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नई दिल्ली, 05 मई 2019,पश्चिम बंगाल के चंद्रकोण में सीएम ममता बनर्जी के काफिले के सामने बीजेपी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की तो दीदी उन पर बरस पड़ीं. चंद्रकोण में ममता बनर्जी एक रैली में जा रही थीं. इस दौरान 'जय श्री राम' का नारा लगा रहे बीजेपी कार्यकर्ताओं को देखकर ममता ने अपना काफिला रोक दिया और कार से उतर गईं. ममता बनर्जी ने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर गाली देने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी पुरुषों को गलत व्यवहार करने के लिए भेजकर उनकी छवि खराब कर रही है. बता दें कि पश्चिम मिदनापुर सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस का गढ़ माना जाता है. यहां से शुभेंदु अधिकारी टीएमसी के मंत्री जबकि उनके पिता शिशिर अधिकारी और भाई दिब्येंदु अधिकारी सांसद रह चुके हैं. इस इलाके से ममता जब गुजरीं तब उनके काफिले के सामने बीजेपी कार्यकर्ता नारे लगाने लगे. इसके बाद ममता ने तुरंत अपने काफिले को रुकवाया और गाड़ी से बाहर निकल गईं. ममता को देखकर कुछ बीजेपी करता वहां से भागने लगे तभी ममता कहा कि जो लोग इस तरह से नारेबाजी कर रहे हैं, उन्हें 23 मई को चुनाव का नतीजा आने के बाद अंजाम भुगतना पड़ेगा. ममता ने चेतावनी देते हुए कहा कि चुनाव के बाद भी उन्हें यहीं रहना है. बता दें कि चक्रवाती तूफान फानी को देखते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2 दिन के लिए अपने सभी चुनावी कार्यक्रम को स्थगित कर दिया था. बीजेपी बांटने की राजनीति कर रही है ममता ने आरोप लगाया कि बंगाल में बीजेपी बांटने की राजनीति कर रही है. लोगों को दंगों के लिए उकसा रही है. ममता ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बीजेपी की ऐसी राजनीति को नाकाम करते हुए सभी 42 सीटों पर तृणमूल कांग्रेस जिताएं. इससे पहले टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी राज्य में 42 में से 42 सीट जीतने का दावा कर चुकी हैं. ममता केंद्र की राजनीति में निर्णायक भूमिका निभाना चाहती हैं. वहीं, बीजेपी भी बंगाल में अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी है. बीजेपी ने 42 में से 23 सीट जीतने का दावा किया है.
नई दिल्ली, 05 मई 2019,चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न केस में अब नया मोड़ आ गया है. केस की सुनवाई को लेकर साथी जजों के बीच ही मतभेद उभर आए हैं. जस्टिस डी.वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस नरीमन ने इनहाउस जांच कमेटी से कहा है कि शिकायतकर्ता महिला के बगैर जांच उचित नहीं है. दोनों जजों ने शुक्रवार शाम जस्टिस एस.ए बोबड़े, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी वाली इनहाउस जांच कमेटी से मुलाकात की और कहा है कि एकतरफा सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट की छवि पर असर पड़ेगा. लिहाजा, या तो शिकायतकर्ता महिला की मांग के मुताबिक उसे वकील के जरिए अपनी बात कहने की इजाजत दी जाए या फिर किसी न्यायविद् को अमाइकस क्यूरी बनाए. इनहाउस जांच कमेटी की अगुआई सुप्रीम कोर्ट में नम्बर दो जज जस्टिस एस.ए बोबड़े कर रहे हैं और बाकी दो सदस्य महिला जज जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी हैं. जबकि जस्टिस चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट के जजों के वरिष्ठता सूची में दसवें नम्बर पर हैं और 2022 से 2024 के बीच चीफ जस्टिस भी बनने वाले हैं. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली सुप्रीम कोर्ट की पूर्व कर्मचारी ने बीते मंगलवार को कहा था कि वह मामले की जांच करने वाली शीर्ष अदालत की तीन न्यायाधीशों की समिति के सामने पेश नहीं होगी. शिकायतकर्ता ने दावा किया था कि उन्हें सुनवाई के दौरान वकील रखने या किसी कानूनी सहयोग की इजाजत नहीं दी गई है. जिसके चलते सुनवाई के दौरान बहुत घबराहट वाला माहौल रहता है. यह दावा करते हुए शिकायतकर्ता ने कमेटी के सामने नहीं होने की बात कही थी. बता दें कि यह शिकायतकर्ता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जूनियर कोर्ट असिस्टेंट है. उन्होंने चीफ जस्टिस के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए शीर्ष अदालत के सभी न्यायाधीशों को एक शपथ-पत्र भेजा था. जिसके बाद इस मसले में इनहाउस कमेटी गठित की गई है.
नई दिल्ली रियल एस्टेट कंपनी आम्रपाली ग्रुप की धोखाधड़ी में फंसे निवेशकों में आशा की नई किरण जगी है। मामले की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त फरेंसिक ऑडिटरों ने न्यायालय से कहा है कि विभिन्न स्रोतों से लगभग 11 हजार करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं, जो परियोजनाओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त से अधिक है। एनबीसीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, तमाम हाउजिंग प्रॉजेक्ट को पूरा करने में 8,500 करोड़ रुपये की लागत आएगी। सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में फंसे 46,575 फ्लैटों का निर्माण करने का जिम्मा एनबीबीसी को दिया है। खरीदारों से मिल सकते हैं 321 करोड़ रुपये ऑडिटर पवन कुमार अग्रवाल तथा रवि भाटिया ने कोर्ट को सौंपी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मकान के खरीदारों सहित विभिन्न लोगों से 11,524 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। कई बायर्स ने फ्लैट के पूरे पैसे जमा नहीं कराए हैं। उन्होंने कहा कि ग्रुप ने 5,856 फ्लैट कम कीमतों में बेचे हैं और ऐसे खरीदारों से 321 करोड़ रुपये से अधिक रकम जुटाई जा सकती है। निजी जरूरतों के लिए 456 करोड़ डायवर्ट 46 पंजीकृत कंपनियों, आम्रपाली समूह की मुखौटा कंपनियों और इसके निदेशकों के बैंक खातों की फरेंसिक ऑडिट के बाद कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने वाले ऑडिटरों ने कहा है कि प्रमोटर्स और डायरेक्टरों ने पैसों का इस्तेमाल निजी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया और यह रकम (लगभग 455.91 करोड़ रुपये) भी उनसे वसूली जा सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, आम्रपाली के सीएमडी अनिल कुमार शर्मा तथा अन्य चार निदेशकों- शिव प्रिया, अजय कुमार, सुभाष चंद्र कुमार तथा अमरेश कुमार ने कंपनी से 67.13 करोड़ रुपये प्रफेशनल फीस के रूप में लिए, जिसके वे हकदार नहीं थे। 1,446 करोड़ का फर्जी बिल रिपोर्ट के मुताबिक, सीएमडी अनिल शर्मा ने निजी इस्तेमाल के लिए लगभग 37 करोड़ रुपये अपने खाते में डायवर्ट किए, जबकि शिव प्रिया और अजय कुमार ने क्रमशः 18 करोड़ रुपये और 8.2 करोड़ रुपये डायवर्ट किए। ऑडिटरों ने कोर्ट से यह भी कहा कि आम्रपाली को कंस्ट्रक्शन मटीरियल उपलब्ध कराने के लिए कई कंपनियों को भुगतान किया गया था, जिसका 1,446 करोड़ का बिल फर्जी (मटीरियल सप्लाई ही नहीं हुई) पाया गया है। ...तो पूरे हो जाएंगे सभी अधूरे प्रॉजेक्ट्स ऑडिटरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आम्रपाली के विभिन्न प्रॉजेक्ट्स में लगभग 5,229 अनबिके फ्लैट हैं, जिन्हें बेचकर 1,958 करोड़ रुपये जुटाए जा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, आम्रपाली इसलिए डूब गई, क्योंकि उसने पैसे मकानों के कंस्ट्रक्शन के बजाय व्यक्तिगत जरूरतों को पूरा करने के लिए डायवर्ट कर दिए। उन्होंने कहा कि मकान के खरीदारों ने जितनी रकम जमा की थी, वह सभी प्रॉजेक्ट्स को पूरा करने के लिए काफी थी। उन्होंने पीठ से यह भी कहा कि अगर कंपनी द्वारा डायवर्ट की गई रकम वापस मिल जाए और कंपनी के अनबिके फ्लैट तथा वाणिज्यिक जगहों को बेच दिया जाए, तो अधूरे प्रॉजेक्ट्स को पूरा किया जा सकता है।
नई दिल्ली, 04 मई 2019,हाल ही में एक्टर अक्षय कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉन पॉलिटिकल इंटरव्यू लिया था जो काफी चर्चा में रहा. कॉमेडिन श्याम रंगीला ने इस इंटरव्यू पर एक स्पूफ वीडियो बनाया है. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को पाकिस्तान की मीडिया ने भी मजाक के तौर पर दिखाया. इस पर नाराज श्याम रंगीला ने अब अपना रिएक्शन दिया है. इसके लिए उन्होंने अपना एक वीडियो बनाकर यूट्यूब पर शेयर किया है. श्याम रंगीला ने वीडियो में कहा, ''दोस्तों नमस्कार, मैं हूं श्याम रंगीला. तीन चार दिन पहले आपने नॉन पॉलिटिकल इंटरव्यू पर हमारा एक स्पूड वीडियो देखा होगा. इस वीडियो को बहुत सारे लोगों ने एंजॉय किया है. इसे कांग्रेस वालों ने एंजॉय किया. आम आदमी पार्टी वाले ने एंजॉय किया. या मोदी जी के जो भी विरोधी है सबने इसे एंजॉय किया और शेयर किया. और हमें कोई फर्क नहीं पड़ता है कोई भी शेयर करो कोई भी देखो हमने इसे मनोरंजन के लिए बनाया था.'' ''जैसे हम बीजेपी का मजाक उड़ाते हैं वैसे ही हम कांग्रेस का भी मजाक उड़ाते हैं क्योंकि हम कॉमेडियन और हमारा काम भी कॉमेडी करना है. देश के अंदर कोई भी इसे शेयर करे मुझे इससे मुझे कोई फर्क नही पड़ता है. लेकिन फर्क तब पड़ता है जब पाकिस्तान की मीडिया उस वीडियो को दिखाती है. मुझे बहुत बुरा लगा जब पाकिस्तान की मीडिया ने वो वीडियो दिखाया और ऐसे दिखाया जैसे कि हम मोदी जी को चाहते नहीं हैं. जैसे हम मोदी जी से परेशान हो गए हैं लेकिन वीडियो में ऐसा कुछ था नहीं.' ''जिस चैनल में वीडियो दिखाया गया उसका नाम है अब तक. भारतीय चैनल का नाम आज तक है और आपने उस नाम को कॉपी करते हुए अपने चैनल का नाम रखा है. आप मुझसे सुन लो मैं ही श्याम रंगीला हूं. मैं कह रहा हूं जिस तरह से आपको मोदी जी से एलर्जी है लेकिन सुन लो आएंगे तो मोदी जी ही. हमने कांग्रेस को लेकर भी वीडियो बनाया है लेकिन उनका वीडियो तो कभी नहीं दिखाया. आपने मोदी जी का ही क्यों दिखाया क्योंकि आपको मोदीजी से एलर्जी है. मुझे बड़ा अच्छा लगता है कि कोई तो है जिससे पाकिस्तान को एलर्जी है'' ''राहुल गांधी का नॉन पॉलिटिकल इंटरव्यू आप बहुत जल्द देखेगो. अगर पाकिस्तान की मीडिया में उस वीडियो को दिखाया तो मैं वादा करता हूं कि मेरा वोट राहुल गांधीजी को जाएगा. मोदीजी का वीडियो पाकिस्तान में दिखाया गया. अगर इससे किसी को कोई ठेस पहुंता है तो मैं माफी मांगता हूं." कौन हैं श्याम रंगीला? श्याम रंगीला हनुमानगढ़ राजस्थान के एक कॉमेडियन हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हूबहू मिमिक्री करने के चलते सोशल मीडिया पर तेजी से पॉपुलर हुए थे. उनके वीडियो लोगों ने खूब लाइक और शेयर किए जिसके बाद उन्हें तमाम टीवी शोज पर भी बुलाया गया. हालांकि द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज नाम के कॉमेडी शो में श्याम द्वारा की गई मोदी जी की मिमिक्री विवादों में रही.
