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पाकिस्तानियों की उइगुर पत्नियों पर पाक-चीन में बढ़ेगी टेंशन!
नई दिल्ली बीते कुछ महीनों से चीन में पाकिस्तानी नागरिकों की उइगुर समुदाय से जुड़ी पत्नियों को हिरासत में लेकर सुधारगृह भेजने की रिपोर्टों के सामने आने के बाद दोनों देशों की दोस्ती में दरार पड़ती दिख रही है। उइगुर समुदाय की महिलाओं से शादी करने वाले पाकिस्तानी नागरिकों ने बताया की चीन यात्रा के दौरान उनकी पत्नियों को हिरासत में लिया गया। इन महिलाओं को चीन में पाकिस्तानी कल्चर को बढ़ावा देने, पाकिस्तान फोन करने या पाकिस्तान जाने और पाकिस्तान में सालों तक रहने के आरोप में हिरासत में लिया गया। इस मामले से जुड़े लोगों ने ईटी को बताया कि इन चीनी महिलाओं में से कई की शादी 20 साल पहले पाकिस्तान में हुई थी। पाकिस्तान ने इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने के लिए चीन के विदेश मंत्रालय, मिनिस्ट्री ऑफ पब्लिक सिक्यॉरिटी और शिनजियांग फॉरन अफेयर्स कमिटी के सामने उठाया है। साथ ही पाकिस्तान ने इस्लामाबाद स्थित चीनी दूतावास को शिनजिंयाग में हिरासत में लिए गए लोगों की लिस्ट भी सौंपी है। इसका पाकिस्तान में चीनी नागरिकों की सुरक्षा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस मामले से जुड़े एक्सपर्ट्स ने बताया कि इस मामले का शिनिजियांग प्रांत से होकर गुजर रहे बीआरआई के फ्लैगशिप प्रॉजेक्ट, चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। चीन पहले ही अपने मुस्लिम आबादी के बीच किसी तरह की अशांति को लेकर डरता रहता है। साल 2014 में एक आतंकवादी ने चाकू की मदद से ट्रेन स्टेशन पर 29 लोगों को मार डाला था जिसके बाद से अब शिनजियांग में उइगुर समुदाय के लोगों के लंबी दाढ़ी रखने और अपने बच्चों का नाम मोहम्मद रखने पर पाबंदी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लगभग 1 लाख 20 हजार उइगुर लोगों को शिनजियांग में एक बेहद गंदे 'रि-एजुकेशन' कैंप में रखा गया है। शिनजियांग प्रांत इन महिलाओं के पाकिस्तानी पतियों के वीजा अवधि को भी नहीं बढ़ा रहा है जिससे उन्हें अपनी पत्नी और बच्चों को वहीं छोड़कर वापस जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। साल 2016 में शिनजियांग के कम्युनिस्ट पार्टी सेक्रटरी के मुखिया के रूप में कट्टरपंथी माने जाने वाले चेन क्वांगुओ की नियुक्ति होने के बाद स्थिति और खराब हुई है। शी चिनफिंग के करीबी माने जाने वाले चेन को तिब्बत में भी प्रशासन चलाने का अनुभव है। चीन के इस कदम से गिलगिट बाल्टिस्तान में सीपीईसी प्रॉजक्ट को काफी विरोध प्रदर्शन का सामना करना पड़ सकता है। पिछले महीने पीओके स्थित गिलगिट-बाल्टिस्तान की लेजिस्लेटिव असेंबली ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित कर पाकिस्तान को तुरंत इस मामले में हस्तक्षेप करने को कहा था। इस प्रस्ताव में पाकिस्तान से गिलगिट-बाल्टिस्तान के करीब 50 लोगों की चीनी पत्नियों को पड़ोस में स्थित चीनी प्रांत शिनजियांग से छुड़ाने के लिए जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।

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