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नई दिल्ली पूर्वी दिल्ली से सांसद गौतम गंभीर ने अपने संसदीय क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू किया है। उन्होंने इससे जुड़ा एक विडियो ट्विटर पर शेयर करते हुए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा कि यह कैमरा आपके झूठे वादों पर भी फोकस करेगा। दरअसल, केजरीवाल ने पूरी दिल्ली में सीसीटीवी कैमरा लगाने का वादा किया था जो कि अब तक अधूरा है। गंभीर ने ट्वीट किया, 'ऊपर वाला अब और करीब से देखेगा। मेरी माताओं, बहनों की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए मैंने आज से अपने क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरा लगवाने का काम शुरू कर दिया है। वैसे मफलरवाले (केजरीवाल) सर जी मेरा एक कैमरा आपके झूठे वादों पर भी फोकस्ड है।' क्रिकेट से राजनीति में आए गंभीर ने पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी (आप) की आतिशी मारलेना और कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली को लोकसभा चुनाव में शिकस्त दी थी।
नई दिल्ली दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष और नॉर्थ ईस्ट दिल्ली से सांसद मनोज तिवारी को जान से मारने की धमकी दी है। बीजेपी सांसद को किसी अनजान शख्स ने मोबाइल पर मेसेज भेजकर जान से मारने की धमकी दी। तिवारी ने दिल्ली पुलिस से शिकायत भी दर्ज कराई है और फिलहाल मामले की जांच चल रही है। मेसेज शुक्रवार की दोपहर भेजा गया था, जिसे सांसद ने शनिवार को देखा। बीजेपी सांसद ने दिल्ली पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। एक मीडिया चैनल से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे किसी अनजान शख्स ने मोबाइल पर मेसेज भेजकर जान से मारने की धमकी दी है।' बता दें कि धमकी मनोज तिवारी के पर्सनल मोबाइल फोन पर शुक्रवार दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर भेजी गई। दिल्ली बीजेपी मीडिया सेल ने बताया कि बीजेपी सांसद ने इस मेसेज को शनिवार शाम देखा। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक के निर्देश पर स्पेशल सेल की टीम मामले की जांच शुरू कर दी है। बता दें कि इससे पहले शनिवार को भी किसी अज्ञात शख्स ने दिल्ली बीजेपी मुख्यालय को उड़ाने की धमकी दी थी। हालांकि, कुछ ही देर में दिल्ली पुलिस ने 80 साल के आरोपी कॉलर का पता लगा लिया और स्थानीय पुलिस को सूचना दी। कॉल करनेवाला शख्स कर्नाटक का रहनेवाला बताया गया।
नई दिल्ली, दिल्ली सरकार शिक्षा क्षेत्र में किए गए कामों को अपनी प्रमुख उपलब्धि मानती है. मगर अब दिल्ली के स्कूलों को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है. दिल्ली के स्कूलों में होने वाली स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) की बैठक को लेकर विपक्ष ने केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा है. बीजेपी का आरोप है कि स्कूल में SMC कमेटी की बैठक के बहाने केजरीवाल सरकार शिक्षा का राजनीतिकरण कर रही है. 'आजतक' टीम ने जब गांधीनगर विधानसभा के जगतपुरी स्कूल का दौरा किया तो पाया कि SMC बैठक के दौरान अभिभावकों से राजनीतिक सवाल पूछे जा रहे थे. हाल ही में आम आदमी पार्टी से भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए गांधीनगर से विधायक अनिल वाजपेयी ने बताया कि अभिभावकों की शिकायत पर जब उन्होंने स्कूल का दौरा किया तो पाया कि स्कूल में राजनीतिक सवाल पूछे जा रहे हैं. उनका कहना है कि बैठक के दौरान अभिभावकों को कहा जा रहा था कि आने वाले चुनाव में वह केजरीवाल सरकार को ही वोट दें. गांधीनगर विधायक अनिल वाजपेयी ने आरोप लगाया कि स्कूल में शिक्षा का राजनीतिकरण हो रहा है. स्कूल में मौजूद अभिभावकों ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि वे लोग स्कूल में अपने बच्चों के भविष्य के लिए आते हैं न कि राजनीति करने. बीजेपी नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए. विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सरकारी धन और सरकारी तंत्र का केजरीवाल दुरुपयोग कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी नेता आतिशी ने इस मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि सरकार का इस पूरे मामले में कोई हाथ नहीं है. इस पूरे मामले को लेकर दिल्ली बीजेपी का प्रतिनिधिमंडल उपराज्यपाल अनिल बैजल से मिला और उनसे इस पूरे मामले की शिकायत की.
नई दिल्ली, 21 जून 2019,पश्चिमी दिल्ली से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर अमूल्य पटनायक को चिट्ठी लिखी है. सांसद प्रवेश वर्मा ने पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखकर शिकायत की है कि उन्हें मस्जिद मुद्दा उठाने पर धमकी दी जा रही है. इसकी जानकारी उन्होंने ट्विटर पर भी साझा की है. बीजेपी सांसद ने ट्वीट किया कि अवैध मस्जिदों के निर्माण का मुद्दा उठाने पर धमकी मिल रही है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर को लिखी अपनी चिट्ठी में सांसद प्रवेश वर्मा ने लिखा है कि किसी शादाब चौहान नाम के शख्स ने उन्हें मस्जिद मसला उठाने के बदले में परिणाम भुगतने की धमकी दी है. शादाब ने धमकी में खुद को मीम सेना का राष्ट्रीय अध्यक्ष बताया है. हालांकि उन्होंने इस मामले में आम आदमी पार्टी की मिली भगत होने की भी बात कही है. धमकी मिलने पर BJP सांसद का ट्वीट- 'अवैध मस्जिदों के निर्माण का मुद्दा उठाया और धमकी भी आ गई...@shadab_chouhan1 जो खुद को #meemsena का राष्ट्रीय अध्यक्ष बता रहे हैं.. ये गुंडागर्दी नहीं चलेगी बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि अवैध मस्जिदों के निर्माण मसले पर उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल से शिकायत की है. ऐसे में इस भावनात्मक मुद्दे के ऊपर इस तरह की धमकी मिल रही हैं. सांसद प्रवेश वर्मा ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर से उचित एक्शन उठाने की मांग करते हुए चिट्ठी में लिखा है कि इस मामले की जांच की जाए और धमकी देने वाले पर कार्रवाई की जाए.
नई दिल्ली, 21 जून 2019,दुनियाभर में आज योग दिवस मनाया जा रहा है. इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया है जिस पर विवाद हो सकता है. उन्होंने सेना के जवानों और कुत्तों के जरिए योग करते हुए की तस्वीरें ट्वीट की है. वहीं राहुल के ट्वीट पर लोगों ने रिएक्शन देना भी शुरू कर दिया है. राहुल गांधी के जरिए किए गए ट्वीट में दो फोटो है. दोनों ही फोटो में कुत्ते और सेना के जवान एक साथ योग कर रहे हैं. फोटो में दिख रहे कुत्ते सेना के ही हैं और 2 आर्मी डॉग यूनिट के हैं. वहीं राहुल ने इन तस्वीरों को ट्वीट करते हुए कैप्शन में 'न्यू इंडिया' लिखा है. केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी ट्वीट पर जवाब दिया. उन्होंने कहा, 'जब अंतर्राष्ट्रीय योगा दिवस कर रहे हैं तब इस तरह का कांग्रेस के जरिए ट्वीट करना कांग्रेस की मानसिकता, उनकी हताशा और जनता से कितने कटे हैं यह दर्शाता है. इसीलिए इस पर कोई ज्यादा टिप्पणी करने की जरूरत नहीं. हर कोई अपने लेवल पर सही कमेंट करता है.' बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को खास बना दिया है. पीएम मोदी के आग्रह और प्रयासों पर ही 2015 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था. जिसके बाद से हर साल देश में योग दिवस धूमधाम से मनाया जाता है.
नई दिल्ली दिल्ली में विपक्ष ने अरविंद केजरीवाल सरकार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने स्कूल कमिटियों को आम आदमी पार्टी को वोट देने के लिए स्कूली छात्रों के माता-पिता को कसम दिलाने का आदेश दिया है। बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता ने ट्वीट करते हुए केजरीवाल सरकार पर यह आरोप लगाया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि केजरीवाल सरकार ने स्कूल कमिटियों को बच्चों के पैरेंट्स से आगामी चुनाव में 'आप' को वोट देने के लिए कसम खिलाने का आदेश दिया है। उन्होंने कथित तौर पर दिल्ली सरकार की ओर से जारी किए गए आदेश वाले 4 पर्चे भी ट्वीट किए हैं। हालांकि आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी मार्लेना ने ऐसे आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा है कि स्कूल मैनेजमेंट कमिटी को निर्देश संबंधी जो 4 पेज का कागज सोशल मीडिया पर बीजेपी वाले वायरल कर रहे हैं, वह हमारा नहीं है। बीजेपी विधायक विजेंद्र गुप्ता ने ट्वीट करते हुए कहा, 'दिल्ली सरकार के स्कूलों में सरकारी ख़र्च से 'आप' के कार्यकर्ता और नेता अभिभावकों को ज़बरन बुलाकर आने वाले विधान सभा चुनावों में पार्टी के उम्मीदवारों को वोट देने का पाठ पढ़ाएंगे। बीजेपी विधायक उपराज्यपाल से मिलकर हस्तक्षेप की मांग करेंगे।' सान्ध्य टाइम्स' को विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि एसएमसी सदस्यों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों के माता-पिता से संवाद स्थापित करो। अभिभावकों को कसम दिलाओ कि अगली बार वोट अरविंद केजरीवाल को देंगे। घर के सभी लोग वोट केजरीवाल को देंगे। बाद में बदल तो नहीं जाओगे? लोकसभा चुनाव में केजरीवाल को वोट नहीं दिया, तो उन्हें बहुत ज्यादा दुख हुआ। कुल 4 पेज के निर्देंशों में दिल्ली सरकार के कामकाज की जानकारी भी छापी गई है। इसमें अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर और पता लिखने के लिए भी है। कभी आम आदमी पार्टी की सरकार मंत्री रहे कपिल मिश्रा ने भी ट्वीट कर यह आरोप लगाया है। मिश्रा ने ट्वीट किया, '21 जून से 24 जून हर माता-पिता को स्कूल बुलवा कर केजरीवाल को वोट देने की कसम खिलवाने का लिखित निर्देश।' यही नहीं मिश्रा ने उपराज्यपाल से इसे रोकने की अपील भी की। उन्होंने लिखा कि यदि इस पर रोक नहीं लगी तो फिर हमें कोर्ट जाना पड़ेगा। 'आप' नेता आतिशी मार्लेना ने ऐसे किसी भी आदेश का खंडन किया है। उन्होंने कहा, 'आधिकारिक तौर पर शिक्षा विभाग स्कूलों में हैप्पीनेस करिकुलम और आंत्रप्रेन्योरशिप माइंड करिकुलम पर काम कर रहा है। इसकी जानकारी वेबसाइट पर भी है। इसमें जरूर अभिभावकों को बुलाया गया है, जिनसे शिक्षा सुधार पर बातचीत होगी। पैरेंट्स की आवाज बनने में एसएमसी का खास योगदान रहा है। स्कूलों के शानदार बदलाव से कुछ लोग परेशानी में हैं।' मिश्रा बोले, एलजी और सीईओ को भेजा पत्र करावल नगर से विधायक कपिल मिश्रा ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह को पत्र भेजा भेजा है। आज से 4 दिनों तक चलने वाली एसएमसी की मीटिंग्स पर रोक लगनी चाहिए। कपिल ने यह भी कहा कि वे इस मसले में हाईकोर्ट जाने की भी तैयारी कर रहे हैं।
नई दिल्ली, 18 जून 2019, दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) 6 जुलाई से सदस्यता अभियान चलाने जा रही है. इस अभियान का मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को बीजेपी से जोड़ना है. ये फैसला दिल्ली विधानसभा के मद्देनजर काफी अहम माना जा रहा है, जिसको लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यालय में बैठक हुई. बीजेपी के सदस्यता अभियान के कन्वेनर शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को बैठक बुलाई थी, जिसमें दिल्ली बीजेपी की ओर से सदस्यता अभियान का इंचार्ज दिल्ली बीजेपी के महामंत्री कुलजीत चहल और सह प्रभारी हर्ष मल्होत्रा को बनाया गया,जो आज इस बैठक में शामिल हुए. इसके लिए पार्टी नेताओं को कहा गया है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को बीजेपी से जोड़ना है. वैसे तो बीजेपी के दिल्ली में 14 लाख कार्यकर्ता हैं, लेकिन अब इसमें और नया टारगेट दिया गया है. नए टारगेट के अनुसार 14 लाख कार्यकर्ताओं की फौज में 20 फीसदी और लोगों को जोड़ना है. वैसे तो इस सदस्यता अभियान को 35 दिनों में यानी 6 जुलाई से 11 अगस्त तक पूरा करना है, लेकिन पार्टी नेताओं को पार्टी हाईकमान ने साफ कर दिया है कि कैसे भी इस टारगेट को पूरा करना है नहीं तो तारीख बढ़ती जाएगी. दिल्ली बीजेपी के सदस्यता अभियान के सह प्रभारी हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि इस लक्ष्य को कैसे भी हो पूरा करना है. साथ ही ये भी हिदायत दी गई है कि मिस्ड कॉल से सदस्यता जोड़ने के अलावा, मिस्ड कॉल देने वाले लोगों का फॉर्म भरवाया जाएगा. गौरतलब है कि दिल्ली को लेकर बीजेपी काफी गंभीर है, क्योंकि बीजेपी दिल्ली की सत्ता से करीब 22 साल से बाहर है. इस सदस्यता अभियान की शुरुआत 6 जुलाई से इस वजह से की जा रही है, क्योंकि 6 जुलाई को श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्मदिन है.
नई दिल्ली, 18 जून 2019, लोकसभा चुनाव में दिल्ली में मिली करारी हार के बाद भी कांग्रेस सबक लेने को तैयार नहीं है. दिल्ली में कांग्रेस दो गुटों में बंटी हुई नजर आ रही है और दोनों एक दूसरे के खिलाफ अभियान छेड़े हुए हैं. कांग्रेस का एक गुट दिल्ली प्रभारी पीसी चाको का इस्तीफा मांग रहा है, तो दूसरे गुट ने शीला दीक्षित को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने के लिए राहुल गांधी को पत्र लिखा है. दिल्ली कांग्रेस पार्टी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. पिछले सप्ताह 14 जून को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको के इस्तीफे को लेकर जमकर हंगामा हुआ था. अब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम गोयल सहित कई जिलाध्यक्षों ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर शीला दीक्षित को दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पद से हाटने की मांग की है. गोयल ने कहा है कि यूपी और दिल्ली में शीला ने बेड़ागर्क किया है. गोयल का कहना है कि दिल्ली जीतने के लिए कांग्रेस को नया चेहरा चाहिए.
नई दिल्ली दिल्ली मेट्रो का स्मार्ट कार्ड रीचार्ज करवाना अब और आसान होने जा रहा है। नए स्मार्ट कार्ड मुहैया करवाने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन यानी डीएमआरसी ने ऐंडुरिल टेक्नॉलजीज प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी के साथ हाथ मिलाया है। नए कार्ड्स ऑटोमैटिकली रीचार्ज हो जाएंगे। यानी एंट्री गेट पर टैप करने पर आप इस टेंशन में नहीं होंगे कि आपके कार्ड में बैलेंस हैं या नहीं। फिलहाल यह सुविधा कुछ कार्ड्स में मिलेगी लेकिन धीरे-धीरे सभी मौजूदा कार्डों में भी यह सुविधा दे दी जाएगी। एक अनुमान के मताबिक, फिलहाल रोजाना करीब 16 से 17 लाख लोग स्मार्ट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। 2002 में मेट्रो की शुरुआत हुई थी और तब से लेकर अब तक डीएमआरसी करीब 1.5 करोड़ कार्ड जारी कर चुकी है। ऑटोमैटिकली रीचार्ज होने वाला नया कार्ड अगले महीने लॉन्च हो सकता है और इसका नाम होगा 'ऑटोपे'। इसके लिए कार्डधारकों को पहले ऑटोपे की वेबसाइट या ऐप पर रजिस्टर करना होगा और इसके बाद इन कार्ड्स की होम डिलिवरी हो जाएगी। एक बार सिस्टम स्टेबलाइज हो जाएगा तो सुविधा मौजूदा कार्डधारकों को भी मुहैया करवाई जाएगी। ऐंडुरिल के फाउंडर अनुराग बाजपेयी ने बताया, 'स्टेशनों पर लंबी लाइनों में खड़े रहना यात्रियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती होती है। हालांकि ऑनलाइन रीचार्ज की सुविधा है लेकिन टॉप अप के लिए कार्ड को ऐड वैल्यू मशीन(AVM) तक ले जाना पड़ता है। नई टेक्नॉलजी के जरिए स्मार्ट कार्ड न्यूनतम बैलेंस तक पहुंचते ही अपने आप रीचार्ज जाएगा।' हालांकि अभी भई कई बैंक ऑटो रीचार्ज की सुविधा देते हैं लेकिन नया कार्ड किसी भी बैंक से लिंक किया जा सकता है। बाजपैयी ने बताया कि कंपनी पहले ही क्लोज्ड यूजर ग्रुप के लिए नए कार्डों का सेट तैयार कर चुकी है और जुलाई के मध्य तक इसे लॉन्च किया जा सकता है। दिल्ली मेट्रो के अलावा यह नया फीचर मुंबई और अन्य मेट्रो नेटवर्क्स के लिए भी लाया जाएगा। बाजपेयी ने कहा कि इस सुविधा का मकसद यात्रियों को बिना रुकावट यात्रा का अनुभव दिलवाना है।
नई दिल्ली, 14 जून 2019,देश की राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे में पांच हत्याओं के मामले सामने आए हैं. दिल्ली में हो रही इन घटनाओं पर राज्य के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा किया है. केजरीवाल ने ट्वीट कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल अनिल बैजल से ट्वीट कर कार्रवाई करने की अपील की. केजरीवाल के ट्वीट के कुछ मिनटों बाद ही दिल्ली पुलिस ने सीएम को जवाब दिया और दावा किया कि राज्य में क्राइम घटा है. दरअसल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार शाम 4.13 मिनट पर एक ट्वीट किया. उन्होंने लिखा कि पिछले 24 घंटे में दिल्ली में 5 मर्डर हो जाना चिंता का विषय है. मैं गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल से अपील करता हूं कि राजधानी की लॉ एंड ऑर्डर व्यवस्था पर ध्यान दें. केजरीवाल के ट्वीट के करीब 40 मिनट बाद ही शाम 5 बजकर सात मिनट पर दिल्ली पुलिस की तरफ से ट्वीट किया गया. दिल्ली पुलिस ने लिखा कि जो भी हत्याओं के मामले सामने आए हैं, वह व्यक्तिगत दुश्मनी से जुड़े हैं. जो आरोपी हैं उनका पिछला रिकॉर्ड भी खराब है और कुछ केस में जेल भी जा चुके हैं. दिल्ली पुलिस ने लिखा कि 2019 में दिल्ली में जघन्य अपराध में 10.5 फीसदी की कमी आई है, तो वहीं हथियार द्वारा किए गए क्राइम में 5.65 फीसदी की कमी आई है तो वहीं महिलाओं के खिलाफ मामले में 11.5 फीसदी की कमी आई है. गौरतलब है कि राजधानी दिल्ली में कानून व्यवस्था का जिम्मा राज्य सरकार नहीं बल्कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के जिम्मे है. दिल्ली पुलिस उपराज्यपाल और गृह मंत्री को ही रिपोर्ट करती है. आपको बता दें कि गुरुवार रात को ही दिल्ली में एक प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. तो वहीं शुक्रवार सुबह ही हर्षविहार में दो लोगों पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गई थी. वहीं एक नाबालिग की भी गोली मारकर हत्या की गई है. ऐसे में राजधानी में एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे, साफ है कि 24 घंटे में पांच मर्डर बताते हैं कि बदमाश राजधानी में बेखौफ घूम रहे हैं.
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में भीषण गर्मी झेल रहे लोगों को आज थोड़ी राहत मिली। दिन में चिलचिलाती धूप के बाद शाम में दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम समेत NCR के कई शहरों धूल भरी आंधी चलने से तापमान में गिरावट आई है। मौसम की जानकारी देने वाली प्राइवेट एजेंसी 'स्काइमेट वेदर' के मुताबिक अगले कुछ घंटों में दिल्ली में बारिश हो सकती है। उधर, मौसम विभाग ने बताया है कि बुधवार को दिल्ली के पालम में अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आपको बता दें कि प्री-मॉनसून में देरी के बीच पिछले सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में पारा 48 डिग्री पर पहुंच गया था जो रेकॉर्ड है। नोएडा में तेज आंधी के कारण कई जगहों पर पेड़ भी गिरने की खबर है।
नई दिल्ली, 11 जून 2019,दिल्ली में बीते वर्ष बढ़ाए गए बिजली के फिक्स चार्ज का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है. हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फिक्स रेट की बढ़ी कीमतों पर चिंता जताते हुए इसे कम करने का वादा किया था, लेकिन दिल्ली के तमाम आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने केजरीवाल के इस दांव को राजनीति से प्रेरित और बिजली डिस्कॉम के घाटे वाले दावे को झूठा बताया. पिछले वर्ष दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली तीनों ही कंपनियों ने फिक्स चार्ज कई गुना तक बढ़ा दिए थे. इसके पीछे बिजली कंपनियों ने तर्क दिया था कि उन्हें दिल्ली में बिजली सप्लाई के वक्त घाटा उठाना पड़ रहा है. बिजली कंपनियों का दावा है कि पिछले वर्ष BSES यमुना पावर लिमिटेड ने 64 करोड़ रुपये का घाटा बताया था. वहीं, टाटा पावर ने पिछले वर्ष सौ करोड़ रुपये घाटा बताया, जबकि BSES राजधानी पावर लिमिटेड ने पिछले वित्तीय वर्ष में 124 करोड़ रुपये घाटा बताया था. ऐसे में अब दिल्ली की तमाम आरडब्ल्यूए प्रतिनिधि एक तरफ बिजली कंपनियों के इन घाटों को पूरी तरह से फर्जी और गुमराह करने वाले आंकड़े के तौर पर बता रहे हैं, तो दूसरी ओर अरविंद केजरीवाल के फिक्स चार्ज करने वाले बयान को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं. ग्रेटर कैलाश-1 के आरडब्ल्यूए एसोसिएशन अध्यक्ष राजीव काकरिया का कहना है कि जब कंपनियों का घाटा साल का तीन सौ करोड़ है, तो आम जनता से 5000 करोड़ रुपये क्यों वसूले गए और अब तक के फिक्स चार्ज के बढ़े हुए पैसों को वापस करने की भी मांग की. राजीव का कहना है कि बीते कई वर्षों से वे लोग इस मामले को सरकार के सामने उठा रहे हैं, लेकिन तब भी कोई सुनवाई नहीं हुई. वहीं, मॉडल टाउन आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने आरोप लगाया है कि डिस्कॉम ने अपने घाटों को पूरी तरह से गलत और फर्जी तौर पर पेश किया है, इसके जवाब में उन्होंने आरटीआई भी दिखाई. संजय के मुताबिक, बिजली डिस्कॉम घाटे में नहीं है, ऐसे में घाटा दिखाकर बिजली कंपनियों ने वो पैसा वसूला है जो घाटा दरअसल है ही नहीं. बता दें कि पिछले वर्ष फिक्स चार्ज की कीमतों में कई गुना बढ़ोतरी की गई थी. इसके बाद लोगों के बिजली बिलों में एकाएक कई गुना बढ़ोतरी हो गई थी, जिसके बाद अब दिल्ली के मुख्यमंत्री ने इन बढ़े हुए फिक्स चार्ज को वापस करने की बात की है.
