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मेलबर्न महेंद्र सिंह धोनी की सीरीज में लगातार तीसरी हाफ सेंचुरी और केदार जाधव की उनकी 121 रनों की साझेदारी की मदद से भारत ने ऑस्ट्रेलिया को मेलबर्न वनडे में 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली है। यह पहला मौका है जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया में कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती हो। भारत ने टॉस जीतकर इस निर्णायक मैच में ऑस्ट्रेलिया को बल्लेबाजी का न्योता दिया। युजवेंद्र चहल के छह विकेटों की बदौलत भारत ने मेजबान टीम को 48.4 ओवर में 230 पर ऑल आउट कर दिया। जवाब में टीम इंडिया ने 49.2 ओवर में 231 रन बनाकर मैच और सीरीजअपने नाम की। कैसी रही शुरुआत ऑस्ट्रेलियाई बोलर्स ने शुरू से ही भारत पर दबाव बनाए रखा। रोहित शर्मा 17 गेंदों पर 9 रन बनाकर आउट होने वाले पहले बल्लेबाज रहे। टीम का स्कोर तब 6 ओवर में 15 रन था। इसके बाद बल्लेबाजी करने उतरे कप्तान विराट कोहली ने शिखर धवन के साथ मिलकर भारतीय पारी को पटरी पर लाने का काम किया। दोनों ने मिलकर दूसरे विकेट के लिए 45 रन जोड़े लेकिन इसके लिए उन्होंने 10.2 ओवर खेले। धवन 46 गेंदें खेलकर 23 रन बनाकर मार्कस स्टॉयनिस की गेंद पर उन्हीं को कैच थमा बैठे। उन्होंने अपनी पारी में तीन चौके लगाए। कोहली-धोनी जमे कोहली का साथ देने महेंद्र सिंह धोनी उतरे। कोहली और धोनी ने तीसरे विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी की लेकिन ये दोनों बल्लेबाज भी रनगति को रफ्तार नहीं दे पाए। दोनों ने ये रन जोड़ने के लिए 13.4 ओवर बल्लेबाजी की। ऑस्ट्रेलिया ने बनाया दबाव ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा। विकेट पर स्ट्रोक खेलना आसान नहीं लग रहा था और कंगारू बोलर्स ने भारतीय बल्लेबाजों को हाथ नहीं खोलने दिए। कोहली जाय रिचर्डसन की गेंद पर विकेट के पीछे एलेक्स कैरी के हाथों लपके गए। उन्होंने 62 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 46 रन बनाए। धोनी को मिला जाधव का साथ महेंद्र सिंह धोनी ने एक छोर जरूर संभाले रखा लेकिन वह बड़े शॉट्स नहीं खेल पा रहे थे। ऐसे में उन्हें केदार जाधव का साथ मिला। जाधव ने शुरुआत में जमने में वक्त लिया लेकिन बाद में उन्होंने हाथ दिखाए और भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने भी हाफ सेंचुरी लगाई चहल का बेस्ट परफॉर्मेंस इससे पहले, लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (42 रन पर छह विकेट) की फिरकी के जादू से भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 48.4 ओवर में 230 रन पर आउट कर दिया। सीरीज में अपना पहला मैच खेल रहे चहल ने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 10 ओवर में 42 रन देकर छह विकेट लिए। उनका पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन साउथ अफ्रीका के सेंचुरियन में 22 रन पर पांच विकेट था। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया में किसी भारतीय गेंदबाज की सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की। इससे पहले अजित अगरकर ने भी इसी मैदान पर 42 रन देकर छह विकेट लिए थे। यह इस मैदान पर किसी विदेशी गेंदबाज का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी है। अगरकर ने 2004 में त्रिकोणीय सीरीज में यह प्रदर्शन किया था। चहल के अलावा भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी ने भी दो-दो विकेट लिए। हैंड्सकॉम्ब ने बनाई हाफ सेंचुरी ऑस्ट्रेलिया के लिए पीटर हैंड्सकॉम्ब ने 58 रन की पारी खेली। टॉस जीतकर भारत ने फील्डिंग का फैसला किया लेकिन खराब मौसम के कारण खेल दस मिनट देर से शुरू हुआ। ऑस्ट्रेलियाई पारी में दो गेंद डालने के बाद ही खेल एक बार फिर 20 मिनट के लिए रोकना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया की शुरूआत खराब रही। पारी के तीसरे ओवर में ही भुवनेश्वर कुमार ने सलामी बल्लेबाज एलेक्स कैरी (05) को स्लिप में खड़े कप्तान विराट कोहली के हाथों कैच कराकर पवेलियन भेजा। कप्तान आरोन फिंच की खराब फॉर्म इस मैच में भी जारी रही जो 14 रन बनाकर भुवनेश्वर का दूसरा शिकार बने। ख्वाजा-मार्श ने पहुंचाया 100 के पार नौवें ओवर में 27 रन पर दोनों सलामी बल्लेबाजों का विकेट खोने के बाद उस्मान ख्वाजा (34) और पिछले मैच में शतकीय पारी खेलने वाले शॉन मार्श (39) ने टीम के स्कोर को 100 तक पहुंचाया। चहल ने पारी के 24वें ओवर में दोनों का विकट झटककर मैच पर भारत की पकड़ मजबूत कर दी। इस ओवर की पहली गेंद पर धोनी ने मार्श को स्टंप किया जबकि चौथी गेंद पर ख्वाजा चहल को ही कैच दे बैठे। हैंड्सकॉम्ब ने इसके बाद अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन दूसरे छोर से उन्हें अच्छा साथ नहीं मिला। मार्कस स्टोइनिस 10 रन बनाकर चहल का तीसरा शिकार बने। उनका कैच स्लिप में खड़े रोहित शर्मा ने पकड़ा। मैक्सवेल ने दिखाया कुछ दम ग्लेन मैक्सवेल ने इसके बाद तेजी से रन बनाने की कोशिश और उन्होंने चहल के खिलाफ आक्रामक रूख अख्तियार करते हुए तीन चौके भी लगाये लेकिन शमी की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में वह भुवनेश्वर कुमार को कैच थमा बैठे। हैंड्सकांब ने 42वें ओवर में चहल की पांचवी गेंद पर एक रन लेकर अपना अर्धशतक पूरा किया। यह मौजूदा सीरीज में उनकी दूसरी अर्धशतकीय पारी है। उन्होंने जाय रिचर्डसन (16) साथ स्कोर को 200 के पार पहुंचाया। फिर चली चहल की फिरकी चहल ने हालांकि रिचर्डसन का विकेट लेकर दोनों की 45 रन की साझेदारी को तोड़ा। हैंड्सकांब भी इसके बाद ज्यादा रन नहीं जोड़ पाये और चहल के पांचवें शिकार बने। पगबाधा आउट होने से पहले उन्होंने 63 गेंद में पांच चौके की मदद से 58 रन बनाए। चहल ने इसके बार एकदिवसीय में पदार्पण कर रहे विजय शंकर के हाथों कैच कराकर एडम जम्पा (08) को पविलियन भेजा। शमी ने बिली स्टोनलेक को बोल्ड कर ऑस्ट्रेलियाई पारी का अंत किया। भारत ने मैच के लिए टीम में तीन बदलाव किए। हरफनमौला शंकर एकदिवसीय में पदार्पण किया, उन्हें मोहम्मद सिराज की जगह टीम में शामिल किया गया।
लद्दाख जम्मू कश्मीर में लद्दाख के खारदुंग ला क्षेत्र में एक ट्रक के शुक्रवार को हिमस्खलन की चपेट में आने से उसमें सवार 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 5 अन्य लोग लापता हैं। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के एक अधिकारी ने बताया कि वाहन सुबह सात बजे हिमस्खलन की चपेट आया। ट्रक में 10 लोग सवार थे। उन्होंने बताया कि बीआरओ ने बर्फ में लोगों के फंसे होने की आशंका के मद्देनजर अपने कर्मियों एवं मशीनरी को राहत कार्य में लगा दिया है। अधिकारी ने बताया कि पुलिस, सेना एवं राज्य आपदा मोचन बल कर्मी भी बचाव के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा, ‘अब तक, 5 लोगों के शव बरामद हुए हैं और लापता लोगों की तलाश जारी है।’ शून्य से 15 डिग्री कम तापमान की वजह से ऑपरेशन में मुश्किलें आ रही हैं। इस तूफान में कुछ और गाड़ियों के फंसे होने की आशंका भी जताई जा रही है।
ऐडिलेड विराट कोहली की अपने पसंदीदा मैदान पर खेली गई शतकीय पारी और महेंद्र सिंह धोनी की ‘फिनिशर’ की अपनी भूमिका के साथ किए गए पूरे न्याय से भारत ने मंगलवार को यहां दूसरे वनडे इंटरनैशनल क्रिकेट मैच में ऑस्ट्रेलिया को छह विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कराई। कोहली-धोनी ने दिखाया दम लक्ष्य का पीछा करने के मामले में दो सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों ने जब अपना कमाल दिखाया तो भारत के लिए 299 रन के लक्ष्य को बौना साबित करना आसान हो गया। कोहली ने 112 गेंदों पर पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 104 रन बनाए जबकि पिछले मैच में अपनी धीमी बल्लेबाजी के कारण आलोचकों के निशाने पर रहे धोनी ने 54 गेंदों पर नाबाद 55 रन की पारी खेली और विजयी शॉट लगाकर वापस लौटे। भारत ने चार गेंद शेष रहते ही चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर दिया। भुवी ने लिए चार विकेट भारत की इस जीत में तेज गेंदबाजों भुवनेश्वर कुमार (45 रन देकर चार) और मोहम्मद शमी (58 रन देकर तीन) की भूमिका भी अहम रही जिन्होंने आखिरी चार ओवरों में न सिर्फ न सिर्फ रन गति पर रोक लगायी बल्कि इस बीच शॉन मार्श और ग्लेन मैक्सवेल सहित चार विकेट भी लिए। मार्श के 131 रन और ग्लेन मैक्सवेल की 37 गेंदों पर 48 रन की उपयोगी पारी से ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआती झटकों से उबरकर नौ विकेट पर 298 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। मार्श ने अपनी पारी में 11 चौके और तीन छक्के लगाये। कोहली ने लगाया ऐडिलेड में पांचवां शतक कोहली का ऐडिलेड ओवल के प्रति पुराना प्यार जाग उठा। भारतीय कप्तान ने इस मैदान पर अपना पांचवां अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया। उन्होंने तब जिम्मेदारी संभाली जबकि शिखर धवन (28 गेंदों पर 32 रन) तेजतर्रार शुरुआत देकर पविलियन लौट गए थे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज को जैसन बेहरनडार्फ ने मिड ऑफ पर कैच कराया। कोहली को ऐसे मौके पर पारी संवारनी थी और रनगति भी बनाए रखनी थी। रोहित ने दिलाई अच्छी शुरुआत रोहित शर्मा (52 गेंदों पर 43 रन) और धवन ने पहले विकेट के लिए 47 रन जोड़े थे। रोहित ने इस साझेदारी के दौरान दर्शक की भूमिका निभायी थी। उन्होंने बाद में हाथ खोले और पीटर हैंडसकॉम्ब के बेहतरीन प्रयास से कैच आउट होने से पहले कोहली के साथ दूसरे विकेट के लिए 54 रन जोड़े। कोहली ने किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखायी। रोहित के बाद उन्होंने अंबाती रायुडु (36 गेंदों पर 24 रन) के साथ भी 59 रन की साझेदारी निभायी लेकिन दर्शकों को क्रिकेट का असली आनंद तब देखने को मिला जब कोहली और धोनी क्रीज पर थे। इन दोनों ने चौथे विकेट के लिए 82 रन जोड़े। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगाया 64वां शतक कोहली बेहरनडार्फ और नाथन लियोन पर छक्के लगाए तथा 108 गेंदों पर वनडे में 39वां और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 64वां शतक पूरा किया। वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में सचिन तेंडुलकर (100) और रिकी पोंटिंग (71) के बाद तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। कोहली आउट, धोनी-कार्तिक ने जिताया कोहली ने इसके बाद हालांकि जाय रिचर्डसन की गेंद फ्लिक करके डीप मिडविकेट पर कैच दे दिया जिससे मैच रोमांचक स्थिति में पहुंच गया। जब वह आउट हुए तो भारत को 38 गेंदों पर 57 रन चाहिए थे। धोनी और दिनेश कार्तिक (14 गेंद पर नाबाद 25) क्रीज पर थे। इन दोनों ने फिनिशर की अपनी भूमिका से न्याय करते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। धोनी ने पहले लायन पर छक्का जड़ा और जब आखिरी ओवर में सात रन की दरकार थी तब बेहरनडार्फ की पहली गेंद छह रन के लिए भेजी। इससे उन्होंने अपना 69वां अर्धशतक भी पूरा किया। फिंच सस्ते में लौटे इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अपने दोनों सलामी बल्लेबाज आरोन फिंच (छह) और एलेक्स कैरी (18) के विकेट जल्दी गंवा दिए। भुवनेश्वर ने फिंच को पविलियन जबकि कैरी ने शमी के बाउंसर पर मिडविकेट पर धवन को कैच थमाया । महंगे रहे सिराज इसके बाद मार्श और उस्मान ख्वाजा (21) क्रीज पर आए जिन्होंने 65 गेंद में 56 रन जोड़े। खतरनाक होती इस साझेदारी को रविंद्र जडेजा ने तोड़ा जिनके सटीक थ्रो पर ख्वाजा 19वें ओवर में रन आउट हो गए। मार्श ने बीच के ओवरों में सिराज की गेंदों की जमकर धुनाई की। सिराज ने दस ओवर में 76 रन दिये। वह करसन घावरी (11 ओवर में 83 रन, इंग्लैंड के खिलाफ 1975 में) के बाद अपने पदार्पण मैच में सबसे महंगे भारतीय गेंदबाज बन गए हैं। गिरते रहे विकेट मार्श जमे ऑस्ट्रेलिया के विकेट हालांकि नियमित अंतराल पर गिरते रहे। हैंडसकॉम्ब (20) को 28वें ओवर में जडेजा ने चकमा दिया और धोनी ने स्टम्पिंग करने में कोई चूक नहीं की। हैंडसकॉम्ब ने हालांकि मार्श के साथ चौथे विकेट के लिए 52 रन जोड़कर ऑस्ट्रेलिया को 22वें ओवर में 100 रन के पार पहुंचाया। मार्श ने मार्कस स्टोइनिस (29) के साथ पांचवें विकेट के लिए 55 रन जोड़े। शमी ने 37वें ओवर में स्टोइनिस को पविलियन भेजा जिसके बाद मैक्सवेल क्रीज पर आए। मैक्सवेल ने पांच चौके और एक छक्का लगाकर ऑस्ट्रेलिया को 200 रन तक पहुंचाया। इस बीच मार्श ने 108 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। ऑस्ट्रेलिया को 300 से पहले रोका सिराज का दिन खराब रहा जो दो बार मैक्सवेल का विकेट लेने से चूके। पहले 44वें ओवर में डीआरएस पर पगबाधा का फैसला बदल गया। इसके बाद 47वें ओवर में रोहित शर्मा ने एक्स्ट्रा कवर में उनका मुश्किल कैच छोड़ा। भुवनेश्वर ने 48वें ओवर में मैक्सवेल और मार्श को आउट किया जिससे ऑस्ट्रेलिया 300 रन के पार नहीं पहुंच सका। आखिरी तीन गेंद में हालांकि नाथन लायन ने 10 रन बनाकर टीम को उसके करीब पहुंचा दिया। टीमें भारत: विराट कोहली (कप्तान), रोहित शर्मा, शिखर धवन, अंबाती रायुडू, दिनेश कार्तिक, महेंद्र सिंह धोनी, कुलदीप यादव, रविंद्र जडेजा, भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज। ऑस्ट्रेलिया: आरोन फिंच (कप्तान), एलेक्स कैरी, उस्मान ख्वाजा, शॉन मार्श, पीटर हैंड्सकॉम्ब, मार्कस स्टोइनिस, ग्लेन मैक्सवेल, नाथन लियोन, पीटर सिडल, जे. रिचर्डसन और जेसन बेहरेनडोर्फ।
