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केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, गांवों में भी सड़कों पर कचरा फेंकने या जलाने पर होगी रोक

नई दिल्ली। शहरों की तर्ज पर अब गावों में भी कचरा प्रबंधन को लेकर सख्ती दिखेगी। इसमें सड़क, घर के बाहर या सार्वजनिक स्थलों पर कचरा फेंकना और जलाना प्रतिबंधित होगा। पर्यावरण मंत्रालय इसे लेकर जल्द ही नियम लाने की तैयारी में है। मंत्रालय ने यह पहल गांवों में भी कचरा प्रबंधन की बढ़ती समस्या को देखते हुए लिया है। माना जा रहा है कि इससे स्वच्छ भारत की छिड़ी मुहिम को भी मदद मिलेगी। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा में यह जानकारी दी। साथ ही बताया कि गांवों के लिए कचरा प्रबंधन के नियमों को बनाने का काम शुरू कर दिया गया है। गांवों में कचरा प्रबंधन के नियम वैसे भी जरूरी हो गए हैं, क्योंकि अब गांवों में प्लास्टिक सहित ऐसा कचरा भारी तादात में जमा होने लगा है, जो साधारण रूप से नष्ट नहीं हो सकता है। वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की मानें तो ठोस कचरे का बेहतर प्रबंधन करके फिलहाल 22 तरह की बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता है। ई-बसों को लेकर जावडेकर ने मुख्यमंत्रियों को लिखी चिट्ठी जावडेकर ने इस दौरान राज्यों द्वारा इलेक्टि्रक बसों (ई-बस) की खरीद में की जा रही देरी पर भी नाखुशी जताई और कहा अब तक सिर्फ बीस शहरों में ही ई-बसों की खरीद की गई है और उनका संचालन किया जा रहा है। इसके अच्छे परिमाण देखने को मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में उन्होंने ई-बसों की खरीद में देरी करने वाले राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा है। साथ ही उनसे जल्द ही खरीद प्रक्रिया को पूरा करने को कहा है, अन्यथा वह इलेक्टि्रक बसों की खरीद के लिए उन्हें उपलब्ध कराई गई राशि को दूसरे शहरों को मुहैया करा देंगे। फिलहाल प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने देश के करीब 64 शहरों को ई-बसों की खरीद के लिए पैसे दिए थे। इस दौरान करीब छह हजार बसें खरीदी जानी थी।

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