ग्रामीण क्षेत्र की 41 बेटियां खड़ी हो गईं अपने पांवों पर

-पंजाब स्किल्ड डवलपमेंट मिशन के तत्वावधान में मिला प्रशिक्षण, अब मिलेगी नौकरी अबोहर। सीतो गुन्नो के ग्रामीण क्षेत्र की 41 बेटियां अब अपने पांवों पर खड़ी हो गई हैं। पंजाब स्किल डवलपमेंट मिशन के तत्वावधान में इन बेटियों को रेडिमेड कपड़ों की डिजाइनिंग एवं सिलाई का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है। अब इन बेटियों को देश की नामी रेडिमेड वस्त्र निर्माता कंपनी शाही एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में रोजगार मिलेगा। इन लड़कियों को शाही एक्सपोर्ट की फरीदाबाद यूनिट में औपचारिक प्रशिक्षण के लिए भेजा गया है। लड़कियों की बस को पंजाब स्किल्ड डवलपमेंट मिशन के ब्लॉक थेमेटिक एक्सपर्ट (एसएम) रजत ओटरेजा तथा ब्लॉक थेमेटिक एक्सपर्ट (टी एंड पी) रविन्द्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर फरीदाबाद के लिए रवाना किया। 26 दिन के औपचारिक प्रशिक्षण के बाद इन लड़कियों को कंपनी में नौकरी पर रखा जाएगा। प्रत्येक लड़की को हर महीने 10 हजार 200 रुपए वेतन दिया जाएगा। शाही एक्सपोर्ट के सीतो गुन्नो स्थित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना सेंटर के प्रबंधक विक्रम सिंह ने बताया कि ये सभी लड़कियां सीतो गुन्नो क्षेत्र के ग्रामीण इलाके की रहने वाली हैं। इन लड़कियों को दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत चयनित कर 52 दिन तक नियमित प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण अवधि के दौरान लड़कियों को 125 रुपए प्रतिदिन टीए-डीए भत्ता दिया गया। जल्द शुरू होगा नया बैच... विक्रम सिंह ने बताया कि दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत नए सिलाई मशीन ऑप्रेटर बैच की शुुरुआत जल्द ही की जाएगी। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र की पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण और अठारह वर्ष आयु पूर्ण कर चुकी लड़कियां पात्र हैं। प्रशिक्षण प्राप्त करने की इच्छुक पात्र लड़कियां अधिक जानकारी के लिए सेंटर में अपने परिजनों के साथ संपर्क कर सकती हैं। जिन लड़कियों को प्रशिक्षण के लिए चयनित किया जाएगा, उन्हें 125 रुपए प्रतिदिन टीए-डीए दिया जाएगा।

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