taaja khabar.....पिछले 6 साल में 2,838 पाकिस्तानी, 914 अफगानिस्तानी, 172 बांग्लादेशियों को दी गई भारतीय नागरिकता: निर्मला सीतारमण....अपनी ही शादी में नहीं पहुंच पाया जवान, सेना ने कहा- जिंदगी कर लेगी इंतजार...J&K: देविंदर सिंह का फोन ट्रैक कर रही थी पुलिस, हर गतिविधि पर थी नजर...'डॉक्टर बम' को नहीं भा रही थी अयोध्या फैसले और CAA पर शांति, बनाया था ये खतरनाक प्लान!...यूनिवर्सिटी ने CAA पर शुरू किया सर्टिफिकेट कोर्स, जानिए क्या है फीस ...पंजाब के बाद दूसरे कांग्रेस शासित राज्यों की भी CAA को 'ना' की तैयारी, सिब्बल बोले- ...तो मुश्किल होगा...

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नई दिल्ली स्टूडेंट्स और उनके पैरंट्स की टेंशन दूर करने के लिए 'परीक्षा पे चर्चा' के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी ने चुनिंदा क्रिकेटरों का जिक्र किया और बताया कि किस तरह तनाव से उबरकर विजय पाई जा सकती है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में 2001 में भारत दौरे पर आई मजबूत ऑस्ट्रेलियाई टीम पर टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत की चर्चा की। उन्होंने बताया कि किस तरह वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ ने कंगारू टीम के हौसले पस्त कर दिए थे। उनसे आपको सीखना चाहिए। साथ ही उन्होंने अनिल कुंबले के टूटे जबड़े के साथ बोलिंग करने और लारा को आउट करने का भी जिक्र किया। राहुल द्रविड़ और लक्ष्मण इसलिए आए याद उन्होंने भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया कोलकाता टेस्ट की चर्चा करते हुए कहा, '2001 में खेली गई भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज आपको याद है? हमारी क्रिकेट टीम मुश्किल से गुजर रही थी। मूड बहुत अच्छा नहीं था, लेकिन ऐसे मौके पर हम राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को कैसे भूल सकते हैं... उन्होंने मैच का रुख ही मोड़ दिया था।' बता दें कि इस मैच का दोनों ही खिलाड़ियों के करियर का सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। कुंबले का किया जिक्र उन्होंने इसके बाद अनिल कुंबले का उदाहरण देते हुए छात्रों को प्रोत्साहित किया। पीएम ने कहा, 'अनिल कुंबले द्वारा टूटे जबड़े के साथ की गई वेस्ट इंडीज में बोलिंग को कौन भूल सकता है? वह न केवल चोट के बावजूद मैदान पर उतरे, बल्कि ब्रायन लारा जैसे बल्लेबाज का विकेट भी लिया। यह प्रेरणा और सकारात्मक सोच का ही कमाल था।' यह मैच कुंबले के क्रिकेट करियर का मील का पत्थर साबित हुआ था। टूटे जबड़े के साथ उतरे और लारा को किया आउट दरअसल, वेस्ट इंडीज के खिलाफ सेंट जॉन्स में मई 2002 में खेले गए इस मुकाबले में कुंबले मैदान पर फ्रेक्चर्ड जबड़े के साथ उतरे थे। कुंबले को यह चोट मैदान पर बल्लेबाजी करते हुए लगी थी। कुंबले ने इस टूटे हुए जबड़े के साथ 14 ओवर गेंदबाजी की और ब्रायन लारा का बेशकीमती विकेट लिया था। तब कुंबले ने कहा था, 'यह एक जोखिम भरा काम था लेकिन मैंने सोचा कि यह जोखिम लिया जा सकता है। मुझे कम से कम इस बात की तो खुशी रहेगी कि मैंने अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ दिया।' लक्ष्मण और द्रविड़ ने छुड़ाए कंगारुओं के छक्के 2001 में सीरीज के दूसरे टेस्ट, जो 11 मार्च से शुरू हुआ था, में ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 445 रन बनाए, जिसके बाद भारतीय टीम पहली पारी में केवल 171 रन बना सकी। उसे फॉलोऑन करना पड़ा और तीसरे दिन तक भारत पर हार के बादल मंडरा रहे थे। सौरभ गांगुली की कप्तानी वाली भारतीय टीम और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ लक्ष्मण और द्रविड़ का बल्ला ऐसा चला कि मेहमानों के छक्के छूट गए। मुंबई में पहला टेस्ट हार चुकी भारतीय टीम कोलकाता के ईडन गार्डंस में फॉलोऑन पारी खेल रही थी। तीसरे दिन तक भारत ने 4 विकेट पर 254 रन बनाए थे। भारत ने 171 रन से जीता थाक कोलकाता टेस्ट तब मैच के चौथे दिन लक्ष्मण और द्रविड़ ऐसा टिके कि दिन में भारत का एक भी विकेट नहीं गिरा और स्कोर 589 रन तक पहुंच गया। पांचवें विकेट के लिए लक्ष्मण (281) और द्रविड़ (180) ने 376 रन जोड़े। भारत ने अपनी फॉलोआन पारी 657/7 पर घोषित कर दी। लक्ष्मण ने 631 गेंदों की अपनी पारी में 44 चौके लगाए जबकि द्रविड़ ने 446 गेंदों पर 20 चौके जड़े। इस तरह ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 384 रन का टारगेट मिला। ऑस्ट्रेलियाई टीम की दूसरी पारी 68.3 ओवरों में 212 रन पर सिमट गई और भारत ने यह टेस्ट मैच 171 रनों से जीत लिया।
वाराणसी, 20 जनवरी 2020,उत्तर प्रदेश ATS ने मिलिट्री इंटेलीजेंस के साथ साझा ऑपरेशन में वाराणसी से एक संदिग्ध ISI एजेंट को गिरफ्तार किया है. ‘मोहम्मद राशिद’ नाम का यह युवक मार्च 2019 से पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स को सूचनाएं दे रहा था. जुलाई 2019 में मिलिट्री इंटेलीजेंस को इनपुट मिले कि वाराणसी से एक युवक वॉट्सएप के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को महत्वपूर्ण सूचनाएं भेज रहा है. इसके बाद युवक की गतिविधियों पर कई महीने तक नज़र रखी गई. इस काम में केंद्रीय एजेंसियों से भी मदद ली गई. बनाई गई साझा टीम अंतत: मिलिट्री इंटेलीजेंस और यूपी एटीएस की एक साझा टीम बनाई गई. कई महीनों की निगरानी और संदिग्धों से प्रारंभिक पूछताछ के बाद साफ हो गया कि मोहम्मद राशिद ही पाकिस्तान को सूचनाएं भेज रहा था. राशिद को 16 जनवरी 2020 को पूछताछ के लिए बुलाया गया. राशिद के मोबाइल की जांच से स्पष्ट हो गया कि राशिद का पाक खुफिया एजेंसी के साथ जुड़ाव है. राशिद को कल 19 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया गया. 23 वर्षीय राशिद अपने नाना और मामा के साथ वाराणसी ज़िले के चंदौली में रह रहा था. राशिद के माता-पिता ने तलाक लेने के बाद दोबारा शादी कर ली थी. राशिद ने आठवीं तक पढ़ाई की. इसके बाद उसने वाराणसी में दर्जी की दुकान और दवाओं के स्टोर पर नौकरी की. बाद में वो फ्लेक्सी साइनबोर्ड बनाने लगा.
नई दिल्ली, 20 जनवरी 2020,होममेड यानी भारत की कंपनी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को एंटी ड्रोन सिस्टम बना कर दे रहा है. बीएसएफ के सूत्रों ने आजतक को एक्सक्लूसिव जानकारी दी है कि 10 एंटी ड्रोन सिस्टम बीएसएस खरीद रहा है. इसके लिए गृह मंत्रालय को फाइल भेज दिया गया है. गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद भारत की एक कंपनी ने जिसने अत्याधुनिक एंटी ड्रोन सिस्टम बनाया है, उससे बीएसएफ 10 एंटी ड्रोन सिस्टम खरीदकर शुरुआती तौर पर पंजाब और जम्मू के इंटरनेशनल बॉर्डर पर तैनात करेगा. पाकिस्तान की तरफ से ड्रोन के जरिए घुसपैठ का मुकाबला करने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात कर रहा है. नया एंटी ड्रोन सिस्टम जैमर और सेंसर से लैस होगा. साथ ही इसमें 360 डिग्री निगरानी करने की भी प्रणाली मौजूद होगी. इसके जरिए भारतीय सीमा में आने वाले किसी भी ड्रोन पर नजर रखी जा सकेगी. कैमरे से भी होगा लैस बीएसएफ के अधिकारियों के मुताबिक, एंटी-ड्रोन सिस्टम में रेडियो फ्रीक्वेंसी रिसीवर, एलेक्ट्रो-ऑप्टिक सेंसर, जैमर और कंट्रोलर मैकेनिज्म मौजूद होगा. इसके रडार में ड्रोन की दिशा के बारे में सटीक जानकारी देने वाली निगरानी क्षमता मौजूद भी होगी. इस सिस्टम में कैमरे भी लगे होंगे. साथ ही इसका जैमर इतना ताकतवर होगा, जिससे 5 सेकेंड से भी कम समय में सिग्नल जाम किए जा सकेंगे. अगर पाकिस्तान चालाकी करके फ्री प्रोग्राम्ड ड्रोन भारत के अंदर भेजता है तो उसको भी इस नए सिस्टम से जाम कर दिया जाएगा. बीएसएफ के उच्चस्तरीय सूत्रों ने आजतक को जानकारी दी है कि नया सिस्टम छोटे आकार का होगा और इसकी तैनाती प्रक्रिया भी आसान होगी. इसे 10 मिनट से भी कम समय में अंतरराष्ट्रीय सीमा के किसी भी एरिया में स्थापित किया जा सकता है. कहीं भी ले जाने में सक्षम है ड्रोन साथ ही पूरे सिस्टम को छोटे-छोटे हिस्सों में खोला भी जा सकता है, जिससे इसे कहीं भी ले जाना आसान होगा. यही नहीं, एंटी-ड्रोन सिस्टम दिन के साथ रात यानी 24 ×7 काम करेगा. साथ ही इससे एक समय में कई ड्रोन का पता लगाने की क्षमता है. पाकिस्तान हर दिन अंतरराष्ट्रीय सीमा के उस पार से भारत के अंदर ड्रोन भेजने की गुस्ताखी करता रहता है. हाल ही में तो पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने तो हद कर दी उसने ड्रोन के जरिए पंजाब में हथियार भेजना भी शुरू कर दिया है. भारत इन तमाम चुनौतियों से निपटने के लिए एंटी ड्रोन सिस्टम सीमा पर लगा रहा है जिसका असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा. हाल के कुछ महीनों में पाकिस्तान ने पंजाब के तरनतारन और कुछ दूसरी जगहों पर ड्रोन के जरिए खतरनाक हथियार भेजे हैं जिसकी जांच इस वक्त एनआईए की तरफ से भी किया जा रहा है पर बीएसएफ अब पाकिस्तान की इन चुनौतियों से निपटने के लिए 10 स्थानों पर ऐसे हाईटेक एंटी ड्रोन सिस्टम लगा रहा है जो पाकिस्तान की ड्रोन घुसपैठ के परखच्चे उड़ा देंगे.
20 जनवरी 2020, अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 4800 करोड़ की योजनाओं के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है. याचिकाकर्ता नीरज शंकर सक्सेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 4800 करोड़ की योजनाओं को चुनौती दी है. याचिका में कहा गया है कि ये योजनाएं आर्टिकल 14,15 और 27 का उल्लंघन करती है. याचिकाकर्ता ने कहा कि केंद्र सरकार को ये अधिकार नहीं है कि वो टैक्स पेयर का पैसा किसी धर्म विशेष के लिए खर्च करे. केंद्र सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के लिए 4800 करोड़ की योजनाओं का लागू किया है, जिसमें स्किल डेवलपमेंट, नई मंजिल योजना, हमारी धरोहर शामिल है. याचिका में नेशनल कमीशन माइनॉरिटी एक्ट के वैधानिकता को भी चुनौती दी गई है.
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में सोमवार को आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई. इस मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को ढेर कर दिया. फिलहाल, सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. सोमवार सुबह ही सेना की 55 राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल टीम को वाची में आतंकवादियों की मौजूदगी की खबर मिली थी. इसके बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया. सर्च ऑपरेशन के दौरान एक रिहायशी घर से आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी. इसके बाद चले एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया. आतंकियों की पहचान आदिल शेख और वसीम वानी के रूप में हुई है, जबकि तीसरे आतंकी की पहचान की जा रही है. आदिल शेख 29 सितंबर 2018 को पीडीपी के तत्कालीन विधायक एजाज मीर के घर से 8 हथियार लूटने के लिए जिम्मेदार था. डोडा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ इससे पहले 15 जनवरी को डोडा जिले में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. इस घटना में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया था. आतंकियों के खिलाफ सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन कोई भी आतंकी पकड़ा नहीं जा सका था. इससे पहले 12 जनवरी को सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था. दक्षिण कश्मीर के त्राल में गुलशन पोरा में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादी ढेर हुए थे. आतंकवादियों की पहचान उमर फयाज लोन उर्फ हमद खान, आदिल बशीर मीर उर्फ अबु दुजाना और फैजान हामिद के रूप में हुई थी. सभी त्राल के रहने वाले थे. उमर और आदिल जहां हिजबुल मुजाहिदीन के संपर्क में थे, फैजान जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में था.
नई दिल्ली, 19 जनवरी 2020, पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा है कि 50 लाख मुस्लिम घुसपैठियों की पहचान की जाएगी. अगर जरूरत पड़ी तो उन्हें देश से बाहर कर दिया जाएगा. एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए घोष ने कहा, सबसे पहले उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा. फिर दीदी (सीएम ममता बनर्जी) किसी का तुष्टीकरण नहीं कर सकती हैं. एक बार यह हो जाने के बाद दीदी के वोट कम हो जाएंगे और आने वाले चुनावों में हमें 200 सीटें मिलेंगी, उन्हें 50 सीटें भी नहीं मिलेंगी. दिलीप घोष ने पश्चिम बंगाल के 24 परगना में एक जनसभा को संबोधित करते हुए रविवार को यह बात कही. उन्होंने अभी हाल में एक और विवादित बयान दिया था. घोष ने 12 जनवरी को बंगाल के नादिया जिले के राणाघाट में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को बीजेपी शासित राज्यों उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक में गोली मार दी गई. दिलीप घोष ने कहा था कि राज्य में एक करोड़ घुसपैठिए हैं. उन्होंने पिछले महीने सीएए के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन के दौरान 500-600 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट होने का आरोप भी लगाया था. घोष ने कहा था, "क्या यह उनके पिताजी की संपत्ति है? वे कैसे सरकार की संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकते हैं, जो करदाताओं के पैसों से बनी है? उत्तर प्रदेश, असम और कर्नाटक की सरकारों ने ऐसे राष्ट्र विरोधी तत्वों पर गोली चलाकर बिलकुल ठीक काम किया." घुसपैठियों पर विवादित बयान घुसपैठियों को लेकर उन्होंने कहा था कि तुम यहां आते हो, हमारा खाना खाते हो, यहां रहते हो और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हो. उनके इस बयान से हालांकि बीजेपी ने पल्ला झाड़ लिया था. केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने दिलीप घोष के बयान पर पार्टी की ओर से सफाई देते हुए टि्वटर पर लिखा था, "दिलीप घोष ने जो कुछ भी कहा है, उससे बीजेपी का कोई लेना-देना नहीं है. यह उनकी काल्पनिक सोच है. उत्तर प्रदेश और असम में बीजेपी सरकार कभी भी किसी भी वजह से लोगों को गोली नहीं मारती है." उन्होंने ट्वीट किया, "यह दिलीप घोष का बेहद गैर-जिम्मेदाराना बयान है.
श्रीनगर, 19 जनवरी 2020,केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर ने रविवार को कहा कि मुझे लगता कि वक्त आ गया है अब कश्मीरी पंडित वापस जाएं और अपने अधिकारों को हासिल करें. उन्होंने जिंदगी में सब कुछ खोया है, जिस तरह का बर्ताव उनके साथ हुआ है, वो सही नहीं था. अब उनके पास उम्मीद है. अनुराग ठाकुर ने कहा कि कश्मीरी पंडितों का बहुत नुकसान हुआ है. कोई समझ नहीं सकता है कि उन्होंने क्या खोया है, लेकिन अब हालात बदलेंगे. हम कश्मीर घाटी में उनकी वापसी सुनिश्चित करेंगे. कश्मीरी पंडितों का पूरे सम्मान के साथ कश्मीर घाटी में पुनर्वास किया जाएगा. पंडितों की वापसी मोदी सरकार के इसी कार्यकाल में होगी. बता दें, जम्मू-कश्मीर में अपने जन संपर्क कार्यक्रम के तहत नौ केंद्रीय मंत्रियों ने जम्मू क्षेत्र में रविवार को नौ जगहों का दौरा किया. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी कटरा गईं और महेंद्रनाथ पांडेय ने धनशल का दौरा किया. अर्जुन राम मेघवाल व जी.मुरलीधरन ने कठुआ, जबकि अनुराग ठाकुर व पीयूष गोयल ने जम्मू में जन संपर्क कार्यक्रम में भाग लिया. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने उधमपुर का दौरा किया, आर.के.दोधा और अश्विनी चौबे ने सांबा का दौरा किया. यह 36 केंद्रीय मंत्रियों का सप्ताह भर लंबी यात्रा का दूसरा दिन था. इन मंत्रियों को जम्मू-कश्मीर भर में 60 जगहों का दौरा करना है. यह अनुच्छेद 370 को रद्द करने के बाद केंद्र के जन संपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है. मंत्री जम्मू-कश्मीर का दौरा समूहों में कर रहे हैं और सरकारी अधिकारियों से मुलाकात कर रहे हैं. वे केंद्र सरकार की अलग-अलग योजनाओं के बारे में लोगों को सूचित करने के लिए जन संपर्क कार्यक्रम का आयोजन कर रहे हैं.
सूरत: गुजरात के सूरत में आज 200 परिवार एक साथ एक फिल्म देखने के लिए गया था. मराठाओं का अभिमान ऐसे योद्धा शिवाजी महाराज के सबसे वफादार सूबेदार तानाजी मालुसरे के जीवन पर बनी अजय देवगन (Ajay Devgn) की फिल्म 'तानाजी: द अनसंग वॉरियर (Tanhaji: The Unsung Warrior)' को लोगों से अच्छा खासा रेस्पांस मिलता दिख रहा है. फिल्म में कौंधाना के किले को जितने की लड़ाई की बात है. मराठाओं के किलों को मुगलों द्वारा ले लिए गए थे. आज की युवा पीढ़ी तानाजी जैसे वीर पुरुषों के बारे में जाने, इसी उद्देश्य के साथ सूरत में 200 परिवार एक साथ ये फिल्म देखने गए थे. इस दौरान ढोल- नगाड़े और केसरिया ध्वज और राष्ट्रीय ध्वज के साथ लोग भारत माता की जय के नारें भी लगाए. बता दें, फिल्म 'तानाजी: द अनसंग वॉरियर (Tanhaji: The Unsung Warrior)' को इन दिनों दर्शकों का भरपूर प्यार मिलता दिख रहा है. 10 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई 'तानाजी' अपने ओपनिंग डे से ही बॉक्स ऑफिस पर हंगामा मचा रही है. इस फिल्म ने अपने पहले हफ्ते में ही 100 करोड़ रुपये की कमाई करने में सफलता हासिल की थी. वहीं, दूसरे वीकेंड पर भी इसका जलवा देखते ही बन रहा है. बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार अब तक इस फिल्म की कमाई लगभग 141 करोड़ रुपये पहुंच चुकी है. ओम राउत द्वारा निर्देशित 'तानाजी: द अनसंग वॉरियर' में अजय देवगन के अलावा सैफ अली खान, काजोल, शरद केलकर, नेहा शर्मा और पद्मावती राव भी अहम भूमिकाओं में हैं. ओम राउत ने 'तानाजी: द अनसंग वॉरियर' से बॉलीवुड फिल्म निर्देशन में कदम रखने के साथ ही साबित कर दिया है कि वह एक अच्छी पीरियड फिल्म बना सकते हैं. फिल्म के एक-एक सीन पर ओम राउत ने बारीकी से काम किया है. यह फिल्म मराठाओं की शूरवीरता दिखाने में पूरी तरह कामयाब हुई है.
नई दिल्ली चीन की चुनौती से निपटने के लिए भारत बंगाल की खाड़ी और रणनीतिक दृष्टि से अहम क्षेत्रों में अचूक हथियारों की तैनाती कर रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के बढ़ते दखल को काउंटर करने के लिए अब भारत ने बड़े पैमाने पर तैयारी शुरू कर दी है। इसी के तहत नई दिल्ली दक्षिण के राज्य तमिलनाडु के तंजावुर में ब्रह्मोस मिसाइलों से लैस सुखोई लड़ाकू विमानों का स्क्वॉड्रन शुरू कर रहा है। भारत दिन और रात दोनों वक्त लंबी दूरी तक मारक क्षमता वाले हथियारों का एक प्लेटफॉर्म बना रहा है ताकि प्रतिद्वंद्वी की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। ये हथियार दुश्मन के एयरक्रॉफ्ट कैरियर और अहम ठिकानों को निशाना बनाने की क्षमता रखते हैं। लड़ाकू विमान सुखोई का स्क्वॉड्रन एयर चीफ मार्शल राकेश कुमार सिंह भदौरिया ने बताया कि वायुसेना तमिलनाडु के तंजावुर में सुखोई का एक स्क्वॉड्रन भी बना रहा है, जो सुपर सोनिक मिसाइल ब्रह्मोस के साथ लैस होंगे। ब्रह्मोस की तैनाती के लिए सुखोई में कुछ बदलाव भी किए जाएंगे। इसके बाद यह लड़ाकू विमान वायुसेना के अभियानों के लिए काफी अहम हो जाएंगे। स्क्वॉड्रन का नाम 'टाइगर शार्क्स' 'टाइगर शार्क्स' चौथी पीढ़ी के सुखोई विमानों का 12वां स्क्वॉड्रन है। दक्षिण भारत में यह पहला स्क्वॉड्रन है। अन्य 11 स्क्वॉड्रन पाकिस्तान और चीन पर नजर रखने के लिए पश्चिमी और पूर्वी फ्रंट पर हैं। दरअसल, भारत हिंद महासागर क्षेत्र में चीन को काउंटर करने के लिए इसकी तैनाती कर रहा है। चीन द्वारा डिजबुति में 2017 में एक सैन्य बेस बनाने के बाद भारत भी सतर्क हो गया है। चीन अब हिंद महासागर क्षेत्र में और बड़ी तैयारी में जुटा है। ऐसे में भारत ने भी तैयारी शुरू कर दी है। अचूक हैं ब्रह्मोस मिसाइल ब्रह्मोस के डायरेक्टर जनरल सुधीर मिश्रा ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 'यह एक तरह से हमारे सपनों के साकार होने के जैसा है। भारतीय वायु सेना समुद्र और जमीन दोनों पर ही लंबी दूरी के बावजूद लक्ष्य पर अचूक वार करने में सक्षम मिसाइलों से लैस करने की कोशिश थी। अब यह सपना पूरा हो रहा है। ब्रह्मोस और सुखोई से वायु सेना की नई उड़ान नए सुखोई स्क्वॉड्रन का नाम टाइगर शार्क्स रखा गया है। तमिलनाडु के तंजावुर एयरबेस में सोमवार को चार से छह फाइटर जेट को बेड़े में शामिल किया जा सकता है। इस साल के अंत तक बेड़े में 18 सुखोई फाइटर जेट शामिल करने की योजना है। सुखोई फाइटर जेट हवा में 1500 किमी. तक मार करने में सक्षम है तो ब्रह्मोस मिसाइल भी 290 किमी. रेंज तक लक्ष्य पर अचूक निशाना साधने की क्षमता से लैस है। लड़ाकू विमान सुखोई को जानें -सुखोई -30MKI चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है। -अभी भारत के पास सुखोई और मिराज-2000 जैसे ताकतवर लड़ाकू विमानों का बेड़ा मौजूद हैं। फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमान मिलने के बाद भारत की ताकत और बढ़ेगी। -वायुसेना में अबतक 260 लड़ाकू विमान शामिल किए गए हैं। -सुखोई बिना ईंधन भराए 1,500 किलोमीटर तक हमला करने में सक्षम। -पिछले कुछ सालों में 9 सुखोई लड़ाकू विमान क्रैश हुए। सरकार इसकी भरपाई के लिए 12 और सुखोई खरीदने पर कर रही है विचार। -वायुसेना सुखोई में बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसके तहत इमसें अडवांस्ड रेडार और हथियार लगाए जाएंगे। ब्रह्मोस की ताकत -290 किलोमीटर तक मार करने वाली मिसाइल का निर्माण रूस और भारत मिलकर करते हैं। इस मिसाइल 2001 में पहली बार टेस्ट हुआ था। -सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल का निशाना अचूक है। -यह मिसाइल जमीन, हवा और पानी तीनों जगह से लॉन्च की जा सकती है। -सेना, नौसेना और वायुसेना ने इस मिसाइल को अपने हथियार के जखीरे में शामिल किया है।
नई दिल्ली दिल्ली चुनाव में बिहार की राजनीति का भी रंग दिखेगा। बिहार केंद्रित पार्टियों राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और जनता दल यूनाइडेट (जेडीयू) ने कांग्रेस और बीजेपी के साथ गठबंधन किया है। आरजेडी कांग्रेस के साथ मिलकर 4 सीटों पर चुनाव लड़ेगी तो बीजेपी ने जेडीयू को 2 सीटें दी हैं। जेडीयू ने दिल्ली चुनाव के लिए अपने दोनों उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भी कर दिया है। बुराड़ी विधानसभा सीट पर शैलेंद्र कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है तो संगम बिहार से डॉ. एच.सी.एल. गुप्ता को टिकट मिला है। इन दोंनों ही सीटों पर पूर्वांचल के मतदताओं का अच्छा प्रभाव है। आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि दिल्ली चुनाव में उनकी पार्टी 4 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ उनका गठबंधन हुआ है और समझौते के तहत पार्टी बुराड़ी, किराड़ी, उत्तम नगर और पालम सीट पर उम्मीदवार उतारेगी। इन क्षेत्रों में भी बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश से जुड़े मतदाताओं की संख्या अच्छी है। गौरतलब है कि बिहार में भी इसी साल विधानसभा चुनाव होना है। बिहार में नीतीश कुमार की अगुआई में जेडीयू-बीजेपी की सरकार है तो आरजेडी और कांग्रेस साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। दिल्ली चुनाव में बीजेपी ने अब तक 57 उम्मीदवारों का ऐलान किया है तो कांग्रेस ने 54 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा कर दी है।
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा का प्रचार अभियान मंगलवार से शुरू हो जाएगा। इस अभियान में पार्टी के सभी बड़े दिग्गज नेता शिरकत करेंगे। इसके लिए पार्टी ने 100 से ज्यादा दिग्गज नेताओं से संपर्क साधा है। दिल्ली भाजपा को अभी तक प्रधानमंत्री मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, कार्यकारी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, साध्वी निरंजन ज्योति, गिरिराज सिंह, अश्विनी चौबे, रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, नित्यानंद राय, बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी और भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन की तरफ से प्रचार करने की सहमति मिल चुकी है। पीएम मोदी कर सकते हैं 3 बड़ी रैलियां पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री पार्टी को राष्ट्रीय राजधानी में जिताने के लिए तीन बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे। अमित शाह 6 और राजनाथ सिंह 7 से 10 रैलियों को संबोधित करेंगे। सूत्रों ने यह भी बताया कि जरूरत पड़ने पर इन नेताओं की रैलियों की संख्या बढ़ाई भी जा सकती है। दिल्ली में सबसे ज्यादा प्रचार केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे। इन दोनों नेताओं की सभा मांग के अनुसार तय की जाएगी। बड़ी रैलियों के बजाय छोटी सभाओं पर ज्यादा फोकस रहेगा पार्टी ने तय किया है कि बड़ी रैलियों के बजाय छोटी सभाओं पर ज्यादा फोकस किया जाए। पार्टी ने अपने नेताओं को बड़ी सभाओं के बजाय गली-मोहल्लों में छोटी-छोटी सभाएं करने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी राज्य में चुनाव प्रचार के दौरान 5 हजार से ज्यादा सभाएं करेगी। पार्टी का लक्ष्य है कि वह दिल्लीभर में हर दिन 250 छोटी सभाएं करे। साथ ही कहा गया है कि इन सभाओं में 200 से ज्यादा लोगों की मौजूदगी नहीं होनी चाहिए। केजरीवाल सरकार की योजनाओं का तथ्यों के साथ पदार्फाश करने पर रहेगा जोर नेताओं के दौरे और सभाओं को लेकर पार्टी इस बार बाकायदा रोस्टर भी तैयार कर रही है। नेताओं को निर्देश दिया गया है कि वे सभाओं में सिर्फ केंद्र की योजनाओं पर फोकस करें। साथ ही यह भी कहा गया है कि केजरीवाल सरकार की योजनाओं का तथ्यों के साथ पदार्फाश किया जाए। दिल्ली के बाहर से 500 से ज्यादा भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली में पिछले एक महीने से कैम्प कर रहे हैं। वे पार्टी को जिताने के लिए बूथ से लेकर मुहल्लों तक में सक्रिय हैं। बाहर से आए कार्यकर्ताओं में ज्यादातर उत्तरप्रदेश और बिहार से हैं।
नई दिल्ली: भारत ने रविवार को 3,500 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली परमाणु सक्षम K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का आंध्र प्रदेश तट से सफल परीक्षण किया। DRDO द्वारा विकसित इस मिसाइल को भारतीय नौसेना के स्वदेशी INS अरिहंत-श्रेणी के परमाणु-संचालित पनडुब्बियों में लैस किया जाएगा।
नई दिल्ली, 19 जनवरी 2020,विश्व हिंदू परिषद (VHP) के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने रविवार को कहा कि भारत में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से सताए लोग आए हैं. वीएचपी ने इन शरणार्थियों को नागरिकता मुहैया कराने में मदद करने का फैसला किया है. आलोक कुमार ने कहा, प्रत्येक राज्य सरकार को भारत की संसद द्वारा पारित नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का पालन करना होगा. इसके साथ ही अलोक कुमार ने सरकार से अनुरोध किया है कि नवरात्रि तक राम मंदिर का निर्माण शुरू करा दिया जाए. गौरतलब है कि सीएए को समझाने के लिए वीएचपी 'आइए जानें सीएए' नाम से दो पेजों का पंपलेट छपवा चुकी है. इसमें नागरिकता कानून के बारे में इतिहास के साथ जानकारी दी गई है. साथ ही आंकड़ों के माध्यम से यह भी बताने की कोशिश की गई है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में किस तरह हिंदू और दूसरे धर्म के लोग कम हो गए. वीएचपी साधु संतों, महंतों, महामंडलेश्वरों और खास तौर कथावचकों को इस बात के लिए तैयार कर रही है कि वे अपनी कथा, प्रवचन में सीएए के बारे में बताएं और देश भर में चलने वाला विरोध किस तरह हिंदुओं के खिलाफ है इसको उजागर करने का काम करें. वीएचपी इस मुद्दे को समझाने के लिए साधु-संत और महंतों के लिए वर्कशॉप का भी आयोजन करने जा रही है. दूसरी ओर, राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वीएचपी पहली बार माघ मेला में 21 जनवरी को संत सम्मेलन आयोजित करने जा रही है. इस दौरान संत समाज की ओर से राम मंदिर निर्माण की तारीख और जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाए जाने पर चर्चा की जाएगी. इसमें देशभर के करीब दो हजार प्रमुख संत और धर्माचार्यों को बुलाया गया है.
