चश्मा हटाना चाहते हैं या आंखों की रोशनी करनी है तेज, अपनाएं ये तरीके

नई दिल्ली: आंखों की रोशनी कम हो जाना आजकल काफी आम बात हो गई है। छोटी-छोटी उम्र में बच्चों को नंबर के चश्मे लग जाते हैं। हर दिन Myopia और Hyperopia के केस बढ़ते जा रहे हैं। इसके अलावा भी आंखों से सम्बंधित बीमारियां जैसे कि ग्लूकोमा, कैटरेक्ट, मधुमेह संबंधी रेटिनोपैथी आदि आपके दुनिया को देखने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं। आंखों की रोशनी को बेहतर करने और उसे सुधारने के लिए काफी कुछ किया जा सकता है। क्या है डॉक्टर की राय? डॉक्टर अनीता सेठी (डायरेक्टर, नेत्र विज्ञान, फोर्टिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम) के अनुसार, ऐसी कोई डाइट नहीं है जिससे चश्मा हटाया जा सकता है या जिससे नंबर बढ़ने से रोका जा सकता है। चश्मा पहनने की आवश्यकता या जिसे रेफ्रेक्टिव एरर के नाम से भी जाना जाता है, वो आंख के आकर पर निर्भर करता है। इसके अलावा, आंख के नम्बर पर फैमिली हिस्ट्री का प्रभाव पड़ता है। इसका मतलब यह है कि अगर आपके माता-पिता को बचपन से चश्मा लगा है, तो संभावना होती है कि बच्चे को भी चश्मा लगे। रेफ्रेक्टिव एरर (Refractive Error) अधिकतर बचपन से ही होता है, इसलिए जरूरी है कि स्वस्थ आंखों के लिए हेल्दी डाइट ली जाए। गाजर और अन्य रंगीन सब्जियां विटामिन A का अच्छा स्त्रोत होती हैं। यह आंखों और स्किन दोनों के लिए अच्छी होती हैं। इसी के साथ बच्चों और वयस्कों में अच्छी रीडिंग और स्क्रीन आदतें होना जरूरी है। बच्चों का स्क्रीन टाइम स्कूल के दिनों के दौरान 1 घंटा और छुट्टी के दिन 2 घंटे तक का होना चाहिए। वयस्कों को स्वस्थ आंखों के लिए कलर्ड और पत्तों वाली सब्जियां खानी चाहिए। इससे भी ज्यादा जरूरी अपनी आंखों को अल्ट्रा वॉइलट किरणों से बचाना है। जिन लोगों को लंबे समय तक स्क्रीन के आगे रहना पड़ता है, उन्हें थोड़े समय-समय में आंखों को आराम देने के लिए ब्रेक लेना चाहिए। आंखों पर पड़ने वाले जोर को कम करने के लिए एंटी-ग्लेयर चश्मों का प्रयोग करें। किसी भी डाइट से चश्मों से निजात तो नहीं पाया जा सकता, लेकिन इसके नंबर बढ़ने से रोका जा सकता है। आंखों का व्यायाम (Eye Exercises) आंखों की रोशनी को ठीक करने के लिए आप घर बैठे आंखों की कुछ एक्सरसाइज कर सकते हैं: हाथ योग (Hatha Yoga): अपने दोनों हाथों को तब तक रगड़ें जब तक की वो गर्म न हो जाएं। अब अपने हाथों को अपनी आंखों पर रख लें। इससे आंखों के आस-पास की नसों को आराम मिलेगा और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ेगा। सनिंग (Sunning): सूरज की तरफ देखते हुए अपने सर को एक तरफ से दूसरी तरफ तक हिलाएं। खुली आंखों से सीधे सूरज की तरफ न देखें। आंखों की पुतलियों को क्लॉकवाइस और एंटी-क्लॉकवाइस घुमाएं। ऐसा अपनी आंखें बंद कर के करें। इसे दिन में दो बार करें। हालांकि, इसे आप दिन में दो से अधिक बार भी कर सकते हैं। 20-20-20 रूल को करें फॉलो: हर 20 मिनट में 20 सेकंड्स के लिए 20 मीटर दूर फोकस करें। इसके बीच में आपको पलक जरूर झपकानी है। इससे आंखों का विजन बेहतर होगा।| आंखों का विजन बेहतर करने के आयुर्वेदिक उपाय: त्रिफला(Triphala): कई हजारों सालों से त्रिफला को कई बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसमें विटामिन A होने के कारण यह आंखों में होने वाली जलन को रोकता है। त्रिफला कॉर्नियल डायस्ट्रोफिस, कंजंक्टिवाइटिस, आंखों की रोशनी जाना और उम्र के कारण आंखों के कमजोर होने जैसी परिस्थितियों में मदद करता है। एक गिलास गुनगुने पानी में एक बड़ी चम्मच त्रिफला चूर्ण मिलाएं और पानी को ठंडा होने दें। इसे रात भर पड़ा रहने दें और इस पानी से सुबह अपनी आंखें धो लें। इसे सिर्फ एक महीने और प्रति दिन में एक बार ही इस्तेमाल करें। आवलां (Indian Gooseberry): विटामिन C की अधिकता वाला यह पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट आंखों के लिए काफी अच्छा है। यह रेटिना सेल्स के काम करने के तरीके में भी सुधार करता है और स्वस्थ कोशिकाओं को बढ़ावा देता है। पानी में 2 से 4 चम्मच आंवलें का पाउडर और शहद मिला लें। इसे कुछ महीनों तक रोजाना दो बार पीएं।

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