taaja khabar...पीएम मोदी का पाक पर करारा वार, कहा- जो आतंकवाद का टूल के तौर पर इस्‍तेमाल कर रहे हैं उनको भी खतरा........यूएन महासभा में भाषण के बाद सुरक्षा प्रोटोकाल तोड़कर भारतीयों के बीच पहुंचे पीएम मोदी, लगे भारत माता की जय के नारे...चाय बेचने वाले के बेटे का चौथी बार UNGA का संबोधित करना भारत के लोकतंत्र की ताकत: पीएम मोदी...UNGA में पीएम मोदी ने पाक और चीन की खोली पोल, कहा- समुद्री सीमा का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए..अमेरिका चाहता है यूएन में भारत को मिले स्थायी सदस्यता - हर्षवर्धन श्रृंगला..अफगानिस्तान में हजारा समुदाय को जमीन छोड़ने के लिए मजबूर कर रहा तालिबान..भारत को 'विश्व गुरु' बनाना मोदी का एक मात्र लक्ष्य, प्रधानमंत्री के यूएनजीए संबोधन पर बोले नड्डा....केंद्र सरकार ने कहा- सफल नहीं होगी आतंकियों की ना'पाक' कोशिश, देश सुरक्षित हाथों में..दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में जज के सामने गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या, दो हमलावर ढेर...सचिन पायलट ने पीसीसी अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री बनने से किया इंकार...: निषाद पार्टी व अपना दल के साथ BJP का गठबंधन, प्रदेश के चुनाव प्रभारी धर्मेन्द्र प्रधान ने की घोषणा...भारत में 84 करोड़ से अधिक हुआ टीकाकरण, यूपी नंबर 1..ब्रिटिश सांसद ने दी चेतावनी, जम्‍मू-कश्‍मीर से हटी भारतीय सेना तो आएगा 'तालिबान राज'... आजादी के बाद सेनाओं के सबसे बड़े कायापलट की दिशा में भारत...PM नरेंद्र मोदी के सामने कमला हैरिस ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को लताड़ा, 'ऐक्शन लें इमरान'...इजरायली 'लौह कवच' से लैस होगा अमेरिका, आयरन डोम से मिलेगी फौलादी सुरक्षा...

हार्ट अटैक के खतरे को दूर करती है अर्जुन के पेड़ की छाल, आयुर्वेदिक डॉक्टर ने बताए कई फायदे

यहां हम आपको दिल की बीमारी के जोखिम को टालने के लिए एक आयुर्वेद का अचूक नुस्खा बता रहे हैं। दरअसल, यहां हम अर्जुन के पेड़ के बारे में बात कर रहे हैं जिसकी छाल (Arjun barks) का आयुर्वेद में बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जाता है। खासतौर से दिल की सेहत के लिए इस पेड़ का बहुत योगदान है। इसके फायदों के बारे में हमने आयुर्वेदिक डॉक्टर से बातचीत की है। आइए, जानते हैं हमें किस तरह से लाभ पहुंचाता है अर्जन का पेड़। ​दिल की बीमारी के जोखिम को कम करती है अर्जुन की छाल अर्जुन का पेड़ जिसे अर्जुनारिष्ट भी कहा जाता है और इसका पारंपरिक रूप से आयुर्वेदिक चिकित्सा में बड़े पैमाने पर प्रयोग किया जाता है। बेंगलुरु के जीवोत्तम आयुर्वेद केंद्र के वैद्य डॉ. शरद कुलकर्णी M.S (Ayu),(Ph.D.) ने बताया कि मुख्य रूप से इस पेड़ की छाल का प्रयोग दिल के रोगों की दवा बनाने में किया जाता है। उन्होंने हृदय स्वास्थ्य में सुधार के लिए इस पेड़ की छाल का प्रयोग बहुत फायदेमंद है। कैसे करें अर्जुन की छाल का प्रयोग डॉ. शरद कुलकर्णी के अनुसार, आप अर्जुन के पेड़ की छाल का पाउडर बनाकर इसे पानी या दूध के साथ पी सकते हैं। आप चाहें तो पानी में पेड़ की छाल को उबाल लें और फिर इसे छानकर पीएं। इसके अतिरिक्त आप इसके पाउडर को दूध में मिलाकर भी पी सकते हैं। अर्जुन का पेड़ आमतौर पर भारत में हर जगह उपलब्ध है ​हाई BP और कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करती है छाल पशु अनुसंधान द्वारा किए गए शोध से पता चला है कि इसकी छाल के जरिए कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड (triglyceride) और रक्तचाप के स्तर (blood pressure levels) कम किया जा सकता है। जानकारी के लिए बता दें कि ये तीनों ही हृदय रोग के लिए मुख्य फैक्टर हैं। चूहों पर किए एक शोध में पता चला है कि इस पेड़ की छाल उच्च रक्त शर्करा (blood sugar) के स्तर को भी कम करने में कारगर है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इसी तरह मधुमेह से पीड़ित चूहों पर किए अध्ययन में पाया गया कि उन्हें 15 दिनों तक अर्जुन की छाल का अर्क खिलाया गया और बाद में देखा तो उनके रक्त शर्करा के स्तर में काफी कमी आई। कम हो जाता ​कैंसर का जोखिम कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि इसके अर्क से कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है। जानवरों और टेस्ट-ट्यूब अध्ययनों से पता चलता है कि अर्जुनारिष्ट के कुछ अवयवों में कैंसर विरोधी गुण हो सकते हैं। हालांकि, फिलहाल इस क्षेत्र में मानव अध्ययन की आवश्यकता है। अस्थमा को रोकने में मददगार जानकारों की मानें तो इसमें अस्थमा विरोधी गुण (anti-asthmatic properties) भी हो सकते हैं। पशु अनुसंधान से पता चलता है कि मिश्रण के कुछ अवयवों में अस्थमा विरोधी गुण हो सकते हैं जो रोगी के शरीर में होने वाली फेफड़ों की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। फिर भी इस पर अभी और शोध करने की आवश्यकता है। ​यूरिन इंफेक्शन से राहत आयुर्वेदिक डॉ. के अनुसार, इसकी छाल के सेवन से यूरिन इन्फेक्शन की समस्या को भी दूर किया जा सकता है। यूरीन की रुकावट दूर करने में अर्जुन की छाल का दूध या काढ़ा फायदेमंद है। साथ ही अगर आपको यूरिन का मार्ग में किसी तरह का इनफेक्शन है तब भी ये फायदेमंद है। इसके लिए छाल को पीसकर दो कप पानी में उबालें जब जब पानी आधा रह जाए तो इसे ठंडा होने के बाद पिएं। ​खांसी और वजन कम करने में भी मददगार ग्रामीणों में इस पेड़ की छाल का प्रयोग खांसी को दूर करने के लिए आज भी किया जाता है। ये नुस्खा एक हजार साल पुराना है। अगर आप खांसी से परेशान हैं तो अर्जुन के पेड़ छाल या इससे बने पाउडर को दूध में मिलाकर पीएं और तुरंत राहत पाएं। इसके अतिरिक्त इसके ये वजन कम करने में भी मददगार है।

Top News