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मैनकाइंड: मेरठ के जुनेजा भाइयों ने कैसे बदली फार्मा सेक्टर की तस्वीर
नई दिल्ली देश की सबसे 'हॉट' फार्मा कंपनी मैनकाइंड के चेयरमैन रमेश जुनेजा और सीईओ राजीव जुनेजा ने निरमा के फाउंडर कार्सनभाई पटेल और मैनेजमेंट गुरु सीके प्रह्लाद से काफी कुछ सीखा है। जैसे देसी निरमा ब्रैंड ने 90 के दशक में मिडल क्लास को ऐड्स के जरिए अपना उपभोक्ता बनाया था, कुछ वैसा ही तरीका मैनकाइंड के जुनेजा बंधुओं ने भी अपनाया है। निरमा के प्रचार में बॉलिवुड की हीरोइनें वाशिंग पाउडर बेच रहीं थीं और लोगों ने इसे हाथोंहाथ लिया था। मैनकाइंड एक सफल फार्मा कंपनी बनकर उभरी है। क्रिसकैपिटल जैसी कंपनी ने तीन साल के अंदर मैनकाइंड में दोबारा निवेश किया है। जुनेजा बंधुओं मैनकाउंड के कॉन्डम और कॉन्ट्रासेप्टिव प्रॉडक्ट्स को हमारे बेडरूम से निकाल प्राइम टाइम टीवी पर लेकर आए। 2007 में टीवी पर आना शुरू हुए मैनकाइंड के कॉन्डम ऐड अबतक के कॉन्डम ऐडवर्टाइजमेंट से काफी ज्यादा खुले थे। असर यह हुआ कि लोगों के जुबान पर कॉन्डम के नाम पर मैनफोर्स ब्रैंड चढ़ गया। मेरठ से आए जुनेजा बंधुओं ने 22 सालों में फार्मा सेक्टर में खुद को स्थापित करने के लिए छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में बाकी कंपनियों से सस्ती दवाइयां भी बेचीं। मैनकाइंड में इन्वेस्ट करनी वाली कंपनी क्रिसकैपिटल के पार्टनर संजीव कॉल ने कहा, '2007 में जब हमने पहली बार मैनकाइंड में निवेश किया तब उन्हें बड़े टैक्सेज के बारे में भी पूरी जानकारी नहीं थी। आठ साल बाद हम 13 गुना रिटर्न तक पहुंचे। जुनेजा बंधु जल्दी सीखने वालों में से हैं।' जुनेजा बंधुओं ने सेल्स प्रमोशन पर काफी खर्च किया। वित्त वर्ष 12 और 13 में कंपनी ने 20 प्रतिशथ सालाना ग्रोथ दर्ज करते हुए राइवल कंपनी सन फार्मा को कड़ी टक्कर दी। 53 साल के राजीव जुनेजा कहते हैं, 'हम अभी भी विस्तार के मोड में हैं। हम नए इलाकों में फैल रहे हैं।' इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि मैनकाइंड ने ऐसे इलाकों में फोकस किया जहां बड़ी कंपनियों ने निवेश नहीं किया था और ऐसे इलाकों में सस्ते प्रॉडक्ट्स से मैनकाइंड ने अपनी जगह बनाई। मैनकाइंड 2.0 नए दशक में कंपनी ने अपना फोकस भी बदला। कंपनी ने डायबटीज और हाइपरटेंशन ड्रग्स बनाने शुरू किए जिससे लंबे समय तक अच्छा रेवेन्यू मिलता है। दूसरी तरफ ऐंटबायॉटिक्स में कॉम्पिटीशन काफी ज्यादा और रेट कट की गुंजाइश काफी कम होती है। मैनकाइंड का 90 प्रतिशत रेवेन्यू फार्मा प्रॉडक्ट्स की सेल्स से और प्रिस्क्रिप्शन वाली दवाइयों से आता है। इंड्स्ट्री ऐनालिस्ट्स के मुताबिक, मैनकाइंड सिप्ला जैसी कंपनियों के मुकाबले मार्केटिंग और प्रमोशन पर कम से कम दो गुना अधिक खर्च करता है। ब्रैंड कंसल्टेंट हरीश बीजूर कहते हैं, 'उनके कॉन्डम ब्रैंड का चेहरा सनी लियोनी हैं और पैरंट ब्रैंड के अमिताभ बच्चन, मैं उन्हें सलाह दूंगा कि आगे निकलने की बहुत अधिक कोशिश न करें।' मेडिकल रिप्रेजेंटिव्स के मामले में भी मैनकाइंड का सबसे बड़ा नेटवर्क है। सन फार्मा की सेल फोर्स 9200 लोगों के हाथ में है वहीं मैनकाइंड की 12,000 से अधिक की सेल्स फोर्स है। nbt

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