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चीन से टेंशन का असर, स्कूलों में चीनी भाषा की शिक्षा नहीं देगी सरकार

नई दिल्ली, 01 अगस्त 2020,नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के तहत भारत में बच्चों को चीनी भाषा सिखाई जाए या नहीं, इसे लेकर शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों का विजन स्पष्ट नहीं है. इसकी बानगी तब देखने को मिली जब, शिक्षा मंत्रालय ने जो कि पहले मानव संसाधन विकास मंत्रालय के नाम से जाना जाता था, ने मीडिया के बीच नई शिक्षा नीति का ड्राफ्ट जारी किया था तो उसमें बच्चों को पढ़ाई जाने वाली भाषा में चीनी भाषा का जिक्र था, जबकि अब शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर जो अंतिम रिपोर्ट अपलोड की गई है, उसमें चीनी भाषा की चर्चा नहीं है. शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक नई शिक्षा नीति की अंतिम रिपोर्ट गुरुवार को शिक्षा मंत्रालय के वेबसाइट पर अपलोड की गई. इससे पहले मीडियाकर्मियों को जब ये रिपोर्ट दी गई थी तो उसमें सेकेंड्री लेवल पर बच्चों को चीनी भाषा सिखाने की बात का जिक्र था. इस रिपोर्ट में लिखा गया था. ''भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में उच्चतर गुणवत्ता वाले कोर्स के अलावा विदेशी भाषाएं, जैसे कोरियाई, चीनी जापानी, थाई, फ्रेंच, जर्मन, स्पैनिश, पुर्तगाली और रूसी भी माध्यमिक स्तर पर व्यापक रूप से अध्ययन हेतु उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि विद्यार्थी विश्व-संस्कृतियों के बारे में जानें और अपनी रुचियों और आकांक्षाओं के अनुसार अपने वैश्विक ज्ञान को और दुनिया भर में घूमने-फिरने को सहजता से बढ़ा सके. '' लेकिन शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट पर जब इस रिपोर्ट को अपलोड किया गया तो ऊपर वर्णित पंक्तियां ज्यों की त्यों थी सिर्फ भाषाओं की सूची में से चीनी भाषा को हटा लिया गया था. इस बाबत शिक्षा मंत्रालय की पॉलिसी कमेटी से आधिकारिक जवाब भी मांगा गया है, लेकिन ये जवाब अबतक नहीं आया है.

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