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नई दिल्ली 25 साल हो गए भारत को साउथ अफ्रीका का दौरा करते। इस चौथाई सदी में भारतीय क्रिकेट टीम साउथ अफ्रीका में कोई वनडे सीरीज नहीं जीत पाई थी। पर मंगलवार का दिन भारतीय टीम के लिए खूब मंगल रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने दक्षिण अफ्रीका की सरजमीं पर शानदार तरीके से जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। कप्तान कोहली की कप्तानी वाली टीम पोर्ट एजिलाबेथ वनडे जीतकर साउथ अफ्रीका में वनडे सीरीज जीतने वाली पहली भारतीय टीम बन गई। दुनिया की नंबर एक वनडे टीम ने साबित कर दिया कि आखिर वह इस मुकाम पर क्यों पहुंची है। जीत में कप्तान कोहली की अहम भूमिका रही। आखिरी मैच में वह भले ही 36 रन बनाकर रन आउट हो गए, लेकिन इस सीरीज में अभी तक उन्होंने जबरदस्त बल्लेबाजी की है। भारत अब छह वनडे मैचों की सीरीज में 4-1 की अजेय बढ़त बना चुका है। भारत ने डरबन में खेला गया पहला वनडे छह विकेट से जीता। सेंचुरियन में एक बार उसने मेजबान टीम को पटखनी दी और 9 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया। 124 रन से केप टाउन में जीत हासिल कर भारत सीरीज में 3-0 से आगे हो चुका था। यानी अब वह कम-से-कम सीरीज हार नहीं सकता था। शनिवार को साउथ अफ्रीका ने वर्षा-बाधित मैच में भारत को हराया। अब भारत साउथ अफ्रीका को 73 रनों के बड़े अंतर से हरा ट्रोफी पर अपना नाम दर्ज कर चुका है। कोहली इसके साथ ही साउथ अफ्रीका में वनडे सीरीज जीतने वाले पहले भारतीय कप्तान बन गए। बल्ले से कैप्टन कोहली ने जो खेल दिखाया उसने साउथ अफ्रीका में भी कई नए प्रशंसक बना लिए। पांच मैचों में कोहली ने 429 रन नबाए। इसमें दो शतक और एक अर्धशतक शामिल है। वह साउथ अफ्रीका में किसी वनडे सीरीज में 400 का आंकड़ा पार करने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज भी बने। भारत की जीत में रिस्ट स्पिनर्स की जोड़ी की भूमिका भी कम नहीं रही। पांच में से चार मुकाबलों में तो घूमती गेंदों के सामने मेजबान बल्लेबाज नाचते से नजर आए। चाइनामैन कुलदीप ने जहां पांच मैचों में 16 विकेट लिए हैं तो लेग स्पिनर चहल के खाते में 14 सफलताएं आईं हैं। भारत को साउथ अफ्रीका में वनडे सीरीज जीतने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। भारत ने 1992 में साउथ अफ्रीका का पहला दौरा किया था। मोहम्मद अजहरुद्दीन की कप्तानी में भारत को सात वनडे मैचों की सीरीज में 2-5 से हार मिली थी। इसके बाद 1996-97 (0-4), 2000-01 (इसमें एक ट्राएंगुलर सीरीज खेली गई जिसमें कीनिया भी शामिल था, भारत फाइनल में साउथ अफ्रीका से हारा), 2006-07 (0-4), 2010-11 (2-3) और 2013-14 (0-2) भी भारत के लिए निराशाजनक रहे। 2003 में सौरभ गांगुली की कप्तानी में भारत आईसीसी विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा। भारत को फाइनल में रिकी पोंटिंग की टीम के सामने उन्नीस साबित होना पड़ा। 2009 में चैंपियंस ट्रोफी में महेंद्र सिंह धोनी की टीम नॉक-आउट से पहले ही बाहर हो गई थी। वनडे रैंकिंग में फिलहाल दूसरे पायदान पर मौजूद साउथ अफ्रीकी टीम को सीरीज में चोटों से काफी परेशान रहना पड़ा। नियमित कप्तान फाफ डु प्लेसिस, एबी डि विलियिर्स और क्विंटन डि कॉक चोटिल रहे। पहले मैच में डु प्लेसिस ने 120 रनों की पारी खेली। इसके बाद उनकी उंगली में फ्रैक्चर हो गया और वह सीरीज से बाहर हो गए। दूसरे वनडे के दौरान नियमित विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डि कॉक चोटिल हो गए। पहले तीन मैचों से बाहर रहने वाले एबी डि विलियर्स भी चौथे वनडे में ही टीम के साथ जुड़ पाए। ऐसे में हाशिम अमला जो पांच मैचों में सिर्फ एक हाफ सेंचुरी लगा पाए हैं को छोड़ दें तो मेजबान टीम की बल्लेबाजी काफी कमजोर रही है। भारतीय टीम की जीत के दौरान यह देखना अच्छा रहा कि साउथ अफ्रीकी बल्लेबाज पूरी सीरीज के दौरान चहल और कुलदीप की गेंदों को नहीं समझ पाए। 