taaja khabar....भारत ने पाकिस्तान को दिखाया 'ठेंगा', नहीं भेजा सीमा शुल्क मीटिंग का न्यौता...यूपीः 69,000 सहायक शिक्षकों की भर्ती परीक्षा 6 जनवरी को....पंजाब: कैप्टन बयान पर नवजोत सिंह सिद्धू की बढ़ीं मुश्किलें, 18 मंत्रियों ने खोला मोर्चा...साबुन-मेवे की दुकान में मिले सीक्रेट लॉकर, 25 करोड़ कैश बरामद....J-K: शोपियां में सुरक्षा बलों ने 3 आतंकियों को घेरा, मुठभेड़ जारी...
ऐडिलेड भारत ने ऐडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 31 रनों से हराकर इतिहास रच दिया है। यह पहला मौका है जब भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया में सीरीज का पहला टेस्ट जीता हो। ऑस्ट्रेलिया के सामने दूसरी पारी में जीत के लिए 323 रनों का लक्ष्य था लेकिन पांचवें दिन उसकी पूरी टीम रन बनाकर आउट हो गई। भारत ने चार मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। भारत ने जनवरी 2008 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट मैच जीता है। 2008 में भारत ने पर्थ मे ऑस्ट्रेलिया को 72 रनों से हराया था। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के लिए उम्मीद जगाए रखी। मिशेल स्टार्क और पैट कमिंस की जोड़ी ने 8वें विकेट के लिए 16.3 ओवर बल्लेबाजी की और 41 रन जोड़े। स्टार्क 28 रन बनाकर जसप्रीत बुमराह की गेंद पर विकेट के पीछे पकड़े गए। इसके बाद भी भारत का इंतजार बढ़ता गया। 9वें विकेट के लिए कमिंस और नाथन लायन ने 29 रनों की भागीदारी की। आखिरी विकेट के लिए लायन ने हेजलवुड के साथ मिलकर 32 रन जोड़े। रविचंद्रन अश्विन ने हेजलवुड का विकेट लेकर भारत को जीत दिलाई। भारत ने लंच से पहले ट्रेविस हेड और शॉन मार्श को आउट करके सोमवार को जीत की तरफ मजबूत कदम बढ़ाए। ऑस्ट्रेलियाई ने 323 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने लंच तक छह विकेट खोकर 186 रन बनाए थे। लंच के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम को कप्तान टिम पेन से काफी उम्मीदें थीं लेकिन वह लंच के बाद दूसरे ही ओवर जसप्रीत बुमराह की गेंद पर पुल करने के प्रयास में ऋषभ पंत के हाथों कैच आउट हो गए। यह पंत का इस मैच में 10वां कैच था, जो ऋद्धिमान साहा के भारतीय रेकॉर्ड की बराबरी है। आउट होने से पहले उन्होंने सातवें विकेट के लिए उन्हें कमिंस के साथ 31 रन जोड़े। ऑस्ट्रेलिया ने सुबह चार विकेट पर 104 रन से पारी आगे बढ़ाई लेकिन हेड और मार्श की साझेदारी केवल 7.4 ओवर तक चली। भारत ने पुरानी कूकाबुरा गेंद से जल्द ही कामयाबी हासिल कर ली। हेड (14) सुबह आउट होने वाले पहले बल्लेबाज थे। इशांत शर्मा के सटीक बाउंसर का हेड के पास कोई जवाब नहीं था। गेंद उनके बल्ले से लगकर हवा में तैरती हुई गली में गई जहां अजिंक्य रहाणे ने उसे कैच करने में कोई गलती नहीं की। अब मार्श और पेन पर जिम्मेदारी थी। मार्श सहज होकर खेल रहे थे। उन्होंने 160 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया जो चौथी पारी में उनका पहला पचासा भी है। यह कुल मिलाकर उनका दसवां टेस्ट अर्धशतक है। बुमराह ने भारत को मार्श का कीमती विकेट दिलाया। यह महत्वपूर्ण मोड़ 73वें ओवर में आया जब बाहर की तरफ मूव करती गेंद मार्श के बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर ऋषभ पंत के दस्तानों में समा गई। पंत का यह इस मैच में नौवां शिकार था और इस तरह से उन्होंने महेंद्र सिंह धोनी (आस्ट्रेलिया के खिलाफ 2014 में मेलबर्न में नौ शिकार) की बराबरी की। कमिन्स ने पेन का इसके बाद अच्छा साथ दिया। इस बीच भारत ने भी एक डीआरएस रिव्यू गंवाया जबकि कमिन्स ने बाद में इस प्रणाली का सफल उपयोग किया। भारत ने चेतेश्वर पुजारा के 16वें टेस्ट शतक की मदद से अपनी पहली पारी में 250 रन बनाये थे। इसके जवाब में ऑस्ट्रेलिया 235 रन ही बना पाया। भारत ने अपनी दूसरी पारी में 307 रन बनाए। उसके आखिरी पांच विकेट 25 रन के अंदर गिरे।
तिरुवनंतपुरम वनडे सीरीज के 5वें और अंतिम मैच में टीम इंडिया ने 9 विकेट से जीत दर्ज कर सीरीज पर 3-1 से कब्जा जमा लिया है। 105 रन के साधारण लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया ने रोहित शर्मा (63*) की फिफ्टी और कप्तान विराट कोहली (33*) की पारियों की बदौलत आसानी से यह टारगेट महज 14.5 ओवर में ही अपने नाम कर लिया। इससे पहले भारतीय गेंदबाजों की घातक बोलिंग के चलते विंडीज टीम कहीं टिक नहीं सकी और उसकी पूरी टीम 104 रन पर ढेर हो गई। जडेजा (4/34) को उनकी उम्दा बोलिंग के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। सीरीज में 453 रन बनाने वाले भारतीय कप्तान विराट कोहली को मैन ऑफ द सीरीज चुना गया। उन्होंने इस सीरीज में कुल 3 सेंचुरी लगाई। 