Punjab-Hariyana

फिरोजपुर पाकिस्तान द्वारा सतलज नदी के जलप्रवाह को नियंत्रित करने वाला द्वार खोलने की वजह से पंजाब के सीमावर्ती फिरोजपुर जिले के गांवों में बाढ़ आ गई है। नदी पर बने तटबंध टूटने और बारिश की वजह से जिले के कई गांव पहले से ही जलमग्न हैं। इससे पहले पाकिस्तान ने भारत पर बिना किसी सूचना के सतलज नदी में तकरीबन 2 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने का आरोप लगाया था। 17 गांव प्रभावित फिरोजपुर के उपायुक्त चंदर गैंद ने बताया कि पाकिस्तान द्वारा कासुर इलाके में हेडवर्क्स (पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले) गेट खोलने से हमारी तरफ के 17 गांव प्रभावित हुए हैं। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित कासुर चमड़े के कारखानों के लिए जाना जाता है। गैंद ने बताया कि कासुर जिले में चमड़े के कारखानों का कचरा बहा देने से नदी का पानी प्रदूषित हो गया है और यह प्रदूषित पानी कैंसर का मुख्य कारण है। बचाव अभियान जारी गैंद ने कहा कि सेना और एनडीआरएफ की टीमें प्रभावित इलाकों में बचाव और पुनर्वास अभियान चला रही हैं। बचाव अभियानों के लिए यांत्रिक नौकाओं को भी लगाया गया है। गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले पाकिस्तान ने भारत पर बिना किसी सूचना के सतलज नदी में करीब दो लाख क्यूसेक पानी छोड़ने का आरोप लगाया था जिससे देश के विभिन्न इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे।
दबाव फरीदाबाद डीसीपी विक्रम कपूर आत्महत्या केस में रोज चौकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पूछताछ में पता चला कि निलंबित इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद व उसका साथी पत्रकार सतीश पिछले तीन महीने से कपूर को ब्लैकमेल कर रहे थे। 13 जुलाई को डीसीपी के घर आकर शहीद ने उन्हें धमकाया था। उसने कहा था, अगर मेरे काम न हुए तो ऐसी खबरें छपवाऊंगा कि तू आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगा। पुलिस के मुताबिक, इंस्पेक्टर की एक महिला मित्र है जो उसके इशारे पर चलती है। इंस्पेक्टर उस महिला के जरिए डीसीपी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था। बुधवार को डीसीपी विक्रम कपूर ने खुद को गोली मार ली थी। सूइसाइड नोट में उन्होंने भूपानी थाने के एसएचओ रहे इंस्पेक्टर अब्दुल शहीद व उसके साथी पत्रकार सतीश पर ब्लैकमेल के बारे में लिखा था। इसके बाद शहीद को निलंबित कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों आरोपियों की थी अलग-अलग डिमांड क्राइम ब्रांच की पूछताछ में शहीद ने बताया कि उसकी महिला मित्र और सतीश व उसकी डीसीपी से अलग-अलग डिमांड थी। शहीद का भांजा मुजेसर थाने में एक केस में नामजद था। वह उसे बाहर निकलवाना चाह रहा था। महिला का उसके ससुर से प्रॉपर्टी विवाद है, जिसमें महिला के पति ने पुलिस को शिकायत दी हुई है। इस केस में महिला के मुताबिक उसके पक्ष में जांच करवाने का दबाव था। वहीं, सतीश ने ईओडब्ल्यू में 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। धोखाधड़ी की पुष्टि बगैर इंस्पेक्टर यह केस डीसीपी से दर्ज करवाने का दबाव बना रहा था। शनिवार को क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर को डीसीपी एनआईटी ऑफिस लेकर गई। इसके बाद उसे शहर में दो-तीन और जगह लेकर जाया गया। उसका मोबाइल पुणे में है। उसे रिकवर कराने की कोशिश जारी है। दूसरा आरोपित सतीश फरार है और उसके देहरादून में होने का शक है।
चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ उस वक्त एक विवाद जुड़ गया, जब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उन्होंने कश्मीर की लड़कियों पर विवादित टिप्पणी की है। बताया जा रहा था कि उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर की लड़कियों से शादी का रास्ता खुल गया है। उनके इस बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी निशाना साधा था। हालांकि अब मुख्यमंत्री खट्टर ने अपने भाषण का विडियो शेयर करते हुए सफाई दी है। सीएम खट्टर ने ट्वीट किया, 'कुछ मीडिया चैनल और न्यूज एजेंसियों के हवाले से एक भ्रामक और तथ्यहीन प्रचार चलाया जा रहा है। जनता से मेरा ईमानदार संवाद हमेशा रहा है इसलिए मेरे बयान का पूरा विडियो मैं सोशल मीडिया के माध्यम से शेयर कर रहा हूं। बेटियां हमारी शान हैं और पूरे देश की बेटियां हमारी बेटियां हैं। खट्टर के बयान की कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी शनिवार को आलोचना की। उन्होंने कहा कि खट्टर का बयान इस बात का प्रमाण है कि आरएसएस का प्रशिक्षण एक व्यक्ति की सोच को कैसा बना देता है। राहुल ने ट्वीट कर कहा, ‘कश्मीरी महिलाओं के बारे में हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर की टिप्पणी निंदनीय है। यह दिखाता है कि आरएसएस का वर्षों का प्रशक्षिण एक कमजोर, असुरक्षित और दयनीय व्यक्ति की सोच को कैसा बना देता है।’ उन्होंने कहा, ‘महिला कोई संपत्ति नहीं है कि पुरुषों का उन पर स्वामित्व होगा।’ खट्टर ने जवाब देते हुए लिखा, 'राहुल गांधी जी, आपके स्तर के नेता को कम से कम भ्रामक खबरों पर प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। मैंने जो कहा था उसका विडियो शेयर कर रहा हूं। इसे देखें मैंने असल में क्या कहा था और किस परिप्रेक्ष्य में कहा था, इससे शायद थोड़ी तस्वीर साफ होगी।' दरअसल एक कार्यक्रम के दौरान खट्टर बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम की सफलता की बात कर रहे थे। इसी बीच उन्होंने हरियाणा में लिंगानुपात का जिक्र करते हुए कहा, 'हमारे मंत्री ओपी धनखड़ कह रहे थे कि हरियाणा में शादी के लिए लड़कियां कम पड़ेंगी, तो बिहार से ले आएंगे। कुछ लोग कह रहे हैं कि अब कश्मीर खुल गया है, वहां से ले आएंगे। मजाक की बातें अलग हैं, मगर हमें समझना होगा कि अगर लिंगानुपात सही होगा तो समाज का संतुलन बना रहेगा।'
नई दिल्ली, 03 अगस्त 2019,पंजाब के फिरोजपुर के कस्बा ममदोट में एक पाकिस्तानी घुसपैठिये को पकड़ा गया है. भारत-पाक बॉर्डर पर बीएसएफ जवानों ने घुसपैठिये को गिरफ्तार किया. जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार देर रात घुसपैठिया भारत की सीमा में घुसने का प्रयास कर रहा था. इस दौरान बीएसएफ की 118 बटालियन के जवानों ने पकड़ लिया. बीएसएफ अधिकारियों की पूछताछ में पाकिस्तानी घुसपैठिये ने बताया कि उसका नाम याकूब है और वह टोबा टेक सिंह के रजाक गांव का रहने वाला है. इससे पहले सेना के इंटेलिजेंस विभाग और सैन्य पुलिस ने मिलकर शनिवार को ही हरियाणा के हिसार से कैंट इलाके से 3 जासूसों को गिरफ्तार किया था. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रागीब, मेहताब और खालिद के रूप में हुई है. मेहताब मुजफ्फरपुर का रहने वाला है, वहीं खालिद शामली का रहने का वाला है. गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी एक सप्ताह पहले ही कैंट इलाके में आए थे. कैंट इलाके में मेस बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है, इसी के लिए एक सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने लेबर के तौर पर आरोपियों को हायर किया था. आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और कुछ फोटोग्राफ बरामद हुए हैं. तीनों आरोपी व्हाट्सएप्प के जरिए कॉल और वीडियो कॉल करके पाकिस्तानी जासूसों से बातचीत करते थे. सेना को इस बात की प्रारंभिक जानकारी मिली है. आरोपियों के मोबाइल से सैन्य गतिविधियों की वीडियो क्लिप्स भी बरामद किए गए हैं. गुरुवार को तीनों आरोपियों को देर रात गिरफ्तार किया गया है.
