taaja khabar.....पिछले 6 साल में 2,838 पाकिस्तानी, 914 अफगानिस्तानी, 172 बांग्लादेशियों को दी गई भारतीय नागरिकता: निर्मला सीतारमण....अपनी ही शादी में नहीं पहुंच पाया जवान, सेना ने कहा- जिंदगी कर लेगी इंतजार...J&K: देविंदर सिंह का फोन ट्रैक कर रही थी पुलिस, हर गतिविधि पर थी नजर...'डॉक्टर बम' को नहीं भा रही थी अयोध्या फैसले और CAA पर शांति, बनाया था ये खतरनाक प्लान!...यूनिवर्सिटी ने CAA पर शुरू किया सर्टिफिकेट कोर्स, जानिए क्या है फीस ...पंजाब के बाद दूसरे कांग्रेस शासित राज्यों की भी CAA को 'ना' की तैयारी, सिब्बल बोले- ...तो मुश्किल होगा...

Punjab-Hariyana

चंडीगढ़ पंजाब विधानसभा ने एक प्रस्‍ताव पारित करके कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में बनाया गया नागरिकता संशोधन कानून असंवैधानिक है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ यह प्रस्‍ताव पंजाब सरकार लेकर आई थी। बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पूरे देश में विरोध प्रदर्शन चल रहा है। पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने भी इस कानून का विरोध किया है। पंजाब में सत्‍तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्‍ताव रखा। कांग्रेस ने मांग की कि इस कानून को खत्‍म किया जाए। राज्‍य के मंत्री के ब्रह्म मोहिंद्रा ने विधानसभा के दो दिवसीय विशेष सत्र के दौरान इस सीएए के खिलाफ प्रस्‍ताव पेश किया। मोहिंद्रा ने कहा, 'संसद द्वारा बनाए गए नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देशभर में गुस्‍सा है और इसका विरोध हुआ है। पंजाब में भी इस कानून के खिलाफ प्रदर्शन हुआ है जो शांतिपूर्ण रहा।' अमरिंदर सिंह ने सीएए का क‍िया व‍िरोध विधानसभा ने पंजाब सरकार के इस प्रस्‍ताव को पारित कर दिया। बता दें कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कहा है कि भारत का धर्मनिरपेक्षता का तानाबाना हमेशा से ही मजबूत रहा है। इसे अलग-थलग करने का प्रयास किसी ने भी किया तो उसका इस देश की जनता के साथ-साथ कांग्रेस के द्वारा भी विरोध किया जाएगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'बीजेपी और इसके गठबंधन सहयोगी परिणामों के बारे में सोचे बिना इस ताने-बाने को तबाह करने में जुटे हुए हैं। एनडीए और उसके साथी भारत की विविधता की जड़ों पर हमला कर रहे हैं जहां पर उसकी नींव रखी हुई है।'
चंडीगढ़, 10 जनवरी 2020, पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को पाकिस्तान की बड़ी साजिश का खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, पाकिस्तान भारत में बड़े हमले की फिराक में था, लेकिन उसकी साजिश को नाकाम कर दिया गया. पंजाब की सीमा में भेजे गए दो ड्रोन को पंजाब पुलिस ने एक ऑपरेशन के दौरान पकड़ा. ड्रोन के साथ बॉक्स भी था, जिसमें काफी सामान थे. पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के साथ दो वॉकी टॉकी, हथियार और कैश भेजे गए थे. जानकारी के मुताबिक, पंजाब पुलिस ने एक ऑपरेशन के दौरान 2 ड्रोन और उनके बॉक्स समेत 6 लाख की करंसी पकड़ी है. साथ पंजाब पुलिस ने तीन पाकिस्तानी हैंडलर्स को भी गिरफ्तार किया है. पाकिस्तान से पंजाब में भेजे गए ड्रोन को हैंडल करने वाले तीनों लोग हिरासत में लिए गए. भारत-पाक सीमा पर तरनतारन सेक्टर से पंजाब पुलिस ने ड्रोन के साथ लाखों की करंसी, वाकी-टॉकी और बैटरियां बरामद की हैं. पंजाब पुलिस के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर से 370 हटने के बाद पाकिस्तान से आतंकियों ने ड्रोन से हथियार भेजने का नया रास्ता व तरीका अपनाया है. पंजाब के डीजीपी ने बताय कि हमलोगों ने भारत-पाक सीमा से तीन ड्रोन लॉन्चर्स को गिरफ्तार किया है. उन्होंने बताया कि हमलोगों ने सीमा पर 2 ड्रोन को पकड़ा, जिसमें से एक ड्रोन करनाल, हरियाणा से पकड़ा गया है. डीजीपी ने कहा कि साथ ही हम इसमें अन्य लोगों के शामिल होने का भी पता लगा रहे हैं. प्री प्रोग्राम्ड ड्रोन से आतंकी हमले की साजिश सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान प्री प्रोग्राम्ड ड्रोन के जरिए सीमापार से आतंकी हमले की नई साजिश कर सकता है. इसमें रेडियो फ्रीक्वेंसी या जीपीएस तकनीक नहीं होती है. यह प्री प्रोग्राम मोड पर काम करता है, जो उड़ने के बाद अपने संपर्क का साथ छोड़ देता है और टारगेट को निशाना बनाता है. सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल कश्मीर में आतंकियों ने अपनी रणनीति बदली है. दो से तीन आतंकियों का ग्रुप एक साथ आजकल मूवमेंट करता है, जबकि ये पहले 6 से 7 लोगों का ग्रुप एक साथ मूवमेंट करता था. ये छोटे ग्रुप अलग-अलग इलाकों में छुपने की कोशिश कर रहे हैं और जल्द ही बड़े वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं.
चंडीगढ़ हरियाणा में सरकार की साझेदार जननायक जनता पार्टी में उठे बगावत के सुर के बाद पार्टी प्रमुख दुष्यंत चौटाला ने मीडिया के सामने आकर अपनी बात रखी है। विधायक रामकुमार गौतम के पार्टी उपाध्यक्ष पद छोड़ने के ऐलान को लेकर उन्होंने कहा कि अभी गौतम का इस्तीफा उन्हें नहीं मिला है। अगर मिलता है तो यह मामला पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष देखेंगे। गौरतलब है कि इस्तीफा देने के बाद गौतम ने उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के खिलाफ भी जमकर भड़ास निकाली और दावा किया कि जेजेपी के कई विधायक दुष्यंत की कार्यशैली से नाराज हैं। गौतम के इस आरोप को लेकर डेप्युटी सीएम ने कहा कि वह हमारे वरिष्ठ नेता हैं इसलिए वह उनकी बातों का बुरा नहीं मानते। चौटाला ने कहा कि अगर उन्हें कोई शिकायत है तो पार्टी प्लेटफॉर्म पर आकर बात करें। इस्तीफा नहीं मिलाः चौटाला पार्टी उपाध्यक्ष पद से गौतम के इस्तीफे पर चौटाला ने कहा, 'अभी उनका इस्तीफा मिला नहीं है। अगर मिलता है तो यह मामला जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष देखेंगे।' उन्होंने आगे कहा कि अगर अनुशासनहीनता की कोई बात है तो वह भी प्रदेश अध्यक्ष ही देखेंगे। हालांकि, रामकुमार गौतम ने पार्टी तो नहीं छोड़ी है लेकिन पार्टी से दूरी बनाने के संकेत जरूर दिए हैं। गौतम हिसार जिला के नारनौंद विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को हराकर विधानसभा में पहुंचे थे। सतह पर आई पुरानी नाराजगी जेजेपी के समर्थन से प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के दौरान ही चर्चाओं का दौर शुरू हो गया था कि वरिष्ठता के आधार पर रामकुमार गौतम को सरकार में शामिल किया जाएगा। मनोहर मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान अंतिम समय तक अटकलें चलती रहीं कि रामकुमार गौतम को जेजेपी के कोटे से मंत्री बनाया जाएगा लेकिन दुष्यंत ने अपने अलावा दूसरा मंत्री पद अनूप धानक को दिया। जिसके बाद से रामकुमार गौतम और अन्य दो वरिष्ठ विधायक अंदरूनी तौर पर दुष्यंत से नाराज चल रहे थे। पर्दे के पीछे चल रही यह नाराजगी बुधवार को सार्वजनिक हो गई। मुझे क्यों बनाया बलि का बकराः गौतम बता दें कि हरियाणा की राजनीति में दादा के नाम से प्रसिद्ध रामकुमार गौतम ने कड़ाके की ठंड में बागी तेवर दिखाते हुए कहा कि उन्हें मंत्री न बनाए जाने का गम नहीं है, लेकिन दुख इस बात का है कि गुरुग्राम के मॉल में जो गुप्त समझौता हुआ है, उसके लिए बलि का बकरा मुझे क्यों बनाया गया। दुष्यंत पर परोक्ष तौर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, 'उमुख्यमंत्री ने 11 विभाग अपने पास रखे हैं जबकि पार्टी के मात्र एक विधायक को एक कनिष्ठ मंत्री बनाया गया है।
चंडीगढ़ चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद भगवंत मान मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आपा खो बैठे। मीडिया ने जब भगवंत मान से पार्टी की विपक्ष के तौर पर भूमिका को लेकर सवाल किया तो वह पत्रकारों से ही भिड़ गए। इतना ही नहीं, मान ने अकाली दल के नेता सुखबीर बादल को मंदबुद्धि बच्चा तक कह दिया। पार्टी ऑफिस में भगवंत मान प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान एक पत्रकार ने सवाल किया कि पंजाब सरकार के खिलाफ अकाली दल तो जगह-जगह प्रदर्शन कर रहा है लेकिन बतौर विपक्ष आम आदमी पार्टी पूरे परिदृश्य से गायब है। इस सवाल पर भगवंत मान भड़क गए। पत्रकार से भिड़ गए भगवंत मान भगवंत मान ने सवाल पूछने वाले मीडियाकर्मी से कहा कि अकाली दल कहीं भी नहीं है। विपक्ष के तौर पर विधानसभा में सबसे ज्यादा सवाल 'आप' ने ही पूछे हैं। फिर भगवंत मान ने पत्रकार से यह भी कहा कि क्या सारे सवाल तू ही पूछेगा। इन बातों को लेकर हंगामा बढ़ता चला। आनन-फानन भगवंत मान वहां से चले गए और मीडियाकर्मियों ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार कर दिया।
चंडीगढ़, 13 दिसंबर 2019,नवजोत सिंह सिद्धू की पंजाब कैबिनेट में वापसी के कयास गर्म है. चर्चा है कि जल्द ही नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर से पंजाब कैबिनेट में जोरदार वापसी करेंगे और इस बार उन्हें रैंक भी ऊंचा दिया जाएगा. सिद्धू को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है. सूत्रों की मानें तो खुद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी चाहती हैं कि सिद्धू को पंजाब का उपमुख्यमंत्री बनाया जाए और इस बाबत वह कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी बात कर चुकी हैं. माना जा रहा है कि पार्टी से नाराज चल रहे पंजाब कांग्रेस के विधायकों को संतुष्ट करने और आम आदमी पार्टी और बीजेपी की तरफ से नवजोत सिंह सिद्धू को अपने पाले में लाने को लेकर दिए जा रहे बयानों की वजह से कांग्रेस आलाकमान नवजोत सिंह सिद्धू को अब और साइडलाइन नहीं करना चाहता. इसी वजह से नवजोत सिंह सिद्धू की कैबिनेट में वापसी करवाने की तैयारी है और उन्हें डिप्टी सीएम का पद भी दिया जा सकता है. इस मामले पर पंजाब कांग्रेस के तमाम नेता और खुद प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ नपा-तुला बयान दे रहे हैं. नवजोत सिंह सिद्धू की कैबिनेट में बतौर डिप्टी सीएम जोरदार वापसी की खबरों पर सुनील जाखड़ ने इनकार भी नहीं किया, लेकिन गेंद आलाकमान के पाले में डालते हुए कहा कि जो आलाकमान तय करेगा, वह सब को मान्य होगा. वहीं दूसरी ओर पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के पॉलीटिकल एडवाइजर और विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग में ये कहकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया कि जो मंत्री ठीक से अपना काम नहीं कर रहे हैं और जिनकी परफॉर्मेंस सही नहीं है, उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखाया जाना चाहिए. आप विधायक ने साधा कैप्टन सरकार पर निशाना दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के विधायक कुलतार सिंह संधवा ने कैप्टन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कैप्टन कामकाज ठीक से करने में विफल रहे हैं. सिद्धू के साथ ही उनकी पार्टी के कई नेता नाराज चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू को कुर्सी के लालच में नहीं पड़ना चाहिए. उन्हें देखना चाहिए कि जिन बातों की वजह से उन्होंने मंत्री पद छोड़ा था, वह उन बातों पर कायम रहें और पंजाब के लोगों के हित की बात ही करते रहें. बीजेपी ने बताया कांग्रेस का आंतरिक मामला विपक्षी बीजेपी ने इस पूरे मामले से पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है और उन्हें ही तय करना है कि सिद्धू को क्या जिम्मेदारी देनी है. पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता विनीत जोशी ने सिद्धू क्या बीजेपी या किसी अन्य पार्टी में जाएंगे, इस सवाल पर कहा कि इसका जवाब तो सिद्धू ही दे सकते हैं.
चंडीगढ़, 04 दिसंबर 2019,इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) नेता अभय चौटाला की आय से अधिक संपत्ति मामले में मुसीबत बढ़ने लगी है. अभय चौटाला के सिरसा स्थित तेजाखेड़ा फार्म हाउस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की है. सीआरपीएफ के साथ ईडी की टीम सुबह 10 बजे पहुंची. दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं. अभय चौटाला, हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला के चाचा हैं. हालांकि पार्टी में वर्चस्व के चलते दोनों के बीच अलगाव हो गया था. इसके बाद ही दुष्यंत ने अपनी पार्टी जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) बनाई थी. जबकि, इनेलो की कमान ओम प्रकाश चौटाला के हाथों में थी और अभय चौटाला उनके साथ हैं. बता दें कि अभय चौटाला पर आय से अधिक संपत्ति का मामला पिछले 13 सालों से चल रहा है. इसी साल मई के महीने में आय से अधिक संपत्ति के मामले में चौटाला परिवार की संपत्ति की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के बेटे अजय व अभय की संपत्ति का विवरण मांगा था. राजस्व विभाग से डबवाली और सिरसा ब्लॉक में उनकी प्रॉपर्टी का ब्योरा तत्काल देने को कहा था. ईडी की ओर से जारी पत्र में डबवाली की सात प्रॉपर्टी और सिरसा की छह प्रॉपर्टी की डिटेल मांगा था. पत्र में निर्देश दिए गए थे कि यदि इस संपत्ति में कोई बदलाव का प्रयास हो तो उसकी सूचना तत्काल नामित अधिकारी को जिला प्रशासन को दें. हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला की कुछ संपत्तियां जब्त कर चुकी है. बता दें कि कांग्रेस नेता शमशेर सिंह सुरजेवाला की शिकायत पर हरियाणा के पूर्व सीएम ओम प्रकाश चौटाला और उनके दोनों बेटे अजय और अभय चौटाला के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज हुआ था. 26 मार्च, 2010 को सीबीआई ने ओम प्रकाश चौटाला के के खिलाफ आरोप पत्र दायर कर 6.09 करोड़ की संपत्ति कथित रूप से रखने का आरोप लगा था, जो 1993-2006 के दौरान अपनी आय से अधिक था. ऐसे ही दो मामले उनके बेटे अजय और अभय चौटाला के खिलाफ भी चल रहे हैं.
चंडीगढ़ भारतीय रेलवे की ओर से पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक रेलवे स्टेशन में रेलवायर वाई-फाई इन्स्टॉल कर दी गई है। इसके जरिए गुरुद्वारा डेरा बाबा नानक जाने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मुहैया कराए जाने की योजना है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नरोवाल जिले में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा डेरा बाबा नानक के पास की सीमा से महज 4.5 किलोमीटर की दूरी पर है। यह पवित्र स्थल कॉरिडोर (गलियारे) के माध्यम से पूरे साल भारतीय तीर्थ यात्रियों के लिए खुला रहेगा। यह गुरुद्वारा सिख समुदाय के लिए काफी पवित्र है, क्योंकि गुरु नानक देव ने अपने जीवन के 18 साल और अपना अंतिम समय भी यहीं बिताया था। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को जब करतारपुर गलियारे के भारतीय हिस्से का उद्घाटन करने पंजाब पहुंचे तो सिख पगड़ी में नजर आए। पूरे समय वह किसी सिख की तरह भगवा पग में ही रहे। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ उनकी एक दिलचस्प मुलाकात हुई, जिसकी तस्वीरें सामने आई हैं। यह तस्वीर अपने आपमें सब कुछ कह रही है। चुनाव प्रचार या आम दिनों में बीजेपी और कांग्रेस में भले ही वार-पलटवार का दौर चलता रहे पर यहां पीएम मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पूरी गर्मजोशी से मिले।
चंडीगढ़ हरियाणा में करीब तीन हफ्ते से लटका मंत्रिमंडल विस्तार आज हो गया। गुरुवार को कुल 10 मंत्रियों ने शपथ ली। इनमें से 6 कैबिनेट और 4 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हैं। बीजेपी कोटे से 8 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, जबकि एक मंत्री जेजेपी और एक निर्दलीय कोटे से है। बीजेपी-जेजेपी गठबंधन ने बुधवार को ही अहम मंत्रालयों का बंटवारा कर लिया था। मंत्री बनने वालों की लिस्ट में पूर्व सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अनिल विज का भी नाम है। इनके अलावा कंवरपाल गुर्जर, मूलचंद शर्मा, रंजीत सिंह, जेपी दलाल, बनवारी लाल ने भी कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली। उधर ओम प्रकाश यादव, कमलेश ढांडा, अनूप धानक और पूर्व हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पद की शपथ ली। 6 कैबिनेट मंत्रियों ने ली शपथ अनिल विज (कैबिनेट मंत्री) पिछली सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे अनिल विज ने इस सरकार में भी मंत्री पद की शपथ ली है। विज अंबाला कैंट से बीजेपी विधायक हैं। अकसर अपने विवादित बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले विज करीब 50 वर्षों से राजनीति में हैं। कंवरपाल गुर्जर (कैबिनेट मंत्री) कंवरपाल गुर्जर हरियाणा की जगाधरी विधानसभा सीट से विधायक हैं। उन्होंने इस सीट पर कांग्रेस के अकरम खान को हराया था। पिछली सरकार में कंवरपाल को अहम जिम्मेदारी मिली थी और वह विधानसभा के अध्यक्ष थे। मूलचंद शर्मा (कैबिनेट मंत्री) ब्राह्मण समुदाय से आने वाले मूलचंद शर्मा भी खट्टर सरकार में मंत्री बने हैं। मूलचंद बल्लभगढ़ से बीजेपी विधायक हैं। रणजीत सिंह चौटाला (कैबिनेट मंत्री) ओमप्रकाश चौटाला के छोटे भाई रणजीत सिंह चौटाला इस सरकार के पहले निर्दलीय विधायक हैं, जिन्होंने मंत्री पद की शपथ ली है। गोविंद कांडा को हराकर रानिया से विधायक बने हैं। जेपी दलाल (कैबिनेट मंत्री) जेपी दलाल भिवानी के लोहारू से बीजेपी विधायक हैं। जाट नेता जेपी दलाल पहली बार विधायक बने हैं और कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ ली है। बनवारी लाल (कैबिनेट मंत्री) गुड़गांव के बावल से बीजेपी विधायक बनवारी लाल ने कैबिनेट मंत्री पद की शपथ ली। बनवारी लाल पिछली सरकार में भी कैबिनेट मंत्री थे। इन 4 राज्यमंत्रियों ने भी ली शपथ- ओमप्रकाश यादव (राज्य मंत्री-स्वतंत्र प्रभार) नारनौल से लगातार दूसरी बार विधायक बने ओमप्रकाश यादव ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पद की शपथ ली है। कमलेश ढांडा (राज्यमंत्री-स्वतंत्र प्रभार) खट्टर मंत्रिमंडल के पहले महिला चेहरे के तौर पर कैथल के कलायत से जीतकर आईं कमलेश ढांडा ने खट्टर-2 सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पद की शपथ ली है। अनूप धानक(राज्यमंत्री-स्वतंत्र प्रभार) खट्टर सरकार में जेजेपी के पहले मंत्री के तौर पर अनूप धानक ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर शपथ ली है। अनूप उकलाना सीट से विधायक हैं। संदीप सिंह (राज्यमंत्री-स्वतंत्र प्रभार) मंत्रियों की लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम संदीप सिंह का है। 33 वर्षीय पूर्व हॉकी खिलाड़ी और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रह चुके संदीप सिंह ने राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर पंजाबी में शपथ ली। संदीप पिहोवा सीट से बीजेपी विधायक हैं। यहां बीजेपी को 53 सालों में पहली बार जीत मिली थी। हाल ही में संदीप के जीवन पर एक फिल्म 'सूरमा' बनी थी। बुधवार को हुआ था विभागों का बंटवारा बुधवार को हुए विभागों के बंटवारे में जेजेपी के पास आबकारी और कराधान विभाग, उद्योग विभाग, श्रम और रोजगार विभाग, नागरिक एवं उड्डयन विभाग, लोक निर्माण विभाग, विकास एवं पंचायत विभाग, पुरातत्व संग्रहालय विभाग, पुनर्वास विभाग जैसे विभाग आए हैं। जबकि गृह, वित्त, कृषि, टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग जैसे अहम विभाग बीजेपी के पास रहेंगे।
नई दिल्ली, 12 नवंबर 2019,करतारपुर गुरुद्वारे के लिए पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पीएम मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का धन्यवाद किया है. उन्होंने कहा कि उम्मीद है, पाकिस्तान में पंजा साहिब और ननकाना साहिब जैसे कई गुरुद्वारों को भी भारतीय श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा. उन्होंने ट्वीट में लिखा, 'मैं सिख समुदाय के करतारपुर गुरुद्वारा जाने के सपने को साकार करने में मदद करने के लिए पीएम मोदी और पाक पीएम इमरान खान को धन्यवाद देता हूं. मुझे उम्मीद है कि भारतीय श्रद्धालुओं के लिए पाक में स्थित पंजा साहिब और ननकाना साहिब जैसे कई गुरुद्वारों का भी दरवाजा जल्द खुलेगा.' इससे पहले मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने घोषणा की कि उनकी सरकार गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में 11 विश्वविद्यालयों प्रथम सिख गुरु के नाम पर एक-एक पीठ स्थापित करेगी. इसमें से एक पीठ ईरान में भी होगा. मुख्यमंत्री ने यह घोषणा पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी में यहां आयोजित एक कार्यक्रम में की. इस कार्यक्रम में सभी 11 विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि उपस्थित थे. इनमें से 7 विश्वविद्यालय पंजाब में हैं. राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित पीठ जिन विश्वविद्यालयों में स्थापित की जाएगी, उनमें पंजाब विश्विविद्यालय (पटियाला), आईके गुजराल पीटीयू (जालंधन-कपूरथला), महाराज रणजीत सिंह पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (बठिंडा), लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (फगवाड़ा), चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (घरुआं), चितकारा यूनिवर्सिटी (राजपुरा), अकाल यूनिवर्सिटी (तलवंडी साबू), आईटीएम यूनिवर्सिटी (ग्वालियर), आरडीकेएफ यूनिवर्सिटी (भोपाल), जेआईएस यूनिवर्सिटी (पश्चिम बंगाल) और यूनिवर्सिटी ऑफ रिलिजन (ईरान) शामिल हैं.