27 वर्षीय चहल ने 2/45 के बाद करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 5/22, 4/46 के बाद अब इस मैच में 2/43 का खेल दिखाया।
सेंचुरियन, जोहानिसबर्ग टेस्ट मैच जीतने के बाद टीम इंडिया लगातार पलटवार कर रही है. 1-2 से टेस्ट सीरीज गंवाने का बदला वह वनडे सीरीज में लगातार जीत से चुकाना चाहती है. छह वनडे मैचों की सीरीज का पहला मैच जीतने के बाद अगले वनडे में भी उसने साउथ अफ्रीका को पस्त कर दिया है. सेंचुरियन वनडे में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी विराट ब्रिगेड ने एबी डिविलियर्स और कप्तान फाफ डु प्लेसिस की गैरमौजूदगी का जमकर फायदा उठाया और फिरकी के दम पर 118 रनों पर ढेर कर दिया. इसके साथ ही साउथ अफ्रीकी टीम अपने घर में अब तक सबसे कम स्कोर (118 रन) पर सिमट गई. इससे पहले वह 2009 में इंग्लैंड के खिलाफ पोर्ट एलिजाबेथ वनडे में 119 रन पर ऑल आउट हुई थी. वनडे- साउथ अफ्रीकाः अपनी धरती पर न्यूनतम स्कोर 1. 118 रन विरुद्ध भारत, 2018 (सेंचुरियन) 2. 119 रन विरुद्ध इंग्लैंड, 2009 (पोर्ट एलिजाबेथ) 3. 129 रन विरुद्ध इंग्लैंड, 1996 (ईस्ट लंदन) 4. 129 रन विरुद्ध ऑस्ट्रेलिया, 2011 (सेंचुरियन)
नई दिल्ली दिल्ली के रहने वाले बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने एक छोर संभाले रखा और सुनिश्चित किया कि मैच पर भारत की पकड़ ढीली न पड़े। कालरा ने इस टूर्नमेंट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए पहले मैच में 86 रनों की पारी खेली थी। इसके बाद पापुआ न्यू गिनी के खिलाफ वह 9 रन बनाकर नाबाद रहे। जिम्बाब्वे के खिलाफ उन्हें बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिला। क्वॉर्टर फाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ वह कुछ खास नहीं कर पाए और सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए। पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में उन्होंने 47 रनों की पारी खेली। शॉट खेलने में दिखती है युवराज की झलक लेकिन ऐसा लगता है कि कालरा ने अपना सर्वश्रेष्ठ इस फाइनल मैच के लिए बचाकर रखा था। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज के पास शॉट खेलने की नैसर्गिक प्रतिभा है। कुछ लोग उनके शॉट खेलने की खूबी की तुलना युवराज सिंह से भी करते हैं। कालरा ने अंडर-19 के टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार सेंचुरी लगाई थी। पिछले सप्ताह बेंगलुरु में हुई आईपीएल नीलामी में कालरा को दिल्ली डेयरडेविल्स ने 20 लाख के बेस प्राइस में खरीदा है। एक समय U19 वर्ल्ड कप खेलने पर छा गया था संकट हालांकि एक समय ऐसा भी आया था जब कालरा के अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने पर संकट आ गया था। यह बीते साल सितंबर की बात है, जब उन्हें डीडीसीए ने उन्हें बीसीसीआई द्वारा क्लियर किए जाने के बावजूद दोबारा ऐज-वेरिफिकेशन से गुजरने को कहा गया। कालरा की जन्म तिथि 15 जनवरी 1999 लिखी गई थी, जबकि कुछ लोगों का आरोप था कि यह 15 जनवरी 1998 है। कालरा ने अपनी उम्र के प्रमाण के तौर पर सीबीएसई का 10वीं का सर्टिफिकेट, पासपोर्ट की कॉपी और पैन कार्ड भी जमा करवाया था। आखिर में तमाम आरोप गलत साबित हुए और कालरा को अंडर-19 क्रिकेट खेलने की अनुमति मिल गई।