नई दिल्ली भारतीय टीम के विकेटकीपर बल्लेबाज महेंद्र सिंह धोनी ने शनिवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पहले वनडे मैच में खास मुकाम हासिल कर लिया। इस मैच में खाता खोलते ही धोनी ने इंटरनैशनल मैचों में भारत के लिए खेलते हुए 10 हजार रन पूरे कर लिए। बता दें कि धोनी के इंटरनैशनल 10 हजार रन पहले ही पूरे हो चुके थे। लेकिन उनमें से 174 रन उन्होंने एशिया XI के लिए खेलते हुए बनाए थे। पांचवे दस हजारी बने धोनी धोनी से पहले सचिन तेंडुलकर (452 पारियों में 18426), सौरभ गांगुली (297 पारियों में 11221), राहुल द्रविड़ (314 पारियों में 10768), विराट कोहली (209 पारियों में 10235) ने भारत के लिए यह कारनामा किया है। धोनी ने यह मुकाम 279वीं पारी (भारत के लिए खेलते हुए) में हासिल किया। धोनी ने वनडे करियर में 49.74 की औसत से रन जुटाए हैं। वह 10 शतक और 67 अर्धशतक लगा चुके हैं। टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने से पहले उन्होंने 90 मैच में 38.09 की औसत से 4876 रन बनाए। टेस्ट करियर में उन्होंने 6 शतक और 33 अर्धशतक जड़े। धोनी भारत के सबसे सफल विकेट कीपर भी हैं।
सिडनी टेलिविजन शो के दौरान महिलाओं पर ‘अनुचित’ टिप्पणी करने के मामले में प्रशासकों की समिति (सीओए) की सदस्य डायना इडुल्जी ने भारतीय खिलाड़ियों हार्दिक पंड्या और लोकेश राहुल के खिलाफ शुक्रवार को ‘आगे की कार्रवाई तक निलंबन’ की सिफारिश की जिसके बाद दोनों को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शनिवार हो होने वाले पहले एकदिवसीय मैच के लिए टीम में शामिल नहीं किया जाएगा। बीसीसीआई के एक सूत्र ने पीटीआई से बताया कि अंतिम 11 के चयन के लिए राहुल के नाम पर विचार नहीं किया गया जबकि पंड्या कम से कम शनिवार को होने वाले मैच में नहीं खेलेंगे। मामले में अंतिम फैसला अभी नहीं आया है। इस मामले से जुड़े सूत्र ने बताया, ‘टीम प्रबंधन ने पंड्या को बता दिया है कि वह शनिवार के मैच में नहीं खेलेंगे क्योंकि उन्हें अभी तक अंतिम निर्देश नहीं मिला है। राहुल, वैसे भी अंतिम 11 में जगह पक्की करने के दावेदार नहीं थे।’ उन्होंने कहा, ‘टीम प्रबंधन आधिकारिक सूचना का इंतजार कर रहा है कि इन्हें अस्थाई रूप से निलंबित किया जाएगा और क्या उन्हें स्वेदश वापस भेजा जाएगा।’ गुरुवार को सीओए प्रमुख विनोद राय ने पंड्या और राहुल के लिए दो मैचों के निलंबन की सिफारिश की थी लेकिन उनकी सहयोगी इडुल्जी ने मामले को बीसीसीआई की विधि टीम के पास भेज दिया था। इडुल्जी ने दोनों के खिलाफ शुक्रवार को ‘आगे की कार्रवाई तक निलंबन’ की सिफारिश की है क्योंकि बीसीसीआई की विधि टीम ने महिलाओं पर इनकी विवादास्पद टिप्पणी को आचार संहिता का उल्लंघन घोषित करने से इनकार कर दिया है। मैच की पूर्व संध्या पर मीडिया से बात करते हुए भारतीय कप्तान विराट कोहली ने पंड्या और राहुल की टिप्पणियों को ‘अनुचित’ करार दिया था। उन्होंने कहा, ‘मैं निश्चित तौर पर कह सकता हूं कि भारतीय क्रिकेट टीम और जिम्मेदार क्रिकेटरों के रूप में हम इस तरह के नजरिये के पक्ष में नहीं हैं जो पूरी तरह से व्यक्तिगत नजरिया है। दोनों संबंधित खिलाड़ियों ने महसूस किया है कि क्या गलत हुआ और वे इसके स्तर को समझते हैं।’ कप्तान ने हालांकि कहा कि इस मामले का टीम के ड्रेसिंग रूप में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी टेस्ट मैच बारिश के कारण ड्रॉ पर खत्म हुआ. टीम इंडिया ने चार मैचों की यह टेस्ट सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली है. इसी के साथ ही भारत ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर इतिहास रच दिया है. भारत 72 साल बाद कंगारुओं के घर में घुस कर उन्हें मात देने में कामयाब रहा. सिडनी टेस्ट में 193 रन बनाने वाले चेतेश्वर पुजारा मैन ऑफ द मैच रहे, जबकि मैन ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी उन्हीं को मिला. पुजारा ने चार टेस्ट मैचों की सीरीज में कुल 521 रन बनाए. भारत ने ऑस्ट्रेलियाई धरती पर 72 साल में पहली बार कोई टेस्ट मैचों की सीरीज जीती है. आजादी के बाद पहली बार कोई भारतीय टीम इस देश में टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब रही है. विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया ने इतिहास के सुनहरे पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है, क्योंकि जब पहली बार इन दो देशों के बीच टेस्ट सीरीज खेली गई तो मौजूदा भारतीय टीम के खिलाड़ी पैदा भी नहीं हुए थे. भारत ने एडिलेड में खेला गया पहला टेस्ट मैच 31 रनों से जीता था जबकि पर्थ में हुए दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 146 रनों से हराते हुए वापसी की