नई दिल्ली, 19 जनवरी 2020, दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन चल रहा है. रविवार को कुछ कश्मीरी पंडित भी शाहीन बाग पहुंचे और 'कश्मीरी पंडितों को न्याय दो' जैसे नारे लगाए. इस दौरान प्रदर्शनकारियों और कश्मीरी पंडितों के बीच हाथापाई हो गई. घाटी से जबरन बेदखल करने के बाद, पिछले 30 वर्षों से अपनी खुद की दुर्दशा को उजागर करने और अपने लिए समर्थन जुटाने कश्मीरी पंडित रविवार को शाहीन बाग में जुटे. एक कश्मीरी कार्यकर्ता सतीश महालदार ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से कहा, "शाहीन बाग में सीएए को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने 'जश्न-ए-शाहीन' कार्यक्रम के आयोजन की घोषणा की है. इसी दिन 30 साल पहले कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने पर मजबूर किया गया था. हम यह सुनिश्चित करेंगे की यह कार्यक्रम न हो." 'गीतों के नाम एक शाम' का आयोजन शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों से कश्मीरी पंडित अपने लिए समर्थन मांग रहे हैं. नागिरिकता संशोधन कानून के विरोध का जश्न मनाने के लिए प्रदर्शनकारियों की ओर से रविवार को 'जश्न-ए-शाहीन' कार्यक्रम की घोषणा की गई है, जिसमें कविता और गीतों के नाम एक शाम का आयोजन किया जाएगा. कश्मीरी पंडितों और ट्विटर के एक वर्ग ने इस आयोजन को 'कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार' के तहत मनाने की बात कही है. धरना-प्रदर्शन जारी शाहीन बाग में पिछले एक महीने से धरना प्रदर्शन जारी है. दिल्ली पुलिस सीएए के खिलाफ शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रही महिलाओं से सड़क खाली करने की अपील कर चुकी है. मगर प्रदर्शनकारी महिलाएं हटने को तैयार नहीं हैं. शाहीन बाग के 13 नंबर रोड पर बैठे लोगों को उठाने के लिए पुलिस बीच का रास्ता निकालने में जुटी है. इसे लेकर शाहीन बाग थाने में स्पेशल सीपी इंटेलिजेंस प्रवीण रंजन और डीसीपी चिन्मय बिस्वाल भी पहुंचे. एक मीटिंग की गई जिसमें विरोध प्रदर्शन से जुड़े बड़े लोगों को बुलाया गया. इसके बाद उनको समझाने की कोशिश की गई ताकि रोड पर बैठे लोग को उठाया जा सके.लेकिन पुलिस की यह कवायद नाकाम रही
नई दिल्ली एक तरफ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल यह कह रहे हैं कि कोई भी राज्य CAA को लागू करने से मना नहीं कर सकता, दूसरी तरफ पार्टी शासित राज्य सरकारों का रुख अलग है। पंजाब विधानसभा CAA (नागरिकता संशोधन कानून) के खिलाफ पहले ही प्रस्ताव पास कर चुकी है। अब कांग्रेस के सीनियर लीडर अहमद पटेल ने कहा है कि कांग्रेस शासित अन्य राज्यों में भी ऐसा ही प्रस्ताव लाने पर विचार किया जा रहा है। अन्य राज्यों में भी CAA के खिलाफ प्रस्ताव पर विचार: पटेल अहमद पटेल ने रविवार को कहा, 'हम पंजाब के बाद राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में CAA के खिलाफ प्रस्ताव लाने पर विचार कर रहे हैं। यह केंद्र सरकार को स्पष्ट संदेश होगा कि वह इस कानून पर पुनर्विचार करे।' राजस्थान में इसकी तैयारी भी शुरू हो चुकी है। वहां 24 जनवरी से विधानसभा का बजट सत्र शुरू हो रहा है और सूत्रों के मुताबिक, सत्र के पहले ही दिन CAA के खिलाफ प्रस्ताव लाया जा सकता है। सिब्बल बोले- SC संवैधानिक घोषित कर दे तो विरोध मुश्किल कांग्रेस शासित राज्यों द्वारा CAA के खिलाफ प्रस्ताव पास करने की तैयारी के बीच कपिल सिब्बल ने रविवार को फिर दोहराया कि कोई भी राज्य इस कानून को लागू करने से मना नहीं कर सकता। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर सुप्रीम कोर्ट CAA को संवैधानिक घोषित कर देता है तो राज्यों के लिए इसका विरोध करना मुश्किल होगा। सिब्बल ने कहा, 'मैं समझता हूं कि CAA असंवैधानिक है। हर राज्यों की विधानसभा के पास इसके खिलाफ प्रस्ताव पास करने और इसे वापस लेने की मांग करने का संवैधानिक अधिकार है। लेकिन जब किसी कानून को सुप्रीम कोर्ट संवैधानिक घोषित कर देता है तो राज्यों के लिए इसका विरोध करना मुश्किल होगा। लड़ाई जारी रहनी चाहिए।' एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि संसद द्वारा पारित कानून को कोई राज्य लागू करने से मना नहीं कर सकता। राजस्थान में CAA के खिलाफ प्रस्ताव की तैयारी कांग्रेस शासित राजस्थान ने सूबे में CAA को लागू नहीं करने को लेकर विधानसभा में एक प्रस्ताव लाने का फैसला किया है। 24 जनवरी से शुरू हो रहे विधानसभा के बजट सत्र में पहले ही दिन इस प्रस्ताव को लाया जा सकता है। एक सूत्र ने पीटीआई को बताया, 'राज्य सरकार CAA के खिलाफ प्रस्ताव लाने जा रही है जिसे आगामी बजट सत्र में पेश किया जाएगा।' पिछले साल बीएसपी छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले 6 विधायकों में से एक वाजीब अली ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को खत लिखकर CAA के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने की मांग की थी। अली ने कहा, 'देशभर में CAA के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं। संशोधित कानून संविधान की भावना के खिलाफ है और यह सामाजिक अशांति का कारण बन रहा है।' बीजेपी बोली- प्रस्ताव का मजबूती से करेंगे विरोध दूसरी तरफ विपक्षी बीजेपी ने कहा है कि पार्टी सरकार द्वारा प्रस्ताव लाए जाने का मजबूती से विरोध करेगी। राजस्थान बीजेपी के अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा है, 'हम सरकार के ऐसे किसी भी कदम का विरोध करेंगे। कोई भी कानून से ऊपर नहीं है चाहे वह मुख्यमंत्री हो, सरकार हो या कोई पार्टी हो।'
नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) को लेकर जहां दिल्ली में जामिया और शाहीन बाग में अब भी विरोध चल रहा है तो वहीं यूपी में एक ऐसी यूनिवर्सिटी भी है जिसने अब इसे कोर्स में शामिल कर लिया है. CAA अब सियासी मुद्दा बन चुका है. दिल्ली से लेकर बनारस तक इसका विरोध और समर्थन देखा जा रहा है. पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में CAA के समर्थन में बीजेपी ने बड़ी जनसभा भी की. लेकिन कई ऐसे सवाल हैं CAA को लेकर, जो जनता नहीं जानती और इसी का फायदा उठाकर इस मुद्दे पर सियासत हो रही है. अफवाहों को विराम देने के लिए राजश्री टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय में इस विषय को कोर्स में शामिल किया गया है. इसके अंतर्गत CAA में जितनी बातें हैं, इसे विस्तार से समझाया और पढ़ाया जाएगा. इस पाठ्यक्रम का कोर्स 3 महीने का होगा और इसके बाद इसका बाकायदा सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा. इस पाठ्यक्रम के कोर्स जनवरी से ही शुरू हो गए हैं और इसके ऑनलाइन फॉर्म भी मिलने लगे हैं. इस पाठ्यक्रम में भारतीय नागरिकता कानून के प्रावधान और उसके समाधान को पढ़ाया जाएगा. खास बात ये है कि इसकी फीस मात्र 500 रुपए रखी गई है जोकि फॉर्म चार्ज के रूप में लिया जाएगा. यह कोर्स इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले 200 सेंटर में शुरू कर दिया गया है, वहीं इस कोर्स को लेकर छात्रों में काफी उत्साह है. छात्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर अफवाहों को लेकर काफी विरोध हो रहा है. ऐसे में जब कोई छात्र या अन्य व्यक्ति इस कोर्स को करने के बाद सर्टिफिकेट पाएगा और फिर इसके बारे में लोगों को समझाएगा तो इससे जनता भी छात्रों की बात पर भरोसा करेगी. इस कोर्स को शुरू करने का मकसद अफवाहों को दूर करना और अफवाह फैलाने वालों को सही तस्वीर दिखाना है.
लखनऊ: वर्ष 1993 में मुंबई बम धमाकों के दोषी डॉ. जलीस अंसारी उर्फ डॉक्टर बम को हाल ही में यूपी एसटीएफ ने कानपुर से गिरफ्तार किया था. वहीं, अब यूपी एसटीएफ डॉक्टर बम से लगातार पूछताछ कर रही है. इन सबके बीच सूत्रों का कहना है कि डॉ. जलीस अंसारी उर्फ डॉक्टर बम अयोध्या फैसले के बाद यूपी में शांति और सीएए को लेकर काफी बैचैन था. सूत्रों का कहना है कि डॉक्टर बम ने यूपी एसटीएफ को बताया है कि वह बम बनाने की नवीनतम तकनीक का प्रयोग करके सस्ते से सस्ते सामानों और रासायनिक पदार्थों का प्रयोग करके बम बनाने की कोशिश कर रहा था. पूछताछ में किए चौंकाने वाले खुलासे सूत्रों के मुताबिक, मुंबई बम धमाकों का दोषी डॉ. जलीस अंसारी बम में प्रयोग की जाने वाली ऐसी सामग्री का चयन कर रहा था, जो खुले बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाए. जिस पर किसी को शक भी ना हो और जो ब्लास्ट करने में अधिक हानिकारक और प्रभावशाली साबित हो. बता दें कि मुंबई बम धमाकों का दोषी डॉ. जलीस अंसारी उर्फ डॉक्टर बम पैरोल के समय वापस जेल जाने के बजाए फरार हो गया था. सीबीआई के इस सजायाफ्ता आतंकी को यूपी एसटीएफ ने कानपुर से बीती 17 जनवरी को गिरफ्तार किया था. नेपाल भागने की फिराक में था जलीस जलीस 26 दिसंबर 2019 से पैरोल पर था. पुलिस का मानना है कि डॉ. जलीस देश से भागने की फिराक में था और नेपाल में छुपने का इरादा था. आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने बताया कि डॉ. जलीस अंसारी का नाम 50 से अधिक सीरियल बम विस्फोट में था. उसको 26 दिसंबर को तीन सप्ताह के लिए पैरोल पर छोड़ा गया था. इसके बाद 17 जनवरी को वापस जेल जाना था. मुंबई से गायब होने की सूचना पर एसटीएफ सक्रिय हो गई थी. बता दें कि डॉ. जलीस अंसारी उर्फ डॉक्टर बम के परिवार वालों ने इसके भागने की सूचना पुलिस को तब दी, जब ये भाग गया था. बताया जा रहा है कि डॉक्टर बम ने कानपुर में दिल्ली से हावड़ा और हावड़ा से दिल्ली राजधानी में धमाके की साजिश रची थी. गौरतलब है कि कुख्यात आतंकी डॉ. जलीस अंसारी मुंबई स्थित अपने क्लीनिक में ही बम बनाता और नए-नए प्रयोग करता था. उसकी ये क्लीनिक बम बनाने की प्रयोगशाला थी. आतंक की दुनिया में उसे डॉक्टर बम के नाम से जाना जाता है. जलीस अंसारी ने आतंकी अब्दुल करीम टुंडा से बम बनाने की ट्रेनिंग ली थी. वह पाकिस्तान और बांग्लादेश भी जा चुका है. डॉ. जलीस अंसारी उर्फ डॉक्टर बम सिमी (SIMI) समेत कई प्रतिबंधित संगठनों के सीधे संपर्क में था. अंसारी ने 1984 में एमबीबीएस की डिग्री हासिल की. डॉ. जलीस अंसारी ने मुंबई महानगर पालिका के अस्पताल में डॉक्टरी शुरू की. इस दौरान उसने मरीजों को देखने की आड़ में क्रश इंडिया मूवमेंट यानी भारत को तबाह करने की तैयारी प्लान बनाना शुरू किया. अंसारी को टाइम बम बनाने में महारत हासिल है. साथ ही ब्रेन वॉश करने में भी इसका कोई सानी नहीं है. वर्ष 1993 में बड़े धमाके करने से पहले उसने 100 से ज्यादा युवाओं का ब्रेन वॉश कर उन्हें अपने मूवमेंट में शामिल कर लिया था.
श्रीनगर जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दावा किया है कि बर्खास्‍त डीएसपी देविंदर सिंह की हरकतों पर कुछ दिनों से नजर रखी जा रही थी। पुलिस देविंदर सिंह का फोन भी ट्रैक कर रही थी। अधिकारियों का दावा है कि वह कई सप्ताह से इन आतंकियों के संपर्क में था। नाम ना छापने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि उन लोगों को विश्वास था कि देविंदर किसी गलत काम में लगा है। बाद में उसके घर छापेमारी में हमारा शक पुख्ता हो गया। अधिकारी ने कहा, 'इंदिरा नगर के पॉश एन्क्लेव में उसके घर पर छापेमारी से पांच ग्रेनेड और तीन एके -47 राइफल की बरामदगी हुई। इसमें कागजी कार्रवाई के अलावा उसके निवेश और संपत्ति का विवरण भी शामिल है, जो उपअधीक्षक को मिलने वाले वेतन से कहीं अधिक है।' देविंदर ने माना- आतंकियों से मिल की बड़ी गलती एक अधिकारी ने कहा, 'अगर वह इन आतंकवादियों के साथ दिल्ली जा रहा होता तो मसला कुछ गंभीर था। क्योंकि ऐसा नहीं होता तो उसे साथ जाने की क्या जरूरत थी?' पर, अब देविंदर ने गिरफ्तारी के बाद खुद कई बड़े खुलासे किए हैं। देविंदर ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस बल में तैनात एक और वरिष्‍ठ अधिकारी आतंकवादियों के लिए काम कर रहे हैं। देविंदर सिंह ने माना कि उसने आतंकवादियों की मदद करके बड़ी गलती की है। देविंदर सिंह का ड्रग माफिया से भी संबंध जांच के दौरान यह भी पता चला है कि देविंदर सिंह का ड्रग माफिया से गहरा संबंध था। देविंदर सिंह पुलवामा के त्राल का रहने वाला है। यह वही इलाका है जो हिज्‍बुल मुजाहिदीन का गढ़ माना जाता है। आतंकी बुरहान वानी और जाकिर मूसा इसी इलाके के रहने वाले हैं। त्राल में देविंदर सिंह की पैतृक संपत्ति भी है। उसका एक घर जम्‍मू में भी है। सिंह के परिवार में पत्‍नी और दो बच्‍चे हैं। उसकी एक बेटी बांग्‍लादेश से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। सिंह का बेटा श्रीनगर में पढ़ाई करता है। एक और अधिकारी पर मदद का आरोप जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के सूत्रों ने बताया कि देविंदर सिंह को आतंकवादियों को जम्‍मू ले जाने के लिए 10 लाख रुपये दिए गए थे। उन्‍होंने कहा, 'सिंह ने दावा किया है कि एक और वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी आतंकवादियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। जांचकर्ताओं ने कहा है कि हम इसकी पुष्टि करेंगे क्‍योंकि जांच को भटकाने का एक प्रयास भी हो सकता है।' शुरू में बहादुर जवान था देविंदर देविंदर शुरू में एक बहादुर जवान था। सेना के कई लोग उसे बहादुर युवा अधिकारी के रूप में याद करते हैं जो जोखिम भरे अभियानों से दूर नहीं भागता था। 1990 के दशक के दौरान उन्हें जल्द ही पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) में शामिल कर लिया गया। यह एक अत्यधिक प्रभावी इकाई थी, लेकिन निर्मम और विवादास्पद भी। सिंह ने एसओजी में एक दशक के करीब बिताया और यहीं से इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नत हुआ। सिंह जितना तेजी से ऊपर गया, उतनी ही तेजी से विवादों में भी घिरा। कई आरोप लगे। ड्रग माफिया से भी संबंधों का पता चला।
नई दिल्ली एक सैनिक अपनी जिंदगी में किस तरह की कुर्बानियां देता है वह आप इस बात से समझ सकते हैं कि एक जवान अपनी ही शादी के दिन घर नहीं पहुंच सका। देश की रक्षा में जुटा जवान हिमाचल के मंडी का रहने वाला है और भारी बर्फबारी की वजह से कश्मीर से निकल नहीं सका। टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी इस खबर को ट्वीट करते हुए सेना ने कहा है कि एक सैनिक के लिए देश हमेशा सबसे पहले है और जिंदगी उसके लिए इंतजार कर लेगी। मंडी का रहने वाले सैनिक सुनील की गुरुवार को शादी थी। दो हफ्तों से हो रही बर्फबारी की वजह से वह घाटी में ही फंसा रहा। जवान की शादी की रस्में बुधवार को शुरू हुईं और गुरुवार को बारात लड़भडोल के एक गांव के लिए खैर ग्राम से निकलने वाली थी। दोनों परिवारों ने अपने घरों को भव्य रूप से सजवाया था। सभी रिश्तेदार पहुंच गए थे। सभी लोग दूल्हे सुनील का इंतजार कर रहे थे। उसकी छुट्टियां 1 जनवरी से शुरू होनी थी और वह कुछ दिनों पहले ही बांदीपोरा स्थित ट्रांजिट कैंप पर पहुंच गया था। भारतीय सेना के चिनार कॉर्प्स ने रविवार को ट्वीट करके कहा, 'जिंदगी इंतजार करेगी यह वादा है। भारतीय सेना का एक जवान कश्मीर घाटी में भारी बर्फबारी की वजह से अपनी शादी में नहीं पहुंच सका। चिंता मत करिए जिंदगी इंतजार करेगी। देश हमेशा सबसे पहले है। दुलहन के परिवार वाले नई तारीख के लिए राजी हैं। एक सैनिक की जिंदगी का बस एक और दिन।' रास्ते थे बंद, फ्लाइट उड़ नहीं सकी खराब मौसम की वजह से सभी रास्ते बंद हो गए थे, जिसके चलते सुनील बांदीपोरा में ही फंस गया। दुलहन और उसके परिवार को जब पता चला कि सुनील अबतक घर ही नहीं पहुंचा तो सभी निराश हो गए। सुनील ने श्रीनगर से उन सभी लोगों से फोन पर बात की और उन्हें बताया कि खराब मौसम की वजह से फ्लाइट टेकऑफ नहीं कर सकती है। देश की सेवा में जुटे सुनील पर गर्व है' दुलहन के चाचा संजय कुमार कहते हैं कि शादी की सभी तैयारियां दोनों परिवारों ने की थी। उन्होंने कहा, 'हमारे सभी रिश्तेदार भी पहुंच गए थे। सभी सुनील का इंतजार कर रहे थे, सबको उसकी फिक्र थी। वह सीमा पर देश की सेवा में जुटा है, इस बात की वजह से हम उस पर गर्व करते हैं। अब तो एकमात्र विकल्प यही है कि शादी की तारीख को बढ़ा दिया जाए।' बर्फबारी में बढ़ जाती है सेना की जिम्मेदारी कश्मीर में तैनात सैनिकों की जिम्मेदारी और चुनौती सर्दियों में काफी बढ़ जाती है। भारी बर्फबारी के बावजूद सैनिक सीमा पर चौकन्ने रहते हैं। इसके साथ ही आम नागरिकों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। दिसंबर-जनवरी में भारी बर्फबारी की वजह से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त होता है।
चेन्नै संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ देशभर में हो रहे विरोध-प्रदर्शनों के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को कहा कि पिछले 6 सालों में पाकिस्तान से आए 2838 लोगों को भारतीय नागरिकता दी गई। चेन्नै में नागरिकता संशोधन कानून पर एक कार्यक्रम के दौरान सीतारमण ने कहा, 'पिछले 6 सालों में 2838 पाकिस्तानी शरणार्थियों, 914 अफगानी और 172 बांग्लादेशी शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी गई, जिनमें मुस्लिम भी शामिल हैं। 1964 से लेकर 2008 तक 4 लाख से ज्यादा तमिलों (श्री लंका के) को भारतीय नागरिकता दी गई। निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, '2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए 566 से ज्यादा मुस्लिम शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता दी गई। 2016 से 2018 के दौरान मोदी सरकार के कार्यकाल में करीब 1595 पाकिस्तानी प्रवासियों और 391 अफगानिस्तानी मुस्लिमों को भारतीय नागरिकता प्रदान की गई।' मंत्री ने आगे कहा, '2016 में इसी दौरान अदनान सामी को भी भारतीय नागरिकता दी गई, यह एक उदाहरण है।' सीतारमण ने कहा कि पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से आए लोगों को देश में अलग-अलग कैंपों में बसाया गया। उन्होंने कहा, 'वे अब भी वहां हैं और उनको रहते अब 50 से 60 साल हो चुके हैं। अगर आप इन कैंपों में जाएंगे तो आपका दिल रोएगा। श्री लंकाई शरणार्थियों की भी यही स्थिति है जो कैंपों में ही रह रहे हैं। वे बुनियादी सुविधाओं से भी वंचित हैं। सरकार किसी भी नागरिकता नहीं छीन रही है, इस पर जोर देते हुए सीतारमण ने कहा, 'नागरिकता संशोधन कानून लोगों को एक बेहतर जिंदगी देने का प्रयास है। हम किसी की नागरिकता नहीं छीन रहे हैं, हम सिर्फ कुछ को नागरिकता दे रहे हैं।' वित्त मंत्री ने आगे कहा, 'नैशनल पॉपुलेशन रजिस्टर (NPR) को हर 10 साल पर अपडेट किया जाएगा और इसका नैशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (NRC) से कोई लेना-देना नहीं है। कुछ लोग झूठे आरोप लगाकर लोगों को बिना किसी आधार के उकसा रहे हैं।'
वाराणसी, 18 जनवरी 2020, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कश्मीरी पंडितों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि 19 जनवरी 1990 को पाकिस्तान के इशारे पर जम्मू-कश्मीर से पंड़ितों को निकालने का काला इतिहास बना था. उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बापू की आवाज को स्वीकार किया है. हिंदुस्तान की जनता ने जो वचन दुनिया को दिया था, उसको पूरा किया गया है. CAA के समर्थन में आयोजित जनसभा में बोलीं स्मृति ईरानी उत्तर प्रदेश के वाराणसी में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए स्मृति ईरानी ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम के लिए जनता ने अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सांसद को आशीर्वाद दिया. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश की वाराणसी संसदीय सीट से सांसद हैं. पाकिस्तान और कांग्रेस पर साधा निशाना पाकिस्तान और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि पाकिस्तान में जो हुआ, उस पर कांग्रेस के कान में जूं तक नहीं रेंगी. कांग्रेस उस समय कुछ नहीं बोलती थी, जब पाकिस्तान में बेटियों का बलात्कार और जबरन शादी हो रही थी. जब पाकिस्तान में ईसाइयों के धर्मिक स्थल पर बम विस्फोट हुआ था, तब सोनिया गांधी नहीं रोई थीं, लेकिन बटला हाउस कांड पर उनको रोना आ गया था. स्मृति बोलीं- परिवारवाद में किया गया देश का बंटवारा कांग्रेस पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, 'मैं देश के पीएम नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करती हूं कि उन्होंने बेटियों के सम्मान के लिए यह कानून लाया, जिनकी चीखें कांग्रेस ने नहीं सुनी थी. अंग्रेजों ने भारत का विभाजन किया और उसी को कांग्रेस ने अपना आदर्श बना लिया. कांग्रेस पार्टी ने धर्म के नाम पर देश का बंटवारा इसलिए स्वीकार किया, क्योंकि उनको अपने परिवार के एक सदस्य को प्रधानमंत्री बनाना था. देश का विभाजन देशहित में नहीं, बल्कि परिवारवाद में किया गया.
कोझिकोड, 18 जनवरी 2020,कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि यदि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) पारित हो गया है तो कोई भी राज्य इसे लागू करने से मना नहीं कर सकता है. सीएए को लागू करने से मना करना मुमकिन नहीं और इसे लागू करने से इनकार करना असंवैधानिक होगा. सिब्बल ने इसके साथ ही केरल के राज्यपाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. सिब्बल ने कहा कि केरल के राज्यपाल को संविधान के बारे में कोई आइडिया नहीं है. उन्होंने शनिवार को यह बात केरल लिटरेचर फेस्टिवल में कही है. कपिल सिब्बल ने कहा, अगर सीएए पास है तो कोई भी राज्य ये नहीं कह सकता कि हम इसे लागू नहीं करेंगे. ये संभव नहीं है. ये असंवैधानिक है. आप इसका विरोध कर सकते हैं. आप विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सकते हैं और सरकार से कह सकते हैं कि इसे वापस लिया जाए. केरल और पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित कपिल सिब्बल ने यह बात ऐसे समय कही है जब केरल और पंजाब सरकार ने CAA को राज्य में लागू करने से इनकार किया है. केरल सरकार ने विधानसभा में प्रस्ताव पारित करने के राज्य में सीएए को लागू नहीं करने की बात कही है. वहीं पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सरकार ने शुक्रवार को सीएए के खिलाफ एक प्रस्ताव पास किया था. इसमें उन्होंने कहा था कि इस कानून से राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के छिन्न-भिन्न होने का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में सरकार नागरिकता संशोधन कानून, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के संबंध में सदन की इच्छा से आगे बढ़ेगी. कैप्टन अमरिंदर सरकार की ओर से पेश प्रस्ताव में कहा गया कि CAA का प्रारूप देश के संविधान और इसकी मूल भावना के खिलाफ है. यह देश के कुछ धर्म विशेष के लोगों की पहचान को खत्म करने की कोशिश है. इस एक्ट के जरिए प्रवासी लोगों को बांटने की सोच है और ये समानता के अधिकार के खिलाफ है. इससे पहले दिसंबर 2018 में, केरल विधानसभा ने हाल ही में विवादास्पद कानून को खत्म करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था, ऐसा करने वाला केरल देश का पहला राज्य था. इसने केंद्र से देशव्यापी विरोध शुरू करने वाले विवादास्पद कानून को रद्द करने के लिए कहा.
हुबली कर्नाटक के हुबली में गृहमंत्री अमित शाह ने सीएए का विरोध कर रहे विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने 'राहुल बाबा ऐंड कंपनी' को जनता को गुमराह करने का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, मौलाना आजाद ने भी अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का वादा किया था, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरा कर रहे हैं। गृहमंत्री ने शनिवार को कहा, '1950 में तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने लियाकत अली खान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा करना तथा इस बात के प्रति आश्वस्त करना था वे मुख्यधारा में शामिल हों। आज 70 सालों के बाद भारत अपने वादे को पूरा कर रहा है। हमारे मुस्लिम, ईसाई, जैन, बौद्ध, सिख और अन्य अल्पसंख्यकों को समान अधिकार के साथ व्यवहार किया जा रहा है।' महात्मा गांधी, नेहरू, पटेल, आजाद ने की थी वकालत अमित शाह ने कहा, 'देश के प्रथम राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद, प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, प्रथम गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल, मौलाना आजाद, आचार्य कृपलानी ने भी अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने का वादा किया था। यहां तक कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भी 26 सितंबर 1947 को कहा था, 'पूर्वी और पश्चिमी दोनों ही पाकिस्तान में रह रहे हिंदुओं और सिखों को वापस भारत में लौटने का अधिकार है। अगर उनके साथ वहां समान व्यवहार नहीं होता है और वे वहां पर नहीं रहना चाहते हैं।' राहुल गांधी ने 'पूर्वजों' के वादे को नहीं किया पूरा उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी से कहना चाहता हूं कि यह सभी नेता कांग्रेस के ही थे। आपने तो अपने पूर्वजों के वादे को पूरा नहीं किया। पूरा कर रहे हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। पीएम मोदी अपने दूसरे कार्यकाल में उन समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, जो भारत में पिछले 70 सालों से व्याप्त हैं। पीएम मोदी ने यह कानून लाकर उन्हें बुनियादी मानवीय अधिकार दिए हैं। इससे विपक्ष को क्या परेशानी हो रही है भला? उन्हें केवल वोट बैंक की राजनीति करनी है। मैं मानवाधिकार के सभी पुरोधाओं से कहना चाहता हूं कि उन्हें इन रिफ्यूजी कैंपों में जाकर देखना चाहिए उन लोगों को जो 70 सालों से पानी, निकास जैसी बेसिक सुविधाओं के अभाव में जी रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'पाकिस्तान (पूर्वी और पश्चिमी दोनों) में 30 प्रतिशत हिंदू थे। वहीं आज पाकिस्तान में यह संख्या 3 प्रतिशत तथा बांग्लादेश में 7 प्रतिशत तक रह गई है। प्रदर्शन कर रहे लोगों से मैं पूछना चाहता हूं कि यह अल्पसंख्यक कहां गए। क्या कोई जवाब दे सकता है। कितने ही बलात्कार हुए। कितने धार्मिक स्थानों को तोड़ा गया। अफगानिस्तान में गौतम बुद्ध की एक विशालकाय मूर्ति थी, जिसे मिलिट्री टैंकों ने तोड़ डाला।' 'जो सीएए के खिलाफ हैं, वे दलित विरोधी हैं' शाह ने कहा, 'बाहर से यहां आए शरणार्थियों में से 70 प्रतिशत दलित हैं। मैं नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करने वालों से पूछना चाहता हूं कि आप पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए दलितों के खिलाफ जाकर क्या हासिल करेंगे? जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं, वे दलित विरोधी हैं।' 'लोगों को गुमराह कर रही है राहुल बाबा ऐंड कंपनी' गृहमंत्री ने कहा, 'कांग्रेस और राहुल गांधी भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं, सीएए में ऐसी कोई धारा नहीं है जो मुसलमानों की नागरिकता लेने की बात करती हो। इन्होंने लोगों को गुमराह किया। लोगों को सीएए के विरोध में सड़कों पर उतारा। अगर इसके जिम्मेदार कोई हैं तो वो राहुल बाबा ऐंड कंपनी, एसपी, बीएसपी, कम्युनिस्ट, केजरीवाल और ममता हैं।' शाह ने कांग्रेस पर पाकिस्तान के साथ सुर मिलाने का आरोप लगाते हुए कहा, 'मुझे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और कांग्रेस के नेताओं के बीच संबंध समझ में नहीं आता। राहुल गांधी और इमरान दोनों का ही कहना है कि जम्मू-कश्मीर से 370 नहीं हटना चाहिए। दोनों का ही कहना है कि सीएए लागू नहीं होना चाहिए। पाकिस्तान के हमले के समय दोनों ही सबूत मांगते हैं।
कांगड़ा(हिमाचल प्रदेश): मशहूर रेसलर दिलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली (The Great Khali) का कहना है कि वह नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि विदेशों से घुसपैठ करके कई लोग भारत में अवैध रूप से घुस रहे हैं ऐसा नहीं होना चाहिए. खली ने कहा हमारे देश में पहले से ही बहुत भूखमरी व बेरोजगारी है. 'द ग्रेट' खली ने आगे कहा, ऐसे ही घुसपैठिए हमारे देश में आएंगे तो क्राइम और बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान, हिंदुस्तान के नागरिकों के लिए बना है उग्रवादियों के लिए नहीं बना है. पूरी दुनिया को पता है... खली ने कहा कि जो माइनॉरिटी दूसरे देशों में परेशान किए जाते हैं, उनके लिए यह कानून बना है. उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को पता है पाकिस्तान-बांग्लादेश जैसे देशों में माइनॉरिटी का क्या हाल हो रहा है, इसलिए उन लोगों को हिंदुस्तान नागरिकता देता है तो बहुत अच्छी बात है. 15-15 बच्चे हिंदुस्तान के लिए ठीक नहीं दिलीप सिंह राणा उर्फ खली ने यह भी कह दिया कि पाकिस्तान-बांग्लादेश से कोई आए और आतंकवाद फैलाए व 15-15 बच्चे पैदा करे, वह हिंदुस्तान के लिए ठीक नहीं है. नशे से दूर रहने की सलाह दरअसल, कांगड़ा जिले के देहरा में रेसलिंग स्टार द ग्रेट खली उर्फ दिलीप सिंह राणा शनिवार को ढलियारा पब्लिक स्कूल पहुंचे. यहां स्कूल के एनुअल फंक्शन में पहुंचकर उन्होंने बच्चों को सम्मानित भी किया और नशे से दूर रहने की सलाह भी दी. दलीप सिंह राणा उर्फ द ग्रेट खली ने कहा कि सबसे पहले डॉ. राजेश ठाकुर का धन्यवाद करते हैं कि जिन्होंने अपने स्कूल में बुलाया है. दिलीप सिंह राणा ने कहा, ''अपने हिमाचल में आया हूं इसलिए बहुत अच्छा लग रहा है. खली ने कहा कि यहां जल्द ही एक शो भी करेंगे.'' उन्होंने कहा कि हम हर जगह शो करवाते हैं. हमनें उत्तराखंड, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा में शो किए हैं. स्पोर्ट्स में आगे आएं युवा उन्होंने कहा कि युवा नशे को छोड़ कर स्पोर्ट्स में आगे आएं. खली ने कहा नशा पंजाब में पहले बहुत ज्यादा था उन्होंने कहा धीरे-धीरे नशा हिमाचल ओर पूरे हिंदुस्तान में अपने पैर पसार रहा है. मैं क्या सलाह दे सकता हूं? रेसलर ने कहा, मैं चाहता हूं कि बच्चों को स्पोर्ट्स की तरफ बढ़ावा देना चाहिए. उन्होंने अभिभावकों से आग्रह करते हुए कहा कि बच्चों को किसी भी खेल की तरफ बढ़ावा दें ताकि बच्चे नशे से दूर रहे. जब उनसे पूछा गया के क्या वह हिमाचल प्रदेश सरकार को भी कोई सुझाव देना चाहते हैं तो उन्होंने कहा कि मैं क्या सलाह दे सकता हूं?