नई दिल्ली सोमवार को पांचवें चरण का मतदान है और इससे पहले आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पीएम मोदी और बीजेपी पर हल्ला बोला। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आंतरिक रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी की हार का दावा किया। राहुल ने पीएम मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने पर भी सवाल उठाया। कांग्रेस अध्यक्ष ने एक बार फिर राफेल सौदे में भ्रष्टाचार का आरोप दोहराया और सुप्रीम कोर्ट से अपनी माफी मांगने को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया। कांग्रेस अध्यक्ष ने बीजेपी की हार का दावा करते हुए कहा, 'हमें मिल रही अब तक की रिपोर्ट से स्पष्ट हो गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव हार रहे हैं। बीजेपी इन चुनावों में सत्ता में वापसी नहीं कर रही है।' सरकार बनाने के लिए गठबंधन के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह सब नतीजों के बाद सोचने का विषय है और फिलहाल कांग्रेस पार्टी का एक लक्ष्य बीजेपी को हराना है। SC से माफी मांगी है बीजेपी से नहीं' चौकीदार चोर है संबंधी बयान पर सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगने पर भी राहुल ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा, 'मुझसे गलती हुई और मैंने माफी मांग ली। एक बात स्पष्ट कर दूं कि सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन मामले में एससी के हवाले से की अपनी टिप्पणी के लिए मैंने माफी मांगी है। बीजेपी या आरएसएस के लोगों से कोई माफी नहीं मांगी। चौकीदार चोर है का नारा आज देश भर में बोला जा रहा है और यह हमारा नारा रहेगा। मसूद अजहर को किसने भेजा था पाकिस्तान?' सेना के राजनीतिकरण और यूपीए शासनकाल में सर्जिकल स्ट्राइक पर राहुल गांधी ने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक सेना का पराक्रम है और नरेंद्र मोदी इस पर सवाल उठाकर सेना का अपमान कर रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष ने मसूद अजहर को आतंकी घोषित किए जाने को मोदी सरकार की सफलता पर पलटवार किया और कहा कि मसूद अजहर आज पाकिस्तान में क्यों बैठा है? बीजेपी को ही इस पर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने मसूद अजहर को पाकिस्तान नहीं भेजा था। शाह के आरोप पर किया पलटवार राहुल गांधी ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के आरोपों पर कहा कि बीजेपी अध्यक्ष जैसी चाहे और जिससे मर्जी चाहें जांच करा सकते हैं। शाह ने यूपीए शासनकाल में राहुल गांधी की कंपनी के पूर्व बिजनस पार्टनर को ऑफसेट पार्टनर बनाए जाने का आरोप लगाया था। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह हर जांच के लिए तैयार हैं क्योंकि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है। PM मोदी को दी बहस की चुनौती राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं करने पर निशाना साधते हुए बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और नौकरी के मुद्दे पर पीएम मोदी को बहस की चुनौती देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यकाल खत्म होने से पहले पीएम को कम से कम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाहिए। राहुल ने चुटकी लेते हुए कहा, 'पीएम मोदी जहां और जब चाहें मुझसे बहस कर सकते हैं, लेकिन अनिल अंबानी के घर को छोड़कर। मैं वहां बहस करने नहीं आ सकता।'
नई दिल्ली, 03 मई 2019, देश में इन दिनों लोकसभा चुनाव की सरगर्मी है. लोग अपनी पसंदीदा पार्टी का सपोर्ट कर रहे हैं. ऐसे में सोशल मीडिया पर एक बच्चे का पीएम नरेंद्र मोदी पर रैप सॉन्ग तेजी से वायरल हो रहा है. यह रैप सॉन्ग रणवीर सिंह की गली बॉय के गाने 'अपना टाइम आएगा' से प्रेरित है. लाल कपड़े में नजर आ रहा लड़का जबरदस्त रैप कर रहा है. बच्चे ने जो सॉन्ग गाया है उसकी लाइनें कुछ इस तरह हैं, ''मोदी फिर से नहीं आएगा कौन बोला, अरे हम बोला मोदी फिर से आएगा. खाया ना खाएगा देश को बचाएगा फिर से मोदी आएगा, फिर से मोदी आएगा क्यों....क्योंकि देश की आन है मोदी, देश की शान है मोदी, गरीबों की जान मोदी, हीरो की खान मोदी, आंधी में तूफान मोदी, गुरुओं की वाणी है मोदी, गंगा का है पानी मोदी, राणा की कहानी मोदी, शिवा की जुबानी मोदी, शेर की दहाड़ मोदी, सबको पछाड़ मोदी, अरे फिर से मोदी आएगा. 14 में मोदी आया 19 में भी आएगा.'' वीडियो में लड़का सिर्फ रैप करते नजर नहीं आ रहा है बल्कि उसका कॉन्फिडेंस लेवल भी काफी हाई दिख रहा है. सोशल मीडिया पर वीडियो पर तमाम यूजर ने भी अपनी प्रतिक्रियाएं दी हैं. एक ने लिखा, "गमछा छोड़ गमछे वाले का रैप देख. अपना मोदी आएगा." दूसरे ने लिखा, "टैलेंट की कमी नहीं जय दुनिया में." तीसरे ने कहा, "अपना मोदी आएगा. आना ही पड़ेगा." बता दें कि गली बॉय को जोया अख्तर ने निर्देशित किया था. ये फिल्म एक रैपर के जीवन की कहानी पर आधारित है. अपना टाइम आएगा रैप को खुद रणवीर ने अपनी आवाज दी थी. फिल्म में उनके अपोडिट आलिया भट्ट नजर आई थीं. फिल्म की कहानी स्ट्रीट रैपर विवियन फर्नांडिज और नावेद शेख की जिंदगी पर आधारित थी.
नई दिल्ली बीजेपी चीफ अमित शाह ने 'हिंदू आतंकवाद' की थिअरी देने को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि उसे इस पर देश से माफी मांगनी चाहिए। अमित शाह ने एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि कांग्रेस ने समझौता ब्लास्ट के असली गुनहगारों को छोड़ कर भगवा टेरर के नाम से दुनिया भर में हिंदू धर्म को बदनाम किया। बता दें कि 20 मार्च को ही इस केस में पंचकूला की विशेष अदालत ने सभी चार आरोपियों असीमानंद, लोकेश शर्मा, कमल चौहान और राजिंदर चौधरी को बरी कर दिया गया था। अमित शाह ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल पर वार करते हुए कहा कि उन्होंने तो यह तक कहा कि लश्कर-ए-तैयबा से बड़ा खतरा हिंदू टेरर है। अब जब कोर्ट ने साफ कर दिया कि यह सब काल्पनिक है तो कांग्रेस को देश से माफ़ी मांगनी चाहिए। राहुल की नागरिकता पर जवाब दे कांग्रेस यही नहीं बीजेपी चीफ ने राहुल गांधी की नागरिकता के सवाल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने स्वयं उस शपथ पत्र में कहा कि वो उस समय ब्रिटिश नागरिक थे। कांग्रेस को राहुल गांधी की नागरिकता पर देश को स्पष्टीकरण देना चाहिए। जो व्यक्ति देश का प्रधानमंत्री बनने के सपने देख रहा है उसे अपने जीवन में इतनी पारदर्शिता तो रखनी चाहिए।
श्रीनगर जम्‍मू-कश्‍मीर के शोपियां में शुक्रवार को सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। सेना, सीआरपीएफ और जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के संयुक्‍त अभियान में आतंकवादियों के पोस्‍टर बॉय बुरहान वानी के ब्रिगेड कमांडर लतीफ अहमद डार उर्फ लतीफ टाइगर को मार गिराया गया। लतीफ के साथ आतंकी संगठन हिज्‍बुल मुजाहिदीन के दो और आतंकवादी मारे गए हैं। लतीफ की मौत के साथ ही घाटी से बुरहान गैंग का खात्‍मा हो गया है। इमाम साहिब गांव में शुक्रवार सुबह सुरक्षा बलों ने गुप्‍त सूचना के आधार पर इलाके को घेर लिया। इसी दौरान वहां छिपे हिज्‍बुल आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। दोनों तरफ से गोलीबारी में हिज्‍बुल के तीन आतंकी ढेर हो गए। मारे गए गए आतंकवादियों की पहचान हिज्‍बुल कमांडर लतीफ अहमद डार उर्फ लतीफ टाइगर, तारिक मौलवी और शरिक अहमद नेंगरु के रूप में हुई है। इन आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद हुआ है। लतीफ पुलवामा का रहने वाला है, वहीं तारिक तथा शरिक अहमद नेंगरु शोपियां के रहने वाले हैं। लतीफ वर्ष 2014 से आतंकी गतिविधियों में लिप्‍त था। बता दें कि वर्ष 2016 में हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर और आतंक के नए पोस्टर ब्वॉय बने बुरहान वानी की 10 अन्य आतंकियों के साथ तस्वीर सामने आने के बाद सनसनी फैल गई थी। मुठभेड़ में गया था बुरहान वानी बाद में सुरक्षा बलों ने 8 जुलाई, 2016 को एक मुठभेड़ में बुरहान वानी को मार गिराया था। बुरहान के मारे जाने के बाद घाटी में काफी तनाव फैल गया था। तब से लेकर अब तक सैंकड़ों लोग इस हिंसा में मारे गए हैं। हिज्‍बुल के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी रहे बुरहान वानी को लेकर घाटी में दो नजरिए हैं। सोशल मीडिया पर घाटी के युवाओं में काफी फेमस बुरहान वानी कौन था, तो दो जवाब मिलते थे। कुछ महीनों पहले तक स्थानीय लोगों से पूछने पर वे उसे 'भारतीय एजेंट' बुलाते थे। जबकि सुरक्षा एजेंसियों के लिए वह मीडिया का बनाया हुआ कागजी शेर था। पुलवामा के त्राल इलाके में जन्मा बुरहान 15 साल में ही आतंकवादी बन गया था और 22 साल की उम्र में वह एनकाउंटर में मारा गया। बुरहान के एनकाउंटर से पहले जैश संगठन घाटी में समाप्त होने की कगार पर पहुंच गया था। लेकिन पिछले करीब तीन सालों में आतंकी संगठन जैश फिर से घाटी में 'जिंदा' हो गया। जैश-ए-मोहम्मद का मकसद कश्मीर में सैकड़ों बुरहान वानी तैयार करना है।
वाराणसी वाराणसी संसदीय सीट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ पर्चा भर मीडिया में हीरो बने बीएसएफ के बर्खास्‍त जवान तेज बहादुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर आदर्श आचार संहिता के उल्‍लंघन का आरोप है। निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद समाजवादी पार्टी में आए तेज बहादुर का नामांकन पत्र बुधवार को निर्वाचन अधिकारी द्वारा खारिज कर दिए जाने के बाद समर्थकों ने कलेक्‍ट्रेट में जमकर हंगामा किया था। इसको लेकर अधिवक्‍ता कमलेश चंद्र त्रिपाठी ने तेज बहादुर के खिलाफ कैंट थाने में तहरीर दी। तहरीर में कहा गया है कि तेज बहादुर ने भीड़ इकट्ठा कर लोकसभा चुनाव आचार संहिता और धारा 144 का उल्‍लंघन किया है। उनके कारण कलेक्‍ट्रेट परिसर में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया था। कैंट थाना प्रभारी विजय बहादुर सिंह ने बताया कि अधिवक्‍ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है। यदि तेज बहादुर दोषी पाए जाएंगे तो विधि सम्‍मत कार्रवाई की जाएगी। अविमुक्‍तेश्‍वरानंद के खिफाल भी तहरीर उधर, अधिवक्‍ता हनुमंत सिंह उर्फ नन्‍हें ने शंकराचार्य स्‍वामी स्‍वरूपानंद सरस्‍वती के प्रतिनिधि स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद के खिलाफ एसएसपी को प्रार्थन पत्र दिया है। इसमें कलेक्‍ट्रेट प्रांगण में दूसरे धर्म के लोगों और भीषण गर्मी की परवाह न करते हुए छोटे बच्‍चों (बटुकों) के साथ धरना देने के लिए स्‍वामी अविमुक्‍तेश्‍वरानंद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। एसएसपी ने बताया कि जांच की जा रही है।
अमेठी लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में छह मई को होने वाले मतदान से ठीक पहले कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने खत लिखकर अमेठी को अपना परिवार बताया और बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने कहा कि अमेठी से उनका रिश्‍ता भावनात्मक तौर पर उतना ही मजबूत है, जितना परिवार के सदस्यों के बीच होता है। राहुल ने आरोप लगाया कि बीजेपी झूठ और पैसे के बल पर चुनाव जीतना चाहती है। राहुल गांधी ने कहा, 'अमेठी मेरा परिवार है। मेरा अमेठी परिवार मुझे हिम्‍मत देता है कि मैं सच्‍चाई के साथ खड़ा रहूं, मैं गरीब-कमजोर लोगों की पीड़ा सुन सकूं और उनकी आवाज उठा सकूं और सबके लिए एक समान न्‍याय का संकल्‍प ले सकूं। आपने मुझे जो प्‍यार की सीख दी थी, उसके आधार पर मैंने पूरे देश को उत्‍तर से दक्षिण, पूरब से पश्चिम तक जोड़ने की कोशिश की है।' कांग्रेस अध्‍यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जहां गरीबों, महिलाओं, छोट दुकानदारों के लिए काम करना चाहती है, वहीं बीजेपी का मकसद 15-20 उद्योगपतियों को सरकार का मालिक बना देना है। उन्‍होंने कहा, 'कांग्रेस के सिस्‍टम में मालिक जनता है, जबकि बीजेपी के सिस्‍टम में मालिक अनिल अंबानी हैं।' राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनते ही अमेठी में विकास के रुके सभी काम फिर से शुरू कराए जाएंगे। राहुल गांधी ने कहा, 'मेरा अमेठी परिवार जानता है कि बीजेपी के लोग चुनाव के दौरान यहां झूठ की फैक्‍ट्री लगा देते हैं और पैसे की नदियां बहाते हैं। लेकिन बीजेपी वाले शायद नहीं जानते हैं कि अमेठी की ताकत उसकी सच्‍चाई, स्‍वाभिमान और सादगी है। अमेठी की जनता से मेरा वचन है कि केंद्र में कांग्रेस सरकार बनते ही बीजेपी द्वारा अमेठी के लिए रोके गए सारे काम तेज गति से शुरू होंगे।' बता दें कि अमेठी में चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी और बीजेपी प्रत्‍याशी स्‍मृति इरानी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। हालांकि, राहुल गांधी या प्रियंका ने कभी सीधे स्मृति का नाम नहीं लिया है, लेकिन कांग्रेस महासचिव अब मतदाताओं से पूछ रही हैं कि अगर ‘बीजेपी उम्मीदवार’ फिर से हार जाती हैं और राहुल गांधी प्रधानमंत्री बन जाते हैं तो उनका क्या होगा?