चंडीगढ़, 12 नवंबर 2019,पंजाब पुलिस की ऑपरेशन सेल ने दो खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया है. इसमें एक महिला शामिल है, जो लुधियाना में बतौर नर्स काम कर रही थी. दूसरी गिरफ्तारी गुरदासपुर से हुई. पुलिस का कहना है कि दोनों खालिस्तानी आतंकियों के निशाने पर हिंदू संगठनों के कई नेता थे. इसके अलावा इनका मकसद पंजाब में फिर से आतंकी गतिविधियों को बढ़ाना है. इसके लिए इन्हें विदेश से फंड भी मिल रहे थे. पंजाब पुलिस की ऑपरेशन सेल ने 2 खालिस्तानी आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें एक महिला भी शामिल है जो पंजाब में आतंकी गतिविधियों को फिर से बढ़ावा देने की फिराक में थे. महिला का साथी गुरदासपुर से गिरफ्तार किया गया. जो दुबई में बतौर ड्राइवर काम कर चुका है. पुलिस से जुड़े सूत्रों का कहना है कि दोनों कई बड़ी हत्याओं की साजिश रच रहे थे. उनकी योजना कुछ हिंदूवादी नेताओं की हत्या करने की भी थी. गिरफ्तार किए गए आतंकियों की पहचान हो गई है. सुरिंदर कौर नाम की गिरफ्तार महिला फरीदकोट की रहने वाली है जो लुधियाना के एक निजी अस्पताल में बतौर नर्स काम करती थी. पिछले महीने से थी नजर जबकि सुरिंदर कौर का पुरुष साथी की पहचान लखबीर सिंह के रूप में हुई है जो होशियारपुर का रहने वाला है और दुबई में बतौर ड्राइवर काम कर चुका है. पुलिस अफसरों का कहना है कि दोनों एक-दूसरे सोशल मीडिया के जरिए दोस्त बने थे और फेसबुक फ्रेंड थे. पंजाब पुलिस की साइबर क्राइम सेल इन दोनों पर पिछले महीने से ही नजर बनाए हुई थी. 2 दिन की पुलिस हिरासत दोनों गिरफ्तार खालिस्तानी आतंकियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि इन दोनों की योजना पंजाब में आंतकी गतिविधियों को फिर से जीवित करने की थी. उन्हें इसके लिए विदेश से पैसा मिलता था. पंजाब पुलिस को गिरफ्तार आतंकियों और विदेश में बसे खालिस्तानी अलगाववादियों के बीच संपर्क की जानकारी हाथ लगी है. पकड़े गए सुरिंदर कौर और लखबीर सिंह को कोर्ट में पेश कर दिया गया जहां से उन्हें 2 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.
डेरा बाबा नानक/अमृतसर करतारपुर कॉरिडोर के रास्‍ते बहुत कम श्रद्धालु डेरा भारतीय सीमा के दूसरी ओर पाकिस्‍तान में स्थित दरबार साहिब गुरुद्वारा के दर्शन करने जा रहे हैं। सोमवार को केवल 130 लोगों ने कॉरिडोर के जरिए दरबार साहिब गुरुद्वारा के दर्शन किए। रविवार को कॉरिडोर आमजन के लिए पहली बार खोला गया था, इस दिन भी महज 229 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सूत्रों का कहना है कि मंगलवार को श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व के अवसर पर 600 श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए जाने वाले हैं। वहीं इसके विपरीत, भारतीय सीमा के भीतर से पवित्र गुरुद्वारे के 'दूरबीन से दर्शनों' के लिए भारी भीड़ उमड़ रही है। यह दो दिनों में बढ़कर प्रतिदिन 5,000 तक पहुंच गई है, पहले हर रोज महज 250 श्रद्धालु दूरबीन से दर्शन करते थे। अनुमान था हर रोज 5,000 श्रद्धालु जाएंगे पहले अनुमान था कि 9 नवंबर को उद्घाटन के बाद हर रोज कम से कम 5,000 श्रद्धालु 4.5 किलोमीटर लंबे करतारपुर कॉरिडोर को पार करके दरबार साहिब जाएंगे। दोनों देशों के बीच 5,000 श्रद्धालुओं की सीमा भी तय हुई थी। पहले दिन दर्शन करने वाले 562 लोगों में अतिविशिष्‍ट अतिथियों के अलावा पंजाब और केंद्र सरकार द्वारा आमंत्रित एनआरआई शामिल थे। पाकिस्‍तान जाने में हिचक रहे हैं युवा करतारपुर जाने में लोगों की हिचक के बारे में एक सूत्र का कहना है, 'पाकिस्‍तान जाने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाता है, हमें लगता है कि यह बात उन युवाओं को पाकिस्‍तान जाने से रोकती है जो भविष्‍य में अमेरिका या दूसरे देशों की यात्रा करना चाहते हैं। दूसरी बड़ी वजह है करतारपुर जाने के लिए पासपोर्ट की अनिवार्यता। हालांकि, शुरू में पाकिस्‍तान के पीएम इमरान खान ने कहा था कि करतारपुर आने वाले भारतीय श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी, लेकिन बाद में इसे अनिवार्य कर दिया गया। इस बारे में पाकिस्तान की ओर से सेना ने कहा कि हम सुरक्षा कारणों से पासपोर्ट में छूट नहीं दे सकते हैं। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने अपने बयान में कहा कि हम अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से समझौता नहीं कर सकते। इन बातों के अलावा 20 डॉलर की सर्विस फीस, भारत-पाक संबंधों में उपजा तनाव और ऑनलाइन रजिस्‍ट्रेशन के बारे जानकारी का अभाव भी करतारपुर जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं की संख्‍या में कमी की अहम वजहें हैं।
चंडीगढ़ हरियाणा में लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बने मनोहर लाल खट्टर ने दिवाली के मौके पर राजधानी चंडीगढ़ में शपथ ली। उनके अलावा जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ने डेप्युटी सीएम की शपथ ली है। करनाल से विधायक मनोहर लाल खट्टर एक दौर में संघ के प्रचारक रहे हैं। 2014 में हरियाणा में बीजेपी की जीत के बाद पार्टी ने अप्रत्याशित तौर पर उन्हें सीएम के पद पर बिठाया था। मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला को राज्यपाल सत्यनारायण आर्य ने पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के मुख्यमंत्री और डेप्युटी सीएम को शुभकामनाएं दी हैं। पीएम ने ट्वीट किया, 'मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला को हरियाणा के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई। दोनों को हरियाणा के लोगों की आकांक्षाओंं को पूरा करने के लिए शुभकामनाएं।' अजय चौटाला, एक पिता के लिए इससे बेहतर क्या होगा शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक सवाल के जवाब में दुष्यंत के पिता अजय चौटाला ने कहा कि एक पिता के लिए इससे अच्छा अवसर क्या होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कुछ भी कह सकती है, लेकिन यह सरकार पूरे 5 साल स्थिरता से हरियाणा के विकास के लिए काम करेगी। इससे अच्छी कोई दिवाली नहीं हो सकती। दुष्यंत ने प्रकाश सिंह बादल के पैर छूकर ली शपथ इस मौके पर एक दिलचस्प चीज देखने को मिली। शपथ लेने के लिए जा रहे दुष्यंत चौटाला ने मंच पर मौजूद अकाली दल के मुखिया और पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह के बादल के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस पर बादल ने उन्हें गले लगा लिया। इस दौरान मंच पर पूर्व सीएम भूपिंदर सिंह हुड्डा और दुष्यंत के पिता अजय चौटाला भी मौजूद थे। चौटाला और प्रकाश सिंह बादल की रही है पुरानी दोस्ती बता दें कि प्रकाश सिंह बादल और दुष्यंत चौटाला के दादा ओमप्रकाश चौटाला की गहरी दोस्ती रही है। माना जा रहा है कि दुष्यंत की पार्टी जेजेपी को बीजेपी के खेमे में लाने में प्रकाश सिंह बादल की अहम भूमिका रही है। शपथ ग्रहण समारोह में हिमाचल प्रदेश के सीएम जयराम ठाकुर और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी पहुंचे। चुनाव से पहले थी 'बच्चा पार्टी', किंगमेकर उभरीजेजेपी चुनाव से पहले दुष्यंत की पार्टी को विपक्षियों ने हल्के में लिया था, लेकिन चंद महीनों में ही दुष्यंत देवीलाल की विरासत के वारिस बनते नजर आ रहे हैं। खास बात यह कि कुछ वक्त पहले तक हरियाणा की जिस जननायक जनता पार्टी को लोग 'बच्चा पार्टी' कहते थे, उसे दुष्यंत ने एक साल के भीतर ही सत्ता के शीर्ष तक पहुंचा दिया। दुष्यंत में ताऊ देवीलाल की छवि देख रहे लोग गौरतलब है कि जननायक जनता पार्टी के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ने बीते साल ही इनोलो से अलग होकर नए दल का गठन किया था। जननायक जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव में जोरदार प्रचार किया और 10 सीटें हासिल करने में सफल रही। दुष्यंत चौटाला को सूबे में जाट राजनीति के नए नायक के तौर पर देखा जा रहा है। यही नहीं उनके परदादा ताऊ देवीलाल से भी उनकी तुलना की जा रही है। 2014 में बीजेपी ने बनाई थी बहुमत की सरकार 2014 में बीजेपी को 47 सीटें मिली थीं और उसने अपने ही बूते सरकार का गठन किया था, लेकिन इस बार वह 40 पर ही अटक गई। सूबे में बहुमत का आंकड़ा 46 सीटों का है, ऐसे में उसे बहुमत के लिए निर्दलीय विधायकों या फिर जेजेपी के समर्थन की जरूरत थी। शुक्रवार को बीजेपी और जेजेपी ने गठबंधन का ऐलान किया था।
चंडीगढ़, 26 अक्टूबर 2019,भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एक बार फिर हरियाणा में सरकार बनाने जा रही है. सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार को कहा कि जननायक जनता पार्टी (जजपा) के नेता दुष्यंत चौटाला प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री होंगे. उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ ही दुष्यंत चौटाला भी उपमुख्यमंत्री पद के शपथ लेंगे. इनके साथ ही मंत्रिमंडल के भी कई चेहरे शामिल हो सकते हैं. पिछली सरकार के मंत्रियों में से सिर्फ अनिल विज और बनवारी लाल ही मंत्री के तौर पर सरकार की लाज बचाने में कामयाब हुए हैं. मनोहर लाल खट्टर की कैबिनेट के संभावित चेहरे... अनिल विज बीजेपी के जीतने वाले विधायकों में विज सबसे ज्यादा वरिष्ठ हैं. वरिष्ठता के क्रम में इस बार मुख्यमंत्री के बाद अनिल विज को रखना सरकार की मजबूरी होगी. बड़े-बड़े मामलों में अनिल विज प्रदेश सरकार के लिए संकटमोचक साबित हुए हैं. जब कभी किन्हीं मुद्दों पर विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करता है तब अनिल विज को ही आगे किया जाता है. इसके साथ ही वरिष्ठता में भी अनिल विज सबसे सीनियर विधायक हैं. अंबाला कैंट सीट से वो 7 बार चुनाव लड़े और 6 बार जीते हैं. ऐसे में कैबिनेट में उनकी सीट तय मानी जा रही है. पिछली कैबिनेट में भी वो स्वास्थ्य, खेल और युवा मंत्रालयों के मंत्री थे. घनश्याम सर्राफ अनिल विज के बाद घनश्याम सर्राफ का नंबर आता है. हालांकि, पिछली सरकार में घनश्याम सर्राफ को बीजेपी ने नकार दिया था. पहले मंत्री बनाने के बाद बाद में उनसे मंत्री पद छीन लिया गया था. उनके साथ एक अन्य मंत्री को भी मंत्री पद से हटाया गया था. लेकिन घनश्याम सर्राफ वो दूसरे मंत्री हैं जो अनिल विज की ही तरह जीत कर आए हैं. ऐसे में उनकी सीट भी तय मानी जा रही है. क्योंकि इन दोनों मंत्रियों के अलावा अन्य तमाम मंत्री अपने-अपने इलाकों से चुनाव हार गए हैं. संदीप सिंह हरियाणा विधानसभा चुनाव में खेल कोटे से चुनकर आए विधायकों में हॉकी खिलाड़ी संदीप सिंह की भी लॉटरी लग सकती है. संदीप सिंह चर्चित युवा चेहरा हैं.साथ ही बबीता फोगाट और योगेश्वर दत्त के चुनाव में हारने के बाद वो अकेले ऐसे खिलाड़ी हैं जो राजनीति में अपनी पहली ही लड़ाई में अपना वर्चस्व दिखाने में साबित हुए हैं. अभय सिंह यादव नांगल चौधरी से लगातार दूसरी बार विधायक बने पूर्व आईएएस अभय सिंह यादव को भी मंत्री पद हासिल हो सकता है. अभय यादव को प्रशासनिक अनुभव है और साथ ही वे दूसरी बार चुनकर आए हैं. पंजाबी कोटे से थानेसर विधायक सुभाष सुधा और सीमा त्रिखा में से एक मंत्री बनने की लाइन में हैं. सुधा मनोहर लाल के करीबी हैं और साथ ही उन्होंने दिग्गज कांग्रेस नेता और INLD के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा को हराया है. इनके अलावा हरियाणा में इस बार निर्दलीय विधायकों को भी सरकार को साधना पड़ेगा. लिहाजा एक या दो निर्दलीयों को भी मंत्री पद देना पड़ेगा. कंवरपाल गुर्जर 2014 की विधानसभा में अध्यक्ष पद पर रहे कंवरपाल गुर्जर की भी मंत्री बनने की तीव्र इच्छा है. पिछली सरकार में भी वे मंत्री पद की लालसा रखे हुए थे, लेकिन उन्हें स्पीकर पद की जिम्मेदारी दे दी गई. इस बार वो फिर जीतकर आए हैं. लिहाजा सरकार को उन्हें मंत्री बनाकर यमुनानगर का भी प्रतिनिधित्व करना होगा, क्योंकि यमुनानगर हरियाणा के उन जिलों में से हैं जहां का प्रतिनिधित्व कम होता है. वैश्य चेहरों में से एक पर मेहरबानी रहेगी. विधानसभा चुनाव के बाद सुधीर सिंगला, नरेंद्र गुप्ता, डॉ. कमल गुप्ता, ज्ञान चंद गुप्ता और दीपक मंगला के नाम की चर्चा है. नरेंद्र गुप्ता फरीदाबाद से पूर्व मंत्री विपुल गोयल का टिकट कटने के बाद जीते हैं. जबकि डॉ. कमल गुप्ता हिसार से दूसरी बार विधायक बने हैं. पंचकूला से ज्ञान चंद गुप्ता भी दूसरी बार विधायक बने हैं. दीपक मंगला सीएम की पसंद के आदमी बताए जाते हैं. ऐसे में लॉटरी किसकी लगेगी ये कहना मुश्किल है. जाट चेहरों में से एक होगा मंत्री हरियाणा में सुभाष बराला, कैप्टन अभिमन्यु और ओम प्रकाश धनखड़ जैसे बड़े जाट नेता और पिछली कैबिनेट में मंत्री रहे ये तमाम लोग चुनाव हार चुके हैं. ऐसे में महिपाल ढांडा, कमलेश ढांडा, जेपी दलाल और प्रवीण डागर जैसे जाट चेहरे चुनाव जीते हैं. इनमें से एक चेहरे को मंत्री बनाना मजबूरी होगी क्योंकि ये पार्टी के टिकट पर जीत कर आए जाट चेहरे हैं. पार्टी ने 20 जाटों को टिकट दिए थे. जिसमें से 4 जीत कर आए हैं. निर्दलीय विधायकों में से हुड्डा के गढ़ महम से जीतकर आए बलराज कुंडू का नाम सबसे ऊपर है. इसके अलावा पुंडरी से जीते रणधीर गोलन और रानियां से जीते रणजीत सिंह के नाम की भी चर्चा है. जिसमें से कम से कम 2 मंत्री बन सकते हैं. बाकी निर्दलीयों को भी सरकार चेयरमैनी का पद देकर शांत कर सकती है. पिछड़े वर्ग से सरकार में इंद्री से रामकुमार कश्यप का नाम आगे चल रहा है. इनेलो से राज्यसभा सांसद रह चुके कश्यप को मनोहर लाल खट्टर ने ही बीजेपी में शामिल किया था. अब उन्हें मंत्री पद से नवाजा जा सकता है, क्योंकि वे पिछड़े वर्ग से आते हैं. कर्ण देव कांबोज पिछली सरकार में मंत्री थे, वे भी इंद्री से थे लेकिन इस बार चुनाव हार गए थे, लिहाजा कश्यप को इंद्री का प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में शामिल होंगे. एक प्रेस नोट जारी करके प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि चौधरी देवीलाल की राजनीतिक विरासत और जिस तरह से वो गरीबों के लिए लड़ाई लड़ते थे, उस विरासत को दुष्यंत चौटाला सही तरीके से आगे लेकर जाएंगे और हरियाणा में एक अच्छी सरकार बनाने में अपनी भूमिका अदा करेंगे.