नई दिल्ली दिल्ली डेयरडेविल्स के सीईओ हेमंत दुआ का मानना है कि गौतम गंभीर जहां से ताल्लुकात रखते हैं, वहां उनकी वापसी हुई है और वह चाहते हैं कि वह इस फ्रैंचाइजी के लिए इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खिताब जीतकर अपना अधूरा काम पूरा करें। गंभीर 2008-10 तक डेयरडेविल्स के खिलाड़ी थे। वह कोलकाता नाइटराइडर्स के साथ सात साल बिताने के बाद अब दिल्ली की टीम का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। केकेआर ने गंभीर के नेतृत्व में दो खिताब जीते थे। दुआ ने कहा, 'हम गौतम को वापस लेने के इच्छुक थे क्योंकि फ्रैंचाइजी के साथ उनका काम अधूरा (आईपीएल ट्रोफी जीतना) छूटा है। पिछले आईपीएल में वह डेविड वॉर्नर के बाद सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज थे। इससे भी बढ़कर वह अच्छे नेतृत्वकर्ता हैं।' दुआ को खुशी है कि टीम गठन के मामले में नवनियुक्त मुख्य कोच रिकी पोंटिंग और गंभीर की सोच एक जैसी है। उन्होंने कहा, 'मैंने निजी तौर पर यह सुनिश्चित किया कि पोंटिंग और गंभीर एक दूसरे से बात करें और बताएं कि उनके दिमाग में क्या है। मुझे खुशी है कि टीम गठन के मामले में उनकी एक जैसी राय है। उन्होंने भावी योजनाओं को लेकर लंबी बातचीत की।' दुआ ने स्वीकार किया कि केकेआर ने जब गंभीर के लिए राइट टु मैच (आरटीएम) कार्ड का उपयोग नहीं करने का फैसला किया तो उन्हें टीम से जोड़ना मुश्किल नहीं था। डेयरडेविल्स के सीईओ ने कहा, 'भारत से तीन संभावित कप्तान थे रविचंद्रन अश्विन, अंजिक्य रहाणे और गौतम गंभीर। पांच फ्रैंचाइजी के पास कप्तान थे और ऐसे में हमारे पास कुछ ही विकल्प थे। जब किंग्स इलेवन ने अश्विन को लिया तो फिर यह तय हो गया कि हमें गौतम को लेना है। ' दिल्ली अब तक एक बार भी आईपीएल ट्रोफी जीतने में कामयाब नहीं हो सकी है। डेयरडेविल्स के सीईओ ने कहा, 'भारत से तीन संभावित कप्तान थे रविचंद्रन अश्विन, अंजिक्य रहाणे और गौतम गंभीर। पांच फ्रैंचाइजी के पास कप्तान थे और ऐसे में हमारे पास कुछ ही विकल्प थे। जब किंग्स इलेवन ने अश्विन को लिया तो फिर यह तय हो गया कि हमें गौतम को लेना है। ' दिल्ली अब तक एक बार भी आईपीएल ट्रोफी जीतने में कामयाब नहीं हो सकी है।
सेंचुरियन साउथ अफ्रीका ने भारत को दूसरे मुकाबले 135 रनों से हराते हुए 3 मैचों की टेस्ट सीरीज 2-0 से अजेय बढ़त बना ली है। केप टाउन में खेले गए पहले टेस्ट में भारत 72 रनों से हार गया था। विराट कोहली की कप्तानी में यह पहली टेस्ट सीरीज हार है। सेंचुरियन में खेले गए मुकाबले में 5वें दिन भारत को जीत के लिए 287 रनों का टारगेट मिला था। वह 52 ओवर में सभी विकेट खोकर 151 रन ही बना सकी। भारत के लिए सबसे अधिक रोहित ने 47 रन बनाए, जबकि साउथ अफ्रीका के लिए लुंगी गिडी ने अपने डेब्यू टेस्ट में ही 6 विकेट झटके, वहीं कगिसो रबाडा ने 3 विकेट चटकाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरे भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और एक बार फिर उसने 16 रन तक ही दोनों सलामी बल्लेबाजों मुरली विजय (09) और लोकेश राहुल (04) के विकेट गंवा दिए। रबाडा की नीची रहती गेंद पर विजय सही समय पर भांपने से चूक गए, जबकि राहुल ने गिडी की गेंद पर बेहद खराब शॉट खेलकर बैकवर्ड पॉइंट पर केशव महाराज को कैच थमाया। पहली पारी के शतकवीर कप्तान विराट कोहली भी इसके बाद 20 गेंद में 5 रन बनाने के बाद गिडी की गेंद पर