नई दिल्ली, 03 मई 2019, लोकसभा चुनाव का पांचवां चरण आते-आते बयानों की बौछार बढ़ती जा रही है. चुनाव आयोग कई बयानों पर एक्शन ले चुका है लेकिन नेता हैं कि रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. ताजा बयान सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी का आया है, जिसमें उन्होंने सवाल किया है कि क्या हिंदू हिंसक नहीं है का दावा सही है? एक बयान में सीताराम येचुरी ने कहा कि रामायण और महाभारत भी लड़ाई और हिंसा से भरी हुई थीं, लेकिन एक प्रचारक के तौर आप सिर्फ महाकाव्य के तौर पर उसे बताते हैं, उसके बाद भी दावा करते हैं कि हिंदू हिंसक नहीं है. येचुरी बोले कि ऐसे में किसी एक धर्म को हिंसा से जोड़ने का क्या तर्क है और हम हिंदुओं को नहीं. गौरतलब है कि इस चुनाव प्रचार में हिंदू और हिंदुत्व से जुड़े कई ऐसे बयान हैं, जो चर्चा में बने हैं या जिनको लेकर विवाद भी होता रहा है. हिंदू मुद्दे पर जारी है विवाद इस विवाद से पहले जब भारतीय जनता पार्टी ने मालेगांव ब्लास्ट में आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को भोपाल से अपना प्रत्याशी बनाया, तब हिंदू आतंकवाद की थ्योरी पर जमकर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी कई मौकों पर कहा कि कांग्रेस जिस हिंदू आतंकवाद के नाम पर हिंदुओं को बदनाम करती रही है, साध्वी प्रज्ञा उसी के खिलाफ हमारा जवाब है. मुस्लिम वोटों के लिए भी मची थी रार सिर्फ हिंदू शब्द ही नहीं बल्कि मुस्लिम वोटों के लिए भी इस चुनाव में विवाद हुआ था. बसपा प्रमुख मायावती ने देवबंद की एक रैली में मुस्लिम मतदाताओं से अपील की थी कि वह एकजुट होकर महागठबंधन के लिए मतदान करें. जिसे चुनाव आयोग ने आचार संहिता का उल्लंघन माना था और उनपर 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाई थी. मायावती के अलावा नवजोत सिंह सिद्धू ने भी एक सभा में कुछ इसी तरह मुस्लिम मतदाताओं से वोट मांगे थे.
नई दिल्ली, 03 मई 2019,लोकसभा चुनाव के दौरान चुनाव प्रचार जाेरों पर है, दिग्गज नेता ताबड़तोड़ चुनावी रैलियां कर मतदाताओं को अपने पक्ष में करने में जुटे हैं. इन रैलियों में कभी कुछ ऐसा भी हो जाता है जिससे नेता असहज हो जाते हैं. ऐसा ही नजारा झारखंड के सिमडेगा में गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की एक चुनावी जनसभा में देखने को मिला. यहां चुनावी सभा में जब मंच से 'चौकीदार चोर है' के नारे लग रहे थे उसी समय अग्रिम पंक्ति में बैठी कुछ स्थानीय आदिवासी महिलाएं 'मोदी जिंदाबाद' के नारे लगाने लगीं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने झारखंड के खूंटी लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी कालीचरण मुंडा के पक्ष में आयोजित चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर तीखे हमले किए. राहुल गांधी का भाषण समाप्त होते ही कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मंच से 'चौकीदार चोर है' के नारे लगवाने शुरू कर दिए तो मंच के सामने पत्रकार दीर्घा के ठीक पीछे बैठीं आदिवासी महिलाएं 'मोदी जिंदाबाद' के नारे लगाने लगीं. महिलाओं के 'मोदी जिंदाबाद' के नारे लगाता देख आयोजक थोड़ी देर के लिए सन्न रह गए और उन्हें समझ नहीं आया कि वो क्या करें. इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में 'मोदी जिंदाबाद' के नारे लगाने वाली महिलाओं से पत्रकारों ने इसकी वजह पूछी तो उन्होंने बताया कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं क्योंकि उन्होंने हमें शौचालय, गैस कनेक्शन, मकान और बिजली दी है. यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी की चुनावी रैली में नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगा है. पहले भी कई मौकों पर राहुल गांधी के सामने मोदी जिंदाबाद का नारा लग चुका है. मार्च में बेंगलुरू में राहुल गांधी की एक सभा के बाहर 'मोदी मोदी' के नारे लगे थे और उन्हें जबरन हटाया गया था. इससे पहले 28 फरवरी को कर्नाटक के बेलगावी जिले में राहुल गांधी की एक रैली के दौरान नरेंद्र मोदी की जय बोलने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करा दिया गया. एक रैली को संबोधित करने के बाद राहुल गांधी सावादाती जा रहे थे तभी 2 मोदी समर्थकों ने पीएम मोदी के समर्थन में नारे लगा दिए, जिनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई
नई दिल्ली, 03 मई 2019,लोकसभा चुनाव प्रचार के दौर के बीच नक्सलियों की गतिविधियां काफी बढ़ गई हैं. महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में धमाके के 2 दिन बाद अब झारखंड के जमशेदपुर में नक्सलियों ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के चुनाव कार्यालय को बम से उड़ा दिया है. यह धमाका खूंटी लोकसभा क्षेत्र के तहत पड़ने वाले खरसावां में है. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह आज चुनावी रैली के लिए खूंटी पहुंचने वाले हैं. नक्सलियों ने शुक्रवार सुबह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के खरसावां स्थित चुनाव कार्यालय को उड़ाने के बाद पार्टी के चुनाव प्रचार वाहन में बैठे लोगों की पिटाई भी कर दी. नक्सलियों के इस धमाके के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा घटना स्थल पर पहुंच गए हैं. अर्जुन मुंडा यहां से बीजेपी के उम्मीदवार भी हैं. अमित शाह आज झारखंड दौरे पर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह आज झारखंड दौरे पर हैं और वहां वह 3 चुनावी रैलियों को संबोधित करेंगे. कोडरमा के बाद अमित शाह सवा 2 बजे खूंटी के कचहरी मैदान चुनावी जनसभा को संबोधित करेंगे. झारखंड में 7 चरणों में से अंतिम 4 चरणों में मतदान कराया जाना है, जिसमें खूंटी में छठे चरण में 12 मई को चुनाव होना है. इस चरण में खूंटी के अलावा कोडरमा, रांची और हजारीबाग में भी मतदान होना है. 2014 के चुनाव में बीजेपी ने झारखंड में 14 में से 12 सीटों पर कब्जा जमाया था जबकि 2 सीटों पर झारखंड मुक्ति मोर्चा जीत हासिल हुई थी. इससे पहले मजदूर दिवस यानी 1 मई को नक्सलियों ने महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में धमाका कर 15 कमांडो समेत 16 लोगों की हत्या कर दी थी. गढ़चिरौली में महाराष्ट्र पुलिस की गाड़ी पर हमला करने से पहले सुबह एक निर्माणाधीन सड़क के पास रखी करीब 2 दर्जन मशीनों और गाड़ियों में आग लगा दी थी. खूंटी लोकसभा सीट झारखंड में बीजेपी के लिए प्रतिष्ठित सीटों में से एक है. खूंटी से पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा बीजेपी के उम्मीदवार हैं जबकि कांग्रेस ने कालीचरण मुंडा को मैदान में उतारा है. राज्य के 14 लोकसभा सीटों में शामिल खूंटी सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. बीजेपी ने करिया मुंडा का टिकट काटकर अर्जुन मुंडा को यहां से उम्मीदवार बनाया है. 2014 के लोकसभा चुनाव में करिया मुंडा ने जीत हासिल की थी. खरसावां के शहीद मैदान में पार्टी सांसद और अभिनेत्री हेमामालिनी ने 2 दिन पहले बुधवार को अर्जुन मुंडा के पक्ष में चुनावी जनसभा को संबोधित किया था.
भोपाल मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने गुरुवार को कहा कि देश में बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगाने पर उन्‍हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन केंद्र सरकार राजस्थान में 6 मई को होने वाले लोकसभा सीटों के लिए मतदान से पहले घूंघट प्रथा पर भी प्रतिबंध लगाए। हालांकि शुक्रवार को उन्‍होंने अपने बयान पर सफाई दी और कहा कि कुछ लोग उनके बयान को तोड़-मरोड़कर पेश कर रहे हैं। शिवसेना द्वारा देश में बुर्के पर प्रतिबंध की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर जावेद अख्तर ने शुक्रवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘भैया, बुर्के पर मेरा नॉलेज बहुत कम है। इसकी वजह है कि जिस घर में मैं रहता हूं वहां कामकाजी महिलाएं थीं। मैंने तो कभी अपने घर में बुर्का देखा नहीं।’ उन्होंने कहा, ‘इराक बड़ा कट्टर मुस्लिम देश है। लेकिन वहां पर औरतें चेहरे को कवर नहीं करती हैं। श्रीलंका में भी जो कानून आया है, उसमें यह है कि आप चेहरा कवर नहीं कर सकते। बुर्का पहनो, लेकिन चेहरा ढका हुआ नहीं होना चाहिए। यह उन्होंने कानून में डाला है।’ जावेद ने आगे कहा, ‘यहां (भारत) पर अगर (बुर्के पहनने पर प्रतिबंध लगाने के लिए) कानून लाना चाहते हैं और अगर किसी की राय है, तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन इससे पहले कि राजस्थान में आखिरी मतदान हो जाए, इस (केन्द्र) सरकार को ऐलान करना पड़ेगा कि राजस्थान में कोई घूंघट नहीं लगा सकता।’ उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि घूंघट भी हट जाए और बुर्का भी हट जाए। मुझे तो खुशी होगी।’ शुक्रवार को जावेद अख्‍तर ने ट्वीट कर अपने बयान पर सफाई दी। उन्‍होंने कहा, 'कुछ लोग मेरे बयान को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश कर रहे हैं। मैंने यह कहा था कि श्रीलंका में भले ही यह सुरक्षा के लिहाज से किया गया हो लेकिन वास्‍तव में यह महिला सशक्तिकरण के लिए जरूरी है। चेहरे को ढंकना बंद होना चाहिए, फिर चाहे वह नकाब हो या घूंघट।'
नई दिल्ली, 02 मई 2019,चार चरण का चुनाव खत्म हो गया और अब तीन चरण का चुनाव बाकी है. सियासी सरगर्मियां उफान पर हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रहे हैं. इंडिया टुडे को दिए अपने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भी राहुल ने कहा कि मिस्टर मोदी और बीजेपी चुनाव नहीं जीत रही है. कांग्रेस की अगुवाई में यूपीए सरकार बनाने वाली है. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि 23 मई को जनता अपना सही फैसला सुनाएगी. इस दिन जनता तय करेगी कि कौन देश का अगला प्रधानमंत्री बनेगा. यूपीए सरकार बन रही है. मोदी औह बीजेपी चुनाव नहीं जीत रहे हैं. न्याय योजना पर राहुल ने कहा कि इसका बोझ मीडिल क्लास पर नहीं आएगा. इस योजना के जरिए हर परिवार को मदद मिलेगी. मैं पीएम मोदी की तरह झूठे वादे नहीं करता हूं. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि पीएम मोदी की ताकत उनकी इमेज है और मैं इसे खराब कर दूंगा. मैंने ऐसा करना शुरू भी कर दिया है. राफेल डील से जुड़े सवाल पर राहुल गांधी ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए. पीएम मोदी ने सभी नियमों को दरकिनार करके अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपये का फायदा पहुंचाया है. पीएम मोदी की जांच होनी चाहिए. सर्जिकल स्ट्राइक पर राहुल ने कहा कि मनमोहन सरकार में हमने तीन बार सर्जिकल स्ट्राइक किया, लेकिन हमने इसका कभी ढिढोरा नहीं पीटा. सेना पर राजनीति नहीं होनी चाहिए. दो सीटों से चुनाव लड़ने पर राहुल गांधी ने कहा कि मैंने कभी अमेठी और वायनाड को लेकर कोई फैसला नहीं किया. मैं दक्षिण को एक संदेश देना चाहता हूं कि वे महत्वपूर्ण है. अमेठी में मुझे हार का कोई डर नहीं है.