नई दिल्ली प्री-मॉनसून में देरी के बीच दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ रही है। सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में गर्मी ने अपने सारे रेकॉर्ड तोड़ दिए और पारा 48 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। मौसम की जानकारी देने वाली प्राइवेट एजेंसी 'स्काइमेट' के मुताबिक सोमवार का दिन राष्ट्रीय राजधानी के अब तक के इतिहास का सबसे गर्म दिन रहा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक पालम में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गौरतलब है कि प्री-मॉनसून में देरी के बीच रेकॉर्ड तापमान और गर्म हवा के थपेड़ों ने दिल्लीवासियों की परेशानी बढ़ा रही है। सुबह के 9 बजते-बजते हालात ऐसे हो जाते हैं, मानो दोपहर के 2 बजे हों। स्काइमेट के वाइस प्रेजिडेंट महेश पालावात के मुताबिक, 'दिल्ली का पालम 9 जून 2014 के 47.8 डिग्री के तापमान को पीछे छोड़ सकता है। आज का तापमान 48 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह जून का सबसे गर्म दिन है।' राजधानी में सुबह तीखी धूप निकली और दोपहर होते-होते गर्म हवाएं चलने लगीं। सुबह न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री कम 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।आईएमडी के मुताबिक, लू से अगले दो दिनों तक राहत नहीं मिलेगी और धूल भरी आंधी चलेगी। रविवार को न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था और अधिकतम तापमान मौसम के औसत से चार डिग्री अधिक 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जून में नहीं हुई बारिश दिल्ली में प्री-मॉनसून का भी असर नहीं दिख रहा। इस दौरान बारिश से दिल्ली को थोड़ी राहत मिलती है। लेकिन 10 जून तक राजधानी को हल्की बारिश भी नसीब नहीं हुई है। मौसम विभाग के अनुसार इस महीने आज तक औसतन 7.9 मिलीमीटर बारिश पड़ जानी चाहिए थी। दिल्ली वालों पर मौसम की दोहरी मार पड़ रही है। बारिश न होने का असर प्रदूषण पर भी पड़ा है। सुबह दिल्ली का एयर क्वॉलिटी इंडेक्स 220 पर था, जो खराब श्रेणी में आता है। केरल से मॉनसून दूसरे राज्यों की तरफ बढ़ा देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने एक सप्ताह की देरी से दस्तक दी। यह अमूमन 1 जून को केरल के तट से टकरा जाता है। हालांकि, अब मॉनसून दक्षिणी अरब सागर, लक्षद्वीप के अधिकांश हिस्सों और केरल और दक्षिण तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है। वैज्ञानिकों यह भी बताया कि अगले 48 घंटों में यानी मंगलवार तक पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में मॉनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां बन रही हैं।
दिल्ली: नियम, कानून, कायदों को ताक पे रख कर तेज रफ्तार दौड़ती गाड़ियों के बीच हाइवे पर लगातार बदमाशों की दादागीरी बढ़ती जा रही है. फ्लाईओवर पर लगभग रोज हो रहे हमले इतने बढ़ गए हैं कि अब आम लोग ही नहीं मीडिया से जुड़े कर्मी भी इन घटनाओं के शिकार हो रहे हैं. दिल्ली के बारापुला फ्लाईओवर पर शनिवार रात को बदमाशों ने एक निजी चैनल की रिपोर्टिंग टीम पर फायरिंग की. बदमाशों ने रिपोर्टिंग टीम पर 3 गोलियां चलाईं और इसके बाद लगभग एक किलोमीटर तक गाड़ी का पीछा किया. हद तो तब हुई जब इस मामले पर पुलिस ने भी लापवाही बरती और ध्यान नहीं दिया. हालांकि अब इस मामले पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है. साउथ दिल्ली के एडीसीपी परविंदर सिंह ने बताया कि 2 बाइक पर सवार बदमाशों ने बारापुला फ्लाईओवर पर 2 पत्रकारों की गाड़ी पर फायरिंग की. गोली गाड़ी पर लगी जबकि पत्रकार इससे बचने में कामयाब हो गए. इस पर केस दर्ज कर लिया गया है और जांच जा रही है. घटना की शिकार रिपोर्टर ने कहा कि जैसे-तैसे रिपोर्टिंग की टीम वहां से भाग कर आईएनए मेट्रो स्टेशन पहुंची. मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 3 के सामने सड़क पर लगे बेरिकेड्स पर पहुंचने के साथ ही उन्होंने घटना की जानकारी पुलिस को दी. लेकिन पुलिस वालों ने मदद करने की बजाय बैरिकेडिंग हटा कर वहां से जाना बेहतर समझा.
नई दिल्ली, 08 जून 2019,दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आने वाले दिनों में दिल्लीवालों को बिजली बिल के साथ देने वाले फिक्स चार्ज पर राहत देने की बात कही थी. केजरीवाल ने कहा था कि वो अगले महीने बिजली कंपनियों से जनता के लिए फिक्स चार्ज को घटाने की मांग करेंगे, जिससे दिल्लीवालों को अपने बिजली बिल में बड़ी कमी देखने को मिलेगी. पर दिल्ली बीजेपी ने केजरीवाल के इस ऐलान पर उल्टा हमला किया है. बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिजली हाफ पानी माफ के नारे के साथ दिल्ली की सत्ता में आए अरविंद केजरीवाल अब बिजली के फिक्स चार्ज बढ़ाकर बिजली कंपनियों के साथ मिलकर दिल्ली के लोगों को लूट रहे हैं. केजरीवाल के ऐलान पर कड़ी प्रतक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि पिछले साल जब दिल्ली सरकार ने फिक्स चार्ज बढ़ाए थे तब भी हमने आपत्ति दर्ज कराते हुए यह बताया था कि बिजली कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए केजरीवाल जानबूझ कर फिक्स चार्ज बढ़ा रहे हैं. दिल्ली बीजेपी ने और दिल्ली की तमाम आरडब्लूए ने इसका विरोध पिछले साल भी किया था, लेकिन केजरीवाल सरकार ने मनमाना रवैया अपनाते हुए दिल्ली की जनता को ठगने का काम किया. बिजली कंपनियों को हजारों करोड़ के फायदे का आरोप दिल्ली बीजेपी की तरफ से जारी प्रेस रिलीज़ में ये दावा किया गया है कि फिक्स चार्ज बढ़ने के बाद लगभग 5 हजार करोड़ का फायदा बिजली कंपनियों को इस साल हुआ है. बीजेपी दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि बिजली कंपनियों की केजरीवाल सरकार के साथ मिलीभगत के चलते दिल्ली में फिक्स चार्ज बढ़े हैं जिसके कारण लोगों को मंहगी बिजली दी जा रही है. महंगी बिजली के कारण लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है. ऐसे में बीजेपी ने केजरीवाल सरकार से फिक्स चार्ज के नाम पर इकठ्ठा किए गए लगभग 5 हजार करोड़ दिल्ली की जनता को जल्द से जल्द रिफंड करने की मांग की है. चुनावों को लेकर घोषणाएं कर रहे हैं केजरीवाल- बीजेपी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली के लोगों के लिए हर दिन नई मुफ्त योजना वाली घोषणा करने वाले केजरीवाल जनता के लिए अभिशाप बन चुके हैं. बिजली के फिक्स चार्ज को और भी अधिक बढ़ाया जाता, क्योंकि 6-8 महीने के बाद विधानसभा चुनाव है इसलिए केजरीवाल सरकार दिल्ली वालों के सामने एक नए तरीके का ड्रामा रच रही है. हालांकि दिल्ली बीजपी की ओर से ये दावा किया गया कि अरविंद केजरीवाल की इन घोषणाओं के बाद दिल्लीवालों पर कोई असर नहीं होगा और दिल्ली वाले अगले छह महीने बाद दिल्ली की कुर्सी से केजरीवाल को हटा देंगे.
नई दिल्ली अब तक मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप झेलती रही आम आदमी पार्टी दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले हिंदुओं को लुभाने की कोशिश करती दिख रही है। यही वजह है कि इस महीने ज्यादा से ज्यादा बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा पर भेजने का प्रयास हो रहा है। 'आप' के विधायकों ने अपने दफ्तरों पर कैंप लगवाए हैं, जहां विधानसभा क्षेत्र के बुजुर्ग अपना रजिस्ट्रेशन कर रहे हैं। ईद की शाम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल अक्षरधाम मंदिर भी पहुंचे। यहां उन्होंने स्वामी नारायण की पूजा-अर्चना की। केजरीवाल की इस कवायद पर विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने सवाल खड़े किए हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि अब केजरीवाल के लिए एक कहावत 'ना खुदा ही मिला ना विसाले सनम ना इधर के रहे ना उधर के' फिट बैठ रही है। लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद अब केजरीवाल को हिंदू वोट बैंक याद आया है। वे दिल्ली के बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा पर भेज रहे हैं, जो अच्छी बात है। लोकसभा चुनाव से पहले 'आप' सरकार ने इमामों का वेतन बढ़ाकर करोड़ों रुपये बांटे थे। अब यदि उन्हें हिंदुओं की याद आ गई है, तो मंदिरों के पुजारियों की भी सैलरी सुनिश्चित की जाए। इमामों की तरह पंडितों के पास भी आय का दूसरा साधन नहीं होता है। महंगाई के दौर में मंदिरों में सेवा करने वालों को अपना परिवार पालना मुश्किल हो जाता है। इस दिशा में केजरीवाल को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। बता दें कि तीर्थ यात्रा विकास समिति ने आईआरसीटीसी से 15 जून के लिए ट्रेन मांगी है। 'जो ऐसा करते हैं, वहीं ऐसा सोचते हैं' करोल बाग से आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक विशेष रवि ने विजेंद्र गुप्ता के बयान पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो ऐसा करते हैं, वही ऐसा सोचते हैं। दिल्ली में केजरीवाल सरकार पक्षपात से काम नहीं करती। सभी योजनाएं हर एक नागरिक के लिए हैं। पहली तीर्थ यात्रा पर जा रही ट्रेन में सबसे अधिक बुजुर्ग करोल बाग से ही हैं। यहां से करीब 500 यात्रियों का रजिस्ट्रेशन हुआ है।
नई दिल्ली दिल्ली जल बोर्ड के सदस्य और बीजेपी के दिल्ली प्रदेश के उपाध्यक्ष जय प्रकाश ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को एक चिट्ठी लिखकर चेताया है कि अगर दिल्ली में पानी की समस्या हल नहीं हुई, तो वह लोगों को साथ लेकर सीएम आवास पर धरना देंगे। जय प्रकाश ने बताया कि दिल्ली में जुल्हान बस्ती, प्रताप नगर, हैदर कुल, चांदनी चौक, आनंद पर्वत, नबी करीम, पटेल नगर, नांगलोई, बवाना, नरेला, बाजितपुर ठाकरान, जनकपुरी, तिलक नगर, बदरपुर और जैतपुर में पानी के लिए लोग तरस रहे है। उनके मुताबिक, इन इलाकों में लोग पानी की समस्या को लेकर जल बोर्ड के दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। जय प्रकाश ने केजरीवाल से मांग की है कि वह जल्द से जल्द लोगों की समस्याओं की सुनवाई करते हुए इन इलाकों में पानी की सप्लाई का इंतजाम कराएं। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर केजरीवाल पानी की समस्या को हल नहीं करेंगे, तो वह लोगों के साथ मिलकर सीएम आवास पर धरना प्रदर्शन करेंगे।
नई दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मेट्रो और डीटीसी बसों में महिला यात्रियों के लिए मुफ्त सफर का बड़ा ऐलान किया है। केजरीवाल ने सोमवार को इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि अगले 2 से 3 महीने में यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। लोकसभा चुनावों में पार्टी को मिली करारी हार के बाद माना जा रहा था कि मतदाताओं के बीच फिर से अपनी पैठ बनाने के लिए केजरीवाल सरकार कुछ बड़े ऐलान कर सकती है। हालांकि, सीएम ने इसे चुनावी प्रलोभन के आरोपों पर कहा कि अच्छे काम का कोई वक्त नहीं होता। किसी खास प्रयोजन को ध्यान में रखकर नहीं महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर यह योजना शुरू कर रहे हैं। महिलाओं को सुरक्षित करने के लिए उठा रहे कदम दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि शहर के सभी स्कूलों में कैमरे लगाने का काम नवंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। 8 जून से कैमरे लगने शुरू हो जाएंगे। 70 हजार कैमरों पर सर्वे हो गया है। आने वाले समय मे 2.5 लाख कैमरे लग जाएंगे। उन्होंने बसों और मेट्रो में महिलाओं के मुफ्त सफर के फैसले पर कहा, 'आम परिवारों की बेटियां जब कॉलेज के लिए निकलती हैं, महिलाएं नौकरी के लिए निकलती हैं तो लोगों का दिल धक-धक करता रहता है। उनकी सुरक्षा की चिंता बनी रहती है। उसको ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी डीटीसी बसों, मेट्रो और क्लस्टर बसों में महिलाओं का किराया फ्री किया जाएगा। हमारा उद्देश्य है कि महिलाएं ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपॉर्ट का इस्तेमाल कर सकें।' 2-3 महीने में शुरू होगी फ्री सफर की व्यवस्था दिल्ली के सीएम ने महिलाओं से यह भी आग्रह किया कि जो महिलाएं किराया वहन करने में सक्षम हैं, वह सब्सिडी का प्रयोग न करें। उन्होंने कहा, 'इसमें प्रावधान ऐसा होगा कि कुछ महिलाएं किराया अफोर्ड कर सकती हैं, तो हम उनको प्रोत्साहित करेंगे कि सब्सिडी का इस्तेमाल न करें। अधिकारियों को 1 हफ्ते का टाइम दिया गया है कि डिटेल प्रपोजल बनाकर लाएं। कोशिश करेंगे कि 2-3 महीने में इस व्यवस्था को लागू किया जा सके। delhiwomensafety@gmail.com पर अपना फीडबैक भी आम नागरिक दे सकते हैं।' केंद्र सरकार पर सहयोग नहीं मिलने का सीएम ने लगाया आरोप दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को शुरू करने में जो भी खर्चा है वह दिल्ली सरकार देगी। उन्होंने कहा, पहले हमने केंद्र सरकार को किराया नहीं बढ़ाने का निवेदन किया, फिर 50-50 पार्टनरशिप में सब्सिडीका निवेदन किया, लेकिन केंद्र सरकार नहीं मानी। हम पूरे खर्चे का वहन करने जा रहे हैं और इसके लिए केंद्र सरकार से अप्रूवल की जरूरत नहीं है।' 700 से 800 करोड़ तक खर्च का अनुमान दिल्ली के सीएम से जब इस योजना के लिए होनेवाले खर्च का ब्यौरा पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मोटे तौर पर बचे हुए 6-7 महीने में 700 से 800 करोड़ तक का खर्चा होगा। उन्होंने कहा, '30 से 33% महिलाएं हैं जो मेट्रो और बसों में सफर करती हैं। कुल मिलाकर इस साल के बचे हुए महीनों में यह खर्चा 700 से 800 करोड़ तक का हो सकता है। अधिकारियों से 1 सप्ताह में इसकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।' बसों में कैमरा और मार्शल होंगे तैनात दिल्ली में महिलाओं के सफर को सुरक्षित बनाने पर जोर देते हुए आप संयोजक ने कहा, 'क्लस्टर बसों में मार्शल तैनात किए जाएंगे और पोस्टर भी लगाए जाएंगे कि इस बस में मार्शल तैनात हैं। डीटीसी की सभी बसों में कैमरा लगाने का काम इस साल में पूरा किया जाएगा। डीटीसी बसों में पहले से ही मार्शल तैनात हैं और हम पोस्टर भी लगाएंगे ताकि महिलाओं को पता रहे कि बस में मॉर्शल तैनात हैं।'
नई दिल्ली, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दाखिल आपराधिक मानहानि केस में रॉउज एवेन्यू कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट अब 10 जुलाई को तय करेगा कि इस मामले में केजरीवाल को आरोपी के तौर पर समन जारी किया जाए या नहीं. अरविंद केजरीवाल ने सितंबर 2018 में बीजेपी के नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक ट्वीट किया था. जिसके खिलाफ वकील राजेश कुमार ने आपराधिक मानहानि की शिकायत कोर्ट में दर्ज कराई थी. शिकायतकर्ता राजेश कुमार ने आज (शनिवार) अदालत में अपना बयान दर्ज करा दिया है. बीजेपी के पूर्वांचल मोर्चा की लीगल सेल के संयोजक राजेश कुमार का केजरीवाल पर आरोप है कि उन्होंने बीजेपी नेताओं के खिलाफ ‘आपत्तिजनक/मानहानि करने वाली’ पोस्‍ट्स को ट्वीट किया. यह शिकायत एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्‍ट्रेट समर विशाल के सामने की गई है. राजेश कुमार ने कोर्ट को बताया कि वह केजरीवाल द्वारा एक ट्वीट देखकर हैरान रह गए थे, जिसमें लिखा था कि बीजेपी नेता देशभर में घूमकर हिंदू लड़कियों का बलात्‍कार करते रहते हैं. राजेश कुमार ने कोर्ट में कहा है कि केजरीवाल ने 30 सितंबर 2018 को जो ट्वीट किया था उससे उन्‍हें बहुत दुख पहुंचा है. केजरीवाल ने लिखा था, “भाजपा के नेता पूरे देश में हिंदू लड़कियों का रेप करते घूमते हैं..” उन्‍होंने कहा कि वो उसी वक्‍त शिकायत दर्ज कराना चाहते थे लेकिन सोचा कि कोई उनके ट्वीट को गंभीरता से नहीं लेगा. शिकायतकर्ता ने कहा कि ट्वीट के आधार पर कई मौकों पर लोगों ने मुलाकात के वक्त उन्‍हें शर्मिंदा किया है. राजेश कुमार ने कोर्ट में लगाई अपनी याचिका में यहां तक कहा कि इस ट्वीट के बाद सोसाइटी की महिला ने भी ताना मार दिया. शिकायतकर्ता ने कहा है कि हनुमान जयंती के दिन, उनकी सोसाइटी में एक महिला ने यह जानकर कि वह बीजेपी नेता हैं, केजरीवाल के ट्वीट का हवाला देते हुए उनपर ताना मारा. राजेश कुमार ने कहा, सिस्‍टम में इतने ऊंचे पद पर बैठे कजरीवाल ने कई ऐसे गैर-जिम्‍मेदार और मानहानि करने वाले ट्वीट किए हैं जिससे शिकायतकर्ता को बार-बार शर्मिंदा होना पड़ा है. इस मामले में केजरीवाल पर मानहानि का मामला बनता है इसलिए कोर्ट में उन्होंने केजरीवाल पर मानहानि का केस किया है.
नई दिल्ली, 02 जून 2019,लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सातों सीटें जीतने के बाद अब दिल्ली बीजेपी का निशाना अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव पर है. यही वजह है कि बीजेपी ने अब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधना और तेज कर दिया है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी लोकसभा चुनाव जीतने के बाद रविवार को अपने उत्तर पूर्व लोकसभा क्षेत्र पहुंचे. मनोज तिवारी ने इस दौरान रोड शो किया और वोटर्स को धन्यवाद दिया. इसी के साथ मनोज तिवारी ने जनता से अपील करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में दिल्ली को बीजेपी की जरूरत है. केंद्र में मोदी सरकार है, ऐसे में दिल्ली में भाजपा के जीतने से दोगुनी रफ्तार से विकास होगा. देश में मोदी, दिल्ली में भाजपा से बनेगी बात दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने आजतक से खास बातचीत में कहा कि जनता ने देश में मोदी को चुन लिया है. ऐसे में दिल्ली मे भाजपा का जीतना ज़रूरी है. तिवारी ने कहा कि अगला निशाना दिल्ली विधानसभा चुनाव है. मनोज तिवारी ने कहा कि अभी सात में सात सीटें जीते हैं, अब सत्तर में साठ जीतेंगे. उन्होंने कहा कि बीस साल का वनवास खत्म होगा. दिल्ली के लिए अभिशाप हैं केजरीवाल चुनाव जीतने के बाद धन्यवाद यात्रा के दौरान मनोज तिवारी ने अरविंद केजरीवाल को दिल्ली का अभिशाप बता दिया. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि नाकाम और झूठे केजरीवाल को जनता परमानेंट हटाएगी, क्योंकि केजरीवाल दिल्ली के अभिशाप हैं. मनोज तिवारी ने कहा, जो मुख्यमंत्री 55 महीने बोलता रहा कि हमें काम नहीं करने दिया जा रहा है. अब वो आखिरी पांच महीने में कैसे काम कर लेगा? ऐसे में दिल्ली की जनता नाकाम झूठे दिल्ली के अभिशाप अरविंद केजरीवाल को परमानेंट हटाएगी. गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा का कार्यकाल 2020 के फरवरी में पूरा हो रहा है, इस साल के आखिर में दिल्ली के चुनाव का ऐलान हो सकता है. 2015 में दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने 70 विधानसभा सीटों में से 67 सीटों पर जीत हासिल की थी. जबकि मौजूदा लोकसभा चुनाव में उसे एक भी सीट नहीं मिल पाई है. ऐसे में सातों सीटों जीतने वाली बीजेपी आगामी विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने की रणनीति बना रही है.
नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की ऐंटी टेरर यूनिट की स्पेशल सेल ने बीते एक साल में 11 आतंकी हमलों की साजिशों को नाकाम किया। स्पेशल सेल ने कुल 11 बड़े ऑपरेशंस चलाए, जिनमें से 4 तो बीते चार महीनों में ही चलाए गए थे। दिल्ली पुलिस के ये ऑपरेशंस दिल्ली तक ही सीमित नहीं थे बल्कि जम्मू-कश्मीर, नेपाल सीमा और पूर्वोत्तर भारत तक में संदिग्ध आतंकियों की धरपकड़ की गई। दिल्ली पुलिस के एक दस्तावेज में इन ऑपरेशंस का विश्लेषण करते हुए कहा गया है कि इन ऑपरेशंस के जरिए आतंकी हमलों की साजिशों को नाकाम किया गया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पुलवामा आतंकी हमले के पुख्ता सबूत जुटाने में भी मदद की। जम्मू-कश्मीर में इस्लामिक स्टेट के मॉड्यूल को उजागर करने में भी राजधानी की पुलिस का अहम रोल था। यही नहीं मणिपुर में सक्रिय दहशतगर्द संगठन कांगलेपक कम्युनिस्ट पार्ट-पीपल वॉर ग्रुप के आतंकियों को भी दबोचने का काम किया। इसी साल 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे। दिल्ली पुलिस ने इस हमले में शामिल सज्जाद अहमद खान को लाजपत राय मार्केट से दबोचा था, जो यहां शॉल कारोबारी के तौर पर अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। कश्मीर के सज्जाद अहमद को गिरफ्तार करने के साथ ही दिल्ली पुलिस ने हमले से संबंधित कई इनपुट्स भी एजेंसियों को दिए। सज्जाद खान हमले के मास्टरमाइंड मुदसिर खान का मददगार था। उसकी गिरफ्तारी से एजेंसियों को हमले में शामिल सभी आतंकियों की पहचान करने और गिरफ्तार करने में मदद मिली। इसके अलावा मार्च के ही महीने में दिल्ली पुलिस ने हिजबुल मुजाहिदीन के दो मॉड्यूल्स को भी ध्वस्त किया। रिपब्लिक परेड के दौरान हमले की योजना की नाकाम स्पेशल सेल ने गणतंत्र दिवस से कुछ दिनों पहले जैश-ए-मोहम्मद के आतंकियों अब्दुल लतीफ गनी और हिलाल अहमद भट को भी धर दबोचा था। ये दोनों आतंकी राजधानी के किसी भीड़भाड़ वाले इलाके में ग्रेनेड अटैक करने की तैयारी में थे। पिछले साल दिसंबर में दिल्ली पुलिस ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ साझा अभियान में इस्लामिक स्टेट के तीन आतंकियों को धर दबोचा था और उसके मॉड्यूल को खत्म किया था। सेब के बगीचे में बंकर बनाकर छिपे थे आईएस आतंकी इस्लामिक स्टेट के तीन आतंकी ताहिर अली खान, हारिस मुश्ताक खान और आसिफ सुहैव नदाफ को दोनों राज्यों की पुलिस ने सेब के एक बगीचे से अरेस्ट किया था। तीनों आतंकी बंकर बनाकर छिपे हुए थे। बीते साल जनवरी में दिल्ली पुलिस ने सिमी आतंकी अब्दुल सुभान कुरैशी और इंडियन मुजाहिदीन के आरिज खान को भी पकड़ा था। इससे पुलिस को भारत में एक बार फिर से सिर उठाने की कोशिश में जुटे इंडियन मुजाहिदीन पर रोक लगाने में मदद मिली।
नई दिल्ली कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रभारी दिव्या स्पंदन ने अपने ट्विटर अकाउंट को डीऐक्टिवेट कर दिया है। अकाउंट को डीऐक्टिवेट करने से पहले उन्‍होंने अपने सभी ट्वीट डिलीट कर दिए। उन्‍होंने सोशल मीडिया बायो में भी कांग्रेस सोशल मीडिया प्रभारी का परिचय भी हटा लिया था। अब ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि शायद दिव्या स्पंदन ने अपना पद छोड़ दिया है। कांग्रेस पार्टी या खुद दिव्या की तरफ से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है। काफी समय से ऐसी खबरें चल रही हैं कि सोशल मीडिया प्रभारी के पद से दिव्या की छुट्टी हो गई है। न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, दिव्या ने इस सवाल के जवाब में सिर्फ यही कहा कि इस तरह की खबरें देनेवाले सूत्र गलत हैं। कांग्रेस की मीडिया विंग की तरफ से भी ऐसी कोई औपचारिक सूचना जारी नहीं की गई है। सोशल मीडिया पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस की फैन फॉलोइंग बढ़ने का श्रेय दिव्या को ही दिया जाता है। हालांकि, लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस में बड़े बदलाव के संकेत पहले ही दिए जा चुके हैं। इससे पहले लोकसभा चुनावों से ठीक पहले प्रियंका चतुर्वेदी ने भी कांग्रेस पार्टी छोड़कर शिवसेना का दामन थाम लिया था। चतुर्वेदी ने भी पहले अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल से कांग्रेस प्रवक्ता का परिचय हटाया था और फिर सार्वजनिक तौर पर फैसले का ऐलान किया। लोकसभा चुनावों में मिली हार के बाद कांग्रेस ने सभी प्रवक्ताओं के टीवी डिबेट में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी है। यह रोक अगले 1 महीने के लिए है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि आनेवाले वक्त में पार्टी और संगठन के स्तर पर कई बड़े बदलाव हो सकते हैं। माना जाता है कि गुजरात में 'विकास पागल हो गया है' जुमले को वायरल करने का काम 34 वर्षीय दिव्य स्पंदन की अगुवाई वाली उनकी सोशल मीडिया टीम ने ही किया था। कांग्रेस ने आक्रामक होकर गुजरात में चुनाव प्रचार किया था। इसका कांग्रेस को गुजरात चुनाव प्रचार में काफी फायदा मिला था। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्‍होंने कई ऐसे ट्वीट किए थे जिससे काफी विवाद हुआ था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक ट्वीट करने पर दिव्या स्पंदना के खिलाफ लखनऊ के गोमतीनगर थाने में देशद्रोह का मामला दर्ज कराया गया था। मां की कांग्रेस से नजदीकी के कारण दिव्य साल 2012 में कांग्रेस में शामिल हो गई थीं। सौतेले पिता ने संभाला वह 2013 में कर्नाटक की मंड्या सीट पर हुए लोकसभा का उपचुनाव जीतकर सांसद बनी थीं। हालांकि साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में हार गई थीं।इससे पहले युवा सांसद के तौर पर वह पाकिस्तान गई थीं और उनके इस बयान (पाकिस्तान अच्छा है, नर्क नहीं) को लेकर काफी विवाद भी हुआ था। दिव्य स्पंदन की मां सिंगल पैरंट रही हैं। वह ऊटी के बोर्डिंग स्कूल में पढ़ीं। जब तक दिव्य आठवीं में थीं, तब तक सौतेले पिता के साथ उनके घर में रहीं। उन्हीं ने दिव्य की पढ़ाई का खर्च उठाया। ग्रैजुएशन पूरा होते ही उन्हें फिल्मों के ऑफर आने लगे और वह फिल्मों में आ गईं।
नई दिल्ली: देश की राजधानी नई दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय में मायूसी छाई हुई है. खासतौर से राहुल गांधी की विशिष्ट मंडली में उनके करीबी बने बैठे बाहरी लोगों का पार्टी के पदाधिकारी मौन विरोध कर रहे हैं. इस मंडली में शामिल लोगों में शीर्ष स्तर पर राहुल गांधी के करीबी सहयोगी अलंकार सवाई हैं. आईसीआईसीआई बैंक के पूर्व अधिकारी सवाई पार्टी अध्यक्ष के लिए दस्तावेजी और शोध कार्य के साथ-साथ विचार सुझाने और राजनीतिक रणनीति बनाने में मदद करते हैं. कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बताया, "अलंकार का पार्टी में काफी दबदबा है. राहुल वरिष्ठ नेताओं की सलाह को नजरंदाज कर सकते हैं, लेकिन वह अलंकार की बातें अक्सर सुनते हैं. सभी कांग्रेसी मुख्यमंत्री और अहमद पटेल भी उनको अहमियत देते हैं." राहुल गांधी से मिलने का समय पाने में विफल नेता अपने लिए सारे दरवाजे बंद पाते हैं और वे इसके लिए कौशल विद्यार्थी या के. राजू पर दोष मढ़ते हैं. आम धारणा है कि यह मंडली नेता और उनके प्रति निष्ठावान भक्तों के बीच दीवार का काम करती है. ऑक्सफोर्ड से लौटे विद्यार्थी 2014 के चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद राहुल के निजी सचिव कनिष्क सिंह को दरकिनार करके उनके करीबी बने. इसके बाद पूर्व आईएएस अधिकारी के. राजू आए. राजस्थान के विधायक मंगलवार को पार्टी दफ्तर में काफी नाराज दिखे. उन्होंने कहा, "हमें राहुलजी से कोई शिकायत नहीं है. वह हमारे लिए हमेशा दयालु हैं लेकिन ये दरबारी हमें उनसे मिलने नहीं देते हैं." 24 अकबर रोड में बैठने वाले पार्टी के पुराने लोगों को 12 तुगलक लेन स्थित राहुल गांधी के आवास पर शायद ही तवज्जो दिया जाता है. कांग्रेस मुख्यालय में 35 साल से काम कर रहे अखिल भारतीय कांग्रेस के मध्यम स्तर के एक पदाधिकारी ने बताया, "इस दफ्तर में किशोर उपाध्याय और वी. जॉर्ज मेरी तरह यहां (अकबर रोड) स्टेनोग्राफर थे. राजीव गांधी उनको लाए थे. उन्होंने बाहरी लोगों से बेहतर काम किया. वे कांग्रेस की संस्कृति व भावना को काफी अच्छी तरह समझते थे." पार्टी कॉडर और दूसरे स्तर के कुछ नेताओं का मानना है कि राहुल के इर्द-गिर्द कई प्रमुख लोग हैं जो कम्युनिस्ट के विचारों से प्रेरित हैं. मसलन, संदीप सिंह को पार्टी में बाहरी माना जाता है. वह पहले ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) में थे जो कम्युनिस्ट से जुड़ा संगठन है. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र नेता के रूप में संदीप ने 2005 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को काला झंडा दिखाया था. वह इस समय राहुल गांधी के राजनीतिक सलाहकारों में शामिल हैं जो राहुल और प्रियंका के लिए भाषण तैयार करते हैं.
