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चंडीगढ़ हरियाणा की एक महिला आईएएस अधिकारी ने अपने सीनियर अधिकारी पर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। महिला ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए एक सीनियर अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उक्त अधिकारी और उनके कुछ साथियों द्वारा पिछले कई दिनों से उनका यौन शोषण किया जा रहा है। आईएएस ने इस पूरे मामले की शिकायत हरियाणा सरकार, केंद्र और भारत के राष्ट्रपति से भी की है, जिसके बाद से ही यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। आरोप लगाने वाली आईएएस अधिकारी ने अपनी फेसबुक पोस्ट में पूरी आपबीती बयां की है। आईएएस का कहना है कि उनके एक वरिष्ठ अधिकारी ने उन्हें शाम 5 बजे अपने कमरे में बुलाया और फिर रात 8 बजे तक वहीं बैठाए रखा। इसके बाद 22 मई को भी उन्होंने महिला अधिकारी को अपने केबिन में बुलाकर कहा कि वह किसी भी फाइल की नोटिंग पर टिप्पणी ना किया करें। इसके बाद 31 मई को एक बार फिर अधिकारी ने महिला आईएएस को अपने केबिन में बुलाकर कहा कि अगर वह फाइलों पर टिप्पणी करना बंद नहीं करेंगी तो उनकी एसीआर खराब भी की जा सकती है। ढाई घंटे तक केबिन में बुलाकर बैठाया इसके बाद 6 जून को भी अधिकारी ने महिला आईएएस को अपने केबिन में बुलाया और इसके बाद करीब ढाई घंटे तक उन्हें अपने केबिन में बैठाए रखा। इस दौरान अधिकारी ने आईएएस को अपने पास बुलाया और फिर कम्प्यूटर चलाना सिखाने की बात कही। इसके बाद महिला आईएएस असहज होकर अपनी कुर्सी पर बैठ गईं। इस दौरान अधिकारी ने आईएएस अधिकारी के पास आकर उनकी कुर्सी पर हाथ मारा और फिर किसी को फोन पर धमकाने लगे। नियुक्ति के बाद से ही किया जा रहा परेशान इस पूरी घटना के बाद अधिकारी के कुछ सहयोगियों ने महिला आईएएस से कहा कि वह इन सब की शिकायत ना करें। हालांकि उच्च अधिकारियों की धमकी का महिला आईएएस पर कोई असर नहीं हुआ और उन्होंने 10 जून को इस पूरी घटना की जानकारी अपनी फेसबुक आईडी के जरिए साझा की। अपने आरोपों पर बात करते हुए महिला आईएएस ने कहा, 'मैं अपने आरोपो पर कायम हूँ। विभाग में नियुक्ति के बाद से ही मुझे परेशान किया जा रहा था। मैंने जो आरोप लगाए हैं इसकी शिकायत संबंधित उच्च अधिकारियों को कर दी है और मैंने अपने आरोपो के साथ मैंने कुछ डाक्यूमेंट भी पोस्ट किए हैं।' 'अपना इलाज कराएं महिला आईएएस' वहीं आईएएस अधिकारी के इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महिला आईएएस ने जो आरोप लगाए हैं वह बेबुनियाद और आधारहीन हैं। उन्होंने कहा, 'महिला आईएएस को कभी भी ऑफिस में अकेले नहीं बुलाया गया है, वह जब भी मेरे ऑफिस में आती थीं तो यहां कोई ना कोई जरूर मौजूद होता था। इन सब के बावजूद अगर आरोप लगाने वाली महिला आईएएस को मानसिक तौर पर कोई परेशानी है तो वह अपना इलाज करवाएं।' बता दें कि आरोप लगाने वाली महिला आईएएस ने अपनी जान को खतरा बताते हुए अब राज्य और केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही आईएएस ने इस मामले की जांच कराने की भी मांग की है।