नई दिल्ली, 03 अगस्त 2019,सेना के इंटेलिजेंस विभाग और सैन्य पुलिस ने मिलकर हरियाणा के हिसार से कैंट इलाके से 3 जासूसों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान रागीब, मेहताब और खालिद के रूप में हुई है. मेहताब मुजफ्फरपुर का रहने वाला है, वहीं खालिद शामली का रहने का वाला है. गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी एक सप्ताह पहले ही कैंट इलाके में आए थे. कैंट इलाके में मेस बिल्डिंग का निर्माण कार्य चल रहा है, इसी के लिए एक सिविल कंस्ट्रक्शन कंपनी ने लेबर के तौर पर आरोपियों को हायर किया था. आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन और कुछ फोटोग्राफ बरामद हुए हैं. तीनों आरोपी व्हाट्सएप्प के जरिए कॉल और वीडियो कॉल करके पाकिस्तानी जासूसों से बातचीत करते थे. सेना को इस बात की प्रारंभिक जानकारी मिली है. आरोपियों के मोबाइल से सैन्य गतिविधियों की वीडियो क्लिप्स भी बरामद किए गए हैं. गुरुवार को तीनों आरोपियों को देर रात गिरफ्तार किया गया है. इससे पहले 22 जुलाई को एजेंसियों के इनपुट के आधार पर पंजाब के अमृतसर से एक रेलवे कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार कर्मचारी पर आरोप था कि ये कर्मचारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहा था. गिरफ्तार आरोपी ने भारत से जुड़ी सूचनाएं पड़ोसी मुल्क को मुहैया कराई थी. लेकिन इनपुट मिलने के बाद पंजाब पुलिस ने उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया था. आरोपी का नाम रमकेश मीणा है, जो अटारी रेलवे स्टेशन पर तैनात था. रमकेश भारतीय रेलवे में चौथी श्रेणी का कर्मचारी को BSF अधिकारियों की कुछ तस्वीरें भी मिली थीं.
कुरुक्षेत्र हरियाणा विधानसभा चुनावों में बड़ी जीत के लिए सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। चुनावों से पहले ही दोनों ही पार्टियां रणनीति बनाने में जुटी हुई हैं। एक तरफ कोशिश दोबारा सत्ता हासिल करने की है तो दूसरी तरफ बीजेपी को बेदखल कर खुद सत्ता में आने की है। कांग्रेस अपनी नई रणनीति के तहत राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी को यहां चुनाव प्रचार की कमान देने की तैयारी में है। उधर, बीजेपी हाल ही में पार्टी में शामिल हुईं और हरियाणा में बेहतर दखल रखने वाली सपना चौधरी के जरिए 75+ का सपना संजोए है। इसके साथ ही यह भी खबर है कि अगर हरियाणा में सपना का जादू चल गया तो फिर पार्टी उन्हें दिल्ली से विधानसभा भेजने की भी तैयारी में है। बता दें कि गुरुग्राम में 2016 में एक विवादों से अचानक चर्चा में आईं सपना चौधरी पहले कांग्रेस में ही शामिल होना चाहती थी। उन्होंने प्रियंका गांधी से मुलाकातें भी कीं। पर, ऐन मौके पर भोजपुरी फिल्मों के गायक, अभिनेता और दिल्ली में बीजेपी के प्रमुख नेता मनोज तिवारी पार्टी में सपना चौधरी को लाने में कामयाब हो गए। हालांकि सपना चौधरी ने बीजेपी दिल्ली में ही जॉइन की, पर जेजेपी नेता दिग्विजय सिंह ने एक विवादास्पद बयान देकर सपना का रास्ता हरियाणा में भी खोल दिया है। इस बार चुनाव में मुद्दे स्थानीय असल में लोकसभा चुनावों में चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी थे और मुद्दा देश की सुरक्षा का था। हरियाणा विधानसभा चुनावों में चेहरा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर हैं और मुद्दे घर-घर की कहानी की तरह स्थानीय हैं। लोकसभा चुनावों में भी जब प्रियंका गांधी ने रोहतक और अंबाला में दौरा किया तो भीड़ देखने के बाद दोनों जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दौरा करना पड़ा था। हालांकि दो दिन रोहतक में बीजेपी के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रदेश के सभी बीजेपी नेताओं ने तैयारियों में खूब पसीना बहाया है। टारगेट 75 प्लस है इस बार टारगेट 75 प्लस है। सूबे के इतिहास में चौधरी देवीलाल ने 1987 में अधिकतम 90 में से 85 सीटें जीती थी। बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि यह रेकॉर्ड तोड़ना है। अभी केंद्रीय अमित शाह का भी यहां दौरा होना है और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दौरा करेंगे। बीजेपी नहीं चाहती कोई रिस्क राजनीति के जानकारों का कहना है कि मजबूत स्थिति के बावजूद बीजेपी यहां किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहती। वह अपने टारगेट को ध्यान में रखते हुए, उसी के अनुरूप आगे बढ़ रही है। इसी रणनीति के तहत सपना चौधरी को हरियाणा में चुनाव प्रचार के लिए लाया जाएगा। रोड शो में दिखेगा सपना का जलवा सूत्रों का कहना है कि सपना संभव है चुनाव प्रचार के दौरान किसी प्रकार का भाषण नहीं दें। हां, पर मंच मौजूद जरूर रहेंगी। उधर, चुनावों में प्रचार कार्यक्रम को तय कर रहे नेताओं का मानना है कि सपना चौधरी को प्रदेश में जगह-जगह होने वाले रोड शो में लाया जाए ताकि प्रियंका के लिए होने वाली भीड़ का जवाब सपना चौधरी का दीदार करने आने वालों की भीड़ से दिया जा सके। अगर ऐसा होता है तो रोड शो के दौरान वाहन पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल और प्रत्याशियों के साथ- साथ सपना चौधरी भी दिखाई देंगी। दिल्ली से चुनाव लड़ सकती हैं सपना इस बीच यह भी जानकारी मिली है कि बीजेपी सपना चौधरी को दिल्ली विधानसभा में पहुंचाना चाहती है। अगर हरियाणा विधानसभा चुनावों में सपना चौधरी का योगदान बीजेपी के लिए ठीक रहा तो दिल्ली विधानसभा के लिए सपना चौधरी को बाहरी दिल्ली क्षेत्र से चुनाव लड़वाया जाएगा।
चंडीगढ़ क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब सरकार के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सिद्धू ने खुद ट्वीट के जरिए इसकी जानकारी दी। ट्विटर पर उन्होंने वह पत्र भी पोस्ट किया है, जिसे उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को संबोधित करते हुए मंत्री पद से इस्तीफा दिया है। सिद्धू के मुताबिक, उन्होंने 10 जून को ही राहुल गांधी को अपना इस्तीफा भेज दिया था। सिद्धू ने रविवार को एक अन्य ट्वीट में यह भी कहा कि वह जल्द ही अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को भी भेजेंगे। उधर, मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि उन्हें नवजोत सिंह सिद्धू का इस्तीफा नहीं मिला है। इस्तीफे में कहा गया है कि यह तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष को भेजा गया था। बता दें कि कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के साथ जारी विवाद को लेकर पिछले दिनों सुर्खियों में रहे। लोकसभा चुनावों के समय से ही दोनों नेताओं में मनमुटाव चल रहा है। सीएम कैप्टन अमरिंदर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक से भी सिद्धू नदारद रहे थे। लोकसभा चुनावों में हार के बाद से अनबन लोकसभा चुनावों के दौरान पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए खुद को जानबूझकर निशाना बनाए जाने का सिद्धू ने आरोप लगाया था। वहीं सीएम ने सिद्धू से उनका विभाग छीन लिया था। सिद्धू के पास पहले स्थानीय प्रशासन और पर्यटन-संस्कृति मंत्रालय की जिम्मेदारी थी। इसे छीनकर उन्हें नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया था। प्रभार बदले जाने के बाद से ही सिद्धू कैप्टन से नाराज चल रहे थे। दरअसल, लोकसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने कैप्टन के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई थी। इसका सिद्धू ने भी समर्थन किया था। सीएम ने सिद्धू पर बोला था हमला इसके बाद सीएम अमरिंदर ने सिद्धू को महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा था कि उन्हें लगता है कि शायद सिद्धू की ख्वाहिश मुख्यमंत्री बनने की है। इसके अलावा कैप्टन ने नवजोत सिद्धू के पाकिस्तान जाकर वहां के सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा से गले मिलने को लेकर भी उन पर वार किया था।
नवांशहर, पंजाब के नवांशहर में तैनात पुलिस का एक हेड कांस्टेबल एक ड्रग्स तस्कर निकला. उसकी करतूत सामने आने के बाद पंजाब पुलिस ने उसे दिल्ली एयरपोर्ट से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया, जब वह कनाडा से स्वदेश लौटा. पुलिस के सामने उसके काले कारनामों का बखान पहले पकड़े जा चुके दो तस्करों ने किया. आरोपी कांस्टेबल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था. पंजाब पुलिस विभाग में उस वक्त हड़कंप मच गया. जब उनके विभाग के कर्मचारी यानी नवांशहर में तैनात पुलिस हेड कांस्टेबल प्रीतपाल सिंह का नाम दो ड्रग्स स्मगलरों ने पुलिस को बताया. मामला अंदरूनी था, लिहाजा पुलिस ने प्रीतपाल के खिलाफ एक गुप्त जांच पड़ताल शुरू कर दी. छानबीन के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए. दरअसल, पुलिस ने कुछ दिन पहले दो ड्रग्स तस्करों को पकड़ा था. जब उन दोनों से सख्ती के साथ पूछताछ की गई तो होशियारपुर निवासी हेड कांस्टेबल प्रीतपाल सिंह के नाम का खुलासा हुआ. वो दिल्ली में रहने वाले एक अफ्रीकन नागरिक के साथ मिलकर नशे का कारोबार कर रहा था. वो उसी अफ्रीकन से हेरोइन मंगवाकर उसे आगे बेच देता था. उसने अपना एक पूरा रैकेट तैयार कर लिया था. जिसमें अफ्रीकन नागरिक के अलावा एक महिला और एक युवक भी शामिल था. उनकी पहचान सन्नी और परमजीत कौर के तौर पर हुई. उन दोनों को पुलिस ने बीती 2 जुलाई को करीब 4 दर्जन नशे के इंजेक्शन और 20 ग्राम हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था. जब उनसे पूछताछ की गई तो सारा खुलासा हो गया. इस संबंध में पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी कांस्टेबल प्रीतपाल सिंह बहुत शान की जिंदगी जी रहा था. उसने अपने परिवार को भी घूमने के लिए कनाडा भेजा था. वह साल 2002 से नशा कर रहा था. अफ्रीकन नागरिक के संपर्क में आने के बाद नशीले पदार्थ बेचने भी लगा. पुलिस के मुताबिक प्रीतपाल सिंह के रैकेट में शामिल सन्नी पर एक और परमजीत के खिलाफ 10 मामले अलग-अलग थानों में दर्ज हैं. पुलिस ने आरोपी हेड कांस्टेबल प्रीतपाल को कोर्ट से 3 दिन की रिमांड पर लिया है. अब पुलिस की एक टीम आरोपी और उसके साथियों से पूछताछ कर रही है. पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में प्रीतपाल से अहम जानकारी मिल सकती है.
