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पंजाब के अमृतसर में बड़ी रेल दुर्घटना हुई. पठानकोट से अमृतसर की तरफ आ रही ट्रेन की चपेट में आने से 50 से ज्यादा लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है. एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताब‍िक, "इससे पहले हमने ऐसा मंजर देखा है क‍ि जब क‍िसी का हाथ इधर तो क‍िसी पैर उधर. आज भी कुछ ऐसा ही मंजर था. नवजोत सिंह सिद्धू यहां से व‍िधायक हैं. उनकी पत्नी नवजोत कौर स‍िद्धू मंच पर मौजूद थी लेक‍िन घटना के बाद वह कार लेकर वहां से चली गईं. हमें मदद की जरूरत थी लेक‍िन वह मदद की जगह मौके से भाग गईं ." बताया जा रहा है कि यह हादसा चौड़ा बाजार के समीप हुआ है. यह हादसा उस समय हुआ, जब ट्रेन पटरी के पास रावण का पुतला जलाया जा रहा था जिसे देखने के लिए ट्रैक के पास लोग खड़े थे. ऐसी आशंका है कि ट्रेन, लोगों की भीड़ के ऊपर चढ़ गई. इसमें काफी लोगों के मारे जाने की आशंका है. बताया जा रहा है कि घटना के वक्त भगदड़ मच गई. यह हादसा अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास हुआ है. घटना स्थल से हृदयविदारक तस्वीरें आ रही हैं, जिसे देखा नहीं जा सकता है. ट्रैक के आसपास खून ले लथपथ लाशें बिखरी पड़ी हैं. घटनास्थल पर मौजूद चश्मदीद बता रहे हैं कि ट्रेन की स्पीड बहुत ज्यादा थी, जबकि भीड़भाड़ वाले इलाके को देखते हुए इसकी रफ्तार कम होनी चाहिए. इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है. घटनास्थल के पास काफी लोग एकत्रित हो गए हैं और स्वजनों की तलाश कर रहे हैं. मौके पर चारों तरफ लोगों के रोने-बिलखने की तस्वीरें देखी जा सकती हैं. बड़े पैमाने पर पुलिस बल को भी तैनात किया गया है. घायलों को अस्पताल पहुंचाया जा रहा है.
चंडीगढ़,केंद्र सरकार की बहुचर्चित स्कीम 'आयुष्मान भारत योजना' अब पंजाब में भी लागू होगी. पहले इस स्कीम को पंजाब सरकार ने स्वीकार नहीं किया था. बुधवार को पंजाब सरकार और केंद्र सरकार के बीच MoU साइन हुआ. हालांकि, यहां इस योजना का नाम बदलकर प्रयोग किया जाएगा. देशभर में भले ही ये योजना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के नाम पर चलेगी, लेकिन पंजाब में सिख गुरु नानक देव के नाम पर योजना को आगे बढ़ाया जाएगा. इस योजना के तहत पंजाब के करीब 42 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा. कॉलोनी नहीं बना पाए तो जमा होगा लाइसेंस पंजाब सरकार ने इसके अलावा भी बुधवार को कई बड़े फैसले लिए हैं. इनमें अगर कोई प्रमोटर कॉलोनी को डेवलेप नहीं कर पा रहा है तो उसे सरकार के पास अपना लाइसेंस जमा करवाना होगा. बीते कुछ समय में जिस तरह से मामले सामने आए हैं, उसको देखते हुए ये फैसला लिया गया है. सरकार इसके लिए नई नीति भी लाई है. 5 राज्यों में नहीं लागू हुई थी योजना आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले महीने इस योजना को लॉन्च किया था. लेकिन मतभेदों के कारण कुछ राज्यों ने इस योजना को अपनाने से मना कर दिया था. इनमें पंजाब के अलावा तेलंगाना, उड़ीसा, दिल्ली और केरल शामिल थे. अब पंजाब में तो ये योजना लागू हो रही है, लेकिन बाकी राज्यों को अभी भी इसका इंतजार रहेगा. क्या है ये योजना? प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना-आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के कुल 10.74 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा. इसे दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम बताया जा रहा है. इस नाम के अलावा इसे 'मोदीकेयर' के नाम से भी जाना जा रहा है. कैसे करें पता कि आपको फायदा मिलेगा या नहीं हेल्पलाइन नंबर और वेबसाइट पर जाकर आप पता कर सकते हैं कि आपको इस योजना का लाभ मिलेगा या नहीं. इसके लिए mera.pmjay.gov.in वेबसाइट लॉन्च की गई है. इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर 14555 भी जारी किया गया है. आप इन दोनों जगहों से पता कर सकते हैं कि आपको इस स्कीम का फायदा मिलेगा या नहीं.