नई दिल्ली, देश में लोकसभा चुनाव 2019 का चौथा चरण पूरा हो गया है. आगे के चरण के लिए राजनीतिक दल अपनी अपनी तैयारी में लगे हैं. दिल्ली की 7 लोकसभा सीटों के लिए कांग्रेस और अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के गठबंधन के बारे में समाजसेवी अन्ना हजारे का क्या कहना है, इसके बारे में आजतक ने उनसे विशेष बातचीत की. आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की चर्चा को लेकर अन्ना हजारे ने कहा कि वे ऐसा सुनकर बहुत दुःखी हुए हैं. अन्ना हजारे ने कहा, अरविंद मुझे देश के लिए उज्ज्वल भविष्य की राह पर चलने वाला इंसान दिखाई देता था लेकिन मेरा सपना ही टूट गया. देश बदलने का मौका था जो चला गया, अब मुश्किल है. आज मुझे देश में एक भी व्यक्ति दिखाई नहीं देता जो देश का भविष्य बना सकता है. त्याग करेगा, चरित्र बना सकेगा, ऐसा इंसान देश में नहीं है. अन्ना हजारे ने कहा, 'जिस कांग्रेस के खिलाफ 2009 से 2011 तक बढ़ते हुए भ्रष्टाचार को लेकर जन आंदोलन खड़ा किया था और उसका नेतृत्व अरविंद ने भी किया था. आज उसी भ्रष्टाचारी कांग्रेस के साथ गठबंधन की बात कर रहे हैं अरविंद, इसलिए दुखी हूं. अन्ना हजारे ने कहा कि उन्हें बड़ी आशा थी कि अरविंद की पार्टी सत्ता में आई है तो देश में एक मिसाल कायम की जाएगी. ऐसा लग रहा था कि देश बदल जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ. सत्ता में आने के बाद क्या पता क्या हो जाता है. मैंने जो आंदोलन किया था वो समाज की भलाई के लिए था. मैंने कुर्सी के लिए आंदोलन नहीं किया था. हजारे ने कहा कि अब अरविंद ने समाज और देश को छोड़ दिया है और गठबंधन में लग गया है. किसी भी पार्टी से देश को उज्ज्वल भविष्य मिलेंगे इसमें मुझे आशा नहीं. आजादी के नाम पर राजनीतिक पक्ष खुद की मनमानी करते हैं, भ्रष्टाचार करते हैं. उनमें बदलाव आना चाहिए इसलिए आंदोलन किया था. ऐसे में अरविंद केजरीवाल आशा की किरण लग रहे थे मुझे. मुझे बताया था कि राजनीति में जाने के बाद पक्ष बनाऊंगा, बंगला नहीं लूंगा, गाड़ी नहीं लूंगा. आज देखो बंगला भी लिया और तनख्वाह सब पार्टी से ज्यादा ले लिया. अन्ना हजारे ने कहा कि आम आदमी पार्टी को किसी के भी साथ नहीं जाना था. आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के विरोध में आंदोलन किया, आरोप लगाया, दोष दिया और उन्हीं के साथ हाथ मिलाना कहां तक सही है. ये कैसी राजनीति है. मेरे सपने मिट्टी में मिल गए. आम आदमी पार्टी और अन्य पार्टी में क्या फर्क रहा अब. देश के लिए जिन्होंने बलिदान दिया है, उन्हें अरविंद भूल गए. अरविंद अब सत्ता और पैसे में लिप्त हो गए हैं और किसी के भी साथ हाथ मिला रहे हैं. बीजेपी के बारे में अन्ना हजारे ने कहा, बीजेपी सरकार ने जो वादे मुझसे किए, उनमें सारे वादे तो पूरे नहीं किए लेकिन लोकपाल नियुक्ति, लोकायुक्त पर सकारात्मक कदम उठाए हैं. हालांकि स्वामीनाथन आयोग की शिफारिशें अबतक अमल में नहीं लाई हैं. उसके मीटिंग के लिए मुख्यमंत्री आने वाले हैं. उसपर भाजपा काम कर रही है. 2019 लोकसभा चुनाव के बारे में अन्ना ने कहा कि संसद में जिन लोगों को भेजना है, वे चरित्रशील होने चाहिए. पवित्र मंदिर में अपवित्र लोग गए तो देश का क्या होगा. देश के हालात के लिए 72 साल से पक्ष क्या कर रहा है, ये हम देख रहे हैं.
नई दिल्ली, 02 मई 2019,जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मौलाना मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित किए जाने पर देश में राजनीति तेज हो गई है. गुरुवार को वित्त मंत्री अरुण जेटली ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधा. अरुण जेटली ने कहा कि मसूद अजहर का ग्लोबल आतंकी घोषित होना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति की बड़ी जीत है. जब देश जीतता है तो हर देशवासी जीतता है, लेकिन विपक्ष के नेताओं को लगता है कि अगर वह इसमें शामिल हुए तो उन्हें राजनीतिक घाटा होगा. जेटली ने कहा कि विपक्ष सर्जिकल स्ट्राइक पर कहता है कि जब हम सरकार में थे तो हमने भी ऐसा ही किया था. पुरानी परंपरा में विदेश नीति के संबंध में देश एक आवाज में बोलता था, लेकिन आज ऐसा नहीं होता दिख रहा है. भारत ने जब राजनीतिक दबाव बनाया, तब चीन ने अपने रवैये में बदलाव किया. कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 26/11 के बाद यूपीए सरकार का क्या रवैया था, उसके बारे में हर कोई जानता है. उस हमल के बाद कांग्रेस ने 25 आतंकियों को रिहा किया था, उनमें से ही एक शाहिद लतीफ बाद में पठानकोट हमले में शामिल था. उन्होंने कहा कि भारत लंबे समय से मसूद अजहर के निशाने पर था, कई आतंकवादी घटनाओं में उसका हाथ था. उन्होंने बताया कि 2009 में यह प्रक्रिया शुरू हुई थी, 2016-2017 में तकनीकी ऐतराज किए गए और भारत के प्रयास सफल नहीं हुए. वित्त मंत्री ने कहा कि भारत की कूटनीतिक पहल का असर था कि दुनिया के कई देश इस प्रयास में था. चीन technical objection लगाता था, भारत के दबाव और प्रयासों के बाद वह रोक भी हट गई. उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद हमारे लिए अहम मुद्दा था और हमेशा रहेगा. जेटली बोले कि ये शर्म की बात है कि कांग्रेस के लिए राष्ट्रवाद मुद्दा नहीं है.
नई दिल्ली, संयुक्त राष्ट्र ने आतंकी मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित कर दिया है. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के खिलाफ ये कार्रवाई की है. बता दें, आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने 14 फरवरी को पुलवामा में आतंकी हमला किया था. सीआरपीएफ जवानों को लेकर जा रही बस को विस्फोट से उड़ा दिया गया था. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे. साथ ही कई जवान घायल भी हो गए थे. इसके बाद से ही भारत लगातार मसूद को वैश्विक आतंकी घोषित कराने की कोशिश कर रहा था. आखिरकार देश को सफलता मिल गई. इस कामयाबी पर सिने जगत के दिग्गजों ने प्रधानमंत्री को बधाइंया दी और इसे देश के लिए बड़ी जीत बताया है. एक्टर अनुपम खेर ने अपने ट्वटिर अकाउंट पर लिखा, ''यूएन के द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक. आतंकवाद के खिलाफ इस बड़ी कूटनीतिक जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य सभी को बधाई.'' बता दें कि अनुपम खेर आखिरी बार द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर फिल्म में नजर आए थे. इस पॉलिटिकल ड्रामा फिल्म में अनुपम ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का किरदार निभाया था. हालांकि बॉक्स ऑफिस पर यह कुछ कमाल नहीं कर पाई थी. फिल्म में उनके अलावा अक्षय खन्ना, आहना कुमरा, विपिन शर्मा और हंसल मेहता जैसे सितारों ने काम किया था. इसका निर्देशन विजय गुट्टे ने किया था.
नई दिल्ली, 02 मई 2019, कांग्रेस महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा को नोटिस जारी किया गया है. राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रियंका को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन के अंदर जवाब मांगा है. प्रियंका पर अपनी कैंपेनिंग में बच्चों का इस्तेमाल करने का आरोप है. बीजेपी का आरोप है कि प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्द बुलवाए. बता दें, गुरुवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ. इस वीडियो को शेयर करते हुए अमेठी से बीजेपी प्रत्याशी और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रियंका बच्चों को अपशब्द बोलने को कहती हैं. वह बच्चों को पीएम मोदी के खिलाफ अपशब्द बोलने को कहती हैं. आप बच्चों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं कर सकते. इससे बच्चे क्या सीखेंगे. मैं सभी सभ्य परिवारों से कहूंगी कि वे अपने बच्चों को प्रियंका गांधी से दूर रखें. हालांकि, स्मृति ईरानी के इस आरोप पर प्रियंका ने सफाई दी थी. उन्होंने कहा था, 'मैंने बच्चों को नारे लगाने से मना किया क्योंकि मेरे ख्याल से प्रधानमंत्री के लिए ये सही नहीं है. बीजेपी ने टेप बदल दिया और मेरी रोकने वाली बात को हटा दिया. अब वे लोग आरोप लगा रहे हैं, ये उनकी आदत है. वे सच को तोड़ मरोड़ रहे हैं और मेरा काम सच बोलना है.' राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने प्रियंका गांधी से पूछा है कि बच्चे कौन हैं और इन्हें यहां पर कौन लाया था. साथ ही ये भी पूछा गया है कि क्या उन्होंने बच्चों से नारे लगवाए थे? प्रियंका गांधी को तीन दिनों के अंदर इस नोटिस का जवाब देना है.
नई दिल्ली, 02 मई 2019,सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर कांग्रेस के बयान पर केंद्रीय मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने पलटवार किया है. राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि फौज में तो हम थे न, हमें पता है न क्या हुआ, क्या नहीं हुआ. सारी सेना आज भारतीय जनता पार्टी, मोदी जी के साथ खड़ी है, ऐसे ही नहीं खड़ी हुई, हम जानते हैं वहां क्या होता है. बता दें, कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यूपीए शासनकाल में 6 बार सर्जिकल स्ट्राइक करने का दावा किया. राजीव शुक्ला के मुताबिक, 30 अगस्त से 1 सितंबर 2011 को शारदा सेक्टर, केल में नीलम रिवर वैली, 6 जनवरी 2013 को सावन पत्र चेकपोस्ट, 27 से 28 जुलाई 2013 को नाजपीर सेक्टर, 6 अगस्त 2013 को नीलम वैली, 14 जनवरी 2014 को तत्कालीन सेनाध्यक्ष बिक्रम सिंह ने 23 दिसंबर 2013 के एक सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र किया था. कांग्रेस के दावे पर बीजेपी ने पलटवार शुरू कर दिया है. पहले बीजेपी प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, 'यूपीए सरकार में निर्णय करने की शक्ति नहीं थी, वह कमजोर सरकार थी. यूपीए सरकार ने आतंकवाद से समझौता किया था. उसकी रुचि केवल भ्रष्टाचार में थी, राष्ट्रीय सुरक्षा उनके लिए अहम नहीं था. इसलिए झूठ बार-बार बोलकर कांग्रेस पार्टी इसे सच साबित नहीं कर सकती है.' जीवीएल नरसिम्हा राव के बाद अब राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी कांग्रेस को घेरा है. हालांकि, उनके 'सारी सेना आज बीजेपी मोदीजी के साथ खड़ी है' के बयान पर बवाल मच सकता है. कुछ ऐसा ही बयान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया था. उन्होंने एक रैली में 'मोदी की सेना' कहा था. इसके बाद चुनाव आयोग ने बयान को संज्ञान में लेते हुए नोटिस जारी किया था.