चंडीगढ़ पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि राहुल गांधी के पद छोड़ने के बाद अब किसी युवा जमीनी नेता को ही कांग्रेस पार्टी का अध्‍यक्ष बनाया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि देश की युवा आबादी को ध्‍यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी को एक युवा पार्टी अध्‍यक्ष की जरूरत है। कैप्‍टन का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब राहुल गांधी की जगह पर पार्टी अध्‍यक्ष बनाए जाने के लिए कई नामों पर विचार चल रहा है। लिखें कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'राहुल गांधी के पद छोड़ने के दुर्भाग्‍यपूर्ण फैसले के बाद आशा करता हूं कि एक युवा और बहुमुखी प्रतिभा का धनी नेता कांग्रेस पार्टी का अध्‍यक्ष बनेगा। मैं कांग्रेस वर्किंग कमिटी से अनुरोध करुंगा कि इस बात का ध्‍यान रखे कि युवा भारत को एक युवा नेता की जरूरत है। ऐसा नेता पार्टी का अध्‍यक्ष बने जो विशाल युवा आबादी की अपेक्षाओं को पूरा कर सके और उसका जमीनी स्‍तर पर लोगों से जुड़ाव हो।' बता दें कि कांग्रेस अध्‍यक्ष पद की दौड़ में कई नामों पर विचार चल रहा है और माना जा रहा है कि 21 साल बाद अब पार्टी को कोई गैर-गांधी प्रेजिडेंट मिल सकता है। जिन नामों पर सबसे ज्‍यादा चर्चा है, उनमें राजस्‍थान के सीएम अशोक गहलोत, मध्‍य प्रदेश के सीएम कमलनाथ, सुशील कुमार शिंदे, मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल हैं। हालांकि पार्टी का एक धड़ा राजस्‍थान के डेप्‍युटी सीएम सचिन पायलट के नाम की भी सिफारिश कर रहा है। गौरतलब है कि राहुल गांधी के इस्‍तीफे के बाद अब कांग्रेस वर्किंग कमिटी को अब नया अध्यक्ष चुनना होगा। चुनावी हार के बाद कांग्रेस में जारी नेतृत्व संकट के बीच यह समझना महत्वपूर्ण है कि आजादी के बाद गांधी परिवार से संबंध न रखने वाले कौन से नेता पार्टी प्रेजिडेंट बने। पार्टी को 21 साल बाद अब कोई गैर-गांधी प्रेजिडेंट मिल सकता है। इससे पहले सीताराम केसरी 1996 से 1998 तक कांग्रेस के अध्यक्ष रहे थे, जो गांधी परिवार से नहीं थे।
नई दिल्ली, 30 जून 2019,भारत और पाकिस्तान के बीच करतारपुर कॉरिडोर को लेकर बातचीत हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक, भारत ने करतारपुर कॉरिडोर पर वार्ता के लिए पाकिस्तान के साथ तारीख प्रस्तावित की है. हलांकि, अभी तक दोनों देशों से आधिकारिक तौर पर इस बात की पुष्टि नहीं की गई है. हाल ही में भारत की ओर से ये बयान आया था कि पाकिस्तान ने करतारपुर कॉरिडोर को लेकर भारत के प्रस्तावों को मानने से मना कर दिया है, साथ ही इस पर पाकिस्तान ने कुछ नियम और शर्तें भी लगाई थी. पाकिस्तान ने इसे लेकर भारत के लगभग सभी प्रस्तावों को मानने से इनकार कर दिया था. इन मांगों को पाकिस्तान ने मानने से किया था इनकार 1. भारत ने कहा था कि 5000 यात्री हर दिन करतारपुर साहिब के दर्शन करें और किसी खास दिन जैसे बैसाखी, गुरुपूर्णिमा के समय 15000 यात्री प्रतिदिन दर्शन करें, लेकिन मीटिंग में पाकिस्तान ने इस पर नकार कर दिया. उसने कहा है कि रोजाना सिर्फ 500 श्रद्धलु दर्शन करेंगे, जो संख्या भारत के हिसाब से बहुत कम है. 2. भारत ने मांग की था कि सभी भारतीय नागरिक और OCI कार्ड धारक करतारपुर साहिब के दर्शन करने जाएं पर पाकिस्तान ने कहा कि केवल सिख ही वहां पर दर्शन करने जाएंगे. 3. भारत ने पाकिस्तान से कहा कि एक परिवार या फिर एक ग्रुप चाहे जितनी संख्या का हो उसको करतारपुर के दर्शन करने के लिए पाकिस्तान इजाजत दे, लेकिन पाकिस्तान ने यहां भी भारत की बात नहीं मानी और उसने कहा कि केवल और केवल 15 श्रद्धालुओं का ग्रुप ही एक बार मे भारत से दर्शन करने जा सकता है. भारत ने इसको लेकर ऐतराज जताया था. 4. भारत ने कहा कि कोई व्यक्ति चाहे गाड़ी से जाए या फिर वो दर्शन करने पैदल जाना चाहता है वो जा सकता है, ये उसकी इच्छा के अनुसार होना चाहिए, लेकिन पाकिस्तान ने यहां भी अपनी मनमानी चलाते हुए कहा कि बॉर्डर के पार कोई पैदल दर्शन करने नहीं जा सकता है. दर्शन करने वाला श्रद्धालु सिर्फ और सिर्फ गाड़ी से ही जा सकता है. 5. करतारपुर साहिब को महाराजा रणजीत सिंह ने और कुछ श्रद्धालुओं ने मिलकर 100 एकड़ जमीन दान में दी थी. पाकिस्तान इस भूमि का इस्तेमाल अपने लिए कर रहा है. भारत ने कहा की 100 एकड़ जमीन करतारपुर साहिब ट्रस्ट में रखा जाए. पाकिस्तान ने इस बात को भी अपनी मीटिंग के दौरान अस्वीकार कर दिया.
नई दिल्ली, 30 जून 2019,सीमा पार पाकिस्तान से नशीले पदार्थों को तस्करी रुकने का नाम नहीं ले रही है. अब पाकिस्तान से लगे वाघा बॉर्डर पर 640 किलोग्राम हेरोइन के साथ 2 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इस हेरोइन की कीमत 3200 करोड़ रुपये बताई जा रही है. यह अब तक पकड़ी गई नशीले पदार्थों की सबसे बड़ी खेप मानी जा रही है. इस हेरोइन को नमक के पैकेट में भरकर लाया जा रहा था. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ये हेरोईन नमक से भरे एक ट्रक में छिपाकर लाया गया था. ये ट्रक अटारी-वाघा बॉर्डर पर के जरिये भारतीय सीमा में प्रवेश किया था. सूत्रों ने बताया कि नमक को लेकर ये ट्रक शनिवार को यहां पहुंचा था. बाद में इसे गोदाम में रखा गया था, जांच के दौरान ड्रग तस्करी का खुलासा हुआ है. कस्टम विभाग के अधिकारियों ने जब ट्रक को चेक किया तो इसमें छोटे-छोटे पैकेट में हेरोईन भरा हुआ था. अंदाजा लगाया जा रहा है कि ड्रग्स के इन पैकेट्स की संख्या सैकड़ों में हो सकती है. माना जा रहा है कि इस माल का ऑर्डर अमृतसर के एक व्यापारी ने दिया था. अब पुलिस इस व्यापारी से पूछताछ कर रही है. बता दें पंजाब का बॉर्डर इलाका ड्रग्स की तस्करी के लिए कुख्यात है. यहां से नशे का कारोबार लगातार चलता रहता है. सुरक्षा एजेंसियां इस इलाके से लगातार ड्रग्स की खेप जब्त करती रही हैं.