चंडीगढ़ हरियाणा के प्रमुख विपक्षी दल इंडियन नेशनल लोकदल में चल रही उठापटक और पारिवारिक कलह के बीच पार्टी सुप्रीमो एवं पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओम प्रकाश चौटाला ने एक और बड़ी कार्रवाई कर दी है। पार्टी से जुड़े अंदरूनी सूत्रों ने बताया कि चौटाला ने हिसार सांसद दुष्यंत सिंह चौटाला को पार्टी से निलंबित कर दिया है। दुष्यंत को लिखित में नोटिस भेजकर एक सप्ताह में जवाब देने को कहा गया है। चौटाला ने अपने पोते और हिसार सांसद दुष्यंत को पार्टी के सभी पदों से भी हटा दिया है। इससे पहले गुरुवार को सुबह चौटाला ने पार्टी की युवा इकाई और छात्र संगठन इनसो कि राष्ट्रीय और प्रदेश कार्यकारिणी को भंग करने का फैसला लिया था। सात अक्तूबर को गोहाना में हुई सम्मान दिवस रैली के दौरान विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला के खिलाफ हुई हूटिंग के बाद चौटाला द्वारा शुरू किया गया ऑपरेशन क्लीन आने वाले दिनों में पार्टी में और भी बहुत सारे विकेट गिरा सकता है।
चंडीगढ़ वर्चस्व की जंग में एक और सियासी परिवार आपसी फूट की भेंट चढ़ गया। यूपी में मुलायम परिवार में चाचा-भतीजे की जंग वाली फिल्म हरियाणा में दिग्गज चौटाला परिवार में भी चल गई। यहां चाचा अभय चौटाला और भतीजे दुष्यंत चौटाला की लड़ाई का चरम गोहाना रैली में कुछ यूं खुलकर सामने आया कि पूरी पार्टी स्तब्ध है। पार्टी के वफादार काडर और आम कार्यकर्ता के जहन में 31 साल पुराना माहौल ताजा हो गया है। स्व. देवीलाल के जन्मदिवस के मौके पर गोहाना रैली में हूटिंग से बेहद नाराज चौटाला ने एक झटके में अपने युवा सांसद पोते दुष्यंत चौटाला के समर्थकों को चुन-चुन कर ठिकाने लगा दिया है वहीं युवा इकाई और इंडियन स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन (इनसो) की राष्ट्रीय एवं राज्य इकाई को तुरंत प्रभाव से भंग कर दिया है। इनसो की कमान दुष्यंत के भाई दिग्विजय संभाल रहे थे। दोनों अजय चौटाला के बेटे हैं। दोनों युवा शाखाओं को अनुशासनहीनता के कारण और पार्टी के आदर्शों के विरुद्ध काम करते हुए पाया गया था। पार्टी की तरफ से जारी बयान के मुताबिक गोहाना रैली में पार्टी की युवा इकाई पूरी तरह अपनी भूमिका निभाने में असफल रही। यह भी पाया गया था कि इनसो पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त है। इनसो पर आरोप है कि पार्टी विरोधी शक्तियों से मिलकर षड्यंत्र करते हुए उपरोक्त रैली में गड़बड़ी फैलाने की कोशिश की गई और पार्टी की साख को बट्टा लगाने का प्रयास किया गया है। 31 साल पहले इसी तरह के हालात आईएनएलडी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के पिता स्व. देवीलाल के सामने बने थे। 1987 में बड़ा न्याययुद्ध जीतकर एकतरफा जीत से मिली ताकत ही उनके बेटों के बीच वर्चस्व की जंग की बड़ी वजह बन गई थी और 1989 तक आते-आते देवीलाल के सामने अपने तीनों बेटों रणजीत सिंह, प्रताप सिंह और ओमप्रकाश चौटाला में से किसी एक को अपना राजनीतिक वारिस चुनने का बड़ा सवाल खड़ा हो गया था। विधानसभा में 90 में से 85 सीट जीतकर ताकतवर बने देवीलाल के लिए यह चयन करना किसी बेबसी से कम नहीं था, लेकिन उन्होंने ओमप्रकाश चौटाला को सबसे उपयुक्त राजनीतिक वारिस के रूप में देखा और मुख्यमंत्री पद पर बैठा दिया था। यह कलह उस वक्त नहीं थमी थी और रणजीत और प्रताप सिंह चौटाला धीरे-धीरे अलग राहों पर चले गए। चौटाला परिवार की आज की राजनीति को देखें तो पार्टी में चाचा अभय चौटाला और भतीजे दुष्यंत चौटाला के बीच जंग लंबे समय से चल रही थी। अभी तक यह घर की दीवार के भीतर थी, लेकिन 9 अक्टूबर को गोहाना में परिवार के सबसे बड़े दिग्गज स्व. देवीलाल के जन्मदिवस पर