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पंजाब में बढ़ रही है कोरोना की मृत्यु दर, आंकड़े चिंताजनक

चेन्नई, 08 सितंबर 2020,एक तरफ देश भर में कोरोना केस की मृत्यु दर (Case Fatality Rate-CFR) घट रही है, वहीं पंजाब में यह बढ़ रही है. पंजाब में कोरोना मरीजों की संख्या के साथ मृत्यु दर के आंकड़े डराने वाले हैं. महाराष्ट्र में कोरोना से सबसे ज्यादा मौतें हुई हैं और गुजरात में केस मृत्यु दर सबसे ज्यादा रही है, लेकिन अब वहां स्थिति संभल रही है, लेकिन पंजाब के आंकड़े किसी को भी चिंता में डाल सकते हैं. पूरे देश में इस समय मृत्यु दर के सबसे चिंताजनक आंकड़े पंजाब से आ रहे हैं. वास्तविक संख्या के लिहाज से देखें तो पंजाब में अब तक करीब 1,800 मौतें दर्ज हुई हैं. मौतों की संख्या के मामले में पंजाब कोरोना से सबसे प्रभावित राज्यों की सूची में 9वें स्थान पर है. इसके उलट, महाराष्ट्र में अब तक कोरोना से 26,000 मौतें हो चुकी हैं. इस तरह मौतों के मामले में पंजाब काफी पीछे दिखता है. लेकिन मौतों को लेकर पंजाब से जो आंकड़े आ रहे हैं, वे डराने वाले हैं. दस दिन पहले केस मृत्यु दर के मामले में दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पंजाब गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरा सबसे खराब मृत्यु दर वाला राज्य बन गया. इस समय ये तीनों राज्य करीब 3% की मृत्यु दर दर्ज कर रहे हैं, जो राष्ट्रीय औसत से काफी ज्यादा है. केस मृत्यु दर या केस फेटलिटी रेट (CFR) किसी बीमारी में एक निश्चित अवधि में कुल संक्रमित लोगों की संख्या और इससे होने वाली मौतों का अनुपात है. हालांकि, महाराष्ट्र और गुजरात में केस मृत्यु दर नीचे आ रही है. साथ ही यह पूरे देश में नीचे आ रही है, लेकिन पंजाब में बढ़ रही है. पंजाब में हो रही हैं ज्यादा मौतें देश में हर दिन नई मौतें दर्ज करने वाले सबसे ज्यादा जिले महाराष्ट्र में हैं. शुक्रवार को नई मौतें दर्ज करने वाले 10 जिलों में से आठ महाराष्ट्र के थे. इन्हीं जिलों में हर दिन सबसे ज्यादा केस दर्ज हो रहे हैं. पंजाब के ज्यादातर जिलों में केस बहुत ज्यादा संख्या में नहीं दर्ज हो रहे हैं, लेकिन दर्ज की गई मौतें आनुपातिक रूप से ज्यादा हैं. शुक्रवार को पंजाब के 22 में से 16 जिलों में कोरोना से मौतें दर्ज की गईं. सबसे ज्यादा मृत्यु दर वाले 10 जिलों में से पांच पंजाब में हैं. इनमें कम से कम 25 मौतें हुई हैं और यहां मृत्यु दर सबसे ज्यादा है. शुक्रवार को दर्ज नए केस के अनुपात में सबसे ज्यादा नई मौतों वाले पांच जिलों में से तीन पंजाब के थे. पंजाब उन चंद राज्यों में से एक है जहां केस की तुलना में मौतों की संख्या दोगुनी होने में कम समय लग रहा है. यह इस बात का संकेत है कि राज्य में बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हैं और वे तभी सामने आ रहे हैं जब मरीज गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. इसलिए मौतें ज्यादा हो रही हैं. पंजाब सरकार के स्पष्टीकरण ने इस तथ्य को सही साबित किया है कि मरने वालों की संख्या इसलिए ज्यादा है क्योंकि लोगों में संक्रमण गंभीर अवस्था में पहुंच रहा है, तभी वे अस्पताल जा रहे हैं. इसका परिणाम मौतों के रूप में सामने आ रहा है. मृत्यु दर कम करने और ज्यादा से ज्यादा लोगों की जान बचाने के मकसद के साथ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने पंजाब और चंडीगढ़ में केंद्रीय टीमें भी भेजी थीं ताकि वायरस की रोकथाम, निगरानी, टेस्ट और कुशल क्लिनिकल मैनेजमेंट में सहयोग किया जा सके.

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