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खुले में नमाज न पढ़ने की सलाह पर खट्टर का यूटर्न, विज बोले, जमीन कब्जाने की नीयत से नमाज ठीक नहीं
चंडीगढ़/नई दिल्ली खुले स्थान की बजाय मस्जिद और ईदगाह में ही नमाज पढ़ने की सलाह देने के बाद हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर इस मसले पर यूटर्न लेते दिख रहे हैं। खट्टर ने सोमवार को कहा कि यदि कोई नमाज पढ़ने में बाधा पहुंचाता है तो प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा। इस बीच उनकी सरकार के मंत्री अनिल विज ने इस मसले को और तूल देते हुए कहा है कि जमीन कब्जा करने की नीयत से नमाज पढ़ना गलत है। उधर, मशहूर लेखिका तसलीमा नसरीन ने सीएम खट्टर के बयान का समर्थन करते हुए कहा है कि नमाज मस्जिद या ईदगाह में ही अता की जानी चाहिए। खट्टर के बयान की बाबत पूछने पर विज ने कहा, 'कभी-कभार यदि किसी को पढ़नी पड़ जाती है तो धर्म की आजादी है। लेकिन, किसी जगह को कब्जा करने की नीयत से नमाज पढ़ना गलत है। उसकी इजाजत नहीं दी जा सकती।' नसरीन ने हरियाणा के सीएम खट्टर के बयान का समर्थन करते हुए ट्वीट किया है। नसरीन ने अपने ट्वीट में कहा कि नमाज मस्जिद और ईदगाह में ही अता करनी चाहिए। यह सभी इबादतगाहों के लिए लागू होना चाहिए। सार्वजनिक स्थलों को बंद करना सही नहीं है। गुड़गांव में कई जगहों पर हिंदूवादी संगठनों की ओर से खुले स्थान या पार्क में नमाज का विरोध किए जाने को लेकर खट्टर ने कहा था कि मस्जिद या ईदगाह में ही नमाज पढ़ी जानी चाहिए। उनके इस बयान के बाद सूबे के विपक्षी दल कांग्रेस और इंडियन नैशनल लोकदल ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा था कि यदि ऐसा है तो फिर सार्वजनिक स्थानों पर जागरण आदि पर भी रोक लगाई जानी चाहिए। ऐसे में माना जा रहा है कि विपक्ष के हमले से बचने के लिए खट्टर ने यह बयान दिया है। बता दें कि पिछले सप्ताह शुक्रवार को गुरुग्राम में हिंदूवादी संगठनों के कुछ लोगों की ओर से कई इलाकों में नमाज में बाधा पहुंचाए जाने की बात सामने आई थी। शहर के कई इलाकों में भीड़ की ओर से 'जय श्री राम' और 'बांग्लादेशी वापस जाओ' जैसे लगाए जाने और नमाज में बाधा पैदा करने के चलते अजीब माहौल हो गया था। खासतौर पर यह घटनाएं शहर के व्यस्त इलाकों इफको चौक, उद्योग विहार, लेजर वैली पार्क और एमजी रोड पर हुई थीं। बीजेपी ने झाड़ा पल्ला, कहा- नमाज पर फसाद ठीक नहीं इस बीच पूरे विवाद पर बीजेपी ने टिप्पणी करते हुए कहा है कि मोदी सरकार सबका साथ, सबका विकास की नीति पर काम कर रही है। प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, 'नमाज पढ़ने से कोई किसी को नहीं रोक रहा है और यदि किसी सार्वजनिक स्थान या सड़क पर कोई धार्मिक आयोजन होता है तो प्रशासन को इसकी सूचना दी जाती है।' उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है और उन्होंने बाद में इसे स्पष्ट भी कर दिया है। उन्होंने कहा, 'जहां तक नमाज की बात है तो यह ईश्वर की उपासना है, इसलिए नमाज को लेकर झगड़ा और फसाद करना ठीक नहीं है।'

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