रखी गई रैली से परिवार की राजनीति खुलकर सबके सामने आ गई। पार्टी में यह बड़ी घटना ठीक उस समय हुई है जब पार्टी 14 साल से ज्यादा समय से सत्ता से बाहर है और अब नए सिरे से सत्ता की दहलीज छूने के लिए संघर्ष कर रही थी। साफ है कि आईएनएलडी और इसको चलाने वाला चौटाला परिवार इस दौरान बड़े उतार-चढ़ाव से गुजरा है। पार्टी सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला तथा उनके बड़े बेटे अजय चौटाला के जेबीटी टीचर घोटाले में जेल चले जाने के बाद पार्टी चलाने का चुनौती भरा दारोमदार छोटे बेटे अभय चौटाला पर आ गया। उन्होंने पूरी ताकत लगाकर न केवल काडर का आत्मविश्वास बनाए रखा बल्कि चुनाव भी लड़े। उनकी पार्टी बेशक सत्ता हासिल नहीं कर पाई, लेकिन प्रमुख विपक्षी दल की हैसियत जरूर बचाए रखने में कामयाब रही। सत्ता पर आंख लगाए अभय चौटाला ने कुछ समय पहले ही बीएसपी के साथ गठबंधन कर माहौल बनाने की कोशिश की लेकिन, घर के भीतर से मिल रही चुनौतियों से जूझने को मजबूर होना पड़ा। दुष्यंत पर लगी सबकी नजर अब सबकी निगाह युवा पार्टी सांसद दुष्यंत चौटाला की अगली कदमचाल पर लग गई है। स्वभाव से नम्र दुष्यंत चौटाला फिलहाल चुप नजर आ रहे हैं। वहीं उनके भाई दिग्विजय चौटाला ने दिन में छात्रसंघ चुनावों के सिलसिले में दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। यह कॉन्फ्रेंस ठीक उस समय हुई थी जब उनके दादा ओमप्रकाश चौटाला अपनी कलम से संगठन में आमूल-चूल बदलाव की इबारत लिख रहे थे।
अमृतसर, कांग्रेस की पंजाब इकाई राज्य में आगामी चुनावों के लिए कोई भी राजनीतिक गठबंधन करने के पक्ष में नहीं है. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बुधवार को कांग्रेस आलाकमान को पार्टी की राज्य इकाई की इस राय से अवगत करा दिया. अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के नेताओं के साथ मुलाकात के बाद अमरिंदर सिंह ने बताया कि पार्टी संबंधित मामलों पर, विशेष तौर पर आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर बात हुई. बैठक के दौरान AICC की ओर से अहमद पटेल, एके एंटनी, जयराम रमेश, मल्लिकार्जुन खड़गे और गुलाम नबी आजाद मौजूद रहे. कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी बैठक में शिरकत की. पंजाब में गठबंधन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने और पजांब कांग्रेस अध्यक्ष, दोनों ने AICC नेताओं को बताया कि कांग्रेस राज्य में अपने बूते पर ही सभी 13 लोकसभा सीटें जीतेगी. अमरिंदर सिंह ने साथ ही कहा कि जहां तक राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन का सवाल है तो ये निर्णय लेना पार्टी आलाकमान का काम है. मुख्यमंत्री ने साफ किया कि कांग्रेस को पंजाब में किसी गठबंधन की जरूरत नहीं है. मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने बुधवार सुबह पंजाब कैबिनेट की बैठक के बाद अपने कैबिनेट मंत्रियों की गठबंधन के मुद्दे पर राय ली थी. अमरिंदर सिंह के मुताबिक सभी इस बात पर एकमत थे कि कांग्रेस को राज्य में किसी और पार्टी के साथ गठबंधन की जरूरत नहीं और वो खुद ही राज्य में लोकसभा चुनाव जीतने में सक्षम है. पंजाब में ड्रग्स को जन्म देने वाले नशीले पदार्थों की पैदावार को कानूनी बनाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वो इसके पक्ष में नहीं हैं और ना ही कभी ड्रग्स से राज्य को बर्बाद करने की इजाजत देंगे. अमरिंदर सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी के सांसद या अन्य कुछ भी कहते रहें लेकिन वो पंजाब में नशीले पदार्थों की पैदावार नहीं होने देंगे. चंडीगढ़ से जुड़े एक सवाल पर अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र