नई मोदी कैबिनेट में इन 6 युवा मंत्रियों का बढ़ सकता है कद

नई दिल्ली, 28 मई 2019,लोकसभा चुनाव 2019 में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी ने प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी की है. नरेंद्र मोदी की ताजपोशी की तैयारी शुरू हो चुकी है. इसके साथ ही राजनीतिक कयास लगाए जाने लगे हैं कि मोदी सरकार की नई कैबिनेट में किन पुराने चेहरों का कद बढ़ेगा और किन नेताओं की इस बार छुट्टी होगी. इस फेहरिश्त में 6 नाम ऐसे हैं, जिनके पिछले काम को देखकर लगता है कि इस बार उनका प्रमोशन होना लाजमी है. पीयूष गोयल मोदी सरकार की नई कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल का कद बढ़ सकता है. 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार बनी तो पीयूष गोयल को कोयला-पावर एंड न्यू रिन्यूएबल एनर्जी का राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी मिली थी. देश में लगातार हो रही ट्रेन दुर्घटना के चलते सुरेश प्रभु के हाथों से रेल मंत्रालय की जिम्मेदारी लेकर पीयूष गोयल को सौंपी गई थी. यही नहीं अरुण जेटली अपने इलाज के लिए विदेश में थे तो वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी भी पीयूष गोयल के कंधों पर थी, जिसके चलते उन्होंने इस साल का केंद्रीय बजट भी पेश किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के पीयूष गोयल काफी भरोसेमंद और करीबी माने जाते हैं. ऐसे में माना जा रहा है कि मोदी सरकार की नई कैबिनेट में पीयूष गोयल का प्रमोशन हो सकता है. जनरल वी. के. सिंह जनरल वीके सिंह दूसरी बार गाजियाबाद सीट से जीतकर संसद पहुंचने में सफल रहे. सेना के जनरल के पद से रिटायर होने के बाद वीके सिंह ने 2014 के चुनाव से ऐन पहले बीजेपी ज्वाइन किया और रिकॉर्ड मतों से जीतकर संसद पहुंचे और मोदी सरकार में विदेश राज्य मंत्री बनाए गए थे. राज्यमंत्री रहते हुए वीके सिंह ने बेहतर काम किए थे, इनमें यमन में आईएस आतंकियों के चंगुल में फंसे सैकड़ों भारतीयों को सही सलामत वापस लाने का मामला हो या फिर इराक में आतंकियों के हाथ मारे गए 39 भारतीयों के अवशेष को उनके परिवार तक पहुंचाने का काम हो. ऐसे में माना जा रहा है कि इस बार मोदी सरकार की नई कैबिनेट में वीके सिंह का कद बढ़ सकता है. धर्मेंद्र प्रधान बीजेपी के दिग्गज नेताओं में धर्मेंद्र प्रधान का नाम आता है. 2014 में बनी मोदी सरकार में धर्मेंद्र प्रधान पेट्रोलियम मंत्रालय का राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी दी गई थी. उज्जवला योजना के तहत देश के गरीब परिवारों को मुफ्त में गैस कनेक्शन दिए गए. इस योजना के तहत 7 करोड़ लोगों को मुफ्त में गैस कनेक्शन दिए गए. इस योजना का बीजेपी को जबरदस्त फायदा मिला और मोदी सरकार की वापसी में इस योजना की अहम भूमिका मानी जा रही है. इसके अलावा ओडिशा में पार्टी का ग्राफ बढ़ाने में अहम भूमिका रही है. ऐसे में मोदी सरकार की नई कैबिनेट में धर्मेंद्र प्रधान का कद बढ़ाया जा सकता है. राज्यवर्धन सिंह राठौर राज्यवर्धन सिंह राठौर 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी का दामन थामा और चुनाव जीतकर संसद पहुंचे और मोदी सरकार में केंद्रीय खेल राज्यमंत्री बने. इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा. स्मृति ईरानी से सूचना प्रसारण मंत्रालय की जिम्मेदारी वापस लेकर राज्यवर्धन सिंह राठौर को स्वतंत्र प्रभार के रूप में सौंपी गई थी. राठौर दूसरी बार चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं, ऐसे में मोदी सरकार में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है. बाबुल सुप्रियो पश्चिम बंगाल के आसनसोल सीट से दूसरी बार चुनाव जीतने वाले बाबुल सुप्रियो का कद इस बार बढ़ सकता है. बंगाल में बीजेपी जिस तरह से 42 में से 18 सीटें जीतने में कामयाब रही है. ऐसे में सुप्रियो का कद बढ़ना लाजमी है, क्योंकि डेढ़ साल के बाद ही बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में पार्टी राज्य में ममता से सत्ता छीनने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है. हालांकि बाबुल सुप्रियो 2014 में मोदी सरकार में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जयंत सिन्हा जयंत सिन्हा हजारीबाग सीट से दूसरी बार चुनाव जीतने में कामयाब रहे हैं. जयंत को राजनीति उनके पिता यशवंत सिन्हा से विरासत में मिली है. 2014 में पहली बार जयंत सिन्हा संसद पहुंचे तो उन्हें केंद्र की मोदी सरकार में राज्य वित्त मंत्री का दर्जा मिला. इसके बाद जब कैबिनेट में फेर-बदल हुआ तो उन्हें राज्य नागरिक उड्यन मंत्रायल का पद दिया गया. हालांकि उनके पिता यशवंत सिन्हा मोदी सरकार के खिलाफ अभियान चलाते रहे, लेकिन जयंत ने बीजेपी का दामन नहीं छोड़ा. माना जा रहा है कि इस बार मोदी कैबिनेट में उनका प्रमोशन हो सकता है.

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