नई दिल्ली, दिल्ली जल बोर्ड में एक बार फिर भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले का खुलासा हुआ है. प्राइवेट कंपनियों को फायदा पहुंचने के लिए जल बोर्ड के कुछ अधिकारियों ने नियम-कायदों को ताक पर रखकर विभाग को करोड़ों का चूना लगाया और अपनी जेबें भर लीं. जानकारी के मुताबिक, 2016 से लेकर 2018 के बीच कुछ कामों का टेंडर जारी किया गया, लेकिन दिल्ली जल बोर्ड के इंजीनियरों ने ये टेंडर उन 17 कंपनियों को दे दिए जिनमें से कई को जल बोर्ड की विजिलेंस टीम ने ब्लैकलिस्ट कर रखा था. इसके अलावा जल बोर्ड ने बिना सामान की सप्लाई और बिना काम पूरा हुए इन फर्मों को तकरीबन 5 करोड़ का भुगतान भी कर दिया. जलबोर्ड ने विभागीय जांच में तीन अधिकारियों को दोषी पाया जिन्हें सस्पेंड कर दिया गया है. रोहिणी, भरत नगर और शालीमार बाग सीवेज पंपिंग स्टेशन के काम के लिए करोड़ों की पेयमेंट की गई थी, लेकिन जब जलबोर्ड के विजिलेंस विभाग ने जांच कराई तो पता चला काम हुआ ही नहीं. इसके बाद जलबोर्ड के सीईओ ने विजिलेंस को इस मामले की एसीबी (एंटी करप्शन ब्रांच) से जांच कराने की स्वीकृति दी. एसीबी ने अपनी शुरुआती जांच में पाया कि जल बोर्ड के अधिकारियों ने फर्जी बिल और फर्जी दस्तावेजों की मदद से बिना काम के ही ब्लैक लिस्टेड कंपनियों को करोड़ो का भुगतान कर दिया. अपनी शुरुआती जांच के बाद एसीबी ने इस मामले में जल बोर्ड के तीन बड़े अधिकारियों और इस भ्रष्टाचार में शामिल 17 फर्मों के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की हैं. एसीबी को लगता है कि भ्रष्टाचार का ये मामला इससे भी बड़ा हो सकता है. लिहाजा जल बोर्ड की सालों पुरानी फाइलों को मंगवा कर उन्हें खंगाला जा रहा है. एसीबी सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में जल्द ही जल बोर्ड के कुछ अधिकारियों और कंपनियों से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है. भ्रष्टाचार के इस मामले में हैरान करने वाली बात ये है कि पूरे भ्रष्टाचार का खेल जल बोर्ड के चेयरमैन और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कि नाक के नीचे चलता रहा लेकिन केजरीवाल को इसकी भनक तक नहीं लगी. इस मामले पर जल बोर्ड के वाइस चेयरमैन दिनेश मोहनिया ने कहा कि यह मामला जल बोर्ड ने ही एंटी करप्शन ब्यूरो को सौंपा है, साथ ही हमने उन सभी कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है. मामला सामने आने के बाद जल बोर्ड के सदस्य और दिल्ली बीजेपी उपाध्यक्ष जय प्रकाश ने इस मामले में जांच की मांग करते हुए दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. आपको बता दें कि कुछ महीने पहले ही दिल्ली की एंटी करप्शन ब्रांच ने दिल्ली जल बोर्ड के तीन इंजनीनियरों को गिरफ्तार किया था. उन पर आरोप था कि उन्होंने तीन प्राइवेट कंपनियों को 50 लाख के पेमेंट कर दी थी जबकि उन कंपनियों ने अपने काम को पूरा किया ही नहीं था. कब क्या हुआ ? 4 अप्रैल 2019- दिल्ली जलबोर्ड के विजिलेंस विभाग ने 3 अलग अलग शिकायतें एंटी करप्शन ब्रांच को सौंपी. इन शिकायतों में कई अधिकारियों, प्राइवेट फर्मों और उनके ठेकेदारों के नाम थे. 22 अप्रैल 2019 - एंटी करप्शन ब्रांच ने तीन एफआईआर दर्ज की, जिसमें तीन अधिकारियों और 17 फर्मों के नाम दर्ज किए गए. प्रवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत ये मामला दर्ज किया गया है. 1 मई 2019- दिल्ली जलबोर्ड से और डॉक्यूमेंट्स मांगे गए, जिसमें टेंडर फाइल्स, एकाउंट बिल्स और फर्मों की डिटेल्स मांगी गई है.
नई दिल्ली सूरत के कोचिंग सेंटर में भीषण अग्निकांड के करीब एक हफ्ते बाद बुधवार को दिल्ली में भी ऐसा बड़ा हादसा होने से टल गया। जनकपुरी में एक रिहायशी बिल्डिंग में चल रहे कावेरी गर्ल्स हॉस्टल में आग लगने से 50 लड़कियां फंस गईं। सभी ने दरवाजे और खिड़कियों के शीशे तोड़कर जान बचाई। कुछ ने तो पहले फ्लोर से छलांग लगा दी थी। घटना मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे हुई, जब सभी सो रही थीं। बाद में दमकल ने करीब आधे घंटे में आग पर काबू पाया। 5 लड़कियों ने सांस लेने में तकलीफ की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें अस्पताल भेजा गया। आग बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी थी, जो पूरी इमारत में फैल गई। चीखें सुनकर टूटी नींद, धुएं से घुट रहा था दम 'मैं हॉस्टल के अपने रूम में सो रही थी। अचानक चीखने की आवाजें सुनकर नींद टूटी। कमरे का गेट खोला तो बाहर धुआं नजर आया। मैं कुछ समझ नहीं पाई। फिर कॉरिडोर में सामने वाले कमरे में गई और वहां से खिड़की से नीचे कूदकर जान बचाई।' हॉस्टल में आग के बाद किसी तरह खुद को बचाने वाली लड़की के चेहरे पर हालात साफ झलक रहे थे। एक और लड़की ने बताया कि वह भी फर्स्ट फ्लोर पर रहती है। नींद धुएं के कारण टूटी। सामने कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। सांसें घुटने लगी थीं। हॉस्टल के रास्ते समझ नहीं आ रहे थे। लड़की का हाथ एक दरवाजे की तरफ गया। वह एक कमरा था। वहां कुछ लड़कियां दिखाई दीं जो खिड़की से कूद रही थीं। वह भी उनके साथ कूद गई। ये वो खुशकिस्मत लड़कियां थीं, जिनके कमरे की खिड़की मेन डोर की ओर थी। इससे उन्हें लोगों की भी मदद मिल गई और चोट भी नहीं आई। इन लड़कियों को जनकपुरी के आर्या अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां 6 लड़कियों को लाया गया था। 2 को प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया, जबकि 4 लड़कियों को ऐडमिट किया गया, क्योंकि उन्हें उल्टियां हो रही थीं। 'दूसरे हॉस्टल में शिफ्ट करूंगा बेटी को' घायल लड़कियों में से एक के पिता ने बताया कि उन्हें अपनी बेटी की चिंता हो रही है। अब वह आसपास कोई दूसरा हॉस्टल देखेंगे, जहां बेटी को शिफ्ट कर सकें। बेटी यहां रहेगी तो चिंता होगी। हालांकि पहले उन्हें कभी कोई शिकायत नहीं मिली। उन्होंने बताया कि जब आग लगने की खबर मिली तो वह घबरा गए थे। उन्हें सूरत हादसा याद आ गया था, इसलिए वह बिना देर किए रेवाड़ी से दिल्ली पहुंचे। मीटर के सब मीटर तो नहीं शॉर्ट सर्किट की वजह? कावेरी हॉस्टल में लगी आग की वजह शार्ट सर्किट बताई जा रही है। इसी वजह से पुलिस ने अभी तक कोई मामला दर्ज नहीं किया है। लेकिन इस आग की वजह मीटर के सब मीटरों को बताया जा रहा है। बीएसईएस के सूत्रों के अनुसार, उनकी जांच में 10 से 12 सब मीटर लगे होने की बात सामने आ रही है। यह मीटर बिल्डिंग मालिक ने अपनी तरफ से लगाए थे। इनका डिस्कॉम से लेना-देना नहीं है। इन्हीं की वायरिंग में कुछ लीकेज हुई होगी, जिसकी वजह से आग लगी। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इस एरिया में काफी इंस्टिट्यूट हैं। इनमें रेवाड़ी, धारूहेड़ा, मानेसर समेत हरियाणा के कई इलाकों स्टूडेंट्स पढ़ते हैं। सभी यहीं आसपास के हॉस्टल और पीजी में रहते हैं। पूरे एरिया में इसी तरह के पीजी-हॉस्टल बने हुए हैं। इन्हें लेकर अभी तक किसी तरह के नियम नहीं है। इसका फायदा यहां के लोग उठाते हैं। इसलिए लगाते हैं सब मीटर सब मीटर मकान मालिक अपनी तरफ से लगाते हैं ताकि कमरों के हिसाब से बिजली का चार्ज लिया जा सके। इन सब मीटर की फिटिंग भी लोकल इलेक्ट्रिशन से करवाई जाती है। हालांकि इस तरह के सब मीटर को अवैध बताया जाता है। सब मीटर की वायरिंग आदि को भी मकान मालिक चेक नहीं कराते। इसे शार्ट सर्किट की आशंका बनी रहती है। प्लॉट या फ्लैट के लिए टू फेस में 11 किलोवॉट तक का मीटर आसानी से मिल सकता है। हर फ्लोर पर बिजली कनेक्शन भी डिस्कॉम देती है। वहीं, कमर्शल मीटर 35 किलोवाट से शुरू होते हैं। ज्यादा कमरे बनाने के लिए लगाई थी लकड़ी कावेरी हॉस्टल में जगह बचाने और अधिक कमरे बनाने के लिए लकड़ियों का खूब इस्तेमाल किया गया था। इसकी वजह से आग और धुआं तेजी से बढ़ता गया। हॉस्टल अंदर से पूरी तरह गैस चैंबर बन गया।
नई दिल्ली लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय राजधानी में तीसरे नंबर पर रही आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को एक नया नारा लॉन्च किया-‘दिल्ली में तो केजरीवाल’। लोकसभा चुनाव से सबक लेते हुए आप ने अब दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। ‘दिल्ली में तो केजरीवाल’ नारे लिखे बैनर आप की दिल्ली राज्य इकाई के स्वयंसेवकों के साथ पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की हो रही सभी बैठक स्थलों पर देखा जा सकता है। केजरीवाल ने रविवार को यहां पंजाबी बाग क्लब में दिल्ली राज्य इकाई के स्वयंसेवकों की एक बैठक बुलाई थी। यह बैठक स्वयंसेवकों के साथ बातचीत और पार्टी के भावी कदम पर चर्चा के लिए बुलाई गई थी। दिल्ली विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में या 2020 की शुरुआत में होना है। आप लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय राजधानी में तीसरे नंबर पर रही थी। पार्टी को पूरी दिल्ली में मात्र 18 प्रतिशत वोट मिले थे। बीजेपी ने सभी सात सीटों पर वोटों के भारी अंतराल से जीत दर्ज की है। आम आदमी पार्टी के कुछ उम्मीदवारों की जमानत भी जब्त हो गई। 2015 में चमत्कारिक प्रदर्शन अगर आप का 2015 विधानसभा चुनावों में उभरना चमत्कारिक था, तो चार साल बाद लोकसभा चुनावों में उसका पतन भी उतना ही चौकाने वाला है। जब यहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं, तो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए यह खबर अच्छी नहीं है। आप का सर्वश्रेष्ठ आंकड़ा तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र में रहा, जहां इसे 35.7 प्रतिशत मत मिले और बीजेपी के रमेश बिधूड़ी को 52.1 प्रतिशत और कांग्रेस को सिर्फ 7.8 प्रतिशत मत मिले। इसके बाद उसका प्रदर्शन देओली में बेहतर रहा जहां उसे 32.5 प्रतिशत मत मिले, वहीं बीजेपी को 49.5 प्रतिशत और कांग्रेस को 14.5 प्रतिशत वोट मिले। अगर आम चुनाव के रुझान जारी रहे तो विधानसभा चुनावों में 70 में से तीन सीटें जीतने वाली बीजेपी 60 से ज्यादा सीटें जीत सकती है। वहीं विधानसभा चुनावों में खाता भी नहीं खोलने वाली कांग्रेस पांच सीटें जीत सकती है।
नई दिल्ली, 26 मई 2019, दिल्ली और पंजाब में मिली करारी हार के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) में एक बार फिर कलह शुरू हो गई है. आम आदमी पार्टी की नेता अलका लांबा ने पार्टी के व्हाट्सऐप ग्रुप से खुद को बाहर निकाले जाने को लेकर अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा है. पार्टी के व्हाट्सऐप ग्रुप से निकाले जाने पर भड़कीं अलका लांबा ने पूछा, क्या चुनावी हार के लिए मुख्यमंत्री को इस्तीफा नहीं देना चाहिए? अलका लांबा ने ट्वीट में अरविंद केजरीवाल को हटाकर संजय सिंह को आम आदमी पार्टी का संयोजक बनाने की मांग उठाई है. साथ ही अलका लांबा ने व्हाट्सऐप ग्रुप का एक नया स्क्रीन शॉट शेयर किया है, जिसमें अरविंद केजरीवाल विधायकों से लोकसभा चुनाव के बाद लोगों के बीच जाकर सभाएं करने को कह रहे हैं. इसके अलावा अलका लांबा ने व्हाट्सऐप ग्रुप पर आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता और ग्रेटर कैलाश से विधायक सौरभ भारद्वाज को मोहरा और चमचा भी कहा है. अलका लांबा ने पार्टी ट्वीट के जरिए छोड़ने के भी संकेत दिए हैं. उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि 2013 में आप के साथ शुरू हुआ उनका सफर 2020 में खत्म हो जाएगा. साथ ही उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी दिल्ली में एक मजबूत विकल्प बनी रहेगी. अलका लांबा ने पार्टी के साथ 6 साल के अपने सफर को यादगार बताया है. बता दें कि अलका लांबा को शनिवार को पार्टी विधायकों के व्हाट्सऐप ग्रुप से एक बार फिर बाहर कर दिया गया है. इस व्हाट्सएप ग्रुप में पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं. नाराज अलका लांबा ने कहा कि गुस्सा मुझ पर निकाला जा रहा है. कभी ग्रुप में जोड़ते हो, कभी निकालते हो, बेहतर होता इससे ऊपर उठकर कुछ सोचते, बुलाते, बात करते और गलतियों पर चर्चा करने के बाद सुधार करके आगे बढ़ते. अलका लांबा ने कहा कि पार्टी के कुछ लोगों ने पिछले 5 महीनों से जोर लगा रखा है कि मुझे पार्टी से बाहर कर दिया जाए, या ऐसा माहौल पैदा किया जाए कि मैं भी दूसरों की तरह पार्टी छोड़ कर चली जाऊं. लेकिन मेरा जनता से 5 साल साथ देने का वायदा था, वायदा तो निभा कर ही जाऊंगी, कुछ अधूरे काम पूरे भी करने हैं. अलका लांबा ने कहा अरविंद केजरीवाल की गलतियों की वजह से ही आज पार्टी की यह हालत हो गई है, तो बिना उन बड़ी गलती का जिक्र किए, बिना उन पर चर्चा किए और बिना उनमें सुधार किए कैसे कोई आगे बढ़ा जा सकता है? जनता से एक बार फिर माफ़ी मांगने से नहीं होगा.