शासित प्रदेश में पंजाब के हितों को किसी कीमत पर कमजोर नहीं होने देगी. अमरिंदर सिंह के मुताबिक उनकी सरकार ने केंद्र सरकार की चंडीगढ़ UT कैडर आवंटन संबंधी अधिसूचना को साफ तौर पर खारिज कर दिया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि वो गुरुवार को केंद्रीय खाद्य मंत्री से खाद्यान्नों की सरकारी खरीद के मुद्दे पर बात करेंगे. अमरिंदर सिंह के मुताबिक वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अगले सप्ताह मुलाकात करेंगे क्योंकि अगले दो दिन प्रधानमंत्री रूसी राष्ट्रपति के दौरे की वजह से व्यस्त रहने वाले हैं.
चंडीगढ़, लौटते मॉनसून ने उत्तर भारत में एक बार फिर से तबाही मचाई है. हिमाचल में नदियां उफनाईं हैं तो कई पहाड़ दरक रहे हैं. इधर पंजाब में बारिश ने भारी तबाही मचाई है. चंडीगढ़ में सुखना झील का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है. पंजाब में भारी बारिश को देखते हुए सरकार ने रेड अलर्ट जारी किया है. सरकार ने सेना से भी तत्पर रहने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रदेश के लोगों से अगले 24 घंटे घर से न निकलने की गुजारिश की है. बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन से लगातार नजर बनाए रखने को कहा गया है. पंजाब में पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है और सोमवार को भी मूसलाधार बारिश हुई. जिला नियंत्रण कक्ष को तेजी से कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. साथ ही, सेना को भी सतर्क कर दिया गया है. जिला प्रशासन से नदियों के दोआब इलाकों में किसी भी बचाव अभियान के लिए पर्याप्त नौकाओं का इंतजाम करने को कहा गया है. सतलुज नदी के पास दोराहा और मछिवारा (जिला लुधियाना) गांवों को अलर्ट पर रखा गया है. खन्ना एसएसपी ने थाना प्रभारियों को आदेश जारी कर कमजोर घरों को पहचानने को कहा है, ताकि समय पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके. उधर, भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी यूपी, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, दक्षिणी कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. सुखना झील में खतरा बढ़ा चंडीगढ़ के सुखना झील में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. झील के दरवाजे खोल दिए गए हैं. पानी का स्तर 1163 फुट से ऊपर पहुंचने पर सोमवार को बीते 10 साल में पहली बार झील के दरवाजे खोले गए. चंडीगढ़ और पंचकूला को जोड़ने वाले सुखेत्री पुल को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है. सुखना झील से छोड़े गए पानी के चलते चंडीगढ़ के निचले इलाकों में पानी भर गया है. कई गाड़ियों के रूट बदले पंजाब में भारी बारिश के चलते और जगह-जगह जल भराव को देखते हुए फिरोजपुर रेलवे डिवीजन ने कई रेल गाड़ियों को रद्द कर दिया और कई गाड़ियों के रूट बदले. -अमृतसर से रद्द ओर रूट बदलने वाली ट्रेनें 1-गाड़ी नंबर 12460, अमृतसर से नई दिल्ली से अमृतसर 2. गाड़ी नंबर 14681/14682, न्यू दिल्ली से जालंधर सिटी ,न्यू दिल्ली इंटरसिटी 3-बटिंडा जम्मूतवी एक्सप्रेस, 23 सितंबर को वाया जालंधर सिटी 4. चंडीगढ़-अमृतसर का रूट बदला, ट्रेन मानावाला की ओर से जाएगी. हिमाचल में त्राहि-त्राहि हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में बीते दो दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के चलते जिला भर में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. हाई अलर्ट के दौरान लोगों से अपने आसपास सावधानी बरतने और नजर बनाए रखने की अपील की गई है. किसी प्रकार की कोई प्राकृतिक आपदा नजर आती है, तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को