taaja khabar....PNB ने अन्य बैंकों को चिट्ठी लिख किया सचेत, 10 अधिकारी निलंबित.....PNB केस की INSIDE स्टोरी: 7 साल पहले हुआ था फ्रॉड, सरकार की सख्ती से खुलासा....बिहार के आरा में आतंकियों के कमरे में धमाका, बड़ी साजिश नाकाम, 4 फरार.....तीन दिन में तीन यात्राएं, चुनावी मोड में बीजेपी, निशाना 2019 पर...मोदी केयर' पर केंद्र ने राज्यों की बुलाई बैठक, ममता पहले ही झाड़ चुकी हैं पल्ला....
चंडीगढ़ः पंजाब में आगामी नगर निगम चुनावों के लिए सभी राजनैतिक पार्टियों में जुबानी जंग तेज हो चली है. जुबानी जंग के बीच लोक इंसाफ पार्टी के विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने आरोप कांग्रेस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं. बैंस ने दावा किया है कि पिछले दिनों उनकी लुधियाना की रैली के दौरान कांग्रेस नेताओं ने उन पर हमले कराए थे. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए बैंस ने कहा, '500 लोगों ने पिस्तौल लेकर हमपर हमला किया, इसके लिए हम पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे.' कमलजीत और गुरप्रीत ने कराए हमले बैंस ने कहा कि वह उन पर होने वाले हमले की जांच के लिए पंजाब-हरियाणा कोर्ट में याचिका दाखिल करेंगे, ताकि नगर निकाय चुनाव सटीक और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सके. बैंज ने आरोप लगाया है कि उन पर लुधियाना में चुनावी रैली के दौरान जो हमले हुए थे कांग्रेस नेता कमलजीत सिंह करावल और गुरप्रीत गोपी ने कराए थे.गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनावों में अकाली दल से किनारा करते हुए सिमरजीक सिंह ने लोक इंसाफ पार्टी का निर्माण किया था.
नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से झटका लगा है. अमरिंदर सिंह के चीफ़ प्रिंसिपल सेक्रेटेरी सुरेश कुमार की नियुक्ति को हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया है. सुरेश कुमार 1983 बैच के आईएएस अफसर हैं और उन्हें अमरिंदर सिंह बहुत ही भरोसेमंद मानते हैं. अमरिंदर ने सीएम बनते ही उनको सीएमओ में चीफ़ प्रिंसिपल सेक्रेटेरी नियुक्त किया था. सुरेश कुमार को कैबिनेट रैंक दिया गया था और वो प्रशासनिक मामलों के बॉस थे. सरकार में सबसे ताक़तवर अफ़सर थे. उनकी नियुक्ति को लेकर हाईकोर्ट में PIL दाख़िल हुई थी उस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सुरेश कुमार की नियुक्ति को आज रद्द किया. हाई कोर्ट ने इस पर सुनवाई करते हुए कहा कि रिटायर्ड अधिकारी को चीफ प्रिंसिपल सेक्रेटरी के बराबर का दर्जा नहीं दिया जा सकता है. ऐसे गलत परंपरा बन जाएगी. बता दें कि सुरेश कुमार बादल सरकार में रिटायर हो गए थे. अमरिंदर सिंह ने शपथ लेते ही उन्हें नियुक्त किया. इससे पहले अमरिंदर सिंह के 2002 से 2007 के कार्यकाल में भी सुरेश कुमार उनके प्रिंसिपल सेक्रेटरी रह चुके हैं. अब पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने उनकी नियुक्ति को रद्द कर दी है.