पगबाधा हो गए। पुजारा दूसरी पारी में भी हुए रन आउट चौथे दिन के नाबाद बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा और पार्थिव पटेल कुछ खास नहीं कर सके। पुजारा रन आउट हुए, जबकि पार्थिव रबाडा की बॉल पर मोर्कल के हाथों लपके गए। इन दोनों बल्लेबाजों ने 19-19 रन बनाए। चौथे दिन का खेल खत्म होने पर चेतेश्वर पुजारा 11 जबकि पार्थिव पटेल 5 रन बनाकर खेल रहे थे। बता दें कि मैच में पुजारा के नाम शर्मनाक रेकॉर्ड दर्ज हुआ। दोनों पारियों में रन आउट होने वाले वह पहले भारतीय क्रिकेटर हैं। टीम इंडिया संभल पाती इससे पहले ही लुंगी गिडी ने पहले रविचंद्रन अश्विन (3) और हार्दिक पंड्या (6) को आउट कर दिया। इन दोनों का कैच क्विंटन डि कॉक ने लिया। अब स्कोर 7 विकेट पर 87 रन हो गया। रोहित शर्मा ने अच्छी बैटिंग की, लेकिन वह 47 रन बनाकर चलते बने। उन्हें रबाडा की गेंद पर एबी डि विलियर्स ने कैच किया। उन्होंने 74 बॉल में 6 चौके और 1 छक्का लगाया। इसके बाद शमी को लुंगी ने 28 रन पर मोर्कल के हाथों लपकवाया। जीत का है यह रेकॉर्ड सेंचुरियन मैदान पर लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत इंग्लैंड ने वर्ष 2000 में दर्ज की थी। उसने 249 रन का लक्ष्य हासिल किया था। इस मैदान पर 6 बार ही लक्ष्य हासिल किया जा सका है, जिसे 5 बार मेजबान टीम ने हासिल किया है। साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी का रोमांच इससे पहले दक्षिण अफ्रीका ने एबी डि विलियर्स (80), सलामी बल्लेबाज डीन एल्गर (61) और कप्तान फाफ डु प्लेसिस (48) की पारियों की बदौलत दूसरी पारी में 258 रन बनाए और भारत को 287 रन का लक्ष्य दिया। डि विलियर्स और एल्गर ने तीसरे विकेट के लिए 141 रन जोड़कर मेजबान टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। भारत की ओर से मोहम्मद शमी सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 49 रन देकर 4 विकेट चटकाए। जसप्रीत बुमराह ने 70 रन देकर 3, जबकि इशांत शर्मा ने 40 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। रविचंद्रन अश्विन को एक विकेट मिला।
नई दिल्ली भारतीय हरफनमौला युसूफ पठान पर डोप टेस्ट में नाकाम रहने के कारण आज पांच महीने का पूर्वप्रभावी निलंबन लगाया गया जो 14 जनवरी को समाप्त हो जायेगा । बीसीसीआई ने स्वीकार किया कि उन्होंने अनजाने में प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन किया है। बीसीसीआई ने एक बयान में कहा, 'युसूफ पठान पर डोपिंग उल्लंघन के कारण निलंबन लगाया गया। उन्होंने अनजाने में एक प्रतिबंधित पदार्थ का सेवन कर लिया जो आमतौर पर सर्दी खासी के सिरप में पाया जाता है। पठान ने पिछले साल 16 मार्च को एक घरेलू टी20 प्रतिस्पर्धा के बाद बीसीसीआई के डोपिंग निरोधक परीक्षण कार्यक्रम के तहत मूत्र का नमूना दिया था।' बोर्ड ने कहा, 'उनके नमूने की जांच की गई और उसमें टरबूटेलाइन के अंश मिले। यह वाडा के प्रतिबंधित पदार्थों की सूची में आता है। भारत के लिए 57 वनडे और 22 टी20 मैच खेल चुके पठान पर बीसीसीआई के डोपिंग निरोधक नियमों की धारा 2.1 के तहत आरोप लगाया गया और आरोप के निर्धारण तक उन्हें अस्थायी रुप से निलंबित कर दिया गया था।' बीसीसीआई ने कहा, 'पठान ने आरोप को स्वीकार करते हुए बताया कि यह गलती से उस दवा को लेने के कारण हुआ है जिसमें टरबूटेलाइन मौजूद था। उन्हें गलती से यह दवा दे दी गई जबकि उन्हें जो नुस्खा दिया गया था, उसमें कोई प्रतिबंधित दवा नहीं थी। बीसीसीआई ने कहा कि वह पठान की सफाई से संतुष्ट है कि यह प्रदर्शन बेहतर करने वाली