या संबंधित उपमंडलीय प्रशासन को देकर सहायता मांगी जा सकती है. वहीं भारी बारिश के कारण जिले के नदी नाले उफान पर हैं. खासतौर पर ब्यास नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है. कुल्लू-मनाली में जितनी भी बारिश हो रही है, उसका सारा पानी ब्यास नदी के साथ मंडी जिला से होता हुआ कांगड़ा जिला और उससे आगे जा रहा है. इस कारण ब्यास नदी के किनारे रहने वालों को अलर्ट जारी कर दिया गया है. लारजी और पंडोह डैम से भी भारी पानी छोड़ा जा रहा है क्योंकि बारिश के इतने अधिक पानी को स्टोर कर पाना संभव नहीं. बीती रात औट बाजार के पास पानी आने से लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस गया. हालांकि इससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है लेकिन रात के अंधेरे में लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा. दवाड़ा के पास फिर से ब्यास नदी का पानी सड़क पर आ जाने के कारण मनाली चंडीगढ़ नेशनल हाईवे बंद हो गया है. दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं. देर रात से ही यहां गाड़ियों की आवाजाही बंद कर दी गई है और दूसरे रास्तों का सहारा लिया जा रहा है. जिला की कुछ मुख्य सड़कें लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने के कारण बंद हो गई हैं जिन्हें बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर चला हुआ है. बरोट में उहल नदी उफान पर बरोट में बहने वाली उहल नदी भी पूरे उफान पर है. यहां पर पानी का जलस्तर खतरे के निशान से उपर बह रहा है, वहीं इस नदी पर टिक्कन के पास बने लोहे के पुल पर भी खतरा मंडराने लगा है. डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि जिला में सोमवार को हाई अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से ऐहतिआत बरतने को कहा जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिला में अभी तक कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है और जो नुकसान हुआ है उसका आकलन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन उच्च स्तरीय बैठक करके राहत कार्यों की स्थिति जांचने जा रहा है और आगे के फैसले लेने जा रहा है.
चंडीगढ़, लौटते मॉनसून ने उत्तर भारत में एक बार फिर से तबाही मचाई है. हिमाचल में नदियां उफनाईं हैं तो कई पहाड़ दरक रहे हैं. इधर पंजाब में बारिश ने भारी तबाही मचाई है. चंडीगढ़ में सुखना झील का पानी खतरे के निशान को पार कर गया है. पंजाब में भारी बारिश को देखते हुए सरकार ने रेड अलर्ट जारी किया है. सरकार ने सेना से भी तत्पर रहने का आग्रह किया है. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रदेश के लोगों से अगले 24 घंटे घर से न निकलने की गुजारिश की है. बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन से लगातार नजर बनाए रखने को कहा गया है. पंजाब में पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है और सोमवार को भी मूसलाधार बारिश हुई. जिला नियंत्रण कक्ष को तेजी से कार्रवाई करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है. साथ ही, सेना को भी सतर्क कर दिया गया है. जिला प्रशासन से नदियों के दोआब इलाकों में किसी भी बचाव अभियान के लिए पर्याप्त नौकाओं का इंतजाम करने को कहा गया है. सतलुज नदी के पास दोराहा और मछिवारा (जिला लुधियाना) गांवों को अलर्ट पर रखा गया है. खन्ना एसएसपी ने थाना प्रभारियों को आदेश जारी कर कमजोर घरों को पहचानने को कहा है, ताकि समय पर लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके. उधर, भारतीय मौसम विभाग ने सोमवार को पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी यूपी, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, दक्षिणी कर्नाटक, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. सुखना झील में खतरा बढ़ा चंडीगढ़ के सुखना झील में पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. झील के दरवाजे खोल दिए गए हैं. पानी का स्तर 1163 फुट से ऊपर पहुंचने पर सोमवार को बीते 10 साल में पहली बार झील के दरवाजे खोले गए. चंडीगढ़ और पंचकूला को जोड़ने वाले सुखेत्री पुल को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है. सुखना झील से छोड़े गए पानी के चलते चंडीगढ़ के निचले इलाकों में पानी भर गया है. कई गाड़ियों के रूट बदले पंजाब में भारी बारिश के चलते और जगह-जगह जल भराव को देखते हुए फिरोजपुर रेलवे डिवीजन ने कई रेल गाड़ियों को रद्द कर दिया और कई गाड़ियों के रूट बदले. -अमृतसर से रद्द ओर रूट बदलने वाली ट्रेनें 1-गाड़ी नंबर 12460, अमृतसर से नई दिल्ली से अमृतसर 2. गाड़ी नंबर 14681/14682, न्यू दिल्ली से जालंधर सिटी ,न्यू दिल्ली इंटरसिटी 3-बटिंडा जम्मूतवी एक्सप्रेस, 23 सितंबर को वाया जालंधर सिटी 4. चंडीगढ़-अमृतसर का रूट बदला, ट्रेन मानावाला की ओर से जाएगी. हिमाचल में त्राहि-त्राहि हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला में बीते दो दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश के चलते जिला भर में प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है. हाई अलर्ट के दौरान लोगों से अपने आसपास सावधानी बरतने और नजर बनाए रखने की अपील की गई है. किसी प्रकार की कोई प्राकृतिक आपदा नजर आती है, तो इसकी सूचना जिला प्रशासन को या संबंधित उपमंडलीय प्रशासन को देकर सहायता मांगी जा सकती है. वहीं भारी बारिश के कारण जिले के नदी नाले उफान पर हैं. खासतौर पर ब्यास नदी खतरे के निशान से उपर बह रही है. कुल्लू-मनाली में जितनी भी बारिश हो रही है, उसका सारा पानी ब्यास नदी के साथ मंडी जिला से होता हुआ कांगड़ा जिला और उससे आगे जा रहा है. इस कारण ब्यास नदी के किनारे रहने वालों को अलर्ट जारी कर दिया गया है. लारजी और पंडोह डैम से भी भारी पानी छोड़ा जा रहा है क्योंकि बारिश के इतने अधिक पानी को स्टोर कर पाना संभव नहीं. बीती रात औट बाजार के पास पानी आने से लोगों के घरों और दुकानों में पानी घुस गया. हालांकि इससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है लेकिन रात के अंधेरे में लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा. दवाड़ा के पास फिर से ब्यास नदी का पानी सड़क पर आ जाने के कारण मनाली चंडीगढ़ नेशनल हाईवे बंद हो गया है. दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गई हैं. देर रात से ही यहां गाड़ियों की आवाजाही बंद कर दी गई है और दूसरे रास्तों का सहारा लिया जा रहा है. जिला की कुछ मुख्य सड़कें लैंडस्लाइड और पेड़ गिरने के कारण बंद हो गई हैं जिन्हें बहाल करने का काम युद्ध स्तर पर चला हुआ है. बरोट में उहल नदी उफान पर बरोट में बहने वाली उहल नदी भी पूरे उफान पर है. यहां पर पानी का जलस्तर खतरे के निशान से उपर बह रहा है, वहीं इस नदी पर टिक्कन के पास बने लोहे के पुल पर भी खतरा मंडराने लगा है. डीसी मंडी ऋग्वेद ठाकुर ने बताया कि जिला में सोमवार को हाई अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से ऐहतिआत बरतने को कहा जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिला में अभी तक कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है और जो नुकसान हुआ है उसका आकलन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन उच्च स्तरीय बैठक करके राहत कार्यों की स्थिति जांचने जा रहा है और आगे के फैसले लेने जा रहा है.
