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नई दिल्ली. एशियाई बाजारों से मिले संकेतों से सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स में 250 अंकों से ज्यादा का उछाल देखने को मिला जबकि निफ्टी 10,525 के ऊपर निकलने में कामयाब हुआ। शुरुआती कारोबार में पीएसयू बैंक इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है। मिडकैप औऱ स्मॉलकैप शेयरों में खरीददारी नजर आ रही है। फिलहाल सेंसेक्स 252 अंक की बढ़त के साथ 34,258 अंक पर और निफ्टी 72 अंक चढ़कर 10,527 अंक पर कारोबार कर रहा है। इससे पहले, सेंसेक्स 198 अंक बढ़कर 34,203 अंक पर खुला। वहीं निफ्टी 63 अंक चढ़कर 10,518 अंक पर खुला। मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी बढ़त - शुरुआती कारोबार में लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है। बीएसई का मिडकैप इंडेक्स 1.17 फीसदी बढ़ा है। मिडकैप शेयरों में अमारा राजा बैट्रीज, नेशनल एल्युमीनियम, वक्रांगी, नैटको फार्मा, राजेश एक्सपोर्ट्स, इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक, सेल, आईडीबीआई, एनएलसी इंडिया 2.13-7.11 फीसदी तक बढ़े। - वहीं बीएसई के स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.29 फीसदी की बढ़त देखने को मिल रही है। पीएसयू बैंक इंडेक्स को छोड़ सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़े - सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स में कमजोरी दिख रही है। हालांकि बैंक निफ्टी इंडेक्स 0.60 फीसदी बढ़ा है। वहीं निफ्टी ऑटो में 1.01 फीसदी, निफ्टी एफएफमसीजी में 0.89 फीसदी, निफ्टी मेटल में 1.10 फीसदी, निफ्टी फार्मा में 1.11 फीसदी और निफ्टी रियल्टी में 1.66 फीसदी की तेजी आई है। रुपए की मजबूत शुरुआत - सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को रुपए की मजबूत शुरुआत हुई। डॉलर के मुकाबले रुपया 11 पैसे की मजबूती के साथ 64.29 के स्तर पर खुला। शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट देखने को मिली। डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे टूटकर 64.40 के स्तर पर बंद हुआ था। डॉलर के मुकाबले रुपया की शुरुआत भी भारी गिरावट के साथ हुई थी। डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे टूट कर 64.43 के स्तर पर खुला था।
नई दिल्ली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर उर्जित पटेल ने शनिवार को कहा कि शीर्ष बैंक और बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) को शेयर बाजार के तेज उतार-चढ़ाव का संज्ञान लेना चाहिए, ताकि जोखिमों का आकलन किया जा सके। पटेल ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, 'पिछले कुछ दिनों से, बाजार में करेक्शन का दौर चल रहा था। यह न सिर्फ पूरी दुनिया में हो रहा है, बल्कि भारत में भी चल रहा है। इसलिए यह दर्शाता है कि पूंजी बाजार कैसे दिशा बदलता है। अब तक न तो वैश्विक स्तर पर और न ही भारत में यह महसूस किया गया है कि यह बुलबुला कभी भी फट सकता है और एक बड़ी समस्या पैदा हो सकती है।’ उन्होंने कहा, 'इसलिए वित्त मंत्रालय के नियामकों आरबीआई और एसबीआई दोनों को आगे के जोखिमों का आकलन करना चाहिए। पिछले कुछ दिनों से जारी करेक्शन से पता लगता है कि ये चीजें काफी तेजी से आगे बढ़ रही हैं।' पटेल वित्तमंत्री अरुण जेटली के साथ मीडिया को संबोधित कर रहे थे। 1 से 9 फरवरी के बीच बीएसई के सेंसेक्स में 1,900 अंकों की गिरावट आई है और एनएसई के निफ्टी में 500 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज की गई है।'
