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मृतक आश्रितों को 45 लाख व एक सरकारी नौकरी; घायलों को 10 लाख मुआवजे पर बनी सहमति

लखनऊ,लखीमपुर खीरी में रविवार को किसानों के उपद्रव के बाद भड़की हिंसा में चार किसानों सहित आठ लोगों की मौत के बाद अब मामला शांत हो रहा है। किसान नेताओं तथा लखीमपुर जिला प्रशासन के बीच में कई बिंदुओं पर समझौता होने के बाद किसान नेता चार मृतक किसानों का अंतिम संस्कार करने पर राजी हो गए हैं। इसके साथ ही केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी ने मांग की है कि सभी मृतक भाजपा कार्यकर्ताओं के आश्रितों को 50-50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए। उनके बेटा इस मामले में निर्दोष है, जांच में सच सामने आ जाएगा। लखीमपुर खीरी में रविवार के चल रहे बवाल के बाद सोमवार को किसान नेताओं तथा जिला प्रशासन के बीच इनकी मांगों को लेकर सहमति बन गई है। सोमवार को चार चरण की बैठक के बाद किसान और प्रशासन के बीच बैठक में दोनों पक्ष के बीच सहमति बनी। किसान नेताओं और अधिकारियों के बीच वार्ता के बाद समझौता हो गया है। अब सरकार की तरफ से मृतकों के स्वजन को 45-45 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ घायलों को दस-दस लाख रुपया दिया जाएगा। मृतक के आश्रितों के परिवार के एक-एक सदस्य को नौकरी तथा आरोपितों की आठ दिन के अंदर गिरफ्तारी के भरोसे पर समझौता हो गया है। इसके साथ ही हिंसा के इस प्रकरण की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से कराई जाएगी। एडीजी प्रशांत कुमार ने आठ दिन के अन्दर दोषियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया है कि दोषियों के खिलाफ केस दर्ज हो गया है, जांच जारी है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। लखीमपुर हिंसा की होगी न्‍यायिक जांच एडीजी प्रशांत कुमार ने बताया कि मृतक किसानों के परिजनों को 45-45 लाख रुपये दिए जाएंगे। घायल किसानों को दस लाख देने की घोषणा की गई है। इसके साथ ही नई कमेटी का गठन किया जाएगा जो रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में मामले की जांच करेगी। प्रशांत कुमार ने बताया है कि दोषियों के खिलाफ केस दर्ज हो गया है, जांच जारी है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि लखीमपुर खीरी में सीआरपीसी की धारा 144 लागू होने के कारण राजनीतिक दलों के नेताओं को का दौरा नहीं करने दिया गया है। किसान संघों के सदस्यों को यहां आने की अनुमति है। गृह राज्य मंत्री ने कहा-जांच में सारा सच आ जाएगा सामने उधर लखीमपुर से भारतीय जनता पार्टी के सांसद तथा केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने कहा कि हिंसा के दौरान मेरा बेटा वहां मौजूद नहीं था। इस बात का सच जांच के बाद सभी के सामने आ जाएगा। मंत्री ने कहा कि मैं मांग करता हूं कि रविवार को हिंसा में मारे गए प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के परिवारों को 50-50 लाख रुपये दिए जाएं। मामले की या तो सीबीआई, एसआईटी या किसी मौजूदा/सेवानिवृत्त न्यायाधीश से जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं पर लाठियों और तलवारों से हमला किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। वीडियो में दिख रहा है कि कुछ हमलावरों ने हमारे कार्यकर्ताओं से यह कहने को कहा कि मैंने उनसे किसानों को कुचलने के लिए कहा था। मेरे बेटे पर लगाए आरोप पूरी तरह से निराधार हैं। अगर वह वहां होता तो उसकी हत्या कर दी जाती। हिंसा के मामले की जांच करेगी एसटीएफ लखीमपुर खीरी में रविवार शाम किसानों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुए हिंसक झड़प की जांच अब एसटीएफ करेगी। एसटीएफ सोमवार शाम से ही जांच अपने हाथ में ले लेगी। पुलिस ने हिंसा के बाद वायरल वीडियो से 24 लोगों की शिनाख्त की है। इनमें से सात लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। इससे पहले पूरे मामले में पुलिस ने केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और बलवा सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली।

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