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संत ने प्राणों की आहूति दे दी, बाबा विजयदास के निधन पर गर्माई सियासत,अवैध खनन पर BJP नेताओं ने शुरू की गहलोत सरकार की घेराबंदी

जयपुर: भरतपुर के ब्रज क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन के विरोध में खुद को आग लगाने वाले बाबा विजयदास का दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में निधन हो गया। बाबा विजयदास के निधन के बाद राजस्थान की सियासत भी गर्मा गई है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस सरकार को संत विजयदास की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, सांसद दीया कुमारी और कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने ट्वीट करके प्रदेश सरकार पर हमला बोला है। दरअसल आरोप यह भी है कि पूर्ववर्ती वसुंधरा सरकार के कार्यकाल में भी ब्रज क्षेत्र में अवैध खनन शुरू हुआ था। उस दौरान राजे ने प्रशासन को सख्त निर्देश देकर अवैध खनन को बंद करवाया था। इस दौरान कांग्रेस ने भी राजे सरकार को खूब घेरा था। मीडिया रिपोटर्स के अनुसार कांग्रेस जब सत्ता में आई, तो उनके शासनकाल में भी फिर से खनन शुरू हो गया। अब संत विजयदास के आत्मदाह और निधन के बाद फिर से यह मुद्दा विवादों में आ गया है। अवैध खनन को सूचीबद्ध करके रोका जाना चाहिए था पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि अवैध खनन को रोकने के लिए संतों को आन्दोलन करना पड़ा। यहां तक कि एक संत तो आत्मदाह के लिए मजबूर होना पड़ा। अगर राज्य सरकार कहां-कहां अवैध खनन हो रहा है, उसे सूचीबद्ध कर बंद करवाती तो यह स्थिति नहीं होती। राज्य सरकार नक्शों के आधार पर अवैध खनन को चिन्हित कर इसे सख्ती के साथ रोकें। अवैध खनन के खिलाफ संत ने प्राणों की आहूति दे दी भाजपा सांसद दीया कुमारी ने ट्वीट किया कि भरतपुर जिले के पसोपा गांव में आन्दोलनरत संत विजयदास जी के दिल्ली में इलाज के दौरान ब्रह्मलीन होने के दुखद सामाचार मिले। ईश्वर उन्हे अपने श्रीचरणों में स्थान दे। दीया ने आगे लिखा कि ब्रज 84 कोस क्षेत्र को अवैध खनन से बचाने के लिए बाबा विजयदास ने अपने प्राणों की आहुती दे दी मगर संवेदन शून्य सरकार ने उन्हें अग्निस्नान के लिए विवश कर दिया। कहीं धार्मिक हिंसा तो कहीं भूमाफिया की मनमानी, कांग्रेस के जंगल राज में मासूम जनता आखिर कब तक अपने प्राणों की बलि देती रहेगी। संत का आत्मदाह करना सरकार के माथे पर कलंक : राजेन्द्र राठौड़ उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि हठधर्मी कांग्रेस सरकार के खिलाफ भरतपुर में प्रदर्शन करते हुए आत्मदाह को मजबूर हुए बाबा विजयदास का निधन होना अत्यंत दुखद है। संत का आत्मदाह करना गहलोत सरकार के माथे पर ऐसा कलंक है जो सरकार के अंत का कारण बनेगा। राठौड़ ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सोनिया गांधी के समर्थन में दिल्ली दरबार में जी-हुजूरी करने में व्यस्त मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी को दिल्ली के अस्पताल में भर्ती संत से मिलने तक की फुर्सत नहीं मिली। ईश्वर दिवंगत आत्मा को श्रीचरणों में स्थान दे। खनन माफियाओं और मजहबी माफियाओं पर सरकार की कृपा बनी हुई- कर्नल राठौड़ जयपुर ग्रामीण सांसद कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गहलोत सरकार को संत विजयदास की मृत्यु का जिम्मेदार ठहराया है। राठौड़ ने ट्वीट किया कि प्रदेश में खनन माफिया हो या मजहबी माफिया, कांग्रेस सरकार की इन पर जो कृपा दिखती है, उसी से प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है। कहीं न कहीं गहलोत सरकार और माफियाओं के बीच साठगांठ बाबा विजयदास की मृत्यु की जिम्मेदार है। जब तक दोषी सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाए, तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे। 500 दिन से अधिक समय से विरोध , सरकार ने परवाह क्यों नहीं की : सतीश पूनिया बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने भी साधु की मौत के लिए राजस्थान सरकार जिम्मेदार ठहराया है। पूनिया ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि " वे 500 दिन से अधिक समय से विरोध कर रहे थे लेकिन सरकार ने परवाह नहीं की। सरकार खनन माफिया के अधीन है। जानिए क्या है मामला मीडिया रिपोटर्स के अनुसार राजस्थान के भरतपुर में ब्रज क्षेत्र की पहाड़ियों में हो रहे खनन को लेकर लगातार विरोध जताया जा रहा है। इसे लेकर यहां साधु संत पिछले 550 दिनों से आंदोलन कर रहे थे। संत इस मुद्दे पर सरकार की ओर से सुनवाई नहीं किए जाने की नाराजगी जता रहे थे। मामले में बढ़ती नाराजगी के बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रहे बाबा हरि बोल दास ने आत्मदाह की चेतावनी तक सरकार को दी दे थी। 20 जुलाई को आंदोलन को तेज करने का अल्टीमेटम दिया गया। इसके बाद साधु संतों की बढ़ती नाराजगी को देखते हुए सरकार के कैबिनेट मंत्री विश्वेंद्र सिंह आगे आए। मंत्री विश्वेंद्र सिंह और साधुओं के बीच वार्ता का दौर शुरू हुआ, लेकिन इसी बीच मांग मंगवाने के लिए पहले यहां बाबा नारायण दास मोबाइल टॉवर पर चढ़ गए। वहीं इसके बाद बाबा विजयदास से आत्मदाह का प्रयास करते हुए खुद को आग लगा ली।

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