नई दिल्ली राजधानी दिल्ली की उत्तर पूर्वी सीट से लोकसभा चुनाव 2019 में जीत हासिल करने वाले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता और प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी शनिवार को अपनी प्रतिद्वंदी और सीनियर नेता शीला दीक्षित से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें मनोज तिवारी शीला से आशीर्वाद लेते दिख रहे हैं। बता दें कि नॉर्थ ईस्ट सीट पर मनोज तिवारी ने शीला को करारी शिकस्त देकर ही जीत दर्ज की है। दूसरे नंबर पर रहीं थी शीला दिल्ली की पूर्व सीएम शीला दीक्षित वर्तमान में कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष भी हैं। इस बार वह नॉर्थ ईस्ट सीट से चुनाव लड़ीं लेकिन मनोज तिवारी के हाथों हार गईं। तिवारी ने उन्हें यहां पूरे 366102 वोटों से हराया। मनोज तिवारी को कुल 787799 वोट मिले थे। वहीं 421697 वोटों के साथ शीला दूसरे नंबर पर रहीं। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता दिलीप पांडेय को यहां से सिर्फ 190856 वोट मिले। बता दें कि चुनावी प्रचार के दौरान भी मनोज तिवारी या शीला दीक्षित ने एक दूसरे के खिलाफ कोई गलत या विवादित बयानबाजी नहीं की थी। अब जीत के बाद शीला का आशीर्वाद लेकर मनोज ने जनता को नया संदेश दिया है। बता दें कि दिल्ली में कांग्रेस की हार को शीला ने निराशाजनक बताया था। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस को जीतना चाहिए था। हालांकि, शीला ने इस बात पर संतोष जताया कि कांग्रेस ने ज्यादातर सीटों पर आम आदमी पार्टी को तीसरे स्थान पर धकेल दिया।
नई दिल्ली दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर बीजेपी की प्रचंड जीत ने आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए खतरे की घंटी बजा डाली है। विधानसभा क्षेत्रों के लिहाज से देखें तो 70 में से 65 विधानसभा क्षेत्रों पर बीजेपी का जबर्दस्त दबदबा रहा। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में आम आदमी पार्टी की जगह पर कांग्रेस उम्मीदवारों पर अल्पसंख्यक समुदाय ने भरोसा जताया। दिल्ली की 70 विधानसभा क्षेत्रों में से 5 में विधानसभा ऐसे रहे जहां से सबसे अधिक वोट कांग्रेस को मिले। आम आदमी पार्टी के लिए यह इसलिए भी निराशाजनक है क्योंकि किसी विधानसभा सीट पर पार्टी के किसी उम्मीदवार को सबसे अधिक वोट नहीं मिले। बता दें कि अगले साल के शुरुआत में दिल्ली में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। मुस्लिम समुदाय ने कांग्रेस पर जताया भरोसा दिल्ली में 3 लोकसभा क्षेत्रों के अल्पसंख्यक बहुल विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को अपने प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में ज्यादा वोट मिले हैं। आम चुनावों में डाले गए कुल वोटों को लेकर चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट के तहत आने वाले ओखला विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली को 60,000 से ज्यादा वोट मिले जबकि आम आदमी पार्टी (आप) की उम्मीदवार आतिशी को 43,000 से अधिक वोट मिले। ओखला में बीजेपी उम्मीदवार गौतम गंभीर को 35,000 से अधिक वोट मिले। हालांकि, गंभीर ने पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर लवली को 3.91 लाख से अधिक वोटों से हराया। आतिशी तीसरे स्थान पर रहीं। बल्लीमारान और मटिया महल में कांग्रेस उम्मीदवार को सबसे अधिक वोट चांदनी चौक लोकसभा सीट के तहत आने वाले बल्लीमारान, चांदनी चौक और मटिया महल विधानसभा क्षेत्रों में अल्पसंख्यक वोटरों का वर्चस्व है। चांदनी चौक से कांग्रेस उम्मीदवार जय प्रकाश अग्रवाल को इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में बीजेपी उम्मीदवार एवं मौजूदा सांसद हर्षवर्धन से अधिक वोट मिले। अग्रवाल को चांदनी चौक में 33,440, मटिया महल में 52,669 और बल्लीमारान में 49,036 वोट मिले। इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में आप के उम्मीदवार पंकज गुप्ता तीसरे स्थान पर रहे। हर्षवर्धन को मटिया महल में 20,224, चांदनी चौक में 28,754 और बल्लीमारान में 33,723 वोट मिले जबकि गुप्ता को चांदनी चौक में 9,152, बल्लीमारान में 8,306 और मटिया महल में 6,787 वोट मिले। सीलमपुर से शीला को मिले बंपर वोट उत्तर-पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार शीला दीक्षित को सीलमपुर विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 64,382 वोट मिले। इस क्षेत्र में बीजेपी उम्मीदवार मनोज तिवारी को 36,773 वोट मिले। हालांकि, बाबरपुर और मुस्तफाबाद क्षेत्र में तिवारी ने शीला को कड़ी टक्कर दी। बाबरपुर में उन्हें 57,827 और मुस्तफाबाद में 73,501 वोट मिले। शीला को बाबरपुर में 57,227 जबकि मुस्तफाबाद में 69,803 वोट मिले। आप के उम्मीदवार दिलीप पांडेय को मुस्तफाबाद में 17,803, बाबरपुर में 12,564 और सीलमपुर में 10,091 वोट मिले। इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में अल्पसंख्यक मतदाताओं की संख्या अच्छी-खासी है। तिवारी ने शीला को करीब 3.66 लाख वोटों से हराया। मुस्लिम बहुल 2 इलाकों में मनोज तिवारी ने मारी बाजी 7 में से 5 मुस्लिम बहुल विधानसभाओं में कांग्रेस ने बाजी मारी। हालांकि, उत्तर पूर्वी दिल्ली से बीजेपी के उम्मीदवार मनोज तिवारी को बाबरपुर और मुस्तफाबाद इलाके से प्रतिद्वंदी शीला दीक्षित से अधिक वोट मिले। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया, 'स्पष्ट संकेत हैं कि मुस्लिम वोटरों को कांग्रेस पर आम आदमी पार्टी से अधिक भरोसा है। सिर्फ ओखला विधानसभा क्षेत्र ही ऐसा रहा जहां आप को 27% वोट मिले।' केजरीवाल के विधानसभा क्षेत्र में आप का खराब प्रदर्शन आम आदमी पार्टी के साथ खुद अरविंद केजरीवाल के लिए भी यह खबर निराशाजनक रही क्योंकि नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से आप उम्मीदवार को बहुत कम वोट मिले। नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से बृजेश गोयल को सिर्फ 14,740 वोट ही मिले।
नई दिल्ली, 24 मई 2019,लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचंड लहर में कांग्रेस सहित विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया है. बीजेपी 303 सीटों के साथ सत्ता में एक बार फिर वापसी की है. जबकि राहुल गांधी के नेतृत्व में उतरी कांग्रेस को जबरदस्त हार का मुंह देखना पड़ा है. कांग्रेस 52 सीटों पर सिमट गई है. लोकसभा की हार को स्वीकार करते हुए राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की. हालांकि राहुल के इस्तीफे पर कांग्रेस की कार्यसमिति फैसला करेगी, लेकिन ज्यादातर संभावना है कि ये पेशकश महज औपचारिकता तक ही सीमित रह जाएगी. इसके बावजूद राहुल गांधी अपने इस्तीफे पर अगर इसी तरह से अड़े रहे औैर उनका इस्तीफा स्वीकार होता है तो सवाल उठता है कि फिर पार्टी की बागडोर किसके हाथों सौंपी जाएगी? कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के सामने पार्टी अध्यक्ष से इस्तीफा देने की पेशकश की. इसके बाद सोनिया गांधी और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने समझाया कि ये सब बातें पार्टी फोरम में रखनी चाहिए, जिसके बाद राहुल गांधी रुके. हालांकि राहुल गांधी गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही इस्तीफा देना चाहते थे. इसके बाद सोनिया ने प्रियंका गांधी को राहुल के घर भेजा. सोनिया और प्रियंका के समझाने के बाद तय हुआ शनिवार को पार्टी की होने वाली cwc की बैठक में राहुल इस्तीफे की पेशकश करेंगे. यही वजह रही कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब राहुल गांधी यह पूछा गया कि क्या वह इस्तीफा देंगे? इस पर राहुल ने कहा, 'कार्यकारिणी की हमारी एक बैठक होगी. आप इस्तीफे के मुद्दे को मेरे और कार्यकारिणी के बीच छोड़ दें.' लोकसभा चुनाव के नतीजों पर मंथन के लिए कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक शनिवार को होने जा रही है. माना जा रहा है कि इस बैठक में राहुल गांधी हार की जिम्मेदारी लेते हुए अपने इस्तीफे की पेशकश कर सकते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पहले हार की समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित कर सकती है, जिस प्रकार 2014 में हार के बाद ए के एंटोनी के नेतृत्व में गठित की गई थी. इसके बाद भी राहुल गांधी यदि अपने इस्तीफे के फैसले पर अड़े रहते हैं तो ऐसी हालत में पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल होगा कि पार्टी की कमान किसे सौंपी जाएगी? इस फेहरिस्त में हाल ही में सक्रिय राजनीति में एंट्री करने वाली प्रियंका गांधी का नाम सबसे आगे आता है. ऐसे में महज तीन महीने में पार्टी की कमान प्रियंका गांधी को सौंपी जाएगी तो फिर बीजेपी वंशवाद की राजनीति को लेकर कांग्रेस पर हमलावर हो सकती है. गांधी परिवार वंशवाद की परछाई से अपने आपको अलग रखने के लिए कांग्रेस कोई दूसरा बड़ा कदम उठाने पर विचार कर सकती है. राजीव गांधी की हत्या के बाद जिस प्रकार कांग्रेस की कमान पीवी नरसिम्हा राव और उसके बाद सीताराम केसरी को सौंपी गई थी. इससे पहले भी कांग्रेस की कमान गांधी परिवार के से बाहर के सदस्य के हाथों में रह चुकी है. गौरतलब है कि कांग्रेस की खोई सियासी जमीन को तलाशने के लिए राहुल गांधी ने एड़ी चोटी का जोर लगाया. लोकसभा चुनाव में 2 माह 8 दिन के चुनाव प्रचार में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने 148 रैलियां की थी. इस दौरान उन्होंने करीब 1.25 किमी की यात्राएं की और देश भर में 52 सीटें आईं. राहुल गांधी ने सबसे अधिक 21 रैली उत्तर प्रदेश में की है और पार्टी महज एक सीट जीत सकी है. मध्य प्रदेश में 18 रैली की एक सीट आई, राजस्थान में 13 रैली कोई सीट नहीं मिली. केरल में 12 रैली की 15 सीटें मिलीं. बिहार में आठ रैली की और एक सीट मिली. झारखंड में चार रैलियां किया और एक सीट ही जीत सके. ऐसे में हार की जिम्मेदारी लेते हुए राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की है, लेकिन यह संभावना बहुत कम है कि उनका इस्तीफा स्वीकार हो.
नई दिल्ली दिल्ली विधानसभा चुनाव से ठीक 8 महीने पहले सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की सातों लोकसभा सीटों पर आप का कोई भी नेता 'भगवा लहर' का सामना नहीं कर पाया। लेकिन इससे भी ज्यादा अपमानजनक बात यह है कि आप 18.1 प्रतिशत वोट शेयर के साथ दिल्ली लोकसभा चुनाव में तीसरे नंबर पर ही अपनी पकड़ बना पाई। जबकि 56.5% वोट शेयर के साथ पहले नंबर पर बीजेपी ने कब्जा किया और दूसरे नंबर पर 22.5 प्रतिशत वोट शेयर के साथ कांग्रेस रही। दिल्ली आप का किला रहा है जहां उसने साल 2015 में 70 विधानसभा सीटों में से 67 पर जीत हासिल करके इतिहास रचा था। साल 2012 में अस्तित्व में आने के बाद से इस चुनाव में पार्टी ने सबसे खराब प्रदर्शन किया है। 2013 के विधानसभा चुनाव में जब पार्टी ने अपनी स्थापना के केवल एक साल पूरे किए थे, तब इसका वोट शेयर 29.5% था जो कि साल 2015 में बढ़कर 54 प्रतिशत पर पहुंच गया था। इसकी लोकप्रियता में साल 2017 से गिरावट आनी शुरू हुई जब नगर निगम चुनाव में आप को हार का सामना करना पड़ा था और वह केवल 26 प्रतिशत वोट पाकर ही सिमट गई थी। आप की दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारी को दिखाता है यह चुनाव आम आदमी पार्टी की चुनावी प्रासंगिकता दिल्ली के चुनावी प्रदर्शन पर ही निर्भर करती है क्योंकि पंजाब के अलावा दिल्ली के बाहर इसका कहीं भी चुनावी प्रतिनिधित्व नहीं है। और पंजाब में भी पार्टी की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। लोकसभा चुनाव के नतीजे भी पार्टी के लिए अच्छे नहीं हैं क्योंकि ये विधानसभा चुनाव के लिए उनकी तैयारी को दिखाते हैं। आप के सातों उम्मीदवारों ने अपने प्रचार अभियान में अपने सरकार के प्रदर्शन को शामिल किया था, विशेषतौर पर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए कामों को प्रचार में शामिल किया गया जिसे लोगों ने काफी पसंद किया था। हालांकि इसके साथ पार्टी के मुखिया और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के लिए पूर्ण राज्य के दर्जे वाला घोषणापत्र भी चुनाव जीतने में काम नहीं आया। आप की इन गलतियों की वजह से हुआ वोटर्स का मोहभंग साल 2015 में आप के लिए जितने भी कारकों ने काम किया, उसमें सबसे ज्यादा राजनीति के एक नए विकल्प के रूप में इसका उभरना रहा। इस पार्टी को दूसरे राजनीतिक दलों से अलग देखा गया। हालांकि अब इस पार्टी ने भी दूसरी पार्टियों की तरह ही व्यवहार करना शुरू कर दिया है- जैसे चुनावी वादे पूरे न करना, एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करना, गैर- पारदर्शी होना और पहले आरोप लगाना और फिर माफी मांगना, जिसकी वजह से लोगों का इस पार्टी से मोहभंग होना शुरू हो गया। केजरीवाल के कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए लगे रहना ने भी आप समर्थकों को निराश किया। राजनीतिक मजबूरियों ने केजरीवाल को उन विपक्षी नेताओं के साथ सार्वजनिक रूप से दिखाई पड़ने के लिए मजबूर किया जिन्हें कभी वह भ्रष्ट कहा करते थे। हालांकि दिल्ली के आगामी विधानसभा चुनाव में आप के लिए बीजेपी को तो सिरदर्द है ही, साथ ही कांग्रेस को भी पीछे छोड़ना इसके लिए बड़ी चुनौती होगी। लोकसभा चुनाव के दौरान 2 आप नेता पार्टी से किनारा कर बीजेपी में शामिल हो ही चुके हैं और उनका दावा है कि 14 आप विधायक भी उनसे संपर्क में हैं। पार्टी के लिए सदन में अपनी सीटें बचाना चुनौती होगी। ये पार्टी के वही असंतुष्ट लोग हैं जो जिन्हें लोकसभा चुनाव के दौरान टिकट देने से इनकार किया गया था। हालांकि पार्टी में कोई ज्यादा आंतरिक संकट तो नहीं है क्योंकि पार्टी के अधिकतर मुखर नेता जिन्होंने केजरीवाल पर सवाल उठाया था, उन्हें या तो बाहर का रास्ता दिखा दिया गया या फिर साइड लाइन कर दिया गया। दिल्ली को पूर्ण राज्य के दर्जे को मुद्दा बनाकर, 6 महीने पहले से ही लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार शुरू करने वाली आप को सातों लोकसभा सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा। अब पार्टी के पास खुद को इस स्थिति से उबारने के लिए केवल आठ महीने ही बचे हुए हैं।
नई दिल्ली, 24 मई 2019, लोकसभा चुनाव 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने दिल्ली की सातों सीट पर भारी जीत हासिल की है. सातों कैंडिडेट को 50 फीसदी से अधिक वोट मिले हैं. इससे ये बात सामने आ रही है कि आम आदमी पार्टी से गठबंधन नहीं करके कांग्रेस फायदे में ही रही है. इस बार के आंकड़ों के मुताबिक, अगर आप और कांग्रेस का गठबंधन होता, फिर भी बीजेपी की जीत होती. लेकिन गठबंधन नहीं होने की वजह से कांग्रेस पार्टी लड़ाई में दूसरे नंबर पर आ गई. वोट शेयर बढ़ गया है. 7 में से 5 सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार बीजेपी के बाद दूसरे नंबर पर रहे. इसकी वजह से करीब 9 महीने बाद होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को फायदा मिल सकता है. लोकसभा चुनाव से पहले करीब 2 महीने तक कांग्रेस और आप में गठबंधन को लेकर बात चली थी. कई बार ऐसी भी खबरें आईं थी कि दोनों पार्टी का गठबंधन लगभग तय है. लेकिन आखिरी वक्त में दोनों पार्टियों ने एक दूसरे पर गठबंधन न करने का आरोप लगाया था. चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, लोकसभा चुनाव 2019 में दिल्ली में बीजेपी को कुल 56.6 फीसदी वोट मिले हैं, वहीं कांग्रेस को 22.5 फीसदी. जबकि आप को सिर्फ 18.1 फीसदी वोट मिले हैं. आम आदमी पार्टी की स्थापना के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब कांग्रेस को आप से अधिक वोट मिले हैं. सातों सीटों पर भारी मतों से हारने वाली आम आदमी पार्टी सिर्फ 2 सीटों पर दूसरे नंबर पर आ सकी. तीन आप कैंडिडेट, चांदनी चौक से पंकज गुप्ता, नई दिल्ली से बृजेश गोयल और उत्तर पूर्वी दिल्ली से दिलीप पांडेय अपनी जमानत बचाने में भी असफल रहे. 2013 में अपने पहले विधानसभा चुनाव में आप को 29 फीसदी वोट मिले थे, जबकि कांग्रेस को सिर्फ 25 फीसदी. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को 46.63 फीसदी वोट मिले थे, जबकि आप 33.07 फीसदी वोट के साथ दूसरे नंबर पर रही थी. कांग्रेस को 15.22 फीसदी वोट मिले थे. इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए आप नेता मनीष सिसौदिया ने कहा कि लोगों के मन में ये साफ था कि ये राष्ट्रीय चुनाव है. कांग्रेस ने भी काफी कंफ्यूजन पैदा किया. इसे सिर्फ मोदी वेव ही कहा जा सकता है. वहीं, 2015 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के एक भी कैंडिडेट नहीं जीते थे. 70 में से 67 सीटें आप को मिली थीं और बीजेपी को तीन सीट. तब आप ने कांग्रेस को 9.7 फीसदी सीटों पर समेट दिया था
नई दिल्ली, 23 मई 2019,देश में चली मोदी की सुनामी ने सभी विपक्षी पार्टियों का सूपड़ा साफ कर दिया. राजधानी दिल्ली में भी एक बार फिर सातों सीटें भाजपा के खाते में गई हैं. पूर्वी दिल्ली से चुनाव लड़ रहे पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने यहां एक शानदार जीत हासिल की है. गंभीर ने जीत हासिल करने के साथ ही आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के प्रत्याशियों को आड़े हाथों लिया. गौतम गंभीर ने लिखा, ‘ना ही लवली कवर ड्राइव और ना ही कोई आतिशी बल्लेबाजी. यहां सिर्फ बीजेपी की गंभीर विचारधारा ही जीत पाई है, जिसका लोगों ने सपोर्ट किया है. मैं बीजेपी के सभी साथियों का शुक्रिया करना चाहता हूं. हम लोगों के विश्वास को नहीं तोड़ेंगे. इतना ही नहीं गौतम गंभीर ने अपने ट्वीट में दिल्ली वालों को भी शुक्रिया अदा किया. उन्होंने लिखा कि मैं पूर्वी दिल्ली के लोगों का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. पूर्वी दिल्ली से गौतम गंभीर को 6 लाख से अधिक वोट मिले हैं. यानी उन्हें करीब 54 फीसदी वोट प्राप्त हुए हैं. इस सीट पर दूसरे नंबर पर कांग्रेस के अरविंदर सिंह लवली और तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी की आतिशी रही हैं. आपको बता दें कि गौतम गंभीर ने लोकसभा चुनाव शुरू होने से पहले ही बीजेपी ज्वाइन की थी. तभी से ही वह ट्विटर पर एक्टिव थे और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ हमलावर थे. इतना ही नहीं, आतिशी की तरफ से गंभीर के खिलाफ फर्जी पर्चे बांटने का आरोप लगाया गया था. जिसपर आतिशी और गंभीर के बीच जुबानी जंग शुरू हो गई थी
नई दिल्ली, दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दर्ज कराई. शिकायत में कहा गया कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया मेरे खिलाफ सोशल मीडिया के माध्यम से झूठ फैलाकर मुझ पर जानबूझ कर आपराधिक मामले बनवाकर जेल भेजने की साजिश रच रहे हैं. गुप्ता ने बताया कि केजरीवाल चुनाव का लाभ लेने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं और यह सब घटनाएं इसका जीता-जागता उदाहरण है. साथ ही कहा कि आने वाले समय में भी नए-नए पैंतरे देखने को मिलेंगे. केजरीवाल यह सब झूठ सोच-समझ कर फैला रहे हैं, क्योंकि वह अच्छी तरह से जानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में उनका हश्र और भी बुरा होने वाला है, इससे बचने के लिए ये सारे पैंतरे अपनाए जा रहे हैं. सीएम अरविंद केजरीवाल ने बीते दिनों अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप बीजेपी पर लगाया था. केजरीवाल ने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की तरह मेरे भी सुरक्षाकर्मी मेरी हत्या कर सकते हैं. केजरीवाल ने कहा था कि बीजेपी उनके बॉडीगार्ड के जरिए उनकी हत्या करा सकती है. इस पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर बीजेपी के नेता विजेंद्र गुप्ता पर हमले की साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था. बता दें कि पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे अरविंद केजरीवाल ने एक मीडिया संस्थान से बात करते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री रहते हुए मेरे ऊपर पांच बार हमले हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि ऐसा 70 साल में नहीं हुआ है कि किसी राज्य के सीएम पर पांच-पांच बार हमले हुए हों. गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी का नाम लेते हुए कहा कि राजनीतिक दल मुझ पर हमला करवा रहे हैं.
नई दिल्ली, 18 मई 2019,दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दावा किया है कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की तरह एक दिन उनकी भी हत्या करवा दी जाएगी. अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी उनकी जान के पीछे पड़ी है और उनका मर्डर किया जा सकता है. पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार कर रहे अरविंद केजरीवाल एक मीडिया संस्थान से बात कर रहे थे. आम आदमी पार्टी ने इस बातचीत का पूरा वीडियो अपने ट्विटर अकाउंट पर जारी किया है.अरविंद केजरीवाल ने कहा कि बतौर सीएम रहते उनके ऊपर पांच बार हमले हो चुके हैं. सीएम ने कहा कि ऐसा 70 साल में नहीं हुआ है कि किसी राज्य के मुख्यमंत्री पर पांच-पांच बार हमले हुए हों. अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर ये हमले क्यों हो रहे हैं? इस सवाल का जवाब उन्होंने खुद दिया, "ये हमले क्यों हो रहे हैं, मेरा कसूर क्या है...मैंने क्या गलत कर दिया है, मेरे को कोई क्यों मारेगा." केजरीवाल ने बीजेपी का नाम लेते हुए कहा कि राजनीतिक दल उनपर हमला करवा रहे हैं. उन्होंने कहा, "मैं तो लोगों के बच्चे को पढ़ा रहा हूं, स्कूल भेज रहा हूं, इलाज करवा रहा हूं, मैं धर्म और पुण्य के काम कर रहा हूं, निश्चित रूप से ये पार्टियां हमले करवा रही है. पहले तो उन्होंने पैटर्न बनवा दिया है, एक के बाद एक छोटे-छोटे हमले करवा रहे हैं, मुझे पूरा यकीन है ये बीजेपी वाले एक दिन खत्म करवा देंगे... मेरा मर्डर करवा देंगे." हाल ही में दिल्ली में चुनाव प्रचार के दौरान केजरीवाल को एक शख्स ने थप्पड़ मारा था. सीएम ने कहा कि ऐसा करके बीजेपी वाले कहेंगे कि आम आदमी पार्टी का ही कार्यकर्ता था और केजरीवाल से नाराज था. दिल्ली सीएम ने कुछ सवाल उठाये और पूछा कि क्या इस तर्क के आधार पर अगर कोई आप का कोई कार्यकर्ता केजरीवाल से नाराज है तो उसे मार सकता है? कांग्रेस का कोई कार्यकर्ता कैप्टन साहब से नाराज है तो मार सकता है? बीजेपी का कोई कार्यकर्ता मोदी जी से नाराज है तो मार सकता है. केजरीवाल ने आगे कहा, "एक दिन मर्डर कर देंगे...कहेंगे केजरीवाल का कोई कार्यकर्ता था, नाराज था मर्डर कर दिया. आज अकेला मुख्यमंत्री हूं...मेरी सिक्युरिटी मेरे कब्जे में नहीं है. ये जितने आगे पीछे घुम रहे हैं सारे बीजेपी की सरकारों को रिपोर्ट करते हैं...मेरा पीएसओ भाजपा को रिपोर्ट करता है...कहीं इंदिरा गांधी की तरह भाजपा वाले मेरे पीएसओ से खत्म करवा देंगे मेरे को...मेरी लाइफ दो मिनट के अंदर खत्म हो सकती है." पुलिस की मौजूदगी में हुए 6 बार हमले- आप आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने भी सीएम केजरीवाल के इस बयान पर कहा है कि सीएम बनने के बाद उनपर 6 बार हमले हो चुके हैं. ये हमले तब हुए जब पुलिस मौजूद थी. ऐसी घटनाओं के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया गया है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वो दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं करते हैं. सीएम की सुरक्षा में सक्षम हमारे जवान- दिल्ली पुलिस सीएम अरविंद केजरीवाल और आप के आरोपों पर दिल्ली पुलिस ने भी बयान जारी किया है. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि दिल्ली पुलिस की सिक्युरिटी ईकाई बेहद प्रशिक्षित जवानों की टीम है और वे पूरी निष्ठा और समर्पण से अपना काम कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने कहा है कि उनकी यूनिट कई दलों के टॉप नेताओं को सुरक्षा कवर मुहैया करा रही है. दिल्ली पुलिस के मुताबिक दिल्ली सीएम की सुरक्षा में लगे जवान भी उतने ही योग्य, काबिल और अपने ड्यूटी के प्रति समर्पित हैं. लोगों की भावनाओं से खेलते हैं केजरीवाल-कांग्रेस सीएम के इस बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया दी है. दिल्ली कांग्रेस के नेता जितेंद्र कोचर ने कहा कि केजरीवाल को पता है कि दिल्ली में उनका धरातल खत्म हो गया है, जमीन खिसक गई है और पंजाब में वोट बैंक की सहानुभूति पाने के लिए वह ऐसी बयानबाजी कर रहे हैं. कांग्रेस ने कहा कि दिल्ली और पंजाब के लोग उनकी बातों में आने वाले नहीं हैं. केजरीवाल लोगों की भावनाओं से खेलते हैं उन्हें गुमराह करते हैं, उनकी पार्टी खत्म होने की कगार पर है और वेंटिलेटर पर चली गई है.
नई दिल्ली, 17 मई 2019, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के हॉस्टल में शुक्रवार को एक छात्र के सुसाइड करने की खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि जेएनयू के स्कूल ऑफ लैंग्वेज की लाइब्रेरी में एक छात्र ने खुदकुशी कर ली. आत्महत्या करने वाले छात्र का नाम ऋषि थॉमस है, वह मही मांडवी ब्वॉयज हॉस्टल में रहता था और उसने लाइब्रेरी के कॉमन एरिया में पंखे से लटककर अपनी जान दे दी. बताया जा रहा है कि वो एम. ए. इंग्लिश सेकंड ईयर का छात्र था. सुसाइड करने से पहले ऋषि ने टीचर को एक मेल भी किया. पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक शुक्रवार दोपहर 12 बजे इस घटना की जानकारी मिली. सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है. बता दें कि इससे पहले साल 2017 में भी जेएनयू के एक छात्र ने फांसी लगाकर खुदकुशी की थी. उसने मुनिरका के मकान नंबर 196 में पंखे से लटक कर जान दी थी.
नई दिल्ली, 17 मई 2019,राजधानी दिल्ली की चांदनी चौक लोकसभा सीट के एक मतदान केंद्र पर 19 मई को फिर से वोट डाले जाएंगे. पोलिंग बूथ अधिकारियों की एक भूल की वजह से दोबारा मतदान होगा. दरअसल, पोलिंग बूथ पर अधिकारी अभ्यास मतदान में डाले गए परीक्षण वोट को हटाना भूल गए थे, इसलिए अब वहां फिर से वोटिंग होगी. चुनाव आयोग ने गुरुवार को चांदनी चौक संसदीय क्षेत्र के एक बूथ पर पुनर्मतदान का आदेश दिया है. पुनर्मतदान रविवार (19 मई) को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक कराया जाएगा. इसके लिए मतदाताओं को मतदाता पर्ची दी जाएगी. गौरतलब है कि दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव आयोग को एक रिपोर्ट देकर मतदान केंद्र संख्या 32 में दोबारा मतदान के लिए कहा था. इस बूथ पर निर्वाचन अधिकारी 12 मई को सुबह 7 बजे शुरू हुए मतदान से पहले हुए अभ्यास मतदान में डाले गए परीक्षण वोट को हटाना भूल गए थे. बता दें कि चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र में 62.69 प्रतिशत मतदान हुआ था. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से डॉ. हर्षवर्धन, कांग्रेस से जेपी अग्रवाल और आम आदमी पार्टी से पंकज गुप्ता उम्मीदवार हैं. चांदनी चौक लोकसभा सीट से कुल 26 उम्मीदवार मैदान में हैं.
