taaja khabar.....इंडोनेशिया के पहले दौरे पर जाएंगे पीएम मोदी, भारतीय नौसेना को मिल सकता है बड़ा तोहफा.....पाकिस्तान ने किया सीजफायर उल्लंघन, 1 बीएसफ जवान शहीद....कानूनी पैंतरे और लिंगायत कार्ड से विपक्षी विधायकों का समर्थन हासिल करेगी BJP?....कर्नाटक: सियासी उठापटक के बीच हैदराबाद पहुंचे कांग्रेस-जेडीएस के विधायक...रमजान में नो ऑपरेशन फैसले के बाद सेना की टेंशन पत्थरबाजों से निपटना...पाकिस्तान मुस्लिम लीग के नेता ने सेना पर लगाए आरोप, नवाज शरीफ का किया समर्थन....नवाज के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाने की याचिकाएं खारिज.....अयोध्या मामला: 'राम की जन्मभूमि कहीं और शिफ्ट नहीं हो सकती'...रेलगाड़ियों के फ्लेक्सी फेयर में एक जून से मिल सकती है छूट...J&K: रमजान के पहले दिन आतंकियों ने की युवक की हत्या..
गुर्जर आंदोलन की आहट: भरतपुर में सुरक्षा बलों की आठ ​कंपनियां तैनात
भरतपुर में गुर्जर आंदोलन की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ​ने सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम कर दिए हैं. इसके तहत रेलवे सुरक्षा बल की तीन और पुलिस फोर्स की 5 ​कंपनियों सहित स्थानीय पुलिस को बयाना क्षेत्र में संभावित आंदोलन ​व पंचायत स्थल के इर्द-गिर्द तैनात कर दिया गया है. हालांकि सोमवार शाम को गुर्जर नेता सरकार के आमंत्रण पर वार्ता के लिए जयपुर जा रहे हैं, लेकिन वार्ता का रुख क्या रहेगा यह अभी तय नहीं है. दूसरी तरफ अगर आंदोलन शुरू होता है तो आम आदमी की आधारभूत सुविधाओं में व्यवधान ना हो इसके लिए जिला प्रशासन ​निगाह रखे हुए हैं. सोमवार को सिविल डिफेंसकर्मियों की बैठक कर उनको दिशा निर्देश जारी किए गए हैं. ताकि आम लोगों को कोई परेशानी नहीं हो. इसके अलावा रेलवे पुलिस फोर्स के अधिकारी सभी रेलवे ट्रैकों पर निगरानी रखे हुए हैं. उल्लेखनीय है कि पहले भी कई बार हुए गुर्जर आंदोलन के दौरान गुर्जरों ने दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया था. जिससे रेलवे की संपत्ति को भारी मात्रा में नुकसान हुआ था. वहीं गुर्जर आंदोलन की घोषणा के बाद गुर्जर समुदाय के दो पक्षों में आपसी विवाद हो गया है. दो ​धड़े में ​बंटे गुर्जर नेताओं ने महापंचायत का ऐलान कल अलग-अलग स्थानों पर किया है. इसमें गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला ने अड्डा गांव को चुना है तो वहीं दूसरी तरफ दूसरे धड़े ने मोरोली गांव को महापंचायत के लिए चिन्हित किया है​. दूसरे धड़े के यादराम गुर्जर, अतर सिंह महरावर ,हरिकिशन, रामस्वरूप और विजयराम आदि ने रविवार को बयाना में प्रेसवार्ता कर कहा था कि मांगों का समाधान आंदोलन ना होकर टेबल पर वार्ता होता है. इसलिए वे आंदोलन का विरोध कर रहे हैं. ​कर्नल बैंसला द्वारा चयनित स्थान की बजाय दूसरा धड़ा मोरोली गांव में महापंचायत करेगा जो लोगों से शांति की अपील और सरकार के साथ वार्ता कर हक मांगने के लिए समाधान ​की मांग करेगा.

Top News

http://www.hitwebcounter.com/