सोनीपत सीमा पर पाकिस्तानी सेना की फायरिंग में शहीद बीएसएफ के हेड कॉन्स्टेबल नरेंद्र सिंह को सोनीपत के उनके पैतृक गांव में लोगों ने अंतिम विदाई दी। शहीद जवान को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग उमड़े। मौजूद लोगों के मन में एक तरफ पाकिस्तान की नापाक हरकत पर गुस्सा था तो दूसरी तरफ शहीद जवान के गम में आंखें नम थीं। नरेंद्र सिंह का शव जम्मू के रामगढ़ सेक्टर में मिला था। पाकिस्तानी सेना ने न सिर्फ उन्हें गोलियां मारीं बल्कि मौत के बाद उनके शव के साथ भी बर्बरता की गई। पिता की शहादत से दुखी उनके बेटे ने पाकिस्तान की बर्बरता पर सरकार से ऐक्शन लेने की बात कही। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए यह गर्व का विषय है। हर किसी को तिरंगे में अंतिम विदाई नहीं मिलती। लेकिन, हम सिर्फ गर्व करके ही नहीं रह सकते। हमें आज गर्व है, कल फिर कोई शहीद होगा और फिर गर्व होगा। हम सरकार से ऐक्शन की मांग करते हैं।' यही नहीं उन्होंने सैनिकों के प्रति सरकार के रवैये को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'आज हमें गर्व है, लेकिन 2 से 3 दिन बाद क्या होगा, जब हमें कोई सहायता नहीं मिलेगी? मैं और मेरा भाई बेरोजगार हैं। मेरे पिता परिवार के अकेले कमाऊ सदस्य थे और देश की सेवा करते हुए चले गए। मैं चाहता हूं कि अथॉरिटी हमें वे चीजें मुहैया कराए, जिनकी हमें जरूरत है।' इससे पहले बुधवार शाम को भारत ने सैन्य अभियान निदेशालय स्तर की वार्ता के दौरान बीएसएफ जवान की हत्या को लेकर पाकिस्तान के समक्ष विरोध दर्ज कराया। सेना के सूत्रों ने कहा, 'बातचीत के दौरान भारत ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ जवान को निशाना बनाकर किए गए संघर्षविराम उल्लंघन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।'
जालंधर(पंजाब) जालंधर के मकसूदां थाने में चार विस्फोट की वारदात को 24 घंटे बीतने के बाद भी पुलिस अधिकारियों के हाथ खाली हैं। पुलिस की कई टीमों का गठन किया गया है। टीमों ने मकसूदां एरिया के तमाम सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है, लेकिन फिलहाल ऐसा सुराग नहीं मिला, जो इस केस में संदिग्ध लोगों को पकड़ने में मददगार हो। वहीं दूसरी तरफ एसएसपी देहाती नवजोत सिंह माहल का कहना है कि यह हमला योजनाबद्ध ढंग से किया गया है। पुलिस अधिकारियों की अलग अलग टीमों का गठन किया गया है, जो कई बिंदुओं से जांच कर रही हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि यह मामला आतंकवादी हमले का हिस्सा हो सकता है। हमलावर की क्या मंशा थी, यह भी अभी साफ नहीं हो पाया है, क्योंकि जिस बम का इस्तेमाल किया गया, उसकी तीव्रता काफी कम थी। अगर तीव्रता अधिक होती तो जान माल का नुकसान हो सकता था। कमिश्नर व आईजी शनिवार को वारदात स्थल पर बैठे रहे। बहरहाल पुलिस हमले को बड़ी चुनौती मान कर जांच कर ही है। अलग-अलग दिशाओं से फेंके गए बम वहीं आईजी जोनल नौनिहाल सिंह ने एसएसपी देहाती नवजोत सिंह माहल के साथ शनिवार को सुबह मकसूदां थाने का दौरा कर बारीकी से जायजा लिया। आईजी नौनिहाल सिंह ने थाने में हमले के बारे में पूरी जानकारी हासिल की। उन्होंने पूछा कि वारदात के दौरान मुंशी कहां था? एसएचओ रमन किस कमरे में थे और क्या कर रहे थे। वहीं पुलिस ऑफ कमिश्नर प्रवीण कुमार सिन्हा भी घटनास्थल पर दोबारा पहुंचे और लोगों से जानकारी हासिल की। आसपास के दुकानदारों के अलावा रेहड़ी व खोखे वालों को भी पुलिस ने पूछा, लेकिन एक भी ऐसा शख्स नहीं मिला, जो यह कह सके कि उसने मकसूदां थाने में बम फेंकने वाले