चंडीगढ़ हरियाणा में डेप्युटी सीएम पद का सस्पेंस खत्म हो गया है। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के अध्यक्ष दुष्यंत चौटाला ही डेप्युटी सीएम बनेंगे। इसी के साथ मनोहर लाल खट्टर रविवार दोपहर सवा दो बजे सीएम पद की शपथ लेंगे। वह हरियाणा के दूसरी बार सीएम बनने जा रहे हैं। राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद मनोहर लाल खट्टर ने कहा, 'रविवार को मुख्यमंत्री पद व उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ निश्चित है और मंत्रिमंडल के बाकी सदस्यों की कल जानकारी दी जाएगी।' इससे पहले हरियाणा में जेजेपी के खाते में आई डेप्युटी सीएम पद को लेकर सस्पेंस था। यह भी खबर थी कि दुष्यंत यह पद अपनी मां और चरखी दादरी की बाढड़ा सीट से विधायक नैना चौटाला को सौंप सकते हैं। हालांकि अब दुष्यंत खुद ही यह कुर्सी संभालेंगे। दुष्यंत चौटाला ने कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भी पलटवार किया है। दुष्यंत ने कहा कि क्या हमने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था? उन्होंने कहा कि कांग्रेस वह पार्टी है जिसे देवीलाल ने 70 के दशक में छोड़ दिया था। दुष्यंत ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा का नाम लिए बिना उन पर पलटवार किया है। राज्यपाल के सामने किया सरकार बनाने का दावा पेश दुष्यंत चौटाला की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के साथ डील फाइनल होने के बाद अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारियों में जुट गई है। चंडीगढ़ में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में बीजेपी के विधायक दल की बैठक हुई। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, मनोहर लाल खट्टर और दुष्यंत चौटाला आज राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य से मिले और सरकार बनाने का दावा पेश किया। दो डेप्युटी CM की अटकलें खारिज कहा यह भी जा रहा था कि हरियाणा में दो डेप्युटी सीएम बनाए जाएंगे, लेकिन यह अटकल खारिज की जा चुकी है। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट कहा कि ऐसे किसी विचार पर कोई चर्चा नहीं हुई। पहले अटकलें लगाई जा रही थीं कि जेजेपी के साथ बीजेपी से भी एक डेप्युटी सीएम बनाने पर मंथन चल रहा है। आपको बता दें कि बीजेपी-जेजेपी की डील में तय हुआ है कि हरियाणा में सीएम बीजेपी और डेप्युटी सीएम की कुर्सी जेजेपी के पास रहेगी। सीएम खट्टर ही होंगे इससे पहले बीजेपी की विधायक दल की बैठक में खट्टर के सीएम बनाए जाने का पक्ष साफ हो गया। बीजेपी आलाकमान के मुताबिक ही शनिवार दोपहर चंडीगढ़ के यूटी गेस्ट हाउस में हुई बैठक में उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, रविशंकर प्रसाद और बीजेपी के महासचिव अरुण सिंह भी बतौर पर्यवेक्षक मौजूद रहे। बीजेपी संसदीय बोर्ड द्वारा अधिकृत किए जाने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने निर्मला सीतारमण और अरुण सिंह को हरियाणा में सरकार गठन की प्रक्रिया की निगरानी के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। चंडीगढ़ में ही जेजेपी के विधायकों की भी मीटिंग होने जा रही है। अब बीजेपी के पक्ष में है सीटों का गणित हरियाणा में कुल 90 सीटों के लिए हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी को इस बार 40 सीटें मिली हैं, जो बहुमत से 6 सीटें कम हैं। ऐसे में बीजेपी ने 10 विधायकों वाली दुष्यंत चौटाला की जेजेपी और आठ निर्दलीयों के समर्थन से सरकार बनाने का फैसला किया। बीजेपी ने गीतिका शर्मा सूइसाइड केस में आरोपी गोपाल कांडा का समर्थन नहीं लिया है।
चंडीगढ़/नई दिल्ली हरियाणा की जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के प्रमुख दुष्यंत चौटाला के पिता अजय चौटाला को दो हफ्ते के लिए फरलो (जेल से छुट्टी) मिल गया है। वह आज शाम या रविवाह सुबह जेल से बाहर आ सकते हैं। वह अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं। दो दिन पहले 24 अक्टूबर को आए हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजों में दुष्यंत चौटाला की पार्टी के 10 विधायक जीते हैं। उसके बाद उन्होंने बीजेपी के साथ नई सरकार बनाने की डील में अपनी पार्टी के लिए उप-मुख्यमंत्री पद हासिल कर लिया। टीचर भर्ती घोटाले में दोषी अजय चौटाला हरियाणा में जूनियर बेसिक ट्रेंड (जेबीटी) टीचर भर्ती घोटाला मामले में जेल गए। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नैशनल लोकदल (आईएनएलडी) के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौटाला और उनके बेटे अजय चौटाला को सीबीआई के स्पेशल कोर्ट ने 10-10 साल की सजा सुनाई थी। इस घोटाले में कुल 55 लोगों को कोर्ट ने दोषी करार दिया था। जून में सुर्खियों में आए थे अजय चौटाला इस साल जून में तिहाड़ जेल में हुई चेकिंग के दौरान अजय चौटाला के पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ था। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की और उनके पास से फोन बरामद किया। उस वक्त भी इस खबर ने खासी सुर्खियां बटोरी थीं। क्या होता है फरलो? वैसे मुजरिम जो आधी से ज्यादा जेल काट चुका हो, उसे साल में 4 हफ्ते के लिए फरलो दिया जाता है। फरलो मुजरिम को सामाजिक या पारिवारिक संबंध कायम रखने के लिए दिया जाता है। इनकी अर्जी डीजी जेल के पास भेजी जाती है और इसे गृह विभाग के पास भेजा जाता है और उस पर 12 हफ्ते में निर्णय होता है। एक बार में दो हफ्ते के लिए फरलो दिया जा सकता है और उसे दो हफ्ते के लिए एक्सटेंशन दिया जा सकता है। फरलो मुजरिम का अधिकार होता है, जबकि पैरोल अधिकार के तौर पर नहीं मांगा जा सकता। पैरोल के दौरान मुजरिम जितने दिन भी जेल से बाहर होता है, उतनी अतिरिक्त सजा उसे काटनी होती है। फरलो के दौरान मिली रिहाई सजा में ही शामिल होती है।
नई दिल्ली हरियाणा विधानसभा चुनाव में बीजेपी बहुमत से दूर रह गई। हालांकि, वह सिंगल लार्जेस्ट पार्टी के तौर पर उभरी है। बीजेपी के तमाम दिग्गजों को हार का सामना करना पड़ा है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को छोड़कर खट्टर सरकार के सभी मंत्री या तो चुनाव हार चुके हैं या फिर हारने की ओर हैं। दोनों स्टार पहलवान बबीता फोगाट और योगेश्वर दत्त भी चुनाव हार चुके हैं। प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला भी अपनी तोहाना सीट नहीं बचा पाए। मुख्यमंत्री खट्टर करनाल सीट से जीत चुके हैं। बीजेपी ने खट्टर सरकार के 2 कैबिनेट मंत्रियों राव नरबीर सिंह और विपुल गोयल को इस बार टिकट नहीं दिया था। विज को छोड़ सभी मंत्री हारे कैप्टन अभिमन्यु (नारनौंद) नारनौंद विधानसभा सीट से खट्टर सरकार में वित्त मंत्री रहे कैप्टन अभिमन्यु को हार का सामना करना पड़ा है। उन्हें जननायक जनता पार्टी के रामकुमार गौतम ने 12,029 मतों के अंतर से हराया। ओपी धनकड़ (बादली) हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे ओम प्रकाश धनकड़ को भी शिकस्त झेलनी पड़ी है। बादली विधानसभा सीट से कांग्रेस के कुलदीप वत्स ने धनकड़ को 11,245 वोटों से अंतर से शिकस्त दी है। राम बिलास शर्मा (महेंद्रगढ़) हरियाणा बीजेपी के कद्दावर नेता और खट्टर सरकार में शिक्षा मंत्री रहे राम बिलास शर्मा को भी हार का मुंह देखना पड़ा है। महेंद्रगढ़ में कांग्रेस के राव दान सिंह ने शर्मा को 10 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से हराया। कविता जैन (सोनीपत) खट्टर सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रही जैन भी अपनी सीट नहीं बचा पाईं। सोनीपत सीट से कांग्रेस के सुरेंद्र पंवार ने जैन को 32,878 वोटों के बड़े अंतर से मात दी। कृष्ण लाल पंवार (इसराना) खट्टर सरकार में ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर रहे कृष्ण लाल पंवार भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। इसराना (सुरक्षित) से कांग्रेस के बलबीर सिंह ने पंवार को 20,015 वोटों के बड़े अंतर से शिकस्त दी। मनीष ग्रोवर (रोहतक) खट्टर सरकार में मंत्री मनीष ग्रोवर को भी रोहतक में हार का सामना करना पड़ा है। कांग्रेस के भारत भूषण बत्रा ने ग्रोवर को 2735 मतों के अंतर से हराया। करन देव कंबोज (रादौर) मंत्री करन देव कंबोज भी रादौर से हार चुके हैं। उन्हें कांग्रेस के बिशन लाल ने 2,541 वोटों के अंतर से हराया। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला (तोहाना) हरियाणा बीजेपी के अध्यक्ष सुभाष बराला भी अपनी सीट नहीं बचा पाए। तोहाना में उन्हें जननायक जनता पार्टी के देवेंदर सिंह बबली ने 52,302 वोटों के अंतर से हराया।
फिरोजपुर, 22 अक्टूबर 2019,पंजाब के फिरोजपुर में एक बार पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया है. भारत-पाकिस्तान सीमा पर हुसैनीवाला में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने सोमवार रात को ड्रोन को आता देखा. इसके बाद बीएसएफ जवानों ने ड्रोन पर फायरिंग की. फायरिंग के कारण ड्रोन वापस पाकिस्तान चला गया. इसके बाद बीएसएफ ने सर्च ऑपरेशन चलाया. साथ ही बॉर्डर किनारे हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. बता दें इससे 16 अक्टूबर को पहले पंजाब के फिरोजपुर में एक बार फिर पाकिस्तानी ड्रोन देखा गया था. अंतरराष्ट्रीय सीमा के सीमावर्ती गांव हजारा सिंह वाला और बाकड़ी के ग्रामीणों ने ड्रोन को उड़ते हुए देखा. स्थानीय लोगों का कहना है कि ड्रोन भारतीय क्षेत्र में एक किलोमीटर तक घुसा था. स्थानीय लोगों के मुताबिक भारतीय क्षेत्र में एक किलोमीटर तक ड्रोन घुसा था. बीएसएफ के एचके टॉवर के पास बहुत ऊंची उड़ान भर रहा था. हालांकि ड्रोन ने कुछ गिराया था या नहीं, इस संबंध में कोई सूचना नहीं मिली है. इसे सतलज नदी के किनारे धान के खेतों पर भी देखा गया था. हालांकि अभी साफ नहीं है कि ड्रोन को मार गिराने में बीएसएफ जवान कामयाब हुए थे या नहीं. पाकिस्तान और चीन के साथ सीमाओं पर बढ़ते खतरों से पार पाने के लिए भारतीय सेना ऐसे ड्रोन खरीदने की योजना बना रही है, जो सामान की ढुलाई करने और मिसाइल की तरह अटैक करने में सक्षम होंगे. इसके साथ ही इन ड्रोन का इस्तेमाल ऊंचाई वाले सीमा क्षेत्र में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस की तरह निगरानी करने के लिए किया जाएगा. पाकिस्तान से आए ड्रोन ने भारतीय हवाई क्षेत्र का उल्लंघन पहली बार नहीं किया है. 8 अक्टूबर को भी पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुस आया था. कुछ देर चक्कर लगाने के बाद ड्रोन वापस पाकिस्तान चला गया था. इससे पहले भारतीय सेना के अधिकारियों ने कहा था कि हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करने वाले पाकिस्तानी ड्रोन को ढेर कर दिया जाएगा. लेकिन अभी तक एक भी ड्रोन नष्ट करने की जानकारी नहीं है.
नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2019, हरियाणा में सोमवार को विधानसभा चुनाव के मतदान संपन्न हो गए. सोमवार शाम 6 बजे तक यहां की 90 विधानसभा सीटों पर तकरीबन 65 फीसदी मतदान दर्ज किया गया. मतदान खत्म होते ही कई एजेंसियों ने अपना एग्जिट पोल जारी किया है, जिसके मुताबिक हरियाणा में मनोहर लाल खट्टर की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार वापसी करती दिख रही है. पोल ऑफ द पोल्स के मुताबिक, बीजेपी को 70 और कांग्रेस गठबंधन को 12 सीटें मिल सकती हैं. अन्य के खाते में 8 सीटें जाने का अनुमान है. अलग अलग एजेंसियों के आंकड़े देखें तो सीएनएन-न्यूज18 एग्जिट पोल में बीजेपी को 75 और कांग्रेस को 10 सीटों का अनुमान जताया गया है. टाइम्स नाऊ ने अपने एग्जिट पोल में बीजेपी को 71 और कांग्रेस को 11 सीटें दी हैं. अन्य के खाते में 8 सीटें जाने का अनुमान है. एबीपी-सी वोटर ने बीजेपी को 72 और कांग्रेस को 8 सीटें दी हैं. अन्य के खाते में 10 सीटें जाती दिख रही हैं. सीएनएन-न्यूज18 एग्जिट पोल हरियाणा भाजपा+: 75 कांग्रेस+: 10 टाइम्स नाऊ एग्जिट पोल हरियाणा भाजपा+: 71 कांग्रेस+: 11 अन्यः 08 एबीपी-सी वोटर एग्जिट पोल हरियाणा भाजपा+: 72 कांग्रेस+: 08 अन्यः 10 रिपब्लिक-जन की बात एग्जिट पोल हरियाणा भाजपा+: 52-63 कांग्रेस+: 15-19 जेजेपीः 5-9 अन्यः 7-9 टीवी-9-सिसेरो एग्जिट पोल हरियाणा भाजपा+: 69 कांग्रेस+: 11 अन्यः 10 रिपब्लिक-जन की बात एग्जिट पोल के मुताबिक, बीजेपी को 52-63 और कांग्रेस को 15-19 सीटें मिल सकती हैं. दुष्यंत चौटाला की पार्टी जेजेपी को 5-9 सीटें मिलने का अनुमान है. यहां अन्य के खाते में 7-9 सीटें जा सकती हैं. दूसरी ओर टीवी9-सिसेरो एग्जिट पोल ने बीजेपी को 69 और कांग्रेस को 11 सीटें दी हैं. अन्य के खाते में 10 सीटें जाती दिख रही हैं.
करनाल हरियाणा में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान का सिलसिला जारी है। आम लोगों के अलावा कई मशहूर हस्तियों ने भी सोमवार सुबह मतदान में हिस्सा लिया। इस दौरान दिग्गजों के मतदान केंद्र तक पहुंचने के तरीके भी लोगों का ध्यान खींचते रहे। जेजेपी प्रमुख दुष्यंत चौटाला परिवार के साथ ट्रैक्टर पर सवार होकर बूथ पर पहुंचे। ऐसे में सीएम मनोहर लाल खट्टर भी कहां पीछे रहने वाले थे। करनाल में सीएम साइकल चलाकर बूथ पहुंचे और वोट डाला। साइकल से पहुंचे बूथ गौरतलब है कि मनोहर लाल खट्टर करनाल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। सोमवार को मतदान शुरू होने के बाद सवा 10 बजे के आसपास खट्टर साइकल चलाकर बूथ पर वोटिंग के लिए पहुंचे। उन्होंने इसके जरिए प्रदेश के लोगों को पर्यावरण के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। मतदान के लिए जाने से पहले सीएम ने लोगों से मतदान की अपील की थी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मजबूत सरकार बनाने के लिए जनता का एक-एक वोट निर्णायक है। पर्यावरण रक्षा का संदेश मतदान के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा कि वह पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को संदेश देने के लिए साइकल से बूथ पर पहुंचे थे। खट्टर ने बताया कि करनाल रेलवे स्टेशन से अपने कार्यालय तक वह ई-रिक्शा में पहुंचे। इस दौरान उनके सिक्यॉरिटी गार्ड भी ई-रिक्शा में ही सवार थे। उन्होंने कहा कि अपने कार्यालय से बूथ तक वह साइकल से इसलिए आए हैं ताकि लोगों को पर्यावरण की रक्षा का संदेश दे सकें। तीन चौथाई बहुमत का दावा सीएम ने कहा कि कोई भी महत्वपूर्ण अवसर हो, उस पर कोई न कोई संदेश अवश्य देना चाहिए। इसलिए इस माध्यम से मैं हरियाणा की जनता को संदेश देना चाहता हूं कि हमें पर्यावरण के प्रति सजग रहना चाहिए और इसे बचाना चाहिए। सीएम ने कहा कि करनाल समेत प्रदेश की कई सीटों पर कांग्रेस और अन्य पार्टियां हारी हुई बाजी खेल रही हैं। वे हार मान चुकी हैं। खट्टर इस दौरान पार्टी की जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। उन्होंने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि बीजेपी प्रदेश में तीन चौथाई बहुमत ला सकती है। ट्रैक्टर से पहुंचे दुष्यंत चौटाला गौरतलब है कि खट्टर से पहले जननायक जनता पार्टी के नेता दुष्यंत चौटाला ट्रैक्टर से वोट डालने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ नैना चौटाला और मेघना चौटाला भी मौजूद थीं। चौटाला उचाना कलां से जेजेपी के उम्मीदवार हैं। इनके अलावा महिला पहलवान और बीजेपी प्रत्याशी बबिता फोगाट अपनी बहन गीता फोगाट और मां-पिता के साथ वोट डालने के लिए पहुंची। वहीं ओलंपियन योगेश्वर दत्त, टिक-टॉक स्टार सोनाली फोगाट और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष शैलजा ने भी मतदान किया।
फोकस चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनाव के जरिए दोबारा सत्ता पाने के लिए जुटी बीजेपी ने अपना घोषणापत्र 'संकल्प पत्र 2019' जारी कर दिया है। बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की मौजदूगी में रविवार को यह घोषणापत्र जारी किया गया। संकल्प पत्र 'म्हारे सपनों का हरियाणा' के जरिए बीजेपी ने सभी वर्गों को लुभाने की कोशिश की है। लिखें घोषणापत्र जारी करते हुए नड्डा ने कहा, 'इसे बहुत अनैलिसिस करके तैयार किया गया है। समाज के हर वर्ग को ध्यान में रखते हुए हमने यह संकल्प पत्र तैयार किया है। पिछले पांच साल में मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा की छवि को मजबूत किया है। उन्होंने हरियाणा की राजनीतिक संस्कृति को बदल दिया है। आज हरियाणा भ्रष्टाचार मुक्त, विकास युक्त है और यहां परादर्शी सरकार देने का काम किया है।' नड्डा ने कांग्रेस पर कसा तंज इससे पहले नड्डा ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा, 'कांग्रेस ने बीजेपी की तरह अपने घोषणा पत्र का नाम भी संकल्प पत्र रख दिया है, लेकिन ये नहीं जानते कि नाम बदलने से सरकार नहीं आती बल्कि विकास के काम करने से आती है।' नड्डा ने कहा, 'मोदीजी ने रेवाड़ी में कहा था कि वन रैक वन पेंशन की मांग को पूरा करेंगे। मैं पूरे अधिकार के साथ कह सकता हूं कि 12000 करोड़ रुपये वन रैंक वन पेंशन के लिए जारी किए गए हैं और 22 लाख मामलों को सुना गया। वन रैंक वन पेंशन का अब कोई केस पेंडिंग नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'अगले 5 साल में हमारी सरकार ने गांव, किसान, गरीब, वंचित, शोषित पर फोकस किया गया है। सबका साथ-सबका विश्वास की नीति पर हम चल रहे हैं।' इस मौके पर मुख्यमंत्री खट्टर ने कहा, ''परीक्षा की घड़ी आ गई है। हम परीक्षा देने जा रहे हैं। जनता परिणाम निकालेगी। इस संकल्प पत्र की परीक्षा 5 साल होगी। ये हैं प्रमुख वादे: 1- किसानों की आय दोगुना करने का लक्ष्य 2- युवा विकास और स्वरोजगार नामक मंत्रालय का गठन 3- 500 करोड़ रुपये खर्ज कर 25 लाख युवाओं को कौशल प्रदान करने की तैयारी 4- सभी 22 जिलों में आधुनिक अस्पताल का निर्माण 5- महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर गांव में सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग की शुरुआत 6-अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले लोगों को बिना गारंटी के तीन लाख रुपये तक का कर्ज 7-किसानों को तीन लाख रुपये तक बिना ब्याज के फसल लोन 8-500 करोड़ रुपये की लागत से 25 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिलाने का वादा 9-राज्य में वृद्धावस्था पेंशन के तौर पर तीन हजार रुपये दिये जाएंगे 10-हरियाणा को तपेदिक मुक्त बनाया जाएगा 11-2000 स्वास्थ्य एवं आरोग्य केंद्र बनाए जाएंगे 12-राज्य में 1000 खेल नर्सरियां भी बनाई जाएंगी कांग्रेस ने भी सभी को साधा था इससे पहले शुक्रवार कोकांग्रेस ने अपना संकल्प पत्र घोषित किया था। इस संकल्प पत्र में कांग्रेस ने भी किसानों, महिलाओं और युवाओं पर फोकस किया। सरकारी नौकरियों में 33 फीसदी आरक्षण सहित महिलाओं के लिए कांग्रेस ने कई अहम घोषणाएं की। कांग्रेस ने वादा किया कि यदि वह सत्ता में आती है तो 10वीं के स्टूडेंट्स को हर साल 12 हजार और 12वीं के स्टूडेंट्स को हर साल 15 हजार रुपये की स्कॉलरशिप दी जाएगी। बीजेपी ने जारी किया घोषणापत्र