रोहतक हरियाणा सरकार से संबंद्ध एक वेटलिफ्टिंग कोच को नैशनल लेवल की वेटलिफ्टर के साथ कथित तौर पर रेप करने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता झारखंड की रहने वाली है और उसने आरोप लगाया कि कोच ने जॉब दिलाने के नाम पर उसके साथ रेप किया। 30 वर्षीय वेटलिफ्टर ने अपनी शिकायत में कहा कि वह 2015 में जबलपुर में एक प्रतियोगिता के दौरान भगत सिंह नामक आर्मी के अधिकारी से मिली थीं। इसके बाद दोनों ने आपस में नंबर साझा किया और फोन पर बातचीत शुरू हो गई। भगत 2017 में सेना से रिटायर हो गए और उन्हें रोहतक स्थित राजीव गांधी स्पॉर्ट्स कॉम्पलेक्स में बतौर प्रदेश सरकार की तरफ से कोच की जॉब मिल गई। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि आरोपी ने उन्हें नौकरी दिलवाने और शादी करने का वादा कर रोहतक बुलाया। रोहतक पहुंचने पर आरोपी ने पीड़िता के साथ कथित तौर पर रेप किया और नाले में फेंकने की कोशिश भी की। पुलिस ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जूडिशल कस्टडी में भेज दिया गया है। वहीं जिला स्पॉर्ट्स ऑफिसर सुखबीर सिंह ने बताया कि सरकार ने आरोपी कोच को निलंबित कर दिया है।
नई दिल्ली हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने खेल एवं युवा विभाग के उस विवादित परमान पर रोक लगा दी है, जिसमें ऐथलीट्स से व्यवसायिक और पेशेवर प्रतिबद्धताओं से होने वाली उनकी कमाई का एक तिहाई हिस्सा राज्य खेल परिषद में जमा कराने को कहा गया था। ओलिंपियन सुशील कुमार, योगेश्वर दत्त और गीता फोगाट राज्य सरकार के इस फरमान के विरोध में उतर आए थे। इसके बाद सीएम ने इस फैसले को अगले आदेश तक रोकने को कहा है। बढ़ते विवाद को देखते हुए सीएम खट्टर ने ट्वीट कर कहा- मैं खेल विभाग से इस फैसले से संबंधित फाइल दिखाने को कहा है। इसे अगले आदेश तक रोक दिया गया है। हमें अपने ऐथलीट्स पर उनके उल्लेखनीय योगदान पर गर्व है। उन्हें आश्वासन देता हूं कि मैं सभी मुद्दों पर विचार करूंगा। बता दें कि इससे पहले खेल एवं युवा विभाग के प्रमुख सचिव अशोक खेमका ने कहा- खिलाड़ियों की पेशेवर खेलों या व्यवसायिक विज्ञापनों से होने वाली कमाई का एक तिहाई हिस्सा हरियाणा राज्य खेल परिषद में जमा किया जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल राज्य में खेलों के विकास के लिए किया जाएगा।’ विभाग की ओर से कहा गया है कि अगर खिलाड़ी को संबंधित अधिकारी की पूर्व अनुमति के बाद पेशेवर खेलों या व्यवसायिक प्रतिबद्धताओं में भाग लेते हुए ड्यूटी पर कार्यरत समझा जाता है तो इस हालत में खिलाड़ी की पूरी आय हरियाणा राज्य खेल परिषद के खाते में जमा की जाएगी।’ राज्य सरकार के इस फरमान का सुशील कुमार, योगेश्वर दत्ता और गीता फोगाट ने कड़ी निंदा की थी। ओलिंपियन रेसलर योगश्वर ने तो इसे अधिकारियों का तुगलकी फरमान बताया। दूसरी ओर सुशील ने कहा कि ओलिंपियन तो पहले से ही गरीब हैं। ओलिंपियन पहले से ही गरीब: सुशील कुमार दोहरे ओलिंपिक पदकधारी पहलवान सुशील कुमार ने इस मामले पर कहा, ‘मैंने अभी तक यह अधिसूचना नहीं देखी है, मुझे यह सिर्फ मीडिया रिपोर्टों से ही पता चल रहा है। मैं सिर्फ यही कह सकता हूं कि ओलिंपिक खेलों में भाग ले रहे एथलीट पहले ही गरीब परिवारों से आते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जिससे ऐथलीट को प्ररेणा मिले। मैंने दुनिया में कहीं भी ऐसी नीति के बारे में नहीं सुना है। खिलाड़ियों को बिना किसी तनाव के टूर्नमेंट में खेलना चाहिए।’ भड़के योगेश्वर, कहा-तुगलकी फरमान है साथी पहलवान और ओलिंपिक कांस्य पदकधारी योगेश्वर दत्त ने इस कदम की कड़ी आलोचना की। उन्होंने ट्वीट किया, ‘ऐसे अफसर से राम बचाए, जब से खेल विभाग में आए है तब से बिना सिर-पैर के तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे हैं। उनका हरियाणा में खेलों के विकास में योगदान नगण्य रहा है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि वे राज्य में खेलों के पतन में बड़ी भूमिका निभाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘अब ऐथलीट अन्य राज्यों में चले जाएंगे और इसके लिए ये अधिकारी जिम्मेदार होंगे।’ उन्होंने दूसरे ट्वीट में लिखा- इनको (अधिकारियों को) तो यह भी नहीं पता की प्रो-लीग जब होती है तो खिलाड़ी, जो विभिन्न कैंप में रहते हैं, इसमें हिस्सा लेते हैं। कितनी बार छुट्टियों का अप्रूवल कहां-कहां से लेते रहेंगे। साथ ही उन्होंने आरोप लगाए कि खिलाड़ियों से सलाम पाने के लिए साहब (अधिकारी) नए-नए पैंतरे अपनाते हैं। हमारे खेल में क्रिकेट जितना पैसा नहीं: गीता फोगाट भारत की महिला कुश्ती पहलवान गीता फोगाट ने एक टेलीविजन चैनल को दिए बयान में कहा, 'यह नया नियम खिलाड़ियों का मजाक बना रहा है। क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए तो ऐसा कोई नियम नहीं है, जो अन्य खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से अधिक कमाते हैं। क्रिकेट खिलाड़ी विज्ञापनों से बहुत पैसा कमाते हैं, लेकिन मुक्केबाजी, कबड्डी और कुश्ती के खिलाड़ी इतना नहीं कमाते हैं।'
चंडीगढ़ दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां अभी तक ड्रोन को लेकर प्रयोग कर रही हैं कि वे कैसे आसानी से पिज्जा या किताबों की डिलीवरी कर सकें। लेकिन, पाकिस्तान से तस्करों ने ड्रोन से ड्रग की सप्लाई शुरू कर दी है। पंजाब के आसपास के गावों में ऐसे कई मामले देखने को मिले हैं। बीएसएफ की इंटेलिजेंस से जुड़े एक सूत्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि हाल ही में गुरदासपुर के एक गांव में तस्करों द्वारा ड्रोन के इस्तेमाल की जानकारी मिली थी। सूत्र ने बताया कि प्लास्टिक बैग में रखा नशीला पदार्थ ड्रोन के जरिए करीब 200 मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहा था। जब उसे पहचान लिया गया तो ड्रोन पैकेज की डिलीवरी किए बगैर पाकिस्तान में वापस चला गया। तस्करों द्वारा ड्रग की स्मगलिंग के लिए अपनाया जा रहा यह तरीका बीएसएफ के लिए पर्याप्त संकेत था। इस तरह के मामला साहारन में भी देखा गया था। बीएसएफ के सनियर अधिकारियों की मानें तो हाल के दिनों तस्करों द्वारा अपनाया गया यह दूसरा अनोखा तरीका था, इससे पहले ट्रेंड स्कूबा डाइवर्स के जरिए सतलज और रावी नदी के रास्ते भी ड्रग की सप्लाई की जाती थी, लेकिन सिक्यॉरिटी फोर्स ने इस तरीके को बहुत जल्दी समझ लिया था। बीएसएफ के पास 553 किलोमीटर के बॉर्डर की सिक्यॉरिटी की जिम्मेदारी है। सूत्रों का कहना है कि ड्रग की स्मगलिंग का सबसे ज्यादा काम अबोहर, फिरोजपुर, अमृतसर और गुरदासपुर जिले हैं। 2017 में बीएसएफ ने 270 किलो हेरोइन बरादम की थी।