नई दिल्ली दिल्लीवालों को इस भीषण गर्मी और धूप में न तो पावर कट से राहत मिल सकती है और न ही बिजली कंपनियां उन्हें कोई हर्जाना देनेवाली हैं। ऐसा इसलिए कि दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेग्युलेटरी कमिशन (डीईआरसी) ने पिछले साल दिसंबर में जो हर्जाना पॉलिसी लागू की थी, उस पर हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। यही कारण है कि पिछले कुछ दिनों से पावर डिमांड में बढ़ोतरी के बाद बिजली कटौती बेहिसाब है और पावर वितरण कंपनियां बेफिक्र हैं। हालांकि, डीईआरसी ने उपभोक्ताओं की राहत के लिए फिर से अपील की है। डीईआरसी के चेयरमैन सत्येंद्र सिंह चौहान का कहना है कि पॉलिसी पर फैसले का इंतजार किया जा रहा है। गर्मियों के दौरान दिल्ली में बेहिसाब पावर कट पर रोक लगाने के लिए डीईआरसी ने पिछले साल हर्जाना पॉलिसी लागू की थी। पॉलिसी के मुताबिक, एक घंटे से अधिक पावर कट पर हर 50 रुपये/घंटा और 2 घंटे से अधिक पावर कट पर 100 रुपये/ घंटे के हिसाब से बिजली वितरण कंपनियों को जुर्माना देना था। नई पॉलिसी लागू होते ही दिल्ली की सभी प्रमुख बिजली वितरण कंपनियों की समस्या बढ़ गई थी। बाहरी दिल्ली में बिजली सप्लाई करने वाली टाटा पावर डीडीएल ने इस पॉलिसी के विरोध में हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने फरवरी में पॉलिसी पर स्टे लगा दी। इसलिए पावर कट को लेकर दिल्ली में बिजली वितरण कंपनियां बेफिक्र हैं। अब उन्हें अधिक देर तक पावर कट होने से जुर्माने का कोई डर नहीं। डीईआरसी चेयरमैन सत्येंद्र सिंह चौहान का कहना है कि कमिशन ने जो ऑटोमेटिक पावर कट कंपनसेशन की पॉलिसी बनाई थी, उस पर हाई कोर्ट ने स्टे लगा दिया है। इसलिए कमिशन बिजली वितरण कंपनियों के खिलाफ कोई कारगर फैसला ले नहीं पा रहा है। दूसरी समस्या यह है कि कंपनसेशन की पुरानी पॉलिसी को ही रिवाइज कर नई पॉलिसी बनाई गई थी और इस पॉलिसी पर स्टे है। इसलिए अब कमिशन पुरानी पॉलिसी के आधार पर भी इन कंपनियों के खिलाफ कोई उचित कदम उठाने में असमर्थ है। अब केवल हाई कोर्ट के फैसले का इंतजार किया जा रहा है। हालांकि, पॉलिसी पर स्टे के फैसले को कमिशन ने हाई कोर्ट में चैलेंज किया है। बिजली कंपनी जिम्मेदार नहीं : टाटा पावर डीडीएल बाहरी दिल्ली व नॉर्थ दिल्ली इलाके में बिजली वितरण करने वाली टाटा पावर डीडीएल के प्रवक्ता का कहना है कि पावर कट का कोई एक कारण नहीं है। अलग-अलग कारणों से पावर कट हो सकते हैं। ऐसे में बिजली कंपनी को ही पावर कट के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना गलत है। पॉलिसी की पेंचीदगियों को देखते हुए ही कंपनी ने कोर्ट की शरण ली थी और कोर्ट ने पॉलिसी पर स्टे लगा दिया है।
नई दिल्‍ली लोकसभा चुनाव के छठे चरण में रविवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और उनके पति रॉबर्ट वाड्रा ने नई दिल्‍ली के लोधी एस्‍टेट इलाके में अपने मतदान केंद्र पर वोट डाला। मतदान के बाद रॉबर्ट वाड्रा ने एक ट्वीट किया जिसमें उन्‍होंने गलती से पराग्‍वे का झंडा पोस्‍ट कर दिया। इसके बाद वह ट्विटर पर ट्रोल होने लगे। बाद में उन्‍होंने ट्वीट को डिलीट कर दिया और नया ट्वीट किया। बाद में उन्‍होंने एक अन्‍य ट्वीट करके ट्रोल करने वालों पर अपनी भड़ास निकाली। राबर्ट वाड्रा ने कहा, 'भारत मेरे दिल में बसता है और मैं तिरंगे को सैल्‍यूट करता हूं। अपनी पोस्‍ट में मैंने पराग्‍वे का झंडा एक भूलवश पोस्‍ट कर दिया था। मैं यह अच्‍छी तरह से जानता हूं कि आप सब यह जानते हैं कि मैंने गलती से यह पोस्‍ट किया था लेकिन आप लोगों ने मेरी गलती को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का फैसला किया। वह भी तब जब कई ऐसे स्‍पष्‍ट मुद्दे हैं जिस पर चर्चा की जा सकती है। यह मुझे दुखी करता है लेकिन कोई बात नहीं।' राबर्ट वाड्रा ने इसके साथ एक तस्‍वीर पोस्‍ट की है जिसमें वह तिरंगा उठाए हुए हैं। उनके साथ तिरंगा बेचने वाले कुछ बच्‍चे भी खड़े हैं। बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा ने पहले जो झंडा ट्वीट किया था, उसमें भी तीन रंग थे जिसमें ऊपर केसरिया, बीच में सफेद और नीचे नीला रंग नजर आ रहा था। बीच में एक चक्र भी था लेकिन हमारे देश के झंडे में सबसे नीचे हरा रंग होता है। दरअसल वाड्रा ने जिस झंडे को ट्वीट किया, वह दक्षिण अमेरिकी देश पराग्वे का है। इस ट्वीट के बाद वह ट्रोल होने लगे। लोग उनकी 'अज्ञानता' पर सवाल उठाने लगे। रॉबर्ट वाड्रा ने वोट करने के बाद सेल्फी के साथ ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, 'हमारा अधिकार, हमारी ताकत! आप सबको बाहर आना चाहिए और वोट डालना चाहिए। अपने प्रिय लोगों के सम्मिलित भविष्य, सेक्युलर, प्रोडक्टिव और देश के सुरक्षित भविष्य के लिए हमें आपके सहयोग की जरूरत है।' बता दें कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने वोट डालने के बाद प्रियंका गांधी ने कहा कि यह चुनाव महत्वपूर्ण है क्योंकि वह देश का लोकतंत्र बचाने के लिए लड़ रही हैं। प्रियंका गांधी ने कहा कि वह अपनी जीत के प्रति आश्वस्त हैं। प्रियंका गांधी ने कहा, 'जनता में आक्रोश है और वर्तमान सरकार से त्रस्त है। मुझे पता है कि बाजेपी सरकार जा रही है।' प्रियंका गांदी ने पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि पीएम किसी बात का जवाब नहीं देते हैं। वह इधर-उधर की बातें करते हैं। 15 लाख रुपये, दो करोड़ रोजगार पर उन्हें जवाब देना चाहिए और राहुल गांधी की चुनौती स्वीकार करनी चाहिए।
नई दिल्ली, 12 मई 2019,Lok Sabha elections के छठे चरण के तहत दिल्ली की सभी सात सीटों पर आज मतदान हो रहा है. इस दौरान चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र में कई ईवीएम में खराबी की खबर सामने आ रही है. कांग्रेस का दावा है कि मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में ईवीएम में गड़बड़ी हो रही है. यहां के बल्लीमारान विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्र नंबर 82, 114 और 144 पर ईवीएम काम नहीं कर रही है. वहीं, मटिया महल विधानसभा क्षेत्र में भी ईवीएम में खराबी की बात सामने आई है. यहां पोलिंग बूथ नंबर 84, 85 और 86 पर ईवीएम काम नहीं कर रही है. बल्लीमारान विधानसभा के एक पोलिंग स्टेशन में 3 घण्टे में सिर्फ 100 से ज्यादा वोट पड़े हैं. आम आदमी पार्टी के विधायक व मंत्री इमरान हुसैन ने कहा है कि रमजान की वजह से लोग सुबह नहीं पहुंचे हैं, लेकिन दोपहर तक बंपर वोटिंग होगी. इसके अलावा चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र में भी ईवीएम को लेकर शिकायतें सामने आई हैं. यहां पोलिंग बूथ 113, 114 पर ईवीएम में खराबी आई है. वहीं, वेस्ट दिल्ली के मटियाला में भी ईवीएम खराबी की शिकायत है. यहां एक घंटे से मशीन खराब है. ऐसे में लोग परेशान हो रहे हैं और बिना वोट किए ही वापस जा रहे हैं. कांग्रेस ने ईवीएम में खराबी को लेकर बड़ा आरोप लगाया है. कांग्रेस का कहना है कि जिन इलाकों में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या ज्यादा है, वहां ईवीएम काम नहीं कर रही है. बता दें कि ये आरोप इसलिए भी अहम है क्योंकि रमजान का महीना चल रहा है, जिसमें मुस्लिम समाज के लोग रोजा रखते हैं. रमजान में वोटिंग को लेकर ये चर्चा आम रही है कि सुबह सेवेरे ही रोजेदार अपना वोट करने की कोशिश करें ताकि वो दोपहर की गर्मी से बच सकें और रोजे के दौरान आसानी से अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें. लेकिन दिल्ली के कई इलाकों से वोटिंग शुरू होने के कुछ देर बाद ही ईवीएम काम नहीं करने की शिकायतें आ गई हैं. आप की चुनाव आयोग में शिकायत आम आदमी पार्टी ने भी कई इलाकों में ईवीएम खराबी का आरोप लगाया है. आप ने कहा है कि कालकाजी के बूथ नंबर 147, 124 पर देरी से वोटिंग शुरू हुई. साथ ही न्यू ग्रीनफील्ड साकेत के 174, 172 पोलिंग बूथ पर ईवीएम में दिक्कत की शिकायत है. AAP ने आरोप लगाया है कि बदरपुर में पोलिंग बूथ 21-23 और 29-35 पर पार्टी एजेंटों के पहुंचने से पहले ही ईवीएम की मॉक ड्रिल कर ली गई. ऐसा ही आरोप कालकाजी के कुछ बूथों को लेकर लगाया गया है. आम आदमी पार्टी ने दिल्ली निर्वाचन आयुक्त को इसकी लिखित शिकायत दी है.
राजधानी दिल्ली में आम चुनाव के छठे चरण में रविवार को मतदान हो रहा है। भले ही कई महीनों तक आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच दिल्ली में गठबंधन को लेकर चर्चाएं रही हों, लेकिन अंत में दोनों दल अलग-अलग उतरे हैं और राजधानी का मुकाबला हर सीट पर एक तरह से त्रिकोणीय हो गया है। दिल्ली से बाहर आम आदमी पार्टी ने पंजाब के अलावा किसी विधानसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। सूबे की 122 सीटों में से 2017 में उसने 20 सीटों पर जीत हासिल की थी। इससे पहले पंजाब में ही उसने 2014 के आम चुनाव में 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसी के चलते शायद आम आदमी पार्टी ने अपनी ताकत का ऐहसास कराते हुए कांग्रेस से कहा कि वह उसके साथ पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में गठजोड़ कर चुनाव लड़े। हालांकि तमाम चर्चाओं के बाद भी नामांकन से ऐन पहले दोनों दलों ने दिल्ली में भी अकेले ही मैदान में उतरने का फैसला लिया। ऐसे लोगों की कमी नहीं थी, जिनका यह कहना था कि 'आप' ने कांग्रेस के करप्शन के खिलाफ जंग लड़कर ही जगह बनाई और उसके साथ दोस्ती नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि दोनों दलों के बीच सीट-शेयरिंग को लेकर जो लंबी बातचीत चली, उसका मकसद साझा ताकत से बीजेपी को हराना ही थी। 2014 में दोनों के वोट शेयर को देखें तो यह बात सही भी लगती है। तब बीजेपी को 48.3 पर्सेंट वोट मिले थे, जबकि आम आम पार्टी को 33.1 पर्सेंट और कांग्रेस को 15.2 पर्सेंट वोट मिले थे। राजनीतिक विश्लेषक अरविंद दुबे कहते हैं, 'निश्चित तौर पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी साथ मिलकर बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती बन सकते थे, लेकिन अब सीधे तौर पर भगवा दल फायदे में दिख रहा है।' एयरस्ट्राइक के बाद से बढ़त में दिख रही है बीजेपी इसके अलावा बीजेपी को सबसे बड़ा फायदा पीएम मोदी की एक बार फिर से वापसी की अपील का मिलता दिख रहा है। आप और कांग्रेस दोनों ही कड़ी टक्कर देने की कोशिश में हैं, लेकिन बालाकोट एयरस्ट्राइक और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों के चलते बीजेपी फायदे में दिख रही है। इसके अलावा अपनी वेलफेयर स्कीमों के चलते बीजेपी दोनों दलों के मुकाबले बढ़त लेती दिख रही है। आम चुनाव में AAP के मुकाबले बीजेपी और कांग्रेस को तवज्जो वोटर्स का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है, जो मानता है कि लोकसभा चुनाव राष्ट्रीय स्तर नेतृत्व के सवाल का है और इस मामले में बीजेपी और कांग्रेस ज्यादा अहम हैं। यह भी एक बड़ी वजह है कि पीएम मोदी बढ़त लेते दिख रहे हैं।
नई दिल्ली नरेंद्र चौहान नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के बदरपुर इलाके में रहते हैं। चौहान 2 बातों पर पूरी तरह से सहमत हैं एक उनके इलाके में विकास का कोई काम नहीं हुआ है और दूसरी की वह इन चुनावों मे पीएम मोदी के लिए वोट करेंगे। उनका कहना है कि कोई विकल्प नहीं है इसलिए वह मोदीजी के लिए वोट करेंगे। दिल्ली में आज मतदान हो रहे हैं और मुख्य रूप से मुकाबला बीजेपी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच ही है। हालांकि दिल्ली में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता हैं जो बीजेपी को वोट नहीं करना चाहते, लेकिन कांग्रेस और आप में किसे वोट करें को लेकर असमंजस में हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया ने ऐसे कई मतदाताओं से भी बात की जो बीजेपी को वोट नहीं करना चाहते। ऐसे बहुत से लोगों का कहना है कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का गठबंधन बेहतर विकल्प होता। जो लोग गठबंधन का समर्थन कर रहे हैं उन्हें आशंका है कि वोट बंटने की स्थिति में बीजेपी को फायदा हो सकता है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी का वोट बैंक कमोबेश एक जैसा ही है। कच्ची बस्तियों में रहनेवाले मतदाता, व्यापारी और अल्पसंख्यक। पिछले 4 साल में आम आदमी पार्टी ने सरकारी स्कूलों को बेहतर करने की दिशा में काम किए हैं। मोहल्ला क्लिनिक, बिजली-पानी का बिल कम करने और नई सीवरेज लाइन नीति के कारण आप और कांग्रेस समर्थकों के बीच और दुविधा की स्थिति है। गोविंदपुरी में रहनेवाले नशीम रज़ा भी दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन को आदर्श स्थिति मानते हैं। उन्होंने कहा, 'पारंपरिक तौर पर तो हम कांग्रेस को वोट करते आए हैं। शीला दीक्षित के नेतृत्व में दिल्ली के लिए काफी काम भी हुआ है। हालांकि, अरविंद केजरीवाल ने भी दिल्ली के लिए बहुत काम किया है अगर गठबंधन होता तो यह आदर्श स्थिति होती।' रज़ा के पड़ोसी अजय पांडेय कहते हैं कि वह आम आदमी पार्टी को ही वोट देंगे। पांडेय का कहना है, 'पिछले 4 सालों से दिल्ली में बिजली कटने की समस्या लगभग न के बराबर है। पानी और बिजली आपूर्ति में काफी सुधार हुआ है और बिजली-पानी के बिल भी काफी कम हुए हैं। इन सब काम के बाद भी हम आम आदमी पार्टी को वोट क्यों न करें? दिल्ली के दूसरे इलाकों में भी इस तरह के विचार मतदाताओं के हैं। धर्मेंद्र सिंह चावला कहते हैं कि मैं देखूंगा कि किस उम्मीदवार के जीतने की संभावना अधिक है तो मैं उसे ही वोट दूंगा। दिलशाद गार्डेन (नॉर्थ ईस्ट दिल्ली) के शमित भंडारी बीजेपी के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'बीजेपी ने सत्ता में आने से पहले कई वादे किए थे, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया। मुझे नहीं लगता कि नोटबंदी कोई सोचा-समझा फैसला था क्योंकि आम आदमी को इस फैसले से को लाभ नहीं मिला। फिर भी मैं बीजेपी को वोट दे दूंगा क्योंकि फिलहाल पीएम के तौर पर नरेंद्र मोदी का कोई विकल्प नहीं दिख रहा।'
नई दिल्ली पश्चिमी दिल्ली से आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार बलवीर सिंह जाखड़ 'टिकट के लिए पैसे' के आरोपों पर सफाई देने आए तो वह एक और विवाद में फंस गए। उन्होंने सफाई देने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी जिसकी भनक पुलिस को लग गई और उन्होंने इसे रोकने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के मुताबिक आगाह करने के बाद भी यह चलती रही। आखिरकार दिल्ली पुलिस ने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए चुनाव आयोग से इसकी शिकायत कर दी। आपको बता दें कि बलवीर के बेटे उदय जाखड़ ने उनपर टिकट के लिए सीएम अरविंद केजरीवाल को 6 करोड़ रुपये देने के आरोप लगाए हैं। उधर, बचाव में आप ने कहा कि बलवीर ने न तो वोट के लिए अपील की थी और न ही पार्टी का सिम्बल ही दिखाया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन उदय के दावे पर स्पष्टीकरण देने के लिए किया गया था। जैसे ही प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने वाली थी आईटीओ स्थित आप के मुख्यालय में तीन पुलिसकर्मी घुसे और पार्टी पदाधिकारियों से प्रेस कॉन्फ्रेंस बंद करने को कहा लेकिन उन्होंने उनकी नहीं सुनी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने विडियो रिकॉर्डिंग की कोशिश लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया और दरवाजा बंद कर दिया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि हमे प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी मिली जिसके बाद पुलिसकर्मियों आप पदाधिकारियों को आगाह करने के लिए वहां गए थे क्योंकि वे 48 घंटे के साइलेंस पीरियड में प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं कर सकते क्योंकि यह चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। अधिकारी ने कहा कि उन्होंने इसकी सूचना चुनाव आयोग को दे दी है। जाखड़ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बेटे के दावे को खारिज करते हुए कहा कि उनके संबंध ठीक नहीं है। उधर, पुलिस के हस्तक्षेप से नाराज आप ने आरोप लगयाा कि बीजेपी के कैंडिडेट प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं और पूछा कि वे सभी पार्टियों पर एक जैसा नियम क्यों नहीं लागू करती।
नई दिल्ली दिल्ली में लोकसभा चुनाव की वोटिंग से पहले आम आदमी पार्टी (आप) पर उन्हीं के उम्मीदवार के बेटे ने टिकट बेचने का गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप वेस्ट दिल्ली से आप की टिकट पर चुनाव लड़ रहे बलबीर जाखड़ के बेटे उदय जाखड़ ने लगाया है। उदय का दावा है कि आम आदमी पार्टी और उसके प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने उनके पिता से टिकट के बदले 6 करोड़ रुपये लिए थे। हालांकि, बलबीर ने अपने बेटे के आरोपों को खारिज किया है। 'पढ़ाई को नहीं दिए पैसे, टिकट लिया' बलबीर के बेटे उदय ने इंटरव्यू में कहा कि मुझे मेरे पिता ने खुद यह बात बताई थी। मैंने उन्हें ऐसा करने से मना भी किया था। उदय की मानें तो पिता बलबीर ने उन्हें पढ़ाई के लिए पैसे देने से मना कर दिया था और टिकट के लिए केजरीवाल को पैसे दे दिए। उदय ने आप पार्टी को चैलेंज करते कहा, 'वह सबूत दिखाएं कि मेरे पिता पहले से आप का हिस्सा थे या अन्ना आंदोलन से जुड़े थे। मेरे पिता ने कुल 3 महीने पहले राजनीति जॉइन की थी। पहले वह किसी संगठन या आंदोलन का हिस्सा नहीं रहे।' बेटे ने आगे कहा, 'मेरे पिता ने मुझे बताया था कि वह टिकट के लिए 6 करोड़ रुपये दे रहे हैं जो सीधा केजरीवाल और गोपाल राय को दिया जाना है।' उदय ने आगे दावा किया कि उनके पास अपनी बात साबित करने के पर्याप्त सबूत हैं। आप उम्मीदवार का आरोपों से इनकार अपने बेटे के आरोपों पर आप उम्मीदवार बलबीर जाखड़ ने कहा, 'वह (उनका बेटा) अपने जन्म के समय से ही अपने ननिहाल में रहता है, मैंने अपनी पत्नी को 2009 में ही तलाक दे दिया था। वह (पत्नी) मेरे साथ 6-7 महीने तक ही रहीं हैं। तलाक के बाद मेरे बेटे की कस्टडी पत्नी के पास ही है।' आप उम्मीदवार ने कहा, 'मैं इन आरोपों की निंदा करता हूं। मैंने अपनी उम्मीदवारी को लेकर कभी अपने बेटे से चर्चा नहीं की। मैं अपने बेटे से कभी-कभी ही बात करता हूं।' 'घर में घुसने देंगे या नहीं पता नहीं' उदय ने मीडिया के सामने आकर अपने पिता पर आरोप लगाने के दौरान कहा, 'मुझे नहीं पता कि इस इंटरव्यू के बाद मेरे साथ क्या होगा। मुझे घर में घुसने दिया जाएगा या नहीं। लेकिन भारत का नागरिक होने के साथ-साथ एक बेटा होने के नाते यह मेरा दायित्व है कि कुछ सच सबके सामने आएं।' बेटे उदय ने बलबीर पर एक अन्य बड़ा आरोप भी लगाया है। उसका कहना है कि पिता यह पैसा 1984 सिख दंगों में सजा पाए कांग्रेस नेता सज्जन कुमार और यशपाल को बाहर निकालने के लिए भी इस्तेमाल करने को तैयार थे। बता दें कि सिख दंगों में सज्जन कुमार को उम्रकैद और यशपाल को फांसी की सजा सुनाई गई है। 'सज्जन सिंह को बाहर निकालने को तैयार थे पिता' बेटे के आरोपों पर जब बलबीर जाखड़ से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ऐसी बातों पर उन्हें हैरानी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि बेटा उदय फिलहाल उनके साथ नहीं रहता। बता दें कि इस सीट पर बलबीर की टक्कर भारतीय जनता पार्टी के प्रवेश वर्मा और कांग्रेस के महाबल मिश्रा से है।
नई दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को राहुल गांधी पर उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी गठबंधन, केरल में वाम दल, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और राष्ट्रीय राजधानी में आम आदमी पार्टी (आप) को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी सत्ता में वापसी करते हैं तो इसके लिए कांग्रेस प्रमुख जिम्मेदार होंगे। दिल्ली में 12 मई को होने वाली वोटिंग से पहले आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। बता दें कि आप और कांग्रेस के बीच गठजोड़ को लेकर बातचीत में कोई फलदायी नतीजा नहीं निकला जिसके बाद अब दिल्ली में कांग्रेस, बीजेपी और आप के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने वाला है। 'विपक्षी पार्टियों के खिलाफ लड़ रही कांग्रेस' केजरीवाल ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, 'कांग्रेस उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी, केरल में वाम दल, पश्चिम बंगाल में तृणमूल, आंध्र प्रदेश में टीडीपी और दिल्ली में आप को नुकसान पहुंचा रही है। अगर नरेंद्र मोदी सत्ता में लौटे तो इसके जिम्मेदार सिर्फ और सिर्फ राहुल गांधी होंगे। उन्होंने कहा, 'ऐसा लगता है कि कांग्रेस बीजेपी के खिलाफ नहीं बल्कि विपक्षी पार्टियों के खिलाफ चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस काम बिगाड़ने का काम कर रही है।' 'नकली राष्ट्रवाद का सहारा ले रहे पीएम मोदी' दिल्ली के मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसी भी अहम क्षेत्र के लिए कुछ भी करने में पूरी तरह से नाकाम रहे हैं और इसलिए वह नकली राष्ट्रवाद का सहारा ले रहे हैं। केजरीवाल ने कहा, 'मोदी जी का राष्ट्रवाद नकली है और यह देश के लिये खतरनाक है।' उन्होंने आरोप लगाया, 'वह वोट पाने के लिए सेना का इस्तेमाल कर रहे हैं क्योंकि उनके पास दिखाने के लिये कोई काम नहीं है।' अन्ना हजारे के साथ मिलकर यूपीए के दूसरे कार्यकाल में 2011 और 2013 के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक आंदोलन का नेतृत्व करने वाले आप के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि प्रधानमंत्री के तौर पर मनमोहन सिंह मोदी से हजार गुणा बेहतर थे। केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी सत्ता में नहीं लौटने वाली है। उन्होंने कहा, 'हमारा एकमात्र लक्ष्य मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह को सत्ता में वापसी करने से रोकना है। इन दोनों के अलावा हम लोग किसी का भी समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में अच्छा प्रदर्शन करेगी। 'हम दिल्ली की सातों सीटें जीतेंगे' उन्होंने कहा, 'एक महीना पहले मुझे लगता था कि लड़ाई तगड़ी होने वाली है। लेकिन पिछले 10 दिन में हालात बड़े नाटकीय ढंग से बदले हैं। मैं वैसा ही माहौल देख रहा हूं जब हमने 2015 में 67 सीटें जीती थीं। अगर हम सातों सीटें जीतते हैं तो मुझे कोई हैरानी नहीं होगी।' केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी मोदी के नाम पर वोट मांग रही है लेकिन आप को शिक्षा, स्वास्थ्य और जल आपूर्ति और कम बिजली दर के क्षेत्रों में किए गए अपने काम पर भरोसा है। उन्होंने आरोप लगाया, 'मोदी जी यह नहीं कह सकते कि मैंने स्कूल बनवाए, अस्पताल बनवाए, बिजली की दर नीचे ले आया, पेय जल को सुनिश्चित किया। वह हर क्षेत्र में नाकाम हुए हैं। उन्होंने कुछ नहीं किया है।'