न्यूयॉर्क, एशिया में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन से एक दिन पहले गुरुवार को एक बार फिर अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स डाउ जोन्स पर फिर जोरदार बिकवाली के चलते 4 फीसदी तक की गिरावट दर्ज हुई है. इस गिरावट से अमेरिकी बाजार ने अपने हाल के उच्चतम स्तर से 10 फीसदी तक गोता खाया है. अमेरिकी बाजार में गुरुवार देर शाम प्रमुख स्टॉक इंडेक्सों में तेज गिरावट का देखने को मिली. अमेरिकी बाजार में लगातार दूसरा दिन है जब बाजार बंद होने से पहले जोरदार गिरावट देखने को मिली. इससे पहले सोमवार को डॉउ जोन्स पर 1100 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज होने के बाद दुनियाभर के शेयर बाजारों में जोरदार गिरावट आई, जिसमें यूरोप, एशिया समेत भारत में सेंसेक्स और निफ्टी ने भी 2 से 3 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की थी. अमेरिकी बाजार में इस गिरावट से प्रमुख इंडेक्स स्टैंडर्ड एंड पूअर 500 जनवरी के अंत के उच्चतम शिखर से लगभग 10 फीसदी नीचे पहुंच गया. जानकारों का मानना है कि सोमवार की गिरावट के बाद यह अमेरिकी बाजार में इस सप्ताह का दूसरा बड़ा सुधार है और इससे बीते 9 साल से जारी तेजी पर लगाम लगाते हुए बाजार के नए स्तर को निर्धारित होते देखा जाएगा. वहीं अमेरिकी बाजार के जानकारों के मुताबिक बाजार में यह गिरावट बढ़ती महंगाई, बढ़ती ट्रेजरी ईल्ड और शुक्रवार सुबह आए जॉब आंकड़ों के चलते देखने को मिल रही है. अमेरिकी बाजार पर असर गुरुवार की गिरावट में डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1033 अंक यानी 4.15 फीसदी लुढ़ककर 23,860 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया. अन्य प्रमुख इंडेक्स स्टैंडर्ड एंड पुअर 500 पर 101 अंक यानी 3.75 फीसदी की गिरावट के साथ 2,581 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया. वहीं नैसडैक कंपोजिट 275 अंक यानी 3.9 फीसदी लुढ़ककर 6,777 अंक पर कारोबार करता देखा गया. गौरतलब है कि अमेरिकी बाजार में बीते एक साल की तेजी के लिए जिम्मेदार अमेजन और फेसबुक के शेयरों को इस गिरावट में सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा है. वहीं बीते सोमवार की तरह एक बार फिर शेयर बाजार की गिरावट के इतर अमेरिकी ट्रेजरी ईल्ड (10 साल के बॉन्ड) 2.8 फीसदी की उछाल के साथ 4 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए. सोमवार को भी लुढ़का था अमेरिकी बाजार इस हफ्ते अमेरिकी बाजार में सोमवार को पिछले 6 साल में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली थी. सोमवार को डाउ जोन्स 1175 अंक टूटकर बंद हुआ. अमेरिकी बाजार के बड़ी गिरावट के साथ बंद होने का असर एशियाई बाजार पर भी साफ नजर आया था. डाउ जोन्स में आई यह गिरावट अगस्त 2011 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट है. यूएस मार्केट में आई इस गिरावट के चलते एशियाई बाजारो ने भी गिरावट के साथ शुरुआत की है. जापान के निक्केई इंडेक्स ने 4 फीसदी टूटकर शुरुआत की थी. वहीं, ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 अंक गिरकर खुला था. इसमें 3 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी. जानकारों के मुताबिक अमेरिकी बाजार में गिरावट का यह दौर पिछले हफ्ते से शुरू हो गया था. यूएस इकोनॉमी को लेकर उठाई जा रही चिंताओं का असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर पड़ा है. इसकी वजह से यूएस मार्केट कमजोर हुआ है.