105 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के लिए शिखर धवन और रोहित शर्मा की जोड़ी ने पारी की शुरुआत की, लेकिन धवन (6) जल्दी ही पवलियन लौट गए। इसके बाद कप्तान विराट कोहली मैदान पर आए और उन्होंने रोहित शर्मा के साथ मिलकर बाकी के काम बखूबी अंजाम दे दिया। वनडे क्रिकेट में बॉल शेष रहने के लिहाज से यह टीम इंडिया की दूसरी सबसे बड़ी जीत है। अभी भारत की पारी में 211 गेंदे फेंकी जानी शेष थी और भारत ने यह मैच अपने नाम कर लिया। अपनी अर्धशतकीय पारी के दौरान रोहित भाग्यशाली रहे कि उन्हें दो-दो मौके मिले। पहली बार जैसन होल्डर ने रोहित का स्लिप पर कैच छोड़ा और इसके बाद एक मौके पर ओशाने थॉमस ने रोहित का विकेटकीपर शैइ होप के हाथों कैच जरूर करा दिया, लेकिन यह गेंद नो बॉल थी। इसके बाद रोहित ने मेहमान टीम के लिए कहीं कोई मौका नहीं छोड़ा। रोहित ने 56 बॉल में नाबाद 63 रन की पारी खेली और इस दौरान उन्होंने 5 चौके और 4 छक्के जड़े। इसके अलावा दूसरे छोर से कप्तान विराट कोहली ने 29 बॉल में नाबाद 33 रन बनाए। विराट ने अपनी इस पारी में 6 चौके जमाए। विंडीज की पारी इससे पहले इस मैच में टॉस जीतकर मेहमान वेस्ट इंडीज की टीम ने पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया था। यह निर्णय उसके पक्ष में नहीं दिखा और उसकी पूरी टीम 31.5 ओवर में सिर्फ 104 रन ही बना सकी। वनडे क्रिकेट में भारत के खिलाफ यह विंडीज टीम का सबसे न्यूनतम स्कोर है। भारत की ओर से रविंद्र जडेजा (4/34) ने सर्वाधिक चार विकेट अपने नाम किए। जडेजा के अलावा जसप्रीत बुमराह और खलील अहमद ने 2-2, जबकि कुलदीप और भुवनेश्वर कुमार ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। भारतीय बोलरों ने वेस्ट इंडीज की इस पारी को समेटन के लिए महज 31.5 ओवर ही लिए। मेहमान टीम के लिए कप्तान जेसन होल्डर (25), रोवमैन पॉवेल (16) और मार्लोन सैमुअल्स (24) ही दहाई के अंक को छू पाए। इस मैच में सिक्का भले ही विंडीज टीम के पक्ष में गिरा था, लेकिन इसके बाद उसके लिए कुछ सही नहीं घटा। विंडीज की पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। इस मैच में विंडीज टीम के बल्लेबाज उसे अच्छी शुरुआत नहीं दे पाए और पहले 2 ओवर के खेल में उसके दो बल्लेबाज (कायरन पॉवेल और शैइ होप) बिना खाता खोले पविलियन लौट गए। इसके बाद मार्लोन सैमुअल्स (24) ने टीम को संकट से उबारने की कोशिश की। लेकिन रविंद्र जडेजा ने उन्हें कोहली के हाथों कैच आउट कराकर पविलियन भेज दिया। इसके बाद क्रीज पर हेटमेयर आए लेकिन वह भी LBW के रूप में जड्डू का दूसरा शिकार बन गए। हालांकि जडेजा की विश्वास भरी अपील को अंपायर ने नकार दिया था। जडेजा का विश्वास देखकर कोहली ने DRS ले लिया। नतीजा भारत के पक्ष में गया और विंडीज टीम को चौथा झटका लग चुका था। अपने 4 विकेट गंवा चुकी विंडीज टीम अभी दबाव से उबरने की कोशिश ही कर रही थी कि इस बार युवा तेज गेंदबाज खलील अहमद ने हमला बोल दिया और उसके दूसरे ओपनिंग बल्लेबाज रोवमैन पॉवेल (16) को अपनी शॉर्ट बॉल से मिडविकेट पर खड़े शिखर धवन के हाथों कैच करा दिया। अगले 9 रन जोड़ने तक फैबियन एलेन (4) भी कप्तान होल्डर का साथ छोड़ गए। उन्हें बुमराह ने अपना दूसरा शिकार बनाया। इसके बाद मुंबई में विंडीज टीम की ओर से फिफ्टी जड़ने वाले होल्डर (25) यहां भी टीम को संकट से उबारने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन खलील की गेंद पर वह केदार जाधव को आसान सा कैच देकर आउट हो गए। होल्डर के रूप में यह मेहमान टीम को 87 के स्कोर पर यह 7वां झटका था। इसके बाद भारत ने विंडीज टीम के अगले 17 रन जोड़ने तक अगले 3 विकेट भी झटक लिए और उसे 104 रन के साधारण स्कोर पर ऑल आउट कर दिया। 8वें विकेट के रूप में कुलदीप यादव ने कीमो पॉल का विकेट लिया। अंतिम 2 विकेट रविंद्र जडेजा ने अपने खाते में डाले और इस तरह 9.5 ओवर में 34 देकर उन्होंने सबसे ज्यादा 4 विकेट अपने नाम किए।
मुंबई ओपनर रोहित शर्मा (162) की शानदार पारी और अंबाती रायुडू (100) के शतक की बदौलत भारत ने वेस्ट इंडीज को चौथे वनडे में 224 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। मुंबई के ब्रेबोर्न स्टेडियम में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 5 विकेट पर 377 रन का विशाल स्कोर बनाया जिसके जवाब में मेहमान विंडीज टीम 153 रन पर ऑलआउट हो गई। इस जीत के साथ भारत ने 5 मैचों की वनडे सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली है। विंडीज टीम की शुरुआत खराब रही और उसके 3 विकेट 20 के स्कोर तक गिर गए। ओपनर चंद्रपॉल हेमराज, शाइ होप और कायरन पॉवेल जल्दी पविलियन लौट गए। कप्तान जेसन होल्डर विंडीज टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्होंने 54 रन की नाबाद पारी खेली जिसमें 70 गेंदों पर 1 चौका और 2 छक्के लगाए। विंडीज पर भारत की सबसे बड़ी जीत भारत ने वनडे में रनों के हिसाब से अपनी तीसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। इसके अलावा वेस्ट इंडीज के खिलाफ यह वनडे में उसकी सबसे बड़ी जीत है। भारतीय टीम ने इससे पहले वेस्ट इंडीज को जनवरी 2007 में 160 रन के अंतर से हराया था। ऐसी रही विंडीज टीम की पारी मेहमान टीम को पहला झटका चंद्रपॉल हेमराज के तौर पर लगा। हेमराज को पारी के 5वें ओवर में भुवनेश्वर कुमार की गेंद पर रायुडू ने लपका। उन्होंने 16 गेंदों पर 1 चौके और 1 छक्के की मदद से 14 रन बनाए। फिर इसी ओवर में शाइ होप (0) को कुलदीप यादव ने रन आउट कर चलता कर दिया। अगले ही ओवर में कायरन पॉवेल (4) को विराट कोहली ने रन आउट कर दिया। शिमरॉन हेटमेयर (13) को खलील अहमद ने शिकार बनाया। हेटमेयर ने 11 गेंदों पर 2 चौके जड़े। फिर रोवमैन पॉवेल (1) को खलील ने बोल्ड कर दिया। मार्लोन सैमुअल्स ने 18 रन का योगदान दिया। सैमुअल्स ने 23 गेंदों पर 3 चौके लगाए। फैबियन एलेन (10) को कुलदीप यादव ने रोहित शर्मा के हाथों कैच कराया। रोहित शर्मा ने कुलदीप की गेंद पर एश्ले नर्स (8) को लपका। कीमो पॉल और होल्डर ने 9वें विकेट के लिए 31 रन जोड़े। पॉल को 19 के निजी स्कोर पर धोनी ने स्टंप्स आउट किया। उन्होंने 18 गेंदों पर 1 चौका और 2 छक्के लगाए। फिर होल्डर ने रोच (6) के साथ अंतिम विकेट के लिए 21 रन की पार्टनरशिप की। रोच को कुलदीप ने बोल्ड कर विंडीज टीम की पारी का अंत कर दिया। रोहित का शतक इससे पहले रोहित ने ब्रेबॉर्न स्टेडियम में अपने वनडे करियर का 21वां शतक जड़ा। उन्होंने सातवीं बार 150 या इससे ज्यादा का स्कोर बनाया। फिर अंबाती रायुडू ने भी 100 रन की शतकीय पारी खेली। रोहित ने वनडे करियर का 21वां शतक 98 गेंदों पर पूरा किया। अपने करियर का 192वां वनडे मैच खेल रहे 31 साल के रोहित ने धवन के साथ पहले विकेट के लिए 71 रन जोड़े। धवन ने 40 गेंदों पर 4 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 38 रन का योगदान दिया। फिर कैप्टन विराट कोहली के साथ रोहित ने दूसरे विकेट के लिए 30 रन जोड़े। रोहित-रायुडू ने जोड़े 211 रन रोहित और अंबाती रायुडू ने फिर विंडीज टीम के गेंदबाजों की जमकर क्लास ली। दोनों ने मिलकर टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचाया। रोहित और रायुडू ने तीसरे विकेट के लिए 211 रन की साझेदारी की। रोहित 162 के निजी स्कोर पर एश्ले नर्स की गेंद पर कैच आउट हुए। उन्हें चंद्रपॉल हेमराज ने लपका। रोहित ने 137 गेंदों की अपनी पारी में 20 चौके और 4 छक्के जड़े। तीन साल बाद रायुडू का शतक रायुडू ने 81 गेंदों पर 8 चौके और 2 छक्कों की मदद से 100 रन बनाए। उन्होंने वनडे करियर का तीसरा शतक 80 गेंदों पर पूरा किया। रायुडू ने 3 साल बाद वनडे में शतक जड़ा। उन्होंने जुलाई 2015 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में नाबाद 124 रन की पारी खेली थी। धोनी 23 रन पर हुए कैच आउट पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी 23 रन के निजी स्कोर पर कैच आउट हुए। उन्हें रोच की गेंद पर हेमराज ने लपका। धोनी ने 15 गेंदों पर 2 चौके लगाए। केदार जाधव ने भारतीय पारी का अंत चौके से किया और 16 रन की नाबाद पारी खेली। उन्होंने 7 गेंदों पर 3 चौके जड़े। जडेजा 7 रन बनाकर नाबाद लौटे। सीरीज के पिछले तीनों वनडे में शतक जड़ने वाले विराट कुछ खास नहीं कर सके और 16 रन बनाकर रोच की गेंद पर विकेट के पीछे कैच आउट हो गए। विराट ने 17 गेंदों पर 2 चौके लगाए। रोहित-शिखर ने उपलब्धि नाम की ओपनर रोहित शर्मा और शिखर धवन की सलामी जोड़ी ने अपने नाम एक और उपलब्धि जोड़ी। वे भारत की दूसरी सबसे कामयाब सलामी जोड़ी बन गए और दुनिया में वह चौथे नंबर पर आ गए हैं। उन्होंने दिग्गज सचिन तेंडुलकर और वीरेंदर सहवाग की जोड़ी को पीछे छोड़ा। सहवाग और सचिन ने 2002-2012 के बीच 93 वनडे इंटरनैशनल पारियों में 42.13 की औसत से 3919 रन बनाए। उनके बीच 12 शतकीय और 18 अर्धशतकीय साझेदारियां हुईं। भारत ने गुवाहाटी में खेला गया पहला मैच जीता था और विखाखापत्तनम में खेला गया दूसरा मैच टाई रहा था। वेस्ट इंडीज ने शनिवार को पुणे में खेला गया तीसरा मैच जीतकर सीरीज में बराबरी कर ली थी।
नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली ने अपने नाम एक और रेकॉर्ड दर्ज कर लिया है। कोहली वनडे इंटरनैशनल में सबसे कम पारियों में 10 हजार रन पूरे करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने सचिन तेंडुलकर के 17 साल पुराने वर्ल्ड रेकॉर्ड को तोड़ दिया है। इस मैच से पहले विराट कोहली के नाम 212 मैचों की 204 पारियों में 9919 रन थे। उन्हें इस रेकॉर्ड तक पहुंचने के लिए 81 रनों की जरूरत थी। वेस्ट इंडीज के खिलाफ विशाखापत्तनम मैच के दौरान बुधवार को उन्होंने पारी के 37वें ओवर में एश्ले नर्स की गेंद पर यह मुकाम हासिल किया। कोहली ने सिर्फ 205 पारियों में 10 हजार रन पूरे कर लिए। सचिन तेंडुलकर ने 31 मार्च 2001 को 259 पारियों में 10 हजार रन पूरे किए थे। इस लिहाज से देखें तो विराट ने सचिन से 54 पारियां कम खेली हैं। सबसे कम पारियों में 10 हजार रन पूरे करने में तीसरे पायदान पर भारत के ही पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली हैं, जिन्होंने 263 पारियों में 10000 का आंकड़ा छुआ था। 18 अगस्त 2008 को श्री लंका के खिलाफ अपने वनडे करियर की शुरुआत करने वाले कोहली ने जनवरी 2017 में सीमित ओवरों की कप्तानी संभाली थी। वनडे इंटरनैशनल में सबसे ज्यादा रन बनाने का रेकॉर्ड तेंडुलकर के नाम है जिन्होंने कुल 18426 रन है। इसके बाद श्री लंका के कुमार संगकारा (14234), ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग (13704), श्री लंका के सनथ जयसूर्या (13430) और महेला जयवर्धने (12650), व पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंजमाम-उल-हक (11739) रन हैं। सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीयों की लिस्ट में सचिन के बाद गांगुली का नंबर है जिन्होंने 11363 और द्रविड़ ने 10889 रन बनाए हैं। वहीं धोनी ने 10123 रन बनाए हैं।
हैदराबाद भारतीय टीम ने वेस्ट इंडीज को हैदराबाद टेस्ट में 10 विकेट से हरा दिया। मेहमान टीम ने जीत के लिए 72 रनों का आसान लक्ष्य दिया था, जिसे टीम इंडिया (16.1 ओवर में 75/0) ने पृथ्वी साव (नाबाद 33) और लोकेश राहुल (नाबाद 33) की पारियों की बदौलत बिना कोई विकेट गंवाए पा लिया। पृथ्वी ने विजयी चौका लगाया। इस तरह भारतीय टीम ने दो मैचों की सीरीज में 2-0 की एकतरफ जीत दर्ज की। उसने राजकोट टेस्ट में विंडीज टीम को पारी और 272 रनों से हराया था। बता दें कि मेहमान टीम ने पहली पारी में 101.4 ओवरों में 311 रन बनाए थे, जवाब में टीम इंडिया ने पहली पारी में 106.4 ओवरों में सभी विकेट खोकर 367 रन बनाए थे। भारत ने पहली पारी के आधार पर मेहमान टीम पर 56 रन की बढ़त हासिल की थी। विंडीज की दूसरी पारी महज 127 रनों पर सिमट गई थी। वर्ल्ड रेकॉर्ड लगातार 10वीं सीरीज जीत यह भारत की घरेलू मैदान पर लगातार 10वीं टेस्ट सीरीज जीत है। इसके साथ ही अपने घर में लगातार सबसे अधिक टेस्ट सीरीज जीतने का वर्ल्ड रेकॉर्ड संयुक्त रूप से भारतीय टीम के नाम हो गया है। उसने ऑस्ट्रेलिया के 10 सीरीज जीत के रेकॉर्ड की बराबरी की। दूसरी ओर, यह 8वां मौका है, जब भारतीय टीम ने टेस्ट क्रिकेट में 10 विकेट से जीत दर्ज की, जबकि पहली बार वेस्ट इंडीज को इतने बड़े अंतर से हराया है। वेस्ट इंडीज की दूसरी पारी: 127 रन पर सिमटी इससे पहले तेज गेंदबाज उमेश यादव (45/4) और रविंद्र जडेजा (12/3) की घातक गेंदबाजी के बदौलत भारतीय टीम ने वेस्ट इंडीज की दूसरी पारी 127 रनों पर समेट दी। इस तरह मेजबान टीम को दूसरा और आखिरी टेस्ट जीतने के लिए 72 रनों का आसान लक्ष्य मिला। उमेश यादव और जडेजा के अलावा आर. अश्विन ने दो विकेट झटके, जबकि एक विकेट कुलदीप यादव के नाम रहा। यू लौटे ओपनर इससे पहले वेस्ट इंडीज की दूसरी पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। उसके दोनों ओपनर्स 6 रन जुड़ने तक पविलियन लौट चुके थे। कैरिबियाई टीम की दूसरी पारी के पहले ही ओवर में उमेश यादव ने क्रेग ब्रैथवेट (0) को ऋषभ पंत के हाथों कैच कराया। इसके बाद रविचंद्रन अश्विन ने पारी के चौथे ही ओवर में दूसरे ओपनर कायरन पोवल (0) को पहली स्लिप में खड़े अजिंक्य रहाणे के हाथों कैच आउट करा दिया। इसके बाद शाइ होप (28) और शिमरोन हेटमेयर (17) ने क्रीज पर अपने पांव जमाने की कोशिश जरूर की। लेकिन टीम का स्कोर 45 ही हुआ था कि कुलदीप यादव ने हेटमेयर को पुजारा के हाथों कैच करा दिया। इसी स्कोर पर रविंद्र जडेजा ने शाइ होप को रहाणे के हाथों कैच कराकर मेहमान टीम को दूसरा झटका दे दिया। अभी भी वेस्ट इंडीज की टीम भारत के पहली पारी के स्कोर के आधार पर अभी भी 11 रन पीछे थी। कैरिबियाई टीम की पिछली पारी के हीरो रहे रोस्टन चेज (6) को उमेश यादव ने इस बार क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया। उमेश ने चेज को बोल्ड कर इस पारी का अपना दूसरा शिकार बनाया। अपने अगले ही ओवर उमेश ने शेन डोवरिच (0) को बोल्ड कर अपने खाते में तीसरा विकेट डालते हुए वेस्ट इंडीज के छठे बल्लेबाज को पविलियन की राह दिखा दी। जेसन होल्डर (19) ने कुछ अच्छे शॉट जरूर लगाए, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्हें जडेजा ने पंत के हाथों कैच कराया। इसके बाद सुनील एम्ब्रिस (38) को छोड़कर कोई भी बल्लेबाज अधिक देर तक नहीं टिका। जोमेल वारिकन 7 और गैब्रियल 1 रन बनाकर आउट हुए। गैब्रियल के रूप में उमेश यादव का पारी का चौथा और मैच का 10वां विकेट रहा। भारतीय पारी का रोमांच इससे पहले तीसरे दिन भारत अपनी पहली पारी में 367 ऑलआउट हो गया। इस तरह उसने वेस्ट इंडीज (311) से पहली पारी के आधार पर 56 रनों की बढ़त हासिल की थी। भारत ने दिन की शुरुआत चार विकेट पर 308 रनों से की थी, लेकिन उसने 16.1 ओवर और 25 रन के अंदर पांच विकेट गंवा दिये जिससे स्कोर 9 विकेट पर 339 रन हो गया। इसके बाद रविचंद्रन अश्विन (83 गेंदों पर 35 रन) ने उपयोगी योगदान दिया। उन्होंने चोटिल शार्दुल ठाकुर (नाबाद चार) के साथ अंतिम विकेट के लिए 28 रन जोड़े। वेस्टइंडीज के कप्तान होल्डर (23 ओवर में 56 रन देकर पांच विकेट) ने दूसरी नयी गेंद का अच्छा इस्तेमाल किया और अपने टेस्ट करियर में 5वीं बार पारी में 5 विकेट लिए। 