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आम आदमी पार्टी से वसूला जाएगा विज्ञापन पर खर्च पैसा
स्वयंभू ईमानदार अरविंद केजरीवाल के एक के बाद एक सामने आ रहे घोटाले उनके प्रधानमंत्री बनने के सपनों को खाक करने वाले साबित होने वाले हैं। जिस तरह गोवा के बुद्धिमान मतदाताओं ने केजरीवाल की काली करतूतों और मंशाओं को समझ उन्हें धूल चटाई। अगली बारी अब राजस्थान की है। केजरीवाल एंड कम्पनी को लग रहा है कि राजस्थान उन्हें हाथों हाथ लेगा। सता नहीं तो विपक्ष का नेता तो अवश्य बना देगा। लेकिन राजस्थान में आप की भी वही हालत होगी जो बसपा की रही है। आप के दो चार दमदार उम्मीदवार अपने दम पर भले ही चुनाव जीत जायें बाकि सबकी जमानत जब्त होना तय है। आप का विज्ञापन घोटाला चर्चा में रहा हैलेकिन अब इसकी जांच के लिए गठित कमेटी की रिपोर्ट सामने आने और राज्यपाल द्वारा विज्ञापनों पर दिल्ली की जनता की खून पसीने की कमाई के खर्च किये गये करीब 97 करोड़ रूपयें की राशि आप से वसूलने के आदेश दिये जाने के बाद साफ हो गया है कि केजरीवाल एंड कंपनी किसी तरह से भ्रष्टाचार करने में अन्य राजनीतिक दलों से पीछे नहीं है। आप ने दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों में सरकारी खजाने से केजरीवाल को प्रोजक्ट करने और पार्टी के प्रचार और प्रसार के लिए विज्ञापन प्रकाशित करवाये । इनमें राजस्थान में भी करीब 12 पेज के रंगीन विज्ञापन शामिल हैं। इन विज्ञापनों में तीन पेज के विज्ञापन ऐसे थे जिन पर मनीष सिसोदिया की फोटो के साथ कहा गया था कि प्रधानमंत्री ने काफी रोकने का प्रयास किया लेकिन आप ने फिर भी कर दिखाया। शेष 9 पेज के विज्ञापन बिना किसी एजेंसी का हवाला दिये समाचारों के रूप में प्रकाशित करवाये गये। जिनमें केजरीवाल सरकार की कथित उपलब्धियों का बखान किया गया था। जांच कमेटी ने इन विज्ञापनों को उच्चतम न्यायालय की गाइड लाईन का स्पष्ट उल्लघंन पाया और पाया कि केजरीवाल सरकार नें सरकारी खजाने का दुरूपयोग देश के विभिन्न राज्यों में पार्टी के प्रचार और प्रसार पर किया जबकि ऐसा पार्टीफंड से किया जाना चाहिये था। केजरीवाल भ्रष्टाचार रोकनें की बड़ी बड़ी डींगें हांकतें रहे हैं लेकिन खुद भ्रष्टाचार करने में बेशर्मी की हद तक जा इसके लिए कुतर्क देते रहे हैं। विज्ञापन घोटाले पर केजरीवाल एंड कंपनी दलील दे रही है कि मध्यप्रदेश और छतीसगढ़ सहित कई अन्य सरकारें अपने प्रदेश से बाहर विज्ञापन प्रकाशित करवाती हैं । अगर वो गलत नहीं तो हमारा विज्ञापन प्रकाशित करवाना कैसे गलत हो सकता है। केजरीवाल भूल जाते हैं कि भाजपा शासित राज्यों के विज्ञापनों में न तो प्रधानमंत्री अथवा किसी अन्य पर निशाना साधा जाता है और न ही उपलब्धियों का बखान किया जाता है। उनके विज्ञापन वहां किसी बडेआयोजन में लोगों को आमंत्रित करने के लिए होते हैं जिससे सरकार के राजस्व में पैसा आये न कि पार्टी प्रचार प्रसार के लिए प्रकाशित करवाये जाते हैं। राज्यपाल ने मुख्य सचिव को 97 लाख रूपये आप पार्टी से एक महिने में वसूलने के निर्देश दिये हैं। निश्चित रूप से केजरीवाल इस आदेश के खिलाफ कोर्ट जाएंगें और तय है कि हमेशा की तरह वहां से फटकार खाएंगे। मदन अरोड़ा

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