चंडीगढ़ पंजाब से कांग्रेस के लिए रविवार का दिन अच्छी खबर लेकर आया। यहां निकाय चुनाव के नतीजों में कांग्रेस को बंपर जीत मिली और 32 में से 31 सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। इस बड़ी जीत के बाद राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह जीत हमारी नीतियों और योजनाओं को जनता का समर्थन दर्शाती है। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने बताया कि पटियाला में 60 सीटों में से 56 के नतीजे आ चुके हैं और सभी में कांग्रेस को जीत मिली है। इसी तरह जालंधर में 80 सीटों में से 77 के नतीजे आ चुके हैं और 63 पर हमारी जीत हुई है। अमृतसर में भी 85 में से 61 सीटों पर नतीजे आए हैं और 45 सीटों पर कांग्रेस को जीत मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'चुनाव परिणाम बहुत अच्छे रहे और हमें इसकी बेहद खुशी है। आपको इससे बेहतर परिणाम नहीं मिल सकता। तीन निकायों में हमने सबका सफाया कर दिया है और कांग्रेस को जीत मिली है।' पूरे राज्य में कांग्रेस ने जीत का जश्न मनाया और अमृतसर निकाय चुनाव में कांग्रेस की जीत पर कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला। पंजाब सरकार में मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने इस मौके पर कहा, 'कांग्रेस के अध्यक्ष के तौर पर राहुल ने इस पहली जीत का स्वाद चखा है, और कैप्टन की यह तीसरी जीत है।' इस चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर होने की बात कही जा रही थी। नतीजे आने के साथ ही यह साफ हो गया कि कांग्रेस को यहां जमीन पर लोगों का समर्थन मिला है। आम आदमी पार्टी तो निकाय चुनाव में अपना खाता भी नहीं खोल सकी।
जींद सिरसा डेरा के दो अनुयायी राम रहीम की करीबी हनीप्रीत और डेरा चेयरपर्सन विपासना के खिलाफ खड़े हो गए हैं। सरकारी गवाह बने गुरमीत + के इन भक्तों ने हनीप्रीत और डेरा के चेयरपर्सन के काले कारनामों का चिट्ठा खोल दिया है। इन दोनों ने गवाही दी है कि 25 अगस्त को खूनी संघर्ष के पीछे गुरमीत को भगाने की योजना थी। भक्तों को संदेश दिया गया था कि गुरमीत को पुलिस से छुड़ाने के लिए खून की नदियां बहाने में भी पीछे न हटें। सिरसा निवासी अनिल कुमार और राजस्थान के हनुमानगढ़ निवासी राजेश कुमार ने सरकारी गवाह बनते हुए डेरा चेयरपर्सन विपासना के लिए मुसीबतें खड़ी कर दी हैं। दोनों की इस गवाही से साफ हो गया है कि डेरा प्रमुख को छुड़वाने के लिए जो संघर्ष हुआ था उसके पीछे हनीप्रीत और विपासना का बड़ा रोल था। हनीप्रीत ने ली थी मीटिंग राजस्थान + के संगरिया के माला रामपुरा निवासी राजेश कुमार ने पुलिस को बताया कि 17 अगस्त को डेरा सच्चा सौदा सिरसा में मुख्य कार्यक्रम था। डेरा प्रेमी होने के नाते वह उस कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचा था। उस रात डेरे के तेरावास में हनीप्रीत, आदित्य इंसां की अध्यक्षता में एक मीटिंग हुई थी। राजेश के मुताबिक वह इस मीटिंग में गलती से चला गया था। उसने बताया कि बैठक में सरदार चमकौर सिंह, विपासना, अभिजीत, गुरलीन, राकेश, ड्राइवर फूल, गोभी राम, दिलावर, राम सिंह के अलावा कुछ अन्य लोग मौजूद थे। राजेश ने दावा किया है कि वह उनके नाम तो नहीं जानता, लेकिन शक्ल पहचानता है। यूं रची गई थी साजिश इसी मीटिंग में साजिश रची गई थी कि 25 अगस्त को राम रहीम का सीबीआई कोर्ट में फैसला होना है। इस दौरान वहां से गुरमीत को भगाने के लिए लाखों की संख्या में डेरा प्रेमी पंचकूला में अलग-अलग हिस्सों से