नई दिल्ली, बजट के बाद से शेयर बाजार में जारी गिरावट पर बुधवार को लगाम लग गई. गुरुवार को भी बाजार ने यही तेजी जारी रखते हुए बढ़त के साथ शुरुआत की है. इस कारोबारी हफ्ते के चौथे दिन सेंसेक्स जहां 95 अंक मजबूत होकर खुला है. वहीं, निफ्टी 17.80 अंकों की बढ़‍त के साथ खुला. गुरुवार को सेंसेक्स ने 34,185.14 के स्तर पर कारोबार शुरू किया. वहीं, निफ्टी 10,494.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है. शुरुआती कारोबार में फार्मा शेयरों में बढ़त देखने को मिल रही है. इसके अलावा तेल कंपनियों के शेयरों में भी बढ़त देखने को मिल रही है. बुधवार को भी शेयर बाजार ने तेज शुरुआत की थी. इस कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार को 1200 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ शुरुआत करने के बाद बुधवार को शेयर बाजार संभल गया. इस कारोबारी हफ्ते के तीसरे दिन बुधवार को घरेलू शेयर बाजार ने मजबूती के साथ शुरुआत की. हालांकि दिनभर में शेयर बाजार में उतार चढ़ाव का दौर रहा और भारतीय रिजर्व बैंक मौद्रिक नी‍त‍ि समीक्षा की बैठक के बाद शेयर बाजार फिर नीचे आ गया. भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किए जाने से और आरबीआई गवर्नर की तरफ से निवेश को लेकर जताई गई चिंता का असर बाजार पर दिखा . आरबीआई मौद्रि‍क नीति समि‍ति की बैठक के बाद बाजार में गिरावट बढ़ी. इस कारोबारी हफ्ते के तीसरे दिन सेंसेक्स 113.23 अंक गिरकर 34,082.71 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी में भी 21.55 अंकों की गिरावट देखने को मिली और यह 10,476.70 के स्तर पर बंद हुआ.
नई दिल्ली वैश्विक बाजार में गिरावट की वजह से मंगलवार को तेज गिरावट के साथ बंद हुए भारतीय शेयर बाजार में आज बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों का सूचकांक सेंसेक्स 367 अंक चढ़कर 34,563 पर खुला तो 50 शेयरों वाला नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 108 अंक की मजबूती से 10,607 पर खुला। मंगलवार को शुरुआती कारोबार में तमाम ऑटो कंपनियों के शेयर चढ़ रहे थे। इस दौरान रिलायंस, एसबीआई, एचडीएफसी, भारती एयरटेल समेत कई कंपनियों के शेयर चढ़ते दिखे जिनमें मंगलवार को जबर्दस्त बिकवाली देखी गई थी। शुरुआती कारोबार में निफ्टी से संबद्ध एचपीसीएल, बीपीसीएल, ऑरबिंदो फार्मा, वेदांता और भारती एयरटेल के शेयरों में जबर्दस्त खरीदारी हुई। वहीं, सेंसेक्स से संबंधित कंपनियों में इंडसइंड बैंक, भारती एयरटेल, भेल, एसबीआई और डॉ. रेड्डीज के शेयर सबसे ज्यादा चढ़े। इस दौरान तमाम ऑटो कंपनियों के शेयर चढ़ गए। 9:35 बजे मिडकैप इंडेक्स 300 पॉइंट चढ़ चुका था तो बैंक निफ्टी में 203 अंकों की उछाल आ गई थी। वहीं, निफ्टी आईटी इंडेक्स भी 5.80 अंकों की बढ़त के साथ 12568.20 पर कारोबार कर रहा था। बहरहाल, 9:38 बजे खबर लिखने तक सेंसेक्स 182.34 अंक की मजबूती के साथ 34,378 और निफ्टी 62.45 चढ़कर 10,560 पॉइंट्स पर कारोबार कर रहा था। उधर, वैश्विक बाजारों का हाल भी बेहतर दिख रहा है। जापान का निक्केई 477 पॉइंट्स चढ़ गया तो हॉन्ग कॉन्ग के शेयर बाजार हेंग सेंग में 371 अंकों की तेजी के साथ कारोबार हो रहा था। उधर, मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार की हालत भी सुधरी और डाउ जोंस 450 अंक की बढ़त के साथ खुला।