जींद, सरकार के प्रति अपना रोष जाहिर करते हुए हरियाणा के जींद में करीब 120 दलितों ने बौद्ध धर्म अपना लिया है. सरकार के द्वारा मांगे पूरी ना की जाने के बाद इन परिवारों ने दिल्ली के लद्दाख बौद्ध भवन में जाकर बौद्ध धर्म को अपनाया. दलित नेता दिनेश खापड़ ने बताया कि वह पिछले 113 दिनों से जींद में धरना दे रहे थे, लेकिन राज्य सरकार ने हमारी एक भी बात नहीं सुनी. उन्होंने बताया कि कई बार हमारे समाज के लोग मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से भी मिले, लेकिन सरकार की ओर से सिर्फ आश्वासन ही दिया गया. उन्होंने बताया कि हम कोई नई मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि जो सरकार ने वादे किए थे उन्हीं को पूरा करने के लिए कह रहे हैं. क्या हैं मांगें? दरअसल, इन सभी की मांग हैं कि गैंगरेप केस की सीबीआई जांच की जाए, ईश्वर हत्याकांड के परिजनों को नौकरी दी जाए, जम्मू में शहीद हुए दलित परिवार को नौकरी दी जाए और इसके अलावा एससी/एसटी एक्ट में अध्यादेश लाया जाए. दिनेश खापड़ ने कहा कि जब सरकार ने उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो उन्होंने बौद्ध धर्म अपना लिया. उनका आरोप है कि हिंदू समाज के ठेकेदार दलितों का शोषण करने में लगे हैं, ऐसे में धर्म बदलना मजबूरी बन गया था. आपको बता दें कि पिछले कुछ समय में दलितों के खिलाफ हिंसा में बढ़ोतरी हुई है, इसके अलावा हाल ही में सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी/एसटी एक्ट में किए गए बदलाव के बाद भी दलितों का रोष देखने को मिला था.
चंडीगढ़ पंजाब की शाहकोट सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल कर कांग्रेस की कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली सरकार ने आखिरकार दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है। पार्टी ने शिरमोणि अकाली दल (SAD) को बड़े अंतर से हराते हुए सीट अपने नाम की। वहीं तीसरे नंबर पर रही आम आदमी पार्टी अपनी जमानत भी नहीं बचा सकी। गौरतलब है कि अकाली दल के विधायक अजीत सिंह कोहाड़ के निधन के बाद यह सीट खाली हुई थी। SAD ने कोहाड़ के बेटे नायब सिंह कोहाड़ को मैदान में उतारा था लेकिन पार्टी का यह सहानुभूति कार्ड नहीं चला। कोहाड़ कांग्रेस प्रत्याशी हरदेव सिंह शेरोवालिया से 38,802 वोटों से हार गए। हार के बाद कोहाड़ ने ईवीएम में खराबी को दोष देने की कोशिश की। गौरतलब है कि अजीत सिंह कोहाड़ यह सीट पांच बीर जीते थे और अकाली सरकारी में मंत्री रहे थे। हालांकि, चुनाव में सबसे बड़ा झटका आम आदमी पार्टी को लगा। पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी के प्रत्याशी डॉ अमरजीत सिंह को 41,010 वोट मिले थे। इस साल मैदान में उतारे गए रतन सिंह 2000 वोट भी नहीं पा सके। केवल 1900 वोट हासिल करने वाले रतन सिंह की जमानत तक जब्त हो गई। पूर्व आप नेता कपिल मिश्रा ने भी पार्टी की हार पर तंज कसते हुए कहा है कि आप के पास केवल विलाप करने का ही विकल्प ही बचा है। हालांकि, मिश्रा ने आप को मिले वोटों की संख्या में गड़बड़ी कर दी। गौरतलब है कि पंजाब में अपनी पैठ बनाने की कोशिश में लगी आप के लिए पिछले साल विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद यह सीट गंवाने से राज्य में नए सिरे चुनौती खड़ी हो गई है।
नई दिल्ली, वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर बैंक कर्मचारियों की यूनियनों ने हड़ताल शुरू कर दी है. इस हड़ताल का असर भी दिखना शुरू हो गया है. दो दिन चलने वाली इनकी हड़ताल की वजह से 85 हजार बैंक शाखाएं आज और कल बंद रहने वाली हैं. इसकी वजह से लोगों को बैंक से जुड़ी कई सेवाएं लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. एक कर्मचारी की हुई मौत बैंक अधिकारियों की हड़ताल के दौरान एक अधिकारी की मौत हो गई है. पंजाब बॉर्डर पर मौजूद फाजिल्का जिले में एक पीएनबी बैंक अधिकारी की हड़ताल के दौरान मौत हो गई. फाजिल्का में ये हड़ताल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास चल रही थी. हालांकि, पुलिस अधिकारी अभी मौत का कारण जानने की कोशिश कर रहे हैं. भारतीय स्टेट बैंक समेत कुछ निजी बैंकों की शाखाएं भी आज और कल बंद रहेंगी. ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के एक वरिष्ठ अध‍िकारी ने दावा किया कि इस हड़ताल की वजह से हर दिन 39 लाख इंस्ट्रमेंट्स के क्लीयरेंस पर असर पड़ेगा. ये इंस्ट्रमेंट्स 21,700 करोड़ रुपये की वैल्यू के हैं. एटीएमों में पैसे डालने का काम करने वाली कंपनी फाइनेंश‍ियल सॉफ्टवेयर एंड स‍िस्टम्स के अध्यक्ष वी. बालासुब्रमण्यन ने कहा कि हड़ताल की वजह से कैश की किल्लत न हो. इसके लिए एटीएमों को तैयार किया जा रहा है. उन्होंने बताया, '' निजी बैंक एचडीएफसी और आईसीआईसीआई बैंक लगातार इसको लेकर काम कर रहे हैं.'' उन्होंने बताया कि बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का हमें पहले से ही पता था. इसलिए हमने इन हालात से निपटने की तैयारी कर ली थी. इसके लिए हमने बैंकों से पहले ही कैश जमा कर लिया था, ताकि समय पर इसे एटीएम में डाला जा सके. दरअसल वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे को लेकर बैंक यूनियनों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के बीच सहमति नहीं बन पाई है. इसके बाद 10 लाख से भी ज्यादा बैंक कर्मचारी 30 मई यानी आज से हड़ताल पर जा चुके हैं. इनकी यह हड़ताल दो दिन चलने वाली है. चंडीगढ़ से मनजीत सहगल ने बताया कि अकेले चंडीगढ़ के ही ढाई हजार बैंक कर्मचारी और अधिकारी हड़ताल पर हैं. शहर के सेक्टर 17 में आयोजित प्रदर्शन में बैंक यूनियन के पदाधिकारियों ने सरकार पर बैंक कर्मियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया. बैंक कर्मियों के मुताबिक सरकार ने नवंबर 2017 से उनकी वेतन की वृद्धि रोक रखी है. अब तक बैंक कर्मचारी यूनियनों और आईबीए के बीच 16 बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं, जो बेनतीजा रही. इस हड़ताल को लेकर भारतीय स्टेट बैंक , कैनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ोदा और पंजाब एंड स‍िंध बैंक पहले ही कह चुके थे कि उनके यहां बैंक‍िंग सेवाओं पर इसका असर देखने को मिल सकता है. उन्होंने कहा था कि हड़ताल करने वाले कर्मचारियों में से उनके बैंक के भी कर्मचारी हैं. बैंक यूनियन AIBOC के जनरल सेक्रेटरी रविंदर गुप्ता ने कहा कि हमने हड़ताल को लेकर आईबीए को 25 दिन पहले ही नोट‍िस दे दिया था, लेकिन आईबीए इस दौरान बैंक कर्मचारियों के साथ समझौता करने में विफल रहा. उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारियों को उनकी मेहनत के बराबर वेतन बढ़ोतरी नहीं दी जा रही है. बैंक‍ यूनियनों के मुताबिक इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) ने उनके वेतन में 2 फीसदी की बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा है. उनका कहना है कि यह ना के बराबर है. इसी के विरोध में उनकी हड़ताल है. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (UFBU) में बैंक कर्मचारियों की कई यूनियनें शामिल हैं. इसमें ऑल इंडिया बैंक ऑफ‍िसर्स कंफेडरेशन (AIBOC), ऑल इंडिया बैंक इम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) और नेशनल ऑर्गनाइजेशन ऑफ बैंक वर्कर्स (NOBW) समेत अन्य कई यूनियनें आती हैं.
