी। दिल्ली में किसकी अनुमति नहीं होगीः -भीड़भाड़ वाले स्पोर्ट्स और धार्मिक आयोजन नहीं होंगे। -कंटेनमेंट जोन में जरूरी सेवाओं के अलावा किसी भी गतिविधि की अनुमति नहीं होगी। -दिल्ली के बाहर रहने वाले मजदूरों को आने की अनुमति नहीं होगी। -होम डिलीवरी के लिए खुल सकते हैं रेस्टोरेंट, डाइनिंग की अनुमति नहीं होगी -मेट्रो, स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल और स्विमिंग पूल बंद रहेंगे। -होटल, सिनेमा हॉल, मॉल, बार, राजनीतिक और धार्मिक जलसे बंद रहेंगे। -नाई की दुकान, स्पा और सैलून खोलने की अनुमति नहीं होगी। -कार पेयरिंग और शेयरिंग की अनुमति नहीं होगी।
नई दिल्ली, 17 मई 2020, दिल्ली में फंसे हुए प्रवासी मजदूरों और लोगों के लिए दिल्ली सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू किया है. https://epass.jantasamvad.org/train/passenger/ लिंक पर दिल्ली में फंसे प्रवासी मजदूर और लोग अपना रजिस्ट्रेशन कराकर ट्रेन के जरिए अपने राज्यों में जा सकेंगे. दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ये जानकारी दी. दिल्ली सरकार ने अभी तक श्रमिक स्पेशल ट्रेन के जरिए दिल्ली में फंसे 35,000 प्रवासियों को उनके राज्य में भेजा है. इसके अलावा 12,000 और लोग आज 8 अलग-अलग ट्रेनों के जरिए अलग-अलग राज्यों में भेजे जाएंगे. दिल्ली सरकार ने अभी तक बिहार, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और तमिलनाडु में ट्रेनें भेजी हैं. अभी तक दिल्ली सरकार केवल शेल्टर होम, रेन बसेरा या अन्य सरकारी इंतजाम में रह रहे प्रवासी मजदूरों या अन्य लोगों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन के जरिए उनके राज्यों में भेज रही थी, जो यहां फंसे हुए थे. लेकिन अब दिल्ली सरकार ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्वीट किया, दिल्ली में रह रहे प्रवासी मजदूरों की जिम्मेदारी हमारी है. अगर वो दिल्ली में रहना चाहते हैं, तो उनका पूरा ख्याल रखेंगे और अगर वो अपने गांव लौटना चाहते हैं, तो उनके लिए ट्रेन का इंतजाम कर रहे हैं. जाने के इच्छुक मजदूर को पहले इस लिंक https://epass.jantasamvad.org/train/passenger/ पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा. डिप्टी सीएम ने अपने ट्वीट हैंडल पर रजिस्ट्रेशन लिंक भी शेयर किया. इससे पहले मनीष सिसोदिया ने मजदूरों से मुलाकात की. सिसोदिया ने कहा कि अधिकतर लोग वो हैं जो 2 से 6 महीने पहले किसी काम की तलाश में दिल्ली आए थे. काम मिला भी लेकिन लॉकडाउन ने अब नाउम्मीद कर दिया है. मैंने पूछा कब लौटोगे - जवाब मिला खुलेगा तो लौटेंगे. बता दें कि आज ही 'आजतक' से प्रवासी मजदूरों के पलायन पर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा था कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली पुलिस से बोला है कि इस तरह की मूवमेंट को रोका जाए, क्योंकि दिल्ली सरकार ने प्रबंध किए हैं कि जिन्हें बाहर जाना है उन्हें ट्रेन से भेजा जाए. उन्होंने कहा था कि जल्द से जल्द सभी लोगों को केंद्र सरकार के सहयोग से भेजा जाएगा. सरकार सबका रजिस्ट्रेशन कर रही है. एक दिन में एक ट्रेन से 1200 से 1500 लोग सफर कर सकते हैं. ऐसे में ज्यादा से ज्यादा को ट्रेन के जरिए भेजा जाएगा.