नई दिल्ली,बजट से पहले मुख्य आर्थ‍िक सलाहकार अरविंद सुब्रह्मण्यन ने शेयर बाजार के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने को लेकर कहा था कि इससे सतर्क होने की जरूरत है. उन्होंने आशंका जताई थी कि बाजार में यह तेजी कुछ समय के लिए ही है. उनकी यह आशंका महज 5 दिनों के भीतर ही सच हो गई है. पहले तो बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स लगाए जाने से बाजार नीचे आ गया. दूसरी तरफ, यूएस मार्केट में आई 6 साल में सबसे बड़ी गिरावट ने भी बाजार को लाल होने पर मजबूर किया है. जनवरी महीने के अंत तक निफ्टी जहां 11 हजार से ज्यादा के स्तर पर बना रहा था. वहीं, सेंसेक्स भी 36 हजार के आंकड़े को पार कर चुका था, लेक‍िन इस मिजाज को 1 फरवरी को पेश हुए बजट ने बिगाड़ दिया. शेयर बाजार में लगातार आ रही इस गिरावट के लिए बजट समेत 5 अहम वजहें जिम्मेदार हैं. बजट ने किया निराश शेयर बाजार ने इस साल के बजट से काफी उम्मीदें पाली थीं. यही वजह थी कि 1 फरवरी को शेयर बाजार ने बढ़त के साथ शुरुआत की थी. हालांकि बजट खत्म होते-होते यह बढ़त गिरावट में तब्दील हो गई. दरअसल वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स लगाने की घोषणा की. इससे निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर हुआ. बजट के दिन से शेयर बाजार में लगातार गिरावट जारी है. अमेरिकी शेयर बाजार की गिरावट इस कारोबारी हफ्ते के दूसरे दिन मंगलवार को सेंसेक्स ने जहां 1200 अंकों की गिरावट के साथ शुरुआत की. वहीं, निफ्टी भी 300 अंक टूटकर खुला. इसकी अहम वजह बनी अमेरिकी बाजार में आई बड़ी गिरावट. सोमवार को अमेरिकी बाजार में पिछले 6 साल में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली. सोमवार को डाउ जोन्स 1175 अंक टूटकर बंद हुआ. डाउ जोन्स में आई यह गिरावट अगस्त 2011 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट है. इसका सीधा असर घरेलू बाजार पर देखने को मिला और इसकी शुरुआत भी बड़ी गिरावट के साथ हुई. RBI मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक समीक्षा समिति की बैठक मंगलवार से शुरू हो गई है. बजट में किसानों की हालत सुधारने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने की घोषणा की गई है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस बार ब्याज दरों में कटौती करने से बचेगी. आरबीआई बुधवार को अर्थव्यवस्था को लेकर क्या टिप्पणी करता है और वह ब्याज दरों में कटौती का फैसला लेता है या नहीं, इसको लेकर खड़े हुए संशय का असर भी बाजार पर दिखा है. इससे निवेशकों ने सुरक्षात्मक रवैया अपनाना सही समझा है. यूएस बॉन्ड लाभ की बढ़ोतरी अमेरिकी शेयर बाजार में आई 6 साल में सबसे बड़ी गिरावट के लिए बॉन्ड यील्ड बढ़ना ही वजह बना है. अमेरिका में बॉन्ड यील्ड 2.88% तक पहुंच गई है. इसकी वजह से ही डाउ जोन्स 4.60 फीसदी की दर से नीचे आया है. घरेलू शेयर बाजार पर भी इसका असर दिखा है और बिकवाली बढ़ी है. एशियाई बाजार में कमजोरी अमेरिकी बाजारों में आई रिकॉर्ड गिरावट के बाद एशियाई शेयर बाजारों में भारी बिकवाली जारी है. जापान के शेयर बाजार का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 1,115 अंक यानि 5.2 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 21,567 के स्तर पर कारोबार करता देखा जा रहा है. वहीं हॉगकॉन्ग के प्रमुख इंडेक्स हैंग