नई दिल्ली, 02 मई 2019,पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला ने गुरुवार को कहा कि यूपीए शासन में 6 और अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में भारत ने 2 सर्जिकल स्ट्राइक्स की थीं. उन्होंने यह भी बताया कि भारत ने किस तारीख को 'सर्जिकल स्ट्राइक' की थीं. एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुक्ला ने कहा, हमने कभी छाती नहीं पीटी. लेकिन जिस शख्स ने सिर्फ एक सर्जिकल स्ट्राइक की, वह अपनी पीठ थपथपा रहा है. कांग्रेस नेता ने कहा, न तो पूर्व पीएम मनमोहन सिंह और न ही अटल बिहारी वाजपेयी ने इसे लेकर कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस की. अटल बिहारी वाजपेयी सरकार 1999 से 2004 तक रही. वहीं यूपीए सरकार ने 2004 से 2014 तक देश पर राज किया. कब-कब हुईं सर्जिकल स्ट्राइक: ब्योरा देते हुए शुक्ला ने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान पहली सर्जिकल स्ट्राइक को 19 जून 2008 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ स्थित भट्टल सेक्टर में अंजाम दिया गया. दूसरी बार आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब 30 अगस्त से 1 सितंबर 2011 तक केल में नीलम रिवर वैली के पास शारदा सेक्टर में दिया गया. तीसरी सर्जिकल स्ट्राइक 6 जनवरी 2013 को सावन पत्रा चेकपोस्ट पर 6 जनवरी 2013 को की गई. चौथी 27-28 जुलाई 2013 को नजीरपीर सेक्टर, पांचवीं 6 अगस्त 2013 को नीलम वैली पर और छठी सर्जिकल स्ट्राइक 14 जनवरी 2014 को की गई. शुक्ला के मुताबिक दो सर्जिकल स्ट्राइक्स वाजपेयी सरकार के दौरान भी की गईं. उनके मुताबिक पहली सर्जिकल स्ट्राइक 21 जनवरी 2000 को नाडला एन्क्लेव और दूसरी 18 सितंबर 2003 को पूंछ के बरोह सेक्टर में की गई. बीजेपी ने बोला हमला: राजीव शुक्ला की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बीजेपी ने करारा हमला बोला. पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता जीवीएलएन राव ने कांग्रेस और पार्टी चीफ राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस पार्टी का झूठ सच नहीं हो सकता. झूठ के लिए राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट में माफी मांग रहे हैं. ऐसे झूठ बोलकर कांग्रेस जनता को गुमराह नहीं कर सकती. राव ने कहा, सेना कांग्रेस के कार्यकाल में भी एलओसी पार कर पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक करने को तैयार थी. लेकिन सरकार में यह कदम उठाने की हिम्मत नहीं थी. बीजेपी-कांग्रेस के बीच रार की वजह: कांग्रेस और सत्ताधारी बीजेपी सरकार के बीच इस साल 26 फरवरी को बालाकोट में भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक के बाद सर्जिकल स्ट्राइक का मुद्दा फिर गरमा गया था. 2016 में हुए उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया था कि पैरा कमांडोज ने पीओके में घुसकर आतंकियों के लॉन्च पैड्स तबाह कर दिए हैं. इस साल पुलवामा में 14 फरवरी को एक बम धमाके में 40 से ज्यादा सीआरपीएफ जवान शहीद हो गए थे, जिसके बाद हमले की जिम्मेदारी लेने वाले जैश-ए-मोहम्मद के ठिकानों पर वायुसेना ने बम बरसाए थे. तब कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि इस हमले में 250 आतंकवादी मारे गए हैं. लेकिन वायुसेना ने इसकी पुष्टि नहीं की थी. एयरफोर्स चीफ बीएस धनोआ ने कहा था कि हमारा काम दुश्मन को खत्म करना है. लाशें गिनना सरकार का काम है. हालांकि कई विपक्षी नेताओं ने जैश के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक के सबूत भी मांगे थे.
मुंबई अभिनेता से राजनेता बने सनी देओल ने गुरुवार को कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना उनकी प्राथमिकता होगी। बताते चलें कि हाल ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल हुए सनी देओल पंजाब की गुरदासपुर लोकसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार हैं। सनी देओल ने इस बात पर जोर दिया कि वह गुरदासपुर लोगों के लिए काम करने आए हैं और मुंबई लौटने का उनका कोई इरादा नहीं हैं। सनी देओल उर्फ अजय सिंह देओल ने अभिनेता और गुरदासपुर से पूर्व बीजेपी सांसद विनोद खन्ना के कार्यकाल की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि वह इस सीमावर्ती सीट पर लोगों के वोट हासिल कर विनोद खन्ना के काम को आगे ले बढ़ाएंगे। सनी देओल ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, ‘हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण हमारे युवा हैं। मैं उनके लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करना चाहता हूं। ’ 'पंजाब से हमारा नाता, खेती हमारे खून में' उन्होंने कहा कि वह किसानों के कल्याण के लिए काम करना चाहते हैं। अभिनेता ने कहा, ‘हमारा पंजाब से नाता है और खेती हमारे खून में है। मैं उनके सभी मुद्दों को समझना चाहता हूं और उनके कल्याण के लिए हर संभव कदम उठाना चाहता हूं।’ कांग्रेस उम्मीदवार सुनील जाखड़ ने बुधवार को सनी देओल पर पंजाब के मुद्दों की कोई समझ ना होने का आरोप लगाया था और उनसे गुरदासपुर संसदीय क्षेत्र पर अपना दृष्टिकोण साझा करने को कहा था। सुनील जाखड़ ने कहा था,‘राजनीति एक गंभीर काम है, कोई टाइम पास नहीं।’ बीजेपी के दिवंगत सांसद विनोद खन्ना के कार्यों की सराहना करते हुए सनी देओल ने कहा, ‘विनोद जी ने यहां 20 साल तक काम किया है और उन्होंने यहां बहुत काम किया है। उनके बाद मुझे यहां काम करने का मौका मिला है। मैं उसी तरह काम करना चाहता हूं, जैसे विनोद खन्ना ने किया था। मेरा यहां के लोगों से नाता है और मैं कभी उनको निराश नहीं करूंगा। मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा।' 1998 से 2017 तक बीजेपी के कब्जे में रही गुरदासपुर सीट बता दें कि विनोद खन्ना ने 1998 में गुरदासपर सीट पर जीत हासिल की थी और 2017 में उनके निधन तक वह इस पर काबिज रहे। चुनाव के बाद मुंबई चले जाने की अटकलों पर सनी देओल ने कहा, 'मैं यहां वापस जाने के लिए नहीं आया हूं।' कांग्रेस के सुनील जाखड़ अभी गुरदासपुर से सांसद हैं, जिन्होंने 2017 उपचुनाव में जीत हासिल की थी। 2017 अप्रैल में विनोद खन्ना के निधन के बाद यहां चुनाव कराना आवश्यक हो गया था। गुरदासपुर सीट पर सातवें चरण में 19 मई को मतदान होगा।
लखनऊ महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में हुए नक्सली हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। देश के नक्सल प्रभावित अन्य क्षेत्रों के साथ ही उत्तर प्रदेश में भी खतरे की आशंका को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने उत्तर प्रदेश के नक्सल प्रभावित सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली जिलों में अलर्ट जारी करने के साथ ही नेपाल की सीमा से लगे क्षेत्रों पर भी विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश जारी किया है। आईबी की तरफ से यह अलर्ट उत्तर प्रदेश की पुलिस को जारी किया गया है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में बुधवार को नक्सलियों के घात लगाकर किए गए हमले में 15 जवान शहीद हो गए। ये सभी जवान महाराष्‍ट्र के सी-60 कमांडो दस्‍ते के थे। नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में क्विक रिस्पॉन्स टीम को ले जा रहा वाहन चपेट में आ गया था। पिछले 10 साल में 1150 सुरक्षाकर्मी नक्‍सल विरोधी अभियान में शहीद हो गए हैं और 1300 से ज्‍यादा घायल हुए हैं। देश के 11 राज्‍यों छत्तीसगढ़, महाराष्‍ट्र, मध्‍य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के 90 जिलों में नक्‍सलियों का 'रेड कॉरिडोर' फैला हुआ है।
फैजाबाद, दो मई (उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निर्मल खत्री ने गुरुवार को दावा किया कि अयोध्या विवाद अब कोई चुनावी मुद्दा नहीं रह गया है तथा भाजपा अब खुद इस मुद्दे से कन्नी काट रही है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर पांच साल में पहली बार अयोध्या आने को लेकर भी निशाना साधा। खत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ राम मंदिर बनाने का मुद्दा चुनावी परिदृश्य से गायब हो गया है। पिछले कुछ चुनावों में फैजबाद में मतदाताओं के लिए राम मंदिर का मुद्दा कोई मुद्दा नहीं था। ’’ खत्री ने कहा कि आयोध्या मुद्दा यदि प्रासंगिक होता तो 2009 में वह फैजबाद से चुनाव नहीं पाते जहां यह यह मन्दिरों की नगरी स्थित है। खत्री ने कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मुद्दा का अस्तित्व केवल राष्ट्रीय मीडिया में था तथा भाजपा ने 2014 चुनाव इसके कारण नहीं जीता था। खत्री ने कहा, ‘‘ फैजाबाद के लोगों को पता है कि इस मुद्दे की आड़ में राजनीति की जाती है तथा भाजपा की मंशा सही नहीं है। इसलिए, मुद्दा अब कोई मुद्दा नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि जब इस मुद्दे को हवा देने वाले (भापजा) ही मुद्दे से कन्नी काट रहे हैं, तो संदेश अपने आप ही लोगों तक पहुंच गया है। फैजाबाद के पूर्व सांसद ने मोदी पर आरोप लगाया किह उन्हें पांच साल में अयोध्या आने के लिए समय नहीं मिला। उन्होंने कहा, ‘‘ अब क्यों वह ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे हैं? क्या आपको लगता है कि जनता मूर्ख है?’’ मोदी ने बुधवार को अयोध्या से 25 किलोमीटर दूर गोसाईगंज में एक रैली को संबोधित करते हुए ‘‘जय श्री राम’’ के नारे लगाए थे। फैजाबाद में पांचवे चरण में छह मई को मतदान होगा। यहां खत्री का मुकाबला भाजपा के लालू सिंह और सपा के आनंद सेन से है। आनंद सेन रालोद, बसपा और सपा के गठबंधन के उम्मीदवार हैं।
फैजाबाद, दो मई (उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता निर्मल खत्री ने गुरुवार को दावा किया कि अयोध्या विवाद अब कोई चुनावी मुद्दा नहीं रह गया है तथा भाजपा अब खुद इस मुद्दे से कन्नी काट रही है। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर पांच साल में पहली बार अयोध्या आने को लेकर भी निशाना साधा। खत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ राम मंदिर बनाने का मुद्दा चुनावी परिदृश्य से गायब हो गया है। पिछले कुछ चुनावों में फैजबाद में मतदाताओं के लिए राम मंदिर का मुद्दा कोई मुद्दा नहीं था। ’’ खत्री ने कहा कि आयोध्या मुद्दा यदि प्रासंगिक होता तो 2009 में वह फैजबाद से चुनाव नहीं पाते जहां यह यह मन्दिरों की नगरी स्थित है। खत्री ने कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद मुद्दा का अस्तित्व केवल राष्ट्रीय मीडिया में था तथा भाजपा ने 2014 चुनाव इसके कारण नहीं जीता था। खत्री ने कहा, ‘‘ फैजाबाद के लोगों को पता है कि इस मुद्दे की आड़ में राजनीति की जाती है तथा भाजपा की मंशा सही नहीं है। इसलिए, मुद्दा अब कोई मुद्दा नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि जब इस मुद्दे को हवा देने वाले (भापजा) ही मुद्दे से कन्नी काट रहे हैं, तो संदेश अपने आप ही लोगों तक पहुंच गया है। फैजाबाद के पूर्व सांसद ने मोदी पर आरोप लगाया किह उन्हें पांच साल में अयोध्या आने के लिए समय नहीं मिला। उन्होंने कहा, ‘‘ अब क्यों वह ‘जय श्री राम’ के नारे लगा रहे हैं? क्या आपको लगता है कि जनता मूर्ख है?’’ मोदी ने बुधवार को अयोध्या से 25 किलोमीटर दूर गोसाईगंज में एक रैली को संबोधित करते हुए ‘‘जय श्री राम’’ के नारे लगाए थे। फैजाबाद में पांचवे चरण में छह मई को मतदान होगा। यहां खत्री का मुकाबला भाजपा के लालू सिंह और सपा के आनंद सेन से है। आनंद सेन रालोद, बसपा और सपा के गठबंधन के उम्मीदवार हैं।
अहमदाबाद, 02 मई 2019,राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. अमित शाह पर दिए गए विवादित बयान के चलते राहुल गांधी के खिलाफ अहमदाबाद मेट्रोपोलिटन कोर्ट ने समन जारी किया है. राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह को खून के केस का आरोपी बताया था. राहुल गांधी के खिलाफ कोर्ट ने एक्शन अहमदाबाद के भारतीय जनता पार्टी के पार्षद कृष्णवदन ब्रह्मभट्ट की शिकायत पर लिया है. बीजेपी पार्षद ने कोर्ट में आपराधिक मानहानि के तहत दावा किया है. कोर्ट ने दो गवाहों पर के बयान के बाद यह समन जारी किया है. कोर्ट के दिए गए समन के मुताबिक अब राहुल गांधी को 9 जुलाई तक कोर्ट के सामने पेश होना होगा. अगर राहुल गांधी कोर्ट के सामने पेश नहीं होंगे तो उनकी जगह उनके वकील को इस बयान पर जवाब देना होगा. राहुल गांधी ने कहा था कि हत्या के आरोपी बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह, वाह क्या शान है. अच्छा जय शाह का नाम सुना है. जादूगर है जय शाह. 50 हजार रुपए को तीन महीने में 80 करोड़ बना दिया. वाह. शान है.' चुनाव प्रचार में राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे के खिलाफ अक्सर हमलावर रहती हैं. नेता चुनाव प्रचार के दौरान जनता का ध्यान खींचने के लिए कई बार विवादित बयान देने से गुरेज नहीं करते. ऐसे में कुछ नेताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज होती है और संबंधित विभाग कार्रवाई करता है. कुछ के बयान सामने नहीं आ पाते. राहुल पर चुनाव आयोग भी सख्त कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मध्य प्रदेश के शहडोल में राहुल गांधी पर आदिवासियों को लेकर अनर्गल बातें बोलने का आरोप है. इसी पर चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को नोटिस जारी किया है. राहुल से 48 घंटे के भीतर यानी 3 मई तक जवाब देने को कहा गया है. राहुल गांधी ने शहडोल में 23 अप्रैल को कहा था कि नरेन्द्र मोदी ऐसा कानून लाए हैं जिससे आदिवासियों को गोली मारी जा सकेगी. आदिवासियों से जंगल, जमीन, जल लेकर गोली तक मारी जा सकेगी. बीजेपी ने इसकी शिकायत आयोग से की थी. आयोग ने मध्य प्रदेश के सीईओ से इस बाबत भाषण की रिकॉर्डिंग और लिखित प्रति भी मंगाई. अभी तक आयोग के पास ये रिकॉर्डिंग थी. अब जाकर नोटिस भेजा है.
