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सुरक्षित हुआ मातृत्व 1,916 गर्भवतियों की हुई प्रसवपूर्व जांचें
बीकानेर। प्रतिमाह की भांति 9 तारीख भावी माताओं के नाम रही। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत सोमवार को जिले के समस्त पीएचसी, सीएचसी, यूपीएचसी व जिला अस्पताल में गर्भवतियों की प्रसवपूर्व जांच व उपचार के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई। सीएमएचओ डॉ. देवेन्द्र चौधरी ने बताया कि अभियान के तहत जिले के 84 चिकित्सा संस्थानों में कुल 1,916 गर्भवतियों की एएनसी हुई। जिला अस्पताल में पीएमओ डॉ. विजयलक्ष्मी व्यास, डॉ. मेघा व डॉ. सविता परमार ने 110 गर्भवतियों की प्रसव पूर्व जांचे की जिनमे से 38 की सोनोग्राफी व 42 की वीडीआरएल जांच की गई। शहरी यूपीएचसी में 271, खण्ड बीकानेर में 314, श्रीडूंगरगढ़ में 283, नोखा में 426, कोलायत में 269, लूणकरणसर में 201 व खाजूवाला में 42 गर्भवतियों की जांचे हुई। गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकों व स्त्रीरोग विशेषज्ञों की देखरेख में प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच, परामर्श एवं दवाओं की निःशुल्क सेवाएं उपलब्ध कराई गयी। जांच के दौरान हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उनके सुरक्षित प्रसव के प्रबंधन की कवायद की गई। मातृ व शिशु मृत्युदर में कमी लाने विशेषकर एनीमिया की जांच कर एनेमिक महिलाओं को आवश्यकतानुसार आयरन की गोलियां, आयरन सुक्रोज इंजेक्शन व ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सलाह दी गई। जिले के आयुष चिकित्सकों ने भी अभियान में बढ़चढ़ कर योगदान दिया। निजी गायनेकोलोजिस्ट ने दी निःशुल्क सेवाएं डीपीएम सुशील कुमार ने बताया कि अभियान में निजी गायनेकोलोजिस्ट की भूमिका उल्लेखनीय रही जिन्होंने प्रतिमाह की भांति शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के राजकीय चिकित्सालयों में स्वेच्छा से जाकर गर्भवतियों की एएनसी जांचें की। डॉ. मधु आर्य ने सीएचसी नापासर में, डॉ. इति माथुर ने पीएचसी जामसर में, डॉ. दीप्ति वहल ने सीएचसी गजनेर में, डॉ. आरती बोथरा ने रानी बाजार औद्योगिक क्षेत्र डिस्पेंसरी न 7 में, डॉ वीणा श्रीवास्तव ने यूपीएचसी सर्वोदय बस्ती में, डॉ. जुगल किशोर छाबड़ा यूपीएचसी न. 6, नत्थूसर गेट में व डॉ. सूरत चलाना ने यूपीएचसी तिलकनगर में गर्भवतियों की निःशुल्क एएनसी जांचें कर आवश्यक सलाह दी। 7 निजी विशेषज्ञों द्वारा कुल 220 एएनसी जांचें की गई।

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