डंडों, लाठियों, छतरियों, पेट्रोल-डीजल के साथ पहुंचाने हैं। बैठक में यह तय किया गया कि अगर फैसला खिलाफ आया और गुरमीत को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया तो पंचकूला में तोडफ़ोड़, आगजनी करके किसी भी कीमत पर गुरमीत को पुलिस के चंगुल से छुड़ाना है। भक्तों को यहां तक कहा गया था कि उनके सामने जान लेने और देने की नौबत आई तो भी वह पीछे न हटें। दूसरे गवाह सिरसा के डबवाली क्षेत्र के गांव चौटाला के अनिल कुमार ने भी पुलिस को इसी तरह का बयान दिया है।
चंडीगढ़ पंजाब में निकाय चुनाव के लिए रविवार को मतदान शुरू हो गया। सुबह आठ बजे शुरू हुआ मतदान शाम 4 बजे तक जारी रहेगा। इस चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और शिरोमणि अकाली दल-बीजेपी गठबंधन के बीच कड़ी टक्कर है। निकाय चुनाव के तहत अमृतसर, जालंधर, पटियाला में नगर निगम के निकाय चुनाव के तहत अमृतसर, जालंधर, पटियाला में नगर निगम के अलावा 29 नगरपालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों के लिए मतदान हो रहा है। चुनाव के नतीजों का ऐलान भी रविवार शाम तक हो जाएगा। लुधियाना में मतदाता सूची अपडेट नहीं होने की वजह से मतदान नहीं हो रहा है। चुनाव के दौरान कुल 8,000 चुनावकर्मियों और 15,500 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। अकाली दल-बीजेपी और आप ने कांग्रेस पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। जालंधर में 80 वार्डों से 305 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। पटियाला में 57 वार्डों में चुनाव लड़े जाएंगे। यहां 260,604 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। राज्य में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद यह पहला बड़ा चुनाव है। ऐसे में मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की साख भी दांव पर लगी है।
चंडीगढ़ सीमावर्ती राज्य पंजाब ने घुसपैठ की खुफिया सूचनाओं के मद्देनजर आतंकवादी चुनौतियों से निपटने के लिए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) बनाने का फैसला लिया गया है। यह ग्रुप फिदायीन हमलों, अपहरण, हथियारबंद व्यक्तियों की घुसपैठ जैसी आंतकवादी चुनौतियों से निपटने में कारगर औजार का काम करेगा। बता दें कि सीमावर्ती राज्य के सामने हमेशा ही आतंकवादी गतिविधियों से जूझने की चुनौती बनी रहती है। यह सूबा कुछ समय पहले पठानकोट और गुरदासपुर में ऐसी घटनाओं का सामना कर चुका है। इस बारे में राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर लंबा मंथन करने के बाद इस तरह का ग्रुप बनाने की मंजूरी दे दी है। प्रवक्ता के अनुसार यह ग्रुप नागरिकों के जीवन और देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचाए जाने के मंसूबों के खिलाफ सक्रिय रहेगा। यह ग्रुप जिला पुलिस, सिविल अथॉरिटी, सेना, एनएसजी, आईबी आदि जैसी एजेंसियों से लगातार तालमेल रखते हुए काम करेगा। पठानकोट हमले से लिया सबक यह भी बताते चलें कि गुरदासपुर और पठानकोट के फिदायीन हमलों के बाद से ही एसओजी बनाए जाने की जरूरत महसूस की जा रही थी। इन दो घटनाओं से निपटने में पुलिस को भारी मुश्किलों को सामना करना पड़ा था और यह बात सामने आई थी कि इस तरह की वारदातों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षित अमले की जरूरत थी जो कि पठानकोट और गुरदासपुर घटनाओं के दौरान नहीं थी। एसओजी को दिया जाएगा विश्व स्तरीय प्रशिक्षण अब तय किया गया है कि एसओजी को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह इस तरह के हमलों के विरुद्ध राज्य की प्रमुख और विशेषीकृत टीम के रूप में काम करेगा। खुफिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि फिदायीन ग्रुपों द्वारा राज्य में सुरक्षा वालों और अन्य अहम स्थानों पर हमले करने की योजनांए बनाई जा रही हैं इसलिए एसओजी पंजाब और यहां के लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी औजार के तौर पर काम करेगा। नॉन गजेटेड अधिकारियों के लिए तय हुई कार्य अवधि नॉन गजेटेड अधिकारियों को एसओजी में कम से कम 5 साल काम करना होगा। 5 साल सफलतापूर्वक कार्य करने के बाद पंजाब सशस्त्र पुलिस/भारतीय रिजर्व बटालियन, जिला कैडर में तैनात किया जाएगा। पंजाब सरकार ने प्रावधान किया है कि इस नई सेना में शामिल होने वाले कर्मचारियों के लिए गैर वित्तीय लाभ भी मुहैया करवाए जाएंगे।
चंडीगढ़ राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण से चिंतित सीएम अरविंद केजरीवाल और हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर के बीच बुधवार को चंडीगढ़ में मुलाकात हुई। राजधानी में जहरीले स्मॉग के कारण केजरीवाल पिछले कुछ समय से खट्टर और पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने की इच्छा जता रहे थे। हालांकि पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल से मुलाकात से साफ इनकार कर दिया था। खट्टर और केजरीवाल के बीच मुलाकात में किसानों द्वारा पराली जलाने के मुद्दे और प्रदूषण कम करने के उपायों पर चर्चा हुई। दोनों सीएम ने बैठक को सार्थक बताया। दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कहा, 'हरियाणा सीएम के साथ स्मॉग के मुद्दे पर सार्थक चर्चा हुई। हम सभी इस समस्या से निपटने के लिए सभी तरह के कदम उठाने को तैयार हैं। हम सबको मिलकर यह समाधान निकालना होगा। सभी शीर्ष राजनेताओं को मिलकर इसका समाधान निकालना होगा। हमें गंभीरता से इसके ऊपर कदम उठाना होगा।' हरियाणा के सीएम खट्टर ने कहा, 'हम ऐसी समस्या के लिए आपस में बैठे हैं, जो सभी के लिए चिंता की बात है। हम सभी इसपर कदम उठा रहे हैं। राजधानी दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से स्मॉग के कारण प्रदूषण की समस्या काफी बढ़ गई थी। यह हम सभी के लिए चिंता का सबब था। हरियाणा में इससे निपटने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। पराली जलाने की घटना इस साल कम हुई है। हम अपने राज्य में सीएनजी से वाहन चलाने के बारे में विचार कर रहे हैं। गौरतलब है कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के मद्देनजर केजरीवाल ने 8 नवंबर को हरियाणा के सीएम को पत्र लिखा था। शुरुआत में तो सीएम खट्टर ने भी केजरीवाल से यह कहते हुए मुलाकात से इनकार कर दिया था कि उनकी सरकार प्रदूषण नियंत्रण के लिए पहले से ही उचित कदम उठा रही है। बाद में स्मॉग के मुद्दे पर एनजीटी की केंद्र सरकार, पड़ोसी राज्यों और दिल्ली सरकार को फटकार लगाने के बाद हरियाणा सीएम ने केजरीवाल को पत्र लिखकर उनसे मिलने को तैयार होने की बात कही थी। केजरीवाल ने कहा था कि हरियाणा के सीएम ने उन्हें फोन किया और कहा था कि वह मंगलवार तक दिल्ली में हैं, लेकिन बहुत व्यस्त होने के कारण दिल्ली में मीटिंग नहीं हो सकती। केजरीवाल ने कहा था कि वह बुधवार को इस मीटिंग के लिए चंडीगढ़ जाएंगे। केजरीवाल ने पराली से हो रहे पलूशन के मुद्दे पर चर्चा के लिए अमरिंदर से भी मुलाकात का समय मांगा था। पंजाब के सीएम ने केजरीवाल से मुलाकात से साफ इनकार करते हुए उल्टे उनकी जमकर खिंचाई कर डाली। दरअसल, केजरीवाल ने कैप्टन को संबोधित ट्वीट में कहा था, 'कैप्टन अमरिंदर सर, मैं बुधवार को हरियाणा के सीएम से मिलने के लिए चंडीगढ़ आ रहा हूं। आपका आभारी रहूंगा अगर मुलाकात के लिए अपना थोड़ा वक्त दें। यह सामूहिक हित के लिए है।' 