को देेखा था। चार बम फेंकने में हमलावर को वक्त लगा, एक बम उसने एसएचओ रमन कुमार के कमरे के बाहर बनी चाहदीवारी की तरफ से फेंका, जबकि दूसरा बम मुख्य मार्ग की तरफ से और तीसरा और चौथा बम अलग दिशा से फेंका। ऐसी आशंका भी हो रही है कि हमलावरों की संख्या दो भी हो सकती है। कमिश्नर सिन्हा का कहना है कि मामला संवेदनशील है और हमारी टीम वर्क कर रही हैं अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है। कई संदिग्ध नंबरों की जांच वहीं कमिश्नरेट पुलिस की आईटी टीम भी सक्रिय हो गई है और इलाके में मोबाइल टावर की कॉल लिस्ट को निकालकर खंगाला जाने लगा है। टीमें कई संदिग्ध नंबरों की जांच कर रही हैं। कमिश्नर प्रवीण कुमार सिन्हा का कहना है कि वारदात को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया है और हमलावर कोई सुराग छोड़कर नहीं गया है। हमारी जांच चल रही है।
मोगा(पंजाब) चंडीगढ़ ग्रुप आफ कॉलेज लांडरां के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू को गोली मारने, संस्था को बरबाद करने और 150 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। आरोप संस्था के ही पूर्व डायरेक्टर पर लगा है। स्थानीय एसपी (आई) की प्राथमिक जांच के बाद थाना सिटी में पूर्व डायरेक्टर (योजनाबंदी) विकास मल्होत्रा पर धारा 387/506 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। एफआईआर के मुताबिक संस्था के ट्रस्टी राजविंदर सिंह निवासी टीचर कॉलोनी जीरा रोड, मोगा ने डीजीपी को छह अगस्त को शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने कहा कि 31 जुलाई को संस्था के पूर्व डायरेक्टर (योजनाबंदी) विकास मल्होत्रा निवासी गुडविल एनक्लेव, सेक्टर 49सी चंडीगढ़ ने उसको फोन पर धमकी दी कि संस्था के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू को गोली मारने का इरादा बना लिया गया है। उसके परिवार को भी नहीं छोड़ना है और सभी संस्थाओं को भी बरबाद कर देना है। साथ ही यह भी धमकी दी गई कि जैसे आटे में घुन पिस जाता है, आप भी पिस जाओगे। आरोपी ने करोड़ों रुपये की फिरौती भी मांगी। आरोपी ने कहा कि संस्था ने मेरे पैसे नहीं दिए है। इस पर राजविंदर ने होटल में शाम छह बजे मीटिंग रखने के लिए कहा गया। विकास मल्होत्रा ने धमकी दी कि मीटिंग में कोई गड़बड़ की तो वहीं गोली मार दी जाएगी। जांच के बाद शनिवार को मामला दर्ज कर लिया गया। शिकायत में विकास मल्होत्रा के अलावा उसकी पत्नी अमरदीप कौर उर्फ अमन सग्गू पर भी आरोप लगाए गए थे, लेकिन पुलिस ने प्राथमिक तफ्तीश में उसे आरोपी करार नहीं दिया। संस्था के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू ने शिकायत की जांच मोहाली पुलिस से करवाने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि मोहाली पुलिस के कुछ अधिकारी भी इस केस में शामिल हैं। जांच में सामने आया कि आरोपी विकास मल्होत्रा ने 150 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी। पुलिस के मुताबिक मल्होत्रा लांडरां कॉलेज में बतौर डायरेक्टर (योजना) के पद पर तैनात था और कई साल से सीजीसी लांडरां, घडूंआं और झंजेड़ी स्थित शिक्षा संस्थाओं में निर्माण कार्यों की देखरेख करता था। इसके अलावा उसके पास और भी बहुत सी अहम जिम्मेदारियां थी। इससे पहले भी इस संस्था के प्रधान रछपाल सिंह धालीवाल की शिकायत पर थाना सोहाना (मोहाली) में 27 मई 2012 को एफआईआर नंबर 70 में धारा 420/406/408 के तहत विकास मल्होत्रा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था।

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