अलवर गैंगरेप की पीड़िता बोली- मैं उन पांचों को फांसी पर लटकते देखना चाहती हूं

थानागाजी(अलवर) वे तीन खौफनाक घंटे अलवर गैंगरेप पीड़‍िता का जिंदगी भर पीछा करते रहेंगे। लेकिन 20 साल की, 12वीं में पढ़ने वाली इस दलित विवाहिता ने तय कर लिया है कि वह अपने लिए इंसाफ की लड़ाई को जारी रखेगी। 26 अप्रैल को पांच लोगों ने उसके पति के सामने तीन घंटों तक उसका रेप किया, वह सदमे में है पर एक बात को लेकर तय है कि उन पांचों को फांसी की सजा दी जाए। गुरुवार को टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बात करते हुए पीड़‍िता ने कहा, 'मैं चाहती हूं कि उन पांचों को जिन्‍होंने मेरा रेप किया, विडियो बनाया और मेरा जीवन बर्बाद कर दिया फांसी की सजा दी जाए। अगर कोई इससे भी बड़ी सजा हो तो वह इन पांचों की दी जानी चाहिए।' पुलिस की प्रतिक्रिया डराने वाली स्‍थानीय पुलिस ने जिस तरह शुरू में उसकी शिकायत पर प्रतिक्रिया जताई और बाद में जब आरोपियों में से एक ने 4 मई को गैंगरेप का विडियो सोशल मीडिया पर डाला, उस समय भी एफआईआर लिखने में पुलिस ने जो आनाकानी दिखाई उससे पीड़‍िता खौफ में है। पीड़‍िता के पति बताते हैं, 'जैसे ही विडियो वायरल हुआ हम पुलिस स्‍टेशन गए पर हमें बताया गया कि स्‍टाफ की कमी की वजह से केस दर्ज नहीं किया जा सकता। उन्‍होंने तो यहां तक कह दिया कि चुनावों की वजह से 5 और 6 मई को भी इस मसले पर कुछ नहीं किया जा सकेगा घर से निकलते ही पांचों ने पीछा किया था घटना वाले दिन की याद करते हुए पीड़‍िता के पति ने बताया, 'जैसे ही मैं अपनी ससुराल से निकला उसके 10 मिनट बाद ही ये पांचों लोग हमारा पीछा करने लगे और हमें जबरन रोक लिया। वे हमें एक नाले में घसीट कर ले गए और हमसे कपड़े उतारने को कहा। जब हमने इसका विरोध किया तो उन्‍होंने हमारे कपड़े फाड़ दिए और हमें पीटा। इसके बाद तीन घंटों तक हमारी जिंदगी जीते-जी नर्क बन गई। केस लिखाने के बाद भी धमकी और पैसों की मांग जारी रही। पीड़िता बताती हैं, 'हमने शुरू में मामले की शिकायत नहीं की क्‍योंकि उन लोगों ने मेरे माता-पिता और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। लेकिन बाद में हमें लगा कि हमें पुलिस में रिपोर्ट लिखानी चाहिए ताकि किसी और को यह दरिंदगी न झेलनी पड़े।' उस शारीरिक और मानसिक आघात से उबरते हुए पीड़‍िता और उनके पति ने तय कर लिया है कि वे गुज्‍जर समुदाय के आगे नहीं झुकेंगे और न्‍याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। गौरतलब है कि पांचों आरोपी गुज्‍जर समुदाय से हैं। पीड़‍िता के पति कहते हैं, 'अब मुझे किसी से डर नहीं है। हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। केवल उनकी गिरफ्तारी हमारा मकसद नहीं है। हम उन्‍हें मौत की सजा पाते हुए देखना चाहते हैं।'

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