फिरोजपुर, 10 अक्टूबर 2019, पंजाब के फिरोजपुर में एक बार फिर पाकिस्तानी ड्रोन दिखे हैं. झुंझारा हजारा सिंह वाला के सीमावर्ती गांव में ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह दो ड्रोन देखे गए. स्थानीय लोगों के अनुसार ड्रोन गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गए है. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पुलिस ड्रोन की तलाश कर रही है. बीते कुछ दिनों में कई बार पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए हैं. इससे पहले इसी हफ्ते सोमवार रात पंजाब के हुसैनीवाला सेक्टर में दो पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में घुसे थे. यह संदिग्ध ड्रोन बस्ती रामलाल की बॉर्डर आउट पोस्ट और हुसैनीवाला की एचके टावर पोस्ट के करीब देखे गए और एक किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे थे. पहला ड्रोन 10 बजे से लेकर 10:40 के बीच में देखा गया और दूसरा रात के 12:25 बजे पर. संदिग्ध सामान गिराने में नाकाम रहा ड्रोन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से जुड़े सूत्रों के मुताबिक यह ड्रोन कड़ी चौकसी के चलते वापिस पाकिस्तान की तरफ मुड़ गए और कुछ ही देर बाद उनकी आवाज भी बंद हो गई. हालांकि पुलिस का दावा है कि यह ड्रोन भारतीय सीमा में कोई भी संदिग्ध वस्तु गिराने में नाकाम रहे. बीएसएफ ने लगातार दूसरे दिन मंगलवार सुबह भी सीमावर्ती क्षेत्र में पाकिस्तान ड्रोन के घुसने की सूचना दी थी. हालांकि पुलिस ने कोई ड्रोन बरामद नहीं किया. और अब फिर से ड्रोन के भारतीय सीमा में घुसने की खबर है. हालांकि स्थानीय लोगों का दावा है कि ड्रोन गांव के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गए हैं. सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और पंजाब पुलिस अब ड्रोन की तलाश में जुट गई हैं. बीते कुछ दिनों में कई बार पाकिस्तानी ड्रोन भारतीय सीमा में देखे गए हैं. एक अक्टूबर की रात को भी फाजिल्का के सीमावर्ती क्षेत्र में पाकिस्तानी ड्रोन उड़ते देखे गए थे. यह ड्रोन कई बार भारतीय सीमा क्षेत्र में घुसे. हुसैनीवाला सेक्टर से सटे कई गांव के लोगों ने भी ड्रोन देखे जाने की पुष्टि की थी. इससे पहले अमृतसर के मुहावा गांव में 13 अगस्त 2019 को एक संदिग्ध ड्रोन धान के खेत में गिरा हुआ मिला था. ड्रोन के जरिए भारत में हथियार भेज रहा पाक पिछले महीने 25 तारीख को तरनतारन पुलिस ने झब्बाल नामक जगह से एक नष्ट किए गए ड्रोन को बरामद किया था. जांच में खुलासा हुआ कि खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स और खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के आतंकवादियों ने हथियारों की खेप भारत भेजने के लिए कम से कम 4 ड्रोन का इस्तेमाल किया जो 7 से 8 बार भारतीय सीमा में घुसे थे. जांच में यह बात भी सामने आई कि पाकिस्तान में बैठे खालिस्तान लिबरेशन फोर्स और खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकवादी अब तक ड्रोन के जरिए भारत में (12 सितंबर से 24 सितंबर) 12 दिनों में 16 असॉल्ट राइफल्स भेज चुके हैं जिनमें 4 AK-56, 5 AK-47 और 5 AK-74 राइफल शामिल हैं. इसके अलावा 9 हैंड ग्रेनेड, चार पिस्टल, 5 थुराया सेटेलाइट फोन, दो वायरलेस सेट के अलावा 10 लाख रुपये की नकली करेंसी और मैगजीन कारतूस आदि भी पाकिस्तान से भेजी जा चुकी है. आतंकवादियों की ओर से ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की खेप भारत में भेजने की कोशिशों का खुलासा होने के बाद भारतीय सेना, बीएसएफ, पुलिस और खुफिया तंत्र अलर्ट हो गए हैं. ड्रोन को लेकर दिशा-निर्देश पाकिस्तान से सटे अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आधुनिक उपकरणों के जरिए पाकिस्तानी ड्रोन पर नजर रखी जा रही है. वहीं पुलिस ने एयरपोर्ट्स और वायु सेना क्षेत्र के आसपास ड्रोन के इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी है. लोगों को ड्रोन के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं. ड्रोन को लेकर जारी निर्देश के तहत पुलिस और सेना के अधिकारी लोगों को पहले ही आगाह कर चुके हैं कि अनाधिकृत ड्रोन का इस्तेमाल किए जाने पर न केवल उसे गिरा दिया जाएगा बल्कि इस्तेमाल करने वाले के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
फिरोजपुर पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा में एक बार फिर ड्रोन भेजन जाने की कोशिश हुई है। पंजाब के फिरोजपुर में हुसैनवाला बॉर्डर पर सोमवार रात बीएसएफ के जवानों ने पाकिस्तान की तरफ से पांच बार ड्रोन को उड़ते हुए पाया। इसके बाद से सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। बीएसएफ अलर्ट पर है। बीएसएफ ने पंजाब पुलिस को इस बारे में जानकारी दी है। इसके बाद से स्थानीय पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। जानकारी के मुताबिक भारतीय सीमा पर ये पाकिस्तान ड्रोन सोमवार रात करीब 5 बार उड़ते हुए दिखे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक बार यह ड्रोन भारतीय सीमा में भी प्रवेश कर गया था। इसके बाद बीएसएफ कर्मियों ने पंजाब पुलिस को इसकी जानकारी दी। पंजाब पुलिस के साथ अन्य सुरक्षा एजेंसियां मंगलवार सुबह से ही सर्च ऑपरेशन में जुटी हैं। बालाकोट के बाद नया पैंतरा बता दें कि भारत ने पाकिस्‍तान के बालाकोट में हवाई हमला करके पाकिस्‍तानी आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्‍मद के आतंकी ट्रेनिंग ठिकाने को नष्‍ट कर दिया था। जम्‍मू कश्‍मीर में सुरक्षा एजेंसियों की सख्‍ती के बाद पाकिस्‍तान अब अपने पालतू आतंकवादियों को हथियारों की आपूर्ति करने के लिए छोटे ड्रोन का इस्‍तेमाल कर रहा है। हथियार गिराने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल पिछले दिनों पंजाब पुलिस ने बताया था कि सीमा पार से जीपीएस से संचालित ऐसे कई ड्रोन भारत में घुसे थे जो 10 किलोग्राम तक वजनी सामान को ले जा सकते हैं। पंजाब पुलिस के मुताबिक पाकिस्तान भारतीय सीमा में AK-47 राइफलों, हैंड ग्रेनेडों और पिस्टलों को गिराने के लिए इन ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है। इसके बाद सेना और बीएसएफ के कान खड़े हो गए हैं। सिर्फ भारत ही नहीं कर रहा ऐसे खतरे का सामना 2 सप्ताह पहले सऊदी अरब के 2 प्रमुख ऑइल प्लांट्स पर ड्रोन अटैक हुआ था। यमन के हूती विद्रोहियों ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली थी, जबकि सऊदी अरब ने इसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। पिछले महीने ताकतवर विस्फोटकों से लैस 2 ड्रोन्स के जरिए वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हत्या की कोशिश हुई थी। इसके अलावा, कुख्यात आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट 2014 से ही ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है।
चंडीगढ़, 07 अक्टूबर 2019,पंजाब के तरन तारन में पिछले महीने हुए बम ब्लास्ट की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. आतंकियों के निशाने पर अकाली दल के प्रधान और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल थे. आतंकियों ने सुखबीर बादल के अमृतसर दौरे के दौरान बम धमाका करने की साजिश रची थी. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 5 सितंबर को हुए तरन तारन ब्लास्ट केस के मुख्य आरोपी गुरजंत सिंह को पिछले हफ्ते शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया था. इस ब्लास्ट में दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि मुख्य आरोपी घायल हो गया था. हमले की साजिश क्यों? आतंकी पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर की गई पुलिस फायरिंग के पीछे सुखबीर बादल को साजिशकर्ता मानते हैं. इस वजह से हमले की साजिश बनाई गई थी. फिलहाल इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है. इस वारदात को अंजाम देने के लिए आतंकियों ने तरनतारन के पंडोरा गोला गांव में खाली प्लॉट में बम को दबाकर रखा था, लेकिन बम निकालने के दौरान धमाका हो गया. इस धमाके में दो आतंकी मौके पर ही मारे गए थे. सुखबीर सिंह बादल पर आतंकी हमले की साजिश के पीछे मुख्य वजह पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामलों और उसके बाद प्रदर्शनकारियों पर की गई पुलिस फायरिंग को माना जा रहा है. आतंकी इस फायरिंग के लिए अकाली दल के नेता को साजिशकर्ता मानते हैं. तरनतारन ब्लास्ट केस के मामले में एनआईए ने पंजाब पुलिस के पूरे रिकॉर्ड और सबूतों को अपने कब्जे में ले लिया है, अब आगे इस मामले की जांच एनआईए करेगी. पंजाब पुलिस 6 आतंकियों को गिरफ्तार कर चुकी है. पुलिस ने पहले 5 लोगों को गिरफ्तार किया था और फिर पिछले हफ्ते शुक्रवार को पंजाब की स्टेट आपरेशन सेल ने जर्मनी में बैठे हुए गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा उर्फ डॉक्टर के भाई को जालंधर से गिरफ्तार किया. पुलिस के मुताबिक, कश्मीर में हथियार नहीं पहुंचाए जाने की एवज में आतंकियों को दिल्ली या पंजाब में बड़े हमले का आदेश था
मुरथल , 07 अक्टूबर 2019,रेप की घटनाओं को लेकर हरियाणा का मुरथल शहर फिर से चर्चा में है. पति और बेटी के साथ सोनीपत जा रही एक महिला के साथ गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया. पुलिस ने इस मामले में शिकायत दर्ज कर ली है. पुलिस शिकायत में पीड़िता ने कहा कि वह नई दिल्ली से रहती है, लेकिन अभी सोनीपत में रह रही है. शनिवार की तड़के सुबह करीब 3:30 बजे वह अपने पति और बेटी के साथ बाइक से घर लौट रही थी. मुरथल के पास उनके बाइक का तेल खत्म हो गया. इसके बाद तीनों पैदल चल रहे थे. 3 लोगों ने किया गैंगरेप पीड़िता का कहना है कि पति और बेटी तेजी से आगे चल रहे थे, जबकि वह पीछे धीमी गति से चल रही थी. तभी एक ट्रक आया और उसमें सवार तीन लोगों ने जबरदस्ती उसे अगवा कर लिया और बल्लभगढ़ की ओर ले गए. इस दौरान तीनों ने महिला के साथ गैंगरेप किया. पीड़िता ने उनके चंगुल से बचने की काफी कोशिश की, और ट्रक की विंडस्क्रीन को टक्कर भी मार दी, लेकिन आरोपी उसकी तुलना में काफी ताकतवर थे और उसे अपनी पकड़ में बनाए रखा. बाद में आरोपियों ने पीड़िता को मुरथल में फेंक दिया. महिला ने पुलिस से ट्रक रजिस्ट्रेशन नंबर भी शेयर किया. महिला ने तीनों आरोपियों के नाम भी बताए. आरोपियों के नाम हैं विजय, सोनू और सुमेर. कब गिरफ्त में आएंगे दोनों आरोपी? मुरथल की पुलिस अधिकारी मनीषा का कहना है कि हमने केस दर्ज कर लिया है. जींद के शिला खेरी क्षेत्र से आरोपी विजय को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसे कोर्ट में पेश किया गया जिसे पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. शेष दोनों आरोपियों की तलाश जारी है. मुरथल सड़क किनारे बने अपने ढाबों के लिए जाना जाता है. यह शहर 3 साल पहले उस समय चर्चा में आया था जब 2016 में 22-23 फरवरी की रात जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान गुंडों ने कम से कम 10 महिलाओं के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया थाा. तब उस समय यह घटना बेहद चर्चित रहा था.
चंडीगढ़ हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर ने शनिवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।शनिवार को उन्होंने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। तंवर टिकट बंटवारे को लेकर पार्टी से नाराज चल रहे थे। उन्होंने प्रदेश नेतृत्व पर विधानसभा चुनाव का टिकट बेचने के आरोप भी लगाए थे। ट्वीट कर दी जानकारी शनिवार को तंवर ने ट्वीट कर लिखा कि पार्टी कार्यकर्ताओं से लंबे समय तक विचार-विमर्श के बाद मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी लिखा कि उनके इस्तीफे की वजह कांग्रेसी और जनता अच्छी तरह से जानते हैं। बता दें कि तंवर ने प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर पुराने लोगों को नजरअंदाज कर नए लोगों को टिकट देने का आरोप लगाया था। तंवर ने यह भी आरोप लगाया था कि सोहना विधानसभा का टिकट पांच करोड़ में बेचा गया है। टिकट बेचने का लगाया था आरोप कांग्रेस के उम्मीदवारों की सूची जारी होने से पहले ही बागी तेवर दिखाने वाले तंवर और उनके समर्थकों ने बीते बुधवार को दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन भी किया था। उन्होंने कहा था, 'पांच साल तक हमने कांग्रेस के लिए खून-पसीना बहाया। हरियाणा का नेतृत्व खत्म हो चुका है। हम पार्टी के लिए समर्पित रहे लेकिन टिकट उन्हें दिया जा रहा है जो पहले कांग्रेस की आलोचना करते थे और हाल ही में पार्टी में शामिल हो गए।' कांग्रेस नेतृत्व पर साधा था निशाना इसके अलावा तंवर ने पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा था कि हरियाणा में बीजेपी सरकार बनी नहीं थी बल्कि बनवाई गई थी। उन्होंने कहा, 'आज बीजेपी के 14 विधायक ऐसे हैं जिन्हें कांग्रेस से भगा दिया गया। सात सांसद ऐसे हैं जिनका बैकग्राउंड कांग्रेस का रहा है।' तंवर ने दावा किया था कि बीजेपी ने उन्हें भी 6 बार ऑफर दिया लेकिन उन्होंने इसे कभी स्वीकार नहीं किया।
चंडीगढ़, 04 अक्टूबर 2019, हरियाणा विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए कांग्रेस की स्टार प्रचारकों की लिस्ट में दो हैरान करने वाली बातें सामने आई हैं. इस लिस्ट में किसी वक्त में कांग्रेस के स्टार कैंपेनर रहे नवजोत सिंह सिद्धू का नाम गायब है. आजतक ने पहले ही बता दिया था कि हरियाणा कांग्रेस के आला नेता नहीं चाहते कि नवजोत सिंह सिद्धू को चुनाव प्रचार के लिए हरियाणा भेजा जाए क्योंकि ऐसा करने पर राष्ट्रवाद के मुद्दे पर जनता को जवाब देना मुश्किल हो सकता है. लिस्ट में दूसरी हैरान करने वाली बात ये है कि अपनी पार्टी पर 5 करोड़ रुपए में टिकट बेचने का आरोप लगाने वाले अशोक तंवर को पार्टी ने राज्य के लिए स्टार कैंपेनर्स की लिस्ट में शामिल किया है. इसके अलावा कांग्रेस की स्टार कैंपेनर्स लिस्ट में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मनमोहन सिंह, अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, सचिन पायलट जैसे नेताओं के नाम शामिल हैं.
गुरुग्राम, 29 सितंबर 2019,हरियाणा विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आज भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई. सूत्रों के हवाले से खबर है कि हरियाणा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर करनाल सीट से चुनाव लड़ेंगे. हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दावा किया है कि भाजपा फिर से राज्य में सरकार बनाएगी. चुनाव आयोग द्वारा राज्य की 90 सीटों पर 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव की घोषणा करने के कुछ घंटों बाद खट्टर ने ट्वीट किया था, 'लोकतंत्र के इस महापर्व के लिए हमारी पार्टी पूरी तरह तैयार है.' खट्टर ने सरकार बनाने का विश्वास व्यक्त किया और कहा कि विपक्ष विभाजित है और उनकी पार्टी कुल 90 में से 75 सीटों पर जीत हासिल करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप दे देगी. एनआरसी लागू करने की बात कह चुके हैं खट्टर खट्टर ने चुनाव से पहले दोहराया कि हरियाणा राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) को लागू करेगा, क्योंकि यह राष्ट्रहित में है. बता दें कि भाजपा ने 2014 के विधानसभा चुनाव में 47 सीटों पर जीत दर्ज करते हुए पहली बार प्रदेश में अपने बलबूते सरकार बनाई थी. पार्टी ने 2009 में मिली चार सीटों के बाद अप्रत्याशित जीत दर्ज की थी. पिछले विधानसभा चुनाव में इनेलो को 19 और कांग्रेस को 15 सीटों पर संतोष करना पड़ा था. कई नेता भाजपा में शामिल नई दिल्ली में चुनाव की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता कुलदीप बिश्नोई के चचेरे भाई दुरा राम यहां खट्टर की उपस्थिति में भाजपा में शामिल हो गए. दुरा राम 2005 से 2009 तक फतेहाबाद से विधायक थे और पिछली भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार में संसदीय सचिव रहे. इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के वरिष्ठ नेता रामपाल माजरा भी भाजपा में शामिल हो गए हैं. योगेश्वर, संदीप ने थामा भाजपा का हाथ ओलम्पिक पदक विजेता पूर्व कुश्ती खिलाड़ी योगेश्वर दत्त और भारतीय पुरुष हॉकी टीम के पूर्व कप्तान संदीप सिंह भी भाजपा का दामन थाम चुके हैं. आगामी विधानसभा चुनाव के लिहाज से इन दोनों खिलाड़ियों का पार्टी के साथ शामिल होना निश्चित तौर पर राज्य में भाजपा को मजबूत करेगा. योगेश्वर ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर वह भाजपा के साथ आए हैं. संदीप ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पार्टी में स्थापित किए गए अनुशासन से वो प्रभावित हैं. भाजपा में मौजूद सूत्र ने बताया कि संदीप को पार्टी स्टार प्रचारक के तौर पर इस्तेमाल कर सकती है. इन दोनों के साथ शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के विधायक बालकौर सिंह ने भी भाजपा के साथ जुड़ने का फैसला किया. इन तीनों ने दिल्ली में हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष सुभाष बारला की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. हरियाणा में 21 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं, जिसका फैसला 24 अक्टूबर को आएगा.
चंडीगढ़,जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद चल रही तनातनी के बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान जहां अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आईएसआई और अन्य आतंकी संगठन भी सक्रिय हैं. आईएसआई और आतंकी संगठन लगातार भारत में घुसपैठ करने और हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. कश्मीर से लेकर राजस्थान और गुजरात तक सेना की कड़ी नजर को चकमा देने में विफल हो रहे पाकिस्तानी आतंकवादी अब ड्रोन का सहारा लेने लगे हैं. आतंकी संगठन अब पंजाब के रास्ते कश्मीर में हथियार और पैसा पहुंचाने की फिराक में हैं. पंजाब में ड्रोन से हथियार गिराए जाने के बमुश्किल चंद दिन बाद ही शुक्रवार को भी अटारी बॉर्डर के पास एक गांव में एक और ड्रोन मिला है. पंजाब पुलिस की ऑपरेशन सेल के साथ ही एनआईए और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी इस पूरे मामले पर नजर रखे हुए हैं. बताया जाता है कि कश्मीर में हिंसा फैलाने के नापाक मंसूबे को अंजाम देने की कोशिश में अब पंजाब के रास्ते हथियार और धन पहुंचाने की कोशिश की जा रही है. इसके लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स ने भी हाथ मिला लिए हैं. जर्मनी और कनाडा से चल रही है साजिश खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के आतंकवादी रंजीत सिंह के कनेक्शन जर्मनी और कनाडा में हैं. बताया जाता है कि वहीं से टेलीफोन के जरिए और गुप्त संदेशों से भारत में कोहराम मचाने की साजिश चल रही है. पाकिस्तान से रंजीत जर्मनी में बैठे गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा उर्फ डॉक्टर को सारी जानकारी देता था और बग्गा कनाडा के रास्ते भारत में कई फर्जी संस्थाओं के नाम से पैसे भेजता था. पाकिस्तानी स्लीपर को लेकर मौके पर पहुंची पुलिस बताया जाता है कि हथियार और नकली करंसी अर्शदीप ने ली थी. पाकिस्तान में बैठा रंजीत सिंह जर्मनी में बैठे आतंकी गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा उर्फ डॉक्टर को सारी जानकारी देता था और बग्गा कनाडा के रास्ते से फंडिंग को भारत में कई फर्जी संस्थाओं के नाम से भेजता था और उस पैसे के लालच में अर्शदीप जैसे युवाओं को फंसाया जाता था. ताजा ड्रोन के मामले में भी ऐसा ही हुआ और अर्शदीप को सारी जानकारी पाकिस्तान के बजाय कनाडा या जर्मनी से आती थी. लगातार मॉनिटर कर रही थीं एजेंसियां खुफिया एजेंसियां लगातार उन नंबरों को मॉनिटर कर रही थीं, जिनसे लगातार इंटरनेशनल फोन किए जा रहे थे. अर्शदीप पहली खेप ले जाने में सफल हो चुका था, लेकिन जब दूसरा ड्रोन आया तो वह रास्ते में खराब हो गया. अर्शदीप को पाकिस्तानी हैंडलर्स ने लोकेशन बता कर उस जगह पर जाने को कहा और ड्रोन को आग से जलाने का निर्देश दिया. एनआईए ने एकत्रित किए साक्ष्य अर्शदीप ने किया भी वैसा ही. ड्रोन को जला दिया और उसके स्टील के स्ट्रक्चर और बैटरीज को उसने निकाल लिया . बाद में पास के गांव की नहर में उसे फेंक दिया जहां से एनआईए ने सारे सबूत इकट्ठे कर लिए हैं. बता दें कि तरण तारण में ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप पहुंचाई गई थी. आतंकवादियों ने पूछताछ में बड़े हमले की साजिश का खुलासा किया था. इसके बाद पंजाब सरकार ने पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी थीं.