करगिल केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने बुधवार को कहा कि केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जिहाद छेड़ दी है और प्रधानमंत्री की समावेशी उन्नति की नीति देशभर में विकास कर रही है। बीजेपी नेता लद्दाख लोकसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी जामयांग त्सेरिंग नामग्याल के लिए प्रचार कर रहे थे। जम्मू-कश्मीर के करगिल जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए नकवी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरक्की की नीति ने कन्याकुमारी से करगिल तक विकास का मार्ग तैयार किया है।’ लद्दाख सीट के तहत ही लेह और करगिल के इलाके आते हैं। लद्दाख सीट क्षेत्र के हिसाब से भारत की सबसे बड़ी लोकसभा सीट है। इस सीट पर 6 मई को मतदान होना है। 'जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए खर्च नहीं किया गया पैसा' मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, 'मोदी नीत सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जिहाद शुरू की है और इसने कन्याकुमारी से करगिल तक में जनता के धन को लूटने वालों में दहशत और निराशा पैदा कर दी है।' राज्य की पिछली कांग्रेस और नैशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार पर तंज कसते हुए नकवी ने कहा कि आजादी के बाद से जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए आने वाले पैसे का 20 फीसदी भी खर्च किया गया होता तो कश्मीर में एक भी परेशानी नहीं होती। बीजेपी ने आरोप लगाया, ‘जिन लोगों ने राज्य में ज्यादातर वक्त हुकूमत की वे राज्य के जरूरतमंद आम लोगों के कल्याण के लिए काम करने के बजाय अपनी तिजोरियां भरने में शामिल रहे।’ नकवी ने कहा कि जम्मू कश्मीर के लिए मोदी सरकार का वादा ‘गरिमा के साथ विकास’ का है।
श्रीनगर कश्मीर से पलायन करने के लगभग 30 साल बाद श्रीनगर लौटे 74 साल के कश्मीरी पंडित रोशन लाल मावा ने बुधवार को एक बार फिर अपने बिजनस शुरू किया। उनका यहां मुस्लिम व्यापारियों ने शानदार स्वागत किया। मावा को 30 साल पहले अपने होलसेल प्रॉविजन स्टोर पर गोली मारकर घायल कर दिया गया था जिसके बाद वह यहां से चले गए थे। मावा ने बताया, 'एक युवक ने पिस्तौल से चार गोलियां मुझपर दाग दीं। एक गोली मेरे सिर में लगी। हमला इसी दुकान पर हुआ था। मेरा परिवार मुझे इलाज के लिए दिल्ली लेकर गया और हम वहीं बस गए और मैंने वहां खारी बावली में ड्राइ फ्रूट्स का होलसेल बिजनस स्टार्ट किया।' उन्होंने बताया कि वह दिल्ली में अच्छे से बस गए थे लेकिन उन्होंने वापस लौटने का फैसला किया। मुस्लिम दुकानदारों ने किया स्वागत 1990 के दशक में उग्रवाद के शुरू होने से पहले नंदलाल महाराज किशन नाम की उनकी दुकान काफी अच्छे से चल रही थी। मावा कहते हैं, 'मैं अपना इतिहास भूल चुका हूं और यहां अपने घर के लिए बेहद प्यार के साथ दुकान दोबारा खोलने आया हूं। मुस्लिम दुकानदारों ने न सिर्फ मेरा स्वागत किया बल्कि दस्तरबंदी भी की और मेरे सिर पर पगड़ी बांधी। मेरे बेटे संदीप को भी उतना ही सम्मान दिया गया।' और भी कश्मीरी पंडित परिवारों को वापस लाने का लक्ष्य मावा के तीन बच्चे हैं- दो बेटे और एक बेटी। उनका बेटा संदीप J&K रेकन्सायल फ्रंट नाम का NGO चलाते हैं। यह एक सेक्युलर फ्रंट है जो कश्मीरी पंडितों को वापस घर लाना चाहता है। उन्होंने बताया, 'मैंने अपने पिता से वापस लौटकर कश्मीर में बिजनस चलाने की गुजारिश की। परोपकार घर से ही शुरू होता है इसलिए मैंने अपने घर से शुरू किया। मैं 100 से ज्यादा पंडित परिवारों को वापस लाना चाहता हूं।' 'अब यहां कोई डर नहीं' एक दुकानदार मुख्तार अहमद ने बताया, 'हमें खुशी है कि मावा परिवार वापस आ गया है और हम कश्मीरी पंडितों से अपील करते हैं कि वे अपना बिजनस वापस शुरू करें।' रोशनलाल ने पंडितों से घाटी में लौटने की अपील की है। उनका कहना है कि अब यहां कोई डर नहीं है। संदीप ने बताया कि 2016 में उन्होंने 50 परिवारों को वापस लाने की कोशिश की लेकिन बुरहान वानी की मौत के बाद यह हो नहीं सका। उन्हें उम्मीद है कि उनके पिता के वापस जाने से दूसरे लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।
नई दिल्ली, 01 मई 2019, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ वाराणसी लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के टिकट पर नामांकन करने वाले तेज बहादुर यादव को बड़ा झटका लगा है. चुनाव आयोग ने बीएसएफ से बर्खास्त जवान की उम्मीदवारी को खारिज कर दिया है. यानी अब वह चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. तेज बहादुर यादव के नामांकन कागजों में गड़बड़ी पाई गई थी और उन्हें एक प्रमाण पत्र जमा करने को कहा गया था लेकिन वह नहीं कर पाए. तेज बहादुर यादव ने खुद ही नामांकन स्थल के बाहर आकर इसकी जानकारी दी. वाराणसी जिला निर्वाचन कार्यालय ने तेज बहादुर यादव को मंगलवार चुनाव आयोग से अपनी बर्खास्तगी के मामले में प्रमाणपत्र लाने के लिए एक नोटिस जारी किया था. आपको बता दें कि तेज बहादुर यादव ने निर्दलीय वाराणसी से नामांकन किया था, लेकिन उसके बाद समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने उन्हें समर्थन किया था. समाजवादी पार्टी चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है. समाजवादी पार्टी ने अपनी प्रत्याशी शालिनी यादव की जगह तेज बहादुर यादव को अपना उम्मीदवार बना दिया था. हालांकि, शालिनी यादव ने बतौर निर्दलीय प्रत्याशी अपना नामांकन किया है. वाराणसी में अंतिम चरण यानी 19 मई को वोट डाले जाएंगे. क्यों रद्द हुआ नामांकन? दरअसल, तेज बहादुर की उम्मीदवारी पर तलवार शुरुआत से ही लटकती दिख रही थी. उन्होंने दो हलफनामों में अपनी बर्खास्तगी से जुड़ी दो अलग-अलग जानकारी दी थीं. उन्होंने पहले निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में 24 अप्रैल को वाराणसी से नामांकन किया था. इसके साथ दिए गए हलफनामे में उन्होंने बताया था कि भ्रष्टाचार के आरोप के चलते सेना से उन्हें बर्खास्त किया गया. लेकिन बाद में जब समाजवादी पार्टी का टिकट मिलने पर दोबारा नामांकन (29 अप्रैल) के वक्त तेज बहादुर ने जो हलफनामा दायर किया उसमें इस जानकारी को छुपा लिया गया. वाराणसी के रिटर्निंग ऑफिसर ने इसी तथ्य को आधार बनाते हुए तेज बहादुर यादव से सफाई मांगी थी. सुबह 11 बजे तक अपना जवाब दाखिल करना था. संतुष्टी भरा जवाब ना देने पर उनकी उम्मीदवारी रद्द की गई. 2017 में बीएसएफ जवान के तौर पर तेज बहादुर यादव चर्चा में आए थे. उन्होंने एक वीडियो जारी सेना के जवानों को दिए जाने वाले खाने की क्वालिटी पर सवाल खड़े किए थे, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. सेना की तरफ से अनुशासनहीनता का दोषी पाए जाने पर उन्हें बर्खास्त किया था. जिसके बाद से ही वह सरकार के खिलाफ बयान दे रहे थे और अंत में उन्होंने वाराणसी से पीएम के खिलाफ ही चुनाव लड़ने की ठानी.
अहमदाबाद, 01 मई 2019,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े भाई प्रहलाद मोदी की पत्नी भगवती बेन का 55 साल की उम्र में बुधवार निधन हो गया. उनका निधन हार्ट अटैक की वजह से हुआ. भगवती बेन पिछले काफी समय से बीमार थीं और अहमदाबाद के एक अस्पताल में भर्ती थीं. भगवती बेन का अंतिम संस्कार आज ही किया जाएगा. भगवती बेन पिछले कुछ वक्त से अहमदाबाद के सिविल अस्पताल में ट्रीटमेंट ले रही थीं. उन्हें बीपी, किडनी, डायबिटीज़ से जुड़ी दिक्कत थी, इसी वजह से उन्हें पैरालेसिस हो गया था. प्रहलाद मोदी पीएम नरेंद्र मोदी से उम्र में दो साल छोटे हैं. वह अहमदाबाद में एक किराने की दुकान चलाते हैं. बीते कई समय से वह अपने बड़े भाई के संपर्क में नहीं थे. बीते दिनों उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि पिछले 13 साल में उनकी और नरेंद्र मोदी की काफी कम मुलाकात और बातचीत हुई है. प्रहलाद मोदी अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं. वह गुजरात में फेयर प्राइस शॉप्स एंड केरोसिन होल्डर एसोसिएशन के प्रमुख हैं. हाल ही में उन्होंने गुजरात सरकार के खिलाफ आंदोलन भी किया था. आपको बता दें कि राजनीति में आने से काफी समय पहले ही नरेंद्र मोदी ने अपने परिवार को छोड़ दिया था. ऐसे में उनका अपने परिवार में काफी कम सदस्यों से ही संपर्क रहा है. हालांकि, समय-समय पर वह अपनी मां हीरा बेन से मुलाकात करने घर जाते रहे हैं. पांच भाइयों में नरेंद्र मोदी से बड़े भाई सोमा मोदी, अमृत मोदी हैं. तीसरे नबंर पर नरेंद्र मोदी और उनके बाद प्रहलाद मोदी और फिर पंकज मोदी हैं.पांच भाइयों के अलावा एक बहन वासंती बेन हैं. नरेंद्र मोदी की मां हीरा बेन अहमदाबाद में अपने सबसे छोटे बेटे पंकज मोदी के साथ रहती हैं. पीएम मोदी अक्सर अपनी मां से मिलने उनके ही घर जाते हैं. हाल ही में जब प्रधानमंत्री गुजरात में वोट डालने गए थे, तब भी वह अपनी मां से मिलने गए थे.
