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हर मौसम में टैंक के परखच्‍चे उड़ा सकती है 'नाग' मिसाइल, चीन-पाकिस्‍तान के लिए इसमें खास इंतजाम

भारत के मिसाइल प्रोग्राम में 'नाग' मिसाइल (NAG missile) की बेहद खास जगह है। 'मिसाइल मैन डॉ ए.पी.जे. अब्‍दुल कलाम की अगुवाई में इस पर काम शुरू हुआ था। यह उन मिसाइल्‍स में है जिन्‍हें एक बार दाग दिया तो काम तमाम, दुश्‍मन के सामने होना जरूरी नहीं। इस खूबी को 'फायर ऐंड फॉरगेट' कहते हैं। नाग मिसाइल लॉन्‍च होने के बाद अपने टारगेट का पता लगाती है और उसे खत्‍म कर देती है। 'नाग' मिसाइल को राजस्‍थान के रेतीले इलाके में बड़े पैमाने पर टेस्‍ट किया गया है, पाकिस्‍तान को ध्‍यान में रखकर। यहां से गुजरने वाली अंतरराष्‍ट्रीय सीमा ने इतिहास की कुछ सबसे विंध्‍वंसक टैंक लड़ाइयां देखी हैं। वैज्ञानिकों ने इसके पांच अलग-अलग वैरियंट्स तैयार किए हैं जिनकी रेंज 500 मीटर से 20 किलोमीटर तक है। दिन हो या रात, कैसा भी मौसम हो, 'नाग' मिसाइल अपने दुश्‍मनों का डसने को हमेशा तैयार रहती है। पांच अलग-अलग रूप में आती है ये मिसाइल 'नाग' मिसाइल डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के वैज्ञानिकों की एक शानदार उपलब्धि है। इस मिसाइल के लैंड वर्जन के लिए खासतौर पर 'नाग मिसाइल कैरियर' (NAMICA) बनाया गया है। दिन हो या रात, दुश्‍मन के टैंकों को यह मिसाइल पहचान कर तबाह कर सकती है। इसका दूसरा वर्जन मास्‍ट माउंटेड सिस्‍टम के लिए है। बाकी तीन की अपनी अलग-अलग खूबियां हैं। 1. 'टॉप अटैक' कर सकती है MPATGM मैन पोर्टेबल ऐंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल यानी MPATGM थर्ड जेनरेशन की मिसाइल है। देखने में यह बेसिक 'नाग मिसाइल' जैसी ही है वजन में कम (लगभग 14 किलो) है। सवा मीटर से थोड़ी लंबी इस मिसाइल के बीच में चार पर (fins) लगे होते हैं। मिसाइल के साथ हाई एक्‍सप्‍लोजिव ऐंटी-टैंक यानी HEAT वारहेड फिट होता है। MPATGM की रेंज करीब ढाई किलोमीटर है। मिसाइल टैंकों के ऊपर आग बरसा सकती है जिसे 'टॉप अटैक' कहते हैं। 2005 में डिवेलपमेंट शुरू हुआ। पहला ट्रायल 2018 में। पहले दो टेस्‍ट मार्च 2019 में। ट्राइपॉड लॉन्‍चर से तीसरा टेस्‍ट सितंबर 2019 में हुआ और मिसाइल ने टॉप अटैक मोड में एक डमी टैंक को उड़ाकर दिखाया था। 2. हेलिकॉप्‍टर से छूटी 'नाग' मिसाइल तो बन गई HELINA NAG के एयर-लॉन्‍च्‍ड वर्जन को HELINA (हेलिकॉप्‍टर लॉन्‍च्‍ड NAG) कहते हैं। अब इसका नाम 'ध्रुवास्‍त्र' कर दिया गया है। आमतौर पर इसे HAL रूद्र या HAL LCH से लॉन्‍च करते हैं। टेस्‍ट में यह मिसाइल 7-8 किलोमीटर तक टारगेट हिट कर चुकी है। यह मिसाइल 'टॉप अटैक' और 'डायरेक्‍ट अटैक', दोनों कर सकती है। 3. दुनिया की 'सबसे खतरनाक' ऐंटी-टैंक मिसाइल है SANT स्‍टैंडऑफ ऐंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल (SANT) असल में HELINA का अपग्रेडेड वैरियंट हैं। इसे DRDO और IAF ने मिलकर डिवेलप किया है। इसकी रेंज 15-20 किलोमीटर तक है और इसमें एक ऐक्टिव रडार सीकर लगा है ताकि मिसाइल लॉन्‍च प्‍लेटफॉर्म से दूर रहे। SANT इंफ्रारेड इमेजिंग सीकर (IIR) से अपना टारगेट ढूंढती है। यह दुनिया की सबसे ऐडवांस्‍ड ऐंटी-टैंक मिसाइल्‍स में से एक है।

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