फरीदाबाद, 28 सितंबर 2019, फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट वायरल करना हरियाणा में फरीदाबाद के एक वकील को महंगा पड़ गया. पोस्ट ने वकील को पुलिस की गिरफ्त में पहुंचा दिया. दरअसल, फरीदाबाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर झूठा मैसेज वायरल करने के आरोप में एक वकील के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक वकील ने एक बच्चे की गोली लगी तस्वीर पोस्ट की और कैप्शन में 'तेरह साल की उम्र में गोली दई मार, फिर कहते हो अबकी बार 75 पार' लिखकर फेसबुक पर वायरल किया था. जिस पर पुलिस ने संज्ञान लेते हुए सुरेंद्र सिवाच नाम के वकील को गिरफ्तार किया है. पुलिस के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी (BJP) आईटी सेल से उन्हें एक शिकायत मिली थी, जिसमें फेसबुक पर एक फोटो और कैप्शन का जिक्र किया गया था. पुलिस के मुताबिक इस शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर आरोपी वकील को हाजिर होने के लिए नोटिस जारी किया गया था, लेकिन आरोपी हाजिर नहीं हुआ तो उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने कहा है कि हरियाणा में कभी ऐसी कोई वारदात नहीं हुई, आरोपी ने जानबूझकर एक राजनीतिक पार्टी के खिलाफ प्रचार किया है. कब है चुनाव? बता दें कि अक्टूबर में हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. हरियाणा में 90 विधानसभा सीटें हैं. इसको लेकर बीजेपी ने इस बार 'अबकी बार 75 पार' का नारा दिया है. वहीं पुलिस ने अपील की है कि बिना जांचे कोई भी ऐसी चीज सोशल मीडिया पर वायरल न की जाए, जिसकी प्रमाणिकता ना हो
नई दिल्ली हरियाणा में एक बार फिर से सत्ता में वापसी की कोशिशों में जुटी बीजेपी खिलाड़ियों के जरिए राजनीतिक खेल करने की तैयारी में है। परंपरागत नेताओं के साथ ही पार्टी यूथ और हरियाणवी आइकॉन माने जाने वाले खिलाड़ियों पर भरोसा जताती दिख रही है। गुरुवार को ओलिंपिक पहलवान योगेश्वर दत्त और पूर्व हॉकी कैप्टन संदीप सिंह को पार्टी में शामिल करा बीजेपी ने यही संकेत दिया है। बता दें कि इन दोनों प्लेयर्स से पहले दिग्गज महिला पहलवान बबीता फोगाट भी अपने पिता समेत पार्टी का हिस्सा बन चुकी हैं। इन तीनों ही प्लेयर्स के विधानसभा चुनाव में उतरने के भी कयास लग रहे हैं। सूबे में 21 अक्टूबर को एक ही चरण में मतदान है और 24 अक्टूबर को नतीजे आएंगे। खेल ही नहीं एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का तड़का भी बीजेपी ने लगाया है। जुलाई में सपना चौधरी को बीजेपी ने एंट्री दी थी। इस तरह से देखें तो 90 सीटों वाली विधानसभा में बीजेपी 75 प्लस के अपने मिशन को सितारों के जरिए पूरा करने की तैयारी में है। बीजेपी में शामिल होने के बाद योगेश्वर दत्त ने कहा, 'एक युवा के तौर पर मैं देश के लिए काम करना चाहता हूं। पीएम नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 को हटाया, जो असंभव था। मैं उनसे काफी प्रभावित हूं। 370 हटने से देश में खुशी का माहौल है।' कुरुक्षेत्र के रहने वाले पूर्व हॉकी कैप्टन संदीप कुमार ने भी पीएम नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर राजनीति का हिस्सा बनने की बात कही। उन्होंने कहा, 'मैं पीएम मोदी से प्रभावित होकर राजनीति में आया हूं। उनकी ईमानदारी मुझे बीजेपी में खींच लाई। पीएम मोदी और हरियाणा के सीएम युवाओं के लिए बहुत कुछ कर रहे हैं।' यही नहीं उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने के कयासों को भी खारिज नहीं किया। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी मुझे इस योग्य समझती है तो मैं निश्चित तौर पर चुनावी समर में उतरूंगा। बबीता से सपना तक, बीजेपी में सितारों का मेला गौरतलब है कि हरियाणा में बबीता फोगाट और योगेश्वर दत्ता को हरियाणावी और यूथ आइकॉन के तौर पर देखा जाता रहा है। ऐसे में बीजेपी को उम्मीद है कि खेल सितारों को शामिल कर वह युवाओं को लुभा सकेगी। इसके साथ ही सपना चौधरी की भी हरियाणा समेत दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भी बड़े इलाके में अच्छी खासी लोकप्रियता है। इसी को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने सपना को भी पार्टी में एंट्री दी है।
चंडीगढ़, 25 सितंबर 2019,पंजाब पुलिस ने उस ड्रोन को बरामद कर लिया है जिससे सरहद पार से हथियार और गोला-बारूद आया था. ये ड्रोन तरन तारन से खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) के पांच आतंकवादियों से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर बरामद किया गया. इन आतंकियों को 22 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार आतंकी आकाशदीप ने माना कि हथियारों के बारे में वह तय करता था. पुलिस सूत्रों ने बताया कि इन आतंकियों ने खेत में ड्रोन को जलाकर नष्ट करने की कोशिश की थी लेकिन उसमें सफल नहीं हुए. ड्रोन को झब्बाल क्षेत्र के एक गोदाम से बरामद किया गया. इसकी जानकारी आकाशदीप सिंह उर्फ आकाशदीप रंधावा और उसके साथियों से पुलिस को मिली थी. ड्रोन की फॉरेंसिक जांच ड्रोन को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रोन में ऐसे कौन से गैजेट लगे थे जिनसे सरहद पर रडार और अन्य निगरानी उपकरणों की नजर से वह बच सके. सूत्रों ने बताया कि शक्तिशाली ड्रोन का वजन 10 किलोग्राम है. ये एक बार में 4 किलोग्राम वजन का सामान ले जा सकता है. इसका मतलब है कि आतंकवादियों के पास से जो हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ, उसे लाने के लिए ड्रोन ने सरहद पार से कई चक्कर लगाए. हथियार और गोला-बारूद के अलावा नकली करेंसी और नशीले पदार्थ भी बरामद किए गए. हथियारों के खेप के बारे में बताता था आकाशदीप गिरफ्तार आतंकी आकाशदीप ने पुलिस की पूछताछ में कबूल किया कि वो पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी आतंकी रंजीत सिंह नीटा के संपर्क में था. आकाशदीप के मुताबिक नीटा का नंबर उसे जर्मनी में रहने वाले आतंकी गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा से मिला था. आकाशदीप ने तय किया था कि कब और किस जगह हथियारों की खेप चाहिए. इसके बाद बग्गा ने नीटा को यह जानकारी दी और फिर खेप भेजने का रूट तय किया गया. पूछताछ से मिल सुराग 4 सितंबर को तरन तारन में ब्लास्ट के बाद शहर के चोला साहब क्षेत्र से रविवार को बलवंत सिंह उर्फ निहंग, आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलवीर सिंह को गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने चारों आतंकवादियों के पास से 16 मैगजीन और 472 राउंड के साथ 5 एके 47 राइफल, 4 चीन निर्मित पाइंट 30 बोर की रिवाल्वर (8 मैगजीन और 72 राउंड के साथ), 9 हथगोले, 5 सैटेलाइट फोन, 2 मोबाइल ओन, 2 वायरलेस सेट और 10 लाख की नकली करेंसी जब्त की गई. इन चारों आतंकियों को तरन तारन ब्लास्ट केस में पहले से गिरफ्तार 5 आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिले सुराग के आधार पर गिरफ्तार किया गया. पहले गिरफ्तार पांच लोगों के नाम हैं चरनदीप सिंह गब्बर, मनप्रीत सिंह, हरजीत सिंह हीरा, मलकीत सिंह मजीठा और अमरजीत सिंह. इन पांचों ने पूछताछ के दौरान पंजाब में खालिस्तानी संगठनों के मंसूबों को लेकर कई अहम खुलासे किए थे.
चंडीगढ़, 25 सितंबर 2019,पिछले दो हफ्तों के दौरान पंजाब के तरनतारन से पकड़े गए दर्जनभर खालिस्तानी आतंकवादियों से की गई पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आईएसआई और खालिस्तानी आतंकी पंजाब में 26/11 जैसी बड़ी आतंकवादी वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इन आतंकवादियों के निशाने पर पंजाब के कई बड़े धार्मिक और राजनीतिक नेता भी थे. गिरफ्तार किए गए आतंकवादियों ने पुलिस को इन नेताओं के नाम भी बताए हैं, जिनको सुरक्षा कारणों से सार्वजनिक नहीं किया गया है. खालिस्तानी आतंकवादियों के कब्जे से मिले हथियारों के जखीरे में कुछ हथियार ऐसे थे, जिनको जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादियों को दिए जाने थे, तो कुछ हथियार बाबा बलवंत सिंह नाम के खालिस्तानी समर्थक को सौंपे जाने थे. बाबा बलवंत सिंह साल 2016 में 3 टारगेट किलिंग के मामलों में जेल की सलाखों के पीछे बंद है. खालिस्तानी समर्थकों द्वारा अब तक पंजाब में आधा दर्जन से अधिक हिंदू और दूसरे धर्मों के नेताओं को निशाना बनाया जा चुका है. पंजाब पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता से जब इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने जांच जारी होने की बात करके इस सवाल को टाल दिया. साथ ही कहा कि बरामद किए गए हथियारों का इस्तेमाल कहीं न कहीं तो होना था. रविवार को तरनतारन में गिरफ्तार किए गए चार आतंकवादियों का संबंध निहंग समुदाय के डेरे से है, जिसकी जांच की जा रही है. उधर पंजाब के तरनतारन में हथियारों के जखीरे बरामद होने के बाद पंजाब के कई जिलों में हाई अलर्ट है और पुलिस अतिरिक्त चौकसी बरत रही है. राज्य के पठानकोट गुरदासपुर सहित कई जिलों में सड़कों की नाकाबंदी की गई है और आने-जाने वाले वाहनों की तलाशी ली जा रही है. दरअसल, पठानकोट से सटी लखनपुर सीमा से हथियार पंजाब पहुंचे थे, जिससे पंजाब पुलिस की जमकर किरकिरी हुई. पुलिस अब भी आतंकवादियों को हथियार मुहैया करवाने वाले लोगों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है. अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर में हाईअलर्ट है और सीमा पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है, जिसके चलते आतंकवादी और नशा तस्कर अब ड्रोन का इस्तेमाल करके पंजाब के रास्ते हथियारों और नकली करंसी की सप्लाई की कोशिश कर सकते हैं.
चंडीगढ़, 25 सितंबर 2019,पंजाब के तरनतारन में पिछले दिनों हुए ब्लास्ट के बाद हो रही जांच में नई जानकारी मिली है. पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब और आसपास के राज्यों में 26/11 जैसे हमले करवाने की तैयारी में थी. इसके लिए आईएसआई ने ड्रोन के जरिये पंजाब में AK-47 और दूसरे हथियारों की डिलीवरी करवाई थी. पंजाब पुलिस ने आतंकी संगठन खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स के एक माड्यूल का खुलासा करते हुए कहा कि आईएसआई ड्रोन के जरिए पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में हथियारों की डिलीवरी करवा रही थी. आतंकियों को ISI की और से इसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए 5 एके 47 राइफल, 16 मैग्जीन और 472 कारतूस ड्रोन के जरिए भेजे गए थे. हमले के दौरान लाइव निर्देश देने के लिए ISI के हैंडलरों ने हथियारों की खेप के साथ सैटेलाइट फोन भी भेजे थे. आईएसआई ने 10 रुपये की नकली करंसी भी ड्रोन के जरिए भारत को भेजी थी. रिपोर्ट के मुताबिक आईएसआई मुंबई की तरह पंजाब में भी भीड़भाड़ वाले स्थानों पर हमला करना चाहती थी. ISI पंजाब में धार्मिक डेरों और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर आतंकियों से फायरिंग करवाकर बड़े हमले को अंजाम देने के फिराक में थी. बात दें कि मुंबई हमले के दौरान भी आतंकी कसाब और पाकिस्तान से आए उसके साथी आतंकियों ने मुंबई के सीएसटी स्टेशन पर फायरिंग की थी. रविवार को पंजाब पुलिस ने इस मामले में तरनतारन जिले के चोहला साहिब गांव ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया था. ये लोग सफेद रंग की मारुति स्विफ्ट कार का इस्तेमाल कर रहे थे.
चंडीगढ़,तरन तारन में 4 सितंबर को हुए ब्लास्ट से जुड़े केस में हालिया गिरफ्तारियों से ‘खालिस्तान ज़िंदाबाद फोर्स’ के चार आतंकियों को पकड़ने में कामयाबी मिली है. साथ ही तरन तारन से भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और सैटेलाइट फोन ज़ब्त किए गए हैं. तरन तारन के चोला साहब क्षेत्र से रविवार को बलवंत सिंह उर्फ़ निहंग, आकाशदीप सिंह उर्फ़ आकाश रंधावा, हरभजन सिंह और बलवीर सिंह को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने चारों आतंकवादियों के पास से 16 मैगज़ीन और 472 राउंड के साथ 5 एके 47 राइफल, 4 चीन निर्मित पाइंट 30 बोर की रिवाल्वर (8 मैगजीन और 72 राउंड के साथ), 9 हथगोले, 5 सैटेलाइट फोन, 2 मोबाइल ओन, 2 वायरलेस सेट और 10 लाख की नकली करेंसी ज़ब्त की. इन चारों को ब्लास्ट केस में पहले गिरफ्तार 5 आरोपियों के सुराग पर गिरफ्तार किया गया. पहले गिरफ्तार पांच लोगों के नाम है- चरनदीप सिंह गब्बर, मनप्रीत सिंह, हरजीत सिंह हीरा, मलकीत सिंह मजीठा और अमरजीत सिंह. इन पाचों ने पूछताछ के दौरान पंजाब में खालिस्तानी संगठनों के मंसूबों को लेकर अहम जानकारी दी थी. पुलिस की जांच से खुलासा हुआ है कि इन आतंकवादियों तक हथियारों की खेप पाकिस्तान के एक ड्रोन के जरिए सप्लाई हुई. ये हैरानी की बात है कि किस तरह हथियारों और अन्य सामान के साथ ड्रोन सरहद पार कर भारतीय क्षेत्र में आने में कामयाब रहा. खालिस्तानी आतंकियों के निशाने पर त्यौहार और नेता गिरफ्तार आतंकियों ने पुलिस के सामने कबूल किया कि उनके निशाने पर हिन्दुओं के त्यौहारों के साथ राजनेता और धार्मिक नेता थे. इन आतंकियों के मुताबिक गड़बड़ी फैलाने के लिए उन्हें पाकिस्तान से हर तरह का समर्थन मिल रहा था. टॉप सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि 4 सितंबर ब्लास्ट केस में गिरफ्तार अभियुक्त चरनदीप सिंह ने शिरोमणि अकाली दल, बीजेपी और शिवसेना से जुड़े कुछ नेताओं के नाम पुलिस को बताए. ये नेता आतंकियों के निशाने पर थे. अन्य अभियुक्तों ने भी कबूल किया कि वो डेरा नेताओं को मारना चाहते थे और उन्हें ऐसा करने के लिए ‘सिख फॉर जस्टिस’ से निर्देश मिले थे. सूत्रों ने ये भी बताया कि ब्लास्ट में घायल हुए गुरजंट सिंह के एक रिश्तेदार ने पुलिस को अहम जानकारी दी. उसने आपराधिक बैकग्राउंड के ऐसे लोगों के नाम पुलिस को बताए जो अब विदेश में रह रहे हैं. पुलिस जांच से सामने आया है कि तरन तारन के गांव में ब्लास्ट से डेढ़ घंटा पहले 17 लोग हरजीत सिंह हीरा के घर पर मिले थे. इस अभियुक्त का घर ब्लास्ट वाली जगह से महज़ 40 मीटर की दूरी पर स्थित है. बता दें कि पंजाब में तीन दशक के उग्रवाद के दौरान तरन तारन अलगाववादी और आतंकवादी गतिविधियों का केंद्र बना रहा था. 4 सितंबर को ब्लास्ट के बाद तरन तारन का नाम फिर सुर्खियों में है. इस ब्लास्ट में दो लोग मारे गए थे. चार खालिस्तानी आतंकियों के हथियार और गोला-बारूद के साथ गिरफ्तार होने के बाद सभी भारतीय सुरक्षा एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं.
चंडीगढ़, 25 सितंबर 2019, पंजाब के तरनतारन में पिछले दिनों हुए ब्लास्ट के बाद हो रही जांच में नई जानकारी मिली है कि आईएसआई 26/11 जैसे हमले की तैयारी में थी. तरनतारन से रविवार को पकड़े गए खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KJF) के टेरर मॉड्यूल को लेकर यह बड़ा खुलासा हुआ है. खुलासे में यह बात सामने आई है कि हमले की योजना को आगे बढ़ाते हुएड्रोन के माध्यम से पंजाब में पहुंचाए गए थे एके 47 राइफल और भारी मात्रा में मैगजीन और कारतूस पहुंचाए गए थे.