सेंग में 1,000 अंकों से अधिक यानी यानि 3.2 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हो चुकी है. फिलहाल हैंग सेंग लुढ़ककर 31,240 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया है. वहीं भारतीय बाजार से ठीक पहले खुलने वाले एसजीएक्स निफ्टी या सिगापुर निफ्टी में भी 300 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है. एसजीएक्स निफ्टी लगभग 3 फीसदी की गिरावट के साथ 10,395 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया है.saabhar aajtak
नई दिल्ली, अमेरिकी बाजारों में आई रिकॉर्ड गिरावट के बाद एशियाई शेयर बाजारों में भारी बिकवाली जारी है. जापान के शेयर बाजार का प्रमुख इंडेक्स निक्केई 1,115 अंक यानि 5.2 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 21,567 के स्तर पर कारोबार करता देखा जा रहा है. वहीं हॉगकॉन्ग के प्रमुख इंडेक्स हैंग सेंग में 1,000 अंकों से अधिक यानी यानि 3.2 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हो चुकी है. फिलहाल हैंग सेंग लुढ़ककर 31,240 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया है. वहीं भारतीय बाजार से ठीक पहले खुलने वाले एसजीएक्स निफ्टी या सिगापुर निफ्टी में भी 300 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है. एसजीएक्स निफ्टी लगभग 3 फीसदी की गिरावट के साथ 10,395 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया है. इन एशियाई बाजारों के अलावा कोरियाई बाजार का प्रमुख इंडेक्स कोस्पी भी 2.8 फीसदी लुढ़का है और स्ट्रेट्स टाइम्स में भी 2.3 फीसदी से अधिक की गिरावट देखने को मिल रही है. ताइवान के इस प्रमुख इंडेक्स में 310 अंकों की यानि 2.9 फीसदी की गिरावट देखी जा रही है. फिलहाल स्ट्रेट्स टाइम्स 10,635 के स्तर पर कारोबार करता देखा गया है. अमेरिकी बाजार डाउ जोन्स के 6 साल में सबसे बड़ी गिरावट के साथ बंद होने का असर घरेलू शेयर बाजार पर भी दिखा. मंगलवार को सेंसेक्स ने जहां 1200 अंकों की गिरावट के साथ शुरुआत की. वहीं, निफ्टी भी 300 अंकों कीक गिरावट के साथ खुला. बजट के बाद लगातार शेयर बाजार में गिरावट का दौर बना हुआ है. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन्स पर टैक्स लगाए जाने से बाजार में गिरावट बनी हुई है. मंगलवार को अमेरिकी बाजार के भारी गिरावट के साथ बंद होने का असर काफी ज्यादा घरेलू बाजार पर पड़ा है. इसकी वजह से बाजार में बजट के बाद से अब तक सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है.
नई दिल्ली भारतीय शेयर बाजार के लिए मंगलवार का दिन काफी अमंगलकारी साबित हो रहा है। बाजार खुलने के कुछ सेकंड्स में ही निवेशकों के 5 लाख 40 हजार करोड़ रुपये डूब गए। मंगलवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के 30 शेयरों का सूचकांक सेंसेक्स 1,250 अंक तक टूट गया और यह 33,482.81 अंक के निचले स्तर पर आ गिरा। हालत ऐसी रही कि मंगलवार के कोहराम से एक भी सेक्टर अछूता नहीं रहा और हरेक सेक्टर के शेयर लाल निशान में खुले। मार्केट में मचे कोहराम का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि मंगलवार को टॉप गेनरों की लिस्ट बिल्कुल खाली रही। बीएसई पर 138 शेयरों को छोड़कर सभी धड़ाम हो गए। इन 138 शेयरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया। थोड़ी देर बाद सेंसेक्स और निफ्टी मामूली रूप से संभला, लेकिन निवेशकों में बिकवाली की होड़ से दोनों सूचकांकों में स्टैंडर्ड रिकवरी नहीं हो सकी। दरअसल, गिरावट का सिलसिला 1 फरवरी को केंद्रीय बजट आने के एक दिन पहले से ही शुरू हो गया था। बुधवार को बीएसई सेंसेक्स में 69 अंक या 0.19 फीसदी की कमजोरी के साथ 35,965 पर दिन का कारोबार खत्म हुआ। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स भी 22 अंक या 0.20 फीसदी गिर कर 11,028 पर बंद हुआ। बजट के दिन सेंसेक्स में 500 अक तक टूट गया था जबकि अगले दिन शुक्रवार को सेंसेक्स करीब 850 अंक लुढ़ककर 35,066 के नीचे आ गया । वहीं निफ्टी में भी करीब 255 अंकों की गिरावट के साथ 10,760 तक आ गिरा। यह अगस्त 2017 के बाद मार्केट में पहली सबसे बड़ी गिरावट थी। बहरहाल, मंगलवार को बीएसई पर टाटा मोटर्स का शेयर 6.45 प्रतिशत टूटकर 370.50 रुपये तक आ गिरा। वहीं ऐक्सिस बैंक, यस बैंक, अडानी पोर्ट्स और टाटा स्टील में क्रमशः 4.27%, 3.91%, 3.62% और 3.23% की गिरावट दर्ज की गई।
नई दिल्ली बजट के बाद से शेयर बाजार में हो रही गिरावट सोमवार को मार्केट खुलने के साथ भी जारी रही। सेंसेक्स 450 अंकों का गोता लगाकर 34,616 के स्तर पर खुला। शुरुआती कारोबार में ही निफ्टी 10,600 के नीचे पहुंच गया। सेंसेक्स और निफ्टी 1.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। बीएसई के मिडकैप इंडेक्स ने 2.75 प्रतिशत का गोता लगाया वहीं निफ्टी का मिडकैप 100 इंडेक्स भी 3इससे पहले बजट के दिन सेंसेक्स 58.36 अंक टूटकर 35,906 अंक और निफ्टी 10 अंक के नुकसान से 11,016 अंक पर बंद हुआ था। निवेशकों को बजट से खास उम्मीद भी नहीं थी, बजट आने वाले दिन भी बाजार ने कमजोर शुरुआत की थी। आम बजट में शेयरों की कमाई पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लगाने के प्रस्ताव के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट आई थी। वह पिछले सालभर से ज्यादा वक्त में किसी एक दिन में आई सबसे बड़ी गिरावट थी। उसी दिन डाओ जोंस 666 पॉइंट्स गिरा, जो जून 2016 के बाद से सबसे बड़ी गिरावट रही। यह गिरावट इस डर से आई कि अमेरिका में रोजगार के जोरदार आंकड़े आने से अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई से जुड़ी चिंता और बॉन्ड यील्ड्स में बढ़ोतरी के बीच रेट्स बढ़ाने की रफ्तार तेज कर सकता है।
गुरुवार को सरकार द्वारा लोकलुभावन बजट की उम्मीद में शेयर बाजार ने अच्छी शुरुआत की है। बजट से पहले सेंसेक्स 36,100 अंकों के पार पहुंचा वहीं निफ्टी 11,000 के आकंड़े को पार कर गया। खबर लिखे जाने तक सेंसेक्स बाजार 135 अंकों की बढ़त के साथ 36,100 पर कारोबार कर रहा है, वहीं निफ्टी में भी बढ़त का दौर जारी है। निफ्टी 44 अंकों की बढ़त के साथ 11,072 पर कारोबार कर रहा है। शुरुआती घंटो में एक ओर टीसीएस, अदानी पोर्ट्स और हीरो मोटोकॉर्प, बजाज ऑटो, यस बैंक, एसबीआई, इंडसइंड बैंक, ऐक्सिस बैंक आदि के शेयर चढ़कर कारोबार कर रहे हैं, वहीं सनफार्मा, मारुति, डॉक्टर रेड्डी भारती एयरटेल, एनटीपीसी आदि के शेयर्स में गिरावट देखी जा रही है। इससे पहले बुधवार को शेयर बाजार पर बजट का प्रेशर साफ देखा गया। सेंसेक्स जहां 69 अंक टूटकर 36,000 अंक के नीचे बंद हुआ था, वहीं निफ्टी 22 अंकों की गिरावट के बाद निफ्टी 11,027 पर बंद हुआ था।

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