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4 करोड़ वैक्सीन की खरीद, 22 जिलों में स्टोरेज रूम...कोरोना के खिलाफ योगी सरकार की यह तैयारी

लखनऊ देश में भले ही कोरोना वैक्सीन का अभी ट्रायल चल रहा है लेकिन योगी सरकार ने एक कदम आगे बढ़ते हुए उसके स्टोरेज और कोल्ड चेन के निर्माण पर भी काम शुरू कर दिया है। इसके तहत सभी जिलों में वैक्सीन स्टोर के लिए जगह भी खोज ली गई है। इसमें 22 जिले ऐसे थे, जहां उपयुक्त स्थान नहीं था तो वहां अब निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। इन स्टोरेज में 4 करोड़ कोरोना वैक्सीन रखने की तैयारी है। इसके अलावा वैक्सीन को स्टोर करने के लिए 1600 उपकरण भी मंगवाए जाएंगे, जिसका ब्योरा तैयार हो गया है। कोरोना की वैक्सीन को रखने के लिए विशेष तापमान की जरूरत होती है। इसके लिए अलग स्टोरेज कक्ष बनाए जाते हैं और डीन फ्रीजर और आइसलाइन रेफ्रिजरेटर में इसे रखा जाता है। प्रदेश में इसके मूल्यांकन के लिए सरकार ने यूनिसेफ से सहयोग लिया है। 1600 नए उपकरण मंगवाए जाएंगे मूल्यांकन के बाद 22 जिले ऐसे पाए गए, जहां उपयुक्त स्थान नहीं था इसलिए वहां डीएम की निगरानी ने निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। वहीं कितने उपकरण चाहिए, इसका भी मूल्यांकन किया गया। इसमें यूपी में अभी 3,500 उपकरण मौजूद है जबकि 1,600 नए उपकरण मंगवाने की सूची तैयार की गई है ताकि वैक्सीन की कोल्ड चेन मेनटेन रखा जा सके ताकि वैक्सीन खराब न हो। चार करोड़ वैक्सीन रखने की तैयारी यूनिसेफ के यूपी हेल्थ अफसर डॉ. प्रफुल्ल भारद्वाज उपकरण व कक्ष निर्माण के मूल्यांकन का जिम्मा संभाल रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में चार स्तर की कोल्ड चेन होती है। एक रीजनल स्टोर इसके बाद नौ मंडलों में एक कए डिविजन स्टोर, फिर हर जिले में डिस्ट्रिक्ट वैक्सीन स्टोर और अंत में हर ब्लॉक में एक स्टोर होता है। जिन जिलों में कक्ष नहीं थे, वहां निर्माण के लिए बजट भी जारी किया जा चुका है। डॉ. भारद्वाज ने बताया, 'पहली खेप में हम चार करोड़ वैक्सीन यूपी में आने की उम्मीद कर रहे हैं और उसी के मुताबिक तैयारी कर रहे हैं। पूरी वैक्सिनेशन प्रक्रिया में ये कोल्डचेन ही सबसे अहम होने वाली है क्योंकि जब वैक्सिनेशन अपने चरम पर होगा, तब गर्मियां भी आ जाएंगी। ऐसे में कोल्ड चेन ही वैक्सीन को सुरक्षित रख सकती है। हम इस तरह तैयारी कर रहे हैं कि एक भी वैक्सीन खराब न हो क्योंकि एक वैक्सीन, एक जान बचा सकती है।' साढ़े पांच लाख का डेटा तैयार एनएचएम की मिशन निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने बताया कि यूपी में सबसे पहले स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाई जाएगी। लगभग साढ़े सात लाख स्वास्थ्यकर्मी होंगे, जो सरकारी निजी क्षेत्र में काम कर रहे हैं। इसमें डॉक्टर से लेकर सफाईकर्मी तक शामिल है। इसमें साढ़े पांच लाख का डेटा तैयार हो चुका है। इसके बाद 50 साल से अधिक आयु के लोगों को वैक्सीन लगाई जाएंगी, जिनकी यूपी में संख्या लगभग साढ़े तीन करोड़ से अधिक है। इसके बाद 40 से अधिक आयु के लोगों को लगेंगी, जिनकी संख्या डेढ़ करोड़ से अधिक है। इसी तरह चरणवार लोगों को टीका लगाया जाएगा।

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