बाजवा चंडीगढ़ पंजाब कांग्रेस के पूर्व चीफ और राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा ने एआईसीसी की विदेश मामलों संबंधी समिति के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद पार्टी के सीनियर नेताओं को भी इस्तीफा देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी सीनियर नेताओं को अपने पदों से इस्तीफा देकर राहुल गांधी को काम करने की खुली छूट देनी चाहिए, ताकि वह पार्टी के हित में फैसले ले सकें। लिखें बाजवा ने कहा, 'कांग्रेस में बड़े स्तर पर ढांचागत बदलाव की जरूरत है। पार्टी को नए चेहरों की जरूरत है। राहुल गांधी के हाथों को मजबूत करने के लिए, नेतृत्व में भरोसा दिखाने के लिए और उन्हें (राहुल को) यह समझाने के लिए कि पार्टी के लिए वह जो भी फैसला लेगें, उसमें सभी उनके साथ हैं, मुझे लगता है कि पार्टी के सभी सीनियर नेताओं को इस्तीफा दे देना चाहिए।' उन्होंने कहा कि सभी सीडब्ल्यूसी मेंबरों, मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों को इस्तीफा दे देना चाहिए। बाजवा ने कहा कि जिन पार्टी नेताओं ने अच्छा काम किया है, राहुल गांधी निश्चित ही उनसे खुश होंगे और उनका इस्तीफा नहीं स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा, 'हमारा लक्ष्य है कि राहुल गांधी को काम करने की आजादी मिले। पिछले 70 सालों में से 50 साल कांग्रेस ने देश में सरकार चलाई है, इसलिए कार्यकर्ताओं को निराश होने की जरूरत नहीं है। बीजेपी 1984 में दो सीटों वाली पार्टी थी लेकिन उसने आगे बढ़ने के लिए मेहनत की।'
नई दिल्ली, 29 जून 2019,हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार ने राज्य के विभिन्न सरकारी कॉलेजों में पढ़ा रहे गेस्ट लेक्चरर को 'समान कार्य के लिए 'समान वेतन' का लाभ दिया है. शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने गुरुवार को कहा कि सभी गेस्ट लेक्चरर को प्रति माह 57,700 रुपये का पारिश्रमिक दिया जाएगा. उन्होंने कहा, गेस्ट लेक्चरर की सैलरी में बढ़ोतरी की वजह से राज्य सरकार को प्रति वर्ष लगभग 81.27 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च किया जाएगा." मंत्री ने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. आपको बता दें, गेस्ट टीचर्स के लिए सैलरी में वृद्धि पिछले साल की गई थी. वहीं एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा- "हरियाणा सरकार ने गेस्ट टीचर्स के वेतन में 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि करने का फैसला किया है". इसके अलावा सरकार ने जनवरी और जुलाई के महीने में साल में दो बार उनका वेतन बढ़ाने का भी फैसला किया है. प्रवक्ता ने बताया कि पिछले साल तय किया गया था कि गेस्ट टीचर्स जेबीटी / ड्राइंग शिक्षक, मास्टर या स्कूल में पढ़ा रहे हैं सभी गेस्ट टीचर्स की सैलरी 1 जुलाई, 2018 से क्रमशः 26,000 रुपये, 30,000 रुपये और 36,000 रुपये होगी. वहीं आपको बता दें, दिल्ली सरकार ने मार्च में ऐलान किया था कि दिल्ली के स्कूलों में पढ़ा रहे गेस्ट टीचर्स रेगुलर टीचर्स की तरह 60 साल की उम्र तक शिक्षा दे सकते हैं
लुधियाना पंजाब के लुधियाना की हाई सिक्यॉरिटी जेल में कैदियों के दो गुटों में जमकर खूनी संघर्ष के दौरान एक कैदी की मौत हो गई जबकि 35 अन्‍य घायल हो गए। पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए गोलियां चलानी पड़ीं। संघर्ष में पुलिस का एक वरिष्ठ अधिकारी भी घायल हो गया। मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने इस घटना की मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं। लुधियाना के डीसी पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट सौंपेंगे। यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब जेल के एक कैदी की पटियाला अस्पताल में गुरुवार को मौत हो गई। कैदी पर नशीले पदार्थों के एक मामले में मुकदमा चल रहा था। डीसीपी अश्विनी कपूर ने बताया कि सनी सूद को बीमारी के चलते बुधवार को पटियाला अस्पताल ले जाया गया था जहां उसकी मौत हो गई। खबर यहां पहुंचते ही उसके साथी अपराधियों ने दूसरे कैदियों को उकसाना शुरू कर दिया। इन बदमाशों ने पुलिस पर सूद की हत्या का भी आरोप लगाया। जेलकर्मियों को स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए गोलियां चलानी पड़ींं। अधिकारियों ने बताया कि कैदियों ने जेल अधीक्षक के सरकारी वाहन और जेल की रसोई के एक हिस्से को एलपीजी सिलिंडर के जरिए आग लगा दी। करीब 300 दंगाइयों ने जेल के मुख्य द्वार को तोड़ने की भी कोशिश की। डीसीपी कपूर ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी तादाद में पुलिस बल को जेल भेजना पड़ा। जेल में हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल होने के फायदा उठाकर कुछ कैदी फरार हो गए। गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब की पटियाला की नई नाभा जेल में सिरसा के डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी और बरगाड़ी गुरु ग्रंथ साहिब से बेअदबी के आरोपी मोहिंदरपाल बिट्टू की हत्या के बाद जेल प्रशासन पर सवाल उठे थे। दो साथी कैदियों से विवाद के बाद बिट्टू की हत्या कर दी गई थी।
नई दिल्ली, कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब का बिजली मंत्री बने हुए 21 दिन हो गए हैं लेकिन सिद्धू ने न तो अब तक चार्ज लिया है और न ही अपने ऑफिस आए हैं. राज्य में इस वक्त धान की बुआई का मौसम है, किसानों को खेतों में रोजाना आठ से दस घंटे तक बिजली चाहिए होती है, लेकिन मंत्री न होने की वजह से किसान परेशान हैं. सिद्धू की गैरमौजूदगी में कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद बिजली विभाग के अधिकारियों की मीटिंग ले चुके हैं. देश में खेती के सीजन के बीच पंजाब के बिजली मंत्री पिछले तीन हफ्तों से अपने दफ्तर नहीं पहुंचे हैं. 6 जून को पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी कैबिनेट में फेर बदल किया था. तब कैप्टन अमरिंदर ने नवजोत सिंह सिद्धू से महत्वपूर्ण माना जाने वाला स्थानीय शासन विभाग ले लिया था और उन्हें बिजली और नयी एवं नवीकरणीय ऊर्जा का प्रभार दिया था. माना जाता है कि सिद्धू अपना पोर्टफोलियो छीने जाने से नाराज थे. सिद्धू की ये नाराजगी अभी तक जारी है. 21 दिन गुजर जाने के बाद भी सिद्धू ने बिजली मंत्री का चार्ज नहीं संभाला है. इस बीच बिजली मंत्री के अभाव में बिजली सप्लाई पर असर पड़ा है. इस वक्त किसानों को खेती के लिए बिजली की जरूरत होती है, लेकिन मंत्री के अभाव में सप्लाई व्यवस्था पर असर पड़ी है. हालांकि दिक्कत दूर करने के लिए सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद बिजली विभाग के अधिकारियों की मीटिंग ले रहे हैं और उन्हें लगातार निर्देश दे रहे हैं. इस बीच बुधवार को सचिवालय में नवजोत सिंह सिद्धू के ऑफिसर के सामने बिजली मंत्री वाली नेम प्लेट जरूर लगा दी गई. इससे अब उम्मीद जताई जा रही है कि सिद्धू जल्द बिजली महकमे को ज्वाइन कर सकते हैं. मंत्रालय में फेरबदल किये जाने के बाद सिद्ध ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात की थी. 9 जून को इसकी तस्वीरें उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर भी डाला था. इसके बाद से उनका ट्विटर भी शांत पड़ा हुआ है. मंत्री महोदय की गैर हाजिरी के बीच बिजली मंत्रालय में काम कराने आने वाले लोगों को परेशान होना पड़ रहा है. कई किसान भी अपनी अर्जी लेकर आ चुके हैं, लेकिन यहां सुनने वाला कोई नहीं है. अब कांग्रेस के विधायक ही सिद्धू को नसीहत दे रहे हैं कि उन्हें अपनी जिद छोड़नी चाहिए और किसानों के हितों को देखते हुए मंत्रालय ज्वाइन कर लेना चाहिए. कांग्रेस विधायक नवतेज चीमा ने कहा कि गर्मी की वजह से किसान और आम जनता दोनों ही परेशान हो रही है, इसलिए उन्हें तुरंत अपना मंत्रालय ज्वाइन करना चाहिए.