दवा नहीं थी बल्कि श्वसन संक्रमण के लिए ली गई थी।' बीसीसीआई ने कहा कि पठान को पिछले साल 28 अक्टूबर को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया था और बोर्ड ने तय किया है कि उसका निलंबन 15 अगस्त से प्रभावी होगा और इसकी अवधि 14 जनवरी 2018 तक रहेगी। पठान ने 2008 से 2012 के बीच भारत के लिए 57 वनडे इंटरनैशनल और 22 टी20 इंटरनैशनल मैच खेले हैं। वह 2007 में पहला टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। इसके अलावा 2011 में 50 ओवरों का विश्व कप जीतने वाली टीम में पठान शामिल थे। वह बड़ौदा के लिए दो रणजी ट्रोफी मैचों में खेले थे। बीसीसीआई की प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है, 'पठान ने 16 मार्च 2017 को नई दिल्ली में एक घरेलू टी20 टूर्नमेंट के दौरान बीसीसीआई के ऐंटी डोपिंग टेस्टिंग प्रोग्राम के दौरान यूरिन सैम्पल दिया था।
मुंबई इस साल होने वाले आईपीएल के लिए आठ टीमों ने कुल 18 खिलाड़ियों को रिटेन करने का फैसला किया है। तीन बार के चैंपियन मुंबई इंडियंस, दो बार के चैंपियंस चेन्नै सुपर किंग्स, दिल्ली डेयरडेविल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने अधिकतम 3 खिलाड़ियों को रिटेन किया। हालांकि शाहरुख खान के स्वामित्व वाली कोलकाता फ्रेंचाइजी ने अपने कप्तान गौतम गंभीर को रिटेन न करने का फैसला कर सबको चौंका दिया। वैसे, टीम के सफल कप्तान रहे गंभीर को इस महीने के अंत में बेंगलुरु में होने वाली नीलामी के दौरान रिटेन किया जा सकता है। विराट कोहली रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) का हिस्सा बने रहेंगे। वह रिटेन किए गए सबसे महंगे प्लेयर हैं। उन्हें 17 करोड़ रुपये में आरसीबी ने रिटेन किया है। आरसीबी ने 2016 के आईपीएल में युवा सनसनी के तौर पर उभरे सरफराज खान को रिटेन कर उन पर अपने भरोसे को कायम रखा। रसेल, नरेन को रखा नाइट राइडर्स ने वेस्ट इंडीज के दो खिलाड़ियों ऑलराउंडर आंद्रे रसेल और स्पिनर सुनील नरेन को रिटेन किया है। मगर बेहद प्रभावी रेकॉर्ड वाले गंभीर को नजरअंदाज किया गया है। गंभीर ने अपनी कप्तानी में कोलकाता टीम को दो बार चैंपियन बनाया है। वह 148 मैचों में 4132 रन बना चुके हैं जिसमें 35 हाफ सेंचुरी शामिल हैं। सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में हैं चौथे नंबर पर आईपीएल के इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में वह चौथे नंबर पर हैं। वैसे बेंगलुरु में 27 और 28 जनवरी को होने वाली नीलामी में कोलकाता की टीम उन्हें रिटेन कर सकती है। गंभीर को कोई अन्य टीम यदि 10 करोड़ रुपये में खरीदती है तो कोलकाता टीम 'राइट टु मैच' कार्ड का इस्तेमाल कर उनको उतने पैसे में ही रिटेन कर सकती है। माही, जड्डू की 'घर' वापसी दो साल के बैन के बाद वापसी कर रही चेन्नै सुप रकिंग्स टीम ने कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, आईपीएल इतिहास के टॉप रन स्कोरर सुरेश रैना और लेफ्ट आर्म स्पिनर रवींद्र जाडेजा को रिटेन कर लिया। हालांकि ऐसा करने के कारण उसके 80 करोड़ रुपये के वेतन बजट में से 33 करोड़ रुपये कट गए।