चंडीगढ़ दुनिया में पूरी तरह अलग-थलग पड़े और जबरदस्त आर्थिक मुश्किल का सामना कर रहा पाकिस्तान भारत के खिलाफ के साजिश फैलाना जारी रखे हुए है। पाकिस्तान ने अब एक बार फिर अपनी नापाक हरकतों से भारतीय लोगों को नुकसान पहुंचाने का प्रयास शुरू किया है। पाकिस्तान ने हाल ही में पंजाब से लगने वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बनी अपनी कई टेनरियों से हजारों लीटर जहरीला और प्रदूषित पानी सतलुज नदी में छोड़ा है। पाकिस्तान की इस हरकत से भारतीय इलाके में बने सतलुज नदी के कई तटबंध टूट गए हैं, वहीं गंदे पानी को पीने कारण सीमा के आसपास के गांवों में बीमारी का खतरा बढ़ गया है। सतलुज नदी में पाक की जहरीली साजिश पाकिस्तान द्वारा अचानक नदी में ज्यादा पानी छोड़ने से पंजाब के फिरोजपुर जिले में स्थित टेंडीवाला गांव में सतलुज नदी का तटबंध टूटने से आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई हैं। बता दें कि बाढ़ के कारण सतलुज नदी भारत में दाखिल होने से पहले पंजाब के कुछ हिस्सों से होकर पाकिस्तान जाती है और इसके बाद फिर भारत में आती है। भारत में दोबारा सतलुज का प्रवेश टेडीवाला के रास्ते ही होता है और इससे पहले पाकिस्तान ने अब यहां सतलुज नदी में टेनिरियों का जहरीला पानी बहाना शुरू कर दिया है, जिसके कारण भारतीय इलाकों में किसानों की फसलों और स्वास्थ्य को काफी नुकसान होता हुआ है। जहरीले पानी से बीमारियों का बढ़ा डर प्रशासनिक अधिकारियों ने पहले ही सतलुज नदी में पानी का जलस्तर बढ़ता देख हालात की समीक्षा की थी और सीएम अमरिंदर सिंह ने रविवार को सेना के साथ मिलकर नदी के तटबंध को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए थे। भले ही सेना के प्रयास से फिलहाल टेंडीवाला गांव में नदी के टूटे हुए तटबंध को दुरुस्त कर लिया गया हो, लेकिन फिरोजपुर के तमाम गांवों में जहरीले पानी के कारण जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। एनडीआरएफ की टीम को तैयार रखने का निर्दश सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने रविवार को हुई एक हाई लेवल मीटिंग में राज्य के प्रमुख सचिव (जल संसाधन) को टेंडीवाला गांव के तटबंधों को और मजबूत कराने और स्थितियों पर पूरी सतर्कता बरतने के लिए कहा है। इसके अलावा सीएम ने फिरोजपुर के डीसी चंदर गैंड को एनडीआरएफ की टीमों को तैयार रखने के लिए कहा है। गैंड ने सीएम को जानकारी देते हुए बताया कि बाढ़ की स्थितियों को देखते हुए माखू और हुसैनीवाला गांवों के 500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा 630 लोगों को चिकित्सकीय सहायतता भी दी गई है। डीसी ने कहा कि भारत से सतलुज में जितना पानी पाकिस्तान की ओर जा रहा है, वापसी में उससे दो गुना ज्यादा प्रदूषित पानी भारतीय इलाकों में बह रहा है। नुकसान के आकलन के लिए बनाए योजना पंजाब के फिरोजपुर जिले में बाढ़ के कारण कुल 1689 लोग प्रभावित हुए हैं, जिन्हें मोबाइल हेल्थ टीमों की निगरानी में रखा गया है। इसके अलावा 655 मरीजों को यहां बनाई गई ओपीडी में चिकित्सकों की टीम के पास भेजा गया है। सीएम ने अधिकारियों को हर परीस्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश देते हुए लोगों को संभव मदद देने का आदेश दिया है। इसके अलावा फिरोजपुर, रोपड़ और कपूरथला जिलों में बाढ़ के कारण किसानों को हुए नुकसान के आकलन के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने को कहा गया है। केंद्र से आर्थिक मदद की मांग बता दें कि पंजाब सरकार ने पूर्व में ही पीएम नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर राज्य में बाढ़ से राहत के लिए 1000 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज देने की मांग की है। शुरुआती अनुमान के कारण इस साल बाढ़ से पंजाब को करीब 1700 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। पंजाब की बाढ़ की स्थितियों के बीच जल्द ही केंद्र सरकार अपना एक प्रतिनिधिमंडल यहां दौरे के लिए भेजने जा रही है, जो कि राज्य में बाढ़ के कारण हुए नुकसान की समीक्षा करेगा।
फिरोजपुर पाकिस्तान द्वारा सतलज नदी के जलप्रवाह को नियंत्रित करने वाला द्वार खोलने की वजह से पंजाब के सीमावर्ती फिरोजपुर जिले के गांवों में बाढ़ आ गई है। नदी पर बने तटबंध टूटने और बारिश की वजह से जिले के कई गांव पहले से ही जलमग्न हैं। इससे पहले पाकिस्तान ने भारत पर बिना किसी सूचना के सतलज नदी में तकरीबन 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने का आरोप लगाया था। 17 गांव प्रभावित फिरोजपुर के उपायुक्त चंदर गैंद ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा कासुर इलाके में हेडवर्क्स (पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले) गेट खोलने से हमारी तरफ के 17 गांव प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित कासुर चमड़े के कारखानों के लिए जाना जाता है। गैंद ने बताया कि कासुर जिले में चमड़े के कारखानों का कचरा बहा देने से नदी का पानी प्रदूषित हो गया है और यह प्रदूषित पानी कैंसर का मुख्य कारण है। बचाव अभियान जारी गैंद ने कहा कि सेना और एनडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में बचाव और पुनर्वास अभियान चला रही हैं। बचाव अभियानों के लिए यांत्रिक नौकाओं को भी लगाया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले पाकिस्तान ने भारत पर बिना किसी सूचना के सतलज नदी में करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ने का आरोप लगाया था जिससे देश के विभिन्न इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे।
दबाव फरीदाबाद डीसीपी विक्रम कपूर आत्महत्या केस में रोज चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पूछताछ में पता चला कि निलंबित इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद व उसका साथी पत्रकार सतीश पिछले तीन महीने से कपूर को ब्लैकमेल कर रहे थे। 13 जुलाई को डीसीपी के घर आकर शहीद ने उन्हें धमकाया था। उसने कहा था, अगर मेरे काम न हुए तो ऐसी खबरें छपवाऊंगा कि तू आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगा। पुलिस के मुताबिक, इंस्पेक्टर की एक महिला मित्र है जो उसके इशारे पर चलती है। इंस्पेक्टर उस महिला के जरिए डीसीपी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था। बुधवार को डीसीपी विक्रम कपूर ने खुद को गोली मार ली थी। सूइसाइड नोट में उन्होंने भूपानी थाने के एसएचओ रहे इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद व उसके साथी पत्रकार सतीश पर ब्लैकमेल के बारे में लिखा था। इसके बाद शहीद को निलंबित कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपियों की थी अलग-अलग डिमांड क्राइम ब्रांच की पूछताछ में शहीद ने बताया कि उसकी महिला मित्र और सतीश व उसकी डीसीपी से अलग-अलग डिमांड थी। शहीद का भांजा मुजेसर थाने में एक केस में नामजद था। वह उसे बाहर निकलवाना चाह रहा था। महिला का उसके ससुर से प्रॉपर्टी विवाद है, जिसमें महिला के पति ने पुलिस को शिकायत दी हुई है। इस केस में महिला के मुताबिक उसके पक्ष में जांच करवाने का दबाव था। वहीं, सतीश ने ईओडब्ल्यू में 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। धोखाधड़ी की पुष्टि बगैर इंस्पेक्टर यह केस डीसीपी से दर्ज करवाने का दबाव बना रहा था। शनिवार को क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर को डीसीपी एनआईटी ऑफिस लेकर गई। इसके बाद उसे शहर में दो-तीन और जगह लेकर जाया गया। उसका मोबाइल पुणे में है। उसे रिकवर कराने की कोशिश जारी है। दूसरा आरोपित सतीश फरार है और उसके देहरादून में होने का शक है।
चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ उस वक्त एक विवाद जुड़ गया, जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्होंने कश्मीर की लड़कियों पर विवादित टिप्पणी की है। बताया जा रहा था कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर की लड़कियों से शादी का रास्ता खुल गया है। उनके इस बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी निशाना साधा था। हालांकि अब मुख्यमंत्री खट्टर ने अपने भाषण का विडियो शेयर करते हुए सफाई दी है। सीएम खट्टर ने ट्वीट किया, 'कुछ मीडिया चैनल और न्यूज एजेंसियों के हवाले से एक भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार चलाया जा रहा है। जनता से मेरा ईमानदार संवाद हमेशा रहा है इसलिए मेरे बयान का पूरा विडियो मैं सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर कर रहा हूं। बेटियां हमारी शान हैं और पूरे देश की बेटियां हमारी बेटियां हैं। खट्टर के बयान की कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी शनिवार को आलोचना की। उन्होंने कहा कि खट्टर का बयान इस बात का प्रमाण है कि आरएसएस का प्रशिक्षण एक व्यक्ति की सोच को कैसा बना देता है। राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘कश्मीरी महिलाओं के बारे में हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर की टिप्पणी निंदनीय है। यह दिखाता है कि आरएसएस का वर्षों का प्रशक्षिण एक कमजोर, असुरक्षित और दयनीय व्यक्ति की सोच को कैसा बना देता है।’ उन्होंने कहा, ‘महिला कोई संपत्ति नहीं है कि पुरुषों का उन पर स्वामित्व होगा।’ खट्टर ने जवाब देते हुए लिखा, 'राहुल गांधी जी, आपके स्तर के नेता को कम से कम भ्रामक खबरों पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। मैंने जो कहा था उसका विडियो शेयर कर रहा हूं। इसे देखें मैंने असल में क्या कहा था और किस परिप्रेक्ष्य में कहा था, इससे शायद थोड़ी तस्वीर साफ होगी।' दरअसल एक कार्यक्रम के दौरान खट्टर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की सफलता की बात कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने हरियाणा में लिंगानुपात का जिक्र करते हुए कहा, 'हमारे मंत्री ओपी धनखड़ कह रहे थे कि हरियाणा में शादी के लिए लड़कियां कम पड़ेंगी, तो बिहार से ले आएंगे। कुछ लोग कह रहे हैं कि अब कश्मीर खुल गया है, वहां से ले आएंगे। मजाक की बातें अलग हैं, मगर हमें समझना होगा कि अगर लिंगानुपात सही होगा तो समाज का संतुलन बना रहेगा।'
नई दिल्ली, 03 अगस्त 2019,पंजाब के फिरोजपुर के कस्बा ममदोट में एक पाकिस्तानी घुसपैठिये को पकड़ा गया है. भारत-पाक बॉर्डर पर बीएसएफ जवानों ने घुसपैठिये को गिरफ्तार किया. जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार देर रात घुसपैठिया भारत की सीमा में घुसने का प्रयास कर रहा था. इस दौरान बीएसएफ की 118 बटालियन के जवानों ने पकड़ लिया. बीएसएफ अधिकारियों की पूछताछ में पाकिस्तानी घुसपैठिये ने बताया कि उसका नाम याकूब है और वह टोबा टेक सिंह के रजाक गांव का रहने वाला है. इससे पहले सेना के इंटेलिजेंस विभाग और सैन्य पुलिस ने मिलकर शनिवार को ही हरियाणा के हिसार से कैंट इलाके से 3 जासूसों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रागीब, मेहताब और खालिद के रूप में हुई है. मेहताब मुजफ्फरपुर का रहने वाला है, वहीं खालिद शामली का रहने का वाला है. गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी एक सप्ताह पहले ही कैंट इलाके में आए थे. कैंट इलाके में मेस बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है, इसी के लिए एक सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने लेबर के तौर पर आरोपियों को हायर किया था. आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और कुछ फोटोग्राफ बरामद हुए हैं. तीनों आरोपी व्हाट्सएप्प के जरिए कॉल और वीडियो कॉल करके पाकिस्तानी जासूसों से बातचीत करते थे. सेना को इस बात की प्रारंभिक जानकारी मिली है. आरोपियों के मोबाइल से सैन्य गतिविधियों की वीडियो क्लिप्स भी बरामद किए गए हैं. गुरुवार को तीनों आरोपियों को देर रात गिरफ्तार किया गया है.
नई दिल्ली, 03 अगस्त 2019,सेना के इंटेलिजेंस विभाग और सैन्य पुलिस ने मिलकर हरियाणा के हिसार से कैंट इलाके से 3 जासूसों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रागीब, मेहताब और खालिद के रूप में हुई है. मेहताब मुजफ्फरपुर का रहने वाला है, वहीं खालिद शामली का रहने का वाला है. गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी एक सप्ताह पहले ही कैंट इलाके में आए थे. कैंट इलाके में मेस बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है, इसी के लिए एक सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने लेबर के तौर पर आरोपियों को हायर किया था. आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और कुछ फोटोग्राफ बरामद हुए हैं. तीनों आरोपी व्हाट्सएप्प के जरिए कॉल और वीडियो कॉल करके पाकिस्तानी जासूसों से बातचीत करते थे. सेना को इस बात की प्रारंभिक जानकारी मिली है. आरोपियों के मोबाइल से सैन्य गतिविधियों की वीडियो क्लिप्स भी बरामद किए गए हैं. गुरुवार को तीनों आरोपियों को देर रात गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले 22 जुलाई को एजेंसियों के इनपुट के आधार पर पंजाब के अमृतसर से एक रेलवे कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार कर्मचारी पर आरोप था कि ये कर्मचारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहा था. गिरफ्तार आरोपी ने भारत से जुड़ी सूचनाएं पड़ोसी मुल्क को मुहैया कराई थी. लेकिन इनपुट मिलने के बाद पंजाब पुलिस ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया था. आरोपी का नाम रमकेश मीणा है, जो अटारी रेलवे स्टेशन पर तैनात था. रमकेश भारतीय रेलवे में चौथी श्रेणी का कर्मचारी को BSF अधिकारियों की कुछ तस्वीरें भी मिली थीं.
कुरुक्षेत्र हरियाणा विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चुनावों से पहले ही दोनों ही पार्टियां रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं। एक तरफ कोशिश दोबारा सत्ता हासिल करने की है तो दूसरी तरफ बीजेपी को बेदखल कर खुद सत्ता में आने की है। कांग्रेस अपनी नई रणनीति के तहत राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को यहां चुनाव प्रचार की कमान देने की तैयारी में है। उधर, बीजेपी हाल ही में पार्टी में शामिल हुईं और हरियाणा में बेहतर दखल रखने वाली सपना चौधरी के जरिए 75+ का सपना संजोए है। इसके साथ ही यह भी खबर है कि अगर हरियाणा में सपना का जादू चल गया तो फिर पार्टी उन्हें दिल्ली से विधानसभा भेजने की भी तैयारी में है। बता दें कि गुरुग्राम में 2016 में एक विवादों से अचानक चर्चा में आईं सपना चौधरी पहले कांग्रेस में ही शामिल होना चाहती थी। उन्होंने प्रियंका गांधी से मुलाकातें भी कीं। पर, ऐन मौके पर भोजपुरी फिल्मों के गायक, अभिनेता और दिल्ली में बीजेपी के प्रमुख नेता मनोज तिवारी पार्टी में सपना चौधरी को लाने में कामयाब हो गए। हालांकि सपना चौधरी ने बीजेपी दिल्ली में ही जॉइन की, पर जेजेपी नेता दिग्विजय सिंह ने एक विवादास्पद बयान देकर सपना का रास्ता हरियाणा में भी खोल दिया है। इस बार चुनाव में मुद्दे स्थानीय असल में लोकसभा चुनावों में चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे और मुद्दा देश की सुरक्षा का था। हरियाणा विधानसभा चुनावों में चेहरा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हैं और मुद्दे घर-घर की कहानी की तरह स्थानीय हैं। लोकसभा चुनावों में भी जब प्रियंका गांधी ने रोहतक और अंबाला में दौरा किया तो भीड़ देखने के बाद दोनों जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दौरा करना पड़ा था। हालांकि दो दिन रोहतक में बीजेपी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रदेश के सभी बीजेपी नेताओं ने तैयारियों में खूब पसीना बहाया है। टारगेट 75 प्लस है इस बार टारगेट 75 प्लस है। सूबे के इतिहास में चौधरी देवीलाल ने 1987 में अधिकतम 90 में से 85 सीटें जीती थी। बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि यह रेकॉर्ड तोड़ना है। अभी केंद्रीय अमित शाह का भी यहां दौरा होना है और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दौरा करेंगे। बीजेपी नहीं चाहती कोई रिस्क राजनीति के जानकारों का कहना है कि मजबूत स्थिति के बावजूद बीजेपी यहां किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती। वह अपने टारगेट को ध्यान में रखते हुए, उसी के अनुरूप आगे बढ़ रही है। इसी रणनीति के तहत सपना चौधरी को हरियाणा में चुनाव प्रचार के लिए लाया जाएगा। रोड शो में दिखेगा सपना का जलवा सूत्रों का कहना है कि सपना संभव है चुनाव प्रचार के दौरान किसी प्रकार का भाषण नहीं दें। हां, पर मंच मौजूद जरूर रहेंगी। उधर, चुनावों में प्रचार कार्यक्रम को तय कर रहे नेताओं का मानना है कि सपना चौधरी को प्रदेश में जगह-जगह होने वाले रोड शो में लाया जाए ताकि प्रियंका के लिए होने वाली भीड़ का जवाब सपना चौधरी का दीदार करने आने वालों की भीड़ से दिया जा सके। अगर ऐसा होता है तो रोड शो के दौरान वाहन पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रत्याशियों के साथ- साथ सपना चौधरी भी दिखाई देंगी। दिल्ली से चुनाव लड़ सकती हैं सपना इस बीच यह भी जानकारी मिली है कि बीजेपी सपना चौधरी को दिल्ली विधानसभा में पहुंचाना चाहती है। अगर हरियाणा विधानसभा चुनावों में सपना चौधरी का योगदान बीजेपी के लिए ठीक रहा तो दिल्ली विधानसभा के लिए सपना चौधरी को बाहरी दिल्ली क्षेत्र से चुनाव लड़वाया जाएगा।
चंडीगढ़ क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सिद्धू ने खुद ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी। ट्विटर पर उन्होंने वह पत्र भी पोस्ट किया है, जिसे उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को संबोधित करते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। सिद्धू के मुताबिक, उन्होंने 10 जून को ही राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया था। सिद्धू ने रविवार को एक अन्य ट्वीट में यह भी कहा कि वह जल्द ही अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को भी भेजेंगे। उधर, मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि उन्हें नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफा नहीं मिला है। इस्तीफे में कहा गया है कि यह तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष को भेजा गया था। बता दें कि कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के साथ जारी विवाद को लेकर पिछले दिनों सुर्खियों में रहे। लोकसभा चुनावों के समय से ही दोनों नेताओं में मनमुटाव चल रहा है। सीएम कैप्टन अमरिंदर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक से भी सिद्धू नदारद रहे थे। लोकसभा चुनावों में हार के बाद से अनबन लोकसभा चुनावों के दौरान पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए खुद को जानबूझकर निशाना बनाए जाने का सिद्धू ने आरोप लगाया था। वहीं सीएम ने सिद्धू से उनका विभाग छीन लिया था। सिद्धू के पास पहले स्थानीय प्रशासन और पर्यटन-संस्कृति मंत्रालय की जिम्मेदारी थी। इसे छीनकर उन्हें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया था। प्रभार बदले जाने के बाद से ही सिद्धू कैप्टन से नाराज चल रहे थे। दरअसल, लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने कैप्टन के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई थी। इसका सिद्धू ने भी समर्थन किया था। सीएम ने सिद्धू पर बोला था हमला इसके बाद सीएम अमरिंदर ने सिद्धू को महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा था कि उन्हें लगता है कि शायद सिद्धू की ख्वाहिश मुख्यमंत्री बनने की है। इसके अलावा कैप्टन ने नवजोत सिद्धू के पाकिस्तान जाकर वहां के सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा से गले मिलने को लेकर भी उन पर वार किया था।
नवांशहर, पंजाब के नवांशहर में तैनात पुलिस का एक हेड कांस्टेबल एक ड्रग्स तस्कर निकला. उसकी करतूत सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह कनाडा से स्वदेश लौटा. पुलिस के सामने उसके काले कारनामों का बखान पहले पकड़े जा चुके दो तस्करों ने किया. आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था. पंजाब पुलिस विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया. जब उनके विभाग के कर्मचारी यानी नवांशहर में तैनात पुलिस हेड कांस्टेबल प्रीतपाल सिंह का नाम दो ड्रग्स स्मगलरों ने पुलिस को बताया. मामला अंदरूनी था, लिहाजा पुलिस ने प्रीतपाल के खिलाफ एक गुप्त जांच पड़ताल शुरू कर दी. छानबीन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. दरअसल, पुलिस ने कुछ दिन पहले दो ड्रग्स तस्करों को पकड़ा था. जब उन दोनों से सख्ती के साथ पूछताछ की गई तो होशियारपुर निवासी हेड कांस्टेबल प्रीतपाल सिंह के नाम का खुलासा हुआ. वो दिल्ली में रहने वाले एक अफ्रीकन नागरिक के साथ मिलकर नशे का कारोबार कर रहा था. वो उसी अफ्रीकन से हेरोइन मंगवाकर उसे आगे बेच देता था. उसने अपना एक पूरा रैकेट तैयार कर लिया था. जिसमें अफ्रीकन नागरिक के अलावा एक महिला और एक युवक भी शामिल था. उनकी पहचान सन्नी और परमजीत कौर के तौर पर हुई. उन दोनों को पुलिस ने बीती 2 जुलाई को करीब 4 दर्जन नशे के इंजेक्शन और 20 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था. जब उनसे पूछताछ की गई तो सारा खुलासा हो गया. इस संबंध में पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी कांस्टेबल प्रीतपाल सिंह बहुत शान की जिंदगी जी रहा था. उसने अपने परिवार को भी घूमने के लिए कनाडा भेजा था. वह साल 2002 से नशा कर रहा था. अफ्रीकन नागरिक के संपर्क में आने के बाद नशीले पदार्थ बेचने भी लगा. पुलिस के मुताबिक प्रीतपाल सिंह के रैकेट में शामिल सन्नी पर एक और परमजीत के खिलाफ 10 मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं. पुलिस ने आरोपी हेड कांस्टेबल प्रीतपाल को कोर्ट से 3 दिन की रिमांड पर लिया है. अब पुलिस की एक टीम आरोपी और उसके साथियों से पूछताछ कर रही है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में प्रीतपाल से अहम जानकारी मिल सकती है.
चंडीगढ़ पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी के पद छोड़ने के बाद अब किसी युवा जमीनी नेता को ही कांग्रेस पार्टी का अध्‍यक्ष बनाया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि देश की युवा आबादी को ध्‍यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी को एक युवा पार्टी अध्‍यक्ष की जरूरत है। कैप्‍टन का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब राहुल गांधी की जगह पर पार्टी अध्‍यक्ष बनाए जाने के लिए कई नामों पर विचार चल रहा है। लिखें कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'राहुल गांधी के पद छोड़ने के दुर्भाग्‍यपूर्ण फैसले के बाद आशा करता हूं कि एक युवा और बहुमुखी प्रतिभा का धनी नेता कांग्रेस पार्टी का अध्‍यक्ष बनेगा। मैं कांग्रेस वर्किंग कमिटी से अनुरोध करुंगा कि इस बात का ध्‍यान रखे कि युवा भारत को एक युवा नेता की जरूरत है। ऐसा नेता पार्टी का अध्‍यक्ष बने जो विशाल युवा आबादी की अपेक्षाओं को पूरा कर सके और उसका जमीनी स्‍तर पर लोगों से जुड़ाव हो।' बता दें कि कांग्रेस अध्‍यक्ष पद की दौड़ में कई नामों पर विचार चल रहा है और माना जा रहा है कि 21 साल बाद अब पार्टी को कोई गैर-गांधी प्रेजिडेंट मिल सकता है। जिन नामों पर सबसे ज्‍यादा चर्चा है, उनमें राजस्‍थान के सीएम अशोक गहलोत, मध्‍य प्रदेश के सीएम कमलनाथ, सुशील कुमार शिंदे, मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं। हालांकि पार्टी का एक धड़ा राजस्‍थान के डेप्‍युटी सीएम सचिन पायलट के नाम की भी सिफारिश कर रहा है। गौरतलब है कि राहुल गांधी के इस्‍तीफे के बाद अब कांग्रेस वर्किंग कमिटी को अब नया अध्यक्ष चुनना होगा। चुनावी हार के बाद कांग्रेस में जारी नेतृत्व संकट के बीच यह समझना महत्वपूर्ण है कि आजादी के बाद गांधी परिवार से संबंध न रखने वाले कौन से नेता पार्टी प्रेजिडेंट बने। पार्टी को 21 साल बाद अब कोई गैर-गांधी प्रेजिडेंट मिल सकता है। इससे पहले सीताराम केसरी 1996 से 1998 तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे थे, जो गांधी परिवार से नहीं थे।
नई दिल्ली, 30 जून 2019,भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर को लेकर बातचीत हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक, भारत ने करतारपुर कॉरिडोर पर वार्ता के लिए पाकिस्तान के साथ तारीख प्रस्तावित की है. हलांकि, अभी तक दोनों देशों से आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की गई है. हाल ही में भारत की ओर से ये बयान आया था कि पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत के प्रस्तावों को मानने से मना कर दिया है, साथ ही इस पर पाकिस्तान ने कुछ नियम और शर्तें भी लगाई थी. पाकिस्तान ने इसे लेकर भारत के लगभग सभी प्रस्तावों को मानने से इनकार कर दिया था. इन मांगों को पाकिस्तान ने मानने से किया था इनकार 1. भारत ने कहा था कि 5000 यात्री हर दिन करतारपुर साहिब के दर्शन करें और किसी खास दिन जैसे बैसाखी, गुरुपूर्णिमा के समय 15000 यात्री प्रतिदिन दर्शन करें, लेकिन मीटिंग में पाकिस्तान ने इस पर नकार कर दिया. उसने कहा है कि रोजाना सिर्फ 500 श्रद्धलु दर्शन करेंगे, जो संख्या भारत के हिसाब से बहुत कम है. 2. भारत ने मांग की था कि सभी भारतीय नागरिक और OCI कार्ड धारक करतारपुर साहिब के दर्शन करने जाएं पर पाकिस्तान ने कहा कि केवल सिख ही वहां पर दर्शन करने जाएंगे. 3. भारत ने पाकिस्तान से कहा कि एक परिवार या फिर एक ग्रुप चाहे जितनी संख्या का हो उसको करतारपुर के दर्शन करने के लिए पाकिस्तान इजाजत दे, लेकिन पाकिस्तान ने यहां भी भारत की बात नहीं मानी और उसने कहा कि केवल और केवल 15 श्रद्धालुओं का ग्रुप ही एक बार मे भारत से दर्शन करने जा सकता है. भारत ने इसको लेकर ऐतराज जताया था. 4. भारत ने कहा कि कोई व्यक्ति चाहे गाड़ी से जाए या फिर वो दर्शन करने पैदल जाना चाहता है वो जा सकता है, ये उसकी इच्छा के अनुसार होना चाहिए, लेकिन पाकिस्तान ने यहां भी अपनी मनमानी चलाते हुए कहा कि बॉर्डर के पार कोई पैदल दर्शन करने नहीं जा सकता है. दर्शन करने वाला श्रद्धालु सिर्फ और सिर्फ गाड़ी से ही जा सकता है. 5. करतारपुर साहिब को महाराजा रणजीत सिंह ने और कुछ श्रद्धालुओं ने मिलकर 100 एकड़ जमीन दान में दी थी. पाकिस्तान इस भूमि का इस्तेमाल अपने लिए कर रहा है. भारत ने कहा की 100 एकड़ जमीन करतारपुर साहिब ट्रस्ट में रखा जाए. पाकिस्तान ने इस बात को भी अपनी मीटिंग के दौरान अस्वीकार कर दिया.