मोहाली, 21 जून 2019,पंजाब के मोहाली में कांग्रेस नेता और राज्य सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टर्स में लिखा गया है कि आप राजनीति कब छोड़ रहे हैं. इस्तीफे का इंतजार किया जा रहा है. मोहाली में लगे ये पोस्टर इन दिनों चर्चा का विषय बने हुए हैं. इन पोस्टर में नवजोत सिंह सिद्धू पर निशाना साधने की कोशिश की गई है. पोस्टर में नवजोत सिंह सिद्धू से पूछा गया है, 'आप राजनीति कब छोड़ रहे हैं. यह वक्त अपने शब्दों पर ध्यान देने का है. हम आपके इस्तीफे का इंतजार कर रहे हैं.' हालांकि पोस्टर से यह साफ नहीं है कि यह पोस्टर किसके कहने पर लगाए गए हैं. बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में से एक थे. लोकसभा चुनाव के दौरान ही उन्होंने यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिए रायबरेली में चुनाव प्रचार किया. सिद्धू ने रायबरेली में सोनिया गांधी के लिए चुनाव प्रचार करते हुए एक सभा में कहा था कि अगर राहुल गांधी अमेठी से हार जाते हैं तो वह राजनीति छोड़ देंगे. सिद्धू उस समय आत्मविश्वास से लबरेज थे और शायद उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका यह बयान एक महीने के अंदर ही भारी पड़ने वाला है. क्योंकि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस बार अमेठी से बीजेपी की स्मृति ईरानी से हार गए थे. राहुल गांधी के अमेठी से हारने के साथ ही लोगों ने भी सिद्धू को ट्रोल करना और पूछना शुरू कर दिया कि वो राजनीति से कब इस्तीफा देंगे.
-पंजाब स्किल्ड डवलपमेंट मिशन के तत्वावधान में मिला प्रशिक्षण, अब मिलेगी नौकरी अबोहर। सीतो गुन्नो के ग्रामीण क्षेत्र की 41 बेटियां अब अपने पांवों पर खड़ी हो गई हैं। पंजाब स्किल डवलपमेंट मिशन के तत्वावधान में इन बेटियों को रेडिमेड कपड़ों की डिजाइनिंग एवं सिलाई का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। अब इन बेटियों को देश की नामी रेडिमेड वस्त्र निर्माता कंपनी शाही एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में रोजगार मिलेगा। इन लड़कियों को शाही एक्सपोर्ट की फरीदाबाद यूनिट में औपचारिक प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। लड़कियों की बस को पंजाब स्किल्ड डवलपमेंट मिशन के ब्लॉक थेमेटिक एक्सपर्ट (एसएम) रजत ओटरेजा तथा ब्लॉक थेमेटिक एक्सपर्ट (टी एंड पी) रविन्द्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर फरीदाबाद के लिए रवाना किया। 26 दिन के औपचारिक प्रशिक्षण के बाद इन लड़कियों को कंपनी में नौकरी पर रखा जाएगा। प्रत्येक लड़की को हर महीने 10 हजार 200 रुपए वेतन दिया जाएगा। शाही एक्सपोर्ट के सीतो गुन्नो स्थित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना सेंटर के प्रबंधक विक्रम सिंह ने बताया कि ये सभी लड़कियां सीतो गुन्नो क्षेत्र के ग्रामीण इलाके की रहने वाली हैं। इन लड़कियों को दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत चयनित कर 52 दिन तक नियमित प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण अवधि के दौरान लड़कियों को 125 रुपए प्रतिदिन टीए-डीए भत्ता दिया गया। जल्द शुरू होगा नया बैच... विक्रम सिंह ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत नए सिलाई मशीन ऑप्रेटर बैच की शुुरुआत जल्द ही की जाएगी। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र की पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण और अठारह वर्ष आयु पूर्ण कर चुकी लड़कियां पात्र हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने की इच्छुक पात्र लड़कियां अधिक जानकारी के लिए सेंटर में अपने परिजनों के साथ संपर्क कर सकती हैं। जिन लड़कियों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया जाएगा, उन्हें 125 रुपए प्रतिदिन टीए-डीए दिया जाएगा।
डबवाली नगर की प्रमुख सामाजिक संस्था 'अपनेÓ को रोहतक में 'वक्त दे रक्त देंÓ संस्था द्वारा चतुर्थ स्थापना दिवस के पर आयोजित राष्ट्रीय रक्तदान सम्मान समारोह-2019 में रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया। संस्था की ब्लड डोनर विंग के प्रभारी हरीश सेठी ने यह सम्मान प्राप्त किया। समारोह में हरियाणा के सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर, रोहतक के सांसद अरविंद शर्मा, रोहतक के उपायुक्त आरएस वर्मा, मेयर मनमोहन गोयल, एम्स दिल्ली के ब्लड बैंक की प्रभारी डॉ पूनम कौशिक ने सभी प्रतिनिधियों को सम्मानित किया। अब तक 20 कैंपों में करवाया 4937 यूनिट रक्तदान: रोहतक से लौटकर हरीश सेठी ने बताया कि अपने संस्था ने पहला रक्तदान कैंप 9 नवंबर 2015 को आयोजित किया था और अब तक संस्था द्वारा 20 कैंप लगाए जा चुके हैं जिनमें 4937 यूनिट रक्तदान करवाया गया। इन कैंपों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान व दिल्ली आदि से पहुंची विभिन्न ब्लड बैंकों की टीमों ने रक्त एकत्रित किया। इसके अलावा मरीज को जरूरत पडऩे पर एमरजेंसी में भी अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर करीब 1200 यूनिट उपलब्ध करवाया है। रक्तदान क्षेत्र में इस उल्लेखनीय कार्य के लिए संस्था को अब तक अनेक बार जिला, राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है। हरीश सेठी ने करवाया बोन मैरो डोनर का रजिस्ट्रेशन: अपने संस्था की ब्लड डोनर विंग के प्रभारी हरीश सेठी ने बताया कि उनका रक्त ग्रुप ए-नेगेटिव है और वे अब तक 14 बार रक्त कर चुके है। रोहतक में उन्होंने बोन मैरो डोनर के तौर पर भी अपना रजिस्ट्रेशन करवा दिया है। इसके बाद अब जरूरतमंद मरीज के साथ रिपोर्ट मैचिंग होने पर वे कहीं पर भी जाकर स्टेम सेल्स डोनेट करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि रक्तदान को लेकर डबवाली क्षेत्र में काफी जागरुक्ता आई है। अपने संस्था द्वारा शहर व गांवों में स्वेच्छा से रक्तदान की इच्छा रखने वाले लोगों को लगातार साथ जोड़ा जा रहा है।
नई दिल्ली, 16 जून 2019, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सूबे में जल संकट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है. पीएम मोदी से अपील करते हुए सीएम अमरिंदर ने कहा कि पंजाब गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है और पानी को लेकर कई राज्यों के बीच विवाद है. भारत सरकार से मांग करते हैं कि वह नदी जल न्यायाधिकरण का गठन करे. इससे पहले शनिवार को नीति आयोग की बैठक में भी अमरिंदर सिंह ने पत्र के माध्यम से अपने मांगे रखी थीं. इस बैठक में पंजाब का प्रतिनिधित्व राज्य के मुख्य सचिव करन अवतार सिंह ने किया. अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्यों के बीच पानी के बंटवारे से जुड़े विवादों के निवारण के लिए नए न्यायाधिकरणों की स्थापना होनी चाहिए. कृषि संकट का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि मुश्किल से घिरे किसानों को एक बार में कर्जमाफी के जरिए राहत पहुंचाई जाए. उन्होंने केंद्र सरकार से यह आग्रह भी किया कि किसान सम्मान निधि योजना के तहत दी जाने वाली सालाना राशि को छह हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया जाए. एक ओर अमरिंदर सिंह पीएम मोदी से मदद मांग रहे हैं तो वहीं उन पर पाकिस्तान को रोज़ाना 15,000 से 20,000 क्यूसेक पानी देने का आरोप है. पंजाबी एकता पार्टी (PEP) के प्रमुख सुखपाल सिंह खैरा ने कहा कि पाकिस्तान को इतनी बड़ी मात्रा में पानी छोड़ने का फैसला असामयिक और अस्पष्ट था. उन्होंने कहा कि सरकार पाकिस्तान को रोज़ाना लगभग 15,000 से 20,000 क्यूसेक पानी क्यों जारी कर रही है, जबकि राज्य की सभी प्रमुख नहरें सूखी हैं. सुखपाल सिंह खैरा ने सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह जो सिंचाई मंत्री भी हैं, उनसे आग्रह किया कि पाकिस्तान को पानी देना बंद करें. और उसका वर्तमान फसलों की सिंचाई के लिए 15,000 से 20,000 क्यूसेक पानी का आवंटन पंजाब को करें.