विशाखापत्तनम टीम इंडिया ने विशाखापत्तनम में श्री लंका को 8 विकेट से हराते हुए टेस्ट के बाद वनडे सीरीज भी अपने नाम कर ली। सीरीज के पहले मुकाबले में श्री लंका को जीत मिली थी, जबकि दूसरे मुकाबले में कप्तान रोहित शर्मा के दोहरे शतक की बदौलत भारत ने जोरदार वापसी की। अब तीसरा मुकाबला जीतते हुए भारत ने वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर लिया। मेहमान ने पहले बैटिंग करते हुए 215 रन बनाए। जवाब में भारत ने 32.1 ओवर में सिर्फ 2 विकेट खोकर 219 रन बनाते हुए लक्ष्य पा लिया। दोनों टीमों के बीच अब टी-20 सीरीज का पहला मैच 20 दिसंबर को कटक में खेला जाएगा। कुलदीप को मैन ऑफ द मैच और शतकवीर शिखर को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। छोटे टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। कप्तान रोहित शर्मा जोरदार छक्का लगाने के बाद धनंजया की बॉल पर बोल्ड हो गए। वह सिर्फ 7 रन बनाकर आउट हुए। इस समय भारत का स्कोर 3.4 ओवर में 14 रन थे। पहला विकेट जल्दी गिरने के बाद लगा श्री लंकाई गेंदबाज वापसी कर पाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। शिखर का 12वां शतक और 4000 वनडे रन ओपनर शिखर धवन और युवा बल्लेबाज श्रेयस अय्यर ने शतकीय साझेदारी करते हुए भारतीय पारी को संभाल लिया। श्रेयस का विकेट 149 रन के टीम स्कोर पर गिरा। उन्हें थिसारा परेरा ने लकमल के हाथों कैच कराया। लगातार दूसरे मुकाबले में अर्धशतक लगाने वाले अय्यर ने 63 बॉल में 65 रन के दौरान 8 चौके और 1 छक्का लगाया। इसके बाद शिखर धवन (100*) और दिनेश कार्तिक (26*) ने टीम को कोई भी झटका नहीं लगने दिया। उन्होंने 85 गेंदों में 13 चौके और 2 छक्के की मदद से 12वां वनडे शतक पूरा किया। अपनी शतकीय पारी के दौरान 4000 वनडे रन भी पूरे किए। श्री लंका की पारी का रोमांच इससे पहले कुलदीप यादव (42/3), युजवेंद्र चहल (46/3) और हार्दिक पंड्या (49/2) की घातक बोलिंग की बदौलत भारत ने श्री लंका को वनडे सीरीज के अंतिम मुकाबले में 44.5 ओवर में सिर्फ 215 रन पर ही रोक लिया। मेहमान टीम के लिए सबसे अधिक ओपनर बल्लेबाज उपुल थरंगा ने 82 गेंदों में 95 रनों की पारी खेली, जबकि सदीरा समरविक्रमा ने 57 गेंदों में 42 रन बनाए। इन दोनों के अलावा कोई भी श्री लंकाई बल्लेबाज टिककर भारतीय गेंदबाजों का सामना नहीं कर सका। सदीरा-थरंगा ने जोड़े 121 रन मेजबान ने इससे पहले रोहित की कप्तानी में टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने ओपनर दनुष्का गुणाथिलाका को 13 रन के निजी स्कोर पर आउट करते हुए कप्तान रोहित फैसले को सही साबित किया। हालांकि इसके बाद सदीरा और थरंगा ने दूसरे विकेट के लिए 121 रन जोड़ते हुए श्री लंका को मजबूती देने की कोशिश की। कुलदीप-चहल-पंड्या की घातक बोलिंग थरंगा और समरविक्रमा जब खेल रहे थे तब लग रहा था कि श्रीलंका बड़ा स्कोर करेगी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने इस जोड़ी को तोड़कर वापसी की और लगातार विकेट लेकर श्रीलंका को 44.5 ओवरों में 215 रनों पर ही सीमित कर दिया। भारत की तरफ से युजवेंद्र चहल और कुलदीप यादव ने 3-3 विकेट लिए। हार्दिक पंड्या ने 2 विकेट हासिल किए। जसप्रीत बुमराह और भुवनेश्वर कुमार ने 1-1 विकेट लिया।
मोहाली कार्यवाहक कप्तान रोहित शर्मा के करियर के तीसरे दोहरे शतक के बाद गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से भारत ने दूसरे वनडे इंटरनैशनल क्रिकेट मैच में बुधवार को एकतरफा मुकाबले में श्री लंका को 141 रन से हराकर तीन मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर दी। रोहित ने अपनी तूफानी पारी के दौरान 153 गेंद में 12 छक्कों और 13 चौकों की मदद से नाबाद 208 रन बनाए जिससे भारत चार विकेट पर 392 रन का स्कोर खड़ा करने में सफल रहा। श्री लंका के खिलाफ यह भारत का तीसरा सर्वोच्च स्कोर है। रोहित ने अपने साथी सलामी बल्लेबाज शिखर धवन (68) के साथ पहले विकेट के लिए 115 रन जोड़ने के अलावा श्रेयस