थी, लेकिन मेलबर्न में विराट की सेना ने पलटवार करते हुए कंगारुओं को 137 रनों से मात देकर टेस्ट सीरीज में 2-1 से बढ़त बना ली. सिडनी में चौथा टेस्ट ड्रॉ रहने पर टीम इंडिया ने 2-1 से ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीत ली है. आपको बता दें कि भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में पहली टेस्ट सीरीज साल 1947 में आजादी के बाद लाला अमरनाथ की कप्तानी में खेली थी. उस दौरे पर भारत को कंगारू टीम ने 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 4-0 से शिकस्त दी थी. भारत तब से लेकर अब जाकर ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट सीरीज जीतने में सफल रहा है. 1947 दौरे को मिलाकर भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया में कुल 12 टेस्ट सीरीज खेली है. जिनमें से उन्हें 8 सीरीज में कंगारू टीम से शिकस्त मिली है. भारत 1980-81, 1985-86, 2003-04 में 3 सीरीज ड्रॉ करवाने में कामयाब रहा है और अब 2018-19 में भारत ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में पीटकर 1 टेस्ट सीरीज अपने नाम कर ली. अब तक टीम इंडिया के कुल 13 कप्तान ऑस्ट्रेलिया का दौरा कर चुके है, लेकिन टेस्ट सीरीज जीतने में कामयाब सिर्फ विराट कोहली हुए. भारत ने 1980-81 में सुनील गावस्कर, 1985-86 में कपिल देव और 2003-04 में सौरव गांगुली की कप्तानी में कुल 3 टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराने की उपलब्धि हासिल की थी.
मेलबर्न भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली अपनी सार्वजनिक छवि को लेकर लोगों के बीच बनी धारणा से अधिक परेशान नहीं हैं। कोहली से जब वर्षों से लोगों के बीच बनी उनकी छवि के बारे में उनका नजरिया पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘मैं क्या करता हूं या मैं क्या सोचता हूं, मैं बैनर लेकर पूरी दुनिया को यह नहीं बताने वाला कि मैं ऐसा हूं और आपको मुझे पसंद करने की जरूरत है। इस तरह की चीजें वश से बाहर होती हैं।’ कोहली ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट की पूर्व संध्या पर कहा, ‘इन पर मेरा कोई नियंत्रण नहीं है। यह व्यक्तिगत पसंद है कि आप किसी चीज पर ध्यान लगाना चाहते हो। मेरा ध्यान टेस्ट मैच पर है, टेस्ट मैच जीतने और टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करने पर।’ भारतीय कप्तान ने कहा कि लोग उनके बारे में क्या लिख रहे हैं इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वह उनके नजरिए का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसी किसी भी खबर या लोगों ने क्या कहा इसकी कोई जानकारी नहीं है क्योंकि मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता। ऐसा मैंने नहीं लिखा है। सभी लोगों को अपना नजरिया रखने का अधिकार है और मैं इसका पूरा सम्मान करता हूं। मैं सिर्फ अच्छे क्रिकेट पर ध्यान लगाना चाहता हूं और अपनी टीम को जिताने का प्रयास करता हूं।’ ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के एक वर्ग ने उन्हें सीरीज के ‘खलनायक’ के रूप में पेश किया और यहां तक कि प्रशंसकों का रुख भी कुछ ऐसा ही रहा लेकिन भारतीय कोच रवि शास्त्री ने उन्हें भद्रजन करार दिया। इस बारे में पूछने पर कोहली ने कहा कि वह जो करते हैं उसे लेकर उन्हें किसी को सफाई देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, ‘उन्होंने (शास्त्री) मेरे साथ पर्याप्त समय बिताया है कि जान सकें कि मैं किस तरह का व्यक्ति हूं। जो लोग मुझे जानते हैं, आप उनसे पूछ सकते हैं। मैं स्वयं इस सवाल का जवाब नहीं दे सकता।’ कोहली दूसरे टेस्ट के दौरान अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष टिम पेन के साथ मैदान पर बहस कर बैठे लेकिन भारतीय कप्तान ने कहा कि उनका ध्यान सिर्फ क्रिकेट पर है। उन्होंने कहा, ‘यह अतीत की बात है। यह टेस्ट क्रिकेट है, शीर्ष स्तर पर, जब दो कड़ी टीमें एक दूसरे के खिलाफ खेलती हैं तो मैदान पर कुछ चीजें होती हैं। मुझे लगता है कि उसे वहीं छोड़ दिया जाए और अगले टेस्ट पर ध्यान लगाया जाए।’ कोहली ने कहा, ‘हम बात करने के लिए कोई चीज नहीं ढूंढ रहे थे। जब तक सीमा नहीं लांघी जाती तब तक कोई दिक्कत नहीं है। मुझे यकीन है कि टिम और मैं दोनों समझते हैं कि क्या हुआ और कुछ गैरजरूरी चीज नहीं करना चाहते। हम अपनी टीमों का अच्छी तरह नेतृत्व करना चाहते हैं और अच्छा क्रिकेट खेलना चाहते हैं जो लोग देखना चाहते हैं।’