हुबली (कर्नाटक), 18 जनवरी 2020, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के लिए देशभर में समर्थन जुटाने की मुहिम में जुटी हुई है. इसी अभियान के तहत शनिवार को गृह मंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह कर्नाटक के हुबली पहुंचे. हुबली में एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधा. अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने धार्मिक रूप से उत्पीड़ित शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता देने के लिए कानून बनाया है, लेकिन विपक्ष इसके खिलाफ खड़ा है. उन्होंने कहा कि भारत आने वाले शरणार्थियों में 70 फीसदी दलित हैं और जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं वो लोग दलित विरोध हैं. अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान में हिंदुओं के साथ अत्याचार हुआ. पाकिस्तान में हिन्दुओं की आबादी 30 फीसदी से घटकर 3 प्रतिशत हो गई है. मैं हुबली की जनता को बताना चाहता हूं कि उन लोगों को मार दिया गया, उनका धर्म परिवर्तन कर दिया गया. पाकिस्तान में मंदिर, चर्च और गुरुद्वारे तोड़े गए. अमित शाह ने कहा कि भारत आने वाले शरणार्थियों में 70 फीसदी दलित हैं जो लोग CAA का विरोध कर रहे हैं वो दलित विरोधी हैं. पाकिस्तान (पूर्वी और पश्चिमी) में 30 फीसदी हिंदू थे. आज पाकिस्तान में तीन फीसदी और बांग्लादेश में उनकी संख्या घटकर 3 फीसदी पहुंच चुकी है. मैं प्रदर्शनकारियों से पूछना चाहता हूं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक कहां गए. किसी के पास इसका जवाब है. उन्होंने कहा कि बीजेपी वोट बैंक की राजनीति नहीं करती है. नेहरू ने वादा किया था कि हम नागरिकता देंगे, सरदार पटेल ने वादा किया था कि हम नागरिकता देंगे. लेकिन उस वादे को निभाया नहीं गया. इस दौरान बीजेपी अध्यक्ष ने कश्मीर से 370 को निरस्त किए जाने का भी जिक्र किया और कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि राहुल बाबा के नाना जी (जवाहरलाल नेहरू) जो गलती करके गए थे, नरेंद्र मोदी ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उसे सुधारने का काम किया है. अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी भी कहते हैं कि 370 नहीं हटना चाहिए, इमरान खान भी कहते हैं नहीं हटना चाहिए. दोनों कहते हैं कि सीएए नहीं आना चाहिए. मुझे समझ नहीं आता कि कांग्रेस और पाकिस्तान के बीच रिश्ता क्या है. राहुल बाबा के नाना जी जो गलती करके गए थे, नरेंद्र मोदी ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उसे सुधारने का काम किया है.
मुंबई शिवसेना नेता संजय राउत के विनायक दामोदर सावरकर का विरोध करने वालों को जेल भेजने वाले बयान पर शिवसेना डैमेज कंट्रोल मोड में आ गई है। पार्टी नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे ने राउत के बयान से किनारा करते हुए कहा कि उन्होंने इसपर सफाई दे दी है और इससे गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। राउत ने कहा था कि सावरकर को भारत रत्न देने का विरोध करने वालों को उसी जेल में भेज देना चाहिए, जहां सावरकर को अंग्रेजों ने रखा था ताकि उनके संघर्षों का एहसास हो सके। बता दें कि कांग्रेस के सीनियर नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एक दिन पहले ही यह बयान दिया था कि नरेंद्र मोदी सरकार अगर सावरकर को भारत रत्न देती है तो इसका विरोध किया जाएगा। आदित्य बोले, शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन मजबूत इस बीच संजय राउत के बयान पर शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, 'राउत ने जिस संदर्भ में बयान दिया है, उन्होंने वह साफ कर दिया है। शिवसेना-कांग्रेस-एनसीपी अलायंस मजबूत है और हमलोग राज्य के विकास के लिए साथ आए हैं। हमलोगों के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद हो सकते हैं, लेकिन यही तो लोकतंत्र है। इतिहास के बावजूद हमलोगों को मौजूदा मसलों पर बातचीत करने की जरूरत है।' जेल जाने से पता चलेगा संघर्ष राउत ने कहा है कि सावरकर के योगदान के बारे में किसी को तब ही पता चल सकता है जब उसे अंडमान-निकोबार की उसी जेल में डाल दिया जाए, जहां सावरकर को रखा गया था। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के सावरकर को लेकर दिए बयान के बाद से ही दोनों पार्टियों के बीच टकराव जारी है। कुछ दिन पहले राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर विवादित बयान दे दिया था। कांग्रेस ने किया था विरोध वहीं, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार को कहा कि सावरकर के अंग्रेजों से माफी मांगने की बात मिटाई नहीं जा सकती और अगर नरेंद्र मोदी सरकार उन्हें 'भारत रत्न' देती है तो पार्टी उसका विरोध करेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 'जटिल और विवादित व्यक्तित्व' सावरकर के बारे में कुछ अच्छी और कुछ खराब बातें दोनों थीं, लेकिन कांग्रेस के लोगों को जो बात खराब लगती है, वह उसी के बारे में बात करेंगे।
भोपाल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को संदिग्ध लिफाफे भेजने वाले शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी महाराष्ट्र के नांदेड़ का निवासी है, जिसे वहीं से गिरफ्तार कर लिया गया। सांसद प्रज्ञा ने संदिग्‍ध लिफाफे में जहरीले रसायन पदार्थ होने की आशंका जताई थी। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक आरोपी को महाराष्ट्र के नांदेड़ से मध्य प्रदेश के भोपाल लाया जा रहा है, जहां उससे पूछताछ की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, आरोपी पेशे से डॉक्टर है और वह पिछले कुछ समय से पुलिस की रडार पर चल रहा था। बता दें कि सांसद प्रज्ञा ने भोपाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्हें किसी ने संदिग्ध लिफाफे और पत्र भेजे हैं। उन्होंने जहरीले रसायन पदार्थ होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने ठाकुर के आवास से तीन लिफाफे बरामद किए गए थे, जिसमें से कुछ उर्दू में लिखे हुए थे। फरेंसिक टीम कर रही लिफाफे की जांच भोपाल के पुलिस उप महानिरीक्षक इरशाद वली ने बताया, 'हमें सांसद प्रज्ञा सिंह ने शिकायत की है कि उन्हें कुछ हानिकारक रसायन वाले लिफाफे मिले हैं।' पुलिस ने बताया था कि फरेंसिक टीम द्वारा जांच करने के बाद ही जहरीले रसायन पदार्थ का पता चल पाएगा। वली ने बताया कि पोस्ट के जरिए आए इन लिफाफों को खोलने पर प्रज्ञा को आशंका हुई कि इनमें हानिकारक रसायन हैं और पुलिस में इसकी शिकायत की।
मुंबई बॉलिवुड की वेटरन ऐक्ट्रेस शबाना आजमी मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर सड़क दुर्घटना में घायल हो गई हैं। शबाना की कार की टक्कर ट्रक से हो गई। दुर्घटना में अभिनेत्री बुरी तरह घायल हो गईं। घटना के बाद उन्हें तुरंत पनवेल के एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया। कार में शबाना आजमी के साथ पति जावेद अख्‍तर भी सवार थे। हालांकि, उन्‍हें कोई चोट नहीं आई है। लिखें शबाना आजमी के ड्राइवर को भी चोट आई है। यह दुर्घटना उस समय हुई, जब शबाना आजमी और जावेद अख्तर पुणे से मुंबई जा रहे थे। रायगढ़ के पुलिस अधीक्षक अनिल पारास्कर ने बताया कि दुर्घटना मुंबई से कभी 60 किलोमीटर दूर खालापुर के पास दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुई। उनकी कार एक ट्रक से टकरा गई। एएनआई के मुताबिक, दुर्घटना में एक अन्य अज्ञात महिला के गंभीर रूप से घायल होने की खबर है। ऐक्ट्रेस की कार का एक्सिडेंट इतना भयंकर था कि कार के आगे के हिस्से के परखच्चे उड़ गए। यहां तक कि ट्रक भी डैमेज हुआ है। एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि कार का ड्राइवर एक दूसरी गाड़ी को ओवरटेक करने की कोशिश कर रहा था जब ट्रक से जा टकराया। कार में बैठे एक अन्य शख्स को चोट लगी है। आजमी के प्रवक्ता ने बताया कि अभिनेत्री का इलाज चल रहा है। वह ठीक हैं, चिंता करने की कोई बात नहीं है। हाल ही में जावेद अख्तर ने मनाया जन्मदिन बता दें कि बॉलिवुड के मशहूर गीतकार और शायर जावेद अख्तर ने शुक्रवार को अपना 75वां जन्मदिन मनाया। बांद्रा में जावेद अख्तर के बर्थडे की शानदार पार्टी दी गई। इस पार्टी में बॉलिवुड की जानी-मानी हस्तियों ने ग्लैमरस अंदाज में शिरकत की। हादसे के बाद जावेद अख्तर अस्पताल के बाहर नजर आए। अपने घर पर बॉलिवुड थीम पार्टी रखने के बाद बांद्रा में जावेद अख्तर के बर्थडे की शानदार पार्टी दी गई थी। बॉलिवुड के मशहूर गीतकार और शायर जावेद अख्तर के जन्मदिन को 3 दिनों तक सेलिब्रेट करने का प्लान बनाया गया था।
श्रीनगर, 18 जनवरी 2020,जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने स्थानीय लोगों को आश्वस्त किया है कि उनकी जमीन और नौकरियों को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है. उन्होंने दावा किया है कि केंद्र शासित प्रदेश के लोगों का ख्याल प्रशासन रखेगा. उपराज्यपाल मुर्मू ने कहा कि सरकार संविधान के 73 और 74वें संशोधनों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे स्वशासन के जरिए स्थानीय समस्याओं का निपटारा हो सके. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के पास म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट 2000 से ही था, लेकिन लेकिन इस दिशा में काम नहीं किया गया. जम्मू म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के पार्षदों से बात करते हुए डोमिसाइल राइट्स से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह बातें कहीं. उपराज्यपाल ने पार्षदों को आश्वासन दिया कि केंद्रशासित प्रदेश की सरकार बीडीसी की तर्ज पर उन्हें भी पूर्ववर्ती वारंट देने का काम कर रही है. उन्होंने म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के लिए रेवेन्यू जेनरेट करने के मॉडल पर भी चर्चा की. गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने और राज्य के पुनर्गठन के बाद प्रदेश के निवासी अपने अधिकारों को लेकर चिंतित रहे हैं. अब उपराज्यपाल ने पार्षदों के साथ मुलाकात में प्रदेश के नागरिकों की चिंता दूर करने का प्रयास किया है.
18 जनवरी 2020, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और वरिष्ठ पत्रकार अश्विनी कुमार चोपड़ा का निधन हो गया है. अश्विनी कुमार लंबे वक्त से कैंसर से जूझ रहे थे. उनका निधन गुरुग्राम में हुआ है. वे 63 वर्ष के थे. पत्रकारिता जगत के वे एक जाने-पहचाने नाम थे.
कोझिकोड चर्चित इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने कहा है कि मेहनती और अपनी मेहनत से आगे बढ़ने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने 'पांचवीं पीढ़ी के शासक' राहुल गांधी का भारतीय राजनीति में कोई चांस नहीं है। गुहा ने कहा कि केरल की जनता ने राहुल गांधी को संसद के लिए चुनकर विनाशकारी काम किया है। उन्‍होंने कहा कि अगर केरल के लोग वर्ष 2024 में दोबारा राहुल गांधी को चुनते हैं तो इससे फिर नरेंद्र मोदी को बढ़त मिलेगी। कोझिकोड में आयोजित केरल साहित्‍य महोत्‍सव में रामचंद्र गुहा ने कहा, 'आप (मलयाली) लोगों ने संसद के लिए राहुल गांधी को क्‍यों चुना? मैं निजी रूप से राहुल गांधी के खिलाफ नहीं हूं। वह बहुत शिष्‍ट हैं और सभ्‍य हैं लेकिन युवा भारत पांचवीं पीढ़ी के शासक को नहीं चाहता है। अगर आप मलयाली लोग दोबारा राहुल गांधी को वर्ष 2024 में दोबारा चुनने की गलती करते हैं तो इससे सिर्फ नरेंद्र मोदी को फायदा होगा क्‍योंकि नरेंद्र मोदी का एक बड़ा लाभ यह है कि वह राहुल गांधी नहीं हैं।' 'दयनीय परिवारिक फर्म में बदली कांग्रेस' गुहा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी स्‍वतंत्रता आंदोलन के दौरान की एक 'महान पार्टी' से गिरकर एक 'दयनीय परिवारिक फर्म' में बदल गई है और यह भारत में हिंदुत्‍व की प्रधानता और कट्टर राष्‍ट्रवाद का एक कारण है। गुहा राष्‍ट्रवाद बनाम कट्टर राष्‍ट्रवाद विषय पर अपना मत रख रहे थे। केरल के लोगों की भारी भीड़ के सामने गुहा ने कहा, 'केरल आपने भारत के लिए कई बेहतरीन काम किए हैं लेकिन राहुल गांधी को संसद में भेजकर आपने विनाशकारी काम किया।' बता दें राहुल गांधी वर्ष 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में अपने परिवार के गढ़ उत्‍तर प्रदेश के अमेठी से चुनाव हार गए थे लेकिन वह केरल के वायनाड से चुनाव जीत गए थे। गुहा ने कहा, 'नरेंद्र मोदी का सबसे बड़ा फायदा यह है कि वह राहुल गांधी नहीं हैं। वह (मोदी) अपनी मेहनत से नेता बने हैं। मोदी ने 15 साल तक एक राज्‍य को चलाया है। उनके पास प्रशासनिक अनुभव है। वह अविश्‍वसनीय रूप से बेहद मेहनती हैं और वह कभी भी यूरोप में छुट्टी नहीं मनाते हैं। मेरा विश्‍वास करिए मैं यह सब पूरी गंभीरता के साथ कह रहा हूं।' सोनिया गांधी पर भी साधा निशाना गुहा ने कहा कि अगर राहुल गांधी 'ज्‍यादा समझदार, ज्‍यादा मेहनती, यूरोप में कभी छुट्टियां नहीं मनाते' फिर भी पांचवीं पीढ़ी के शासक के नाते वह फिर भी अपनी मेहनत से आगे बढ़ने वाले मोदी के आगे फायदेमंद नहीं रहते। इतिहासकार ने सोनिया गांधी पर भी निशाना साधा। गुहा ने कहा कि सोनिया गांधी उन्‍हें 'खत्‍म हो चुके मुगल वंश' की याद दिलाती हैं जो अपने साम्राज्‍य की स्थिति से अंजान थे। गुहा ने कहा, 'भारत लोकतांत्रिक बन रहा और सामंतवाद कम हो रहा है और गांधी परिवार इसे अभी समझ नहीं रहा है। आप (सोनिया गांधी) दिल्‍ली में हो, आपका साम्राज्‍य लगातार सिकुड़ रहा है लेकिन आपके चमचे आपको अभी भी बता रहे हैं आप अभी भी बादशाह हो।' उन्‍होंने गांधी-नेहरू परिवार के बारे में कहा कि आपके गलतियों की सजा आने वाली सात पीढ़‍ियों को भुगतना होगा। गुहा ने कहा कि राहुल गांधी की वजह से नरेंद्र मोदी जवाहर लाल नेहरू का मुद्दा उठाते हैं और कहते हैं कि नेहरू ने 'चीन में यह किया, कश्‍मीर में यह किया, तलाक में यह किया।' उन्‍होंने कहा कि अगर राहुल गांधी राजनीतिक परिदृश्‍य से गायब हो जाते हैं तो मोदी को अपनी नीतियों और अपनी असफलता के बारे में मजबूरन बात करना ही होगा।
नई दिल्ली दिल्ली की सत्ता में 21 साल के वनवास को खत्म करने की उम्मीद में जुटी बीजेपी ने 70 में से 57 सीटों पर उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। बीजेपी ने नगर निगम चुनाव में अपने ज्यादा पार्षदों के टिकट काटकर सत्ता में वापसी की थी। इससे उलट विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 2015 में लड़ चुके ज्यादातर कैंडिडेट्स को एक बार फिर से मौका दिया है। टिकटों के ऐलान से पहले कहा जा रहा था कि पार्टी इस बार पीढ़ीगत बदलाव की ओर बढ़ सकती है। लेकिन 57 में से 41 कैंडिडेट्स ऐसे हैं, जो पिछले चुनावों में भी चुनावी समर में उतरे थे। इसके अलावा 19 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने 2012 या फिर 2017 में एमसीडी के चुनाव में पार्षद उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी। इसके अलावा 16 उम्मीदवार ऐसे हैं, जो 2013 में बीजेपी के टिकट पर विधानसभा पहुंच चुके हैं। 2013 में चुनाव में उतरे 29 और 2015 के 30 कैंडिडेट्स को भगवा दल ने मौका दिया है। इन उम्मीदवारों में से 11 की उम्र 60 साल से ज्यादा है और सबसे बुजुर्ग 74 वर्षीय एससी वत्स हैं। हालांकि अब तक बीजेपी की ओर से सीएम अरविंद केजरीवाल की नई दिल्ली सीट पर कैंडिडेट का चयन नहीं किया जा सका है। दिल्ली की बदलती डेमोग्रफी का भी रखा ध्यान बीजेपी की लिस्ट में 2015 में विधायक चुने गए तीनों नेताओं को जगह मिली है। इसके अलावा पूर्वांचल के रहने वाले 7 लोगों और उत्तराखंड के रहने वाले 2 नेताओं को भी टिकट मिला है। माना जा रहा है कि दिल्ली में पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार की बड़ी आबादी को साधने के लिए इन लोगों को टिकट दिया गया है। अरविंद के मुकाबले में कैंडिडेट की तलाश जारी बीजेपी के सूत्रों का कहना है कि नई दिल्ली सीट पर अरविंद केजरीवाल को चुनौती देने वाले कैंडिडेट की तलाश अभी पूरी नहीं हुई है। अभी जिन 13 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान नहीं हुआ है, उनमें से 4 अकाली दल के खाते में जा सकती हैं। पार्टी ने 7 मौजूदा और 12 पूर्व पार्षदों को भी टिकट दिए हैं। इसके अलावा 4 नेता ऐसे हैं, जो मेयर भी रह चुके हैं। 1993 के बाद बीजेपी ने नहीं जीता चुनाव बीजेपी के लिए यह चुनाव बेहद अहम है क्योंकि 1993 में दिल्ली विधानसभा के पुनर्गठन के बाद से ही वह जीत हासिल नहीं कर सकी है। 2013 में वह 32 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी, लेकिन कांग्रेस के बाहरी समर्थन से आम आदमी पार्टी ने सरकार बना ली थी। उस वक्त बीजेपी मजबूत ताकत बनकर उभरी थी, लेकिन फिर 2015 में इलेक्शन हुआ तो स्थिति पूरी तरह बदली नजर आई और 'आप' ने 70 में से 67 सीटें हासिल कीं। वहीं बीजेपी महज 3 सीट पर ही सिमट गई, जबकि कांग्रेस को कोई सीट नहीं मिली।
नई दिल्ली सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह की ओर से माफी देने के सुझाव पर निर्भया की मां ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'आखिर इंदिरा जयसिंह मुझे यह सुझाव देने वाली कौन हैं? पूरा देश दोषियों को फांसी चाहता है। उनके जैसे लोगों की वजह से ही रेप पीड़िताओं के साथ न्याय नहीं हो पाता।' उन्होंने कहा कि मैं कभी दरिदों को माफी नहीं दूंगी। भगवान आकर कहें कि आशा तुम माफ कर दो, तब भी दरिदों को माफ नहीं करूंगी। बता दें कि शुक्रवार को ही सुप्रीम कोर्ट की सीनियर वकील इंदिरा जयसिंह ने सोनिया गांधी का उदाहरण देते हुए कहा था कि जैसे उन्होंने पति राजीव गांधी के हत्यारों को माफ किया था, वैसा ही निर्भया की मां को भी बड़ा दिल दिखाना चाहिए। इस पर निर्भया की मां आशा देवी भड़क गईं और इंदिरा जयसिंह पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, 'विश्वास नहीं होता कि आखिर इंदिरा जयसिंह मुझे ऐसा सुझाव देने की हिम्मत कैसे कर सकती हैं। बीते सालों में सुप्रीम कोर्ट में उनसे कई बार मुलाकात हुई। उन्होंने एक बार भी हालचाल नहीं पूछा और आज वह दोषियों के लिए बोल रही हैं।' आशा देवी ने कहा कि ऐसे लोग रेपिस्टों का समर्थन करके अपनी आजीविका कमाते हैं। इसी के चलते रेप की घटनाएं रुक नहीं रही हैं। अब 1 फरवरी को दी जा सकती है दोषियों को फांसी 16 दिसंबर, 2012 को गैंगरेप के बाद निर्भया की जघन्य हत्या कर दी गई थी। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 4 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इन्हें अब 1 फरवरी को फांसी दिए जाने के लिए दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने डेथ वॉरंट जारी किया है।
मुंबई शिवसेना सांसद संजय राउत ने एक बार फिर विनायक दामोदर सावरकर को लेकर बयान दिया है जिससे शिवसेना और कांग्रेस के बीच टकराव की अटकलें फिर से लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा है कि सावरकर को भारत रत्न देने का विरोध करने वालों को उसी जेल में भेज देना चाहिए जहां सावरकर को अंग्रेजों ने रखा था ताकि उनके संघर्षों का एहसास हो सके। गौरतलब है कि कांग्रेस के सीनियर नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने एक दिन पहले ही यह बयान दिया था कि नरेंद्र मोदी सरकार अगर सावरकर को भारत रत्न देती है तो इसका विरोध किया जाएगा। जेल जाने से पता चलेगा संघर्ष राउत ने कहा है कि सावरकर के योगदान के बारे में किसी को तब ही पता चल सकता है जब उसे अंडमान-निकोबार की उसी जेल में डाल दिया जाए, जहां सावरकर को रखा गया था। गौरतलब है कि कांग्रेस नेता और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के सावरकर को लेकर दिए बयान के बाद से ही दोनों पार्टियों के बीच टकराव जारी है। कुछ दिन पहले राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर विवादित बयान दे दिया था। कांग्रेस ने किया था विरोध वहीं, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार को कहा कि सावरकर के अंग्रेजों से माफी मांगने की बात मिटाई नहीं जा सकती और अगर नरेंद्र मोदी सरकार उन्हें 'भारत रत्न' देती है तो पार्टी उसका विरोध करेगी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 'जटिल और विवादित व्यक्तित्व' सावरकर के बारे में कुछ अच्छी और कुछ खराब बातें दोनों थीं, लेकिन कांग्रेस के लोगों को जो बात खराब लगती है, वह उसी के बारे में बात करेंगे। चुनावी वादा था सावरकर को 'भारत रत्न' महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले साथ रहीं भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना ने चुनावी घोषणापत्र में सावरकर को भारत रत्न देने का वादा किया था। हालांकि, फिर दोनों पार्टियां अलग हो गईं और शिवसेना ने कांग्रेस-एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली। इसके साथ ही भारत रत्न की बात पर भी स्थिति संशय की हो गई क्योंकि कांग्रेस वीर सावरकर को अंग्रेजों को 'माफी पत्र' लिखने वाला बताती रही है। इसके अलावा सेक्युलरिज्म की बात करने वाली पार्टी को हिंदुत्व पर उनके विचारों से भी आपत्ति रही है। इंदिरा-सावरकर पर खींचतान कुछ दिन पहले ही राउत ने कहा था कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलने आती थीं। इस बयान के बाद कांग्रेस की ओर से कई नेताओं ने संजय राउत को आड़े हाथ लिया, जिसके बाद संजय राउत को अपना बयान वापस लेना पड़ा। वहीं, मध्य प्रदेश कांग्रेस सेवादल की बुकलेट में सावरकर और महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के बीच शारीरिक संबंध का दावा किया गया था जिसके बाद शिवसेना ने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया था।
नई दिल्ली नोएडा से दिल्ली, फरीदाबाद और गुरुग्राम को जोड़ने वाले कालिंदी कुंज रोड को लेकर हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को मामले पर ऐक्शन लेने का आदेश दिया है। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के चलते यह रोड बीते कई सप्ताह से बंद है। इसके चलते लाखों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों का पक्ष रखने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस नवीन चावला ने दिल्ली पुलिस को रोड बंद होने के मसले पर ऐक्शन लेने का आदेश दिया। सरिता विहार रेजिडेंट्स वेलफेयर असोसिएशन की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि 15 दिसंबर से इस रोड के बंद होने के चलते स्कूली छात्रों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। कई छात्रों की पढ़ाई का ऐसे वक्त में नुकसान हो रहा है, जब उनकी बोर्ड परीक्षाओं में कुछ ही दिन का वक्त बचा है। याचिकाकर्ताओं का पक्ष रखते हुए वकील अमरेश माथुर ने कोर्ट में कहा कि फरवरी और मार्च में 10वीं और 12वीं की प्री-बोर्ड और बोर्ड परीक्षाएं हैं। लेकिन कालिंदी कुंड रोड बंद होने के चलते मथुरा रोड पर भारी जाम लग रहा है। इसकी वजह से छात्र स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे छात्रों का करियर बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 'पहले निकलकर भी स्कूल लेट पहुंच रहे बच्चे' कालिंदी कुंज रोड बंद होने से स्कूली बच्चों की काफी समस्याओं का समाना करना पड़ रहा है। नोएडा से सरिता विहार के स्कूलों में आने-जाने वाले छात्रों को एक घंटे से डेढ़ घंटे का वक्त लेकर निकलना पड़ रहा है। इस दौरान वह भयंकर जाम से जूझते हैं और कई बार उन्हें स्कूल पहुंचने में देरी हो जाती है। लोगों का कहना है कि एक महीने से वह जाम झेल रहे हैं। अभी तक कालिंदी कुंज रोड को खोलने के लिए कुछ नहीं किया गया है।
नई दिल्ली: देश के दुश्मन हर वक्त इसी ताक में रहते हैं कि कब पलक झपके और वो अपने नापाक मंसूबों को अंजाम दे. बॉर्डर पर पाकिस्तान की छटपटाहट देखने को मिल रही है. कश्मीर में आतंकी मंसूबों को अंजाम तक पहुंचाने में नाकाम कंगाल और खास्ताहाल पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है. भारत के खिलाफ आतंकिस्तान फिर नई साजिश रच रहा है. भारतीय सेना के ऊपर छिपकर हमले करने के लिए पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों के साथ मिलकर नई तैयारी कर रही है. इसके लिए पाकिस्तानी अफसरों ने आतंकवादियों के साथ की बैठकें की है. योजना LOC पर बड़े पैमाने पर आईईडी लगाने और BAT हमलों की है. 8 जनवरी को एक बडे अधिकारी ब्रिगेडियर आसिम खान ने कोटली में सेना के अधिकारियों की बैठक ली. इस बैठक में 3 पीओके ब्रिगेड के कमॉडिंग ऑफिसरो ने हिस्सा लिया. बैठक में 26 जनवरी से पहले पहले एलओसी पर ज़्यादा से ज़्यादा आईईडी लगाने का फ़रमान जारी किया. आतंकवादियों के अलावा SSG कमांडो को इस काम में लगाया गया है.इससे पहले कोटली में ही 22 दिसंबर को भी एक बैठक बुलाई गई था. इस बैठक में भारतीय सेना पर हमलों के लिए नए तरीक़े इस्तेमाल करने की रणनीति बनाई गई थी. जीओसी 23 इन्फ्रेंटी डिविज़न और लश्कर कमांडर आसिफ कारी 2,3 और 4 पीओके ब्रिगेड के कमांडर शामिल हुए थे. BAT हमलों की ज़िम्मेदारी 3 POK ब्रिगेड को दी गई है. 8 जनवरी को सेना के दो पोर्टरों को बैट एक्शन में मारा था. खुफिया एजेंसियों के मुताबिक केजी सैक्टर की दूसरी ओर पाकिस्तान की पोस्ट बेनज़ीर पर 5 लश्कर के आतंकी एसएसजी कमांडों के साथ बैट एक्शन की फिराक में हैं. बीजी सेक्टर के दूसरी ओर जब्रान पोस्ट पर जैश के आतंकी भारतीय सेना पर बैट एक्शन की तैयारी में हैं.
नई दिल्ली, 17 जनवरी 2020,महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साईं जन्मभूमि पाथरी शहर के लिए विकासनिधि के ऐलान के बाद शिरडी के लोग नाराज हो गए हैं. मुख्यमंत्री के इस निर्णय के खिलाफ शिरडी बंद का किया ऐलान किया गया है. विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि साईं बाबा ने अपने जन्म और धर्म जिक्र कभी नहीं किया और न ही साईं चरित्र में इसके बारे में कुछ लिखा हुआ है. उद्धव ठाकरे ने 9 जनवरी को औरंगाबाद में साईंबाबा के कथित जन्म स्थान पाथरी शहर के लिए 100 करोड़ की विकास निधि देने का ऐलान किया था. मुख्यमंत्री के इस फैसले का शिरडी के लोग विरोध कर रहे हैं. इन लोगों का कहना है कि पाथरी को लेकर अगर सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेगी तो वो कोर्ट जाएंगे. साईं मंदिर के पूर्व ट्रस्टी अशोक खांबेकर का कहना है कि साईंबाबा ने कभी भी अपने जन्म, धर्म पंथ के बारे में किसी को नहीं बताया. बाबा सर्वधर्मसमभाव के प्रतीक थे. उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे गलत जानकरी दी गई है. खांबेकर का कहना है कि मुख्यमंत्री पहले साई सत चरित्र का अध्ययन करें और उसके बाद कोई फैसला लें. अशोक खांबेकर ने बताया इससे पहले राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी साईंबाबा के जन्मस्थान को लेकर ऐसा बयान दे चुके हैं. राष्ट्रपति 1 अक्टूबर 2018 को साईं बाबा समाधि शताब्दी समारोह का उद्धघाटन करने आए थे. उन्होंने भी कहा था कि पाथरी गांव साईबाबा का जन्मस्थान है और इसके विकास के लिए मैं काम करूंगा. उस समय भी राष्ट्रपति के इस वक्तव्य का विरोध किया गया था. वहीं शिरडी के ग्रामीण कमलाकर कोते का कहना है कि कुछ लोगों का मानना है कि पाथरी बाबा का जन्मस्थान है लेकिन ऐसा कहीं भी लिखा नहीं है. साई चरित्र में भी बाबा के जन्मस्थान, मां-बाप या गुरु धर्म के बारे में लिखा नहीं है और ये सारी बातें सिर्फ तर्क के आधार पर हो रही हैं. यहां के लोग नहीं मानते हैं कि बाबा का कोई जन्मस्थान है. लोगों का कहना है कि वो मुख्यमंत्री के फैसले के खिलाफ कोर्ट में भी जा सकते हैं.