अय्यर (88) के साथ दूसरे विकेट के लिए 213 रन की साझेदारी भी की। भारत का यह स्कोर इस मैदान पर वनडे में सर्वोच्च स्कोर है। इससे पहले साउथ अफ्रीका ने 2011 में नीदरलैंड के खिलाफ यहां पांच विकेट पर 351 रन बनाये थे। श्री लंका की टीम इसके जवाब में पूर्व कप्तान एंजेलो मैथ्यूज (नाबाद 111) के शतक के बावजूद लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल (60 रन पर तीन विकेट) और तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह (43 रन पर दो विकेट) के सामने आठ विकेट पर 251 रन ही बना सकी। मैथ्यूज ने 132 गेंद की अपनी पारी में तीन छक्के और नौ चौके मारे। भारत को धर्मशाला में पहले वनडे में सात विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। तीसरा और निर्णायक मैच 17 दिसंबर को विशाखापत्तनम में खेला जाएगा। लक्ष्य का पीछा करने उतरे श्री लंका की शुरआत खराब रही और टीम ने चौथे ओवर में ही उपुल थरंगा (07) का विकेट गंवा दिया जो हार्दिक पंड्या (39 रनपर एक विकेट) की गेंद को कवर में सीधे दिनेश कार्तिक के हाथों में खेल बैठे। बुमराह ने इसके बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज दनुष्का गुणतिलका (16) को विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी के हाथों कैच कराके श्री लंका का स्कोर दो विकेट पर 30 रन किया। मैथ्यूज ने बुमराह पर चौके के साथ 12वें ओवर में श्रीलंका का स्कोर 50 रन के पार पहुंचाया। पदार्पण कर रहे वॉशिंगटन सुंदर (64 रन पर एक विकेट) ने लाहिरु थिरिमाने (21) को बोल्ड करके पहला अंतरराष्ट्रीय विकेट हासिल किया। मैथ्यूज ने बुमराह पर दो चौके जड़ने के बाद सुंदर पर पारी का पहला छक्का जड़ा। श्री लंका ने 20 ओवर में तीन विकेट पर 101 रन बनाए। चहल ने निरोशन डिकवेला (22) को सुंदर के हाथों कैच कराके पहला विकेट हासिल किया। असेला गुणारत्ने (34) ने आते हुए कुछ अच्छे शॉट खेले। उन्होंने सुंदर के ओवर में तीन चौके मारे। मैथ्यूज ने बुमराह की गेंद पर एक रन के साथ 60 गेंद में अर्धशतक पूरा किया। चहल ने इसके बाद गुणारत्ने और तिसारा परेरा (05) को पविलियन भेजा। धोनी ने गुणारत्ने को स्टंप किया जबकि परेरा का कैच लपका। श्री लंका को अंतिम 10 ओवर में जीत के लिए 190 रन की दरकार थी। मैच में इस समय सिर्फ मैथ्यूज के शतक को लेकर ही रुचि बची थी और उन्होंने भुवनेश्वर कुमार (40 रन पर एक विकेट) पर दो रन के साथ 122 गेंद मे शतक पूरा किया। वह इस पारी के दौरान वनडे में 5000 रन पूरे करने वाले श्री लंका के 10वें बल्लेबाज बने। इससे पहले भारत के लिए करो या मरो के मुकाबले में रोहित ने तूफानी पारी खेली। उन्होंने अपना सैकड़ा 115 गेंद में पूरा किया था और फिर अगले 100 रन सिर्फ 36 गेंद में पूरे किए। रोहित के बल्ले से निकल रहे रनों के अंबार के बीच कई रेकॉर्ड टूटे। उन्होंने पिछला दोहरा शतक भी श्री लंका के खिलाफ जड़ा था। रोहित ने पहला दोहरा शतक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाया था। वनडे इंटरनैशनल में यह रोहित की 150 रन से अधिक की पांचवीं पारी है जिससे उन्हें महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर और ऑस्ट्रेलिया के आक्रामक सलामी बल्लेबाज डेविड वॉर्नर के रेकॉर्ड की बराबरी की। पारी की शुरुआत करते हुए रोहित ने अपना समय लिया चूंकि धवन ने दूसरे छोर पर आक्रामक होकर खेल रहे थे। दोनों ने मिलकर 12वीं शतकीय साझेदारी करके बड़े स्कोर की नींव रखी। शिखर ने 69 गेंद की अपनी पारी में नौ चौके मारे। रोहित ने इस साल छठी बार वनडे में 100 रन का आंकड़ा पार