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कांग्रेस का सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप, भाजपा ने कोरोना के संकट के बीच भी देश को खुश कहा

नयी दिल्ली, कांग्रेस ने देश में महंगाई को लेकर नरेंद्र मोदी नीत भाजपा सरकार पर निशाना साधा और पिछले आठ साल में आर्थिक कुप्रबंधन होने का दावा किया, वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कहा कि कोरोना के संकट के बाद भी देश खुश है। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में नियम 193 के अधीन ‘मूल्यवृद्धि’ पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि पेट्रोलियम उत्पादों पर कर और जीएसटी से सरकार ने अपना बजट तो पूरा कर लिया होगा और अपना खजाना भी भर लिया होगा लेकिन देश में करोड़ों परिवारों का बजट बिगाड़ दिया और कमरतोड़ महंगाई से गरीबी बढ़ती जा रही है। चर्चा में भाग लेते हुए दुबे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में जिन हालात में देश की बागडोर संभाली थी और आज कोविड के बाद दुनिया की जो स्थिति है, उसके बाद भी गरीबों को ‘‘दो वक्त की रोटी’’ मिल रही है जिसके लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया जाना चाहिए। तिवारी ने एक आंकड़े के हवाले से दावा किया कि देश में 2008 से 2014 तक, जब संप्रग सरकार थी, 27 करोड़ लोगों को गरीबी की रेखा से ऊपर उठाया गया, लेकिन 2021 में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक 23 करोड़ लोग दोबारा गरीबी रेखा से नीचे चले गये हैं। VDO.AI तिवारी ने कहा कि देश में 77 प्रतिशत धन एक प्रतिशत लोगों के पास है और अरबपति 100 से बढ़कर 142 हो गये हैं जबकि गरीबों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने दावा किया कि देश में सबसे अमीर 92 लोगों के पास 55 करोड़ भारतीयों के धन के बराबर संपत्ति है। तिवारी ने कहा, ‘‘ इसकी शुरुआत 8 नवंबर 2016 को हुई थी जब सरकार ने बिना सोचे-समझे नोटबंदी लागू की थी। सरकार ने आज तक सदन को नहीं बताया कि यह फैसला क्यों लिया गया और देश पर इसका क्या असर पड़ा।’’ उन्होंने कहा कि नोटबंदी से जीडीपी वृद्धिदर घटते-घटते 2021-22 में कम हो गयी। तिवारी ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण अर्थव्यवस्था पर असर पड़ा लेकिन इसका एकमात्र कारण कोविड नहीं है और अर्थव्यवस्था निरंतर गिरती जा रही थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि नोटबंदी और जीएसटी का असर रोजगार पर भी पड़ा और 2017 से बेरोजगारी दर बढ़ते-बढ़ते जून 2022 में 7.8 प्रतिशत पहुंच गयी। उन्होंने कहा सरकार के पास बेरोजगारी को कम करने के लिए कोई रणनीति नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘आज जो हो रहा है उसका कारण पिछले आठ साल का आर्थिक कुप्रबंधन है।’’ तिवारी ने कहा कि सरकार ने पेट्रोलियम पर कर से 27 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा अर्जित किये हैं। तिवारी ने कहा, ‘‘सरकार अपना खजाना तो भरती रही, लेकिन लोगों की जेब खाली करती रही। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपना बजट तो ठीक कर लिया होगा लेकिन 25 करोड़ परिवारों का बजट पूरी तरह से बिगाड़ दिया। भाजपा सांसद दुबे ने मुफ्त योजनाओं (फ्रीबीज़) को लेकर विपक्ष शासित राज्य सरकारों पर निशाना साधा और सरकारों पर बढ़ते कर्ज तथा मुद्रास्फीति बढ़ने के पीछे इसे एक वजह बताया। दुबे ने कहा कि कोविड के बाद अनेक देशों की हालत खराब है, सभी जगह रोजगार छिन रहे हैं और मुद्रास्फीति बढ़ रही है, उस स्थिति में भी यह देश बदल रहा है, खुश है और यहां गांव, गरीब, आदिवासी किसान को सम्मान मिल रहा है। उन्होंने दावा किया कि इस सरकार के आने से पहले सदन में किसानों की आत्महत्या के विषय पर कई बार बात होती थी लेकिन पिछले आठ साल में किसानों की आत्महत्या का विषय सदन में एक भी बार नहीं उठा क्योंकि इस सरकार ने किसानों को ताकत दी है और वे आत्महत्या करने को मजबूर नहीं हो रहे हैं। दुबे ने विपक्ष पर और खासतौर पर कांग्रेस पर, ‘मोदीफोबिया’ से ग्रसित होने का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी दल की न कोई वैचारिक प्रतिबद्धता है और न जनता के प्रति उनकी कोई जिम्मेदारी। उन्होंने एक खबर के हवाले से दावा किया कि 2011 से लेकर 2014 तक भी बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर की कीमत 1,000 से अधिक थी। दुबे ने कहा कि आज जब रूस-यूक्रेन युद्ध तथा अन्य कारणों से पूरी दुनिया में गेहूं का उत्पादन एक प्रतिशत कम हो गया है, धान का उत्पादन 0.5 प्रतिशत कम हो गया और चीनी का उत्पादन भी गिर गया है, तब भी भारत एक ऐसा देश है जो इन सभी चीजों का निर्यात कर रहा है। उन्होंने कहा कि सब्जियों के दाम मार्च महीने से जुलाई में घट गये हैं, इसके लिए सरकार को बधाई दी जानी चाहिए। दुबे ने पंजाब, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल जैसे कई विपक्ष शासित राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि कर्ज लेकर मुफ्त की चीजें (फ्रीबीज) बांटने के कारण आज अर्थव्यवस्था की ऐसी हालत है। उन्होंने दावा किया कि भारतीय रिजर्व बैंक इन राज्यों को पैसा देने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा मुफ्त चीजों की बात नहीं करती क्योंकि ‘‘हम चुनाव जीतने के लिए नहीं सोचते। हम देश के लिए सोचते हैं।’’ उन्होंने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से इस विषय पर श्वेतपत्र जारी करने का अनुरोध किया कि किस तरह कर्ज लेकर मुफ्त की योजना चलाई जाती हैं।

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