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मोदी और ट्रंप ही ऐसे नेता, जो जरूरत पड़ने पर रिस्क लेने से भी नहीं डरते हैं: अमेरिकी विदेश मंत्री

चाहिए नई दिल्ली दुनिया में दो ही नेता हैं जो रिस्क लेने से नहीं डरते हैं। ये नेता हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप। यह बात अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ने कही है। भारत और अमेरिका को दुनिया को वैसे ही देखना चाहिए और एक-दूसरे को भी वैसे ही देखना चाहिए, जो हम हैं... महान लोकतंत्र, वैश्विक शक्ति और अच्छे दोस्त। पॉम्पियो ने यह भी कहा कि अमेरिका-भारत को मुक्त और खुले समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अधिक व्यापक रूप से रणनीति बनानी चाहिए। लिखें पॉम्पियो ने कहा, 'कुछ हफ्तों पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी देशों से आतंकवाद के खिलाफ लड़ने का आह्वान किया था। हम यह देखकर खुश हैं कि संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंध समिति ने मसूद अजहर को पिछले हफ्ते वैश्विक आतंकी घोषित किया।' पॉम्पियो ने कहा कि आज के समय में सिर्फ दो ही नेता ऐसे हैं, जो जरूरत पड़ने पर रिस्क लेने से भी नहीं डरते हैं। उन्होंने कहा कि हम दोनों देशों को एक-दूसरे को नए नजरिए से देखना चाहिए। अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, 'आज दुनिया का 60 प्रतिशत समुद्री व्यापार इंडो-पसिफिक से होकर गुजरता है। पिछले कुछ हफ्तों में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने जापान, नॉर्वे, सऊदी अरब और यूएई से आने वाले तेल के टैंकरों को निशाना बनाया।' उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में चीन ने दक्षिण चीन सागर में अपना प्रभुत्व बढ़ाने की कोशिश की है। क्या ऐसे समय में अमेरिका और भारत मुक्त और खुले समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अधिक व्यापक रूप से रणनीति बना सकते हैं। ट्रंप ने कहा, 'भारत दुनिया के चार बड़े धर्मों की जन्मस्थली है। आइए सभी के लिए धार्मि आजादी के लिए साथ खड़े हों, उनके साथ खड़े होकर उनके अधिकारों के लिए बात करें। जब भी हम उनके अधिकारों से समझौता करते हैं तो दुनिया का रूप और भी खराब होता है।'

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