चंडीगढ़ पंजाब के मुक्तसर शहर में कांग्रेस पार्षद के भाई का विडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस विडियो में पार्षद राकेश चौधरी के भाई एक महिला की बर्बर पिटाई करते हुए दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि पैसों के लेन-देन से जुड़े एक मामले को लेकर ही पार्षद का भाई महिला के घर पहुंचा था, जहां उसने पीड़ित महिला की बुरी तरह पिटाई की। शुक्रवार को इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। घटना का विडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद एसएसपी मंजीत धेसी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। अब तक इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें कठोर सजा दिलाने के लिए कार्रवाई कराई जा रही है। इसके अलावा इस घटना में पीड़ित महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।' बताया जा रहा है कि इस घटना में मुख्य आरोपी का नाम सन्नी चौधरी है, जो कि स्थानीय कांग्रेस पार्षद राकेश चौधरी का भाई है। पुलिस ने पैसों के लेन-देन को इस घटना के पीछे की वजह बताया है। वहीं आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
चंडीगढ़ पंजाब कांग्रेस के दो प्रमुख चेहरों मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच जारी विवाद बढ़ता जा रहा है। दोनों नेताओं के बीच जुबानी जंग के बाद गुरुवार को सिद्धू, सीएम अमरिंदर की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक से नदारद रहे। इसके बाद सिद्धू ने सीएम पर पलटवार करते हुए कहा है कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। लोकसभा चुनावों के बाद पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने पहली कैबिनेट बैठक बुलाई थी। सीएम की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कांग्रेस के कद्दावर नेता तथा पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू नहीं पहुंचे। इसके बाद सिद्धू ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें अनुचित तरीके से कांग्रेस के खराब प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है और कुछ लोग उन्हें पार्टी से बाहर निकालना चाहते हैं। लोकसभा चुनावों में कांग्रेस के स्टार प्रचारक रहे सिद्धू ने कैप्टन पर ही निशाना साधते हुए कहा, 'कांग्रेस के प्रदर्शन के लिए मुझ पर निशाना साधा जा रहा है, जो कि गलत है। हार सामूहिक जिम्मेदारी है। मुझे महत्वहीन नहीं समझा जा सकता है। सिर्फ मेरे ही खिलाफ ऐक्शन क्यों लिया जा रहा है? बाकी नेताओं-मंत्रियों के खिलाफ क्यों नहीं? मैं हमेशा ही बेहतर परफॉर्मर रहा हूं।' सूत्रों के अनुसार इस कैबिनेट बैठक में पंजाब के कुछ मंत्रियों के विभाग बदलने और कुछ को हटाए जाने पर चर्चा होनी थी। सीएम कैप्टन अमरिंदर पहले ही कह चुके हैं कि लोकसभा चुनावों में शहरी इलाकों में पार्टी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए सिद्धू से उनका विभाग छीना जा सकता है। सिद्धू की इस गैरमौजूदगी को कैप्टन के खिलाफ उनके विरोध के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल ही में कहा था कि मंत्री के तौर पर सिद्धू के प्रदर्शन की समीक्षा की जरूरत है और वह अपना ही विभाग संभाल पाने में सक्षम नहीं हैं। इसके बाद सिद्धू ने अपने स्थानीय निकाय विभाग के कामकाज का भी बचाव करते हुए कहा कि पंजाब के किसी दूसरे मंत्री ने इतनी पारदर्शिता से काम नहीं किया। अमरिंदर सिंह ने कहा था, 'पंजाब के शहरी इलाकों में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा। सिद्धू शहरी विकास मंत्री हैं। बता दें कि लोकसभा चुनावों के समय से ही दोनों नेताओं में अनबन चल रही है। लोकसभा चुनाव 2019 में टिकट नहीं मिलने पर सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने कैप्टन के खिलाफ खुलकर नाराजगी जताई थी। इसका सिद्धू ने भी समर्थन किया था। इसके बाद सीएम अमरिंदर ने सिद्धू को महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा था कि उन्हें लगता है कि शायद सिद्धू की ख्वाहिश मुख्यमंत्री बनने की है। इसके अलावा सीएम कैप्टन ने नवजोत सिद्धू के पाकिस्तान जाकर वहां के सेनाध्यक्ष कमर जावेद बाजवा से गले मिलने को लेकर कैप्टन ने उन पर वार किया था।
चंडीगढ़, 02 जून 2019, पंजाब के लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला ने शनिवार को कहा कि करतारपुर साहिब कॉरिडोर का निर्माण कार्य 30 सितंबर तक पूरा हो जाएगा. भारत की तरफ के हिस्से के निर्माण कार्य का व्यापक निरीक्षण करने के बाद मंत्री ने करतारपुर कॉरिडोर का निर्माण कार्य पूरा होने की बात कही है. यह गलियारा भारत के पंजाब राज्य के गुरदासपुर जिले में डेरा बाबा नानक गुरुद्वारे को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के करतारपुर साहिब गुरुद्वारा से जोड़ेगा. इस कॉरिडोर का करीब 25 फीसदी काम पूरा हो चुका है. विजय सिंगला ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि 4.2 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का निर्माण सिख धर्म के संस्थापक गुरु नानक देव (1469-1539) के 550वें जन्मदिवस समारोह से पहले पूरा कर लिया जाएगा. चूंकी कॉरिडोर का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान की सीमा में भी पड़ता है. इसलिए यह पर्व भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में मनाया जाएगा. मंत्री ने यह भी कहा कि तीर्थयात्रियों के भारी आवागमन को देखते हुए बटाला, फतेहगढ़ चुरियां और रामदास से डेरा बाबा नानक जाने वाले सभी सड़क मार्गों को भी बेहतर बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए 26.04 करोड़ रुपये में 62 एकड़ भूमि का अधिग्रहण पहले ही कर लिया गया है जिसमें प्रति एकड़ 42 लाख रुपये का भुगतान किया गया है. इसके अलावा, 90 करोड़ रुपये का सिविल कार्य भी चल रहा है. उन्होंने कहा कि एकीकृत चेकपोस्ट के निर्माण के लिए लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया 50 एकड़ भूमि का और अधिग्रहण कर रहा है. दोनों मुल्कों के अधिकारी 27 मई को पंजाब के डेरा बाबा नानक सेक्टर में अंतराष्ट्रीय सीमा से लगने वाले जीरो लाइन पर मिले थे और उन्होंने करतारपुर साहिब के निर्माण के लिए तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की थी.