'निरर्थक और बेकार चर्चा' अमरिंदर ने कहा कि वह समझ नहीं पा रहे हैं कि दिल्ली के मुख्यमंत्री जब जानते हैं कि इस तरह की चर्चा निरर्थक और बेकार है, तो क्यों इसमें जबरन हाथ डाल रहे हैं। कैप्टन ने कहा, 'दिल्ली और पंजाब इस मामले में जो भी मुश्किल झेल रहे हैं वे बिल्कुल अलग हैं। इस पर बैठक करना निराधार है।' अमरिंदर ने साथ ही कहा, 'पंजाब के उलट दिल्ली में स्मॉग की समस्या मुख्य रूप से शहरी प्रदूषण की देन है, जो यातायात कुप्रबंधन और गैर नियोजित औद्योगिक विकास की वजह से है। इन बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित करने और समस्या सुलझाने के बजाए केजरीवाल बेकार की बहस के लिए समय खराब करना चाहते हैं। मेरे पास उनकी तरह फालतू का वक्त नहीं है।' 'राजनीतिक मसला नहीं पराली' अमरिंदर सिंह ने कहा कि जहां तक पराली जलाने की समस्या की बात है, तो यह कोई राजनीतिक मसला नहीं है जैसा केजरीवाल इसको प्रॉजेक्ट करना चाह रहे थे। यह एक इकनॉमिक समस्या है, जिसका हल करने की स्थिति में केवल केंद्र सरकार है। अमरिंदर ने कहा कि किसानों को पराली जलाने की खतरनाक आदत बंद करने और वैकल्पिक उपाय को लेकर क्षतिपूर्ति दिलाने के लिए वह केंद्र सरकार के सामने इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।
चंडीगढ़/बठिंडा पंजाब में गैंगस्टर्स के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका सबूत सोमवार को देखने को मिला जब फरार चल रहे एक नामी गैंगस्टर ने अमृसतर में पिछले महीने हुई एक हत्या की जिम्मेदारी ली। सरज संधू नाम के गैंगस्टर ने फेसबुक पर दावा किया कि 30 अक्टूबर को अमृतसर में हिंदू संघर्ष सेना के नेता विपिन शर्मा की हत्या उसने ही की थी। गैंगस्टर संधू ने फेसबुक पर विपिन शर्मा की हत्या का दावा करने के साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि इसको किसी भी धर्म से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। पंजाब पुलिस ने शर्मा का नाम टार्गेटेड किलिंग्स का शिकार हो रहे धार्मिक नेताओं की सूची में नहीं डाला था। अमृतसर पुलिस उपायुक्त (इन्वेस्टिगेशन) जगमोहन सिंह ने टीओआई को बताया, 'हमें फेसबुक पर सरज संधू के पोस्ट की जानकारी मिली। मुझे नहीं लगता है कि उसने खुद से यह पोस्ट डाला होगा। यह काम किसी और के द्वारा किया गया लगता है।' गौरतलब है कि पंजाब के गैंगस्टर्स के द्वारा किसी मर्डर की जिम्मेदारी लिए जाने का यह पहला मामला नहीं है। पिछले साल भी राज्य में ऐक्टिव एक गैंग के लीडर ने फजिल्का से विधानसभा चुनाव लड़ चुके नेता जसविंदर सिंह रॉकी की हिमाचल के सोलन में हुई हत्या की जिम्मेदारी ली थी।
नई दिल्ली देश की राजधानी दिल्ली में बढ़े प्रदूषण पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आरोपों का हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जवाब दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल 'पलूशन पॉलिटिक्स' कर रहे हैं। पत्र लिखकर खट्टर ने कहा है कि NCR में खतरनाक हुई हवा की समस्या के निपटारे के लिए मैं सचमुच में आपसे किसी भी समय और कहीं भी मीटिंग के लिए तैयार हूं। हरियाणा को भारत का केरोसिन फ्री स्टेट और खुले में शौच से मुक्त राज्य बनाने के अपने