नई दिल्ली, 30 जून 2019,सीमा पार पाकिस्तान से नशीले पदार्थों को तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही है. अब पाकिस्तान से लगे वाघा बॉर्डर पर 640 किलोग्राम हेरोइन के साथ 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस हेरोइन की कीमत 3200 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह अब तक पकड़ी गई नशीले पदार्थों की सबसे बड़ी खेप मानी जा रही है. इस हेरोइन को नमक के पैकेट में भरकर लाया जा रहा था. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ये हेरोईन नमक से भरे एक ट्रक में छिपाकर लाया गया था. ये ट्रक अटारी-वाघा बॉर्डर पर के जरिये भारतीय सीमा में प्रवेश किया था. सूत्रों ने बताया कि नमक को लेकर ये ट्रक शनिवार को यहां पहुंचा था. बाद में इसे गोदाम में रखा गया था, जांच के दौरान ड्रग तस्करी का खुलासा हुआ है. कस्टम विभाग के अधिकारियों ने जब ट्रक को चेक किया तो इसमें छोटे-छोटे पैकेट में हेरोईन भरा हुआ था. अंदाजा लगाया जा रहा है कि ड्रग्स के इन पैकेट्स की संख्या सैकड़ों में हो सकती है. माना जा रहा है कि इस माल का ऑर्डर अमृतसर के एक व्यापारी ने दिया था. अब पुलिस इस व्यापारी से पूछताछ कर रही है. बता दें पंजाब का बॉर्डर इलाका ड्रग्स की तस्करी के लिए कुख्यात है. यहां से नशे का कारोबार लगातार चलता रहता है. सुरक्षा एजेंसियां इस इलाके से लगातार ड्रग्स की खेप जब्त करती रही हैं.
बाजवा चंडीगढ़ पंजाब कांग्रेस के पूर्व चीफ और राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ने एआईसीसी की विदेश मामलों संबंधी समिति के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद पार्टी के सीनियर नेताओं को भी इस्तीफा देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सीनियर नेताओं को अपने पदों से इस्तीफा देकर राहुल गांधी को काम करने की खुली छूट देनी चाहिए, ताकि वह पार्टी के हित में फैसले ले सकें। लिखें बाजवा ने कहा, 'कांग्रेस में बड़े स्तर पर ढांचागत बदलाव की जरूरत है। पार्टी को नए चेहरों की जरूरत है। राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करने के लिए, नेतृत्व में भरोसा दिखाने के लिए और उन्हें (राहुल को) यह समझाने के लिए कि पार्टी के लिए वह जो भी फैसला लेगें, उसमें सभी उनके साथ हैं, मुझे लगता है कि पार्टी के सभी सीनियर नेताओं को इस्तीफा दे देना चाहिए।' उन्होंने कहा कि सभी सीडब्ल्यूसी मेंबरों, मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों को इस्तीफा दे देना चाहिए। बाजवा ने कहा कि जिन पार्टी नेताओं ने अच्छा काम किया है, राहुल गांधी निश्चित ही उनसे खुश होंगे और उनका इस्तीफा नहीं स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि राहुल गांधी को काम करने की आजादी मिले। पिछले 70 सालों में से 50 साल कांग्रेस ने देश में सरकार चलाई है, इसलिए कार्यकर्ताओं को निराश होने की जरूरत नहीं है। बीजेपी 1984 में दो सीटों वाली पार्टी थी लेकिन उसने आगे बढ़ने के लिए मेहनत की।'
नई दिल्ली, 29 जून 2019,हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार ने राज्य के विभिन्न सरकारी कॉलेजों में पढ़ा रहे गेस्ट लेक्चरर को 'समान कार्य के लिए 'समान वेतन' का लाभ दिया है. शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने गुरुवार को कहा कि सभी गेस्ट लेक्चरर को प्रति माह 57,700 रुपये का पारिश्रमिक दिया जाएगा. उन्होंने कहा, गेस्ट लेक्चरर की सैलरी में बढ़ोतरी की वजह से राज्य सरकार को प्रति वर्ष लगभग 81.27 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च किया जाएगा." मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. आपको बता दें, गेस्ट टीचर्स के लिए सैलरी में वृद्धि पिछले साल की गई थी. वहीं एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा- "हरियाणा सरकार ने गेस्ट टीचर्स के वेतन में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया है". इसके अलावा सरकार ने जनवरी और जुलाई के महीने में साल में दो बार उनका वेतन बढ़ाने का भी फैसला किया है. प्रवक्ता ने बताया कि पिछले साल तय किया गया था कि गेस्ट टीचर्स जेबीटी / ड्राइंग शिक्षक, मास्टर या स्कूल में पढ़ा रहे हैं सभी गेस्ट टीचर्स की सैलरी 1 जुलाई, 2018 से क्रमशः 26,000 रुपये, 30,000 रुपये और 36,000 रुपये होगी. वहीं आपको बता दें, दिल्ली सरकार ने मार्च में ऐलान किया था कि दिल्ली के स्कूलों में पढ़ा रहे गेस्ट टीचर्स रेगुलर टीचर्स की तरह 60 साल की उम्र तक शिक्षा दे सकते हैं
लुधियाना पंजाब के लुधियाना की हाई सिक्यॉरिटी जेल में कैदियों के दो गुटों में जमकर खूनी संघर्ष के दौरान एक कैदी की मौत हो गई जबकि 35 अन्‍य घायल हो गए। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए गोलियां चलानी पड़ीं। संघर्ष में पुलिस का एक वरिष्ठ अधिकारी भी घायल हो गया। मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने इस घटना की मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। लुधियाना के डीसी पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे। यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब जेल के एक कैदी की पटियाला अस्पताल में गुरुवार को मौत हो गई। कैदी पर नशीले पदार्थों के एक मामले में मुकदमा चल रहा था। डीसीपी अश्विनी कपूर ने बताया कि सनी सूद को बीमारी के चलते बुधवार को पटियाला अस्पताल ले जाया गया था जहां उसकी मौत हो गई। खबर यहां पहुंचते ही उसके साथी अपराधियों ने दूसरे कैदियों को उकसाना शुरू कर दिया। इन बदमाशों ने पुलिस पर सूद की हत्या का भी आरोप लगाया। जेलकर्मियों को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए गोलियां चलानी पड़ींं। अधिकारियों ने बताया कि कैदियों ने जेल अधीक्षक के सरकारी वाहन और जेल की रसोई के एक हिस्से को एलपीजी सिलिंडर के जरिए आग लगा दी। करीब 300 दंगाइयों ने जेल के मुख्य द्वार को तोड़ने की भी कोशिश की। डीसीपी कपूर ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी तादाद में पुलिस बल को जेल भेजना पड़ा। जेल में हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल होने के फायदा उठाकर कुछ कैदी फरार हो गए। गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब की पटियाला की नई नाभा जेल में सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी और बरगाड़ी गुरु ग्रंथ साहिब से बेअदबी के आरोपी मोहिंदरपाल बिट्टू की हत्या के बाद जेल प्रशासन पर सवाल उठे थे। दो साथी कैदियों से विवाद के बाद बिट्टू की हत्या कर दी गई थी।
नई दिल्ली, कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का बिजली मंत्री बने हुए 21 दिन हो गए हैं लेकिन सिद्धू ने न तो अब तक चार्ज लिया है और न ही अपने ऑफिस आए हैं. राज्य में इस वक्त धान की बुआई का मौसम है, किसानों को खेतों में रोजाना आठ से दस घंटे तक बिजली चाहिए होती है, लेकिन मंत्री न होने की वजह से किसान परेशान हैं. सिद्धू की गैरमौजूदगी में कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद बिजली विभाग के अधिकारियों की मीटिंग ले चुके हैं. देश में खेती के सीजन के बीच पंजाब के बिजली मंत्री पिछले तीन हफ्तों से अपने दफ्तर नहीं पहुंचे हैं. 6 जून को पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी कैबिनेट में फेर बदल किया था. तब कैप्टन अमरिंदर ने नवजोत सिंह सिद्धू से महत्वपूर्ण माना जाने वाला स्थानीय शासन विभाग ले लिया था और उन्हें बिजली और नयी एवं नवीकरणीय ऊर्जा का प्रभार दिया था. माना जाता है कि सिद्धू अपना पोर्टफोलियो छीने जाने से नाराज थे. सिद्धू की ये नाराजगी अभी तक जारी है. 21 दिन गुजर जाने के बाद भी सिद्धू ने बिजली मंत्री का चार्ज नहीं संभाला है. इस बीच बिजली मंत्री के अभाव में बिजली सप्लाई पर असर पड़ा है. इस वक्त किसानों को खेती के लिए बिजली की जरूरत होती है, लेकिन मंत्री के अभाव में सप्लाई व्यवस्था पर असर पड़ी है. हालांकि दिक्कत दूर करने के लिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद बिजली विभाग के अधिकारियों की मीटिंग ले रहे हैं और उन्हें लगातार निर्देश दे रहे हैं. इस बीच बुधवार को सचिवालय में नवजोत सिंह सिद्धू के ऑफिसर के सामने बिजली मंत्री वाली नेम प्लेट जरूर लगा दी गई. इससे अब उम्मीद जताई जा रही है कि सिद्धू जल्द बिजली महकमे को ज्वाइन कर सकते हैं. मंत्रालय में फेरबदल किये जाने के बाद सिद्ध ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी. 9 जून को इसकी तस्वीरें उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर भी डाला था. इसके बाद से उनका ट्विटर भी शांत पड़ा हुआ है. मंत्री महोदय की गैर हाजिरी के बीच बिजली मंत्रालय में काम कराने आने वाले लोगों को परेशान होना पड़ रहा है. कई किसान भी अपनी अर्जी लेकर आ चुके हैं, लेकिन यहां सुनने वाला कोई नहीं है. अब कांग्रेस के विधायक ही सिद्धू को नसीहत दे रहे हैं कि उन्हें अपनी जिद छोड़नी चाहिए और किसानों के हितों को देखते हुए मंत्रालय ज्वाइन कर लेना चाहिए. कांग्रेस विधायक नवतेज चीमा ने कहा कि गर्मी की वजह से किसान और आम जनता दोनों ही परेशान हो रही है, इसलिए उन्हें तुरंत अपना मंत्रालय ज्वाइन करना चाहिए.
मोहाली, 21 जून 2019,पंजाब के मोहाली में कांग्रेस नेता और राज्य सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टर्स में लिखा गया है कि आप राजनीति कब छोड़ रहे हैं. इस्तीफे का इंतजार किया जा रहा है. मोहाली में लगे ये पोस्टर इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं. इन पोस्टर में नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधने की कोशिश की गई है. पोस्टर में नवजोत सिंह सिद्धू से पूछा गया है, 'आप राजनीति कब छोड़ रहे हैं. यह वक्त अपने शब्दों पर ध्यान देने का है. हम आपके इस्तीफे का इंतजार कर रहे हैं.' हालांकि पोस्टर से यह साफ नहीं है कि यह पोस्टर किसके कहने पर लगाए गए हैं. बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में से एक थे. लोकसभा चुनाव के दौरान ही उन्होंने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए रायबरेली में चुनाव प्रचार किया. सिद्धू ने रायबरेली में सोनिया गांधी के लिए चुनाव प्रचार करते हुए एक सभा में कहा था कि अगर राहुल गांधी अमेठी से हार जाते हैं तो वह राजनीति छोड़ देंगे. सिद्धू उस समय आत्मविश्वास से लबरेज थे और शायद उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका यह बयान एक महीने के अंदर ही भारी पड़ने वाला है. क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार अमेठी से बीजेपी की स्मृति ईरानी से हार गए थे. राहुल गांधी के अमेठी से हारने के साथ ही लोगों ने भी सिद्धू को ट्रोल करना और पूछना शुरू कर दिया कि वो राजनीति से कब इस्तीफा देंगे.
-पंजाब स्किल्ड डवलपमेंट मिशन के तत्वावधान में मिला प्रशिक्षण, अब मिलेगी नौकरी अबोहर। सीतो गुन्नो के ग्रामीण क्षेत्र की 41 बेटियां अब अपने पांवों पर खड़ी हो गई हैं। पंजाब स्किल डवलपमेंट मिशन के तत्वावधान में इन बेटियों को रेडिमेड कपड़ों की डिजाइनिंग एवं सिलाई का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। अब इन बेटियों को देश की नामी रेडिमेड वस्त्र निर्माता कंपनी शाही एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में रोजगार मिलेगा। इन लड़कियों को शाही एक्सपोर्ट की फरीदाबाद यूनिट में औपचारिक प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। लड़कियों की बस को पंजाब स्किल्ड डवलपमेंट मिशन के ब्लॉक थेमेटिक एक्सपर्ट (एसएम) रजत ओटरेजा तथा ब्लॉक थेमेटिक एक्सपर्ट (टी एंड पी) रविन्द्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर फरीदाबाद के लिए रवाना किया। 26 दिन के औपचारिक प्रशिक्षण के बाद इन लड़कियों को कंपनी में नौकरी पर रखा जाएगा। प्रत्येक लड़की को हर महीने 10 हजार 200 रुपए वेतन दिया जाएगा। शाही एक्सपोर्ट के सीतो गुन्नो स्थित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना सेंटर के प्रबंधक विक्रम सिंह ने बताया कि ये सभी लड़कियां सीतो गुन्नो क्षेत्र के ग्रामीण इलाके की रहने वाली हैं। इन लड़कियों को दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत चयनित कर 52 दिन तक नियमित प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण अवधि के दौरान लड़कियों को 125 रुपए प्रतिदिन टीए-डीए भत्ता दिया गया। जल्द शुरू होगा नया बैच... विक्रम सिंह ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत नए सिलाई मशीन ऑप्रेटर बैच की शुुरुआत जल्द ही की जाएगी। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र की पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण और अठारह वर्ष आयु पूर्ण कर चुकी लड़कियां पात्र हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने की इच्छुक पात्र लड़कियां अधिक जानकारी के लिए सेंटर में अपने परिजनों के साथ संपर्क कर सकती हैं। जिन लड़कियों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया जाएगा, उन्हें 125 रुपए प्रतिदिन टीए-डीए दिया जाएगा।
डबवाली नगर की प्रमुख सामाजिक संस्था 'अपनेÓ को रोहतक में 'वक्त दे रक्त देंÓ संस्था द्वारा चतुर्थ स्थापना दिवस के पर आयोजित राष्ट्रीय रक्तदान सम्मान समारोह-2019 में रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। संस्था की ब्लड डोनर विंग के प्रभारी हरीश सेठी ने यह सम्मान प्राप्त किया। समारोह में हरियाणा के सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर, रोहतक के सांसद अरविंद शर्मा, रोहतक के उपायुक्त आरएस वर्मा, मेयर मनमोहन गोयल, एम्स दिल्ली के ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ पूनम कौशिक ने सभी प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। अब तक 20 कैंपों में करवाया 4937 यूनिट रक्तदान: रोहतक से लौटकर हरीश सेठी ने बताया कि अपने संस्था ने पहला रक्तदान कैंप 9 नवंबर 2015 को आयोजित किया था और अब तक संस्था द्वारा 20 कैंप लगाए जा चुके हैं जिनमें 4937 यूनिट रक्तदान करवाया गया। इन कैंपों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली आदि से पहुंची विभिन्न ब्लड बैंकों की टीमों ने रक्त एकत्रित किया। इसके अलावा मरीज को जरूरत पडऩे पर एमरजेंसी में भी अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर करीब 1200 यूनिट उपलब्ध करवाया है। रक्तदान क्षेत्र में इस उल्लेखनीय कार्य के लिए संस्था को अब तक अनेक बार जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। हरीश सेठी ने करवाया बोन मैरो डोनर का रजिस्ट्रेशन: अपने संस्था की ब्लड डोनर विंग के प्रभारी हरीश सेठी ने बताया कि उनका रक्त ग्रुप ए-नेगेटिव है और वे अब तक 14 बार रक्त कर चुके है। रोहतक में उन्होंने बोन मैरो डोनर के तौर पर भी अपना रजिस्ट्रेशन करवा दिया है। इसके बाद अब जरूरतमंद मरीज के साथ रिपोर्ट मैचिंग होने पर वे कहीं पर भी जाकर स्टेम सेल्स डोनेट करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर डबवाली क्षेत्र में काफी जागरुक्ता आई है। अपने संस्था द्वारा शहर व गांवों में स्वेच्छा से रक्तदान की इच्छा रखने वाले लोगों को लगातार साथ जोड़ा जा रहा है।
नई दिल्ली, 16 जून 2019, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सूबे में जल संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है. पीएम मोदी से अपील करते हुए सीएम अमरिंदर ने कहा कि पंजाब गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है और पानी को लेकर कई राज्यों के बीच विवाद है. भारत सरकार से मांग करते हैं कि वह नदी जल न्यायाधिकरण का गठन करे. इससे पहले शनिवार को नीति आयोग की बैठक में भी अमरिंदर सिंह ने पत्र के माध्यम से अपने मांगे रखी थीं. इस बैठक में पंजाब का प्रतिनिधित्व राज्य के मुख्य सचिव करन अवतार सिंह ने किया. अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्यों के बीच पानी के बंटवारे से जुड़े विवादों के निवारण के लिए नए न्यायाधिकरणों की स्थापना होनी चाहिए. कृषि संकट का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि मुश्किल से घिरे किसानों को एक बार में कर्जमाफी के जरिए राहत पहुंचाई जाए. उन्होंने केंद्र सरकार से यह आग्रह भी किया कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत दी जाने वाली सालाना राशि को छह हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाए. एक ओर अमरिंदर सिंह पीएम मोदी से मदद मांग रहे हैं तो वहीं उन पर पाकिस्तान को रोज़ाना 15,000 से 20,000 क्यूसेक पानी देने का आरोप है. पंजाबी एकता पार्टी (PEP) के प्रमुख सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि पाकिस्तान को इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ने का फैसला असामयिक और अस्पष्ट था. उन्होंने कहा कि सरकार पाकिस्तान को रोज़ाना लगभग 15,000 से 20,000 क्यूसेक पानी क्यों जारी कर रही है, जबकि राज्य की सभी प्रमुख नहरें सूखी हैं. सुखपाल सिंह खैरा ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह जो सिंचाई मंत्री भी हैं, उनसे आग्रह किया कि पाकिस्तान को पानी देना बंद करें. और उसका वर्तमान फसलों की सिंचाई के लिए 15,000 से 20,000 क्यूसेक पानी का आवंटन पंजाब को करें.
