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CCTV लगाने का ठेका चीनी कंपनी को, सुरक्षा को खतरा: कांग्रेस
नई दिल्ली कांग्रेस ने शुक्रवार को सीसीटीवी कैमरा मामले में केजरीवाल सरकार पर सुरक्षा के साथ समझौता करने का आरोप लगाया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि आप सरकार ने दिल्ली में 1.5 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का ठेका चीन की सरकारी कंपनी को दिया है, जिससे राजधानी समेत देशभर की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। आरोप है कि दिल्ली सरकार ने चीन की सरकारी कंपनी हिकविजन को बेल (BEL) कंपनी का मुखौटा बनाकर पूरी राजधानी में सीसीटीवी कैमरे लगाने का ठेका दिया। माकन ने कहा कि यह भ्रष्टाचार और देश की सुरक्षा के साथ समझौते का मामला है। सीएम अरविंद केजरीवाल को तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया तो दिल्ली कांग्रेस उनके निवास स्थान पर रविवार को प्रदर्शन करेगी। अजय माकन ने कहा कि आश्चर्य की बात यह है कि रक्षा मंत्रालय ने भी चीन की इस कंपनी को अपने वेंडर में शामिल कर लिया है। देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ में केंद्र सरकार भी पीछे नहीं है। उन्होंने कहा कि इस मामले में रक्षा मंत्रालय की भी जांच की जानी चाहिए। माकन ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस सीबीआई, सीवीसी और और जरुरत पड़ी तो दोषियों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाने से पीछे नहीं हटेगी। आप पार्टी की सफाई कांग्रेस के आरोप पर आप पार्टी की सफाई भी आ गई है। आप दिल्ली के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि उन्होंने केंद्र सरकार की सरकारी कंपनी बेल को टेंडर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बेल ने किसी चीनी कंपनी को ठेका दिया हो तो उसमें उनका कोई रोल नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि उस चीनी कंपनी ने ही दिल्ली मेट्रो, डिफेंस रिसर्च डिवेलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (डीआरडीओ), रक्षा मंत्रालय, दिल्ली हाइ कोर्ट के साथ-साथ बाकी प्रमुख जगहों पर भी उन्होंने ही सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। इससे पहले माकन ने सीसीटीवी कैमरे लगाने के प्रॉजेक्ट की लागत बढ़ने पर भी सवाल उठाए थे।

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