था लखनऊ राजस्थान के जयपुर में सीरियल बम धमाकों का दोषी जलीस अंसारी कानपुर से गिरफ्तार कर लिया गया है। अंसारी को कानपुर से अब लखनऊ लाया गया है। डीजीपी ओपी सिंह ने बताया कि वह यूपी के रास्ते नेपाल भागने की तैयारी में था। कानपुर में एक मस्जिद से निकलते समय उसे गिरफ्तार कर लिया गया। बता दें कि अपनी परोल खत्म होने के एक दिन पहले ही लापता हो गया था। वह अजमेर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। अंसारी का नाम देश के अलग-अलग हिस्सों में 50 से ज्यादा बम धमाकों में शामिल था जिसके चलते उसे 'डॉ. बम' कहा जाने लगा। डीजीपी ने बताया कि अंसारी से एसटीएफ पूछताछ करेगी। अंसारी पेशे से डॉक्टर है। बता दें कि उसे सबसे पहले राजधानी एक्सप्रेस में बम रखने के आरोप में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। जलीस के ऊपर सबसे बड़ा आरोप राजस्थान में पांच अलग-अलग जगहों पर 5 और 6 दिसंबर, 1993 को हुए बम धमाकों का था। इसके लिए वह अजमेर की जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था। उसके ऊपर 5 और 6 दिसंबर, 1993 को ही हैदराबाद में सीरियल ब्लास्ट के आरोप में भी केस चला लेकिन 2015 में उसे बरी कर दिया गया। हैदराबाद में कम तीव्रता वाले धमाके आईईडी से किए गए थे। यूं बना 'डॉ. बम' अंसारी के ऊपर आरोप है कि देशभर में 50 से ज्यादा बम धमाकों में उसकी भूमिका थी। इसलिए उसे डॉ. बम कहा जाने लगा। उसे सबसे पहले 1994 में सीबीआई ने राजधानी एक्सप्रेस में बम लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह पुणे के ब्लास्ट में भी आरोपी है। आरोप है कि यहां 1992 में बाबरी मस्जिद कांड के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बम लगाए थे। सबसे ताजा फैसले में गिरणा नदी में बम धमाके का एक्सपेरिमेंट करने के अपराध में उसे मालेगांव के एक कोर्ट ने 2018 में 10 साल जेल की सजा सुनाई थी। नमाज के लिए निकला, फिर नहीं लौटा अंसारी मुंबई का मूल निवासी है। अंसारी को राजस्थान की अजमेर सेंट्रल जेल से 21 दिनों के परोल पर रिहा किया गया था। उसे शुक्रवार को आत्मसमर्पण करना था। एक अधिकारी ने बताया कि परोल के दौरान अंसारी को रोज सुबह 10:30 बजे से 12 बजे के बीच मुंबई के अग्रीपाडा थाने आकर हाजिरी लगाने को कहा गया था लेकिन वह गुरुवार को निर्धारित समय पर नहीं पहुंचा। दोपहर को अंसारी का 35 वर्षीय बेटा जैद अंसारी पुलिस थाने पहुंचा और पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। वह घरवालों से नमाज पढ़ने की बात कहकर निकला लेकिन वापस नहीं लौटा।
नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए 57 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है। 11 प्रत्याशी एससी वर्ग से हैं और 4 महिलाओं को टिकट दिया गया है। आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री रहे कपिल मिश्रा को भी टिकट दिया गया है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने नामों की घोषणा करते हुए कहा कि बाकी बचे सीटों पर भी जल्द ही उम्मीदवार घोषित किए जाएंगे। उन्होंने दावा कि किया बीजेपी इस बार दिल्ली में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी। मनोज तिवारी ने नामों की घोषणा करते हुए कहा कि गुरुवार को अमित शाह की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में इन उम्मीदवारों के नामों पर मुहल लगा। बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी, कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे। अभी नई दिल्ली सिटी से उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। दिल्ली विधानसभा में कुल 70 सीटें हैं। विधान सीट उम्मीदवार तिमारपुर सुरेंद्र सिंह बिट्टू आदर्शनगर राजकुमार भाटिया बादली विजय भगत रिठाला मनीष चौधरी बवाना (एसटी) रवींद्र कुमार इंद्राज मुंडका मास्टर आजाद सिंह किराड़ी अनिल झा सुल्तानपुर माजरा (एससी) रामचंद्र छावरिया मंगोलपुरी (एससी) करम सिंह कर्मा शालीमार बाग श्रीमती रेखा गुप्ता शकूरबस्ती एससी वत्स सदर बाजार जय प्रकाश चांदनी चौक सुमन कुमार गुप्ता बल्लीमारान श्रीमती लता सोढ़ी करोलबाग (एससी) योगेंद्र चंदौलिया पटेलनगर प्रवेश रतन मोती नगर सुभाष सचदेवा मादीपुर (एससी) कैलाश सांखला जनकपुरी आशीष सूद द्वारका प्रद्युम्न राजपूत मटियाला राजेश गहलोत पालम विजय पंडित राजेंद्र नगर सरदार आरपी सिंह जंगपुरा सरदार इमरित सिंह बख्शी मालवीय नगर शैलेंद्र सिंह मोंटी आरके पुरम अनिल शर्मा नरेला नील दमन खत्री रोहिणी विजेंद्र गुप्ता त्रिनगर तिलक राम गुप्ता वजीरपुर महेंद्र नागपाल मॉडल टाउन कपिल मिश्रा मटिया महल रवींद्र गुप्ता करोल बाग (एसी) योगेंद्र चंदोलिया तिलकनगर राजीव बब्बर विकास पुरी संजय सिंह उत्तम नगर कृष्ण गहोलत नजफगढ़ अजीत खरखरी बिजवासन सतप्रकाश राणा छतरपुर ब्रह्म सिंह तंवर देवली (एससी) अरविंद कुमार अंबेडकर नगर (एससी) खुशी राम ग्रेटर कैलाश शिखा राय तुगलकाबाद विक्रम बिधूरी बदरपुर रामबीर सिंह बिधूरी ओखला ब्रह्म सिंह त्रिलोकपुरी किरण वैद कोंडली (एससी) राज कुमार ढिल्लो पटपड़गंज रवि नेगी लक्ष्मी नगर अभय कुमार वर्मा विश्वास नगर ओपी शर्मा गांधी नगर अनिल वाजपेयी रोहताश नगर जितेंद्र महाजन सीलमपुर कौशल मिश्रा घोंडा अजय महावत बाबरपुर नरेश गौड़ गोकुलपुर (एसी) रंजीत कश्यप मुस्तफाबाद जगदीश प्रधान करावल नगर मोहन सिंह बिष्ट आम आदमी पार्टी पहले ही 70 उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर चुकी है। दिल्ली में 8 फरवरी को वोटिंग होगी और 11 को नतीजे आएंगे। राजधानी में आप, बीजेपी और कांग्रेस में त्रिकोणीय मुकाबला है। आम आदमी पार्टी तीसरी बार सत्ता हासिल करने की कोशिश कर रही है तो बीजेपी और कांग्रेस भी पूरा जोर लगा रही है।
नई दिल्ली दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप केस के चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वॉरंट जारी किया है। उन्हें अब 1 फरवरी सुबह 6 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि उन्हें पहले 22 जनवरी को फांसी दी जानी थी, लेकिन एक दोषी ने दया याचिका दायर की थी और उसकी दया याचिका खारिज होने के बाद प्रक्रिया के तहत नया डेथ वॉरंट जारी करना पड़ा और फांसी की तारीख बढ़ानी पड़ी। उधर, डेथ वॉरंट जारी होने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि जब तक फांसी नहीं दे दी जाती उन्हें शांति नहीं मिलेगी। उन्होंने कोर्ट के बाहर मीडियाकर्मियों से कहा, 'जो मुजरिम चाहते थे वही हो रहा है...तारीख पे तारीख, तारीख पे तारीख। हमारा सिस्टम ऐसा हो कि जहां दोषियों की सुनी जाती है।' इससे पहले तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने शुक्रवार को कोर्ट में दोषियों के खिलाफ मौत की सजा पर फिर से डेथ वॉरंट जारी करने की अपील की थी। अडिशनल सेशन जज जस्टिस सतीश कुमार अरोड़ा ने जेल प्रशासन से कहा कि वह अदालत को शाम 4.30 बजे तक यह बताएं कि निर्भया मामले के चार दोषियों में से एक मुकेश कुमार सिंह को यह सूचित किया गया है या नहीं कि राष्ट्रपति ने उसकी दया याचिका अस्वीकार कर दी है। दरअसल, अभियोजन पक्ष के वकील इरफान अहमद ने अदालत को बताया कि मुकेश की दया याचिका राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को अस्वीकार कर दी है। जब HC ने कहा, व्यवस्था बन गया कैंसर अदालत मामले में मौत की सजा पाए मुकेश कुमार सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें उसने फांसी देने के लिए तय 22 जनवरी की तारीख टालने का अनुरोध किया था। बता दें कि बुधवार को दिल्ली सरकार और जेल प्रशासन ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया था कि 22 जनवरी को फांसी नहीं दी जा सकती क्योंकि एक दोषी ने दया याचिका दायर की है और अगर उसकी याचिका खारिज होती है तो नियम के तहत फिर नया डेथ वॉरंट जारी करना पड़ेगा। इस पर अदालत ने लताड़ लगाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार और जेल प्रशासन ने एक ऐसी 'कैंसर ग्रस्त व्यवस्था'की रचना की है जिसका फायदा मौत की सजा पाए अपराधी उठाने में लगे हैं। कोर्ट ने कहा, 'अगर आप सभी दोषियों द्वारा दया याचिका का विकल्प इस्तेमाल किए जाने तक कार्रवाई नहीं कर सकते, तो फिर आपके नियम खराब हैं। ऐसा लगता है कि किसी ने भी (नियम बनाते वक्त) दिमाग का इस्तेमाल नहीं किया। व्यवस्था कैंसर से ग्रस्त है।' बता दें कि 23 साल की पैरामेडिकल की स्टूडेंट निर्भया के साथ 16 दिसंबर 2012 को चलती बस में सामूहिक रेप किया गया था और निर्ममतापूर्वक मारपीट की गई थी। घटना के 13 दिन बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी।
नई दिल्ली केरल विधानसभा में राज्य सरकार की ओर से नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रस्ताव पारित कराए जाने पर केंद्रीय मंत्री वी. मुरलीधरण ने हमला बोला है। केरल से आने वाले विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि केरल की सरकार को यह समझना चाहिए कि वह कानून से ऊपर नहीं है। वे संविधान से ऊपर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सरकारों को ऐसे मसलों पर प्रस्ताव पारित करने या फिर अदालतों में केस दायर करने पर जनता के पैसे बर्बाद नहीं करने चाहिए, जो उनसे जुड़े न हों। इससे पहले सूबे के गवर्नर आरिफ मोहम्मद खान ने भी केरल सरकार के नागरिकता संशोधन पर फैसले की आलोचना की थी। विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर ऐक्ट को सूबे में न लागू करने के फैसले पर बरसते हुए आरिफ ने कहा था कि यह जनता के पैसे की बर्बादी है। केरल सरकार ने प्रस्ताव पारित करने का प्रचार कई राष्ट्रीय अखबारों में भी किया था। इस पर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा था कि यह जनता के पैसे की बर्बादी है। उन्होंने कहा था कि अपने राजनीतिक प्रॉपेगैंडे को बढ़ाने के मकसद से सरकार को जनता के पैसे से अखबारों विज्ञापन नहीं देने चाहिए। गवर्नर ने कहा था, पार्टी ऐड देती तो ठीक था गवर्नर ने कहा कि यदि यह विज्ञापन किसी राजनीतिक दल की ओर से जारी किया गया होता तो कोई समस्या नहीं होती। केरल सरकार ने तीन राष्ट्रीय अखबारों में विज्ञापन देकर कहा था कि सरकार ने जनता की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए कई साहसी फैसले लिए हैं। सरकार ने नैशनल पॉप्युलेशन रजिस्टर पर रोक की भी बात कही है। केरल के सीएम पिनराई विजयन की सरकार ने एनपीआर को एनआरसी का शुरुआती कदम करार दिया है।
नई दिल्ली निर्भया के परिजनों की ओर से फांसी में देरी के लिए जिम्मेदार ठहराए जाने पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने 2012 में दिल्ली में हुए जघन्य गैंगरेप और हत्या के मामले को लेकर कहा कि हमने अपने काम घंटों के अंदर पूरा किया। उन्होंने कहा, 'दिल्ली सरकार के तहत जो भी काम होना था, वह हमने घंटों के अंदर पूरा कर दिया था।' यही नहीं अपनी सरकार पर लग रहे आरोपों पर निर्भया के परिजनों को लेकर उन्होंने कहा, 'समझ का कुछ अभाव हो सकता है या फिर ऐसा भी हो सकता है कि उन्हें भ्रमित किया जा रहा हो।' लिखें अब केजरीवाल की इस टिप्पणी को लेकर एक बार फिर से निर्भया की मां ने जवाब दिया है। उन्होंने सीएम अरविंद केजरीवाल के दावे गलत करार देते हुए कहा, 'यह बिल्कुल गलत है कि उन्होंने समय पर काम किया, 7 साल हो गए घटना हुए, 2.5 साल हो गए सुप्रीम कोर्ट से फैसला आए। 18 महीने हो गए रिव्यू पिटिशन खारिज हुए, जो काम जेल को, सरकार को करना चाहिए था, वह काम हमने किया।' बता दें कि केजरीवाल ने निर्भया के परिजनों के आरोपों का जवाब देते हुए कहा था कि हमने इस केस से जुड़े किसी भी काम में देरी नहीं की। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की इस पूरे केस में मुश्किल से ही कोई भूमिका थी।'आप' के संयोजक ने कहा कि दिल्ली सरकार की इस मामले में सीमित भूमिका ही थी। हम खुद चाहते हैं कि दोषियों को जल्द फांसी हो। बता दें कि गुरुवार को केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इस मामले को लेकर दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उसके चलते इसमें देरी हुई। गौरतलब है कि शुक्रवार सुबह निर्भया के पिता ने चैनल टाइम्स नाउ से कहा था कि दिल्ली सरकार तब तक सोई रही, जब तक हम लोग नहीं आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि आखिर दिल्ली सरकार ने जेल अथॉरिटी से पहले क्यों नहीं कहा था कि आप फांसी के लिए नोटिस जारी कीजिए। तब तक उन्होंने जेल प्रशासन से कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा कि यदि इलेक्शन से पहले कोई फैसला नहीं आता है तो इसके जिम्मेदार अरविंद केजरीवाल होंगे। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने सत्ता में आने के लिए निर्भया केस का इस्तेमाल किया।
श्रीनगर, 17 जनवरी 2020,जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के साथ पकड़े गए डीएसपी (निलंबित) देवेंद्र सिंह से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पूछताछ कर रही है. इस बीच जम्मू-कश्मीर सरकार ने श्रीनगर और जम्मू एयरपोर्ट को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सौंपने का आदेश दिया है. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के आदेश के अनुसार, इन दोनों संवेदनशील हवाई अड्डों को 31 जनवरी तक सीआईएसएफ को सौंप दिया जाना है. जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया, 'आतंकियों के साथ गिरफ्तार किए गए डीएसपी देवेंद्र सिंह ने कई खुलासे किए गए है. देश के अलग-अलग हिस्सों में आतंकियों को पहुंचाने में वह मदद करता था. इस खुलासे के बाद श्रीनगर और जम्मू एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ को देने का फैसला किया गया है. इसकी सुरक्षा अभी तक राज्य पुलिस के साथ सीआरपीएफ करती थी.' आतंकियों के साथ गिरफ्तार किया गया था डीएसपी जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले के मीर बाजार में पुलिस ने शनिवार को हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी नवीद बाबा और अल्ताफ के साथ डीएसपी देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था. इसके अलावा एक वकील को भी गिरफ्तार किया गया था, जो आतंकी संगठनों के लिए ओवरग्राउंड वर्कर के रूप में काम कर रहा था. 800 CISF सुरक्षाकर्मी करेंगे तीनों एयरपोर्ट की सुरक्षा केंद्र सरकार ने पिछले साल फैसला किया था कि लेह के साथ-साथ श्रीनगर और जम्मू हवाईअड्डों की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसफ को उनकी संवेदनशीलता के मद्देनजर दी जाएगी. बीते दिनों ही केंद्र सरकार ने इन तीनों हवाई अड्डों पर सुरक्षा का जिम्मा संभालने के लिए 800 सीआईएसएफ कर्मियों की नियुक्ती को मंजूरी दी थी. सीआईएसएफ राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन सुरक्षा बल है और मौजूदा समय में इसके जिम्मे दिल्ली और मुंबई समेत देश के 61 हवाई अड्डों की सुरक्षा है.
नई दिल्ली, 17 जनवरी 2020, मुंबई के अंधेरी इलाके के ड्रैगन फ्लाई होटल में चल रहे सेक्स रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया. पुलिस ने मामला दर्ज कर एक रैकेट चलाने वाली महिला प्रिया शर्मा को गुरुवार शाम गिरफ्तार किया है. साथ ही पुलिस ने 3 लड़कियों को रेस्क्यू किया है. पुलिस ने जिन तीन लड़कियों को रेसक्यू किया वो टीवी एक्ट्रेसेज हैं. पुलिस की टीम ने शाम के समय में होटल में छापेमारी की. पुलिस ने इस पर कहा- तीन लड़कियों को रेसक्यू किया गया जो टीवी एक्ट्रेस हैं. साथ ही रैकेट चलाने वाली महिला प्रिया शर्मा जो विनायक टूर्स एंड ट्रेवल की मालकिन है, टूर एंड ट्रेवल के आड़ में बड़े-बड़े होटलों में देह व्यापार के लिए लड़कियां भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.” ग्राहक बनकर पहुंचे पुलिस खबरी ग्राहकों के रूप में पुलिस खबरी को होटल में भेजा गया जहां वे लड़कियां भेजने वालों से मिले. उसके बाद पुलिस ने छापेमारी की जिसके दौरान तीन लड़कियों को छुड़ाया गया. बता दें कि इससे पहले भी मुंबई में इस तरह की कई छापेमारी हुई हैं. उनमें भी कुछ मॉडल्स, एक्ट्रेस रेस्क्यू कराई गई थीं. एक केस में एक ग्राहक ने एक लड़की के लिए 21 हजार रुपये में होटल का कमरा बुक कराया था. बुधवार को पुलिस ने एक्ट्रेस को रेस्क्यू कराते वक्त जिस दलाल नवीन कुमार को गिरफ्तार किया है, वह भी पेशे से कास्टिंग डायरेक्टर ही है. उसने व रेस्क्यू कराई गई एक्ट्रेस ने पूछताछ में बताया कि बॉलीवुड में अपना स्टेट्स मेंटेन के खर्च बहुत होते हैं. हर लड़की को फिल्म में बड़ा रोल मिलता नहीं है. इसलिए उसे पेमेंट भी उस हिसाब से मिलता नहीं है लेकिन कुछ कास्टिंग डायरेक्टर कुछ लड़कियों को बड़ा रोल दिलाने का झांसा देते रहते हैं और फिर उसे देह व्यापार में झोंक देते हैं. कुछ दलाल या बुकी ऐसी लड़कयों का हनी ट्रैप के लिए भी इस्तेमाल करते हैं.
नई दिल्ली, 17 जनवरी 2020, बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन में एक समय शामिल रही शिवसेना ने पांच साल तक नरेंद्र मोदी सरकार से लेकर महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार पर जमकर हमले किए. शिवसेना के बयानों पर पलटवार करने की बजाय बीजेपी ने हमेशा ऐसे बयानों को नजरअंदाज किया. लेकिन अब महाराष्ट्र के समीकरण बदल गए हैं, बीजेपी के साथ रही शिवसेना ने कांग्रेस-एनसीपी के सहयोग से महाराष्ट्र की सत्ता पर कब्जा किया है, ऐसे में कांग्रेस को बीजेपी की तरह ट्रीट करना शिवसेना के लिए मुसीबत का सबब बन गया है. इंदिरा- करीम लाला की मुलाकात पर विवाद महाराष्ट्र में नया गठबंधन, नया साथी और अब नया तेवर है. यही वजह है कि शिवसेना नेता व राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और करीम लाला के कनेक्शन को लेकर बयान दिया तो कांग्रेस ने आंखे तरेर ली. इसका नतीजा यह हुआ कि 24 घंटे के अंदर शिवसेना ही बैकफुट पर आ गई है और राउत को अपना बयान वापस लेना पड़ा. बता दें कि शिवसेना नेता संजय राउत ने बुधवार को दावा किया था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी मुंबई में अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलने आती थीं. संजय राउत ने अंडरवर्ल्ड के दिनों को याद करते हुए कहा था कि दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और शरद शेट्टी जैसे गैंगस्टर महानगर और आस-पास के इलाकों पर अपना कंट्रोल रखते थे. कांग्रेस ने जताई कड़ी आपत्ति शिवसेना नेता का यह बयान कांग्रेस को नागवार गुजरा. कांग्रेस नेता और उद्धव सरकार में मंत्री नितिन राउत ने संजय राउत के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इंदिरा गांधी हमारी नेता थीं. कांग्रेस नेता ने कहा कि शिवसेना जब इससे पहले भी सरकार का हिस्सा थी तब भी संजय राउत बीजेपी के खिलाफ बयान देते थे. लेकिन अगर उन्हें (संजय राउत) लगता है हम सुनते रहेंगे तो ऐसा नहीं है, कांग्रेस ऐसे बयान कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. नितिन ने कहा कि हम ईंट का जवाब पत्थर से देना जानते हैं. साथ ही कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा ने भी बयान की आलोचना करते हुए कहा, इंदिरा गांधी एक देशभक्त थीं, संजय राउत अपना बयान वापस लें. इसका नतीजा यह हुआ कि शिवसेना नेता संजय राउत को अपना बयान वापस लेना पड़ा. राउत ने कहा कि अगर उनके बयान से कांग्रेस के किसी भी नेता को या फिर गांधी परिवार को दुख पहुंचा है तो वे अपना बयान वापस लेते हैं. उन्होंन कहा, 'हमारे कांग्रेस के मित्रों को आहत होने की जरूरत नहीं है. अगर किसी को लगता है कि मेरे बयान से इंदिरा गांधी जी की छवि को धक्का पहुंचा है या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं अपने बयान को वापस लेता हूं.' राउत को वापस लेना पड़ा बयान साथ ही संजय राउत ने कहा कि वे इंदिरा गांधी का सम्मान करते हैं. उन्होंने कहा, 'जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का हमेशा सम्मान रहा है.' संजय राउत ने सफाई पेश करते हुए कहा, 'मैंने हमेशा इंदिरा गांधी, पंडित नेहरू, राजीव गांधी और गांधी परिवार के प्रति जो सम्मान दिखाया, वह विपक्ष में होने के बावजूद किसी ने नहीं किया. जब भी लोगों ने इंदिरा गांधी पर निशाना साधा है, मैं उनके लिए खड़ा हुआ हूं.' दरअसल महाराष्ट्र का सियासी समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं. 2014 से 2019 के बीच महाराष्ट्र की फडणवीस सरकार शिवसेना के समर्थन से चल रही थी. इसके बावजूद शिवसेना अपने मुख्यपत्र सामना में और पार्टी नेताओं के द्वारा बीजेपी और मोदी सरकार की नीतियों की हर रोज आलोचना की जाती थी, लेकिन बीजेपी पलटवार करने के बजाय बर्दाश्त करती रही. वक्त बदला तो दोस्त बदले और शिवसेना के तेवर भी बदल गए. शिवसेना ने 25 साल पुराने दोस्त को छोड़कर कांग्रेस और एनसीपी से हाथ मिला लिया है. महाराष्ट्र की सत्ता पर शिवसेना काबिज हैं और पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद पर विराजमान हैं. उद्धव सरकार कांग्रेस व एनसीपी के सहयोग चल रही है. ऐसे में उद्धव ठाकरे इस बात को बखूबी समझते हैं कि कांग्रेस और एनसीपी को नाराज करके सरकार चलाना आसान नहीं होगा. इसीलिए शिवसेना नेता को बयान देने के 24 घंटे के अंदर यू-टर्न लेना पड़ा. इसका मतलब साफ है बीजेपी, कांग्रेस नहीं है, जो हर बात सहन कर लेगी.
नई दिल्ली, 16 जनवरी 2020,पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला की मुलाकात को लेकर उठा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. शिवसेना नेता संजय राउत के बाद करीम लाला के पोते ने बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने कहा कि करीम लाला के दफ्तर में इंदिरा गांधी की उनके साथ मुलाकात की तस्वीरें हैं. यही नहीं, करीम लाला के साथ एनसीपी चीफ शरद पवार और पूर्व शिवसेना चीफ बाल ठाकरे की तस्वीरें भी मौजूद हैं. करीम लाला के पोते का यह खुलासा शिवसेना नेता संजय राउत के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि इंदिरा गांधी करीम लाला से मुंबई में मुलाकात करती थीं. राउत के इस बयान को कांग्रेस ने खारिज करते हुए उन्हें बयान वापस लेने को कहा था. इसके बाद संजय राउत ने अपना बयान वापस लेने की बात कही. संजय राउत ने कहा कि अगर उनके बयान से कांग्रेस के किसी भी नेता को या फिर गांधी परिवार को दुख पहुंचा है तो वे अपना बयान वापस लेते हैं. उन्होंन कहा, 'हमारे कांग्रेस के मित्रों को आहत होने की जरूरत नहीं है. अगर किसी को लगता है कि मेरे बयान से इंदिरा गांधी जी की छवि को धक्का पहुंचा है या किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है, तो मैं अपने बयान को वापस लेता हूं.' बीजेपी का निशाना महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता देवेंद्र फडणवीस ने संजय राउत के बहाने कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि संजय राउत ने बहुत बड़ा खुलासा किया है. साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर कई सवाल भी दागे. उन्होंने पूछा, 'क्यों आती थीं इंदिरा गांधीजी मुंबई? क्या अंडरवर्ल्ड के सहारे कांग्रेस चुनाव जीतती थी? क्या कांग्रेस को अंडरवर्ल्ड की फंडिंग थी? क्या कांग्रेस पार्टी को चुनाव जीतने के लिए मसल पावर की जरूरत पड़ती थी? क्या कहा संजय राउत ने शिवसेना सांसद राउत ने कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलने के लिए मुंबई आया करती थीं. एक दौर था जब दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और शरद शेट्टी मुंबई के पुलिस कमिश्नर तय किया करते थे. इतना ही नहीं, वो यह भी तय करते थे कि सरकार के किस मंत्रालय में कौन बैठेगा.
नई दिल्ली, 17 जनवरी 2020,जम्मू-कश्मीर से गिरफ्तार देवेंद्र सिंह के मामले में राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी के द्वारा केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों का जवाब बीजेपी की साथी जेडीयू ने दिया है. जदयू नेता केसी त्यागी का कहना है कि NIA देश की क्रेडिबल एजेंसी है, उसपर सवाल खड़े करना ठीक नहीं है. केसी त्यागी ने कहा कि देवेंद्र सिंह पर देशद्रोही का मुकदमा लगाया गया है और सख्त जांच की जा रही है. राहुल के आरोपों को नकारते हुए केसी त्यागी ने कहा कि देवेंद्र सिंह को सख्त धारा में गिरफ्तार किया गया है, उनके रिश्तेदारों की भी जांच की जा रही है. NIA अब जांच कर रही है जो देश की क्रेडिबल एजेंसी है. इस एजेंसी को यूपीए के कार्यकाल में ही बनाया गया था. जदयू नेता ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा सवाल उठाना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. हम जांच एजेंसी को भी राजनीति के चश्मे से नहीं देखते हैं, इसलिए राहुल गांधी को कम से कम जांच एजेंसी को अपना काम करने देना चाहिए. उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध ठीक है लेकिन जांच को प्रभावित करने वाले आरोप ना लगाएं. बता दें कि राहुल गांधी ने शुक्रवार दोपहर को ट्वीट कर देवेंद्र सिंह मामले में सरकार पर सवाल खड़े किए थे. राहुल गांधी ने कहा कि एनआईए को इस मुद्दे की जांच देने का मतलब है देवेंद्र सिंह को चुप कर देना. राहुल गांधी इस मसले पर लगातार हमला बोल रहे हैं. निर्भया केस पर क्या बोले केसी त्यागी? निर्भया के दोषी मुकेश की याचिका पर केसी त्यागी ने कहा कि दिल्ली सरकार और वकीलों से यही निवेदन है कि काली करतूतें करने वालों को फांसी होने दें. उन्होंने कहा कि निर्भया की माता की यही इच्छा है, जिसे पूरा कर देना चाहिए. गौरतलब है कि निर्भया के दोषी मुकेश की दया याचिका को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा खारिज किया गया है.
नई दिल्ली, 17 जनवरी 2020,समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा झटका दिया है. अब्दुल्ला आजम की याचिका पर CJI जस्टिस बोबडे की अध्यक्षता वाली 3 सदस्यीय पीठ ने सुनवाई की और इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही याचिकाकर्ता काजिम अली खान को नोटिस भी जारी किया है. कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 मार्च को करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया. CJI एसए बोबडे ने खान के वकील कपिल सिब्बल से कहा कि ऐसे मामलों में इतना अधीर नहीं होना चाहिए. मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि संभावना है कि ऐसा हुआ होगा. HC का आदेश सबूतों पर आधारित है. आपने संदेह जताया है तो हम जांच करेंगे. हालांकि, इसके बाद भी अब्दुल्ला आजम को राहत नहीं मिली है. बता दें कि अब्दुल्ला आजम ने इलाहाबाद हाइकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. इलाहाबाद हाइ कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को अयोग्य करार देते हुए उनकी विधायकी रद्द कर दी थी.हाई कोर्ट ने यह कहते हुए अब्दुल्ला की विधायकी रदद् कर दी थी कि साल 2017 में उनकी उम्र चुनाव लड़ने के लिए अर्हता से कम थी.
नई दिल्‍ली, 17 जनवरी 2020,दीपिका पादुकोण की फिल्म छपाक आख‍िरकार बॉक्स ऑफिस पर फेल हो गई. भले ही फिल्म एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल की असल कहानी पर बनी है, लेकिन दीपिका पादुकोण के JNU जाने के बाद से ही छपाक पॉलिटिकल मुद्दा बन गई है. लोगों ने छपाक को बॉयकॉट करने की मांग की और अब लगता है इसी का नतीजा है फिल्म का कमजोर बिजनेस. क्रिट‍िक्स और ऑडियंस के पॉजीटिव रिव्यू के बावजूद फिल्म के सातवें दिन के आंकड़े छपाक के कमर्श‍ियल फ्लॉप होने की ओर इशारा कर रहे हैं. ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने फिल्म के सातवें दिन के आंकड़े साझा किए हैं. दीपिका पादुकोण और विक्रांत मैसी स्टारर छपाक ने सातवें दिन गुरुवार को महज 1.85 करोड़ का बिजनेस किया है, जो कि बेहद कम है. तानाजी से काफी पीछे है छपाक पिछले सात दिनों के कलेक्शन को जोड़े तो एक हफ्ते में फिल्म ने 28.38 करोड़ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन किया है. वहीं अजय देवगन की फिल्म तानाजी द अनसंग वॉरियर अब तक 118.91 करोड़ कमा चुकी है. तुलनात्मक रूप से छपाक तानाजी के कलेक्शन का महज एक चौथाई हिस्सा ही कमा पाई है. छपाक का बजट 35 से 40 करोड़ बताया जा रहा है. पहले दो-तीन दिन तक फिल्म का शानदार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन देखकर यही लगा था कि फिल्म एक हफ्ते में आसानी से अपनी लागत निकाल लेगी, पर ऐसा हो नहीं पाया. फिल्म वीकडेज पर 1 से 2.5 करोड़ तक की कमाई तक ही सीमित रह गई. मेघना गुलजार निर्देश‍ित छपाक एसिड अटैक सर्वाइवर लक्ष्मी अग्रवाल पर बनी है. फिल्म में दीपिका पादुकोण ने लक्ष्मी का और विक्रांत मैसी ने लक्ष्मी के लाइफ पार्टनर आलोक दीक्षित का किरदार निभाया है.
मुंबई, शिवसेना के नेता संजय राउत ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे देश के अब तक के सबसे लोकप्रिय नेता हैं. पुणे में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के लिए मेरे दिल में बेहद इज्जत है. महाराष्ट्र सरकार के बारे में उन्होंने साफ किया कि शरद पवार के पास उद्धव ठाकरे सरकार का रिमोट कंट्रोल नहीं है. पुणे में एक कार्यक्रम में संजय राउत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमारे देश के अब तक के सबसे लोकप्रिय नेता हैं. उनके लिए मेरे दिल में बेहद इज्जत है. उन्होंने कहा, 'मैं अब तक इस सरकार का हिस्सा नहीं हूं, इस तरह से मैं भी विपक्ष की तरह ही हूं.' संजय राउत ने यह भी कहा कि शरद पवार के पास महाविकास अघाड़ी (उद्धव ठाकरे सरकार) का रिमोट कंट्रोल नहीं है. इसके अलावा उन्होंने कहा कि यदि बीजेपी महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद अपना वादा निभाती तो महाराष्ट्र की तस्वीर अलग होती.