80 रन बनाकर आउट हुए रहाणे पिछले दो साल से खराब फॉर्म से जूझ रहे रहाणे दिन के आउट होने वाले पहले खिलाड़ी रहे। होल्डर की एक उछाल लेती गेंद रहाणे के बल्ले से लगती हुई गली में खड़े शाई होप्स के हाथों में गई। रहाणे गेंद को नीचे नहीं रख पाए और होप्स ने कैच लपकने में कोई गलती नहीं की। रहाणे ने सात चौकों की मदद से 80 रन बनाए। होल्डर ने इसी ओवर में रविंद्र जडेजा को LBW कर दिया। ऋषभ पंत शतक चूके दूसरे छोर पर ऋषभ पंत धीरे-धीरे शतक की ओर बढ़ते नजर आ रहे थे लेकिन शेनन ग्रैबियल की एक गेंद पर वह संयम खो बैठे और कवर्स में कैच दे बैठे। वह 92 रन ही बना पाए। राजकोट टेस्ट में भी वह 92 रन पर ही आउट हुए थे। इस तरह वह लगातार दो पारियों में 90s में आउट होने वाले दूसरे भारतीय बल्लेबाज बन गए। इससे पहले राहुल द्रविड़ 1997 में श्री लंका के खिलाफ 92 और 93 रनों पर आउट हुए थे। कुलदीप यादव और अश्विन ने मिलकर 8वें विकेट के लिए 12 रन जोड़े। होल्डर ने उनका ऑफ स्टंप उखाड़कर अपना पांचवां विकेट लिया। उन्होंने छह रन बनाए। उमेश यादव 2 रन बनाकर वेरिकन का शिकार बने। अश्विन आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज रहे। वह 35 रन बनाकर ग्रैबियल की गेंद पर बोल्ड हो गए।
सूझोऊ (चीन),भारतीय फुटबॉल टीम ने शनिवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक दोस्ताना मुकाबले में चीन को गोल रहित बराबरी पर रोक दिया. भारतीय गोलकीपर गुरप्रीत सिंह संधू ने चीन को उसी के घर में ड्रॉ पर रोकने में अहम भूमिका निभाई. संधू ने कई मौकों पर शानदार बचाव किए. संधू को टीम के डिफेंस लाइन का बखूबी साथ मिला. इन दोनों की जुगलबंदी के कारण आखिरी समय तक लगातार अटैक करने वाली चीनी टीम मायूस हो गई. सूझोऊ ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर स्टेडियम में खेला गया यह मैच भारत के लिए अगले वर्ष जनवरी में होने वाले एशियन कप की तैयारियों के लिहाज से बेहद अहम था. इस मुकाबले में चीन ने शुरुआत से ही 'हाईप्रेस' खेल दिखाकर मेहमान टीम के डिफेंस पर दबाव बनाने की कोशिश की. चीन को तीसरे मिनट में ही कॉर्नर मिला और भारत की कप्तानी कर रहे डिफेंडर संदेश झिंगन ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम को बढ़त नहीं बनाने दी. मैच के सातवें मिनट चीन ने अपने बाएं छोर से अटैक किया. मेजबान टीम ने बॉक्स के अंदर हेडर के जरिए गोल करने का प्रयास किया, लेकिन इस बार भी झिंगन गेंद को मैदान से बाहर भेजने में कामयाब रहे. लगातार आक्रामक फुटबॉल खेल रही चीनी टीम को 13वें मिनट में काउंटर अटैक का सामना करना पड़ा. युवा मिडफील्डर अनिरुद्ध थापा ने चीन के 18 गज के बॉक्स में अपनी दाईं ओर मौजूद प्रीतम कोटाल को पास दिया. कोटाल ने शॉट लगाया, जिस पर चीन के गोलकीपर यान जुनलिंग ने शानदार बचाव किया. यहां भारत के पास बढ़त बनाने का बेहतरीन मौका था. मैच के 24वें मिनट में चीन ने अपने बाएं फ्लेंक से गोल करने का प्रयास किया, जिस पर संधू ने बेहतरीन बचाव किया. अपना 100वां मैच खेल रहे 32 वर्षीय गाओ लिन ने बॉक्स के अंदर से गोल की ओर शॉट मारा, लेकिन संधू ने अपने बाएं पैर का इस्तेमाल करते हुए भारतीय टीम को मैच में बनाए रखा. इसके बाद मेजबान टीम ने मैच पर अपनी पकड़ फिर से बना ली और लगातार अटैक किए. भारतीय डिफेंडर नारायण दास को चीन के फॉरवर्ड खिलाड़ियों की तेजी से बहुत परेशानी हुई, लेकिन उन्होंने अपनी टीम को पहले हाफ में पिछड़ने नहीं दिया. मैच में बढ़त न बना पाने के कारण चीन के मुख्य कोच मार्सेलो लिप्पी ने टीम में बदलाव किए और दूसरे हाफ की भी दमदार शुरुआत की. गाओ लिन को 50वें मिनट में छह गज के बॉक्स के बाहर से गोल करने का शानदार मौका मिला, लेकिन वह गेंद को गोलपोस्ट पर मार बैठे. भारतीय टीम ने छह मिनट बाद अटैक किया. इस बार बॉक्स के अंदर फॉरवर्ड खिलाड़ी उदांता सिंह को गेंद मिली, लेकिन वह भी अपनी टीम को बढ़त नहीं दिला पाए. मैच के अंतिम 10 मिनट में चीन ने गेंद पर नियंत्रण रखते हुए मेहमान टीम के डिफेंस को भेदने की कोशिश की.संधू ने अंतिम क्षणों में भी अपना संयम नहीं खोया और शानदार बचाव करते हुए चीन को जीत से महरूम रखा.