ऐडिलेड भारत ने ऐडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 31 रनों से हराकर इतिहास रच दिया है। यह पहला मौका है जब भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में सीरीज का पहला टेस्ट जीता हो। ऑस्ट्रेलिया के सामने दूसरी पारी में जीत के लिए 323 रनों का लक्ष्य था लेकिन पांचवें दिन उसकी पूरी टीम रन बनाकर आउट हो गई। भारत ने चार मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। भारत ने जनवरी 2008 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट मैच जीता है। 2008 में भारत ने पर्थ मे ऑस्ट्रेलिया को 72 रनों से हराया था। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के लिए उम्मीद जगाए रखी। मिशेल स्टार्क और पैट कमिंस की जोड़ी ने 8वें विकेट के लिए 16.3 ओवर बल्लेबाजी की और 41 रन जोड़े। स्टार्क 28 रन बनाकर जसप्रीत बुमराह की गेंद पर विकेट के पीछे पकड़े गए। इसके बाद भी भारत का इंतजार बढ़ता गया। 9वें विकेट के लिए कमिंस और नाथन लायन ने 29 रनों की भागीदारी की। आखिरी विकेट के लिए लायन ने हेजलवुड के साथ मिलकर 32 रन जोड़े। रविचंद्रन अश्विन ने हेजलवुड का विकेट लेकर भारत को जीत दिलाई। भारत ने लंच से पहले ट्रेविस हेड और शॉन मार्श को आउट करके सोमवार को जीत की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए। ऑस्ट्रेलियाई ने 323 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लंच तक छह विकेट खोकर 186 रन बनाए थे। लंच के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम को कप्तान टिम पेन से काफी उम्मीदें थीं लेकिन वह लंच के बाद दूसरे ही ओवर जसप्रीत बुमराह की गेंद पर पुल करने के प्रयास में ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट हो गए। यह पंत का इस मैच में 10वां कैच था, जो ऋद्धिमान साहा के भारतीय रेकॉर्ड की बराबरी है। आउट होने से पहले उन्होंने सातवें विकेट के लिए उन्हें कमिंस के साथ 31 रन जोड़े। ऑस्ट्रेलिया ने सुबह चार विकेट पर 104 रन से पारी आगे बढ़ाई लेकिन हेड और मार्श की साझेदारी केवल 7.4 ओवर तक चली। भारत ने पुरानी कूकाबुरा गेंद से जल्द ही कामयाबी हासिल कर ली। हेड (14) सुबह आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे। इशांत शर्मा के सटीक बाउंसर का हेड के पास कोई जवाब नहीं था। गेंद उनके बल्ले से लगकर हवा में तैरती हुई गली में गई जहां अजिंक्य रहाणे ने उसे कैच करने में कोई गलती नहीं की। अब मार्श और पेन पर जिम्मेदारी थी। मार्श सहज होकर खेल रहे थे। उन्होंने 160 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया जो चौथी पारी में उनका पहला पचासा भी है। यह कुल मिलाकर उनका दसवां टेस्ट अर्धशतक है। बुमराह ने भारत को मार्श का कीमती विकेट दिलाया। यह महत्वपूर्ण मोड़ 73वें ओवर में आया जब बाहर की तरफ मूव करती गेंद मार्श के बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर ऋषभ पंत के दस्तानों में समा गई। पंत का यह इस मैच में नौवां शिकार था और इस तरह से उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी (आस्ट्रेलिया के खिलाफ 2014 में मेलबर्न में नौ शिकार) की बराबरी की। कमिन्स ने पेन का इसके बाद अच्छा साथ दिया। इस बीच भारत ने भी एक डीआरएस रिव्यू गंवाया जबकि कमिन्स ने बाद में इस प्रणाली का सफल उपयोग किया। भारत ने चेतेश्वर पुजारा के 16वें टेस्ट शतक की मदद से अपनी पहली पारी में 250 रन बनाये थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया 235 रन ही बना पाया। भारत ने अपनी दूसरी पारी में 307 रन बनाए। उसके आखिरी पांच विकेट 25 रन के अंदर गिरे।
तिरुवनंतपुरम वनडे सीरीज के 5वें और अंतिम मैच में टीम इंडिया ने 9 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज पर 3-1 से कब्जा जमा लिया है। 105 रन के साधारण लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने रोहित शर्मा (63*) की फिफ्टी और कप्तान विराट कोहली (33*) की पारियों की बदौलत आसानी से यह टारगेट महज 14.5 ओवर में ही अपने नाम कर लिया। इससे पहले भारतीय गेंदबाजों की घातक बोलिंग के चलते विंडीज टीम कहीं टिक नहीं सकी और उसकी पूरी टीम 104 रन पर ढेर हो गई। जडेजा (4/34) को उनकी उम्दा बोलिंग के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। सीरीज में 453 रन बनाने वाले भारतीय कप्तान विराट कोहली को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने इस सीरीज में कुल 3 सेंचुरी लगाई। 