नई दिल्ली, 17 मई 2020,दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया है. अनिल चौधरी ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो जारी किया है. वीडियो में उनके पीछे कई पुलिसवाले दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में वो बता रहे हैं कि उन्हें, उनके निवास स्थान पर पुलिस ने डिटेन कर लिया है. पता नहीं क्यों? वो बोल रहे हैं- नमस्कार मैं चौधरी अनिल कुमार दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष. आज जैसे ही मैं सोकर उठा तो मेरे घर पर हमारे एरिया के एसएचओ पहुंचे. उन्होंने बताया कि मुझे डिटेन किया गया है. मैं घर से बाहर नहीं जा सकता हूं. मुझे नहीं मालूम क्यों? लेकिन अगर मुझे जानकारी देंगे तो फिर आपको भी बताऊंगा क्यों? उन्होंने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा, 'मुझे मेरे निवास स्थान पर पुलिस द्वारा डिटेंड किया गया है, पता नहीं क्यूं? जैसे ही पता चलेगा आपको सूचित करूंगा.' वहीं दिल्ली पुलिस के डीसीपी ईस्ट का कहना है कि अनील चौधरी को घर में ही डिटेन किया गया है, क्योंकि कल भी और आज सुबह भी ऐसा हुआ कि माइग्रेंट लेबर को गाड़ियों में भरकर अनील चौधरी और कांग्रेस के कार्यकर्ता दिल्ली यूपी बॉर्डर ले गए. आजतक से बात करते हुए डीसीपी (ईस्ट) जसमीत सिंह ने कहा कि कुछ लोग मजदूरों को खाना खिलाने के नाम पर अवैध तरीके से ट्रक और बस में भरकर शनिवार और रविवार को यूपी बॉर्डर पर छोड़कर आए हैं. हमारे पास काफी वीडियो एविडेंस भी हैं. इसी वजह से हमने उनको (अनिल चौधरी) घर पे ही डिटेन करवा दिया है. डीसीपी ने आगे बताया कि कुछ मजदूरों ने पूछताछ के दौरान इस बात का खुलासा किया कि उन्हें कुछ लोग उकसा रहे थे, साथ ही कई लोगों को बॉर्डर पर भी इकट्ठा किया गया है. ऐसा करने वाले लोग राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता हैं. हमारे पास इसका वीडियो सबूत मौजूद है. उन्होंने कहा, ऐसा करने से कानून-व्यवस्था की समस्या हो रही थी. मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी बुनियादी बातों को भी फॉलो नहीं किया जा रहा था. इससे स्थिति और बिगड़ सकती है. माइग्रेंट लेबर को भेजने की एक प्रक्रिया है, वो फॉलो नहीं हो रहा है. अभी हम ये भी सोच रहे हैं कि इनपर लीगल एक्शन लिया जाए. खाना खिलाने के नाम पर ये लोग मजदूरों को बॉर्डर छोड़ रहे हैं.
नई दिल्ली, 15 मई 2020,दिल्ली में गुरुवार को राशन न मिलने से नाराज लोगों ने एक स्कूल पर पथराव कर दिया. यह घटना किराड़ी के प्रेमनगर इलाके की है. यहां राशन न मिलने से स्थानीय लोग भड़क गए और एमसीडी स्कूल में पथराव कर दिया. वहां मौजूद सुरक्षा बल के जवान और टीचर को अंदर भाग कर अपनी जान बचानी पड़ी. दरअसल, दिल्ली में सूखा राशन बांटने की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार ने स्कूलों को दी है. दिन में दिल्ली सरकार और नगर निगम के स्कूलों में टीचर्स की ड्यूटी राशन बांटने के काम में लगाई गई है. लेकिन राशन न मिलने से कई बार स्थानीय लोग बेहद आक्रामक देखे जा रहे हैं. नगर निगम में टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलदीप सिंह ने कहा कि हमें लोगों को राशन बांटना भारी पड़ रहा है. कई बार जान का संकट हो जाता है. लोग बदतमीजी करते हैं और कई बार पथराव भी कर देते हैं. इस पूरी घटना पर दिल्ली नगर निगम का भी आधिकारिक बयान आया है. दिल्ली नगर निगम ने दिल्ली सरकार को चिट्ठी लिखकर राशन बांटने में ड्यूटी में लगाए गए शिक्षकों की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने की मांग की है. इसके साथ ही अतिरिक्त सुरक्षा बल की भी मांग की गई है. बता दें, लॉकडाउन के बाद दिल्ली में कई इलाके बंद हैं. जहां कोरोना का संक्रमण है, वहां लोगों को घरों में रहने का आदेश दिया गया है. संक्रमण से बचाव के लिए कई कंटेनमेंट जोन भी बनाए गए हैं. लोगों को खाने-पीने की दिक्कत न हो, इसके लिए दिल्ली सरकार ने विशेष प्रबंध किया है. लोगों को इसके लिए राशन वितरण किया जा रहा है.
