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लोकलाज के डर से मानसिक रोगी चिकित्सक के पास जाने से कतराते हैं: डाॅ. अरूण कुमार
- एनएमएचपी के तहत अब खण्ड स्तर पर आयोजित होंगे शिविर - पहला कैम्प 20 अप्रेल को रावतसर सीएचसी में हनुमानगढ़। मानसिक रोगों की जांच व उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिसमें मिर्गी के दौरे, अवसाद, उत्तेजना, मतिभ्रम (शिंजोफेनिया), माइग्रेन, फोबिया व अन्य मानसिक रोगों की जांच व उपचार की व्यवस्था की जाएगी। सीएमएचओ डाॅ. अरूण कुमार ने बताया कि भारत में 1982 में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (एनएमएचपी) की शुरूआत की गई। इसका उद्देश्य जनमानस में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पैदा करना और जंजीरों में जकड़े लोगों का इलाज कर उन्हें जीवन जीने की मुख्यधारा में शामिल करना है, लेकिन जागरूकता के अभाव या लोकलाज के डर से मानसिक रोगी चिकित्सक के पास जाने से कतराते हैं। इलाज के अभाव में मरीज की स्थिति दिन-ब-दिन बिगड़ती जाती है, इसलिए अब मरीजों को कैम्प के माध्यम से लाभान्वित किया जायेगा। इसके लिए एमजीएम जिला अस्पताल में मानसिक रोगियों के उपचार के लिए वार्ड की स्थापना की गई है ताकि गंभीर मरीजों का जल्द से जल्द विशेषज्ञों की देखरेख में ईलाज हो सके। इसके अलावा जो दवाइयां अब तक मरीज महंगे दामों में बाजार से खरीदते थे, वह भी अब सरकारी अस्पतालों से निःशुल्क उपलब्ध होंगी। एनएमएचपी के जिला नोडल अधिकारी व मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. समीर सहारण ने बताया कि 1987 में मेंटल हैल्थ एक्ट बना, जो मनोरोगों से संबंधित कानून है। हर साल 10 अक्टूबर को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 2020 तक अवसाद विश्व में दूसरा सबसे बड़ा रोग होगा। उस समय हालात इतने विकट हो जाएंगे कि इतने अधिक मानसिक रोगियों का उपचार विकासशील ही नहीं, विकसित देशों की भी क्षमताओं से परे होगा। ऐसे में मानसिक रोगियों की बढ़ती संख्या भारत ही नहीं, वैश्विक स्तर पर भी चिंता का बड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि मानसिक रोगों के इलाज व उपचार हेतु प्रत्येक शुक्रवार को ब्लॉक स्तर पर शिविरों का आयोजन किया जायेगा। प्रत्येक माह के प्रथम शुक्रवार को संगरिया में, द्वितीय को नोहर में, तृतीय को रावतसर में व चतुर्थ शुक्रवार को भादरा में प्रातः 10 से 12 बजे तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर मरीज स्वास्थ्य उपचार ले सकते हैं। 20 अप्रैल को रावतसर में होने वाले शिविर में ज्यादा से ज्यादा मरीज लाभ उठा सकते है।

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