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दिल्ली हिंसा: HC का आदेश, पिंजड़ातोड़ कार्यकर्ता पर लगे आरोपों की जानकारी न दे पुलिस

नई दिल्ली, 28 जुलाई 2020,दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस से कहा है कि जिस केस की जांच चल रही हो, उसकी कोई सूचना बाहर जारी न करें. दिल्ली हाईकोर्ट में पिंजड़ातोड़ ग्रुप की एक एक्टिविस्ट ने इसके लिए गुहार लगाई थी. पिंजड़ातोड़ ग्रुप की एक्टिविस्ट देवांगना कलिता दिल्ली हिंसा मामले की आरोपी है और उसके खिलाफ जांच चल रही है. कलिता ने अदालत से गुहार लगाई है कि जांच के दौरान कोई भी सूचना लीक न की जाए. कलिता की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को निर्दश दिया है. कलिता ने आरोप लगाया था कि पुलिस केस से जुड़ी सूचनाएं जारी कर रही है और प्रेस रिलीज भी बांटे जा रहे हैं, जिससे मीडिया ट्रायल का प्रभाव देखा जा रहा है. हाईकोर्ट ने माना है कि सांप्रदायिक हिंसा से जुड़े मामले संवेदनशील होते हैं, इसमें कोई संदेह नहीं है. कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में जो एफआईआर दायर होती है, उसके बारे में सार्वजनिक तौर पर कोई सूचना नहीं दी जानी चाहिए. कोर्ट ने कहा कि आगे से जब तक आरोप सिद्ध न हो जाएं तब तक किसी आरोपी या गवाह के बारे में सूचना नहीं दी जाएगी. पुलिस ने हालांकि याची के इस आरोप को मानने से इनकार कर दिया कि पुलिस चुन-चुन कर सूचनाएं लीक कर रही है. कोर्ट ने कहा कि प्रेस रिलीज में जो बातें लिखी गई हैं वे आरोप पत्र से ली गई हैं. कोर्ट ने कहा कि पुलिस को यह अधिकार नहीं है कि वह किसी को दोषी या निर्देश बताए.

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