नई दिल्ली, 12 मई 2020,राजधानी में कोरोना के खिलाफ सीधी जंग लड़ने वाले डॉक्टरों ने तीन महीने से सैलरी नहीं मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. उत्तरी दिल्ली नगर निगम के तहत आने वाले अस्पतालों के डॉक्टरों के एक यूनियन ने पीएम को पत्र लिखकर आवाज उठाई है. पत्र के जरिए कहा गया कि उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अस्पतालों के डॉक्टरों को पिछले तीन महीने की सैलरी नहीं मिली है. हम कोरोना वायरस महामारी के कारण बहुत ही तनावपूर्ण दशा में काम कर रहे हैं. ये पत्र म्युनिसिपल कॉरपोरेशन डॉक्टर्स एसोसिएशन ने पिछले सप्ताह ई-मेल से भेजा था. ये एसोसिएशन तब बनी थी, जब निगम तीन हिस्सों में नहीं विभाजित था. हालांकि इस पर उत्तरी दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों की तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आरआर गौतम ने कहा कि हमें पिछले तीन महीने से सैलरी नहीं दी गई है और डॉक्टर के तौर पर हम मरीजों की सेवा करने का अपना कर्तव्य जानते हैं. हम ज्यादा कुछ नहीं, बस अपनी सैलरी मांग रहे हैं. इधर, कोरोना के खिलाफ सीधी जंग लड़ रहे कोविड-19 वॉरियर्स के लिए भी केजरीवाल सरकार ने कुछ बड़े कदम उठाए हैं. कोरोना वॉरियर अगर कोविड-19 से बीमार होता है तो फाइव स्टार में इलाज की व्यवस्था की जाएगी. उनके लिए फाइव स्टार होटल में क्वारनटीन की सुविधा होगी. इसके अलावा किसी के शहीद होने पर परिवार को एक करोड़ की सम्मान राशि भी दी जाएगी.
नई दिल्ली, 12 मई 2020, दिल्ली हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में अथॉरिटीज को क्वॉरनटीन की समय सीमा निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं. हाईकोर्ट ने कहा है कि अगर क्वारनटीन किए गए व्यक्ति में 14 दिन के अंदर कोरोना वायरस के लक्षण न दिखें, तो उसे इस अवधि के बाद क्वारनटीन से मुक्त करने को लेकर जल्द से जल्द फैसला लें. ऐसा व्यक्ति इसके लिए अथॉरिटीज को भी अपनी अर्जी दे सकता है. दिल्ली हाइकोर्ट ने यह आदेश उस याचिका का निपटारा करते हुए दिया, जिसमें दिल्ली सरकार की क्वारनटीन से जुड़ी गाइडलाइंस को चुनौती दी गई थी. दरअसल याचिकाकर्ता साउथ दिल्ली के उन लोगों में से एक था, जिन्हें एक पिज्जा डिलिवरी ब्वॉय के संक्रमित मिलने के बाद होम क्वारंटीन कर दिया गया था. याचिकाकर्ता के मुताबिक पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय के संपर्क में वह 24 मार्च को आया था. पिज्जा डिलीवरी ब्वॉय की कोरोनावायरस होने की रिपोर्ट 14 अप्रैल को आई. याचिकाकर्ता के अनुसार 20 अप्रैल तक डिलीवरी ब्वॉय के संपर्क में आए 28 दिन का समय बीत चुके होने के बावजूद उसको घर में क्वारनटीन रहने के लिए कहा गया. इसके अलावा उसको नोटिस भी दी गई. 17 अप्रैल को उसे दूसरी नोटिस थमाई गई, जिसमें उसको 14 दिन के लिए फिर से क्वारनटीन रहने के लिए कहा गया. याचिकाकर्ता का कहना था कि 28 अप्रैल तक क्वारनटीन टाइन में रहने के बाद भी अथॉरिटीज ने उसको घर में ही क्वारनटीन रहने की हिदायत दी, जबकि नोटिस का समय भी पूरा हो चुका था. याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में लगाई अपनी अर्जी में खासतौर से इस बात का जिक्र किया कि अथॉरिटीज ने होम क्वारनटीन को लेकर डीजीएचएस की गाइडलाइंस का पालन नहीं किया. इसके अलावा दिल्ली एपिडेमिक डिसीसिस कोविड-19 रेगुलेशन 2020 के मुताबिक भी अथॉरिटीज ने काम नहीं किया. हालांकि कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि कोरोना से जुड़े हर मामले में 14 दिन का ही क्वारनटीन होना चाहिए, ऐसा आदेश नहीं दिया जा सकता. लेकिन साथ ही कोर्ट ये भी मानता है कि किसी भी नागरिक को अनुचित ढंग से होम क्वारनटीन में रखने के भी हानिकारक परिणाम हो सकते हैं.