चंडीगढ़ पंजाब के मुक्तसर शहर में कांग्रेस पार्षद के भाई का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस विडियो में पार्षद राकेश चौधरी के भाई एक महिला की बर्बर पिटाई करते हुए दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि पैसों के लेन-देन से जुड़े एक मामले को लेकर ही पार्षद का भाई महिला के घर पहुंचा था, जहां उसने पीड़ित महिला की बुरी तरह पिटाई की। शुक्रवार को इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का विडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद एसएसपी मंजीत धेसी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। अब तक इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें कठोर सजा दिलाने के लिए कार्रवाई कराई जा रही है। इसके अलावा इस घटना में पीड़ित महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।' बताया जा रहा है कि इस घटना में मुख्य आरोपी का नाम सन्नी चौधरी है, जो कि स्थानीय कांग्रेस पार्षद राकेश चौधरी का भाई है। पुलिस ने पैसों के लेन-देन को इस घटना के पीछे की वजह बताया है। वहीं आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
चंडीगढ़ पंजाब कांग्रेस के दो प्रमुख चेहरों मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जारी विवाद बढ़ता जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग के बाद गुरुवार को सिद्धू, सीएम अमरिंदर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक से नदारद रहे। इसके बाद सिद्धू ने सीएम पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। लोकसभा चुनावों के बाद पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने पहली कैबिनेट बैठक बुलाई थी। सीएम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कांग्रेस के कद्दावर नेता तथा पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू नहीं पहुंचे। इसके बाद सिद्धू ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें अनुचित तरीके से कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है और कुछ लोग उन्हें पार्टी से बाहर निकालना चाहते हैं। लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के स्टार प्रचारक रहे सिद्धू ने कैप्टन पर ही निशाना साधते हुए कहा, 'कांग्रेस के प्रदर्शन के लिए मुझ पर निशाना साधा जा रहा है, जो कि गलत है। हार सामूहिक जिम्मेदारी है। मुझे महत्वहीन नहीं समझा जा सकता है। सिर्फ मेरे ही खिलाफ ऐक्शन क्यों लिया जा रहा है? बाकी नेताओं-मंत्रियों के खिलाफ क्यों नहीं? मैं हमेशा ही बेहतर परफॉर्मर रहा हूं।' सूत्रों के अनुसार इस कैबिनेट बैठक में पंजाब के कुछ मंत्रियों के विभाग बदलने और कुछ को हटाए जाने पर चर्चा होनी थी। सीएम कैप्टन अमरिंदर पहले ही कह चुके हैं कि लोकसभा चुनावों में शहरी इलाकों में पार्टी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए सिद्धू से उनका विभाग छीना जा सकता है। सिद्धू की इस गैरमौजूदगी को कैप्टन के खिलाफ उनके विरोध के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में कहा था कि मंत्री के तौर पर सिद्धू के प्रदर्शन की समीक्षा की जरूरत है और वह अपना ही विभाग संभाल पाने में सक्षम नहीं हैं। इसके बाद सिद्धू ने अपने स्थानीय निकाय विभाग के कामकाज का भी बचाव करते हुए कहा कि पंजाब के किसी दूसरे मंत्री ने इतनी पारदर्शिता से काम नहीं किया। अमरिंदर सिंह ने कहा था, 'पंजाब के शहरी इलाकों में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। सिद्धू शहरी विकास मंत्री हैं। बता दें कि लोकसभा चुनावों के समय से ही दोनों नेताओं में अनबन चल रही है। लोकसभा चुनाव 2019 में टिकट नहीं मिलने पर सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कैप्टन के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई थी। इसका सिद्धू ने भी समर्थन किया था। इसके बाद सीएम अमरिंदर ने सिद्धू को महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा था कि उन्हें लगता है कि शायद सिद्धू की ख्वाहिश मुख्यमंत्री बनने की है। इसके अलावा सीएम कैप्टन ने नवजोत सिद्धू के पाकिस्तान जाकर वहां के सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा से गले मिलने को लेकर कैप्टन ने उन पर वार किया था।
चंडीगढ़, 02 जून 2019, पंजाब के लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला ने शनिवार को कहा कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण कार्य 30 सितंबर तक पूरा हो जाएगा. भारत की तरफ के हिस्से के निर्माण कार्य का व्यापक निरीक्षण करने के बाद मंत्री ने करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा होने की बात कही है. यह गलियारा भारत के पंजाब राज्य के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के करतारपुर साहिब गुरुद्वारा से जोड़ेगा. इस कॉरिडोर का करीब 25 फीसदी काम पूरा हो चुका है. विजय सिंगला ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि 4.2 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव (1469-1539) के 550वें जन्मदिवस समारोह से पहले पूरा कर लिया जाएगा. चूंकी कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान की सीमा में भी पड़ता है. इसलिए यह पर्व भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में मनाया जाएगा. मंत्री ने यह भी कहा कि तीर्थयात्रियों के भारी आवागमन को देखते हुए बटाला, फतेहगढ़ चुरियां और रामदास से डेरा बाबा नानक जाने वाले सभी सड़क मार्गों को भी बेहतर बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए 26.04 करोड़ रुपये में 62 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पहले ही कर लिया गया है जिसमें प्रति एकड़ 42 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. इसके अलावा, 90 करोड़ रुपये का सिविल कार्य भी चल रहा है. उन्होंने कहा कि एकीकृत चेकपोस्ट के निर्माण के लिए लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया 50 एकड़ भूमि का और अधिग्रहण कर रहा है. दोनों मुल्कों के अधिकारी 27 मई को पंजाब के डेरा बाबा नानक सेक्टर में अंतराष्ट्रीय सीमा से लगने वाले जीरो लाइन पर मिले थे और उन्होंने करतारपुर साहिब के निर्माण के लिए तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की थी.
फरीदाबाद थाने के अंदर लॉन में रखी कुर्सियां, जिन पर बैठे पुलिसकर्मी। इनके बीच में खड़ी एक असहाय महिला। सामने एक पुलिसकर्मी उससे कोई मोबाइल नंबर पूछ रहा है तो पीछे खड़ा हेड कॉन्स्टेबल हाथ में बेल्ट लिए मारने का मौका देख रहा है। फिर गाली देने के साथ यह हेड कॉन्स्टेबल पूरी ताकत से महिला को बेल्ट मारता है। कुर्सी पर बैठे पुलिसकर्मी खुश होते हैं और तफरी के लहजे में कहते हैं कि कुछ न बताएगी......(गालियां).....बहुत खिलाड़ी है। हेड कॉन्स्टेबल फिर महिला के पीठ पर बेल्ट से वार करता है। दूसरे पुलिसकर्मी उससे यह पूछते हैं, बता तू पार्क में क्या करने आई थी। इंसानियत और वर्दी के कर्तव्यों को तार-तार करता फरीदाबाद पुलिस का यह चेहरा एक वायरल विडियो से सामने आया है। इसके बाद पूरे महकमे में हड़कंप है। यही वजह है कि इस मामले में 5 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही दो हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड और तीन एसपीओ को बर्खास्त करने का आदेश पुलिस कमिश्नर ने दे दिया है। 4 मिनट 24 सेकंड का यह विडियो रविवार की रात वायरल हुआ। जांच शुरू हुई तो पता चला कि मामला बल्लभगढ़ के आदर्श नगर थाने का है। इस घटना को महिला आयोग ने भी संज्ञान में लिया। आयोग की टीम पुलिस कमिश्नर ऑफिस यह जानने के लिए पहुंची कि महिला को पुरुष पुलिसकर्मी कैसे पार्क से उठाकर थाने ले जा सकते हैं, किस अपराध में ले गए और क्यों पीटा, यह अधिकार किसने दिया। इसके साथ ही यह विडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पुलिस की फजीहत शुरू हो गई। जिस किसी ने यह विडियो सोशल मीडिया पर देखा वह पुलिस की इस कार्यशैली पर थू-थू करता नजर आया। अडिशनल एसएचओ की शिकायत पर दर्ज हुआ केस विडियो सामने आने पर पुलिस की फजीहत शुरु हुई तो पुलिस अधिकारी भी हरकत में आ गए। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आनन-फानन में जांच करवाई जिसमें पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए। इसके बाद आदर्श नगर थाने के अडिशनल एसएचओ राजेंद्र ने शिकायत तैयार की। इस शिकायत पर हेड कॉन्स्टेबल रोहित, बलदेव, एसपीओ कृष्णपाल, हरपाल, दिनेश के खिलाफ आदर्श नगर थाने में केस दर्ज हुआ। अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि यह विडियो अक्टूबर 2018 का है। दोनों हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड, एसपीओ हुए बर्खास्त पुलिसकर्मियों की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कार्रवाई के आदेश जारी किए। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह के मुताबिक कमिश्नर के आदेश पर हेड कॉन्स्टेबल रोहित और बलदेव को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं एसपीओ कृष्णपाल, हरपाल व दिनेश को बर्खास्त किया गया। महिला आयोग ने कहा कि यह चेहरा शर्मनाक विडियो देखने के बाद राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू भाटिया सोमवार को पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचीं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मामले की जानकारी मांगी व कार्रवाई की मांग की। रेनू ने बताया कि कमिश्नर ने उनको ठोस कार्रवाई व पीड़िता की हर संभव कानूनी मदद का आश्वासन दिया है। पीड़िता की पहचान अभी नहीं हो पाई है। महिला आयोग अब आगे उस पीड़िता तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। आयोग की सदस्य ने कहा कि जिस तरीके से विडियो में दिख रहा है आरोपित पुलिसकर्मियों की किसी भी बात पर विश्वास नहीं किया जा सकता। पुलिस का यह चेहरा शर्मसार कर देने वाला है। आरोपित पुलिसकर्मियों ने यह रखा पक्ष महिला आयोग की सदस्य को दी गई जानकारी में पुलिस ने आरोपित से हुई पूछताछ के बारे में बताया है। इसमें बताया गया कि शाम के समय एक फोन कॉल आया था जिस पर पास के एक पार्क में एक महिला के बैठे होने व गलत हरकत की जानकारी मिली। पुलिस टीम मौके पर गई तो वहां महिला मिली। इसके बाद पुलिस उसे थाने लेकर आई।
गुड़गांव शहर के पॉश इलाके सुशांत लोक फेज-3 में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ है। सेक्टर-56 थाना पुलिस ने शनिवार आधी रात छापेमारी कर 6 लड़कियों समेत 24 लोगों को गिरफ्तार किया। एनसीआर के शहरों के साथ ही बेंगलुरु और पंजाब से भी युवक अय्याशी के लिए पहुंचे थे। 60 हजार रुपये में किराये पर लिए गए घर में जिस्मफरोशी का कालाधंधा चल रहा था। गिरफ्तार हुईं लड़कियां दिल्ली के सुल्तानपुरी, प्रीतमपुरा, रोहिणी और तुगलकाबाद की हैं। जो युवक पकड़े गए हैं, वे बिजनसमैन, इंजीनियर और एमएनसी (मल्टीनैशनल कंपनी) के अधिकारी हैं। पुलिस को देखकर 2 आरोपी भाग गए। बाकी सभी को रविवार सुबह जेल भेजा गया। डीसीपी ईस्ट के आदेश पर एक महिला इंस्पेक्टर के नेतृत्व में सेक्टर-56 थाना पुलिस ने सुशांत लोक फेज-3 के एक मकान में शनिवार रात में छापेमारी की। आरोप है कि पुलिस टीम को देखकर राजीव यादव और गुरमीत सिंह नामक व्यक्ति फरार हो गए। पुलिस ने घर से 6 युवतियों सहित 24 को अरेस्ट किया। इनमें से कुछ आपत्तिजनक हालात में थे। घर से पुलिस ने कुछ सामान भी बरामद किया। गिरफ्तार युवतियों की उम्र 25 से 30 साल के बीच है। इनके अलावा 18 युवकों में से गुड़गांव, पंजाब, बेंगलुरु व गाजियाबाद के रहने वाले थे। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि राजीव यादव ने यह मकान किराये पर ले रखा था। हर महीने 60 हजार रुपये किराया दिया जाता था। गुरमीत सिंह नाम का व्यक्ति यहां पर लड़कियां लेकर आता था। चौकीदार के तौर पर नेपाल निवासी भोजराज को रखा गया था। सेक्टर-56 थाने लाए गए गिरफ्तार आरोपित पुलिस देर रात सभी युवक-युवतियों को लेकर सेक्टर 56 थाना आई। यहां से सभी के खिलाफ महिला इंस्पेक्टर राजबाला की शिकायत पर केस दर्ज किया गया। इसके बाद युवतियों को सेक्टर-51 के महिला थाने के लॉकअप में बंद किया गया। युवकों से सेक्टर-56 थाने के लॉकअप में रखा गया। रविवार सुबह सभी के खिलाफ केस दर्ज करके ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। वहां से सभी को जेल भेज दिया गया। सेक्टर-56 के थाना प्रभारी, आनंद सिंह दांगी का कहना है कि 2 आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। जो गिरफ्तार हुए हैं, उनके खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है। कितने समय से देह व्यापार चल रहा था, यह अभी जांच की जा रही है।
गुरदासपुर लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों की तस्वीर अब लगभग साफ हो गई है. एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ मोदी सरकार केंद्र की सत्ता पर काबिज होने जा रही है. इस दौरान पंजाब के गुरदासपुर लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव मैदान में उतरे बीजेपी प्रत्याशी सनी देओल ने शानदार जीत दर्ज की है. जीत के बाद उन्होंने जनता का धन्यवाद किया. सनी देओल ने लोगों को धन्‍यवाद देते हुए कहा है कि मुझे पूरा यकीन था कि रुझान उनके पक्ष में आएंगे. आखिरकार जब ऐसा हुआ तो उन्‍हें इस बात की बेहद खुशी हो रही है. उन्होंने ने कहा कि अब बस मेरा एक ही उद्देश्य है कि मुझे जो जीत मिली है, उसके बदले में काम करूं.' सनी ने कहा कि मैं चाहता हूं कि मैं अपने क्षेत्र को बेहतर बना सकूं. यही मेरी जिम्मेदारी है. आप लोगों ने जो प्यार दिया उससे बहुत खुशी है. मैं यहां कोई इरादा लेकर नहीं आया था, बस अपना काम करूंगा.
पटियाला/ अमृतसर पंजाब में रविवार को जब लोकसभा चुनाव के लिए वोट पड़ रहे थे उसी दौरान सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान से पार्टी के अंदर अंदरूनी घमासान खुलकर सामने आ गई। कैप्टन ने अपनी सरकार में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर पार्टी को नुकसान पहुंचाने और मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धू की महत्वाकांक्षा का जिक्र किया। तेज होती जुबानी जंग के बीच अब सिद्धू खेमे की तरफ से पलटवार किया गया है। सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने कहा है कि अगर कांग्रेस राज्य की सभी सीटें नहीं जीत पाती है तो सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए। अमृतसर में वोट डालने के बाद नवजोत कौर से पूछा गया कि अगर कांग्रेस पंजाब की सभी 13 सीटें जीतने में नाकाम रहती है तो क्या अमरिंदर को इस्तीफा देना चाहिए। इस पर उन्होंने जवाब दिया, 'हां ऐसा होता है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि उनकी सरकार बने तकरीबन दो साल हो रहे हैं...छह महीने बीतने के बाद हालात अलग थे। यह अच्छा है कि उन्होंने विधायकों और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय कर दी है।' पटियाला में वोट डालने के बाद टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए सिद्धू के इंटरव्यू का जिक्र करते हुए कैप्टन अमरिंदर ने उन पर हमला बोला था। सीएम अमरिंदर ने 17 मई को बठिंडा में सिद्धू द्वारा की गई उस टिप्पणी का जिक्र कर किया जिसमें वह राज्य में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए दिखाई दिए थे। सिद्धू ने सवाल किया था कि 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी और पुलिस गोलीबारी की घटनाओं के सिलसिले में बादल परिवार के जिम्मेदार सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी क्यों नही दर्ज की गई। सिद्धू ने कथित रूप से अकाली दल और कांग्रेस के बीच फ्रेंडली मुकाबले की तरफ इशारा किया था। सिद्धू ने बठिंडा में कांग्रेस उम्मीदवार अमरिंदर सिंह राजा के समर्थन में प्रचार करते हुए कहा था कि अगर 2015 की बेअदबी की घटनाओं के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह इस्तीफा दे देंगे। अपने मंत्री पर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने और गलत मौके पर बयानबाजी का आरोप लगाते हुए अमरिंदर ने कहा, 'अगर सिद्धू मुझे और मेरे पद को चुनौती देना चाहते हैं तो मुझे लगता है कि उन्हें इसे पार्टी हाईकमान के सामने उठाना चाहिए। सिद्धू महत्वाकांक्षी हैं और इसमें कोई बुराई नहीं है। लोगों के अंदर महत्वाकांक्षाएं होती हैं। मैं उन्हें तब से जानता हूं जब वह बच्चे थे। व्यक्तिगत रूप से सिद्धू के साथ मेरा कोई मतभेद नहीं है। शायद वह मुझे हटाकर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। यही उनकी दिक्कत है।' अमरिंदर ने साथ ही कहा, 'मेरा मानना है कि सिद्धू ने गलत मौके पर यह बयान दिया। अगर वह (सिद्धू) एक असली कांग्रेसी होते तो उन्हें पंजाब में मतदान से ठीक पहले के बजाय अपनी शिकायतों को उजागर करने के लिए बेहतर समय चुनना चाहिए था। किसी भी तरह की कार्रवाई का फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा लेकिन एक पार्टी के तौर पर कांग्रेस अनुशासनहीनता को सहन नहीं करेगी।' इस बीच सिद्धू ने अमरिंदर के साथ चल रही खींचतान पर तो कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन उन्होंने पंजाब में प्रचार के दौरान अपनी गैरमौजूदगी को सही ठहराया। सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी ने जहां कहा वहां वह गए थे। सिद्धू ने बताया, 'उन्होंने (प्रियंका) मुझे गुरदासपुर, फिरोजपुर और बठिंडा में कांग्रेस का झंडा उठाने के निर्देश दिए थे।' कैप्टन द्वारा सिद्धू की आलोचना के बाद पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता ब्रह्म मोहिंद्रा और सुखजिंदर रंधावा ने क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू पर कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया और उन पर कार्रवाई के लिए राहुल गांधी से दखल की मांग की। मोहिंद्रा ने कहा कि सिद्धू ने इतने अहम मौके पर बयान देकर हमें चौंका दिया। उधर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और अकाली दल के नेताओं ने कांग्रेस और उनकी पार्टी के बीच फ्रेंडली मैच के सिद्धू के बयान को खारिज किया है।
चंडीगढ़, 14 मई 2019, पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले राज्य सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने सिद्धू के प्रचार को लेकर बड़ा बयान दिया है. नवजोत कौर ने पार्टी नेतृत्व पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू से पंजाब में इसलिए प्रचार नहीं कराया जा रहा है कि क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह नहीं चाहते हैं. हालांकि, खबर यह आई थी कि सिद्धू के गले में समस्या है जिसका इलाज चल रहा है, इसलिए वह प्रचार से दूर हैं. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच कई मसलों पर मतभेद की सुर्खियां बनती रही हैं. अब सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने पंजाब में 19 मई को होने जा रहे लोकसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर बड़ा दावा किया है. नवजोत कौर ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी को सिद्धू की जरूरत नहीं है, इसीलिए उनसे पंजाब में प्रचार नहीं कराया जा रहा है. देशभर में कांग्रेस पार्टी के लिए वोट मांगने जा रहे स्टार प्रचारकर नवजोत सिंह सिद्धू से पंजाब में प्रचार न कराए जाने की वजह नवजोत कौर ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को बताया है. नवजोत कौर ने कहा है कि अमरिंदर सिंह नहीं चाहते कि सिद्धू पंजाब में प्रचार करे. यहां तक कि नवजोत ने खुद को टिकट न मिलने पर भी बड़ा आरोप लगाया. नवजोत कौर ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की वजह से उन्हें लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं मिला. कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ ही उन्होंने आशा कुमारी को भी अपना टिकट कटने के लिए जिम्मेदार बताया. नवजोत कौर ने कहा कि दशहरा पर जो ट्रेन हादसा हुआ था, उसके लिए मुझे वजह मानकर मेरा टिकट काटा गया. बता दें कि अमृतसर में दशहरा के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें शामिल होने के लिए नवजोत कौर पहुंची थीं. इस कार्यक्रम को देखने बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे, जिनमें से कुछ रेलवे ट्रैक पर भी खड़े थे और ट्रेन से कुचलकर उनमें से कई की मौत हो गई थी. इस हादसे को लेकर नवजोत कौर पर काफी सवाल उठे थे. नवजोत कौर ने इस हादसे को ही अपना टिकट कटने के पीछे वजह बताया है. साथ ही इस बहाने अपने पति व पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से पंजाब में प्रचार न कराने को लेकर भी नवजोत कौर ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की आलोचना की है.
रोहतक हरियाणा के रोहतक में हालात उस वक्त बिगड़ गए जब चुनावी सभा करने आए कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की तरफ एक महिला ने चप्पल फेंक दिया। आरोपी महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हरियाणा के रोहतक में यह घटना बुधवार की शाम को उस वक्त हुई, जब पंजाब सरकार में मंत्री और कांग्रेस के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू यहां से चुनाव लड़ रहे दीपेंद्र हुड्डा के पक्ष में चुनावी जनसभा करने के लिए आए हुए थे। सिद्धू मंच पर ही थे, तभी एक महिला ने उनकी तरफ चप्पल फेंका। हालांकि सिद्धू को चप्पल लगी नहीं। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया, लेकिन इसी बीच वहां मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर महिला की पिटाई कर दी। महिला का नाम जितेंद्र कौर बताया जा रहा है। पुलिस ने इस घटना के पीछे महिला की नाराजगी को वजह बताया है। महिला के अनुसार, 'सिद्धू की दाल बीजेपी में नहीं गली तो वह कांग्रेस में आ गए। पहले वह सोनिया और मनमोहन की बुराई करते थे और अब नरेंद्र मोदी की करने लगे हैं।' इसके बाद जब सिद्धू कार्यक्रम से वापस जाने लगे तो कुछ लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और मोदी-मोदी के नारे भी लगाए। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता और झंडे दिखाने वाले आमने-सामने आ गए। टकराव की स्थिति को देख पुलिस हरकत में आ गई और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।
फरीदकोट पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को बादल परिवार पर आरोप लगाया कि वे अपने निहित स्वार्थों के लिए अकाल तख्त का दुरुपयोग करके सिखों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है। कैप्टन अमरिंदर ने यह भी कहा कि भारत का चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘धर्म का इस तरह से राजनीतिकरण शिरोमणि अकाली दल को उल्टा पड़ेगा। जो कोई भी अकाल तख्त का इस्तेमाल करने का प्रयास करता है, वह मेरी नजरों में सिख नहीं है।’ उन्होंने तख्त की सर्वोच्च ताकत को कमतर करने के बादल परिवार के ‘अपमानजनक’ प्रयास की निंदा की। कैप्टन अमरिंदर ने बादल परिवार पर लगाया अकाल तख्त का दुरुपयोग करने का आरोप उन्होंने आरोप लगाए, ‘अकाली दावा करते हैं कि वह सिख धर्म के रक्षक हैं लेकिन अपने राजनीतिक हितों को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने हमेशा इसका इस्तेमाल किया है।’ फरीदकोट में कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद सादिक के पक्ष में प्रचार करते हुए अमरिंदर ने कहा कि 2015 के धर्मग्रंथों की बेअदबी और पुलिस गोलीबारी की घटना की जांच कर रहे एसआईटी के सदस्य आईपीएस अधिकारी विजय प्रताप सिंह लोकसभा चुनावों के बाद इस मामले को निष्कर्ष तक पहुंचाएंगे। गौरतलब है कि चुनावों के दौरान उनका प्रभार वापस ले लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘भारत का चुनाव आयोग बीजेपी का है और उन्होंने अधिकारी को हटवा दिया जबकि तथ्य यह है कि जांच की जारी प्रक्रिया में अदालतें भी हस्तक्षेप नहीं करती हैं। चुनाव खत्म होते ही वही अधिकारी मामले की जांच करेंगे और इसे निष्कर्ष तक पहुंचाएंगे।'

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