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आबकारी घोटाले में 'टूलकिट माड्यूल' की जांच, स्टैंडअप कामेडियन और हैदराबाद से जुड़े शराब के व्यापारी भी रडार पर

नई दिल्ली,दिल्ली शराब लाइसेंस घोटाले की प्रारंभिक जांच ज्यादातर 'टूलकिट माड्यूल' पर केंद्रित है। जांच के दायरे में एक दर्जन से अधिक स्टैंडअप कामेडियन, हैदराबाद से जुड़े शराब के थोक और खुदरा व्यापारियों का एक समूह और मुंबई के एकसमान पते वाली कारपोरेट संस्थाएं भी हैं। साथ ही वैश्विक और घरेलू शराब निर्माताओं के कुछ सेवारत और पूर्व अधिकारी, इंटरनेट मीडिया को प्रभावित करने वाले लोग, घुड़दौड़, सट्टेबाजी और आनलाइन गेमिंग में लगे व्यक्ति और कंपनियां भी जांच के दायरे में हैं। सीबीआइ ने दिल्ली, मुंबई और हैदराबाद सहित विभिन्न स्थानों पर तलाशी लेने के बाद 13 व्यक्तियों, दो कंपनियों और अन्य अज्ञात लोकसेवकों व निजी व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी की है। शराब नीति के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया तंत्र बनाने का खेल कारपोरेट मामलों का मंत्रालय और संबंधित एजेंसियां किसी भी संभावित गलत काम की पड़ताल करने के लिए सीबीआइ द्वारा नामित कंपनियों के साथ प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ी कंपनियों के नेटवर्क से जुड़े मामलों की भी जांच कर रही हैं। मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच ज्यादातर 'टूलकिट माड्यूल' पर केंद्रित है, जिसका उपयोग दिल्ली में उदार शराब बिक्री नीति के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया तंत्र बनाने के लिए किया जा सकता था। विभिन्न सरकारी विभागों और प्रवर्तन एजेंसियों में कार्यरत ये अधिकारी चल रही जांच में सीधे तौर पर शामिल हैं। नियमों के उल्लंघन के पहली नजर में पर्याप्त सुबूत भले ही जांच राजनीति से प्रेरित कही जा रही है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि कुछ नियमों के उल्लंघन के प्रथमदृष्टया पर्याप्त सुबूत हैं, जिनमें वित्तीय गड़बड़ी, कंपनी अधिनियम के तहत आवश्यक जानकारी को उजागर नहीं करना और सूचना प्रौद्योगिकी व अन्य अधिनियमों के दायरे में आने वाली गलत सूचना के प्रसार जैसी चीजें शामिल हैं। शेयर एवं क्रिप्टो करेंसी में लेन-देन भी दायरे में जांच में एक अन्य पहलू पर भी ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें शेयर और क्रिप्टोकरेंसी में वित्तीय लेन-देन शामिल है। आनलाइन गेमिंग प्लेटफार्म से जुड़े लोग जांच के दायरे में हैं। 50 लोगों की विदेश यात्राओं और विदेश में पैसे भेजने की जांच कामेडियन, कारोबारी, इंटरनेट मीडिया को प्रभावित करने वाले और मनोरंजन उद्योग से जुड़े लोगों सहित कम से कम 50 व्यक्तियों की विदेश यात्राओं और विदेश में पैसे भेजने की भी जांच की जा रही है। इस सूची में हैदराबाद से संबद्ध विभिन्न व्यक्ति और कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्हें दिल्ली में शराब बिक्री के लिए लाइसेंस जारी किया गया था। जांच में एक प्रमुख नाम जो सामने आया है, वह है विजय नायर और उनसे जुड़ी कंपनियों का एक तंत्र। इनमें ओनली मच लाउडर, बैबलफिश और मदर्सवियर शामिल हैं। नायर से जुड़े जो अन्य नाम सामने आए हैं, उनमें आनलाइन गेमिंग, सट्टेबाजी और कामेडी शोज से जुड़ी कंपनियां वीयर्डएस कामेडी, मोटरमाउथ राइटर्स और रिबेलियन मैनेजमेंट शामिल हैं।

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