मुंबई मुंबई में गुजराती और मराठी बहुल क्षेत्रों में इस बार वोटरों ने बढ़-चढ़कर मतदान किया है। गुजराती और मराठी बहुल सीटों पर अधिक मतदान से बीजेपी और शिवसेना का खेमा खुश है। माना जा रहा है कि इन सीटों पर अधिक मतदान सत्तारूढ़ बीजेपी और शिवसेना के पक्ष में जाना संभव है। आंकड़ों की बात करें तो उत्तरी मुंबई में गुजराती बहुल बोरीवली में 66.02 फीसदी मतदान हुआ है। इस सीट पर 2014 में सिर्फ 57.3 फीसदी मतदान हुआ था। इसके अलावा गुजराती और मराठी बहुल क्षेत्र मुलुंड में भी यह देखने को मिला जहां 63.7 फीसदी मतदान हुआ है। इसी तरह अन्य क्षेत्र जहां गुजराती और मराठी जनसंख्या अधिक है, वहां बेहतर मतदान देखने को मिला है। उधर, अल्पसंख्यक बहुल आबादी वाले क्षेत्र जैसे मोहम्मद अली रोड, डोंगरी आदि की बात करें तो यहां 48.3 फीसदी मतदान हुआ है। वहीं दलित और मुस्लिम बहुल इलाकों में भी 50 फीसदी से कम ही मतदान देखने को मिला है। राज ठाकरे की अपील से भी फायदा राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि मराठी और गुजराती बहुल क्षेत्रों में बेहतर मतदान के पीछे बीजेपी और शिवसेना के कार्यकर्ताओं (खासकर बूथ स्तर पर कार्य कर रहे कार्यकर्ता) की मेहनत भी रही है। एक राजनीतिक विश्लेषक कहते हैं, 'दरअसल, विपक्ष के साथ आने से बीजेपी के कोर वोटर्स में यह बात साफ तौर पर गई है कि अगर विपक्ष मोदी के खिलाफ एक हो रहा है तो शिवसेना और बीजेपी को भी साथ में मजबूत होना होगा। इसके अलावा राज ठाकरे द्वारा पीएम मोदी को वोट ना देने की अपील भी बीजेपी-शिवसेना के पक्ष में गई है और इसका परिणाम यह हुआ कि ऐसे क्षेत्रों में ज्यादा मतदान हुआ है, जहां ये दोनों पार्टियां मजबूत हैं।' विपक्ष का बीजेपी पर साजिश का आरोप उधर, विपक्ष ने सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार पर साजिश का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके कोर वोटर्स को पोलिंग बूथ पर पहुंचने नहीं दिया गया। कांग्रेस विधायक असलम शेख कहते हैं, 'मतदान पत्रों में बड़ी संख्या में गड़बड़ी रही है। स्लम बस्ती के बहुत सारे वोटर्स इससे प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा कुछ मतदान केंद्र इतने दूर बनाए गए कि लोगों का वहां पहुंचना संभव नहीं था।' 30 साल का रेकॉर्ड टूटा बता दें कि सोमवार को महाराष्ट्र की 17 सीटों पर करीब 57 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके साथ ही राज्य की सभी 48 सीटों के उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है। सभी सीटों पर मतदान का औसत 60.68 प्रतिशत रहा। गर्मी और उमस के बावजूद मुंबई के लोगों ने जोश दिखाते हुए 30 साल पुराना रेकॉर्ड तोड़ा। यहां 1989 में 57.7 प्रतिशत मतदान हुआ था। उसके बाद तीन दशकों में केवल 2 बार (1998 और 2014 में) ही आधे से ज्यादा लोगों ने मतदान किया था।
गढ़चिरौली महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में एक नक्सली हमले में क्विक रिस्पॉन्स टीम के 15 कमांडो शहीद हुए। कुरखेड़ा तहसील के दादापूरा गांव में नक्सलियों में 36 वाहनों को आग लगाई, उसके बाद क्विक रिस्पॉन्स टीम के कमांडो घटनास्थल पर रवाना हुए। ये कमांडो नक्सलियों का पीछा करते हुए जंबुलखेड़ा गांव की एक पुलिया पर पहुंचे, जहां नक्सलियों ने आईआईडी ब्लास्ट के जरिए कमांडो टीम को निशाना बनाया। गढ़चिरौली में यह धमाका घने जंगलों के बीच हुआ है। फिलहाल घटनास्थल पर पुलिस और नक्सलियों के बीच फायरिंग चल रही है। कमांडो की गाड़ी में 16 जवान सवार थे। कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र में शांति पूर्ण और बढ़-चढ़कर हो रहे मतदान से नक्सली भड़के हुए थे, जिसके चलते उन्होंने आईईडी ब्लास्ट को अंजाम दिया। महाराष्ट्र के मंत्री सुधीर मुंगतीवार ने हमले में 15 जवान और एक ड्राइवर के शहीद होने की आशंका जताई है। इससे पहले महाराष्ट्र दिवस के मौके पर गढ़चिरौली में ही नक्सलियों ने निजी ठेकेदारों के तीन दर्जन वाहनों को आग लगा दी थी। पीएम मोदी ने जताया शोक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आधिकारिक ट्विटर हैंडल से नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों पर शोक जताया है। उन्होंने लिखा, 'सभी बहादुर जवानों को सलाम करता हू। उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा। मेरी सांत्वना शोक संतप्त परिवारों के साथ है। हिंसा के पीछे साजिशकर्ताओं को बख्शा नहीं जाएगा।' कौन हैं सी-60 कमांडो नक्सल खतरों को ध्यान में रखते हुए 1992 में सी-60 फोर्स तैयार की गई थी। इसमें पुलिस फोर्स के 60 जवान शामिल होते हैं। यह काम गढ़चिरौली के तब से एसपी के.पी. रघुवंशी ने किया था। सी-60 में शामिल पुलिसवालों को गुरिल्ला युद्ध के लिए भी तैयार किया जाता है। इनकी ट्रेनिंग हैदराबाद, बिहार और नागपुर में होती है। इस फोर्स को महाराष्ट्र की उत्कृष्ट फोर्स माना जाता है। रोजाना सुबह खुफिया जानकारी के आधार पर यह फोर्स आसपास के क्षेत्र में ऑपरेशन को अंजाम देती है। सी-60 के जवान अपने साथ करीब 15 किलो का भार लेकर चलते हैं, जिसमें हथियार के अलावा, खाना, पानी, फर्स्ट ऐड और बाकी सामान शामिल होता है। तीन दर्जन से अधिक वाहन जलाए बता दें कि बुधवार को ही गढ़चिरौली के कुरखेड़ा में नक्सलियों ने निजी ठेकेदारों के कम से कम तीन दर्जन वाहनों में आग लगा दी। यह घटना सुबह उस वक्त घटी जब राज्य का स्थापना दिवस ‘महाराष्ट्र दिवस’ मनाने की तैयारी की जा रही थी। नक्सली पिछले साल 22 अप्रैल के दिन सुरक्षा बलों द्वारा मारे गए अपने 40 साथियों की मौत की पहली बरसी मनाने के लिए एक सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शन के अंतिम चरण में थे। गढ़चिरौली में ही जिन वाहनों को नक्सलियों ने अपना निशाना बनाया, उनमें से ज्यादातर अमर इंफास्ट्रक्चर लिमिटेड के थे, जो दादापुर गांव के पास एन एच 136 के पुरादा-येरकाड सेक्टर के लिए निर्माण कार्यों में लगे थे। घटनास्थल से भागने से पहले नक्सलियों ने पिछले साल अपने साथियों की हत्या की निंदा करते हुए पोस्टर और बैनर भी लगाए। नक्सलियों ने जाने से पहले दो जेसीबी, 11 टिप्पर, डीजल और पेट्रोल टैंकर्स, रोलर्स, जेनरेटर वैन और दो स्थानीय कार्यालयों को भी आग के हवाले कर दिया।
नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2019,लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण का मतदान 06 मई को है. 5वें चरण में 7 राज्यों की 51 सीटों के लिए 674 उम्मीदवार मैदान में हैं. इनमें से 668 उम्मीदवारों के एफिडेविट की जांच की गई. 126 (19%) उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं. 95 (14%) उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. 184 (28%) उम्मीदवार करोड़पति हैं. 5वें चरण में सबसे ज्यादा आपराधिक मामलों वाले 78% उम्मीदवार समाजवादी पार्टी में हैं. उसके बाद 46% भाजपा और 31% कांग्रेस में हैं. इन 51 सीटों में से 20 सीटें ऐसी हैं, जो रेड अलर्ट घोषित की गई हैं. रेड अलर्ट यानी वो सीटें जहां 3 से ज्यादा उम्मीदवारों ने अपने ऊपर आपराधिक मामलों की घोषणा की है. इस चरण में 252 उम्मीदवार निर्दलीय हैं. सबसे ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार समाजवादी पार्टी के हैं. इनके 9 उम्मीदवारों में से 8 उम्मीदवार करोड़पति हैं. 5वें चरण में सबसे रईस उम्मीदवार उत्तर प्रदेश की लखनऊ सीट की सपा उम्मीदवार और शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी पूनम सिन्हा हैं. इनकी कुल संपत्ति 193 करोड़ से ज्यादा है. 5वें चरण में 03 ऐसे उम्मीदवार हैं, जिनके पास कोई संपत्ति नहीं है. जबकि, राजस्थान के दौसा सीट से पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया के उम्मीदवार रिंकु कुमार मीना के पास कोई अचल संपत्ति नहीं है. सिर्फ 1000 रुपये हैं. ये जानकारी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने अपनी रिपोर्ट में दी है. सबसे ज्यादा आपराधिक मामले वाले उम्मीदवार राजद और सीपीआई-एमएल-एल समेत 12 दलों के 100% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज. समाजवादी पार्टीः 9 उम्मीदवारों में से 07 (78%) पर आपराधिक मामले दर्ज, 7 (78%) उम्मीदवार गंभीर अपराध वाले. भाजपाः 48 उम्मीदवारों में से 22 (46%) पर आपराधिक मामले दर्ज, 19 (40%) उम्मीदवार गंभीर अपराध वाले. सबसे ज्यादा करोड़पति उम्मीदवार जदयू, जेवीएम समेत 14 दलों के सभी उम्मीदवार करोड़पति (100%) 5वें चरण के रईस उम्मीदवार पूनम सिन्हाः उत्तर प्रदेश की लखनऊ सीट की सपा उम्मीदवार और शत्रुघ्न सिन्हा की पत्नी. कुल संपत्ति 193 करोड़ से ज्यादा. विजय कुमार मिश्राः उत्तर प्रदेश की सीतापुर सीट से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के उम्मीदवार. कुल संपत्ति 177 करोड़ से ज्यादा. जयंत सिन्हाः झारखंड की हजारीबाग सीट से भाजपा के उम्मीदवार. कुल संपत्ति 77 करोड़ से ज्यादा. इन उम्मीदवारों के पास अचल संपत्ति नहीं, पैसे भी सबसे कम रिंकु कुमार मीनाः राजस्थान के दौसा सीट से पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया के उम्मीदवार. कोई अचल संपत्ति नहीं, इनके पास सिर्फ 1000 रुपये हैं. द्वारका प्रसादः राजस्थान के दौसा सीट से बसपा उम्मीदवार. कोई अचल संपत्ति नहीं, सिर्फ 1000 रुपये इनके पास हैं. बाबूलाल कोलः मध्यप्रदेश की रीवा सीट से अधिकार विकास पार्टी के उम्मीदवार. कोई अचल संपत्ति नहीं, सिर्फ 1200 रुपये पास हैं. 5वें चरण के उम्मीदवारों की शिक्षा अशिक्षितः 06 शिक्षितः 43 5वीं पासः 16 8वीं पासः 65 10वीं पासः 75 12वीं पासः 108 ग्रेजुएटः 154 ग्रेजुएट प्रोफेशनलः 67 पोस्ट ग्रेजुएटः 116 डॉक्टरेटः 11 अन्यः 07 किस उम्र के कितने उम्मीदवार उम्र उम्मीदवार 25-30: 54 31-40: 154 41-50: 199 51-60: 144 61-70: 97 71-80: 16 जानकारी नहीं दीः 04 लिंगानुपात पुरुषः 589 महिलाः 79
नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के हवाले से 'चौकीदार चोर है' बयान पर आखिरकार कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने माफी मांग ली है। आज की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने कांग्रेस अध्यक्ष के खेद जताने के तरीके पर काफी नाराजगी जताई और उन्हें फटकारा। कोर्ट ने पूछा कि क्या खेद जताने के लिए 22 पेज का हलफनामा दिया जाता है? इसके बाद राहुल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने अपने मुवक्किल की तरफ से माफी मांगी। बता दें कि राहुल के इस बयान पर बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी ने अवमानना की याचिका दाखिल की थी। कोर्ट ने राहुल को लगाई फटकार मामले की सुनवाई कर रहे सीजेआई रंजन गोगोई, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की बेंच ने कांग्रेस अध्यक्ष को फटकारते हुए उनके वकील से कहा कि ब्रैकिट में खेद जताने का क्या मतलब है? बता दें कि राहुल ने अपने दूसरे हलफनामे में खेद शब्द को ब्रैकिट में लिखा था। राहुल के वकील ने मांगी माफी कोर्ट ने कहा कि राहुल गांधी बयान देते हैं और अब उसका बचाव कर रहे हैं। कोर्ट ने राहुल गांधी के वकील अभिषेक मनु सिंघवी से पूछा, 'आपने जो कहा, हमने वह कहां कहा था? सिंघवी ने कहा, 'राहुल गांधी ने अपनी गलती मानते हैं और इसके लिए माफी मांगते हैं।' बता दें कि पहली बार राहुल गांधी के वकील ने माफी शब्द का प्रयोग किया है। सिंघवी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के हवाले से चौकीदार चोर है बयान देना गलत था। अतिरिक्त हलफनामे के लिए राहुल ने मांगा वक्त राहुल गांधी ने अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने के लिए कोर्ट से समय मांगा। राहुल गांधी ने अंतिम मौका मांगा। राहुल के वकील सिंघवी ने कहा जो हलफनामे में कहा गया है वह माफी ही है। कोर्ट ने राहुल को सोमवार से पहले हलफनामा फाइल करने को कहा। कोर्ट ने कहा कि यह हम तय करेंगे कि हलफनामे को स्वीकार करना है या नहीं। लेखी के वकील माफी की मांग कर रहे थे सुनवाई के दौरान बीजेपी सांसद मीनाक्षी लेखी के वकील मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा, 'उन्होंने (राहुल गांधी) जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट के हवाले से इन शब्दों का इस्तेमाल किया, अभी उन्होंने केवल खेद व्यक्त किया है। जबकि अवमानना मामलों में कानून बिना शर्त माफी के साथ शुरू होता है।'
नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2019, राफेल विमान सौदे में कथित घोटाले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जिस 'चौकीदार चोर है' का नारा दिया है, वह उनकी मुश्किलें बढ़ाता दिख रहा है. अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हई, इस दौरान अदालत ने राहुल के द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे की भाषा पर नाराजगी व्यक्त की है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई सुनवाई के दौरान राहुल गांधी के वकील से कहा कि ब्रैकेट में खेद जताने का क्या मतलब है. चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने राहुल गांधी के वकील से पूछा कि जब हमने अपने फैसले में ये बातें (चौकीदार चोर है) नहीं कहीं तो ऐसा क्यों कहा जा रहा है. अदालत ने राहुल गांधी के हलफनामे की भाषा पर भी सवाल खड़े किए हैं. सीजेआई ने पूछा है कि दूसरा हलफनामा क्यों दाखिल किया गया है, आपने कहां पूरा खेद जताया है. राहुल गांधी के अवमानना को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने मीनाक्षी लेखी के वकील से पूछा कि राहुल पर अवमानना का मामला कैसे बनता है. इस पर वकील ने राहुल का वो बयान पढ़कर सुनाया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट का बयान भी कह रहा है कि चौकीदार भी चोर है. इस दौरान उन्होंने कई मीडिया रिपोर्ट भी सामने रखीं. याचिकाकर्ता मीनाक्षी लेखी की ओर से मुकुल रोहतगी ने कहा कि बाहर वह लगातार इसे अपनी जीत बता रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट ने जब किसी राजनीतिक नारे को तवज्जो नहीं दी है तो वह इसका इस्तेमाल कैसे कर रहे हैं. दरअसल, सोमवार को राहुल गांधी ने एक नया जवाब दाखिल किया था और अपने बयान पर खेद जताया था. सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पुनर्विचार याचिका स्वीकारने के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि अब सुप्रीम कोर्ट भी कह रहा है कि चौकीदार चोर है. इसी पर भारतीय जनता पार्टी की नेता मीनाक्षी लेखी ने उनके खिलाफ सर्वोच्च अदालत में याचिका दायर की थी. राहुल ने अपने बयान पर खेद जताते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा था और कहा था कि बीजेपी भी बाहर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को क्लीन चिट बता रही है. गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पिछले काफी लंबे समय से राफेल विमान सौदे में कथित भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रहे हैं. राहुल ने इसी मसले को आक्रामक रुप देते हुए ‘चौकीदार चोर है’ का नारा दिया था, जिसके जवाब में भाजपा ‘मैं भी चौकीदार’ का कैंपेन सामने लाई. पुनर्विचार याचिका पर भी हुई सुनवाई इसके अलावा राफेल पुनर्विचार याचिका पर भी मंगलवार को सुनवाई हुई. सोमवार को केंद्र सरकार ने एक याचिका दाखिल कर जवाब देने के समय को बढ़ाने की अपील की थी, इस याचिका को कोर्ट ने स्वीकार कर लिया था. अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला 10 अप्रैल को आया था, लेकिन हमें कोई नोटिस नहीं मिला था. जिसपर सीजेआई ने कहा कि अगर नोटिस नहीं मिला है, तो हम अभी नोटिस देते हैं. AG ने सरकार की ओर से हलफनामा दायर करने के लिए और समय मांगा है. कोर्ट ने सरकार को शनिवार तक अपना जवाब देने को कहा है, मसले पर सुनवाई अब अगले सोमवार को होगी. गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने राफेल विमान सौदे में कथित घोटाले की याचिका पर फैसला सुनाते हुए इस प्रक्रिया को सही बताया था. जिसके बाद केंद्र सरकार दावा कर रही थी कि उन्हें इस मसले पर सर्वोच्च अदालत से क्लीन चिट मिली है. लेकिन इसके बाद वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने एक पुनर्विचार याचिका दाखिल की थी, इसमें एक अखबार द्वारा छापे गए दस्तावेज, सरकार द्वारा अदालत में जमा किए गए गलत कागज़ातों का हवाला दिया था.
