taaja khabar...सावधान! चीन से आ रहे हैं खतरनाक सीड पार्सल, केंद्र ने राज्यों और इंडस्ट्री को किया सतर्क....लद्दाख से अरुणाचल प्रदेश तक हवाई हमले की ताकत जुटा रहा चीन, सैटलाइट तस्‍वीर से खुलासा..स्वतंत्रता दिवस से पहले गड़बड़ी की बड़ी साजिश, दिल्ली में भी विदेश से आए 'जहरीले' कॉल....सुशांत सिंहः बीजेपी ने कहा, राउत और आदित्य का CBI करे नार्को, राहुल और प्रियंका गांधी तोड़ें चुप्पी..विदेश मंत्री जयशंकर बोले- भारत और चीन पर दुनिया का बहुत कुछ निर्भर करता है...चीन को बड़ा झटका देने की तैयारी, गडकरी ने बताया क्या है प्लान...कोरोना पर खुशखबरी, देश में 70% के पास पहुंचा कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट...सुशांत के पिता पर टिप्पणी कर फंसे शिवसेना नेता संजय राउत, परिवार करेगा मानहानि का केस...राहुल-प्रियंका से मिले सचिन पायलट, घर वापसी कराने की कोशिशें तेज ...पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कोरोना पॉजिटिव हुए, अस्पताल में भर्ती ...कोरोना पॉजिटिव पाए गए केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, AIIMS में भर्ती ...दिल्ली हिंसा: आरोपी गुलफिशा ने किए चौंकाने वाले खुलासे, 'सरकार की छवि खराब करना था मकसद' ...

अयोध्या में राम मंदिर के नजदीक बनवाया जाए सिख गुरुओं का स्मारक, पीएम मोदी से हुई मांग

लखनऊ, 28 जुलाई 2020,उत्तर प्रदेश राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य सरदार परविंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है. पत्र में अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के निकट ही सिख गुरुओं की स्मृति में स्मारक बनाए जाने की की मांग की गई है. सरदार परविंदर सिंह ने वीडियो जारी करते हुए भी कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी महाराज ने निहंग सिखों की फौज को राम मंदिर को मुगलों से आजाद कराने के लिए अयोध्या भेजा था. जिन्होंने हिंदू समाज को, मुगलों से मंदिर आजाद करा कर दे दिया था. परविंदर सिंह के मुताबिक पवित्र मंदिर में साहिब श्री गुरु नानक देव जी महाराज द्वारा सन 1672 में दर्शन भी किया गया था. गुरु तेग बहादुर जी एवं गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के भी चरण पवित्र स्थल पर पड़े हैं. गुरुद्वारा ब्रह्म कुंड में गुरु गोविंद सिंह महाराज के रखे गए शस्त्र घटना का प्रमाण प्रस्तुत करते हैं. तो वहीं इसके अतिरिक्त और साक्ष्य के तौर पर वर्ष 1558 में निहंग सिंह फकीर तथा उनके साथियों के ऊपर श्री राम जन्मभूमि परिसर में हवन और पूजा करने पर प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी. अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य परविंदर सिंह कहते हैं कि ऐसे पवित्र स्थल जहां प्रभु श्री राम के भव्य एवं विशाल मंदिर का निर्माण हो रहा है उसके निकटस्थ किसी भी स्थान पर सिख गुरुओं की स्मृति में स्मारक का निर्माण किए जाने पर संपूर्ण सनातन समाज में भाईचारा एवं सद्भाव का एक अति उत्तम सामंजस्य दिखेगा और साथ ही साथ अच्छा संदेश भी समाज में जाएगा. परिवंदर सिंह ने कहा कि भारत ही नहीं बल्कि संपूर्ण विश्व में सनातन धर्म को मानने वाले, उसमें विश्वास रखने वालों के लिए अत्यंत ही गौरव और हर्ष का विषय है कि अयोध्या की पवित्र भूमि पर, जो कि श्री राम जी की जन्मस्थली थी, वहां 500 वर्षों के उपरांत पुनः ऐसा अवसर प्राप्त हो रहा है, जिसमें श्री राम जी का मंदिर स्थापित होने जा रहा है. जिसका भूमि पूजन प्रधानमंत्री के कर कमलों द्वारा 5 अगस्त को होना सुनिश्चित किया गया है. हिंदू समाज ही नहीं बल्कि सनातन धर्म को मानने वाले समस्त भारतीयों की यह जीत है. उन्होंने आगे कहा कि मैंने प्रधानमंत्री जी को पत्र लिखा है, जिसमें मैंने कहा है कि जो श्री राम जन्म भूमि स्थल है, वहां पर जाकर गुरु नानक जी ने दर्शन किए थे, गुरु तेग बहादुर जी के जाने के वहां प्रमाण मिलते हैं. गुरु गोविंद सिंह जी के जाने का प्रमाण बाल्यकाल में मिलते हैं. गुरु गोविंद सिंह महाराज ने निहंगों की सेना वहां भेजी थी जहां पर पहुंच कर निहंगों की सेना ने मुगलों से मंदिर को मुक्त करवाया था और हिंदुओं को दिया था. इसके पश्चात अगर हम 18 सौ अट्ठावन की बात करते हैं तो माननीय उच्चतम न्यायालय में भी इस चीज को सबूत के तौर पर माना है कि वहां पर निहंग सिंह फकीर और उसके साथियों ने परिसर में पूजा अर्चना और हवन किया और प्राण प्रतिष्ठा की. परिवंदर सिंह ने आगे कहा कि इस तरीके का कृत्य सिख समाज और महापुरुषों के द्वारा बलिदान किया गया है. इन सभी घटनाओं को संजोने के लिए, उसकी यादों को बनाए रखने के लिए, मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है कि, उस पवित्र स्थल पर जहां मंदिर बने वहां उसके निकटस्थ किसी भी स्थान पर, सिख गुरु की याद में एक स्मारक का निर्माण किया जाए. क्योंकि यह कदम सनातन धर्मावलंबियों में भाईचारा और प्रेम को बढ़ाने वाला होगा. हम समाज को बेहतर संदेश दें. इसीलिए हमने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है.

Top News