सांगली, 17 जनवरी 2020,शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत के एक बयान पर विवाद बढ़ गया है. छत्रपति शिवाजी के वंशज उदयनराजे भोसले को लेकर संजय राउत ने कहा था कि क्या वह इसे साबित कर पाएंगे. इसी बयान के विरोध में दक्षिणपंथी नेता संभाजीराव भिडे ने सांगली बंद का आह्वान किया है. आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सांगली जिले का दौरा है, ऐसे में शिवसेना के खिलाफ प्रदर्शन किया जा सकता है. संजय राउत ने एक बयान में उदयनराज भोसले के छत्रपति शिवाजी के वंशज होने पर सवालिया निशान खड़े किए थे. जिसपर संभाजी भिड़े ने निशाना साधा था और कहा था कि संजय राउत को अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए और उद्धव ठाकरे को उन्हें सभी पदों से मुक्त कर देना चाहिए. बता दें कि उद्धव ठाकरे और संभाजी भिड़े के अच्छे संबंध बताए जाते हैं. शिवाजी के अपमान का आरोप उदयनराज भोसले सतारा से सांसद रह चुके हैं और छत्रपति शिवाजी के 13वें वंशज हैं. संभाजी भिड़े ने ऐलान किया था कि शुक्रवार को सांगली बंद किया जाएगा, फिर इसके बाद पूरे राज्य में आंदोलन किया जाएगा. गुरुजी के नाम से बुलाए जाने वाले संभाजी भिड़े ने कहा है कि संजय राउत ने गलत बयान दिया है और छत्रपति शिवाजी का अपमान किया है. गौरतलब है कि उदयनराज भोसले अभी भारतीय जनता पार्टी में हैं और चुनाव से पहले उन्होंने एनसीपी का साथ छोड़ दिया था. वहीं अगर संभाजी भिड़े की बात करें तो वह लगातार अपने आक्रामक बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं. संभाजी भिड़े का नाम भीमा कोरेगांव मामले में फैली हिंसा में आया था, इसके बाद संभाजी भिड़े की गिरफ्तारी की मांग उठी थी. संजय राउत बीते कुछ दिनों से लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. पहले इंदिरा गांधी और करीम लाला को लेकर जो उन्होंने बयान दिया, उसपर बयान को लेकर विवाद हुआ और बाद में संजय राउत ने खेद जताया. अब संजय राउत के इस बयान पर भी बवाल बढ़ता जा रहा है.
नई दिल्ली राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के लिए बुलाई गई बैठक में पश्चिम बंगाल को छोड़कर सभी राज्य हिस्सा ले रहे हैं। दिल्ली में आयोजित बैठक में शामिल होने से बंगाल की सीएम ने पहले ही इनकार कर दिया था। गृह मंत्रालय ने 2020 जनगणना और एनपीआर पर चर्चा करने के लिए आज बैठक बुलाई है। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। ममता बनर्जी बैठक में शामिल नहीं हो रही हैं बैठक में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, मुख्य सचिव और सभी राज्यों के जनगणना निदेशक उपस्थित होंगे। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि एक अप्रैल से 30 सितंबर तक होने वाली जनगणना और एनपीआर की रूपरेखा पर चर्चा की जाएगी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही ऐलान कर दिया था कि बंगाल इसमें शामिल नहीं होगा। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से लिखित में भी इसकी जानकारी गृह मंत्रालय को दी गई है। सीएए और एनपीआर के खिलाफ हैं ममता बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि उनका राज्य 17 जनवरी को नयी दिल्ली में केन्द्र सरकार द्वारा बुलाई गई राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की बैठक में हिस्सा नहीं लेगा। उन्होंने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को चुनौती दी कि वह केन्द्र सरकार के इशारों पर नहीं चलने के लिए राज्य सरकार को बर्खास्त कर दें। एनपीआर, संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) का लगातार मुखर विरोध कर रही बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने पहले ही राज्य में एनपीआर को अपडेट (अद्यतन) करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। रैली में बैठक में हिस्सा नहीं लेने का किया था ऐलान एक रैली को संबोधित करते हुए ममता ने कहा था, ‘केन्द्र सरकार ने 17 जनवरी को एनपीआर पर बैठक बुलाई है। मैं नहीं जाऊंगी और न ही मेरी सरकार का कोई प्रतिनिधि उस बैठक में शामिल होगा। अगर मैं (बैठक में) शामिल नहीं हुई तो यहां कोलकाता में एक व्यक्ति (राज्यपाल धनखड़) जो केन्द्र सरकार का प्रतिनिधि है, वह कह सकते हैं कि वह मेरी सरकार को बर्खास्त कर रहे हैं। वह ऐसा कर सकते हैं, मुझे इसकी परवाह नहीं है। लेकिन मैं सीएए-एनपीआर-एनआरसी को अनुमति नहीं दूंगी।
नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर पुलिस के ऐंटी-हाइजैंकिंग सेल के डीएसपी रहे देविंदर सिंह का केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंपे जाने पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आपत्ति जताई। राहुल ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस गंभीर मामले पर लीपापोती करने में जुटी है। राहुल ने एनआईए की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़ा किया और कहा कि इस जांच एंजेंसी के प्रमुख भी एक 'मोदी' ही हैं। वाईके मोदी की देखरेख में जांच पर आपत्ति राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा, 'आतंकवादी डीएसपी देविंदर को चुप कराने का सर्वोत्तम तरीका है केस को एनआईए के हाथों सौंप देना।' उन्होंने कहा कि वर्तमान एनआईए प्रमुख के अधीन इस केस की जांच का कुछ नतीजा नहीं आने वाला। राहुल ने कहा, 'एनआईए के प्रमुख भी दूसरे मोदी ही हैं- वाईके जिन्होंने गुजरात दंगों और हरेन पांड्या की हत्या मामले की जांच की थी। वाईके की देखरेख में यह केस खत्म होने जैसा है।' राहुल का सवाल, देविंदर को कौन चुप कराना चाहता है? आखिर में राहुल ने सवाल किया कि आखिर टेररिस्ट देविंदर को कौन चुप कराना चाहता है और क्यों? उन्होंने हैशटैग के साथ लिखा, 'आतंकवादी देविंदर को कौन लोग चुप कराना चाहते हैं और क्यों? राहुल पहले भी देविंदर सिंह के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर सवाल उठा चुके हैं। कांग्रेस सरकार ने ही बनाई थी एनआईए दिलचस्प बात यह है कि राहुल गांधी ने अब उसी एनआईए पर सवाल उठाया है जिसे कांग्रेस की यूपीए सरकार ने गठित किया था। राहुल से पहले छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी मुख्यमंत्री भूपेश बखेल भी एनआईए को असंवैधानिक घोषित कर चुके हैं। उनकी सरकार ने 15 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर एनआईए को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की। छत्तीसगढ़ एनआईए ऐक्ट, 2008 की संवैधानिकता को चुनौती देने वाला पहला और एकमात्र राज्य है।
पेइचिंग अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे ट्रेड वॉर के चलते चीन को काफी नुकसान उठाना पड़ा। चीन में कन्ज्यूमर डिमांड काफी कम हो गई, जिसके चलते 2019 में जीडीपी बढ़ने की रफ्तार तीन दशकों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। 30 साल में पहली बार चीन की जीडीपी सिर्फ 6.1% की रफ्तार से बढ़ी। शुक्रवार को जारी किए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2019 में जीडीपी की दर 2018 के 6.6 फीसदी से भी नीचे आ गई, जो पहले ही 1990 के बाद का न्यूनतम स्तर था। दिसंबर महीने में खत्म हुई तिमाही के लिए ग्रोथ की रफ्तार 6 पर्सेंट पर बनी रही। सितंबर तिमाही में भी चीनी अर्थव्यवस्था के बढ़ने की यही रफ्तार दर्ज की गई थी। चीन के ट्रेड सरप्लस और टेक्नॉलजी से जुड़े हितों को लेकर चीन और अमेरिका के बीच लड़ाई में अमेरिका ने टैरिफ बढ़ा दिया था, जिसकी वजह से चीनी निर्यातकों पर असर पड़ा। हालांकि, पूरी चीनी इकॉनमी पर कई एक्सपर्ट्स के अनुमानों से कहीं कम असर देखने को मिला है। इसी हफ्ते चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर पर विराम लगने का संकेत मिला है और दोनों ने पहले फेज की ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत अमेरिका द्वारा अतिरिक्त टैरिफ बढ़ोतरी को कैंसल करने और चीन द्वारा अमेरिकी फार्म एक्सपोर्ट की खरीदारी रकी प्रतिबद्धता पर सहमति बनी है। दोनों ओर से पहले से लागू टैरिफ बढ़ोतरी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 2019 के लिए विकास दर चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के आधिकारिक टारगेट रेंज में तो है, लेकिन निचली ओर। टारगेट 6-6.5% का रखा गया था, जो दिसंबर में खत्म हुई तिमाही में 6% दर्ज की गई। साल 2019 मे ग्राहक खर्च, निवेश और फैक्ट्री आउटपुट, सभी कमजोर हुए।
मुरादाबाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने इशारा किया है दो बच्चों से जुड़ा कानून संघ का अगला अजेंडा हो सकता है। अपने चार दिवसीय दौरे पर मुरादाबाद पहुंचे भागवत ने जिज्ञासा समाधान सत्र के दौरान संघ के कार्यकर्ताओं से बात की। सूत्रों के मुताबिक इस दौरान संघ प्रमुख ने यह भी कहा कि काशी और मथुरा का मुद्दा आरएसएस के अजेंडे में नहीं है। पहली बार मुरादाबाद पहुंचे मोहन भागवत ने शहर के रामगंगा विहार स्थित मुरादाबाद इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (एमआईटी) के सभागार में जिज्ञासा समाधान सत्र में हिस्सा लिया। इस दौरान आरएसएस की क्षेत्रीय कार्यकारिणी के करीब 40 पदाधिकारी मौजूद रहे। संघ से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि भागवत ने साफ कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के तहत दो बच्चों के कानून को आरएसएस का समर्थन रहेगा। हालांकि साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर सरकार को फैसला लेना है। 'संघ के अजेंडे में कभी नहीं था काशी-मथुरा' सूत्रों के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में आरएसएस चीफ ने कहा कि संघ की भूमिका इस मामले में सिर्फ ट्रस्ट निर्माण होने तक है। इसके बाद संघ खुद को राम मंदिर मामले से अलग कर लेगा। एक अन्य सवाल के जवाब में भागवत ने यह भी कहा कि मथुरा (कृष्ण जन्मभूमि) और काशी (विश्वनाथ मंदिर) संघ के अजेंडे में कभी नहीं था। 'सीएए पर पीछे हटने का सवाल ही नहीं' आर्टिकल 370 पर पूछे गए सवाल के जवाब में भागवत ने कहा कि आरएसएस हमेशा से आर्टिकल 370 को हटाने का पक्षधर रहा है। साथ ही नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर भी उन्होंने सरकार का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। हालांकि भागवत ने इन मुद्दों को लेकर समाज में जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।
मुंबई राजस्थान के जयपुर में सीरियल बम ब्लास्ट धमाकों की सजा अजमेर जेल में काट रहा जलीस अंसारी अपनी परोल खत्म होने के एक दिन पहले लापता हो गया है जिससे मुंबई क्राइम ब्रांच और ऐंटी-टेरर स्क्वॉड हरकत में आ गए हैं। उसे खोजने के लिए बड़े स्तर पर अभियान भी चलाया जा रहा है। बता दें कि अंसारी का नाम देश के अलग-अलग हिस्सों में 50 से ज्यादा बम धमाकों में शामिल था जिसके चलते उसे 'डॉ. बम' कहा जाने लगा। उसे सबसे पहले राजधानी एक्सप्रेस में बम रखने के आरोप में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था और कई बड़े धमाकों के आरोप भी लगे। जलीस के ऊपर सबसे बड़ा आरोप राजस्थान में पांच अलग-अलग जगहों पर 5 और 6 दिसंबर, 1993 को हुए बम धमाकों का था। इसके लिए वह अजमेर की जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था। उसके ऊपर 5 और 6 दिसंबर, 1993 को ही हैदराबाद में सीरियल ब्लास्ट के आरोप में भी केस चला लेकिन 2015 में उसे बरी कर दिया गया। हैदराबाद में कम तीव्रता वाले धमाके आईईडी से किए गए थे। यूं बना 'डॉ. बम' अंसारी के ऊपर आरोप है कि देशभर में 50 से ज्यादा बम धमाकों में उसकी भूमिका थी। इसलिए उसे डॉ. बम कहा जाने लगा। उसे सबसे पहले 1994 में सीबीआई ने राजधानी एक्सप्रेस में बम लगाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वह पुणे के ब्लास्ट में भी आरोपी है। आरोप है कि यहां 1992 में बाबरी मस्जिद कांड के बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बम लगाए थे। सबसे ताजा फैसले में गिरणा नदी में बम धमाके का एक्सपेरिमेंट करने के अपराध में उसे मालेगांव के एक कोर्ट ने 2018 में 10 साल जेल की सजा सुनाई थी। नमाज के लिए निकला, फिर नहीं लौटा अंसारी को राजस्थान की अजमेर सेंट्रल जेल से 21 दिनों के परोल पर रिहा किया गया था। उसे शुक्रवार को आत्मसमर्पण करना था। एक अधिकारी ने बताया कि परोल के दौरान अंसारी को रोज सुबह 10:30 बजे से 12 बजे के बीच अग्रीपाडा थाने आकर हाजिरी लगाने को कहा गया था लेकिन वह गुरुवार को निर्धारित समय पर नहीं पहुंचा। दोपहर को अंसारी का 35 वर्षीय बेटा जैद अंसारी पुलिस थाने पहुंचा और पिता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। वह घरवालों से नमाज पढ़ने की बात कहकर निकला लेकिन वापस नहीं लौटा।
नई दिल्ली, 16 जनवरी 2020, जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) ने फिर से विंटर सेशन के लिए सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख को बढ़ा दिया है. जिन छात्रों ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है वह बिना किसी देरी के 17 जनवरी, 2020 तक कर सकते हैं. 17 जनवरी तक रजिस्ट्रेशन करने के लिए लेट फीस का भुगतान नहीं करना होगा, लेकिन उसके बाद रजिस्ट्रेशन के लिए लेट फीस मांगी जाएगी. बता दें, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 9 फरवरी तक चलेगी. आपको बता दें, इससे पहले भी जेएनयू प्रशासन से रजिस्ट्रेशन फीस की तारीख बढ़ाकर 15 जनवरी 2020 की थी. बता दें, जेएनयू में हिंसा के बाद सोमवार से कैंपस खुल गया. जेएनयू प्रशासन ने सभी शिक्षकों को एडवाइजरी जारी की है और पढ़ाई की एक्टिविटी में शामिल होने को कहा है. कैसे लगेगी लेट फीस - 17 जनवरी के बाद 7 दिनों में यदि रजिस्ट्रेशन करते हैं तो प्रतिदिन 100 रुपये लगेंगे. - 14 दिन के बाद रजिस्ट्रेशन करते हैं तो प्रतिदिन 200 रुपये लगेंगे. - 21 दिन बाद रजिस्ट्रेशन करते हैं तो प्रतिदिन 500 रुपये लगेंगे. जेएनयू कैंपस खुलने के बाद वाइस चांसलर एम.जगदीश कुमार ने कहा कि "विंटर सेमेस्टर का पहला दिन आज से शुरू हो गया है और 50 फीसदी से ज्यादा छात्रों ने हॉस्टेल फीस दे दी. मैं सभी छात्रों से अपील करता हूं कि वे अपना रजिस्ट्रेशन करा लें नहीं तो उनका एक साल खराब हो जाएगा. उन्होंने कहा कि छात्रों के माता-पिता को मेरी सलाह है कि वे अपने बच्चों को विंटर प्रोग्राम के लिए रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बोलें. अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो उनका एक साल खराब हो जाएगा." वहीं दूसरी ओर जेएनयू के छात्रसंघ ने 12 जनवरी को कहा था कि वह विंटर सेमेस्टर के लिए रजिस्ट्रेशन फीस भरेंगे, लेकिन किसी भी हाल में बढ़ी हुई हॉस्टल फीस का भुगतान नहीं करेंगे. बता दें कि नवंबर में जेएनयू में हॉस्टल फीस में बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद कैंपस में छात्रों ने काफी विरोध किया था. प्रशासन और छात्रों के बीच इस दौरान काफी बहस हुई, कई बैठकों के बाद जेएनयू प्रशासन ने एक जनवरी से रजिस्ट्रेशन की शुरुआत कर दी थी.
नई दिल्ली, 16 जनवरी 2020, नागरिकता संशोधन एक्ट और नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल हैं. इन सवालों के बीच गृह मंत्रालय की ओर से बुधवार को कहा गया है कि NPR के दौरान किसी तरह का कागज या फिर बायोमेट्रिक जानकारी नहीं मांगी जाएगी. पश्चिम बंगाल, केरल समेत कई विपक्षी शासित राज्यों ने NPR प्रक्रिया के दौरान कागजों की मांग पर सवाल खड़े किए थे. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा है कि NPR को लेकर जल्द ही एक प्रश्नों की लिस्ट जारी की जाएगी. लेकिन गृह मंत्रालय की ओर से दावा किया जा रहा है कि इस प्रक्रिया में कोई सवाल नहीं पूछे जाएंगे. हालांकि, इससे इतर सेंसस ऑफ इंडिया की वेबसाइट पर जो NPR का डाटा उपलब्ध है उसमें इस बात की जानकारी मांगी गई है और बायोमेट्रिक का भी जिक्र है. ऐसे में कई तरह की शंकाएं अब भी हैं. गृह मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि NPR का मकसद सिर्फ देश में इस वक्त मौजूद लोगों का डेटाबेस तैयार करना है. ये डेटा डेमोग्राफिक और बायोमेट्रिक आधार पर उपस्थित रहेगा. हालांकि, अभी तक पश्चिम बंगाल और केरल ने एनपीआर की प्रक्रिया को होल्ड पर रखा है. दोनों राज्य नागरिकता संशोधन एक्ट का विरोध कर रहे हैं. अधिकतर राज्यों ने NPR को नोटिफाई कर दिया है. गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन एक्ट को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार का विरोध कर रहा है, इस बीच मोदी सरकार ने NPR को अपडेट करने का प्रस्ताव पास कर दिया था. 2021 में जो जनगणना होगी उससे पहले NPR की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा, इसके लिए सभी राज्य सरकारों को जरूरी निर्देश दिए जा रहे हैं. मोदी सरकार की ओर से जनगणना के लिए 8000 करोड़ और NPR अपडेट करने के लिए 3000 करोड़ से अधिक का बजट पास किया है. अधिकारियों के मुताबिक, इस बार लोगों से उनकी निजी जानकारी, माता-पिता का नाम, पत्नी का नाम, जन्म का स्थान, मौजूदा निवास, परमानेंट निवास समेत अन्य सवाल पूछे जाएंगे.
नई दिल्ली, 16 जनवरी 2020,देश में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और एनआरसी को लेकर जारी भारी विरोध-प्रदर्शन के बीच केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर भारत के ब्रू शरणार्थी समस्या का समाधान निकाल लिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज गुरुवार को ब्रू शरणार्थी समस्या का समाधान करते हुए उनको मिजोरम से त्रिपुरा में बसाने के फैसले पर सहमति पर समझौता कराया. समझौता पत्र पर हस्ताक्षर के समय मिजोरम और त्रिपुरा दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे. दिल्ली में ब्रू शरणार्थियों की समस्या का समाधान पर सहमति पत्र पर हस्ताक्षर के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ब्रू शरणार्थियों को 4 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट के साथ 40 से 30 फीट का प्लॉट मिलेगा. साथ ही उन्हें 2 साल के लिए 5000 रुपये प्रति माह की नकद सहायता और मुफ्त राशन भी दिया जाएगा. इसके अलावा उन्हें त्रिपुरा के वोटर लिस्ट में शामिल किया जाएगा. ब्रू शरणार्थियों के मामले पर समझौता समझौता पत्र पर हस्ताक्षर के समय त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लव कुमार देब और मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा भी थे. अमित शाह ने कहा कि आज 25 साल पुरानी समस्या का समाधान कर दिया गया है. ब्रू शरणार्थियों को लेकर आज मिजोरम और त्रिपुरा के साथ केंद्र सरकार का समझौता हो गया. दोनों राज्यों के बीच ब्रू शरणार्थियों के मामले पर समझौता होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सभी आदिवासी भाइयों को बधाई की पिछले कई साल से चली आ रही उनकी समस्या का समाधान हुआ. मिजोरम में मिजो और ब्रू आदिवासी शरणार्थियों के बीच संघर्ष के चलते करीब 30 हजार ब्रू आदिवासी त्रिपुरा में शरणार्थी बन कर रह रहे थे. गृह मंत्री ने आगे कहा कि त्रिपुरा और मिजोरम के मुख्यमंत्रियों, त्रिपुरा के महाराजा के अलावा कई अन्य नेताओं को बधाई. 1997 में मिजोरम से करीब 30 हजार लोग त्रिपुरा के टेंपरेरी कैंप में रखे गए थे और इनको सम्मान के साथ रखने की व्यवस्था की गई थी. अमित शाह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के कारण एक नए सिरे से वार्ता शुरू हुई और अंत में समाधान यही हुआ कि करीब 30 हजार ब्रू रियांग समुदाय के लोगों को त्रिपुरा में बसाया जाएगा. मकान और चार लाख रुपये के अलावा कई अन्य तरह की सुविधाएं दी जाएंगी. भारत सरकार का कितना पैकेज गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार ने 600 करोड़ रुपये का पैकेज इन 30 हजार लोगों को दिया है. ये पूर्वोत्तर का बहुत पुराना मसला था जिसका आज हल निकाल लिया गया है. अब मिजोरम और त्रिपुरा की सरकार केंद्र सरकार की मदद से इनके कल्याण के लिए काम करेगी. उन्होंने आगे कहा कि एनएफएफटीएसडी आतंकी संगठन के 88 लोगों का त्रिपुरा में सरेंडर और यह समझौता त्रिपुरा की दिक्कतों को सुलझाने के मामले में भारत सरकार का बेहतरीन प्रयास है. उन्होंने इसके लिए 600 करोड़ के पैकेज का भी ऐलान किया। दरअसल, 1997 में पड़ोसी राज्य में हुई हिंसा के बाद ब्रू जनजाति के लोगों ने भागकर शिविरों में शरण ली थी। पिछले 22 साल से वे वहीं रह रहे हैं। आपको बता दें कि इस जनजाति के लोग लंबे समय से अपने 'अधिकारों' की मांग कर रहे थे। चुनाव के दौरान इनके लिए अलग से बूथ भी बनाया गया था। ब्रू समुदाय मुख्यतः त्रिपुरा, मिजोरम और असम में रहते थे। 1995 में ब्रू और मिजो जनजातियों में आपस में हिंसक झड़प शुरू हो गई। इसके बाद वे त्रिपुरा में शिविरों में रहने लगे। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने ब्रू शरणार्थियों की समस्या के समाधान को एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने इसके लिए पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को शुक्रिया भी कहा।
16 जनवरी 2020, दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश के बाद गुरुवार को पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए शाहीन बाग पहुंची, लेकिन बैरंग लौटना पड़ा. पुलिस ने इस दौरान रास्ता खोलने की भी अपील की. लेकिन प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं. वह हटने को तैयार नहीं हैं. महिलाएं अभी भी प्रदर्शन की जगह पर हैं.
नई दिल्ली, 16 जनवरी 2020,चुनाव आयुक्त अशोक लवासा को लेकर अलग अलग राय बन रही है. कई सरकारी एजेंसियां उनके और उनके परिवार के खिलाफ जांच कर रही हैं तो कुछ लोग उन्हें सरकार के खिलाफ हिम्मत दिखाने वाले अधिकारियों की मिसाल बता रहे हैं. उन्हीं चुनाव आयुक्त अशोक लवासा को मैग्सेसे विजेता, पूर्व व्हिसल ब्लोअर और घोटाले का पर्दाफाश करने वाले आईएफएस अधिकारी संजीव चतुर्वेदी ने खुली चिट्ठी लिखी है और लवासा के ईमानदारी के दावों पर सवाल खड़े किए हैं. संजीव चतुर्वेदी फिलहाल उत्तराखंड सरकार में वन विभाग के मुख्य वन संरक्षक के पद पर नियुक्त हैं. लवासा को भेजी गई चिट्ठी में संजीव चतुर्वेदी ने उनकी कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े किए हैं. अशोक लवासा से संजीव चतुर्वेदी ने पूछा है कि साल 2006 से 2009 के बीच हरियाणा में बतौर बिजली विभाग में प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहते हुए क्या विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई की? क्या जनहित के किसी मुद्दे पर सरकार के खिलाफ उनका टकराव हुआ? उसी दौरान हुड्डा सरकार में हुए माइनिंग और वन विभाग के घोटालों को लेकर केंद्र सरकार की जांच में मुख्यमंत्री को दोषी पाया गया और सीबीआई जांच की सिफारिश की गई. अशोक लवासा खबरों में तब आए थे जब उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपना मत दिया था. अशोक लवासा ने हाल ही में एक आर्टिकल के जरिए लिखा था कि ईमानदार अधिकारियों की प्रताड़ना लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है. जिस पर सवाल उठाते हुए चतुर्वेदी ने लवासा को खुला खत लिखा है कि उन्होंने ऐसे विचार बतौर चुनाव आयुक्त नहीं लिखा है बल्कि उनकी अपनी निजी राय है. संजीव चतुर्वेदी ने चुनाव आयुक्त लवासा को 9 पन्नों की चिट्ठी लिखी है और साथ ही अपने आरोप को सही साबित करने के लिए 81 पन्नों की अदालती प्रक्रिया का दस्तावेज भी अटैच किया है. संजीव चतुर्वेदी वही अधिकारी हैं जिन्होंने एम्स में घोटाले का पर्दाफाश किया था और जिनकी नियुक्ति और दिल्ली सरकार में ट्रांसफर को लेकर चतुर्वेदी और प्रधानमंत्री कार्यालय आमने-सामने आ गए थे. चतुर्वेदी ने यहां तक पूछा कि पब्लिक में ऐसा कोई रिकॉर्ड मौजूद नहीं है जिससे यह पता चले कि अशोक लवासा को किसी नेता अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार का खुलासा करने या भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी बड़ी कार्रवाई करने के चलते सरकारी प्रताड़ना झेलनी पड़ी है. संजीव चतुर्वेदी ने अशोक लवासा पर आरोप लगाते हुए यह भी लिखा है कि बतौर पर्यावरण सचिव रहते हुए उन्होंने चतुर्वेदी के दिल्ली सरकार में ट्रांसफर की फाइल को न सिर्फ दबाए रखा बल्कि पूरी कोशिश की जिससे संजीव चतुर्वेदी केजरीवाल सरकार के साथ काम न कर पाएं. चतुर्वेदी ने लवासा पर अपने अधिकारों का गलत इस्तेमाल करने और यहां तक कि उनके मामलों में सीधे प्रधानमंत्री के शक्तियों का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया है. चतुर्वेदी ने लिखा है कि फरवरी और अप्रैल 2016 में अपने कैबिनेट कमेटी ऑफ अपॉइंटमेंट के अधिकारों को नकारते हुए खुद ही फैसला लिया जिसे बाद में अदालत ने खारिज किया. अशोक लवासा को लिखी गई खुली चिट्ठी में एम्स के पूर्व व्हिसल ब्लोअर ने यहां तक लिखा है कि आप के गैरकानूनी फैसलों की वजह से एक ईमानदार अधिकारी को न सिर्फ अदालतों के चक्कर लगाने पड़े बल्कि उस पर आर्थिक बोझ भी बढ़ा.
नई दिल्ली, 16 जनवरी 2020, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के द्वारा राजधानी दिल्ली में नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) के समर्थन में बुलाए गए उलेमाओं के एक कार्यक्रम में हंगामा हो गया. यहां पर दो मुस्लिम गुट आपस में ही भिड़ गए और हालात मारपीट तक पहुंच गए. जब ये बवाल हो रहा था, तो उस वक्त राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेता इंद्रेश कुमार भी मौजूद थे. गुरुवार को हुए इस कार्यक्रम में कुछ लोगों ने CAA, NRC के विरोध में नारेबाजी की थी, जिसके बाद हंगामा बरपा था. गुरुवार को दिल्ली में देशभर के उलेमा CAA के समर्थन में कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, जिसमें देश के कई हिस्सों से मुस्लिम नेता आए हुए थे. जो वीडियो सामने आया है, उसमें दिखाई पड़ रहा है जिस वक्त मंच पर कार्यक्रम चल रहा था तभी कुछ लोग कागज लेकर आते हैं और नारेबाजी शुरू कर देते हैं. नारेबाजी के बाद माहौल इतना बिगड़ जाता है कि CAA का विरोध करने वाले लोगों को धक्के मारकर बाहर निकाला गया और इस दौरान दोनों पक्षों में हाथापाई भी हुई. नारेबाजी करने वालों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. आपको बता दें कि इस कॉन्फ्रेंस को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के राष्ट्रीय मुस्लिम मंच की ओर से बुलाया गया था. जिसमें CAA, NRC को लेकर जानकारी दी जा रही थी और मुस्लिम समुदाय के बीच में जो गलत जानकारी फैली हुई है उसे दूर करने की कोशिश की जा रही है. विरोध और समर्थन दोनों जारी गौरतलब है कि नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है. दिल्ली के शाहीन बाग में ही पिछले एक महीने से हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं, जिनमें अधिकतर महिलाएं हैं. दिल्ली के अलावा बंगाल, कर्नाटक में भी लगातार प्रदर्शन किए जा रहे हैं. एक तरफ CAA पर विरोध प्रदर्शन जारी है तो दूसरी ओर बीजेपी की ओर से समर्थन में रैली, प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा रही हैं. बीजेपी ने इसके साथ ही 3 करोड़ परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य भी तैयार किया है, जिसमें लोगों को CAA की जानकारी देगी. गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई केंद्रीय मंत्री लगातार देश के कई हिस्सों में CAA के समर्थन में रैली कर रहे हैं.