चंडीगढ़, पंजाब के फरीदकोट सेंट्रल जेल से एक ऐसा सनसनीखेज वीडियो सामने आया, जिससे सूबे में सनसनी फैल गई. यहां हत्या के आरोप में बंद एक कैदी ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को जेल से जान से मारने की धमकी दी है. धमकी भरे मैसेज का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. पुलिस इसकी जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक, पंजाब के फरीदकोट सेंट्रल जेल में गोविंद सिंह नामक कैदी हत्या के आरोप में बंद है. उसने अपने एक साथी कैदी के मोबाइल से धमकी भरा वीडियो रिकॉर्ड किया, जिसमें उसने सूबे के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को जान से मारने की धमकी दी. यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हर तरफ हड़कंप मच गया. कैदी गोविंद सिंह ने वीडियो को डीजीपी और जेल मंत्री तक पहुंचाने की अपील की है. उसका कहना है कि खुद ईश्वर ने उसे आदेश दिया है कि वह कैप्टन को जान से मार दे. वीडियो के सामने आने के बाद जेल प्रशासन ने गोविंद सिंह और उसके साथी कुलदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. उनसे मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि गोविंद सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 के तहत केस दर्ज है. वह फिरोजपुर जिल के जैतो और उसका साथी कुलदीप कमालवाला गांव के रहने वाले हैं. वीडियो में गोविंद ने कैंप्टन अमरिंदर सिंह पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पंजाब में ड्रग्स का कारोबर आज भी जारी है. इसकी चपेट में लोग मर रहे हैं. जेल प्रशासन का कहना है कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में सुधार किया गया है, लेकिन ये मोबाइल फोन जेल में पहले से ही आए हुए हैं. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है. आरोपी से फोन बरामद कर लिया गया है. पता चला है कि वह मानसिक रूप से बीमार है. इस मामले की जांच के लिए एक टीम गठित की गई है. बताते चलें कि पंजाब का फरीदकोट जेल अक्सर विवादों में रहा है. यहां पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आए हैं. इससे पहले गैंगस्टर से समाजसेवी बने लक्खा सिधाना ने भी जेल के अंदर से फेसबुक पर लाइव होकर सरकार को प्रदूषण के मामले में घेरने की कोशिश की थी. गैंगस्टर भारत भूषण उर्फ भोला शूटर ने जेल के अंदर ही जन्मदिन मनाया था.