नई दिल्ली केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की विदेशी नागरिकता के सवाल पर उनसे जवाब मांगा है। गृह मंत्रालय ने बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी की चिट्ठी के बाद राहुल को नोटिस जारी किया है। राहुल को 15 दिनों के अंदर नोटिस का जवाब देना है। बता दें कि स्वामी ने अपने पत्र में राहुल के ब्रिटिश नागरिक होने का दावा किया है। उधर, कांग्रेस ने स्वामी के इन आरोपों का खंडन किया है और राहुल को जन्म से भारतीय बताया है। दो बार पत्र लिख चुके हैं स्वामी बता दें कि स्वामी ने गृह मंत्रालय को राहुल की नागरिकता के खिलाफ दो बार पत्र लिख चुके हैं। 21 सितंबर 2017 को भी स्वामी ने इस बारे में एक शिकायत की थी। स्वामी ने 29 अप्रैल 2019 को भी पत्र लिखा। स्वामी ने अपने पत्र में राहुल के ब्रिटिश नागरिक होने का दावा किया है। स्वामी ने पत्र में क्या दावा किया है स्वामी ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि 2003 में ब्रिटेन में Backops लिमिटेड नामक कंपनी का रजिस्ट्रेशन हुआ था। इस कंपनी का पता 51 साउथगेट स्ट्रीट, विंचेस्टर, हैंपशायर SO23 9EH है और राहुल इसके एक निदेशक और सचिव थे। स्वामी ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया है कि कंपनी के 10-10-2005 और 31-10-2006 को फाइल किए गए वार्षिक रिटर्न में राहुल की जन्मतिथि 19-06-1970 अंकित हैं और नागरिकता ब्रिटिश बताई गई है। 17-02-2009 को डिसलूशन अप्लीकेशन के समय भी राहुल की नागरिकता ब्रिटिश बताई गई है। गृह मंत्रालय ने स्वामी की इस शिकायत के आधार पर राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने और 15 दिन के भीतर इसका जवाब मांगा है। केंद्र सरकार में निदेशक (नागरिकता) बी. सी. जोशी ने राहुल को यह नोटिस जारी किया है। कांग्रेस ने स्वामी के दावे का किया खंडन कांग्रेस ने स्वामी के आरोपों का खंडन किया है। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, 'राहुल गांधी जन्म से भारतीय हैं और पार्टी बीजेपी सांसद के दावे को खारिज करती है।' उन्होंने कहा कि मोदी के पास बेरोजगारी का कोई जवाब नहीं है। मोदी जी के पास ब्लैक मनी पर कोई जवाब नहीं है तो वह झूठे आरोपों के सहारे नोटिस जारी कर लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं। अमेठी सीट पर राहुल की नागरिकता पर उठ चुका है सवाल कुछ दिन पहले लोकसभा चुनाव में अमेठी से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं ध्रुव लाल ने रिटर्निंग ऑफिसर से शिकायत की थी कि राहुल ने ब्रिटिश नागरिकता ने ली थी और इसलिए उनका नामांकन रद्द किया जाए। हालांकि बाद में निर्वाचन अधिकारी ने राहुल के नामांकन की जांच कर इसे वैध करार दिया था। राहुल लोकसभा चुनाव में पहली बार दो सीटों यूपी की अमेठी और केरल की वायनाड सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। राहुल गांधी को भेजा गया नोटिस बता दें कि अमेठी के प्रत्याशी ध्रुव लाल के वकील रवि प्रकाश ने रिटर्निंग ऑफिसर से शिकायत की थी कि राहुल गांधी ने ब्रिटिश नागरिकता ली थी और इसलिए उनका नामांकन रद्द किया जाए। उन्होंने ब्रिटेन में रजिस्टर्ड एक कंपनी के कागजातों के आधार पर यह दावा किया था। साथ ही राहुल गांधी की शैक्षणिक योग्यता में त्रुटि का आरोप भी लगाया गया था। बीजेपी ने इस मुद्दे को लपकते हुए कांग्रेस और राहुल गांधी से जवाब मांगा था।
मुंबई रिलायंस होम फाइनैंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शल फाइनैंस लिमिटेड (RCFL) को क्रेडिट रेटिंग डाउनग्रेड होने से मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ये दोनों कंपनियां नई इक्विटी बेचकर फंड जुटाने की कोशिश करेंगी। इनकी होल्डिंग कंपनी रिलायंस कैपिटल सही प्राइस पर नए निवेशकों को मालिकाना हक देने के लिए तैयार है। अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की कंपनी रिलायंस कैपिटल के सीईओ अमित बाफना ने बताया, 'हम देश-विदेश के निवेशकों के साथ बातचीत कर रहे हैं और हमें एक-दो महीने में इक्विटी कैपिटल मिलने की उम्मीद है। कैपिटल मिलने से भविष्य में ग्रोथ हासिल करन में मदद मिलेगी। इसके साथ ही क्रेडिट रेटिंग फर्मों का भरोसा भी बढ़ेगा।' इस डिवेलपमेंट की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि आरएचएफएल और आरसीएफएल 3,000 करोड़ रुपये तक जुटाने की कोशिश कर सकती हैं। वैल्यूएशन के आधार पर यह रकम अधिक भी हो सकती है। रिलायंस कैपिटल के पास RCFL में 100% और RHFL में 50% हिस्सेदारी है। नए इन्वेस्टर्स को शेयर्स बेचने से यह हिस्सेदारी घटकर आधी या इससे कम हो सकती है। बाफना ने कहा, 'यह हमें प्राप्त होने वाले वैल्यूएशन पर निर्भर करेगा।' RHFL की लोन बुक 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक और RCFL की लगभग 16 हजार करोड़ रुपये की है। RHFL और RCFL की रेटिंग डाउनग्रेड होने से डेट मार्केट में बॉरोइंग कॉस्ट बढ़ सकती है क्योंकि म्यूचुअल फंड जैसे प्रमुख इन्वेस्टर्स नए इन्वेस्टमेंट को रोक सकते हैं। पिछले वर्ष सितंबर में इन्फ्रास्ट्रक्चर लीजिंग ऐंड फाइनैंशल सर्विसेज (IL&FS) के डिफॉल्ट के बाद से मार्केट में डर का माहौल है। इस डिफॉल्ट से नॉन-बैंकिंग फाइनैंस कंपनियों (NBFC) के लिए लिक्विडिटी की कमी हो गई थी। एक रेटिंग ऐनालिस्ट ने कहा कि नए शेयर्स इशू कर पूंजी जुटाने से इन कंपनियों को संकट से निपटने में मदद मिलेगी। दिसंबर तिमाही में RHFL का नेट प्रॉफिट 37.5% बढ़कर लगभग 55 करोड़ रुपये रहा था। दोनों कंपनियां शॉर्ट-टर्म में अपनी देनदारियों को पूरा करने के लिए रिटेल लोन पोर्टफोलियो बेचना जारी रखेंगी। पिछले छह महीनों में इन दोनों कंपनियों ने लगभग 8 हजार करोड़ रुपये के अच्छी क्वॉलिटी वाले लोन पोर्टफोलियो बेचे हैं। बाफना ने कहा कि लोन पोर्टफोलियो बेचने से इन कंपनियों को लिक्विडिटी की अपनी शॉर्ट-टर्म की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।आरएचएफएल और आरसीएफएल, दोनों ने म्यूचुअल फंड्स, पेंशन फंड्स और इंश्योरेंस कंपनियों सहित इन्वेस्टर्स को करीब 8 हजार करोड़ रुपये के बॉन्ड बेचे हैं। म्यूचुअल फंड्स के पास लगभग 2,600 करोड़ रुपये के बॉन्ड हैं। इसमें से लगभग दो-तिहाई रिलायंस ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी के पास हैं। बाकी के बॉन्ड एसबीआई म्यूचुअल फंड और यूटीआई ने खरीदे हैं।
नई दिल्ली बचपन में आपने किताबों में हिममानव के बारे में जरूर पढ़ा होगा, पर सवाल यह है कि क्या वास्तव में ऐसा कोई हिममानव हिमालय पर रहता है? इस बारे में हमेशा ही तरह-तरह के अनुमान लगाए जाते रहे हैं। खास बात यह है कि अब भारतीय सेना ने भी इसकी मौजूदगी के संकेत दिए हैं। जी हां, भारतीय सेना ने पहली बार हिममानव 'येती' की मौजूदगी को लेकर कुछ सबूत पेश किए हैं। इस संबंध में ट्विटर पर कुछ तस्वीरें शेयर की गई हैं जिसमें बर्फ पर पैरों के बड़े निशान नजर आ रहे हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि ये निशान हिममानव 'येती' के हो सकते हैं। सेना के जन सूचना विभाग की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा गया है,'पहली बार भारतीय सेना की एक पर्वतारोही टीम ने मकालू बेस कैंप के करीब 32x15 इंच वाले रहस्यमयी हिममानव 'येती' के पैरों के निशान देखे हैं। यह मायावी स्नोमैन इससे पहले केवल मकालू-बरुन नैशनल पार्क में देखा गया है।' जानें, क्या है 'येती' दुनिया के सबसे रहस्यमयी प्राणियों में से एक 'येती' की कहानी लगभग सौ साल पुरानी है। कई बार इन्हें देखे जाने की खबरें भी आ चुकी हैं। लद्दाख के कुछ बौद्ध मठों ने दावा किया था कि हिममानव 'येती' उन्होंने देखे हैं। वहीं शोधकर्ताओं ने येती को मनुष्य नहीं बल्कि ध्रुवीय और भूरे भालू की क्रॉस ब्रीड यानी संकर नस्ल बताया है। कुछ वैज्ञानिकों का कहना है कि येती एक विशालकाय जीव हैं, जिसकी शक्लोसूरत तो बंदरों जैसी होती है, लेकिन वह इंसानों की तरह दो पैरों पर चलता है। इसे देखे जाने के रोमांचक किस्से अक्सर सुने जाते रहे हैं। हालांकि इसे लेकर वैज्ञानिकों में भी एकमत नहीं हैं।

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