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सचिन पायलट की चिट्ठी बनेगी गहलोत का सिरदर्द! याद दिलाया आरक्षण का चुनावी वादा

जयपुर, 12 सितंबर 2020, राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के बीच लगता है कि अभी भी सब कुछ सामान्य नहीं हुआ है. राजस्थान में अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) की जातियों के युवाओं को सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण नहीं देने और देव नारायण योजना के विभिन्न कार्य ठप होने को लेकर पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्ठी लिखी है. उप मुख्यमंत्री के पद से हटने के बाद गुर्जरों के आरक्षण को लेकर सचिन पायलट की लिखी चिट्ठी पर हर तरफ चर्चा है. 2 सितंबर को लिखी चिट्ठी में पायलट ने सीएम गहलोत को लिखा है कि विधानसभा चुनाव 2018 के घोषणा पत्र में एमबीसी के लिए पांच प्रतिशत आरक्षण देने का वायदा किया गया था. लेकिन मुझे यह बताया गया कि सरकार ने पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2018, रीट भर्ती 2018, पंचायतीराज एल डीसी भर्ती 2013, टेक्निकल हैल्पर भर्ती 2018, नर्सिंग भर्ती 2013 व 2018, जेल प्रहरी भर्ती 2018, आशा सुपर वाइजर भर्ती 2016, कमर्शियल असिसटेंट भर्ती 2018, द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती 2018 व अन्य भर्तियों में एमबीसी से जुड़ी जातियों को पांच प्रतिशत आरक्षण नहीं दिया गया है, जबकि इस आरक्षण को देने के लिए सरकार ने प्रतिनिधियों से समझौता भी किया था. 2 अक्टूबर को अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करेगी राजस्थान सरकार पायलट ने अपने पत्र में देव नारायण बोर्ड और देव नारायण योजना के अंतर्गत आने वाले विकास कार्यों के ठप होने पर भी दु:ख प्रकट किया है. पायलट ने सीएम गहलोत को बताया कि समय-समय पर लोग मुझसे मिलते हैं और इन दोनों योजनाओं को बजट देकर उचित ढंग से क्रियान्विति करने की मांग करते हैं. पायलट ने पत्र में आग्रह किया कि मेरे द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई की जाए. गौरतलब है कि अति पिछड़ा वर्ग में गुर्जर, रेबारी, देवासी, गडरिया, बंजारा सहित अनेक जातियां शामिल हैं. इन जातियों के युवाओं को सरकारी नौकरियों में पांच प्रतिशत आरक्षण नहीं मिलने से नुकसान हो रहा है. राजस्थान सरकार ने कहा है कि 2 अक्टूबर को अपने घोषणा पत्र के बारे में वह जनता के सामने अपना रिपोर्ट कार्ड रखेंगे. इससे पहले गुर्जर आरक्षण को लेकर सचिन पायलट चिट्ठी लिखकर राजस्थान सरकार पर मांगें पूरी करने का दबाव बढ़ा दिया है.

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