हैं नई दिल्ली दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा कोमल शर्मा ने एक चैनल के खिलाफ राष्ट्रीय महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। कोमल का आरोप है कि जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में हुए हमले को लेकर चैनल ने उन्हें कथित तौर पर एक आरोपी के रूप में पेश करके बदनाम किया है। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि कोमल ने राष्ट्रीय महिला आयोग को शिकायत की है कि जेएनयू में पांच जनवरी की हिंसा के मामले में उनका नाम गलत तरीके से शामिल किया गया है और संबंधित टीवी चैनल ने इस पर प्रतिक्रिया या स्पष्टीकरण के लिए उनसे संपर्क भी नहीं किया। कोमल की पहचान कथित तौर पर पुलिस ने उस नकाबपोश लड़की के रूप में की है जो चेक वाला शर्ट पहने हुए थी और हल्के नीले रंग के स्कार्फ से अपना चेहरा ढके हुए थी। उसके हाथ में एक लाठी भी थी। यह कथित विडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल है। पुलिस ने बताया कि कोमल का फोन शनिवार की रात से ही बंद है। एक टीवी स्टिंग के जरिए कोमल की पहचान का दावा किया गया था। डीयू के एक अन्य छात्र ने भी उसे पहचानने का दावा किया था। स्टिंग में यह भी दिखाया गया था कि कोमल ने फोन पर अपने सीनियर्स से गुजारिश कर रही थी कि वे उसकी पहचान उजागर न करें।
वैशाली बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर संसद में चर्चा कराए जाने की मांग के बीच बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने गुरुवार को कहा कि कुछ लोग वोट बैंक की खातिर इस कानून का विरोध कर रहे हैं। शाह ने रैली के दौरान कहा कि सीएए को राज्य में अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए के विरोध को लेकर लालू यादव, ममता बनर्जी, राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि ये नेता देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी और लालू प्रसाद संशोधित नागरिकता कानून पर लोगों को गुमराह करना बंद करें और इस कानून की वजह से किसी की नागरिकता नहीं छीनी जा रही है। उन्होंने बिहार के वैशाली जिले में संशोधित नागरिकता कानून के समर्थन में आयोजित एक रैली में कहा कि सीएए को बिहार में बहुत ही अच्छी प्रतिक्रिया मिली है। 'सीएए का मकसद उन लोगों की मदद करना' शाह ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने सीएए विरोधी दंगे करवाए, जिसकी वजह से बीजेपी को उनके नापाक इरादों के बारे में लोगों को बताने के लिए देशभर में रैलियां करनी पड़ीं । केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सीएए का मकसद उन लोगों की मदद करना है जिनकी आंखों के सामने उनकी महिलाओं से बलात्कार किया गया, उनकी संपत्तियां छीन ली गई और उनके पूजा स्थलों को अपवित्र किया गया जिसके बाद वह भारत आए। बीजेपी अध्‍यक्ष ने कहा, 'नागरिकता संशोधन कानून के माध्‍यम से अनेक पीड़‍ित लोगों को लाभ लोगों को मिलेगा। लेकिन कुछ लोग अपने वोट बैंक के लिए इसका विरोध कर रहे हैं। मैं सबसे कहना चाहता हूं कि इससे किसी की नागरिकता नहीं जाएगी। यह देश के लोगों को नागरिकता देगा, लेगा नहीं। कांग्रेस पार्टी ने धर्म के आधार पर देश का विभाजन करने का काम किया। इससे लाखों शरणार्थी भारत आए और जो लोग पाकिस्‍तान में रह गए वहां हिंदू, बौद्ध, जैन भाइयों के साथ अन्‍याय हुआ। पाकिस्‍तान और बांग्‍लादेश में 30 प्रतिशत हिंदू, बौद्ध और जैन थे लेकिन आज 3 प्रतिशत लोग हैं। मैं लालू यादव, राहुल गांधी और ममता बनर्जी से पूछना चाहता हूं कि बाकी लोग कहां गए। इन लोगों की आंख अंधी है और कान बहरे हो गए हैं। इनकी बुद्धि ही खो गई है। उन्‍होंने कहा कि जिनके मंदिर, गुरुद्वारे तोड़ दिए गए, वे कहां जाएंगे? यहीं आएंगे।' 'जेडीयू-BJP के बीच गठबंधन अटूट' बिहार में जेडीयू और बीजेपी के बीच चुनाव को लेकर खींचतान की खबरों के बीच बीजेपी के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष अमित शाह ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी और जेडीयू के बीच गठबंधन अटूट है। उन्‍होंने कहा कि अगला विधानसभा चुनाव हम नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में साथ मिलकर लड़ेंगे। उन्‍होंने कहा कि कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि बिहार में जेडीयू और बीजेपी के खटपट चल रही है लेकिन मैं स्‍पष्‍ट कर देना चाहता हूं कि हमारा गठबंधन अटूट है। शाह ने सीएए के समर्थन में आयोजित रैली में कहा, 'कुछ लोग अफवाह फैलाना चाहते हैं कि बिहार में जेडीयू और बीजेपी अलग-अलग चुनाव लड़ेंगे। मैं इन अफवाहों के खात्‍मे के लिए आया हूं। मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि हम नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में जेडीयू के साथ मिलकर बिहार में साथ चुनाव लड़ेंगे। जेडीयू के साथ हमारा गठबंधन अटूट है।' लालू यादव पर भी निशाना साधा उन्‍होंने आरजेडी अध्‍यक्ष लालू यादव पर भी निशाना साधा। उन्‍होंने कहा कि लालू यादव लालटेन युग छोड़कर गए थे, हम एलईडी युग लाए हैं। बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में चुनाव होगा और हम दोबारा जीतकर सत्‍ता में आएंगे।' बीजेपी अध्‍यक्ष ने कहा कि पाकिस्‍तानी आतंकवादी भारत में हमले करते थे लेकिन कांग्रेस सरकार कुछ नहीं करती थी। मौनी बाबा कुछ नहीं करते थे, पीएम मोदी ने एयर स्‍ट्राइक और सर्जिकल स्‍ट्राइक करके उन्‍हें जवाब दे दिया। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि लालू ऐंड कंपनी ने सर्जिकल स्‍ट्राइक का भी सबूत मांगा था। उन्‍होंने आरोप लगाया कि लालू यादव, दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की भाषा और पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की भाषा एक जैसी है। उन्‍होंने कहा कि अयोध्‍या में जहां भगवान राम का जन्‍म हुआ था, वहां मंदिर लालू, कांग्रेस, ममता ने इसका विरोध किया था। मैं आपको बताना चाहता हूं कि 4 महीने के अंदर अयोध्‍या में आसमान को छूने वाला मंदिर बन जाएगा। 'टुकड़े-टुकड़े करने का नारा लगाने वाला जेल जाएगा' जेएनयू हिंसा पर शाह ने कहा कि ममता बनर्जी, राहुल गांधी, वामपंथी, केजरीवाल, कान खुनकर सुन लो, जो भारत माता के टुकड़े-टुकड़े करने का नारा लगाएगा वह जेल जाएगा। उन्‍होंने आरोप लगाया कि देशभर में हुए दंगों के लिए कांग्रेस, ममता बनर्जी, केजरीवाल और लालू यादव जिम्‍मेदार हैं। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस ने अल्‍पसंख्‍यकों को गुमराह किया है।
सूरत गुजरात के दौरे पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को 51वीं के-9 व्रज-टी तोप को सूरत के हजीरा स्थित लार्सन ऐंड टुब्रो बख्तरबंद प्रणाली परिसर में हरी झंडी दिखाई। रक्षा मंत्री सिंह तोप के ऊपर सवार भी हुए और इसे हजीरा परिसर के आसपास चलाया। लार्सन ऐंड टुब्रो ने रक्षा मंत्री को के-9 वज्र-टी तोप की मारक क्षमता के विभिन्न प्रदर्शन भी दिखाए। कार्यक्रम के दौरान राजनाथ सिंह ने तोप के ऊपर स्‍वास्तिक का निशान बनाया और नारियल फोड़ा। लिखें रक्षा मंत्री ने तोप के ऊपर स्‍वास्तिक का न‍िशान भी बनाया। बता दें कि इस तोप का वजन 50 टन है और यह 47 किलोग्राम के गोले 43 किलोमीटर की दूरी तक दाग सकती है। यह स्वचालित तोप शून्य त्रिज्या पर भी घूम सकती है। रक्षा मंत्रालय ने केंद्र की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत भारतीय सेना के लिए एल ऐंड टी कंपनी को 2017 में के9 वज्र-टी 155मिमी/52 कैलीबर तोपों की 100 यूनिट आपूर्ति के वास्ते 4,500 करोड़ रुपये का करार किया था। मंत्रालय द्वारा किसी निजी कंपनी को दिया गया यह सबसे बड़ा सौदा है जिसके तहत 42 महीने में इन तोपों की 100 यूनिट आपूर्ति की जानी हैं। तोप पर रक्षा मंत्री ने तिलक लगाया और कुमकुम से ‘स्वास्तिक’ का निशान बनाया। पूजा के दौरान उन्होंने तोप पर फूल भी चढ़ाए और नारियल भी फोड़ा। एलएंडटी साउथ कोरिया की हान्वा टेकविन के साथ मिलकर गुजरात के हजीरा प्लांट में यह तोप बना रही है। 50 पर्सेंट से ज्यादा सामग्री देसी इन 'दागो और भागो' स्टाइल वाली तोपों को पश्चिमी सीमा पर तैनात किए जाएगा, जिससे मोबाइल आर्टिलरी गन के मामले में पाकिस्तानी युद्ध क्षेत्र में बढ़त हासिल की जा सके। 2009 में अमेरिका ने अफगानिस्तान सीमा पर युद्ध के दौरान सहायता करने के लिए पाकिस्तान को 115 एम 109A5 तोपें दी थीं। वज्र सीमा पर पाकिस्तान की इन तोपों का मुकाबला करेगी। वज्र को भले ही साउथ कोरिया की कंपनी के साथ मिलकर बनाया गया है, लेकिन इसमें 50 पर्सेंट से ज्यादा सामग्री देसी है। सेना काफी बड़ी संख्या में इन तोपों का ऑर्डर दे सकती है। इसके अलावा इसके एक्सपोर्ट के विकल्प पर भी विचार किया जा सकता है। यह ऑर्डर इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें किसी भी भारतीय कंपनी को कोई विशेष छूट नहीं दी गई थी, इसके बावजूद एलएंडटी ने एक ग्लोबल कॉम्पिटिशन में रूसी कंपनी के खिलाफ बोली लगा इसे जीता था।
नई दिल्ली चीन के जरिए कश्मीर मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाने की पाकिस्तान की कोशिश नाकाम होने के बाद भारत ने दोनों देशों को नसीहत दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने गुरुवार को कहा कि पाकिस्तान ने द्विपक्षीय मसले पर चर्चा के लिए यूएन के मंच का दुरुपयोग किया लेकिन उसे एक बार फिर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि चीन को भी सबक लेना चाहिए और भविष्य में इस तरह के कदम से बचना चाहिए। संदेश स्पष्ट, पाक के बेबुनियाद आरोपों में सच्चाई नहीं' कुमार ने कहा, 'एक यूएनएससी सदस्य (चीन) के माध्यम से पाकिस्तान द्वारा फिर से द्विपक्षीय मामले पर चर्चा के लिए यूएन के मंच का दुरुपयोग किया गया। यूएनएससी ने कहा कि यह द्विपक्षीय मसला है। पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। अनौपचारिक क्लोज्ड डोर मीटिंग बिना किसी नतीजे के खत्म हो गया। जाहिर हो गया है कि पाकिस्तान के बेबुनियाद आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। उसे स्पष्ट रूप से संदेश गया है कि भारत-पाकिस्तान के बीच कोई लंबित मुद्दा है तो इस पर द्विपक्षीय बातचीत होगी।' 'चीन को सबक लेना चाहिए और भविष्य में ऐसे कदम से बचना चाहिए' विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि चीन को वैश्विक आम-सहमति के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए और भविष्य में इस तरह की कार्रवाई से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि वैश्विक आम सहमति है कि कश्मीर द्विपक्षीय मुद्दा है। रवीश कुमार ने कहा, 'यह तो चीन ही बता सकता है कि वह बार-बार ऐसा क्यों कर रहा है। हमारा मानना है कि चीन को सबक लेना चाहिए और भविष्य में इस तरह के कदम से बचना चाहिए।' बुधवार को सुरक्षा परिषद में पाक को झेलनी पड़ी शर्मिंदगी पाकिस्तान को कश्मीर मसले पर बुधवार को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदगी झेलनी पड़ी। सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दा उठाने में एक बार फिर नाकामी मिली क्योंकि उसे कोई समर्थन नहीं मिल पाया और केवल उसका सदाबहार सहयोगी चीन ही उसके साथ खड़ा रहा। इस पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा, 'हमने एक बार फिर देखा कि संयुक्त राष्ट्र के एक सदस्य द्वारा उठाया गया कदम दूसरों द्वारा सिरे से खारिज कर दिया गया।' अकबरुद्दीन ने कहा, 'हम खुश हैं कि संयुक्त राष्ट्र के मंच पर आज (बुधवार) पाकिस्तानी प्रतिनिधियों द्वारा पेश की गई भय उत्पन्न करने वाली स्थिति और निराधार आरोप विश्वसनीय नहीं पाए गए।' उन्होंने कहा, 'हम खुश हैं कि इस प्रयास को भटकाने वाला पाया गया और कई मित्रों ने इस बात का उल्लेख किया गया कि भारत और पाकिस्तान के संबंधों के बीच मौजूद समस्याओं को उठाने और उससे निपटने के लिए कई द्विपक्षीय तंत्र है।'
मुंबई: शिवसेना सांसद संजय राउत के इंदिरा गांधी और अंडरवर्ल्ड डॉन क़रीम लाला पर दिए बयान को लेकर भले कांग्रेस नाराज है. शायद इसी वजह से संजय राउत को अपने बयान पर खेद जताना पड़ा है लेकिन ये सच है कि अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से कई नेता मिलने जाते थे और करीम लाला कई नेताओं से मिलता था. ZEE NEWS लाइब्रेरी में करीम लाला और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की तस्वीर भी है. हाजी मस्तान के बेटे सुंदर शेखर ने भी ZEE NEWS से दावा किया कि कांग्रेस के सभी बड़े नेता करीम लाला और हाजी मस्तान से मिलते थे. शेखर ने कहा, "यह बात सही है. मै गवाह हूं. वो सब कांग्रेस में थे." वरिष्ठ पत्रकार बलजीत परमार का दावा है कि करीम लाला और इंदिरा गांधी के बीच साल 1973 में एक बार मुलाकात हुई थी. मशहूर लेखक अभिनेता और कवि हरिंद्रनाथ चट्टोपाध्याय को पद्मभूषण पुरस्कार दिया जाना था. इस दौरान उनसे करीम लाला ने राष्ट्रपति भवन देखने की इच्छा जताई थी और साथ जाने की गुजारिश की थी. पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कई जानी मानी हस्तियां वहां मौजूद थी. इस दौरान करीम लाला और इंदिरा गांधी की मुलाकात हुई उधर, महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने इस पूरे प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "संजय राउत का बयान बिलकुल गलत है. भविष्य में ऐसा बयान दोबारा हम सहन नहीं करेंगे. हमने मुख्यमंत्री उद्वव ठाकरे से अपनी शिकायत दर्ज कराई है." इधर, महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख ने कहा, "संजय राउत के बयानों को सुनने के बाद मैं उस पर गृह मंत्रालय का पक्ष रखूंगा. क्या कहा उसे सुनने और उसकी जांच परख के बाद बोलूंगा." बीजेपी ने कांग्रेस और अंडरवर्ल्ड के बीच रिश्तों के आरोप की सीबीआई जांच करे. बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने कहा कि राहुल गांधी सफाई दें. मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सीबीआई जांच की सिफारिश करें.
मुंबई शिवसेना सांसद संजय राउत के पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलने के बयान पर राजनीतिक घमासान मच गया है। अब संजय राउत ने बयान पर सफाई पेश करते हुए कहा कि वह इंदिरा गांधी और नेहरू की हमेशा से इज्जत करते आए हैं। उन्होंने कहा कि करीम लाला से सभी नेता मिलते थे। उधर बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया भी आई है। मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम और मिलिंद देवड़ा ने राउत से बयान वापस लेने मांग की। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ दुष्प्रचार करने पर राउत को पछताना पड़ सकता है। संजय राउत ने अपने बयान पर सफाई पेश करते हुए कहा, नेहरू-इंदिरा के लिए हमेशा से सम्मान है। उन्होंने आगे कहा कि करीम लाला से कई नेताओं की मुलाकात होती थी। संजय राउत ने अपने बयान में कहा, 'अफगानिस्तान के पठानों के नेता के रूप में मुलाकात होती थी। करीम लाला के दफ्तर में कई नेताओं की तस्वीरें भी थीं। समस्या जानने के लिए करीम लाला से नेता मिलते थे।' शिवसेना-कांग्रेस में बढ़ी तकरार बता दें कि संजय राउत ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलने जाया करती थीं। शिवसेना सांसद के बयान से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राउत का यह बयान शिवसेना और कांग्रेस के बीच तल्खी बढ़ती दिख रही है। राउत के बयान पर संजय निरुपम ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'बेहतर होगा कि शिवसेना के मिस्टर शायर दूसरों की हल्की-फुल्की शायरी सुनाकर महाराष्ट्र का मनोरंजन करते रहें।' उन्होंने मिस्टर शायर शब्द का इस्तेमाल संजय राउत के लिए किया।' अपने बयान को वापस लें राउत' संजय निरुपम ने आगे लिखा, 'पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के खिलाफ दुष्प्रचार करेंगे तो उन्हें पछताना पड़ेगा। कल उन्होंने इंदिराजी के बारे में जो बयान दिया है वो वापस ले लें।' मुंबई कांग्रेस के और पूर्व अध्यक्ष मिलिंद देवड़ा ने भी राउत से बयान वापस लेने की मांग की। मिलिंद देवड़ा ने ट्वीट किया, 'इंदिरा जी सच्ची देशभक्त थीं जिन्होंने देश की सुरक्षा से कभी समझौता नहीं किया। मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष के रूप में मैं संजय राउत से उनके गलत जानकारी वाले बयान को वापस लेने की मांग करता हूं।' राउत ने पुणे में पुरस्कार समारोह के दौरान एक मीडिया समूह को दिए साक्षात्कार में कहा था कि कभी अंडरवर्ल्ड के लोग तय करते थे कि पुलिस कमिश्नर कौन बनेगा और मंत्रालय में कौन बैठेगा। राउत का दावा- पायधुनी में करीम लाला से मिलने आती थीं इंदिरा राउत ने इस दौरान कहा कि पूर्व पीएम इंदिरा गांधी पायधुनी (दक्षिण मुंबई का इलाका) में करीम लाला से मिलने आती थीं। राउत ने यह भी दावा किया कि हाजी मस्तान के मंत्रालय में आने पर पूरा मंत्रालय उसे देखने के लिए नीचे आ जाता था। बता दें कि शिवसेना ने पिछले साल महाराष्ट्र में एनसीपी और कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार बनाई है। 1960 के दशक से 1980 के दशक तक मुंबई में शराब की तस्करी, जुआ और जबरन वसूली रैकिट चलाने वाले डॉन करीम लाला की 2002 में मौत हो गई थी।
गांधीनगर, 16 जनवरी 2020,उद्योगजगत में भले ही मोदी सरकार के लिए सबकुछ ठीक नहीं चल रहा हो, लेकिन उद्योगपति रतन टाटा के नए बयान के बाद केंद्र सरकार थोड़ी राहत महसूस करेगी. रतन टाटा ने बुधवार को एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी का स्वागत करते हुए कहा है कि उनकी सरकार ने ढेर सारे 'दूरदर्शी पहल' किए हैं. उन्होंने आगे कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और सरकार के अन्य सदस्यों के पास देश के लिए एक विजन है. कोई अन्य सिर्फ इस बात पर गर्व कर सकता है कि हमारे पास क्या है और सरकार क्या कर रही है? सरकार ने अपने वर्तमान कार्यकाल में कई बड़े फैसले किए हैं.' बता दें, रतन टाटा गुजरात की राजधानी गांधीनगर के नासमेड गांव में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ स्किल्स (IIS) के शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे थे जहां उनके साथ गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे. यहां टाटा शिक्षा विकास ट्रस्ट, सरकार के साथ मिलकर IIS को स्थापित करने में मदद कर रहा है. रतन टाटा ने आगे कहा, 'काश कि मेरी उम्र 20 साल कम होती, जिससे कि मैं इस प्रोग्राम में अपनी ज्यादा हिस्सेदारी सुनिश्चित कर पाता और इसकी शुरुआत में ज्यादा ऊर्जा लगाता.' उन्होंन आगे कहा, "हमारा भारत 'नए भारत' की तरफ बढ़ रहा है. आज ज्यादातर युवाओं को पर्याप्त अवसर चाहिए. लेकिन उन्हें पर्याप्त अवसर तभी मिलेंगे जब वो पूरी तरह से स्किल्ड हों. अगर वो स्किल्ड नहीं होंगे तो देश विकास की दिशा में आगे नहीं बढ़ सकता." टाटा ने आगे कहा, 'हमें नए स्किल्ड और सक्षम लोग चाहिए और यह दूरदर्शी सोच के साथ ही संभव है. इसे आज के प्रयास से भी समझा जा सकता है.' उन्होंने IIS में उनकी कंपनी की हिस्सेदारी के लिए पीएम मोदी का धन्यवाद किया है. पिछले साल एक अन्य उद्योगपति राहुल बजाज ने एक कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री अमित शाह के सामने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर अपनी चिंता जाहिर की थी. उन्होंने कहा था कि 'हमारे उद्योगपति दोस्तों में से कोई बोलेगा नहीं, लेकिन मैं खुलेतौर पर यह कहना चाहता हूं कि देश के अंदर एक माहौल तैयार करना होगा... जब यूपीए 2 सरकार सत्ता में थी, तो हम किसी की भी आलोचना कर सकते थे. आप अच्छा काम कर रहे हैं, उसके बाद भी, हम आपकी खुले तौर पर आलोचना करें इतना विश्वास नहीं है कि आप इसे पसंद करेंगे." जाहिर है रटन टाटा के इस बयान से मोदी सरकार राहत महसूस कर रही होगी. संभव है केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के अन्य नेता उनके बयान को विपक्ष के खिलाफ ढाल बना सकते हैं.
चंडीगढ़, 16 जनवरी 2020,जम्मू-कश्मीर सरकार ने आतंकवादियों से साठगांठ के आरोप में गिरफ्तार डीएसपी देवेंद्र सिंह से शेर-ए-कश्मीर पुलिस मेडल को वापस लेने के आदेश दिए हैं. बता दें, राज्य की तरफ से उन्हें शौर्य के लिए शेर-ए-कश्मीर पुलिस मेडल प्रदान किया गया था. लेकिन, अब उनके आतंकवादियों से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद राज्य सरकार ने यह पुरस्कार वापस लेने के आदेश जारी किए हैं. देवेंद्र सिंह के घर पर हुई छापेमारी में सेना के 15 मैप और 7.5 लाख रुपये भी बरामद हुए हैं. सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि हिज्बुल के आतंकियों ने अपने पाक हैंडलर्स के साथ यह नक्शा साझा किया होगा. इस फैसले के बारे में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक ट्वीट में कहा, "पूर्व में जम्मू-कश्मीर राज्य की ओर से 2018 में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उनकी सेवा के दौरान केवल वीरता पदक से उन्हें सम्मानित किया गया था." पुलिस ने कहा कि जिला पुलिस लाइंस पुलवामा में जब वह डीएसपी के रूप में तैनात थे, तब 25-26 अगस्त 2017 को आतंकवादियों की ओर से एक फिदायीन हमले का सामना करने में उनकी भागीदारी के लिए उन्हें पदक प्रदान किया गया था. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बुधवार को कहा कि वह गिरफ्तार डीएसपी देवेंद्र सिंह के मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप देगी. पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने कहा, "देवेंद्र सिंह को गिरफ्तार करने के लिए पूरे ऑपरेशन की योजना जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से बनाई गई और गिरफ्तार अधिकारी पर कोई ढिलाई नहीं दिखाई जाएगी." उन्होंने कहा, "उससे पूछताछ चल रही है." देवेंद्र सिंह को पिछले हफ्ते हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर नवीद बाबू और इरफान नाम के वकील के साथ गिरफ्तार किया गया था, जब उनकी कार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में पुलिस ने राजमार्ग पर रोक दिया था.(आईएएनएस से इनपुट)
नई दिल्ली एक अप्रैल से शुरू होने वाले राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) में आधार, पासपोर्ट नंबर, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस की जानकारी देना अनिवार्य होगा। गृह मंत्रालय के सूत्रों बुधवार को साफ किया कि अगर किसी शख्स के पास इन तीनों में से कोई भी कागजात होंगे तो उनको इसकी जानकारी देना अनिवार्य होगा। हालांकि, PAN की जानकारी वाले कॉलम को विरोध के कारण हटा लिया गया है। तो इन्हें जानकारी देना होगा अनिवार्य एक वरिष्ठ अधिकारी ने 'ऐच्छिक' और 'वैकल्पिक' को विस्तार से बताते हुए कहा कि अगर किसी शख्स के पास आधार, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी या पासपोर्ट नंबर नहीं है तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं देनी होगी। लेकिन अगर किसी शख्स के पास ये कागजात होंगे तो उन्हें इसकी जानकारी देनी होगी। हालांकि इसके लिए उन्हें सबूत के तौर पर कोई कागजात दिखाने की जरूरत नहीं होगी। गृह मंत्री अमित शाह ने यह कहा था बता दें कि वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने पिछले साल 24 दिसंबर को 2021 जनगणना और 2020 NPR के लिए कैबिनेट द्वारा धनराशि आवंटन की घोषणा करते हुए कहा था कि NPR के दौरान आधार नंबर की जानकारी देना 'ऐच्छिक' होगा। हालांकि, सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि NPR सेल्फ सर्टिफिकेशन या सेल्फ डेक्लरेशन होगा जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने 'ऐच्छिक' का मतलब बताते हुए कहा था कि अगर किसी के पास ये कागजात नहीं हैं तो कोई बात नहीं है। अब बुधवार को आधिकारिक जानकारी के बाद यह साफ हो गया है कि अब अगर किसी के पास ये कागजात हैं तो उन्हें इसकी जानकारी देनी होगी। NPR के दौरान लोगों को इसकी उपयोगिता बताते हुए उन्हें ये जानकारी देने को मनाने की कोशिश की जाएगी। बता दें कि सही विवरण नहीं बताने पर परिवार के मुखिया पर 1000 रुपये के जुर्माने का भी प्रावधान है। 'ऐच्छिक' और 'अनिवार्य' का कानूनी पहलू भी जान लें एक अधिकारी ने बताया कि 'ऐच्छिक' और 'अनिवार्य' के कानूनी पहलू बताते हुए कहा, 'निश्चित रूप से यह वैकल्पिक है और अगर NPR में वह जगह खाली छोड़ी जा सकती है, अगर किसी शख्स के पास आधार नंबर, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस या वोटर आईडी नहीं हो। 'अनिवार्य' का मतलब यह होगा कि अगर आप NPR में यह जगह भरना चाहते हैं तो आपको ये कागजात हासिल करने होंगे।' PAN की जानकारी को हटाया गया सूत्रों के अनुसार, पिछले साल जनगणना के लिए हुए प्री-टेस्ट के दौरान करीब 80% लोगों ने आधार की जानकारी दी थी। एक अधिकारी ने बताया, 'PAN नंबर वाली जगह पर लोगों को संशय था और लोगों ने इसका विरोध किया था। इसे हटा दिया गया है।'
मुंबई शेयर बाजार के कारोबार में तेजी का माहौल है। अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड डील के पहले फेज पर हस्ताक्षर के बाद अमेरिकी बाजार तेजी के साथ बंद हुए जिसका असर आज घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। आज कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई और शुरुआती कारोबार में ही BSE का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स 42000 के स्तर को पार ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया। हालांकि, थोड़ी ही देर बाद ऑल टाइम हाई से थोड़ा नीचे आ गया। सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर सेंसेक्स 42,035 के स्तर पर देखा गया। बाजार खुलने का स्तर सेंसेक्स 52.01 अंक चढ़कर 41,924.74 पर खुला। वहीं NSE का निफ्टी 3.8 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 12,347.10 के स्तर पर खुला था। सुबह 9 बजकर 45 मिनट पर सेंसेक्स 134 अंकों की बढ़त के साथ 42,006.73 अंकों पर देखा गया और निफ्टी 12,378.00 पर दिखाई दिया। शुरुआती आधे घंटे के कारोबार में सेंसेक्स के जिन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली उनमें हिंदुस्तान यूनिलिवर, नेस्ले इंडिया, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, रिलायंस और पावर ग्रिड हैं, वहीं, एनटीपीसी, टाटा स्टील, हीरो मोकॉर्प, इंडसइंड बैंक और महिंद्रा ऐंड महिंद्रा गिरने वाले शेयरों में प्रमुख हैं। निफ्टी की बात करें तो इंडेक्स के टॉप गेनर्स हैं यस बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, नेस्ले इंडिया, कोटक बैंक और आयशर मोटर्स। वहीं वेदांता, जेएसडब्ल्यू स्टील, एनटीपीसी, हिंडाल्को और टाटा स्टील में गिरावट है। अमेरिकी बाजार का हाल अमेरिका और चीन के बीच ट्रेड डील पर हस्ताक्षर के बाद अमेरिका के शेयर इंडेक्स डॉउ जोन्स इंडस्ट्रियल ऐवरेज और एसएंडपी 500 ने रिकॉर्ड बनाया। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 29,030.22 और एसएंडपी 500 भी 0.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 3,289.30 पर बंद हुआ। वहीं नैस्डैक कॉम्पोसिट 0.1 प्रतिशत चढ़कर 9.258.70 पर बंद हुआ। बुधवार को कैसा रहा बाजार का हाल बैंकिंग शेयरों पर दबाव और बुधवार को अमेरिका-चीन ट्रेड डील में अमेरिका की तरफ से टैरिफ जारी रखने वाले बयान के बाद निवेशकों के सतर्क रुख के कारण शेयर बाजार में चार दिनों से जारी तेजी आज थम गई। सेंसेक्स 79.90 अंक यानी 0.19 प्रतिशत गिरकर 41,872.73 अंक पर और निफ्टी 19 अंक यानी 0.15 प्रतिशत टूटकर 12,343.30 अंक पर बंद हुआ।
श्रीनगर हिज्‍बुल मुजाहिदीन के आतंकवादियों को अपनी कार में जम्‍मू ले जाते हुए गिरफ्तार हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस के बर्खास्‍त डीएसपी देविंदर सिंह ने पुलिस पूछताछ में बड़ा खुलासा किया है। देविंदर ने आरोप लगाया है कि पुलिस बल में तैनात एक और वरिष्‍ठ अधिकारी आतंकवादियों के लिए काम कर रहे हैं। देविंदर सिंह ने माना कि उसने आतंकवादियों की मदद करके 'बड़ी गलती की है।' जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के सूत्रों ने बताया कि देविंदर सिंह को आतंकवादियों को जम्‍मू ले जाने के लिए 10 लाख रुपये दिए गए थे। उन्‍होंने कहा, 'सिंह ने दावा किया है कि एक और वरिष्‍ठ पुलिस अधिकारी आतंकवादियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। जांचकर्ताओं ने कहा है कि हम इसकी पुष्टि करेंगे क्‍योंकि जांच को भटकाने का एक प्रयास भी हो सकता है।' नवीद बाबू को जम्‍मू ले गया था देविंदर सूत्रों ने बताया था कि पिछले साल सिंह ने पिछले साल हिज्‍बुल के आतंकवादी नवीद बाबू को जम्‍मू ले गया था। सूत्रों ने कहा, 'नवीद ने सिंह को 8 लाख रुपये दिए थे और वह दो महीने तक जम्‍मू में रहा था। 11 जनवरी को जब सिंह को नवीद बाबू और एक अन्‍य आतंकवादी के साथ अरेस्‍ट किया गया था, तब उसने दावा किया था कि दोनों ही लोग आत्‍मसमर्पण करने वाले थे। जांचकर्ताओं ने कहा है कि देविंदर सिंह झूठ बोल रहा है।' यही नहीं बताया जा रहा है कि देविंदर सिंह हिज्‍बुल के रफी नामक आतंकी के संपर्क में भी था जो लोगों को पाकिस्‍तान ले जाने के लिए जिम्‍मेदार है। सूत्रों के मुताबिक एक या दो दिन में एनआईए की टीम श्रीनगर पहुंच रही है और वह देविंदर सिंह को लेकर दिल्‍ली जाएगी जहां उससे पूछताछ होगी। बता दें कि जम्‍मू-कश्‍मीर पुलिस के डीजीपी ने देविंदर सिंह को सेवा से बर्खास्‍त कर दिया है। पुलवामा के त्राल का रहने वाला है देविंदर जांच के दौरान यह भी पता चला है कि देविंदर सिंह का ड्रग्‍स माफिया से गहरा संबंध था। देविंदर सिंह पुलवामा के त्राल का रहने वाला है। यह वही इलाका है जो हिज्‍बुल मुजाहिदीन का गढ़ माना जाता है। आतंकी बुरहान वानी और जाकिर मूसा इसी इलाके के रहने वाले हैं। त्राल में देविंदर सिंह की पैतृक संपत्ति भी है। उसका एक घर जम्‍मू में भी है। सिंह के परिवार में पत्‍नी और दो बच्‍चे हैं। उसकी एक बेटी बांग्‍लादेश से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। सिंह का बेटा श्रीनगर में पढ़ाई करता है।
मुंबई हनी ट्रैप्स के लिए तीन सटोरियों ने बॉलिवुड की एक अभिनेत्री का इस्तेमाल किया। इस अभिनेत्री ने दो क्रिकेटरों से दोस्ती भी बढ़ाई, ताकि ड्रेसिंग रूम की सूचनाएं उसे मिल सकें। लेकिन यह अभिनेत्री अपने प्रयास में सफल नहीं हो पाई। संयोग से जिस वक्त यह खबर बाजार में आई, उसके अगले दिन मुंबई पुलिस की समाज सेवा शाखा ने अंधेरी के सात बंगले में रेड डाली। वहां से दो लड़कियां रेसक्यू कराई गईं। इनमें एक अभिनेत्री भी है, जिसने पिछले महीने रिलीज हुई बॉलिवुड की एक फिल्म में छोटा सा रोल किया था। पुलिस ने इस केस में नवीन कुमार नामक दलाल को गिरफ्तार किया है। सीनियर इंस्पेक्टर संदेश रेवले ने बताया कि इस केस में एक आरोपी फरार है, जो दिल्ली का बताया जाता है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि जिस अभिनेत्री को रेसक्यू कराया गया, उसने 60 हजार रुपये एक रात का सौदा तय किया था। इनमें से 50 प्रतिशत रकम दलाल को मिलती। अभिनेत्री को रकम देने के अलावा ग्राहक को होटल के कमरे का रेंट व खाने पीने का पेमेंट भी देना होता है। पिछले सप्ताह भी मुंबई में इस तरह की कई छापेमारी हुई हैं। उनमें भी कुछ मॉडल्स, अभिनेत्री रेसक्यू कराई गई थीं। एक केस में एक ग्राहक ने एक लड़की के लिए 21 हजार रुपये में होटल का कमरा बुक कराया था। देह व्यापार में कई बड़ी ऐक्ट्रेस भी शामिल' अमूमन जब ट्रैप लगता है, तो पुलिस ही फर्जी कस्टमर तैयार करती है और पुलिस ही दलाल को अडवांस में रकम देती है। पुलिस अपने खर्च पर होटल भी बुक करती है। एक अधिकारी के अनुसार, हमें मालूम है कि कुछ बड़ी अभिनेत्रियां भी देह व्यापार के रैकेट में शामिल हैं। पर चूंकि उनके रेट हजारों में नहीं, लाखों में होते हैं, इसलिए पुलिस अडवांस में इतनी रकम देकर बड़ा ऑपरेशन करने का जोखिम नहीं उठा पाती। जब पांच करोड़ लेकर भी अभिनेत्री स्विट्जरलैंड नहीं गई एक बार एक सीनियर आईपीएस अधिकारी ने बॉलिवुड की एक नामचीन अभिनेत्री का किस्सा एनबीटी को सुनाया था। इस अभिनेत्री को एक बिल्डर ने पांच करोड़ रुपये अडवांस में दिए। इस अभिनेत्री की बताई तारीख पर बिल्डर ने स्विट्जरलैंड में होटल में कमरा बुक करा लिया। बाद में वह अभिनेत्री स्वीट्जरलैंड गई ही नहीं। बिल्डर इस पर आग बबूला हो गया। उसने अभिनेत्री से अडवांस में दी गई रकम मांगी। अभिनेत्री ने दी नहीं। बाद में बिल्डर ने डी कंपनी में कॉल किया। डी कंपनी के एक सरगना की तरफ से उस अभिनेत्री को कुछ दिन बाद कॉल आया। अभिनेत्री ने फिर भी बिल्डर से अडवांस ली गई रकम लौटाने से इनकार कर दिया। बाद में उस सरगना ने कहा कि अगर तुम बिल्डर को रकम नहीं दोगी,तो तुम्हें हमारे पास आना होगा। बाद में वह अभिनेत्री उस सरगना के बुक कराए होटल में विदेश गई थी। एक डिपोर्ट किए गए अंडरवर्ल्ड आरोपी ने यह बात उस आईपीएस अधिकारी को तब बताई थी, जब वह क्राइम ब्रांच में थे। यह वह दौर था, जब बॉलिवुड में फिल्में बिना अंडरवर्ल्ड कनेक्शन के मिलती ही नहीं थीं। कास्टिंग डायरेक्टर के जरिए देह व्यापार पुलिस सूत्रों के अनुसार, किसी फिल्म में काम मिले या न मिले, इसमें कास्टिंग डायरेक्टर की बहुत महत्चपूर्ण भूमिका होती है। वह ही किसी लड़की का पहला ऑडिशन लेता है। बाद में वह मूल डायरेक्टर या प्रोड्यूसर तक लड़की को फाइनल ऑडिशन के लिए ले जाता है। बुधवार को पुलिस ने ऐक्ट्रेस को रेसक्सू कराते वक्त जिस दलाल नवीन कुमार को गिरफ्तार किया है, वह भी पेशे से कास्टिंग डायरेक्टर ही है। उसने व रेसक्यू कराई गई अभिनेत्री ने पूछताछ में बताया कि बॉलिवुड में अपना स्टेट्स मेनटेन के खर्च बहुत होते हैं। हर लड़की को फिल्म में बड़ा रोल मिलता नहीं है। इसलिए उसे पेमेंट भी उस हिसाब से मिलता नहीं है। लेकिन कुछ कास्टिंग डायरेक्टर कुछ लड़कियों को बड़ा रोल दिलाने का झांसा देते रहते हैं और फिर उसे देह व्यापार में झोंक देते हैं। कुछ दलाल या बुकी ऐसी लड़कयों का हनी ट्रैप के लिए भी इस्तेमाल करते हैं।
मुंबई, 15 जनवरी 2020,शिवसेना सांसद संजय राउत ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर बड़ा बयान दिया है. बुधवार को एक इंटरव्यू के दौरान शिवसेना सांसद राउत ने दावा किया कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला से मिलने के लिए मुंबई आया करती थीं. शिवसेना के नेता संजय राउत ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड के दौर की बात करते हुए कहा कि एक दौर था जब दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील और शरद शेट्टी मुंबई के पुलिस कमिश्नर तय किया करते थे. इतना ही नहीं, वो यह भी तय करते थे कि सरकार के किस मंत्रालय में कौन बैठेगा. हमने अंडरवर्ल्ड का वो दौर देखा है, लेकिन अब वो यहां सिर्फ चिल्लर हैं. शिवसेना सांसद संजय राउत का यह बयान उस समय सामने आया है, जब डी-कंपनी के सरगना अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम का करीबी रहा गैंगस्टर एजाज लकड़ावाला ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं. बुधवार को एजाज ने पुलिस को पूछताछ में दाऊद इब्राहिम के पाकिस्तान में मौजूद दो ठिकानों के पते के बारे में भी बताया है. एजाज लकड़ावाला के मुताबिक दाऊद इब्राहिम का एक घर पाकिस्तान के कराची के डिफेंस हाउसिंग एरिया और दूसरा घर क्लिफ्टन इलाके में है. एजाज लकड़ावाला ने पूछताछ में बताया कि दाऊद के एक घर का पता 6A, खायबान तंजीम फेज-पांच, डिफेंस हाउसिंग एरिया, कराची है, जबकि दूसरे घर का पता डी-13, ब्लॉक चार, क्लिफ्टन, कराची है. वहीं, भारतीय सुरक्षा एजेंसियां लगातार दाऊड के पाकिस्तान स्थित ठिकानों पर निगाह रख रही हैं. एजाज लकड़ावाला ने बताया कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने दाऊद को विदेश जाने के लिए फर्जी पासपोर्ट दिलाने में भी मदद की है. आईएसआई ने अनीस इब्राहिम और छोटा शकील को भी फर्जी पासपोर्ट दिलाया है. दाऊद अलावा अनीस इब्राहिम और छोटा शकील भी पाकिस्तान में आईएसआई की पनाह में रह रहे हैं. आपको बता दें कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन की सरकार है. ऐसे में कांग्रेस नेता और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को लेकर उनके दावे से विवाद पैदा हो सकता है. हालांकि अभी तक संजय राउत के बयान पर कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं हैं.
