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पद्मावती' में करें बदलाव, तभी राजस्थान में होगी रिलीज: वसुंधरा राजे
जयपुर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने साफ किया है कि जब तक 'पद्मावती' फिल्म में आवश्यक बदलाव नहीं किए जाएंगे, इस मूवी को राजस्थान में रिलीज करने की सरकार अनुमति नहीं देगी। सीएम ने कहा कि संबंधित बदलाव को लेकर केंद्र सरकार को बता दिया गया है। सरकार चाहती है कि 'पद्मावती' रिलीज होने की वजह से किसी समुदाय की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचनी चाहिए। सीएम राजे ने केंद्रीय सूचना-प्रसारण मंत्री स्मृति इरानी को पत्र लिखकर फिल्म में बदलाव के बाद ही रिलीज किए जाने की अपील की थी। मध्य प्रदेश और पंजाब सरकार पहले ही अपने-अपने राज्य में इस फिल्म पर बैन लगा चुकी है। यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सीधे तौर पर कह दिया कि बिना आपत्तिजनक सीन हटाए मूवी को यूपी में रिलीज नहीं होने दिया जाएगा दरअसल फिल्म के खिलाफ राजस्थान में राजपूत समाज के संगठन करणी सेना ने मोर्चा खोल रखा है। करणी सेना के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह कालवी ने फिल्म की स्टारकास्ट और डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को चेतावनी भी दी थी। राजपूत समाज का आरोप है कि फिल्म में इतिहास के साथ छेड़छाड़ की गई है। फिल्म में पद्मावती के किरदार को चित्तौड़गढ़ की रानी पद्मिनी से प्रेरित बताया जाता है। राजपूत समाज का कहना है कि रानी पद्मिनी ने 16 हजार स्त्रियों के साथ चित्तौड़ के किले में जौहर किया था, जबकि फिल्म में उनकी गलत छवि पेश की जा रही है। मेवाड़ की रॉयल फैमिली तय करे: सांसद इस बीच 'पद्मावती' फिल्म पर चल रहे विवाद के बीच चित्तौड़गढ़ से बीजेपी एमपी सीपी जोशी ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखा है। उन्होंने खत में लिखा कि फिल्म में क्या विवादित है इसे तय करने के लिए मूवी मेवाड़ की रॉयल फैमिली के सदस्यों को दिखाई जाए। उनको अगर फिल्म में कुछ भी विवादित लगता है तो फिल्म बैन होनी चाहिए। उन्होंने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया है कि इतिहासकारों के अनुरूप अगर फिल्म में चित्तौड़गढ़ की कहानी दिखाई गई है, तो उसे रिलीज होना चाहिए। स्मृति को राजे ने लिखा था खत मुख्यमंत्री राजे ने केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि इस संबंध में सेंसर बोर्ड को भी फिल्म प्रमाणित करने से पहले इसके सभी संभावित नतीजों पर विचार करना चाहिए। राजे ने खत में लिखा कि प्रसिद्ध इतिहासकारों, फिल्मी हस्तियों और पीड़ित समुदाय के सदस्यों की एक समिति गठित की जाए, जो इस फिल्म तथा इसकी स्क्रिप्ट पर विस्तार से विचार-विमर्श करे राजे ने पत्र में लिखा है कि विचार-विमर्श के बाद ऐसे आवश्यक परिवर्तन किए जाएं, जिससे किसी भी समाज की भावनाओं को आघात न पहुंचे। उन्होंने कहा कि फिल्म निर्माताओं को अपनी समझ के अनुसार फिल्म बनाने का अधिकार है लेकिन कानून व्यवस्था, नैतिकता और नागरिकों की भावनाओं को ठेस पहुंचने की स्थिति में मौलिक अधिकारों पर भी तर्क के आधार पर नियंत्रण रखने का प्रावधान भारत के संविधान में है। ऐसे में पद्मावती फिल्म की रिलीज पर पुनर्विचार किया जाए। एमपी में रिलीज पर बैन इस बीच बढ़ते विरोध को देखते हुए मध्य प्रदेश में भी फिल्म के रिलीज होने के पहले ही बैन लगा दिया गया है। मध्य प्रदेश में राजपूत समाज इसके प्रदर्शन का विरोध कर रहा है। राजपूत समाज के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर अपना विरोध दर्ज कराया। इस पर चौहान ने उन्हें भरोसा दिलाया कि भले ही सेंसर बोर्ड फिल्म रिलीज कर दे लेकिन राज्य में वह प्रदर्शित नहीं होगी। शिवराज के ऐलान के कुछ देर बाद पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा, 'कोई भी इतिहास के साथ छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं करेगा। जो प्रदर्शन कर रहे हैं, वो सही कर रहे हैं।'

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