105 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के लिए शिखर धवन और रोहित शर्मा की जोड़ी ने पारी की शुरुआत की, लेकिन धवन (6) जल्दी ही पवलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान विराट कोहली मैदान पर आए और उन्होंने रोहित शर्मा के साथ मिलकर बाकी के काम बखूबी अंजाम दे दिया। वनडे क्रिकेट में बॉल शेष रहने के लिहाज से यह टीम इंडिया की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। अभी भारत की पारी में 211 गेंदे फेंकी जानी शेष थी और भारत ने यह मैच अपने नाम कर लिया। अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान रोहित भाग्यशाली रहे कि उन्हें दो-दो मौके मिले। पहली बार जैसन होल्डर ने रोहित का स्लिप पर कैच छोड़ा और इसके बाद एक मौके पर ओशाने थॉमस ने रोहित का विकेटकीपर शैइ होप के हाथों कैच जरूर करा दिया, लेकिन यह गेंद नो बॉल थी। इसके बाद रोहित ने मेहमान टीम के लिए कहीं कोई मौका नहीं छोड़ा। रोहित ने 56 बॉल में नाबाद 63 रन की पारी खेली और इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 4 छक्के जड़े। इसके अलावा दूसरे छोर से कप्तान विराट कोहली ने 29 बॉल में नाबाद 33 रन बनाए। विराट ने अपनी इस पारी में 6 चौके जमाए। विंडीज की पारी इससे पहले इस मैच में टॉस जीतकर मेहमान वेस्ट इंडीज की टीम ने पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया था। यह निर्णय उसके पक्ष में नहीं दिखा और उसकी पूरी टीम 31.5 ओवर में सिर्फ 104 रन ही बना सकी। वनडे क्रिकेट में भारत के खिलाफ यह विंडीज टीम का सबसे न्यूनतम स्कोर है। भारत की ओर से रविंद्र जडेजा (4/34) ने सर्वाधिक चार विकेट अपने नाम किए। जडेजा के अलावा जसप्रीत बुमराह और खलील अहमद ने 2-2, जबकि कुलदीप और भुवनेश्वर कुमार ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। भारतीय बोलरों ने वेस्ट इंडीज की इस पारी को समेटन के लिए महज 31.5 ओवर ही लिए। मेहमान टीम के लिए कप्तान जेसन होल्डर (25), रोवमैन पॉवेल (16) और मार्लोन सैमुअल्स (24) ही दहाई के अंक को छू पाए। इस मैच में सिक्का भले ही विंडीज टीम के पक्ष में गिरा था, लेकिन इसके बाद उसके लिए कुछ सही नहीं घटा। विंडीज की पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। इस मैच में विंडीज टीम के बल्लेबाज उसे अच्छी शुरुआत नहीं दे पाए और पहले 2 ओवर के खेल में उसके दो बल्लेबाज (कायरन पॉवेल और शैइ होप) बिना खाता खोले पविलियन लौट गए। इसके बाद मार्लोन सैमुअल्स (24) ने टीम को संकट से उबारने की कोशिश की। लेकिन रविंद्र जडेजा ने उन्हें कोहली के हाथों कैच आउट कराकर पविलियन भेज दिया। इसके बाद क्रीज पर हेटमेयर आए लेकिन वह भी LBW के रूप में जड्डू का दूसरा शिकार बन गए। हालांकि जडेजा की विश्वास भरी अपील को अंपायर ने नकार दिया था। जडेजा का विश्वास देखकर कोहली ने DRS ले लिया। नतीजा भारत के पक्ष में गया और विंडीज टीम को चौथा झटका लग चुका था। अपने 4 विकेट गंवा चुकी विंडीज टीम अभी दबाव से उबरने की कोशिश ही कर रही थी कि इस बार युवा तेज गेंदबाज खलील अहमद ने हमला बोल दिया और उसके दूसरे ओपनिंग बल्लेबाज रोवमैन पॉवेल (16) को अपनी शॉर्ट बॉल से मिडविकेट पर खड़े शिखर धवन के हाथों कैच करा दिया। अगले 9 रन जोड़ने तक फैबियन एलेन (4) भी कप्तान होल्डर का साथ छोड़ गए। उन्हें बुमराह ने अपना दूसरा शिकार बनाया। इसके बाद मुंबई में विंडीज टीम की ओर से फिफ्टी जड़ने वाले होल्डर (25) यहां भी टीम को संकट से उबारने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन खलील की गेंद पर वह केदार जाधव को आसान सा कैच देकर आउट हो गए। होल्डर के रूप में यह मेहमान टीम को 87 के स्कोर पर यह 7वां झटका था। इसके बाद भारत ने विंडीज टीम के अगले 17 रन जोड़ने तक अगले 3 विकेट भी झटक लिए और उसे 104 रन के साधारण स्कोर पर ऑल आउट कर दिया। 8वें विकेट के रूप में कुलदीप यादव ने कीमो पॉल का विकेट लिया। अंतिम 2 विकेट रविंद्र जडेजा ने अपने खाते में डाले और इस तरह 9.5 ओवर में 34 देकर उन्होंने सबसे ज्यादा 4 विकेट अपने नाम किए।