राजकोट टीम इंडिया ने राजकोट टेस्ट में वेस्ट इंडीज को पारी और 272 रनों से हरा दिया है। भारत ने अपनी पहली पारी 9 विकेट के नुकसान पर 649 रन बनाकर घोषित की थी। जवाब में वेस्ट इंडीज की पहली पारी 48 ओवर में 181 रन पर सिमट गई। उसे फॉलोऑन खेलने के लिए मजबूर होना पड़ा। जब वह दूसरी पारी में बैटिंग के लिए उतरे तो लगा कि पहली पारी से कुछ सीख लेकर इस बार टिकने की कोशिश करेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पहली पारी की तरह ही मेहमान टीम के खिलाड़ी 'तू चल मैं आया' की तर्ज पर लगातार अपना विकेट फेंकते गए और 50.5 ओवर में सभी विकेट खोकर 196 रन बना सकी। यह भारत की टेस्ट में पारी और रन के मामले में सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले उसने इसी साल जून में अफगानिस्तान को बेंगलुरु में पारी और 262 रनों से हराया था। अश्विन ने बिगाड़ी वेस्ट इंडीज की शुरुआत अपनी दूसरी पारी खेलने उतरी मेहमान टीम को उम्मीद थी कि उसे एक अच्छी शुरुआत मिलेगी, लेकिन पहली पारी में चार विकेट लेने वाले रविचंद्रन अश्विन ने क्रैग ब्रैथवेट (10) को शॉर्ट लेग पर खड़े पृथ्वी शॉ के हाथों कैच कर विंडीज को अच्छी शुरुआत से महरूम रख दिया। वह 32 के कुल स्कोर पर आउट हुए। एक ओवर बाद भोजनकाल की घोषणा कर दी गई। लंच के बाद नए बल्लेबाज शाइ होप (17) ने खाता खोला और कुच्छे शॉट भी लगाए, लेकिन बड़ी पारी नहीं खेल सके। उन्हें कुलदीप यादव ने LBW आउट किया। कुलदीप यादव की घातक बोलिंग विंडीज टीम संभल पाती इससे पहले ही कुलदीप यादव ने दो विकेट झटकते हुए स्कोर 4 विकेट पर 97 रन कर दिया। उन्होंने शिमरॉन हेटमायर को 11 रनों के निजी स्कोर पर केएल राहुल के हाथों कैच कराया, जबकि सुनील एम्ब्रिस आगे निकलकर शॉट लगाने के चक्कर में स्टंप आउट हुए। सुनील ने 3 गेंदें खेली, लेकिन खाता नहीं खोल सके। इसके बाद रोस्टन चेज ने पॉवेल के साथ मिलकर 5वें विकेट के लिए 41 रन जोड़े। हालांकि, चेज सिर्फ 20 रन बनाकर कुलदीप की गेंद पर आर. अश्विन के हाथों लपक लिए गए। पॉवेल 83 रन बनाकर आउट विंडीज की उम्मीदों ने उस वक्त दम तोड़ दिया, जब शानदार बैटिंग कर रहे कायरन पॉवेल (83) को कुलदीप यादव ने पृथ्वी शॉ के हाथों कैच आउट करा दिया। यह कुलदीप का इस पारी में 5वां विकेट रहा। पॉवेल ने 93 गेंदों में 8 चौके और 4 छक्के लगाए। जडेजा ने कीमो पॉल (15) को आउट करते हुए मेहमान टीम को 7वां झटका दिया। चायकाल से ठीक पहले उसे 8वां झटका लगा। देवेंद्र बिशू 9 रन के निजी स्कोर पर अश्विन की गेंद पर विकेट के पीछे पंत के हाथों लपके गए। उनके आउट होते ही चायकाल की घोषणा हो गई। बाकी के बचे दो बल्लेबाजों को रविंद्र जडेजा ने आउट किया। उन्होंने लुइस (4) को LBW आउट किया, जबकि गैब्रियल (4) को कुलदीप के हाथों कैच कराया। इस पारी में भारत की ओर से सबसे अधिक 5 विकेट कुलदीप यादव के नाम रहे, जबकि रविंद्र जडेजा ने 3 और आर. अश्विन ने दो विकेट झटके। पृथ्वी शॉ को मैन ऑफ द मैच चुना गया। दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच 12 अक्टूबर से हैदराबाद में खेला जाएगा। दूसरे दिन का खेल उल्लेखनीय है कि पहले दिन पृथ्वी शॉ के टेस्ट डेब्यू में शतक के बाद दूसरे दिन कोहली (139) और जडेजा (100*) के नाम रहा। भारत ने 9 विकेट पर 649 रन पर अपनी पहली पारी घोषित की। जवाब में वेस्ट इंडीज की टीम अच्छी शुरुआत नहीं कर सकी और उसके विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे। पेसर मोहम्मद शमी और फिर स्पिनरों ने कैरेबियाई बल्लेबाजों पर दबाव बनाया। वेस्ट इंडीज ने पारी के दूसरे ही ओवर में मोहम्मद शमी की गेंद पर कप्तान ब्रैथवेट (2) का विकेट गंवा दिया। शमी की सीधी गेंद को ब्रैथवेट पढ़ नहीं पाए और गेंद जाकर ऑफ स्टंप पर लगी। इसके बाद दूसरे ओपनर कायरन पॉवेल भी ज्यादा देर संघर्ष नहीं कर सके और शमी की गेंद पर पगबाधा आउट हो गए। उन्होंने सिर्फ 1 रन बनाया था। विंडीज की टीम संभल पाती, इससे पहले ही आर. अश्विन ने शाई होप (10) को बोल्ड करते हुए भारत को तीसरी सफलता दिला दी। कुछ ही देर बाद शिमरन हेटमायर (10) रन आउट हो गए। इसके बाद सुनील एम्ब्रिस (12) को जडेजा ने शिकार बनाया। उन्हें रहाणे ने लपका जिसके साथ ही विंडीज की आधी टीम पविलियन लौट गई। फिर शेन डॉरिच (10) को कुलदीप यादव ने बोल्ड कर दिया। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक 6 विकेट पर 94 रन थे। यूं हुई तीसरे दिन की शुरुआत इससे पहले दूसरे दिन के नाबाद बल्लेबाज रोस्टन चेज (53) और कीमो पॉल (47) ने वेस्ट इंडीज के स्कोरबोर्ड को चलाने का काम तीसरे दिन भी जारी रखा। दोनों खिलाड़ियों ने थोड़ी तेजी से रन बटोरे, लेकिन ज्यादा आगे नहीं जा पाए। अर्धशतक की ओर बढ़ रहे पॉल को उमेश यादव ने चेतेश्वर पुजार के हाथों कैच करा इस साझेदारी को तोड़ा। पॉल ने अपनी पारी में 49 गेंदें खेलीं जिन पर सात पर चौके और दो पर छक्के जड़े। उनका विकेट 147 के कुल स्कोर पर गिरा। चेज अर्धशतक पूरा करने के कुछ देर बाद अश्विन की बेहतरीन गेंद पर बोल्ड हो गए। उन्होंने अपनी पारी में 79 गेंदों का सामना करते हुए आठ गेंदों को सीमा रेखा के पार पहुंचाया। चेज का विकेट 159 के कुल स्कोर पर गिरा। इसी स्कोर पर अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे शेमरन लुइस को अश्विन ने ही बोल्ड किया। अश्विन ने शेनन ग्रैबिएल (1) को आउट कर वेस्ट इंडीज की पारी का अंत किया। आर. अश्विन ने 4 विकेट झटके, जबकि मोहम्मद शमी के खाते में 2 विकेट गया। उमेश यादव, कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा को 1-1 विकेट मिला। भारतीय पारी का रोमांच अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे जडेजा ने 132 गेंद पर नाबाद 100 रन बनाए जो उनका पहला टेस्ट शतक रहा। वहीं कप्तान कोहली ने अपना 24वां टेस्ट शतक लगाते हुए 230 गेंद में 139 रन की पारी खेली। जडेजा को तिहरे अंक तक पहुंचने के लिए 38 टेस्ट का इंतजार करना पड़ा। उन्होंने दिसंबर 2012 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। 11वें नंबर के बल्लेबाज मोहम्मद शमी के साथ खेलते हुए जडेजा ने चाय से ठीक पहले के ओवर में शतक पूरा किया। अपनी पारी में उन्होंने 5 चौके और 5 छक्के लगाए। इंग्लैंड में आखिरी टेस्ट में 86 रन बनाने वाले जडेजा ने दुबई में एशिया कप के जरिए वनडे क्रिकेट में शानदार वापसी की।
एशिया कप में बुधवार को सुपर 4 राउंड के अंतिम मुकाबले बांग्लादेश ने पाकिस्तान को 37 रन से शिकस्त देकर फाइनल में एंट्री कर ली। एशिया कप के वनडे फॉर्मेट में बांग्लादेश की पाकिस्तान पर यह पहली जीत है। अब वह खिताबी मुकाबले में भारत से भिड़ेगा। आगे की स्लाइड्स में देखें इस मैच के रोमांचक पल... बांग्लादेश के कप्तान मशर्फे मोर्तजा ने टॉस जीता, पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया। टॉस के टाइम उन्होंने बताया कि यह पिच बैटिंग के लिए शानदार दिख रहा है और उनकी टीम पाकिस्तान के सामने बड़ा लक्ष्य रखना चाहती है। दोनों टीमों के लिए सेमीफाइनल सरीखे इस मैच में बांग्लादेश की टीम शुरुआत से ही पिछड़ गई और टीम ने मात्र 12 रन के स्कोर पर अपने 3 विकेट गंवा दिए। जल्दी-जल्दी 3 विकेट गिरने के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज मुशफिकुर रहीम ने मोहम्मद मिथुन के साथ मिलकर संकट में फंसी टीम को बाहर निकालने का काम किया। इन दोनों ने यहां चौथे विकेट के लिए 114 रन की साझेदारी कर बांग्लादेश की पारी को ट्रैक पर लाने का काम किया। 34वें ओवर में 156 के कुल स्कोर पर मिथुन (60) आउट हो गए। मुश्किलों में फंसी टीम को कैसे बाहर निकाला जाता है बांग्ला टीम के लिए यह काम इस विकेटकीपर बल्लेबाज ने बखूबी कर के दिखाया। वह अपना 7वां वनडे शतक पूरा करने से भले चूक गए, लेकिन उनकी 99 रन की यह पारी बांग्लादेश को इस सेमीफाइनल सरीखे मुकाबले में बैकफुट पर आने से निकाल दिया। अपनी इस पारी में उन्होंने 9 चौके बरसाए और इसी की बदौलत बांग्लादेश का स्कोर 239 रन तक पहुंच पाया। पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम के सामने 240 रन की चुनौती शायद बहुत बड़ी नहीं थी। लेकिन बांग्लादेशी टीम के पास अभी मैच बचाने का फील्डिंग में मौका था और उसने शुरुआत से पाक टीम को दबाव में लाने का प्लान सफल कर लिया। बांग्लादेश ने स्पिन बोलिंग से पारी की शुरुआत की और मेहदी हसन ने पहले ही ओवर में फकर जमां (1) को आउट कर दिया। इसके बाद चौथे ओवर तक पाकिस्तान ने 18 रन जोड़कर अपने 2 विकेट (बाबर आजम (1) और सरफराज अहमद (10)) और गंवा दिए। इस तरह 18 के स्कोर पर पाकिस्तान 3 विकेट खो चुका था। शोएब मलिक ने इस टूर्नमेंट में पाकिस्तान की फंसती नैया को कई बार पार लगाया। इस बार भी उन्होंने कोशिश तो जरूर की, लेकिन 30 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर उन्हें रुबल हुसैन ने फंसा लिया और 85 के स्कोर पर वह चौथे विकेट के रूप में आउट हो गए। शोएब के बाद पाक टीम ने जल्दी ही अपना 5वां विकेट शादाब खान (4) के रूप में गंवा दिया। पाकिस्तान टीम के लिए राहत की बात यह थी कि एक छोर पर उसके ओपनर इमाम-उल-हक खूंटा जमाकर खड़े थे। भले ही पाकिस्तान की आधी टीम 100 रन से पहले (94/5) पविलियन लौट चुकी थी। लेकिन वह अभी भी बाजी अपने पक्ष में कर सकता था और इस काम के लिए इमाम को आसिफ अली (31) का साथ मिल गया। दोनों छठे विकेट के लिए 71 रन की साझेदारी कर लक्ष्य के पास पहुंचने का प्रयास किया। लेकिन 165 के स्कोर पर मेहदी हमन ने आसिफ को अपने जाल में फंसाकर इस साझेदारी को तोड़ दिया। पाकिस्तान के इस बल्लेबाज ने अभी भी टीम का हौसला बनाए रखा था। वह 83 रन पर खेल रहे थे और पाकिस्तान के पास 4 विकेट बाकी थे। पाकिस्तान जीत से 77 रन ही दूर था, लेकिन उसके पास 55 गेंदें ही शेष बची थीं। ऐसे में दबाव हटाने के लिए महमदुल्लाह की बॉल पर इमाम क्रीज से बाहर निकले, तो मुस्तफिजुर की जगह कीपिंग संभाल रहे लिट्टन दास ने उनकी गिल्लियां बिखेरने में देर नहीं लगाईं। इस तरह 7वें विकेट के रूप में इमाम पविलियन लौट गए और पाकिस्तान की यहां रही-सही उम्मीदें भी टूट गईं। इमाम के बाद बांग्लादेशी बोलरों ने अंतिम 3 विकेट भी जल्दी ही झटक कर टूर्नमेंट के खिताबी मुकाबले में एंट्री कर ली। अब शुक्रवार को खिताबी मुकाबले में बांग्लादेश की भिड़ंत भारत से होगी।