रोपड़(पंजाब) आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता तरलोचन सिंह चट्ठा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टीम में शामिल दुर्गेश पाठक पर टिकट के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया है। चट्ठा ने इस संबंध में एक स्टिंग आपरेशन का खुलासा करते हुए एसएसपी को शिकायत दी है। तरलोचन सिंह चट्ठा ने शिकायत में दुर्गेश पाठक, दीपक तोमर और चंदन सिंह पर पार्टी फंड लेकर विधानसभा टिकट के नाम पर 50 लाख रुपये की कथित ठगी करने के आरोप लगाए है। आप के जोनल इंचार्ज रहे तरलोचन सिंह चट्ठा ने लोकसभा चुनाव के नजदीक आकर यह खुलासा किया है। चट्ठा द्वारा रकम की अदायगी करने का स्टिंग जारी करते हुए जिला पुलिस प्रमुख, डीजीपी और मुख्यमंत्री से मामले की जांच करवाकर इंसाफ की मांग की है। जिला पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए चट्ठा के बयान के आधार पर दिल्ली निवासी तीनों व्यक्तियों को तलब कर लिया है। ये है मामला आप नेता तरलोचन सिंह चट्ठा ने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब हलके में आप को मजबूत करने के लिए दुर्गेश पाठक के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी। पार्टी के संयुक्त सचिव दीपक तोमर, चंदन सिंह ने चट्ठा को कहा कि वह सूबे के अंदर पार्टी को मजबूत करना चाहते हैं और गोवा के चुनाव भी हैं, यदि वह 50 लाख रुपये दें तो पार्टी की मजबूती के लिए काम आएगा। साथ ही आश्वासन दिया कि उनको विधानसभा हलका श्री आनंपुर साहिब से पार्टी टिकट भी देंगे। उन्होंने सहमति प्रकट की और बैंक से लिए लोन और अपनी बेची जमीन से इकट्ठी हुई रकम 30 लाख रुपये पहली किस्त के रूप में पार्टी को दे दिए। उन्होंने मोहाली के गुरुद्वारा अंब साहिब के पास आम आदमी पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी नरिंदर शेरगिल की गाड़ी में जाकर अपने बेटे आकाश के जरिए चार नवंबर 2016 को पुरानी करेंसी के रूप में पैसे दे दिए। इस दौरान उन्होंने इन सभी घटनाक्रम का स्टिंग भी बनाया। इसके बाद बाकी की रकम टिकटों के एलान से चार दिन पहले उनके घर पर आकर वसूली गई। लेकिन बाद में टिकट डॉ. संजीव गौतम को दे दी गई। उन्होंने बताया कि सरकार बनने पर चेयरमैनी देने की बात कही गई थी, तथा जब सरकार नहीं बनी तो उन्होंने कहा कि अमरजीत संदोआ आपको पैसा दे देगा। जब उसने भी पैसे न दिए तो अब उन्होंने कहा कि नरिंदर शेरगिल आपको सारी रकम देंगे। परन्तु उन्हें किसी ने भी हाथ पल्ला नहीं पकड़ाया। जबकि इस मामले के बारे में केजरीवाल से ले कर बलॉक प्रधान तक को भी जानकारी है।
नई दिल्ली दिल्ली में लोकसभा चुनाव की वोटिंग से महज 2 दिन पहले ईस्ट दिल्ली से AAP उम्मीदवार आतिशी ने बीजेपी के अपने प्रतिद्वंद्वी गौतम गंभीर पर अपने खिलाफ 'अश्लील और अपमानजक पर्चे' बंटवाने का आरोप लगाया है। BJP उम्मीदवार पर ओछी राजनीति का आरोप लगाते हुए आतिशी गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक हो गईं। जवाब में गंभीर ने AAP पर चुनाव जीतने के लिए ओछी हरकत का आरोप लगाते हुए आतिशी और अरविंद केजरीवाल को खुद पर लगे आरोपों को साबित करने की चुनौती दी है। देर रात गंभीर ने आतिशी और केजरीवाल के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला भी दर्ज कराया है। चुनाव आयोग ने भी आतिशी के खिलाफ कथित तौर पर बांटे गए पर्चे का संज्ञान लिया है, वहीं दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजकर 11 मई तक जवाब मांगा है कि मामले में क्या कार्रवाई हुई है। आइए विस्तार से समझते हैं कि पूरा विवाद क्या है और इसमें अबतक क्या-क्या हुआ है। पर्चा पढ़ते वक्त भावुक हुईं आतिशी पूर्वी दिल्ली से 'आप' उम्मीदवार आतिशी गुरुवार को अपने खिलाफ ‘आपत्तिजनक और अपमानजनक’ टिप्पणियों से भरा एक पर्चा पढ़ते समय रो पड़ीं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतिशी ने बीजेपी उम्मीदवार गौतम गंभीर पर पर्चे बंटवाने का आरोप लगाया। कहा कि बड़े दुख की बात है कि बीजेपी सत्ता के लालच में इतने निचले स्तर तक जा सकती है। आतिशी ने कहा जब गौतम गंभीर पूर्वी दिल्ली से चुनाव लड़ने आए थे तो मैंने उनका स्वागत किया था। नामांकन के समय जब वह मुझे मिले थे, तो मैंने कहा था- अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। लेकिन गौतम गंभीर और उनकी पार्टी ने दिखा दिया है कि वह चुनाव में कितना नीचे गिर सकते हैं। आतिशी ने आरोप लगाया कि गौतम गंभीर और बीजेपीवालों ने पूर्वी दिल्ली के अलग-अलग अपार्टमेंट, विवेक विहार, कृष्णा विहार में ये पर्चे बंटवाए हैं। इस दौरान दिल्ली के डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया भी मौजूद थे। आतिशी ने दावा किया कि बीजेपी के लोगों ने ये पर्चे अखबार डालनेवालों के जरिए बंटवाए हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने उनके चरित्र पर गंदे-गंदे आरोप लगाए हैं। उनके परिवार के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया है। आतिशी ने बीजेपी उम्मीदवार से सवाल किया कि अगर वह अपने खिलाफ चुनाव लड़नेवाली महिला उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव जीतने के लिए इस प्रकार के पर्चे बंटवा सकते हैं, तो चुनाव जीतने के बाद महिलाओं की सुरक्षा के लिए क्या करेंगे? उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है। हम लोग भी राजनीति में हैं। लेकिन इस प्रकार की घटिया राजनीति लोकतंत्र को शर्मसार करने वाली घटना है। सिसोदिया ने कहा कि हर पार्टी में महिलाएं चुनाव लड़ती हैं। हमारी पार्टी से भी लड़ रही हैं। जब आपको दिखाई दे रहा है कि आप हार रहे हो तो एक महिला के खिलाफ इतने घटिया स्तर की राजनीति करने लगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी उम्मीदवार गौतम गंभीर से सवाल पूछते हुए सिसोदिया ने कहा कि इस तरह की घटिया स्तर की राजनीति करके आप चुनाव जीतना चाहते हैं। दिल्ली की जनता 12 मई को बीजेपी को इसका जवाब जरूर देगी। सिसोदिया ने कहा कि जब गौतम गंभीर देश के लिए खेलते थे तो हम उनके लिए तालियां बजाते थे। इस तरह की राजनीति की जाएगी, ऐसी उम्मीद उनसे नहीं थी। गंभीर ने दी चुनौती, भेजा मानहानि का नोटिस आतिशी की ओर से लगाए गए आरोपों का बीजेपी प्रत्याशी गौतम गंभीर ने जवाब देते हुए पलटवार भी किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा कि अगर मुझ पर लगे आरोप सही साबित हुए, तो मैं चुनाव से तुरंत हट जाऊंगा या इस्तीफा दे दूंगा, लेकिन आरोप साबित नहीं हुए, तो क्या आप हमेशा के लिए राजनीति छोड़ेंगे? गंभीर ने पूछा- क्या उन्हें चुनौती मंजूर है? बीजेपी नेताओं ने आप के आरोपों को ओछी राजनीति का नया उदाहरण बताते हुए आरोप लगाया कि खुद आपवालों ने ही आपत्तिजनक पर्चे छपवाए और बंटवाए हैं। गौतम गंभीर ने इस मामले में आतिशी, मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ देर रात मानहानि का नोटिस भेजा। BJP कैंडिडेट ने लीगल नोटिस भेजकर अपने खिलाफ दिए बयानों को वापस लेने और माफी मांगने या फिर मानहानि केस का सामना करने को कहा है। गौतम ने ट्वीट कर कहा, 'अरविंद केजरीवाल, आपने एक महिला को अपमानित करने का बेहद घृणित कृत्य किया है। वह भी उसे, जो आप ही की साथी है। और ये सब किसलिए? सिर्फ चुनाव जीतने के लिए?' एक अन्य ट्वीट में गंभीर ने लिखा, 'अरविंद केजरीवाल और आतिशी, आप दोनों को मेरी चुनौती है। मैं घोषित करता हूं कि अगर यह साबित होता है कि ये सब मैंने किया है, तो मैं अभी अपनी उम्मीदवारी वापस ले लूंगा। लेकिन अगर ये साबित नहीं हुआ, तो क्या आप राजनीति छोड़ोगे?' बाद में गौतम ने एक बयान जारी कर कहा कि आतिशी को लेकर गंदे पर्चे जारी करने का जो खेल खेला गया है, यह उन्हीं लोगों के लिए आत्मघाती साबित होगा। कहा- मेरे परिवार में 5 महिलाएं हैं। कभी ऐसी ओछी राजनीति नहीं करूंगा। आम आदमी पार्टी ऐसे ट्रिक्स खेलने की आदी है, इस बार मैं इनको बचकर नहीं जाने दूंगा। केजरीवाल और उनकी पार्टी को अदालत में जवाब देना होगा।' 'जिसके लिए पर्चे छपे, सिर्फ उन्हीं को मिले' गंभीर ने कहा कि यह बड़ी अजीब बात है कि पर्चे आम आदमी पार्टी को लेकर छपते हैं और केवल उनको ही मिलते हैं और वे ही उन्हें मीडिया को बांटते हैं। बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने कहा कि चुनावों से पहले विरोधियों पर ऐसे आरोप लगाने का आम आदमी पार्टी का शुरू से चरित्र रहा है। सवाल यह है कि आप नेताओं की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले किसी को न तो वे पर्चे मिले और ना सोशल मीडिया पर किसी ने उन्हें शेयर किया। उन्होंने सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया था, 'अरविंद केजरीवाल, मैं एक महिला की निजता से खिलवाड़ को लेकर आपके कृत्य की निंदा करता हूं। वह भी ऐसी महिला जो आपकी साथी है। और वह भी चुनाव जीतने के लिए?' गंभीर ने लिखा था, 'आपके दिमाग में गंदगी भर गई है। जरूरत यह है कि कोई आपकी ही झाड़ू से आपके गंदे दिमाग की सफाई करने का काम करे।' पर्चे पर चुनाव आयोग ने दिए जांच के आदेश आतिशी से जुड़े विवादित पर्चे पर जिला चुनाव अधिकारी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने लक्ष्मी नगर थाने के एसएचओ को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की जांच करें और भारतीय चुनाव आयोग के निर्देशों के मुताबिक जरूरी कदम उठाएं। ईस्ट दिल्ली के डिस्ट्रिक्ट मैजिस्ट्रेट और जिला चुनाव अधिकारी के महेश ने विवादित पर्चे की वॉट्सऐप पर सर्कुलेट की जा रही कॉपी संबंधित पुलिस अधिकारी को भिजवाते हुए यह आदेश जारी किया। हालांकि, चुनाव अधिकारी के आदेश में कहीं भी इस बाबत एफआईआर दर्ज करने का जिक्र नहीं है। दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस भेज मांगा जवाब ईस्ट दिल्ली से आम आदमी पार्टी की उम्मीदवार आतिशी के खिलाफ छापे गए पम्फैलेट को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस देकर पूछा है कि इस मामले में उसने क्या ऐक्शन लिया गया है। आयोग की चीफ स्वाति जयहिंद ने ईस्ट दिल्ली के डीसीपी को नोटिस देकर पूछा है कि मीडिया से आयोग को पता चला है कि आतिशी के खिलाफ आपत्तिजनक पैम्फलेट बांटे गए हैं, क्या इस मामले में उसने एफआईआर दर्ज की है। स्वाति ने पुलिस से कहा है कि अगर एफआईआर नहीं दर्ज की गई है तो इसकी वजह क्या है? क्या दोषी की पहचान हुई है या वो पकड़ा गया है? आयोग ने पूछा है कि पुलिस ने अब तक क्या कदम उठाए हैं और मामले का स्टेटस अभी क्या है? आयोग ने सभी सवालों का जवाब 11 मई दोपहर 12 बजे तक देने को कहा है। आयोग ने कहा है कि यह पैम्फलेट शर्मनाक, अपमानजनक और महिला विरोधी है। आतिशी के साथ डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया की मां के खिलाफ भी शर्मनाक और आपत्तिजनक बातें लिखी हैं। उन्होंने कहा कि यह महिला कैंडिडेट की मर्यादा पर हमला है।
नई दिल्ली पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से बीजेपी के कैंडिडेट गौतम गंभीर ने सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 'आप' कैंडिडेट आतिशी मार्लेना को मानहानि का नोटिस भेजा है। पूर्व क्रिकेटर ने तीनों नेताओं को उन आरोपों के लिए यह नोटिस भेजा है, जिसमें उन्होंने आतिशी मार्लेना के खिलाफ आपत्तिजनक पर्चे बंटवाने का आरोप लगाया था। इन आरोपों से गुस्साए गौतम गंभीर ने चुनौती देते हुए कहा था कि यदि आरोप साबित होते हैं तो वह अपनी उम्मीदवारी ही वापस ले लेंगे। बता दें कि गुरुवार को आतिशी मार्लेना और मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में आतिशी के खिलाफ आपत्तिजनक पर्चे बांटे जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि गौतम गंभीर ने ये पर्चे बंटवाए हैं। इस पर गुस्साए गौतम गंभीर ने आम आदमी पार्टी को आरोपों को साबित करने की चुनौती दी थी। उन्होंने सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया था, 'अरविंद केजरीवाल, मैं एक महिला की निजता से खिलवाड़ को लेकर आपके कृत्य की निंदा करता हूं। वह भी ऐसी महिला जो आपकी साथी है। और वह भी चुनाव जीतने के लिए?' गंभीर ने लिखा था, 'आपके दिमाग में गंदगी भर गई है। जरूरत यह है कि कोई आपकी ही झाड़ू से आपके गंदे दिमाग की सफाई करने का काम करे।'
नई दिल्ली पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से बीजेपी के कैंडिडेट गौतम गंभीर ने सीएम अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और 'आप' कैंडिडेट आतिशी मार्लेना को मानहानि का नोटिस भेजा है। पूर्व क्रिकेटर ने तीनों नेताओं को उन आरोपों के लिए यह नोटिस भेजा है, जिसमें उन्होंने आतिशी मार्लेना के खिलाफ आपत्तिजनक पर्चे बंटवाने का आरोप लगाया था। इन आरोपों से गुस्साए गौतम गंभीर ने चुनौती देते हुए कहा था कि यदि आरोप साबित होते हैं तो वह अपनी उम्मीदवारी ही वापस ले लेंगे। बता दें कि गुरुवार को आतिशी मार्लेना और मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र में आतिशी के खिलाफ आपत्तिजनक पर्चे बांटे जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि गौतम गंभीर ने ये पर्चे बंटवाए हैं। इस पर गुस्साए गौतम गंभीर ने आम आदमी पार्टी को आरोपों को साबित करने की चुनौती दी थी। उन्होंने सीधे तौर पर अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए ट्वीट किया था, 'अरविंद केजरीवाल, मैं एक महिला की निजता से खिलवाड़ को लेकर आपके कृत्य की निंदा करता हूं। वह भी ऐसी महिला जो आपकी साथी है। और वह भी चुनाव जीतने के लिए?' गंभीर ने लिखा था, 'आपके दिमाग में गंदगी भर गई है। जरूरत यह है कि कोई आपकी ही झाड़ू से आपके गंदे दिमाग की सफाई करने का काम करे।'
नई दिल्ली आज आम आदमी पार्टी (आप) का एक ओर विकेट गिर रहा है। बिजवासन से ‘आप’ विधायक देवेंद्र सहरावत ने कहा है कि आज वह बीजेपी की सदस्यता ग्रहण करने जा रहे हैं। ‘सान्ध्य टाइम्स’ से खास बातचीत में देवेंद्र ने कहा, मैं अब पाला बदल रहा हूं। विधायक होकर भी जिल्लत झेलते हुए काफी समय हो गया था। कब तक थप्पड़ और हत्या करवाने वाले बयान अरविंद केजरीवाल देते रहेंगे। ‘आप’ में काम की कद्र नहीं है, तो क्या करना यहां रहकर? देंवेद्र ने कहा, केंद्र सरकार के सहयोग से 3 हजार करोड़ रुपये का काम कराया है जबकि अपनी सरकार ने एक पैसा तक नहीं दिया। जब विपक्ष में होकर काफी काम करा लिए, तो बीजेपी में जाकर तो और आसानी होगी। देवेंद्र ने कहा कि क्षेत्र की जनता भी कह रही है कि अब ‘आप’ को छोड़ दीजिए। 3-4 साल से हम चुप थे। अब जब बूथ पर लोगों को बता रहे हैं, तो जनता कह रही है कि अरविंद केजरीवाल का ध्यान ही नहीं है बिजवासन की ओर। 5-6 महीने तो सीएम के दर्शन किए हुए हो जाते हैं। हर इलाके में 4-5 लोग छोड़ देते हैं, जो विधायक का विरोध करें। अधिकारियों को कह देते हैं कि विधायकों को नजरअंदाज करो। बोर्ड लगाते हैं कि हमें काम नहीं करने देते। अरे भई अपने नीचे वालों के साथ तो स्वराज लेकर आओ। बिजवासन में जल बोर्ड का कार्यक्रम होता है, तो मुझे नहीं बुलाया जाता। केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद कार्यक्रम करते हैं, तो वह बुलाकर मेरा (विपक्षी विधायक) का फोटो अखबार में छपवाते हैं। अरविंद केजरीवाल की पहली सभा देहात में मुनीरका के अंदर मैंने ही करवाई थी। उस वक्त जनलोकपाल आंदोलन भी शुरू नहीं हुआ था, तब भूमि अधिग्रहण के मसले पर आवाज उठा रहे थे। देवेंद्र ने कहा कि चुनाव के बीच में ‘आप’ ने मुद्दा बदल दिया। अब दिल्ली में पूर्ण राज्य के मुद्दे वाले बोर्ड हट गए। क्या इस पर सवाल नहीं करें? या तो खुद इससे सहमत नहीं थे? अगर आप सहमत नहीं थे, तो क्यों इसे मुद्दा बनाया? यदि मुद्दा बनाया, तो बीच में क्यों छोड़ दिया? साफ है कि अरविंद केजरीवाल के पास सोच की क्लिऐरिटी नहीं है। और भी विधायक जाएंगे बीजेपी में सुबह चर्चाएं और भी विधायकों के बीजेपी में जाने की थीं। कुछ अपुष्ट सूत्र तो इनकी संख्या तीन तक बता रहे थे। हालांकि इस बारे में कोई साफ जानकारी सामने नहीं आई थी। गौरतलब है कि डेप्युटी सीएम मनीष सिसोदिया कह चुके हैं कि उनके 7 विधायकों को बीजेपी तोड़ने की कोशिश कर रही है। इस पर बीजेपी लीडर विजय गोयल ने कहा था कि 7 नहीं, 14 विधायक संपर्क में हैं। 'राष्ट्रवादी कैसे हो सकता है ऐसा PM' इस बीच अरविंद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है। कहा- केंद्र सरकार ने आतंक मचा रखा है, GST के जरिए व्यापारियों में डर पैदा किया गया। केजरीवाल ने कहा, राजनीतिक विरोधियों को बीजेपी परेशान कर रही है। मुझे और मेरे नेताओं को परेशान किया जा रहा है। केजरीवाल बोले, जो प्रधानमंत्री खुलेआम यह कहे कि वह जनता द्वारा चुनी सरकार के विधायकों को खरीदकर सरकार गिरा देगा, वह राष्ट्रवादी कैसे हो सकता है? इसके अलावा, केजरीवाल ने राफेल मुद्दे पर भी बात की। उन्होंने कहा, राफेल की दलाली का सारा पैसा विधायक खरीदने में लगा रहे है.. अब बीजेपी ही बताए कि कितने विधायक खरीद रहे हैं?
नई दिल्ली,लोकसभा चुनाव में नेताओं द्वारा आरोप प्रत्यारोप लगाने के लिए हो रही जुबानी जंग रोजाना निचले स्तर पर जा रही है. AAP सांसद संजय सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी के लिए विवादित टिप्पणी की है. संजय सिंह ने कहा है कि नरेंद्र मोदी नशे की हालत में भाषण दे रहे हैं और उनकी जांच कराई जानी चाहिए. बता दें कि 4 मई को यूपी के प्रतापगढ़ से पीएम नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नंबर 1 करार दिया था. पीएम के इस बयान पर कांग्रेस उबल पड़ी है और नरेंद्र मोदी पर हमले कर रही है. पीएम मोदी के इस बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया और पीएम मोदी को कहा कि आपका कर्म आपका इंतजार कर रहा है. राहुल ने ट्वीट किया, "मोदीजी, लड़ाई खत्म हो चुकी है. आपके कर्म आपका इंतजार कर रहे हैं. खुद के बारे में खुद के भीतर की सोच को मेरे पिता पर थोपना भी आपको नहीं बचा पाएगा. सप्रेम." पीएम मोदी इस टिप्पणी पर आम आदमी पार्टी ने भी उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया. पार्टी के सांसद संजय सिंह ने आजतक के एक ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा कि जो व्यक्ति दुनिया में नहीं है उसके बारे में ऐसी घटिया टिप्पणी अशोभनीय और निंदनीय है. संजय सिंह ने ट्वीट किया, "जो व्यक्ति दुनिया में नहीं है उसके बारे में ऐसी घटिया टिप्पणी मोदी ही कर सकता है, चुनाव आयोग गांजे की बिक्री पर रोक लगाये मोदी की जांच कराओ नशे की हालत में भाषण दे रहे हैं." प्रतापगढ़ में पीएम मोदी की जिस टिप्पणी पर कांग्रेस बिफर पड़ी है वो बोफोर्स घोटाले से जुड़ी है. बोफोर्स घोटाले की आंच में राजीव गांधी भी आए थे, लेकिन बम धमाके में राजीव गांधी के शहीद होने के बाद उनका नाम इस घोटाले के चार्जशीट से हटा लिया गया था. प्रतापगढ़ में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "आपके (राहुल गांधी) पिताजी को आपके राज दरबारियों ने मिस्टर क्लीन बना दिया था, गाजे-बाजे के साथ मिस्टर क्लीन...मिस्टर क्लीन चला था, लेकिन देखते ही देखते भ्रष्टाचारी नंबर वन के रूप में उनका जीवनकाल समाप्त हो गया." कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी नरेंद्र मोदी की कड़ी आलोचना की. प्रियंका ने कहा कि शहीदों के नाम पर वोट मांगकर उनकी शहादत को अपमानित करने वाले प्रधानमंत्री ने कल अपनी बेलगाम सनक में एक नेक और पाक इंसान की शहादत का निरादर किया, जिसने अपना जीवन देश के लिए कुर्बान किया.
