taaja khabar....संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- नागपुर से नहीं चलती सरकार, कभी नहीं जाता फोन...जॉब रैकिट का पर्दाफाश, कृषि भवन में कराते थे फर्जी इंटरव्यू...हिज्बुल का कश्मीरियों को फरमान, सरकारी नौकरी छोड़ो या मरो...एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में भी बीएसपी को चाहिए ज्यादा सीटें...अगस्ता डील के बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल का दुबई से जल्द हो सकता है प्रत्यर्पण....PM मोदी की पढ़ाई पर सवाल उठाकर फंसीं कांग्रेस की सोशल मीडिया हेड स्पंदना, हुईं ट्रोल...
श्रीगंगानगर में बैंक उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए कार्यशाला का आयोजन
ठगी से बचना है तो जागरूक हो जाओ -साइबर क्रिमिनल बैंक खातों में सेंध लगाने की फिराक में रहते हैं श्रीगंगानगर। सेवानिवृत वरिष्ठ बैंक अधिकारी एनके वर्मा ने बैंकों के उपभोक्ताओं से जागरूक होने का आह्वान किया है। उन्होंनेे कहा कि जागरूक होकर हम न केवल अपने हितों की रक्षा कर सकते हैं, बल्कि ठगे जाने से भी बच सकते हैं। जागरूकता ही हमें साइबर अपराधियों से बचा सकती है। ऐसे अपराधी लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाने की फिराक में रहते हैं। सजग रह कर हम उन्हें मात दे सकते हैं। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (बैंकिंग विनियमन विभाग मुम्बई) और उपभोक्ता मार्गदर्शन समिति (उमस) जोधपुर के संयुक्त तत्वावधान में गोल बाजार स्थित होटल सी-रॉक में आयोजित जमाकर्ता शिक्षा तथा जागरूकता निधि कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि हाल में ईमेल, संदेश या कॉल के जरिए लोगों को रिजर्व बैंक से पुरस्कार मिलने या लॉटरी लगने जैसे प्रलोभन दिए जाने की घटनाएं काफी बढ़ी हैं। इस तरह की घटनाओं में ठग प्रलोभन देते हैं और लॉटरी या पुरस्कार का पैसा जारी करने के बदले में शुल्क की मांग करते हैं। कई लोग इनके जाल में फंस जाते हैं और उन्हें पैसा गंवाना पड़ता है। वर्मा ने एटीएम का उपयोग सावधानीपूर्वक करने की सलाह दी और कहा कि यह बात अच्छी तरह समझ लें बैंक की तरफ से कभी भी ग्राहक के मोबाइल फोन पर कॉल करके कोई जानकारी नहीं मांगी जाती है। अगर कोई व्यक्ति मोबाइल पर आपके एटीएम कार्ड या खाते की जानकारी मांग रहा है तो समझ लें कि वह ठग है। उसे कोई जानकारी नहीं दें। उन्होंने बताया कि ठग कॉल कर एटीएम कार्ड ब्लॉक होने या आपका आधार कार्ड व पैन कार्ड खाते से लिंक होने के नाम पर आपके एटीएम कार्ड का नंबर पूछते हैं। इस नंबर से वह न केवल ऑनलाइन खरीदारी कर सकते हंै, बल्कि खाते से पैसा भी निकल सकते हैं। किसी कारणवश खाते से रुपए निकलने व खरीदारी होने पर अपने बैंक को जानकारी देकर कार्ड को तत्काल ब्लॉक करा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के साथ अपने एटीएम कार्ड का ब्यौरा तथा पिन शेयर नहीं करें। अपना एटीएम कार्ड कभी भी एटीएम में नहीं छोड़ें। यह सुनिश्चित कर लें कि जब आप अपना पिन डाल रहे हों या कार्ड स्वाइप कर रहे हों तो एटीएम से कोई भी कैमरा या अन्य उपकरण न जुड़ा हो। कई बार ठग एटीएम मशीन के ऊपर कैमरे लगा देते हैं, जो आपका पिन नंबर रीड कर लेते हैं। एटीएम में पिन डालते समय किसी और को इसे न देखने दें। मशीन से निकले नोटों की गिनती और जांच करना न भूलें। उन्होंने बताया कि एटीएम से संबंधित कोई शिकायत होने पर संबंधित बैंक को लिखें। बैंक को शिकायत प्राप्त होने के सात कार्यदिवस में शिकायत का निपटारा करना जरूरी है। अन्यथा बैंक आपको प्रतिदिन एक सौ रुपए की दर से क्षतिपूर्ति का भुगतान करेगा। यह क्षतिपूर्ति तभी देय है, जब आपने ट्रांजैक्शन के तीस दिनों के अंदर शिकायत दर्ज करवा दी हो। वर्मा ने क्रेडिट सोसायटी, प्राइवेट वित्तीय संस्थानों और चिटफंड कंपनियों में धन जमा कराने से परहेज करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को अपना धन केवल मात्र बैंक में ही जमा कराना चाहिए। उपभोक्ता संरक्षण समिति संगरिया के अध्यक्ष और कार्यशाला के स्थानीय संयोजक एडवोकेट संजय आर्य ने बैंकिंग लोकपाल योजना की जानकारी दी और उपभोक्ताओं से बैंकों की खामियों से जुड़ी शिकायतों को बैंकिंग लोकपाल तक पहुंचाने की अपील की। आर्य ने कहा कि बैंक की त्रुटियों या असुविधाओं के संबंध में ग्राहकों को संबंधित बैंक प्रबंधन के समक्ष शिकायत दर्ज करानी चाहिए और एक माह तक निदान होने का इंतजार करना चाहिए। अगर इस अवधि में बैंक समाधान नहीं करता है तो उसके बाद आप बैंकिंग लोकपाल के समक्ष शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। इस मौके पर मुख्य अतिथि सामाजिक एवं धार्मिक संस्था महासंघ के अध्यक्ष विजय गोयल, विशिष्ट अतिथि भगवान सहाय महेन्द्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के मुख्य प्रबंधक परमजीत कटारिया तथा राजेश बब्बर ने बैंक उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने पर जोर दिया और कहा कि ऐसी कार्यशालाओं से उपभोक्ताओं को जागरूक करने में मदद मिलती है। इसलिए ऐसे आयोजन समय-समय पर होने चाहिए। उपभोक्ता संरक्षण समिति संगरिया के अध्यक्ष और कार्यशाला के स्थानीय संयोजक एडवोकेट संजय आर्य ने कार्यशाला में सबका स्वागत किया। उपभोक्ता मार्गदर्शन समिति (उमस) के सचिव लियाकत अली ने कहा कि बैंक उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए इन कार्यशालाओं का सिलसिला शुरू किया गया है। राज्य भर में इन कार्यशालाओं का सिलसिला चलेगा। उपभोक्ता मार्गदर्शन समिति (उमस) के उपाध्यक्ष राजेश तिवारी ने आभार व्यक्त किया।

Top News

http://www.hitwebcounter.com/