गुरुग्राम, गुरुग्राम पुलिस ने हाईवे पर आतंक मचाने वाले एक गैंग का पर्दाफाश किया है. इस गैंग में एक से एक शातिर बदमाश शामिल थे. ये लोग रात के वक्त हाईवे पर निकलते थे और आगे जाकर अलग अलग टीम बनाकर बंट जाते थे, फिर ये लोग टारगेट सेट करते थे. एक बार टारगेट सेट हो जाने पर हाईवे पर सबसे आगे मौजूद बदमाश अपने साथी को सूचित करता फिर वो किसी भी तरह से उस गाड़ी को रोकने की कोशिश करता जिसे लूटना होता था. इन बदमाशों के पास अत्याधुनिक हथियार भी होते थे, जिसके दम पर ये लूटपाट करते थे. इसी तरह से इन बदमाशों ने एक बड़ी ऑनलाइन कंपनी के ट्रकों को रोककर उसे लूट लिया था. कंपनी की तरफ से पुलिस को जो शिकायत दी गई थी, उसमें कहा गया था कि सारा सामान ट्रकों में भरकर गुरुग्राम के तावड़ू रोड पर वेयरहाउस में जा रहा था लेकिन उसके पहले ही हाईवे पर बदमाशों ने पूरे ट्रक को ही लूट लिया था. लूटे गए सामान को ये बदमाश हरियाणा के छोटे कस्बों और दुकानों पर बेच देते थे. कंपनी की शिकायत पर पुलिस ने जब जांच शुरु की तो उसे इस शातिर गैंग के बारे में पता लगा. इसके बाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गैंग के 6 बदमाशों को बादशाहपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने पकड़े गए बदमाशों के पास से 30 लाख रुपये कैश, 8 मोबाइल फोन और लूट का माल बरामद किया है. पुलिस के मुताबिक इन बदमाशों ने इस तरह की कई लूट की वारदात को अंजाम दिया है.
द पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (Punjab School Education Board) ने 10वीं बोर्ड परीक्षा (10 Board Exam) के नतीजे जारी कर दिए हैं. हालांकि अभी सभी उम्मीदवारों के नतीजे घोषित नहीं किए गए हैं. बोर्ड ने अभी टॉपर्स की लिस्ट और पास प्रतिशत आदि के बारे में जानकारी दी है. परीक्षा में भाग लेने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in पर परीक्षा के नतीजे देख सकते हैं. ये हैं आज जारी हुए रिजल्ट से जुड़े अपडेट्स... - सभी उम्मीदवारों के नतीजे 9 तारीख को जारी किए जाएंगे. - इस साल लुधियाना के श्री हरिकिशन साहिब सीनियर सेकेंडरी स्कूल गुरप्रीत सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया है. उन्हें 98 फीसदी अंक हासिल किए हैं. - परीक्षा में पास प्रतिशत 59.47 फीसदी रहा है. - परीक्षा में 2.19 लाख उम्मीदवार पास हुए हैं. बता दें कि परीक्षा में 3.68 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था. - पास होने वाले विद्यार्थियों में 1.4 लाख लड़कियां और 1.04 लाख लड़के शामिल हैं. - इस साल कुल 68.42 फीसदी बच्चे नियमित वर्ग में और 40.07 फीसदी परीक्षार्थी ओपन वर्ग में पास हुए हैं. - इस बार भी लड़कियों ने बाजी मारी है और 78.25 फीसदी लड़कियां परीक्षा में सफल हुई हैं. पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड (PSEB) ने 10वीं बोर्ड परीक्षा का आयोजन 12 मार्च से 31 मार्च के बीच किया था. उम्मीदवार लंबे समय से परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं और कई बार रिजल्ट की तारीखें आ चुकी है. परीक्षा के रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट के साथ साथ examresult.net पर जारी किए जाएंगे. इससे पहले पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड पर 12वीं बोर्ड के नतीजे जारी कर दिए गए थे और अब उम्मीदवारों को इसका इंतजार है. इससे पहले बोर्ड ने 23 अप्रैल को परीक्षा के नतीजे जारी किए थे. हालांकि 10वीं बोर्ड परीक्षा को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है. कई खबरें भी आ रही हैं कि परीक्षा के नतीजे 1 माई को जारी किए जा सकते हैं. इस परीक्षा में 4.5 लाख उम्मीदवारों ने भाग लिया था. रिजल्ट जारी होने के बाद इन स्टेप्स के जरिए देखें रिजल्ट- - सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं. - होम पेज ओपन होने पर अपनी कक्षा से संबंधित लिंक पर क्लिक करें. - लिंक क्लिक करने के बाद जरूरी डिटेल्स भरें. - आपका रिजल्ट स्क्रीन पर दिखने लगेगा. - प्रिंटआउट लेना न भूलें.

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