नई दिल्ली किसी पब्लिक मीटिंग या फिर रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को माला पहनाकर स्वागत करना या फिर उनसे हाथ मिलाना अब आसान नहीं होगा। अगर कोई समर्थक या प्रशंसक ऐसा करना भी चाहेगा, तो उसे पहले सीएम के सुरक्षा घेरे से दो-चार होना पड़ेगा। यहां से ग्रीन सिग्नल मिलने के बाद ही वह ऐसा कर पाएगा, वरना नहीं। शनिवार को मोती नगर इलाके में सीएम को मारे गए थप्पड़ के बाद दिल्ली पुलिस ने उनकी सुरक्षा में बड़े स्तर पर बदलाव किए हैं, जिसमें एक परिवर्तन यह भी है कि सीएम के पास जाने से लोगों को रोका जाए। बताया जाता है कि जहां पहले सीएम केजरीवाल पुलिस सुरक्षा को अपने से दूर रखने का प्रयास करते थे, वहीं इस ताजा कांड के बाद उन्होंने सुरक्षा के तमाम इंतजामों को पुलिस अधिकारियों के तरीके से मानने के लिए अपनी रजामंदी दे दी है। सीएम की नई सुरक्षा रणनीति के तहत चुनावी माहौल में अगर वह किसी रोड शो के दौरान खुली जीप में हैं, तो उनकी गाड़ी में दिल्ली पुलिस सिक्यॉरिटी यूनिट के दो जवान पीछे और दो जवान आगे गाड़ी में रहेंगे। चार जवान गाड़ी के पीछे, छह जवान गाड़ी के दोनों साइड और चार जवान गाड़ी के आगे-आगे घेरा बनाकर चलेंगे। इनके अलावा, एक या दो कमांडो भी वर्दी में तैनात किए गए हैं। रोड शो के दौरान केजरीवाल की गाड़ी में होंगे कम लोग केजरीवाल से बात करके इस मसले पर भी सहमति बनाई गई है कि रोड शो के दौरान उनकी गाड़ी में कम से कम लोग ही चढ़ पाएं। इनमें एक वह कैंडिडेट, जिसके लिए वह प्रचार कर रहे होंगे, दूसरा उस इलाके का विधायक। इसके अलावा, अधिक से अधिक एक और शख्स गाड़ी में उनके साथ रह सकता है, जिसे वह चाहें। वैसे तो कोशिश की जाएगी कि वह गाड़ी से नीचे ना उतरें, लेकिन अगर वह गाड़ी से उतरकर लोगों के बीच जाना चाहते हैं, तो इसके लिए भी रणनीति तैयार कर ली गई है। इसके तहत उन्हें टू-टियर सिक्यॉरिटी कवर दिया जाएगा, यानी करीब 20 जवान उनके चारों ओर घेरा बनाकर साए की तरह साथ रहेंगे। एके-47 लिए जवान किए जाएंगे तैनात गाड़ी में चढ़ने से पहले इसकी जांच की जाएगी कि कहीं किसी ने इसमें कोई विस्फोटक आदि तो प्लांट नहीं कर दिया है। पब्लिक मीटिंग के दौरान यह भी कोशिश की जाएगी कि आसपास की ऊंची बिल्डिंगों की छतों पर भी एके-47 लिए जवान तैनात किए जाएं। सूत्रों ने बताया कि शनिवार के बाद रविवार को हुए एक रोड शो में सीएम पुलिस की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए गाड़ी से नहीं उतरे। जिस भी जिले में वह प्रचार करेंगे, उस रेंज के जॉइंट पुलिस कमिश्नर, जिला डीसीपी, सब-डिविजन के एसीपी और संबंधित थानों के तमाम एसएचओ भी मीटिंग करके इंतजामों की तैयारियां सुनिश्चित करेंगे। 'शुक्रवार को भी एक इंस्पेक्टर को पास आने से मना कर दिया था' पुलिस सूत्रों ने बताया कि सीएम से पहले भी कई बार कहा गया था कि उनपर खतरा है। कोई भी ऊपर से या नीचे से उनपर किसी भी रूप में हमला कर सकता है, इसलिए वह अपने साथ सिक्याॅरिटी कवर रखें, लेकिन हर बार वह मना कर देते थे। शुक्रवार को भी उन्होंने एक इंस्पेक्टर को अपने पास आने से मना कर दिया था। सिक्यॉरिटी यूनिट में इसकी डीडी एंट्री भी की गई थी। इससे पहले भी कई मौकों पर उन्हें लिखित में सुरक्षा घेरे में ही रहने की सलाह दी गई थी, लेकिन हर बार वह इससे इनकार करते रहे थे।
नई दिल्ली, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को थप्पड़ मारने वाले शख्स की पहचान हो गई है. बताया जा रहा है कि शख्स का नाम सुरेश है, जिसकी उम्र 33 साल है. सुरेश कैलाश पार्क का रहने वाला है और स्पेयर पार्ट का काम करता है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, आरोपी सुरेश ने पूछताछ में बताया है कि वो आम आदमी पार्टी का सर्पोटर है. हालांकि, इस बीच आजतक ने आरोपी सुरेश की पत्नी से बात की है, जिनका कहना है कि उनके पति का किसी राजनीतिक पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. पत्नी ममता का कहना है कि सुरेश काफी समय से केजरीवाल से नाराज था. वो घर से कुछ कह कर नहीं निकला था. लोकल विधायक कुछ दिन पहले उसके पास आए थे और उन्होंने (विधायक) मोदी जी के बारे में उल्टा सीधा बोला, जिसको लेकर भी वो काफी नाराज था. डीसीपी वेस्ट डिस्ट्रिक मोनिका भारद्वाज ने बताया कि उसे हिरासत में लेकर थाने ले आया गया है. बाकी अभी पूछताछ की जा रही है और कुछ देर में यह पता चल जाएगा कि उसने ऐसी हरकत क्यों की है. बता दें, अरविंद केजरीवाल शनिवार को नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के मोती नगर विधानसभा में चुनाव प्रचार कर रहे थे. रोड शो के दौरान सुरेश अचानक केजरीवाल की जीप की बोनट पर चढ़ा और उसने थप्पड़ मार दिया. इसके बाद समर्थकों ने उसे पकड़ लिया. समर्थकों ने उसकी पिटाई भी की. बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में लिया.
नई दिल्ली, 04 मई 2019,कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बिजनेस पार्टनर रहे यूलरिक मैकनाइट को यूपीए सरकार के दौरान ऑफसेट्स डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट के जरिए फायदा पहुंचाए जाने का मामला सामने आया है. यूलरिक मैकनाइट कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ब्रिटिश कंपनी बैकोप्स यूके के को-प्रमोटर (Co-promoter) थे. इसमें यूलरिक मैकनाइट की हिस्सेदारी 35 फीसदी थी, जबकि राहुल गांधी की हिस्सेदारी 65 फीसदी थी. बैकोप्स यूके कंपनी साल 2003 में शुरू हुई थी, जिसके बाद 2009 इसे खत्म (dissolved) कर दिया गया. साल 2011 में यूलरिक मैकनाइट ने फ्रांस की रक्षा सामानों की आपूर्ति करने वाली कंपनी नेवल ग्रुप से स्कॉर्पियन सबमरीन को लेकर ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया. आजतक के हाथ लगे दस्तावेजों के मुताबिक यूपीए सरकार के दौरान राहुल गांधी के पूर्व बिजनेस पार्टनर यूलरिक मैकनाइट की सहयोगी कंपनियों को फ्रांस की नेवल ग्रुप कंपनी के ऑफसेट पार्टनर के रूप में रक्षा कॉन्ट्रैक्ट हासिल हुआ. यह मामला तब सामने आया है, जब राहुल गांधी की नागरिकता को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच घमासान छिड़ा हुआ है. राहुल गांधी ने दिया जवाब इस बीच बीजेपी के अध्यक्ष अमित शाह ने भी यह मुद्दा उठाया है. उन्होंने तंज कसते हुए लिखा है कि राहुल गांधी के मिडास टच (जादुई शक्त) के सामने कुछ मुश्किल नहीं है. वहीं, राहुल गांधी ने खुद भी इन दावों पर जवाब दिया है. राहुल ने कहा है कि सबकुछ सार्वजनिक है और मैंने कुछ गलत नहीं किया है. राहुल ने कहा कि आप जो चाहे जांच कर लो, कोई कार्रवाई कर लो, मुझे कोई दिक्कत नहीं है क्योंकि मुझे पता है मैंने कुछ गलत नहीं किया है. हालांकि, राहुल ने इसके आगे ये भी जोड़ दिया कि राफेल की जांच भी होनी चाहिेए. अब तक दोनों पार्टियों द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों से यह बात तो साफ है कि राहुल गांधी ने ब्रिटेन में बैकोप्स लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी. इसमें यूलरिक मैकनाइट नाम के शख्स को पार्टनर बनाया गया था. बैकोप्स यूके की ओर से फाइल किए गए दस्तावेजों के मुताबिक राहुल गांधी और मैकनाइट दोनों ही कंपनी के संस्थापक डायरेक्टर थे. जून 2005 तक इस कंपनी में राहुल गांधी की हिस्सेदारी 65 फीसदी और मैकनाइट की हिस्सेदारी 35 फीसदी थी. साल 2004 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने चुनावी हलफनामा दाखिल किया था, जिसमें उन्होंने बैकोप्स यूरोप की चल संपत्ति का जिक्र किया था. इस चल संपत्ति में बैकोप्स यूरोप के तीन बैंक अकाउंट में जमा धनराशि भी शामिल थी. इसके बाद यह कंपनी फरवरी 2009 में बंद कर दी गई थी. इसके अलावा राहुल गांधी बैकोप्स कंपनी के नाम की दूसरी कंपनी यानी बैकोप्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड से भी जुड़े रहे. इस कंपनी में उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा सह-निदेशक के पद पर रहीं. राहुल गांधी ने अपने साल 2004 के चुनावी हलफनामे में घोषित किया था कि भारतीय कंपनी बैकोप्स सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड में उनकी 83 फीसदी हिस्सेदारी है. राहुल गांधी ने अपने चुनावी हलफनामे में यह भी बताया था कि उन्होंने इस कंपनी में दो लाख 50 हजार रुपये का निवेश किया है. यह कंपनी साल 2002 में बनाई गई थी, लेकिन बाद में इसको भी बंद कर दिया गया. इस कंपनी ने अपना अंतिम रिटर्न जून 2010 में दाखिल किया. क्या है पूरा मामला आरोप है कि राहुल गांधी के पूर्व बिजनेस पार्टनर और उनकी बाद में बनाई गई कंपनियों को फ्रांस की रक्षा कंपनी द्वारा दिए गए ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट के जरिए फायदा पहुंचाया गया. साल 2011 में ऑफसेट दायित्व के तहत फ्रांस की नेवल ग्रुप (पहले इसको डीसीएनएस के नाम से जाना जाता था) ने विशाखापत्तनम स्थित कंपनी फ्लैश फोर्ज प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक डील साइन की. यह डील स्कॉर्पीन सबमरीन के अहम कलपुर्जों की सप्लाई करने के लिए की गई थी. इन स्कॉर्पीन सबमरीन का निर्माण मुंबई के मजगों डॉक लिमिटेड (एमडीएल) में किया जा रहा था. फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप को एमडीएल के साथ मिलकर 6 स्कॉर्पीन सबमरीन बनाने की डील मिली थी. यह डील करीब 20 हजार करोड़ रुपये की थी. साल 2011 में भारतीय कंपनी फ्लैश फोर्ज ने ब्रिटेन की ऑप्टिकल आर्मर्ड लिमिटेड का अधिग्रहण किया. इसके बाद अगले साल नंबर 2012 में फ्लैश फोर्ज कंपनी के दो डायरेक्टरों को ऑप्टिकल आर्मर्ड लिमिटेड में डायरेक्टरशिप दे दी गई थी. 8 नवंबर 2012 को इन दोनों ने डायरेक्टरशिप का भार संभाल लिया. इसके साथ ही यूलरिक मैकनाइट को भी ऑप्टिकल आर्मर्ड लिमिटेड का डायरेक्टर बना दिया गया. इतना ही नहीं, साल 2014 में ऑप्टिकल आर्मर्ड लिमिटेड द्वारा दाखिल रिटर्न के मुताबिक कंपनी ने यूलरिक मैकनाइट को 4.9 फीसदी शेयर भी अलॉट कर दिया था. इसके बाद साल 2013 में फ्लैश फोर्ज ने ब्रिटेन की एक दूसरी कंपनी 'कंपोजिट रेसिन डेवलपमेंट लिमिटेड' का अधिग्रहण कर लिया. इसके बाद यूलरिक मैकनाइट को इस दूसरी कंपनी का भी डायरेक्टर बना दिया गया. मैकनाइट के साथ फ्लैश फोर्ज लिमिटेड के दो डायरेक्टर को भी 'कंपोजिट रेसिन डेवलपमेंट लिमिटेड' का डायरेक्टर बनाया गया. फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप की वेबसाइट्स ने फ्लैश फोर्ज और सीएफएफ फ्लूइड कंट्रोल प्राइवेट लिमिटेड को भारतीय पार्टनर बताया है. सीएफएफ फ्लूइड कंट्रोल प्राइवेट लिमिटेड फ्लैश फोर्ज और फ्रांसीसी कंपनी कोयार्ड का ज्वाइंट वेंचर है. वहीं, अभी तक इस संबंध में मैकनाइट से किसी तरह का कोई संपर्क नहीं हो पाया है. इसके अलावा फ्रांस की कंपनी नेवल ग्रुप द्वारा फ्लैश फोर्ज से कॉन्ट्रैक्ट करने से पहले राहुल गांधी की भारतीय और यूरोपीय कंपनियां बंद कर दी गई थीं. हालांकि इन सबके बीच राहुल गांधी के पूर्व बिजनेस पार्टनर यूलरिक मैकनाइट को यूरोपीय कंपनियों के जरिए फायदा पहुंचाया गया.
नई दिल्ली दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी को 'नाचनेवाला' कहने का मामला तूल पकड़ चुका है। अब मनोज तिवारी ने भी इसपर पलटवार करते हुए इसे पूर्वांचल का अपमान बताया है। बता दें कि अरविंद केजरीवाल का एक विडियो सामने आया था, जिसमें वह रोड शो के दौरान तिवारी पर बयान देते हैं। यह रोडशो उन्होंने शुक्रवार को सोनिया विहार से सीलमपुर तक निकाला था। उस दौरान वह नॉर्थ ईस्ट सीट से आप के उम्मीदवार दिलीप पांडे के लिए वोट मांग रहे थे। रैली में केजरीवाल ने कहा, 'मनोज तिवारी नाचता बहुत अच्छा है। पांडे जी को नाचना नहीं आता। काम करना आता है। इस बार काम करनेवाले को वोट देना, नाचनेवाले को वोट मत देना।' अब इसपर मनोज तिवारी का बयान आया। इसे पूर्वांचल का अपमान बताते हुए तिवारी ने कहा, 'मुझे गाली देकर उन्होंने सीधा पूर्वांचल के लोगों का अपमान किया है। अब वही लोग उन्हें इसका परिणाम बताएंगे।' बता दें कि दिल्ली की नॉर्थ ईस्ट सीट इसबार वीआईपी सीट बन गई है। इसपर बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी के सामने कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित और आप नेता दिलीप पांडे हैं।
नई दिल्ली, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल मुश्किल में फंसती नजर आ रही हैं. उनके दो वोटर आईडी कार्ड मामले को लेकर दायर याचिका पर तीस हजारी कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली और उत्तर प्रदेश के चुनाव अधिकारियों को तलब किया है. कोर्ट ने दोनों राज्यों के चुनाव अधिकारियों को वोटर लिस्ट से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा है. चुनाव अधिकारियों को यह तमाम जानकारी 3 जून को होने वाली सुनवाई से पहले कोर्ट को देनी होगी. दरअसल, यह पूरा मामला गौतम गंभीर के दो वोटर आईडी कार्ड के मामले को लेकर आम आदमी पार्टी की लोकसभा प्रत्याशी अतिशी मरलेना द्वारा कोर्ट में अर्जी दायर करने के बाद शुरू हुआ. आम आदमी पार्टी जिस वक्त बीजेपी के प्रत्याशी और पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर के दो वोटर आईडी कार्ड के मामले को उठा रही थी, उसी समय बीजेपी के प्रवक्ता हरीश खुराना ने सुनीता केजरीवाल के पास दो वोटर आईडी कार्ड होने की शिकायत की. उन्होंने दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में सुनीता केजरीवाल के दो वोटर आईडी कार्ड को लेकर याचिका डाल दी. वहीं, बीजेपी का कहना था कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बीजेपी प्रत्याशी गौतम गंभीर को दोषी ठहराने में जुटे हुए हैं, जबकि खुद उनके घर में उनकी पढ़ी-लिखी और वरिष्ठ अफसर रहीं सुनीता केजरीवाल दो वोटर आईडी कार्ड लेकर बैठी हैं. हरीश खुराना की याचिका को तीस हजारी कोर्ट ने सुनवाई के लिए मंजूर कर लिया है. इस मामले में चुनाव अधिकारियों को कोर्ट में इस बात का सत्यापन करना होगा कि क्या वाकई अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल के 2 वोटर आईडी कार्ड है. अगर कोर्ट में यह साबित हो जाता है कि सुनीता केजरीवाल के दो वोटर आईडी हैं, तो कोर्ट सुनीता केजरीवाल को समन कर सकता है. जनप्रतिनिधि अधिनियम 1951 के तहत इस मामले में एक साल तक की सजा का भी प्रावधान है. फिलहाल इस मामले में जन चुनाव अधिकारियों को कोर्ट में तलब किया है. उनको याचिकाकर्ता ने बतौर गवाह कोर्ट में पेश करने की इजाजत मांगी थी. सुनीता केजरीवाल पर आरोप है कि उनके पास उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का भी वोटर आईडी कार्ड है. साथ ही उन्होंने दिल्ली में भी अपने नाम का वोटर आईडी कार्ड बनवा लिया है. इस मामले में याचिकाकर्ता हरीश खुराना की तरफ से पेश हुए वकील अनिल सोनी का कहना था कि सुनीता केजरीवाल पढ़ी-लिखी महिला हैं और नियम कानूनों की पूरी जानकारी रखते हैं. इसके बावजूद उन्होंने दोनों जगह का वोटर आईडी कार्ड रखा है, जो कानूनन अपराध है.
नई दिल्ली चुनावी मौसम में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की ब्रिटिश नागरिकता विवाद तूल पकड़ता जा रहा है। ब्रिटिश नागरिकता के आरोपों पर गृह मंत्रालय ने राहुल को नोटिस जारी कर पक्ष बताने के लिए कहा है वहीं, अब बीजेपी भी कांग्रेस अध्यक्ष को घेर रही है और उनसे इस विवाद पर जवाब मांगा है। बीजेपी ने आरोप लगाया कि राहुल की हर चीज संदिग्ध है। बीजेपी ने पूछा कि राहुल लंदन वाले हैं या लुटियंस वाले यह साफ करें। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने मंगलवार को कहा कि राहुल को हकीकत बतानी होगी। उन्होंने कहा कि राहुल की यात्रा, कंपनी और डिग्री हर चीज संदिग्ध है। उन्होंने कहा, 'राहुल और कन्फ्यूजन पर्यायवाची हैं। राहुल के पदचिह्न हिममानव की तरह हैं। यह पद चिह्न कहां जा रहे हैं। राहुल किन-किन कंपनियों में डायरेक्टर हैं, यह रहस्य है। नागरिकता को लेकर भ्रम खुद राहुल गांधी ने पैदा किया है।' उन्होंने आरोप लगाया कि बैकॉप्स लिमिटेड नामक कंपनी ब्रिटेन में 21 अगस्त 2003 को रिजस्टर्ड होती है और 17 फरवरी 2009 को कंपनी बंद हो जाती है। जब कंपनी बंद होती है तो उसमें राहुल की नागरिकता ब्रिटिश बताई जाती है। बीजेपी नेता ने कहा कि राहुल को हकीकत बतानी होगी। पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी की नागरिकता से जुड़े जो दस्तावेज सामने आए हैं वे सभी सत्यापित हैं। गौरतलब है कि बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने गृह मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखकर राहुल को ब्रिटिश नागरिक होने का दावा किया है। इस शिकायत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष को गृह मंत्रालय ने नोटिस जारी किया है। राहुल को 15 दिनों के अंदर नोटिस का जवाब देना है। उधर, कांग्रेस ने स्वामी के इन आरोपों का खंडन किया है और राहुल को जन्म से भारतीय बताया है। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री ने मंत्रालय के नोटिस को एक सामान्य प्रक्रिया करार दिया है।
नई दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की नागरिकता पर मचे कोहराम पर अब उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी की प्रतिक्रिया भी आ गई है। प्रियंका ने इस पूरे विवाद को बकवास बताते हुए कहा कि पूरा हिंदुस्तान जानता है कि राहुल गांधी हिंदुस्तानी हैं। बता दें कि राहुल पर ब्रिटिश नागरिकता होने का आरोप लगा है, जिसपर गृह मंत्रालय ने नोटिस जारी करके उनसे 15 दिन के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है। इसके बाद बीजेपी भी राहुल गांधी पर हमलावर है। चुनाव प्रचार में जुटीं प्रियंका से गृह मंत्रालय के पत्र पर सवाल किया गया था। इसपर उन्होंने कहा, 'मैंने ऐसी बकवास पहले कभी नहीं सुनी। पूरा हिंदुस्तान जानता है कि राहुल गांधी हिंदुस्तानी हैं। वह यहीं पैदा हुआ, यहीं उनकी परवरिश हुई है।' क्या है मामला बीजेपी सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने गृह मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखकर राहुल को ब्रिटिश नागरिक होने का दावा किया है। इस शिकायत के बाद कांग्रेस अध्यक्ष को गृह मंत्रालय ने नोटिस जारी किया है। राहुल को 15 दिनों के अंदर नोटिस का जवाब देना है। कांग्रेस ने स्वामी के इन आरोपों का खंडन किया है और राहुल को जन्म से भारतीय बताया है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री ने मंत्रालय के नोटिस को एक सामान्य प्रक्रिया करार दिया है। बीजेपी भी हमलावर नागरिकता पर गृह मंत्रालय का नोटिस जाने के बाद बीजेपी भी राहुल और कांग्रेस पार्टी पर हमलावर हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल को हकीकत बतानी होगी। उन्होंने कहा कि राहुल की यात्रा, कंपनी और डिग्री हर चीज संदिग्ध है। उन्होंने कहा, 'राहुल और कन्फ्यूजन पर्यायवाची हैं। राहुल के पदचिह्न हिममानव की तरह हैं। यह पद चिह्न कहां जा रहे हैं। बीजेपी ने पूछा कि राहुल लंदन वाले हैं या लुटियंस वाले यह साफ करें।
नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2019, दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ है. चुनाव आयोग के फ्लाइंग स्क्वायड की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने कनाट प्लेस थाने में उनके खिलाफ केस दर्ज किया है. गोपाल राय पर आरोप है कि उन्होंने चुनाव आयोग की बिना इजाजत पंफलेट वितरित किए. बताया जा रहा है कि शनिवार को राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-6 के बाहर गोपाल राय पंफलेट बांट रहे थे. उन्हें फ्लाइंग स्क्वायड के एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट मुकुल जोशी ने रंगे हाथों पंफलेट बांटते पकड़ा था. वहीं, आम आदमी पार्टी ने अपनी सफाई में कहा कि हम चाहते हैं कि फ्लाइंग स्क्वायड बीजेपी नेताओं के खिलाफ भी केस दर्ज कराए. अब तक ऐसे मामलों में चुनाव आयोग के साथ बहुत सारे फॉलोअप के बाद केस दर्ज किया गया है. अभी तक चुनाव आयोग ने गौतम गंभीर पर कोई एक्शन नहीं लिया है. पार्टी की मांग है कि गौतम गंभीर के प्रचार-प्रसार पर 72 घंटे का बैन लगाया जाए. बता दें कि पूर्वी दिल्ली से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहीं आतिशी ने अपने प्रतिद्वंदी और बीजेपी प्रत्याशी गौतम गंभीर के खि‍लाफ तीस हजारी कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई है. AAP नेता का आरोप है कि गौतम गंभीर दो वोटर आईडी कार्ड रखते हैं. मामले में अगली सुनवाई 1 मई को होगी. आतिशी के मुताबिक, क्रिकेटर से राज‍नीति में किस्मत आजमाने उतरे गौतम गंभीर के पास करोलबाग और राजेन्द्र नगर के अलग-अलग वोटर आईडी कार्ड हैं. हालांकि, उन्होंने नॉमिनेशन फाइल करते वक्त रिटर्निंग ऑफिसर को इसकी जानकारी नहीं दी. आतिशी ने अपनी याचिका में गौतम के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग की है.