किया। बतौर कप्तान यह उनका पहला शतक है। अपना दूसरा वनडे खेल रहे अय्यर ने रोहित का बखूबी साथ निभाते हुए 70 गेंद में नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 88 रन बनाये। उन्होंने रोहित को खुलकर खेलने का मौका दिया और खुद भी मौका मिलने पर उम्दा शॉट्स खेले। रोहित ने इस मैदान पर सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर का विराट कोहली का रेकॉर्ड भी तोड़ा जिन्होंने पिछले साल न्यू जीलैंड के खिलाफ यहां 154 रन बनाए थे। पिछले दो दिन से यहां मौसम ठंडा था लेकिन मैच से पहले धूप खिल गई और पिच से सारी नमी सोख ली। इससे बल्लेबाजों को स्ट्रोक्स खेलने में दिक्कतें नहीं आईं। श्री लंका ने धर्मशाला की ही तरह टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया लेकिन जल्दी ही भारत ने मैच पर शिकंजा कस लिया। रोहित और शिखर ने पहले पावरप्ले में हालात का जायजा लेते हुए 33 रन बनाये। इसके बाद आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए भारत को 20 ओवर में बिना किसी नुकसान के 108 रन तक पहुंचा दिया। धवन भी शतक की ओर बढ़ते दिख रहे थे लेकिन बायें हाथ के स्पिनर सचित पथिराना (63 रन पर एक विकेट) ने उन्हें पविलियन भेजा। रोहित और श्रेयस ने श्री लंकाई गेंदबाजों को मैदान के चारों ओर पीटा। तेज गेंदबाज लकमल पूरी तरह से खराब फॉर्म में दिखे और उन्होंने कई नीची फुलटॉस गेंदें डालीं जिन्हें रोहित ने आसानी से सीमारेखा के पार पहुंचाया। रोहित ने 43वें ओवर में लकमल को चार गेंदों पर चार छक्के लगाये और इस ओवर में कुल 26 रन बने। आखिरी दस ओवरों में भारत ने 147 रन बनाये जबकि तीन विकेट गिरे। तीनों विकेट कप्तान परेरा के खाते में गए जिन्होंने 80 रन देकर तीन विकेट चटकाए।
नई दिल्ली भारत और श्रीलंका के बीच सीरीज के दूसरे वनडे में मेजबान टीम के कप्तान रोहित शर्मा का बल्ला जमकर बोला। हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित शर्मा ने वनडे करियर में तीसरी बार दोहरा शतक जड़ने का मुकाम हासिल कर लिया। रोहित अंत तक नाबाद रहे। भारत ने रोहित शर्मा (208*) के दोहरे शतक की बदौलत 50 ओवर में 4 विकेट पर 392 रन बनाए। रोहित ने करियर का तीसरा दोहरा शतक लगाकर विश्व क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। रोहित शर्मा के नाम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वोच्च व्यक्तिगत पारी का वर्ल्ड रेकॉर्ड दर्ज है और मोहाली वनडे में दोहरा शतक जड़ने के साथ ही वह तीन दोहरे शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज भी बन गए। हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित ने मोहाली वनडे में कमाल के अंदाज में नाबाद पारी खेली। रोहित ने 153 गेदों में ताबड़तोड़ 12 छक्के और 13 चौके लगाए। खास बात यह है कि आज रोहित शर्मा की शादी की सालगिरह है और उन्होंने मोहाली वनडे में दोहरा शतक लगाकर पत्नी रितिका को सालगिरह का तोहफा दिया है। मुंबई के रोहित ने आज ही के दिन 2 साल पहले रितिका के साथ शादी की थी। रोहित ने श्री लंका के खिलाफ वनडे करियर का दूसरा दोहरा शतक लगाया है। वह श्री लंका के खिलाफ दो बार दोहरे शतक जड़ने वाले भी इकलौते बल्लेबाज हैं। वनडे में रोहित ने इससे पहले दोनों दोहरे शतक भी भारतीय सरजमीं पर बनाए हैं। रोहित ने कोलकाता के ईडन गार्डंस मैदान पर 264 रन की रेकॉर्ड पारी खेली थी। रोहित ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दो नवंबर 2013 को बेंगलुरु में 209 रन बनाए थे।

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