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खुलासा: पलवल की मस्जिद में 5 साल से पैसा भेज रहा था हाफिज सईद!
नई दिल्ली, 19 अक्टूबर 2018, हरियाणा में पलवल जिले के उटावड़ गांव में बन रही मस्जिद खुलाफा-ए-रशीदीन में टेरर फंडिंग मामले को लेकर एनआईए के खुलासे से सनसनी मची हुई है. एनआईए के मुताबिक हाफिज़ सईद भारत के अलग-अलग हिस्सों में मस्जिदों, मदरसों और मजलूमों को सहारा देकर उन्हें आतंक के लिए उकसाने की कोशिश कर रहा है. एनआईए सूत्रों से आजतक को इस बार पता चला है कि पलवल में बनी मस्जिद को हाफिज सईद और फ़लाह-ए- इंसानियत और लश्कर-ए-तैयबा 5 साल से फंडिंग कर रहे थे. इतना ही नहीं एनआईए के सूत्रों के मुताबिक पलवल की मस्जिद ढाई करोड़ रुपये में बनी है. हवाला ऑपरेटर सलमान को लश्कर ने इस मस्जिद को बनाने के लिए कुल 80 लाख रुपये दिए थे, बाकी पैसा कहां से आया है, एनआईए इसकी गहन जांच कर रही है.एनआईए के रडार पर 3-4 नए लोग हैं. जिनके यहां टेरर फंडिंग का पैसा पहुंचा है. एनआईए सूत्रों के मुताबिक टेरर फंडिंग का पैसा राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, मुम्बई और कश्मीर में पहुंचा है. जिसकी जांच बड़े स्तर पर एनआईए कर रही है. आपको बता दें कि मस्जिद के इमाम मोहम्मद सलमान को दुबई निवासी पाकिस्तानी नागरिक कामरान के नाम से 80 लाख का चेक मिला था. ऐसा माना जा रहा है कि कामरान आतंकी संगठन के लिए काम करता है और भारत में आतंकी गतिविधियों के लिए पैसा उपलब्ध कराता है. एनआईए एक केस दर्ज कर इस मामले की जांच की रही है. एनआईए के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारत में आतंकी फंडिंग के लिए फलाह-ए-इंसानियत के नेटवर्क के बारे में सुरक्षा एजेंसियों को जानकारी कुछ महीने पहले मिली थी. इसके आधार पर इस साल जुलाई में एनआईए ने एफआइआर भी दर्ज की थी. जांच में पता चला कि निजामुद्दीन में रहने वाला मोहम्मद सलमान यूएई में रहने वाले फलाह-ए-इंसानियत के पाकिस्तानी कारिंदे के संपर्क में था. मोहम्मद सलमान को फलाह-ए-इंसानियत के दुबई और अन्य देशों में बैठे गुर्गे हवाला के मार्फत लगातार पैसे भेज रहे थे. जिसे बाद में जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों तक पहुंचाया जाता था. एनआईए ने मोहम्मद सलमान के साथ-साथ फलाह-ए-इंसानियत की ओर से पैसे मंगाने वाले दरियागंज के हवाला ऑपरेटर मोहम्मद सलीम उर्फ मामा और श्रीनगर निवासी अब्दुल राशिद को भी गिरफ्तार किया था.

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