नई दिल्ली बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी की तरफ से दायर अवमानना याचिका के सिलसिले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में नया हलफनामा दाखिल किया है। नए हलफनामे में भी कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने 'चौकीदार चोर है' बयान पर खेद ही जताया है, माफी नहीं मांगी है। नए हलफनामे में राहुल गांधी ने कहा है कि राजनीतिक लड़ाई में कोर्ट को घसीटने का उनका कोई इरादा नहीं है। उन्होंने मीनाक्षी लेखी पर अवमानना याचिका के जरिए राजनीति करने का आरोप लगाया है। मामले में मंगलवार को सुनवाई होनी है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुआई वाली बेंच के सामने पेश हुए राहुल गांधी के वकील सुनील फर्नांडीज ने कहा कि उन्हें अवमानना नोटिस का जवाब देने की इजाजत दी जाए। सीजेआई रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने राहुल गांधी के वकील को काउंटर ऐफिडेविट दाखिल करने की इजाजत दे दी। सुप्रीम कोर्ट ने 23 अप्रैल को राहुल गांधी को आपराधिक अवमानना नोटिस जारी किया। बयान पर राहुल ने पहले भी कोर्ट में जताया था खेद बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी की तरफ से दायर अवमानना याचिका पर राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर अपने बयान पर खेद जताया था। उन्होंने राफेल मामले में 'चौकीदार चोर है' का बयान सुप्रीम कोर्ट के मुंह में डालने पर हलफनामा दायर कर खेद जताया था और कहा था कि यह बयान चुनावी सभा में चुनाव प्रचार के दौरान आवेश में आकर मुंह से निकल गया था। उन्होंने जो बयान दिया था वह आम धारणा के आधार पर दिया था। इस मामले में 23 अप्रैल को हुई पिछली सुनवाई पर राहुल गांधी की तरफ से पेश हुए वकील ने मामले को खत्म करने की अपील की थी, जिसे कोर्ट ने ठुकराते हुए राहुल गांधी को नोटिस भेजकर बयान पर जवाब मांगा था। कांग्रेस अध्यक्ष ने आज उसी नोटिस का जवाब दिया है। क्या है मामला राफेल डील में कथित भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमलावर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार चोर है। दरअसल 10 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए राफेल मामले में रिव्यू पिटिशन पर नए दस्तावेजों के आधार पर सुनवाई का फैसला किया था। इसी के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी मान लिया है कि चौकीदार चोर है। राहुल गांधी के इस बयान को लेकर बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी ने सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ अवमानना की याचिका दायर की है। याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने राहुल से स्पष्टीकरण मांगा था, जिसके बाद उन्होंने अपने बयान पर खेद जताते हुए कहा था कि चुनावी सरगर्मी और जोश में उन्होंने यह बयान दिया था और भविष्य में कोर्ट के हवाले से ऐसी कोई भी बात नहीं कहने की बात कही, जिसे कोर्ट ने न कहा हो।
नई दिल्ली,भारतीय वायुसेना और डीआरडीओ अगले सप्ताह ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का हवा से लॉन्च करने वाले वर्जन का परीक्षण करने की योजना बना रही है. इस मिसाइल के सफल परीक्षण के बाद भारत बालाकोट जैसे एयर स्ट्राइक देश में बने हथियारों की मदद से ही कर सकने में सक्षम होगा. पाकिस्तान के बालाकोट में मौजूद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर स्ट्राइक के लिए भारत ने इजरायल में बने स्पाइस-2000 बम का इस्तेमाल किया था. इसे मिराज फाइटर प्लेन से गिराया गया था. वायुसेना के सूत्रों ने बताया कि 290 किलोमीटर तक मार कर सकने में सक्षम ब्रह्मोस मिसाइल के एयर वर्जन का जल्द विकास करने के लिए वायुसेना पूरी कोशिश कर रही है. ये मिसाइल जमीन पर मौजूद टारगेट को ध्वस्त कर सकेगा. बालाकोट में वायुसेना ने ऐसा ही एयर स्ट्राइक किया था. इस मिसाइल का इस्तेमाल शुरू होने के बाद विमानों को दुश्मन की सीमा में जाने की जरूरत भी नहीं होगी. डीआरडीओ द्वारा विकसित ब्रह्मोस मिसाइल का ये परीक्षण अगले कुछ दिनों में सुखोई लड़ाकू विमान से हो सकता है. भारतीय वायुसेना के सूत्रों ने बताया कि एयरफोर्स की योजना है कि 40 सुखोई-30MKI लड़ाकू विमानों में ब्रह्मोस मिसाइल फिट किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर लंबी दूरी से ही इसका इस्तेमाल दुश्मन के खिलाफ किया जा सके. फाइटर प्लेन में इन मिसाइलों का इस्तेमाल करने में आसानी हो इसलिए इन्हें हल्का बनाया गया है. एक बार सफलतापूर्वक परीक्षण करने और इसे सुखोई में शामिल करने के बाद इन मिसाइलों की स्ट्राइक रेंज और इनके द्वारा घातक प्रहार करने की इनकी शक्ति की वजह से वायुसेना की मारक क्षमता में व्यापक इजाफा होगा. भारत सरकार के एक अधिकारी ने बताया, "वायुसेना की लगातार बदलती जरूरतें, वो भी ऐसे वक्त में जब हम दोतरफा युद्ध को नकार नहीं सकते हैं, ये बेहद अहम प्रोजेक्ट है." बता दें कि अबतक वायुसेना के पास मौजूद सुखोई-30 एमकेआई फाइटर विमानों में से मात्र दो को ही इस तरह तैयार किया जा सका है कि वे 2.5 टन के सुपरसोनिक एयर-टू सरफेस क्रूज मिसाइल को दाग सकें. ब्रह्मोस-ए के आकार और वजह की वजह से एक सुखोई-एमकेआई एक ही मिसाइल अपने ट्रांसपोर्ट लॉन्च कैनिस्टर में ले जा सकता है.
अमेठी अमेठी के रास्ते लोकसभा पहुंचने की तैयारी में जुटीं केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी का चुनाव प्रचार और जनसंपर्क अभियान जोरों पर है। हालांकि रविवार को उनका यहां एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। अमेठी के मुंशीगंज स्थित पूरबद्वारा गांव में आग की खबर मिलने पर स्मृति गांव की ओर निकल पड़ीं। यहां फायर ब्रिगेड की गाड़ी आने में देरी होने पर उन्होंने खुद ही नल से पानी भरकर प्रभावित घरों और खेतों में डलवाना शुरू कर दिया। बता दें कि स्मृति पास के ही एक इलाके में जनसंपर्क के लिए निकली थीं, तभी किसी कार्यकर्ता ने बताया कि पड़ोस के गांव में भीषण आग लग गई है। स्मृति ने तुरंत मौके पर पहुंचकर खेतों और घरों पर पानी डलवाना शुरू किया और रोती-बिलखती महिलाओं को सांत्वना दी। मिली जानकारी के मुताबिक, आग गेहूं के खेत में लगी थी। तेज हवाओं के चलते धीरे-धीरे वह आसपास के खेतों और घरों तक पहुंच गई। फिलहाल मौके पर आग बुझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अमेठी से बीजेपी उम्मीदवार स्मृति इरानी का मुख्य मुकाबला यहां से तीन बार के सांसद राहुल गांधी से है। कांग्रेस परिवार का सबसे मजबूत किला माने जाने वाली इस सीट पर लगभग हमेशा ही कांग्रेस के पक्ष में नतीजे आए हैं। हालांकि इस बार स्मृति कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को कड़ी चुनौती देती नजर आ रही हैं।
कासरगोड राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने केरल के कासरगोड और पलक्कड़ में तीन संदिग्ध आतंकियों से पूछताछ की है। इन तीनों के ही घरों में एजेंसी ने आईएसआईएस कासरगोड मॉड्यूल केस के सिलसिले में छापेमारी की है। एजेंसी को संदेह है कि इन तीनों का खूंखार आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़ने के लिए देश छोड़ने वाले लोगों से संपर्क है। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी ने 2016 के इस्लामिक स्टेट कासरगोड मॉड्यूल केस के सिलसिले में यह छापेमारी की है। इसके अलावा एनआईए ने कासरगोड में रहने वाले अबू बकर और अहमद को सोमवार तक कोच्चि स्थित स्थानीय एनआईए ऑफिस में रिपोर्ट करने को कहा है। संदिग्धों के घरों में छापेमारी के दौरान धार्मिक उपदेशों से जुड़ी डीवीडी एवं सीडी कैसेट्स के अलावा विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक के भाषणों की कैसेटें शामिल हैं। इसके अलावा जाकिर नाइक एवं सैयद कुठेब किताबें भी बरामद हुई हैं। मोबाइल फोन, सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड्स, पेन ड्राइव्स, अरबी और मलयाली में हाथ से मिले नोट्स मिले हैं। क्या है ISIS कासरगोड मॉड्यूल केस आईएसआईएस कासरगोड मॉड्यूल केस पहली बार पिछले साल सामने आया था, जब एनआईए ने एक 25 साल के युवक हबीब रहमान को अरेस्ट किया था। इस जांच में खुलासा हुआ था कि 14 लोगों ने इस्लामिक स्टेट से जुड़ने के लिए जुलाई, 2016 में भारत और मध्य-पूर्व एशियाई देशों में स्थित अपनी दफ्तरों को छोड़ दिया था।
नई दिल्ली, लोकसभा चुनाव के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के नामी लोगों के जुड़ने का सिलसिला जारी है. शनिवार को बीजेपी मुख्यालय में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में सेना के 7 रिटायर्ड अधिकारी बीजेपी से जुड़ गए. बीजेपी में शामिल हुए 7 रिटायर्ड अधिकारियों में 6 थल सेना और 1 वायुसेना के हैं. इनमें से 5 लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के और 1 कर्नल रैंक के रिटायर्ड अधिकारी हैं. वहीं एक विंग कमांडर रैंक के हैं. निर्मला सीतारमण ने लेफ्टिनेंट जनरल जेबीएस यादव, लेफ्टिनेंट जनरल आर एन सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल एस के पटयाल, लेफ्टिनेंट जनरल सुनीत कुमार, लेफ्टिनेंट जनरल नितिन कोहली, कर्नल आर के त्रिपाठी, विंग कमांडर नवनीत मेगन को पार्टी की सदस्यता दिलाई. बता दें कि सेना के रिटायर्ड अधिकारियों का बीजेपी से जुड़ने का सिलसिला जारी है. इससे पहले लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद (रिटायर्ड) भी बीजेपी में शामिल हुए थे. सेना में पूर्व उप प्रमुख रहे शरत चंद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मौजूदगी में दिल्ली में बीजेपी की सदस्यता ली. शरत चंद ने जनवरी 2017 से जून 2018 तक उप सेना प्रमुख के पद पर रहे. इससे पहले मेजर सुरेंद्र पुनिया भी बीजेपी में शामिल हुए. उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और रामलाल की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली. सेना के अधिकारियों के अलावा बॉलीवुड के स्टार्स भी बीजेपी में शामिल हो रहे हैं. शुक्रवार को पंजाबी गायब दलेर मेहंदी भी बीजेपी में शामिल हुए. दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष मनोज तिवारी और केंद्रीय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन की मौजूदगी में दलेर मेहंदी बीजेपी में शामिल हुए. दलेर मेहंदी से पहले पंजाबी गायक हंसराज हंस भी बीजेपी में शामिल हुए थे. बीजेपी ने उनको दिल्ली की नॉर्थ-वेस्ट सीट से मैदान में उतारा है.
नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2019,भारतीय जनता पार्टी अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता परआरोप लगाया है. भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि केजरीवाल की पत्नी सुनीता के पास तीन वोटर आईडी कार्ड हैं . इससे पहले आम आदमी पार्टी ने गौतम गंभीर पर दो वोटर आईडी कार्ड रखने का आरोप लगाया था .
नई दिल्ली, 28 अप्रैल 2019,भारतीय जनता पार्टी अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता परआरोप लगाया है. भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि केजरीवाल की पत्नी सुनीता के पास तीन वोटर आईडी कार्ड हैं . इससे पहले आम आदमी पार्टी ने गौतम गंभीर पर दो वोटर आईडी कार्ड रखने का आरोप लगाया था .
नई दिल्ली दिल्ली प्रदेश कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको का दावा है कि दिल्ली अब बीजेपी का मुकाबला सीधे कांग्रेस के साथ है। उन्होंने कहा कि भले ही दिल्ली में आम आदमी पार्टी भी चुनाव में है, लेकिन दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबला खत्म हो रहा है और कांग्रेस व बीजेपी में सीधी टक्कर है। गठबंधन नहीं होने की बात पर उन्होंने कहा कि बीजेपी को हराने के लिए अरविंद केजरीवाल गंभीर नहीं हैं। दिल्ली ही नहीं, पूरे देश में कांग्रेस के राष्ट्रीय राहुल गांधी ही एक ऐसे नेता है जो नरेंद्र मोदी का मुकाबला कर रहे हैं और खुलेआम उनका विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस ही बीजेपी का पूरे देश में मुकाबला कर रही है। मीडिया से बात करते हुए पीसी चाको ने कहा कि कांग्रेस के सातों लोकसभा उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही दिल्ली में कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनने लगा है। पहले हमें भी लग रहा था कि दिल्ली में त्रिकोणीय मुकाबला होगा, लेकिन पार्टी उम्मीदवारों को जनता से जो रिस्पॉन्स मिल रहा है, उसे देखने के बाद आप मुकाबले से कमोबेश बाहर ही नजर आ रही है। उन्होंने बीजेपी विरोधी वोट भी कांग्रेस उम्मीदवारों को ही मिलने की संभावना जताई है। चाको ने कहा कि आम आदमी पार्टी के साथ अब गठबंधन की संभावना खत्म हो चुकी है। वहीं, सूत्रों की मानें तो हरियाणा की वजह से दिल्ली में गठबंधन नहीं हो पाया। कांग्रेस का कहना है कि हमारा पहला मकसद बीजेपी को रोकना था और जब इसके लिए आम आदमी पार्टी की तरफ से ऑफर आया तो पार्टी ने सोच विचार कर दिल्ली में उनसे गठबंधन की बात शुरू की। पहला फॉर्म्युला भी 3-3-1 का उनकी तरफ से आया, फिर इसे बदल दिया। फिर हरियाणा लेकर आए, पार्टी उन्हें भी सीट देने को तैयार हो गई। लेकिन तीसरी पार्टी को गठबंधन का हिस्सा बनाने की जिद की वजह से यह संभव नहीं हो पाया। कांग्रेस हरियाणा में अपनी जमीन खराब कर तीसरी पार्टी को आगे बढ़ने का मौका कैसे दे सकती है?
नई दिल्ली नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से बीजेपी की उम्मीदवार मीनाक्षी लेखी ने दिल्ली सरकार से उच्च शिक्षण संस्थानों में 85 प्रतिशत आरक्षण लागू करने के अपने वादे को पूरा करके दिखाने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ऐसे वादे करते रहे हैं, जिन्हें वह कभी पूरा नहीं कर सकते। इसी कड़ी में वह इन दिनों दिल्ली के छात्रों के लिए यहां के उच्च शिक्षा संस्थानों में 85 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का वादा कर रहे हैं, जबकि यह एक ऐसा सपना है, जिसे वह आम चुनावों के बाद वह खुद भूल जाएंगे। लेखी ने कहा कि हम केजरीवाल को उनके 2015 के चुनावी घोषणा-पत्र की याद दिलाना चाहेंगे, जिसमें उन्होंने दिल्ली में 500 नए स्कूल और 20 नए डिग्री कॉलेज खोलने का वादा किया था, लेकिन पिछले 4 सालों में उनकी सरकार ने दिल्ली में एक भी नया स्कूल या कॉलेज नहीं खोला। दिल्ली में डीयू, जेएनयू जैसे कुछ नामी केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थान हैं, जहां स्थानीय निवास के आधार पर दाखिले में आरक्षण नहीं दिया जाता है। इसी वजह से न केवल देश के हर कोने से, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में छात्र हायर एजुकेशन के लिए इन संस्थानों में दाखिला लेने आते हैं। ऐसे में दिल्ली के छात्रों को अधिक सीटें उपलब्ध कराने का एकमात्र समाधान यह है कि दिल्ली सरकार अपने अधीन उच्च गुणवत्ता वाले नए डिग्री कॉलेज और विश्वविद्यालय खोले, जिनमें स्थानीय छात्रों को ज्यादा से ज्यादा दाखिला मिल सके। लेखी ने कहा कि यह करना संभव है, मगर दिक्कत यह है कि केजरीवाल सरकार इसे लेकर गंभीर नहीं है।
नई दिल्ली पार्टी विरोधी गतिविधि को लेकर घोंडा से पूर्व विधायक भीष्म शर्मा को कांग्रेस ने पार्टी ने बाहर निकाल दिया है। उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि भीष्म शर्मा लगातार शीला दीक्षित का विरोध करते आ रहे थे, लेकिन अब जब चुनाव का दौर चल रहा है और कांग्रेस पूरी ताकत से चुनावी मैदान में उतर चुकी है, ऐसे में उन्हें दूसरे दल के नेता के साथ एक्टिव नहीं होना चाहिए था। पार्टी ने उनकी एक फोटो भी जारी की है, जिसमें वह बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ दिख रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि पार्टी ने इस फोटो की वजह से ही उन्हें बर्खास्त किया है। भीष्म शर्मा और शीला दीक्षित के बीच की दूरियां पहले से जगजाहिर है। हर छोटे बड़े मामले में भीष्म शर्मा उनका विरोध करते रहे हैं। उनके बयान को लेकर राहुल गांधी को भी चिट्ठी लिखकर विरोध जताते रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि जब शीला दीक्षित नॉर्थ ईस्ट से उम्मीदवार बनी हैं और अभी उनका सीधा मुकाबला बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के साथ बताया जा रहा है, ऐसे समय में पार्टी के खिलाफ जाकर उनके साथ दिखना, कहीं से भी सही नहीं ठहराया जा सकता है। हालांकि, सूत्रों का यह भी कहना है कि अगर पार्टी चाहती तो दोनों के बीच की दूरियों को खत्म कर सकती थी, लेकिन इसी ने बीच में पहल नहीं की और जब बात इतनी बढ़ गई तो सीधे निष्कासन का फैसला ले लिया गया। सूत्रों का कहना है कि राजनीति में विरोध कोई नई बात नहीं है, लेकिन समय रहते इसे खत्म भी किया जाता है। लेकिन, यहां पर ऐसा नहीं हुआ। वहीं, दूसरी ओर कहा जा रहा है कि पार्टी से निकाले जाने के बाद अब वो बीजेपी के संपर्क में हैं और जल्द ही बीजेपी जॉइन कर सकते हैं।
नई दिल्ली देश के मुख्य न्यायाधीश (CJI) रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के दूसरे वरिष्ठतम जज जस्टिस एस. ए. बोबडे की अध्यक्षता में गठित 3 सदस्यीय समिति से जस्टिस एन. वी. रमण ने बृहस्पतिवार को खुद को अलग कर लिया। जस्टिस एन. वी. रमण ने अपने पत्र में कहा है कि वह समिति से अलग इसलिए हो रहे हैं कि पूरी कार्यवाही 'विकृत नहीं' हो। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि जस्टिस रमण ने आंतरिक जांच समिति की अध्यक्षता कर रहे जस्टिस एस. ए. बोबडे को इस सिलसिले में एक पत्र लिखा। सूत्रों ने कहा, 'जस्टिस रमण ने खुद को अलग कर लिया और जस्टिस बोबडे को इस संबंध में पत्र लिखा। यह तीन पेज का पत्र है। समिति से हटना पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा कही गई बातों पर आधारित नहीं है। लेकिन ऐसा इसलिए किया गया ताकि पूरी कार्यवाही विकृत नहीं हो।' इससे एक दिन पहले, महिला ने आंतरिक जांच समिति को पत्र लिखकर जस्टिस रमण को इसमें शामिल करने पर आपत्ति जताई थी। महिला ने समिति में जस्टिस रमण की मौजूदगी पर इस आधार पर आपत्ति जताई थी कि वह सीजेआई के करीबी दोस्त हैं और उनके घर अक्सर आना-जाना करते हैं।
नई दिल्ली, 25 अप्रैल 2019, आम आदमी पार्टी ने गुरुवार को दिल्ली के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी पर जमकर निशाना साधा, तो कई वादों को गिनाया. आम आदमी पार्टी इस बार पूर्ण राज्य के मुद्दे को फ्रंटफुट पर रख चुनाव में जा रही है. मेनिफेस्टो में भी इसकी झलक मिली और हर वादे के साथ उन्होंने कहा कि अगर पूर्ण राज्य बनता है तो वादा निभा देंगे. आम आदमी पार्टी के घोषणापत्र में बड़े वादे क्या हैं... - पूर्ण राज्य बना तो दिल्ली के 85% बच्चों को कॉलेजों में एडमिशन देंगे - पुलिस को जनता के प्रति accountable बनाएंगे, जिससे महिलाएं सुरक्षित होंगी - राज्य के सभी अस्थाई कर्मचारियों को एक हफ्ते में स्थाई करेंगे - पूर्ण राज्य बना तो MCD सरकार के अंदर आएगी फिर दिल्ली और भी साफ बनेगी - एक हफ्ते में कच्चे कर्मचारी, गेस्ट टीचर पक्के होंगे - दिल्ली के हर मतदाता को सस्ती और आसान किस्त में घर मिलेगा - एंटी करप्शन ब्रांच दिल्ली सरकार के अंतर्गत आएगी, तो भ्रष्टाचार पर रोक लगा देंगे - पूर्ण राज्य बना तो जनलोकपाल बिल पास करेंगे अरविंद केजरीवाल ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि ये चुनाव संविधान को बचाने वाला है, हमारा लक्ष्य नरेंद्र मोदी को चुनाव हराना है. उन्होंने कहा कि बीजेपी को छोड़ जो भी सरकार बनाने की हालत में होगा, हम उसे समर्थन करेंगे. केजरीवाल ने कहा कि जो भी सरकार दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देगी हम उसी को समर्थन करेंगे. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज बीजेपी अल्पसंख्यकों को घुसपैठिया मानती है, हमारा लक्ष्य हर किसी को सुरक्षित महसूस करवाना है. पूर्ण राज्य का दर्जा मिलते ही दिल्ली पुलिस में खाली पड़ी जगहों को भरेंगे. आपको बता दें कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को लेकर पिछले लंबे समय से गठबंधन को लेकर बात चल रही थी, जो सफल नहीं हो पाई थी. अब आम आदमी पार्टी और कांग्रेस अलग-अलग सातों सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं.
नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने यूपी और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर की हत्या की मिस्ट्री सुलझा लेने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक रोहित शेखर की पत्नी अपूर्वा ने ही झगड़े के बाद उनकी गला दबाकर हत्या की थी। अपूर्वा को मंगलवार सुबह पुलिस ने गिफ्तार कर लिया। क्राइम ब्रांच ने मामले को सुलझाने का दावा करते हुए बताया कि पति-पत्नी के बीच वैवाहिक जीवन में काफी तनाव था और इसी गुस्से में अपूर्वा ने रोहित की हत्या की। हत्या के बाद अगले 90 मिनट में अपूर्वा ने सबूत मिटाए और बाद में जांच में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश भी की । पुलिस ने पूछताछ और जांच के बाद 15 और 16 अप्रैल की रात रोहित की हत्या की पूरी कहानी सामने रखी। क्राइम ब्रांच की टीम ने बताया, 'रोहित शेखर की मर्डर की गुत्थी पूरी तरह से सुलझ गई है। इस महीने की 16 तारीख को पुलिस को रोहित शेखर की मौत की जानकारी दी गई। इसके बाद जांच शुरू होती है जिससे पता चला कि 10 अप्रैल को रोहित शेखर अपनी मां और कुछ रिश्तेदारों के साथ उत्तराखंड के काठगोदाम में वोट डालने के लिए गए थे। 15 अप्रैल को वापस लौटे। लौटने के दौरान पूरे रास्ते वह अपनी महिला रिश्तेदार के साथ कार में शराब पीते रहे।' पुलिस के अनुसार, रात में खाना खाने के बाद उनकी मां और रिश्तेदार अपने तिलक लेन बंगले में चले गए। इसके बाद उनके सौतेले भाई भी चले गए और घर के नौकर भी सोने के लिए चले गए। अगले दिन शाम 4 बजे एक नौकर ने देखा कि रोहित शेखर के नाक से खून बह रहा है और कोई हरकत नहीं है। अस्पताल मैक्स ले जाया गया और वहां मृत घोषित किया गया। पोस्टमॉर्टम की रिपोर्ट से हत्या का खुलासा होने का दावा करते हुए क्राइम ब्रांच ने कहा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में स्पष्ट तौर पर कहा गया कि उनकी मौत का कारण मुंह-हाथ और गला दबाने के कारण हुई। हमारी टीम ने 4 दिन तक काफी मशक्कत की और मौजूद सभी लोगों से कई-कई बार पूछताछ की गई। आखिरकार यह जांच में स्पष्ट हो गया कि उनकी पत्नी अपूर्वा तिवारी ने मुंह-हाथ दबाकर, उनकी गला घोंटकर हत्या की। शाम 4 बजे तक किसी के भी रोहित को नहीं उठाने के सवाल पर क्राइम ब्रांच ने कहा, अभी तक की जांच से यही पता चला है कि दोनों की शादी में काफी तनाव था। उत्तराखंड से लौटते हुए भी वह एक महिला रिश्तेदार के साथ रोहित शराब पी रहे थे और इस कारण अपूर्वा और रोहित में काफी झगड़ा हुआ था। इसी तात्कालिक कारण से उनकी हत्या करीब रात के 1 बजे हुई। रोहित को इन्सोमेनिया था और अक्सर वह देर रात तक जगे रहते थे इस कारण देर तक सोते रहने के कारण घर में मौजूद लोगों को ज्यादा शक नहीं हुआ। मर्डर के कारण के बारे में पुलिस का दावा है कि अपूर्वा ने यह पहले से प्लान नहीं किया था। जांच टीम का कहना है कि अभी तक की जांच से ऐसा लग रहा है कि मर्डर की पहले से योजना नहीं बनाई गई थी, लेकिन उनकी शादी में काफी दिक्कत थी। रोहित शेखर और उनका परिवार तलाक की प्रक्रिया के बारे में सोच रहे थे। प्रॉपर्टी का भी एक ऐंगल हैं क्योंकि डिफेंस कॉलोनी का घर रोहित और उनके सौतेले भाई को ही मिलना था, अपूर्वा का इसमें कोई हिस्सा नहीं था। रोहित शेखर की हत्या मामले में पत्नी अपूर्वा शुक्ला को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने आज सुबह ही अरेस्ट किया है। अपूर्वा के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद पुलिस ने गिरफ्तारी की। हत्या वाली रात रोहित और अपूर्वा में झगड़ा हुआ था। सबूत मिटाने के लिए अपूर्वा ने मोबाइल फॉर्मेट भी किया था। बता दें कि 16 अप्रैल को रोहित अपने बंगले के कमरे में मृत पाए गए थे। पुलिस ने हत्या की पुष्टि के बाद कई घंटे तक अपूर्वा से पूछताछ की थी।

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