फरीदाबाद थाने के अंदर लॉन में रखी कुर्सियां, जिन पर बैठे पुलिसकर्मी। इनके बीच में खड़ी एक असहाय महिला। सामने एक पुलिसकर्मी उससे कोई मोबाइल नंबर पूछ रहा है तो पीछे खड़ा हेड कॉन्स्टेबल हाथ में बेल्ट लिए मारने का मौका देख रहा है। फिर गाली देने के साथ यह हेड कॉन्स्टेबल पूरी ताकत से महिला को बेल्ट मारता है। कुर्सी पर बैठे पुलिसकर्मी खुश होते हैं और तफरी के लहजे में कहते हैं कि कुछ न बताएगी......(गालियां).....बहुत खिलाड़ी है। हेड कॉन्स्टेबल फिर महिला के पीठ पर बेल्ट से वार करता है। दूसरे पुलिसकर्मी उससे यह पूछते हैं, बता तू पार्क में क्या करने आई थी। इंसानियत और वर्दी के कर्तव्यों को तार-तार करता फरीदाबाद पुलिस का यह चेहरा एक वायरल विडियो से सामने आया है। इसके बाद पूरे महकमे में हड़कंप है। यही वजह है कि इस मामले में 5 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। साथ ही दो हेड कॉन्स्टेबल को सस्पेंड और तीन एसपीओ को बर्खास्त करने का आदेश पुलिस कमिश्नर ने दे दिया है। 4 मिनट 24 सेकंड का यह विडियो रविवार की रात वायरल हुआ। जांच शुरू हुई तो पता चला कि मामला बल्लभगढ़ के आदर्श नगर थाने का है। इस घटना को महिला आयोग ने भी संज्ञान में लिया। आयोग की टीम पुलिस कमिश्नर ऑफिस यह जानने के लिए पहुंची कि महिला को पुरुष पुलिसकर्मी कैसे पार्क से उठाकर थाने ले जा सकते हैं, किस अपराध में ले गए और क्यों पीटा, यह अधिकार किसने दिया। इसके साथ ही यह विडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर पुलिस की फजीहत शुरू हो गई। जिस किसी ने यह विडियो सोशल मीडिया पर देखा वह पुलिस की इस कार्यशैली पर थू-थू करता नजर आया। अडिशनल एसएचओ की शिकायत पर दर्ज हुआ केस विडियो सामने आने पर पुलिस की फजीहत शुरु हुई तो पुलिस अधिकारी भी हरकत में आ गए। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आनन-फानन में जांच करवाई जिसमें पुलिसकर्मियों के नाम सामने आए। इसके बाद आदर्श नगर थाने के अडिशनल एसएचओ राजेंद्र ने शिकायत तैयार की। इस शिकायत पर हेड कॉन्स्टेबल रोहित, बलदेव, एसपीओ कृष्णपाल, हरपाल, दिनेश के खिलाफ आदर्श नगर थाने में केस दर्ज हुआ। अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि यह विडियो अक्टूबर 2018 का है। दोनों हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड, एसपीओ हुए बर्खास्त पुलिसकर्मियों की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कार्रवाई के आदेश जारी किए। पुलिस प्रवक्ता सूबे सिंह के मुताबिक कमिश्नर के आदेश पर हेड कॉन्स्टेबल रोहित और बलदेव को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं एसपीओ कृष्णपाल, हरपाल व दिनेश को बर्खास्त किया गया। महिला आयोग ने कहा कि यह चेहरा शर्मनाक विडियो देखने के बाद राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू भाटिया सोमवार को पुलिस कमिश्नर ऑफिस पहुंचीं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर से मामले की जानकारी मांगी व कार्रवाई की मांग की। रेनू ने बताया कि कमिश्नर ने उनको ठोस कार्रवाई व पीड़िता की हर संभव कानूनी मदद का आश्वासन दिया है। पीड़िता की पहचान अभी नहीं हो पाई है। महिला आयोग अब आगे उस पीड़िता तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। आयोग की सदस्य ने कहा कि जिस तरीके से विडियो में दिख रहा है आरोपित पुलिसकर्मियों की किसी भी बात पर विश्वास नहीं किया जा सकता। पुलिस का यह चेहरा शर्मसार कर देने वाला है। आरोपित पुलिसकर्मियों ने यह रखा पक्ष महिला आयोग की सदस्य को दी गई जानकारी में पुलिस ने आरोपित से हुई पूछताछ के बारे में बताया है। इसमें बताया गया कि शाम के समय एक फोन कॉल आया था जिस पर पास के एक पार्क में एक महिला के बैठे होने व गलत हरकत की जानकारी मिली। पुलिस टीम मौके पर गई तो वहां महिला मिली। इसके बाद पुलिस उसे थाने लेकर आई।
गुड़गांव शहर के पॉश इलाके सुशांत लोक फेज-3 में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ है। सेक्टर-56 थाना पुलिस ने शनिवार आधी रात छापेमारी कर 6 लड़कियों समेत 24 लोगों को गिरफ्तार किया। एनसीआर के शहरों के साथ ही बेंगलुरु और पंजाब से भी युवक अय्याशी के लिए पहुंचे थे। 60 हजार रुपये में किराये पर लिए गए घर में जिस्मफरोशी का कालाधंधा चल रहा था। गिरफ्तार हुईं लड़कियां दिल्ली के सुल्तानपुरी, प्रीतमपुरा, रोहिणी और तुगलकाबाद की हैं। जो युवक पकड़े गए हैं, वे बिजनसमैन, इंजीनियर और एमएनसी (मल्टीनैशनल कंपनी) के अधिकारी हैं। पुलिस को देखकर 2 आरोपी भाग गए। बाकी सभी को रविवार सुबह जेल भेजा गया। डीसीपी ईस्ट के आदेश पर एक महिला इंस्पेक्टर के नेतृत्व में सेक्टर-56 थाना पुलिस ने सुशांत लोक फेज-3 के एक मकान में शनिवार रात में छापेमारी की। आरोप है कि पुलिस टीम को देखकर राजीव यादव और गुरमीत सिंह नामक व्यक्ति फरार हो गए। पुलिस ने घर से 6 युवतियों सहित 24 को अरेस्ट किया। इनमें से कुछ आपत्तिजनक हालात में थे। घर से पुलिस ने कुछ सामान भी बरामद किया। गिरफ्तार युवतियों की उम्र 25 से 30 साल के बीच है। इनके अलावा 18 युवकों में से गुड़गांव, पंजाब, बेंगलुरु व गाजियाबाद के रहने वाले थे। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि राजीव यादव ने यह मकान किराये पर ले रखा था। हर महीने 60 हजार रुपये किराया दिया जाता था। गुरमीत सिंह नाम का व्यक्ति यहां पर लड़कियां लेकर आता था। चौकीदार के तौर पर नेपाल निवासी भोजराज को रखा गया था। सेक्टर-56 थाने लाए गए गिरफ्तार आरोपित पुलिस देर रात सभी युवक-युवतियों को लेकर सेक्टर 56 थाना आई। यहां से सभी के खिलाफ महिला इंस्पेक्टर राजबाला की शिकायत पर केस दर्ज किया गया। इसके बाद युवतियों को सेक्टर-51 के महिला थाने के लॉकअप में बंद किया गया। युवकों से सेक्टर-56 थाने के लॉकअप में रखा गया। रविवार सुबह सभी के खिलाफ केस दर्ज करके ड्यूटी मैजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। वहां से सभी को जेल भेज दिया गया। सेक्टर-56 के थाना प्रभारी, आनंद सिंह दांगी का कहना है कि 2 आरोपी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। जो गिरफ्तार हुए हैं, उनके खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है। कितने समय से देह व्यापार चल रहा था, यह अभी जांच की जा रही है।
गुरदासपुर लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों की तस्वीर अब लगभग साफ हो गई है. एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ मोदी सरकार केंद्र की सत्ता पर काबिज होने जा रही है. इस दौरान पंजाब के गुरदासपुर लोकसभा सीट से पहली बार चुनाव मैदान में उतरे बीजेपी प्रत्याशी सनी देओल ने शानदार जीत दर्ज की है. जीत के बाद उन्होंने जनता का धन्यवाद किया. सनी देओल ने लोगों को धन्‍यवाद देते हुए कहा है कि मुझे पूरा यकीन था कि रुझान उनके पक्ष में आएंगे. आखिरकार जब ऐसा हुआ तो उन्‍हें इस बात की बेहद खुशी हो रही है. उन्होंने ने कहा कि अब बस मेरा एक ही उद्देश्य है कि मुझे जो जीत मिली है, उसके बदले में काम करूं.' सनी ने कहा कि मैं चाहता हूं कि मैं अपने क्षेत्र को बेहतर बना सकूं. यही मेरी जिम्मेदारी है. आप लोगों ने जो प्यार दिया उससे बहुत खुशी है. मैं यहां कोई इरादा लेकर नहीं आया था, बस अपना काम करूंगा.