नई दिल्ली कोरोना वायरस से जुड़ा एक चौंकानेवाला मामला दिल्ली में सामने आया है। यहां एक बलात्कार पीड़िता कोरोना पॉजिटिव पाई गई है। इसके बाद बलात्कार के आरोपी को जेल में ही क्वारंटाइन कर दिया गया है। बलात्कार का आरोपी दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद है। उसके साथ दो और कैदियों को क्वारंटाइन किया गया है। नए कैदियों से पहले ही खलबली कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए तिहाड़ जेल प्रशासन ने भी इस जानलेवा वायरस की जांच के लिए खास तैयारी की है। जेल में आइसोलेशन वॉर्ड बनाए गए हैं। जिसमें मौजूदा कैदियों की जांच की स्क्रीनिंग की गई है। इसके साथ ही जेल प्रशासन ने नए कैदियों की जांच पर खास फोकस किया जा रहा है। भारत और दिल्ली दोनों में ही कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं। भारत में सोमवार तक कोरोना के मामले 67152 तक पहुंच गए थे। दिल्ली की बात करें तो यहां कुल केस 6923 हैं। इसमें से 2069 ठीक हो चुके हैं। वहीं 73 कोरोना से अपनी जान गंवा चुके हैं। भारत में 2206 लोग कोरोना से मारे जा चुके हैं।
नई दिल्ली दिल्ली की एक कोर्ट ने आम आदमी पार्टी विधायक प्रकाश जारवाल और अन्य आरोपियों को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा दिया है। इससे पहले आज विधायक को संबंधित मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। बता दें कि पुलिस ने मजिस्ट्रेट से 10 दिन की रिमांड की मांग की थी। जारवाल को शनिवार को बीएएमएस डॉक्टर के आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। बता दें कि डॉक्टर राजेंद्र भाटी ने बीते 18 अप्रैल को अपने घर में फांसी लगा ली थी। दिल्ली पुलिस को उनके आवास से एक सुइसाइड नोट मिला था जिसमें डॉ. भाटी ने आप के देवली विधानसभा से विधायक प्रकाश जारवाल पर परेशान करने का आरोप लगाया गया था। डॉ. भाटी ने सुसाइड नोट में लिखा था कि प्रकाश जारवाल और उनके सहयोगी कपिल नागर उन्हें लगातार धमकी दे रहे हैं जिनसे परेशान होकर वह अपनी जान दे रहे हैं। शनिवार को डॉक्टर राजेंद्र भाटी सुइसाइड मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक प्रकाश जारवाल और उनके सहयोगी कपिल नागर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया था। दक्षिणी दिल्ली के डीसीपी अतुल ठाकुर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया था कि दोनों को मामले से संबंधित पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया है।
नई दिल्ली कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच राजधानी दिल्ली में फिर एक बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। महीनभर में यह तीसरी बार है। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 3.5 मापी गई। इससे पहले 12 और 13 अप्रैल को भी दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केन्द्र (एनसीएस) ने बताया कि भूकंप के झटके दोपहर एक बजकर 45 मिनट पर महसूस किये गए। भूकंप का केन्द्र सतह से पांच किलोमीटर की गहराई में स्थित था। एनसीएस के प्रमुख (संचालन) जेएल गौतम ने कहा कि भूकंप का केन्द्र उत्तर-पूर्वी दिल्ली में वजीरपुर के पास था। इससे पहले खबरें थीं कि केंद्र गाजियाबाद में था। 24 घंटे में दो बार आया था भूकंप इससे पहले दिल्ली में 12 और 13 अप्रैल को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। 12 अप्रैल को दिल्ली एनसीआर में शाम 5:50 के करीब भूकंप के झटके महसूस किए गए। कोरोना वायरस लॉकडाउन की वजह से उस दिन भी ज्यादातर लोग अपने घरों में ही थे ऐसे में सबने झटके महसूस किए। तब भूकंप की तीव्रता 3.5 बताई गई थी। तब केंद्र दिल्ली के ही पूर्वी हिस्से में था।

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