मुंबई ओपनर रोहित शर्मा (162) की शानदार पारी और अंबाती रायुडू (100) के शतक की बदौलत भारत ने वेस्ट इंडीज को चौथे वनडे में 224 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 5 विकेट पर 377 रन का विशाल स्कोर बनाया जिसके जवाब में मेहमान विंडीज टीम 153 रन पर ऑलआउट हो गई। इस जीत के साथ भारत ने 5 मैचों की वनडे सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है। विंडीज टीम की शुरुआत खराब रही और उसके 3 विकेट 20 के स्कोर तक गिर गए। ओपनर चंद्रपॉल हेमराज, शाइ होप और कायरन पॉवेल जल्दी पविलियन लौट गए। कप्तान जेसन होल्डर विंडीज टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 54 रन की नाबाद पारी खेली जिसमें 70 गेंदों पर 1 चौका और 2 छक्के लगाए। विंडीज पर भारत की सबसे बड़ी जीत भारत ने वनडे में रनों के हिसाब से अपनी तीसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। इसके अलावा वेस्ट इंडीज के खिलाफ यह वनडे में उसकी सबसे बड़ी जीत है। भारतीय टीम ने इससे पहले वेस्ट इंडीज को जनवरी 2007 में 160 रन के अंतर से हराया था। ऐसी रही विंडीज टीम की पारी मेहमान टीम को पहला झटका चंद्रपॉल हेमराज के तौर पर लगा। हेमराज को पारी के 5वें ओवर में भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर रायुडू ने लपका। उन्होंने 16 गेंदों पर 1 चौके और 1 छक्के की मदद से 14 रन बनाए। फिर इसी ओवर में शाइ होप (0) को कुलदीप यादव ने रन आउट कर चलता कर दिया। अगले ही ओवर में कायरन पॉवेल (4) को विराट कोहली ने रन आउट कर दिया। शिमरॉन हेटमेयर (13) को खलील अहमद ने शिकार बनाया। हेटमेयर ने 11 गेंदों पर 2 चौके जड़े। फिर रोवमैन पॉवेल (1) को खलील ने बोल्ड कर दिया। मार्लोन सैमुअल्स ने 18 रन का योगदान दिया। सैमुअल्स ने 23 गेंदों पर 3 चौके लगाए। फैबियन एलेन (10) को कुलदीप यादव ने रोहित शर्मा के हाथों कैच कराया। रोहित शर्मा ने कुलदीप की गेंद पर एश्ले नर्स (8) को लपका। कीमो पॉल और होल्डर ने 9वें विकेट के लिए 31 रन जोड़े। पॉल को 19 के निजी स्कोर पर धोनी ने स्टंप्स आउट किया। उन्होंने 18 गेंदों पर 1 चौका और 2 छक्के लगाए। फिर होल्डर ने रोच (6) के साथ अंतिम विकेट के लिए 21 रन की पार्टनरशिप की। रोच को कुलदीप ने बोल्ड कर विंडीज टीम की पारी का अंत कर दिया। रोहित का शतक इससे पहले रोहित ने ब्रेबॉर्न स्टेडियम में अपने वनडे करियर का 21वां शतक जड़ा। उन्होंने सातवीं बार 150 या इससे ज्यादा का स्कोर बनाया। फिर अंबाती रायुडू ने भी 100 रन की शतकीय पारी खेली। रोहित ने वनडे करियर का 21वां शतक 98 गेंदों पर पूरा किया। अपने करियर का 192वां वनडे मैच खेल रहे 31 साल के रोहित ने धवन के साथ पहले विकेट के लिए 71 रन जोड़े। धवन ने 40 गेंदों पर 4 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 38 रन का योगदान दिया। फिर कैप्टन विराट कोहली के साथ रोहित ने दूसरे विकेट के लिए 30 रन जोड़े। रोहित-रायुडू ने जोड़े 211 रन रोहित और अंबाती रायुडू ने फिर विंडीज टीम के गेंदबाजों की जमकर क्लास ली। दोनों ने मिलकर टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाया। रोहित और रायुडू ने तीसरे विकेट के लिए 211 रन की साझेदारी की। रोहित 162 के निजी स्कोर पर एश्ले नर्स की गेंद पर कैच आउट हुए। उन्हें चंद्रपॉल हेमराज ने लपका। रोहित ने 137 गेंदों की अपनी पारी में 20 चौके और 4 छक्के जड़े। तीन साल बाद रायुडू का शतक रायुडू ने 81 गेंदों पर 8 चौके और 2 छक्कों की मदद से 100 रन बनाए। उन्होंने वनडे करियर का तीसरा शतक 80 गेंदों पर पूरा किया। रायुडू ने 3 साल बाद वनडे में शतक जड़ा। उन्होंने जुलाई 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में नाबाद 124 रन की पारी खेली थी। धोनी 23 रन पर हुए कैच आउट पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 23 रन के निजी स्कोर पर कैच आउट हुए। उन्हें रोच की गेंद पर हेमराज ने लपका। धोनी ने 15 गेंदों पर 2 चौके लगाए। केदार जाधव ने भारतीय पारी का अंत चौके से किया और 16 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने 7 गेंदों पर 3 चौके जड़े। जडेजा 7 रन बनाकर नाबाद लौटे। सीरीज के पिछले तीनों वनडे में शतक जड़ने वाले विराट कुछ खास नहीं कर सके और 16 रन बनाकर रोच की गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। विराट ने 17 गेंदों पर 2 चौके लगाए। रोहित-शिखर ने उपलब्धि नाम की ओपनर रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी ने अपने नाम एक और उपलब्धि जोड़ी। वे भारत की दूसरी सबसे कामयाब सलामी जोड़ी बन गए और दुनिया में वह चौथे नंबर पर आ गए हैं। उन्होंने दिग्गज सचिन तेंडुलकर और वीरेंदर सहवाग की जोड़ी को पीछे छोड़ा। सहवाग और सचिन ने 2002-2012 के बीच 93 वनडे इंटरनैशनल पारियों में 42.13 की औसत से 3919 रन बनाए। उनके बीच 12 शतकीय और 18 अर्धशतकीय साझेदारियां हुईं। भारत ने गुवाहाटी में खेला गया पहला मैच जीता था और विखाखापत्तनम में खेला गया दूसरा मैच टाई रहा था। वेस्ट इंडीज ने शनिवार को पुणे में खेला गया तीसरा मैच जीतकर सीरीज में बराबरी कर ली थी।

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