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MCD का आरोप- केजरीवाल सरकार ने नहीं दिया फंड
नई दिल्‍ली, सैलरी और बकाए की मांग को लेकर दिल्ली नगर निगम (MCD) के सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए तो दूसरी ओर MCD में फंड को लेकर सियासत तेज हो गई है. दरअसल, दक्षिणी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने पिछले कई वर्षों के आंकड़े जारी किए हैं. इसके मुताबिक केजरीवाल सरकार ने फंड के नाम पर निगम के हिस्से का पैसा भी नहीं दिया है. साउथ एमसीडी ने दिल्ली सरकार से फंड मांगा इसके मुताबिक 2018-19 में साउथ एमसीडी ने दिल्ली सरकार से फंड मांगा. शहरी विकास विभाग के लिए 904 करोड़ रुपये मांगे जबकि सरकार ने एक भी रुपये जारी नहीं किए. वहीं एजुकेशन सेक्टर के लिए 255 करोड़ रुपये मांगे जबकि सरकार ने 90 करोड़ जारी किए. ट्रांसपोर्ट सेक्टर के लिए 904 करोड़ रुपये मांगे लेकिन सरकार ने अब तक एक भी पैसा नहीं दिया. इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं के लिए निगम ने 340 करोड़ मांगे जबकि 48 करोड़ रुपये मिले. यानि साफ है कि 1,579 करोड़ रुपये की मांग की गई लेकिन सिर्फ 138 करोड़ रुपये मिले. वहीं पिछले साल 1,454 करोड़ रुपये मांगे तो केवल 560 करोड़ रुपये दिए गए. उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने आंकड़े जारी करते हुए बताया कि इस साल ट्रांसपोर्ट और अर्बन डेवेलपमेंट के लिए एक पैसा भी दिल्ली सरकार ने नहीं दिया. उत्तरी दिल्ली नगर निगम ने इस साल कुल 1,579 करोड़ की मांग की थी जबकि केवल 137 करोड़ जारी किए गए. जबकि दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने दिल्ली सरकार से इस वर्ष 1454 करोड़ रुपये मांगे थे जबकि सरकार ने केवल 560 करोड़ रुपये ही दिए हैं, यानि 894 करोड़ रुपये अभी बाकी हैं. इन सबके बीच MCD में विपक्ष के नेता अनिल डबास मेयर के इन दावों को पूरी तरह से झूठा बता रहे हैं. अनिल ने कहा कि दिल्ली में फिर से हड़ताल शुरू हो गई है और निगम अनाप- शनाप मांगे कर रहा है. बता दें कि बीते 27 अगस्त को तीनों ही निगम के मेयर ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी और उस वक्‍त ये दावा किया गया था कि दस दिन के अंदर पूरा फंड रिलीज कर दिया जाएगा.

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