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कॉमनवेल्थ में बड़ी भूमिका निभाने को तैयार है भारत, बढ़ेगी वैश्विक पहुंच
नई दिल्ली वैश्विक पहुंच और साख बढ़ाने के लिए भारत कॉमनवेल्थ में बड़ी भूमिका निभाने को तैयार हो रहा है। 53 देशों वाले कॉमनवेल्थ में चीन की गैरमौजूदगी के चलते कॉमनवेल्थ समिट में भारत के पास मौका है कि वह मजबूत प्रतिनिधि के रूप में सामने आकर नेतृत्व करे। माना जा रहा है कि यह समूह भारत की वैश्विक आकांक्षाओं को नए आयाम देने में मददगार साबित हो सकता है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी लंदन में कॉमनवेल्थ हेड्स गवर्नमेंट मीटिंग (कॉमनवेल्थ समिट) में हिस्सा लेने वाले हैं और वह इसमें भारत के वित्तीय योगदान को दोगुना करने की संभावना रखते हैं। यह भारत की ओर से इस बात का संकेत भी होगा कि भारत कॉमनवेल्थ में बड़ी और ज्यादा जिम्मेदारियां उठाने को तैयार है और इस तरह कॉमनवेल्थ में भारत एक महत्वपूर्ण शक्ति बनकर उभर सकता है। कॉमनवेल्थ में बड़ी जिम्मेदारी को लेकर नई दिल्ली में इसकी तैयारियां भी तेज हो गई हैं और हलचल भी है। 2009 के बाद यह पहली बार होगा जब भारतीय प्रधानमंत्री कॉमनवेल्थ समिट का हिस्सा बनेंगे। माल्टा में हुई पिछली मीटिंग में पीएम नरेंद्र मोदी शामिल नहीं हो सके थे। भारत के डेप्युटी हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक ने यूनाइटेड किंगडम से कहा, 'भारत का प्रतिनिधित्व कई वैश्विक संगठनों में बढ़ा और कॉमनवेल्थ भी उनमें से एक है। कॉमनवेल्थ में शामिल एक सबसे बड़े देश के रूप में भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर नेतृत्व कर बड़ी भूमिका निभाने का इच्छुक है। उम्मीद है कि कॉमनवेल्थ में भारत की जिम्मेदारियां बढ़ेंगी।' महारानी एलिजाबेथ होंगी मेजबान लंदन में मोदी की द्विपक्षीय गतिविधियों में महारानी एलिजाबेथ दर्शक के तौर पर शामिल होंगी, जो संभवत: अपने आखिरी कॉमनवेल्थ समिट शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगी। यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि कॉमनवेल्थ के प्रमुख के रूप में उनके पास कौन ले जाएगा और इसे लेकर वाटरलू चैंबर में चर्चा की संभावना है और भारते के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर है। मंगलवार को लंदन पहुंचेंगे मोदी बताया जा रहा है कि कॉमनवेल्थ के प्रमुख नेता यहां राष्ट्रीय मंच पर और कॉमनवेल्थ में भी साथ आने को लेकर आपस में चर्चा कर सकते हैं और कॉमनवेल्थ के लिए भी यह एक नई शुरुआत जैसा होगा। स्वीडन में एक द्विपक्षीय बैठक और स्टॉकहोम में नॉर्वे, आइसलैंड, स्वीडन, डेनमार्क और फिनलैंड के साथ एक इंडो-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद, मोदी मंगलवार की रात यूनाइटेड किंगडम पहुंचेंगे। दिखेगा भारत-ब्रिटेन के बीच सहयोग 18 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूरे दिन द्विपक्षीय वार्ताओं में व्यस्त रहेंगे और इसके बाद प्रिंस चार्ल्स उनके लिए एक इवेंट आयोजित करेंगे। इस इवेंट में भारत-ब्रिटेन के बीच तकनीक के क्षेत्र में सहयोग प्रदर्शित किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 अप्रैल को लंदन पहुंचेंगे। 18 अप्रैल को वह टरीजा मे के साथ रात्रि भोज करेंगे और 19 अप्रैल को वह महारानी के साथ रात्रि भोज के लिए बकिंगम पैलेस जाएंगे। पीएम मोदी को खास सुविधाएं 52 देशों के मुखिया में से पीएम मोदी अकेले ऐसे पीएम होंगे जिन्हें वहां लिमोजीन कार से सफर करने की इजाजत होगी, जबकि अन्य देशों के नेता समिट के दौरान कोच (बस) से सफर करेंगे। इसके साथ ही वह उन तीन नेताओं में से भी एक हैं जिन्हें बकिंगम पैलेस में महारानी से निजी मुलाकात के लिए निमंत्रण दिया गया है।

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