15 जनवरी 2020,केंद्र सरकार के 36 मंत्री 18 से 25 जनवरी तक जम्मू और कश्मीर का दौरा करेंगे. ये मंत्री सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर के लिए चलाई जा रही योजनाओं और कार्यक्रमों को आम लोगों के बीच पहुंचाएंगे. मंत्री घाटी की स्थिति का भी जायजा लेंगे. केंद्र सरकार के मंत्री जम्मू-कश्मीर में लोगों को उन कार्यक्रमों की जानकारी देंगे, जिन्हें सरकार ने 5 अगस्त को धारा 370 को निरस्त के बाद शुरू किया है.
15 जनवरी 2020,अपने विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने फिर से पाकिस्तान में भारत के आंतरिक मामलों पर चर्चा करके मुसीबत को आमंत्रित किया है. मणिशंकर अय्यर ने लाहौर में एक पैनल चर्चा के दौरान दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बीच एनपीआर और एनआरसी को लेकर मतभेद है. मणिशंकर अय्यर ने कहा कि यह जोड़ी देश में हिंदुत्व का चेहरा है. मणिशंकर अय्यर सोमवार को पाकिस्तान के लाहौर में एक कार्यक्रम में थे, जिसमें पत्रकार नजम सेठी भी मौजूद थे. मणिशंकर अय्यर ने कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर(एनपीआर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कभी नहीं माना कि यह राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर(एनआरसी) का उत्तराधिकारी है. संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि एनपीआर एनआरसी का ही रूप होगा. वास्तविक रूप से एनपीआर ही एनआरसी है. विवादित बयानों के लिए चर्चा में मणिशंकर अय्यर इससे पहले मंगलवार को दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे मणिशंकर अय्यर ने एक विवादित बयान दिया था. शाहीन बाग में मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि जो मैं आपके लिए कर सकता हूं वो मैं करने को तैयार हूं. मैं ये वादा करता हूं. अब देखें कि किसका हाथ मजबूत है, हमारा या उस कातिल का? मणिशंकर का इशारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की ओर था. कई बार विवादित बयान दे चुके हैं मणिशंकर अय्यर इससे पहले गुजरात विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव के दौरान उनके बयानों से अच्छा खासा सियासी बवाल मचा था. लोकसभा चुनाव के दौरान मणिशंकर अय्यर ने 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए अपने विवादास्‍पद बयान 'नीच इंसान' को सही ठहराते हुए एक लेख लिखा और पूछा क्या मैं सही नहीं था.
नई दिल्ली जेएनयूएसयू प्रेजिडेंट आइशी घोष ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून(सीएए) के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन के बीच कश्मीर का मुद्दा नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने इसके साथ ही केंद्र की मोदी सरकार पर संविधान को छीनने के भी आरोप लगाए। सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा और आज जेएनयू स्टूडेंट्स जामिया मिल्लिया इस्लामिया के बाहर जुटे जहां आइशी ने यह बात कही। इस बयान को लेकर बीजेपी ने उनपर निशाना साधा है। आइशी ने कहा, 'हम इस लड़ाई में कश्मीर का मुद्दा नहीं छोड़ सकते और न ही उनकी बात भूल सकते हैं। उनके साथ जो हो रहा है, कहीं न कहीं वहीं से ही सरकार ने शुरू किया था कि हमारे संविधान को हमसे छीना जाए।' उल्लेखनीय है कि गत 5 अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटा दिया और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया। सुरक्षा कारणों से कुछ प्रतिबंध भी लगाए थे जिसे धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। आइशी घोष ने कहा, 'हमें डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि शाहीन बाग की हिम्मती महिलाओं से प्रेरणा लेने की जरूरत है। दिल्ली पुलिस ने जामिया यूनिवर्सिटी के अंदर घुसकर छात्रों से हिंसा की है। यहां लाइब्रेरी पुलिस द्वारा तोड़ी गई। सीएए व एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में पुलिस मस्जिद और लाइब्रेरी कैसे तोड़ सकती है। इस पर हम चुप नहीं बैठेंगे।' आइशी के बयान पर बीजेपी हमलावर आइशी के कश्मीर वाले बयान को लेकर बीजेपी हमलावर हो गई है। पार्टी की आईटी सेल के चीफ अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा, 'क्या हमें यह नहीं बताया गया था कि JNU में विरोध प्रदर्शन फीस बढ़ोतरी को लेकर है? आइशी घोष ने यह साफ कर दिया है कि प्रदर्शन कभी फीस बढ़ोतरी को लेकर था ही नहीं। वह कश्मीर का मुद्दा उठा रही हैं। यह अब तक साफ नहीं है कि जेएनयू वालों का दिल किसके लिए दुखता है? दरअसल पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुधवार को जामिया में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए। एम्स के डॉक्टरों, विभिन्न अदालतों के वकीलों, एनएसयूआई, आइसा, जेएनयू छात्रसंघ, एएमयू, डीयू, बीएचयू के छात्रों समेत देशभर के 20 से अधिक संगठनों ने 'आज चलो जामिया' की कॉल दी थी।
कोच्चि केरल की एक कैथलिक चर्च ने 'लव जिहाद' का मुद्दा उठाते हुए दावा किया है कि बड़ी तादाद में राज्‍य के ईसाई समुदाय की महिलाओं को लुभाकर इस्‍लामिक स्‍टेट और आतंकवादी गतिविधियों में धकेला जा रहा है। कार्डिनल जॉर्ज ऐलनचैरी की अध्‍यक्षता वाली पादरियों की एक संस्‍था ने राज्‍य सरकार पर भी आरोप लगाया है कि वह 'लव जिहाद' के मामलों को गंभीरता से नहीं ले रही। इस्‍लामिक संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) ने इन आरोपों से इनकार किया है वहीं विश्‍व हिंदू परिषद ने बयान का स्‍वागत किया है। इस्‍लामिक संगठन पीएफआई ने इन आरोपों से इनकार करते हुए इनकी टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए चर्च से अनुरोध किया है कि वह इन्‍हें तुरंत वापस ले ले। पीएफआई का कहना है कि इससे फासीवादी हिंदू ताकतों का विरोध करने के लिए एकजुट हुए समाज के तमाम वर्गों में फूट पड़ेगी। विश्‍व हिंदू परिषद ने किया स्‍वागत वहीं विश्‍व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने चर्च के इस बयान का स्‍वागत करते हुए केरल के समाज में चल रहे 'लव जिहाद' के खिलाफ संयुक्‍त संघर्ष का आह्वान किया है। हालांकि केरल राज्‍य महिला आयोग ने इस मुद्दे पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। पुलिस और सरकार की ओर से भी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सुनियोजित साजिश है लव जिहाद: चर्च सिरो-मालाबार चर्च ने मंगलवार रात को मीडिया में जारी अपने बयान में कहा है, 'ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें केरल में लव जिहाद के नाम पर ईसाई लड़कियां मार दी गईं।' दुनिया भर में ईसाईयों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए चर्च ने कहा, 'क्रिसमस पर नाइजीरिया में ईसाईयों की हत्‍या दिल दहलाने वाली थी। यह चिंता का विषय है कि लव जिहाद केरल की सामाजिक शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को खतरे में डाल रहा है। यह एक वास्तविकता है कि केरल में सुनियोजित तरीके से 'लव जिहाद' के लिए ईसाई लड़कियों को निशाना बनाया जा रहा है।' माता-पिता से बच्‍चों को बचाने की अपील पादरियों की धर्मसभा ने एक पुलिस रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कहा कि जिन 21 लोगों को आईएस में भर्ती किया गया था, उनमें से आधे ईसाई थे जिन्‍होंने अपना धर्म बदला था। यह घटना पूरे समुदाय के लिए एक आंख खोलने वाली होनी चाहिए। यह भी पता चला है कि कई लड़कियों को लव जिहाद के जरिए से आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था। यह एक गंभीर मामला है, लव जिहाद कोई कोरी कल्पना नहीं है।' चर्च ने 'लव जिहाद' में शामिल दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की मांग की। इसमें माता-पिता और बच्चों को लव जिहाद के खतरों के बारे में जागरूक करने के प्रयासों का भी आह्वान किया गया। पीएफआई ने आरोपों को सिरे से नकारा केरल में पीएफआई पर अकसर 'लव जिहाद' के मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप लगता रहा है। पीएफआई के राज्‍य प्रमुख नजीरुद्दीन इलामरम का दावा है कि राज्य पुलिस ने गहन जांच करने के बाद, केरल उच्च न्यायालय में एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें कहा गया था कि राज्य में 'लव जिहाद' का कोई मामला नहीं था। उन्‍होंने कहा, ' यहां कोई भी मुस्लिम समुदाय मुसलमानों की आबादी बढ़ाने के लिए लव जिहाद का सहारा नहीं ले रहा।' हालांकि उन्‍होंने माना कि केरल में अंतरधार्मिक विवाह हो रहे हैं लेकिन उन्‍हें लव जिहाद का नाम नहीं दिया जा सकता। हम पहले भी कहते रहे हैं: वीएचपी वीएचपी के पूर्व प्रदेश अध्‍यक्ष एसजेआर कुमार का कहना है कि केरल में लव जिहाद चल रहा है। उन्‍होंने आरोप लगाया, 'आपराधिक पृष्‍ठभूमि के युवा हिंदू और ईसाई लड़कियों को प्रेम के जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन करा रहे हैं। इसके बाद उनका ड्रग्‍स की तस्‍करी और आतंकवादी में इस्‍तेमाल किया जाता है। हम पहले भी यह कहते रहे हैं लेकिन किसी ने इस पर ध्‍यान नहीं दिया। अब हम खुश हैं कि चर्च के पादरी भी लव जिहाद के खतरों की बात कर रहे हैं। यह समय है कि हम एकजुट होकर इसका सामना करें।'
पुणे. शिवसेना के सांसद संजय राउत (Shivsena MP Sanjay Raut) ने बुधवार को एक इंटरव्यू में भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) को लेकर बड़ा खुलासा किया है. संजय राउत ने दावा किया है कि भूतपूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी अंडरवर्ल्ड के डॉन करीम लाला (Karim Lala) से मुंबई में मुलाकात करने आती थीं. राउत ने मुंबई में अंडरवर्ल्ड के दिनों को याद करते हुए कहा कि दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim), छोटा शकील (Chota Shakeel) और शरद शेट्टी (Sharad Shetty) जैसे गैंगस्टर महानगर और आस-पास के क्षेत्रों पर नियंत्रण रखते थे. राउत पहले एक पत्रकार थे. संजय राउत ने यहां एक पुरस्कार समारोह के दौरान एक मीडिया समूह को दिए साक्षात्कार में कहा कि वे तय करते थे कि पुलिस आयुक्त कौन बनेगा, मंत्रालय (सचिवालय) में कौन बैठेगा. राउत ने दावा किया कि हाजी मस्तान के मंत्रालय में आने पर पूरा मंत्रालय उसे देखने के लिए नीचे आ जाता था. इंदिरा गांधी पाइधोनी (दक्षिण मुंबई में) में करीम लाला से मिलने आती थीं. राउत की पार्टी ने पिछले साल महाराष्ट्र में राकांपा और कांग्रेस के साथ मिलकर सरकार बनाई है. 2002 में लाला की हो गई थी मौत 1960 के दशक से 1980 के दशक तक मुंबई में शराब की तस्करी, जुआ और जबरन वसूली रैकेट चलाने वाले लाला की 2002 में मृत्यु हो गई. शिवसेना के राज्यसभा सदस्य ने कहा, ‘‘वे अंडरवर्ल्ड के दिन थे. बाद में, हर कोई (डॉन) देश छोड़कर भाग गया. अब ऐसा कुछ नहीं है.’’ यह पूछे जाने पर कि क्या अंडरवर्ल्ड के लोगों ने फोटो खिंचवाई, राउत ने दावा किया कि उन्होंने दाऊद इब्राहिम सहित कई गैंगस्टरों की तस्वीरें खींची. शिवसेना नेता ने यह भी दावा किया कि उन्होंने एक बार दाऊद इब्राहिम को फटकार लगाई थी. उन्होंने कहा, "मैंने उसे देखा है, मैं उससे मिला हूं, मैंने उससे बात की है और मैंने उसे फटकार भी लगाई.’’
नई दिल्ली, 15 जनवरी 2020,मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड कास्टिंग डायरेक्टर को गिरफ्तार किया है. कास्टिंग डायरेक्टर पर सेक्स रैकेट में शामिल होने का आरोप है. पुलिस ने उनसे शिकंजे से मेक-अप आर्टिस और एक जूनियर एक्टर को वर्सोवा से छुड़ाया है. मुंबई पुलिस की सोशल सर्विस ब्रांच ने मंगलवार को नवीन प्रेमलाल आर्य (32) को दबोचा है. पुलिस ने जब उसे पकड़ा तो वह एक कॉफी शॉप में पीड़ितों को 60 हजार रुपए में आगे भेज रहा था. पूछताछ में पुलिस को आरोपी ने इस रैकेट के बारे में जानकारी दी थी. यह सेक्स रैकेट पिछले कुछ महीनों से चल रहा था और इसमें मॉडल और बॉलीवुड आर्टिस्ट भी शामिल थे. मुंबई पुलिस की सोशल सर्विस के सीनियर इंस्पेक्टर संदेश येओले ने पीटीआई को बताया, 'पुलिस ने जिन दो महिलाओं को इस शिकंजे से बचाया वह पश्चिम बंगाल से थीं. दिल्ली स्थित अश्विनी कुमार नाम के व्यक्ति ने इन्हें मुंबई भेजा था. इस मामले में आर्य असोसिएट के दो लोग भी इस मामले में वॉन्टेड हैं.' संदेश येओले ने आगे बताया, 'हमने Immoral Traffic Prevention Act के तहत केस दर्ज कर लिया है. अभी मामले की जांच चल रही है.' बॉलीवुड चाइल्ड एक्ट्रेस से छेड़छाड़ का मामला दूसरी तरफ, 2017 में प्लेन के अंदर बॉलीवुड चाइल्ड एक्ट्रेस संग छेड़खानी करने के आरोपी विकास सचदेवा को कोर्ट ने सजा सुना दी है. POCSO एक्ट के सेक्शन 8 और आईपीसी की 354 (छेड़छाड़) के तहत आरोपी को 3 साल की सजा सुनाई गई है. इसके अलावा कोर्ट ने 25 हजार 500 रुपये का जुर्माना देने का भी आदेश दिया है. आरोपी के वकील ने कोर्ट में अपील करते हुए कहा कि विकास सचदेवा की कमाई से उनका घर चलता है. पहली बार वे दोषी करार दिए गए हैं. उनके ऊपर कोई दूसरा क्रिमिनल केस नहीं है. इसलिए उन्हें कम सजा दी जाए. लेकिन कोर्ट ने विकास सचदेवा को रियायत नहीं दी. उनके पास उच्च अदालत में अपील करने का ऑप्शन है. बता दें, आरोपी विकास सचदेवा 41 साल के हैं.
15 जनवरी 2020, जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष ने कश्मीर को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बुधवार को कहा कि कश्मीर को अलग करते हुए हम आंदोलन नहीं जीत सकते. आइशी घोष ने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ जो लड़ाई चल रही है उसमें हम कश्मीर को पीछे नहीं छोड़ सकते. कश्मीर से ही संविधान में छेड़छाड़ शुरू हुई है. आइशी घोष ने ये बातें कश्मीर के संदर्भ में कही हैं. उनका इशारा जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35 हटाने की ओर था. कश्मीर के लिए बने इस अनुच्छेद के तहत जम्मू और कश्मीर को विशेष दर्जा का लाभ मिलता था, जिसे केंद्र ने 5 अगस्त 2019 को समाप्त कर दिया. इसके साथ ही केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर के पूर्ण राज्य के दर्जे को भी खत्म कर दिया था और जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया था. केंद्र ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर विभाजित भी कर दिया है. केंद्र सरकार ने इस फैसले से पहले कश्मीर की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी थी, साथ ही घाटी में कुछ पाबंदियां भी लगाई थीं. जम्मू और कश्मीर में इंटरनेट, मोबाइल फोन, लैंडलाइन सेवाओं पर पाबंदी लगाई गई थी जिसके बाद अब हालात सामान्य होने की वजह से इन सेवाओं को बहाल किया जा रहा है. जेएनयू छात्र संघ की अध्यक्ष आइशी घोष 5 जनवरी को कैंपस में नकाबपोशों के हमले के बाद से ही चर्चा में हैं. इस दिन कैंपस में नकाबपोश छात्र घुस आए थे और छात्रों को निशाना बनाया था. इसमें आइशी घोष भी घायल हो गई थीं. कोमल शर्मा पहुंची महिला आयोग राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने बुधवार को जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पांच जनवरी को हुई हिंसा में 'नकाबपोश महिला' के रूप में पहचानी गई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की कार्यकर्ता और दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के दौलतराम कॉलेज की छात्रा कोमल शर्मा की शिकायत दर्ज कर ली है. एनसीडब्ल्यू के अनुसार, कोमल ने आरोप लगाया है कि एक राष्ट्रीय न्यूज चैनल ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में उन्हें गलत तरीके से फंसाया है. एनसीडब्ल्यू ने यह भी कहा कि शर्मा की शिकायत के अनुसार, जेएनयू हिंसा के हमलावरों के तौर पर उनकी पहचानकर और उनका नाम खोलकर उनका अपमान किया है. उन्होंने एनसीडब्ल्यू को बताया है कि पूरे मामले में उन्हें गलत तरीके से घसीटा गया और उस चैनल ने इस कथित मामले में उनकी पुष्टि या स्पष्टीकरण लेने के लिए उनसे कभी संपर्क नहीं किया. कोमल ने एनसीडब्ल्यू से मामले की जांच का आग्रह किया है. जेएनयू हिंसा में 9 आरोपियों को नोटिस पुलिस ने अबतक नौ आरोपियों को नोटिस भेजकर उन्हें जेएनयू हिंसा मामले की जांच में शामिल होने के लिए कहा है। नौ संदिग्धों में से सात संदिग्ध वाम संगठनों से हैं. सात में से तीन आरोपी- जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष, भास्कर विजय और पंकज सोमवार को जांच में शामिल हुए. पुलिस ने कहा कि एबीवीपी के अन्य कथित सदस्य अक्षत अवस्थी और रोहित शाह ने जांच में शामिल होने से इंकार कर दिया है. इन दोनों के चेहरों का एक टीवी चैनल के स्टिंग में खुलासा हुआ था. पुलिस ने उम्मीद जताई कि दोनों भी मंगलवार को जांच में शामिल हो जाएंगे. पुलिस ने हिंसा में शामिल 37 और लोगों को भी नोटिस भेजने का निर्णय लिया है। हिंसा में 20 लोग घायल हो गए थे.
नई दिल्ली, 15 जनवरी 2020,अजय देवगन, काजोल और सैफ अली खान स्टारर फिल्म 'तानाजी - द अनसंग वॉरियर' बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ का आंकड़ा पार कर गई है. फिल्म की कमाई के आंकड़े ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने अपने वैरिफाइड ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके जारी किए हैं. तरण ने लिखा, "तानाजी अजय देवगन की 100वीं फिल्म है जिसने 100 करोड़ का आंकड़ा छुआ है. छठे दिन ये 100 करोड़ क्लब में एंट्री कर गई है." इस तरह अजय देवगन की फिल्म ने रिलीज के बाद पहला हफ्ता पूरा होने से पहले ही एक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है. बता दें कि साल 2020 में रिलीज होने वाली तानाजी पहली ऐसी फिल्म है जिसने 100 करोड़ क्लब में एंट्री ली है. फिल्म की कहानी सच्ची घटनाओं पर आधारित है और इसमें अजय देवगन ने तानाजी मलुसरे का किरदार निभाया है. 2 घंटे 15 मिनट की इस फिल्म का निर्देशन ओम राउत ने किया है. 150 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म का पहला हफ्ता पूरा होने से पहले 100 करोड़ के क्लब में एंट्री लेने के बाद अब देखना ये है कि फिल्म का कुल आंकड़ा कितना रहता है. बता दें कि मंगलवार तक फिल्म की कमाई 90 करोड़ 96 लाख रुपये हो चुकी थी. फिल्म में सैफ अली खान ने निगेटिव रोल प्ले किया है और फैन्स को उनका काम काफी पसंद आया है. उनकी पत्नी करीना ने भी उनके काम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है क्या बोलीं करीना कपूर खान? करीना कपूर ने IANS से कहा, 'मैं सच में काफी उत्सुक हूं. मैं काफी खुश हूं और थैंकफुल हूं कि ये फिल्म दर्शकों को काफी पसंद आ रही है.' तानाजी में सैफ अली खान ने उदयभान सिंह राठौड़ का किरदार निभाया है, जो जय सिंह के शासन में राजपूत किले का रक्षक होता है. उनकी इस परफॉर्मेंस को काफी पसंद भी किया जा रहा है.
जम्मू/डोडा जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में भारतीय सेना ने एक बड़ी मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर हारुन हफाज को मार गिराया है। डोडा के गोंदाना इलाके में बुधवार सुबह शुरू हुई मुठभेड़ में हारुन को ढेर किया गया है। हारुन पर पूर्व में जम्मू-कश्मीर की कई आतंकी वारदातों में शामिल होने का आरोप था। सैन्य सूत्रों के अनुसार, सेना की राष्ट्रीय राइफल्स को सुबह हारुन के डोडा में छिपे होने की सूचना मिली थी। खुफिया इनपुट्स के आधार पर ही सेना ने गोंदाना में बड़ा तलाशी अभियान चलाया था। सेना की सख्त घेराबंदी के बीच हारुन ने फायरिंग कर मौके से भागने की कोशिश की थी, जिसके बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मार गिराया। A++ श्रेणी का आतंकी था हारुन हारुन के पास से एके-47 राइफल, तीन मैगजीन, 73 कारतूस, एक चीनी ग्रेनेड और एक रेडियो सेट बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, हारुन A++ श्रेणी का आतंकी था और उसका एक साथी मौके से फरार हो गया है जिसकी तलाश की जा रही है। हथियार लूट और हत्या की वारदातों में आया नाम सैन्य अधिकारियों के अनुसार, हारुन राज्य में हुई तमाम आतंकी वारदातों में शामिल था। इसके अलावा हथियार लूट और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की हत्या के मामलों में भी उसका नाम सामने आया था। हारुन किश्तवाड़ के हिज्बुल कमांडर ओसामा जावेद के साथ इस इलाके में आतंकी गतिविधियां चलाया करता था। कुछ दिनों पहले ओसामा को सेना ने रामबन में हुई एक मुठभेड़ के दौरान ही मार गिराया था।
श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में आतंकियों के साथ गिरफ्तार डीएसपी देविंदर सिंह को राज्य पुलिस ने अपनी सेवाओं से बर्खास्त करने की तैयारी कर ली है। देविंदर सिंह के खिलाफ दर्ज सारे मामलों की जांच अब एनआईए को सौंप दी गई है। इसके अलावा अधिकारी इस बात का भी पता लगा रहे हैं कि देविंदर कितने दिनों से आतंकी संगठनों के संपर्क में था। पुलिस अधिकारियों ने देविंदर के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी बर्खास्तगी की सिफारिश की है। जम्‍मू-कश्‍मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि देविंदर सिंह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसकी बर्खास्तगी की सिफारिश की गई है। साथ ही उसको मिले पुलिस मेडल को भी वापस लेने की सिफारिश की गई है। दिलबाग सिंह ने बताया कि देविंदर सिंह को पहले ही सस्‍पेंड किया जा चुका है। आतंकियों को घर में देता था पनाह कुलगाम से गिरफ्तार हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी देविंदर सिंह से पूछताछ में पता चला है कि वह लंबे समय से इन आतंकियों के संपर्क में था। साथ ही यह भी खुलासा हुआ कि वह 2018 में भी इन आतंकियों को लेकर जम्मू गया था। यही नहीं, वह आतंकियों को अपने घर में पनाह भी देता था। जम्मू कश्मीर पुलिस फिलहाल देविंदर और उसके साथ पकड़े गए आतंकी नवीद से पूछताछ कर रही है। सूत्रों के अनुसार डीएसपी देविंदर सिंह का इन आतंकियों के साथ लंबे समय से संपर्क था। सूत्रों ने बताया कि आतंकियों की दिल्ली, चंड़ीगढ़ और पंजाब में हमले की साजिश की थी। 13 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी देविंदर को 13 जनवरी को कुलगाम जिले में श्रीनगर-जम्मू नैशनल हाइवे पर एक कार में गिरफ्तार किया गया था। वह हिज्बुल कमांडर सईद नवीद, एक दूसरे आतंकी रफी रैदर और हिज्बुल के एक भूमिगत कार्यकर्ता इरफान मीर को लेकर जम्मू जा रहा था। पुलिस को मिला था सुराग अधिकारियों ने बताया कि डीएसपी आतंकियों को घाटी से बाहर निकालने में मदद कर रहा था। बताया जा रहा है कि डीएसपी की मदद से आतंकी दिल्ली आने वाले थे। उधर डीएसपी के घर पर छापेमारी के दौरान 5 ग्रेनेड और 3 एके-47 बरामद हुई हैं। डीएसपी को आतंकियों के साथ गिरफ्तार करने की मुहिम का दक्षिणी कश्मीर के डीआईजी अतुल गोयल ने नेतृत्व किया और कुलगाम के पास आतंकियों की कार को रुकवाया था।
नई दिल्ली: नागरिकता कानून के खिलाफ दरियागंज में प्रदर्शन के मामले में चंद्रशेखर को तीस हजारी कोर्ट ने बुधवार को सशर्त जमानत दी. कोर्ट ने शर्त में कहा कि अगले 4 सप्ताह तक चंद्रशेखर दिल्ली में नहीं रहेंगे. कोर्ट ने ये भी कहा कि चंद्रशेखर सहारनपुर में हर शनिवार को एसएचओ के सामने अपनी हाजरी देंगे. इस मामले में जब तक चार्जशीट दायर नहीं होती. सुनवाई के समय फटकार लगाई थी. भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की जमानत पर सुनवाई के दौरान तीस हजारी कोर्ट ने चंद्रशेखर को फटकार लगाई. कोर्ट ने चंद्रशेखर को कहा, "आपको इंस्टीट्यूशन और प्रधानमंत्री का सम्मान करना चाहिए. कोर्ट ने ये भी कहा कि जो समूह विरोध-प्रदर्शन करता है, उसी पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुचाने का आरोप भी लगता है और इस मामले में पुलिस ने कहा है कि हिंसा हुई है और पुलिस बाराकेडिंग, दो प्राइवेट गाड़ियों को नुकसान पहुचा है. इसकी जवाबदेही भी चंद्रशेखर की है. वकील ने बताया कि धरने के लिए ई-मेल भेजकर इजाज़त मांगी गई थी. जज ने कहा कि अगर धरने के बाद कोई घटना होती है तो यह आपकी ज़िम्मेदारी होगी. कोर्ट ने सरकारी वकील से कहा कि अपनी कल जो पढ़ा था वह भड़काऊ भाषण नहीं है. जज ने आज़ाद के वकील को आरएसएस का नाम लेने पर टोका, कहा कि आप अपनी बात करिए. जज ने आज़ाद के मेडिकल सुविधा के बारे में पूछा आज़ाद के वकील ने कहा प्राचा कि ड्रोन के वीडियो से साफ है कि जामा मस्जिद के पास कोई हिंसा नही हुई. जज ने आज़ाद के वकील से पूछा कि अगर आज़ाद को रिहा किया जाता है तो आप कैसे सुनिश्चित करेंगे कि किसी प्रकार की कोई हिंसा नही होगी. चंद्रशेखर के वकील महमूद प्राचा ने कोर्ट में चंद्रशेखर के ट्वीट पढ़े. रामप्रसाद बिस्मिल्लाह के कोट को चंद्रशेखर ने ट्वीट किया. इसे वो रोज गाते हैं, जिस पर कोर्ट ने कहा कि वाकई में रोज गाते हैं? इस ट्वीट से क्या जनता भड़केगी नहीं. महमूद प्राचा ने कोर्ट से कहा कि सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन था.
