taaja khabar.....इंडोनेशिया के पहले दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, भारतीय नौसेना को मिल सकता है बड़ा तोहफा.....पाकिस्तान ने किया सीजफायर उल्लंघन, 1 बीएसफ जवान शहीद....कानूनी पैंतरे और लिंगायत कार्ड से विपक्षी विधायकों का समर्थन हासिल करेगी BJP?....कर्नाटक: सियासी उठापटक के बीच हैदराबाद पहुंचे कांग्रेस-जेडीएस के विधायक...रमजान में नो ऑपरेशन फैसले के बाद सेना की टेंशन पत्थरबाजों से निपटना...पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता ने सेना पर लगाए आरोप, नवाज शरीफ का किया समर्थन....नवाज के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की याचिकाएं खारिज.....अयोध्या मामला: 'राम की जन्मभूमि कहीं और शिफ्ट नहीं हो सकती'...रेलगाड़ियों के फ्लेक्सी फेयर में एक जून से मिल सकती है छूट...J&K: रमजान के पहले दिन आतंकियों ने की युवक की हत्या..
पश्चिम बंगाल उपचुनाव नतीजे: बीजेपी के लिए हार में भी छिपी जीत
कोलकाता पश्चिम बंगाल की उलुबेड़िया लोकसभा सीट और नोयापाड़ा विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस की जीत से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जरूर राहत की सांस ली होगी, लेकिन बीजेपी के लिए यह हार में छिपी जीत साबित हुई है। इन दोनों सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी दूसरे नंबर पर रहे। यह पार्टी के लिए वहां बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। पश्चिम बंगाल की उलुबेड़िया लोकसभा सीट और नोयापाड़ा विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुए। नतीजों में तृणमूल ने ही बाजी मारी। तृणमूल नोयापाड़ा सीट को कांग्रेस से छीन अपने खाते में ले आई, तो वहीं उलुबेड़िया सीट पर पार्टी का कब्जा बरकरार रहा। बीजेपी के लिए दोनों ही सीटों पर दूसरे स्थान पर रहना संतोषजनक रहा। नोयापाड़ा विधानसभा सीट उपचुनाव में तृणमूल प्रत्याशी सुनील सिंह ने 1,11,729 वोटों के साथ चुनाव जीता। यहां पर बीजेपी के संदीप बनर्जी दूसरे स्थान पर रहे। वहीं सीपीएम की गार्गी चटर्जी तीसरे और कांग्रेस के गौतम बोस चौथे नंबर पर रहे। इसी तरह उलुबेड़िया लोकसभा सीट टीएमसी के सांसद सुल्तान अहमद के निधन के बाद खाली हुई थी, जहां से दिवंगत नेता की पत्नी सजदा अहमद चुनाव लड़ रही थीं। उन्हें मिली 4 लाख 70 हजार वोटों की बंपर जीत को जनभावना की लहर के तौर पर देखा जा रहा है। लेकिन बीजेपी प्रत्याशी अनुपम मलिक, सीपीएम और कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए दूसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के लिए खतरे की घंटी दोनों ही सीटों पर बीजेपी ने दूसरा स्थान हासिल कर राज्य में अपने बढ़ते जनाधार की ताकत दिखा दी है। पिछले साल हुए निकाय चुनावों में भी बीजेपी दूसरे स्थान पर रही थी। यह नतीजे राज्य में कई दशकों तक शासन करने वाली सीपीआई (एम) और कांग्रेस पार्टी के लिए खतरे की घंटी की तरह साबित हुए हैं। वहीं बीजेपी 2021 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए पॉजिटिव संकेत के तौर पर देख रही है।

Top News

http://www.hitwebcounter.com/