पटियाला/ अमृतसर पंजाब में रविवार को जब लोकसभा चुनाव के लिए वोट पड़ रहे थे उसी दौरान सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयान से पार्टी के अंदर अंदरूनी घमासान खुलकर सामने आ गई। कैप्टन ने अपनी सरकार में कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर पार्टी को नुकसान पहुंचाने और मुख्यमंत्री पद को लेकर सिद्धू की महत्वाकांक्षा का जिक्र किया। तेज होती जुबानी जंग के बीच अब सिद्धू खेमे की तरफ से पलटवार किया गया है। सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने कहा है कि अगर कांग्रेस राज्य की सभी सीटें नहीं जीत पाती है तो सीएम को इस्तीफा दे देना चाहिए। अमृतसर में वोट डालने के बाद नवजोत कौर से पूछा गया कि अगर कांग्रेस पंजाब की सभी 13 सीटें जीतने में नाकाम रहती है तो क्या अमरिंदर को इस्तीफा देना चाहिए। इस पर उन्होंने जवाब दिया, 'हां ऐसा होता है तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए क्योंकि उनकी सरकार बने तकरीबन दो साल हो रहे हैं...छह महीने बीतने के बाद हालात अलग थे। यह अच्छा है कि उन्होंने विधायकों और मंत्रियों की जिम्मेदारी तय कर दी है।' पटियाला में वोट डालने के बाद टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए सिद्धू के इंटरव्यू का जिक्र करते हुए कैप्टन अमरिंदर ने उन पर हमला बोला था। सीएम अमरिंदर ने 17 मई को बठिंडा में सिद्धू द्वारा की गई उस टिप्पणी का जिक्र कर किया जिसमें वह राज्य में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी के मुद्दे पर कांग्रेस सरकार को घेरते हुए दिखाई दिए थे। सिद्धू ने सवाल किया था कि 2015 में गुरु ग्रंथ साहिब बेअदबी और पुलिस गोलीबारी की घटनाओं के सिलसिले में बादल परिवार के जिम्मेदार सदस्यों के खिलाफ प्राथमिकी क्यों नही दर्ज की गई। सिद्धू ने कथित रूप से अकाली दल और कांग्रेस के बीच फ्रेंडली मुकाबले की तरफ इशारा किया था। सिद्धू ने बठिंडा में कांग्रेस उम्मीदवार अमरिंदर सिंह राजा के समर्थन में प्रचार करते हुए कहा था कि अगर 2015 की बेअदबी की घटनाओं के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वह इस्तीफा दे देंगे। अपने मंत्री पर कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने और गलत मौके पर बयानबाजी का आरोप लगाते हुए अमरिंदर ने कहा, 'अगर सिद्धू मुझे और मेरे पद को चुनौती देना चाहते हैं तो मुझे लगता है कि उन्हें इसे पार्टी हाईकमान के सामने उठाना चाहिए। सिद्धू महत्वाकांक्षी हैं और इसमें कोई बुराई नहीं है। लोगों के अंदर महत्वाकांक्षाएं होती हैं। मैं उन्हें तब से जानता हूं जब वह बच्चे थे। व्यक्तिगत रूप से सिद्धू के साथ मेरा कोई मतभेद नहीं है। शायद वह मुझे हटाकर मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। यही उनकी दिक्कत है।' अमरिंदर ने साथ ही कहा, 'मेरा मानना है कि सिद्धू ने गलत मौके पर यह बयान दिया। अगर वह (सिद्धू) एक असली कांग्रेसी होते तो उन्हें पंजाब में मतदान से ठीक पहले के बजाय अपनी शिकायतों को उजागर करने के लिए बेहतर समय चुनना चाहिए था। किसी भी तरह की कार्रवाई का फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा लेकिन एक पार्टी के तौर पर कांग्रेस अनुशासनहीनता को सहन नहीं करेगी।' इस बीच सिद्धू ने अमरिंदर के साथ चल रही खींचतान पर तो कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन उन्होंने पंजाब में प्रचार के दौरान अपनी गैरमौजूदगी को सही ठहराया। सिद्धू ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी ने जहां कहा वहां वह गए थे। सिद्धू ने बताया, 'उन्होंने (प्रियंका) मुझे गुरदासपुर, फिरोजपुर और बठिंडा में कांग्रेस का झंडा उठाने के निर्देश दिए थे।' कैप्टन द्वारा सिद्धू की आलोचना के बाद पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ नेता ब्रह्म मोहिंद्रा और सुखजिंदर रंधावा ने क्रिकेटर से राजनेता बने सिद्धू पर कांग्रेस की पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाया और उन पर कार्रवाई के लिए राहुल गांधी से दखल की मांग की। मोहिंद्रा ने कहा कि सिद्धू ने इतने अहम मौके पर बयान देकर हमें चौंका दिया। उधर केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल और अकाली दल के नेताओं ने कांग्रेस और उनकी पार्टी के बीच फ्रेंडली मैच के सिद्धू के बयान को खारिज किया है।
चंडीगढ़, 14 मई 2019, पंजाब में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले राज्य सरकार में मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने सिद्धू के प्रचार को लेकर बड़ा बयान दिया है. नवजोत कौर ने पार्टी नेतृत्व पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू से पंजाब में इसलिए प्रचार नहीं कराया जा रहा है कि क्योंकि कैप्टन अमरिंदर सिंह नहीं चाहते हैं. हालांकि, खबर यह आई थी कि सिद्धू के गले में समस्या है जिसका इलाज चल रहा है, इसलिए वह प्रचार से दूर हैं. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के बीच कई मसलों पर मतभेद की सुर्खियां बनती रही हैं. अब सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने पंजाब में 19 मई को होने जा रहे लोकसभा चुनाव के लिए मतदान से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर बड़ा दावा किया है. नवजोत कौर ने कहा है कि कांग्रेस पार्टी को सिद्धू की जरूरत नहीं है, इसीलिए उनसे पंजाब में प्रचार नहीं कराया जा रहा है. देशभर में कांग्रेस पार्टी के लिए वोट मांगने जा रहे स्टार प्रचारकर नवजोत सिंह सिद्धू से पंजाब में प्रचार न कराए जाने की वजह नवजोत कौर ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को बताया है. नवजोत कौर ने कहा है कि अमरिंदर सिंह नहीं चाहते कि सिद्धू पंजाब में प्रचार करे. यहां तक कि नवजोत ने खुद को टिकट न मिलने पर भी बड़ा आरोप लगाया. नवजोत कौर ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की वजह से उन्हें लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं मिला. कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ ही उन्होंने आशा कुमारी को भी अपना टिकट कटने के लिए जिम्मेदार बताया. नवजोत कौर ने कहा कि दशहरा पर जो ट्रेन हादसा हुआ था, उसके लिए मुझे वजह मानकर मेरा टिकट काटा गया. बता दें कि अमृतसर में दशहरा के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जिसमें शामिल होने के लिए नवजोत कौर पहुंची थीं. इस कार्यक्रम को देखने बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे, जिनमें से कुछ रेलवे ट्रैक पर भी खड़े थे और ट्रेन से कुचलकर उनमें से कई की मौत हो गई थी. इस हादसे को लेकर नवजोत कौर पर काफी सवाल उठे थे. नवजोत कौर ने इस हादसे को ही अपना टिकट कटने के पीछे वजह बताया है. साथ ही इस बहाने अपने पति व पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू से पंजाब में प्रचार न कराने को लेकर भी नवजोत कौर ने कैप्टन अमरिंदर सिंह की आलोचना की है.
रोहतक हरियाणा के रोहतक में हालात उस वक्त बिगड़ गए जब चुनावी सभा करने आए कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू की तरफ एक महिला ने चप्पल फेंक दिया। आरोपी महिला को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। हरियाणा के रोहतक में यह घटना बुधवार की शाम को उस वक्त हुई, जब पंजाब सरकार में मंत्री और कांग्रेस के स्टार प्रचारक नवजोत सिंह सिद्धू यहां से चुनाव लड़ रहे दीपेंद्र हुड्डा के पक्ष में चुनावी जनसभा करने के लिए आए हुए थे। सिद्धू मंच पर ही थे, तभी एक महिला ने उनकी तरफ चप्पल फेंका। हालांकि सिद्धू को चप्पल लगी नहीं। पुलिस ने आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया, लेकिन इसी बीच वहां मौजूद कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर महिला की पिटाई कर दी। महिला का नाम जितेंद्र कौर बताया जा रहा है। पुलिस ने इस घटना के पीछे महिला की नाराजगी को वजह बताया है। महिला के अनुसार, 'सिद्धू की दाल बीजेपी में नहीं गली तो वह कांग्रेस में आ गए। पहले वह सोनिया और मनमोहन की बुराई करते थे और अब नरेंद्र मोदी की करने लगे हैं।' इसके बाद जब सिद्धू कार्यक्रम से वापस जाने लगे तो कुछ लोगों ने उन्हें काले झंडे दिखाए और मोदी-मोदी के नारे भी लगाए। इसे लेकर कांग्रेस कार्यकर्ता और झंडे दिखाने वाले आमने-सामने आ गए। टकराव की स्थिति को देख पुलिस हरकत में आ गई और स्थिति को नियंत्रण में ले लिया।
फरीदकोट पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने बुधवार को बादल परिवार पर आरोप लगाया कि वे अपने निहित स्वार्थों के लिए अकाल तख्त का दुरुपयोग करके सिखों की धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ कर रहे हैं। अकाल तख्त सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है। कैप्टन अमरिंदर ने यह भी कहा कि भारत का चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का है। मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ‘धर्म का इस तरह से राजनीतिकरण शिरोमणि अकाली दल को उल्टा पड़ेगा। जो कोई भी अकाल तख्त का इस्तेमाल करने का प्रयास करता है, वह मेरी नजरों में सिख नहीं है।’ उन्होंने तख्त की सर्वोच्च ताकत को कमतर करने के बादल परिवार के ‘अपमानजनक’ प्रयास की निंदा की। कैप्टन अमरिंदर ने बादल परिवार पर लगाया अकाल तख्त का दुरुपयोग करने का आरोप उन्होंने आरोप लगाए, ‘अकाली दावा करते हैं कि वह सिख धर्म के रक्षक हैं लेकिन अपने राजनीतिक हितों को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने हमेशा इसका इस्तेमाल किया है।’ फरीदकोट में कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद सादिक के पक्ष में प्रचार करते हुए अमरिंदर ने कहा कि 2015 के धर्मग्रंथों की बेअदबी और पुलिस गोलीबारी की घटना की जांच कर रहे एसआईटी के सदस्य आईपीएस अधिकारी विजय प्रताप सिंह लोकसभा चुनावों के बाद इस मामले को निष्कर्ष तक पहुंचाएंगे। गौरतलब है कि चुनावों के दौरान उनका प्रभार वापस ले लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘भारत का चुनाव आयोग बीजेपी का है और उन्होंने अधिकारी को हटवा दिया जबकि तथ्य यह है कि जांच की जारी प्रक्रिया में अदालतें भी हस्तक्षेप नहीं करती हैं। चुनाव खत्म होते ही वही अधिकारी मामले की जांच करेंगे और इसे निष्कर्ष तक पहुंचाएंगे।'

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