मुंबई, 14 जनवरी 2020,नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध और समर्थन अब तक सड़कों पर ही दिख रहा था, लेकिन मंगलवार को इसका शोर मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भी देखने को मिला. दरअसल, वानखेड़े स्टेडियम में जिस वक्त भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमें आमने-सामने थीं उस दौरान कुछ दर्शक एनआरसी, सीएए और एनपीआर के खिलाफ नारे लगाने लगे. इसके जवाब में कुछ दर्शक मोदी-मोदी के नारे लगाने लगे. दोनों ही गुटों में इस दौरान बहस भी देखने को मिली. सुरक्षा कर्मियों के दखल देने के बाद मामला शांत हुआ. CAA विरोधी नारे लिखी टी-शर्ट पहनकर पहुंचे दर्शक वानखेड़े स्टेडियम में कुछ दर्शकों ने CAA विरोधी नारे लिखी टी-शर्ट पहनकर पहुंचे. दर्शकों ने स्टेडियम में CAA, NRC और NPR के विरोध में टी-शर्ट पहनकर मोदी सरकार का विरोध किया. इस दौरान इन दर्शकों ने अपनी जगह खड़े होकर नारे भी लगाए. हालांकि, इस दौरान इन युवाओं ने जोर-जोर से इंडिया-इंडिया के भी नारे लगाए. इस दौरान पीछे से मोदी-मोदी के नारे भी लगे. इस दौरान दोनों गुटों में से कुछ लोगों की बहस हुई. घटना के फौरन बाद वहां मौजूद सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंच गए और उन्हें हटाने की कोशिश करने लगे. हालांकि, बाद में सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें शांति बनाए रखने की चेतावनी देकर छोड़ दिया. मैच के दौरान सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले इन छात्रों में कई लड़कियां भी शामिल थीं. ये सभी अपनी शर्ट के नीचे पहनी टीशर्ट पर नो सीएए, एनआरसी और नो एनपीआर लिखकर आए थे. मैच शुरू होने के थोड़ी ही देर बाद ये सभी छात्र अपनी शर्ट के बटन खोलकर एक क्रम में खड़े हो गए, जिसके बाद टीशर्ट पर लिखा 'नो सीएए, नो एनआरसी, नो एनपीआर' का नारा साफ देखा जा सकता था. दर्शकों ने क्या कहा स्टेडियम में मौजूद रहे दर्शक हर्ष पटेल ने कहा कि हर जगह ये आते हैं और विरोध करते हैं. हम हर जगह प्रदर्शन देख रहे हैं. इसका असर आम लोगों पर पड़ता है. हम यहां पर मैच का मजा ले रहे हैं और कुछ लोग प्रदर्शन करके राजनीति कर रहे है. इसे रुकना चाहिए. विरोध प्रदर्शन में शामिल एक दर्शक ने कहा कि हम शांतिपूर्ण ढंग से अपना संदेश देने के लिए स्टेडियम पहुंचे. हमने अपना संदेश दिखाने के अलावा कुछ भी नहीं किया. हमारी टी शर्ट पर लिखा है. BCCI नियम यह भी पुष्टि करता है कि आप अपने संदेश को वाणिज्यिक संदेशों से अलग कर सकते हैं. हम पिछले कई दिनों से विरोध कर रहे हैं, लेकिन अब तक पीएम मोदी ने सीएए, एनआरसी और एनपीआर पर बात करने के लिए हमसे संपर्क नहीं किया है.
पटना, 15 जनवरी 2020,बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने सीएए का विरोध करने वालों पर कड़ा प्रहार किया है. मोदी ने ट्वीट कर कहा है कि जिनकी राजनीति किसी समुदाय को डराने और बांटने पर टिकी है, वो रस्सी को सांप बताते रहें. पूरे देश में 10 जनवरी 2020 से नागरिकता संशोधन कानून लागू हो चुका है. नागरिकता और जनगणना के मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भ्रम दूर कर दिए हैं, लेकिन जिनको राजनीति करनी है वे करते रहें. एनडीए इन दोनों मुद्दों पर एकजुट है. सुशील मोदी का यह ट्वीट मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विधानसभा में दिए गए बयान के ठीक एक दिन बाद आया है, बयान में नीतीश कुमार ने सीएए जैसे मुद्दे पर सदन में चर्चा करने की बात कही थी, साथ ही ये भी कहा था कि एनपीआर 2010 से ही लागू है लेकिन उसमें कुछ नए प्रावधान जोड़े गए हैं. उनका अध्ययन करने के बाद इस पर कुछ कहेंगे, जबकि नीतीश ने एनआरसी को साफ नकार दिया था. नीतीश कुमार जब विधानसभा में अपना बयान दे रहे थे तो बगल में सुशील मोदी भी बैठे हुए थे लेकिन उपमुख्यमंत्री ने अपने ट्वीट में साफ लिखा है कि नागरिकता और जनगणना के मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भ्रम दूर कर दिए. मोदी ने अपने ट्वीट में आगे लिखा है कि जो कानून पड़ोसी देशों से आए पीड़ित शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए बना है, उसे देश के किसी व्यक्ति, समुदाय या धर्म के खिलाफ साबित करना 2020 के दशक का सबसे बड़ा झूठ है. उन्होंने सवाल किया कि इस झूठ के लिए महागठबंधन और वामदलों ने पिछले महीने दो बार बंद कराकर सरकारी संपत्ति को जो नुकसान पहुंचाया है, वो क्या असहमति प्रकट करने का लोकतांत्रित तरीका था. मोदी ने तेजस्वी यादव को आरजेडी का युवराज बताते हुए ट्वीट में लिखा है कि वो संविधान बचाओ यात्रा की नौटंकी करते हैं, जबकि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए "धोखेबाज " जैसे घटिया शब्द का प्रयोग करते हैं. वो बताएं कि जिस मुख्यमंत्री के समय चारा घोटाला, अलकतरा घोटाला, बीएड डिग्री घोटाला हुआ, उसके बारे में कौन से शब्द का उपयोग करेंगे? क्या घोटाले और भ्रष्टाचार से बिहार को खोखला बनाना आरजेडी की विचारधारा का हिस्सा है?
नई दिल्ली, 15 जनवरी 2020, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार का रोल जल्द ही बदल सकता है. विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक रवीश कुमार को आस्ट्रिया या सिंगापुर में राजदूत की पोस्टिंग दी जा सकती है. रिपोर्ट के मुताबिक श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त तरनजीत सिंह संधु को अमेरिका में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया जा सकता है. फ्रांस में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा को नेपाल में भारत का राजदूत बनाया जा सकता है. सूत्रों से 'इंडिया टुडे' को मिली जानकारी के मुताबिक, श्रीलंका में भारतीय उच्चायुक्त तरनजीत सिंह संधू के भारत के अगले अमेरिकी दूत होने की संभावना है. फ्रांस में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा को नेपाल भेजा जा सकता है. जबकि सिंगापुर में भारतीय उच्चायुक्त जावेद अशरफ को फ्रांस में भारत के राजदूत के रूप में क्वात्रा की जगह मिल सकती है. रुचि घनश्याम के सेवानिवृत्त होने के बाद आर्थिक संबंधों के सचिव टीएस तिरुमूर्ति के लंदन में भारतीय उच्चायुक्त बनने की संभावना है. इसी तरह विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार को या तो ऑस्ट्रिया या फ्रांस भेजे जाने की संभावना है जहां हाल ही में पद खाली हुए हैं. गोपाल बगले जो अभी प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात हैं, उन्हें श्रीलंका उच्चायुक्त भेजा जा सकता है. अजय बिसारिया को कनाडा के भारतीय उच्चायुक्त में भेजा जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक, राजदूतों के नियुक्ति की फाइल क्लियर कर दी गई है लेकिन सरकार की तरफ से इसका ऐलान किया जाना बाकी है. वाशिंगटन डीसी में भी नए राजदूत की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
मुंबई, 15 जनवरी 2020, मुंबई यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की आलोचना करना भारी पड़ गया है. मुंबई विश्वविद्यालय ने एकेडमी ऑफ थिएटर आर्ट्स विभाग के डायरेक्टर योगेश सोमन को प्रशासन ने जबरन छुट्टी पर भेज दिया है. इसके साथ ही उनके खिलाफ प्राप्त शिकायतों पर जांच भी शुरू कर दी है. सोमन के खिलाफ कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय में चल रहा विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया है. कई छात्र संगठन कर रहे थे प्रोफेसर का विरोध कई छात्र संगठनों ने आरोप लगाया था कि सोमन ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. बता दें कि सोमेन के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर कुछ छात्र सोमवार को धरने पर भी बैठ गए थे. गौरतलब है कि मुंबई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर योगेश सोमन ने दिसंबर महीने में फेसबुक पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी को लेकर एक पोस्ट लिखा था. यह पोस्ट राहुल गांधी के वीर सावरकर को लेकर दिए गए बयान से संबंधित था. छात्र भारती और एआईएसएफ ने 13 जनवरी को शुरू किया था आंदोलन छात्र भारती के मुंबई इकाई के अध्यक्ष श्रीधर पेडणेकर ने मंगलवार को कहा, "छात्र भारती छात्र संघ और एआईएसएफ के कार्यकर्ताओं ने 13 जनवरी से आंदोलन शुरू किया था. एमएलसी कपिल पाटिल के हस्तक्षेप के बाद ही, मुंबई विश्वविद्यालय के महासचिव ने 11.30 बजे एक पत्र जारी किया जिसमें कहा गया कि सोमन को जबरन छुट्टी पर भेजा जा रहा है.
नई दिल्ली, 15 जनवरी 2020, छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने एनआईए कानून को चुनौती दी है. सरकार की ओर से इस बाबत सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिका में कहा गया है कि ये कानून जांच का अधिकार स्थानीय पुलिस से ले लेता है. याचिका में इस कानून को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की गई है. बता दें, मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद तत्कालीन यूपीए सरकार ने 2008 में एक विधेयक लाकर एनआईए का गठन किया था. उस वक्त अमेरिका की फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) की तर्ज पर इस एजेंसी का गठन देश भर में आतंकवादी कार्रवाइयों की जांच के लिए किया गया था. बाद में मोदी सरकार ने एनआईए को और भी ताकतवर बनाने के लिए संसद में विधेयक लेकर आई जिसमें प्रावधान किया गया कि अब यह एजेंसी मानव तस्करी, साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की भी जांच कर सकेगी. मोदी सरकार का मानना है कि वर्तमान में एनआईए के पास आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए पर्याप्त शक्ति नहीं है. एजेंसी के जरिए आतंकवाद का खात्मा तभी हो सकेगा, जब एनआईए को जांच आदि से जुड़े और अधिकार मिले. कांग्रेस इस बिल का विरोध करती रही है और उसका मानना है कि किसी जांच एजेंसी के और ताकतवर बनाने के कुछ नुकसान भी हैं क्योंकि उससे राजनीतिक इस्तेमाल का खतरा पैदा होता है. संसद में यह बात कांग्रेस नेता मनीष तिवारी कह चुके हैं. मनीष तिवारी ने कहा था कि एनआईए की संवैधानिक वैधता पर पहले भी सवाल खड़े हुए थे और फिर हो सकते हैं, ऐसे में सरकार को इससे निपटने के प्रावधान भी करने चाहिए.
श्रीनगर, 15 जनवरी 2020,जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बुधवार को सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई. इस घटना में सुरक्षाबलों ने एक आतंकी को मार गिराया. सुरक्षाबलों ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया है और तलाशी अभियान चला रहे हैं. मुठभेड़ में मारे गए आतंकी की अबतक पहचान नहीं हो पाई है. इससे पहले रविवार को सुरक्षा बलों ने तीन आतंकियों को मार गिराया था. दक्षिण कश्मीर के त्राल में गुलशन पोरा में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन आतंकवादियों की मौत हो गई. आतंकवादियों की पहचान उमर फयाज लोन उर्फ हमद खान, आदिल बशीर मीर उर्फ अबु दुजाना और फैजान हामिद के रूप में हुई. सभी त्राल के रहने वाले थे. उमर और आदिल जहां हिजबुल मुजाहिदीन के संपर्क में थे, फैजान जैश-ए-मोहम्मद के संपर्क में था. पुलिस महानिरीक्षक विजय कुमार ने श्रीनगर में कहा, "त्राल में आतंकवादियों की मौजूदगी की खास जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने एक अभियान शुरू किया." कुमार ने कहा, "हमें हमद खान के बारे में जानकारी मिली, जो नागरिकों और पुलिस की हत्याओं में संलिप्त था. उसे पहले समर्पण के लिए कहा गया, लेकिन उसने गोलीबारी शुरू कर दी और पुलिस ने फिर जवाबी कार्रवाई की."
15 जनवरी 2020,श्रीनगर में सुरक्षा एजेंसियों ने डीएसपी देवेंद्र सिंह के रिश्तेदारों के घर छापा मारा है. रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने एक बैंक ऑफिसर एक डॉक्टर के घर तलाशी ली है. इसके अलावा इंदिरा नगर में स्थित शिव मंदिर की तलाशी भी ली गई है. खुफिया सूत्रों ने कहा कि छापे मारी में सेना के 15 कोर का पूरा नक्शा, साढ़े सात लाख कैश और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किया है. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि देवेंद्र सिंह ने अपने रिश्तेदारों के घर में पैसा छुपाकर रखा है. छापेमारी के दौरान पूरे इलाके का जायजा लेने के लिए ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया गया.
15 जनवरी 2020,श्रीनगर में सुरक्षा एजेंसियों ने डीएसपी देवेंद्र सिंह के रिश्तेदारों के घर छापा मारा है. रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों ने एक बैंक ऑफिसर एक डॉक्टर के घर तलाशी ली है. इसके अलावा इंदिरा नगर में स्थित शिव मंदिर की तलाशी भी ली गई है. खुफिया सूत्रों ने कहा कि छापे मारी में सेना के 15 कोर का पूरा नक्शा, साढ़े सात लाख कैश और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किया है. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि देवेंद्र सिंह ने अपने रिश्तेदारों के घर में पैसा छुपाकर रखा है. छापेमारी के दौरान पूरे इलाके का जायजा लेने के लिए ड्रोन कैमरे का भी इस्तेमाल किया गया.
नई दिल्ली, 15 जनवरी 2020, कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर के बयान पर सियासी बवाल जारी है. बीजेपी नेता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा है कि मणिशंकर अय्यर की भाषा फिदायिनों वाली है. उन्होंने कहा कि अभी-अभी मणिशंकर अय्यर पाकिस्तान से होकर आए हैं वहां से पता नहीं कौन सा इंजेक्शन लगवा कर आए हैं. जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, 'मणिशंकर अय्यर की भाषा फिदायनी वाली है. अभी-अभी मणिशंकर पाकिस्तान होकर आए, वहां से पता नहीं कौन सा इंजेक्शन लगवाकर आए.' उन्होंने कहा, मणिशंकर अय्यर पहलें भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में इस तरह का बयान दें चुके हैं. यहां तक कि कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी पीएम के बारे में अपशब्दों का प्रयोग कर चुकी हैं. कांग्रेस का फिदायनी भाषा बोलने का इतिहास रहा है. राव ने कहा, 'भारत में लोकतंत्र है, कोई भी कहीं जा सकता है. चिदम्बरम भी धरने में जा सकते हैं लेकिन वो तो पढ़े लिखे व्यक्ति हैं वो भी आज कल राहुल गांधी, सिद्धू की तरह झूठ बोलने लगे है.' जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, 'एक साल पहले बांग्लादेश सरकार ने भारत सरकार को पत्र लिखकर कहा था कि ममता बनर्जी के सांसदों और विधायकों के बांग्लादेश के आतंकी संगठनों से संबंध हैं. शारदा चिटफंड के पैसा का बांग्लादेश से क्या कोई कनेक्शन है?' मंगलवार को दिल्ली के शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे मणिशंकर अय्यर ने कहा था कि देखते हैं किसका हाथ मजबूत है, हमारा या कातिलों का. शाहीन बाग में मणिशंकर अय्यर ने कहा, 'जो मैं आपके लिए कर सकता हूं वो मैं करने को तैयार हूं. मैं ये वादा करता हूं. आप सबके सामने वादा करता हूं. जो कुछ सहारा भी आप मुझ से चाहते हैं. .मैं हम नहीं कह रहा हूं. मैं. मैं कह रहा हूं. मुझ से चाहते हो, वो मैं देने को तैयार हूंऔर जो भी कुर्बानियां देनी हों, उसमें मैं भी शामिल होने को तैयार हूं. अब देखें कि किसका हाथ मजबूत है, हमारा या उस कातिल का?'
नई दिल्ली, 15 जनवरी 2020, कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद महाबल मिश्रा के बेटे विनय मिश्रा आम आदमी पार्टी से चुनावी मैदान में उतरेंगे. अरविंद केजरीवाल ने विनय मिश्रा को द्वारका सीट से उम्मीदवार बनाया है तो कांग्रेस आलाकमान ने दिल्ली में अपने सभी पूर्व सांसदों और लोकसभा चुनाव लड़ चुके नेताओं को विधानसभा चुनाव लड़ने का फरमान जारी कर दिया है. ऐसे में महाबल मिश्रा धर्म संकट में फंसे हुए नजर आ रहे हैं. कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने दिल्ली कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं को विधानसभा चुनाव लड़ने का आदेश दिया है. साथ ही दिल्ली की सातों संसदीय सीटों पर लोकसभा प्रत्याशी रहे नेताओं को भी विधानसभा चुनाव में लड़ने का फरमान जारी किया है. इसके चलते कई वरिष्ठ नेताओं को धर्म संकट में डाल दिया है. इनमें से पश्चिम दिल्ली सीट से लोकसभा चुनाव लड़ चुके महाबल मिश्रा के लिए सबसे बड़ी मुसीबत खड़ी हो गई है और वह पुत्र-पार्टी के बीच में फंस गए हैं. महाबल मिश्रा किस सीट से लड़ेंगे चुनाव महाबल मिश्रा द्वारका सीट से विधायक रह चुके हैं और 2015 में भी इसी सीट से चुनावी मैदान में उतरे थे, लेकिन जीत नहीं सके थे. सोमवार को उनके बेटे विनय मिश्रा ने कांग्रेस छोड़कर आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया था और केजरीवाल ने उन्हें 24 घंटे के अंदर ही द्वारका सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया है. इसके बाद यह सवाल खड़ा हो गया है कि महाबल मिश्रा क्या द्वारका सीट पर अपने बेटे के खिलाफ चुनावी मैदान में उतरेंगे या फिर किसी और से सीट से किस्मत आजमाएंगे. हालांकि महाबल मिश्रा लोकसभा सांसद रह चुके हैं और कद्दावर पूर्वांचली नेता माने जाते हैं. ऐसे में पश्चिम दिल्ली की कई विधानसभा सीटों पर उनका राजनीतिक प्रभाव है. ऐसे में द्वारका सीट पर उनके बेटे के चुनावी मैदान में उतरने के बाद अब उनके सामने पालम और जनकपुरी सीट से चुनाव लड़ने के विकल्प खुले हुए हैं. ऐसे में महाबल मिश्रा चुनाव लड़ेंगे तो किस सीट से लड़ेंगे और अगर नहीं लड़ते हैं तो फिर क्या पुत्र को विधायक बनाने में अहम भूमिका अदा करेंगे? महाबल मिश्रा का सियासी सफर बता दें कि महाबल मिश्रा का जन्म बिहार के मधुबनी जिले के सिरियापुर में हुआ. उन्होंने इंटरमीडियट के बाद मुजफ्फरपुर के एलएस कॉलेज से डिप्लोमा किया. मिश्रा ने अपना सियासी सफर दिल्ली नगर निगम से पार्षद के रूप में शुरू किया. 1997 में डाबरी सीट से निगम पार्षद चुने गए और एक साल बाद दिल्ली में हुए विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमाई. 1998 में दिल्ली के नसीरपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक बने. इसके बाद 2003 और 2008 में वह द्वारका सीट से विधायक बनने में कामयाब रहे. मिश्रा 2009 में सांसद बने साल 2009 के लोकसभा चुनाव में वह पश्चिमी दिल्ली से सांसद चुने गए. हालांकि 2014 के चुनावों में बीजेपी की लहर के चलते वह तीसरे नंबर पर खिसक गए थे और 2019 के चुनाव में वो दूसरे नंबर पर रहे हैं. उन्हें बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने हराया है. 2014 के विधानसभा चुनाव हारने के बाद महाबल मिश्रा ने 2015 में द्वारका सीट से मैदान में उतरे, लेकिन जीत नहीं सके. अब बेटा द्वारका सीट से है और पार्टी ने उन्हें भी चुनाव लड़ने का फरमान जारी कर दिया है.
नई दिल्ली, 15 जनवरी 2020,जेएनयू हिंसा में नाम आने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा कोमल शर्मा पहली बार सामने आई है. कोमल शर्मा ने राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्लू) को पत्र लिखकर अपना पक्ष रखा है. कोमल शर्मा ने कहा है कि वीडियो और तस्वीरों में हाथ में डंडे लेकर दिखाई देने वाली लड़की वो नहीं है. दिल्ली पुलिस ने अपने जांच में पाया था कि वीडियो में दिख रही लड़की का नाम कोमल शर्मा है और वो डीयू की छात्रा है. कोमल शर्मा दिल्ली विश्वविद्यालय में सेकेंड इयर की छात्रा है. पुलिस इस लड़की से पूछताछ करने के लिए उसकी तलाश कर रही है. इससे पहले आजतक के स्टिंग ऑपरेशन में हिंसा करने वाली हमलावर लड़की की सच्चाई सामने आई थी. आजतक की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने पाया कि पांच जनवरी को जेएनयू में डंडा लेकर हमला करने वाली नकाबपोश लड़की का नाम कोमल शर्मा है. वह दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की कार्यकर्ता है. कोमल शर्मा के सीनियर और सोशल मीडिया यूजर्स ने भी इसकी पुष्टि की है. इस बात की भी पुष्टि हुई है कि पांच जनवरी को कोमल शर्मा जेएनयू में मौजूद थी. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को नौ संदिग्धों की तस्वीरें जारी की. पुलिस का कहना है कि इन संदिग्धों में जेएनयूएसयू की अध्यक्ष आइशी घोष भी शामिल हैं. डीसीपी क्राइम, जॉय तिर्की ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि नौ संदिग्धों में से चार जेएनयू के हैं.
नई दिल्ली, 15 जनवरी 2020,भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सांसद साक्षी महाराज ने बुधवार को कहा कि पूरा देश आज नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के पक्ष है और प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के साथ खड़ा है, लेकिन मुठ्ठी भर लोग देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं. ऐसे ही लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं. बीजेपी सांसद साक्षी महाराज ने कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर को जवाब देते हुए कहा कि उन्हें कुर्बानी देने से किसने रोका है. बता दें कि मणिशंकर अय्यर दिल्ली के शाहीन बाग में सीएए के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन में शामिल हुए थे और कहा था कि वो भी कुर्बानी में शामिल होने को तैयार हैं. साक्षी महाराज ने कहा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी, बीएसपी और लेफ्ट पार्टियों के पास कुछ बचा नहीं है इसलिए वे सीएए का विरोध कर अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं. पहले मणिशंकर अय्यर बताएं कि किसने 1984 में सिखों का कत्ल किया था. किस के राज में कश्मीरी पंडितों को घाटी को छोड़ना पड़ा था. गुरुमूर्ति के बयान से सहमत बीजेपी सांसद ने कहा, पी. चिदंबरम अभी जेल से पिकनिक मना कर आए हैं. अभी उनके पास कोई काम नहीं है इसलिए वे वहां जा रहे हैं. जिस तरह से जेएनयू में पढ़ाई की जगह हर रोज नए-नए विवाद आते हैं, उसके बाद मैं भी गुरुमूर्ति, सुब्रमण्यम स्वामी की बात से सहमत हूं कि जेएनयू को बंद कर देना चाहिए. उन्होंने कहा, पीएम मोदी और अमित शाहसे कहना चाहता हूं कि जेएनयू में पढ़ाई की जगह जो विवाद पैदा करे रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए. मायावती बताएं कितना चढ़ावा आया बीएसपी प्रमुख मायावती के जन्मदिन पर साक्षी महाराज ने कहा, आज मायावती जी का जन्मदिन है, उन्हें उनके जन्मदिवस की बहुत बहुत बधाई. मैं मायावती से इतना कहना चाहता हूं कि अपने जन्मदिन पर बीजेपी की चिंता करने की जगह अपनी पार्टी की चिंता करें तो ज़्यादा अच्छा रहेगा. बीजेपी ने देश की गरीब जनता के लिए सैकड़ों योजनाएं चलाई हैं. आज उन्हें बीजेपी का हिसाब देने की जगह अपनी पार्टी का हिसाब देना चाहिए. साक्षी महाराज ने कहा, हम कांग्रेस की राह पर नहीं चल रहे हैं. कांग्रेस क्यों सत्ता से बाहर गई है, ये सभी जानते हैं लेकिन मायावती क्यों नहीं बता रही हैं कि वो क्यों सत्ता से बाहर हो गईं. ये भी बताएं कि आज जन्मदिन पर कितना चढ़ावा आया है.
नई दिल्ली, 15 जनवरी 2020, बदरपुर से आम आदमी पार्टी (AAP) के मौजूदा विधायक एनडी शर्मा ने अपनी ही पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. आम आदमी पार्टी विधायक एनडी शर्मा ने कहा है कि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने टिकट देने के लिए उनसे 10 करोड़ रुपये की मांग की. शर्मा के मुताबिक, उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम की इस मांग से वे हैरान थे और उन्होंने इंकार कर दिया. एनडी शर्मा ने AAP से इस्तीफा दे दिया है, अब वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे. बता दें कि आम आदमी पार्टी ने एनडी शर्मा का टिकट काट दिया है. 20-21 करोड़ देने को तैयार एनडी शर्मा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, मनीष सिसोदिया ने मुझे अपने घर बुलाया. उन्होंने कहा कि राम सिंह (बदरपुर से जिन्हें टिकट मिला है) बदरपुर विधानसभा क्षेत्र से टिकट चाहते हैं. राम सिंह इसके लिए 20-21 करोड़ रुपये देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने (मनीष सिसोदिया) मुझसे 10 करोड़ रुपये की मांग की. मैंने देने से मना कर दिया और उनके घर से निकल गया. बाद में पार्टी से इस्तीफा दे दिया और निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया. संजय सिंह की सफाई एनडी शर्मा के इस आरोप पर आम आदमी पार्टी की ओर से खंडन किया गया है. पार्टी के सांसद संजय सिंह ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब किसी व्यक्ति को टिकट नहीं मिले तो उसका नाराज होना स्वाभाविक बात है. जब किसी को टिकट न मिले तो ऐसे बयान काफी आम हैं. उम्मीदवारों की सूची जारी बता दें, दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी ने आठ फरवरी को होने वाले 70 सदस्यीय विधानसभा चुनाव के लिए सभी उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल फिर से नई दिल्ली से चुनाव लड़ेंगे और मनीष सिसोदिया पटपड़गंज से चुनाव लड़ेंगे. मौजूदा 46 विधायक फिर से चुनाव लड़ेंगे, जबकि मौजूदा 15 विधायकों को बदला गया है. नौ सीटों पर आम आदमी पार्टी ने नए चेहरों को जगह दी है. सूची में आठ महिलाएं भी शामिल हैं.
नई दिल्ली, 15 जनवरी 2020,नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले एक महीने से प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों ने मांगें पूरी होने तक हटने से मना कर दिया है. इस बीच पुलिस ने उनसे वहां से हटने की अपील भी की, साथ ही इलाके के कुछ प्रमुख व्यक्तियों से मिलकर मामले को सुलझाने की कोशिश भी की जा रही है. इस बीच दिल्ली पुलिस शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों को हटाने को लेकर एक बैठक भी कर रही है कि किस तरह से उन्हें वहां से हटाया जाए. इससे पहले शाहीन बाग-कालिंदी कुंज में सड़क को जाम करने के मामले की मंगलवार को सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने गेंद केंद्र और दिल्ली पुलिस के पाले में डाल दी. हटाने की जबरन कोशिश नहींः पुलिस मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि संबंधित विभाग यानी कि पुलिस इस मामले में कानून के तहत काम करे. शाहीन बाग से प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए दिल्ली पुलिस जबरन कोशिश नहीं कर रही है. पुलिस नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने की कोशिश कर रही है. जानकारी के मुताबिक, पुलिस क्षेत्र के कुछ प्रमुख व्यक्तियों से मिलकर मामले को सुलझाने की कोशिश में जुटी है. मांग माने जाने तक जारी रहेगा प्रदर्शन हालांकि पिछले एक महीने से प्रदर्शन कर रहे लोगों ने वहां से हटने से साफ-साफ मना कर दिया है. शाहीन बाग में मौजूद महिलाओं का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से यह नहीं कहा जाएगा कि सीएए लागू नहीं होगा तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा. प्रदर्शन कर रही एक महिला ने कहा कि CAA और NRC लागू नहीं करने के ऐलान करने के साथ ही हम भी यहां से उठ जाएंगे. एक अन्य महिला का कहना है कि हमें पता है कि आम लोगों की इस प्रदर्शन से दिक्कत हो रही है, लेकिन हमारी दिक्कत उनकी दिक्कत से कहीं ज्यादा है. स्थानीय व्यापारियों से भी संपर्क में पुलिस इस बीच दिल्ली पुलिस स्थानीय व्यापारियों से भी संपर् क में है. व्यापारियों से उनकी दुकानें खोलने का अनुरोध किया गया है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि हमें उम्मीद है कि प्रदर्शनकारी हाई कोर्ट के आदेश को समझेंगे. एक बेहतर समझ पैदा होगी और दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाले रास्ते को खोला जाएगा. नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) और नेशनल रजिस्टर फॉर पॉपुलेशन (NRC) के विरोध में एक महीने से शाहीन बाग में विरोध प्रदर्शन चल रहा है. इस प्रदर्शन की वजह से दिल्ली से नोएडा जाने वाला रास्ता जाम है और इसी समस्या पर दिल्ली हाई कोर्ट में जब मामले की सुनवाई हुई तो अदालत ने प्रशासन को कानून के मुताबिक काम करने का निर्देश दिया. सीएए के खिलाफ इस प्रदर्शन में महिलाओं की संख्या पुरुषों के मुकाबले कहीं ज्यादा है. छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक विरोध-प्रदर्शन में शामिल हैं. नागरिकता कानून के खिलाफ भीड़ डटी हुई है और मांगें माने जाने तक प्रदर्शन करने की बात कही जा रही है.

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