नई दिल्ली भारत ने रविवार को दुबई में खेले गए एशिया कप सुपर 4 के मुकाबले में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में भारत ने पाकिस्तान को 9 विकेट से हराया। इस तरह विकेट के हिसाब से यह भारत की पाकिस्तान पर वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी जीत है। भारत की इस जीत में रोहित शर्मा (111*) और शिखर धवन (114) का अहम योगदान रहा। ऐसे में कई दिग्गज क्रिकेटर भी इन दोनों के प्रदर्शन की तारीफ करते नजर आए। पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर ने रोहित और शिखर दोनों को उनकी शतकीय पारियों के लिए बधाई दी। इसके अलावा सचिन ने कहा कि आप दोनों (रोहित और शिखर) को पूरी लय में खेलते देखना हमेशा आनंददायक होता है। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग ने भारतीय टीम को जीत की बधाई देते हुए रोहित और शिखर की पारियों को शानदार बताया। पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ इस जीत को रोहित और शिखर की शतकीय पारियों ने काफी आसान बना दिया। बता दें कि ओपनिंग में रोहित शर्मा और शिखर धवन ने 82वीं पारी में 13वीं बार शतकीय साझेदारी की। उन्होंने सचिन तेंडुलकर और वीरेंदर सहवाग की 12 शतकीय साझेदारियों के रेकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। सचिन सहवाग ने 93 पारियों में ओपनिंग की थी।
जकार्ता 18वें एशियाई खेलों में भारत ने अपने चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 2 -1 से हराकर ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमा लिया है। एशियाई खेलों में अब भारत के कुल 69 पदक (15 गोल्ड, 24 सिल्वर और 30 ब्रॉन्ज) हो गए हैं। इस मुकाबले में भारत ने शुरुआत से ही पाकिस्तान पर दबाव बनाए रखा और उसे गोल करने का मौका नहीं दिया। मैच के चौथे क्वॉर्टर में पाकिस्तान की टीम ने 1 गोल जरूर दागा, लेकिन वह मैच में भारत से बराबरी नहीं कर पाई। भारत के लिए आकाशदीप (तीसरे मिनट) और हरमनप्रीत (50वें मिनट) ने किया। पाकिस्तान की टीम को मैच में 4 पेनल्टी कॉर्नर मिले थे। लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति ने उसे गोल करने का मौका नहीं दिया। पाकिस्तान का एकमात्र गोल फील्ड गोल था। यह गोल मैच के 51वें मिनट में मोहम्मद अतीक ने किया। मैच की शुरुआत में ही भारत ने अपने इरादे साफ कर दिए और अभी खेल का तीसरा ही मिनट था और आकाशदीप ने पाकिस्तान के गोल पोस्ट पर हमला बोलते हुए मैच का पहला गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिला दी। इसके बाद पाकिस्तान ने मैच में बराबरी की कुछ कोशिशें जरूर कीं, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। दूसरे क्वॉर्टर की शुरुआत में पाकिस्तान ने अपने हमले तेज कर दिए। भारत एक गोल की बढ़त लेकिन थोड़ा सहज दिख रहा था। इस बीच पाकिस्तानी टीम ने बॉल पर नियंत्रण बनाए रखा और भारतीय गोल पोस्ट पर हमले बनाए रखे। लेकिन भारत की रक्षापंक्ति लगातार इन हमलों को विफल कर रही थी। इस बीच मैच के 21वें मिनट में पाकिस्तान को मौका मिल गया और उसने पेनल्टी कॉर्नर अर्जित कर लिया। यहां पाक टीम को लगातार 2 पेनल्टी कॉर्नर मिले। लेकिन भारतीय टीम ने दोनों बार अपने प्रतिद्वंद्वी को कामयाब नहीं होने दिया और मैच के हाफ टाइम तक 1-0 की बढ़त बनाए रखी। तीसरे क्वॉर्टर में पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत के डिफेंस को भेदने का भरपूर प्रयास किया। लेकिन मैच में पाकिस्तान को गोल करने में कामयाबी नहीं मिल पाई। हालांकि भारतीय टीम एक गोल की बढ़त बनाने के बाद अपनी चिरपरिचित शैली से शांत ही दिख रही थी। बीच-बीच में टीम ने गोल करने की कोशिश जरूर की, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिल पाई। इस क्वॉर्टर में पाकिस्तान को 2 और पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय डिफेंस ने उसे कामयाब नहीं होने दिया। इस तरह मैच के ये दो क्वॉर्टर बिना किसी गोल के ही खत्म हुए और भारत ने अपने प्रतिद्वंद्वी पर 1-0 की बढ़त बनाकर रखी।

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