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नैशनल हेरल्ड केस: स्वामी ने सोनिया-राहुल के खिलाफ कोर्ट में पेश किए सीलबंद दस्तावेज
नई दिल्ली बीजेपी नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी ने शनिवार को दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में नैशनल हेरल्ड केस की सुनवाई के दौरान कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ सीलबंद दस्तावेज पेश किए। इस मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को होगी और तब तक स्वामी द्वारा सौंपे गए दस्तावेज सीलबंद ही रहेंगे। स्वामी ने कोर्ट को बताया कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने हाल ही में यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड पर 414 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। स्वामी ने दावा किया है कि उन्होंने यंग इंडियन कंपनी (जो पहले नैशनल हेरल्ड अखबार चलाती थी) के खिलाफ इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर की कॉपी को कोर्ट में पेश किया है। बता दें कि राहुल गांधी और सोनिया गांधी यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य स्टेकहोल्डर हैं। स्वामी ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के 105 पेज लंबे आदेश को कोर्ट में सौंपा है। सुब्रमण्यन स्वामी का दावा है कि आईटी ने अपने आदेश में कांग्रेस के उस दावे को झूठ बताया है कि उसने AJL (असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड) को 90 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। स्वामी का दावा है कि कांग्रेस को नैशनल हेरल्ड मामले में गलत तरीके से 414 करोड़ रुपये का इनकम गेन हुआ है और उस पर पार्टी को टैक्स चुकाना चाहिए। क्या है नैशनल हेरल्ड केस इस मामले की शुरुआत हुई थी 1938 में, जब जवाहरलाल नेहरू ने कांग्रेस के एक मुखपत्र की जरूरत महसूस की और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से नैशनल हेरल्ड नाम के अखबार की शुरुआत की। नैशनल हेरल्ड का मालिकाना हक असोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के पास था। एजेएल उस वक्त दो और अखबार भी छापा करती थी, हिंदी में 'नवजीवन' और उर्दू में 'क़ौमी आवाज'। साल 2008 तक एजेएल इन तीनों अखबारों को चलाती रही, लेकिन साल 2008 में ही 'एजेएल' ने सभी प्रकाशनों को निलंबित कर दिया और इसी के साथ कंपनी पर 90 करोड़ रुपए का कर्ज भी चढ़ गया। इसके बाद कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने 23 नवंबर 2010 को 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' नाम से एक नई 'नॉट-फॉर प्रॉफिट कंपनी' बनाई जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी समेत मोतीलाल वोरा, सुमन दुबे, ऑस्कर फर्नांडिस और सैम पित्रोदा को निदेशक बनाया गया। यंग इंडियन कंपनी में सोनिया और राहुल के पास 38-38 फीसदी शेयर थे, जबकि बाकी के 24 फीसदी शेयर अन्य मेंबर्स के पास थे। कांग्रेस ने यंग इंडियन को 90 करोड़ रुपए बतौर लोन दिया, जिसके बाद इस कंपनी ने 'असोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड' का अधिग्रहण कर लिया। बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी ने एक नवंबर 2012 को एक याचिका दायर कर सोनिया, राहुल समेत कांग्रेस पार्टी के नेताओं पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया। याचिका में उन्होंने कहा कि 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' ने सिर्फ 50 लाख रुपए में 90.25 करोड़ रुपए वसूलने का तरीका निकाला, जो नियमों के खिलाफ है। स्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि इस धोखाधड़ी के जरिए इन लोगों को नैशनल हेरल्ड और कौमी आवाज अखबारों के प्रकाशन अधिकार भी दिल्ली और यूपी में स्थित प्रॉपर्टी समेत मिल गए। बता दें कि पिछले साल जून में नैशनल हेरल्ड का फिर से प्रकाशन शुरू हो चुका है।

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