अनुभव से मैं आश्वस्त हूं कि इस समस्या का भी समाधान किया जा सकता है। मैं 13 नवंबर को दोपहर से लेकर 14 नवंबर तक दिल्ली में हूं। उसके बाद मैं चंडीगढ़ में मौजूद रहूंगा। आप दोनों की सुविधा के अनुसार मीटिंग के लिए समय, जगह और तारीख तय करने के लिए कभी भी फोन कर सकते हैं। गौरतलब है कि इससे पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा था कि वह 'अजीब शख्स' हैं। अमरिंदर ने कहा था कि केजरीवाल ऐसे शख्स हैं जिन्हें कम जानकारी वाले मसलों पर भी बोलने की आदत है। दरअसल, केजरीवाल ने हरियाणा एवं पंजाब के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर दिल्ली में पलूशन के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि पड़ोसी राज्यों की सरकारें किसानों को पराली जलाने के विकल्प मुहैया कराने में असफल रहीं, जिसके कारण दिल्ली में वायु प्रदूषण बढ़ा। 8 नवंबर को पत्र लिखकर उन्होंने दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कम करने के कदमों पर चर्चा करने के लिए पंजाब एवं हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करने की इच्छा जताई थी। अब हरियाणा के सीएम खट्टर ने भी पत्र लिखकर केजरीवाल को जवाब दिया है। खट्टर ने लिखा, 'मैं सोमवार और मंगलवार को दिल्ली में रहूंगा। मीटिंग को लेकर आपके ऑफिस से कोई जवाब नहीं आया है।' हरियाणा के सीएम ने आगे यह भी कहा, 'दिल्ली में 40,000 किसान रहते हैं। आप उनके लिए क्या कर रहे हैं? वे पराली ना जलाएं, इसके लिए आपने क्या कदम उठाए हैं?' खट्टर ने ट्विटर पर खुद इस पत्र को शेयर किया है। उन्होंने लिखा है, 'मेरा यह मानना है कि कोई एक व्यक्ति, संगठन या सरकार हवा की क्वॉलिटी को नहीं सुधार सकती। इसके लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत होती है। इसके लिए मजबूत तंत्र की जरूरत है और इसका आधार माइंडसेट है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आपके पत्र में ऐसे माइंडसेट का कोई संकेत नहीं मिलता है।'
बठिंडा , ट्रेनों में यात्री कितने सुरक्षित है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस ट्रेन में केंद्रीय मंत्री सफर कर रहे थे उसी ट्रेन में हथियारों की नोंक पर 6 परिवारों को लूट लिया गया. मिली जानकारी अनुसार, लूटपाट दिल्ली-सरायरोहिल्ला बीकानेर एक्सप्रेस में हुई. यहां श्रीगंगानगर और बठिंडा जा रहे 6 परिवारों से हथियारों की नोंक पर बदमाशों ने लाखों की नकदी और सोने के गहने लूट लिए. बदमाशों ने जींद स्टेशन से बठिंडा की ओर ट्रेन के रवाना होते ही वारदात को अंजाम दिया. सबसे बड़ी बात तो यह कि इस ट्रेन में केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री अर्जुनराम मेवाल भी मौजूद थे. बताया जा रहा है कि बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रेन की चेन खिंचकर फरार हो गए. वारदात के दौरान पीड़ित परिवार मदद के लिए चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन किसी ने नहीं सुनी. इसके बाद यात्रियों ने बठिंडा पहुंचकर जीआरपी थाने में शिकायत की. किसी भी तरह की कार्रवाई ना होने पर भड़क गए और रेलवे की सुरक्षा पर सवाल उठा दिए. पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि एक्सप्रेस ट्रेन में कोई सुरक्षा नहीं थी. हम मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया. यही नहीं. बदमाश लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद ट्रेन रुकवाकर फरार भी हो गए.

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